क्या भारत में दो टाइम ज़ोन होने चाहिये?

साल 2002 से संसद के हर सत्र में बार-बार दोहराया गय सवाल है; क्या भारत में दो समय क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है और इसे लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? सबसे पहले ये सवाल मार्च 2002 में उठाया गया था, उस वर्ष के अगस्त में प्रश्न को प्रभावी ढंग से सुलझा लिया गया था। उस वर्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित एक 'उच्च स्तरीय समिति' ने इस मुद्दे का अध्ययन किया था और निष्कर्ष निकाला था कि कई ज़ोन 'कठिनाइयों' का कारण बन सकते हैं जो "एयरलाइंस, रेलवे, रेडियो, टेलीविज़न" और टेलीफोन सेवाएं” के सुचारू कामकाज को बाधित करेंगे। इसलिए एकीकृत समय के साथ जारी रखना सबसे अच्छा था।

 

भारत पूर्व से पश्चिम तक लगभग 3000 किमी तक फैला हुआ है। देश के पूर्वी और पश्चिमी छोरों के बीच लगभग 28 डिग्री देशांतर है जिसके परिणामस्वरूप पश्चिमी और पूर्वी बिंदु के बीच लगभग दो घंटे का अंतर होता है। भारतीय मानक समय (उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में 82.5′ ई देशांतर के आधार पर गणना की गई), अधिकांश भारतीयों को प्रभावित नहीं करता है, सिवाय उन लोगों को छोड़कर जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में रहते हैं जहां सूरज गर्मियों में सुबह 4 बजे के आसपास उगता है, और शाम 4 बजे से पहले सर्दियों में अंधेरा हो जाता है। इसलिए, पूर्वोत्तर क्षेत्र ने लंबे समय से उनके जीवन और उनकी अर्थव्यवस्थाओं पर एकल समय क्षेत्र के प्रभाव के बारे में शिकायत की है।

 

हाल ही में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल), जो भारतीय मानक समय (आईएसटी) को बनाए रखती है, ने भारत में दो समय क्षेत्रों और दो आईएसटी का सुझाव देते हुए एक शोध प्रकाशित किया: अधिकांश भारत के लिए आईएसटी-I और आईएसटी- II के लिए उत्तर-पूर्वी क्षेत्र - एक घंटे के अंतर से अलग। दो समय क्षेत्रों की मांग इसलिए बढ़ी क्योंकि उत्तरपूर्वी भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अपने भूगोल के कारण, देश के बाकी हिस्सों की तुलना में जल्दी सूर्योदय और सूर्यास्त देखते हैं।

 

लेकिन घड़ियां इसके लिए जिम्मेदार नहीं थीं और आधिकारिक काम के घंटे हर जगह समान थे, सुबह के समय मूल्यवान काम के घंटे खराब होने और इन क्षेत्रों में शाम के घंटों में अनावश्यक बिजली की खपत हुई इसलिए, व्यापक रूप से प्रचलित यू.एस. के पांच समय क्षेत्र और रूस के 11 के आधार पर भारत में भी कई टाइम जोन लागू करने की बात सामने आई। मगर विशेषज्ञ समिति ने, कई समय क्षेत्रों का समर्थन नहीं करते हुए, सिफारिश की कि पूर्वी राज्यों में काम के समय को एक घंटे आगे बढ़ाया जाए, ताकि सुबह के घंटों का "लाभदायक उपयोग" किया जा सके और इसमें संबंधित अधिकारियों द्वारा इस संबंध में केवल प्रशासनिक निर्देश शामिल होंगे।

 

लेकिन दो समय क्षेत्रों के लाभ अपनी जगह है हम उनको नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते; इससे कार्यबल के बीच और ऊर्जा की खपत में अधिक दक्षता आएगी। ऊर्जा की खपत में कमी से भारत के कार्बन फुटप्रिंट में काफी कमी आएगी, जिससे जलवायु परिवर्तन से लड़ने के भारत के संकल्प को बढ़ावा मिलेगा। प्राकृतिक चक्रों के अनुसार दो अलग-अलग समय क्षेत्र होने से आर्थिक लाभ होते हैं क्योंकि लोग बेहतर काम करने और बेहतर योजना बनाने में सक्षम होंगे। कई सामाजिक नीतिगत उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकता है जैसे सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और महिलाओं की सुरक्षा में सुधार करना।

 

दूसरी तरफ दो समय क्षेत्र होने की समस्या को देखे तो दो टाइम जोन होने से रेल हादसों की संभावना बढ़ जाएगी। रेलवे सिग्नल पूरी तरह से स्वचालित नहीं हैं, और कई मार्गों में सिंगल ट्रैक हैं। समय क्षेत्र के प्रत्येक क्रॉसिंग के साथ घड़ियों को रीसेट करना। दो समय क्षेत्र होने पर कार्यालय समय के बीच ओवरलैप कम हो जाता है। बैंकों, उद्योगों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नए समय क्षेत्रों में समायोजन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। दो जोन की डिवाइडिंग लाइन को चिह्नित करने में दिक्कत होगी। दो समय क्षेत्रों के प्रतिकूल राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं क्योंकि भारत धर्म, जाति, नस्ल, भाषा आदि के आधार पर विभाजित होने के अलावा, अब समय क्षेत्र की तर्ज पर विभाजित हो जाएगा।

 

भारतीय समय क्षेत्र के संबंध में सभी पहलुओं पर नए सिरे से विचार करने के लिए परामर्श की प्रक्रिया शुरू करना समय की मांग है। आईएसटी को आधे घंटे आगे सेट करने के कुछ शोधकर्ताओं के प्रस्ताव की जांच की जा सकती है और बहस की जा सकती है। इसका मतलब होगा कि आईएसटी को 82.5 डिग्री पूर्व से 90 डिग्री पूर्व में आगे बढ़ाना, जो पश्चिम बंगाल-असम सीमा के साथ एक देशांतर पर होगा, असम की मांग को पूरा करने में किसी तरह से मदद करेगा और उत्तर-पश्चिमी भारत से संबंधित असुविधाओं के बारे में संभावित शिकायतों से बचने में मदद करेगा। यदि अलग मानक समय की व्यवस्था से मानव श्रम का उचित प्रबंधन और बड़ी मात्रा में बिजली की बचत की जा सकती है तो इस संबंध में विचार किये जाने की आवश्यकता है।

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स्मासर्टफोन खरीदने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन न केवल शौक बल्कि जरूरत भी बन गया है। ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान, टिकट बुकिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, ईमेल आदि सभी कुछ इस छोटे से यंत्र में समा चुका है। सही मायनों में काफी हद तक इसने कंप्यूटर को भी रिप्लेस कर दिया है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण आज मोबाईल के दाम काफी कम हो गए हैं।

 

अगर आप भी स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं या अपने पुराने फोन को बदलना चाहते हैं तो जरूरी है कि कुछ विशेष बातों पर ध्यान दें जैसेकि कंपनी, हार्डवेयर, आॅपरेटिंग सिस्टम, फीचर्स, रैम, मेमोरी, बैट्री, आफ्टर सेल्स सर्विस आदि ताकि आपके पैसों की सही कीमत मिले तथा भविष्य में आपको परेशानी भी न उठानी पड़े। कम कीमत में अधिक फीचर्स व स्पेसिफिकेशन्स पाने के लिए स्मार्टफोन का चुनाव करते समय पांच बातों का ध्यान रखें...

 

साइज 

आप अपनी सुविधानुसार 4-5 इंच का फोन चुन सकते हैं। चूंकि इससे बड़े साइज के फोन को रखना असुविधाजनक हो सकता है। अल्मोड व आईपीएस डिस्प्ले अच्छी मानी जाती है। 5 इंच से बड़ी डिस्प्ले एचडी (720गुणा1280) तो 5 इंच तक की डिस्प्ले फुल एचडी (1920गुणा1080) होनी अच्छी मानी जाती है।

 

प्रोसेसर, रैम व मेमोरी 

फोन ऑक्टासकोर या क्वाडकोर प्रोसेसर और कम से कम 2 जीबी रैम वाला हो। फोन की इंटरनल मेमेारी कम से कम 16 जीबी हो व उसमें मेमोरी काॅर्ड स्लाॅट भी हो तो अच्छा रहेगा।

 

ऑपरेटिंग सिस्टैम

बाजार में एंड्रायड, विंडोज व आईओएस ऑपरेटिंग सिस्ट्म और फायरफॉक्सच, सायोनोजे़न आदि साफ्टवेयर वाले फोन मिल रहे हैं। नये वर्जन वाले ओएस का फोन लें जैसे हो सके तो एंड्रायड 5.0 लॉलीपॉप वर्जन लें। चैक करें कि भविष्य में उसमें कोई अपग्रेड मिलेगा या नहीं। आईओएस वाले आईफोन काफी महंगे और इसके सभी एप्स पेबेल होने से एंड्रायड या विंडोज वाले फोन पर जा सकते हैं। एंड्रायड फोन में एप्स काफी मिल जाते हैं वो भी मुफ्त जबकि विंडोज फोन में आवश्यकतानुसार कम ही एप्स होते हैं।

 

कैमरा, बैटरी व कनेक्टिीविटी 

फोटोग्राफी का शौक है तो फोन का कैमरा 8-13 मेगापिक्सल का लें। कैमरे की गुणवत्ता, एलईडी फ्लैश और अन्य कैमरा फीचर्स को भी अच्छे से चैक कर लें। बैटरी कम से कम 2800 एमएएच की हो तो अच्छा रहेगा। यदि आप टूर पर रहते हैं तो रिमूवेबल बैटरी वाला फोन लें ताकि बैटरी रिपलेक्स की जा सके। अपनी सुविधा एवं बजट के हिसाब से फोन डबल सिम, सी.डी.एम.ए., जी.एस.एम., 3जी, 4जी आदि चुनें।

 

वारंटी व सर्विस सेंटर 

अधिकतर फोन एक साल की वारंटी के साथ मिलते हैं। पर घर के पास सर्विस सेंटर का न होना या फिर सपोर्टिंग रेप्युटेशन ठीक न होने पर वारंटी का भी कोई महत्व नहीं रहता। फोन एक्सेसरीज और मार्केट में स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता आदि को अच्छे से चैक कर लें। हो सके तो मोबाइल की डमी से उसकी लुक, डिजाइन, बिल्ड क्वालिटी, पोट्र्स व बटन प्लेसमेंट आदि को पहले से ही देखकर जांच लें।

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इन पांच एक्सरसाइज से तेज हो जायेगी स्मार्ट फोन की नेट स्पीड

भारत की नयी जेनरेशन के पास कम कम एक स्मार्ट फोन तो है। यह अच्छी बात है। इससे भी अच्छी बात यह है कि हर स्मार्ट फोन में इंटरनेट की सुविधा है और लगभग हर कोई किसी न किसी सोशल प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है। लेकिन सिर दर्द यह कि फोन स्मार्ट होने के बावजूद इंटरेनट स्पीड स्मार्ट नहीं है। कहने भर को 3जी, 4जी आ गया है, लेकिन स्पीड 2जी भी नहीं मिल पाती। कारण बहुत से हैं, लेकिन स्मार्ट फोन के इंटरनेट की स्पीड कुछ मामूली एक्सरसाइज करने से बढ़ सकती है। वो कौन-कौन सी एक्सरसाइज हैं हम आपको बता रहे हैं...

 

नेट यूज करने के बाद एंटीवायरस जरूर चलाएं

स्मार्टफोन के इंटरनेट ब्रॉउजर को वायरस का खतरा सबसे अधिक होता है। वायरस सबसे पहले इंटरनेट की स्पीड को कम कर देता हैं। इसलिए दिन में एक बार करें की वायरस स्कैनर से फोन को स्कैन करें।

 

अलर्ट पर ध्यान रखें और एप्स को अपडेट करते रहें

फोन पर आये हुए अपडेट को अनदेखा कर देते है, इस वजह से ब्रॉउजर सही से सपोर्ट नहीं करता और नेट की स्पीड धीमी हो जाती है। अपडेट के जरिए छोटी-छोटी कमियों को दूर कर ब्राउजिंग को बेहतर बनाया जा सकता है।

 

डाउनलोड्स फोल्डर भी स्कैन और क्लीन रखें

इंटरनेट से हम अधिकतर कुछ न कुछ डाउनलोड करते हैं। ऐसे में डाउनलोड फोल्डर भर जाता है और स्पीड कम हो जाती है।

 

इंटरनल स्पेस खाली रखें

स्मार्टफोन प्रयोग के दौरान इंटरनल मैमारी को जितनी खाली रहेगी फोन की परफॉर्मेंस उतनी अच्छी रहेगी। 

 

टैंपररी फाइल्स डिलीट करते रहें

इंटरनेट बूस्टर और एंड्रॉयड ऑप्टिमाइजर जैसे एप्लिकेशंस से टैंपररी फाइल्स को डिलीट करने भी इंटरनेट स्पीड बढ़ जाती है।

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इन स्मार्ट चार्जिंग टिप्स से बेहतर होगी फोन की परफॉर्मेंस

यूं तो स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए ढ़ेरों टिप्स अब तक आप पढ़ ही चुके होंगे, लेकिन फोन की बैटरी बचाने के तरीकों के अलावा और क्या उपाय हो सकता है फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने का सोचा है आपने? दरअसल फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने से ज्यादा अगर फोन को सही और स्मार्ट तरीकों से चार्ज करने पर ध्यान दिया जाएं तो सही मायने में आपको स्मार्टफोन सुरक्षित होगा। आज हम आपको अपने स्मार्टफोन की बैटरी चार्ज करने के कुछ ऐसे ही स्मार्ट तरीके सुझाएंगे, जिनसे फोन की बैटरी ज्यादा दिन तक चलेगी, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आपको स्मार्ट चार्जिंग के टिप्स दिए देंगेः


अनब्रांडेड या दूसरे चार्जर से बचें: फोन हमेशा अपने ही चार्जर से चार्ज करें यानि स्मार्टफोन खरीदते समय जो चार्जर साथ मिला है उसी से फोन को चार्ज करें। अनब्रांडेड या दूसरे फोन का चार्जर आपके फोन की बैटरी लाइफ को नुकसान पहुंचाता है जबकि सेल्स पैक में साथ मिला चार्जर उतना ही वोल्टेज फोन को देगा जितने की उसे जरूरत है, इतना ही नहीं जहां तक हो सकें मल्टी चार्जिंग से बचें। बहुत बार लोग कार या घर में फोन को चार्ज करने के लिए उसे मल्टी चार्जर पर लगा देते हैं इससे भी फोन की बैटरी डैमेज होती है।


पूरा डिस्चार्ज होने से पहले चार्ज करें: बहुत लोग सोचते हैं कि फोन की बैटरी जितना खींच सकती है खींचो, कुछ लोग मानते हैं कि फोन को हफ्ते में एक बार पूरी तरह डिस्चार्ज करके फुल चार्ज करना चाहिए, लेकिन यह सही तरीके नहीं हैं। ध्यान दें कि फोन बार-बार डिस्चार्ज न हो। एक टेक फर्म के अनुसार आपके फोन के लिए आइडियल चार्जिंग का प्रतिशत 40-80 फीसदी होना ज्यादा बेहतर साबित होता है और पूरी तरह डिस्चार्ज बैटरी से स्मार्टफोन की क्षमता घटती है।


फोन को चार्जर ओनली मोड पर चार्ज करें: लोग अक्सर अपना चार्जर जब कहीं भूल जाते हैं तो यूएसबी केबल से फोन को चार्ज करते हैं लेकिन यहां भी स्मार्ट चार्जिंग की जरूरत पड़ती है। ध्यान रखें कि यूएसबी से चार्जिंग के टाइम डाटा ट्रांसफर न करें और फोन को चार्जर ओनली मोड पर रखकर ही चार्ज करें, इससे टाइम तो बचेगा ही साथ ही फोन की परफॉर्मेंस भी ठीक रहेगी।


पुरानी बैटरी का उपयोग न करें: आप स्मार्टफोन के साथ मिली बैटरी को साल दर साल इस्तेमाल करते रहते हैं पर शायद आपको पता नहीं कि बैटरी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार एक साल के इस्तेमाल के बाद बैटरी की कार्यक्षमता घटने लगती है। इसलिए अगर बैटरी एक साल से ज्यादा पुरानी हो गई है तो उसे बदल दें क्योंकि वही पुरानी बैटरी से चार्जिंग में न केवल टाइम ज्यादा खर्च होगा साथ ही बैकअप भी कम हो जाएगा।


कॉमन चार्जर से बैटरी चार्ज न करें: मार्केट में ऐसे बहुत से इलेक्ट्रोनिक्स आइटम्स है जिनको चार्ज करने के ले एक समान चार्जर का इस्तेमाल होता है यानि कॉमन चार्जर का प्रयोग होता है,लेकिन याद रखें की सभी इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट्स एक समान वोल्टेज पर चार्ज नहीं होते क्योंकि प्रत्येक डिवाइस में वोल्टेज का स्केल अलग होता है। इसलिए कॉमन चार्जर से चार्ज करने पर इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस को क्षति पहुंचती है। इनके प्रयोग से बचें।



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जियाओमी रेडमी नोट की खास बातें

चीनी स्मार्टफोन कंपनी जियाओमी ने अपने रेडमी नोट को 2 वेरिएंट- डुअल सिम (2जी $ 3जी) और सिंगल सिम (4जी कनेक्टिविटी) वेरिएंट में भारत में लांच कर दिया है। सूचना के अनुसार रेडमी नोट को 2 दिसंबर को फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उतारा जाएगा जिसके लिए रेजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। लेकिन इसे खरीदने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बातें जरूर जान लें कि आखिर क्या खास है इस डिवाइस में।


जानिए डिस्प्ले, डिजाइन व प्रोसेसर की क्षमता

जियाओमी रेडमी नोट में 5.5 इंच का एचडी आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले है जो कि 720गुणा1280 पिक्सल का रेजोल्यूशन प्रदान करने में सक्षम है। कंपनी द्वारा रेडमी नोट के डिस्प्ले को कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास3 की सुरक्षा भी प्रदान की गई है। जियाओमी रेडमी नोट का वजन केवल 199 ग्राम है और इसकी डायमेंशंस 154गुणा78.7गुणा9.5एमएम हैं। डिजाइन के मामले में भी यह डिवाइस काफी हद तक आकर्षक है। प्रोसेसर के मामले में रेडमी नोट के डुअल सिम वेरिएंट में 1.7 गीगा हट्र्ज ऑक्टा कोर मीडिया टेक प्रोसेसर है जबकि 4जी वेरिएंट में 1.6 गीगा हट्र्ज क्वालकॉल स्नैपड्रैगन400 सीपीयू प्रोसेसर है। डिवाइस के दोनो वेरिएंट में ही 2जीबी का रैम है जो इस डिवाइस को बेहतर स्पीड में चलाने के लिए सक्षम है।


कितना है एंड्रायड

एंड्रायड की बात करें तो जहां डुअल सिम वेरिएंट में एंड्रायड का 4.2 जेली बीन वर्जन है वहीं दूसरी ओर 4जी वाले वेरिएंट में एंड्रायड 4.4.2 किटकैट वर्जन है। फिलहाल कंपनी ने इन दोनों एंड्रायड को अपडेट करने की कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं की है लेकिन संभावना है कि एमआई सीरीज के स्मार्टफोन को एंड्रायड 5.0 लॉलीपॉप अपडेट मिलने के बाद रेडमी नोट के दोनों वेरिएंट को भी यह नया अपडेट प्राप्त हो सकता है।


कैमरा क्वालिटी कैसी होगी

जियाओमी रेडमी नोट के दोनों वेरिएंट में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है जिसे एफ/2.2 के अपर्चर व एलईडी फ्लैश का सपोर्ट मिला है। यह कैमरा 1080 पिक्सल के रेजोल्यूशन वाली एचडी वीडियो रेकार्डिंग करने में सक्षम है। इसके अलावा दोनो वेरिएंट में 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी है।


बैटरी बैकअप

जियाओमी रेडमी नोट में 3, 100 एमएएच की लीथियम आयन पॉलिमर 2ए बैटरी है जिसे डिवाइस से अलग भी किया जा सकता है। उम्मीद है कि यह बैटरी डिवाइस को अच्छा पॉवर बैकअप देने में सक्षम साबित होगी। जियाओमी रेडमी नोट का फिलहाल केवल 3जी वेरिएंट 2 दिसंबर को फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उतारा जाएगा जिसकी कीमत कंपनी ने 8, 999 रुपये लगाई है।

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व्हाट्सएप, वी-चैट और स्काइपः क्या हैं फायदे और कितने हैं नुकसान

आज के बढ़ते हुए दौर में शायद ही कोई ऐसा स्मार्टफोन या मल्टीमीडिया मोबाइल होगा जिसमें इंस्टैंट मैसेंजर - व्हाट्सएप, वी-चैट, निम्बज व स्काइप जैसी सुविधा ना हो। आज हर कोई इन एप्स के जरिये लोगों से जुड़ रहा है। यह ट्रेंड बहुत तेजी से लोगों के बीच फैल गया है। सिर्फ निजी ही नहीं बल्कि व्यवसायिक तौर पर भी इन मैसेंजर का इस्तेमाल काफी बड़े पैमाने पर हो रहा है। यह मैसेंजर आपको इंटरनेट के माध्यम से फ्री मैसेजिंग, ऑडियो व वीडियो कॉलिंग, इमेज व वीडियो शेयरिंग, इत्यादि सुविधाएं देते हैं। इसके अलावा आप अपनी लोकेशन शेयर कर सकते हैं और साथ ही अपने दोस्त की भी लोकेशन का पता लगा सकते हैं।


इंस्टैंट मैसेजिंग एप्स आपके आइओएस, एंड्रायड व विंडोज मोबाइल पर आसानी से चलते हैं। इन मैसेंजर की सबसे अच्छी खासियत है इनकी तेजी से मैसेज पहुंचाने की क्षमता। आपने अपने मोबाइल से अभी सेंड का बटन बस दबाया ही था कि एक सेकेंड के अंदर वह मैसेज दूसरे व्यक्ति के स्क्रीन पर फ्लैश भी हो गया। इसके साथ ही अनगिनत फायदे देने वाले इन मैसेंजर को आप इंटरनेट द्वारा मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।


अपने मनोरंजन के अलावा इंस्टैंट मैसेजिंग एप्स आपको व्यापार से जुड़े कायरें में भी खासा मदद करते हैं। कुछ समय पहले तक दुनिया भर में मशहूर रहे मैसेंजर याहू व एमएसएन ने व्यापार जगत में लोगों को एक-दूसरे से जुड़े रहने में काफी योगदान दिया था। इन मैसेंजर के जरिये आप आसानी से गु्रप चैट कर सकते हैं जो आपको विभिन्न मुद्दों व प्रॉजेक्ट पर चर्चा करने में मदद करता है। मैसेंजर कोई भी हो, अंत में यह आपको कई तरह के फायदों से रूबरू कराते हैं जैसे कि आप हर समय सोशल साइट पर अपने दोस्तों, रिश्तेदारों व व्यवसाय-संबंधी लोगों से जुड़े रहते हैं।


यदि आप एक कंपनी दृष्टिकोण से सोच रहे हैं तो यह मैसेंजर आपको ढेर सारे फायदे देते हैं। इन पर मौजूद वीडियो कॉलिंग के ऑप्शन से आप दूर बैठे अपने क्लाइंट से आमने-सामने होकर बात कर सकते हैं या फिर एक कॉंफ्रेंस भी कर सकते हैं। यह सभी सुविधाएं आपके काम की उत्पादकता को बढ़ाती हैं व समय और पैसे को भी बचाती हैं। इसके साथ ही आप यदि व्यापार के सिलसिले से देश या शहर से बाहर गए हैं तो इन मैसेंजर की मदद से आप सबसे जुड़े रह सकते हैं।


कई विशेषताओं के होते हुए भी इन मैसेंजर में कुछ कमियां भी आंकी गई हैं। जैसे कि इनके ज्यादा इस्तेमाल से एक कंपनी की नेटवर्क बैंडविड्थ पर फर्क पड़ता है। इसके अलावा इन मैसेंजर द्वारा कई तरह के इंटरनेट वायरस का भी खतरा रहता है। साथ ही यदि कर्मचारियों को बिना रोक-टोक के मैसेंजर इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी जाए तो वो काम करने की बजाय अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ बातें करने में ज्यादा व्यस्त हो जाएंगे।


आपकी कही बात या आपका भेजा हुआ मैसेज कितनी सुरक्षा से रिसीवर तक पहुंचता है इस बात की कोई गारंटी नहीं है और यह बेहद गौर करने वाली बात है। मैसेंजर के लगातार इस्तेमाल से इंटरनेट व बैट्री भी काफी खर्च होती है। यह कुछ मुद्दे यदि साफ हो जाएं तो इन सुविधाओं को आप बेझिझक आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।




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एप्पल ने सफारी टेक्नोलॉजी प्रीव्यू 137 बग फिक्स के साथ नया अपडेट किया जारी

सैन फ्रांसिस्को : क्यूपर्टिनो आधारित टेक दिग्गज ऐप्पल ने सफारी टेक्नोलॉजी प्रीव्यू 137 के लिए कई बग फिक्स और प्रदर्शन में सुधार के साथ एक नया अपडेट जारी किया है।


मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सफारी टेक्नोलॉजी प्रीव्यू रिलीज 137 वेब इंस्पेक्टर, सीएसएस, जावास्क्रिप्ट, वेब असेंबली, प्रायोगिक मॉडल एलीमेंट, एक्सेसिबिलिटी, वेब एपीआई, कंटेंट सुरक्षा नीति, मीडिया, एप्पल पेय और वेब एक्सटेंशन के प्रदर्शन में सुधार के साथ आता है।


सफारी टेक्नोलॉजी प्रीव्यू का लेटेस्ट वर्जन मैक चलाने वाले यूजर्स के लिए सफारी का एक प्रयोगात्मक वर्जन है, जिसमें वर्तमान में मैकओएस बिग सुर या मैकओएस मोंटेरी स्थापित है।


इसके अलावा, सफारी के लेटेस्ट वर्जन में लाइव टेक्स्ट, एक नया डिजाइन किया गया टैब अनुभव और बहुत कुछ जैसी नई सुविधाएं शामिल हैं। अपडेट में नए 14 और 16-इंच मैकबुक प्रो मॉडल के लिए 120 हट्र्ज रिफ्रेश रेट भी जोड़े गए हैं।


डेवलपर्स के लिए लॉन्च करने के बाद, पहला मैकओएस 12.2 बीटा अब उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो सार्वजनिक बीटा प्रोग्राम में हैं।


अपडेट में तेज खोज और स्क्रॉलिंग के साथ एक नया मूल एप्पल म्यूजिक ऐप और मैकबुक प्रो पर प्रोमोशन के साथ सफारी में स्क्रॉल करने के लिए एक फिक्स है।


यदि उपयोगकर्ता अभी तक बीटा नहीं चला रहे हैं तो उपयोगकर्ता इसे एप्पल की डेवलपर वेबसाइट या सार्वजनिक बीटा वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।


मैकओएस 12.2 में नए, मूल एप्पल म्यूजिक ऐप के साथ कुछ उल्लेखनीय बदलाव हैं।





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अगर आपको किसी ने व्हाट्सएप पर कर दिया ब्लॉक, तो ऐसे करें उसे मैसेज

आज के दौर में लोग सबसे ज्यादा व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही व्हाट्सएप भी अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार फीचर्स पेश करता रहता हैं। इस प्लेटफॉर्म पर हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को मैसेज, वीडियो और तस्वीरें भेजते हैं। लेकिन कई बार होता है कि किसी गलत मैसेज या फोटो के चले जाने की वजह से आपको ब्लॉक कर दिया जाता है।


एक बार ब्लॉक हो जाने के बाद आप उस दोस्त या रिश्तेदार को मैसेज सेंड नहीं सकते हैं। हम आपको एसी ट्रिक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप उस व्हाट्सएप यूजर को आसानी मैसेज भेज पाएंगे, जिसने आपको ब्लॉक किया था। साथ ही आप उसे मना भी सकेंगे। तो आइए जानते हैं पूरा तरीका...


ब्लॉक करने वाले यूजर को मैसेज भेजने के लिए आपको अपने और उसके कॉमन दोस्त या रिश्तेदार की मदद लेनी होगी। तभी आप उस यूजर को मैसेज भेजकर अपनी बात रख सकेंगे। 


इतना करने के बाद आपका मित्र या रिश्तेदार (कॉमन यूजर) एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाएगा। इस ग्रुप में आप होंगे, आपका कॉमन मित्र या परिवार का रिश्तेदार होगा और वह भी होगा जिसने आपको ब्लॉक किया है। बता दें कि आपका मित्र ही उस यूजर को एड करेगा, जिसने आपको ब्लॉक किया था।


वैसे तो सुनने में थोड़ा मजाकिया लग रहा है लेकिन ग्रुप बनाने वाला आपका मित्र ग्रुप छोड़ देगा।


अब इस ग्रुप में आप और आपका दोस्त या रिश्तेदार बच जाएगा, जिसने आपको ब्लॉक किया था। इस बाद आप ग्रुप में मैसेज भेजकर उस मित्र या परिवार के सदस्य को मना सकते हैं। 






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iPhone 14 स्मार्टफोन में 48MP कैमरा समेत मिलेंगे ये कमाल के फीचर्स, यहां जानें ....

नई दिल्ली :  आईफोन 14 (iPhone 14) सीरीज की लॉन्चिंग में काफी वक्त है। लेकिन इससे पहले ही स्मार्टफोन की डिटेल लीक होने की सूचना है, जिसके मुताबिक अपकमिंग iPhone 14 स्मार्टफोन में 8 जीबी रैम का सपोर्ट मिलेगा। यह iPhone 13 के टॉप वेरिएंट के 6जीबी रैम के मुकाबले ज्यादा रैम वेरिएंट के साथ आएगा। 8 जीबी रैम सपोर्ट Apple iPhone 14 के टॉप वेरिएंट में दिया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अपकमिंग आईफोन सीरीज के स्मार्टफोन में क्या खास होगा.

अपकमिंग iPhone 14 स्मार्टफोन सीरीज को सितंबर 2022 में लॉन्च किया जा सकता है। Apple की तरफ से फिलहाल लॉन्चिंग को लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया है। खबर है कि लॉन्चिंग में देरी भी हो सकती है, क्योंकि चिपसेट की कमी एक बड़ी वजह बनी हुई है। चिपसेट की कमी की वजह से इस साल अक्टूबर माह में iPhone 13 का प्रोडक्शन बंद रहा है। एक्सपर्ट की मानें, तो अगले साल 2022 में भी चिपसेट की कमी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लीक रिपोर्ट के मुताबिक अपकमिंग iPhone 14 सीरीज में 6.1 इंच वाला iPhone 14 स्मार्टफोन मौजूद रहेगा। साथ ही 6.7 इंच स्क्रीन साइज में iPhone 14 Max और 6.1 इंच स्क्रीन साइज में iPhone 14 Pro और 6.7 इंच स्क्रीन साइज में iPhone 14 Pro Max स्मार्टफोन आएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक iPhone 14 Pro वेरिएंट में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसका प्राइमरी कैमरा 48MP का होगा। इसके अलावा 12MP अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और एक टेलिफोटो लेंस का सपोर्ट मिलेगा। इससे पहले अप्रैल माह में एनालिस्ट Ming-Chi-Kuo की तरफ से भी खुलासा किया गया था कि iPhone 14 Pro मॉडल 48MP प्राइमरी कैमरे के साथ आएगा। इसमें 8K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा। iPhone 14 Pro मॉडल को 8 जीबी रैम सपोर्ट के साथ पेश किया जाएगा। 



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लर्निंग एप्स की मदद से खेल-खेल में बच्चों को सिखाएं बहुत कुछ

टेक्नोलॉजी के इस युग में बच्चे फोन पर गेम खेलते हुए आसानी से नजर आ जाते हैं। बच्चों के बीच मोबाइल का क्रेज बढ़ाता जा रहा है। परिजनों की शिकायत रहती है कि बच्चे पढ़ाई छोड़कर फोन में लगे रहते है। अगर आपका नाम भी ऐसी ही मम्मी की लिस्ट में शुमार है तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। बल्कि वक्त आ गया है कि आप थोड़ा स्मार्टली प्ले करें। आप स्मार्टफोन में कुछ ऐसे ऐप्स इन्स्टॉल करें, जो आपके बच्चों को लर्न करने का काम करें। इन ऐप्स में ऐसे फीचर्स होते हैं जो बच्चों को खेल-खेल में सिखाते हैं। इन्हें आप एंड्रॉयड यूजर्स गूगल प्ले स्टोर से फ्री इन्स्टॉल कर सकते हैं।


खान अकादमी 


खान अकादमी एक नॉन प्रॉफिट वेबसाइट है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए डिज़ाइन की गई है। इस ऐप में व्याकरण, गणित, राजनीति, विज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र जैसे विषयों पर 4,000 से अधिक वीडियो हैं। आपइसे साइट से स्ट्रीम कर सकती हैं या इसे डाउनलोड कर सकती हैं। इस एप में आप वीडियो के साथ-साथ स्टेप बाई स्टेप प्रैक्टिस भी की जा सकती है, बुकमार्क्स सेट कर सकते हैं और खुद की प्रोग्रेस का टेस्ट भी ले सकते हैं।


फोटोमैथ 


अगर आपका बच्चा मैथ्स में कहीं पर अटक गया है और आप झटपट उसका उत्तर चाहती हैं तो यह एप इसमें आपकी मदद करेगा। यह एक तरह से कैमरा केलकुलेटर है। इसमें आप किसी भी मैथ्स के किसी समीकरण या समस्या पर कैमरा लेकर जाएं और आपको उत्तर खुद ब खुद मिल जाएगा।


डुओलिंगो


अगर आप अपने बच्चे को कई भाषाओं में अभ्यस्त करना चाहती हैं तो यह एप एक अच्छा विकल्प है। इस एप की मदद से बच्चे स्पेनिश, डच, डेनिश, फ्रेंच, जर्मन, इतालवी, आयरिश और यहां तक कि अंग्रेजी सहित कई प्रकार की भाषाएं बेहद सरल तरीके से सीख सकते हैं। यह डाउनलोड व उपयोग करने के लिए पूरी तरह से मुफ्त है और इन-ऐप खरीदारी को वैकल्पिक रखा गया है। इस एप में डेली कुछ वक्त बिताकर बच्चे खेल-खेल में दुनिया की कई भाषाओं को सीख सकते हैं।


ड्रैगनबॉक्स


आमतौर पर बच्चे मैथ्स को एक बहुत ही मुश्किल सब्जेक्ट समझते हैं, लेकिन अगर आप मस्ती-मस्ती में और बेहद दिलचस्प तरीके से बच्चे को मैथ्स को सिखाना चाहती हैं तो ड्रैगनबॉक्स आपके लिए ही है। यह एक एजुकेशनल गेम सीरीज है। इस गेम ने ‘बेस्ट लर्निंग गेम’के लिए 2016 गेम्स फॉर चेंज अवार्ड जीता। इस एप की मदद से अलजेब्रा और ज्योमेट्री को अपनी उंगलियों पर नचा सकते हैं।




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मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं।


अपनी डेटा लिमिट सेट करें

अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं। 


बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें

कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में 'रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा' पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं।


डेटा कंप्रेशन का यूज करें

गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें। 


अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल

अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और 'ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली' ऑप्शन पर टैप करें। 


स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें

स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं।


ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें

गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं।


मैलवेयर को रखें दूर

ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। 


जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें

जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे। 





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सैमसंग 8 फरवरी को पेश करेगा गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा : रिपोर्ट

सियोल : दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग कथित तौर पर 8 फरवरी, 2022 को अपना अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलेक्सी एस 22 अल्ट्रा लॉन्च करने की योजना बना रही है।


गिज्मोचाइना की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकप्रिय टिपस्टर आइस यूनिवर्स के अनुसार, सैमसंग 8 फरवरी तक गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा की आधिकारिक घोषणा नहीं करेगा। गैलेक्सी एस22 सीरीज के अन्य मॉडलों की घोषणा उसी दिन की जाएगी।


गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा का डिस्प्ले, आगामी फ्लैगशिप फोन सीरीज का शीर्ष मॉडल, सैमसंग द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे ब्राइटेस्ट डिस्प्ले होगा।


वर्तमान गैलेक्सी एस21 अल्ट्रा पीक ब्राइट के 1500 निट्स पर है और कोई भी एस22 अल्ट्रा से इस निशान से आगे जाने की उम्मीद कर सकता है।


आगामी गैलेक्सी एस21 सीरीज अगले महीने बड़े पैमाने पर उत्पादन में प्रवेश करेगी।


लाइनअप में स्मार्टफोन जनवरी 2022 से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे और सीरीज के सभी मॉडल क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 898 चिपसेट द्वारा संचालित होने की उम्मीद है।


विनिर्देशों के संदर्भ में, आगामी सीरीज में 3 एक्स ऑप्टिकल जूम क्षमताओं के साथ खराब ऑप्टिकल जूम वाले हाई-रिजॉल्यूशन सेंसर के विपरीत एक नया 10 एमपी टेलीफोटो सेंसर हो सकता है।


सैमसंग गैलेक्सी एस22/एस22 प्लस मॉडल पर एक अलग दृष्टिकोण अपनाने की योजना बना रहा है। गैलेक्सी एस22 सीरीज के स्मार्टफोन में 10 एमपी का टेलीफोटो लेंस होगा जो गैलेक्सी एस20/ एस21 युग के हाइब्रिड जूम के बजाय 3 एक्स ऑप्टिकल जूम को सपोर्ट करता है।


पिछली अफवाहों ने सुझाव दिया था कि गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा में गैलेक्सी एस21 अल्ट्रा पर डुयल 10 एमपी टेलीफोटो कैमरा सेटअप जारी रखने की उम्मीद है। इनमें से एक लेंस पेरिस्कोप लेंस होगा जो 10 एक्स ऑप्टिकल जूम की पेशकश करेगा।




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अगर न करें मोबाइल में कभी न ये काम, न हैंग होगा और न ही हैक

डिजिटल वर्ल्ड में सबसे ज्यादा खतरा हैकिंग का होता है। हैकर्स हमारे डिवाइसों पर सेंधमारी करके निजी जानकारी चुरा लेते हैं। हमारे वाई-फाई से लेकर स्मार्टफोन कुछ भी सुरक्षित नहीं है। अगर आप अपने मोबाइल को हैकर्स से बचाना चाहते हैं तो कुछ टिप्स आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। ये टिप्स आपके मोबाइल को सुरक्षित रखेंगे और हैकिंग का खतरा नहीं रहेगा। आइए जानते हैं हैकिंग से बचने के उपाय


कैसे हैक होता है मोबाइल

अगर हम अनप्रोटेक्टेड व पब्लिक वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं तो हमारा मोबाइल हैक हो सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति के यूएसबी से फोन चार्ज करने पर भी मोबाइल हैकिंग का खतरा रहता है। मोबाइल पर आने वाले अज्ञात मैसेज के लिंक को खोलने से भी फोन हैक हो सकता है।


फोन हैक होने के संकेत

अगर आपका फोन हैंग या बिना इस्तेमाल के गर्म हो रहा है तो समझिए फोन हैक हो गया है। इसके अलावा फोन खुद से रिबूट होने लगे या स्विच ऑफ हो जाए तो यह भी हैंकिंग का संकेत हो सकता है। आप अपने फोन को स्विच ऑफ कर रहे हैं और वो बंद न हो तो यह भी एक खतरे की घंटी हो सकती है।


ऐसे हैक होने से बचाएं फोन

आपके फोन में आने वाले मैसेज में अगर कोई अधूरे यूआरएल वाला लिंक आया है तो उसे भूलकर भी न खोलें। अज्ञात कम्प्यूटर से फोन चार्ज करते वक्त ओनली चार्जिंग ऑप्शन ही चुनें।” रेमेम्बेर पासवर्ड” ऑप्शन पर क्लिक करने से हमेशा बचें। इससे हैकिंग के खतरे बढ़ जाते हैं। पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते वक्त ऑटोमैटिक कनेक्शन ऑप्शन को बंद कर दें। भूलकर भी सार्वजनिक वाई-फाई से पैसे का लेन-देन या किसी भी तरह की खरीददारी न करें। इससे स्मार्टफोन हैक हो सकता है।




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अपने पर्सनल कम्प्यूटर पर वेब साइट को ब्लॉक करने के कुछ तरीके

कम्प्यूटर पर आप कई साइट्स को ब्लॉक कर सकते है। साइट्स को ब्लॉक करने के कई तरीके होते है। आप ऑपरेटिंग सिस्टम और नेटवर्क राउटर पर साइट्स को ब्लॉक कर सकते है। अगर आपको अपने पर्सनल कम्प्यूटर पर कुछ ऐसी साइट्स है जिनको ब्लॉक करना चाहते है तो इसके लिए कुछ आसान से टिप्स बताये गए है। आप इन टिप्स का इस्तेमाल कर सकते है।


सबसे पहले आप अपने कम्यूटर में एडमिनिस्ट्रेटर अकाउंट से सिस्टम में लॉग इन करे। इसके बाद रन पर जाकर क्लिक करे। रन ऑप्शन आपको सर्च में जाकर मिलेगा। रन पर क्लिक करने के बाद आप सीःविंडोजसिस्टम32ड्राइवरईटीसी पर जाये। आपको होस्ट नाम की एक फाइल दिखेगी उस पर जाकर डबल क्लिक करे। जब आप होस्ट फाइल ओपन करेंगे तो आपको इस फाइल में कुछ -127.0.0.0.1 लोकलहोस्ट और -ःः1 लोकलहोस्ट लिखा हुआ मिलेगा।


यूजर्स को फाइल को एडिट करने के लिए सारे राइट्स देना पड़ता है। प्रापर्टिज बटन पर क्लिक करने के बाद आप सिक्यूरिटी टैब-यूजर अकाउंट-एडिट में जाकर एडिट कर सकते है। साइट्स को ब्लॉक करने के लिए आप फूल कंट्रोल पर क्लिक करे। साइट्स को ब्लॉक करने के लिए आप एड्रेस बार में उन साइट्स का नाम डाले। आपको जिस भी साईट को ब्लॉक करना है उसके साथ 127.0.0.1 भी टाइप करे। ऐसा करने पर आपके कम्यूटर में वह साईट ब्लॉक हो जाएगी।


जैसे आपको गूगल की साइट को ब्लॉक करना है तो आप फाइल के आखरी में 127.0.0.1 डब्लूडब्लूडब्लू डाॅट गूगल डाॅम काॅम को टाइप करे। आप एक बार में एक से ज्यादा साइट को ब्लॉक नही कर सकते है। सबसे आखरी में सेव बटन पर क्लिक कर दे। कम्प्यूटर को बंद करके फिर से स्टार्ट करे आपने जिन भी साइट को ब्लॉक किया है वे सभी साइट ब्लॉक हो जाती है।



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मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं।


अपनी डेटा लिमिट सेट करें

अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं।


बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें

कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में 'रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा' पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं।


डेटा कंप्रेशन का यूज करें

गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें।


अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल

अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और 'ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली' ऑप्शन पर टैप करें।


फोन में स्टोर करें विडियो और म्यूजिक

स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें

स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं।


ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें

गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं।


मैलवेयर को रखें दूर

ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।


जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें

जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे। 




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एंड्रायड फोन में कैसे लें स्क्रीनशॉट, जानिए..!

स्क्रीनशॉट यानि जो भी आपके डिस्प्ले में दिखाई दे रहा है उसकी पिक्चर। इसकी जरुरत अक्सर पड़ती है। मान लीजिए आपको अपने फोन में कोई परेशानी हो रही है जैसे आप नेट नहीं चला पर रहे हों और आप किसी से मदद मांगना चाहते हैं तो जो भी प्रॉब्लम है उसका पिक्चर लेकर अपने दोस्त या जिस भी व्यक्ति से मदद चाहिए उसके साथ शेयर कर सकते हैं।


अपनाएं कुछ खास ट्रिक

लैपटॉप या फिर पीसी में स्क्री न शॉट लेने के लिए हमें कुछ खास नहीं करना पड़ता, क्योंकि पीसी में पहले से प्रिंट स्क्रीन का ऑप्शन होता है लेकिन फोन में स्क्रीन शॉट लेने के लिए आपको कुछ खास ट्रिक अपनानी पड़ती है। स्मार्टफोन में स्क्रीन शॉट लेने के लिए पॉवर बटन और वॉल्यूम बटन का प्रयोग किया जाता है।


फर्स्ट स्टेप

सबसे पहले अपने एंड्रायड फोन को अनलॉक करें और जिस स्क्रीन का स्क्रीिन शॉट लेना चाहते हैं उसे ओपेन करें।


सेकंड स्टेप

स्क्रीन ओपेन करने के बाद फोन की पॉवर बटन और होम बटन को एक साथ दबाएं।


थर्ड स्टेप

पॉवर बटन और होम बटन दबाने के बाद फोन के गैलरी फोल्डऔर में स्क्रीन शॉट के नाम से एक फोल्डर बन जाएगा जिसमें सभी स्क्रीन शॉट सेव हो जाएंगे।

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क्या व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट हो गए हैं, ऐसे वापस पाएं

कई बार व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट होने पर हमें काफी अजीब-सा लगता है कि करीबी दोस्तों के साथ किया चैट हमेशा के लिए खत्म हो गया। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो एक खुशखबरी है। आप व्हाट्सऐप पर डिलीट हो चुके मैसेज को वापस पा सकते हैं। व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे ज्यादातर यूजर्स शायद यह बात नहीं जानते होंगे कि हर सुबह 4 बजे व्हाट्सऐप आपके मोबाइल फोन के सारे मैसेज को रिस्टोर करता है। ऐसे में अगर आपसे कोई मैसेज धोखे से डिलीट हो गया है, तो आप इसको आसानी से वापस पा सकते हैं।


ये है प्रोसेस....


1. व्हाट्सऐप को अपने मोबाइल में से अनइंसटाॅल कर दें।


2. इसके बाद स्टोर से व्हाट्सऐप को दोबारा अपने मोबाइल में इंसटाॅल करें।


3. इंस्टाॅलेशन के प्रोसेस के समय यह एप्लीकेशन आपसे पुराने मैसेज रिस्टोर करने को पूछेगा।


4. अगर आप यस पर क्लिक करते हैं तो पिछले रिस्टोर तक आपके सारे मैसेज वापस आ जाएंगे।


आप अपने व्हाट्सऐप को कंप्यूटर या मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं...


इसके लिए आपको गूगल क्रोम में व्हाट्सऐप वेब टाइप करना होगा। इसके बाद आप अपने मोबाइल में आ रहे अनुदेश को फॉलो करके व्हाट्सऐप को कम्प्यूटर या लैपटॉप से जोड़ सकते हैं। इसके बाद सभी मैसेज नोटिफिकेशन आपको आपके कम्प्यूटर या लैपटॉप पर मिलने लगेंगे। ध्यान रहे आपको फोन उस वक्त इंटरनेट से कनेक्ट होना चाहिए। यह सुविधा अभी आईफोन यूजर्स के लिए नहीं है।


एन्ड्रॉयड और विडोज फोन के यूजर्स अपनी व्हाट्सऐप चैट, फोटो और वीडियो को पासवर्ड से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। प्ले स्टोर से व्हाट्सऐप लाॅकर एप इंस्टॉल करके आप पिन डालकर अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को लॉक कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस सुविधा को जेलब्रेकिंग के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं।




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फिजूल कॉल से हैं परेशान तो मोबाइल से इस तरह कर सकते है उन्हें ब्लॉक

आजकल टेलीमार्केटिंग का चलन जोरों पर है, हालांकि इसके लिए सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां ही जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए आप और हम भी जिम्मेदार हैं। आपमे से कई लोगों ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना मोबाइल नंबर दे रखा होगा। साथ ही कई बार हम नौकरी की तलाश में सोशल मीडिया पर आए किसी पोस्ट पर कॉमेंट में अपना मोबाइल नंबर दे देते हैं। इसके बाद टेलीमार्केटिंग कंपनियां आपका मोबाइल नंबर इकट्ठा करती हैं और फिर खेल शुरू होता है। तो अब सवाल यह है कि इससे कैसे बचा जाए? 


जियो, एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के किसी भी नंबर पर स्पैम कॉल ब्लॉक करने के दो तरीके हैं जिनमें से पहला एसएमएस का तरीका है और दूसरा कॉलिंग का है। यदि आप अपने मोबाइल नंबर पर आने वाले फालतू के फोन से परेशान हैं तो सबसे पहले अपने फोन के मैसेजिंग ऐप में जाएं। इसके बाद एक मैसेज में स्टार्ट 0 टाइप करके 1909 पर सेंड कर दें। इसके बाद आपके फोन पर किसी प्रकार के फालतू और परेशान करने वाले स्पैम कॉल नहीं आएंगे।


फोन करके ब्लॉक कराएं स्पैम कॉल : यदि आप फोन करके अपने नंबर पर आने वाले स्पैम कॉल को ब्लॉक कराना चाहते हैं तो अपने फोन में डायलर ऐप में जाएं और 1909 पर कॉल करें। इसके बाद फोन पर मिलने वाले निर्देशों का पालन करें और डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सेवा को एक्टिव करें।







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ट्विटर वेब ऐप पर अब शेड्यूल कर सकेंगे ट्वीट, आ रहा नया अपडेट

माइक्रोब्लॉगिग साइट ट्विटर पर ट्वीट शेड्यूल करने के लिए ट्वीटडेक का इस्तेमाल किया जाता है। ट्वीटडेक पर आप किसी ट्वीट को टाइम और डेट के साथ शेड्यूल कर सकते हैं। यह फीचर अभी तक मेन ट्विटर वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था। अब ट्विटर अपनी मेन वेबसाइट के लिए इस फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। कंपनी इस फीचर के जरिए अपना यूजर बेस बढ़ाने की कोशिश करेगी।


ट्विटर का यह फीचर अभी एक्सपेरिमेंट फेज में है। कंपनी यह फीचर कब तक रोल आउट करेगी इस बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है। ट्विटर पर ट्वीट को शेड्यूल करने के लिए ट्विटर को टाइप करके बॉटम बार में बने तीन डॉट पर क्लिक करना होगा और डेट और टाइम फीड करके ट्वीट को शेड्यूल किया जा सकता है। 


इस फीचर की भी टेस्टिंग कर रहा ट्विटर


इस फीचर के अलावा ट्विटर एक और फीचर की भी टेस्टिंग कर रहा है, जिससे यूजर के डायरेक्ट मेसेज (डीएम) इनबॉक्स से स्पैम और अब्यूजिव मेसेज खुद ही फिल्टर हो जाएंगे। फिलहाल, ट्विटर ने अपने यूजर्स को किसी से भी मेसेज रिसीव करने के लिए अपने डीएम इनबॉक्स को ओपन रखने की परमिशन दे रखी है।


ट्विटर सपॉर्ट ने एक पोस्ट में कहा, 'अनचाहे मेसेजेस मजेदार नहीं होते। ऐसे में हम आपके डीएम रिक्वेस्ट में एक ऐसे फिल्टर की टेस्टिंग कर रहे हैं, जो ऐसे मेसेज को आपकी नजर और आपके दिमाग से दूर रखेगा।'


आपको बता दें हाल ही में ट्विटर ने दुनिया भर में अपने प्लेटफॉर्म पर पॉलिटिकल विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। ट्विटर के सीईओ जैक डॉर्सी ने कुछ वक्त पहले यह घोषणा की थी अब ट्विटर पर पॉलिटिकल ऐड नहीं परोसे जाएंगे। अब कंपनी ने आधिकारिक तौर पर राजनीतिक विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है। यानी अब ट्विटर पर पॉलिटिकल कैंडिडेट या दल विज्ञापन नहीं दे सकेंगे। ट्विटर ने राजनीतिक विज्ञापनों पर यह रोक दुनिया भर में लगाई है। 




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अगर आपका जीमेल अकाउंट हो गया है हैक तो इस तरह कर सकते है रिकवर

गूगल की ईमेल सर्विस जीमेल को दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जीमेल को दुनिया भर में एक बिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं और शायद यही वजह है कि हमेशा हैकर्स की नज़र इस ईमेल सर्विस पर बना रहती है। अगर आपने भी अपने जीमेल अकाउंट में किसी संदेहास्पद गतिविधि को नोटिस किया है तो हो सकता है कि आपके अकाउंट को किसी ने हैक कर लिया हो।


1. अकाउंट रिकवरी पेज पर जाएं

2. अगर आपको पासवर्ड याद नहीं है तो अलग-अलग सवालों के जवाब दें।

3. अपने रिकवरी ईमेल या फोन नंबर का इस्तेमाल करें।

4. अब जीमेल आपके अकाउंट के मालिकना हक को सुनिश्चित करने के लिए उस फोन नंबर या ईमेल पर एक रिकवरी कोड भेजेगा।

5. इसके अलावा आप उस सिक्यॉरिटी सवाल का जवाब भी दे सकते हैं, जो आपने अकाउंट सेटअप करते समय बनाया होगा।

6. एक बार रिकवरी कोड रिसीव करने के बाद, जीमेल में इसे एंटर करें और फिर गूगल आपसे पासवर्ड बदलने को कहेग।

7. साइनइन करने के बाद जीमेल आपसे एक बार सिक्यॉरिटी चेक के लिए कहेगा। ध्यान रहे कि सिक्यॉरिटी चेक कर लें और फिर अपनी सिक्यॉरिटी इन्फर्मेशन बदल लें।


आपके जीमेल अकाउंट में की गई कोई हैकिंग ऐक्टिविटी के चलते अगर कोई आपकी जानकारी के बिना आपका गूगल अकाउंट इस्तेमाल कर रहा है तो, आपके दूसरे गूगल अकाउंट्स असुरक्षित अनऑथराज्ड पेमेंट ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर गूगल प्ले ऐक्टिविटी, अनजान यूट्यूब ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर ऐप जैसे बड़े खतरे हो सकते हैं।


अपने गूगल अकाउंट को सिक्यॉर करने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:


1. सिक्यॉरिटी चेकअप में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह गूगल की सर्विस है जिससे यूजर्स को कनेक्टेड ऐप्स, डिवाइसेज़, अकाउंट परमिशंस आदि चेक कर यह पता करने में मदद मिलती है कि उनका अकाउंट सेफ है या नहीं।

2. अगर आपने अब तक अपने अकाउंट का पासवर्ड नहीं बदला है तो तुरंत पासवर्ड बदल लें।

3. उन ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने इसी गूगल अकाउंट वाला पासवर्ड इस्तेमाल किया है।

4. उन सभी ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने अपने गूगल अकाउंट ईमेल अड्रेस के साथ साइनइन किया है। इसके अलावा, जिन ऐप्स और साइट्स के लिए आपने क्रोम ब्राउज़र पर पासवर्ड सेव किया है, उनके भी पासवर्ड बदल दें।

5. सनुश्चित कर लें कि आपका रिकवरी फोन नंबर और ईमेल सही है, ताकि आपके अकाउंट में कोई संदेहास्पद ऐक्टिविटी होने पर आपको सूचना दी जा सके।




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स्मार्टफोन से भी ले सकते हैं डीएसएलआर जैसी की तस्वीरें, अपनाएं ये टिप्स

इन दिनों लॉन्च होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बेहतर कैमरा दिया जाता है। कई स्मार्टफोन्स में तो डीएसएलआर की तरह ही प्रोफेशनल मोड्स दिए जाते हैं। लेकिन बेहतर कैमरा होने के बावजूद आपको बेहतर तस्वीरें क्लिक करने में परेशानी आ सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे स्मार्ट तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप भी डीएसएलआर क्वालिटी की तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं।


कलर एडजस्ट करना

तस्वीर क्लिक करने से पहले आप कैमरे के व्हाइट बैलेंस ऑप्शन में जाकर इसका कलर एडजस्ट कर लें। कई बार लो लाइट में तस्वीर लेते समय हमे कलर करेक्शन करना जरूरी होता है नहीं तो हमारे मन के मुताबिक तस्वीरे हम क्लिक नहीं कर पाते हैं।


ब्राइटनेस कंट्रोल करना

कलर के साथ ही ब्राइटनेस कंट्रोल करना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादा रोशनी की वजह से कैमरे से ली गई तस्वीर काफी चमकीला दिखाई देता है जो कि आपकी आखों को अच्छा नहीं लगता है। इसके लिए प्रोफेशनल मोड में कम रोशनी में तस्वीर क्लिक करने के लिए शटर स्पीड और ISO को कम से कम 400 रखना होगा तभी आप बेहतर तस्वीर क्लिक कर सकते हैं।


हाथ को स्टेबल रखें

डीएसएलआर में स्टेब्लाइजर दिया होता है जो कैमरे को स्थिर रखने में मदद करता है लेकिन स्मार्टफोन में स्टेब्लाइजर नहीं दिया होता है जिसकी वजह से फोन में ली गई तस्वीर के हिलने का डर रहता है। हाथ के हिल जाने की वजह से तस्वीर ब्लर या धूंधली दिखाई देती है।


हमेशा मैनुअल या प्रोफेशनल मोड में खींचे तस्वीरें

अगर आप बेहतर तस्वीर क्लिक करना चाहते हैं तो कैमरा ऐप को मैनुअल या फिर प्रोफेशनल मोड में ही इस्तेमाल करें। इससे आपके फोन से क्लिक की हुई तस्वीर बेहतर दिखाई देती है।


फिल्टर का करें इस्तेमाल

कैमरा में अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए आपको फिल्टर का इस्तेमाल करना जरूरी है। बिना फिल्टर के तस्वीर क्लिक करने पर तस्वीरें खराब हो सकती हैं।






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कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे।


टिप्स नंबर-1

आपके पास है कौन-सा कनेक्शन

वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं।


टिप्स नंबर-2

स्टैंडर्ड कैसा हो?

जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं।


टिप्स नंबर-3

डुअल-बैंड

आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा।


टिप्स नंबर-4

यूएसबी पोर्ट्स 

यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं।


टिप्स नंबर-5

मल्टीपल एंटीना

राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।




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ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका खाता

अमेजन और फ्लिपकार्ट पर फेस्टिव सेल की शुरुआत हो गई है। दोनों वेबसाइट पर मोबाइल और टीवी से लेकर कपड़े और होम डेकोरेशन तक के सामान पर बंपर छूट मिल रही है। ऑनलाइन शॉपिंग कोई बुरी बात नहीं है लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में खतरा बहुत रहता है। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान फ्रॉड की घटनाएं बहुत होती हैं। ऐसे में अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग की करने का विचार कर रहे है, तो उससे पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें। आइए जानते हैं इनके बारे में...


ऑफिशियल वेबसाइट को दें प्राथमिकता

ई-कॉमर्स वेबसाइट के अलावा आप अपने प्रोडक्ट को उसकी निर्माता कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर भी खोजें। वहां उपलब्ध होने पर ही सामान को खरीदें। ऐसे में आपको बढ़िया सामान भी मिलेगा और पेमेंट भी सुरक्षित रहेगा।


फेक साइट से रहें सावधान

देश में 100 से भी ज्यादा ई-कॉमर्स वेबसाईट चल रही हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट से लोग अच्छी तरह परिचित हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो केवल लोगों को धोखा देने का काम करती हैं। कई बार यहां प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दिखा कर लोगों को लुभाया जाता है। ऑर्डर करने पर पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन सामान या तो नहीं पहुंचता या गलत सामान पहुंचता है । ऐसे में लोगों के पास पछताने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है।


कैश ऑन डिलीवरी सबसे सेफ 

किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है, कैश ऑन डिलीवरी। अगर किसी सामान को ऑर्डर करने के दौरान यह सुविधा मिलती है, तो आपको इसे ही चुनना चाहिए। इसमें पहले सामान आपके पास पहुंच जाता है, उसके बाद आपको कैश पेमेंट करना होता है। ऐसे में थोखाधड़ी का खतरा कम हो जाता है।


सेव डिटेल में 'नो' टिक करें

शॉपिंग के दौरान पेमेंट करते वक्त जब आप अपने एटीएम कार्ड की जानकारियां डालते हैं, तो आपको सेव कार्ड डिटेल्स का ऑप्शन मिलता है। कई बार उसमें पहले से ही ओके या यस पर टिक किया हुआ होता है। पेमेंट कंफर्म करने से पहले उस टिक को यस से हटा कर नो सेलेक्ट कर लें।


यह बात आप भी जानते हैं कि फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियां खुद सामान नहीं बेचती हैं। इन कंपनियों की साइट के जरिए अलग-अलग रिटेलर्स अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। ऐसे में आपको लिए जरूरी है कि किसी भी सामान को खरीदने से पहले उस सेलर की रिव्यू पढ़ें जो उस सामान को बेच रहा है। रिव्यू आपको साइट पर ही मिल जाएगा। इसके अलावा यदि आ अमेजन से सामान खरीद रहे हैं तो उसके साथ अमेजन फुलफिल्ड का लेबल मिलता है। ऐसे ही फ्लिपकार्ट पर भी लेबल लगा होता है। लेवल के साथ वाला ही प्रोडक्ट ही खरीदें।



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लैपटॉप को सुरक्षित रखने के छह टिप्स

आज मार्केट में एक से बढ़कर एक बेस्ट स्पेसिफिकेशन्स के साथ लैपटॉप आ रहे हैं। लैपटॉप लगभग प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, विशेषकर जब आप ऑफिस वर्क कर रहें हो, वर्क फ्रॉम होम कर रहें हो, मेट्रो या बस कहीं पर भी हो। आप लैपटॉप को आसानी से कैरी कर सकते हैं। चैबीसों घंटे जिस डिवाइस को आप साथ रखते हैं, उसकी देखभाल कितनी जरूरी है यह बात आसानी से समझी जा सकती हैं। इसकी बॉडी हार्ड होने के कारण अक्सर यूजर इसका यूज रफली करता है या फिर कहीं भी चार्जिंग पर लगाया और छोड़ दिया, लेकिन ऐसा करना आपके लैपटॉप की लाइफ को डेंजर में डाल सकता है और परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इन टिप्स से अपने लैपटॉप को सुरक्षित बनाएंः


नमी:- लैपटॉप की देखभाल में सबसे अहम इस बात का ध्यान रखना है कि उसमें नमी और गर्मी न जाने पाएं, इसलिए लैपटॉप को रखने की जगह ठंडी होनी चाहिए।


लैपटॉप लाॅक:- जब भी आप लैपटॉप को कैरी करें तो इसे लाॅक एंड की बैग में रखें, इससे इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। लैपटॉप को इस बैग में रखने के साथ ही ध्यान रखें की यह बैग आपके हाथ में ही रहें।


पब्लिक वाई-फाई:- जहां तक संभव हो पब्लिक वाई-फाई का यूज न करें क्योंकि पब्लिक डोमेन में हैकर्स आसानी से किसी के भी लैपटॉप में वायरस पहुंचाकर उसे हैक करके निजी जानकारियां हासिल कर सकते हैं।


डाटा बैकअप:- कभी सोचा है आपने कि लैपटॉप चोरी हो जाएं या उसकी हार्ड डिस्क क्रैश हो जाएं तो क्या होगा? आपका कितना नुकसान हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि लैपटॉप के सारे डाटा का बैकअप टाइम टू टाइम एक्सटर्नल हार्ड डिस्क हार्ड डिस्क में सेव रखें।


लैपटॉप कवर:- आपका कीमती लैपटॉप स्क्रैच प्रूफ रहे इसके लिए जरूरी है कि इसका कवर पैडेड हो क्योंकि नॉर्मल कवर इसे पूरी तरह स्क्रैच प्रूफ नहीं बना सकेगा।


कूलिंग पैड:- अगर लैपटॉप का प्रयोग लंबे समय के लिए या फिर 4 से 5 घंटे रोजाना कर रहे हैं तो कूलिंग पैड का इस्तेमाल करें।




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अब फ्री में सीखें यहां अंग्रेजी

आप अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको अंग्रेजी की जानकारी होना बहुत जरूरी है। तो चलिए आपको लिए चलते हैं अंग्रेजी सीखने वो भी किसी कोचिंग क्लास में नहीं बल्कि घर पर ही वो भी मुफ्त में ऑनलाइन। इसके लिए कुछ ऑनलाइन इंग्लिश लर्निंग वेबसाइट्स हैं...


परफेक्टी योर इंग्लिशः इस वेबसाइट से आप अंग्रेजी ग्रामर सीख सकते हैं। इससे आप इंटरेक्टिव ग्रामर, वॉकेबुलरी अभ्यास व अपनी अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का टेस्ट भी ले सकते हैं। इसके अलावा, यह अंग्रेजी शब्दकोष, अंग्रेजी का व्यावहारिक ज्ञान देने व उसे बोलनेध्लिखने का अभ्यास करने के लिए एक व्यापक निर्देशिका है। 


गाइड टू ग्रामर एंड राइटः सीसीसी फाउंडेशन द्वारा स्पान्सर यह वेबसाइट आपकी ग्रामर संबंधी समस्याओं, कम्पोजिशन और व्यावहारिक अंग्रेजी पर मददध्सलाह देती है। इसमें गाइड के इंटरैक्टिव क्विज, सर्च इंजन, ग्रामर लॉग्स आदि भी है। 


इंग्लिश प्रैक्टिसः यह वेबसाइट अंग्रेजी लाॅन्र्स हेतु बहुत सारे अर्काइव (लेखागार) लेसन्सु उपलब्ध करवाता है। इसमें आप अपनी आवश्यकतानुसार या इच्छानुसार कैटेगिरी चुनकर लैसन पढ़ सकते हैं। आप गूगल प्ले स्टोर से ऐप को डाउनलोड करे। इससे आप इंग्लिश ग्रामर, स्पेलिंग व सेंटेंस फॉर्मेशन सीख सकते हैं। इंगलिश क्लब से आप खेल खेल में अंग्रेजी सीख सकते हैं। इसपर अनेक सारी लार्निंग गेम्स व वीडियोज उपलब्ध हैं।





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फेसबुक नोटिफिकेशन्स को बंद करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर आप फोटो, वीडियो, चैटिंग या देश-दुनिया से जुड़े सभी अपडेट आसानी से चेक कर सकते हैं। फेसबुक पर आने वाले नोटिफिकशन में बर्थडे का नोटिफिकेशन काफी खास होता है जिसकी मदद से आप किसी अपने को समय पर बर्थडे विश कर पाते हैं। लेकिन इसके अलावा फेसबुक पर आने वाले लाइव इवेंट या अन्य कोई नोटिफिकेशन आपको डिस्टर्ब या परेशान कर सकते हैं। ऐसे में परेशान होने की बजाय आप चाहें तो उन अनचाहे नोटिफिकेशन्स से मिनटों में ही छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आपको हमारे द्वारा बताए कुछ आसान टिप्स फॉलो करने होंगे। इन आसान टिप्स की मदद से आप अनचाहे नोटिफिकेशन को बंद कर सकते हैं। 


स्टेप 1. अनचाहे नोटिफिकेशन को बंद करने के लिए सबसे पहले अपने लैपटॉप या मोबाइल में फेसबुक ऐप ओपन करें। 


स्टेप 2. फेसबुक ओपन करने के बाद वहां साइड में दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें। जिसके बाद आपके सामने एक विंडो ओपन होगी जिसमें स्क्रॉल करने के बाद सबसे नीचे सेटिंग्स एंड प्राइवेसी का ऑप्शन दिया गया है। उस पर क्लिक करें।


स्टेप 3. सेटिंग्स एंड प्राइवेसी ऑप्शन में दिए गए सेटिंग्स सेक्शन पर क्लिक करें। जहां आपको नोटिफिकेशनस सेटिंग्स का विकल्प नजर आएगा।


स्टेप 4. नोटिफिकेशनस सेटिंग्स में तीन ऑप्शन दिए गए हैं। जिसमें मैनेज पुश नोटिफिकेशनस, व्हाट नोटिफिकेशनस यू रिसीव और वेयर यू रिसीव नोटिफिकेशनस शामिल हैं। 


स्टेप 5. इनमें से आप जो भी नोटिफिकेशन बंद करना चाहते हैं उस विकल्प पर क्लिक करें और उसे ऑफ कर दें। आपको यहां सभी नोटिफिकेशन्स को एक साथ बंद करने का ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा आप चाहें तो इवेंट, बर्थडे, फ्रेंड रिक्वेस्ट, कमेंट, वीडियो आदि से जुड़े नोटिफिकेशन्स को भी बंद कर सकते हैं। 





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लैपटॉप या विंडोज कंप्यूटर में स्क्रीनशॉट लेने के स्मार्ट तरीके

हम सभी ने मोबाइल में स्क्रीन शॉट तो लिया हैं परन्तु आज हम माइक्रोसॉफ्ट के प्लेटफॉर्म में स्क्रीन शॉट की बात करेंगे। पहले पूरे स्क्रीन को कैपचर करना, फिर उसे माइक्रोसॉफ्ट पेंट ऐप में पेस्ट करना। कहीं से भी यह प्रक्रिया सुगम नहीं लगती। इसके बाद हमने स्क्रीनशॉट लेने के और तरीके के बारे में खोजबीन शुरू की। क्या आपको पता है कि विंडोज डिवाइस पर स्क्रीनशॉट लेने कई बेहतर तरीके हैं।


1. पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को फाइल पर सेव करने का तरीका


विंडोज पर पूरे स्क्रीन के स्क्रीनशॉट को सीधे फाइल में स्टोर ऐसे करें


1. विंडोज बटन के बाद प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। ऐसे करने के बाद स्क्रीनशॉट आपके कंप्यूटर के पिक्चर्स लाइब्रेरी में स्टोर हो जाएगा।


2. स्क्रीनशॉट खोजने के लिए एक्सप्लोरर को लॉन्च करें। इसके बाद बायें वाले हिस्से में पिक्चर्स पर क्लिक करें। अब स्क्रीनशॉट फोल्डर को खोलें, यहां पर आपको स्क्रीनशॉट मिल जाएंगे।


2. स्क्रीनशॉट को क्लिपबोर्ड पर सेव करने का तरीका


आसानी से स्क्रीनशॉट लेने के लिए इस तरीके को अपनाएं


1. प्रिंट स्क्रीन को दबाएं। यह स्क्रीन को क्लिपबोर्ड पर कॉपी कर लेता है।


2. अब एमस पेंट, वर्ड या किसी ऐसे ऐप को खोलें जो इमेज को हैंडल कर सकता है।


3. अब कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं। इसके बाद ऐप पर स्क्रीनशॉट को पेस्ट कर दें।


4. अब आप इस फाइल को अपनी पसंद की जगह पर स्टोर कर सकेंगे।


3. ओपन विंडोज का स्क्रीनशॉट लेने का तरीका


अगर आप किसी ऐप, या विंडो का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं तो इस तरीके को अपनाएं।


1. जिस ऐप का स्क्रीनशॉट लेना चाहते हैं उसे खोलें। सुनिश्चित करें कि वह ऐप बैकग्राउंट नहीं फोरग्राउंड में है, यानी उस ऐप का पेज दिख रहा है।


2. अब ऑल्ट प्लस प्रिंट स्क्रीन को दबाएं।


3. अब एमएस पेंट या अपनी पसंद के किसी भी ऐप खोलें।


4. कण्ट्रोल प्लस वी को दबाएं।


5. ऐसा करने के बाद ओपन विंडो का स्क्रीनशॉट पेंट में स्टोर हो जाएगा।


इसके बाद आप स्क्रीनशॉट को अपनी पसंद के किसी भी जगह पर स्टोर कर सकेंगे।




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ट्रूकॉलर से ऐसे हटाएं अपना नाम और मोबाइल नंबर

ट्रूकॉलर एक ऐसा ऐप है जिसके जरिए इसके यूजर्स को कॉलर आईडी पता चलती है. अगर आप इसे यूज करते हैं तो जानते होंगे, लेकिन इसके बारे में नहीं जानते तो यह एक ऐसा ऐप है जो आपके नंबर पर आने वाली कॉल की डीटेल्स बताता है. डीटेल्स में कॉलर का नाम, लोकेशन और प्रोफेशन बताता है. आमतौर पर इसके द्वारा ज्यादा जानाकारी तब मिलती है जब कॉल करने वाले के पास भी यह ऐप है और उसमें रजिस्टर कर रखा है.


एंड्रॉयड


एप खोलें-ऊपर में बायें किनारे पर पीपुल आइकन पर टैप करें-सेटिंग्स -अबाउट -डीएक्टिवेट अकाउंट।


आईफोन


एप खोलें-टॉप में दायीं तरफ बने गियर आइकन पर टैप करें -अबाउट ट्रूकॉलर -नीचे जाएं -फिर ट्रूकॉलर को डीएक्टिवेट करें।


विंडोज मोबाइल


एप खोलें, फिर निचले हिस्से में दायें किनारे पर दिख रहे तीन डॉट वाले आइकन को टैप करें -सेटिंग्स -हेल्प -अकाउंट डीएक्टिवेट करें।


ऐसे हटाएं ट्रू कॉलर से नंबर


आप चाहते है कि आपका नंबर ट्रूकॉलर के डेटाबेस से हट जाए तो ध्यान रहे कि अगर आप इस ऐप को इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने नंबर को इस सर्विस से नहीं हटा सकते। आपको नंबर को हटाने के लिए अपने अकाउंट को बंद करना पडे़गा। अगर आप अपना नंबर हटाकर दूसरों का कॉन्टेक्ट डिटेल जानना चाह रहे थे तो ऐसा संभव नहीं। ट्रूकॉलर से नंबर हटाने का एक बहुत ही आसान तरीका है। सबसे पहले ट्रूकॉलर के अनलिस्ट पेज पर जाएं। फिर कंट्री कोड के साथ अपना नंबर डालें। अनलिस्ट करने के लिए विकल्प चुनकर कारण बताएं। अगर आप चाहते हैं तो अन्य फॉर्म में कोई और वजह भी बता सकते हैं। वेरफिकेशन कैप्चा को डालें। अनलिस्ट पर क्लिक करें। अनलिस्ट रिक्वेस्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर इन नंबर को हटा देता है।





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आपके लैपटॉप की लाइफ बढ़ाने के लिए 10 आसान टिप्स

अगर आपने नया लैपटॉप खरीदा है और आप चाहते हैं कि वह लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहे, तो आपको उसकी देख-रेख ठीक ढंग से करनी होगी। यह ठीक है कि शुरू के 1 या 2 साल तक लैपटॉप पर कंपनी वारंटी देती है और इस दौरान यदि उसमें कोई मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट आ जाए, तो कंपनी उसे ठीक भी कर देती है, पर उसके बाद भी आपका डिवाइस ठीक काम करता रहे, साफ सुधरा रहे, टूट-फूट से बचा रहे, यह सिर्फ आपके हाथ में है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी आसान टिप्स, जिनसे आप अपने लैपटॉप की लाइफ को बढ़ा सकते हैं।..


टैग लगाकर रखें

गुम होने से बचाने के लिए लैपटॉप पर मार्कर से नाम और कॉन्टैक्ट नंबर लिख दें। ये जानकारी आप लैपटॉप के पीछे, डीवीडी ड्राइव के अंदर, पावर कॉर्ड, कीबोर्ड पर लिख सकते हैं। अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स के साथ लैपटॉप बैग पर लगेज टैग लगाकर रखें, ताकि गुम होने पर आपको संपर्क किया जा सके। इससे एक फायदा और है कि किसी मीटिंग में एक जैसे कई लैपटॉप होने पर भी आप अपने लैपटॉप की पहचान आसानी से कर सकते है।


लैपटॉप की केयर करें

लैपटॉप पर खाने-पीने के गंदे हाथ न लगाएं। चाय, कॉफी या पानी जैसी चीजें गिरने से सर्किट शॉर्ट हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें लैपटॉप के पास कोई भी इलैक्ट्रिक डिवाइस न रखें, क्योंकि उसमें से मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होती है जो आपके लैपटॉप को नुकसान पहुंचाती है।


स्क्रीन का रखें ख्याल

कई बार काम करते वक्त पेन की-बोर्ड पर रखकर भूल जाने से लैपटॉप के स्क्रीन को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि अगर ऐसे में की-बोर्ड बंद कर दिया जाए तो स्क्रीन खराब हो जाएगी। की-बोर्ड बंद करने से पहले हमेशा ध्यान दें कि इसके ऊपर कुछ न रखा हो।


लैपटॉप बैग करता है टूट-फूट से सुरक्षा

किसी भी सफर के दौरान लैपटॉप को एक अच्छी क्वालिटी के बैग में रखें। लैपटॉप जरा-सी ठोकर से भी टूट-फूट सकता है और लापटॉप की डेटा केबल, चार्जर और अन्य चीजें हमेशा बैग की अलग पॉकेट में रखें।


लैपटॉप को रखें साफ-सुथरा

लैपटॉप के स्क्रीन को हमेशा सॉफ्ट कपड़े से साफ करें। इसके लिए कभी भी विंडो क्लीनर का इस्तोमाल न करें। सफाई के लिए ड्रायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ करते वक्त सिर्फ उन कवर को हटाएं, जो आसानी से हटाएं जा सकते हैं।


यूएसबी और चार्जर केबल को सीधा रखें

कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद वायर्स को सीधा नहीं करते। उन्हें उलझा ही रहने देते है। ऐसे में वायर गर्म होती रहती है जिससे शॉर्ट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। लैपटॉप में पावर केबल लगाने के बाद ही पावर स्विच ऑन करें। कभी भी बिना स्विच को ऑफ किए प्लग न निकालें।


डीवीडी ड्राइव

लैपटॉप का डीवीडी ड्राइवर ध्यान से इस्तेमाल करें। एक जैसी डिस्क में कई बार लोग कंफ्यूज हो जाते है और उल्टी डिस्क लगा देते हैं। इसके कारण डीवीडी ड्राइव का लैंस खराब हो जाता है। ड्राइव में कभी भी टूटी या ज्यादा स्क्रैच वाली डिस्क का इस्तेमाल न करें।


बैट्री की लाइफ बढ़ाएं

बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए लैपटॉप चार्ज करने के बाद बैट्री को अलग रख दें अगर काम न करना हो तो। इसमें ऑटोलॉक सिस्टम होता है। जब भी काम करना हो उसे लगा लें।


सॉफ्टवेयर्स

लैपटॉप में हमेशा जरूरत अनुसार सॉफ्टवेटर्स रखें। सारे सॉफ्टवेयर्स ट्रस्टेड होने चाहिए और सिस्टम में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस होनी चाहिए ताकि पेन-ड्राइव या दूसरे सोर्स से आने वाले वायरस से प्रोटेक्ट किया जा सके। अपने डेटा को बचाने के लिए बैकअप जरूर रखें।


मैंटेनेंस

लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते रहने पर इसमें जंक फाइल और रजिस्ट्री में छोटी-मोटी फाइलें आ जाती हैं, जिसके कारण स्पीड स्लो हो जाती है। इससे निपटने के लिए महीने में एक बार डिस्क क्लीनअप और क्मतिंहउमदज जैसे टूल्स का इस्तेमाल जरूर करें। ये दोनों टूल्स विंडोज में मौजूद होते हैं। इन्हें स्टार्ट-प्रोग्राम-एक्सेसरीज पर जाकर ओपन किया जा सकता है।

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मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं।


अपनी डेटा लिमिट सेट करें

अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं।


बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें

कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में 'रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा' पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं।


डेटा कंप्रेशन का यूज करें

गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें।


अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल

अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और 'ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली' ऑप्शन पर टैप करें।


फोन में स्टोर करें विडियो और म्यूजिक

स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें

स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं।


ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें

गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं।


मैलवेयर को रखें दूर

ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।


जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें

जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे। 





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लॉक्ड स्क्रीन में यूट्यूब पर ऐसे गाने सुन सकते है आप, फॉलो करे ये टिप्स

आजकल यूट्यूब हर कोई इस्तेमाल करता हैं। लोग इसका इस्तेमाल गाना सुनने, वीडियो देखने के लिए करते हैं। यूट्यूब पर आपको हर भाषा का content आसानी से मिल जाता हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है की आप केवल गाना सुनना चाहते है और स्क्रीन लॉक हो जाती है। फिर क्या गाना बंद! अगर आप यूट्यूब पर गाना सुनना चाहते है वो भी स्क्रीन लॉक के साथ तो इसका भी समाधान हैं। ऐसा करने के लिए नीचे दी गई स्टेप्स की फॉलो करें।  


1. ऐसा करने के लिए सबसे पहले आपको गूगल क्रोम या फिर फायरफॉक्स ब्राउसर में यूट्यूब खोलना होगा। ध्यान रहें कि यहां यूट्यूब एप का ऑप्शन आएगा लेकिन आपको वेब ब्राउजर पर ही यूट्यूब चलाना है।


2. इसके बाद आपको वेब ब्राउजर के मेन्यू में जाकर डेस्कटॉप साइट पर चेक करना है और सेटिंग सेव करनी है। इसके बाद आप यूट्यूब पर अपनी पसंद का म्यूजिक कंटेंट चलाए और ऑटो नेक्स्ट पर क्लिक करके रखें। ऐसा करने से यूट्यूब पर आने वाला अगला वीडियो खुद प्ले होने लगेगा।


3. ब्राउजर पर यूट्यूब को डेस्कटॉप वर्जन पर चलाने पर आप मोबाइल की स्क्रीन बंद करने के बाद भी यूट्यूब के म्यूजिक कंटेंट को इंजॉय कर पाएंगे।


हालांकि गूगल ने भारत में यूट्यूब म्यूजिक एप भी लॉन्च कर दी है। ये एप म्यूजिक स्ट्रीमिंग की सुविधा देती है जो कि गूगल की पेड एप है। आप चाहें तो इसे डाउलोड करके भी अपने मोबाइल की स्क्रीन ऑफ कर यूट्यूब एप पर म्यूजिक कंटेंट इंजॉय कर सकते हैं। गूगल ने ये सर्विस हाल में ही भारत में लॉन्च की है इसलिए इस एप का पहले महीने का सब्सक्रिप्शन यूजर्स को फ्री में मिल रहा है।





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क्या व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट हो गए हैं, ऐसे वापस पाएं

कई बार व्हाट्सऐप मैसेज डिलीट होने पर हमें काफी अजीब-सा लगता है कि करीबी दोस्तों के साथ किया चैट हमेशा के लिए खत्म हो गया। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो एक खुशखबरी है। आप व्हाट्सऐप पर डिलीट हो चुके मैसेज को वापस पा सकते हैं। व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे ज्यादातर यूजर्स शायद यह बात नहीं जानते होंगे कि हर सुबह 4 बजे व्हाट्सऐप आपके मोबाइल फोन के सारे मैसेज को रिस्टोर करता है। ऐसे में अगर आपसे कोई मैसेज धोखे से डिलीट हो गया है, तो आप इसको आसानी से वापस पा सकते हैं।


ये है प्रोसेस....


1. व्हाट्सऐप को अपने मोबाइल में से अनइंसटाॅल कर दें।


2. इसके बाद स्टोर से व्हाट्सऐप को दोबारा अपने मोबाइल में इंसटाॅल करें।


3. इंस्टाॅलेशन के प्रोसेस के समय यह एप्लीकेशन आपसे पुराने मैसेज रिस्टोर करने को पूछेगा।


4. अगर आप यस पर क्लिक करते हैं तो पिछले रिस्टोर तक आपके सारे मैसेज वापस आ जाएंगे।


आप अपने व्हाट्सऐप को कंप्यूटर या मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं...


इसके लिए आपको गूगल क्रोम में व्हाट्सऐप वेब टाइप करना होगा। इसके बाद आप अपने मोबाइल में आ रहे अनुदेश को फॉलो करके व्हाट्सऐप को कम्प्यूटर या लैपटॉप से जोड़ सकते हैं। इसके बाद सभी मैसेज नोटिफिकेशन आपको आपके कम्प्यूटर या लैपटॉप पर मिलने लगेंगे। ध्यान रहे आपको फोन उस वक्त इंटरनेट से कनेक्ट होना चाहिए। यह सुविधा अभी आईफोन यूजर्स के लिए नहीं है।


एन्ड्रॉयड और विडोज फोन के यूजर्स अपनी व्हाट्सऐप चैट, फोटो और वीडियो को पासवर्ड से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। प्ले स्टोर से व्हाट्सऐप लाॅकर एप इंस्टॉल करके आप पिन डालकर अपने व्हाट्सऐप अकाउंट को लॉक कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस सुविधा को जेलब्रेकिंग के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं।





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सिर्फ दो मिनट में जानिए स्मार्ट फोन की स्पीड बढ़ाने के ये 4 रामबाण टिप्स

स्मार्ट फोन की धीमी गति के कारण यदि आप भी परेशान हैं तो आप ये आसान टिप्स अपनाकर उसकी गति तेज कर सकते हैं।


-फोन में अगर ढेरों एप्लीकेशन हैं तो पहला काम यह करें कि जिन एप्लीकेशंस का प्रयोग आप नहीं करते हैं उन्हें तुरंत हटा दें। इससे आपके स्मार्ट फोन की स्पीड तेज हो जाएगी।


-जिस भी ऐप का आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उसके कैश को नियमित रूप से डिलीट करते रहें। कैश को हटाने के लिए सबसे पहले सेटिंग्स-एप्स में जाएं। यहां उस ऐप पर क्लिक करें जिसके कैश को क्लियर करना है। क्लिक करने के बाद आपको ‘क्लियर कैश विकल्प पर क्लिक करना है।


-कैश क्लीन करने के अतिरिक्त स्मार्टफोन में केवल उन्हीं ऐप्स को जगह दें जो आपके काम की हैं। यदि आपके फोन की भी इनबिल्ट स्टोरेज कम है तो सबसे अच्छा विकल्प है कि इंटरनल स्टोरेज में मौजूद तस्वीरें, म्यूजिक और वीडियो फाइल को माइक्रोएसडी कार्ड में मूव कर दें।


-आपको सेटिंग्स को देखना चाहिए कि कंपनी द्वारा आपके फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट तो नहीं मिला है। जांच के लिए सेटिंग्स-सिस्टम-अबाउट-सॉफ्टवेर अपडेटस में जाएं। यदि कोई सॉफ्टवेयर अपडेट मिलता है तो फोन को अपडेट करने से पहले बैकअप जरूर लें। 



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विंडोज 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को ऐसे कर सकते है अनइंस्टॉल

विंडोज 10 में बहुत सारे पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप जैसे एक्सबॉक्स, ग्रूव म्यूजिक, पीपल, मैप्स आदि होते हैं, जो सिर्फ जगह घेरते हैं लेकिन अगर आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो उन्हें अनइंस्टॉल करने के सरल तरीके हैं। इन बिल्ट-ईन ऐप्स को कंट्रोल पैनल से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, लेकिन आप निश्चित रूप से इन्हें अन्य तरीकों से अनइंस्टॉल कर सकते हैं। इन यूनिवर्सल ऐप्स को कुछ सरल तरीकों से अनइंस्टॉल किया जा सकता है। 


पहला तरीका : ड्रॉपडाउन मेन्यू, विंडोज़ 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे सरल तरीका है। सबसे पहले स्टार्ट मेनू में जाएं, वहाँ आपको ऐप का नाम टाइप करना होगा। उस पर राइट क्लिक करें और फिर अनइंस्टॉल का चयन करें। 


दूसरी विधि : विंडोज 10 से इन ऐप्स को निकालने के लिए पॉवरशैल का उपयोग किया जा सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के कई उपयोग हैं और इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करना इस तरह से सरल है। पॉवरशैल वास्तव में बिल्ट-ईनऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है।


इसे करने का तरीका नीचे दिया गया हैं-


स्टेप 1: विंडोज 10 सर्च बार में पॉवरशैल टाइप करें। पॉवरशैल पर राइट-क्लिक करें। इसके बाद रन एज एडमिनिस्ट्रेटर को चुनें।


स्टेप 2: निम्न कमांड टाइप करें : गेट-एपएक्सपैकेज । एफटी नाम, पैकेजफुलनाम- ऑटोसाइज़  जिसके बाद आपको इंस्टॉल ऐप्स की एक सूची दिखेगी। 


स्टेप 3: यदि आप किसी भी ऐप को हटाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित कमांड टाइप करनी होगी: गेट-एपएक्सपैकेज -एक्सबॉक्सएप।आपको ऐप का नाम बदलना होगा और फिर वाइल्डकार्ड्सका उपयोग करना होगा। Powershell में ऐप के नाम से पहले और बाद में आपको इसका इस्तेमाल करना हैं।


स्टेप 4: आपको थोड़ी देर इंतजार करना होगा ताकि विंडोज ब्लोटवेयर को हटा सके। 


ये विभिन्न तरीके हैं जिनकी मदद से ईन-बिल्ट एप्स को विंडोज 10 से हटाया या अनइंस्टॉल किया जा सकता है। कुछ ईन-बिल्ट ऐप्स को छोड़कर आप इस तरीके से लगभग सभी ऐप्स को अनइंस्टाल कर सकते हैं। 





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बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं।


कैश क्लियर करें

ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं।


बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट

फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए 'Free up space' ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे।


फालतू ऐप्स को करें डिलीट

हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए।


डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट

सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर 'My Files' में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो।


जंक फाइल्स को हटाएं

अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।


एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल

अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं। 




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अगर आपका जीमेल अकाउंट हो गया है हैक तो इस तरह कर सकते है रिकवर

गूगल की ईमेल सर्विस जीमेल को दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जीमेल को दुनिया भर में एक बिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं और शायद यही वजह है कि हमेशा हैकर्स की नज़र इस ईमेल सर्विस पर बना रहती है। अगर आपने भी अपने जीमेल अकाउंट में किसी संदेहास्पद गतिविधि को नोटिस किया है तो हो सकता है कि आपके अकाउंट को किसी ने हैक कर लिया हो।


1. अकाउंट रिकवरी पेज पर जाएं

2. अगर आपको पासवर्ड याद नहीं है तो अलग-अलग सवालों के जवाब दें।

3. अपने रिकवरी ईमेल या फोन नंबर का इस्तेमाल करें।

4. अब जीमेल आपके अकाउंट के मालिकना हक को सुनिश्चित करने के लिए उस फोन नंबर या ईमेल पर एक रिकवरी कोड भेजेगा।

5. इसके अलावा आप उस सिक्यॉरिटी सवाल का जवाब भी दे सकते हैं, जो आपने अकाउंट सेटअप करते समय बनाया होगा।

6. एक बार रिकवरी कोड रिसीव करने के बाद, जीमेल में इसे एंटर करें और फिर गूगल आपसे पासवर्ड बदलने को कहेग।

7. साइनइन करने के बाद जीमेल आपसे एक बार सिक्यॉरिटी चेक के लिए कहेगा। ध्यान रहे कि सिक्यॉरिटी चेक कर लें और फिर अपनी सिक्यॉरिटी इन्फर्मेशन बदल लें।


आपके जीमेल अकाउंट में की गई कोई हैकिंग ऐक्टिविटी के चलते अगर कोई आपकी जानकारी के बिना आपका गूगल अकाउंट इस्तेमाल कर रहा है तो, आपके दूसरे गूगल अकाउंट्स असुरक्षित अनऑथराज्ड पेमेंट ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर गूगल प्ले ऐक्टिविटी, अनजान यूट्यूब ऐक्टिविटी, अनफैमिलियर ऐप जैसे बड़े खतरे हो सकते हैं।


अपने गूगल अकाउंट को सिक्यॉर करने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:


1. सिक्यॉरिटी चेकअप में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह गूगल की सर्विस है जिससे यूजर्स को कनेक्टेड ऐप्स, डिवाइसेज़, अकाउंट परमिशंस आदि चेक कर यह पता करने में मदद मिलती है कि उनका अकाउंट सेफ है या नहीं।

2. अगर आपने अब तक अपने अकाउंट का पासवर्ड नहीं बदला है तो तुरंत पासवर्ड बदल लें।

3. उन ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने इसी गूगल अकाउंट वाला पासवर्ड इस्तेमाल किया है।

4. उन सभी ऐप्स और साइट्स के पासवर्ड बदल दें जहां आपने अपने गूगल अकाउंट ईमेल अड्रेस के साथ साइनइन किया है। इसके अलावा, जिन ऐप्स और साइट्स के लिए आपने क्रोम ब्राउज़र पर पासवर्ड सेव किया है, उनके भी पासवर्ड बदल दें।

5. सनुश्चित कर लें कि आपका रिकवरी फोन नंबर और ईमेल सही है, ताकि आपके अकाउंट में कोई संदेहास्पद ऐक्टिविटी होने पर आपको सूचना दी जा सके।





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टेलीग्राम ने वर्जन 8.0 अपडेट के साथ लाइव स्ट्रीम फीचर किया लॉन्च

नई दिल्ली : एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम ने अपने वर्जन 8.0 अपडेट के साथ असीमित दर्शकों के ग्रुप और चैनलों के लिए लाइव स्ट्रीम की शुरूआत की है।


अपडेट ने मीडिया से कैप्शन हटाने और अग्रेषित करते समय प्रेषक के नाम छिपाने,चैट सूची में वापस जाए बिना अपठित चैनल पर आसानी से स्विच करने और नए एनिमेटेड इमोजी के साथ एक बेहतर स्टिकर पैनल के विकल्प पेश किए हैं।


लाइव स्ट्रीम सुविधा असीमित दर्शकों का समर्थन करने के साथ-साथ उन्हें प्रसारण में शामिल होने की अनुमति देता है।


यूजर्स प्रेषक का नाम छिपा सकते हैं। मीडिया संदेशों पर कैप्शन छिपा सकते हैं, उन संदेशों को अचयनित कर सकते हैं जिन्हें वे भेजना नहीं चाहते हैं, और यहां तक कि अगर उन्होंने गलत चैट को टैप किया है तो प्राप्तकर्ता को भी बदल सकते हैं।


यूजर्स के पास अब चैट सूची में वापस आए बिना चैनलों के माध्यम से स्क्रॉल कर सकते है।


यदि चैट सूची को फोल्डर या सेव चैट के साथ व्यवस्थित किया गया है, तो एप यूजर्स द्वारा सेट की गई संरचना का पालन करेगा।


ऐप अब स्टिकर पैनल में हाल ही में प्रयुक्त के ऊपर ट्रेंडिंग स्टिकर्स दिखाता है।


यूजर्स भविष्य के लिए एक पैक सहेज सकते हैं और ऐप में अब स्टिकर सुझावों के लिए प्रीव्यू हैं।






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एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस तरह बिना इंटरनेट कनेक्शन भेजें अपनी लोकेशन

अगर आप कहीं फंस गए हैं और आपको मदद की जरूरत है तो आप अपने दोस्तों और परिवारवालों को अपनी लोकेशन शेयर कर देते हैं जिससे वो आप तक पहुंच सकें। हालांकि, इसके लिए आपको अपने फोन में इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होगी। लेकिन कई बार हम ऐसी जगह पर फंस जाते हैं जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती है। ऐसे में हम अपने दोस्तों या परिवारवालों के साथ अपनी लोकेशन शेयर नहीं पाते हैं। हालांकि, कई ऐसे तरीकें भी हैं जिसमें लोकेशन शेयर करने के लिए आपको इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं है।


एसएमएस से लोकेशन भेजने के लिए आरसीएस सर्विस उपलब्ध: इसके लिए आरसीएस यानी रिच कम्यूनिकेशन सर्विसेज पेश की गई है। इसके तहत आप एसएमएस के जरिए दूसरे यूजर को मल्टीमीडिया कंटेंट शेयरिंग जैसे लोकेशन भेज सकते हैं। इससे आप बिना इंटरनेट कनेक्शन भी अपनी लोकेशन अपने दोस्तों और परिवारवालों को भेज सकते हैं। इस पोस्ट में हम आपको एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस सर्विस को कैसे इस्तेमाल किया जाए इसकी जानकारी दे रहे हैं।


एंड्रॉइड स्मार्टफोन में इस तरह बिना इंटरनेट कनेक्शन भेजें अपनी लोकेशन :


-इसके लिए सबसे पहले आपको एंड्रॉइड मैसेज ऐप डाउनलोड करनी होगी। यह आपको गूगल प्ले स्टोर पर मिल जाएगी। आमतौर पर यह ऐप सभी के फोन में उपलब्ध होती है।

-ऐप को इंस्टॉल करने के बाद इसे ओपन करें और मांगी गईं सभी परमीशन्स को अनुमति दे दें।

-इसे स्मार्टफोन की डिफॉल्ट एसएमएस ऐप भी बना दें।

-इसके बाद स्टार्ट चैट बटन पर टैप करें।

-यहां आपको उस व्यक्ति का फोन नंबर डालना होगा जिसे आप अपनी लोकेशन भेजना चाहते हैं।

-इसके बाद चैट विंडो में उपलब्ध प्लसआइकन पर टैप करें।

-अब स्क्रॉल डाउन कर मैप्स ऑप्शन पर टैप कर दें।

-इसके बाद दूसरी विंडो ओपन होगी उसमें सेंड दिस लोकेशन पर टैप कर दें।

-इससे आपकी लोकेशन आपके दोस्त या परिवारवाले के पास चली जाएगी।







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वॉट्सऐप में ऐसे चालू करें फिंगरप्रिंट लॉक फीचर

इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने करीब 11 महीने पहले आईओएस के लिए फेस आईडी और टच आईडी फीचर रोल आउट किया था। अब कंपनी ने ऐंड्रॉयड यूजर के लिए यह अपडेट रोल कर दिया है। आपको बता दें यह फिंगरप्रिंट लॉक फिलहाल ऐप के लिए है और इससे इंडिवजुअल चैट सिक्यॉर नहीं होती। यानी आप वॉट्सऐप का एप्लीकेशन लॉक या अनलॉक कर सकते हैं पर चैट नहीं।


इस फीचर के रोल आउट के वाद यूजर अपने ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन पर अपना फिंगरप्रिंट रजिस्टर करके अपने ऐप को सिक्यॉर कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप अपने फोन में वॉट्सऐप को फिंगरप्रिंट प्रटेक्टेड कर सकते हैं।

1. सबसे पहले अपने ऐंड्रॉयड फोन पर वॉट्सऐप ओपन करें

2. ऐप में दायीं तरफ आपको तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करें

3. सेटिंग्स पर टैप करें

4. अकाउंट पर टैप करें

5. इसके बाद प्रिवेसी ऑप्शन पर टैप करें

6. स्क्रॉल डाउन करके 'फिंगरप्रिंट लॉक' पर जाएं

7. अनलॉक विद फिंगरप्रिंट सेंसर' को ऑन करें

8. इसके बाद 'कंफर्म फिंगरप्रिंट' पर टैप करें


इसके बाद ऐप में फिंगरप्रिंट लॉक की टाइमिंग के लिए आपको तीन ऑप्शन दिए जाएंगे। जिसमें आप तुरंत, 1 मिनट बाद और 30 मिनट बाद ऑप्शन में से एक चूज कर सकेंगे। इसके अलावा आपको 'शो कॉन्टेंट इन नोटिफिकेशन' ऑप्शन भी मिलेगा जिसे इनेबल करके आप मेसेज नोटिफिकेशन को मेसेज में प्रीव्यू कर सकेंगे। आपको बता दें कंपनी ने ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए 2 महीने पहले इस फीचर की बीटा टेस्टिंग शुरू की थी। अब यह फीचर सभी ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए रोल आउट कर दिया गया है। 





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खेल मंत्री ठाकुर ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप जारी किया

नयी दिल्ली : खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को यहां ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर व्यक्तिगत प्रशिक्षण-सह-फिटनेस मार्गदर्शन करने वाले ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप को लॉन्च किया।


ठाकुर ने कहा कि यह ऐप राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत के लोगों के लिए सरकार की ओर से एक उपहार है। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है।


ठाकुर ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘फिट इंडिया ऐप मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि है, जो देश के खिलाड़ियों के नायक हैं।’’


इस कार्यक्रम में तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने भी ऑनलाइन तरीके से जुड़कर भाग लिया।


खेल मंत्री ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों के फिट रहने के लिए ऐप बहुत जरूरी है और उनसे ऐप का सख्ती से पालन करने की उम्मीद की जाती है। यह नये, युवा भारत को फिट रखने का एक प्रयास है क्योंकि एक फिट युवा ही एक महान भारत बना सकता है।’’


मनप्रीत ने इस ऐप का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘ हम फिटनेस को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हमें फिटनेस के लिए एक दिन में अपने समय का सिर्फ आधा घंटा समर्पित करने की आवश्यकता है। यह ऐप मजेदार और मुफ्त है और इससे कोई भी कहीं भी अपनी फिटनेस का परीक्षण और निगरानी कर सकता है।’’


उन्होंने बताया, ‘‘ यह ऐप बहुत मददगार और उपयोग में आसान है। मैं पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि यह मेरी फिटनेस को और बेहतर बनाने में मेरी मदद करेगा।’’


इस कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, खेल सचिव रवि मित्तल, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।



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कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे।


टिप्स नंबर-1

आपके पास है कौन-सा कनेक्शन

वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं।


टिप्स नंबर-2

स्टैंडर्ड कैसा हो?

जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं।


टिप्स नंबर-3

डुअल-बैंड

आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा।


टिप्स नंबर-4

यूएसबी पोर्ट्स 

यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं।


टिप्स नंबर-5

मल्टीपल एंटीना

राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।





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जाने क्यों आईफोन से बेहतर हैं एंड्रायड फोन

वैसे तो दुनिया में आइफोन एक स्टे टस सिंबल माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टे टस सिंबल के अलावा जब आप एक यूजर के तौर पर इसे देखते हैं तो एंड्रायड के मुकाबले यह काफी कमजोर नजर आता है। जहां आइफोन में कई पाबंदियां नजर आती हैं वहीं एंड्रायड फोन आपकी आजादी देता है। जानिये कैसे....


-जब आप कोई आइफोन खरीदते हैं तो उसमें स्टो रेज की क्षमता सीमित होती है। लेकिन ज्याकदातर एंड्रायड फोन्सि में एसडी कार्ड स्लॉ ट दिया होता है जो स्टो रेज बढ़ाने में मदद करता है।


-अगर आपके आइफोन की बैटरी कमजोर होती है तो इसे आप बदल नहीं सकते लेकिन एंड्रायड में यह आसानी से बदली जा सकती है।


-कई एंड्रायड फोन एक रिमोट की तरह भी उपयोग किए जा सकते हैं क्योंरकि इनमें इंफ्रारेड ब्ला स्टंर्स होते हैं जबकि आइफोन में ऐसा कुछ नहीं होता।


-एंड्रायड फोन में कोई भी फाइल आसानी से कम्यूाना टर में शिफ्ट की जा सकती है क्यों्कि कम्यूर्स टर से कनेक्टक करते ही आपको सारी फाइल्सत नजर आने लगती हैं और आप इन्हेंी ड्रैग कर सकते हैं। आइफोन में ऐसा संभव नहीं होता।


-एंड्रायड फोन इस बात की चिंता नहीं करता की म्यूऔजिक कहां से आ रहा है जबकि आइफोन में आपको आइट्यून की ही मदद से म्यू जिक उपलब्धर हो पाता है।


-अपने एंड्रायड फोन को चार्ज करने के लिए आप यूएसबी केबल का उपयोग भी कर सकते हैं लेकिन आइफोन के मामले में आपको ऐपल की प्रोप्रायटरी लाइटनिंग केबल की ही जरूरत होती है।


-गूगल प्लेआ स्टोकर आपको कहीं से भी ऐप डाउनलोड करने की अनुमति देता है लेकिन आइफोन में आपको आइट्यून डाउनलोड करना होता है या फिर ऐप स्टोकर को डाउनलोड करना पड़ता है।


-आइफोन में आप अपने फोन को केवल फिंगरप्रिंट या फिर पासकोड से ही अनलॉक कर सकते हैं लेकिन एंड्रायड फोन में और भी कई ऑप्श न दिए होते हैं। 




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ऐसे रिकवर करें पेनड्राइव से डिलीट हुआ डाटा

डाटा स्टोरेज के लिए हम बहुत सी ड्राइव्स का प्रयोग करते हैं, इनमें से एक है पेनड्राइव। यह साइज और वजन में हल्की होती है, इसलिए आप आसानी से कैरी कर सकते हैं। आपके डाटा को सेव रखने के लिए यह एक अन्य बेहतर स्टोरेज है, लेकिन क्या हो अगर गलती से आपका डाटा पेनड्राइव से डिलीट हो जाएं? फिक्र करने की जरूरत नहीं! अगर ऐसा हो जाता है तो भी आप अपने डिलीटेड डाटा को आसानी से रिकवर कर सकते हैं। बस इसके लिए ये तरीके फॉलो करने होंगे।


-सबसे पहले आप गूगल प्ले स्टोर से फ्री में उपलब्ध पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।


-अब पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर को ओपन करें।


-ओपन सॉफ्टवेयर पर नीचे की ओर नेक्सट विकल्प दिखेगा, इस पर क्लिक करें, जैसे ही आप क्लिक करते हैं तो अगला विकल्प टर्म एंड कंडीशन उपलब्ध हो जाएगा, फिर इस ऑप्शन के नीचे भी आपको नेक्सट का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।


-इसके बाद अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के जिस फोल्डर में पैंडोरा एप को इंस्टॉल करना चाहते हैं, उस फोल्डर को सेलेक्ट करें।


-जैसे ही जब सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाए तो उसे ओपन करें, इस दौरान ध्यान रखें कि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में बैकअप लेने वाली या रिकवर करने वाली पेन ड्राइव जरूर लगी हो। इसके बाद सिस्टम में दिख रहे पैंडोरा रिकवरी सॉफ्टवेयर के आइकन पर क्लिक करें। अब जैसे ही आपको पेनड्राइव का ऑप्शन दिखाई दें, तो उस पर क्लिक करें। क्लिक करने के बाद आपको पेनड्राइव से डिलीट हुई फाइल्स दिखने लगेंगी।


-उपलब्ध डिलीट फाइल्स पर राइट क्लिक करें। अब ऑप्शन्स में से रिकवरी विकल्प का चयन करें। इन फाइल्स को जिस फोल्डर या जगह में सेव करना चाहते हैं, उनका चयन करें।


-बस अब आप चंद सेकंड में देखेंगे कि डिलीट डाटा सेव हो गया है।








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वॉट्सऐप पर मजेदार हो जाएगी चैटिंग, जान लें ये 5 ट्रिक

वॉट्सऐप आज दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स के लिए एक प्राइमरी मेसेजिंग ऐप बन गया है। फोटो, विडियो शेयरिंग के साथ इस ऐप के जरिए यूजर्स अपने फ्रेंड्स और फैमिली को विडियो और ऑडियो कॉल भी करते हैं। यूजर्स को बेस्ट इन-ऐप एक्सपीरियंस देने के लिए वॉट्सऐप लगातार नए-नए अपडेट और फीचर लाता रहता है। ये फीचर यूजर्स के चैटिंग को मजेदार बनाने के साथ ही उनकी प्रिवेसी को बेहतर बनाते हैं। वॉट्सऐप अपडेट के साथ जिन फीचर्स को देता है उसके बारे में सभी जानते हैं, लेकिन वॉट्सऐप में कुछ छिपे हुए भी फीचर्स हैं जिनके जरिए आप चैटिंग के मजे को दोगुना कर सकते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ वॉट्सऐप ट्रिक्स के बारे में बता रहें हैं।


बिना टाइप किए भेजें वॉट्सऐप मेसेज

वॉट्सऐप पर मेसेज भेजने के लिए पहले इसे टाइप करने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब आपको कोई मेसेज भेजना हो लेकिन आप टाइप करने की स्थिति में नहीं हैं। इस समस्या के निपटने का एक तरीका है। आप गूगल असिस्टेंट या ऐपल सीरी वॉइस असिस्टेंट की मदद से बिना टाइप किए वॉट्सऐप कॉन्टैक्ट्स को मेसेज भेज सकते हैं। वॉइस असिस्टेंट के जरिए मेसेज भेजने के लिए फोन को टच करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही आप इसके जरिए वॉट्सऐप पर रिसीव किए गए मेसेज को पढ़ भी सकते हैं।


टेस्क्ट का डिजाइन बदलें

अगर आप एक ही फॉन्ट में वॉट्सऐप मेसेज भेजकर बोर हो गए हैं, तो आप इसे बदल भी सकते हैं। आप अपने टेक्स्ट को (स्टार) के जरिए बोल्ड बना सकते हैं। इसके लिए आपको अपने टेक्स्ट की शुरुआत और अंत में इसे लगाना होगा। इसी तरह आप अंडरस्कोर का इस्तेमाल कर टेक्स्ट को इटैलिक्स में बदल सकते हैं। 


अनचाहे ग्रुप में ऐड नहीं होंगे ऐड


कई बार हमें अनचाहे वॉट्सऐप ग्रुप में ऐड कर लिया जाता है। इससे बचने के लिए भी वॉट्सऐप यूजर्स को एक फीचर देता है। अगर आप चाहते हैं कि आपको कोई फालतू के ग्रुप में ऐड ना करे तो आप सेटिंग में कुछ बदलाव कर सकते हैं। यहां आपको वॉट्सऐप सेटिंग्स के प्रिवेसी ऑप्शन में जाकर ग्रुप पर टैप करना है। यहां आपको ‘नोबडी’ ऑप्शन को सिलेक्ट कर देना है। अगर आप चाहते हैं कि आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट वाले यूजर ही आपको ऐज कर सके तो ‘माय कॉन्टेक्ट्स’ को सिलेक्ट करें।


मोबाइल डेटा और स्टोरेज की बचत


वॉट्सऐप आपके स्मार्टफोन की स्टोरेज मीडिया फाइल्स को ऑटोमैटिक डाउनलोड कर खत्म कर सकता है। अगर आप भी वॉट्सऐप के कारण स्टोरेज के खत्म होने से परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। आप वॉट्सऐप की सेटिंग्स में जाकर मीडिया फाइल्स को खुद से डाउनलोड होने से रोक सकते हैं। सेटिंग्स के डेटा ऐंड स्टोरेज ऑप्शन में जाकर वीडियो और ऑडियो के ऑटोमैटिक डाउनलोड को अनचेक कर दें। आप डॉक्युमेंट्स और फोटोज वाले ऑप्शन को ऑटोमैटिक डाउनलोड के लिए ऑन रख सकते हैं क्योंकि ये ज्यादा स्टोरेज नहीं लेते।




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घर पहुंचते ही खुद हट जाएगा फोन का पासवर्ड

कई लोग फोन को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड या पैटर्न लॉक का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप चाहते हैं कि घर पर या किसी भरोसेमंद जगह पर बार-बार पासवर्ड डालने की जरूरत न पड़े तो एंड्रॉयड में इससे बचने का भी विकल्प है। इसके लिए सेटिंग्स में जाएं और वहां दिए गए स्मार्ट लॉक के फीचर पर टैप करें। फिर ट्रस्टेड प्लेसेस पर जाएं और यहां उन स्थानों की लोकेशन दें जहां पहुंचने पर फोन का पासवर्ड अपने आप हट जाए। फोन का यह फीचर जीपीएस सेंसर का इस्तेमाल करता है। हालांकि यह सुविधा एंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप या उसके ऊपर के वर्जन के स्मार्टफोन यूजर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे नीचे के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले यूजर फोन में स्मार्ट लॉक स्क्रीन एप्लीकेशन इंस्टॉल कर सकते हैं।


गलती से डिलीट हुए नोटिफिकेशन वापस पाएं

कई बार यूजर गलती से नोटिफिकेशन पैनल पर दिखने वाली सभी नोटिफिकेशन डिलीट कर देते हैं। अगर उन्हें कुछ समय बाद यह लगे कि कोई नोटिफिकेशन जरूरी थी तो उसे वापस पाया जा सकता है। इसके लिए अपने स्क्रीन के किसी खाली हिस्से पर लंबे टाइम तक प्रेस करें। फिर विजेट्स पर जाएं। इसे स्वाइप करने पर सेटिंग शॉर्टकट का विकल्प दिखेगा। इसके बाद एक मेन्यू खुलेगा जहां पर आप नोटिफिकेशन लॉग पर टैप करें। इसके बाद डिस्प्ले या होमस्क्रीन पर नोटिफिकेशन लॉग का शॉर्टकट आ जाएगा। इस पर क्लिक करने से यूजर नोटिफिकेशन हिस्ट्री चेक कर सकते हैं।






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Spotify यूजर्स फ्री में पा सकते हैं 3 महीने का Premium सब्सक्रिप्शन, करना होगा ये काम

नई दिल्ली :  Spotify Free Premium Plan: Spotify एक प्रमोशनल प्लान के साथ वापस आ गया है जो यूजर्स को बिना किसी एडिशनल लागत के तीन महीने की एडिशनल सब्सक्रिप्शन ऑफर कर रहा है। हालांकि यह प्लान उन यूजर्स के लिए रिस्ट्रिक्टेड है जो छह महीने के लिए Spotify की इंडिविजुअल प्रीमियम प्लान की सदस्यता लेना चाहते हैं, और जिनके पास पहले से ही किसी भी रिकरिंग प्रीमियम प्लान की सदस्यता नहीं है। इसलिए, अगर आप पहली बार Spotify की सदस्यता लेना चाहते हैं और एक ही अकाउंट रखना चाहते हैं, तो आप इस प्लान पर विचार कर सकते हैं। यूजर्स यह भी ध्यान दें कि यह प्लान 15 अगस्त 2021 तक वैध रहेगा।

Spotifty ऑफर करता है 4 प्रीमियम प्लान

Spotify के चार प्रीमियम प्लान हैं, मिनी, इंडिविजुअल, डुओ और फैमिली जो 25 रुपये प्रति सप्ताह, 129 प्रति माह, 165 रुपये प्रति माह और 199 रुपये प्रति माह के लिए आते हैं। जबकि मिनी और इंडिविजुअल अकाउंट में एक ही अकाउंट होता है, डुओ और फैमिली में 2 और 6 अकाउंट हो सकते हैं। इंडिविजुअल प्लान एक महीने के लिए 129 रुपये, तीन महीने के लिए 389 रुपये, छह महीने के लिए 719 रुपये और एक साल के लिए 1,189 रुपये में आता है। डुओ और फैमिली प्रीमियम प्लान एक ही घर में रहने वाले यूजर्स द्वारा दो और 6 अकाउंट्स तक सब्सक्राइबर हो सकते हैं।

Spotify पर ऐसे मिलेगा एडिशनल सब्सक्रिप्शन

मौजूदा ऑफर छह महीने की इंडिविजुअल प्रीमियम प्लान को चुनने वाले यूजर्स के लिए लागू है। यूजर्स को 719 रुपये का भुगतान करना होगा और वे बिना किसी एडिशनल लागत के तीन महीने के लिए तीन महीने की Spotify सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। यह यूजर्स को 5 डिवाइस पर म्यूजिक सुनने की भी अनुमति देता है। Spotify प्रीमियम प्लान यूजर्स को ad-फ्री म्यूजिक सुनने की अनुमति देता है, गाने डाउनलोड करके ऑफ़लाइन प्लेबैक देता है, और कई डिवाइस का सपोर्ट करता है। यह group listening sessions तक भी पहुंच प्रदान करता है और यूजर्स को 10,000 गाने डाउनलोड करने की अनुमति देता है।

Spotify का ग्रीनरूम देगा क्लबहाउस को कड़ी टक्कर

इस हफ्ते की शुरुआत में, म्यूजिक स्ट्रीमिंग कंपनी ने ग्रीनरूम (Greenroom) नाम से अपना लाइव ऑडियो रूम ऐप लॉन्च किया, जो लोकप्रिय लाइव ऑडियो रूम ऐप क्लबहाउस (Clubhouse) को कम्पीट करेगा। Spotify ग्रीनरूम यूजर्स को बातचीत सुनने और लिस्टनर को संबोधित करने की अनुमति देता है। यूजर्स बिना किसी इनविटेशन के ग्रूप में आसानी से शामिल हो सकते हैं। यूजर्स अपनी रुचि के विषयों या उन सत्रों से संबंधित सेशन की तलाश कर सकते हैं जिनका वे हिस्सा बनना चाहते हैं। Spotify ग्रीनरूम प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। ऐप नई ब्रांडिंग के साथ आता है, किसी भी यूजर के लिए लाइव रूम में होस्ट करने या भाग लेने की सुविधा देता है। यूजर्स ग्रीनरूम में लॉग इन करने के लिए अपने Spotify लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल कर सकते हैं।



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बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर की लोकल डिस्क ड्राइव को ऐसे छिपाएं

सामान्य तौर पर हमें कंप्यूटर या लैपटॉप की लोकल हार्ड डिस्क को लॉक करने के लिए इंटरनेट पर बहुत से सॉफ्टवेयर्स मिल जाते हैं। लोकल हार्ड डिस्क को लॉक करना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि हम सभी के पास बहुत सा निजी डाटा जैसे-पिक्चर्स, वीडियोज, फिल्म्स इत्यादि रहता है, जिसे हम प्राइवेसी के चलते हमारे कंप्यूटर की लोकल डिस्क में दिखाना नहीं चाहते। इसलिए हम उन सभी लोकल डिस्क ड्राइवस को छिपा सकते हैं। ज्यादातर लोग शायद नहीं जानते कि इन डिस्क ड्राइव को सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल किए बिना मैन्युअली कैसे छिपा सकते हैं। इसके लिए बस आपको नीचे दी गई सिंपल सी ट्रिक इस्तेमाल करनी होगी और फिर कुछ ही सेकंड में लोकल डिस्क ड्राइवस बिना सॉफ्टवेयर के आप छिपा सकेंगे और जब भी हमें जरूरत पड़े तो बाद में उस ड्राइव को एक्सेस भी कर सकेंगे।


कंप्यूटर की लोकल डिस्क ड्राइव को कैसे छिपाएं...


-सबसे पहले स्टार्ट पर जाएं, फिर रन पर क्लिक करें और अब डिस्कपार्ट टाइप करें

-अब आप देखेंगे कि एक नई विंडो खुल गई है। इस विंडो में लिस्ट वालयूम टाइप करें, फिर आपके सामने सिस्टम में उपलब्ध सारी ड्राइव दिखने लगेगी।

-सेलेक्ट वालयूम 3 टाइप करें और एंटर को दबा दें।

-अब रिमाव लेटर ई को टाइप करें और दोबारा एंटर को दबा दें।


बस अब आप माई कम्पयूटर में जाकर देख सकते हैं कि ई ड्राइव छिप गई है।


(ध्यान देंः इस चीज को ठीक से चेक कर लें कि आपके सिस्टम में किस एलटीआर के साथ कौन सा वॉल्यूम मैच कर रहा है, जैसे-तस्वीर में ई ड्राइव के लिए वालयूम 3 निर्धारित किया गया है)


कंप्यूटर की डिस्क ड्राइव को अनहाईड कैसे करें...


-सबसे पहले स्टार्ट पर जाएं, फिर रन पर क्लिक करें और अब डिस्कपार्ट टाइप करें

-अब आप देखेंगे कि एक नई विंडो खुल गई है। इस विंडो में लिस्ट वालयूम टाइप करें, फिर आपके सामने सिस्टम में उपलब्ध सारी ड्राइव दिखने लगेगी

-सेलेक्ट वालयूम 3 टाइप करें और एंटर को दबा दें।

-अब एसाईन लेटर ई टाइप करें और दोबारा एंटर को प्रैस करें


बस अब माई कम्पयूटर में जाएं और आप देखेंगे कि ई ड्राइव अनहिडेन होग गई है, इसका मतलब है कि आपकी छिपी ड्राइव दोबारा दिखने लगी है।



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लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो इन खास बातों का रखें ध्यान

जब आप लैपटॉप खरीदने जाते हैं तो सही और उचित डिवाइस का चुनाव कैसे करते हैं..कहीं उहापोह में तो नहीं फंस जाते आप! तो चलिए हम बताते हैं राह- अधिकांश लोगों के लिए यह प्रोसेसर से शुरू होता है, इसके बाद कितने कोर हैं, कोर आइ3 या कोर आई5 है इसके बाद प्रोसेसर की स्पीड, रैम की क्षमता, इंटर्नल स्टोरेज और अंत में वजन और लुक्स पर बात आकर खत्म होती है।


यदि कंज्यूमर को प्रोसेसर, रैम की क्षमता, इंटर्नल स्टोरेज और लुक्स के साथ इसकी कीमत उचित लगती है, तो वह खरीद लेता है। लेकिन लैपटॉप खरीदने का यह तरीका गलत है। पिछले कुछ वर्षो में कंपनियां अपनी मार्केटिंग के लिए कंज्यूमर्स को लुभावनी बातों से बहका देती हैं और उन्हें लैपटॉप खरीदते वक्त कोर पर ध्यान देने कहती है। लेकिन उस वक्त आपको बहकावे में न आकर खुद जांच परख करना चाहिए। यहां हम आपको बताते हैं लैपटॉप खरीदने के लिए जरूरी टिप्स- क्या जरूरी नहीं है-


प्रोसेसरः जब आप कोई विशेष लैपटॉप नहीं खरीद रहे जैसे गेमिंग लैपटॉप या मशीन जिसपर आप 3डी मॉडलिंग कर सकें तो प्रोसेसर इनके लिए महत्वपूर्ण नहीं। पिछले कुछ वर्षों में प्रोसेसर काफी शक्तिशाली हो गया है। आजकल आमतौर पर वेब ब्राउसर जैसे प्रोग्राम्स में आई3 प्रोसेसर का 20 फीसद प्रोसेसिंग पावर भी उपयोग नहीं होता। मैकबुक एयर जैसे तेज मशीन बस 1.4 जीएचजेड डुअल कोर प्रोसेसर का प्रयोग करते हैं। इसलिए लैपटॉप खरीदते वक्त प्रोसेसर की चिंता न करें। हां कोर आई7 कोर आई5 से बेहतर है, और कोर आई5 कोर आई 3 से बेहतर है। लेकिन यदि आप आम तौर पर उपयोग के लिए लैपटॉप ले रहे हैं तो कोर आई 3 वाला मशीन काफी है।

 

रैमः आजकल सभी लैपटॉप में 4 जीबी रैम होता है। जो आपकी जरूरत के लिए काफी है। इससे ज्यादा आपको मिल रहा है तो जाइए पर केवल अधिक क्षमता वाले रैम की वजह से लैपटॉप न चुनें क्योंकि इससे जरूरी चीजें हैं डिवाइस को चुनने के लिए।


ग्राफिक कार्डः क्या आप अपने लैपटॉप पर बैट्लफील्ड जैसा कोई गेम खेलने जा रहे हैं? नहीं, तब ग्राफिक कार्ड की चिंता करने की जरूरत नहीं। एक समय था जब डिवाइस में लगा हुआ ग्राफिक कार्ड कमजोर हुआ करता था पर अब ऐसा नहीं है। पर आज यदि आप वेब ब्राउज और वीडियो देखने के लिए लैपटॉप खरीद रहे हैं तो ग्राफिक कार्ड का बिल्कुल न सोचें।


स्क्रीन साइजः बड़े स्क्रीन साइज को देखकर लैपटॉप की शॉपिंग न करें। खराब डिस्प्ले या कम रेज्योलूशन के साथ बड़ा स्क्रीन आपके कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस पर गलत प्रभाव डालेगा।


कितनी जल्दी ऑन होता है डिवाइसः करीब सभी नए लैपटॉप 30 सेकेंड से भी कम समय में ऑन हो जाते हैं। जो सबसे बेकार लैपटॉप होता है वह 30 सेकेंड का समय लेता है बेहतर डिवाइस के लिए 15 सेकेंड काफी है। लेकिन यह सब केवल नए डिवाइस के लिए है। जैसे जैसे आप इसमें प्रोग्राम्स डाउनलोड करते जाएंगे ऑन होने में डिवाइस देर लगाएगा ही। लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं, लैपटॉप शापिंग के लिए।


सिक्योरिटी फीचर्सः फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि से न डरें। एक बार लैपटॉप खरीदने के बाद बस एक अच्छा सा पासवर्ड डालें बस आपका डाटा सुरक्षित रहेगा। क्या है महत्वपूर्ण स्क्रीन की क्वालिटी स्क्रीन ही आपके लैपटॉप का प्रमुख कंपोनेंट है। यह अच्छा होगा तभी आपको अच्छा कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। कंपनियां प्रोसेसर क्षमता तो बढ़ा रहीं हैं पर स्क्रीन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती। यदि आप 75,000 रुपए से ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आइपीएस स्क्रीन वाला लैपटॉप लें। अधिकांश लैपटॉप में टीएन पैनल की स्क्रीन होती है।


इनमें अंतर क्या है: चलिए समझते हैं। आपकी तस्वीर गैलेक्सी टैबलेट या आइफोन पर ज्यादा अच्छी दिखेगी जबकि लैपटॉप पर उतनी अच्छी नहीं। क्योंकि अधिकांश टैबलेट और फोन में आइपीएस स्क्रीन होती है। यदि आप ज्यादा खर्च नहीं भी कर रहे हैं तो स्क्रीन पर ध्यान देना जरूरी है इसके लिए आप किसी लैपटॉप शो में जाइए और जो भी लैपटॉप आपको पसंद आ रहा हो उसको परखिए। अपने साथ एक पेन ड्राइव ले जाना मत भूलिए जिसमें आपकी कुछ तस्वीरें हो। इस पेनड्राइव को लैपटॉप में लगाइए ओर अपनी तस्वीरों पर एक नजर डालिए कि वह कैसा दिखता है। तस्वीर में रंगों का तालमेल सही है या नहीं? एंगल भी बदल कर तस्वीरों को देखिए अगर ऐसा करने पर तस्वीरों के रंग में ज्यादा बदलाव नहीं तब स्क्रीन अच्छी है। इसके बाद स्क्रीन का रेज्योलूशन जरूर देखें। ज्यादा रेज्योलूशन वाला स्क्रीन इमेज को बेहतर लुक प्रदान करता है। 1080 पिक्सल फुलएचडी या 1600 गुणा 900 पिक्सल रेज्योलूशन वाला स्क्रीन देखकर लैपटॉप खरीदें।


कीबोर्ड और टचपैडः लैपटॉप में दो महत्वपूर्ण पार्ट है- कीबोर्ड और टचपैड जिसे आमतौर पर कंज्यूमर्स नहीं देखते हैं। अच्छे लैपटॉप के पास ऐसे टाइपिंग कुंजीपटल होते हैं जो बेहतर है बस आप यह टाइप करते हुए यह जांच लें कि खट-खट की आवाज यह फिर ढीला सा कीबोर्ड न हो। यह आपको 100-200 शब्दों के टाइपिंग के बाद ही पता चल जाएगा। लैपटॉप में टचपैड को रेस्पांसिव होना चाहिए। उपयोग के वक्त कर्सर को स्क्रीन पर आराम से चलना चाहिए। अगर आप लैपटॉप के लिए ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आपको ग्लास टचपैड वाला मशीन लेना चाहिए।


कैसा हो बनावटः ऐसे लैपटॉप को चुनें जिसमें मेटल यानि एल्युमिनियम या मैग्नीशियम की बॉडी हो। कार्बन फाइबर की बॉडी भी अच्छा है। लेकिन यह महंगा होता है। यदि आप प्लास्टिक बॉडी देख रहे हैं तो उन लैपटॉप को देखें जो बेहतर बनावट के साथ है। स्पीकर्सः लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो अपने पेनड्राइव में गाने ले जाना न भूलें। मशीन पर ये गाने चलाएं। यदि आपके लैपटॉप में अच्छे स्पीकर्स हैं तो आप यूट्यूब वीडियो का भी आप आनंद ले सकेंगे।


वजनः यह तो काफी जरूरी है क्योंकि लैपटॉप आपके साथ इधर उधर तो जाएगा ही। इसलिए 2 किलाग्राम से कम वजन वाले लैपटॉप को चुनें।


बैटरीः बेहतर बैटरी क्षमता वाले लैपटॉप को चुनें। एपल के अलावा कोई और कंपनी हमें बेहतर बैटरी के साथ लैपटॉप नहीं दे सकता है। लेकिन फिर भी यदि किसी कंपनी का दावा है कि उसका मशीन 10 घंटे तक बैटरी लाइफ दे सकता है तो यह तो पक्का है कि 7 घंटे तक बैटरी चलेगी ही। तो वे लैपटॉप जो 6-7 घंटे तक बैटरी लाइफ देने का दावा करते हैं उनके मुकाबले 10 घंटे तक की बैटरी लाइफ वाला मशीन ज्यादा बेहतर है। जब भी आप लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो सेल्समैन द्वारा दिए जा रहे व्याख्यान पर कभी भी विश्वास न करें, बस अपनी आंखों पर विश्वास करें।



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बिना सीन हुए ऐसे देखें दूसरों की इन्स्टा स्टोरी, किसी को नहीं होगी कानों-कान खबर

दोस्तों के साथ फोटो-वीडियो शेयर करना हो या कोई स्टोरी लगानी हो, युवाओं के लिए इंस्टाग्राम एक सबसे पॉपुल्यर सोशल मीडिया प्लेयफॉर्म है। लोग इंस्टा स्टोरी पर हर दिन कुछ न कुछ फोटो या वीडियो शेयर करते है, जिसे देखने के बाद उस उस स्टेटस की सीन लिस्ट में आ जाते है। कई बार ऐसे स्टेटस भी आप देख लेते है, जिसे आप नहीं देखना चाहते हैं। ऐसे में ना चाहते हुए भी आप उस यूजर की सीन लिस्ट में आ जाते है। लेकिन आज हम आपको ऐसी ट्रिक बताने जा रहे है, जिसकी मदद से आप चुपचाप अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड लिस्ट में मौजूद यूजर्स का स्टेटस देख सकते हैं और इससे आपका नाम 'सीन' लिस्ट में नजर भी नहीं आएगा।


ट्रिक नंबर-1 

यह सबसे सरल तरीका है जिसका उपयोग आप किसी की इंस्टाग्राम स्टोरी को बिना जाने उसे देखने के लिए कर सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि आप जिस स्टोरी को आप सिक्रेटली देखना चाहते हैं, उसके बजाय अगली-इन-लाइन स्टोरी पर टैप करें। अब, उस स्टोरी पर टैप कर पॉज कर दें। एक बार, ऐसा हो जाने के बाद, आपको दूसरी स्टोरी तक पहुंचने के लिए बाईं ओर स्वाइप करना होगा जिसे आप देखना चाहते थे। इसे धीरे-धीरे करने की जरूरत है। इसके बाद, आप दोनों इंस्टाग्राम स्टोरीज के मिडिल प्वाइंट पर पहुंच जाएंगे, जहां से आप सीन लिस्ट में आए उसे यूजर की स्टोरी पर एक नजर डाल सकते हैं, जिसे आप देखना चाहते थे।


ट्रिक नंबर-2 

एयरप्लेन मोड की मदद से भी आप बिना सीन हुए किसी की स्टोरी देख सकते हैं। इसके लिए बस आपको इतना करना है कि अपने एंड्रॉइड या आईओएस फोन पर इंस्टाग्राम ऐप खोलें। कहानियों के लोड होने के लिए कुछ सेकंड वेट करें। ऐसा होने के बाद तुरंत एयरप्लेन मोड चालू करें। अब, ऐप पर वापस जाएं और उन इंस्टाग्राम स्टोरीज को खोलें जिन्हें आप देखना चाह रहे थे। इस तरह, उस व्यक्ति की स्टोरी देख लेंगे।


ट्रिक नंबर-3 

आप वेब के जरिए भी लोगों की इंस्टाग्राम स्टोरीज को बिना सीन हुए देख सकते हैं। इसके लिए आपको बस 'क्रोम आईजी स्टोरी' क्रोम एक्सटेंशन इंस्टॉल करना होगा और बिना किसी को सीन हुए आप स्टोरी देख सकते हैं। इसके लिए बस एक्सटेंशन डाउनलोड करें, इंस्टाग्राम का वेब वर्जन खोलें और अपनी आईडी के साथ लॉग इन करें। एक बार यह हो जाने के बाद, आप लोगों की इंस्टाग्राम स्टोरीज को बिना जाने उन्हें देखना शुरू कर सकते हैं।


ट्रिक नंबर-4

इस ट्रिक में ऐप्स शामिल हैं। आईओएस पर, आप ऐप स्टोर से रेपोस्ट स्टोरीज ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। एक बार डाउनलोड हो जाने के बाद, अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में लॉग इन करें और उस यूजर को सर्च करें, जिसकी स्टोरी आपको बिना सीन हुए देखनी है। अब, आपको पिछले 24 घंटों में उस यूजर की पोस्ट की गई स्टोरी का एक फोल्डर मिलेगा। आप उस फोल्डर को सिलेक्ट कर सकते हैं और स्टोरी को एक-एक करके उस व्यक्ति के जाने बिना देख सकते हैं। 


ट्रिक नंबर-5

एंड्रॉइड पर, आप ब्लाइंडस्टोरी ऐप के जरिए स्टोरी देख सकते है। इसके लिए बस इसे ऐप को इंस्टॉल करें और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में लॉग इन करें। अब, आपको कई प्रोफाइल ढूंढने का ऑप्शन दिखाई देगा। बस उस यूजर को सर्च करें जिसकी स्टोरी आप देखना चाहते हैं और आप वहां स्टोरी आप देख पाएंगे। आप स्टोरीज को बिना जाने उन्हें देखने के लिए उन पर टैप कर सकते हैं।



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आपका पार्टनर कितना करता है आपसे प्यार? Facebook की इस धांसू Trick से चल जाएगा पता

Facebook Tips And Tricks: फेसबुक का इस्तेमाल करोड़ों भारतीय करते हैं. फेसबुक पोस्ट से लेकर मैसेज तक, यूजर्स इस एप का पूरा मजा उठाते हैं. इसको और मजेदार बनाने के लिए लोग टिप्स और ट्रिक्स की खोज करते रहते हैं. फेसबुक के अंदर कई ऐसे फीचर्स हैं, जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. क्या आपको पता है किसने आपकी कितनी पोस्ट पर लाइक किए. इसका भी पता लगाया जा सकता है. अगर आपको जानना हो कि आपके पार्टनर ने आपकी साल भर में कितनी पोस्ट को लाइक किया, तो इसका पता आसानी से चल जाएगा. आइए बताते हैं कैसे...

किसी ने आपकी कितनी पोस्ट को लाइक किया. इसका पता फेसबुक से ही पता लगाया जा सकता है. आपको इसके लिए किसी थर्ड पार्टी एप का भी इस्तेमाल नहीं करना है. आपको बस कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा.

बस फेसबुक सर्च बार में जाएं, और अपने दोस्त के नाम के बाद "फोटो लाइक्स" टाइप करें. परिणाम आपके मित्र को पसंद की सभी तस्वीरें दिखाएगा. आप "इस महीने XXXXX द्वारा पसंद की गई तस्वीरें" या "पिछले सप्ताह" या "2020 में" जैसी चीजों को जोड़कर परिणाम को फ़िल्टर कर सकते हैं. 

जब आप टाइप करना शुरू करते हैं तो यह किसी के साथ भी काम करता है; यह आपके रिश्ते की स्थिति के आधार पर "मेरी गर्लफ्रेंड," "मेरा ब्वॉयफ्रेंड," जैसे सुझाव दिखाता है.

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