दिल्ली विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं ने इस बार इतिहास रचते हुए मतदान में पुरुषों को पछाड़ दिया है। यह पहला मौका है जब दिल्ली में पहली बार महिला मतदाताओं का मत प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले अधिक रहा।
ऐसे में महिला मतदाताओं का वोट चुनाव परिणाम निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा। उनका वोट जिस दल को अधिक पड़ा होगा दिल्ली का ताज उसी के सिर सजेगा। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों ने भी महिलाओं को साधने की पूरी कोशिश की और चुनाव की घोषणा से पहले से ही महिलाओं का मुद्दा छाया रहा।
(महिलाओं ने दिल्ली चुनाव में बढ़-चढ़कर मतदान किया। जागरण फोटो)
सबसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके बाद कांग्रेस व भाजपा ने हर महीने महिलाओं को उनके खाते में ढाई हजार रुपये देने की घोषणा की।
इसके अलावा भाजपा ने गर्भवती महिलाओं के लिए 21 हजार रुपये, गरीब महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर और होली व दीपावली में मुफ्त सिलेंडर देने की घोषणा की। इसका असर यह हुआ कि महिलाओं ने मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस वजह से महिलाओं का मत प्रतिशत 60.92 प्रतिशत रहा।
(युवा महिलाओं ने भी जमकर किया वोट। जागरण फोटो)
वहीं, 60.20 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया। आंकड़ों के अनुसार, इस बार 40 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं का मत प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रहा है। वहीं, 30 विधानसभा में पुरुषों का मत प्रतिशत अधिक है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि महिलाओं ने किस दल की घोषणाओं पर ज्यादा विश्वास जताया है।
(मुस्लिम महिलाओं ने भी जमकर वोट किया है। जागरण फोटो)
वैसे पुरुष मतदाताओं की कुल संख्या अधिक होने के कारण छह लाख 34 हजार 337 वोट पुरुषों का अधिक पड़ा है। पिछले चुनाव में 31 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं का मत प्रतिशत पुरुषों से अधिक था। इससे पहले वर्ष 2015 में 15 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं का मत प्रतिशत अधिक रहा था।
दिल्ली में विधानसभा चुनावों में कुल मतदान, पुरुष व महिला मतदान के आंकड़े
दिल्ली में कुल मतदाता- 1,56,14,000
पुरुष मतदाता- 83,76,173
महिला मतदाता- 72,36,560
थर्ड जेंडर मतदाता- 1267
चुनाव में हुआ कुल मतदान - 94,51,997
पुरुष मतदाताओं के पड़े वोट- 50,42,966
महिलाओं मतदाताओं के पड़े वोट- 44,08,629
थर्ड जेंडर मतदाताओं के पड़े वोट- 402