कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे।


टिप्स नंबर-1

आपके पास है कौन-सा कनेक्शन

वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं।


टिप्स नंबर-2

स्टैंडर्ड कैसा हो?

जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं।


टिप्स नंबर-3

डुअल-बैंड

आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा।


टिप्स नंबर-4

यूएसबी पोर्ट्स 

यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं।


टिप्स नंबर-5

मल्टीपल एंटीना

राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।




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ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका खाता

अमेजन और फ्लिपकार्ट पर फेस्टिव सेल की शुरुआत हो गई है। दोनों वेबसाइट पर मोबाइल और टीवी से लेकर कपड़े और होम डेकोरेशन तक के सामान पर बंपर छूट मिल रही है। ऑनलाइन शॉपिंग कोई बुरी बात नहीं है लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में खतरा बहुत रहता है। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान फ्रॉड की घटनाएं बहुत होती हैं। ऐसे में अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग की करने का विचार कर रहे है, तो उससे पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें। आइए जानते हैं इनके बारे में...


ऑफिशियल वेबसाइट को दें प्राथमिकता

ई-कॉमर्स वेबसाइट के अलावा आप अपने प्रोडक्ट को उसकी निर्माता कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर भी खोजें। वहां उपलब्ध होने पर ही सामान को खरीदें। ऐसे में आपको बढ़िया सामान भी मिलेगा और पेमेंट भी सुरक्षित रहेगा।


फेक साइट से रहें सावधान

देश में 100 से भी ज्यादा ई-कॉमर्स वेबसाईट चल रही हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट से लोग अच्छी तरह परिचित हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो केवल लोगों को धोखा देने का काम करती हैं। कई बार यहां प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दिखा कर लोगों को लुभाया जाता है। ऑर्डर करने पर पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन सामान या तो नहीं पहुंचता या गलत सामान पहुंचता है । ऐसे में लोगों के पास पछताने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है।


कैश ऑन डिलीवरी सबसे सेफ 

किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है, कैश ऑन डिलीवरी। अगर किसी सामान को ऑर्डर करने के दौरान यह सुविधा मिलती है, तो आपको इसे ही चुनना चाहिए। इसमें पहले सामान आपके पास पहुंच जाता है, उसके बाद आपको कैश पेमेंट करना होता है। ऐसे में थोखाधड़ी का खतरा कम हो जाता है।


सेव डिटेल में 'नो' टिक करें

शॉपिंग के दौरान पेमेंट करते वक्त जब आप अपने एटीएम कार्ड की जानकारियां डालते हैं, तो आपको सेव कार्ड डिटेल्स का ऑप्शन मिलता है। कई बार उसमें पहले से ही ओके या यस पर टिक किया हुआ होता है। पेमेंट कंफर्म करने से पहले उस टिक को यस से हटा कर नो सेलेक्ट कर लें।


यह बात आप भी जानते हैं कि फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियां खुद सामान नहीं बेचती हैं। इन कंपनियों की साइट के जरिए अलग-अलग रिटेलर्स अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। ऐसे में आपको लिए जरूरी है कि किसी भी सामान को खरीदने से पहले उस सेलर की रिव्यू पढ़ें जो उस सामान को बेच रहा है। रिव्यू आपको साइट पर ही मिल जाएगा। इसके अलावा यदि आ अमेजन से सामान खरीद रहे हैं तो उसके साथ अमेजन फुलफिल्ड का लेबल मिलता है। ऐसे ही फ्लिपकार्ट पर भी लेबल लगा होता है। लेवल के साथ वाला ही प्रोडक्ट ही खरीदें।



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लैपटॉप को सुरक्षित रखने के छह टिप्स

आज मार्केट में एक से बढ़कर एक बेस्ट स्पेसिफिकेशन्स के साथ लैपटॉप आ रहे हैं। लैपटॉप लगभग प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, विशेषकर जब आप ऑफिस वर्क कर रहें हो, वर्क फ्रॉम होम कर रहें हो, मेट्रो या बस कहीं पर भी हो। आप लैपटॉप को आसानी से कैरी कर सकते हैं। चैबीसों घंटे जिस डिवाइस को आप साथ रखते हैं, उसकी देखभाल कितनी जरूरी है यह बात आसानी से समझी जा सकती हैं। इसकी बॉडी हार्ड होने के कारण अक्सर यूजर इसका यूज रफली करता है या फिर कहीं भी चार्जिंग पर लगाया और छोड़ दिया, लेकिन ऐसा करना आपके लैपटॉप की लाइफ को डेंजर में डाल सकता है और परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इन टिप्स से अपने लैपटॉप को सुरक्षित बनाएंः


नमी:- लैपटॉप की देखभाल में सबसे अहम इस बात का ध्यान रखना है कि उसमें नमी और गर्मी न जाने पाएं, इसलिए लैपटॉप को रखने की जगह ठंडी होनी चाहिए।


लैपटॉप लाॅक:- जब भी आप लैपटॉप को कैरी करें तो इसे लाॅक एंड की बैग में रखें, इससे इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। लैपटॉप को इस बैग में रखने के साथ ही ध्यान रखें की यह बैग आपके हाथ में ही रहें।


पब्लिक वाई-फाई:- जहां तक संभव हो पब्लिक वाई-फाई का यूज न करें क्योंकि पब्लिक डोमेन में हैकर्स आसानी से किसी के भी लैपटॉप में वायरस पहुंचाकर उसे हैक करके निजी जानकारियां हासिल कर सकते हैं।


डाटा बैकअप:- कभी सोचा है आपने कि लैपटॉप चोरी हो जाएं या उसकी हार्ड डिस्क क्रैश हो जाएं तो क्या होगा? आपका कितना नुकसान हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि लैपटॉप के सारे डाटा का बैकअप टाइम टू टाइम एक्सटर्नल हार्ड डिस्क हार्ड डिस्क में सेव रखें।


लैपटॉप कवर:- आपका कीमती लैपटॉप स्क्रैच प्रूफ रहे इसके लिए जरूरी है कि इसका कवर पैडेड हो क्योंकि नॉर्मल कवर इसे पूरी तरह स्क्रैच प्रूफ नहीं बना सकेगा।


कूलिंग पैड:- अगर लैपटॉप का प्रयोग लंबे समय के लिए या फिर 4 से 5 घंटे रोजाना कर रहे हैं तो कूलिंग पैड का इस्तेमाल करें।




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अब फ्री में सीखें यहां अंग्रेजी

आप अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको अंग्रेजी की जानकारी होना बहुत जरूरी है। तो चलिए आपको लिए चलते हैं अंग्रेजी सीखने वो भी किसी कोचिंग क्लास में नहीं बल्कि घर पर ही वो भी मुफ्त में ऑनलाइन। इसके लिए कुछ ऑनलाइन इंग्लिश लर्निंग वेबसाइट्स हैं...


परफेक्टी योर इंग्लिशः इस वेबसाइट से आप अंग्रेजी ग्रामर सीख सकते हैं। इससे आप इंटरेक्टिव ग्रामर, वॉकेबुलरी अभ्यास व अपनी अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का टेस्ट भी ले सकते हैं। इसके अलावा, यह अंग्रेजी शब्दकोष, अंग्रेजी का व्यावहारिक ज्ञान देने व उसे बोलनेध्लिखने का अभ्यास करने के लिए एक व्यापक निर्देशिका है। 


गाइड टू ग्रामर एंड राइटः सीसीसी फाउंडेशन द्वारा स्पान्सर यह वेबसाइट आपकी ग्रामर संबंधी समस्याओं, कम्पोजिशन और व्यावहारिक अंग्रेजी पर मददध्सलाह देती है। इसमें गाइड के इंटरैक्टिव क्विज, सर्च इंजन, ग्रामर लॉग्स आदि भी है। 


इंग्लिश प्रैक्टिसः यह वेबसाइट अंग्रेजी लाॅन्र्स हेतु बहुत सारे अर्काइव (लेखागार) लेसन्सु उपलब्ध करवाता है। इसमें आप अपनी आवश्यकतानुसार या इच्छानुसार कैटेगिरी चुनकर लैसन पढ़ सकते हैं। आप गूगल प्ले स्टोर से ऐप को डाउनलोड करे। इससे आप इंग्लिश ग्रामर, स्पेलिंग व सेंटेंस फॉर्मेशन सीख सकते हैं। इंगलिश क्लब से आप खेल खेल में अंग्रेजी सीख सकते हैं। इसपर अनेक सारी लार्निंग गेम्स व वीडियोज उपलब्ध हैं।





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फेसबुक नोटिफिकेशन्स को बंद करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर आप फोटो, वीडियो, चैटिंग या देश-दुनिया से जुड़े सभी अपडेट आसानी से चेक कर सकते हैं। फेसबुक पर आने वाले नोटिफिकशन में बर्थडे का नोटिफिकेशन काफी खास होता है जिसकी मदद से आप किसी अपने को समय पर बर्थडे विश कर पाते हैं। लेकिन इसके अलावा फेसबुक पर आने वाले लाइव इवेंट या अन्य कोई नोटिफिकेशन आपको डिस्टर्ब या परेशान कर सकते हैं। ऐसे में परेशान होने की बजाय आप चाहें तो उन अनचाहे नोटिफिकेशन्स से मिनटों में ही छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आपको हमारे द्वारा बताए कुछ आसान टिप्स फॉलो करने होंगे। इन आसान टिप्स की मदद से आप अनचाहे नोटिफिकेशन को बंद कर सकते हैं। 


स्टेप 1. अनचाहे नोटिफिकेशन को बंद करने के लिए सबसे पहले अपने लैपटॉप या मोबाइल में फेसबुक ऐप ओपन करें। 


स्टेप 2. फेसबुक ओपन करने के बाद वहां साइड में दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें। जिसके बाद आपके सामने एक विंडो ओपन होगी जिसमें स्क्रॉल करने के बाद सबसे नीचे सेटिंग्स एंड प्राइवेसी का ऑप्शन दिया गया है। उस पर क्लिक करें।


स्टेप 3. सेटिंग्स एंड प्राइवेसी ऑप्शन में दिए गए सेटिंग्स सेक्शन पर क्लिक करें। जहां आपको नोटिफिकेशनस सेटिंग्स का विकल्प नजर आएगा।


स्टेप 4. नोटिफिकेशनस सेटिंग्स में तीन ऑप्शन दिए गए हैं। जिसमें मैनेज पुश नोटिफिकेशनस, व्हाट नोटिफिकेशनस यू रिसीव और वेयर यू रिसीव नोटिफिकेशनस शामिल हैं। 


स्टेप 5. इनमें से आप जो भी नोटिफिकेशन बंद करना चाहते हैं उस विकल्प पर क्लिक करें और उसे ऑफ कर दें। आपको यहां सभी नोटिफिकेशन्स को एक साथ बंद करने का ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा आप चाहें तो इवेंट, बर्थडे, फ्रेंड रिक्वेस्ट, कमेंट, वीडियो आदि से जुड़े नोटिफिकेशन्स को भी बंद कर सकते हैं। 





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लैपटॉप या विंडोज कंप्यूटर में स्क्रीनशॉट लेने के स्मार्ट तरीके

हम सभी ने मोबाइल में स्क्रीन शॉट तो लिया हैं परन्तु आज हम माइक्रोसॉफ्ट के प्लेटफॉर्म में स्क्रीन शॉट की बात करेंगे। पहले पूरे स्क्रीन को कैपचर करना, फिर उसे माइक्रोसॉफ्ट पेंट ऐप में पेस्ट करना। कहीं से भी यह प्रक्रिया सुगम नहीं लगती। इसके बाद हमने स्क्रीनशॉट लेने के और तरीके के बारे में खोजबीन शुरू की। क्या आपको पता है कि विंडोज डिवाइस पर स्क्रीनशॉट लेने कई बेहतर तरीके हैं।


1. पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को फाइल पर सेव करने का तरीका


विंडोज पर पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को सीधे फाइल में स्टोर ऐसे करें


1. विंडोज बटन के बाद प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। ऐसे करने के बाद स्क्रीनशॉट आपके कंप्यूटर के पिक्चर्स लाइब्रेरी में स्टोर हो जाएगा।


2. स्क्रीनशॉट खोजने के लिए एक्सप्लोरर को लॉन्च करें। इसके बाद बायें वाले हिस्से में पिक्चर्स पर क्लिक करें। अब स्क्रीनशॉट फोल्डर को खोलें, यहां पर आपको स्क्रीनशॉट मिल जाएंगे।


2. स्क्रीनशॉट को क्लिपबोर्ड पर सेव करने का तरीका


आसानी से स्क्रीनशॉट लेने के लिए इस तरीके को अपनाएं


1. प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। यह स्क्रीन को क्लिपबोर्ड पर कॉपी कर लेता है।


2. अब एमस पेंट, वर्ड या किसी ऐसे ऐप को खोलें जो इमेज को हैंडल कर सकता है।


3. अब कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं। इसके बाद ऐप पर स्क्रीनशॉट को पेस्ट कर दें।


4. अब आप इस फाइल को अपनी पसंद की जगह पर स्टोर कर सकेंगे।


3. ओपन विंडोज का स्क्रीनशॉट लेने का तरीका


अगर आप किसी ऐप, या विंडो का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं तो इस तरीके को अपनाएं।


1. जिस ऐप का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं उसे खोलें। सुनिश्चित करें कि वह ऐप बैकग्राउंट नहीं फोरग्राउंड में है, यानी उस ऐप का पेज दिख रहा है।


2. अब ऑल्ट प्लस प्रिंट स्क्रीन को दबाएं।


3. अब एमएस पेंट या अपनी पसंद के किसी भी ऐप खोलें।


4. कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं।


5. ऐसा करने के बाद ओपन विंडो का स्क्रीनशॉट पेंट में स्टोर हो जाएगा।


इसके बाद आप स्क्रीनशॉट को अपनी पसंद के किसी भी जगह पर स्टोर कर सकेंगे।




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ट्रूकॉलर से ऐसे हटाएं अपना नाम और मोबाइल नंबर

ट्रूकॉलर एक ऐसा ऐप है जिसके जरिए इसके यूजर्स को कॉलर आईडी पता चलती है. अगर आप इसे यूज करते हैं तो जानते होंगे, लेकिन इसके बारे में नहीं जानते तो यह एक ऐसा ऐप है जो आपके नंबर पर आने वाली कॉल की डीटेल्स बताता है. डीटेल्स में कॉलर का नाम, लोकेशन और प्रोफेशन बताता है. आमतौर पर इसके द्वारा ज्यादा जानाकारी तब मिलती है जब कॉल करने वाले के पास भी यह ऐप है और उसमें रजिस्टर कर रखा है.


एंड्रॉयड


एप खोलें-ऊपर में बायें किनारे पर पीपुल आइकन पर टैप करें-सेटिंग्स -अबाउट -डीएक्टिवेट अकाउंट।


आईफोन


एप खोलें-टॉप में दायीं तरफ बने गियर आइकन पर टैप करें -अबाउट ट्रूकॉलर -नीचे जाएं -फिर ट्रूकॉलर को डीएक्टिवेट करें।


विंडोज मोबाइल


एप खोलें, फिर निचले हिस्से में दायें किनारे पर दिख रहे तीन डॉट वाले आइकन को टैप करें -सेटिंग्स -हेल्प -अकाउंट डीएक्टिवेट करें।


ऐसे हटाएं ट्रू कॉलर से नंबर


आप चाहते है कि आपका नंबर ट्रूकॉलर के डेटाबेस से हट जाए तो ध्यान रहे कि अगर आप इस ऐप को इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने नंबर को इस सर्विस से नहीं हटा सकते। आपको नंबर को हटाने के लिए अपने अकाउंट को बंद करना पडे़गा। अगर आप अपना नंबर हटाकर दूसरों का कॉन्टेक्ट डिटेल जानना चाह रहे थे तो ऐसा संभव नहीं। ट्रूकॉलर से नंबर हटाने का एक बहुत ही आसान तरीका है। सबसे पहले ट्रूकॉलर के अनलिस्ट पेज पर जाएं। फिर कंट्री कोड के साथ अपना नंबर डालें। अनलिस्ट करने के लिए विकल्प चुनकर कारण बताएं। अगर आप चाहते हैं तो अन्य फॉर्म में कोई और वजह भी बता सकते हैं। वेरफिकेशन कैप्चा को डालें। अनलिस्ट पर क्लिक करें। अनलिस्ट रिक्वेस्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर इन नंबर को हटा देता है।





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आपके लैपटॉप की लाइफ बढ़ाने के लिए 10 आसान टिप्स

अगर आपने नया लैपटॉप खरीदा है और आप चाहते हैं कि वह लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहे, तो आपको उसकी देख-रेख ठीक ढंग से करनी होगी। यह ठीक है कि शुरू के 1 या 2 साल तक लैपटॉप पर कंपनी वारंटी देती है और इस दौरान यदि उसमें कोई मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट आ जाए, तो कंपनी उसे ठीक भी कर देती है, पर उसके बाद भी आपका डिवाइस ठीक काम करता रहे, साफ सुधरा रहे, टूट-फूट से बचा रहे, यह सिर्फ आपके हाथ में है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी आसान टिप्स, जिनसे आप अपने लैपटॉप की लाइफ को बढ़ा सकते हैं।..


टैग लगाकर रखें

गुम होने से बचाने के लिए लैपटॉप पर मार्कर से नाम और कॉन्टैक्ट नंबर लिख दें। ये जानकारी आप लैपटॉप के पीछे, डीवीडी ड्राइव के अंदर, पावर कॉर्ड, कीबोर्ड पर लिख सकते हैं। अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स के साथ लैपटॉप बैग पर लगेज टैग लगाकर रखें, ताकि गुम होने पर आपको संपर्क किया जा सके। इससे एक फायदा और है कि किसी मीटिंग में एक जैसे कई लैपटॉप होने पर भी आप अपने लैपटॉप की पहचान आसानी से कर सकते है।


लैपटॉप की केयर करें

लैपटॉप पर खाने-पीने के गंदे हाथ न लगाएं। चाय, कॉफी या पानी जैसी चीजें गिरने से सर्किट शॉर्ट हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें लैपटॉप के पास कोई भी इलैक्ट्रिक डिवाइस न रखें, क्योंकि उसमें से मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होती है जो आपके लैपटॉप को नुकसान पहुंचाती है।


स्क्रीन का रखें ख्याल

कई बार काम करते वक्त पेन की-बोर्ड पर रखकर भूल जाने से लैपटॉप के स्क्रीन को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि अगर ऐसे में की-बोर्ड बंद कर दिया जाए तो स्क्रीन खराब हो जाएगी। की-बोर्ड बंद करने से पहले हमेशा ध्यान दें कि इसके ऊपर कुछ न रखा हो।


लैपटॉप बैग करता है टूट-फूट से सुरक्षा

किसी भी सफर के दौरान लैपटॉप को एक अच्छी क्वालिटी के बैग में रखें। लैपटॉप जरा-सी ठोकर से भी टूट-फूट सकता है और लापटॉप की डेटा केबल, चार्जर और अन्य चीजें हमेशा बैग की अलग पॉकेट में रखें।


लैपटॉप को रखें साफ-सुथरा

लैपटॉप के स्क्रीन को हमेशा सॉफ्ट कपड़े से साफ करें। इसके लिए कभी भी विंडो क्लीनर का इस्तोमाल न करें। सफाई के लिए ड्रायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ करते वक्त सिर्फ उन कवर को हटाएं, जो आसानी से हटाएं जा सकते हैं।


यूएसबी और चार्जर केबल को सीधा रखें

कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद वायर्स को सीधा नहीं करते। उन्हें उलझा ही रहने देते है। ऐसे में वायर गर्म होती रहती है जिससे शॉर्ट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। लैपटॉप में पावर केबल लगाने के बाद ही पावर स्विच ऑन करें। कभी भी बिना स्विच को ऑफ किए प्लग न निकालें।


डीवीडी ड्राइव

लैपटॉप का डीवीडी ड्राइवर ध्यान से इस्तेमाल करें। एक जैसी डिस्क में कई बार लोग कंफ्यूज हो जाते है और उल्टी डिस्क लगा देते हैं। इसके कारण डीवीडी ड्राइव का लैंस खराब हो जाता है। ड्राइव में कभी भी टूटी या ज्यादा स्क्रैच वाली डिस्क का इस्तेमाल न करें।


बैट्री की लाइफ बढ़ाएं

बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए लैपटॉप चार्ज करने के बाद बैट्री को अलग रख दें अगर काम न करना हो तो। इसमें ऑटोलॉक सिस्टम होता है। जब भी काम करना हो उसे लगा लें।


सॉफ्टवेयर्स

लैपटॉप में हमेशा जरूरत अनुसार सॉफ्टवेटर्स रखें। सारे सॉफ्टवेयर्स ट्रस्टेड होने चाहिए और सिस्टम में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस होनी चाहिए ताकि पेन-ड्राइव या दूसरे सोर्स से आने वाले वायरस से प्रोटेक्ट किया जा सके। अपने डेटा को बचाने के लिए बैकअप जरूर रखें।


मैंटेनेंस

लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते रहने पर इसमें जंक फाइल और रजिस्ट्री में छोटी-मोटी फाइलें आ जाती हैं, जिसके कारण स्पीड स्लो हो जाती है। इससे निपटने के लिए महीने में एक बार डिस्क क्लीनअप और क्मतिंहउमदज जैसे टूल्स का इस्तेमाल जरूर करें। ये दोनों टूल्स विंडोज में मौजूद होते हैं। इन्हें स्टार्ट-प्रोग्राम-एक्सेसरीज पर जाकर ओपन किया जा सकता है।

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मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं।


अपनी डेटा लिमिट सेट करें

अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं।


बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें

कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में 'रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा' पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं।


डेटा कंप्रेशन का यूज करें

गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें।


अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल

अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और 'ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली' ऑप्शन पर टैप करें।


फोन में स्टोर करें विडियो और म्यूजिक

स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें

स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं।


ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें

गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं।


मैलवेयर को रखें दूर

ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।


जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें

जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे। 





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लॉक्ड स्क्रीन में यूट्यूब पर ऐसे गाने सुन सकते है आप, फॉलो करे ये टिप्स

आजकल यूट्यूब हर कोई इस्तेमाल करता हैं। लोग इसका इस्तेमाल गाना सुनने, वीडियो देखने के लिए करते हैं। यूट्यूब पर आपको हर भाषा का content आसानी से मिल जाता हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है की आप केवल गाना सुनना चाहते है और स्क्रीन लॉक हो जाती है। फिर क्या गाना बंद! अगर आप यूट्यूब पर गाना सुनना चाहते है वो भी स्क्रीन लॉक के साथ तो इसका भी समाधान हैं। ऐसा करने के लिए नीचे दी गई स्टेप्स की फॉलो करें।  


1. ऐसा करने के लिए सबसे पहले आपको गूगल क्रोम या फिर फायरफॉक्स ब्राउसर में यूट्यूब खोलना होगा। ध्यान रहें कि यहां यूट्यूब एप का ऑप्शन आएगा लेकिन आपको वेब ब्राउजर पर ही यूट्यूब चलाना है।


2. इसके बाद आपको वेब ब्राउजर के मेन्यू में जाकर डेस्कटॉप साइट पर चेक करना है और सेटिंग सेव करनी है। इसके बाद आप यूट्यूब पर अपनी पसंद का म्यूजिक कंटेंट चलाए और ऑटो नेक्स्ट पर क्लिक करके रखें। ऐसा करने से यूट्यूब पर आने वाला अगला वीडियो खुद प्ले होने लगेगा।


3. ब्राउजर पर यूट्यूब को डेस्कटॉप वर्जन पर चलाने पर आप मोबाइल की स्क्रीन बंद करने के बाद भी यूट्यूब के म्यूजिक कंटेंट को इंजॉय कर पाएंगे।


हालांकि गूगल ने भारत में यूट्यूब म्यूजिक एप भी लॉन्च कर दी है। ये एप म्यूजिक स्ट्रीमिंग की सुविधा देती है जो कि गूगल की पेड एप है। आप चाहें तो इसे डाउलोड करके भी अपने मोबाइल की स्क्रीन ऑफ कर यूट्यूब एप पर म्यूजिक कंटेंट इंजॉय कर सकते हैं। गूगल ने ये सर्विस हाल में ही भारत में लॉन्च की है इसलिए इस एप का पहले महीने का सब्सक्रिप्शन यूजर्स को फ्री में मिल रहा है।





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क्या व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट हो गए हैं, ऐसे वापस पाएं

कई बार व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट होने पर हमें काफी अजीब-सा लगता है कि करीबी दोस्तों के साथ किया चैट हमेशा के लिए खत्म हो गया। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो एक खुशखबरी है। आप व्हाट्सऐप पर डिलीट हो चुके मैसेज को वापस पा सकते हैं। व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे ज्यादातर यूजर्स शायद यह बात नहीं जानते होंगे कि हर सुबह 4 बजे व्हाट्सऐप आपके मोबाइल फोन के सारे मैसेज को रिस्टोर करता है। ऐसे में अगर आपसे कोई मैसेज धोखे से डिलीट हो गया है, तो आप इसको आसानी से वापस पा सकते हैं।


ये है प्रोसेस....


1. व्हाट्सऐप को अपने मोबाइल में से अनइंसटाॅल कर दें।


2. इसके बाद स्टोर से व्हाट्सऐप को दोबारा अपने मोबाइल में इंसटाॅल करें।


3. इंस्टाॅलेशन के प्रोसेस के समय यह एप्लीकेशन आपसे पुराने मैसेज रिस्टोर करने को पूछेगा।


4. अगर आप यस पर क्लिक करते हैं तो पिछले रिस्टोर तक आपके सारे मैसेज वापस आ जाएंगे।


आप अपने व्हाट्सऐप को कंप्यूटर या मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं...


इसके लिए आपको गूगल क्रोम में व्हाट्सऐप वेब टाइप करना होगा। इसके बाद आप अपने मोबाइल में आ रहे अनुदेश को फॉलो करके व्हाट्सऐप को कम्प्यूटर या लैपटॉप से जोड़ सकते हैं। इसके बाद सभी मैसेज नोटिफिकेशन आपको आपके कम्प्यूटर या लैपटॉप पर मिलने लगेंगे। ध्यान रहे आपको फोन उस वक्त इंटरनेट से कनेक्ट होना चाहिए। यह सुविधा अभी आईफोन यूजर्स के लिए नहीं है।


एन्ड्रॉयड और विडोज फोन के यूजर्स अपनी व्हाट्सऐप चैट, फोटो और वीडियो को पासवर्ड से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। प्ले स्टोर से व्हाट्सऐप लाॅकर एप इंस्टॉल करके आप पिन डालकर अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को लॉक कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस सुविधा को जेलब्रेकिंग के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं।





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सिर्फ दो मिनट में जानिए स्मार्ट फोन की स्पीड बढ़ाने के ये 4 रामबाण टिप्स

स्मार्ट फोन की धीमी गति के कारण यदि आप भी परेशान हैं तो आप ये आसान टिप्स अपनाकर उसकी गति तेज कर सकते हैं।


-फोन में अगर ढेरों एप्लीकेशन हैं तो पहला काम यह करें कि जिन एप्लीकेशंस का प्रयोग आप नहीं करते हैं उन्हें तुरंत हटा दें। इससे आपके स्मार्ट फोन की स्पीड तेज हो जाएगी।


-जिस भी ऐप का आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उसके कैश को नियमित रूप से डिलीट करते रहें। कैश को हटाने के लिए सबसे पहले सेटिंग्स-एप्स में जाएं। यहां उस ऐप पर क्लिक करें जिसके कैश को क्लियर करना है। क्लिक करने के बाद आपको ‘क्लियर कैश विकल्प पर क्लिक करना है।


-कैश क्लीन करने के अतिरिक्त स्मार्टफोन में केवल उन्हीं ऐप्स को जगह दें जो आपके काम की हैं। यदि आपके फोन की भी इनबिल्ट स्टोरेज कम है तो सबसे अच्छा विकल्प है कि इंटरनल स्टोरेज में मौजूद तस्वीरें, म्यूजिक और वीडियो फाइल को माइक्रोएसडी कार्ड में मूव कर दें।


-आपको सेटिंग्स को देखना चाहिए कि कंपनी द्वारा आपके फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट तो नहीं मिला है। जांच के लिए सेटिंग्स-सिस्टम-अबाउट-सॉफ्टवेर अपडेटस में जाएं। यदि कोई सॉफ्टवेयर अपडेट मिलता है तो फोन को अपडेट करने से पहले बैकअप जरूर लें। 



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विंडोज 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को ऐसे कर सकते है अनइंस्टॉल

विंडोज 10 में बहुत सारे पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप जैसे एक्सबॉक्स, ग्रूव म्यूजिक, पीपल, मैप्स आदि होते हैं, जो सिर्फ जगह घेरते हैं लेकिन अगर आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो उन्हें अनइंस्टॉल करने के सरल तरीके हैं। इन बिल्ट-ईन ऐप्स को कंट्रोल पैनल से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, लेकिन आप निश्चित रूप से इन्हें अन्य तरीकों से अनइंस्टॉल कर सकते हैं। इन यूनिवर्सल ऐप्स को कुछ सरल तरीकों से अनइंस्टॉल किया जा सकता है। 


पहला तरीका : ड्रॉपडाउन मेन्यू, विंडोज़ 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे सरल तरीका है। सबसे पहले स्टार्ट मेनू में जाएं, वहाँ आपको ऐप का नाम टाइप करना होगा। उस पर राइट क्लिक करें और फिर अनइंस्टॉल का चयन करें। 


दूसरी विधि : विंडोज 10 से इन ऐप्स को निकालने के लिए पॉवरशैल का उपयोग किया जा सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के कई उपयोग हैं और इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करना इस तरह से सरल है। पॉवरशैल वास्तव में बिल्ट-ईनऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है।


इसे करने का तरीका नीचे दिया गया हैं-


स्टेप 1: विंडोज 10 सर्च बार में पॉवरशैल टाइप करें। पॉवरशैल पर राइट-क्लिक करें। इसके बाद रन एज एडमिनिस्ट्रेटर को चुनें।


स्टेप 2: निम्न कमांड टाइप करें : गेट-एपएक्सपैकेज । एफटी नाम, पैकेजफुलनाम- ऑटोसाइज़  जिसके बाद आपको इंस्टॉल ऐप्स की एक सूची दिखेगी। 


स्टेप 3: यदि आप किसी भी ऐप को हटाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित कमांड टाइप करनी होगी: गेट-एपएक्सपैकेज -एक्सबॉक्सएप।आपको ऐप का नाम बदलना होगा और फिर वाइल्डकार्ड्सका उपयोग करना होगा। Powershell में ऐप के नाम से पहले और बाद में आपको इसका इस्तेमाल करना हैं।


स्टेप 4: आपको थोड़ी देर इंतजार करना होगा ताकि विंडोज ब्लोटवेयर को हटा सके। 


ये विभिन्न तरीके हैं जिनकी मदद से ईन-बिल्ट एप्स को विंडोज 10 से हटाया या अनइंस्टॉल किया जा सकता है। कुछ ईन-बिल्ट ऐप्स को छोड़कर आप इस तरीके से लगभग सभी ऐप्स को अनइंस्टाल कर सकते हैं। 





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बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं।


कैश क्लियर करें

ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं।


बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट

फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए 'Free up space' ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे।


फालतू ऐप्स को करें डिलीट

हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए।


डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट

सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर 'My Files' में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो।


जंक फाइल्स को हटाएं

अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।


एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल

अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं। 




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अगर आपका जीमेल अकाउंट हो गया है हैक तो इस तरह कर सकते है रिकवर

गूगल की ईमेल सर्विस जीमेल को दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जीमेल को दुनिया भर में एक बिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं और शायद यही वजह है कि हमेशा हैकर्स की नज़र इस ईमेल सर्विस पर बना रहती है। अगर आपने भी अपने जीमेल अकाउंट में किसी संदेहास्पद गतिविधि को नोटिस किया है तो हो सकता है कि आपके अकाउंट को किसी ने हैक कर लिया हो।


1. अकाउंट रिकवरी पेज पर जाएं

2. अगर आपको पासवर्ड याद नहीं है तो अलग-अलग सवालों के जवाब दें।

3. अपने रिकवरी ईमेल या फोन नंबर का इस्तेमाल करें।

4. अब जीमेल आपके अकाउंट के मालिकना हक को सुनिश्चित करने के लिए उस फोन नंबर या ईमेल पर एक रिकवरी कोड भेजेगा।

5. इसके अलावा आप उस सिक्यॉरिटी सवाल का जवाब भी दे सकते हैं, जो आपने अकाउंट सेटअप करते समय बनाया होगा।

6. एक बार रिकवरी कोड रिसीव करने के बाद, जीमेल में इसे एंटर करें और फिर गूगल आपसे पासवर्ड बदलने को कहेग।

7. साइनइन करने के बाद जीमेल आपसे एक बार सिक्यॉरिटी चेक के लिए कहेगा। ध्यान रहे कि सिक्यॉरिटी चेक कर लें और फिर अपनी सिक्यॉरिटी इन्फर्मेशन बदल लें।


आपके जीमेल अकाउंट में की गई कोई हैकिंग ऐक्टिविटी के चलते अगर कोई आपकी जानकारी के बिना आपका गूगल अकाउंट इस्तेमाल कर रहा है तो, आपके दूसरे गूगल अकाउंट्स असुरक्षित अनऑथराज्ड पेमेंट ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर गूगल प्ले ऐक्टिविटी, अनजान यूट्यूब ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर ऐप जैसे बड़े खतरे हो सकते हैं।


अपने गूगल अकाउंट को सिक्यॉर करने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:


1. सिक्यॉरिटी चेकअप में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह गूगल की सर्विस है जिससे यूजर्स को कनेक्टेड ऐप्स, डिवाइसेज़, अकाउंट परमिशंस आदि चेक कर यह पता करने में मदद मिलती है कि उनका अकाउंट सेफ है या नहीं।

2. अगर आपने अब तक अपने अकाउंट का पासवर्ड नहीं बदला है तो तुरंत पासवर्ड बदल लें।

3. उन ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने इसी गूगल अकाउंट वाला पासवर्ड इस्तेमाल किया है।

4. उन सभी ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने अपने गूगल अकाउंट ईमेल अड्रेस के साथ साइनइन किया है। इसके अलावा, जिन ऐप्स और साइट्स के लिए आपने क्रोम ब्राउज़र पर पासवर्ड सेव किया है, उनके भी पासवर्ड बदल दें।

5. सनुश्चित कर लें कि आपका रिकवरी फोन नंबर और ईमेल सही है, ताकि आपके अकाउंट में कोई संदेहास्पद ऐक्टिविटी होने पर आपको सूचना दी जा सके।





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टेलीग्राम ने वर्जन 8.0 अपडेट के साथ लाइव स्ट्रीम फीचर किया लॉन्च

नई दिल्ली : एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम ने अपने वर्जन 8.0 अपडेट के साथ असीमित दर्शकों के ग्रुप और चैनलों के लिए लाइव स्ट्रीम की शुरूआत की है।


अपडेट ने मीडिया से कैप्शन हटाने और अग्रेषित करते समय प्रेषक के नाम छिपाने,चैट सूची में वापस जाए बिना अपठित चैनल पर आसानी से स्विच करने और नए एनिमेटेड इमोजी के साथ एक बेहतर स्टिकर पैनल के विकल्प पेश किए हैं।


लाइव स्ट्रीम सुविधा असीमित दर्शकों का समर्थन करने के साथ-साथ उन्हें प्रसारण में शामिल होने की अनुमति देता है।


यूजर्स प्रेषक का नाम छिपा सकते हैं। मीडिया संदेशों पर कैप्शन छिपा सकते हैं, उन संदेशों को अचयनित कर सकते हैं जिन्हें वे भेजना नहीं चाहते हैं, और यहां तक कि अगर उन्होंने गलत चैट को टैप किया है तो प्राप्तकर्ता को भी बदल सकते हैं।


यूजर्स के पास अब चैट सूची में वापस आए बिना चैनलों के माध्यम से स्क्रॉल कर सकते है।


यदि चैट सूची को फोल्डर या सेव चैट के साथ व्यवस्थित किया गया है, तो एप यूजर्स द्वारा सेट की गई संरचना का पालन करेगा।


ऐप अब स्टिकर पैनल में हाल ही में प्रयुक्त के ऊपर ट्रेंडिंग स्टिकर्स दिखाता है।


यूजर्स भविष्य के लिए एक पैक सहेज सकते हैं और ऐप में अब स्टिकर सुझावों के लिए प्रीव्यू हैं।






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एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस तरह बिना इंटरनेट कनेक्शन भेजें अपनी लोकेशन

अगर आप कहीं फंस गए हैं और आपको मदद की जरूरत है तो आप अपने दोस्तों और परिवारवालों को अपनी लोकेशन शेयर कर देते हैं जिससे वो आप तक पहुंच सकें। हालांकि, इसके लिए आपको अपने फोन में इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होगी। लेकिन कई बार हम ऐसी जगह पर फंस जाते हैं जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती है। ऐसे में हम अपने दोस्तों या परिवारवालों के साथ अपनी लोकेशन शेयर नहीं पाते हैं। हालांकि, कई ऐसे तरीकें भी हैं जिसमें लोकेशन शेयर करने के लिए आपको इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं है।


एसएमएस से लोकेशन भेजने के लिए आरसीएस सर्विस उपलब्ध: इसके लिए आरसीएस यानी रिच कम्यूनिकेशन सर्विसेज पेश की गई है। इसके तहत आप एसएमएस के जरिए दूसरे यूजर को मल्टीमीडिया कंटेंट शेयरिंग जैसे लोकेशन भेज सकते हैं। इससे आप बिना इंटरनेट कनेक्शन भी अपनी लोकेशन अपने दोस्तों और परिवारवालों को भेज सकते हैं। इस पोस्ट में हम आपको एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस सर्विस को कैसे इस्तेमाल किया जाए इसकी जानकारी दे रहे हैं।


एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस तरह बिना इंटरनेट कनेक्शन भेजें अपनी लोकेशन :


-इसके लिए सबसे पहले आपको एंड्रॉइड मैसेज ऐप डाउनलोड करनी होगी। यह आपको गूगल प्ले स्टोर पर मिल जाएगी। आमतौर पर यह ऐप सभी के फोन में उपलब्ध होती है।

-ऐप को इंस्टॉल करने के बाद इसे ओपन करें और मांगी गईं सभी परमीशन्स को अनुमति दे दें।

-इसे स्मार्टफोन की डिफॉल्ट एसएमएस ऐप भी बना दें।

-इसके बाद स्टार्ट चैट बटन पर टैप करें।

-यहां आपको उस व्यक्ति का फोन नंबर डालना होगा जिसे आप अपनी लोकेशन भेजना चाहते हैं।

-इसके बाद चैट विंडो में उपलब्ध प्लसआइकन पर टैप करें।

-अब स्क्रॉल डाउन कर मैप्स ऑप्शन पर टैप कर दें।

-इसके बाद दूसरी विंडो ओपन होगी उसमें सेंड दिस लोकेशन पर टैप कर दें।

-इससे आपकी लोकेशन आपके दोस्त या परिवारवाले के पास चली जाएगी।







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वॉट्सऐप में ऐसे चालू करें फिंगरप्रिंट लॉक फीचर

इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने करीब 11 महीने पहले आईओएस के लिए फेस आईडी और टच आईडी फीचर रोल आउट किया था। अब कंपनी ने ऐंड्रॉयड यूजर के लिए यह अपडेट रोल कर दिया है। आपको बता दें यह फिंगरप्रिंट लॉक फिलहाल ऐप के लिए है और इससे इंडिवजुअल चैट सिक्यॉर नहीं होती। यानी आप वॉट्सऐप का एप्लीकेशन लॉक या अनलॉक कर सकते हैं पर चैट नहीं।


इस फीचर के रोल आउट के वाद यूजर अपने ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर अपना फिंगरप्रिंट रजिस्टर करके अपने ऐप को सिक्यॉर कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप अपने फोन में वॉट्सऐप को फिंगरप्रिंट प्रटेक्टेड कर सकते हैं।

1. सबसे पहले अपने ऐंड्रॉयड फोन पर वॉट्सऐप ओपन करें

2. ऐप में दायीं तरफ आपको तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करें

3. सेटिंग्स पर टैप करें

4. अकाउंट पर टैप करें

5. इसके बाद प्रिवेसी ऑप्शन पर टैप करें

6. स्क्रॉल डाउन करके 'फिंगरप्रिंट लॉक' पर जाएं

7. अनलॉक विद फिंगरप्रिंट सेंसर' को ऑन करें

8. इसके बाद 'कंफर्म फिंगरप्रिंट' पर टैप करें


इसके बाद ऐप में फिंगरप्रिंट लॉक की टाइमिंग के लिए आपको तीन ऑप्शन दिए जाएंगे। जिसमें आप तुरंत, 1 मिनट बाद और 30 मिनट बाद ऑप्शन में से एक चूज कर सकेंगे। इसके अलावा आपको 'शो कॉन्टेंट इन नोटिफिकेशन' ऑप्शन भी मिलेगा जिसे इनेबल करके आप मेसेज नोटिफिकेशन को मेसेज में प्रीव्यू कर सकेंगे। आपको बता दें कंपनी ने ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए 2 महीने पहले इस फीचर की बीटा टेस्टिंग शुरू की थी। अब यह फीचर सभी ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए रोल आउट कर दिया गया है। 





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खेल मंत्री ठाकुर ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप जारी किया

नयी दिल्ली : खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को यहां ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर व्यक्तिगत प्रशिक्षण-सह-फिटनेस मार्गदर्शन करने वाले ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप को लॉन्च किया।


ठाकुर ने कहा कि यह ऐप राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत के लोगों के लिए सरकार की ओर से एक उपहार है। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है।


ठाकुर ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘फिट इंडिया ऐप मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि है, जो देश के खिलाड़ियों के नायक हैं।’’


इस कार्यक्रम में तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने भी ऑनलाइन तरीके से जुड़कर भाग लिया।


खेल मंत्री ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों के फिट रहने के लिए ऐप बहुत जरूरी है और उनसे ऐप का सख्ती से पालन करने की उम्मीद की जाती है। यह नये, युवा भारत को फिट रखने का एक प्रयास है क्योंकि एक फिट युवा ही एक महान भारत बना सकता है।’’


मनप्रीत ने इस ऐप का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘ हम फिटनेस को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हमें फिटनेस के लिए एक दिन में अपने समय का सिर्फ आधा घंटा समर्पित करने की आवश्यकता है। यह ऐप मजेदार और मुफ्त है और इससे कोई भी कहीं भी अपनी फिटनेस का परीक्षण और निगरानी कर सकता है।’’


उन्होंने बताया, ‘‘ यह ऐप बहुत मददगार और उपयोग में आसान है। मैं पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि यह मेरी फिटनेस को और बेहतर बनाने में मेरी मदद करेगा।’’


इस कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, खेल सचिव रवि मित्तल, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।



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कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे।


टिप्स नंबर-1

आपके पास है कौन-सा कनेक्शन

वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं।


टिप्स नंबर-2

स्टैंडर्ड कैसा हो?

जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं।


टिप्स नंबर-3

डुअल-बैंड

आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा।


टिप्स नंबर-4

यूएसबी पोर्ट्स 

यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं।


टिप्स नंबर-5

मल्टीपल एंटीना

राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।





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जाने क्यों आईफोन से बेहतर हैं एंड्रायड फोन

वैसे तो दुनिया में आइफोन एक स्टे टस सिंबल माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टे टस सिंबल के अलावा जब आप एक यूजर के तौर पर इसे देखते हैं तो एंड्रायड के मुकाबले यह काफी कमजोर नजर आता है। जहां आइफोन में कई पाबंदियां नजर आती हैं वहीं एंड्रायड फोन आपकी आजादी देता है। जानिये कैसे....


-जब आप कोई आइफोन खरीदते हैं तो उसमें स्टो रेज की क्षमता सीमित होती है। लेकिन ज्याकदातर एंड्रायड फोन्सि में एसडी कार्ड स्लॉ ट दिया होता है जो स्टो रेज बढ़ाने में मदद करता है।


-अगर आपके आइफोन की बैटरी कमजोर होती है तो इसे आप बदल नहीं सकते लेकिन एंड्रायड में यह आसानी से बदली जा सकती है।


-कई एंड्रायड फोन एक रिमोट की तरह भी उपयोग किए जा सकते हैं क्योंरकि इनमें इंफ्रारेड ब्ला स्टंर्स होते हैं जबकि आइफोन में ऐसा कुछ नहीं होता।


-एंड्रायड फोन में कोई भी फाइल आसानी से कम्यूाना टर में शिफ्ट की जा सकती है क्यों्कि कम्यूर्स टर से कनेक्टक करते ही आपको सारी फाइल्सत नजर आने लगती हैं और आप इन्हेंी ड्रैग कर सकते हैं। आइफोन में ऐसा संभव नहीं होता।


-एंड्रायड फोन इस बात की चिंता नहीं करता की म्यूऔजिक कहां से आ रहा है जबकि आइफोन में आपको आइट्यून की ही मदद से म्यू जिक उपलब्धर हो पाता है।


-अपने एंड्रायड फोन को चार्ज करने के लिए आप यूएसबी केबल का उपयोग भी कर सकते हैं लेकिन आइफोन के मामले में आपको ऐपल की प्रोप्रायटरी लाइटनिंग केबल की ही जरूरत होती है।


-गूगल प्लेआ स्टोकर आपको कहीं से भी ऐप डाउनलोड करने की अनुमति देता है लेकिन आइफोन में आपको आइट्यून डाउनलोड करना होता है या फिर ऐप स्टोकर को डाउनलोड करना पड़ता है।


-आइफोन में आप अपने फोन को केवल फिंगरप्रिंट या फिर पासकोड से ही अनलॉक कर सकते हैं लेकिन एंड्रायड फोन में और भी कई ऑप्श न दिए होते हैं। 




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ऐसे रिकवर करें पेनड्राइव से डिलीट हुआ डाटा

डाटा स्टोरेज के लिए हम बहुत सी ड्राइव्स का प्रयोग करते हैं, इनमें से एक है पेनड्राइव। यह साइज और वजन में हल्की होती है, इसलिए आप आसानी से कैरी कर सकते हैं। आपके डाटा को सेव रखने के लिए यह एक अन्य बेहतर स्टोरेज है, लेकिन क्या हो अगर गलती से आपका डाटा पेनड्राइव से डिलीट हो जाएं? फिक्र करने की जरूरत नहीं! अगर ऐसा हो जाता है तो भी आप अपने डिलीटेड डाटा को आसानी से रिकवर कर सकते हैं। बस इसके लिए ये तरीके फॉलो करने होंगे।


-सबसे पहले आप गूगल प्ले स्टोर से फ्री में उपलब्ध पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।


-अब पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर को ओपन करें।


-ओपन सॉफ्टवेयर पर नीचे की ओर नेक्सट विकल्प दिखेगा, इस पर क्लिक करें, जैसे ही आप क्लिक करते हैं तो अगला विकल्प टर्म एंड कंडीशन उपलब्ध हो जाएगा, फिर इस ऑप्शन के नीचे भी आपको नेक्सट का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।


-इसके बाद अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के जिस फोल्डर में पैंडोरा एप को इंस्टॉल करना चाहते हैं, उस फोल्डर को सेलेक्ट करें।


-जैसे ही जब सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाए तो उसे ओपन करें, इस दौरान ध्यान रखें कि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में बैकअप लेने वाली या रिकवर करने वाली पेन ड्राइव जरूर लगी हो। इसके बाद सिस्टम में दिख रहे पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर के आइकन पर क्लिक करें। अब जैसे ही आपको पेनड्राइव का ऑप्शन दिखाई दें, तो उस पर क्लिक करें। क्लिक करने के बाद आपको पेनड्राइव से डिलीट हुई फाइल्स दिखने लगेंगी।


-उपलब्ध डिलीट फाइल्स पर राइट क्लिक करें। अब ऑप्शन्स में से रिकवरी विकल्प का चयन करें। इन फाइल्स को जिस फोल्डर या जगह में सेव करना चाहते हैं, उनका चयन करें।


-बस अब आप चंद सेकंड में देखेंगे कि डिलीट डाटा सेव हो गया है।








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वॉट्सऐप पर मजेदार हो जाएगी चैटिंग, जान लें ये 5 ट्रिक

वॉट्सऐप आज दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स के लिए एक प्राइमरी मेसेजिंग ऐप बन गया है। फोटो, विडियो शेयरिंग के साथ इस ऐप के जरिए यूजर्स अपने फ्रेंड्स और फैमिली को विडियो और ऑडियो कॉल भी करते हैं। यूजर्स को बेस्ट इन-ऐप एक्सपीरियंस देने के लिए वॉट्सऐप लगातार नए-नए अपडेट और फीचर लाता रहता है। ये फीचर यूजर्स के चैटिंग को मजेदार बनाने के साथ ही उनकी प्रिवेसी को बेहतर बनाते हैं। वॉट्सऐप अपडेट के साथ जिन फीचर्स को देता है उसके बारे में सभी जानते हैं, लेकिन वॉट्सऐप में कुछ छिपे हुए भी फीचर्स हैं जिनके जरिए आप चैटिंग के मजे को दोगुना कर सकते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ वॉट्सऐप ट्रिक्स के बारे में बता रहें हैं।


बिना टाइप किए भेजें वॉट्सऐप मेसेज

वॉट्सऐप पर मेसेज भेजने के लिए पहले इसे टाइप करने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब आपको कोई मेसेज भेजना हो लेकिन आप टाइप करने की स्थिति में नहीं हैं। इस समस्या के निपटने का एक तरीका है। आप गूगल असिस्टेंट या ऐपल सीरी वॉइस असिस्टेंट की मदद से बिना टाइप किए वॉट्सऐप कॉन्टैक्ट्स को मेसेज भेज सकते हैं। वॉइस असिस्टेंट के जरिए मेसेज भेजने के लिए फोन को टच करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही आप इसके जरिए वॉट्सऐप पर रिसीव किए गए मेसेज को पढ़ भी सकते हैं।


टेस्क्ट का डिजाइन बदलें

अगर आप एक ही फॉन्ट में वॉट्सऐप मेसेज भेजकर बोर हो गए हैं, तो आप इसे बदल भी सकते हैं। आप अपने टेक्स्ट को (स्टार) के जरिए बोल्ड बना सकते हैं। इसके लिए आपको अपने टेक्स्ट की शुरुआत और अंत में इसे लगाना होगा। इसी तरह आप अंडरस्कोर का इस्तेमाल कर टेक्स्ट को इटैलिक्स में बदल सकते हैं। 


अनचाहे ग्रुप में ऐड नहीं होंगे ऐड


कई बार हमें अनचाहे वॉट्सऐप ग्रुप में ऐड कर लिया जाता है। इससे बचने के लिए भी वॉट्सऐप यूजर्स को एक फीचर देता है। अगर आप चाहते हैं कि आपको कोई फालतू के ग्रुप में ऐड ना करे तो आप सेटिंग में कुछ बदलाव कर सकते हैं। यहां आपको वॉट्सऐप सेटिंग्स के प्रिवेसी ऑप्शन में जाकर ग्रुप पर टैप करना है। यहां आपको ‘नोबडी’ ऑप्शन को सिलेक्ट कर देना है। अगर आप चाहते हैं कि आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट वाले यूजर ही आपको ऐज कर सके तो ‘माय कॉन्टेक्ट्स’ को सिलेक्ट करें।


मोबाइल डेटा और स्टोरेज की बचत


वॉट्सऐप आपके स्मार्टफोन की स्टोरेज मीडिया फाइल्स को ऑटोमैटिक डाउनलोड कर खत्म कर सकता है। अगर आप भी वॉट्सऐप के कारण स्टोरेज के खत्म होने से परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। आप वॉट्सऐप की सेटिंग्स में जाकर मीडिया फाइल्स को खुद से डाउनलोड होने से रोक सकते हैं। सेटिंग्स के डेटा ऐंड स्टोरेज ऑप्शन में जाकर वीडियो और ऑडियो के ऑटोमैटिक डाउनलोड को अनचेक कर दें। आप डॉक्युमेंट्स और फोटोज वाले ऑप्शन को ऑटोमैटिक डाउनलोड के लिए ऑन रख सकते हैं क्योंकि ये ज्यादा स्टोरेज नहीं लेते।




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घर पहुंचते ही खुद हट जाएगा फोन का पासवर्ड

कई लोग फोन को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड या पैटर्न लॉक का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप चाहते हैं कि घर पर या किसी भरोसेमंद जगह पर बार-बार पासवर्ड डालने की जरूरत न पड़े तो एंड्रॉयड में इससे बचने का भी विकल्प है। इसके लिए सेटिंग्स में जाएं और वहां दिए गए स्मार्ट लॉक के फीचर पर टैप करें। फिर ट्रस्टेड प्लेसेस पर जाएं और यहां उन स्थानों की लोकेशन दें जहां पहुंचने पर फोन का पासवर्ड अपने आप हट जाए। फोन का यह फीचर जीपीएस सेंसर का इस्तेमाल करता है। हालांकि यह सुविधा एंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप या उसके ऊपर के वर्जन के स्मार्टफोन यूजर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे नीचे के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले यूजर फोन में स्मार्ट लॉक स्क्रीन एप्लीकेशन इंस्टॉल कर सकते हैं।


गलती से डिलीट हुए नोटिफिकेशन वापस पाएं

कई बार यूजर गलती से नोटिफिकेशन पैनल पर दिखने वाली सभी नोटिफिकेशन डिलीट कर देते हैं। अगर उन्हें कुछ समय बाद यह लगे कि कोई नोटिफिकेशन जरूरी थी तो उसे वापस पाया जा सकता है। इसके लिए अपने स्क्रीन के किसी खाली हिस्से पर लंबे टाइम तक प्रेस करें। फिर विजेट्स पर जाएं। इसे स्वाइप करने पर सेटिंग शॉर्टकट का विकल्प दिखेगा। इसके बाद एक मेन्यू खुलेगा जहां पर आप नोटिफिकेशन लॉग पर टैप करें। इसके बाद डिस्प्ले या होमस्क्रीन पर नोटिफिकेशन लॉग का शॉर्टकट आ जाएगा। इस पर क्लिक करने से यूजर नोटिफिकेशन हिस्ट्री चेक कर सकते हैं।






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Spotify यूजर्स फ्री में पा सकते हैं 3 महीने का Premium सब्सक्रिप्शन, करना होगा ये काम

नई दिल्ली :  Spotify Free Premium Plan: Spotify एक प्रमोशनल प्लान के साथ वापस आ गया है जो यूजर्स को बिना किसी एडिशनल लागत के तीन महीने की एडिशनल सब्सक्रिप्शन ऑफर कर रहा है। हालांकि यह प्लान उन यूजर्स के लिए रिस्ट्रिक्टेड है जो छह महीने के लिए Spotify की इंडिविजुअल प्रीमियम प्लान की सदस्यता लेना चाहते हैं, और जिनके पास पहले से ही किसी भी रिकरिंग प्रीमियम प्लान की सदस्यता नहीं है। इसलिए, अगर आप पहली बार Spotify की सदस्यता लेना चाहते हैं और एक ही अकाउंट रखना चाहते हैं, तो आप इस प्लान पर विचार कर सकते हैं। यूजर्स यह भी ध्यान दें कि यह प्लान 15 अगस्त 2021 तक वैध रहेगा।

Spotifty ऑफर करता है 4 प्रीमियम प्लान

Spotify के चार प्रीमियम प्लान हैं, मिनी, इंडिविजुअल, डुओ और फैमिली जो 25 रुपये प्रति सप्ताह, 129 प्रति माह, 165 रुपये प्रति माह और 199 रुपये प्रति माह के लिए आते हैं। जबकि मिनी और इंडिविजुअल अकाउंट में एक ही अकाउंट होता है, डुओ और फैमिली में 2 और 6 अकाउंट हो सकते हैं। इंडिविजुअल प्लान एक महीने के लिए 129 रुपये, तीन महीने के लिए 389 रुपये, छह महीने के लिए 719 रुपये और एक साल के लिए 1,189 रुपये में आता है। डुओ और फैमिली प्रीमियम प्लान एक ही घर में रहने वाले यूजर्स द्वारा दो और 6 अकाउंट्स तक सब्सक्राइबर हो सकते हैं।

Spotify पर ऐसे मिलेगा एडिशनल सब्सक्रिप्शन

मौजूदा ऑफर छह महीने की इंडिविजुअल प्रीमियम प्लान को चुनने वाले यूजर्स के लिए लागू है। यूजर्स को 719 रुपये का भुगतान करना होगा और वे बिना किसी एडिशनल लागत के तीन महीने के लिए तीन महीने की Spotify सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। यह यूजर्स को 5 डिवाइस पर म्यूजिक सुनने की भी अनुमति देता है। Spotify प्रीमियम प्लान यूजर्स को ad-फ्री म्यूजिक सुनने की अनुमति देता है, गाने डाउनलोड करके ऑफ़लाइन प्लेबैक देता है, और कई डिवाइस का सपोर्ट करता है। यह group listening sessions तक भी पहुंच प्रदान करता है और यूजर्स को 10,000 गाने डाउनलोड करने की अनुमति देता है।

Spotify का ग्रीनरूम देगा क्लबहाउस को कड़ी टक्कर

इस हफ्ते की शुरुआत में, म्यूजिक स्ट्रीमिंग कंपनी ने ग्रीनरूम (Greenroom) नाम से अपना लाइव ऑडियो रूम ऐप लॉन्च किया, जो लोकप्रिय लाइव ऑडियो रूम ऐप क्लबहाउस (Clubhouse) को कम्पीट करेगा। Spotify ग्रीनरूम यूजर्स को बातचीत सुनने और लिस्टनर को संबोधित करने की अनुमति देता है। यूजर्स बिना किसी इनविटेशन के ग्रूप में आसानी से शामिल हो सकते हैं। यूजर्स अपनी रुचि के विषयों या उन सत्रों से संबंधित सेशन की तलाश कर सकते हैं जिनका वे हिस्सा बनना चाहते हैं। Spotify ग्रीनरूम प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। ऐप नई ब्रांडिंग के साथ आता है, किसी भी यूजर के लिए लाइव रूम में होस्ट करने या भाग लेने की सुविधा देता है। यूजर्स ग्रीनरूम में लॉग इन करने के लिए अपने Spotify लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल कर सकते हैं।



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बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर की लोकल डिस्क ड्राइव को ऐसे छिपाएं

सामान्य तौर पर हमें कंप्यूटर या लैपटॉप की लोकल हार्ड डिस्क को लॉक करने के लिए इंटरनेट पर बहुत से सॉफ्टवेयर्स मिल जाते हैं। लोकल हार्ड डिस्क को लॉक करना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि हम सभी के पास बहुत सा निजी डाटा जैसे-पिक्चर्स, वीडियोज, फिल्म्स इत्यादि रहता है, जिसे हम प्राइवेसी के चलते हमारे कंप्यूटर की लोकल डिस्क में दिखाना नहीं चाहते। इसलिए हम उन सभी लोकल डिस्क ड्राइवस को छिपा सकते हैं। ज्यादातर लोग शायद नहीं जानते कि इन डिस्क ड्राइव को सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल किए बिना मैन्युअली कैसे छिपा सकते हैं। इसके लिए बस आपको नीचे दी गई सिंपल सी ट्रिक इस्तेमाल करनी होगी और फिर कुछ ही सेकंड में लोकल डिस्क ड्राइवस बिना सॉफ्टवेयर के आप छिपा सकेंगे और जब भी हमें जरूरत पड़े तो बाद में उस ड्राइव को एक्सेस भी कर सकेंगे।


कंप्यूटर की लोकल डिस्क ड्राइव को कैसे छिपाएं...


-सबसे पहले स्टार्ट पर जाएं, फिर रन पर क्लिक करें और अब डिस्कपार्ट टाइप करें

-अब आप देखेंगे कि एक नई विंडो खुल गई है। इस विंडो में लिस्ट वालयूम टाइप करें, फिर आपके सामने सिस्टम में उपलब्ध सारी ड्राइव दिखने लगेगी।

-सेलेक्ट वालयूम 3 टाइप करें और एंटर को दबा दें।

-अब रिमाव लेटर ई को टाइप करें और दोबारा एंटर को दबा दें।


बस अब आप माई कम्पयूटर में जाकर देख सकते हैं कि ई ड्राइव छिप गई है।


(ध्यान देंः इस चीज को ठीक से चेक कर लें कि आपके सिस्टम में किस एलटीआर के साथ कौन सा वॉल्यूम मैच कर रहा है, जैसे-तस्वीर में ई ड्राइव के लिए वालयूम 3 निर्धारित किया गया है)


कंप्यूटर की डिस्क ड्राइव को अनहाईड कैसे करें...


-सबसे पहले स्टार्ट पर जाएं, फिर रन पर क्लिक करें और अब डिस्कपार्ट टाइप करें

-अब आप देखेंगे कि एक नई विंडो खुल गई है। इस विंडो में लिस्ट वालयूम टाइप करें, फिर आपके सामने सिस्टम में उपलब्ध सारी ड्राइव दिखने लगेगी

-सेलेक्ट वालयूम 3 टाइप करें और एंटर को दबा दें।

-अब एसाईन लेटर ई टाइप करें और दोबारा एंटर को प्रैस करें


बस अब माई कम्पयूटर में जाएं और आप देखेंगे कि ई ड्राइव अनहिडेन होग गई है, इसका मतलब है कि आपकी छिपी ड्राइव दोबारा दिखने लगी है।



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लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो इन खास बातों का रखें ध्यान

जब आप लैपटॉप खरीदने जाते हैं तो सही और उचित डिवाइस का चुनाव कैसे करते हैं..कहीं उहापोह में तो नहीं फंस जाते आप! तो चलिए हम बताते हैं राह- अधिकांश लोगों के लिए यह प्रोसेसर से शुरू होता है, इसके बाद कितने कोर हैं, कोर आइ3 या कोर आई5 है इसके बाद प्रोसेसर की स्पीड, रैम की क्षमता, इंटर्नल स्टोरेज और अंत में वजन और लुक्स पर बात आकर खत्म होती है।


यदि कंज्यूमर को प्रोसेसर, रैम की क्षमता, इंटर्नल स्टोरेज और लुक्स के साथ इसकी कीमत उचित लगती है, तो वह खरीद लेता है। लेकिन लैपटॉप खरीदने का यह तरीका गलत है। पिछले कुछ वर्षो में कंपनियां अपनी मार्केटिंग के लिए कंज्यूमर्स को लुभावनी बातों से बहका देती हैं और उन्हें लैपटॉप खरीदते वक्त कोर पर ध्यान देने कहती है। लेकिन उस वक्त आपको बहकावे में न आकर खुद जांच परख करना चाहिए। यहां हम आपको बताते हैं लैपटॉप खरीदने के लिए जरूरी टिप्स- क्या जरूरी नहीं है-


प्रोसेसरः जब आप कोई विशेष लैपटॉप नहीं खरीद रहे जैसे गेमिंग लैपटॉप या मशीन जिसपर आप 3डी मॉडलिंग कर सकें तो प्रोसेसर इनके लिए महत्वपूर्ण नहीं। पिछले कुछ वर्षों में प्रोसेसर काफी शक्तिशाली हो गया है। आजकल आमतौर पर वेब ब्राउसर जैसे प्रोग्राम्स में आई3 प्रोसेसर का 20 फीसद प्रोसेसिंग पावर भी उपयोग नहीं होता। मैकबुक एयर जैसे तेज मशीन बस 1.4 जीएचजेड डुअल कोर प्रोसेसर का प्रयोग करते हैं। इसलिए लैपटॉप खरीदते वक्त प्रोसेसर की चिंता न करें। हां कोर आई7 कोर आई5 से बेहतर है, और कोर आई5 कोर आई 3 से बेहतर है। लेकिन यदि आप आम तौर पर उपयोग के लिए लैपटॉप ले रहे हैं तो कोर आई 3 वाला मशीन काफी है।

 

रैमः आजकल सभी लैपटॉप में 4 जीबी रैम होता है। जो आपकी जरूरत के लिए काफी है। इससे ज्यादा आपको मिल रहा है तो जाइए पर केवल अधिक क्षमता वाले रैम की वजह से लैपटॉप न चुनें क्योंकि इससे जरूरी चीजें हैं डिवाइस को चुनने के लिए।


ग्राफिक कार्डः क्या आप अपने लैपटॉप पर बैट्लफील्ड जैसा कोई गेम खेलने जा रहे हैं? नहीं, तब ग्राफिक कार्ड की चिंता करने की जरूरत नहीं। एक समय था जब डिवाइस में लगा हुआ ग्राफिक कार्ड कमजोर हुआ करता था पर अब ऐसा नहीं है। पर आज यदि आप वेब ब्राउज और वीडियो देखने के लिए लैपटॉप खरीद रहे हैं तो ग्राफिक कार्ड का बिल्कुल न सोचें।


स्क्रीन साइजः बड़े स्क्रीन साइज को देखकर लैपटॉप की शॉपिंग न करें। खराब डिस्प्ले या कम रेज्योलूशन के साथ बड़ा स्क्रीन आपके कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस पर गलत प्रभाव डालेगा।


कितनी जल्दी ऑन होता है डिवाइसः करीब सभी नए लैपटॉप 30 सेकेंड से भी कम समय में ऑन हो जाते हैं। जो सबसे बेकार लैपटॉप होता है वह 30 सेकेंड का समय लेता है बेहतर डिवाइस के लिए 15 सेकेंड काफी है। लेकिन यह सब केवल नए डिवाइस के लिए है। जैसे जैसे आप इसमें प्रोग्राम्स डाउनलोड करते जाएंगे ऑन होने में डिवाइस देर लगाएगा ही। लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं, लैपटॉप शापिंग के लिए।


सिक्योरिटी फीचर्सः फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि से न डरें। एक बार लैपटॉप खरीदने के बाद बस एक अच्छा सा पासवर्ड डालें बस आपका डाटा सुरक्षित रहेगा। क्या है महत्वपूर्ण स्क्रीन की क्वालिटी स्क्रीन ही आपके लैपटॉप का प्रमुख कंपोनेंट है। यह अच्छा होगा तभी आपको अच्छा कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। कंपनियां प्रोसेसर क्षमता तो बढ़ा रहीं हैं पर स्क्रीन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती। यदि आप 75,000 रुपए से ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आइपीएस स्क्रीन वाला लैपटॉप लें। अधिकांश लैपटॉप में टीएन पैनल की स्क्रीन होती है।


इनमें अंतर क्या है: चलिए समझते हैं। आपकी तस्वीर गैलेक्सी टैबलेट या आइफोन पर ज्यादा अच्छी दिखेगी जबकि लैपटॉप पर उतनी अच्छी नहीं। क्योंकि अधिकांश टैबलेट और फोन में आइपीएस स्क्रीन होती है। यदि आप ज्यादा खर्च नहीं भी कर रहे हैं तो स्क्रीन पर ध्यान देना जरूरी है इसके लिए आप किसी लैपटॉप शो में जाइए और जो भी लैपटॉप आपको पसंद आ रहा हो उसको परखिए। अपने साथ एक पेन ड्राइव ले जाना मत भूलिए जिसमें आपकी कुछ तस्वीरें हो। इस पेनड्राइव को लैपटॉप में लगाइए ओर अपनी तस्वीरों पर एक नजर डालिए कि वह कैसा दिखता है। तस्वीर में रंगों का तालमेल सही है या नहीं? एंगल भी बदल कर तस्वीरों को देखिए अगर ऐसा करने पर तस्वीरों के रंग में ज्यादा बदलाव नहीं तब स्क्रीन अच्छी है। इसके बाद स्क्रीन का रेज्योलूशन जरूर देखें। ज्यादा रेज्योलूशन वाला स्क्रीन इमेज को बेहतर लुक प्रदान करता है। 1080 पिक्सल फुलएचडी या 1600 गुणा 900 पिक्सल रेज्योलूशन वाला स्क्रीन देखकर लैपटॉप खरीदें।


कीबोर्ड और टचपैडः लैपटॉप में दो महत्वपूर्ण पार्ट है- कीबोर्ड और टचपैड जिसे आमतौर पर कंज्यूमर्स नहीं देखते हैं। अच्छे लैपटॉप के पास ऐसे टाइपिंग कुंजीपटल होते हैं जो बेहतर है बस आप यह टाइप करते हुए यह जांच लें कि खट-खट की आवाज यह फिर ढीला सा कीबोर्ड न हो। यह आपको 100-200 शब्दों के टाइपिंग के बाद ही पता चल जाएगा। लैपटॉप में टचपैड को रेस्पांसिव होना चाहिए। उपयोग के वक्त कर्सर को स्क्रीन पर आराम से चलना चाहिए। अगर आप लैपटॉप के लिए ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आपको ग्लास टचपैड वाला मशीन लेना चाहिए।


कैसा हो बनावटः ऐसे लैपटॉप को चुनें जिसमें मेटल यानि एल्युमिनियम या मैग्नीशियम की बॉडी हो। कार्बन फाइबर की बॉडी भी अच्छा है। लेकिन यह महंगा होता है। यदि आप प्लास्टिक बॉडी देख रहे हैं तो उन लैपटॉप को देखें जो बेहतर बनावट के साथ है। स्पीकर्सः लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो अपने पेनड्राइव में गाने ले जाना न भूलें। मशीन पर ये गाने चलाएं। यदि आपके लैपटॉप में अच्छे स्पीकर्स हैं तो आप यूट्यूब वीडियो का भी आप आनंद ले सकेंगे।


वजनः यह तो काफी जरूरी है क्योंकि लैपटॉप आपके साथ इधर उधर तो जाएगा ही। इसलिए 2 किलाग्राम से कम वजन वाले लैपटॉप को चुनें।


बैटरीः बेहतर बैटरी क्षमता वाले लैपटॉप को चुनें। एपल के अलावा कोई और कंपनी हमें बेहतर बैटरी के साथ लैपटॉप नहीं दे सकता है। लेकिन फिर भी यदि किसी कंपनी का दावा है कि उसका मशीन 10 घंटे तक बैटरी लाइफ दे सकता है तो यह तो पक्का है कि 7 घंटे तक बैटरी चलेगी ही। तो वे लैपटॉप जो 6-7 घंटे तक बैटरी लाइफ देने का दावा करते हैं उनके मुकाबले 10 घंटे तक की बैटरी लाइफ वाला मशीन ज्यादा बेहतर है। जब भी आप लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो सेल्समैन द्वारा दिए जा रहे व्याख्यान पर कभी भी विश्वास न करें, बस अपनी आंखों पर विश्वास करें।



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बिना सीन हुए ऐसे देखें दूसरों की इन्स्टा स्टोरी, किसी को नहीं होगी कानों-कान खबर

दोस्तों के साथ फोटो-वीडियो शेयर करना हो या कोई स्टोरी लगानी हो, युवाओं के लिए इंस्टाग्राम एक सबसे पॉपुल्यर सोशल मीडिया प्लेयफॉर्म है। लोग इंस्टा स्टोरी पर हर दिन कुछ न कुछ फोटो या वीडियो शेयर करते है, जिसे देखने के बाद उस उस स्टेटस की सीन लिस्ट में आ जाते है। कई बार ऐसे स्टेटस भी आप देख लेते है, जिसे आप नहीं देखना चाहते हैं। ऐसे में ना चाहते हुए भी आप उस यूजर की सीन लिस्ट में आ जाते है। लेकिन आज हम आपको ऐसी ट्रिक बताने जा रहे है, जिसकी मदद से आप चुपचाप अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड लिस्ट में मौजूद यूजर्स का स्टेटस देख सकते हैं और इससे आपका नाम 'सीन' लिस्ट में नजर भी नहीं आएगा।


ट्रिक नंबर-1 

यह सबसे सरल तरीका है जिसका उपयोग आप किसी की इंस्टाग्राम स्टोरी को बिना जाने उसे देखने के लिए कर सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि आप जिस स्टोरी को आप सिक्रेटली देखना चाहते हैं, उसके बजाय अगली-इन-लाइन स्टोरी पर टैप करें। अब, उस स्टोरी पर टैप कर पॉज कर दें। एक बार, ऐसा हो जाने के बाद, आपको दूसरी स्टोरी तक पहुंचने के लिए बाईं ओर स्वाइप करना होगा जिसे आप देखना चाहते थे। इसे धीरे-धीरे करने की जरूरत है। इसके बाद, आप दोनों इंस्टाग्राम स्टोरीज के मिडिल प्वाइंट पर पहुंच जाएंगे, जहां से आप सीन लिस्ट में आए उसे यूजर की स्टोरी पर एक नजर डाल सकते हैं, जिसे आप देखना चाहते थे।


ट्रिक नंबर-2 

एयरप्लेन मोड की मदद से भी आप बिना सीन हुए किसी की स्टोरी देख सकते हैं। इसके लिए बस आपको इतना करना है कि अपने एंड्रॉइड या आईओएस फोन पर इंस्टाग्राम ऐप खोलें। कहानियों के लोड होने के लिए कुछ सेकंड वेट करें। ऐसा होने के बाद तुरंत एयरप्लेन मोड चालू करें। अब, ऐप पर वापस जाएं और उन इंस्टाग्राम स्टोरीज को खोलें जिन्हें आप देखना चाह रहे थे। इस तरह, उस व्यक्ति की स्टोरी देख लेंगे।


ट्रिक नंबर-3 

आप वेब के जरिए भी लोगों की इंस्टाग्राम स्टोरीज को बिना सीन हुए देख सकते हैं। इसके लिए आपको बस 'क्रोम आईजी स्टोरी' क्रोम एक्सटेंशन इंस्टॉल करना होगा और बिना किसी को सीन हुए आप स्टोरी देख सकते हैं। इसके लिए बस एक्सटेंशन डाउनलोड करें, इंस्टाग्राम का वेब वर्जन खोलें और अपनी आईडी के साथ लॉग इन करें। एक बार यह हो जाने के बाद, आप लोगों की इंस्टाग्राम स्टोरीज को बिना जाने उन्हें देखना शुरू कर सकते हैं।


ट्रिक नंबर-4

इस ट्रिक में ऐप्स शामिल हैं। आईओएस पर, आप ऐप स्टोर से रेपोस्ट स्टोरीज ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। एक बार डाउनलोड हो जाने के बाद, अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में लॉग इन करें और उस यूजर को सर्च करें, जिसकी स्टोरी आपको बिना सीन हुए देखनी है। अब, आपको पिछले 24 घंटों में उस यूजर की पोस्ट की गई स्टोरी का एक फोल्डर मिलेगा। आप उस फोल्डर को सिलेक्ट कर सकते हैं और स्टोरी को एक-एक करके उस व्यक्ति के जाने बिना देख सकते हैं। 


ट्रिक नंबर-5

एंड्रॉइड पर, आप ब्लाइंडस्टोरी ऐप के जरिए स्टोरी देख सकते है। इसके लिए बस इसे ऐप को इंस्टॉल करें और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में लॉग इन करें। अब, आपको कई प्रोफाइल ढूंढने का ऑप्शन दिखाई देगा। बस उस यूजर को सर्च करें जिसकी स्टोरी आप देखना चाहते हैं और आप वहां स्टोरी आप देख पाएंगे। आप स्टोरीज को बिना जाने उन्हें देखने के लिए उन पर टैप कर सकते हैं।



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आपका पार्टनर कितना करता है आपसे प्यार? Facebook की इस धांसू Trick से चल जाएगा पता

Facebook Tips And Tricks: फेसबुक का इस्तेमाल करोड़ों भारतीय करते हैं. फेसबुक पोस्ट से लेकर मैसेज तक, यूजर्स इस एप का पूरा मजा उठाते हैं. इसको और मजेदार बनाने के लिए लोग टिप्स और ट्रिक्स की खोज करते रहते हैं. फेसबुक के अंदर कई ऐसे फीचर्स हैं, जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. क्या आपको पता है किसने आपकी कितनी पोस्ट पर लाइक किए. इसका भी पता लगाया जा सकता है. अगर आपको जानना हो कि आपके पार्टनर ने आपकी साल भर में कितनी पोस्ट को लाइक किया, तो इसका पता आसानी से चल जाएगा. आइए बताते हैं कैसे...

किसी ने आपकी कितनी पोस्ट को लाइक किया. इसका पता फेसबुक से ही पता लगाया जा सकता है. आपको इसके लिए किसी थर्ड पार्टी एप का भी इस्तेमाल नहीं करना है. आपको बस कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा.

बस फेसबुक सर्च बार में जाएं, और अपने दोस्त के नाम के बाद "फोटो लाइक्स" टाइप करें. परिणाम आपके मित्र को पसंद की सभी तस्वीरें दिखाएगा. आप "इस महीने XXXXX द्वारा पसंद की गई तस्वीरें" या "पिछले सप्ताह" या "2020 में" जैसी चीजों को जोड़कर परिणाम को फ़िल्टर कर सकते हैं. 

जब आप टाइप करना शुरू करते हैं तो यह किसी के साथ भी काम करता है; यह आपके रिश्ते की स्थिति के आधार पर "मेरी गर्लफ्रेंड," "मेरा ब्वॉयफ्रेंड," जैसे सुझाव दिखाता है.

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WhatsApp की तगड़ी ट्रिक, बिना नंबर सेव किए कर सकेंगे मैसेज; अपनाएं ये तरीका

नई दिल्ली: वॉट्सऐप पर आप जब भी किसी अंजान व्यक्ति को मैसेज करना चाहते हैं तो पहले उसका नंबर अपने फोन में सेव करना पड़ता है. कई बार सिर्फ एक मैसेज भेजने के लिए नंबर सेव करना बोझिल लगने लगता है. इसलिए आज हम आपको उस ट्रिक के बारे में बताएंगे जिसका यूज करने पर आप अपने फोन में किसी का नंबर सेव किए बिना उसे वॉट्सऐप पर मैसेज भेज सकेंगे. 


इन स्टेप्स को करना होगा फॉलो

1. सबसे पहले मोबाइल या डेस्कटॉप पर वेब ब्राउजर खोलना होगा.
2. फिर आपको https://api.whatsapp.com/send?phone=XXXXXXXXXXX ये लिंक डालना होगा. इस लिंक में जहां X लिखा है वहां पर कंट्री कोड के साथ फोन नंबर डालना होगा.
3. यह नंबर उस व्यक्ति का होना चाहिए जिसे आप WhatsApp मैसेज तो करना चाहते हैं लेकिन नाम सेव नहीं करना चाहते हैं.
4. जब आप नंबर एंटर कर देंगे तो आपको नीचे एक मैसेज लिखा दिखाई देगा. अब नीचे Message +911234567890 on WhatsApp लिखा होगा. इसके नीचे Message लिखा होगा शेयर करने के लिए टैप करें. एक पॉप-अप भी आएगा जिसमें आपको Open WhatsApp Desktop पर टैप करना होगा.
5. आपके पास Looks like you don't have WhatsApp installed! DOWNLOAD or use WhatsApp Web लिखा मैसेज भी आ सकता है. इस स्थिति में आपको पहले WhatsApp डाउनलोड करना होगा. या WhatsApp Web से एक्सेस करना होगा.
6. इसके बाद आप बिना सेव हुए नंबर पर मैसेज कर पाएंगे.

5 डिवाइस में एक साथ चलेगा वॉट्सऐप

वॉट्सऐप (WhatsApp) बहुत जल्द अपने करोड़ों कस्टमर्स को तोहफा देने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि कंपनी इस वक्त मल्टी-डिवाइस (WhatsApp Multi-Device) फीचर पर काम कर रही है जो लगभग पूरा हो गया है. इस फीचर के लॉन्च होते ही आप एक साथ 5 डिवाइसेस पर एक ही नंबर से वॉट्सऐप चला पाएंगे.





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250 रुपये के अंदर मिल रहे एक से बढ़कर एक बढ़िया डेटा प्लान, Airtel से लेकर Jio कर रहे ये ऑफर

नई दिल्ली: डेटा की जरूरतों को पूरा करने के लिए, टेलीकॉम कंपनियां नए प्रीपेड प्लान लॉन्च करती रहती हैं. इसका मकसद ग्राहकों को अधिक से अधिक अपनी तरफ लुभाना होता है. ये प्लान 30 और 60 दिनों की वैलिडिटी के साथ आते हैं. दरअसल, Relience Jio ने हाल ही में एक  प्लान लॉन्च किया है. 247 रुपये के इस प्लान में डेटा अनलिमिटेड है. Jio के इस प्लान में 30 दिनों के लिए 25GB डेटा मिलता है. हालांकि, कई ऐसे प्लान है जो अनलिमिटेड कॉलिंग और मैसेज का बेनिफिट देती है. Jio, Airtel, और BSNL भी सस्ते प्लान के साथ कई बेनिफिट लेकर आते हैं. हम आपसे ऐसे ही कुछ प्लान के बारे में बताने जा रहे हैं जो 250 रुपये में आते हैं और उसमें फायदे अनलिमिटेड है.

Airtel
एयरटेल एक ही सेगमेंट के तहत तीन प्लान पेश करता है. इन प्लान्स की कीमत 98रुपये, 131 रुपये, 248 रुपये हैं. 98 रुपये में 12GB डेटा मिलता है. यह प्लान सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है. 131 रुपये के प्लान में 100MB डेटा, एक महीने के लिए Amazon Prime का एक्सेस, फ्री हैलो ट्यून्स, Airtel Xstream और Wynk Music मिलता है. फिर, 248 रुपये का एक पैक है. इसमें 248, जहां उपयोगकर्ताओं को Wynk Music ऐप में 25GB डेटा और प्रीमियम एक्सेस मिलता है. 

Jio
इसी तरह, रिलायंस जियो एक ही सेगमेंट में तीन पैक पेश करता है. यह प्लान 151 रुपये,  201रुपये, और  251 रुपये के है. ये प्लान 30 दिनों के लिए 30GB, 40GB, 50GB डेटा ऑफर करते हैं. इन पैक्स को वर्क फ्रॉम होम के नाम से जाना जाता है.  दूसरी ओर, वोडाफोन-आइडिया 251 रुपये के पैक, में 50GB डेटा देते हैं. 

BSNL
BSNL का 151 और 198 रुपये का प्लान है. इनमें  40 जीबी और रोजाना दो जीबी डाटा मिलता है. इनकी वैलिडिटी 28 और 50 दिन की है. इसमें जिंग म्यूजिक एप और लोकधुन कंटेंट मुफ्त है.


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इन पांच टिप्स के जरिए बचाएं हैकर्स से अपना अकाउंट

इंटरनेट अब हमारी जिन्दगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा बन चुका है। इसका इस्तेमाल हम कम्युनिकेशन के लिए, जानकारी ढूंढने के लिए और पेमेंट करने के लिए करते हैं। लेकिन, इंटरनेट एक ऐसा पहलू है, जहां मौजूद आपकी सेंसिटिव जानकारी का फायदा उठा कर आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। हाल ही में मुंबई के एक व्यापारी के ई-मेल अकाउंट पर हैकर्स ने हमला कर दिया, जिसमें उसे 23 लाख का घाटा उठाना पड़ा। आपके साथ ऐसा न हो और हैकर्स आपको निशाना न बना पाएं, उसके लिए इन 5 टिप्स को फॉलो करें...


स्पैम ईमेल

सभी इंटरनेट यूजर्स ई-मेल को काम और पर्सनल चीजों के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति से सम्पर्क साधने और लुभावने स्कीम्स देने के लिए यह सबसे आसान तरीका है। सबसे ज्यादा फ्रॉड ई-मेल लॉटरी जीतने या किसी पैसे वाले राजकुमार के होते हैं जो आपके जरिये पैसा इस्तेमाल करना चाहते हैं। या फिर ऐसे अनजान लोग जो आपके नाम जायदाद छोड़ गए हों भी आपको फंसा सकते हैं। इस तरह के किसी भी ई-मेल को न खोलें। इसके अलावा अनजान या जान-पहचान के किसी व्यक्ति की तरफ से आए ई-मेल के अटैचमेंट में स्पाईवेयर या वाइरस भी हो सकते हैं। इस तरह का कोई भी संदेहास्पद ईमेल न खोलें और न ही अटैचमेंट डाउनलोड करें। किसी अनजान सेंडर को अपनी जानकारी भी न भेजें।


नकली वेबसाइट/ऐप्स

नकली वेबसाइट्स और संदिग्ध स्मार्टफोन/टैबलेट ऐप्स भी आपको फंसा सकती हैं। कई बैंकों की वेबसाइट्स की हूबहू नकल तैयार कर लोगों को बेवकूफ बनाया जाता है। लोग इसमें उलझ जाते हैं और अपना लॉग इन आईडी और पासवर्ड दे बैठते हैं। अगर आप अपनी ये जानकारी वहां दे देते हैं तो यह नकली वेबसाइट बनाने वाला आसानी से आपका अकाउंट ऐक्सेस कर लेता है। ऐसी नकली वेबसाइट पहचानने का सबसे आसान तरीका है ब्राउजर अड्रेस बार देखने का। सुनिश्चित करें कि वेबसाइट के अड्रेस से पहले एचटीटीपीएसः लगा हो। ऐप्स के मामले में, सबसे पहले डिवेलपर का नाम चेक करें (आमतौर पर ऐप स्टोर में यह ऐप के नाम के नीचे लिखा होता है) और किसी भी बैंकिंग ऐप को इन्स्टॉल करने से पहले उसके रिव्यू पढ़ें। सिर्फ ऑफिशल ऐप स्टोर्स से ही बैंकिंग ऐप डाउनलोड करें। इसका मतलब है कि यह वेबसाइट सिक्यॉर सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करती है। सभी बैंकों की वेबसाइट ऐसा ही सर्टिफिकेट इस्तेमाल करती हैं।


ज्यादा ही लुभावने ऐड

अगर आप किसी प्रॉडक्ट को बेहद कम कीमत पर बिकते देखें, तो हो सकता है कि यह कोई स्कैम हो। ऑनलाइन आपको डिस्काउंट मिलते हैं, लेकिन अगर किसी चीज की कीमत रीटेल प्राइस से 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक कम नजर आए तो सावधान हो जाएं। आमतौर पर इस तरह के डील्स डालने वाले लोग आगे से पैसा मांगते हैं। ध्यान रखें कि ये प्रॉडक्ट चुराए हुए या इम्पोर्टेड भी हो सकते हैं। अगर आपको कोई जेनुइन प्रॉडक्ट मिल भी जाए तो विक्रेता के आईडी प्रूफ की कॉपी जरूर लें।


की लॉगर

की लॉगर एक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर है जिसे इन्स्टॉल करने से आप कीबोर्ड पर दबाए जाने वाले हर बटन को रिकॉर्ड कर सकते हैं। एक फ्रॉड अलग-अलग वेबसाइट्स पर आपके लॉगइन डीटेल्स इन की प्रेस के लॉग से हासिल कर सकता है। पब्लिक इंटरनेट कैफे इस तरह के की लॉगर इन्स्टॉल करने के लिए एक आसान टारगेट हैं जहां भोले-भाले यूजर फंस जाते हैं। यह जानने का कोई तरीका नहीं है, कि किसी पब्लिक सिस्टम पर की लॉगर है या नहीं। इसलिए सार्वजनिक कम्प्यूटरों पर लॉग इन डीटेल डालने के लिए वर्चुअल की-बोर्ड्स का इस्तेमाल करें। विंडोज 8 में ऑन-स्क्रीन की बोर्ड्स भी इस तरह के फ्रॉड से बचने का एक तरीका हो सकते हैं। स्टार्ट मेन्यु-ऑल प्रोग्राम्स-अक्सेसरीज-ईज ऑफ ऐक्सेस-ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।


फोन पर क्रेडिट कार्ड डीटेल्स

बैंक्स द्वारा इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई विज्ञापन निकाले जाते हैं। आपके बैंक से कभी भी कोई आपको फोन कर आपके क्रेडिट कार्ड डीटेल्स नहीं पूछेगा। बैंक के नाम पर आने वाला कोई भी कोई भी कॉल जो बैंक डीटेल्स मांगे, खतरे की घंटी है। क्रेडिट कार्ड या नेटबैंकिंग से संबंधित जानकारी फोन पर किसी से भी कभी शेयर न करें। चाहे कॉलर आपके बारे में सबकुछ जानता ही क्यों न हो।




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इंटरनेट की लत न लग जाए

इंटरनेट का अत्यधिक इस्तेमाल किसी नशे की आदत से कम नहीं। इससे प्रभावित होता है किशोरों का सामान्य जीवन व विकास। जरूरी है समय रहते इस पर नियंत्रण करना...


अंशिका की उम्र 17 वर्ष है। पढ़ाई में वह ठीक है, पर उसकी उम्र के अन्य बच्चों की तरह आउटडोर गेम्स में उसकी कोई रुचि नहीं है। सहेलियों से मिलना-जुलना भी उसे अच्छा नहीं लगता। उसका ज्यादातर समय अपने लैपटॉप पर बीतता है। लैपटॉप पर गेम्स खेलने और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दोस्तों से कनेक्ट रहना उसे भाता है। अंशिका के माता-पिता लैपटॉप से चिपके रहने की अंशिका की इस आदत से परेशान हैं। उन्होंने अंशिका को लैपटॉप से दूर करने व उसे सामान्य जिंदगी में वापस लाने की हर संभव कोशिश की। इंटरनेट का कनेक्शन हटवा दिया। उसका लैपटॉप छिपा दिया, पर इसका सकारात्मक प्रभाव पडने के बजाय एकदम उलटा असर हुआ। अंशिका ने खाना-पीना छोड़ दिया। उसने माता-पिता को धमकी दे डाली कि अगर उसका लैपटॉप वापस न मिला तो वह स्कूल नहीं जाएगी। उसकी इस जिद और धमकी से मां-बाप भी बेबस और परेशान हो गए। उन्हें समझ नहींआ रहा था कि वे क्या करें?


यह सिर्फ अंशिका की समस्या नहीं, बल्कि उसकी उम्र के बहुत से किशोरों की यही समस्या है। रात-दिन लैपटॉप व इंटरनेट से जुड़े रहने की उनकी आदत ने उनकी सामान्य जिंदगी व विकास को काफी बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेषज्ञ इस आदत को इंटरनेट एडिक्शन बताते हैं। विशेषज्ञों की राय में इंटरनेट एडिक्शन की तह में और भी कई गंभीर समस्याएं हैं। पढ़ाई व जीवन में आगे बढने का तनाव, सामाजिक मेलजोल में परेशानी इत्यादि समस्याएं इंटरनेट एडिक्शन को बढ़ावा देती हैं। किशोरों को लगता है कि लैपटॉप व इंटरनेट पर समय बिताने पर वे अपनी इन समस्याओं को भुला सकते हैं। सामान्य बातचीत में अंशिका ने अपने मन की परतें खोलते हुए कहा कि मुझे अपनी जिंदगी अच्छी नहीं लगती। मैं खुद से प्यार नहींकरती। मैं सिर्फ तभी अच्छा महसूस करती हूं, जब इंटरनेट पर वर्चुअल वल्र्ड के अपने दोस्तों के साथ गेम खेलती हूं।


शोधकर्ताओं के मुताबिक मादक पदार्थ की लत रखने वाले शख्स को नशे की हालत में जिस आनंद की प्राप्ति होती है, ठीक वैसा ही कुछ इंटरनेट एडिक्ट किशोर व युवा महसूस करते हैं जब उन्हें अपने फेसबुक पेज पर लाइक या गेम में जीत हासिल होती है। इंटरनेट एडिक्शन की इस समस्या से बचने के उपाय समय रहते करना आवश्यक है।


हो जाएं सावधान...


-अगर आपका बेटा या बेटी अपने आसपास के महौल के प्रति उदासीन रहता है। सामाजिक मेल-जोल से उसने जानबूझ कर दूरी बना ली है, ताकि अपना सारा समय वह लैपटॉप व इंटरनेट पर व्यतीत कर सके।


-अगर आप उसका लैपटॉप ले लेती हैं या वाई-फाई कनेक्शन ऑफ करती हैं तो उसका मूड बेहद उखड़ जाता है।


-उसके व्यवहार में चिड़चिड़ापन नजर आता है, जब आप उससे इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर सवाल करती हैं। इस संबंध में उसे आपसे झूठ बोलने से भी गुरेज नहींहोता।


-इंटरनेट पर समय बिताने के बाद थोड़ी देर के लिए उसे स्विच ऑफ करने पर भी उसके दिमाग में वही बातें घूमती रहती हैं। उसे आपसे या आसपास के माहौल से कोई मतलब नहींहोता।


-इंटरनेट एडिक्शन की इस आदत के कारण उसका सामान्य जीवन प्रभावित होता नजर आता है। स्कूल में उपस्थिति कम हो जाती है। खाना-पीना व सोना समय से नहींहोता।


-उसकी इस आदत के कारण घर पर माता-पिता के साथ तनाव का माहौल बन जाता है।


नियंत्रण के उपाय...


संवाद व जुड़ाव कायम करें

बच्चे की दुनिया का हिस्सा बनने की कोशिश करें। उसके आसपास रहें। हो सकता है कि शुरुआत में वह इसे पसंद न करे, पर आपको उसके आसपास रहना है। उससे बातचीत करें। उसके पसंदीदा टीवी शो, फिल्मों, म्यूजिक इत्यादि की चर्चा करें। उसकी बातों को सुनें।


सोच को करें साझा

एक बार जब दूरियां पिघलने लगें तो बातों ही बातों में उसके सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश करें। इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर उसकी सोच जानें। फिर बेहद संयमित शब्दों में अपनी सोच साझा करें। हो सकता है कि उसे आपका पक्ष भी उचित लगे और इंटरनेट के नियंत्रित इस्तेमाल को लेकर कोई बीच का रास्ता निकल आए। इंटरनेट के संतुलित इस्तेमाल का यह नियम परिवार के सभी सदस्यों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।


मनोरंजन के अन्य विकल्प

लैपटॉप पर वीडियो गेम्स का आकर्षण व रोमांच जबर्दस्त होता है। वहींरोमांच उसे दूसरे माध्यमों से मिलना मुश्किल है, पर इस संबंध में कोशिश जरूर करें। उसे गिटार, मार्शल आर्ट या डांस क्लासेज जॉएन करने के लिए प्रेरित करें। इनडोर व आउटडोर गेम्स भी अच्छे होते हैं। उसे इनके फायदे बताएं। हो सकता है कि धीरे-धीरे उसे इनमें मजा आने लगे।


काउंसलर से परामर्श

उपरोक्त उपायों के बावजूद अगर समस्या बनी रहती है तो उसे बाल मनोवैज्ञानिक सलाहकार के पास उसे ले जाएं। बच्चे की मनोस्थिति व पूरी परिस्थितियों को समझकर समस्या का समाधान सुझाना बाल मनोवैज्ञानिक सलाहकार के लिए संभव होगा। इंटरनेट के इस्तेमाल पर विराम लगाना तो संभव नहीं है, पर यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि बच्चा इंटरनेट एडिक्शन का शिकार न हो जाए। इस संबंध में शुरू से ही समझ-बूझ अपनाना जरूरी है।



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इस ट्रिक से पता लगाएं की चोरी से कौन देख रहा है आपकी व्हाट्सप्प DP

नई दिल्ली: WhatsApp के कई ऐसे Tips & Tricks हैं जिनके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं. ऐसी ही एक नई Trick के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं. जो WhatsApp की Profile Pic की जुड़ी है. इस ट्रिक के जरिए आप आसानी से पता लगा सकते हैं की कौन आपकी WhatsApp फोटो चुपचाप देख रहा है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

ऐसे लगाएं पता की कौन देख रहा है WhatsApp पर आपकी DP 
-आपकी व्हाट्सऐप प्रोफाइल फोटो पर कौन-कौन नजर रख रहा है, इस बात का पता लगाने के लिए आपको एक ऐप डाउनलोड करना होगा.
-इसके लिए सबसे पहले गूगल प्ले-स्टोर से अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में WhatsApp-Who Viewed Me या Whats Tracker नाम के ऐप को डाउनलोड करना होगा.
-इस ऐप को डाउनलोड करने के साथ ही आपको 1mobile market को भी डाउनलोड करना होगा. क्योंकि इस ऐप के बिना WhatsApp- Who Viewed Me डाउनलोड ही नहीं होगा. हालांकि 1मोबाइल मार्केट ऐप अपने आप डाउनलोड हो जाएगा. -जब आप एक बार WhatsApp-Who Viewed Me ऐप इंस्टॉल हो जाएगी तो उसके बाद आप उन लोगों को देख सकते हैं, जो कि आपकी व्हाट्सऐप प्रोफाइल फोटो तो देखते हैं, लेकिन आपको पता नहीं लगता है.

24 घंटे के भीतर प्रोफाइल फोटो वाले लोगों की ही मिलेगी जानकारी 
ऐप से मिली लिस्ट से आपको सिर्फ उन लोगों के बारे में पता लग सकेगा, जिन्होंने पिछले 24 घंटे के भीतर आपकी DP देखी होगी. ऐप आपके सामने Contact कैटेगरी रखेगा जहां से आप अपनी फोटो को चोरी-छिपे देखने वालों की लिस्ट देख सकते हैं. 

इन ऐप को डाउनलोड अपने रिस्क पर करें 
इस ऐप को स्मार्टफोन में डाउनलोड करने से पहले इसको पूरी तरह से वेरिफाई कर लें. यह ऐप आपके लिए कितनी सेफ है या नहीं इसको लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं है. इसीलिए अगर आप चाहें तो आपने रिस्क पर इस ऐप को डाउनलोड करें और इस शानदार ट्रिक को आजमा लें.

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Whatsapp पर रिश्तेदारों की Good Morning Photo से भर गया है आपका फोन? इस Trick से नहीं जा पाएगी Gallery में

वॉट्सएप का इस्तेमाल भारत में करोड़ों लोग करते हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्ग वॉट्सएप पर एक्टिव रहते हैं. अक्सर देखा जाता है कि फैमिली ग्रुप या फिर दोस्तों के ग्रुप पर ऐसी तस्वीर पोस्ट होती हैं, जो हमारे कोई काम की नहीं होतीं. सुबह-सुबह आनी वाली गुड मॉर्निंग फोटो सबसे ज्यादा परेशान करती है. कई लोग गुड मॉर्निंग बोलने की बजाय फोटो भेजकर गुड मॉर्निंग करते हैं.

लेकिन इससे मोबाइल का स्पेस भर जाता है. रोज-रोज आने वाली इन फोटोज से हमारी फोन की गैलरी भी भर जाती हैं. स्टोरेज खत्म होने के बाद हमें इसे डिलीट करना पड़ता है. लेकिन एक ट्रिक से आप इसको गैलरी में आने से रोक सकते हैं. इस ट्रिक से आपकी सारी टेंशन खत्म हो जाएगी. आइए जानते हैं इस ट्रिक के बारे में...

जैसे ही आप वॉट्सएप इंस्टॉल करते हैं तो गैलरी में डिफॉल्ट एक फोल्डर बन जाता है. इसमें जो भी वीडियो या फोटो आती हैं, वो अपने आप गैलरी में सेव हो जाती है. अगर आप चाहें तो उसको बंद भी कर सकते हैं. कई लोगों को इसके बारे में पता नहीं है.

एंड्रॉयड यूजर्स ऐसे करें बंद

1. सबसे पहले आप अपना वॉट्सएप ओपन करें और सेटिंग्स में जाएं.
2. सेटिंग्स में आपको चैट ऑप्शन दिखेगा. उसको क्लिक कर दें.
3. टॉगल ऑफ शो मिडिया इन गैलरी पर क्लिक कर दें.
4. उसके बाद वॉट्सएप पर आने वाली फोटो और वीडियो गैलरी में सेव नहीं होंगे.

iOS यूजर्स ऐसे करें बंद

1. सबसे पहले आप अपना वॉट्सएप ओपन करें और सेटिंग्स में जाएं.
2. सेटिंग्स में आपको चैट ऑप्शन दिखेगा. उसको क्लिक कर दें.
3. टॉगल ऑफ सेव टू कैमरा रोल पर क्लिक कर दें.
4. उसके बाद वॉट्सएप पर आने वाली फोटो और वीडियो गैलरी में सेव नहीं होंगे.


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Whatsapp पर गर्लफ्रेंड के साथ करें यह मजेदार Prank, एक सेकंड में Send हो जाएंगे 100 मैसेज

वॉट्सएप का इस्तेमाल करोड़ों लोग करते हैं. मैसेज के साथ-साथ आप ऑडियो या वीडियो कॉल भी कर सकते हैं. इस एप को और मजेदार बनाने के लिए लोग टिप्स और ट्रिक्स को ढूंढते रहते हैं. थर्ड पार्टी एप्स का इस्तेमाल करके लोग लाइफ को और मजेदार बना देते हैं. ऐसे में हम आपको मजेदार ट्रिक बता रहे हैं, जिससे आपका अपना खास इरिटेट हो जाएगा. आइए जानते हैं इस ट्रिक के बारे में...

अगर आपको अपनी गर्लफ्रेंड, दोस्त या फिर रिश्तेदार के साथ प्रैंक करने का सोच रहे हैं. तो वॉट्सएप के जरिए आप सामने वाले से मजाक या फिर उसको इरिटेट कर सकते हैं. इस मजेदार ट्रिक से आप एक सेकंड में एक साथ 100 मैसेज भेज सकते हैं.

जैसे ही सामने वाले के पास मैसेज पहुंचेगा तो कई सेकंड तक फोन बजता रहेगा. जैसे ही वो चैट बॉक्स खोलेगा तो एक जैसे मैसेज इतनी बार देखकर इरिटेट हो जाएगा या कंफ्यूज हो जाएगा कि आखिर इतने सारे मैसेज एक बार में कैसे आ गए.

इसके लिए आपको थर्ड पार्टी एप की मदद लेनी पड़ेगी. आपको प्ले स्टोर से मैसेज ब्लास्ट (Message Blast) एप डाउनलोड करना होगा. डाउनलोड होने के बाद एप को इंस्टॉल करें.

एप को खोलने के बाद आपको मैसेज आइकन नजर आएगा. आप कुछ भी मैसेज लिखिए. जिसको आप 10 से 100 मैसेज तक भेज सकते हैं. आप सिलेक्ट करें कि आपको सामने वाले को कितनी बार मैसेज सेंड करना है.

जैसे आपने 'Hello' लिखा और 100 मैसेज सिलेक्ट कर लिए. नीचे आपको ब्लास्ट बटन नजर आएगा. जैसे ही आप क्लिक करेंगे तो वॉट्सएप एप खुल जाएगा. जिसको आप भेजना चाहते हैं, उसका चैट बॉक्स खोलिए और सेंड बटन दबा दीजिए. सामने वाले के पास 100 मैसेज चले जाएंगे.


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TikTok फिर कर रहा है भारत में वापसी! नए नाम के साथ दिखेगा पुराना अंदाज, जानिए इसके बारे में सबकुछ

TikTok भारत में वापसी की योजना बना रहा है. बाइटडांस ने जुलाई 2021 की शुरुआत में कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइंस एंड ट्रेड मार्क्स के पास TickTock के लिए ट्रेडमार्क फाइल किया था. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.. 

भारत में लाखों टिकटॉक फॉलोअर्स के लिए यह खबर खुशी का कारण हो सकती है, क्योंकि उनका पसंदीदा शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ऐप फिर देश में वापसी की कोशिश कर रहा है. टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस ने पेटेंट, डिजाइन और ऐप के लिए एक ट्रेडमार्क दायर किया है. 6 जुलाई के ट्रेडमार्क आवेदन का विवरण टिपस्टर मुकुल शर्मा ने ट्विटर पर साझा किया है. 

जनवरी 2020 में, भारत सरकार ने कहा कि वह टिकटॉक सहित चीनी फर्मों द्वारा विकसित 59 ऐप पर प्रतिबंध लगा रही है, इस चिंता से कि ये ऐप देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल थे. इनमें शी-इन (Shein), शेयरइट (Shareit), ईएस फाइल एक्‍सप्‍लोर (ES File Explorer) जैसे कई फेमस एप्स थे.

PubG कर रहा भारत में वापसी

टिकटॉक को बैन करने के बाद महीनों बाद सरकार ने काफी मोबाइल गेम पबजी मोबाइल (PUBG Mobile) को भी ब्लॉक कर दिया था. इसने हाल में बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (BGMI) के रूप में वापसी की है.

नया नाम हो सकता है TikTock

ट्रेंडमार्क एप ने संकेत दिए हैं कि TikTok का नाम बदलकर TikTock हो सकता है. इसकी वापसी कब तक होगी, इसकी जानकारी अब तक नहीं लग पाई है. हालांकी बाइटडांस ने कुछ दिन पहले बताया था कि कंपनी मोदी सरकार और अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन के नए आईटी नियमों को देखते हुए ऑपरेशंस को फिर शुरू करना चाहती है.



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व्हाट्सएप अकाउंट को एक से ज्यादा डिवाइस में कैसे चलाएं, जानें पूरी डिटेल

व्हाट्सएप के एक ही अकाउंट को अगर आप दो अलग-अलग स्मार्टफोन में खोलना चाहते हैं तो आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। व्हाट्सएप के अनुसार टेक्निकली ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है कि आप ऐसा कर पाएं। हालांकि व्हाट्सऐप मल्टी डिवाइस फीचर पर काम कर रहा है, तो आने वाले वक्त में ऐसा हो सकता है कि एक ही व्हाट्सऐप अकाउंट को एक से ज्यादा डिवाइस में यूज किया जा सके।


व्हाट्सऐप का मल्टी डिवाइस फीचर


नए फीचर के बाद आप एक साथ 4 डिवाइस को व्हाट्सऐप अकाउंट से लिंक कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल, एक और तरीका है, जिससे आप एक साथ दो डिवाइस में अपना व्हाट्सऐप अकाउंट खोल सकते हैं। व्हाट्सएप वेब के जरिए आप ऐसा कर सकते हैं। आप एक साथ दो स्मार्टफोन में तो नहीं लेकिन एक स्मार्टफोन और एक डेक्सटॉप में अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को खोल सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं।


इस प्रोसेस को फॉलो करें


  सबसे पहले आप कोई सा भी ब्राउजर खोलें, जैसे क्रोम, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट आदि।

  अब आप उसमें व्हाट्सएप वेब यानी वेब.व्हाट्सएप.कॉम खोलें।

  अब सेटिंग्स में जाएं और टॉप राइट कॉर्नर पर दिखने वाले तीन डॉट्स पर क्लिक करें और डेस्कटॉप व्यू पर स्विच करें।

  अब आपके स्क्रीन पर क्यूआर कोड स्कैन करने का ऑप्शन आएगा।

  अपने फोन में व्हाट्सऐप खोलें, सेटिंग्स में जाएं फिर व्हाट्सएप वेब पर क्लिक करें और फिर Link Device पर क्लिक करें।

  क्यूआर कोड को स्कैन करें।

  अब आपका व्हाट्सऐप अकाउंट स्मार्टफोन के अलावा आपके डेक्सटॉप पर भी खुल जाएगा।



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भारत पे टेक्नोलॉजी टीम में करेगी 100 भर्तियां, जानिए, आपके लिए कहां है मौका

नई दिल्ली :  फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी BharatPe ने इस वित्त वर्ष में टेक्नोलॉजी टीम में 100 भर्तियां करेगी। कंपनी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। कॉमर्स एंड कंज्यूमर सेक्शन में कंपनी कई उत्पाद पेश करने वाली है। उसने एक बयान में कि वह टेक्नोलॉजी टीम तीन गुना करेगी तथा इसमें 100 और लोगों को जोड़ेगी।

इस कंपनी ने भारतपे ने वेतन में बदलाव के लिए टेक्नोलॉजी टीम के लोगों के मूल्यांकन का काम आठ महीने प़हले कर दिया है। टीम को इन्क्रीमेंट के रूप में औसतन 75 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिली है। यह एक जुलाई से लागू है। इसमें सीटीसी (कर्मचारी पर कंपनी के कुल व्यय) और कर्मचारी शेयर स्वामित्व योजना के तहत बढ़े शेयर शामिल हैं।

इस समय कंपनी की टेक्नोलॉजी टीम में लगभग 60 कर्मचारी हैं।

भारतपे के सह-संस्थापक एवं मुख्य अधिशासी अधिकारी अशनीर ग्रोवर ने कहा कंपनी टेक्नोलॉजी को आगे रखने वाली वित्तीय सेवा प्रौद्योगिकी (फिनटेक) संगठन है। कंपनी भारत में नयी पीढ़ी की बैंकिंग स्येतेम बना रही है। हम बाजार में अच्छे से अच्छा उत्पाद प्रस्तुत करने के किए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभावों का चयन करना चाहते हैं।

मौजूदा समय में BharatPe सभी मौजूदा UPI ऐप्स के लिए सिंगल इंटरफ़ेस देता है और व्यापरी BharatPe QR के माध्यम से मुफ्त में UPI भुगतान ले सकते हैं। यह व्यापारियों को क्रेडिट और अन्य मूल्य वर्धित सेवाओं तक पहुंचने में भी सहायता करता है।

पिछले महीने कंपनी ने 10 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ देश की सबसे बड़ी मल्टी-ब्रांड लॉयल्टी प्रोग्राम कंपनी, पेबैक इंडिया के अधिग्रहण की घोषणा की।

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WhatsApp ने लॉन्च नया Joinable Group Calls फीचर, अब ऑडियो और वीडियो ग्रुप कॉल करना होगा मजेदार

नई दिल्ली :   WhatsApp से एक नया Joinable Group Calls फीचर जुड़ा है, जिससे WhatsApp यूजर्स को ग्रुप कॉलिंग के दौरान काफी सुविधा होने जा रही है। मतलब यूजर्स को ग्रुप वॉयस और वीडियो कॉल को शुरू में ही ज्वाइन करना जरूरी नहीं होगा। अगर आप किसी काम में व्यस्त हैं, तो ग्रुप कॉलिंग से बीच में कनेक्ट कर सकेंगे। इसके लिए WhatsApp की तरफ से एक नया कॉल बटन दिया गया है। WhatsApp के नये फीचर में एक नया कॉल इन्फॉर्मेशन बटन मिलेगा, जिससे ग्रुप कॉल ज्वाइन करने से पहले यूजर मालूम कर सकेंगे कि ग्रुप कॉल में कौन-कौन शामिल है। साथ ही ग्रुप कॉल के लिए किसे इनवाइट भेजा गया है। WhatsApp की ओनर कंपनी Facebook के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने WhatsApp के नये फीचर का अपने ऑफिशियल Facebook पेज से ऐलान किया है। 

क्या होगा फायदा

WhatsApp joinable Group call फीचर के आने से ग्रुप कॉल को शुरू में ही ज्वाइन करना जरूरी नहीं होगा। नये अपडेट के बाद यूजर ने अगर ग्रुप कॉल को मिस कर दिया है, तो उसके पास ग्रुप कॉल करने वाले को दोबारा से कनेक्ट करने ऑप्शन दिया जाएगा। इससे पहले तक अगर यूजर ने ग्रुप कॉल का नोटिफिकेशन मिस कर दिया है, तो आपको दोबारा से कॉल कॉल से जुड़ने के लिए कॉल को मैसेज करके दोबारा से कनेक्ट करने का मैसेज डालना होता था, जो कि असुविधाजनक था। ऐस में आप कई बार ग्रुप मैसेज को मिस कर कर देते थे।

अपने हिसाब से ज्वाइन कर सकेंगे ग्रुप कॉल 

WhatsApp joinable Group कॉल को फिलहाल एंड्राइड के लिए लॉन्च किया गया है। साथ ही कंपनी ने इसे जल्द iOS बेस्ड डिवाइस के लिए लॉन्च करने का ऐलान किया है। WhatsApp को नये अपडेट के बाद यूजर्स तय कर सकेंगे कि आखिर उन्हें ग्रुप कॉल किस समय कनेक्ट करनी है। यूजर को कॉल ड्रॉप और कॉल को दोबारा ज्वाइन करने के दो ऑप्शन दिये जाएंगे। जब यूजर को ग्रुप कॉल के लिए इनवाइट किया जाएगा, तो उन्हें एक नया नोटिफिकेशन लेआउट मिलेगा, जब उन्हें कॉल के लिए इनवाइट किया जाएगा।



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इस तरह बंद करें साइट्स पर चलने वाली ऑटो प्ले वीडियोज

जब हम कंप्यूटर पर काम कर रहे होते होते हैं और अचानक से कोई बेकार सा तेज आवाज वाला म्यूजिक बज जाए तो क्यो हो। कभी-कभी साइट्स पर वीडियोज होती हैं जो अपने आप चलने लगती हैं। और तब क्या हो जब एक साथ बहुत सारी टैब्स खुली हों और आप ढूंढ ही न पाओ की कौन सी टैब में वीडियो ओपन है। इसके लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा तरीका जिससे आप ऐसे वीडियोज को चलने से पहले ही रोक सकते हैं।


गूगल क्रोम 


क्रोम में मेन्यू पर क्लिक कीजिए। इसमें सबसे नीचे शो एडवांस्ड सेटिंग्स दी गई होंगी। फिर प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर कंटेंट सेटिंग्स पर टैप करें। इसके बाद प्लगइन पर आएं जहां आपको 3 ऑप्शन मिलेंगे।


1- रन आल प्लगइन कंटेंट: इसपर टैप करने से क्रोम सभी अप-टू-डेट प्लगइंस को चलाएगा।


2- डिटेक्ट एंड रन इम्पोर्टेन्ट प्लगइन कंटेंट: क्रोम सिर्फ उन्हीं प्लगइंस को चलाएगा जिसे आप चाहेंगे।


3- लेट में चूज व्हेन तो रन प्लगइन कंटेंट: अगर आप इसपर क्लिक करते हैं तो क्रोम अपने आप चलने वाले प्लगइंस को बंद कर देगा। आप उनपर राइट क्लिक करके ये चुन सकते हैं कि आप उस प्लगइंन को चलाना चाहते हैं या नहीं।


अगर आप प्लगइंस को सिर्फ कुछ ही वेबसाइट्स पर बंद करना चाहते हैं तो आपको मैनेज एक्सेप्शन पर क्लिक करना होगा यहां पर आप वाइटलिस्ट ऑफ एक्सेप्शन खुद बना सकते हैं।


मोजिल्ला फायरफोक्स


अगर आप फायरफोक्स इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप ऑटो प्लेइंग टैब्स को प्लगइंस में जाकर बंद कर सकते हैं। लेकिन यहां आप वाइटलिस्ट ऑफ एक्सेप्शन नहीं बना सकते हैं। हालांकि, जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो आपको बाकि की वेबसाइट्स के लिए ऑटो प्ले का ऑप्शन मिलेगा जिसे आप खुद सेट कर सकते हैं।




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इस तरह कुछ मिनट में करें किसी का भी मोबाइल नंबर ट्रेस

अगर कोई अनजान नंबर्स से आपको बार-बार परेशान कर रहा है तो ऐसे में जरूरी है कि आप उसकी लोकेशन जानकर उसे पकड़वा सकें और तब जरूरत महसूस होती है उस परेशान करने वाले शख्स का मोबाइल नंबर।


आज के समय में शायद ही कोई हो जो अनजान कॉल्स से परेशान न हो। ऐसे में लोग या तो परेशान करने वाले का नंबर सीधे पुलिस की हेल्पलाइन सर्विस को दे देते है या फिर खुद ही ऐसे नबंर्स को ब्लॉक कर देते है, लेकिन अगर कोई अनजान नंबर्स से आपको बार-बार परेशान कर रहा है तो ऐसे में जरूरी है कि आप उसकी लोकेशन जानकर उसे पकड़वा सकें और तब जरूरत महसूस होती है कि उस परेशान करने वाले शख्स का मोबाइल नंबर ट्रेस करने की। इसलिए आज आपको एक स्मार्ट तरीका बता रहे है जिससे आप किसी का भी मोबाइल नंबर बस कुछ मिनट में ट्रेस कर सकते है...


1. सबसे पहले ट्रेस डॉट भारतीयमोबाइल डॉट कॉम साइट पर जाएं।


2. फिर 10 डिजिट मोबाइल नंबर बॉक्स में जिस नंबर को ट्रेस करना है उसका मोबाइल नंबर को एंटर कर दें।


3. अब मोबाइल नंबर एंटर करने के बाद ट्रेस यानि खोजने के विकल्प पर क्लिक कर दें।


5. जैसे ही आप क्लिक आप्शन पर क्लिक करेंगे, उस मोबाइल नंबर की लोकेशन, स्टेट के अलावा और भी कई अन्य जानकारियां सामने आ जाएगी। 






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इन फ्री एप्स से अपने एंड्रायड स्मार्टफोन को बनाएं सुरक्षित

एप्लीकेशन वह सॉफ्टवेयर हैं, जो आपके स्मार्टफोन की स्मार्टनेस को और बढ़ा देता हैं। आपके एंड्रायड फोन में आपकी प्राइवेसी से संबंधित बहुत सा डाटा होता है, जो अगर गलत हाथ में चला जाएं, तो बैठे-बिठाएं लेने के देने पड़ सकते हैं, ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप अपने एंड्रायड की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। इस काम के लिए गूगल प्ले स्टोर पर बहुत से फ्री एप्स दिए गए हैं, इनकी हेल्प से आप अपनी एंड्रायड डिवाइस को प्रोटेक्ट कर सकते हैं, इनमें से तीन बेस्ट फ्री एंड्रायड प्रोटैक्शन ऐप्स के बारे में हम आज आपको बता रहे हैं..


परफेक्ट एप प्रोटैक्टर:- यह एप जैसा कि नाम से ही जाहिर है एप्लीकेशन्स को बहुत परफेक्ट तरीके से प्रोटेक्ट करता है। यह आपके सेलेक्टेड ऐप्स को एक पासवर्ड या पैटर्न के साथ लॉक करता है, स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करता है और जिन एप्स का आप चयन करते हैं उनके स्क्रीन रोटेशन को कंट्रोल करता है। इसका साइज 3.7एमबी है। 


एप्लीकेशन प्रोटेक्शन:- इस एप की उपयोगिता यह है कि इसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन पर डाटा और एप्लीकेशन्स को आसानी से एक पासकोड के साथ प्रोटेक्ट कर सकते हैं, ताकि अनआॅथराईजड यूजेस से बचाया जा सकें। इसका साइज 328केबी है। 


एप लाॅक:- इस हैंडी एप से आप अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल्ड एप्स को एक नंबर या फिर पैटर्न लॉक से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। यह एक बहुउपयोगी एप है। इसके साथ आप इंस्टॉल और अनइंस्टॉल फंक्शन्स, इनकमिंग कॉल्स, सेटिंग्स, एप लॉक आइकन को छिपाना और दोबारा अनलॉक किए बिना शार्ट एक्जिट कर सकते हैं। इसका साइज 638 केबी है। 







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एंड्रायड और आईओएस स्मार्टफोन का डेटा बैकप कैसे लें?

क्या आप जानते हैं पीसी की तरह स्मार्टफोन का भी बैकप लिया जा सकता है ताकि जरूरत पड़ने पर हम दोबारा अपना डेटा सेफ तरीके से वापस पा सकें। अपने स्माटर्टफोन का बैकप ले लेने से आपको कई फायदे होंगे, अगर मान लीजिए आप कोई नया फोन लेने जा रहे हैं तो पुराने फोन का डेटा आसानी से नए फोन में ट्रांसफर कर सकते हैं या फिर कहीं धोखें से आपका फोन गिर जाए तो उसमें सेव डेटा तो कम से कम आपके पास रहेगा। एंड्रायड स्मा र्टफोन और आईओएस प्लेंटफार्म पर रन करने वाले स्मा र्टफोन के लिए आपको अलग-अलग तरीके अपनाने पड़ेंगे।


एंड्रायड फोन में बैकप लेने के लिए एंड्रायड स्मार्टफोन यूजर को अपने स्मा-र्टफोन का बैकप लेने के लिए थोड़ा लम्बौ रास्ताय अपनाना पड़ेगा। इसके लिए सबसे पहले फोन के सेटिंग ऑप्श न में जाएं। सेटिंग ऑप्श न में जाकर बैकप मॉय डेटा पर क्लिक करें। ऑटोमेटिक रीस्टोसर ऑप्शफन में जाने से पहले आप जिस मेल आईडी पर अपने फोन का बैकप डेटा लेना चाहते हैं उस आईडी से साइनइन कर लें।


एसएमएस बैकअप 

अगर आप केवल अपने स्मार्टफोन में सेव एसएमएस का बैकप लेना चाहते हैं तो इसके लिए एसएमएस बैकअप प्लस नाम की एंड्रायड एप्लीसकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। जिसकी मदद से आपके फोन में सेव सभी एसएमएस सेफ रहेंगे। एसएमएस बैकअप प्लस एप्लीईकेशन गूगल प्ले  से फ्री में डाउनलोड की जा सकती है।


आईक्लायउड 

आईक्लायउड एप्पएल बेस्टप स्टोरेज सिस्टूम हैं, जिसकी मदद से आप अपने आईफोन का बैकप सेव कर सकते हैं। आईक्लाउड में बैकप सेव करने के लिए आपके पास वाईफाई कनेक्शनन होना चाहिए। आईफोन में बैकअप लेने के लिए सबसे पहले सेटिंग ऑप्शन में जाएं और आईक्लाउड एंड बैकप ऑप्श न सलेक्टफ करें। इसके लिए फोन की स्क्रीयन में दिए गए स्विशच को ऑन कर दें।


आईक्लायउड स्टेएप 2 

आईक्लायउड का स्विंच ऑन करने के बाद आपके आईफोन की स्क्रीकन में नीचे की तरफ स्टो रज एंड बैकअप का ऑप्शलन होगा जिसमें मैनेज स्टो रेज ऑप्श न पर क्लिक करें।


आईक्लायउड स्टेएप 3 

तीसरे ऑप्शनन में आप जिन चीजों का बैकप लेना चाहते हैं उन्हेंक सलेक्टह कर सकते हैं। जैसे अगर आप फोन में पहले से इंस्टॉएल एप्लीैकेशन का बैकप नहीं लेना चाहते तो उन्हेंह न सलेक्टे करें। इसके अलावा आईक्लाडउड में आप बाद में डेटा को डिलीट भी कर सकते हैं।


जी क्लानउड बैकअप जी क्लाशउड बैकप एप की मदद से आप न सिर्फ आपने फोन को बैकप ले सकते हैं बल्किा उन्हेंम मैनेज भी कर सकते हैं। बैकप के दौरान आपके फोन में सेव कॉल लॉग, सिस्टपम सेटिंग, एसएमएस, कैलेंडर सभी कुछ क्लानउड में सेव कर देता है जिसे आप कभी भी रीस्टोर कर सकते हैं।






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आपके स्मार्टफोन के बेहतर बैटरी लाइफ के लिए टिप्स

मॉडर्न स्मार्टफोन यूजर्स के सामने अभी सबसे बड़ा इश्यू है-बैटरी लाइफ। वे दिन गए जब आप बिना चार्जिंग के कुछ दिन तक फोन को साथ रख सकते थे। इन दिनों विशेष तौर पर जब बाजार में मॉडर्न एंड्रायड स्मार्टफोंस उमड़ रहे हंा तो आपको चार्जर या माइक्रोयूएसबी केबल के आस-पास ही रहना होता होगा। यदि नहीं तो आपको बैटरी पैक या बैटरी केस को अपने साथ रखना होता होगा। वास्तव में आप ऐसा चाहते नहीं होंगे पर मजबूरी है फोन को बार-बार चार्ज करना। पर आपको इस चार्जर वाले झंझट से छुटकारा दिलाने को पेश हैं कुछ टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को कम से कम एक दिन बिना चार्ज के रख सकती है।


-अपना लोकेशन सेटिंग्स ऑफ करें। आपके फोन का जीपीएस हमेशा आपके पोजिशन पर लॉक-इन की कोशिश करेगा और इसमें काफी पावर खर्च होता है। कभी-कभी लोकेशन शेयरिंग ऑटोमैटिक ही ऑन होता है, इसलिए एंड्रायड फोन पर आपको सेटिंग मेन्यू में जाकर इसे ऑफ कर देना चाहिए।


-अपने फोन के ब्राइटनेस लेवल को कम रखें। स्क्रीन जितना अधिक ब्राइट होगा, उतना ही अधिक बैटरी खर्च होगा। ब्राइट स्क्रीन अच्छा दिख सकता है लेकिन यह ज्यादा पावर खर्च करता है। आपको ऑटोमैटिक ब्राइटनेस लेवल कुछ इस तरह कनफिगर करना चाहिए जिससे कंटेंट स्पष्ट रूप से दिख पाएं, लेकिन यह ज्यादा ब्राइट न हो।


-उपयोग में नहीं आने वाले एप्स को स्विच ऑफ रखें। एंड्रायड फोन पर यदि आप मल्टीपल एप्स पर स्विच कर रहे हैं जैसे कैमरा तो बैकग्राउंड में अन्य एप्स ऑन रहते हैं। ये सभी एप्स अधिक पावर कंज्यूम करते हैं और इसलिए आपके फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है।


-सेटिंग्स मेन्यू में आपको हमेशा एप्स या प्रोसेस पर हमेशा टैब रखना चाहिए, जो ढेर सारा बैटरी तो लेता ही है साथ में डाटा भी। यहां तक कि यदि कोई एप ज्यादा बैटरी नहीं ले रहा तो यह पूरी तरह से 3जी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा, जो अंततः बैटरी की खपत तेजी से करेगा। फेसबुक एप व गूगल नाउ अच्छे उदाहरण हैं इसलिए अपनी बैटरी बचाने के लिए इन्हें ऑफ कर दें।


-जब भी संभव हो वाई-फाई का उपयोग करें। ढेर सारे फोंस पर यह ऑटोमैटिक ही शुरू होता है लेकिन यदि ऐसा न हो तो आपको वाई-फाई नेटवर्क पर स्विच करना चाहिए, इससे बैटरी की खपत कम होती है।


-मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर 2जी पर स्विच करें। यदि आप डाटा का उपयोग नहीं करते हैं और कॉल व मैसेज के लिए फोन का उपयोग करते हैं तो 2 जी नेटवर्क आपके लिए बेहतर है।


-यदि आप क्वालकॉम प्रोसेसर वाला फोन उपयोग करते हैं तो आप एंड्रायड के लिए क्वालकॉम बैटरी गुरु एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप आपके उपयोग का विश्लेषण करेगी और फोन के सेटिंग को आप्टिमाइज करेगी।


-आप अपने डिस्प्ले को हमेशा 15 सेकेंड के बाद स्लिप की सेटिंग पर रखें। कभी यदि आप फोन का उपयोग नहीं कर रहे तो इसका लाइट अप होना भी बैटरी की खपत करता है।


-यदि आप सोनी एक्सपीरिया जेड 3, एचटीसी वन एम8 या सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 जैसे हाई-एंड फोन का उपयोग करते हैं तो इनबिल्ट सॉफ्टवेयर पर आधारित बैटरी एंहांसमेंट मोड का उपयोग करें।




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लैपटॉप हो गया है स्लो या चलते-चलते हो जाता है बंद, तो ये टिप्स एंड ट्रिक्स आएंगे बड़े काम

नई दिल्ली :  अगर आप लैपटॉप पर कई घंटे काम करते हैं, तो आपके लैपटॉप में हीटिंग का समस्या हो सकती है। लैपटॉप हीट होने पर यह स्लो हो जाता है। साथ ही कई बार ब्राउजिंग या गेमिंग के दौरान लैपटॉप अचानक बंद हो जाता है। इससे आपका जरूरी काम अटक जाता है। वैसे लैपटॉप का हीट होना एक आम समस्या है। लैपटॉप हीट होने की सबसे ज्यादा समस्या गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है। अगर वक्त तक इस पर ध्यान न दिया गया, तो आपका लैपटॉप खराब हो सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए यूजर्स को हमेशा कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए -

चेक करें फैन की कंडीशन

सभी लैपटॉप में एक फैन होता है, जो अक्सर लैपटॉप के नीचे की तरफ प्लेस होता है। फैन लैपटॉप को कूल रखने का काम करता है। हालांकि घंटों लगातार इस्तेमाल से लैपटॉप में हीटिंग की समस्या आ जाती है। ऐसे में सबसे बेहतर ऑप्शन है कि 4 से 5 घंटे बाद लैपटॉप को रिस्टॉर्ट कर देना चाहिए। साथ ही हमेशा चेक करते रहना चाहिए कि लैपटॉप का फैन सही से काम कर रहा है या नहीं। अगर फैन सही से काम नहीं कर रहा है, तो उसे तुरंत रिप्लेस करना चाहिए, नहीं तो लैपटॉप खराब हो सकता है। 

कूलिंग पैड का करें इस्तेमाल 

अगर आप लंबा वक्त लैपटॉप पर गुजारते हैं, और बार-बार लैपटॉप को रिस्टार्ट करने से बचना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि लैपटॉप को कूलिंग फैन के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। यह लैपटॉप के तामपान को कम रखने काकाम करते हैं। मार्केट में कई तरह के कूलिंग पैड मौजूद हैं। इनकी कीमत 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये है 

लैपटॉप स्टैंड का करें इस्तेमाल 

लैपटॉप के नीचे साइड फैन्स मौजूद होते हैं। लेकिन कई बार फ्लैट सरफेस पर रखने की वजह से फैन्स सही से काम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि लैपटॉप को स्टैंड पर रखकर इस्तेामल किया जाए। इसके दो फायदे होंगे। पहला फायदा यह कि आप अपनी सुविधा के हिसाब से लैपटॉप की हाइट को मैनेज कर पाएंगे। दूसरा आपके लैपटॉप में हीटिंग की समस्या नहीं होगा। मार्केट में 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये की कीमत में कई तरह के लैपटॉप स्टैंड मौजूद हैं।

बेड और तकिये पर रखकर ना चलाएं लैपटॉप

वर्क फ्रॉम होम के दौर में देखा जाता है, कि लोग ऑफिस का काम बेड पर लेटकर या फिर लैपटॉप को तकिये पर रखकर करते हैं। लेकिन ऐसा करने से आपके लैपटॉप की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। आपके लैपटॉप का फैन सही से काम नहीं करता है। इससे हीटिंग की समस्या पैदा हो जाती है, जा आगे चलकर आपके लैपटॉप को खराब कर सकती है। अगर आप बेड पर बैठकर लैपटॉप चलाना चाहते हैं, तो फोल्डेबल बेस्ड स्टडी टेबल का इस्तेमाल करना चाहिए. इन्हें मार्केट से 500 से लेकर 2000 रुपये की कीमत में खरीदा जा सकता है।

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इन चार तरीकों से सुरक्षित बनाएं अपना स्मार्टफोन

स्मार्टफोन को सुरक्षित बनाने के लिए यूजर तरह-तरह के उपाए खोजते हैं ताकि उनके फोन में मौजूद जरूरी डाटा पर कोई सेंध न लगा सके। जबकि यूजर चार उपायों को अपनाकर फोन को सुरक्षित बना सकते हैं।


यूआरएल से करें असली वेबसाइट की पहचान

एक असली वेबसाइट को पहचाने के लिए उसके यूआरएल पर ध्यान देना चाहिए। असली वेबसाइट के यूआरएल की शुरुआत में एचटीटीपीएसः// लिखा होता है। इसके आलावा जो वेबसाइट असुरक्षित हो सकती हैं उनके यूआरएल की शुरुआत एचटीटीपीः// से होती है। असुरक्षित वेबसाइटों पर किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक करने से बचना चाहिए। खासकर तब जब आप बैंक से संबंधित जानकारी साझा करते हैं। कई ब्राउजर चेतावनी भी देते हैं कि ‘जिस लिंक पर आप क्लिक कर रहे हैं वह आपके कंप्यूटर/फोन को नुकसान पहुंचा सकती है’। इन चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


गूगल प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें एप

एंड्रॉयड यूजर कई एप स्टोर से एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं जिसकी वजह से उनके फोन में वायरस या मैलवेयर आ जाते हैं। इससे फोन हैंग होने लगता है। इसके अलावा कोई हैकर आपके निजी डाटा पर सेंध भी लगा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर केवल गूगल प्लेस्टोर से ही एप डाउनलोड करें। साथ ही एप को डाउनलोड करने से पहले गूगल प्ले स्टोर पर दी गई जानकारी को जरूर पढ़ लें। एप इंस्टॉल करने से पहले जो ‘परमिशन’ मांगता है उस पर ध्यान दें।


किसी भी लिंक पर न करें क्लिक

अगर आप सोशल मीडिया साइट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच लें क्योंकि अक्सर स्पैम ई-मेल, एप, टॉरेंट जैसी साइटों पर नुकसान पहुंचाने वाले लिंक होते हैं। इन पर क्लिक करते ही डिवाइस में ‘ट्रोजन प्रोग्राम’ डाल दिया जाता है। यह प्रोग्राम कंप्यूटर एक्सेस को ब्लॉक कर देता है और कई मामलों में कंप्यूटर एक्सेस वापस देने के लिए पैसे भी मांगते हैं। इससे बचने के लिए कुछ भी डाउनलोड करते समय पड़ताल कर लेनी चाहिए। निजी डाटा स्पैमर के हाथ लगने के बाद यूजर के पास कोई विकल्प नहीं बचता।


गेस्ट मोड का करें प्रयोग

एपस्टोर पर ऐसे ढेरों एप हैं जो आपके फोन में इंस्टॉल होने के बाद फोन की जानकारी दूसरे यूजर के साथ साझ करते हैं। इसके अलावा फोन पर आने वाले मैसेज को भी वे हैकर देख सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि यूजर जब भी किसी अन्य व्यक्ति को फोन दें तो ‘गेस्ट मोड’ एक्टीवेट कर दें। एंड्रॉयड लॉलीपॉप से ऊपर के वर्जन में यह फीचर पहले से इनबिल्ट है जबकि अन्य यूजर एप का प्रयोग कर सकते हैं।



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आ गया दुनिया का सबसे छोटा 4G स्मार्टफोन, 13MP कैमरे के साथ मिलते हैं ये कमाल के फीचर्स, मात्र इतने रुपये है कीमत

नई दिल्ली :  दुनियाभर में बड़ी डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन को खरीदने की होड़ मची है। लेकिन इसी बीच दुनिया के सबसे छोटे 4G स्मार्टफोन ने दस्तक दी है। इसका नाम Mony Mist है। यह स्मार्टफोन साइज में लैपटॉप के माउस से भी छोटा है। लेकिन फीचर्स के मामले में Mony Mist स्मार्टफोन कमाल है। यह Apple के आइकॉनिक iphone 4 की याद दिलाता है। फोन के रियर पैनल पर 13MP का दमदारकैमरा दिया गया है। जबकि फ्रंट में एक सेल्फी कैमरा मिलता है। 

स्पेसिफिकेशन्स

GSMArena की रिपोर्ट के मुताबिक Mony Mist स्मार्टफोन को सिंगल ब्लैक कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसका डायमेंशन 89.5 x 45.5 x 11.5 mm है। फोन में 3 इंच का LCD डिस्प्ले दिया गया है। इसका रेजोल्यूशन 480x854 पिक्सल है। जबकि आस्पेक्ट रेश्यो 16:9 है। अगर चिपसेट की बात करें, तो Mony Mist को MediaTek MT 6735 चिपसेट के साथ पेश किया गया है। फोन 3GB रैम और 32GB ऑनबोर्ड स्टोरेज के साथ आता है। फोन में माइक्रो एसडी कार्ड का स्लॉट दिया गया है। फोन एंड्राइड 9 बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। फोन के रियर को चार कैमरों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। लेकिन वास्तव में फोन के रियर में एक 13MP का रियर कैमरा दिया गया है। साथ ही फ्रंट में सेल्फी के लिए VGA कैमरा दिया गया है। फोन 1,250mAh बैटरी सपोर्ट के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि फोन को सिंगल चार्ज में 72 घंटों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। फोन यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के साथ आता है। इसमें ड्यूल माइक्रो सिम स्लॉच दिया गया है। साथ ही 4G सपोर्ट के साथ Wi-Fi और ब्लूटूथ 4.0 दिया गया है।

कीमत

Mony Mist एक फुल्ली फंक्शन 4G स्मार्टफोन है, जिसे एंड्राइड Pie के साथ लॉन्च किया गया है। फोन क्राउडफंडिंग साइट पर 99 डॉलर (करीब 7,360 रुपये) है। जबकि फोन की रिटेल प्राइस 150 डॉलर (11,152 रुपये) है।



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OPPO Reno6 का नया कलर वेरिएंट हुआ लॉन्च, दमदार प्रोसेसर के साथ मिलेगी 4,500mAh की बैटरी

नई दिल्ली :  स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो (Oppo) ने अपनी लेटेस्ट रेनो 6 5G (Reno6 5G) सीरीज के नए कलर वेरिएंट की घोषणा कर दी है। अब रेनो 6 सीरीज के सभी डिवाइस चीनी बाजार में समर सी, गैलेक्सी ड्रीम के साथ नए पर्पल स्टार कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे। प्रमुख फीचर की बात करें तो रेनो 6 सीरीज के डिवाइस में एमोलेड डिस्प्ले और Dimensity 900 प्रोसेसर दिया जाएगा। इसके अलावा स्मार्टफोन में 64MP का क्वाड रियर कैमरा सेटअप मिलेगा।

OPPO Reno6 की कीमत

OPPO Reno6 का पर्पल स्टार कलर ऑप्शन 8GB रैम + 128GB स्टोरेज और 12GB रैम + 256GB स्टोरेज वेरिएंट उपलब्ध होगा। इनकी कीमतें क्रमश: 2,799 चीनी युआन ( करीब 32,285 रुपये) और 3,199 चीनी युआन (करीब 36,898 रुपये) हैं। उम्मीद है कि रेनो 6 सीरीज को नए कलर ऑप्शन के साथ भारतीय बाजार में उतारा जा सकता है। वहीं, इस सीरीज की भारत में कीमत 30,000 से 35,000 रुपये के बीच होगी। फिलहाल, कंपनी की तरफ से अभी तक ओप्पो रेनो 6 सीरीज की भारत में कीमत और फीचर को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।


OPPO Reno6 की स्पेसिफिकेशन

OPPO Reno6 स्मार्टफोन में 6.43 इंच का एमोलेड डिस्प्ले होगा, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz है। इस डिवाइस में 32MP का पंच-होल फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके साथ ही स्मार्टफोन में 64MP का प्राइमरी सेंसर, 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 2MP का मैक्रो लेंस मिलेगा। प्रोसेसर की बात करें तो वनप्लस रेनो 6 में मीडियाटेक का Dimensity 900 प्रोसेसर और 4,500mAh की बैटरी दी जाएगी, जो 65W रैपिड चार्जिंग सपोर्ट करेगी। इसके अलावा यह फोन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर से लैस होगा।

OPPO Reno 6 Pro के फीचर्स

OPPO Reno 6 Pro स्मार्टफोन में 6.55 इंच का 90Hz रिफ्रेश्ड रेट वाला एफएचडी प्लस एमोलेड डिस्प्ले होगा, जिसका रिजॉल्यूशन 2,400 X 1,080 पिक्सल होगा। साथ ही स्क्रीन की सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 मिलेगा। इसके अलावा फोन में MediaTek Dimensity 1200 चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही इसमें 12GB रैम और 256GB इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। यह स्मार्टफोन एंड्राइड 11 आधारित ColorOS skin पर काम करेगा।

अन्य फीचर्स की बात करें तो फोन में 4,500mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 65W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करेगी। इसके अलावा डिवाइस में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 64MP का प्राइमरी सेंसर, 8MP का वाइड एंगल लेंस और 2MP मैक्रों लेस मौजूद होगा। फोन में 32MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा।


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Airtel Black सर्विस लॉन्च, सिंगल रिचार्ज में चलेंगे घर के सारे टीवी-मोबाइल और इंटरनेट, बस इतनी है कीमत

नई दिल्ली :  Airtel Black Launch: एयरटेल ने आज Airtel Black सर्विस लॉन्च की है। यह Airtel का All-in-One सॉल्यूशन है। मतलब सिंगल रिचार्ज में आप घर की टीवी, मोबाइल से लेकर ब्रॉडबैंड को चला पाएंगे। 

यहां चेक करें लिस्ट

एयरटेल ब्लैक प्लान को तीन भागों में बांटा गया है - All in one, fiber + mobile, and DTH + mobile

  • 998 रुपये का एयरटेल ब्लैक प्लान: इस प्लान के तहत यूजर्स को दो मोबाइल कनेक्शन और एक DTH कनेक्शन मिलता है।
  • 1349 रुपये का एयरटेल ब्लैक प्लान: इस प्लान के तहत एयरटेल यूजर्स को तीन मोबाइल कनेक्शन और एक डीटीएच कनेक्शन मिलता है।
  • 1598 रुपये का एयरटेल ब्लैक प्लान: इस प्लान में दो मोबाइल कनेक्शन और एक फाइबर कनेक्शन मिलता है।
  • 2099 रुपये का एयरटेल ब्लैक प्लान: इस प्लान के तहत यूजर्स को तीन मोबाइल कनेक्शन, एक फाइबर और DTH कनेक्शन मिलता है।
  • एयरटेल यूजर्स को अपना एयरटेल ब्लैक पैक बनाने की अनुमति देता है। यूजर्स दो या तीन सर्विस का चयन कर सकते हैं और साथ ही 30 दिन के लिए फ्री सर्विस का फायदा उठा सकते हैं।

कैसे मिलेगा एयरटेल ब्लैक

  • एयरटेल ब्लैक प्लान के लिए एयरटेल थैंक ऐप (Airtel Thank App) डाउनलोड करें या मौजूदा सेवाओं को बंडल करके अपनी योजना बनाएं या अपने नज़दीकी एयरटेल स्टोर पर जाएं।
  • 8826655555 पर मिस्ड कॉल दें और एयरटेल का एक executive एयरटेल ब्लैक में अपग्रेड करने के लिए संपर्क करेगा
  • ज्यादा जानकारी के लिए एयरटेल की ऑफिशियल https://www.airtel.in/airtel-black साइट पर विजिट कर सकते हैं
  • Airtel One से अपग्रेड कैसे करें

    टेलीकॉम ऑपरेटर ने कुछ महीने पहले एक यूजर, एक बिल के इसी आइडिया के साथ एयरटेल वन (Airtel One) सर्विस लॉन्च की थी। दूरसंचार ऑपरेटर ने सभी एयरटेल वन यूजर्स को एयरटेल ब्लैक सेवा में स्वचालित रूप से अपग्रेड करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि एयरटेल वन एयरटेल ब्लैक से अलग है। एयरटेल वन बीटा में था जबकि एयरटेल ब्लैक सेवा आज से सभी के लिए पेश की गई है।



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