सीधे बालों को कर्ल करने के आसान तरीके

लड़कियो कि असली खूबसूरती का राज उनके बाल होते हैं। अपने बालों को नया लुक देकर जब आप खुद को एक नये अंदाज में देखते हैं तो इस खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होने लगता है। लेकिन बाल जब एक ही तरह के दिखते हैं तब आप खुद में बोरियत पन का अहसास करने लगते हैं। और फिर बाल अगर सिल्की स्ट्रेट हो तब तो कोई भी स्टाइल बना पाना और भी मुश्किल हो जाता है। 


इससे ज्यादा बोरिंग और क्या होगा कि आप कहीं भी जाए बस एक ही हेयर स्टाइल हो। कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्टी में जाने के लिए बालों को एक नया लुक देने के लिए आप पार्लर में न जाने कितना पैसे खर्च करते हैं लेकिन जैसे ही आप सैलून से बाहर निकलती हैं ये लॉक्स फिर से फ्लैट हो जाते हैं। इसीलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें फॉलो कर आप अपने घर पर ही इन कर्ल्स को ज्यादा टाइम तक टिका सकती हैं।


सावधानियां :- बालों में ज्यादा कंडीशनर उन्हें और फिर सिल्की बनाता है और इससे बालों में कर्ल्स टिक नहीं पाते। इसीलिए कंडीशनर कम लगाएं। साथ ही हमेशा हेयर वॉश करने के अगले दिन ही बालों को कर्ल करें। क्योंकि ऐसे में बालों में नैचुरल ऑयल होगा, यदि आप बालों में कर्लिंग आयरन लगा रहे है तो ध्यान दे कि इससे पहले बालों में मूस लगा लें। एक बेसबॉल साइज जितना मूस लें और बालों की जड़ों से लेकर एंड्स तक लगाएं। ये आपके बालों के ऊपर एक कवच बनाएगा, जिससे कर्ल्स अच्छे से टीके रहेंगे। आप नारियल या आर्गन तेल भी लगा सकती हैं।


बाल कर्ल बनाए रखने के तरीके...


कर्ल और क्लिप-कुछ सेकेंड्स में कर्ली बाल पाने के लिए कई कर्लिंग रॉड्स और फ्लैट आइरन्स आती हैं। लेकिन कर्ल करने के बाद आपका अगला स्टेप होना चाहिए क्लिप। अगर आपके बाल बहुत कर्ल हैं तब तो ये बहुत जरूरी है। इसीलिए बालों को कर्ल करने के 5 सेकेंड बाद बालों से रॉड हटाएं और डकबिल क्लिप या बॉबी पिन लगा लें।


5 से 10 मिनट रूकें। अगर आप हीट डैमेज से बालों में होने वाले नुकसान के बारे में परेशान हैं तो रात भर सॉफ्ट स्पॉंज रोलर्स लगा कर सोएं। इससे आपको बिना बालों को डैमेज किए वही रिजल्ट मिलेगा। बालों से क्लिप खोलने के बाद बालों को उंगलियों से बिखेरें। आप कैसे भी कर्ल करें, हर बार उन्हें उंगलियों से ही बिखेरे, इससे कर्ल्स बालों में ज्यादा टाइम तक बने रहेंगे। आखिर में हेयर स्प्रे लगाएं, बस आप तैयार हैं। 





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खाली वाईन बॉटल को इस तरह करें इस्तेमाल

अपनी वाईन की पुरानी बोतलों को अटाले में नहीं दें। इन्हें बचाकर रखें। यहां दिए गए बॉटल क्राफ्ट आइडियाज को यूज करके इन बोतलों से दीवाली की सजावट भी कर सकते हैं। थोड़ा क्रिएटिव हो जाएं। किसी फ्रेंड को गिफ्ट देना हो या अपने ही घर के लिए डेकोरेटिव पीस बनाना हो या फिर हॉलिडे डेकोरेशन के लिए कुछ नया चाहिए हो तो अपनी खाली वाईन बोतलों का यहां इस तरह से बेहतरीन इस्तेमाल किया जा सकता है।


दीपावली पर बाजार के लाइट या कंदील से बोर हो गए हों तो कुछ नया करें। अपनी खाली वाईन की बोतलें स्टोर रूम में से बाहर लाएं और इनमें एलईडी लाईट लगाकर अपने कमरे में या लिविंग रूम में बॉटल लाइटिंग से रौशनी करें। कमरे को नया लुक मिलेगा और आपकी क्रिएटिविटी की तारीफ भी होगी।


ठंड का मौसम आने वाला है और इस मौसम में सब कुछ कोजी ही अच्छा लगता है फिर चाहे वो फूलदान ही क्यों न हो। अपने फ्रेश फ्लावर्स को इस मौसम में अलग ही लुक दें। कोजी लुक दें। वाइन की बॉटल्स पर कॉटन की रस्सी या जूट की रस्सी लपेटें और पूरी तरह से ढंक दें। यहां कलरफुल यार्न भी यूज किया जा सकता है। क्योंकि सीजन ठंड का है तो डार्क और वॉर्म कलर का यार्न अच्छा लगेगा। ओकेजन और सीजन के अनुसार ही डेकोरेट करें।


अपने बोरिंग बाथरूम सप्लाइज भी बदल कर देखें। सबसे पहले शुरुआत करें सोप डिस्पेंसर्स के साथ। बाथरूम को केवल कुछ सिम्पल आइटम्स के साथ आसानी से कस्टमाइज किया जा सकता है। यहां आप खाली वाइन की बोतल का कुछ इस तरह से यूज करेंगे। आपकी खाली वाईन की बोतल न केवल ख्याल रखती है बल्कि ये आपकी लोकल वाइल्ड-लाइफ के बेहद काम आएगी। बर्ड फीडर बनाने के लिए इन वाइन की बॉटल्स से बेहतर क्या मिलेगा। कुछ करने की जरूरत नहीं है। साफ बॉटल को उठाकर उसमे फीड भरने तक की ही देर है और देखते ही देखते आपके आंगन में नन्हे मेहमानों की चहचहाने की आवाजें शुरू हो जाएंगी। 

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एलोवेरा की मदद से घर पर तैयार करें यह तेल, बालों की हर समस्या होगी दूर

एलोवेरा का पौधा किसी वरदान से कम नहीं है। सेहत से लेकर सौंदर्य तक का ख्याल रखने के लिए एलोवेरा की मदद ली जाती है। आमतौर पर इसकी मदद से इम्युनिटी को बूस्ट करने से लेकर स्किन को ठंडक आदि प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं, एलोवेरा बालों के लिए भी बेहद लाभदायी माना जाता है। वैसे तो आप एलोवेरा को कई तरह से इस्तेमाल करती होंगी, लेकिन आज हम आपको एलोवेरा की मदद से एक बेहद ही बेहतरीन तेल बनाने की विधि बता रहे हैं, जिसका उपयोग करने से बालों की हर समस्या को दूर किया जा सकता है...


होते हैं यह लाभ

हेयर व ब्यूटी एक्सपर्ट की मानें तो एलोवेरा बालों के लिए बेहद ही लाभदायी है। यह आपके बालों की ग्रोथ में मदद करता है। साथ ही इसके इस्तेमाल से बालों का झड़ना भी कम हो जाता है। इतना ही नहीं, बालों पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है और इसे हानिकारक पर्यावरणीय तत्वों से सुरक्षित रखता है और इसे लगातार हाइड्रेट भी रखता है। इसके अलावा, यह बालों को पोषण देता है और डैंड्रफ से भी निजात दिलाता है। इसलिए आपको किसी ना किसी रूप में एलोवेरा को अपने ब्यूटी और हेयर रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए। 


ऐसे बनाएं तेल

एलोवेरा की मदद से हेयर ऑयल बनाना बेहद ही आसान है। इसके लिए आप सबसे पहले एलोवेरा के पौधे से एक पत्ता लें और फिर चाकू की मदद से उसके ऊपर व नीचे का हिस्सा हटा लें। इसके बाद आप उसमें से जेल निकाल लें। उसके बाद आप नारियल के तेल में इस जेल को अच्छी तरह मिक्स करें। आप चाहें तो इसे मिक्स करने के लिए आप ब्लेंडर की मदद भी ले सकती हैं। एलोवेरा के ताजे जेल का इस्तेमाल करने से आपको अधिक लाभ होता है। इसलिए कोशिश करें कि आप मार्केट से मिलने वाले जेल के स्थान पर ताजा जेल का ही इस्तेमाल करें।


नोट: ब्यूटी एक्सपर्ट बताते हैं कि आप इस तेल का उपयोग बालों और त्वचा दोनों के लिए मॉइस्चराइज़र, हेयर मास्क या ओवरनाइट उपचार के रूप में कर सकते हैं। 




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त्योहारों में चमकती रहे त्वचा

गर्मी को अलविदा कहता और सर्दियों का स्वागत करता यह महीना नवरात्र, दशहरा, करवाचैथ जैसे त्योहारों की बहार लेकर आ गया है। त्योहारों के आने से तन और मन दोनों खुश हो जाते हैं।


चमकती त्वचा और चेहरे का तेज खुद-ब-खुद मन की खुशी को जाहिर कर देता है। कुछ ऐसा ही हाल है अक्टूबर महीने का क्योंकि इस महीने त्योहार आपके दरवाजे पर दस्तक दे रहे होते हैं और मौसम में गुलाबी रंगत भी अपना रंग बिखेरने लगती है। इस मौसम और त्योहार में कैसे रखें अपने सौंदर्य को निखरा-निखरा, जानिए सखी के साथ।


-सूखी हल्दी की गांठ को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से फेस के दाग-धब्बे तेजी से मिटने लगते हैं। रूखी त्वचा के दाग-धब्बे मिटाने के लिए दूध में चंदन घिसकर लगाएं।


-टमाटर में नींबू की दस-बारह बूंदें मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे दूर होते हैं।


-दिन में कम से कम 3-4 बार चेहरा ग्लिसरीनयुक्त साबुन से धोएं। किसी भी तरह के सौंदर्य प्रसाधन के इस्तेमाल से बचें।


-त्वचा की खूबसूरती को निखारने के लिए शहद से बने फेसपैक का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे की कसावट भी बनी रहती है।


-चेहरे को रोज साफ करने के लिए जई के आटे को दूध या दही में घोल कर दस मिनट तक चेहरे पर लगाएं और उसके बाद गुनगुने पानी से धो लें।


-मौसमी फलों का लाभ उठाएं जैसे संतरा बहुत अच्छा सौम्य ब्लीचिंग एजेंट होता है और स्ट्रॉबेरी फेसपैक तैलीय त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है।


-चाय, कॉफी, मांस, मछली, शराब आदि का सेवन न करें। विटमिन-सी का सेवन त्वचा के लिए बहुत लाभदायक है। विटमिन सी के रूप में नींबू का सेवन करें।


-त्वचा में ताजगी लाने के लिए आप स्पा भी कर सकती हैं, इससे आपकी त्वचा खिल उठेगी। इसे त्योहारों से कम से कम 15 दिन पहले कराएं।


-सौंदर्य को बरकरार रखने के लिए सनस्क्रीन लगाना न भूलें।


गरबे के कुछ खास टिप्स


-मेकअप को अधिक समय तक चेहरे पर टिकाए रखने के लिए मेकअप करने से पूर्व चेहरे पर आइस क्यूब रगडें।


-गरबा करने के बाद घर आने पर मेकअप उतारना न भूलें।


-गरबा खेलते समय गहरे रंग की लिपस्टिक लगाएं ताकि आपके होंठों पर लिपस्टिक नजर आए। यदि आप शाइनिंग वाली लिक्विड लिपस्टिक लगाएंगी तो बेहतर होगा।


-यदि आपके बाल लंबे हैं तो बालों में पमिंग करवाएं और यदि आपके बाल छोटे हैं तो उन्हें मनचाहे शेप में सेट करवाएं।


-हाथ, पैरों व अंडरआम्र्स पर वैक्स करना बिलकुल न भूलें।


-गरबा में एनर्जी बनाए रखने के लिए जूस, फ्रूट और पानी का सेवन करती रहें।



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अब इन आसान तरीकों से दूर करें मुहांसे

आजकल चेहरे पर मुहांसे होना एक आम समस्या है लेकिन ये मुहांसे चेहरे की सुंदरता को न केवल खत्म कर देता है बल्कि इसके दाग आपके चेहरे के ग्लो में एक दाग भी बन सकता है। मुहांसे किसी को भी हो सकते हैं चाहे लड़का हो या लड़की ऐसे में दादी मां के नुस्खे आपके लिए रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिनको अपना कर आप मुहासों से छुटकारा पा सकते हैं...

 

-संतरे के सूखे छिलके में थोड़ी सी बारीक पीसी और छानी मुल्तानी मिट्टी मिलाइए और गुलाब जल में घोल लें। घना घोल मुहासों और पूरे चेहरे पर लगाइए। आधे घंटे बाद चेहरा गुनगुने पानी के साथ धो लें। 2 हफ्तों में चेहरा मुहासों से मुक्त हो जाएगा।

 

-नीबू का रस 4 गुणा ग्लिसरीन में मिला कर चेहरे पर रगडने से मुहासे दूर हो चेहरा सुंदर हो जाता है।

 

-मसूर की दाल पानी में भिगो कर कच्चे दूध में पीस कर सुबह-शाम चेहरे पर लगाओ। 10 मिनट के बाद गर्म पानी से चेहरा धो लो।

 

-5-10 काली मिर्चों को गुलाब जल में पीस कर चेहरे पर लगाओ। प्रातःकाल चेहरा धो लो। कुछ ही दिनों में मुहासे दूर हो जाएंगे।

 

-30 ग्राम अजवायण बारीक पीसो और 25 ग्राम दही में मिला कर रात भर के लिए मुहासों पर लगाओ। प्रातःकाल चेहरा धो लो। तुलसी की पत्तियों का चूरन मिला कर लगाने से भी मुहासे दूर होते हैं। 



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कद्दू के बीज के सौंदर्यवर्धक लाभ

कद्दू के बीज स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ-साथ त्वचा और बालों के सौंदर्य के लिए काफी लाभकारी होते हैं। कद्दू के बीज में अमीनो एसिड, जिंक, विटामिन ई आदि बहुत सारे उपयोगी पोषक तत्व होते हैं। कद्दू के बीज कोशिकाओं को रिपेयर करने के साथ-साथ नई कोशिकाओं के निर्माण में भी काफी मददगार होते हैं। ये त्वचा की कोशिकाओं में नए कोलेजन बनाने में मदद करते हैं इसलिए खूबसूरत त्वचा के लिए कद्दू के बीज काफी फायदेमंद होते हैं। 


सौंदर्यवर्धक लाभ कद्दू के बीज के-


1.मुंहासों से बचाता है: कद्दू के बीजों में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो कि मुंहासों की सूजन और लालपन को कम करने में मदद करते हैं। कद्दू के बीजों के पाउडर को दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने से मुंहासे नहीं होते हैं। 


2. झुर्रियों को कम करता है: कद्दू के बीजों में जिंक और विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में होते हैं इसलिए यह त्वचा में कसावट लाते हैं और झुर्रियां पैदा नहीं होने देते हैं। इसलिए कद्दू के बीजों को अपनी डाइट में शामिल करें।


3. बालों को घना बनाते हैं: कद्दू के बीजों में आयरन और L-लाइसिन जैसे दो पोषक तत्व होते हैं जो कि बालों को झड़ने से रोकते हैं और ग्रोथ बढ़ाते हैं। बालों के लिए कद्दू के बीजों का सेवन करने और कद्दू के बीज के तेल की मालिश करना फायदेमंद होता है।


4.त्वचा को निखारता है: विटामिन ए नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और कद्दू के बीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए होता है। कद्दू के बीजों का सेवन करने से शरीर में विटामिन ए की कमी नहीं होती है और त्वचा निखरी हुई बनती है।


5.बालों को रेशमी बनाता है: विटामिन ई बालों को पोषण देता है और रेशमी बनाता है। कद्दू के बीज में विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में होता है जिससे ये बालों को सुंदर और रेशमी बनाने में मदद करते हैं।




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आंखों के नीचे डार्क सर्कल खत्म करने के घरेलू और असरदार उपाय

डार्क सर्कल पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें सोने, हार्मोन्स में परिवर्तन होने, अव्यवस्थित लाइफस्टाल होने या फिर हेरेडेट्री होने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं। इसके उपायों के लिए बाजार में कई बहुत से ऐसे रासायनिक उत्पाद मौजूद है जो डार्क सर्कल को खत्म करने में कारगर है परंतु सेंसटिव स्क‍िन वाले इन उत्पादों को यूज नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर डार्क सर्कल्स को दूर किया जा सकता है:


1. एक खीरा लें और इसे ब्लेंड कर लें। अब इसके गूदे में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं और पेस्ट बनाने के लिए इसे फिर से ब्लेंड करें। अब इस पेस्ट को डार्क सर्कल पर लगाएं और 15 मिनट के लिए लगा रहने दें। अब पानी से धो लें। 


2. डार्क सर्कल दूर करने के लिए टमाटर सबसे कारगर उपाय है. ये नेचुरल तरीके से आंखों के नीचे के काले घेरे को खत्म करने का काम करताहै. साथ ही इसके इस्तेमाल से त्वचा भी कोमल और फ्रेश बनी रहती है. टमाटर के रस को नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर लगाने से जल्दी फायदा होता है.


3. डार्क सर्कल दूर करने के लिए आलू का भी प्रयोग किया जा सकता है. आलू के रस को भी नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिला लें. इस मिश्रण को रूई की सहायता से आंखों के नीचे लगाने से काले घेरे समाप्त हो जाएंगे.


4. ठंडे टी-बैग्स के इस्तेमाल से भी डार्क सर्कल जल्दी समाप्त हो जाते हैं. टी-बैग को कुछ देर पानी में डुबोकर रख दें. उसके बाद इसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. कुछ देर बाद इसे निकालकर आंखों पर रखकर लेट जाएं. 10 मिनट तक रोज ऐसा करने से फायदा होगा.


5. ठंडे दूध के लेप से भी आंखों के नीचे का कालापन दूर हो जाता है. कच्चे दूध को ठंडा होने के लिए रख दें. उसके बाद कॉटन की मदद से उसे आंखों के नीचे लगाएं. ऐसे दिन में दो बार करने से जल्दी फायदा होगा.


6. संतरे के छिलके को धूप में सुखाकर पीस लें. इस पाउडर में थोड़ी सी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर लगाने से काले घेरे खत्म हो जाएंगे.


7. दही से काले घेरे कम करने के लिए दो चम्मच दही में दो चम्मच नींबू का रस मिलाएं। अब इस पेस्ट को आंखों के नीचे डार्क सर्कल पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा छोड़ दें। अब पानी से इसे धो लें। बेहतरीन परिणाम के लिए इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार लगाएं।




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घर पर करें टोमेटो फेशियल, चेहरे पर आएगा पार्लर जैसा निखार

टमाटर चेहरे के खुले छिद्रों को बंद करने में मदद करता है। इसमें में मौजूद विटामिन-सी चेहरे की चमक को बढ़ाने का काम करता है। टमाटर चेहरे की अशुद्धियों को दूर कर चेहरे की रौनक बढ़ाने में शानदार काम करता है। क्या आप जानते हैं कि आप टमाटर के साथ घर पर ही फेशियल कर सकती हैं? अगर आप घर बैठे ही ब्राइट और फेयर स्किन टोन को पाने के लिए टमाटर फेशियल सबसे सेफ और प्रभावी तरीका है। घर पर 15 मिनट का फेशियल जो आपको पार्लर में किए जाने वाले फेशियल की तुलना में काफी बेहतर परिणाम दे सकता है। टमाटर के उपयोग से आप स्किन को ग्लोइंग बना सकती हैं। जी हां आज हम आपको टमाटर फेशियल के बारे में जानकारी देंगे, जिससे आपके चेहरे की एक नहीं बल्कि अनेकों परेशानियां दूर हो जाएंगी। तो चलिए जानते हैं टमाटर फेशियल करने का तरीका। 

 

क्लीजिंग

फेशियल के पहले स्टेप में हम क्लीजिंग करते हैं इसके लिए हमें टमाटर के गूदे और कच्चे दूध की जरूरत होती है। इन दोनों को एक साथ मिलाएं और अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर कॉटन पैड की हेल्प से लगाएं।

 

स्क्रबिंग

फेशियल के दूसरे स्टेप में आपको स्क्रबिंग करना होता है। इसके लिए आधा टमाटर लें और कटे हुए हिस्से पर चीनी डालें। फिर अपने चेहरे पर इस टमाटर और चीनी के स्क्रब से धीरे से मसाज करें। इस स्टेप में आपको बहुत ज्यादा तेज नहीं करना है। नहीं तो चीनी के दाने स्किन को परेशान कर सकते हैं।

 

स्टीमिंग

टमाटर फेशियल के तीसरे स्टेप स्टीमिंग करनी चाहिए। इसके लिए इलेक्ट्रिक फेशियल स्टीमर को लें और इसे लगभग 5 मिनट तक गर्म होने दें। अपने चेहरे को लगभग 5 से 7 मिनट तक स्टीम करें।


मास्क

टमाटर फेशियल के चौथे स्टेप में आपको पैक बनाने के लिए टमाटर का गूदा, चंदन पाउडर और शहद की जरूरत होती है। इन सभी चीजों को एक साथ मिलाएं। फिर इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और इसे लगभग 15 मिनट तक सूखने दें। अपने चेहरे को नॉर्मल नल के पानी से धोएं और अपने पसंदीदा मॉइस्चराइज़र या एलोवेरा जैल को लगाएं।




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आम समस्या है फटी एड़ियां

पांव शरीर का आधार माने जाते हैं। पांव पर ही पूरे शरीर का भार होता है तथा पांव ही हमारे शरीर को गतिशील करते हैं। इसीलिए पांव का ख्याल अत्यंत महतवपूर्ण माना जाता है। सर्दियों में फटी एड़ियों की समस्या आम होती है तथा महिलाएं सबसे ज्यादा पीड़ित रहती हैं। मौसम में बदलाव के दौरान भीषण ठण्डी/गर्मी में शरीर में नमी की कमी, विटामिन की कमी, डायबटीज़, थायराईड, शरीर में मोटापे तथा 60 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग के लोगों को फटी एड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए यदि आपको फटी एड़ियों की समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा है तो यह अनुवांशिक या स्वास्थय कारणों से भी हो सकता है फटी एड़ियों की समस्या सामान्यतः पाँव के प्रति लापरवाही से बढ़ जाती है। हवाई चप्पल या खुले जूतों का प्रयोग करने से भी फटी एड़ियां उभर आती हैं। पाँव की एड़ियों में गहरी दरार पड़ जाने से कई बार असहनीय पीड़ा का सामना भी करना पड़ सकता है। आपके पाँव की त्वचा में अक्सर रूखापन आ जाता है तथा जब रूखापन बढ़ जाता है तो फटी एड़ियों का स्वरूप ले लेता है।


सर्दियों में ठण्डे बर्फीले मौसम की वजह से शरीर में नमी की कमी आ जाती है जिससे पाँव में खून का बहाव प्रभावित होता है । एड़ियों की त्वचा बाकी भागों की बजाय ज्यादा सख्त होती है तथा सर्दियों में नमी की वजह से इसका लचीलाप कम हो जाता है जिससे फटी एड़ियों का स्वरूप बन जाता है। शरीर में नमी की कमी के कारण जीवित कोशिकाएं कठोर हो जाती हैं तथा उसमें एड़ियों के भाग पर मृत कोशिकाएं बढ़ जाती हैं जोकि बाद में फटी एड़ियों का स्वरूप ले लेती हैं। लेकिन आप कुछ प्रकृतिक उपायों से इन फटी एड़ियों से छुटकारा पा सकती हैं। –

अपनी त्वचा में यौवनता तथा ताजगी लाने के लिए अपने पाँव को सप्ताह में एक बार घर में ‘‘फुट ट्रीटमैंट‘‘ जरूर दें। पाँव को गर्म पानी में डुबोने से एड़ियों की त्वचा मुलायम होती है जिससे मृत्क कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है। प्रतिदिन पाँव तथा एड़ियों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नहाने से पहले अपने पाँव में शुद्ध बादाम तेल की रोजाना मालिश कीजिए! नहाने के बाद जब पाँव गीले हों तो पाँव पर क्रीम का इस्तेमाल कीजिए जिससे पाँव पर नमी बरकरार रखने में मदद मिलेगी। फुट क्रीम से पाँव की सर्कुलर मोशन में हल्के-हल्के मालिश कीजिए तथा इससे आपके पाँव मुलायम बने रहेंगे जिससे फटी एड़ियों की समस्या नहीं आएगी।


पाँव की समस्याओं के लिए शहद प्रकृतिक उपचार उपचार माना जाता है। शहद में एंटी बैकटीरियल तथा एंटी माइक्रोबियल गुण विद्यमान होते हैं जो कि फटी एड़ियों को साफ करके इनका प्रकृतिक उपचार कर सकते हैं । पांच लीटर गुनमुने पानी में एक कप शहद मिलाकर इसमें 20 मिनट तक पाँव सोख कर रखने से पाँव में कोमलता आती है। आप शहद को ‘‘फुट सक्रब‘‘ या फुट मास्क के तौर पर भी प्रयोग कर सकते हैं।

आपकी रसोई में भी फटी एड़ियों का प्रकृतिक ईलाज उपलब्ध है। नींबू को काटकर इसका आधा भाग लेकर इसे चीनी में मिलाएं तथा इसे अपने एड़ियों पर आहिस्ता-आहिस्ता रगड़ें और बाद में एड़ियों को साफ ताजे पानी से धो लीजिए। इस प्रक्रिया को हफ्ते मे दो बार अपनाने से बेहतर सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।


रात को साने से पहले गर्म पानी में नमक डालकर अपने पैरों को आधा घण्टा तक भीगो कर रखें जिससे आपकी एड़ियों की त्वचा मुलायम हो जाएगी तथा इसके बाद बाथिंग स्पंज से रगड़कर एड़ियों से मृत कोशिकाओं को आहिस्ता-आहिस्ता हटा दीजिए। कभी भी धातू के स्पंज का इस्तेमाल मत कीजिए क्योंकि इससे एड़ियों के घाव गहरे हो सकते हैं। पाँव को धोने के बाद त्वचा पर क्रीम की मालिश कीजिए तांकि त्वचा क्रीम को पूरी तरह सोख ले। नींबू तथा हल्दी के गुणों वाली क्रीम सबसे बेहतर होगी। रात को सोने से पहले फटी एड़ियों को साॅफ्ट काॅटन के कपड़े की पट्टी बांधकर सोने से फट एड़ियों के घाव भरने में मदद मिलेगी। रात में सोने से पहले पाँव पर ‘‘फुटक्रीम‘‘ लगाकर पाँव को काॅटन के कपड़े की पट्टी बांधकर सोने से घाव को प्रकृतिक तरीके से ठीक होने में मदद मिलती है तथा बिस्तर भी खराब नहीं होता।


फटी एड़ियों के लिए नारियल तेल रामबाण की तरह काम करता है। नारियल तेल में विद्यमान एंटी इन्फलेमेटरी तथा एंटी माईक्रोबाईल गुण विद्यमान होते हैं। जिससे त्वचा की नमी बरकरार रखने में मदद मिलती है तथा नारियल तेल को सूखी त्वचा के उपचार के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। नारियल तेल त्वचा में नमी बरकरार रखने के इलावा त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में भी मददगार साबित होता है। नारियल तेल को प्रतिदिन उपयोग में लाने से फटी एड़ियों की समस्या से बचा जा सकता है तथा यह पाँव की बाहरी त्वचा के टिशू को मजबूत करता है, रात को सोने से पहले नारियल तेल से त्वचा की मालिश करने से सुबह आपके पाँव कोमल तथा मुलायम बनकर उभरेंगे। यदि आप फटी एड़ियों की समस्या से जूझ रहे हैं तो दिन में दो बार नारियल तेल से अपने पाँव की मालिश कीजिए।


फटी एड़ियों के उपार में जैतून का तेल काफी प्रभावी माना जाता है। हफ्ते में दो बार जैतून के तेल की ट्रीटमैंट, फटी एड़ियों की समस्या का प्रभावी निदान प्रदान करती है। जैतून के गर्म तेल को काॅटन बाॅल से आहिस्ता-आहिस्ता पाँव में गोलाकार तरीके से लगाने से त्वचा तेल को सोख लेगी। उसके बाद पाँव को काॅटन के कपड़े से बांध लीजिए तथा थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो डालिए। रात को सोने से पहले प्रतिदिन जैतून के तेल से पाँव की मालिश करने से आपको बेहतरीन परिणाम मिल सकते हैं।


तिल का तेल फटी एड़ियों के पोषण तथा नमी प्रदान करने में प्रभावी माना जाता है। तिल के तेल में एंटी फंगल गुण होने के अलावा विटामिन, मिनरल तथा न्यूटरीऐंटस विद्यमान होते हैं। अपने पाँव में आहिस्ता-आहिस्ता तिल के तेल की मालिश कीजिए तथा तेल को आहिस्ता-आहिस्ता प्रकृतिक तौर पर पाँव को सोख लेने दीजिए तथा बाद में आप पाँव को सामान्य पानी में धो सकते हैं। तिल का तेल पाँव की त्वचा में कोमलता तथा नमी बरकरार रखता है तथा फटी एड़ियों का प्रकृतिक उपचार माना जाता है।


मौसम के हिसाब से पाँव में जूतों का चयन कीजिए। सर्दियों में हवाई चप्पल, सैंडल आदि के उपयोग से परहेज कीजिए तथा बंद जूतों को प्रयोग में लायें। सर्दियों में काॅटन के मौज़े को प्राथमिकता दें क्योंकि ऊनी या सिंथेटिक्स के मौज़े से पाँव की त्वचा रूखी हो सकती है। सर्दियों में साबून, शैम्पू के प्रयोग को जरूरत से ज्यादा उपयोग में ना लायें तथा विटामिन ई, कैल्शियम, जिंक, ओमेगा-3 आदि से भरपूर डाईट लें।

(लेखिका अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ हैं तथा हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय हैं)





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कर्ली हेयर को स्टाइलिश बनाने के टिप्स

कर्ली बालों को अगर सॉफ्ट रखना है तो उन्‍हें केमिकल वाले रंगों से दूर रखें और उन पर ज्‍यादा एक्‍सपेरिमेंट न करें. अगर आप अपने कर्ली बालों पर ध्‍यान देंगी तो वे मुलायम और चमकदार बन जाएंगे. आइये जानते हैं कर्ली बालों को स्टाइलिश बनाने के कुछ खास टिप्स:-


-बालों को प्राकृतिक रूप से ही सूखने दें क्‍योंकि हेयर ड्रायर से सुखाए हुए बालों से सिर की त्‍वचा कठोर हो जाती है और बाल जल जाते हैं.


-कर्ली हेयर जल्द ही रूखे दिखते हैं, इसलिए इन्हें नियमित रूप से ट्रिम कराते रहें. अगर आप ऐसा नहीं करेंगी तो बालों के अगले सिरे कमजोर हो सकते हैं. इससे बाल टूटने लगते हैं.


-ऐसे शैंपू और कंडीशनर का चुनाव करें जो आपके बालों के टेक्‍सचर को सूट करे. ऐसे केमिकल वाले प्रोडक्‍ट से बचें जो बालों की समस्‍याओं को बढ़ा सकते हैं.


-एक कप में गरम पानी लें और उसमें 1 चम्‍मच एप्‍पल साइडर वेनिगर मिलाएं. नहाते वक्‍त शैंपू के बाद बालों पर इसे डाल कर बिना धोए इस पर कंडीशनर लगाएं.


-बालों में प्राकृतिक नमी को बरकरार रखने के लिए उन्‍हें ज्‍यादा न धोएं वरना वे रूखे हो जाएंगे.


-बालों में तेल लगाइए पर ज्‍यादा तेल लगाने की जरूरत नहीं है. बालों को रूखा न होने दें.


-नहाने के बाद बालों से अत्‍यधिक पानी को निचोड़ कर निकाल दें. फिर बालों में अपनी इच्‍छा से स्‍टाइल बनाएं और फिर बालों के सूखने का इंतजार करें. इससे बालों में अच्‍छे से नमी समा जाएगी और वे लंबे समय तक कोमल रहेंगे.




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छोटे-छोटे टिप्स से घर को बनाएं सुंदर

अगर आपको अपना घर छोटा लगता है तो आप इस छोटे से घर में अपने सारे सामान को मैनेज करने से घबराते है और कोई नई चीजें खरीदने में भी संकोच करते है। अगर आप चाहते है कि आप का घर भी सुंदर और बड़ा दिखाई दें। आप अपने घर में सिर्फ जरूरत मंद चीजें ही रखें। ज्यादा वस्तुएं से घर तंग लगने लगता है। जो चीजें जरूरत की है उन्हीं चीजों को घर में इस तरह रखें ताकि घर सुंदर होने के साथ साथ बड़ा भी दिखाई दें। छोटे घर को सुंदर और आकार में बड़ा दिखाने के कुछ टिप्स


-घर में सिर्फ जरूरत की चीजें ही रखें। बेकार चीजों को घर से बाहर निकाल देना चाहिए। 


-घर में अगर जगह कम है तो घर में पड़ी चीजों को इस तरह रखें जिससे घर में इधर उधर जाते वक्त कोई रूकावट न आए। 


-हाथ से बनी चीजों को भी घर की दीवारों पर सजाने से घर की सुंदरता ओर बढ़ जाती है। 


-घर की दीवारों पर भी लाईट रंग करवाने चाहिए ताकि उस छोटे घर में भी तंग जगह का एहसास न हो। 


-घर में पर्दों का चुनाव भी सोच समझ कर करना चाहिए। छोटे से घर को सुंदर और बड़ा दिखाने के लिए पर्दें भी विशेष भूमिका निभाते है। 


-घर में बच्चों की किताबों की अलमारी और कपड़ों की अलमारी के लिए भी जगह कम हो तो अलमारी को दीवार में ही बनवाना चाहिए। 


-घर में कम फर्नीचर का इस्तेमाल करने से भी घर की खूबसूरती में चार चांद लग सकता है। 


-घर चाहें छोटा हो या बड़ा साफ सफाई का विशेष ध्यान देने से घर न केवल सुंदर दिखेंगा ब्लकि साफ होने के साथ-साथ आकार में भी बड़ा दिखाई देगा। 




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घर पर स्क्रब करने का सही तरीका, चेहरा रहेगा खिला-खिला

फेस स्क्रब और बॉडी स्क्रब के अपने फायदे हैं। ये हमारी स्किन से डेड सेल्स हटाने में मददगार हैं। बदलते मौसम में यह दिक्कत नहीं ज्यादा होती है। खासतौर पर सर्दियों में ड्राइनेस के कारण स्किन जल्दी रूखी और बेजान नजर आने लगती है। इससे आपके चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप विंटर सीजन में हर दूसरे दिन घर पर ही स्क्रब करें। यहां जानें स्क्रब करने का आसान और सही तरीका...


- स्क्रबिंग द्वारा डेड सेल्स को हटाने से अंदर की हेल्दी स्किन बाहर आती है। साथ ही इस स्किन की सफाई हो जाने से यह खुलकर सांस ले पाती है, जिससे हमारी त्वचा अधिक ग्लोइंग लगती है।


- स्क्रबिंग एक ऐसी प्रकिया है, जो त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनती है। इस प्रक्रिया में त्वचा की बाहरी सतह पर जमा डेड सेल्स हटाने का काम किया जाता है। यह प्रॉसेस पार्लर में मौजूद मशीनों से या घर पर भी आसानी से की जा सकती है।


स्क्रब करने का सही तरीका


-नियमित रूप से स्किन को स्क्रब करने पर हमारी त्वचा के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। स्क्रब का यूज करते समय पहले चेहरे को फेशवॉश से साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौंछ लें।


-गुलाबजल में कॉटन भिगोकर चेहरे पल लगाएं और फिर उंगलियों पर स्क्रब लेकर सर्कुलर मोशन में घुमाएं। फॉरहेड और नेक को भी स्क्रब करें।


-5 से 6 मिनट तक पूरे चेहरे, गर्दन और गले पर स्क्रब करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धोकर साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौछ लें। अब अपनी पसंद का क्रीम लगाकर हल्की मसाज करें।


-जिन लोगों की स्किन ऑइली है या जिन्हें पिंपल्स की समस्या अक्सर हो जाती है, उनके लिए भी यह प्रक्रिया प्रभावकारी है। क्योंकि इससे त्वचा का अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। लेकिन जिस समय पिंपल्स चेहरे पर हों, उस समय इसे नहीं करना चाहिए।


-स्किन को स्क्रब करने पर त्वचा नरम व मुलायम भी रहती है। रफनेस कम होती है और सुंदरता बढ़ती है।


-ना केवल ऑइली स्किन वालों को बल्कि ड्राई स्किन वालों को भी इससे लाभ होता है। सफाई के बाद स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाने से यह त्वचा में अंदर तक समा जाता है और लंबे समय तक स्किन को सॉफ्ट बनाए रखता है।


-स्क्रबिंग से त्वचा पर उम्र का असल जल्दी नहीं झलकता है। चेहरे की फाइनलाइन्स और उम्र के साथ खोनेवाली चमक पर यह कंट्रोल करता है। 



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जींस के साथ पहन सकते है ऐसे टॉप्स, कार्डिगन और लम्बे श्रग

आफिस हो या पार्टी सदाबहार जींस हर मौके पर फबती है। लेकिन जींस को सही मैच के टाॅप या कुर्ते के साथ पहनना जरूरी होता है। उसी से आपका लुक निखर कर सामने आता है। क्या आपके लिए भी मुश्किल है ये तय करना कि जींस को कैसे टॉप या कुर्ते से मैच करके पहने तो हम आपके लिए लेकर आएं है कुछ आप्शन जो आपको आपकी जींस के साथ सही मैच करने में मदद करेगें।


लम्बे टॉप का कुल लुक: जब भी आप स्किन टच जींस पहनें तो इस पर लम्बे और थोड़े ढ़ीले टॉप चुनें। अगर जींस का रंग गहरा है तो इनपर हल्के या चटख रंग के टॉप चुनें। वहीं टॉप में गले का आकार वी या स्कूप चुनें।


कार्डिगन और लम्बे श्रग से पाएं स्टाइल: जींस के साथ लम्बा श्रग अच्छा लगता है। जींस पर छोटा या क्राप टॉप पहनें और ऊपर से श्रग डालें। सर्दी के मौसम में इसे कार्डिगन के साथ भी पहन सकती हैं।


जैकैट और ब्लेजर के साथ स्टाइलिश लुक: खासतौर पर सर्दी के मौसम में जींस सबसे सही ऑप्शन होता है। इस पर लैदर की जैकेट पहनकर आप खुद को स्टाइलिश लुक दे सकती हैं। इसके अलावा डेनिम की जैकेट और ब्लेजर भी खूब जंचेगा।


कुर्ती के साथ करें मैच: इन दिनों स्लिट या फ्रंट ओपन कुर्तियों का काफी चलन है। जींस के साथ कुर्तियां इंडो-वेस्टर्न लुक देने के साथ-साथ अलग स्टाइल भी देंगी। जींस के साथ आप शॉर्ट कुर्तियां भी पहन सकती हैं।


शर्ट के साथ दें फॉर्मल लुक: ऑफिस में जींस को शर्ट के साथ पहनने से फार्मल लुक आता है। आजकल शर्ट अंडर करके पहनने का भी फैशन है। ऐसे लुक पर जुड़ा आपको एकदम प्रोफेशनल दिखाता है।



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शादी का लंहगा लेने जा रहे है, तो ध्यान रखे ये बातें

शादी एक लड़की के लिए बहुत मायने रखती है। और उसमें अपने पसंद की गहनें, मेकअप, लहंगा आदि न हो तो फिर बात ही क्या है। आज के दौर में फैशन का दौर है। छोटी सी पार्टी क्यो न हो उसमें भी पहले ड्रेस सोची जाती है कि क्या पहने। जिस लड़की की शादी हो तो फिर उसका तो पूरा हक है कि अपनी पसंद का लंहगा खरीदें। जिससे कि शादी के दिन वह बिल्कुल एक परी की तरह लगें और जिसे सभी देखते रह जाए।


जब लड़कियां लहंगा खरीदने जाती है तो उन्हें समझ नही आता कि किस तरह का लंहगा खरीदें या फिर उनके ऊपर कैसा अच्छा लगेगा। कभी-कभी होता है कि ठीक तरह या अपने फेयर के रंग को लहंगा न लेने से आपको बात में पछतावा होता है कि यह लंहगा आप पर ठीक नही लगता है। अगर आप शॉपिंग करने जा रही है और लंहगा लेना है तो याद रखें खरीदते समय ये बातें जिससें लहंगा चुनते समय समस्या उत्पन्न न हो।


-जब भी आप अपने लि लहंगा लेने जा रही हो तो इस बात का ध्यान रखे कि आपकी हाइट, स्किन का कलर. शारिरीक बनावट की तरह की है। क्योकि इसी से आप एक अच्छा लंहगा चुन सकती है। जिसे पहन कर आप बहुत खुबसूरत लगेगी।

-अगर आपकी हाइट ज्यादा है और आप पतली है तो आप घेरदार लहंगा लें। जिससे आपकी हाइट ज्यादा नही लगेगी और आप अच्छी भी लगेगी।

-लंहगा चुनते समय रंग का सबसे ज्यदा ख्याल रखा जाता है जिससे कि आप उसे पहने सो सुंदर लगे। इसीलिए अगर आपका रंग फेयर है यानी कि गोरा है तो आप किसी भी रंग का लहंगा ले सकती है। आप पर सभी रंग अच्छे लगेगे। आप चाहे तो सॉफ्ट पेस्टल, पिंक, पीच या लाइट सॉफ्ट ग्रीन कलर या फिर डार्क कलर ले सकती है। यह कलर आप पर अच्छे लगेगे।

-अगर आपकी हाइट कम है यै फिर आपकी हेल्थ ज्यादा है तो आप घेरदार लहंगा के बारें में तो बिल्कुल न सोचे। क्योंकि यह आपकी हाइट और मोटापा ज्यादा दिखाएगा। साथ ही लहंगा में जो डिजाइन हो वह बारीक कढ़ाई की या फिर डिजाइन की हो।

-आप लहंगा इतना भी भारी न हो कि आप उसे संभाल न सकें। अपने वजन के अनुसार ही लहंगे का चुनाव करें ताकि आप अपनी ही शादी में असहज न दिखाई दें।

-अगर आपका रंग डस्की है तो आप ब्राइट कलर का लहंगा चुने। इसके अलावा आप मजेंटा, लाल, नारंगी, नीला रंग भी चुन सकते है यह आप पर खूब जंचेगा।





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डार्क सर्कल से है परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय


आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल आजकल आम बात हो गई है। महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी ये समस्या बढ़ती जा रही है और इसकी अहम वजह भागदौड़ की दिनचर्या है, जिसमें आराम नहीं है। ऐसे में आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे खूबसूरती और स्मार्टनेस को कम कर सकते हैं।


कई बार आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे, अनहेल्दी लाइफस्टाइल का परिणाम होते हैं। बहुत ज्यादा काम करने, तनाव लेने, नींद न पूरी हो पाने और अन्य कारणों से आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं। डार्क सर्कल से आप निजात पाना चाहते है तो इन घरेलू उपायों को अपनाएं। जिससे कि आपकी सुंदरता पहले से अधिक बढ जाएं। जिसे लोग देखे तो देखते ही रह जाएं। जानिए इन घरेलू उपायों के बारें में।


टमाटर:- डार्क सर्कल में काले घेरे काफी फायदेमंद है। टमाटर में पोषक तत्त्वों और एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जिसके कारण यह कई बीमारियों के साथ-साथ त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है। इसका आम डार्क सर्कल भगाने में भी कर सकती है। इसके लिए आप एक कटोरी में टमाटर का रस लें और इसमें नींबू का भी रस डाले और अच्छी तरह मिक्स करें। इसके बाद इसे आंखों के नीचे रूई की सहायता से लगा लें। इसे 20 मिनट ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा सप्ताह में एक बार करने से आपको जल्द फायदा मिलेगा।


पढ़े और उपायों के बारें में...


आलू का रस:- इसका रस भी काफी फायदेमंद है। साथ ही आंखों में नीचे सोने के बाद पडने वाली सूजन को भी गायब कर देता है। इसके लिए आलू काटकर उसकी स्लाइड से रस निकाल लें। इस रस को रूई की सहायता से आंखों के नीचे ध्यान से लगाएं। इसके बाद 15 मिनट तक लगा रहने के बाद नार्मल पानी से अपनी आंख धो लें। इससे आपको जल्द फायदा दिखेगा।


बादाम का तेल:- बादाम का तेल सिर्फ बालों और आपकी स्किन के लिए ही लाभकारी नही है बल्कि आंखों के डार्क सर्कल के लिए काफी फायदेमंद है। क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में विटामिन ई पाया जाता है जो आपकी त्वचा की समस्याओं को पूरा करने के साथ-साथ कमी को पूरा करता है। इसके लिए रात को सोने से पहले आंखों के नीचे बादाम तेल लगाकर धीमे हाथों से मसाज करें जिससे कि यह त्वचा में समा जाएं और इसे ऐसे ही रहने दे। दूसरे दिन उठने के बाद इसे साफ पानी से धो लें। ऐसा करने से जल्द ही आपकी आंखों के नीचे के डार्क सर्कल गायब हो जाएगे।


टी बैग्स:- आप यह बात तो जानते ही है कि चाय सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। रोज सुबह चाय पीने से पूरा दिन आप तरो-ताजा महसूस करते है, लेकिन क्या आप जानते है कि चाय में इस्तेमाल होने वाली टी बैग डार्क सर्कल के लिए कितना फायदेमंद है। अगर चाय ग्रीन टी हो तो फिर क्या कहना। आंखों के नीचे के डार्क सर्कल से निजात पाने के लिए ग्रीन टी बैग्स को थोड़ी देर फ्रीज में रख दे जिससे कि वह बिल्कुल ठंडे हो जाए। इसके बाद इसे अपनी आंखो पर रखें। इन्हें कम से कम 15 मिनट के लिए रखें और फिर साफ पानी से आंखें धो लें।


हल्दी पाउडर:- हल्दी का इस्तेमाल सिर्फ किचन या चेहरा का रंग गोरा करने के लिए नही किया जाता है बल्कि इसका इस्तेमाल आप डार्क सर्कल हटाने में भी कर सकते है। इसके लिए एक कटोरी में दो चम्मच हल्दी पाउडर लें इसमें थोडा अनानास का रस डाल कर अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे अपनी आंखों के नीचे काले घेरे में लगाएं और इसे 15 मिनट तर लगा रहने दें। इसके बाद इसे गीले कपड़े से धीमे से पोछ कर साफ पानी से आंखें धो लें। इससे आपको जल्द फायदा मिलेगा।


खीरा:- डार्क सर्कल को ट्रीट करने का सबसे अच्छा उपाय खीरा का इस्तेमाल करना होता है। खीरा एक अच्छा एस्ट्रीजेंट होता है और यह बेहतरीन क्लींनजर भी होता है जो आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को खत्म कर देता है। खीरे के स्लाइस काट लें और इसे थोडी देर के लिए फ्रीज में रख दें। इसके बाद जब यह ठंडे हो जाए तो इसे आपना आंखों पर रख लें। ऐसा दिन में दो बार करें, लगभग दस दिन में आपको लाभ मिल जाएगा।





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त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभकारी है आंवला पाउडर

आंवले का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता हैं। लेकिन उसके बहुत से फायदे है जो लोग आज भी नहीं जानते और बाहर के तरीके अपनाते हैं। त्वचा और बालों के लिए आंवले का इस्तेमाल एक राम बाण इलाज हैं। इसमें मौजूद औषधीय गुणों के कारण यह कई तरह की स्किन और बालों की समस्याओं को दूर करने का माद्दा रखता है। 


त्वचा के दाग-धब्बे हटाने के लिए :

1. त्वचा के दाग-धब्बों को हटाने के लिए आप आंवले को स्क्रब बना कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आधा चम्मच आंवला पाउडर, आधा चम्मच पीसी हुई शक्कर के साथ गुलाब जल को अच्छे से मिलाकर उसे चेहरे पर स्क्रब करें। आप हफ्ते में 3 बार स्क्रब का इस्तेमाल कर सकते हैं। जल्द ही आपको इसके फायदे नज़र आने लगेंगे। 


2. त्वचा के दाग-धब्बों को दूर करने के लिए आंवला का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप तीन बड़े चम्मच आंवला पाउडर लेकर उसमें एक चम्मच हल्दी और दो बड़े चम्मच नींबू का रस डालकर मिक्स करें और एक फाइन पेस्ट बनाएं। अब आप इसे अपने चेहरे पर लगाकर 15−20 मिनट के लिए छोड़ दें। अंत में पानी की मदद से स्किन साफ करें। आप सप्ताह में एक बार इस पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं।


बालों को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए भी आंवला है लाभकारी:

1. अगर आप डैंड्रफ से परेशान है तो आंवला आपकी जान बचा सकता हैं। आंवले के पाउडर को दही और निम्बू के साथ मिलाकर अच्छे से घोल बना ले। इसके बाद उस घोल को बालों की जड़ में अच्छे से लगा ले। इसे सूखने तक बालों में लगे रहने दे। इसके बाद बालों को पानी से अच्छे से धो ले और बाद में शैम्पू कर ले। 


2. बालों को झड़ने से रोकने के लिए, शाइन और सिल्किनेस बढ़ाने के लिए भी आप आंवले का इस्तेमाल कर सकते हैं। पाउडर को पानी के साथ घोल कर पूरे बालों में लगाएं और सूखने के बाद उसे पानी से धो ले। हफ्ते में एक से दो बार आप ऐसा कर सकते हैं। ऐसा करते रहने से आपके बाल हमेशा स्वस्थ रहेंगे। साथ ही लम्बे समय तक काले भी रहेंगे। 






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जिम का मिलेगा डबल फायदा, अगर एक्सरसाइज के बाद खाएंगे यह चीजें

आज के समय में लोग बॉडी बनाने और खुद को फिट रखने के लिए जिम का सहारा लेते हैं। लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग होते हैं, जो वर्कआउट तो करते हैं, लेकिन उन्हें कुछ खास फायदा नजर नहीं आता। हो सकता है कि आपके वर्कआउट में कोई कमी न हो, लेकिन आप अपने आहार पर ध्यान न दे रहे हों। जो लोग वर्कआउट करते हैं या जिम जाते हैं, उन्हें अपनी डाइट पर अधिक फोकस करना चाहिए। जरा सी लापरवाही से आपको विपरीत परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं जिम के बाद क्या खाएं−


प्रोटीन रिच फूड

अगर आप एक्सरसाइज के बाद अपने मसल्स की रिकवरी करना चाहते हैं तो सबसे पहले तो आपको एक्सरसाइज के आधे घंटे के भीतर कुछ न कुछ खाना चाहिए। दरअसल, वर्कआउट के दौरान हमारा शरीर न्यूटिएंट्स का इस्तेमाल करता है और इसलिए पोस्ट वर्कआउट मील शरीर को हील करने में मदद करता है। बेहतर होगा कि आप वर्कआउट के बाद आधे घंटे के भीतर एक प्रोटीन रिच फूड जरूर लेना चाहिए। अगर आप खुद को टोनअप करना चाहते हैं तो कार्ब्स से बचें। आप प्रोटीन रिच डाइट में पीनट बटर सैंडविच, सोया मिल्क, पनीर या बेसन चीला खा सकते हैं।


खाएं सैंडविच

अगर आप कुछ लाइट और पौष्टिक खाना चाहते हैं तो वर्कआउट के बाद सैंडविच खाया जा सकता है। आप ब्राउन ब्रेड में कई तरह की वेजिटेबल्स का इस्तेमाल करके खाएं। 


ब्राउन राइस

आप वर्कआउट के बाद ब्राउन राइस भी खा सकते हैं। यह एंटी−ऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं और इनमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। जो आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और वजन घटाने में भी मदद करते हैं।


पानी भी है जरूरी

चूंकि एक्सरसाइज के दौरान आप काफी पसीना बहाते हैं, जिसके कारण शरीर से इलेक्टालाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि आप खुद को हाइडेट रखें। वैसे तो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पानी पिया जा सकता है। लेकिन अगर आप चाहें तो पानी के स्थान पर नारियल पानी पीएं। यह पोटेशियम का एक अच्छा स्त्रोत है, जो शरीर में फलूयड को बैलेंस करने में मदद करता है। साथ ही नारियल पानी के सेवन से आपको वर्कआउट के बाद होने वाले क्रैम्प की संभावना भी काफी कम हो जाती है। इसके अलावा आप पोस्ट वर्कआउट डाइट के रूप में लो फैट मिल्क और फ्रूट्स की मदद से कुछ स्मूदी बनाकर उसका सेवन भी कर सकते हैं।



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त्वचा को कोमल बनाने के लिए अपनाएं टिप्स

त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स होने के कारण त्वचा की खूबसूरती छीन जाती है। इनके कारण त्वचा के रोमछिद्र बड़े होने, झुर्रियां, दानें होनें के कारण त्वचा की कोमलता भी खत्म हो जाती है। ऐसे में त्वचा को छूने पर खुरदुरापन महसूस होता है। हर कोई अपनी त्वचा को निखरी और कोमल बनाना चाहता है। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की कोमलता को वापस पाना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ब्यूटी टिप्स। 


कोमल त्वचा पाने के तरीके-


1.शहद: त्वचा को कोमल और निखरी बनाने के लिए शहद उपयोगी होता है। शहद गाढ़ा होता है जो त्वचा पर मॉइश्चर की एक परत बना देता है, साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो पिंपल्स को खत्म कर देती हैं। मुंहासों और दाग-धब्बों को दूर करने के लिए शहद कैसे फायदेमंद होता है जानने के लिए क्लिक करें।


कैसे करें इस्तेमाल: शुद्ध शहद को 10 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर हल्के गर्म पानी से चेहरा धो लें। शहद और अंडे को मिलाकर फेसमास्क बना लें और 20 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखने के बाद हल्के गर्म पानी से धो लें।


2.एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल त्वचा को कोमल बनाने के लिए लाभकारी होता है। इसकी सूदिंग प्रॉपर्टीज मुंहासे मिटाने के साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखती है और कोमल बनाए रखती हैं। 


कैसे करें इस्तेमाल: एलोवेरा जेल को चेहरे पर रातभर लगाकर रखें। एलोवेरा जेल को 2 चम्मच नींबू के रस और शहद में मिलाकर मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर चेहरा धो लें।


3.खीरा: खीरे में एस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टी के साथ ही पोषण देने के लिए आवश्यक मिनरल्स होते हैं। खीरे में सबसे ज्यादा पानी होता है। यह त्वचा के pH को बैलेंस रखता है और एसिड लेवल को बैलेंस करके त्वचा को कोमल और खूबसूरत बनाए रखता है। खीरे को त्वचा पर लगाना और खीरा खाना, दोनों ही त्वचा के लिए लाभकारी होता है।


कैसे करें इस्तेमाल: खीरे का रस निकालकर इसमें थोड़ा सा दूध मिला लें और इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। इसके बाद चेहरे को हल्के गर्म पानी से धो लें।


4.योगर्ट: प्रोटीन, लेक्टिक एसिड और एंजाइम्स से भरपूर योगर्ट को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाए रखता है।


कैसे करें इस्तेमाल: योगर्ट में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगा लें और 20 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से धो लें जिससे त्वचा मुलायम बनती है।


5.खूब पानी पीएं: पसीने और मूत्र के रुप में हमारे शरीर से पानी निकल जाता है। ऐसे में त्वचा को हाइड्रेट और कोमल बनाए रखने के लिए पानी पीना जरुरी होता है। खूबसूरत और कोमल त्वचा पाने के लिए दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरुर पीएं।





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टैनिंग दूर करने में मददगार है आम, ऐसे करे इस्तेमाल

गर्मी के दौरान लोगों के बीच आम स्वादिष्ट भोजन में से एक है। आम ना केवल स्वाद को संतुष्ट करता है बल्कि इसमें बहुत से स्वास्थ्य गुण भी होते हैं। यदि आम सही तरीके से उपभोग किया जाता है, तो यह समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। आम के सेवन के अलावा, चेहरे पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जब मैंगो पल्प त्वचा पर लागू करते हैं, तो यह कई त्वचा की समस्या को कम कर सकते हैं, जिनमें से एक त्वचा की टैनिंग है। गर्मी के दौरान त्वचा की टैनिंग आम समस्या होती है। समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोगों ने कई सौंदर्य उपचार अपनाए हैं। ये उपचार महंगें होते हैं और लंबी अवधि में त्वचा के लिए अच्छा नहीं होते हैं। हालांकि, बहुत से लोग इस तथ्य से अवगत नहीं हैं कि टैनिंग की समस्या का इलाज प्राकृतिक उत्पाद जैसे आम की मदद से भी किया जा सकता है। आम टैनिंग को कम करने के लिए प्रभावी होते हैं।


आम से बना फेस पैक टैनिंग दूर करने के लिए:


मैंगो पल्प फेस पैक : आम में एक्सफोलिएंटिंग गुण होते हैं जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखती हैं। यह टैनिंग के बाद आपकी त्वचा पर चमक वापस लाने में मदद करता है। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए, मैंगो पल्प निकालें और 2-3 मिनट के लिए अपने चेहरे पर उसे रगड़ें। फिर 5 मिनट सुखने के लिए छोड़ दें और ठंडे पानी से धो लें। इसके अलावा उबटन की मदद से टैनिंग कैसे हटाएं, जानने के लिए क्लिक करें।


आम और बेसन से बना फेस फैक : यह फेस पैक टैनिंग की समस्या को दूर करता है और त्वचा पर वापस चमक लाता है। इस फेस पैक को बनाने के लिए, मैंगो पल्स, दो चम्मच बेसन, 1/2 चम्मच शहद और कुछ बादाम लें और उनका पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 10 से 12 मिनट तक छोड़ दें और फिर इसे पानी से धो लें।


आम और दही से बना फेस पैक : यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो यह फेस पैक आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। इस पैक को बनाने के लिए, मैंगो पल्क लें और उसमें एक चम्मच दही और एक चम्मच शहद मिलाएं। इसे अच्छी तरह मिलाएं और चेहरे पर लगाकर इसे 10 मिनट तक छोड़ दें और फिर इसे धो लें।



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पीरियड्स टाइम में क्या खाएं और क्या नहीं, महिलाओं का जानना जरूरी

महिलाओं को महीने के 6-7 दिन पीरियड्स की समस्या से गुजरना पड़ता हैं। पीरियड्स के दौरान अधिकतर महिलाओं को दर्द, चिड़-चिड़ापन और कमजोरी महसूस होती हैं। वहीं अक्सर पीरियड्स आने से पहले महिलाओं की पीठ, पेड़ू या कमर में दर्द होता है, जोकि नैचुरल है। मगर खान-पान में थोड़ी-सी सावधानी बरतकर आप पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों से छुटकारा पा सकती हैं। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पीरियड्स के दौरान आपको किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

 

पानी

पीरियड्स के दौरान ठंडे की बजाए गर्म पानी पीएं। दिनभर में कम से कम 1-2 कप चाय या दूध भी पीएं। इस दौरान आप ज्यादा से ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करें।


आटे का हलवा

आटे के हलवे में गुड़ डालकर खाएं। इससे पेट अच्छी तरह से साफ हो जाएगा और आपका दर्द भी कम होगा।


गर्म पानी से स्नान

साथ ही नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें। वहीं अगर आपको ज्यादा दर्द होता है तो शॉवर लेते समय 1 मग गर्म पानी पेड़ू पर जरूर डालें।


ना करें दवाओं का सेवन

अक्सर महिलाएं दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा का सेवन करती हैं जोकि गलत है। इसकी बजाए आप नैचुरल तरीके इस्तेमाल कर सकती हैं।


तला-भुना से परहेज

पीरियड्स में तला-भुना खाने से इंस्ट्रोजन हॉर्मोन का लेवल बिगड़ जाता है। इससे पेट और कमर दर्द होने की समस्या हो सकती है। साथ ही ठंडी तहसील वाली चीजें, ज्यादा मीठा, रैड मीट, आचार या खट्टी चीजें खाने से भी परहेज करें।


एेलोवेरा जूस

अगर पीरियड्स में ज्यादा दर्द रहता है तो एेलोवेरा जूस में 1 चम्मच शहद अौर पानी मिलाकर पीएं। इससे दर्द, कमोजरी और अधिक ब्लीडिंग से राहत मिलेगी।


तुलसी का काढ़ा

तुलसी भी पीरियड्स में काफी लाभकारी है। पानी में 7-8 तुलसी के पच्चे उबालकर, उसमें 1 चम्मच शहद मिलाए और रोजाना पीए। इससे पीरियड्स की सभी प्रॉबल्म दूर होगी।


गर्म पानी से सेंक

पेट दर्द होने पर गर्म पानी की बोतल या थैली पेट के निचले हिस्से या दर्द वाली जगह पर रखें। इससे गंदगी व रूका रक्त बाहर निकल जाता है और दर्द से तुरंत राहत मिलती है।




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गर्भवती महिलाओं को भी मोबाइल का यूज कम करना चाहिए, ये है वजह

इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल फोन जो अब स्मार्टफोन बन चुका है हमारी जिंदगी का ऐसा अहम हिस्सा बन चुका है जिसे हम अपनी जिंदगी से अब अलग नहीं कर सकते। मोबाइल के बिना अपनी लाइफ की कल्पना करना भी शायद मुश्किल ही लगे। टॉडलर्स यानी छोटे बच्चों से लेकर टीनएजर्स और बुजुर्गों तक... हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन रहता है और बड़ी संख्या में लोगों की इसकी लत भी लग चुकी है। इस लिस्ट में गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन मोबाइल के एक्सेस यूज का न सिर्फ आप पर बल्कि गर्भ के अंदर पल रहे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ता है। कैसे, यहां जानें...


बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें

मोबाइल फोन की स्क्रीन और उससे निकल रही ब्राइट ब्लू लाइट को लंबे समय तक देखते रहने से न सिर्फ आपकी आंखों को नुकसान होता है। बल्कि हाल ही में हुई एक स्टडी की मानें तो अगर प्रेग्नेंट महिला लंबे समय तक मोबाइल फोन यूज करे तो होने वाले बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने डेनमार्क में इसको लेकर एक स्टडी की जिसमें प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद मोबाइल फोन यूज करने का बच्चे के व्यवहार और इससे जुड़ी समस्याओं के बीच क्या लिंक ये जानने की कोशिश की गई।


हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशू का शिकार

इस स्टडी में ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया जिनके बच्चे 7 साल के थे। स्टडी के दौरान महिलाओं को एक क्वेश्चेनेयर दिया गया था जिसमें उनके बच्चे की हेल्थ और बिहेवियर के साथ-साथ वे खुद फोन का कितना इस्तेमाल करती हैं, इससे जुड़े सवालों के जवाब देने थे। स्टडी के आखिर में यह बात सामने आयी कि जिन महिलाओं के बच्चे प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद स्मार्टफोन के प्रति एक्सपोज थे यानी जिन मांओं ने प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद भी मोबाइल यूज ज्यादा किया उनके बच्चे हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशूज का शिकार थे।


प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान

- मोबाइल फोन पर बहुत ज्यादा बात करने की बजाए टेक्स्ट भेजें या लैंडलाइन का उपयोग करें

- प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा सोशल मीडिया को स्क्रॉल न करें

- जहां तक संभव हो हैंड्स फ्री किट यूज करें ताकरि सिर और शरीर के नजदीक रेडिएशन को कम किया जा सके। 





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त्वचा को कोमल बनाने के लिए अपनाएं टिप्स

त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स होने के कारण त्वचा की खूबसूरती छीन जाती है। इनके कारण त्वचा के रोमछिद्र बड़े होने, झुर्रियां, दानें होनें के कारण त्वचा की कोमलता भी खत्म हो जाती है। ऐसे में त्वचा को छूने पर खुरदुरापन महसूस होता है। हर कोई अपनी त्वचा को निखरी और कोमल बनाना चाहता है। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की कोमलता को वापस पाना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ब्यूटी टिप्स। 


कोमल त्वचा पाने के तरीके-


1.शहद: त्वचा को कोमल और निखरी बनाने के लिए शहद उपयोगी होता है। शहद गाढ़ा होता है जो त्वचा पर मॉइश्चर की एक परत बना देता है, साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो पिंपल्स को खत्म कर देती हैं। मुंहासों और दाग-धब्बों को दूर करने के लिए शहद कैसे फायदेमंद होता है जानने के लिए क्लिक करें।


कैसे करें इस्तेमाल: शुद्ध शहद को 10 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर हल्के गर्म पानी से चेहरा धो लें। शहद और अंडे को मिलाकर फेसमास्क बना लें और 20 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखने के बाद हल्के गर्म पानी से धो लें।


2.एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल त्वचा को कोमल बनाने के लिए लाभकारी होता है। इसकी सूदिंग प्रॉपर्टीज मुंहासे मिटाने के साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखती है और कोमल बनाए रखती हैं। 


कैसे करें इस्तेमाल: एलोवेरा जेल को चेहरे पर रातभर लगाकर रखें। एलोवेरा जेल को 2 चम्मच नींबू के रस और शहद में मिलाकर मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर चेहरा धो लें।


3.खीरा: खीरे में एस्ट्रिजेंट प्रॉपर्टी के साथ ही पोषण देने के लिए आवश्यक मिनरल्स होते हैं। खीरे में सबसे ज्यादा पानी होता है। यह त्वचा के pH को बैलेंस रखता है और एसिड लेवल को बैलेंस करके त्वचा को कोमल और खूबसूरत बनाए रखता है। खीरे को त्वचा पर लगाना और खीरा खाना, दोनों ही त्वचा के लिए लाभकारी होता है।


कैसे करें इस्तेमाल: खीरे का रस निकालकर इसमें थोड़ा सा दूध मिला लें और इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। इसके बाद चेहरे को हल्के गर्म पानी से धो लें।


4.योगर्ट: प्रोटीन, लेक्टिक एसिड और एंजाइम्स से भरपूर योगर्ट को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाए रखता है।


कैसे करें इस्तेमाल: योगर्ट में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगा लें और 20 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से धो लें जिससे त्वचा मुलायम बनती है।


5.खूब पानी पीएं: पसीने और मूत्र के रुप में हमारे शरीर से पानी निकल जाता है। ऐसे में त्वचा को हाइड्रेट और कोमल बनाए रखने के लिए पानी पीना जरुरी होता है। खूबसूरत और कोमल त्वचा पाने के लिए दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरुर पीएं।






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हायपर कोलेस्ट्राल से प्रभावित हृदय

विज्ञान के नित-नये अविष्कारों ने इंसान को चकाचैंध कर दिया है। चिकित्सा जगत में तो अजूबे अविष्कार हुए हैं। अलग-अलग यंत्र, मशीनें, अनेक औषधियां और न जाने कितनी सुविधाएं पर फिर भी रोगों का ताड़व कम नहीं हुआ है बल्कि अनेक व्याधियों ने इंसान को अपने पंजे में जकड़ रखा है। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, डायबिटिज आज के संघर्षशील युग की देन हैं। इसके अलावा आज हमें हायपरकोलेस्ट्राल के भी अधिकांश रोगी मिलते हैं। इसका कारण है हमारे आहार-विहार में विषमता, क्योंकि हमें ऐशोआराम की जिन्दगी पसन्द है। हम श्रम से कतराते हैं, ऐसी जिन्दगी का ही परिणाम है-हायपरकोलेस्ट्राल।


हृदय रोग को बढ़ानेवाला यह कोलेस्ट्राल है जिसे नियंत्रण में रखना शरीर के लिए अत्यावश्यक है। इसकी अधिक मात्रा हृदय व मस्तिष्क धमनियों को जितना नुकसान पहुंचाती है, वैसे ही इसकी प्राकृत मात्रा शरीर को स्वस्थ रखने में सक्षम रहती है। कोलेस्ट्राल का अंतर्भाव लिपिड में होता है। ये लिपिड 5 प्रकार के होते हैं और मनुष्य शरीर के महत्वपूर्ण घटक हैं। सभी प्राणियों के कोषों में कोलेस्ट्राल होता है व अधिकांशतः यह नाड़ी संस्थान में रहता है। इसका स्राव पित्तरस में होता है व यकृतीय संवहन में यह सहभागी होता है। चिकित्सीय दृष्टि से इसका अत्यन्त महत्व है। शरीर में निर्मित सभी प्रकार के स्टेराइड हार्मोन का भी आवश्यक अंग है। 


लिपिड के एकत्रीकरण, संवहन, ट्रांसपोर्ट व उत्सर्जन में विकृति होने पर अनेक व्याधियां उत्पन्न होती हैं जैसे मोटापा, यकृतप्लीहा का बढ़ना, एथेरोस्क्लेकोसिस, अग्न्याशय में सूजन, पित्तामशरी इत्यादि। इन सब में एथोरोस्क्लेरोसिस सबसे महत्वपूर्ण है जो कि लिपिड के एकत्रीकरण से होता है। धमनियों में कोलेस्ट्राल जमा होने से कड़कपन आ जाता है फलस्वरूप धमनियों का मार्ग संकरा हो जाता है जिससे धमनियों का मार्ग संकरा हो जाता है जिससे धमनियों में स्थित रक्त हृदय, मस्तिष्क व शरीर के अन्य भागों में कम पहुंचता है। यह रूकावट हृदय की धमनियों में होने से छाती में दर्द (एन्जाइना) या कभी-कभी हार्ट अटैक भी होता है। यह रूकावट नाड़ीवह संस्थान यानी मस्तिष्क में होने पर स्मरणशक्ति का नाश, मस्तिष्क के उच्चतम कार्यों में विकृति, लकवा व वृद्धावस्था में व्यवहार, स्वभावादि में अंतर आता है। 


इसके अलावा अन्य अंगों की धमनियों में यह कोलेस्ट्राल जमा होकर गैंगरीन उत्पन्न करता है। इस कोलेस्ट्राल से लेरिक सिंड्रोम नामक व्याधि भी होती है जिसमें मुख्यतः पेट व पैरों की धमनी में रूकावट होता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह के रोगी में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ने से रक्तवाहिनी में जमा होने की आशंका ज्यादा रहती है, अतः उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोगी को कोलेस्ट्राल निवारक आहार लेना आवश्यक है जिसमें सलाद, हरी सब्जी, अंकुरित आहार, फल, छाछ की प्रचुर मात्रा हो।


कोलेस्ट्राल की मात्रा सामान्य करने में सबसे महत्वपूर्ण है-आहार, विहार पर नियंत्रण होना। आहार में चर्बीयुक्त पदार्थ जैसे तेल, घी, मांसाहार, शराब, आलू, चावल इत्यादि का सेवन कम करें। विहार में मानसिक तनाव से बचें। हायपर कोलेस्ट्राल के रूग्णों को अक्सर मोटापा अधिक रहता है अतएव उन्हें वजन पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। कोलेस्ट्राल कम करने के लिए आयुर्वेद संहिताओं में मेदोहर औषधियां वर्णित है। इनमें मुख्यतया त्रिकटु, कुटकी, लहसुन, पुनर्नवा, विडंग इत्यादि चिकित्सक के परामर्शानुसार लेना चाहिए। इसके अलावा आरोग्यवर्घिनी व त्रिफला गुग्गुल 2 चम्मच सुबस-शाम लेना चाहिए। साथ में मोटापा होने पर चिकित्सक के परामर्शानुसार ही औषधि लेनी चाहिए।


हायपरकोलेस्ट्राल के कारण अधिकतर हृदयगत धमनियां (कोरोनरी आर्टरीस) प्रभावित होती हैं जिससे हृदयगत विकार जैसे छाती में दर्द (एन्जाइना) जैसी (व्याधियां) होती हैं। आधुनिक चिकित्सानुसार इसमें एंजियोप्लास्टी करके धमनियों में से कोलेस्ट्राल को साफ करते हैं परन्तु फिर भी इन रूग्णों को सावधानियां रखनी पड़ती हैं जिससे फिर न एंजियोप्लास्टी करवानी पड़े। आयुर्वेद शास्त्र में कोलेस्ट्राल को कम करने व धमनियों का संकरापन दूर करने के लिए अनेक औषधियां हैं जिससे एंजियोप्लास्टी करने की संभावना कम होती है। अतएव योग्य चिकित्सक के मार्गदर्शन में मेदोहर व हृदय औषधि लेकर एंजियोप्लास्टी से बचा जा सकता है। 




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बालों के टूटने से परेशान हैं, आजमाएं ये घरेलू उपाय

लंबे घने बाल किसको पसंद नहीं होते हैं। लेकिन हेयरफॉल अकसर आपकी इस चाहत को पूरा नहीं होने देता है। बालों के टूटने से परेशान होकर इसे रोकने के लिए आप सबकुछ करती हैं। आइए, आपको कुछ आसान घरेलू उपाय बताते हैं जिससे आप हेयरफॉल को मात दे सकती हैं। 


आयरन की कमी तो नहीं?

शरीर में आयरन की कमी होने से बाल टूटते-झड़ते हैं, साथ ही आपके बालों की ग्रोथ भी रुक जाती है। बाल शाइन करें, इसके लिए ब्रोकली, गोभी और हरी सलाद का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।


नारियल पानी

नारियल पानी आपके बालों के लिए काफी फायदेमंद है। रोजाना खाली पेट नारियल पानी पीने से आपके बाल स्ट्रांग बनेंगे और इनके टूटने-झड़ने की समस्या से आपको छुटकारा मिलेगा।


पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और हाई प्रोटीन युक्त आहार जैसे दाल, अंडा, स्प्राउट्स और विटमिन-सी युक्त फ्रूट्स का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। इनके सेवन से आपके बाल अंदरूनी रुप से स्ट्रांग बनेंगे।


ऑलिव ऑइल

ऑलिव, नारियल या कनोला का तेल लेकर उसे गर्म कर लें। बालों की जड़ों में इससे मसाज करें। लगभग एक घंटे तक बालों में तेल लगा रहने दीजिए इसके बाद शैंपू से धो लें।


ग्रीन टी

एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी के दो बैग डालकर इसे मिला लें। इसके बाद इसे बालों की जड़ों में लगाएं और एक घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद धो लें। ग्रीन टी में ऐंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो बालों को गिरने से रोकते हैं और बालों के बढ़ने में सहायक होते हैं।


हेड मसाज

हफ्ते में एक दिन हेड मसाज लेने से बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। इससे बाल स्ट्रॉग होते हैं और तनाव में कमी आती है। यही नहीं, यह बालों को स्ट्रेंथ भी देता है।


लहसुन का तेल

लहसुन के जूस, प्याज या अदरक के जूस की मालिश करने से भी आपको खासा फायदा मिलेगा। रात में सोते समय इसे सिर में लगा लें और सुबह धो लें। इससे आपके बालों की जड़ें मजबूत होंगी और बाल गिरने की समस्या कम हो जाएगी।




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ब्राउन आइज पर ट्राई करें ये ट्रेंडी पेंसिल शेड्स

मेकअप करते वक्त आंखों की खूबसूरती पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आंखों को अलग-अलग तरीके से हाइलाइट करके आप रोज अपनी लुक को क्रिएटिव बना सकते हैं। बस जरुरत है तो अपनी आंखों के रंग के हिसाब से इन्हें हाईलाइट करने की। 


मैटालिक शेड्स: ब्राउन आईज की खास बात यह होती है कि उनके उपर कोई भी कलर काफी अच्छा लगता है। मगर यदि आप किसी फंक्शन-पार्टी पर जाने की सोच रही हैं या फिर ऑफिस जाने के लिए रोज एक अलग लुक पाना चाहती हैं तो आप मैटालिक शेड्स में ब्राउन, गोल्डन या फिर ब्रॉन्ज आइलाइनर चुन सकती हैं। इस तरह के शेड्स आपकी आंखों पर अधिक फोकस करके उन्हें खूबसूरत बनाने का काम करते हैं।


व्हाइट आई पेंसिल: ब्राउन आंखों के लिए व्हाइट आई पेंसिल भी ठीक रहती है। व्हाइट कलर आइ पेंसिल आपकी आंखों को अट्रेक्टिव बनाने का काम करती हैं। मैटालिक शेड्स के साथ आप व्हाइट लाइनर का इस्तेमाल करके उनकी खूबसूरती को और भी बड़ा सकते हैं।


कंसीलर का इस्तेमाल: अगर आपकी आंखो के नीचे डार्क सर्कल्स हैं तो इन्हें लाइट शेड कंसीलर के साथ कवर करें। ऐसा करने से आप कंसील करने के साथ-साथ अपने अंडर आई एरिया को आसानी से हाईलाइट भी कर सकती हैं। इसके बाद आपको अलग से हाईलाइटिंग करने की जरूरत नहीं होगी।


नेचुरल लुक: कई लड़कियों को लाइट मेकअप करना पसंद होता है। ऐसे में यदि आपकी आंखे ब्राउन हैं और आप इन्हें लाइट मेकअप के साथ हाइलाइट करना चाहती हैं तो न्यूट्रल कलर्स जैसे पीच और ब्राउन कलरस के साथ इन्हें हाइलाइट करें। इससे आप अट्रेक्टिव दिखने के साथ-साथ नेचुरल दिखेंगी। 




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दिखना है हटके तो अपनाएं ये फैशन स्टाइल

हर कोई डिफरेंट दिखना किसे पसंद नहीं है। इसके लिए आप क्या कुछ नहीं करते। अब अपने वॉर्डरोब की पुरानी चीजों के साथ भी कुछ इंटरेस्टिंग करें। इससे बिना किसी खर्चे के आपको मिलेगा हटके स्टाइल और सभी नजरें आपको देखती ही रह जाएंगी।


खुद के लुक को रीडिफाइन करने का परफेक्ट तरीका है फंकी नेकपीस कैरी करना। इनसे ऑर्डिनरी ड्रेस में भी ग्लैम टच लाया जा सकता है। इसे आप खुद भी डिजाइन कर सकती हैं। किसी पुराना नेकपीस को नियॉन शेड के नेल कलर से पेंट करें। इसके बाद आपका नया कूल नेकलेस रेडी है।


फैशन के टशन में बेल्ट्स वापस पसंद की जा रही हैं और लिटल ब्लैक ड्रेस के साथ ट्रेंडी लेदर बेल्ट आपका लुक ही बदल देगी। वैसे, आप पुरानी बेल्ट से भी चिक बेल्ट बन सकती है। इसके लिए पुरानी बेल्ट को लाइमस्टोन से अच्छी तरह घिस लें और इस पर अलग-अलग तरीके के पैटर्न बना लें। किसी खास डिजाइन में हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल स्ट्राइप्स बना सकती हैं या फिर कुछ हटके डिजाइन भी किया जा सकता है।


पार्टीज और वेडिंग्स में तो जाना हो तो ग्लिटर हील्स वाले फैन्सी फुटवियर्स ट्राई करें। इसके लिए आपको चाहिए पुरानी बैली या स्टिलटोज, ग्लू, फाइन गलटर, पुराना पेंट ब्रश और टेप। ग्लिटर को केयरफुल होकर हैंडल करें। शूज में पुराना पेपर भर दें और अगर हील्स पर ग्लिटर नहीं लगा रही हैं, तो इस पर टेप चिपका दें। 


ब्रश की हेल्प से फुटवियर के छोटे से एरिया पर ग्लू लगाएं और फिर उसी या दूसरे ब्रश से उस पर ग्लिटर फैला दें। थोडे-थोडे एरिया पर ब्लू लगाकर ग्लिटर लगाती चें और फिर पंखे के नीचे 5-6 घंटे के लिए सूखने छोड दें। फिर इसे हेयर स्प्रे की मदद से सेट कर लें। अब आप इन स्पेशल फुटवियर्स के साथ जमकर टशन दिखा सकती हैं।



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हल्‍दी से मुंहासे दूर करने के 5 उपाय

हल्दी वास्तव में एक जादुई मसाला है। यह न केवल आपके भोजन में बेहतर स्वाद और रंग जोड़ता है, बल्कि औषधीय गुणों का एक बेहतरीन स्‍त्रोत है। जब रंग में सुधार और मुंहासे और काले धब्बे जैसी आम त्वचा की समस्याओं से लड़ने की बात आती है, तो हल्दी आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रमुख घटक है। इन समस्याओं के बीच, पिंपल एक ऐसी त्‍वचा की स्थिति है, जिससे अधिकांश आबादी खासकर युवा पीढ़ी प्रभावित है। हालांकि, यह किशोरों और वयस्कों दोनों के लिए चिंता का एक प्रमुख विषय है।


जब मुंहासे की बात आती है, तो यह समझना जरूरी है कि आपका खानपान मुंहासे को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुछ आम खाद्य पदार्थ हैं जो मुंहासों को बढ़ा सकते हैं जैसे- दूध और डेयरी उत्पाद, प्रोसेस्‍ड कार्ब्स, हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स खाद्य पदार्थ, डीप फ्राइड फूड, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड आदि। इन खाद्य पदार्थों से बचने के अलावा, आप हल्दी का उपयोग पिंपल्स के इलाज और उनके कारण होने वाली सूजन को कम करने के लिए कर सकते हैं। इस लेख में, हम बात करेंगे कि आप साधारण तरीके से मुंहासों को हटाने के लिए हल्दी का उपयोग कैसे कर सकते हैं।


नीम और हल्दी

कुछ नीम के पत्ते लें, उन्हें पानी में उबालें और पीस लें। इसमें 1/4 टीस्पून हल्दी मिलाएं और इसे अपने पिंपल्स पर लगाएं। पैक को सूखने तक लगे रहने दें। इसे ठंडे पानी से धो लें। अच्छे परिणाम पाने के लिए और प्रभावी रूप से मुंहासे को कम करने के लिए इसे सप्ताह में दो बार दोहराएं।


बेसन और हल्दी

1 टीस्पून हल्दी, 2 टीस्पून बेसन और 2-3 टीस्पून गुलाब जल या दही के साथ पेस्ट बनाएं। पेस्ट को अपने पिंपल्स पर लगाएं और 15-20 मिनट तक रहने दें। अच्छा परिणाम पाने के लिए सप्ताह में दो बार दोहराएं। 


मुंहासे के लिए हल्दी और शहद

1/2 टीस्पून शहद में 1 टीस्पून हल्दी मिलाएं। एक पेस्ट बनाएं और इसे पिंपल्स से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। इसे लगभग 10-12 मिनट के लिए छोड़ दें और पानी से धोएं। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए सप्ताह में कई बार दोहरा सकते हैं। 


दूध और हल्दी

2 टेबलस्पून दूध में 1/2 टीस्पून हल्दी मिलाएं। थोड़ी रूई के साथ अपने pimples पर मिश्रण लगाएं। इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में धो लें। मुहांसों को कम करने और मुंहासों को रोकने के लिए एक दिन के अंतराल पर इसका उपयोग करें।


हल्दी और एलोवेरा

ऐलोवेरा त्वचा के लिए एक अद्भुत पौधा है जो कई त्वचा रोगों का इलाज कर सकता है। हल्दी (1/2 चम्मच) और एलोवेरा (2 चम्मच) के साथ एक पेस्ट बनाएं। मिश्रण को अपने पिंपल्स पर लगाएं और इसे 10 मिनट के लिए लगा रहने दें। और बाद में इसे धो दें। इस उपाय को हर दिन आजमाएं और देखें कि क्या यह आपके पिंपल्स को कम करता है।






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पलूशन से हमेशा के लिए डैमेज न हो जाए स्किन, बरतें ये सावधानियां

पलूशन का सबसे ज्यादा असर चेहरे पर पड़ता है क्योंकि बॉडी का यही एक ऐसा हिस्सा है, जो सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड होता है। इसकी वजह से चेहरे पर झुर्रियां आना, मुहांसे और रूखी त्वचा जैसी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। यहां जानें स्किन को बचाने के कुछ तरीके...


मैग्नेटिक फेस पैक: मैग्नेटिक फेस पैक स्किन को डीपली क्लीन कर यह उसे रिफ्रेश कर देता है। मैग्नेटिक फेस पैक में प्रेजेंट मैग्नेट हमारे चेहरे से स्माल डस्ट पार्टिकल्स बाहर निकाल देता है, जिससे कील मुंहासों, ब्लैक हेड्स जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है। इसे पैक में मौजूद एक स्टिक की मदद से फेस पर लगाया जाता है। इसे कम से कम 35 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखें। मैग्नेटिक फेस मास्क लगाने के बाद चेहरा ऑयली हो जाता है। उस ऑयल की मदद से अपने फेस पर तकरीबन एक से दो मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें। इस तरह से फेस बहुत अच्छी तरह से मॉइश्चराइजर होता है।


धूप में निकलने से पहले चेहरा ढंक लें: बाहर जाते वक्त चेहरे पर स्कार्फ या फिर मास्क पहनें, ताकि पलूशन के सीधे संपर्क से बच सकें। बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। दरअसल, हवा में मौजूद पॉलीसाइक्लिक ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन्स, वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स, नाइट्रोजन ऑक्साइड्स और स्मोक आदि चीजें त्वचा के लिए बेहद हानिकारक होती हैं।


फेशियल मास्क: घर के बाहर पलूशन लेवल तो हमेशा ही ज्यादा होता है और आप मेकअप भी कुछ न कुछ करती ही होंगी, तो इन सबसे छुटकारा पाने के लिए सल्फर बेस्ड मास्क ट्राई करें।


डेड स्किन सेल हटाएं: चेहरे से डेड स्किन सेल्स को हटाने के साथ ही सॉफ्ट और ब्राइट लुक पाने के लिए इंटेसिव फेशियल करवा सकती हैं।


नीम: एक छोटा चम्मच चंदन पाउडर ले लें। दो पत्तियां नीम की और दो पत्तियां तुलसी लें। इसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चंदन पाउडर में मिला दें। अब सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। इसे फेस पर लगाएं। तकरीबन 15 मिनट लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।


बर्फ लगाएं: चेहरे पर बर्फ रगड़ने से पोर्स कस जाते हैं और स्किन हेल्दी हो जाती है। 


ऐलो वेरा: एक कप ऐलो वेरा जूस में टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिला लें। फिर इसे चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। गुलाब जल भी त्वचा को आराम पहुंचाता है।


दिन में 2-3 बार धोएं चेहरा: जब आप बहुत देर तक धूप में रहती हैं, तो चेहरा ड्राई हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप फेस को ज्यादा से ज्यादा नम रखें। इससे चेहरे पर रिंकल्स नहीं आएंगे। इसके अलावा, किसी अच्छे क्लीनजर का इस्तेमाल कर दिन में दो से तीन बार चेहरे को धुलें। इसके अलावा, सोने से पहले चेहरा जरूर धोएं ताकि दिनभर की जमा धूल साफ हो जाएं। 


डाइट में शामिल करें हेल्दी चीजें: एक हेल्दी डाइट आपको टॉक्सिन्स से बचाएगी। विटमिन और मिनरल्स से भरपूर डाइट फॉलो करें। ताजे फल, सब्जियां, नट्स ऐंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। इसके अलावा, इनमें विटमिन ए, सी और ई भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी फेस स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। ब्लूबेरीज, स्ट्रॉबेरी, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स और नट्स खाने से फायदा मिलेगा। 



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सुंदरता के लिए कैसे करें बेबी वाइप्स का उपयोग

बेबी वाइप्स बच्चों के लिए लाभकारी होता है क्योंकि उनमें किसी प्रकार का हानिकारक केमिकल नहीं होता है और वो उनकी त्वचा पर इसका बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा ये उन्हें इंफेक्शन से भी बचाता है। बेबी वाइप्स ना कि सिर्फ बच्चों के लिए बल्कि युवाओं के लिए बहुत लाभकारी होता है। लोग इन्हें कई प्रकार से इस्तेमाल कर सकते हैं- जैसे- त्वचा को साफ करने के लिए, टेबल साफ करने के लिए, कारपेट से गंदगी हटाने के लिए या फिर हाथ पोछनें के लिए। सबसे बेहतरीन उपयोग इनका सुंदरता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। जैसे बच्चों की त्वचा पर इसका बुरा प्रभाव नहीं होता है वैसे ही युवाओं के लिए भी यह नुकसानदायक नहीं होता है। 


बेबी वाइप्स के लाभ...


नाखून स्वस्थ रखता है : बेबी वीइप्स का इस्तेमाल आपके नाखूनों की गंदगी को हटाने में मदद करता है और आपके आपके क्यूटिकल्स को मॉइश्चराइज रखने में मदद करता है। इसके अलावा आपके नाखूनों की सुंदरता भी बनाए रखता है। 


मेकअप हटाना : बेबी वाइप्स त्वचा से मेकअप हटाने के लिए बहुत लाभकारी होता है और आसानी से मेकअप हटा देता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है और ना ही त्वचा पर इसका कोई साइड इफेक्ट होता है।


अंडरआर्म्स को साफ करना : बेबी वाइप्स में एल्कोहल होता है जो अंडरआर्म्स में होने वाले एन्जाइम और बैक्टीरिया को नष्ट करता है जिससे बदबू और गंदगी दोनों कम हो जाती है। इसके अलावा बेबी वाइप्स में पानी की मात्रा अधिक होती है जो बैक्टीरिया और कीटाणुओं को अवशोषित कर लेती है। 


हेयर डाई के दाग को हटाना : बेबी वाइप्स माथे और गर्दन पर लगे हेयर डाई को साफ करता है क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में एलोवेरा मौजूद होता है और त्वचा को हेयर डाई से होने वाले नुकसान से भी बचाता है। 


टैनिंग दूर करने के लिए : बेबी वाइप्स में एलोवेरा और विटामिन-ई मौजूद होता है जो आपकी त्वचा के लिए लाभकारी होता है और सूरज की हानिकारक किरणों के कारण होने वाली टैनिंग को दूर करता है।






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महिलाओं को पीसीओडी से मिलेगा छुटकारा

पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या पीसीओडी एक ऐसी बीमारी है जिसके तहत ओवरी में मल्टीपल सिस्ट हो जाते हैं। ये सीस्ट खास किस्म के तरल पदार्थ की थैलियां होती हैं। सिस्ट होने की असली वजह मासिक धर्म में अनियमतता को बताया जाता है। मासिक धर्म में अनियमतता के कारण ओवरी का साइज बढ़ जाता है नतीजतन एंड्रोजेन और एस्ट्रोजेनिक नामक हारमोन भारी मात्रा में प्रोड्यूस होते हैं। पॉलिसिस्टिक ओवरी नार्मल ओवरी की तुलना में आकार में काफी बड़े होते हैं। इसे स्टीन लिवंथन सिंड्रोम भी कहा जाता है। पीसीओडी के कारण गर्भास्था, मासिक धर्म, डायबिटीज जैसी बीमारी में परेशानियों का इजाफा करता है।


पीसीओडी के लक्षण : पीसीओडी के लक्षण बेहद खतरनाक ढंग से देखे जा सकते हैं। दरअसल इससे महिलाओं के शरीर में बाल बढ़ जाते हैं, स्तन का साइज छोटा हो जाता है, आवाज में फर्क महसूस होने लगता है, वजन बढ़ जाता है, सिर के बाल पतले होने लगते हैं। इतना ही नहीं जो महिलाएं पीसीओडी से पीड़ित होती हैं, उनमें एंग्जाइटी, डिप्रेशन, वजन बढ़ना जैसी समस्या भी देखने को मिलती है। इन दिनों पीसीओडी वयस्क महिलाओं की कम उम्र की युवतियों में देखने को मिल रही है। इसकी असली वजह काम का तनाव, अस्वस्थ खानपान, एंग्जाइटी, डिप्रेशन, व्यायाम न करना है। साथ ही जो युवतियां कम सोती हैं, उन्हें भी पीसीओडी होने का खतरा रहता है। जो महिलाएं अपनी जीवनशैली के कारण पीसीओडी का शिकार हो रही हैं, वे चाहें तो कुछ आसनों की मदद से स्वस्थ जीवन जी सकती हैं। उनमें पीसीओडी का खतरा भी कम हो जाता है। 


कपालभाती : कपालभाती शब्द दो शब्दों को जोड़कर बनाया गया है। एक कपाल यानी माथा और भाती यानी चमकना। माना जाता है कि नियमित व्यायाम करने से चेहरे पर ग्लो आता है और शरीर स्वस्थ रहता है। कपालभाती वास्तव में एक शत क्रिया है। यह एक तरह शरीर की क्लीनिंग प्रक्रिया है जिसकी मदद से शरीर से जहरीले पदार्थों को निकाला जाता है। इसके तहत आपको योगिक आसन में बैठना होता है और फिर पूरी प्रक्रिया सांसों के लेने और छोड़ने पर निर्भर करती है। 


योनि मुद्रा : यह एक ऐसा योगासन है जिसे करते हुए महिला किसी भी रूप में बाहरी दुनिया से जुड़ाव महसूस नहीं करती। इसलिए इसे योनि मुद्रा कहा जाता है। यह हमें अपनी अंदरूनी दुनिया से जोड़ता है इसलिए इसे योनि मुद्रा कहा जाता है। यह गर्भाशय में शिशु के होने का आभास कराता है।


पवनमुक्त आसन : पवनमुक्त आसन हमारे पेट के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी आसन है। साथ ही यह हमारी पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है। पवनमुक्त आसन से एब्डोमिनल और पीठ की मसल्स को मजबूती मिलता है साथ ही रक्त संचार का प्रवाह भी बेहतर होता है। 


हलासन : हल एक तरह का जमीन जोतने के लिए इस्तेमाल होने वाला उपकरण है जिसे किसान द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। हलासन को सर्वांगासन के बाद ही किया जाता है जो वास्तव में कंधों से जुड़ा हुआ आसन है। यह आसन भी पीसीओडी में राहत देने में मदद करता है। 


धनुर्सान : यह आसन टेंशन और डिप्रेशन को दूर भगान के लिए किया जाता है। अतः यदि किसी महिला में पीसीओडी के जरा भी लक्ष्ण दिखें या उन्हें जबरदस्त तनाव होता है तो उन्हें यह आसन अवश्य करना चाहिए। इससे पीसीओडी के आशंका में काफी कमी आती है।



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सीधे बालों को कर्ल करने के आसान तरीके

लड़कियो कि असली खूबसूरती का राज उनके बाल होते हैं। अपने बालों को नया लुक देकर जब आप खुद को एक नये अंदाज में देखते हैं तो इस खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होने लगता है। लेकिन बाल जब एक ही तरह के दिखते हैं तब आप खुद में बोरियत पन का अहसास करने लगते हैं। और फिर बाल अगर सिल्की स्ट्रेट हो तब तो कोई भी स्टाइल बना पाना और भी मुश्किल हो जाता है। 


इससे ज्यादा बोरिंग और क्या होगा कि आप कहीं भी जाए बस एक ही हेयर स्टाइल हो। कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्टी में जाने के लिए बालों को एक नया लुक देने के लिए आप पार्लर में न जाने कितना पैसे खर्च करते हैं लेकिन जैसे ही आप सैलून से बाहर निकलती हैं ये लॉक्स फिर से फ्लैट हो जाते हैं। इसीलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें फॉलो कर आप अपने घर पर ही इन कर्ल्स को ज्यादा टाइम तक टिका सकती हैं।


सावधानियां:- बालों में ज्यादा कंडीशनर उन्हें और फिर सिल्की बनाता है और इससे बालों में कर्ल्स टिक नहीं पाते। इसीलिए कंडीशनर कम लगाएं। साथ ही हमेशा हेयर वॉश करने के अगले दिन ही बालों को कर्ल करें। क्योंकि ऐसे में बालों में नैचुरल ऑयल होगा, यदि आप बालों में कर्लिंग आयरन लगा रहे है तो ध्यान दे कि इससे पहले बालों में मूस लगा लें। एक बेसबॉल साइज जितना मूस लें और बालों की जड़ों से लेकर एंड्स तक लगाएं। ये आपके बालों के ऊपर एक कवच बनाएगा, जिससे कर्ल्स अच्छे से टीके रहेंगे। आप नारियल या आर्गन तेल भी लगा सकती हैं।


बाल कर्ल बनाए रखने के तरीके...


कर्ल और क्लिप-कुछ सेकेंड्स में कर्ली बाल पाने के लिए कई कर्लिंग रॉड्स और फ्लैट आइरन्स आती हैं। लेकिन कर्ल करने के बाद आपका अगला स्टेप होना चाहिए क्लिप। अगर आपके बाल बहुत कर्ल हैं तब तो ये बहुत जरूरी है। इसीलिए बालों को कर्ल करने के 5 सेकेंड बाद बालों से रॉड हटाएं और डकबिल क्लिप या बॉबी पिन लगा लें।


5 से 10 मिनट रूकें। अगर आप हीट डैमेज से बालों में होने वाले नुकसान के बारे में परेशान हैं तो रात भर सॉफ्ट स्पॉंज रोलर्स लगा कर सोएं। इससे आपको बिना बालों को डैमेज किए वही रिजल्ट मिलेगा। बालों से क्लिप खोलने के बाद बालों को उंगलियों से बिखेरें। आप कैसे भी कर्ल करें, हर बार उन्हें उंगलियों से ही बिखेरे, इससे कर्ल्स बालों में ज्यादा टाइम तक बने रहेंगे। आखिर में हेयर स्प्रे लगाएं, बस आप तैयार हैं। 





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ऐसे दूर करें कोहनी और घुटनों के कालेपन को

जरा सोचिए! कैसा होगा अगर आपका चेहरा तो चमक रहा है लेकिन आपकी कोहनी और घुटने कालेपन से आपकी खूबसूरती में धब्बा लगा रहे हैं। ऐसे में न क्रीम काम आती है और न ही स्क्राब। कोहनी और घुटने की कालिमा इतनी आसानी से कहां जाती है। अब फिक्र न करें बस कुछ घरेलू उपाय और आपकी ये प्रॉब्लम हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।


नींबू और मलाई का पेस्ट: घुटने और कोहनी की सफाई के लिए सबसे लोकप्रिय घरेलू उपाय है नींबू और मलाई का पेस्ट।। नींबू को छील कर उसमें मलाई मिला लें, नींबू रस से त्वचा की गंदगी दूर होती है और आपकी कोहनी का कालापन धीरे-धीरे दूर हो जाएगा।


शहद: घुटने और कोहनी की सफाई के लिए शहद एक अच्छात विकल्प है। ऐसे में आप शहद का उपयोग कर सकते हैं। शहद त्वबचा को नरम रखता है, जो बहुत लाभ पहुंचाता है।


नारियल का तेल: नारियल का तेल मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है और त्वचा के लिए एक अच्छा टॉनिक भी है। नहाने से पहले अपने पूरे शरीर और कोहनी एवं घुटनों पर नारियल तेल लगाएं।


एलोवेरा: एलोवेरा भी घुटने और कोहनी की सफाई के लिए लिए एक अच्छाल विकल्पा है, काले पड़े घुटनों और कोहनी पर नियमित रूप से इसके जैल का उपयोग करने से त्वबचा के दाग-धब्बेप भी साफ होते है।


स्क्ररबर: स्क्रेबर मृत त्वचा को हटाने में काफी प्रभावशाली होता है। नहाते समय झांवें को गीला करके उससे कोहनी और घुटने की सफाई करें।





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नमी वाले मौसम में बालों की देखभाल कैसे करें

मौसम बदलने के साथ वातावरण में नमी बढ़ जाती है जिससे आपके बाल सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। नमी वाले मौसम के कारण आपके बाल उलझे, तैलीय और गंदे दिखने लगते हैं। इस तरह के मौसम में आपको अपने ब्यूटी केयर रुटीन में कुछ बदलाव करने होते हैं। इसलिए आपको अपने बालों की देखभाल करने के लिए कुछ तरीकों को अपनाना होता है, जिससे नमी वाले मौसम में भी आपके बाल स्वस्थ रहें। बालों को उलझने और टूटने से बचाने के लिए आपको नमी वाले मौसम के दौरान किन टिप्स को अपनाना चाहिए। 


नमी वाले मौसम में बालों की देखभाल करने के लिए टिप्स-


अधिक बार बालों को ना धोएं: अधकि बार धोने से आपके बाल रुखे और बेजान हो सकते हैं और रुखे और बेजान बाल अधिक उलझते हैं। इसलिए बालों को अधिक बार ना धोएं। सप्ताह में दो से तीन बार बालों को शैम्पू करें।


सही शैम्पू का उपयोग: नमी वाले मौसम में बालों को स्वस्थ रखने के लिए आपको अपने शैम्पू पर भी ध्यान देना होता है। इसलिए ऐसा शैम्पू चुनें जिस पर स्मूदनिंग’ या ‘स्ट्रेटनिंग’ शैम्पू लिखा हो। ये शैम्पू आपके बालों को कोमल रखते हैं जिससे बाल अधिक उलझते नहीं है।


मॉइश्चराइज: केवल आपकी त्वचा को ही नहीं बल्कि आपके बालों को भी पर्याप्त मॉइश्चराइज की जरुरत होती है। जब आपके बाल रुखे और डिहाइड्रेटेड रहते हैं तो ये अधिक नमी सोखते हैं। इसलिए अपने बालों को सप्ताह में तीन बार कंडीशन करें और बाल धोने से पहले तेल की मालिश करें।


ठंडे पानी से बाल धोएं: नमी वाले मौसम में बालों को स्वस्थ रखने के लिए आपको ध्यान रखना होगा कि आप अपने बालों को धोने के लिए ठंडे पानी का उपयोग करें। ठंडे पानी से बाल धोने से बालों के पोर्स बंद रहते हैं जिससे मॉइश्चर बालों के अंदर बना रहता है। 


हेयर सीरम का इस्तेमाल: बालों को धोने के बाद गीले बालों पर सीरम लगाना ना भूलें। बालों के सिरों पर सीरम लगाएं। ध्यान रखें कि आप सीरम की उतनी ही मात्रा लें जितनी जरुरी है। ज्यादा सीरम लगाने से बाल अधिक तैलीय हो सकते हैं।




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अब अपनी खूबसूरती निखारें चाइनीज सीक्रेट्स के साथ

चाइनीज ब्यूटी पूरी दुनिया में विख्यात है। उनकी बेदाग और दमकती त्वचा का राज हर लड़की जानना चाहती है। अगर आप भी यही ख्वाहिश रखती हैं तो आज का हमारा आर्टिकल आपके लिए ही है। इस प्रकार की त्वचा पाने के लिए वे कई नुस्खे और कई औषधियां अपनाती हैं। अगर आप भी चीनी महिलाओं की तरह निखरी और बेदाग त्व्चा चाहती हैं, तो अभी से ही इनके ब्यूअटी सीक्रेट्स अपनाना शुरु कर दें।


त्वचा का कायाकल्प:- त्वचा को तरोताजा रखने के लिए चीनी महिलाएं मोतियों का पाउडर इस्तेमाल करती हैं। यह त्वचा की सूजन और जलन को कम करता है । सीप के खोल का पाउडर बनाकर इसमें शहद और अंडे की जर्दी मिला लें। आप पर्ल फेस मास्क भी इस्तेमाल कर सकती हैं।


जवां त्वचा:- चीन के लोग वजन कम करने के लिए ग्रीन टी बहुत पीते हैं। इसमें कटेचिंस की अधिकता होती है। यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट है और इसमें एंटी-एजिंग तत्व होते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और आप लंबे समय तक जवां और स्वस्थ रहते हैं।


रंग निखारे:- चीनी महिलाएं अपनी बेदाग और चिकनी त्वचा के लिए जानी जाती हैं। इस तरह की जवां त्वचा के लिए विभिन्न औषधियों का पेस्ट बना लें। पुदीने की पत्तियों का पेस्ट बना लें और चमकदार और निखरी त्वचा के लिए इसे चेहरे पर लगाएं।


झुर्रियां हटाएं:- चीनी महिलाओं की त्वचा नरम, मुलायम और चिकनी होती है। वे त्वचा को चमकदार और कसी हुई बनाने के लिए अंडों का फेस मास्क बनाती हैं। अंडे का सफेद भाग त्वचा में कसावट लाता है। अंडे के सफेद भाग को लगाएं इसे सूखने दें। 20 मिनट बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।


चेहरे की सूजन से निजात पाएं:- चीनी महिलाएं शरीर में रक्त का संचार सुचारु बनाए रखने के लिए मसाज करती हैं। चीन में फेशियल मसाज का प्रचलन है जिससे कि त्वचा की सूजन दूर होती है और कोशिकाओं का पुनः निर्माण होता है। आप मसाज के ये तरीके अपना सकती हैं। कान से शुरू करके अपनी हंसली की हड्डी की ओर घुमावदार तरीके से रगड़ें। त्वचा को खींचे नहीं। इसके बाद अपनी ठोडी और जबड़े पर ऊपर की ओर रगड़ें। ध्यान रहे कि इस क्रिया में आप नीचे की ओर ना रगड़ें।







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चेहरे के बाल हटाने के लिए वैक्सिंग क्यों नुकसानदायक है

मुंहासें, दाग-धब्बे और झुर्रियां जैसी कई चीजें आपके चेहरे की सुंदरता को कम कर देती हैं। जिन्हें दूर करने के लिए आप कई तरीके अपनाते हैं। इन सभी चीजों की तरह चेहरे पर मौजूद अनचाहे बाल भी आपकी चेहरे की सुंदरता को कम कर देती हैं। चेहरे से बाल हटाने के लिए महिलाएं कई तरीके अपनाती हैं। इनमें से कुछ घरेलू उपाय होते हैं। मगर कुछ महिलाएं चेहरे से अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग भी करवाती हैं। हाथ, पैर और अंडरआर्म्स से बालों को हटाने के लिए आपने वैक्सिंग के बारे में तो सुना ही होगा। अब चेहरे से बाल हटाने के लिए भी वैक्सिंग कराई जाती है। चेहरे पर वैक्सिंग करने के होने वाले नुकसानों के बारे में बताते हैं। 


चेहरे पर वैक्सिंग कराने के नुकसान-


रैशेज : चेहरे पर वैक्सिंग करने से कुछ समय के लिए रैशेज और जलन होना सामान्य होता है। हालांकि यह रैशेज साइड इफेक्ट होते हैं। यह रैशेज एक दिन तक रहते हैं। अगर यह रैशेज ज्यादा समय तक रहते हैं तो उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बंद कर दें। 


सन सेंसिटिविटी : अगर आपको सन बर्न हुआ है तो उस दौरान चेहरे पर वैक्स नहीं करनी चाहिए। उस दौरान आपको अपनी त्वचा का खास ध्यान रखना चाहिए। साथ ही अगप आपने अगर चेहरे पर वैक्स कराई है तो धूप में निकलने से बचना चाहिए। चेहरे पर वैक्सिंग के दौरान बालों के साथ त्वचा की ऊपरी परत एपिडर्मिस भी हट जाती है। जिसकी वजह से आपकी त्वचा सूरज की रोशनी में ज्यादा संवेदनशील हो जाती है।


इनग्नोन हेयर : शेविंग के साथ वैक्सिंग की वजह से भी इनग्रोन हेयर की समस्या हो जाती है। वैक्सिंग के दौरान इनग्रोन हेयर से बचने के लिए बालों के विपरीत तरफ स्ट्रिप खीचें। कई बार बालों की जड़ें मजबूत होने की वजह से यह वैक्सिंग की मदद से पूरी तरह निकल नहीं पाते हैं जिससे इनग्रोन हेयर रह जाते हैं।


दर्द : वैक्सिंग की वजह से दर्द बहुत होता है। ऐसा तब होता है जब बहुत जल्दी वैक्स स्ट्रिप को हटा दिया जाता है। इस दौरान संवेदनशील त्वचा पर सबसे ज्यादा दर्द होता है।


इंफेक्शन : कुछ लोगों को वैक्सिंग की वजह से इंफेक्शन हो जाता है। कई बार वैक्सिंग के दौरान त्वचा से खून आने लगता है या त्वचा खराब हो जाती है। अगर किसी जगह पर पहले से कट है तो वहां वैक्स लगाने से इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।





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अब इन आसान तरीकों से दूर करें मुहांसे

आजकल चेहरे पर मुहांसे होना एक आम समस्या है लेकिन ये मुहांसे चेहरे की सुंदरता को न केवल खत्म कर देता है बल्कि इसके दाग आपके चेहरे के ग्लो में एक दाग भी बन सकता है। मुहांसे किसी को भी हो सकते हैं चाहे लड़का हो या लड़की ऐसे में दादी मां के नुस्खे आपके लिए रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिनको अपना कर आप मुहासों से छुटकारा पा सकते हैं...

 

-संतरे के सूखे छिलके में थोड़ी सी बारीक पीसी और छानी मुल्तानी मिट्टी मिलाइए और गुलाब जल में घोल लें। घना घोल मुहासों और पूरे चेहरे पर लगाइए। आधे घंटे बाद चेहरा गुनगुने पानी के साथ धो लें। 2 हफ्तों में चेहरा मुहासों से मुक्त हो जाएगा।

 

-नीबू का रस 4 गुणा ग्लिसरीन में मिला कर चेहरे पर रगडने से मुहासे दूर हो चेहरा सुंदर हो जाता है।

 

-मसूर की दाल पानी में भिगो कर कच्चे दूध में पीस कर सुबह-शाम चेहरे पर लगाओ। 10 मिनट के बाद गर्म पानी से चेहरा धो लो।

 

-5-10 काली मिर्चों को गुलाब जल में पीस कर चेहरे पर लगाओ। प्रातःकाल चेहरा धो लो। कुछ ही दिनों में मुहासे दूर हो जाएंगे।

 

-30 ग्राम अजवायण बारीक पीसो और 25 ग्राम दही में मिला कर रात भर के लिए मुहासों पर लगाओ। प्रातःकाल चेहरा धो लो। तुलसी की पत्तियों का चूरन मिला कर लगाने से भी मुहासे दूर होते हैं। 




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प्रेग्नेंसी के दौरान कामेच्छा कम होने के कारण

कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान कामेच्छा कम हो जाती है जब कि कुछ में यह ज्यादा होती है। इसका मतलब है कि सब महिलाएं एक जैसी नहीं होती हैं। लेकिन जहां तक यौन इच्छा कम होने का सवाल है, इसके क्या कारण हो सकते हैं? प्रेग्नेंसी के दौरान कामेच्छा कम होने के क्या कारण हैं? शरीर में होने वाले परिवर्तनों के कारण कामेच्छा कम हो सकती है। ध्यान रखें कि गर्भावस्था के दौरान कामेच्छा की कमी मानसिक कारणों से भी हो सकती है। आपका पार्टनर आपका किस प्रकार साथ देता है और प्रेग्नेंसी दौरान होने वाले उतार-चढ़ावों से आप कैसे तालमेल बिठा पाती हैं, इन सब बातों पर भी कामेच्छा निर्भर करती है। इस दौरान होने वाले बदलावों से बहुत सी महिलाएं तनाव में आ जाती हैं जिससे उनकी कामेच्छा कम हो जाती है।


प्रेग्नेंसी के दौरान कामेच्छा कम होने के कारण...


उबाक

उबाक आना इन दिनों में महिलाओं में कमजोरी रहती है और उबाक भी आती हैं। इससे भी उनकी यौन इच्छा कम हो जाती है।


थकान 

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में महिलाएं थकान अनुभव करती हैं, यह भी एक कारण हो सकता है।


हार्मोन का असंतुलन 

हार्मोन या तो कामेच्छा बहुत बढ़ा सकते हैं या फिर इसे बहुत कम कर सकते हैं। कामेच्छा को प्रभावित करने में इनका भी योगदान रहता है।


डर 

कई बार, डर से भी सेक्स की इच्छा मर जाती है। कई महिलाओं को डर रहता है कि इस समय सेक्स करने से बच्चे को कुछ ना हो जाए, इसलिए वे सेक्स की इच्छा को पनपने ही नहीं देती हैं।


शुष्कता 

कुछ महिलाएं इस समय ड्रायनेस से पीड़ित हो जाती हैं जिससे गर्भावस्था के दौरान कामेच्छा कम हो जाती है।


उत्साह 

कुछ महिलाएं पूरे समय बच्चे के बारे में ही सोचती रहती हैं। ऐसे में यौन संबंध बनाने का विचार उनके मन में नहीं आता है






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पर्सनैलिटी को उभारने में मदद करती है जींस

मामला स्टाइल, फैशन और कम्फर्ट का हो, तो जींस को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जींस की एक अन्य खासियत है कि इसे पहनने के बाद बॉडी की शेप अच्छी लगने लगती है। जींस हर किसी के पर्सनैलिटी को उभारने में मदद करती है। इसे कैजुअल या फॉर्मल, किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है। तभी तो यह हमारे वॉर्डरोब में एक खास जगह बना चुकी है। हर बॉडी शेप के अनुकूल इसमें आपको स्टाइल से भरपूर वैराइटी देखने को मिलती है। इसीलिए जींस के तमाम अंदाज पॉपुलर रहते हैं। ऐसे समय में फैशन कम और स्टाइल ज्यादा काम आता है। तो जानते हैं कि जींस में लेटेस्ट ट्रेंड क्या है...


साठ और सत्तर के दशक का बोहेमियनचिक लुक के फैशन फोरफ्रंट पर वापसी का एक बढ़िया एक्जाम्पल है, फ्लेयर्ड जींस। फ्लेयर्ड सिलुएट्स फिलहाल ट्रेंड में है और बहुत ही क्लासिक और चिक लगती है। लेकिन आप इसे बूट कट के साथ कंफ्यूज न करें, क्योंकि यह उससे एकदम अलग है। दरअसल, फ्लेयर्ड जींस घुटनों तक फिटेड और उसके बाद नीचे की ओर खुली हुई होती है। जींस का यह अंदाज खासतौर पर उन लड़कियों के लिए परफेक्ट है, जिन्हें स्किनी या स्ट्रेट लैग या फिटेड या ब्वॉय फ्रेंड जींस रास नहीं आती हैं। अगर आपका बॉटम हैवी है तो यह आप के लिए बहुत बढ़िया ऑप्शन है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी लोग इसे नहीं पहन सकते।कर्वी महिलाओं पर इस जींस की फिट शानदार आती है। ये ना सिर्फ आपके कव्र्स को उभारती हैं बल्कि नॉन-कर्वी वुमन में कर्वस का इल्यूजन क्रिएट करती हैं।


अगर आपके पास केवल एक पेयर फ्लेयर्ड डेनिम है तो भी टैंशन की कोई बात नहीं है। उसके साथ प्ले करके अलग-अलग लुक पाए जा सकते हैं। इस जींस के साथ फिटिंग वाले शार्ट टॉप अच्छे लगेंगें। जींस नीचे से फ्लेयर्ड है इसलिए टॉप लूज ना पहनें। स्पोर्टी लुक के लिए टी-शर्ट और स्नीकर्स के साथ जींस को पेयर करें। कैजुअल लुक के लिए टैंक टॉप पहनें। डे वेयर के लिए इसे फ्रिल्स, रफल्स या नेट की शर्ट के साथ पेयर करके शीक लुक पा सकती हैं। इस लुक के साथ पतली बेल्ट पहनें। नाइट पार्टी के लिए जींस के साथ स्पैगेटी, हैंगिंग या बैकलेस टॉप ट्राई कर सकती हैं। आप फ्लेयर्ड जींस को वर्क प्लेस पर भी पहन सकती हैं क्योंकि ये बहुत वर्सेटाइल हैं। जींस पर फॉर्मल व्हाइट शर्ट या फिटेड बटन शर्ट कैरी किया तो आप तैयार हैं ऑफिस जाने के लिए।


फ्लेयर्ड जींस को कैरी करना इतना आसान नहीं है। इनकी प्रॉपर फिटिंग के लिए आपको इन के साथ हमेशा हील्स पहननी पड़ेंगी। हील्स के कारण बढ़ी हुई हाइट से डेनिम का यह ट्रेंड आपको सुपर स्लिम और बेहद स्टाइलिश लुक देगा। अगर आप फैसला नहीं कर पा रही हैं कि फ्लेयर्ड जींस के साथ आपको कैसे फुटवियर कैरी करने हैं (यानी आप पम्पस या हाई हील्स पसंद नहीं करती हैं) तो प्लेटफॉर्म शूज आपके लिए बैस्ट ऑप्शन हैं। फ्लेयर्ड जींस और प्लेटफॉर्म शूज का कॉम्बीनेशन मेड फॉर ईच अदर है। 


फ्लेयर्ड जींस रेट्रो लुक की याद दिलाती हैं। इसके साथ फिटेड टॉप, चंकी एक्सेसरीज और कलरफुल फुटवियर्स ट्राई कर सकती हैं। प्रिंटिड बैकलैस टॉप को लाइट किमोनो के साथ कवरअप करें। ये आपको परफेक्ट लुक देंगे। यह बोहेमियन लुक का स्टाइल स्टेटमेंट है।



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बच्चों का कमरा सजाने से पहले जाने उसके बारे में...

बच्चे के कमरे की आती है तो हम लोग ढील बरत देते हैं, लेकिन बच्चे के कमरे पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है, जितना बाकी घर पर। कमरे की सजावट करते समय छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है क्योंकि यहीं वह जगह है, जहां से उसके सपनों को नई उड़ान मिलती है। वह अपने कमरे से ही शैतानियों के साथ-साथ नए-नए कामों की प्लानिंग करता है। यहीं से उसकी अलग पर्सनैलिटी विकसित होनी शुरू होती है।


क्लरफुल दीवारें:- बच्चे के कमरे की दीवारें खूबसूरत रंगों से सजी होनी चाहिए। कोशिश करें कि दीवारों पर पेंट उसी रंग का हो जो बच्चे का फेवरेट हो। दीवारों को पर बच्चे की मनपसंद कविता या कार्टून करैक्टर बनाना भी कमरे की रौनक को और बढ़ाएगा लेकिन साज सजावट में इस बात को कतई न भूले कि उसमें उसके आराम और सुविधाओं का भी पूरा ख्याल हो।


दीवारों पर वॉशऐबल पेंट या डिजाइनर वॉलपेपर का इस्तेमाल करें क्योंकि बच्चे अक्सनर दीवारों पर अपनी चित्रकारी का हुनर दिखाते हैं। अगर बच्चा छोटा हैं तो वह अपनी स्कूल टीचर के नक्शे कदमों पर दीवारों पर अल्फाबेट बनाएगा लेकिन बच्चों को ऐसा करने से रोके नहीं उन्हें नए-नए क्रेटिव काम करने दें क्योंकि अगर हम बार बार उन्हें कुछ भी करने से रोकेंगे तो वह कभी भी आत्म निर्भर नहीं हो पाएंगे।


कैसी हो कलर स्कीम:-  बच्चे को खुश और उनमें भरपूर एनर्जी बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ बच्चों के कमरे में आकर्षक रंगों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। लड़कियों के लिए गुलाबी और लड़कों के लिए नीला रंग के दायरे से बाहर निकलकर कमरे में अपने बच्चे की पसंद के अनुरूप न्यॉन कलर्स, पैरेट, गुलाबी, चॉकलेटी, लाल या नीला जैसे रंगों से सजाएं। 


बच्चों को ज्यादातर कार्टून करेक्टरों में रूचि होती है इसलिए आप बार्बी, डोरेमॉन, छोटा भीम, टॉम एंड जैरी या अन्य फेवरेट कैरेक्टर के प्रिंट वाले कुशन्स, बेड कवर और कर्टन से कमरे को खूबसूरत और कलरफुल लुक दे सकते हैं। कमरे में आप उनके मन पसंद खिलौनों से भी सजा सकते हैं।


बनाएं मल्टी फंक्शनल:-  बच्चे के कमरे को ज्यादा क्लरफूल बनाने के लिए आप उसके पढ़ने, खेलने, क्राफ्ट, पेंटिंग जैसी चीजों के लिए अलग-अलग जोन बनाएं, जहां वह आराम से ये सभी चीजें कर सके। अगर बच्चा छोटा हैं तो उसके कमरे में आप नंबर या अल्फाबेट के डिजाइन वाली दरी बिछा सकती हैं या किसी दीवार पर गिनती या अल्फाबेट वाले पैटर्न लटका सकती हैं। ऐसे करके खेलना-कूदना और पढ़ना साथ-साथ चलेगी और वह पढ़ाई को सिरदर्द समझ कर नहीं बल्कि एन्जॉय करेगे। बच्चों को प्जल गेम और दिमागी गेम की तरफ रूझाएं जिससे उनकामाइंड शार्प बनेगा। 


स्टोरेज हो पर्याप्त:- कमरे में स्टोरेज की पूरी सुविधा होनी चाहिए क्योंकि बच्चा चाहे किसी भी उम्र का हो, उसके पास ढेर सारा सामान होता है। उसके पास किताबें, कपड़े, स्टेशनरी और खिलौनों का पिटारा होता है। बॉक्स बेड की जगह ऐसा बेड चुनें, जिसके साथ हेड बोर्ड शेल्फ और अंडर बेड ड्रॉअर जुड़े हों। इसके अलावा आप फोल्डेबल स्टोरेज बीन, दीवारों और दरवाजों पर हुक्स, खूबसूरत टोकरियों और शेल्फ का इस्तेमाल करके स्टोरेज स्पेस बनाई जा सकती है।


बढ़ती उम्र की जरूरतें:- बच्चे पलक झपकते ही बड़े होते दिखाई देते हैं। बच्चे के कमरे की सजावट इस प्रकार करें कि उसमें उम्र के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप आसानी से बदलाव किए जा सकें। छोटे बच्चों को आर्ट और क्राफ्ट के लिए प्ले टेबल की जरूरत होती है, तो स्कूल जाने वाले बच्चों को स्टडी टेबल की। बच्चे के कमरे के लिए फर्नीचर भी ऐसा चुनें, जिसे जरूरत के अनुसार, आसानी से बदला जा सके।

 




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त्वचा की रंगत को बढ़ाते है ये फूड

ये क्रीम लगाओ गोरी त्वचा पाओ। इस फेसवाश के इस्तेमाल से आप पाएंगी निखरी त्वचा। ऐसे तो आपने बहुत से एड देखें होंगे जो खूबसूरत त्वचा होने का दावा करते हैं। लेकिन एक समय के बाद इसके साइड इफेक्ट भी जल्द दिखने लग जाते हैं। ऐसे में ऐसा क्या करें कि आपकी त्वचा भी ग्लोइंग रहे और आपको इन क्रीम की भी ज्यादा जरूरत न पड़े। डाइट में शामिल करें ये फूड। ये फूड आपकी त्वचा को हेल्दी बनाने में आपकी मदद करेगा-

 

गाजर:- गाजर में विटामिन ए होता है और त्वचा के टिश्यू को रिपेयर करने और संतुलित करने के लिए विटामिन ए की आवश्यकता पड़ती है। इससे त्वचार में रूखापन भी नहीं रहता।


स्ट्राबेरी:- स्ट्राबेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। इससे सूरज की रोशनी में त्वचा खराब नहीं होती. स्ट्रोबेरी में मौजूद विटामिन ई से त्वचाा के सेल्स नष्ट होने से बचते हैं।


अंडा:- अंडे में बायोटीन की अच्छी मात्रा होती है। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन बी त्वचा के साथ-साथ नाखून और बालों के लिए भी अच्छा है। अंडे में मौजूद सेलेनियम बढ़ती उम्र में त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करता है।


बादाम:- बादाम में उच्च मात्रा में फैटी एसिड और विटामिन ई पाया जाता है जो कि त्वचा को सूरज की रोशनी में खराब होने से बचाता है।


मछली:- मछली में एंटी इन्फ्लैमेटरी ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। साथ ही सीफूड ओएस्टर्स और क्रैब्स में भारी मात्रा में जिंक पाया जाता है. ये सभी पदार्थ त्वचा को हेल्दी बनाते हैं।







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बाॅडी को फिट बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स...

अच्छी सेहत होना किसी खजाने से कम नहीं, अगर आप अच्छी सेहत की बेताज बादशाह हैं तो आधी से ज्यादा दिक्कतें तो यूं ही खत्म हो जाती है। लेकिन अच्छी सेहत पाना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन कुछ लोग सेहत बनाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं और जो उनके ऊपर बुरा असर भी डालता है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही बातें जो आपको सेहतमंद बनाने के साथ-साथ आपको स्ट्रॉन्ग मसल्स बनाने में भी मदद करेगी...


कैलोरी की मात्रा:- मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले अपनी कैलोरी की मात्रा को बढ़ाएं क्योंकि जब आप कसरत करेंगे तो उसके लिए आपको कैलोरी की जरुरत पड़ेगी। ध्यान रहे कि आपको जितनी कैलोरी की जरुरत है उससे ज्यादा कैलोरी ना खाएं और किसी अच्छे स्वास्थ्य सलाहकार से बात करें।


कंपाउंड एक्सर्साइज:- इस एक्सर्साइज में एक से अधिक मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है। कंपाउंड एक्सर्साइज सबसे बढ़िया एक्सर्साइज है मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए। इसमें मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन और तारों का उपयोग होता है।


मॉर्निंग एक्सर्साइज:- सुबह एक्सर्साइज करने के बहुत फायदे होते हैं। जब आप सुबह खली पेट कसरत करते हैं तो यह आपकी मांसपेशियों ज्यादा मजबूत बनाती हैं।


डाइजेस्ट्वि एन्जाइम:- जब आपको अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो तो, आपको वैसा ही भोजन भी खाना होगा जो आपके शरीर को ताकत दे। क्यों कि आप एक्सर्साइज कर रहे हैं इसलिए आपको ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें ज्यादा पोषक तत्व मजूद हों।


ज्यादा पानी पियें:- खूब पानी पिएं। अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दें। काम से काम दिन में 10-20 गिलास पानी पियें।


पालथी मार कर बैठना:- पालथी मार कर बैठना मांसपेशियों को मजबूत बनाने में बहुत सहायक है, लेकिन अगर आप गलत तरीके से बैठे तो आपके घुटनों में समस्याएं हो सकती हैं।


डेडलिफ्ट्स करें:- डेडलिफ्ट्स मांसपेशियों को मजबूती देने में मदद करती हैं, इसमें रोज वजन उठाया जाता है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने में वजन उठाना बहुत जरुरी है।


प्रोटीन:- मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। जिम जाने वाले लोगों को मांसपेशियों की काफी कसरत करनी पड़ती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए प्रोटीन अधिक लेना चाहिए। अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि का सेवन करें। सप्लीमेंट आदि से अच्छा है कि प्राकृतिक स्रोतों का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। इसके साथ ही नारियल का पानी भी फायदेमंद।


व्यायाम के बाद खाना:- कार्बोहाईड्रेट और प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती के लिए अच्छे होते हैं। कार्बोहाईड्रेट अमीनो एसिड बनता है जिसे इंसुलिन बनता है और इसे मांसपेशियों को ताकत मिलती है।


नींद:- आपके शरीर को कम से कम आठ घंटे की नींद की जरुरत है, जिसे आप दूसरे दिन के उसी जोश के साथ व्यायाम कर सके।


फैट:- आहार में जरूर लें फैट हमारे लिए बहुत जरुरी है इसमें आप नट्स और फिश खा सकते हैं जो आपको शक्ति देगीं।


कार्डियो:- कार्डियो को भी अपने व्यायाम में शामिल करें इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।



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अपनी बॉडी के लिहाज से चुनें स्कर्ट

क्विक और ईजी स्कर्ट्स वर्सटाइल होने के साथ ही एक गॉर्जियस लुक भी देती हैं। अक्सर स्कर्ट खरीदते समय बॉडी शेप का ध्यान नहीं रखा जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कौन से बॉडी टाइप पर कैसी स्कर्ट सूट करेगी।


पियर शेप बॉडी वालों को हिप्स पर बिलकुल फोकस नहीं करना है। इसलिए आपके लिए ए-लाईन स्कर्ट्स ठीक हैं या फिर फ्लेयर वाले स्कर्ट्स भी अच्छे लगेंगे। फिटेड स्कर्ट्स अवॉयड करें। अगर आप ज्यादा लम्बे नहीं हैं, तो लंबी स्कर्ट्स भी अवॉयड करें। पेयर शेप में कम हाईट वालों को मिड-लेंथ स्कर्ट्स पहनने चाहिए। इससे हाईट लम्बी दिखाई देती है। बोल्ड प्रिंट्स और कलर्स अवॉयड करें। डार्क और प्लेन स्कर्ट के साथ बोल्ड कलर में प्रिंटेड टॉप पहने।


अगर फिगर अच्छा है तो बिलकुल फ्लॉन्ट करें। आप पर लगभग हर स्टाइल सूट करेगा। लॉन्ग स्कर्ट, शॉर्ट स्कर्ट, सभी तरह के प्रिंट्स और टाइप्स में। अगर मिडरिफ के आस-पास प्रॉब्लम एरिया है या लव हैंडल्स हैं तो मोटे फैब्रिक में हाई-वेस्ट वाले स्कर्ट चुनें।


थोड़े से लूज स्कर्ट्स पहनें और अगर कर्वी बॉडी न हो तो फिटेड स्कर्ट पूरी तरह से अवॉयड करें। अपनी हिप लाईन को बेल्ट या जड़ाऊ स्टोन्स के साथ एक्सेंचुएट करें। इससे बॉडी में कर्व्स होने का आभास होता है। वेस्ट पर यदि घेर हों या फिर फैब्रिक थोड़ा मोटा हो तो बहुत अच्छा है। ये दोनों ही चीजें बॉडी में वॉल्यूम भी एड करते हैं।


अगर आपके पैर टोंड हैं, तो फिटेड शॉर्ट स्कर्ट्स फ्लॉन्ट करें। वरना मिड-काफ लेंथ चुने जिसकी वेस्ट पर घेर हों।






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रातभर में छूमंतर हो जाएगा पिंपल, सोने से पहले लगा लें ये पैच

ऐक्ने और पिंपल का ट्रीटमेंट इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी समस्या कितनी गहरी और सीरियस है। ऐक्ने और पिंपल से बचने में त्वचा की सेहत और पूरी देखभाल मायने रखती है। लेकिन ऐक्ने की समान्य समस्या के लिए आप कुछ ऐसे ट्रीटमेंट का उपयोग कर सकती हैं, जो आपके घर के पास किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाते हैं।


ऐक्ने और पिंपल पैच


चेहरे पर ऐक्ने या कोई पिंपल अचानक से उग आया है तो आप इनका खात्मा सिर्फ एक रात में कर सकती हैं। इसके लिए आप ऐक्ने और पिंपल पैच का उपयोग कर सकती हैं। ये पैच आपको मेडिकल स्टोर पर मिल जाएगा। रात को चेहरा साफ करने और मॉइश्चराइजर लगाने के बाद इस पैच को चेहरे पर लगा लें और सुबह उठकर हटा दें। इसे हटाने के बाद स्किन को बहुत आराम से साफ करें और क्लीनिंग के बाद रोज की तरह अपनी त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगा लें।


इन स्थिति में भी लगा सकती हैं पैचेज


आपका पिंपल बहुत मोटा, लाल, दर्द और खुजली देने वाली स्थिति में है। तब भी आप ऐक्ने पैच का उपयोग कर सकती हैं। इस स्थिति में आपका पिंपल ठीक होने में एक रात से अधिक का समय ले सकता है। लेकिन इतना श्योर है कि इस पैच को लगाने के बाद आपका पिंपल सामान्य रूप से ठीक होने की तुलना में कहीं जल्दी ठीक हो जाएगा।


पस पड़ने की स्थिति में


यदि आपका पिंपल पूरी तरह पक चुका है और आप चाहती हैं कि ये आपको और अधि दर्द दिए बिना ही ठीक हो जाए। साथ ही इसका निशान भी ज्यादा गहरा ना बने। तब भी आप ऐक्ने और पिंपल पैच का उपयोग कर सकती हैं। या ब्लिस्टर बैंडेज से भी इसे ठीक कर सकती हैं। यह आपके पिंपल का पूरा पस खींचकर इसे जल्दी सुखा देगा। कई बार तो आपको पिंपल का निशान देखने को भी नहीं मिलता और स्किन एक रात में ही पूरी तरह ठीक हो जाती है। इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें मेकअप के ऊपर उपयोग ना करें।


इन ट्रीटमेंट्स का उपयोग कर सकती हैं आप


-सैलीसिलिक ऐसिड

-बेंज़ोइल पेरोक्साइड

-अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड

-टी-ट्री ऑइल


आप बेफिक्र होकर इन ट्रीटमेंट्स का उपयोग कर सकती हैं। लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखें कि इनका उपयोग आपको रात के समय करना है। साथ ही अगले दिन सुबह सनस्क्रीन जरूर लगाना है। क्योंकि इन प्रॉडक्ट्स के उपयोग के बाद आपकी त्वचा एक्सट्रा सेंसेटिव हो जाती है।





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इन ट्रिक्स को रोज अपनाएं और बनें खूबसूरत

हर किसी लड़की को खूबसूरत दिखना अच्छां लगता है। इसके लिए वो ना जानें कितनी ट्रिक्सा को अपनाती है लेकिन कई बार उसे असफलता ही हाथ लगती है। ये पांच ट्रिक्स् अपनाकर दिखें और खूबसूरत...


हो सकता है आप अपना कंसीलर डॉट्स बनाकर यूज करते हैं लेकिन सबसे अच्छा तरीका है कि आप आंखों के नीचे एक ट्राइएंगल फॉर्म कर लें। इसे अपनी लैशलाईन के ठीक नीचे लगाएं। अब साफ फिंगर से या मेकअप ब्रश से इसे ब्लेंड कर लें। ऐसा करने से आपके चेहरे को एक लिफ्टेड लुक मिलेगा। शियर या लाईट आइशैडो आपकी आंखों में ज्यादा कलरफुल नजर आते हैं। एक वाईट आइलाइनर पेंसिल लें और अपनी लिड पर लगाएं। आपके चेहरे पर ये कलर अलग से ही नजर आएगा और बहुत खूबसूरत भी लगेगा।


सुपर ईजी स्मोकी आंखों के लिए आय पेंसिल से आंखों के बाहरी कॉर्नर पर एक पाउंड सिंबल बनाएं। अब एक स्मजिंग टूल से इसे दूसरे एंड पर ब्लेंड करें। अपने लिपस्टिक के ही शेड का लिप लाइनर लें और क्युपिड्स बो पर एक्स का निशान बना लें। अब नॉर्मल तरह से अपनी लिपस्टिक लगाएं। ये परफेक्ट पाउट पाने का सबसे आसान तरीका है। मस्कारा कोट लगाने से पहले ट्रांसलूसेंट प्रेस पाउडर पलकों पर लगाएं। ऐसा करने से मस्कारा अच्छे से चिपक जाएगा।




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खूबसूरत त्वचा के लिए खास आयुर्वेदिक टिप्स

आजकल अधिकांश लोग खुद को खूबसूरत बनाने के लिए ढेरों कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कई बार उन्हें इन प्रोडक्ट के रिएक्शन भी झेलने पड़ते हैं। साथ ही, त्वचा पर कई दूरगामी नकारात्मक प्रभाव भी पड़ते हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें अब अपनी जड़ों तक जाना होगा, यानी सदियों से चला आ रहा परंपरागत आयुर्वेदिक ज्ञान अपनाना होगा। आज हम कुछ चुनिंदा आयुर्वेदिक नुस्खों का जिक्र करेंगे, जिनका उपयोग करके सालों से महिलाएं अपना सौंदर्य निखारती आई हैं।


ग्लोइंग स्किन के लिए खीरा

खीरा एक ऐसी गुणकारी चीज है, जिसका सेवन सप्ताह में एक बार जरूर करना चाहिए। साथ ही, खीरा स्किन के लिए भी बहुत लाभदायक माना जाता है। इसे खाने से शरीर की गर्मी छंट जाती है। स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए चेहरे पर खीरे का जूस बनाकर या खीरे का पेस्ट बनाकर लगाएं।


आलू भगाए चेहरे से दाग-धब्बे

आलू सिर्फ खाने के लिए नहीं, त्वचा पर लगाने के भी काम आता है। यदि आपके चेहरे पर काले धब्बे हैं तो आलू की स्लाइस लेकर हल्के-हल्के से मसाज करें। आलू का जूस चेहरे पर लगाएं। रोज इसे चेहरे पर लगाने से चेहरा निखर जाता है।


जुबान ही नहीं त्वचा को भी भाए नारियल पानी

नारियल पानी बहुत ही गुणकारी होता है। इसीलिए रोजाना नारियल पानी पीने से चेहरा चमकने लगता है। नारियल पानी से चेहरा धोने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। नारियल का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से रंग निखरने लगता है। आयुर्वेद का ये असरदार नुस्खा आप जरूर आजमाएं।


टमाटर चमकाए चेहरा

टमाटर सिर्फ आपकी सब्जी का ही स्वाद नहीं बढ़ाते बल्कि आपकी त्वचा को भी एक नया रंग देते हैं। दो चम्मच टमाटर का रस और आधा चम्मच शहद मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट के बाद धो लें। चेहरा कांतिवान दिखेगा। साथ ही, आपके चेहरे से दाग-धब्बे भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे। ऑयली स्किन वालों के लिए ये बहुत खास आयुर्वेदिक नुस्खा है।


त्वचा के लिए शहद का नुस्खा

कई इलाकों में पारंपरिक हर्बल वैद्य शहद के साथ फेस पैक तैयार करते हैं। इन जानकारों के अनुसार, बेसन, शहद, जैतून, दूध मलाई को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इस मिश्रण में 3 चम्मच बेसन, शहद, दूध मलाई और जैतून के तेल का 1-1 चम्मच मिलाएं। चेहरे पर लगाएं और करीब 20 मिनट बाद इसे साफ पानी से धो लें।


पके केले से त्वचा पर निखार

केला त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। पके हुए केले को अच्छी तरह से मैश कर लें। उसे चेहरे पर फेस पैक की तरह लगाएं। करीब 15 मिनट बाद इसे धो लें। चेहरा धुल जाने के बाद रक्त चंदन का लेप करें। माना जाता है कि ऐसा करने से चेहरे की त्वचा में जबरदस्त निखार आता है।


नींबू से त्वचा की अंदरूनी सफाई

नींबू स्किन के लिए एक चमत्कारी दवा की तरह काम करता हैं। रंग निखारने के लिए नींबू का रस चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद चेहरा धो लें। नींबू के रस में टमाटर का रस मिलाकर लगाने से भी त्वचा की सफाई हो जाती है और रंग गोरा होने लगता है।



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शादी के सीजन में सिल्क साड़ी और टेम्पल ज्यूलरी से पाएं आकर्षक लुक

अगर आप यह तय नहीं कर पा रही हैं कि शादी के दिन आप क्या पहनें तो फिर आप लाइटवेट लहंगे के साथ सफेद हीरे जड़ा चोकर पहन सकती हैं और अगर आप सिल्क साड़ी पहन रही हैं तो फिर सोने की टेम्पल ज्यूलरी (देवी-देवताओं की आकृति वाले आभूषण) पहन सकती हैं। 'द्वारकादास चंदुमल ज्यूलर्स' के निदेशक राजेश तुलसियानी और 'प्राक्षी फाइन ज्यूलरी' की क्रिएटिव हेड प्राक्षी शर्मा ने इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं : 


-चोकर्स आजकल बेहद चलन में हैं, जो लहंगा चोली हो या पारंपरिक साड़ी हर तरह के पारंपरिक परिधानों पर जंचते हैं। सफेद हीरों से जड़ा सुंदर चोकर या रूबी या नीलम जड़ा दो-तीन लड़ी वाला चोकर आपके लाइटवेट-लंहगे के साथ आपको बेहद खूबसूरत लुक देगा। 


-आप चाहें तो अनकट पोल्की और मोती वाली चांदबाली पहन सकती हैं, ये हर किसी पर अच्छे लगते हैं और पारंपरिक परिधानों, चाहे पलाजो सूट हो या अनारकली सूट हो इनके साथ पहनने से आपकी खूबसूरती में और चार-चांद लग जाएंगे।


-सफेद हीरे जड़े व्हाइट गोल्ड या प्लेटिनम के टेनिस ब्रेसलेट वेस्टर्न गाउन के साथ पहनने पर आपको बेहद आकर्षक लुक देंगे। पीले सोने या व्हाइट गोल्ड में रंग-बिरंगे रत्न जड़े कंगन या ब्रेसलेट शादी के मौके पर पारंपरिक परिधानों के साथ पहनने पर बेहद अच्छे लगेंगे। सोने के महीन तार के काम वाले ब्रेसलेट या कंगन भी इस अवसर पर पहने जा सकते हैं। 


-टेम्पल ज्यूलरी में देवी-देवताओं की खूबसूरत आकृतियां बनी होती है। इस तरह के आभूषण जैसे माथा पट्टी, कमर बंद और कानफूल बेहद लोकप्रिय है और भारत के हर हिस्से में दुल्हनों द्वारा पसंद किए जाते हैं।


पारंपरिक सिल्क साड़ी के साथ पीले सोने से बनी टेम्पल ज्यूलरी पहनें। ये आपको शाही लुक देगा। 


-हीरे के साथ मोती लगे आभूषण दुल्हन को एक अलग ही आकर्षक, खूबसूरत लुक देते हैं। मोती का ज्यूलरी सेट चुनें या फिर हीरे, सोने के आभूषण के साथ या अन्य रत्नों के साथ मोती के काम वाले आभूषण पहनें। 


-किसी भी तरह के ब्राइडल परिधान के साथ हीरे के आभूषण अच्छे लगते हैं। हीरे के चोकर इस अवसर के लिए उपयुक्त हैं और आभूषण में ट्रेंडी लुक लाने के लिए आप चाहे तो रंगीन पत्थर जड़े आभूषण भी पहन सकती हैं।



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हाथों की खूबसूरती के अलावा बहुत सारी चीजों में काम आती है नेल पेंट

नाखूनों पर लगी नेल पेंट हाथों की सुंदरता तो बढ़ाती ही है लेकिन क्या आपको पता इसका इस्तेमाल आप हाथों के अलावा इस तरह भी कर सकते हैं। चलिए जानते इसके होने वाले अन्य इस्तेमाल।

 

1. त्वचा को एलर्जी से बचाएं

अगर आपको गहने पहनने से एलर्जी होती है तो अपने गहनों के अंदर की तरफ पारदर्शी नेलपॉलिश का इस्तेमाल करें जिससे स्किन पर एलर्जी या निशान नहीं पड़ेगा।


2. लिफाफा सील करें

लिफाफा चिपकाने के लिए नेलपॉलिश ग्लू का काम करती है। इससे लिफाफा ठीक से बंद हो जाएगा और खुलेगा भी नहीं।

 

3. स्मजप्रूफ स्टिकर

नेलपॉलिश को आप चाभियों के गुच्छे में भी लेबल कर सकते हैं। ऐसे में चाभी के गुच्छे में चाभी ढूंढने पर परेशानी नहीं होगी।

 

4. जंग से बचाए

दरवाजे और खिड़की को जंग से बचाने के लिए नेलपॉलिश का इस्तेमाल करें फिर इसमें सालों तक जंग लगने की समस्या नहीं होगी।

 

5. आसानी से पिरोएं धागा

अगर आप सूई में धागा नहीं पिरोह पाते तो नेलपॉलिश का इस्तेमाल करें। धागा पिरोने के लिए धागे के सिरे पर नेल पॉलिश लगाकर सूखा ले। फिर धागे को सुई में पिरोए। 






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मॉडर्न लुक वाले ये घर आपका मन मोह लेंगे

चार दीवारी और छत कर देने से कोई मकान घर नहीं बन जाता। वह घर तभी बनता है, जब हम उसके अंदर अपने अरमानों के रंग भर देते हैं। याद रहें केवल रंगीन दीवारों से ही घर नहीं खिलता बल्कि उसमें रखें साजो-सामान से उसकी खूबसूरती निखरती है। साज-सजावट से भरा-पुरा घर हमारी जिंदगी में खुशियां भर देता है।  पहले लोग घरों को ज्यादातर पारंपरिक वस्तुओं से सजाते थे लेकिन फैशन के बदलते दौर ने हर चीज को बदल दिया है और घरों को भी मॉडर्न लुक दे दी है। हर कोई चाहता है कि उसका आशियाना वैसा ही हो, जैसा वह अपने सपनों में सोचता हैं। अगर आप भी अपने घर को संवारने जा रहे हैं तो ये टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। 


वॉलपेपर दीवार: वॉलपेपर दीवारों में नई जान तो डालता ही हैं, साथ ही में उन्हें ट्रैंडी लुक भी देता है। आजकल लोग ऐसी दीवारों को ज्यादा पसंद करते हैं। एनिमल प्रिंटेड, वुड लुकिंग, वैल्वेट फ्लोक्ड, ब्रिक्स एंड स्टोन वौलपेपर ट्रैंड में हैं। वॉलपेपर लगाने का एक फायदा यह भी है कि इससे दीवारों में पेंट करवाने की जरूरत नहीं पड़ती और इसे आसानी से साफ भी किया जा सकता है। बस ध्यान रहें कि वॉलपेपर ऐसा लगाएं जो कमरों के फर्नीचर के रंग से मैच करें। 


फ्लोरिंग लुक: फ्लोरिंग घर की पूरी लुक को बदल कर रख देती है। आजकल लैमिनेटिड वुड फ्लोरिंग ट्रैंड में है। एक तो इसे साफ करना बड़ा आसान है, दूसरा इस  पर स्कै्रच भी नहीं पड़ते।  इसके अलावा मार्केट में मार्बल व टाइल्स फ्लोरिंग भी आकर्षक रंगों में उपलब्ध हैं। ऐक्रेलिक कारपेट, ऐंब्रौयडरी व स्टोन वर्क वाले कारपेट से भी फर्श को सजाया जा सकता है।  


लग्जरी लुक: घर में साजों-सजावट वाले सामान होना भी बहुत जरूरी हैं तभी उसे लग्जरी लुक मिलेगा। लग्जरी लुक देने के लिए हैंगिंग पेंडैंट, शैंडलेयर वौल लैंटर्न व वौल लाइट्स लगाएं, जिन्हें आमतौर पर ड्राइंगरूम में लगाया जाता है। ऐसेंट लाइटस किसी खास जगह को हाईलाइट करने के लिए लगाई जाती है। यह लिविंगरूम के लिए अच्छा ऑप्शन होती है। आजकल कलर कौंबिनेशन कराना ट्रैंड में है, जैसे डार्क रेड के साथ वाइट या ब्राउन कलर के साथ वाइट का पेंट बहुत आकर्षक लगता है। कौंबिनेशन कलर में 2 दीवारें गहरे रंग की तो 2 दीवारें हल्के रंग की करानी चाहिए।


फर्नीचर: फर्नीचर का डिजाइन परंपरागत हो या मॉडर्न, बस लुभावना होना चाहिए। सोफा सेट भी आकर्षक हो। अगर घर छोटा हैं तो कोशिश करें कि सोफा ज्यादा जगह घेरने वाला न हो क्योंकि इससे घर तंग लगेगा। इन दिनों बाजार में सोफा कवर के लिए फ्लोरल फैब्रिक का अधिक चलन है। यह घर को मॉडर्न लुक देता है। आप साधारण सोफा सैट को कलरफुल कुशंस से सजाकर नई लुक भी दे सकती हैं। जगह बचाने के लिए आप जापानी स्टाइल के फर्नीचर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। मॉडर्न और ओल्ड वर्जन का फ्यूजन करने में संकोच न करें। इसके लिए पुराने जमाने के टैलीफोन या ग्रामोफोन को भी सजावट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। आजकल लोग टी.वी से ज्यादा एल.ई.डी. को प्रैफर कर रहे हैं। इसे ड्राइंग रूम की दीवार पर आसानी से फिट किया जा सकता है।


घर की सजावट: पर्दों के लिए सिल्क, स्ट्राइप्ड, वर्टीकल स्ट्राइप वाले फैब्रिक का प्रयोग करना बेहतर है। ध्यान रहे पर्दों का रंग दीवारों और फर्नीचर से मेल खाता हो नहीं तो कमरा अजीब सा दिखेगा। घर को स्टाइलिश लुक देने के लिए अपने बजट के अनुसार, हल्की-फुल्की एक्सैसरीज खरीदें जैसे ग्लास पीसेज, फ्लावर पॉट आदि। अगर ड्राइंग रूम बड़ा हो तो चारों कोनों में नहीं तो दो कोनों में  हैंगिंग लैंप लगवाएं। दो खिड़कियों के बीच लंबा गैप हो तो वहां लंबी तस्वीरों की जगह चैड़ी तस्वीरों का प्रयोग करें। ऐसा करने से कमरा खाली-खाली नहीं लगेगा। कलर्ड ग्लासेज और स्टोन्स का प्रयोग कमरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। फूलदान एक कमरे में एक से ज्यादा न हों, यदि रखने हों तो सबसे पहले सबसे छोटा और सबसे आखिर में बड़ा रखें। ग्लास  हैंगिंग लाइट्स या फ्लोर स्टैंडिंग, स्टैंडर्ड लैम्प जैसी डैकोरेटिव लाइट्स के प्रयोग से कमरे की शोभा बढ़ जाती है।  कमरे को बड़ा लुक देने के लिए छोटे पैटर्न व डिजाइन वाले कालीन का प्रयोग करें।





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अपने छोटे घर को सजाने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्स

छोटे घरों के लिए ढेर सारे डेकोरेटिंग आइडियाज और स्पेस-सेविंग सॉल्यूशन मिलेंगे। हालांकि मिरर एड करने जैसे टिप्स या लाईट शेड यूज करने वाले टिप्स किसी भी कमरे को अच्छा खासा बड़ा दिखा सकते हैं। अपने घर को बेहतर बनाने के लिए प्रैक्टिकल सॉल्यूशन का होना जरूरी है। यहां हमने कुछ आइडिया शेयर किए हैं जिससे आपके छोटे घर को बेस्ट ले-आउट मिल सकता है और क्लटर फ्री भी बना रह सकता है।


हो सकता है आपका कमरा ओवरक्राउडेड दिखाई दे अगर आप फर्नीचर को ठीक तरह से सेट नहीं करें तो। नया ले-आउट प्लान करें। अपने कमरे के फर्नीचर के बड़े पीसेस को दीवार से सटा कर रखें। ऐसा करने से सेंट्रल एरिया चलने-फिरने के लिए स्पेशियस बना रहेगा। इस तरह आप आसानी से कमरे को साफ भी कर पाएंगे। अपनी चीजों को ऑर्गनाइज करने के लिए क्यूब शेल्फ बनवाएं। इन्हें आप रूम के किसी कॉर्नर पर स्टैक भी कर सकते हैं। हो सके तो अपने घर में मोबाइल स्टोरेज आयटम रखें जिससे कि इन्हें इधर-उधर शिफ्ट करने में आसानी हो।


कन्वर्टिबल फर्नीचर छोटी जगह के लिए आदर्श होता है। इसमें आराम भी किसी कीमत पर कम नहीं मिलता और स्पेस को भी मैक्जिमाइज किया जा सकता है। फोल्डिंग सोफे और बेड लाएं या किचन में फोल्डिंग टेबल इस्तेमाल करें। घर में मौजूद हर आइटम बेहद खास होना चाहिए। घर की स्पेस को जितना सिम्प्लीफाई करेंगे तो वो काम की चीजें बढ़ा पाएंगे जिनकी आपको वाकई जरूरत पड़ेगी। अगर आप अपना रूम डेकोरेट करना चाहते हैं और घर में जगह कम है तो अपने फेवरेट बुक्स और एक्सेसरीज को डेकोर की तरह यूज करें। रेग्युलर डीक्लटरिंग से घर बहुत स्पेशियस और एफिशिएंट दिखाई देगा।






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आंखों पर ना चढ़ाएं फैशन का चश्मा

आंखों की रोशनी धूमिल होने या किसी अन्य प्रकार की समस्या होने पर विशेषज्ञ चश्मा या लेंस लगाने की सलाह देते हैं। कई लोगों को तेज धूप की वजह से भी आंखों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं, ऐसे में अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लासेस लगाने की जरूरत होती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग फैशन में भी यह फिर आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी तरह-तरह के लेंसेस या फिर कोई भी सनग्लास आंखों पर लगा लेते हैं। इससे फैशनेबल दिखने का उद्देश्य तो पूरा हो जाता है लेकिन आंखों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।


डेकोरेटिव लेंसेस होते हैं खतरनाक...


आंखों के कलर को बदलने के लिए कॉस्मैटिक उद्देश्य से लगाए जाने वाले लेंसेस आंखों के लिए नुकसादायक होते हैं। इन्हें नियमित रूप से लगाने से आंखें स्थाई रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।


इन्फेक्शन: कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से सबसे सामान्य प्रकार का इन्फेक्शन कैराटिटिस कहलाता है। लेंसेस को बिना साफ किए लगातार लगाए रहने से भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। किसी और का कॉन्टैक्ट लेंस लगाने या किसी और को अपना कॉन्टैक्ट लेंस लगाने देने से आई इन्फेक्शन की समस्या को बढ़ावा मिलता है। कॉर्नियल इन्फेक्शन वायरल, बैक्टीरियल या पैरासिटिक हो सकता है। स्वीमिंग करने के दौरान कलर्ड कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से या उसे धोने से भी आंखों का इन्फेक्शन हो सकता है।


ये होते हैं लक्षण: आंखों के इन्फेक्शन के प्रमुख लक्षणों में आंखों का लाल होना, लगातार आंसू बहना, धुंधलापन, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता। कैराटिटिस की परेशानी बढ़ने पर इन्फेक्शन की गंभीर समस्या हो सकती है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके लक्षणों के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।


कॉर्नियल अल्सर: यदि कॉर्नियल इन्फेक्शन को बिना इलाज के छोड़ दिया जाए तो अल्सर की समस्या हो सकती है, जो कि कॉर्निया में अत्यधिक सूजन पैदा कर सकता है।


खो जाती है आंखों की रोशनी: कलरफुल कॉन्टैक्ट लेंसेस के कारण आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है या अंधापन भी हो सकता है। कॉर्नियल अल्सर के कारण होने वाली क्षति आंखों को स्थाई रूप से खराब कर सकती है। यदि इन्फेक्शन को बढ़ने के लिए छोड़ दिया जाए तो अल्सर के कारण आंखों के कई हिस्सों में छेद जैसे बन जाते हैं।


सस्ते चश्मे आंखों के दुश्मन...


गर्मी के दिनों में या फिर धूप की तेज किरणों से बचने के लिए सनग्लासेस लगाते हैं लेकिन उसकी क्वालिटी से समझौता कर लेते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले या खराब क्वालिटी वाले सनग्लासेस लगाने से आंखों से जुड़े कई सारे इन्फेक्शन और रिफ्रेक्टिव एरर हो जाती है। इस प्रकार के सनग्लासेस लगाने से आंखों में खुजली, पानी निकलना, धुंधलापन, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक लेंस वाले विभिन्न रिफ्रेक्टिव इंडेक्स वाले, असमान ग्लास कलर वाले सनग्लासेस जो सस्ते कीमतों पर उपलब्ध होते है, इन्हें लगातार पहने रहने से आंखों से जुड़ी कई सारी परेशानियां और मायोपिया की समस्या हो सकती है। इस प्रकार के चश्मे आमतौर पर ग्लास या फाइबर से बने होते हैं, खराब क्वालिटी के सनग्लासेस से रंगों को ना पहचान पाने की परेशानी पैदा हो सकती है।








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