पेगासस जासूसी मामले पर 27 अक्टूबर को फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट पेगासस जासूसी मामले पर 27 अक्टूबर को फैसला सुनाएगा। चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच फैसला सुनाएगी। सुनवाई के दौरान केंद्र ने विशेषज्ञों की एक निष्पक्ष कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया था, जो कोर्ट की निगरानी में काम करेगी। कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह अपनी तरफ से कमेटी का गठन करेगा।


कोर्ट ने 13 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र ने निष्पक्ष कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया था, जो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में काम करेगी। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था याचिकाकर्ता चाहते हैं सरकार लिख कर दे कि वह सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है या नहीं। हमारा मानना है कि हलफनामा दाखिल कर इस पर बहस नहीं कर सकते। आईटी एक्ट की धारा 69 सुरक्षा के लिहाज से सरकार को निगरानी की शक्ति देती है। हम निष्पक्ष कमेटी बनाएंगे। तब चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा था कि आप कह रहे हैं कि इस पर याचिका दायर नहीं हो सकती है। तब मेहता ने कहा था कि याचिका हो सकती है, पर सार्वजनिक चर्चा नहीं। हम देश के दुश्मनों तक ऐसी जानकारी जाने नहीं दे सकते हैं। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि हमने कहा था कि संवेदनशील जानकारी हलफनामे में न लिखी जाए। बस यही पूछा था कि क्या जासूसी हुई, क्या सरकार की अनुमति से हुआ।


सुनवाई के दौरान वकील श्याम दीवान ने कहा था कि आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ संदीप शुक्ला के हलफनामा का उदाहरण देते हुए बताया था कि जिसकी जासूसी हुई, उसे पता ही नहीं चल पाता। दीवान ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ आनंद वी ने भी हलफनामा दाखिल किया है। बताया है कि इससे प्रभावित व्यक्ति के फोन में दूसरा सॉफ्टवेयर भी डाला जा सकता है। पत्रकार परांजय गुहा के वकील दिनेश द्विवेदी ने कहा था कि सिविल प्रोसीजर कोड कहता है कि प्रतिवादी अगर किसी आरोप से इनकार करे तो वह स्पष्ट हो। सरकार आरोप को बेबुनियाद बता रही है, फिर कमेटी बनाने का भी प्रस्ताव दे रही है। द्विवेदी ने कहा था कि इसका इस्तेमाल सरकार ही कर सकती है। अभिव्यक्ति को प्रभावित किया जा रहा है।


कोर्ट ने 18 अगस्त को केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके साफ किया था कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से संवेदनशील किसी भी बात के लिए सरकार को बाध्य नहीं कर रहा। कोर्ट ने कहा था कि हम नोटिस बिफोर एडमिशन जारी कर रहे हैं, कमेटी के गठन पर बाद में फैसला लेंगे। कोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से पूछा था कि क्या आप और कोई हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहते। तब मेहता ने कहा था कि भारत सरकार कोर्ट के सामने है। याचिकाकर्ता चाहते हैं कि सरकार यह सब बताए कि वह कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती है, कौन सा नहीं। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह सब हलफनामे के रूप में नहीं बताया जा सकता है। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा था कि सरकार को शपथ लेकर बताना था कि क्या उसने कभी भी पेगासस का इस्तेमाल किया। इस बिंदु पर कोई साफ बात नहीं कही है। सिर्फ आरोपों का खंडन कर दिया है।


सुप्रीम कोर्ट में पेगासस की जांच की मांग करते हुए पांच याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिका दायर करने वालों में वकील मनोहर लाल शर्मा, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास, वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार, परांजय गुहा ठाकुरता समेत पांच पत्रकार और एडिटर्स गिल्ड की याचिका शामिल है।



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बच्चों की वैक्सीन की कीमत पर चर्चा - मनसुख मंडाविया

नई दिल्ली : देश में बच्चों की वैक्सीन जायकोव डी की कीमत पर जल्दी ही फैसला लिया जा सकता है। मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि बच्चों की वैक्सीन जायकोव डी की कीमत के संदर्भ में चर्चा की जा रही है। जायकोव डी का उत्पादन तेजी से चल रहा है, कीमतें तय होने के बाद इसे भी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जायकोव-डी देश में स्वीकृत छठी वैक्सीन है और दूसरी स्वदेशी वैक्सीन है। यह आत्मनिर्भर भारत एवं मैक इन इंडिया के विजन को पूरा करेगी।


जायकोव डी दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन


जायकोव-डी की सबसे खास बात यह है कि यह दुनिया की पहली डीएनए प्लाजमिड वैक्सीन होगी। देश में लग रही कोरोना की बाकी वैक्सीन से अलग जायकोव-डी तीन डोज में दी जाएगी। खास बात यह है कि जायकोव-डी बगैर सुई के दी जाएगी। यह इंजेक्टर के जरिये दी जाएगी, जिससे दर्द न के बराबर होगा। यह टीका 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को दी जानी है। यह 12-18 साल के वायु वर्ग वालों के साथ बड़ों को भी लग सकेगी। देश में अभी सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का ही टीकाकरण हो रहा है। 




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सेल्वागनबेथी, सुष्मिता देव ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली

नई दिल्ली : राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को नवनिर्वाचित सदस्यों एस सेल्वागनबेथी और सुष्मिता देव को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलायी।


सेल्वागनबेथी पुडुचेरी से जबकि सुष्मिता पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। सेल्वागनबेथी ने तमिल में और सुष्मिता ने बांग्ला में शपथ ग्रहण की।


सदस्यों द्वारा लगातार विभिन्न भारतीय भाषाओं में शपथ लेने और सदन में होने वाली चर्चा में भाग लेने का उल्लेख करते हुए नायडू ने कहा, ''यह राज्यसभा की भावना के अनुकूल है।''


उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वह अपनी अपनी भाषाओं का इस्तेमाल करें और 22 निर्धारित भाषाओं में अनुवाद की सुविधा का लाभ उठाएं।


शपथ ग्रहण समारोह में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राज्यसभा के महासचिव पी पी के रामाचार्युलु और सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।




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एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े एजेंसी के दिल्ली स्थित मुख्यालय पहुंचे

नई दिल्ली : स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े मंगलवार को एजेंसी के यहां स्थित मुख्यालय पहुंचे।


वानखेड़े, क्रूज़ जहाज से मादक पदार्थ जब्त किए जाने के मामले की जांच की अगुवाई कर रहे हैं, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया है।


वानखेड़े आरके पुरम स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पीछे के द्वार से दाखिल हुए, जहां वह वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकत कर सकते हैं। वह सोमवार रात इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे।


एनसीबी मुख्यालय के बाहर वानखेड़े का समर्थन करते हुए कुछ लोग हाथ में तख्तियां लिए नजर आए।


वानखेड़े ऐसे समय दिल्ली पहुंचे हैं, जब स्वापक औषधि नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने क्रूज़ जहाज से मादक पदार्थ बरामदगी मामले में आरोपी आर्यन खान को छोड़ने के लिए एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े और कुछ अधिकारियों द्वारा 25 करोड़ रुपये मांगने संबंधी एक गवाह के दावे पर सतर्कता जांच के आदेश दिए है।


वानखेड़े ने यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के बाहर पत्रकारों से कहा था कि उन्हें एजेंसी ने तलब नहीं किया है बल्कि कुछ काम से यहां आए हैं और उन्होंने मादक पदार्थ मामले में निष्पक्ष जांच की है।


अधिकारी ने रविवार को मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागरले को पत्र लिख कर उनके खिलाफ कुछ अज्ञात लोगों द्वारा संभावित कानूनी कार्रवाई की योजना बनाये जाने से संरक्षण की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वे लोग उन्हें फंसाना चाहते हैं।


वानखड़े को वसूली संबंधी स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल द्वारा किये गये सनसनीखेज दावे पर एक हलफनामे के सिलसिले में कोई राहत नहीं मिल पाई। एक विशेष अदालत ने कहा है कि वह दस्तावेजों को संज्ञान में लेने से अदालतों को रोकने का आदेश जारी नहीं कर सकती।






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पंजाब, यूपी चुनाव से पहले वापस हो सकता है कृषि कानून : अखिलेश

लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आशंका व्यक्त की है कि मोदी सरकार आगामी पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर कृषि कानूनों को वापस ले सकती है और बाद में चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें नए सिरे से लागू कर सकती है।


भाजपा पर केवल कॉरपोरेटों की सेवा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उन उद्योगपतियों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने कृषि कानूनों के कारण पहले से ही साइलो और अन्य बुनियादी ढांचे की स्थापना की है।


अखिलेश ने एक अनौपचारिक बातचीत में संवाददाताओं से कहा, हो सकता है, मैं आज कह रहा हूं आपसे की पंजाब के चुनाव को देखते हुए, उत्तर प्रदेश के चुनाव को देखते हुए, हो सकता है किसानों के कानून रद्द कर दिए जाएंगे और फिर चुनाव के बाद नया कानून फिर आ जाएगा।


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव के बाद कृषि कानूनों को नए सिरे से लागू करेगी क्योंकि यह उन कॉरपोरेट्स की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने कृषि कानून लागू होने के बाद आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना पर पहले ही पैसा खर्च कर दिया है।


अखिलेश ने आगे कहा कि सरकार जल्द ही कुशीनगर में हाल ही में उद्घाटन किए गए हवाई अड्डे को बेच सकती है और कहा कि वह मुख्य रूप से रोजगार में आरक्षण जैसे लाभों से वंचित करने के लिए सब कुछ बेच रही है जो एक निजी संस्था द्वारा परियोजना के अधिग्रहण के बाद लागू नहीं होगा।


उन्होंने कहा कि कुशीनगर हवाईअड्डा परियोजना की परिकल्पना उनकी सरकार ने की थी और इसके निर्माण के लिए बजट में 260 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।






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यूपी में बारिश से फसल बर्बाद, सदमे से किसान की मौत

रामपुर (उत्तर प्रदेश) : बेमौसम बरसात ने कई लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। यूपी के रामपुर में 60 वर्षीय रईस खान अपने खेतों को देखने गए थे। खेत में अपनी 10 बीघा जमीन में पूरी तरह से पानी में डूबी धान की फसल को देखकर वो हैरान रह गए।


इस नुकसान को देखकर खान बेहोश हो गये और खेत में ही उनकी मौत हो गई।


उनके परिवार को बाद में उनका शव खेत में मिला।


खान के चचेरे भाई ने कहा कि वह हृदय रोगी थे और धान के सीजन में गंभीर तनाव से जूझ रहे थे। लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के कई किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है।


अधिकारियों ने कहा कि किसानों को होने वाले कुल नुकसान का अभी भी आकलन किया जा रहा है।


दूसरी ओर, शाहबाद के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) संजय तोमर ने कहा, परिवार ने हमें उनकी मौत के बारे में सूचित नहीं किया है। अगर वे हमसे संपर्क करते हैं, तो हम उनकी सहायता के लिए उचित कदम उठाएंगे। हमें स्थानीय ग्रामीणों से घटना के बारे में पता चला है।


इस बीच, शाहबाद तहसीलदार, दिनेश कुमार ने कहा, हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उन्होंने कोई ऋण ले रखा था। यदि उनका परिवार पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं का पालन करता है, तब उन्हें संबंधित सरकारी योजना के तहत कुछ वित्तीय सहायता मिल सकती है।





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विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप : आकाश सांगवान ने पहला मुकाबला जीता

नई दिल्ली :  भारतीय मुक्केबाज आकाश सांगवान (67 किग्रा) ने यहां चल रही एआईबीए पुरुष विश्व चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में तुर्की के फुरकान एडम पर 5-0 की आसान जीत से दूसरे दौर में प्रवेश किया।


मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन फुरकान का अगला मुकाबला जर्मनी के डेनियल क्रोटर से होगा जिन्हें पहले दौर में बाइ मिली है। कल रात खेले गये मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज ने शुरू से एडम पर दबदबा बनाकर एकतरफा जीत हासिल की।


इससे पहले रोहित मोर (57 किग्रा) ने इक्वाडोर के जीन कैसेडो को 5-0 से हराया था। उनका अगला मुकाबला बोस्निया हर्जेगोविना के एलन राहिमिच से होगा।


एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा) और सचिन कुमार (80 किग्रा) को पहले दौर में बाइ मिली है।


सचिन 30 अक्टूबर को दूसरे दौर में अमेरिका के रॉबी गोंजालेज जबकि संजीत 29 अक्टूबर को रूस के आंद्रे स्तोस्की से भिड़ेंगे।


इस चैंपियनशिप में 100 देशों के 600 से अधिक मुक्केबाज भाग ले रहे हैं। कुछ भार वर्गों में मुक्केबाजों को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिये कम से कम तीन मुकाबले जीतने होंगे। इनमें भारत के शिव थापा (63.5 किग्रा) भी शामिल हैं जो पहले मुकाबले में कीनिया के विक्टर ओडियाम्बो न्याडेरा से भिड़ेंगे।



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सैयद मुश्ताक अली टी20 में महाराष्ट्र की अगुवाई करेंगे रुतुराज

पुणे : भारतीय बल्लेबाजी की नयी सनसनी रुतुराज गायकवाड़ चार नवंबर से शुरू होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्राफी टी20 प्रतियोगिता में महाराष्ट् का नेतृत्व करेंगे।


महाराष्ट्र को एलीट ग्रुप ए में रखा गया है और वह लीग चरण के अपने मैच लखनऊ में खेलेगा। उसका पहला मुकाबला तमिलनाडु से होगा।


इंडियन प्रीमियर लीग में सर्वाधिक रन बनाने वाले गायकवाड़ के साथ नौशाद शेख को उप कप्तान बनाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स के राहुल त्रिपाठी आईपीएल फाइनल में लगी चोट से अभी नहीं उबरे हैं और उन्हें टीम में नहीं लिया गया है।


सीनियर बल्लेबाज केदार जाधव को भी टीम में शामिल किया गया है।


महाराष्ट्र की टीम इस प्रकार है : रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), नौशाद शेख (उपकप्तान), केदार जाधव, यश नाहर, अजीम काजी, रंजीत निकम, सत्यजीत बछव, तरनजीत सिंह ढिल्लों, मुकेश चौधरी, आशा पालकर, मनोज इंगले, प्रदीप दाधे, शमशुजामा काजी, स्वप्निल फुलपागर, दिव्यांग हिंगानेकर, सुनील यादव, धनराजसिंह परदेशी, स्वप्निल गुगले, पवन शाह और जगदीश जोप।







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कोहली ने पूरी खेल भावना से हार स्वीकार की : सना मीर

दुबई : पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान सना मीर का मानना है कि विराट कोहली हार को पूरी खेल भावना से स्वीकार करने में भी आदर्श खिलाड़ी हैं जिससे भारतीय कप्तान के सुरक्षा भाव का भी पता चलता है।


भारत टी20 विश्व कप के अपने पहले मैच में पाकिस्तान से 10 विकेट से हार गया था। यह विश्व कप (वनडे और टी20) में पाकिस्तान की भारत पर पहली जीत है। मैच के बाद कोहली ने विजयी टीम के नायक मोहम्मद रिजवान को गले लगाया था।


मीर ने आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने कॉलम में लिखा, ‘‘विराट कोहली ने पूरी शिष्टता के साथ हार स्वीकार की और मैं उनकी खेल भावना की प्रशंसा करती हूं। शीर्ष खिलाड़ियों का इस तरह का व्यवहार देखना वास्तव में बहुत अच्छा है।’’


उन्होंने आगे लिखा, ‘‘इससे उनके अंदर के सुरक्षा भाव का भी पता चलता है। इसका मतलब है कि वह वापसी करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।’’


मीर ने कहा कि अगर भारत बड़ी जीत से टूर्नामेंट में वापसी करता है तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा।


उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत जल्द ही बड़ी जीत के साथ वापसी करता है तो मुझे हैरानी नहीं होगी और मुझे उम्मीद है कि हम टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान को एक बार फिर से एक दूसरे के खिलाफ खेलते देख सकते हैं। ’’







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पुलिस दल पर गोलीबारी करने के दोषी को तीन साल की कैद

मुजफ्फरनगर (उप्र) : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक अदालत ने 2018 में पुलिस के दल पर गोलीबारी करने के मामले में दोषी पाए गए एक व्यक्ति को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।


अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने सोमवार को दोषी हसन अहमद पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।


सरकारी वकील कुलदीप कुमार के अनुसार, अहमद को बुढ़ाना थाना क्षेत्र में पुलिस दल ने तलाशी के लिए रोका था, तभी उसने पुलिस पर गोलियां चला दी थी।





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अमित शाह 29 अक्टूबर से लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे

लखनऊ : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 अक्टूबर से लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर होंगे, इस दौरान वह भाजपा के मेगा सदस्यता अभियान को हरी झंडी दिखाएंगे और चुनावी तैयारियों पर चर्चा करेंगे।


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शुक्रवार को सदस्यता अभियान शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य 1.5 करोड़ से ज्यादा नए सदस्यों को जोड़ना है। राज्य में पार्टी के पहले से ही लगभग 2.3 करोड़ सदस्य हैं। इनमें वे लाखों लोग शामिल हैं जिन्होंने पार्टी द्वारा साझा किए गए एक समर्पित नंबर पर मिस्ड कॉल देकर पार्टी के लिए अपनी पसंद की पुष्टि की है।


सदस्यता अभियान का महत्व इसलिए है क्योंकि भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनावों में जीती गई 312 सीटों के साथ 39.67 प्रतिशत वोट हासिल करने के लिए अपनी सीटों में सुधार करने का लक्ष्य रखा है।


शाह का दौरा इस तथ्य के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता विरोधी लहर को कम करने के लिए मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने पर विचार कर रही है।


पार्टी उन नेताओं को भी टिकट देने के लिए प्रतिबद्ध है जो अन्य दलों से शामिल हुए हैं।


हालांकि, पार्टी के नेताओं के एक वर्ग को लगता है कि बड़े पैमाने पर टिकट बदलने से असंतुष्टि और नाकारात्मक प्रतिक्रिया हो सकती है।


पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, बड़े पैमाने पर परिवर्तन कभी रिस्क प्रूफ नहीं हो सकते हैं, लेकिन इसे करने में ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। इस बार फायदा यह है कि पार्टी संगठन पहले से कहीं अधिक मजबूत है और ऐसी स्थितियों में यह शॉक ऑब्जर्वर के रूप में काम कर सकता है।


पार्टी सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ नेता मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन के बारे में फीडबैक पर विस्तार से काम कर रहे हैं और फीडबैक की क्रॉस चेकिंग भी कर रहे हैं।



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भाजपा की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं की प्रेरक कहानियां अब ‘नमो ऐप’ पर: मोदी

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा को आगे बढ़ाने और उसे आम जन के बीच लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं के जीवन से जुड़ी प्रेरक कहानियां अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक ‘नमो ऐप’ पर उपलब्ध होंगी।


प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को खुद सिलसिलेवार ट्वीट कर यह जानकारी दी और कहा कि इसके लिए इस ऐप पर ‘कमल पुष्प’ नाम से एक खंड बनाया गया है।


उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा को विभिन्न राज्यों और केंद्र में सेवा करने का मौका मिला है और जनता के इस विश्वास का एक प्रमुख कारण पार्टी और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियों की उत्कृष्ट भूमिका है।


मोदी ने कहा, ‘‘नमो ऐप में एक ‘कमल पुष्प’ नाम का एक खंड है, जो जन संघ से लेकर वर्तमान तक पार्टी की विचारधारा को लोकप्रिय बनाने वाले कार्यकर्ताओं की प्रेरक कहानियों के बारे में जानने और उसे साझा करने का मौका देता है।’’


उन्होंने लोगों से इस खंड में योगदान देकर ‘कमल पुष्प’ को समृद्ध बनाने का आह्वान किया।


प्रधानमंत्री ने भाजपा के लिए जीवन समर्पित कर देने वाले कुछ कार्यकर्ताओं की कहानी भी साझा की, जिनमें उत्तराखंड के पंडित देवेंद्र शास्त्री और कर्नाटक के एस मल्लिकार्जुनैया शामिल हैं।


शास्त्री जन संघ के सह संस्थापक और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं जबकि मल्लिकार्जुनैया कर्नाटक के तुमकुर से सांसद और लोकसभा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।




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देश में पिछले 238 दिन में कोविड-19 के सबसे कम नए मामले आए सामने

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 12,428 नए मामले सामने आए, जो पिछले 238 दिन में सामने आए सबसे कम दैनिक मामले हैं। वहीं, देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,63,816 हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 3,42,02,202 हो गई है। वहीं, संक्रमण से 356 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,55,068 हो गई। केरल ने संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करने के बाद मृतक संख्या में 228 का इजाफा किया है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से राज्य में 53 लोगों की मौत हुई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,63,816 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.49 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,879 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.18 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। देश में अभी तक कुल 60,19,01,543 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 11,31,826 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। देश में दैनिक संक्रमण दर 1.10 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.24 प्रतिशत है। अभी तक कुल 3,35,83,318 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 102.94 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 356 लोगों की मौत हुई, उनमें से केरल के 281 लोग, तमिलनाडु के 14 लोग, महाराष्ट्र के 12 लोग और पश्चिम बंगाल के 11 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,55,068 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,40,028 लोग, कर्नाटक के 38,017 लोग, तमिलनाडु के 36,033 लोग, केरल के 28,873 लोग, दिल्ली के 25,091 लोग, उत्तर प्रदेश के 22,899 लोग और पश्चिम बंगाल के 19,066 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।






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भाजपा-आरएसएस का सामना करने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत : सोनिया गांधी

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि पार्टी कार्यकतार्ओं को भाजपा और आरएसएस के इशारे पर दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियानों के निरंतर हमले का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।


सोनिया गांधी ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पार्टी के लोगों को कांग्रेस की मूल विचारधारा को बनाए रखते हुए और उसे पेश करते हुए इससे लड़ने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए।


उन्होंने कहा, मैं इस अवसर पर पीसीसी अध्यक्षों, महासचिवों और प्रभारियों में से प्रत्येक को इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि नए सदस्य किसी भी राजनीतिक आंदोलन की जीवनदायिनी हैं। देश भर के युवा पुरुष और महिलाएं अपनी आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक आंदोलन चाहते हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें एक मंच प्रदान करें, जैसा कि हमने पिछली पीढ़ियों से किया है।


उन्होंने कहा, आगामी एक नवम्बर से शुरू होने जा रहे सदस्यता अभियान के मद्देनजर आपको प्रत्येक वार्ड और गाँव के लिए प्रपत्रों की उचित वितरण सुनिश्चित करना होगा। पारदर्शी तरीके से सदस्यों को नामांकित करने के लिए आपको घर-घर जाकर कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों की पहचान करनी होगी और उन्हें सौंपना होगा। आपको राज्य, जिला, ब्लॉक, वार्ड और ग्राम स्तर पर इन व्यक्तियों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट चित्रण सुनिश्चित करना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है जिसे आपको सौंपा गया है।


उन्होंने कहा, आपको हमारे कार्यकतार्ओं को भाजपा और आरएसएस के इशारे पर दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियानों के निरंतर हमले का सामना करने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। और आपको हमारे लोगों को कांग्रेस की मूल विचारधारा को बनाए रखते हुए और उसे पेश करते हुए इससे लड़ने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए।

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वाराणसी के बाद प्रियंका गोरखपुर में करेंगी रैली को संबोधित

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक रैली को संबोधित करने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में भी एक रैली को संबोधित करेंगी।


रैली स्थल चंपा देवी पार्क को बनाया गया है। इस बारे में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा, इस रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता दिन-रात एक कर रहे हैं।


कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लगातार जमीनी मुद्दों को उठा रही है।


रैली स्थान यह दिखाने के लिए चुना गया है कि कांग्रेस राज्य में भाजपा से मुकाबला करने के लिए तैयार है। इन रैली की योजना कांग्रेस द्वारा टिकटों में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा करने और सात प्रस्तावों को अपने घोषणापत्र का हिस्सा घोषित करने के बाद बनाई गई है।


प्रियंका गांधी वाड्रा ने 10 अक्टूबर को सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी के अभियान की शुरूआत की थी।


वाराणसी में विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका ने किसानों और गरीबों के साथ अन्याय के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा था।


उन्होंेने कहा, पिछले दो सालों से मैं यूपी में काम कर रही हूं। दो साल पहले, सोनभद्र में भूमि विवाद में 13 आदिवासी मारे गए थे, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ नेता शामिल थे। लोगों ने कहा कि इस मामले में उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। मैं वहां गई और पीड़ित परिवारों में से प्रत्येक ने कहा कि वे न्याय चाहते हैं।


प्रियंका ने कहा, फिर महामारी आई और हमने देखा कि लोग बिना ऑक्सीजन के, बिना दवा के मर रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार मदद करेगी लेकिन कोई मदद नहीं आई और इसी उम्मीद में कई लोगों की जान चली गई।


सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, इसके बाद हाथरस हुआ और सरकार ने आरोपियों को बचा लिया और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला। लखीमपुर खीरी में भी ऐसा ही हुआ है, जहां एक मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल दिया और सरकार आरोपियों को बचा रही है।





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लखीमपुर खीरी हिंसा: न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का दिया निर्देश

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का मंगलवार को निर्देश दिया। इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।


प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को मामले के अन्य गवाहों के बयान दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज करने का भी निर्देश दिया।


उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और गरिमा प्रसाद अदालत में पेश हुए।


पीठ ने कहा, ‘‘ हम संबंधित जिला न्यायाधीश को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत साक्ष्य दर्ज करने का कार्य निकटतम न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपने का निर्देश देते हैं।’’


पीठ ने साल्वे से कहा कि वह ‘इलेक्ट्रॉनिक’ साक्ष्य की रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में उसकी चिंताओं से ‘फॉरेंसिक’ प्रयोगशालाओं को अवगत कराएं।


इस बीच, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले से जुड़ी दो शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को निर्देश दिया।


पीठ ने कहा, ‘‘ राज्य को इन मामलों में अलग-अलग जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।’’


न्यायालय ने इस मामले में अब आठ नवंबर को आगे सुनवाई करेगा।


उच्चतम न्यायालय ने 20 अक्टूबर को कहा था कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच एक ‘‘अंतहीन कहानी’’ नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि न्यायालय को ऐसा लग रहा है कि राज्य पुलिस धीमी गति से काम कर रही है। गवाहों को संरक्षण प्रदान करने का निर्देश भी दिया था।



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बेंगलुरु से रोहिंग्या समुदाय के 72 लोगों को निर्वासित करने की तत्काल कोई योजना नहीं: कर्नाटक सरकार ने न्यायालय से कहा

नई दिल्ली : कर्नाटक सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि बेंगलुरु में रह रहे रोहिंग्या समुदाय के 72 लोगों को निर्वासित करने की तत्काल उसकी कोई योजना नहीं हैं।


राज्य सरकार ने रोहिंग्या समुदाय के लोगों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करने के लिए दायर याचिका पर दिये अपने जवाब में यह जानकारी दी। राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए।


राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा, ‘‘बेंगलुरु शहर पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र में किसी शिविर या हिरासत केंद्र में किसी रोहिंग्या को नहीं रखा है। हालांकि बेंगलुरु शहर में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत रोहिंग्या समुदाय के 72 लोगों की पहचान की गई है और बेंगलुरु शहर पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ बलपूर्वक कोई कार्रवाई नहीं की है और उसकी उन्हें निर्वासित करने की तत्काल कोई योजना नहीं है।’’


उपाध्याय ने याचिका दायर करके केंद्र और राज्य सरकार को यह निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है कि वे बांग्लादेशियों और रोहिंग्या समुदाय के लोगों समेत सभी अवैध प्रवासियों एवं घुसपैठियों की एक साल के भीतर पहचान करें, उन्हें हिरासत में लें और उन्हें निर्वासित करें।


याचिका में कहा गया है, ‘‘खासकर म्यांमा और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में आए अवैध प्रवासियों ने न केवल सीमावर्ती जिलों की जनसांख्यिकीय संरचना के लिए खतरा पैदा किया है, बल्कि सुरक्षा एवं राष्ट्रीय अखंडता को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है।’’


उपाध्याय ने याचिका में आरोप लगाया है कि कई एजेंट के माध्यम से पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और गुवाहाटी के रास्ते अवैध प्रवासी संगठित तरीके से घुस रहे हैं।







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प्रियंका का ट्वीट, नौकरी के लिए खून से खत लिखने को मजबूर युवा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में नजदीकी विधानसभा चुनाव देखते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सक्रिय हो गयी हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की हर छोटी- बड़ी समस्या का स्वयं संज्ञान लेती हैं। इस बीच देखा जा रहा है कि वह प्रदेश की भाजपा सरकार को लगातार घेरने का प्रयास कर रही हैं। वह चाहे बयान जारी कर उत्तर प्रदेश में किसी कार्यक्रम में जाकर या फिर ट्वीट के माध्यम से। इधर लगातार वह उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों पर ट्वीट कर रही हैं।


सोमवार को प्रियंका ने ट्वीट कर उत्तर प्रदेश की जनता से वायदा किया कि अगर कांग्रेस की सरकार उत्तर प्रदेश में बनती है तो किसी भी बीमारी में 10 लाख तक का खर्च सरकार वहन करेगी। मंगलवार को युवाओं के मुद्दे पर प्रियंका ने ट्वीटर पर लिखा कि बड़े ही शर्म की बात है कि भाजपा सरकार उन्हें इस कदर प्रताड़ित करती है कि नौकरी मांगने के लिए वे खून से खत लिखने को मजबूर हैं।


प्रियंका गांधी ने अभ्यर्थियों द्वारा मुख्यमंत्री को खून से लिखे पत्र को अपने ट्वीटर एकाउंट पर शेयर किया है। अभ्यर्थियों ने करीब एक लाख, 37 हजार, 500 रिक्त पदों को भरने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। 





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भाजपा के सम्मेलन में योगी ने विपक्ष से पूछे सवाल

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को भाजपा की तरफ से आयोजित सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय कल्याण सिंह को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का जन्म और पालन पोषण लोधी समाज में हुआ लेकिन वह धर्म और राष्ट्र के लिए जिये।


योगी ने कहा कि बाबू जी के जीवन को देखकर यह कहा जा सकता है कि लोधी समाज धर्म और समाज के लिए लड़ने-जीने वाला है। इसी प्रकार अवंती बाई का नाम भी लिया जाता है। कल्याण सिंह ने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। वह धर्म और राष्ट्र के लिए जिये। बुलंदशहर के मेडिकल कॉलेज का नाम कल्याण सिंह के नाम पर किया गया है। बहुत शीघ्र ही उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब कोई आपराधिक मानसिकता के साथ काम करता है तो वह सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करता है। 2017 के पहले की सरकारों में उत्तर प्रदेश ने देखा है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति तबाह होता था। 2017 में बिगड़ी हुई व्यवस्था मिली थी। लोग पूछते थे कि कैसे होगा ? हम कहते थे स्वर्गीय बाबू जी ने यहां सरकार चलाकर नजीर पेश की है। उन्हीं के बताए रास्ते में हम भी कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने उसे पूरा किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य अब हो रहा है, वह पहले की सरकारों में भी हो सकता था। कोरोना काल के दौरान केवल हमारी सरकार और उसके अलावा भाजपा और आरएसएस जैसे संगठन ही काम कर रहे थे। विपक्षी दल कहां सो गये थे। यह सभी लोग आइसोलेशन में चले गये थे। उत्तर प्रदेश की जनता 2022 के विधानसभा चुनाव में भी आइसोलेशन में भेज देगी। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। सपा और बसपा को इसी प्रदेश ने सरकार चलाने, सेवा करने का अवसर दिया था। कोरोना काल में यह हाथ खड़ा कर लिये थे। दूसरे दिल्ली वाले हैं। उन्होंने कोरोना काल में यूपी वालों को भगा दिया था। आज जब चुनाव आ रहा है तो यूपी वाले याद आ रहे हैं। यह फ्री देंगे, वह फ्री देंगे, की बात कर रहे हैं। पहले भगवान राम को स्वीकारने को तैयार नहीं थे। उनके अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर रहे थे। आज वह भगवान राम का दर्शन करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं। अच्छी बात है। भगवान राम की शरण में आना ही होगा। विपक्षी दलों का कोई भी नेता नहीं बचा होगा, जिसने स्वर्गीय बाबू जी (कल्याण सिंह) को कोसा नहीं है।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले की सरकारों में सरकारी नौकरी को गिरवी समझा जाता था। हमारी सरकार में पारदर्शी व्यवस्था के तहत नौकरी मिल रही है। साढ़े चार लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दी गयी है। पहले की सोच व्यक्तिगत थी, अपने परिवार तक थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरे देश को अपना परिवार मानकर योजनाएं लाते हैं। पहले इफ्तार की पार्टी देने के लिए सरकारी दफ्तरों में होड़ लग जाती थी। होली, दिवाली, दशहरा जैसे पर्व आने पर कर्फ्यू लग जाता था। पहले के लोग हमें त्योहार नहीं मनाने देना चाहते थे। आज हम खुशी पूर्वक पर्व मना रहे हैं।


योगी ने कहा कि सपा का विज्ञापन निकला था। मै आ रहा हूं। इसके बाद उक्त जिले में अपहरण हो गया। सपा के आने का मतलब यही है कि अपहरण, भ्रष्टाचार, गुण्डागर्दी का बढ़ जाना। 2012 में सपा की सरकार आने के साथ ही आतंकियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का काम किया गया। इसके उपरांत एक के बाद एक घटनाओं को उन लोगों ने अंजाम देना शुरू किया। 2013 में पश्चिम उत्तर प्रदेश दंगों की आग में जल रहा था। लोग पलायन करने को मजबूर थे। उनकी मंशा को हमें समझना होगा।


सभागार में बैठ लोगों की तरफ मुखातिब होकर योगी ने कहा कि आप लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैंने इससे पहले इस सभागार को भरा हुआ नहीं देखा है। इस उत्साह को विधानसभा चुनाव तक बनाए रखना है। प्रदेश के लिए इन लोगों ने कुछ किया होता तो प्रदेश का युवा पलायन करने को मजबूर नहीं होता। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा, योगी सरकार के मंत्री संदीप सिंह, लाखन सिंह राजपूत, सांसद राजवीर सिंह रज्जू भैया समेत लोधी समाज से जुड़े अन्य विधायक और नेता मौजूद रहे।






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सुलतानपुर में युवक की पेड़ से लटकती मिली लाश

सुलतानपुर : जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के सदरपुर गांव में मंगलवार को एक युवक की लाश घर से कुछ दूरी पर पेड़ से लटकती हुई मिली।


विकासखंड जयसिंहपुर कार्यालय के पीछे घर के बाहर मंगलवार को फरजान (22) की लाश एक पेड़ से लटकती हुई मिली है। सुबह जब लोगों ने देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर जांच शुरू कर दी।


पुलिस के अनुसार यह हत्या है या आत्महत्या, इसकी गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सुलझ पाएगी। फिलहाल युवक की मौत से परिवार मे कोहराम मच गया है। 





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मुजफ्फरनगर में बिना लाइसेंस वाली दवा की दुकान सील की गयी

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस वाली दवा की एक दुकान को सील कर दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को शाहपुर पुलिस थाना क्षेत्र के तवली गांव स्थित दुकान से 50 हजार रुपये की दवा जब्त की।


औषधि निरीक्षक लव कुश प्रसाद ने कहा कि दुकान के मालिक वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।




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ओबीसी, ईडब्ल्यूसी आरक्षण पर न्यायालय का फैसला आने तक नीट-पीजी की काउंसलिंग नहीं होगी शुरू: केंद्र

नई दिल्ली : केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को सोमवार को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) की काउंसलिंग प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक शीर्ष अदालत मौजूदा शैक्षणिक सत्र से स्नातकोत्तर अखिल भारतीय कोटा सीट (एमबीबीएस/बीडीएस और एमडी/एमएस/एमडीएस) में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी को 10 फीसदी आरक्षण देने संबंधी अधिसूचना को दी गई चुनौती के संबंध में फैसला नहीं कर लेती।


न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एम के नटराज के इस आश्वासन को दर्ज किया और टिप्पणी की कि यदि काउंसलिंग प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इससे छात्रों के लिए बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी।


कुछ नीट उम्मीदवारों की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक ने जिस समय-सारणी की घोषणा की है, उसके अनुसार नीट-पीजी के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया 25 अक्टूबर से शुरू होनी है। इसके बाद नटराज ने यह आश्वासन दिया।


दातार ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष से आरक्षण लागू करने संबंधी 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली लंबित याचिकाओं पर न्यायालय का फैसला आन तक दाखिला प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और इसका छात्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।


नटराज ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील जिस संवाद का जिक्र कर रहे हैं, वह मेडिकल कॉलेजों में केवल सीटों के सत्यापन के लिए भेजा गया था और सोमवार को एक और स्पष्टीकरण अधिसूचना जारी की गई है।


एएसजी ने कहा, ‘‘काउंसलिंग प्रक्रिया लंबित याचिकाओं पर न्यायालय का फैसला आने तक शुरू नहीं होगी।’’


पीठ ने कहा कि वह इन शब्दों को रिकॉर्ड में रख रही है। उसने कहा, ‘‘हम आपके इन शब्दों को दर्ज कर रहे हैं कि याचिकाओं पर हमारा कोई फैसला आने तक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। आप जानते हैं कि यदि यह प्रक्रिया शुरू होती है, तो छात्रों को गंभीर समस्या होगी।’’


नटराज ने न्यायालय की इस टिप्पणी के प्रति सहमति जताई और कहा कि यदि भविष्य में कोई समस्या होती है, तो याचिकाकर्ता के वकील उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं।


न्यायालय ने 21 अक्टूबर को केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वह नीट या मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के निर्धारण के लिए आठ लाख रुपये वार्षिक आय की सीमा तय करने पर पुनर्विचार करेगी।


शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह नीति निर्धारण के क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर रही है, बल्कि केवल यह निर्धारित करने का प्रयास कर रही है कि क्या संवैधानिक मूल्यों का पालन किया गया है अथवा नहीं।


शीर्ष अदालत ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से एक सप्ताह में अपने हलफनामे दाखिल करने को कहा था और केंद्र के लिए कुछ सवाल बनाए थे।


पीठ ने कहा, ‘‘हमें बताइए कि क्या आप मानक पर पुनर्विचार करना चाहते हैं अथवा नहीं। अगर आप चाहते हैं कि हम अपना काम करें तो हम इसके लिए तैयार हैं। हम प्रश्न तैयार कर रहे हैं जिनका जवाब आपको देना है।’’


इसने कहा, ‘‘हम सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा सकते हैं जिसमें ईडब्ल्यूएस निर्धारित करने के लिए आठ लाख रुपये का मानक तय किया गया है और आप हलफनामा दायर करते रहिएगा।’’


उच्चतम न्यायालय उन कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें केंद्र और मेडिकल काउंसिलिंग समिति (एमसीसी) की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इस अधिसूचना के तहत मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए नीट में ओबीसी को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है।







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पाकिस्तान की जीत पर भारत में फोड़े गए पटाखे तो भड़के वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर

नई दिल्ली :  ICC T20 World Cup 2021 में भारतीय टीम को पाकिस्तान के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। भारत की इस हार से हर एक भारतीय निराश था, लेकिन भारत के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न पटाखे फोड़कर मनाया गया। इसको लेकर भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग नाखुश हैं और उन्होंने अपनी भड़ास इंटरनेट मीडिया के जरिए जाहिर की है।

वीरेंद्र सहवाग ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, "दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध है, लेकिन कल (रविवार, 24 अक्टूबर) भारत के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे फोड़े गए थे। अच्छा वे क्रिकेट की जीत का जश्न मना रहे होंगे। तो दीपावली पर पटाखे चलाने में क्या हर्ज है। ऐसा पाखंड़ (हिपोक्रेसी) क्यों, सारा ज्ञान तब ही याद आता है।"

वहीं, पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लिखा है, "जो लोग पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़ रहे हैं वो भारतीय नहीं हो सकते। हमें अपनी टीम के साथ खड़ा होना चाहिए।"

बता दें कि पाकिस्तान को विश्व कप के इतिहास में पहली बार भारत के खिलाफ जीत मिली है। इस जीत के बाद भारत के कुछ हिस्सों से ऐसी खबरें आई हैं कि पाकिस्तान की जीत पर पटाखे चलाए गए हैं और कुछ जगह लड़ाईयां भी हुई हैं। पाकिस्तान की जीत को भारत में सेलिब्रेट करना, ये किसी देशद्रोह से कम नहीं है। जाहिर है कि पाकिस्तान प्रेम के चलते पटाखे चलाए गए होंगे। निश्चित रूप से ऐसा तो नहीं है कि क्रिकेट के खेल के लिए ऐसा किया गया होगा। 

दूसरी सबसे बड़ी बात वीरेंद्र सहवाग ने ये उठाई है कि जब भारत में हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहार दिवाली पर पटाखे बैन हैं तो फिर क्रिकेट के मैच के बाद पटाखे चलाने का क्या तुक है और वो भी भारत की जीत नहीं, बल्कि पाकिस्तान की जीत पर भारत में पटाखे चलाने के क्या मायने हैं।


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पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत की हार का मजाक उड़ाने वालीं कांग्रेस नेता के ट्वीट पर छिड़ा विवाद, ट्वीट कर तंज कसा- क्यों भक्तों आ गया स्वाद? करवा ली बेइज्‍जती?

नई दिल्ली :  टी-20 विश्वकप मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों भारत की हार के बाद पूरे देश में लोगों में गुस्सा है। सोशल मीडिया पर हर तरफ लोग भारत की इस हार पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लेकिन इस बीच, टी-20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान से भारत की हार के बाद कांग्रेस नेता का एक ट्वीट चर्चा में आ गया। लेकिन उनके ट्वीट को लेकर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल कर दिया। दरअसल, कांग्रेस की सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा ने पाकिस्‍तान के हाथों भारत की हार के बाद ट्वीट किया। जिस पर वो ट्रोल हो गईं। कांग्रेस की नेता राधिका खेड़ा ने भारत की हार पर ट्वीट कर लिखा- ''क्यों भक्तों, आ गया स्वाद? करवा ली बेइज्जती?''

जमकर ट्रोल हो गईं कांग्रेस नेता

राधिका खेड़ा को उनके इस ट्वीट के लिए बुरी तरह ट्रोल किया गया। राधिका खेड़ा के ट्वीट पर बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। बीजेपी के कई नेताओं ने भी खेड़ा के ट्वीट को लेकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। कुछ लोगों ने खेड़ा को 'एंटी नैशनल' भी करार दे दिया। कई यूजर्स ने कहा कि कांग्रेस के ऐसे रवैये के चलते ही उसकी ऐसी हालत है। खेड़ा भी अपने स्‍टैंड पर कायम रहीं। ट्रोल करने वालों को उन्‍होंने उतनी ही तल्‍खी से जवाब दिया। जब उन्‍हें घेरा गया तो उन्‍होंने लिखा कि 'किसने कहा कि यह ट्वीट क्रिकेट के ऊपर है।'



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टी20 विश्व कप : हम जानते हैं कि खेल कहां गलत हुआ : कोहली

दुबई : भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि उनकी टीम को इस बात का सटीक अंदाजा है कि पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच कहां गया और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि पहले छह ओवरों में पाकिस्तान की शानदार गेंदबाजी का मतलब था कि भारत पुरुष टी20 विश्व कप के अपने शुरुआती मैच में अतिरिक्त 20-25 रन नहीं बना सका। भारत को रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान ने दस विकेट से शिकस्त दी।


कोहली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कहा, एक टीम के तौर पर हमें यह समझने की जरूरत है कि बीच में वहां के हालात की हकीकत क्या थी। वहीं 20-25 अतिरिक्त रन अच्छे होते। लेकिन पहले छह में शानदार गेंदबाजी ने हमें अतिरिक्त रन हासिल नहीं होने दिया। हम वास्तव में जानते हैं कि खेल कैसे हाथ से चला गया और यह कहां गलत हो गया। हमारे पास इसकी पूर्ण स्पष्टता है, यह जानना अच्छी बात है कि आप एक टीम के रूप में कहां गलत हुए।


कोहली ने कहा, तो, आप काम कर सकते हैं और इसे सुधारने की कोशिश कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि इस टूर्नामेंट में हमारे पास अभी भी बहुत सारे मैच हैं। अगर हम अपनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, तो हम निश्चित रूप से महसूस कर सकते हैं कि हम इन गलतियों पर काम कर सकते हैं।


यह बताते हुए कि मैच कैसे समाप्त हो गया, विशेष रूप से पाकिस्तान के पीछा के दौरान तस्वीर में आने के बाद, कोहली ने कहा, अगर पिच बल्लेबाजी करने के लिए थोड़ी बेहतर हो जाती है, तो आप शुरू हो जाते हैं। तब आप पीछा करने के बारे में अधिक आत्मविश्वास महसूस करना शुरू कर देते हैं। क्या हुआ। पाकिस्तान की पारी के दूसरे हाफ में जितनी अधिक ओस आई और वे स्ट्राइक रोटेट करने में सफल रहे।



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भारत की शर्मनाक हार, पाकिस्तान ने रोका विजय अभियान

दुबई : बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन और गेंदबाजों के परिस्थितियों के अनुकूल गेंदबाजी करने में नाकाम रहने के कारण भारत को आईसीसी टी20 विश्व कप के सुपर 12 के ग्रुप दो मैच में रविवार को यहां पाकिस्तान से 10 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा जिससे उसका अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पिछले 29 वर्षों से चला आ रहा विजय अभियान भी थम गया।


भारत ने विश्व कप (वनडे और टी20) में 1992 के बाद इस मैच से पहले तक सभी 12 मैचों (वनडे में सात और टी20 में पांच) में जीत दर्ज की थी लेकिन पहले शाहीन शाह अफरीदी (31 रन देकर पांच) की अगुवाई में पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने उसके बल्लेबाज नहीं चले और बाद में रही सही कसर कप्तान बाबर आजम (52 गेंद पर नाबाद 68, छह चौके, दो छक्के) और मोहम्मद रिजवान (55 गेंदों पर नाबाद 78, छह चौके तीन छक्के) की पहले विकेट के लिये अटूट शतकीय साझेदारी ने पूरी कर दी।


भारत ने सात विकेट पर 151 रन बनाये थे लेकिन पाकिस्तान ने 17.5 ओवर में बिना किसी नुकसान के 152 रन बनाकर एकतरफा जीत दर्ज करके अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की।


भारत ने टॉस गंवाया और इसके एक समय वह तीन विकेट पर 31 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। विराट कोहली (49 गेंदों पर 57 रन, पांच चौके, एक छक्का) ने ऋषभ पंत (30 गेंदों पर 39 रन, दो चौके, दो छक्के) के साथ चौथे विकेट के लिये 40 गेंदों पर 53 रन की साझेदारी की जिससे भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाया।


इसके उलट पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। कोहली के गेंदबाजों से लेकर क्षेत्ररक्षण की सजावट में वह आक्रामकता नहीं दिखी जिसके कारण उन्हें दुनिया के सफल कप्तानों में गिना जाता है। विश्व कप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ने का मन बना चुके कोहली को यह हार वर्षों तक सालती रहेगी।


रिजवान ने भुवनेश्वर के पहले ओवर में ही चौका और छक्का लगाया। कोहली को पावरप्ले में ही वरुण चक्रवर्ती को गेंद सौंपनी पड़ी। पाकिस्तान ने पहले छह ओवरों में बिना किसी नुकसान के 43 रन बनाये।


बाबर और रिजवान का ‘फुटवर्क, प्लेसमेंट और टाइमिंग’ बहुत अच्छा था जिसके सामने भारत के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की एक नहीं चली। इन दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करके भारत पर दबाव बनाया। भारत के दोनों स्पिनरों ने आठ ओवर में 61 रन लुटाये जबकि तेज गेंदबाजों में पैनापन नहीं दिखा।


बाबर जल्द ही अपने आक्रामक रंग में उतर आये। उन्होंने रविंद्र जडेजा पर छक्के से शुरुआत की और फिर चक्रवर्ती के एक ओवर में दो छक्के लगाये। इनमें से दूसरे छक्के से उन्होंने अर्धशतक भी पूरा किया। भारतीय स्पिनरों को ओस के कारण गेंद पर पकड़ बनाने में परेशानी हो रही थी।


रिजवान ने 41 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और जल्द ही वह अपने कप्तान की बराबरी पर पहुंच गये। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद शमी पर छक्का और दो चौके लगाकर 18वें ओवर में अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।


इससे पहले भारत के लिये शुरुआत किसी भी तरह से अनुकूल नहीं रही। कोहली ने टॉस गंवाया और भारत ने उसके बाद 13 गेंद और छह रन के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों रोहित शर्मा (शून्य) और केएल राहुल (तीन) के विकेट गंवा दिये।


रोहित की बायें हाथ के तेज गेंदबाज के सामने कोण लेकर अंदर आती गेंद पर कमजोरी फिर खुलकर सामने आयी। अफरीदी ने उन्हें पहले ओवर में पगबाधा आउट करने के बाद अगले ओवर की पहली गेंद पर राहुल की गिल्लियां बिखेरी।


सूर्यकुमार यादव (आठ गेंदों पर 11) को हसन अली (44 रन देकर दो) ने विकेट के पीछे रिजवान के हाथों कैच कराया जिससे पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट पर 36 रन हो गया।


कोहली का अफरीदी पर ‘कॉउ कार्नर’ पर लगाया गया छक्का दर्शनीय था, लेकिन सूर्यकुमार के आउट होने के बाद उन्हें भी संभलकर खेलना पड़ा। पंत के लेग स्पिनर शादाब खान पर शार्ट फाइन लेग पर लगाये गये चौके से भारत नौ ओवर में 50 रन के पार पहुंचा।


पंत ने हसन अली पर पारी के 12वें ओवर में एक हाथ से लगातार गेंदों पर स्क्वायर लेग और लांग ऑफ पर छक्के जड़े। लेकिन जब वह खतरनाक नजर आ रहे थे तब उन्होंने शादाब खान (22 रन देकर एक) की गेंद हवा में लहराकर आसान कैच थमा दिया।


इससे रन गति फिर धीमी पड़ गयी। भारत 15 ओवर में तिहरे अंक तक पहुंच पाया। भारत ने बीच के नौ ओवरों में 64 रन बनाये और पंत का विकेट गंवाया। उसने अंतिम पांच ओवरों में तीन विकेट के एवज में 51 रन जोड़े।


कोहली ने पाकिस्तान ने 45 गेंदों में अर्धशतक जमाया लेकिन छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे रविंद्र जडेजा (13 गेंदों पर 13) संघर्ष करते नजर आये। कोहली 19वें ओवर में आउट हुए और इस तरह से पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप में लगातार चौथी पारी में नाबाद नहीं रह पाये। हार्दिक पंड्या भी 11 रन बना पाये।







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भारत पर जीत के जश्न में पाकिस्तान में जमकर हुई आतिशबाजी, सड़कों पर उतरे प्रशंसक

कराची : आईसीसी विश्व कप में भारत के खिलाफ 12 मैचों की हार का सिलसिला टूटने के बाद पाकिस्तान के क्रिकेटप्रेमी जश्न मनाने सड़कों पर उतर आये और पूरे देश में जमकर आतिशबाजी हुई। पाकिस्तान ने दुबई में टी20 विश्व कप के पहले मैच में भारत को दस विकेट से हराया। खुशी में सराबोर प्रशंसकों ने कराची में कार के हॉर्न बजाये और पटाखे छोड़े। यहां सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी और कोरोना प्रतिबंधों में रियायतों के बाद होटलों में भी मैच के प्रसारण का बंदोबस्त था।


कुछ जगहों पर पुलिस ने जीत के जश्न में हवाई फायरिंग की घटनायें भी दर्ज की है। प्रधानमंत्री और विश्व कप 1992 विजेता पूर्व कप्तान इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्तानी टीम और खासकर बाबर आजम को बधाई जिसने मोर्चे से अगुवाई की। रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। देश को आप पर नाज है।’’ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट किया ,‘‘अलहमदुलिल्ला। यह पहली जीत है और सबसे यादगार भी। पाकिस्तानियों के लिये यह गर्व का पल जिसके लिये पूरी टीम को धन्यवाद। यह यादगार सफर की शुरूआत है।’’ पाकिस्तान के प्रशंसकों ने कार की खिड़कियों से झंडे लहराये। कॉलेज के छात्र फरहान ने कहा, ‘‘हमने भारत को विश्व कप में पहली बार हराया ही नहीं है बल्कि जिस अंदाज में हराया है, वह काबिले तारीफ है।’’ मैच से पहले कराची की सड़कों पर वीराना छाया था लेकिन मैच खत्म होते ही जलसा शुरू हो गया। सेना प्रमुख ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि देश को उन पर फख्र है। पूर्व टेस्ट स्पिनर इकबाल कासिम ने कहा, ‘‘मुझे लगा था कि पाकिस्तान यह मैच जीत सकता है लेकिन इस तरह एकतरफा जीत से हम हैरान है।’’ मुंबई पर आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध बंद है। पाकिस्तान ने 2012 में सीमित ओवरों की संक्षिप्त श्रृंखला के लिये भारत का दौरा किया लेकिन दोनों टीमों का सामना आईसीसी टूर्नामेंटों और एशिया कप में ही होता आया है।






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पुराने वाहन बेचने के लिए एनओसी की जरूरत को लेकर सीएससी, एनसीआरबी में करार

नई दिल्ली: पुराने वाहनों की बिक्री-खरीद के लिए अनिवार्य अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) अब पूरे भारत में चार लाख से अधिक सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) से उपलब्ध होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत एक एसपीवी सीएससी ने इस सेवा को पूरे भारत में उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के साथ करार किया है। यह सेवा नागरिकों को निकटतम सीएससी से एनओसी प्राप्त करने में मदद करेगी। एनसीआरबी ने राज्य सरकारों से डिजिटल सेवा पोर्टल के साथ सीसीटीएनएस सेवाओं को एकीकृत करने का अनुरोध किया है, ताकि इन्हें सीएससी के नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों के लिए वितरित और सुलभ बनाया जा सके। सीएससी उनके द्वारा संचालित समुदाय में इन सेवाओं के बारे में जागरूकता भी पैदा करेगा।


सीएससी एसपीवी के प्रबंध निदेशक डॉ. दिनेश त्यागी ने कहा, व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए पूर्व स्वामित्व वाले वाहनों के लिए एक बढ़ता हुआ बाजार है। गतिशीलता वाणिज्यिक और उद्यमशीलता गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीएससी का हमारा व्यापक नेटवर्क इस मांग का लाभ उठा सकता है और वाहन मालिकों को एनओसी प्रदान कर सकता है। नागरिक, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, इस साझेदारी से लाभान्वित हो सकते हैं, क्योंकि उन्हें एनसीआरबी कार्यालयों का दौरा करने के लिए लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी पड़ती है और वे अपने निकटतम सीएससी से एनओसी प्राप्त कर सकते हैं।


नागरिकों को इस सेवा का विस्तार करने के लिए, सीएससी डिजिटल सेवा पोर्टल अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) से संबंधित होगा। सीएससी वीएलई इस सेवा की वाहन मिलान सुविधा का उपयोग वाहन विवरण खोजने और पंजीकरण संख्या, चेसिस नंबर और इंजन नंबर प्रदान करके एनओसी उत्पन्न करने के लिए करेंगे।


वाहन एनओसी नागरिकों को पुरानी खरीद के लिए जाने से पहले वाहन की स्थिति का पता लगाने की अनुमति देगा। एनओसी प्रमाणपत्र से पता चलता है कि बिक्री के लिए वाहन किसी कारण से पुलिस रिकॉर्ड में है या नहीं।


स्वामित्व के हस्तांतरण से पहले आरटीओ द्वारा अनिवार्य रूप से एक एनओसी भी आवश्यक है। इस साझेदारी के साथ, नागरिक अपने निकटतम सीएससी पर जा सकते हैं और आरटीओ द्वारा आवश्यक एनओसी को आसानी से जनरेट और डाउनलोड कर सकते हैं।




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पांच दिनों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर

नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में उबाल के बीच सोमवार को घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पांच दिनों के बाद टिकाव रहा। रविवार को लगातार पांचवें दिन 35-35 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी की गयी थी जिसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.32 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। मुंबई में पेट्रोल 113.46 रुपये और डीजल 104.38 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल सबसे महंगा 116.26 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 105.64 रुपये प्रति लीटर पर, पटना में पेट्रोल 111.24 रुपये और डीजल 102.93 रुपये प्रति लीटर, बेंगलुरू में पेट्रोल 111.34 रुपये और डीजल 102.23 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। राँची में पेट्रोल के साथ ही डीजल भी शतक लगा चुका है। अब दोनों की कीमतों में मात्र 26 पैसे का अंतर रह गया है। पेट्रोल 101.89 रुपये और डीजल 101.63 रूपये प्रति लीटर पर है। दिल्ली एनसीआर के नोएडा में पेट्रोल 104.76 रुपये और डीजल 96.47 रुपये प्रति लीटर पर है। अभी देश के अधिकांश प्रमुख बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर चुकी है और डीजल भी शतक लगाने की ओर बढ़ रहा है। इस महीने में अब तक 25 दिनों में से 19 दिन इन दोनों की कीमतों में बढोतरी हुयी है। इस महीने में अब तक पेट्रोल 5.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 6.55 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सिंगापुर कच्चे तेल में कारोबार तेजी के साथ शुरू हुआ। ब्रेंट क्रूड तीन वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 86.24 डॉलर प्रति बैरल पर और अमेरिकी क्रूड 1.03 प्रतिशत चढ़कर अक्टूबर 2014 के बाद के सात वर्ष के उच्चतम स्तर 84.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.32 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नई कीमतें लागू की जाती हैं।


देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार रहे:


शहर का नाम--पेट्रोल (रुपये/लीटर)--(डीजल रुपये/लीटर)


दिल्ली----- 107.59------ 96.32

मुंबई------113.46------ 104.38

चेन्नई-----104.52 ------100.59

कोलकाता----108.11-------99.43




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चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में भावी पीढ़ियों को अब नहीं तोड़ना पड़ेगा दम : योगी

सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘एक जनपद एक मेडिकल कालेज’ योजना के तहत सिद्धार्थनगर सहित नौ जिलों में नये मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत को राज्य में चिकित्सा सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने की क्रांति का आगाज बताते हुए कहा कि इस पहल के बाद राज्य में चिकित्सा सेवाओं के अभाव में भावी पीढ़ियों को दम नहीं तोड़ना पड़ेगा।

श्री योगी ने सोमवार को इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। जब दुनिया कोरोना से त्रस्त है और विश्व की बड़ी ताकतें असहाय दिख रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को स्वदेशी वैक्सीन देकर सौ करोड़ लोगों को कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। यह देश के लिये गर्व की बात है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिद्धार्थनगर में रिमोट कंट्रोल द्वारा उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में एक एक मेडिकल कालेज का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार स्वास्थ्य सुरक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने की दूरगामी नीति बनाई गयी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नौ मेडिकल कॉलेजों की स्थापना इसी प्रयास का एक हिस्सा है। योगी ने कहा कि यह पहल उन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्हें बीते सात दशकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ना पड़ा था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब लोगों को भरोसा होगा कि भावी पीढ़ियों को कभी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दम नहीं तोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री का इस पहल के लिये हृदय से स्वागत करता हूं।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आजादी के समय तीन या चार मेडिकल कालेज थे। राज्य में 2016 तक महज 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज बन पाये थे। मगर अब प्रधानमंत्री के सौजन्य से राज्य में 30 मेडिकल खुल रहे हैं। नौ मेडिकल कालेज इसी योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद एक मेडिकल कालेज’ का संकल्प इस योजना को आगे बढ़ायेगी।

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उत्तर प्रदेश चुनाव: कांग्रेस ने 10 लाख रुपये तक का सरकारी इलाज मुफ्त कराने का वादा किया

लखनऊ :  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने सात वादे सार्वजनिक करने के कुछ दिन बाद सोमवार को ऐलान किया कि राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर लोगों का किसी भी बीमारी का 10 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त कराया जाएगा।


प्रियंका ने एक ट्वीट में कहा, "सस्ते व अच्छे इलाज के लिए घोषणापत्र समिति की सहमति से उप्र कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि सरकार बनने पर, कोई भी हो बीमारी, मुफ्त होगा 10 लाख रूपये तक का इलाज सरकारी।"


उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान और इस वक्त राज्य में जगह-जगह से आ रहीं बुखार फैलने की खबरों को लेकर सरकारी व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए इसी ट्वीट में कहा "कोरोना काल में और अभी प्रदेश में फैले बुखार में सरकारी उपेक्षा के चलते उप्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जर्जर हालत सबने देखी।"


इससे पहले, कांग्रेस के सत्ता में आने पर छात्राओं को स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक स्कूटी देने का वादा किया गया था। पिछली 23 अक्टूबर को प्रियंका ने बाराबंकी जिले से प्रतिज्ञा यात्राओं को हरी झंडी दिखाई थी।


इस मौके पर पार्टी ने 20 लाख लोगों को नौकरी देने, बिजली का बिल आधा करने और कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट से गुजर रहे परिवारों को 25-25 हजार रुपए की सहायता देने का ऐलान किया था।


पार्टी प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने की भी घोषणा कर चुकी है।








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कोविड-19 से मृत लोगों के परिजन को आर्थिक सहायता देने का फैसला देर से लिया गया : मायावती

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिजन को आर्थिक सहायता देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को बहुत देर से लिया गया निर्णय करार दिया।


मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया, ''उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से मृत लोगों के परिवार को आर्थिक सहायता देने का फैसला बहुत देरी से लिया गया है, जो काफी पहले ही करना चाहिए था, लेकिन लोगों को अब यह मदद जल्द से जल्द मिल जानी चाहिए। बसपा की यह मांग है।''


गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिजन को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया था। प्रदेश में कोविड-19 से अब तक 22,899 लोगों की मौत हो चुकी है।




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कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू में शाह से मुलाकात की

जम्मू : विस्थापित कश्मीरी पंडितों के तीन संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और कश्मीर घाटी में प्रधानमंत्री के विशेष भर्ती कार्यक्रम के तहत भर्ती किए गए समुदाय के प्रवासी कर्मचारियों के लिए दो बेडरूम के क्वार्टर के निर्माण के अलावा उनके लिए सुरक्षा और बीमा कवरेज की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल ने विस्थापितों के लिए एक शीर्ष समिति और एक कल्याण बोर्ड के गठन की भी मांग की।


अधिकारियों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रवक्ता और पूर्व विधायक जी एल रैना के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यहां राजभवन में शाह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य सचिव और अपनी पार्टी के नेता विजय बकाया, यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज (वाईएआईकेएस) के प्रमुख आर के भट्ट, ऑल इंडिया कश्मीरी समाज (एआईकेएस) के नेता ए के रैना और कश्मीरी पंडित सभा (केपीएस) के प्रमुख के के खोसा शामिल थे।


प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने घाटी में गैर प्रवासी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, दूर-दराज के क्षेत्रों से ऐसे कर्मचारियों को पास के सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने और उनके लिए एक व्यापक बीमा पैकेज की मांग की। घाटी में 2010 से अब तक प्रधानमंत्री के विशेष भर्ती पैकेज के तहत करीब 3,000 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है।


अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मंदिरों की सुरक्षा और कश्मीरी पंडितों के लिए एक कल्याण बोर्ड के गठन की भी मांग की।


शाह ने हाल में श्रीनगर में आतंकवादियों के हमले के शिकार शिक्षक दीपक चंद की पत्नी और भाई से भी मुलाकात की। केंद्रीय गृह मंत्री ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। शाह ने गुर्जर-बकरवाल और पहाड़ी समुदायों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की।





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प्रधानमंत्री ने किया नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में स्थानीय मेडिकल कॉलेज समेत कुल नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया।


मोदी ने सिद्धार्थनगर में बने मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ वहीं से एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर के मेडिकल कॉलेजों का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया। इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कुल 2,329 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।


इनमें से आठ मेडिकल कॉलेज केंद्र प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत किए गए हैं, जबकि जौनपुर में मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से तैयार कराया है।


मोदी ने लोकार्पण कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी तथा माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मॉडल को देखा। उन्होंने छायाचित्र प्रदर्शनी, बुद्ध का जीवन दृश्य एवं उत्खनित पुरास्थल कपिलवस्तु-एक झलक का अवलोकन भी किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। यह देश के किसी प्रधानमंत्री का सिद्धार्थनगर का पहला दौरा है।


सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में 'प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना' की शुरुआत करेंगे और वाराणसी के लिए 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।


राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पांच साल तक चलने वाली प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के लिए बजट में 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा 2021-2022 के केंद्रीय बजट में की गई थी। मोदी सोमवार को वाराणसी के मेहदीगंज में एक जनसभा के दौरान इस योजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।


प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार ने स्वस्थ भारत योजना के लिये चार-स्तरीय रणनीति बनाई है। जिसमें स्वच्छ भारत अभियान, योग, गर्भवती महिलाओं-बच्चों की समय पर देखभाल एवं उपचार जैसे उपायों सहित बीमारी की रोकथाम तथा स्वास्थ्य कल्याण को बढ़ावा देना है। साथ ही समाज के वंचित वर्ग के लोगों को सस्ता और प्रभावी इलाज मुहैया कराना और स्वास्थ्य अवसंरचना तथा स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की गुणवत्ता को बढ़ाना शामिल है।


इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना है।


प्रवक्ता के मुताबिक इस योजना में 17,788 ग्रामीण तथा 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विकास के लिये समर्थन प्रदान करने तथा सभी ज़िलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं 11 राज्यों में 3,382 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना करने के लक्ष्य शामिल हैं। इसके अलावा 602 ज़िलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में 'क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक' स्थापित करने में सहायता करना, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र तथा इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं एवं 20 महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मज़बूत करना भी इसका लक्ष्य है।




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केदारनाथ धाम ने ओढ़ी बर्फ की चादर

देहरादून : उत्तराखंड स्थित भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम में सोमवार भोर से हो रही बर्फबारी ने स्वच्छ, धवल चादर सरीखा रूप ले लिया है। बर्फबारी से हवाई सेवा पर प्रभावित हुई है। राहत बल यहां लगातार बर्फ हटाने का काम कर रहे हैं। देवस्थानम बोर्ड के प्रवक्ता डा0 हरीश गौड़ ने आज यहां बताया कि रविवार शाम श्री केदारनाथ धाम में बारिश के बाद बर्फबारी शुरू हुई। इससे धाम हेतु हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि हेलीपैड एवं रास्ते से बर्फ हटाई जा रही है। बेहद सर्द मौसम के बादवजूद चार धाम यात्रा जारी है। श्री गौड़ ने बताया कि ऋषिकेश चारधाम बस टर्मिनल एवं हरिद्वार बस अड्डे से तीर्थयात्री चारधाम को लगातार प्रस्थान कर रहे हैं। ऋषिकेश में विभिन्न विभागों यथा- देवस्थानम बोर्ड एवं यात्रा प्रशासन संगठन सहित पुलिस, चिकित्सा- स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन, नगर निगम, संयुक्त रोटेशन के हेल्प डेस्क यात्रियों की सहायता मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिये सड़क मार्ग सुचारू है। 






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कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया

गुवाहाटी : कांग्रेस ने रविवार को चुनाव आयोग के पास एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 30 अक्टूबर को पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर आचार संहिता का खुले तौर पर उल्लंघन किया है।


चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि वे आरोपों की जांच कर रहे हैं।


कांग्रेस के राज्य के मुख्य प्रवक्ता बोबीता शर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी नितिन खाड़े को एक ज्ञापन सौंपा गया था और पार्टी के पास कई वीडियो सबूत हैं जो सरमा की नई घोषणाओं को दिखाते हैं।


कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सीईओ को लिखे पत्र में कहा कि सरमा ने मरियानी के 40 चाय बागानों के लिए कई नई घोषणाएं की हैं, प्रत्येक बगीचे के लिए 1 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ, इस प्रकार 40 करोड़ रुपये जुटाने का वादा किया है।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक चाय बागान को जल जीवन मिशन में शामिल करने, बागानों में 10 नए हाई स्कूल, महिला चाय श्रमिकों के स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और चाय बागानों के आकस्मिक मजदूरों को मनरेगा योजना में शामिल करने का भी वादा किया।


शिकायत में कहा गया है कि सरमा ने थावरा विधानसभा सीट पर एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए निर्वाचन क्षेत्र में नदियों पर दो पुल बनाने की भी घोषणा की।


बोरा ने अपने पत्र में कहा, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि यदि कोई मौजूदा विपक्षी विधायक भाजपा में शामिल होता है तो वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं देंगे। यह भारत के संविधान के सिद्धांतों का एक चौंकाने वाला उल्लंघन है। हर विधायक, चाहे वह सत्ता में हो या विपक्ष में, अपना विकास कोष पाने का हकदार है।


गोसाईगांव, तामुलपुर, मरियानी, थौरा और भवानीपुर में 30 अक्टूबर को उपचुनाव होगा। ये सीटें इसलिए खाली हुईं, क्योंकि युनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के दो मौजूदा विधायकों का कोविड से निधन हो गया था, जबकि कांग्रेस के दो और ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के एक विधायक विधानसभा की सदस्यता छोड़ने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे।






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तेजप्रताप ने लालू प्रसाद को उनके सरकारी आवास पर आने के लिए किया मजबूर

पटना : राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आने के बाद उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने रविवार रात पटना में सियासी ड्रामा शुरू किया।


वह अपने सरकारी आवास पर डेढ़ घंटे तक धरने पर बैठे रहे और लालू प्रसाद को कम से कम दो मिनट के लिए अपने आवास पर आने और आशीर्वाद देने के लिए मजबूर किया।


लालू प्रसाद अपनी पत्नी राबड़ी देवी के साथ आखिरकार उनकी मांग को पूरा करने के लिए तेज प्रताप यादव के आवास पर गए।


लालू प्रसाद के घर पहुंचने के बाद तेज प्रताप ने उनके पैर धोए और अपने पिता का आशीर्वाद लिया।


राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास के गेट पर सारा ड्रामा शुरू हुआ।


लालू प्रसाद का काफिला 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में गया।


तेजप्रताप यादव जब आवास में प्रवास करने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें नहीं जाने दिया गया। वह तुरंत मीडियाकर्मियों के पास गए और आरोप लगाया कि जगदानंद सिंह, सुनील सिंह, संजय यादव जैसे नेताओं ने उन्हें आवास में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि उनके पास आरएसएस की विचारधारा है और पहले भी वो लालू प्रसाद को बंदी बनाने के लिए जिम्मेदार रहे हैं।


वह सीधे अपने सरकारी आवास पर गए और लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के आने तक धरने पर बैठे रहे।


लालू प्रसाद वहां करीब 10 मिनट रुके और राबड़ी देवी के घर लौट गए।


तेज प्रताप ने कहा, मैंने लालू प्रसाद के उनके आवास पर आने के बाद आधी लड़ाई जीत ली है। यह उन लोगों के लिए एक जोरदार थप्पड़ है जिन्होंने दिल्ली में लालू प्रसाद को बंदी बनाया था। मैं राजद से तब तक दूर रहूंगा जब तक जगदानंद सिंह जैसे नेता पार्टी से बाहर नहीं निकलेंगे। 








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राजनाथ सिंह के करीबी, बीजेपी नेता ने कानून की उड़ाई धज्जियाँ

गाज़ियाबाद : स्मिता यादव: वसुंधरा आवास विकास कॉलोनी में बीजीपी नेता ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद् अधिनियम-1965 कानून की उस धारा की धज्जियाँ उड़ा रहें है जिसके आधार पर आवास एवं विकास परिषद् द्वारा नेता जी के एक आवासीय प्लाट में दूसरे प्लाट को मर्ज़ कर मानचित्र के विपरीत भव्य ईमारत के हो रहे अवैध निर्माण को सील/ध्वस्तीकरण/ और एफ.आई.आर दर्ज कराई गई थी।


पहली बार 06/04/21 को नेता जी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें सात दिन में निर्माण, जो प्लाट में प्रथम तल की छत अवैध डाली गई है हटाने की चेतावनी दी गई थी। और आज चार मंजिला ईमारत का ढांचा तेयार हो चुका है कागज़ी कार्यवाही के पूरा होने के साथ, बिल्डिंग का निर्माण भी पूरी हो जायेगा। 


कारण बताओ नोटिस का जवाब नही देने और निर्माण न हटानें के बाद दिनांक 17/05/20 को सक्षम अधिकारी द्वारा ध्वस्तीकरण अवैध निर्माण को गिराने का आदेश किया गया था।


अवैध निर्माण कार्य नही रुकने पर सक्षम अधिकारी द्वारा सहायक अभियन्ता व प्रभारी को 24/07/21 को निर्माण व उससे सम्बंद्ध सुविधा को सील एवं सम्बंधित प्रभारी निरीक्षक को निगरानी के आदेश देने का आदेश पारित किया था। 


अब शायद बीजेपी नेता के अवैध निर्माण की निगरानी पुलिस कर रही है जिससे कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए बिल्डिंग में और तेज़ी से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है। हलाकि सील नोटिस में स्थानीय पुलिस द्वारा उक्त परिसर को पुलिस अभिरक्षा में लेने की बात कही गई है। देखना यह है कि जिम्मेदारी किसकी है। इसके बाद एफ.आई.आर भी की गई है लेकिन अवैध निर्माण को नही रोका गया। 


आवास विकास से सम्बंधित अधिकारी ने कहा कि उक्त प्रकरण में सम्बंधित एक्ट के अनुसार कार्यवाही पूरी हो चुकी हैं जिला प्रशासन से प्रशासनिक सहयोग / पुलिस बल हेतु अनुरोध किया गया है जैसे ही इस मामले में मजिस्ट्रेट नियुक्त किये जायेगे तो कार्रवाही की जाएगी। 


अखिल भारतीय उपभोक्ता परिषद् के महामंत्री एवं उपभोक्ता जनघोष मैगज़ीन के संपादक जाने आलम (जानू चौधरी) ने बताया कि उक्त मामले में आवास विकास परिषद् द्वारा कागज़ी कार्यवाही होती रही है सील/नोटिस में इस परिसर को पुलिस अभिरक्षा में लेने की बात कही गई है तो उक्त परिसर में कोई गतिविधि न हो यह पुलिस की जिम्मेदारी बनती है। आवास विकास परिषद् के अधिकारीयों ने कागज़ी कार्यवाही तो की है लेकिन अगर चाहते तो यह अवैध निर्माण नही हो पाता। क्योकि जिस कानून के तहत सील एवं ध्वस्तीकरण की शक्ति अधिकारीयों को मिलती है वही कानून अवैध निर्माण को रुकवाने की शक्ति भी देता है और मुझे लगता है कि अवैध निर्माण को रुकवाने के लिए किसी मजिस्ट्रेट की जरुरत नही है ध्वस्तीकरण के लिए मजिस्ट्रेट का होना जरुरी है। जानू चौधरी ने कहा कि जिलाधिकारी महोदय को मजिस्ट्रेट नियुक्ति में देरी से सम्बंधित पत्र लिखूंगा फिर शायद न्यायालय ही एक मात्र रास्ता बचेगा।


  



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कर्नाटक में पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल फिर से खुले

बेंगलुरु :  कर्नाटक में कोविड-19 से संबंधित एहतियात और दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए सोमवार से पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल फिर से खुल गए।


आधिकारिक सूत्रों ने बताया, हालांकि शहर में तथा राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई निजी स्कूलों ने दीपावली के बाद छात्रों के लिए स्कूल फिर से खोलने का फैसला किया है। कई स्कूलों ने छात्रों का स्वागत करने के लिए परिसरों और कक्षाओं को सजाकर विशेष इंतजाम किए।


चौथी कक्षा के एक छात्र ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ''मुझे स्कूल वापस आकर खुशी हो रही है। मैं अपने दोस्तों को याद करता था क्योंकि मैं घर से बमुश्किल बाहर निकलता था और स्कूल भी नहीं जा पाता था। तब से मैं शिक्षकों को मोबाइल या लैपटॉप पर पढ़ाते हुए देखता था लेकिन अब मैं उन्हें आमने-सामने देख सकता हूं।''


एक शिक्षक ने कहा कि स्कूलों ने सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी आवश्यक बंदोबस्त किए हैं और उन्हें फिर से छात्रों को स्कूल में देखकर खुशी हुई।


कोरोना वायरस के मामले घटने पर कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति से विचार विमर्श कर 18 अक्टूबर को पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए 25 अक्टूबर से फिर से स्कूलों को खोलने का फैसला किया था।


स्कूल आने के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लाना आवश्यक है। सरकार ने प्रवेश द्वार पर कोविड-19 के लक्षणों की जांच, कक्षाओं में 50 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, सैनिटाइजर की व्यवस्था, कम से कम एक मीटर की दूरी, खासतौर से स्कूल में प्रवेश करने और बाहर जाने पर कोई भीड़भाड़ नहीं तथा कक्षाओं में रोगाणुनाशकों का छिड़काव करने जैसे कई नियम बनाए हैं।


सरकार ने कहा था कि कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके शिक्षकों और कर्मियों को ही कक्षाओं में आने की अनुमति दी जाएगी। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने हाल में कहा था कि पहले हफ्ते एक दिन में केवल आधे दिन ही कक्षाएं होंगी और उन्होंने अभिभावकों से बिना किसी डर के बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी।


सरकार ने छठी से आठवीं कक्षाओं के छात्रों के लिए छह सितंबर और नौवीं और 12वीं कक्षाओं के छात्रों के लिए 23 अगस्त से स्कूल फिर से खोल दिए थे।

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नजरअंदाज न करें कान का दर्द

कान के मध्य में होने वाली सूजन या मध्य कान के संक्रमण को मध्यकर्ण संक्रमण कहते हैं। यह सर्दी और नाक में संक्रमण का बढ़ा हुआ रूप है। बच्चों का बड़ों की अपेक्षा सिर का आयतन व आकार छोटा होता है, जिसके कारण नाक और कान नजदीक होते हैं। इससे बच्चों को सर्दी जल्दी होती है, जिससे कानों में संक्रमण फैल जाता है। हालांकि कान के संक्रमण से बचने के लिए बच्चों को किसी भी प्रकार का टीका नहीं लगाया जाता है।


संक्रमण के प्रकार...


एक्यूट ओटाइटिस मीडिया:- तीन सप्ताह से कम समय में ठीक हो जाए।


क्रॉनिक ओटाइटिस मीडिया:- जो छह सप्ताह से ज्यादा चले और बार-बार कान से तरल या मवाद का स्राव हो।


कान की हड्डी में संक्रमण:- ये लंबे समय तक होता है, जिससे कान की हड्डी में संक्रमण फैल जाता है। इससे कान में सुराख बन जाता है और मवाद बहने लगता है। जो ऑपरेशन के बाद ही ठीक होता है।


पैरेंट्स कैसे रखें खयाल:- बच्चे को सर्दी है तो पैरेंट्स ध्यान दें। अगर सर्दी ज्यादा दिन तक है तो बच्चे को तुरंत चिकित्सक या शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। बिना लापरवाही के पूरे समय बच्चे को निगरानी में रखें। इसके अलावा यदि बच्चे को सुनने में समस्या है तो चिकित्सक से परामर्श लेकर कान की जांच कराएं।


लक्षण...


-सर्दी के बाद कान में दर्द होना


-छोटे बच्चों का दर्द से रात में बार-बार रोना


-लंबे समय तक संक्रमण से परदे में छेद होना, फिर कान का बहना शुरू होना


-बुखार भी हो सकता है।


उपाय...


-बच्चे को सर्दी से बचाएं


-एलर्जी और खान-पान पर विशेष ध्यान दें


-बच्चों को वातावरण के अनुसार रखें


-प्रदूषण, खासतौर पर वायु प्रदूषण से बचाएं


-एलर्जी की दवा दें


-आवश्कतानुसार चिकित्सक से परामर्श लें।



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कमला हैरिस के 'अभूतपूर्व' उदय को बताती अमेरिका के भारतीय पत्रकार की नयी किताब

वाशिंगटन : वाशिंगटन के एक भारतीय पत्रकार और लेखक ने कमला हैरिस के पहली महिला उपराष्ट्रपति बनने और कई वर्जनाओं को तोड़ते हुए इस प्रक्रिया में उनके ''अभूतपूर्व'' उदय का वर्णन करती अपनी एक नयी किताब में उनके कुछ अनछुए तथ्यों को उजागर करने का प्रयास किया है।


उदाहरण के लिए हैरिस का पूरा नाम कमला देवी हैरिस है और उनके नाम के मध्य में 'देवी' कैसे आया क्योंकि जब वह पैदा हुई थीं तो उनके जन्म प्रमाण पत्र में ''अय्यर'' उपनाम जुड़ा था। लेखक चिदानंद राजघट्टा ने अपनी पुस्तक ''कमला हैरिस : फेनोमेनल वुमन'' में ऐसी ही दिलचस्प बातों का खुलासा किया है। यह किताब इस महीने के आखिर में लोगों के बीच आएगी।


लेखक लिखते हैं कि जब कमला छोटी थीं तो कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में हैरिस के माता-पिता करीबी मित्रों में अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समकालीन लॉर्ड मेघनाद देसाई, अमर्त्य सेन और अजीत सिंह थे।


हैरिस (57) का जन्म 20 अक्टूबर 1964 को कैलिफोर्निया के ओकलैंड में हुआ था। उनकी मां श्यामला गोपालन एक पारंपरिक तमिल ब्राह्मण परिवार से थीं। वह 19 साल की उम्र में 1958 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पोषण और एंडोक्रायोनोलॉजी का अध्ययन करने के लिए भारत से अमेरिका आ गयी । यहीं पर उनकी मुलाकात हैरिस के पिता डोनाल्ड हैरिस से हुई, जो ब्रिटिश जमैका के एक अफ्रीकी मूल के अमेरिकी थे।


हार्पर कोलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित पुस्तक में राजघट्टा लिखते हैं कि हैरिस जब छोटी थीं तब डोनाल्ड ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में फेलोशिप के तहत पढ़ाई की।


पुस्तक हैरिस की मां के परिचय से शुरू होती है। लेखक के पिता लगभग उसी समय अमेरिका आए थे जब श्यामला गोपालन यहां आई थीं। राजघट्टा के पिता ने कंसास राज्य में कृषि और डेयरी विज्ञान का अध्ययन किया। लेखक ने बताया कि कहानी इतनी दिलचस्प थी कि हैरिस के बड़े होने, उनके जीवन और करियर का बयां करने में यह लंबी कथा बनती गई।


राजघट्टा ने कहा, ''यह एक प्रकार की जीवनी है, लेकिन व्यापक दायरे में यह भारतवंशी-अमेरिकी समुदाय के इतिहास की पड़ताल करती है (जिनमें मिश्रित नस्ल के बच्चों में एक मैं भी हूं) और अश्वेत अमेरिकियों के साथ भारत के संबंध, जिसमें जॉर्ज वॉशिंगटन कार्वर, बुकर वाशिंगटन, और वेब डुबॉइस और महात्मा गांधी जैसे अश्वेत कार्यकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान शामिल है। महात्मा गांधी के सहयोगी मेडेलीन स्लेड (मीराबाई) और चार्ली एंड्रयूज ने हावर्ड में व्याख्यान दिया, जिसने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के पूर्व के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता की पीढ़ी को प्रभावित किया।''


तीन सौ से अधिक पृष्ठों वाली यह पुस्तक मताधिकार आंदोलन और महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रभुत्व में आने वाली बाधाओं को भी दर्शाती है। राजघट्टा ने किताब में लिखा है, ''कमला के लिए खाना बनाना थेरेपी और कला दोनों है।''


वह लिखते हैं, ''इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम पाक कला के साथ कमला के जुड़ाव की व्याख्या कैसे करते हैं, उनके उदय ने भारत के कुछ सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले खाद्य पदार्थों को ऐतिहासिक राजनीतिक परिदृश्य और मौखिक संस्कृति में शामिल किया है। इनमें से कुछ हैं, जैसे इडली और डोसा और भिंडी को दो तरह से पकाया जाता है जो कमला के बचपन की यादें रही हैं।''


लेखक विदेशी संपादक और द टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में यूएस ब्यूरो के प्रमुख हैं, वह पुस्तक में लिखते हैं, ''सारे सबूत बताते हैं कि कमला अमेरिकी इतिहास की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली नेता होंगी।




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रिलायंस का हरित ऊर्जा कारोबार ले रहा है आकार, कर-पूर्व लाभ में 10% योगदान देगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली : मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) ने अपने हरित ऊर्जा कारोबार को आकार देने के लिए सौर, बैटरी और हाइड्रोजन क्षेत्र में निवेश की खातिर कई भागीदारियां की हैं। इनका अगले पांच साल में कंपनी के पूर्व-कर लाभ में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान रह सकता है। एक रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है।


गौरतलब है कि कंपनी ने आरईसी, नेक्सवेफ, स्टर्लिंग एंड विल्सन, स्टिसाल और अंबरी के साथ 1.2 अरब डॉलर की कुल लागत वाली साझेदारियों की घोषणा की है।


ब्रोकरेज कंपनी बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा है, "इन निवेश के साथ रिलायंस ने सौर, बैटरी और हाइड्रोजन के माध्यम से पूरी तरह से एकीकृत एंड-टू-एंड नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण शुरू करने के लिए विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी संबंधी पोर्टफोलियो हासिल कर लिया है।"


इसमें कहा गया, "रिलायंस अधिग्रहण की गयी प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण करेगी और भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी।"


साथ ही कहा गया कि उम्मीद है कि रिलायंस स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए ईंधन सेल और प्रमुख सामग्री जैसी प्रौद्योगिकी में निवेश करना जारी रखेगी।


रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि नवीन ऊर्जा कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 तक आरआईएल के ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) में करीब 10 प्रतिशत योगदान देगा।






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भारत बांड ईटीएफ से दिसंबर तक 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है सरकार

नई दिल्ली : सरकार भारत बांड ईटीएफ की अगली किस्त दिसंबर तक ला सकती है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।


अधिकारी ने बताया कि सरकार भारत बांड ईटीएफ से दिसंबर तक 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इस राशि का इस्तेमाल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) की वृद्धि की योजना में किया जाएगा।


अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की कोष की जरूरत का आकलन किया जा रहा है और एक्सचेंज ट्रेडेड कोष (ईटीएफ) की तीसरी किस्त को चालू कैलेंडर वर्ष के अंत से पहले पेश किया जाएगा।


उन्होंने कहा, ''अभी हम इस राशि को अंतिम रूप दे रहे हैं। लेकिन यह 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।''


भारत बांड ईटीएफ एक एक्सचेंज ट्रेडेड कोष है जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बांड में निवेश करता है। ईटीएफ फिलहाल सिर्फ 'एएए' रेटिंग वाले बांड में निवेश करता है।


ईटीएफ के जरिये जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सीपीएसई या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज जुटाने की योजना में होता है। इससे उनकी पूंजीगत व्यय की जरूरत को भी पूरा किया जाता है।




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आगरा के एसएसपी और अयोध्या के डीएम का हुआ तबादला

लखनऊ : योगी आदित्यनाथ सरकार ने शनिवार देर रात राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 10 अधिकारियों का तबादला कर दिया।


जिन लोगों को स्थानांतरित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट अनुज कुमार झा, जिन्हें प्रतीक्षा में रखा गया है, जबकि उनकी जगह आईएएस नीतीश कुमार को लिया गया है।


अनुज झा का निष्कासन होना आश्चर्य की बात है क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पसंदीदा अधिकारी माना जाता था।


एक और महत्वपूर्ण तबादला एसएसपी आगरा मुनिराज जी का है, जिनका शनिवार रात लखनऊ में राज्य चुनाव प्रकोष्ठ में तबादला कर दिया गया।


मुनिराज जी का स्थानांतरण दलित सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि की कथित हिरासत में मौत के तीन दिन बाद हुआ है, जिस पर पुलिस स्ट्रांग रूम से 25 लाख रुपये चोरी करने का आरोप था और कथित तौर पर पुलिस पूछताछ के बाद उसकी मौत हो गई थी।


मंगलवार की रात वाल्मीकि की मौत के बाद, पुलिस चौकी प्रभारी और अपराध शाखा के एक निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत अज्ञात पुलिस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।


मुनिराज की जगह आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है।


इस बीच राज्य सरकार ने कई अन्य आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है।


सत्येंद्र कुमार का तबादला महोबा से महाराजगंज किया गया है और अब तक विशेष सचिव की नियुक्ति के लिए संजय कुमार सिंह को फरु र्खाबाद का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। फरुर्खाबाद के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को भी इसी पद पर बरेली स्थानांतरित किया गया है।


जिलाधिकारी महराजगंज उज्जवल कुमार को भी प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। रवींद्र कुमार को बुलंदशहर से हटाकर झांसी का नया जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।


चंद्र प्रकाश सिंह को कासगंज से बुलंदशहर नया जिलाधिकारी बनाया गया है।


हर्षिता माथुर को बुलंदशहर विकास प्राधिकरण से कासगंज भेजा गया है जबकि मनोज कुमार, विशेष सचिव पर्यटन को महोबा का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।


नेहा प्रकाश को जिलाधिकारी, श्रावस्ती बनाया गया है और टी के शिबू को श्रावस्ती से हटाकर सोनभद्र नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

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पहले धारणा बन गई थी कि सेना व पुलिस जैसी सेवाएं केवल पुरुषों के लिए ही होती हैं : मोदी

नई दिल्ली :  महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में वृद्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।


प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर प्रसारित मासिक कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की ताजा कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए उम्मीद जताई कि आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और देश की पुलिस सेवा की नई पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी।


उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह धारणा बन गई थी कि सेना और पुलिस जैसी सेवा केवल पुरुषों के लिए ही होती है। लेकिन आज ऐसा नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या अब 2.15 लाख तक पहुंच गई है।’’


ज्ञात हो कि मोदी 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे।


उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों में भी पिछले सात सालों में महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है और आज देश की बेटियां कठिन से कठिन कर्तव्य भी पूरी ताकत और हौसले से पूरा कर रही हैं।


इस क्रम में उन्होंने सबसे कठिन माने जाने वाले प्रशिक्षणों में एक विशिष्ट जंगल युद्ध कमांडो के प्रशिक्षण का उल्लेख किया और कहा कि आगे जाकर यह प्रशिक्षित बेटियां कोबरा बटालियन का हिस्सा बनेंगी।


उन्होंने कहा कि आज हवाई अड्डों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक या सरकारी दफ्तरों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की जांबाज महिलाएं हर संवेदनशील जगह की सुरक्षा करते दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसका सबसे सकारात्मक असर हमारे पुलिस बल के साथ-साथ समाज के मनोबल पर भी पड़ रहा है। महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से लोगों में, विशेषकर महिलाओं में सहज ही एक विश्वास पैदा होता है। वे उनसे स्वाभाविक रूप से खुद को जुड़ा महसूस करती हैं। महिलाओं की संवेदनशीलता की वजह से भी लोग उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं।’’


प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी आज देश की लाखों और बेटियों के लिए भी आदर्श बन रही हैं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया कि वे स्कूलों के खुलने के बाद अपने क्षेत्रों के स्कूलों में जाएं और बच्चियों से बात करें।


उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इस बातचीत से हमारी नई पीढ़ी को एक नई दिशा मिलेगी। यही नहीं, इससे पुलिस पर जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।’’


प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और पुलिस सेवा की भावी पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी।


अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वैश्विक संस्था का एक अनोखा पहलू यह भी है कि उसका प्रभाव और उसकी शक्ति बढ़ाने में भारत की नारी शक्ति ने बड़ी भूमिका निभाई है।


इस कड़ी में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि रहीं हंसा मेहता और लक्ष्मी मेनन का उल्लेख किया और कहा कि लैंगिक समानता के लिए उन्होंने पुरजोर आवाज उठाई। उन्होंने विजया लक्ष्मी पंडित के संयुक्त राष्ट्र आम सभा की पहली महिला अध्यक्ष बनने का भी जिक्र किया।






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आशीष मिश्रा को डेंगू, अस्पताल में भर्ती

लखीमपुर खीरी (यूपी) :  केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे और लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा कथित तौर पर डेंगू से पीड़ित हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


सूत्रों के मुताबिक आशीष की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जेल से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।


शुक्रवार को पुलिस रिमांड पर लिए गए आशीष ने बुखार की शिकायत की थी और शनिवार को उनकी ब्लड रिपोर्ट में डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी।


शनिवार रात 10 बजे हालत बिगड़ने पर उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों का विरोध करने पर कथित तौर पर अपनी कार चलाने के बाद भड़की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।


लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया था, जब केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे एक समूह ने यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ 3 अक्टूबर को प्रदर्शन किया था।


इस बीच, मामले के सिलसिले में शनिवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 13 हो गई।

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यूपी: किसानो पर मंत्री का बयान हुआ वायरल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मंत्री आए दिन विवादों में घिरे रहते हैं। राज्य के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने दावा किया था कि 95 प्रतिशत लोग ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से अप्रभावित हैं, अब मंत्री मनोहर लाल उर्फ मुन्नू कोरी हैं जो लोगों को यह कहते हुए कैमरे में कैद हो गए हैं कि वोट देना हो तो दो, वर्ना ना दो।


यह घटना उस समय हुई जब मंत्री शनिवार को एक उर्वरक वितरण केंद्र पहुंचे और इंतजार कर रहे किसानों के साथ उनका झगड़ा हो गया। किसानों ने मंत्री से पूछा कि उन्हें खाद से वंचित क्यों किया जा रहा है।


मंत्री की फटकार का एक वीडियो क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


ललितपुर जिले में शुक्रवार की शाम लगातार दो दिन खाद के लिए कतार में लगने से एक किसान की मौत हो गयी थी।






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गोरखपुर सीट के लिए बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को पन्ना प्रमुख नियुक्त किया

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोरखपुर विधानसभा सीट के लिए गोरखनाथ क्षेत्र में बूथ संख्या 246 के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पन्ना प्रमुख नियुक्त किया है।


पन्ना प्रमुख एक पार्टी कार्यकर्ता/नेता हैं, जिन्हें एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची का एक पृष्ठ दिया जाता है और उनसे पृष्ठ में नामित सभी मतदाताओं से संपर्क करने की उम्मीद की जाती है।


पार्टी ने गोरखपुर शहर की शहरी और ग्रामीण (आंशिक) विधानसभा सीटों के 13,800 बूथों पर 13,100 पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति की है।


गोरखपुर सदर विधानसभा सीट के बूथ संख्या 350 के लिए पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और सांसद शिव प्रताप शुक्ला और विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल को भी पन्ना प्रमुख नियुक्त किया गया है।


नगर भाजपा अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा, पार्टी पदाधिकारियों और सरकार में बैठे लोगों को भी पन्ना प्रमुख बनाया गया है। इस प्रणाली का प्रयोग पहली बार गुजरात विधानसभा चुनाव में किया गया था और परिणाम अच्छे रहे थे। उसके बाद, पन्ना प्रमुख प्रणाली का उपयोग किया गया है। कई अन्य राज्यों में और वहां भी पार्टी को सफलता मिली।


पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि पन्ना प्रमुख के रूप में योगी आदित्यनाथ की नियुक्ति ने संकेत दिया कि भाजपा में हर कोई अनिवार्य रूप से एक पार्टी कार्यकर्ता है और वरिष्ठ पद पर रहने का मतलब यह नहीं है कि वह अन्य कार्यकर्ताओं से ऊपर था।



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शाहजहांपुर में मामूली विवाद में व्यवसायी की गोली मारकर हत्या

शाहजहांपुर : जिले में एक ढाबे पर मामूली कहासुनी के बाद एक व्यक्ति ने सीमेंट व्यवसायी की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने रविवार को बताया कि थाना कोतवाली अंतर्गत केरूगंज स्थित एक ढाबे पर शनिवार देर रात मनीष कुमार (35) अपने दोस्त के साथ गए और ढाबे के बाहर बैठकर खाना खा रहे थे। इसी बीच ढाबे के अंदर से दो व्यक्ति निकले जिनसे मनीष की मामूली कहासुनी हो गई।


उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी रूबल यादव ने तमंचे से मनीष के गोली मार दी। इस घटना के बाद मनीष को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


उन्होंने बताया कि पुलिस ने रात में ही आरोपी रूबल यादव तथा मोहब्बत अली को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।





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पाकिस्तान सरकार आईएमएफ की मांग पूरी करने को कृषि आय पर कर लगाने की सोच रही

नई दिल्ली :  पाकिस्तान सरकार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मांग को पूरा करने के लिए कृषि आय पर संघीय कर लगाने पर विचार कर रही है और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह संविधान में संशोधन के बिना संभव है।


प्रस्ताव पर पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच चर्चा हो चुकी है और कानूनी संशोधन का मसौदा भी तैयार कर लिया गया है।


पाकिस्तान के कर अधिकारियों ने आईएमएफ को बताया है कि चौथे टैक्स कानून संशोधन अध्यादेश में कानूनी संशोधन पेश किया जा सकता है।


सूत्रों ने बताया कि समीक्षा वार्ता के दौरान आईएमएफ की एक बड़ी मांग कृषि क्षेत्र को संघीय कर के दायरे में लाने की थी।


हालांकि, दोनों पक्ष आर्थिक नीतियों के लिए ज्ञापन (एमईएफपी) पर सहमत नहीं हो पाए।


संघीय कानून और न्याय मंत्री फारोग नसीम ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, संविधान संशोधन के बिना कृषि आय को संघीय कर के दायरे में लाया जा सकता है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) के अध्यक्ष और वित्त सलाहकार पहले ही कानून मंत्री के साथ इस मुद्दे को उठा चुके हैं।


हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि देश में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान प्रस्ताव को मंजूरी देंगे या नहीं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि 1973 के संविधान के तहत, संघीय सरकार कृषि आय पर कर नहीं लगा सकती थी, क्योंकि मामला प्रांतीय क्षेत्र में आता था।


हालांकि, प्रांतीय सरकारें, समय के साथ, जमींदारों के प्रभाव के कारण इस मामले से बचती रहीं।


संघीय सरकार ने कानून मंत्रालय के परामर्श से एक समाधान खोजा है, जहां केवल 2001 के आयकर अध्यादेश में संशोधन करके कृषि आय पर संघीय आयकर लगाया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि कर अधिकारी आयकर कानून की धारा 41 में संशोधन करके कृषि आय की परिभाषा को केवल फसलों से होने वाली आय तक सीमित रखने पर विचार कर रहे हैं।





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