अजय देवगन ने शेयर किया 'मैदान' का नया पोस्टर

एक्‍टर अजय देवगन ने फुटबॉल कोच सैय्यद अब्दुल रहमान पर बनी अपनी आगामी फिल्‍म मैदान का एक दिल छू लेने वाला नया पोस्टर शेयर किया है। फिल्‍म का ट्रेलर 7 मार्च को रिलीज होगा।

अमित शर्मा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अजय ने 1952 से 1962 के दौरान भारतीय फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम की भूमिका निभाई है। उन्हें रहीम साब के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें आधुनिक भारतीय फुटबॉल का वास्तुकार भी कहा जाता है।

सोशल मीडिया पर अजय ने एक पोस्टर शेयर किया। जिसमें उन्‍हें युवाओं को गले लगाते हुए देखा जा सकता है। उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी नजर आ रहे हैं।

पोस्टर में विशाल भीड़ को टीम का हौसला बढ़ाते हुए दिखाया गया है। पोस्‍टर में पीछे तिरंगा लहराता दिख रहा है।

पोस्टर में टैगलाइन है एक आदमी, एक विश्वास, एक भावना और एक राष्ट्र।

हाल ही में फिल्म भोला में नजर आने वाले एक्‍टर ने पोस्टर को कैप्शन दिया, एक व्यक्ति, एक टीम, एक राष्ट्र और उस अटूट विश्वास का गवाह बनें जिसने फुटबॉल के इतिहास पर एक अविश्वसनीय छाप छोड़ी।

फिल्म का ट्रेलर 7 मार्च को रिलीज किया जाएगा। इसमें प्रियामणि, रुद्रनील घोष और गजराज राव भी हैं।

बोनी कपूर, आकाश चावला, अरुणव जॉय सेनगुप्ता और जी स्टूडियो द्वारा निर्मित यह फिल्‍म ईद 2024 पर रिलीज होने वाली है।




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शीशा तोड़ शॉट जड़ने के बाद घबरा गईं Ellyse Perry

महिला प्रीमियर लीग 2024 (WPL 2024) के 11वें मैच में आरसीबी टीम का सामना यूपी वॉरियर्स से हुआ। इस मैच में आरसीबी ने यूपी वॉरियर्स को 23 रन से हराया। इस मैच में आरसीबी टीम की स्टार खिलाड़ी एलिस पैरी ने ताबड़तोड़ बैटिंग कर विरोधी टीम के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।

एलिस (Ellyse Perry) ने 37 गेंदों का सामना करते हुए 58 रन बनाए। अपन पारी में पेरी ने मिडविकेट की ओर एक ऐसा लंबा छक्का जड़ा, जिसने बॉ ग्राइंड में बाउंड्रीरोप के बाहर खड़ी कार के शीशे को तोड़ दिया। कार का शीशा तोड़ने के बाद एलिस पैरी घबरा गई और मैच के बाद उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।

Ellyse Perry के करारे शॉट से टूट गया कार का शीशा

दरअसल, WPL 2024 में सोमवार को यूपी वॉरियर्स के खिलाफ आरसीबी टीम की स्टार खिलाड़ी एलिस पैरी (Ellyse Perry) ने 37 गेंदों पर 58 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी एक ऐसा छक्का लगाया, जिससे टाटा पंच EV कार का शीशा टूट गया। आरसीबी स्टार ने मैच के बाद मजाकिए अंदाज में कहा कि उनके पास तो कोई इंश्योरेंस भी नहीं हैं, जो मैं इसे कवर कर सकूं। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए उन्हें जैसे ही कार का शीशा टूटते हुए देखा तो वह घबरा गई थी।

पेरी ने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर 80 रन की साझेदारी की और आरसीबी की जीत में अहम योगदान दिया। आरसीबी स्टार ने मैच के बाद सबसे पहले बेंगलुरु में मैच देखने पहुंचे दर्शकों का धन्यवाद किया। पैरी ने कहा कि मेरा पहला रोल था कि मैं मंधाना को सपोर्ट करूं और मैं खुश थी की मैंने पारी के मिडिल में कुछ शानदार शॉट लगाए। देखिए, यहां खेले गए सभी खेल अद्भुत रहे हैं। यह बहुत अच्छा है कि काफी भारी संख्या में दर्शक हमें सपोर्ट करने आए। इस तरह का समर्थन पाना बहुत अच्छी बात है और हम बहुत भाग्यशाली हैं।


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योगी कैबिनेट की बैठक में लिए गए बड़े फैसले, किसानों के लिए मुआवजे से लेकर मेट्रो के सेकेंड फेज तक

लोकसभा चुनावों से पहले योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। मंगलवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों से लेकर मेट्रो तक के काम पर सरकार ने कई अहम फैसले लिए।

कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगी है...

1- किसानों को निजी नलकूपों से सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दिए जाने का फैसला। ग्रामीण क्षेत्र में 14.73 लाख, शहरी क्षेत्रों में 5188 नलकूप हैं। 1.5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। 1 अप्रैल 2023 से कोई बिल नहीं देना होगा। पहले के बकाए के लिए ओटीएस आयेगी। 2023-24 में बिजली माफ करने के लिए बजट।

ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी। 2023 में भारत सरकार ने मिशन बनाया। 2070 तक कार्बन उत्सर्जन जीरो करने का लक्ष्य। अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष एक मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन पैदा होगी। इस क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को 5045 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। पहले 5 उद्योगों को 40 प्रतिशत तक की छूट। एनर्जी बैंकिंग की भी सुविधा मिलेगी। इंट्रा स्टेट ट्रांसफर चार्ज पर 100 परसेंट की छूट। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट। सरकारी कंपनियों को एक रुपये प्रति एकड़ की दर पर लीज पर जमीन। निजी निवेशकों को 15000 रुपये प्रतिवर्ष की दर पर लीज।

3- एनटीपीसी के सहयोग से अनपरा में 800 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित करने के लिए मंजूरी। परियोजना की कुल लागत होगी 8624 करोड़ रुपये। 50 महीने में पहली यूनिट चालू होगी और उसके अगले 6 महीने में दूसरी यूनिट भी चालू होगी। इसमें राज्य सरकार और एनटीपीसी 30% धनराशि इक्विटी के जरिये लगाएंगे और 70 प्रतिशत धनराशि ऋण ली जाएगी।

4 - मातृभूमि अर्पण योजना को मंजूरी। विदेश में रहने वाले लोग अपने गांव या शहर में सामुदायिक उपयोग के लिए विकास कार्य करवा सकेंगे। 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार देगी, 60 प्रतिशत प्रवासी देगा। नगरीय विकास को मिलेगी मदद। सीएम इसकी गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन होंगे।

5 - कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। रिसर्च की भी सुविधा मिलेगी। दिसंबर 2026 तक विश्वविद्यालय तैयार होगा।

6 - प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों और रहमानखेड़ा, लखनऊ स्थित बागवानी संस्थान में एक-एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। वैल्यू एडिशन और रोजगार बढ़ाने के काम आएगा। 11.95 करोड़ रुपये एक इनक्यूबेशन सेंटर पर खर्च होगा।

7 - मक्का की खेती बढ़ाने के लिए त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम सभी जिलों में चलाया जाएगा। 4 साल में 146 करोड़ का खर्च होगा। 11 लाख मीट्रिक टन मक्का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। किसानों को बीज दिया जाएगा। साथ ही यंत्र भी दिया जायेगा।

8 - लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो रेल फेज 1बी परियोजना को मंजूरी। 11.865 किलोमीटर लंबी होगी। 30 जून 2027 तक पूरी होगी। 12 स्टेशन होंगे।

9 - बोडाकी मल्टी मॉडल हब परियोजना का विस्तार होगा।

10 - यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित इंटरनेशनल फिल्म सिटी के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर के माध्यम से बिडर के चयन पर मुहर।

11 - लखनऊ और उसके पड़ोसी जिलों को राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों का गठन अध्यादेश, 2024 को मंजूरी।

12 - निजी व्यक्तियों और संस्थाओं को नहीं आवंटित की जाएगी नजूल भूमि। सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सिर्फ सरकार कर सकेगी नजूल भूमि का उपयोग। नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने के लिए जिन लोगों ने पहले से धनराशि जमा की है उन्हें उनकी रकम ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी।

13 - आयुष डीजी पद को मंजूरी। सचिव स्तर के आईएएस अफसर को मिलेगी तैनाती। आयुष महानिदेशक के अधीन होंगे विभाग के तीनों निदेशालय और दोनों बोर्ड।

14 - पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज बनेगा। इसकी स्थापना के लिए नगर पालिका पीलीभीत की 4500 वर्ग मीटर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय।

15 - प्रयागराज में राज्य सरकार की ओर से अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए अतिथि गृह बनाया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में 10000 वर्ग मीटर नजूल भूमि राज्य संपत्ति विभाग को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।

16 - केजीएमयू में जनरल सर्जरी की नई बिल्डिंग बनेगी।


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स्मृति ईरानी ने फिर दे दिया खुला चैलेंज

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी ने अमेठी से ही पूर्व सांसद रहे राहुल गांधी को बड़ा चैलेंज दे दिया है.

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें खुद पर भरोसा है तो वो अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं. दरअसल स्मृति ईरानी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर गए हैं ,जबकि खुद स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर है। एक इंटरव्यू के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर राहुल गांधी को खुद पर भरोसा है तो वो वायानाड ना जाकर अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2019 में उन्होंने अमेठी को छोड़ दिया था और आज अमेठी ने उन्हें छोड़ दिया है।

वहीं सोनिया गांधी के राज्यसभा के रास्ते संसद जाने और प्रियंका गांधी के वहां से चुनाव लड़ने की चर्चाओ पर पूछे गए सवाल को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि वहां से कौन चुनाव लड़ेगा, यह पार्लियामेंट्री बोर्ड को तय करना है। मैंने आपको कुछ दिन पहले ही बता दिया था कि रायबरेली में भूचाल आने वाला है. किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि गांधी परिवार अपनी मर्जी से रायबरेली की सीट छोड़ देगा, यह हार का पहला संकेत है।

गौरतलब है कि अमेठी लोक सभा सीट लंबे वक्त तक कांग्रेस का गढ़ रही है. हालांकि साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को स्मृति ईरानी ने चुनावी पटखनी दी थी. इस चुनाव में स्मृति ईरानी ने तकरीबन 55,000 वोटो के मार्जिन से जीत हासिल की थी। इस चुनाव में 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस सिर्फ एक सीट ही हासिल कर सकी थी. वह सीट सोनिया गांधी की रायबरेली सीट थी. हालांकि राहुल गांधी ने वायनाड से भी चुनाव लड़ा था और वहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी.


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अंबानी फैमिली की लेडीज ने अपने रॉयल लुक से लूटी महफिल

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री वेडिंग फंक्शन खूब सुर्खियो में रहे. कपल की खुशियों में शामिल होने के लिए मनोरंजन, खेल, फैशन और व्यापार जगत से कई दिग्गज पहुंचे थे. तीन दिनों तक चला ये जश्न गुजरात के जामनगर में आयोजित किया गया और इसकी हर झलक काफी शाही थी.इवेंट के आखिरी दिन ‘हस्ताक्षर सेरेमनी’ होस्ट की गई थी. इस दौरान अंबानी फैमिली की सभी लेडिज लुक में बॉलीवुड हसीनाओं पर भी भारी पड़ीं.

होने वाले दूल्हे मियां अनंत अंबानी की मां नीता अंबानी बेटे के प्री वेडिंग फंक्शन में अपने रॉयल लुक से छाई रहीं.

प्री वेडिंग सेलिब्रेशन के आखिरी दिन हस्ताक्षर सेरेमनी पर नीता अंबानी ने मैचिंग ब्लाउज के साथ क्रीम और गोल्डन कलर की साड़ी पहनी थी जिस पर जरी की एम्ब्राइडरी की गई थी.स्कैलप्ड बॉर्डर ने इस साड़ी को और खूबसूरत बना दिया था.

नीता अंबानी ने क्रीम एंड गोल्डन साड़ी के साथ डायमंड एंड एमराल्ड नेकलेस पहना था और मैचिंग ईयरिंग्स भी पहने थे. उन्होने अपने बालों का जूड़ा बनाया था और बिंदी भी लगाई थी. इस लुक में नीता काफी खूबसूरत दिख रही थीं.

होने वाले दूल्हे मियां की बहन ईशा अंबानी भी कुछ कम नहीं लग रही थीं. ईशा ने भाई के स्पेशल डे पर डीप नेक वाले मैचिंग ब्लाउज के साथ सिल्वर कलर का हैवी एम्बेलिश्ड लहंगा पहना था. ईशा ने अपने दुपट्टे को कंधों पर केप स्टाइल में लिया था.

ईशा अंबानी ने डायमंड और एमराल्ड के नेकलेस के साथ मैचिंग ईयरिंग्स और मांग टीका भी लगाया हुआ था. उन्होंने अपने बालों को खुला छोड़ा था और मिनिमल मेकअप से अपना लुक कंप्लीट किया था. ईशा इस लुक में बेहद क्लासी लग रही थीं.

होने वाले दूल्हे अनंत की भाभी और आकाश अंबानी की पत्नी श्लोका महेता भी अपने लुक से काफी सुर्खियों में रही. इवेंट के आखिरी दिन अंबानी फैमिली की बड़ी बहू श्लोका ने मैचिंग दुपट्टे के साथ हैवी एम्बेलिश्ड मल्टीकलर का लहंगा पहना था.

श्लोका ने इस दौरान काफी हैवी डायमंड ज्वेलरी पहनी हुई थी जो उनके लुक को काफी खास बना रही थी. श्लोका ने मिनिमल मेकअप किया था और जूड़े के साथ अपना लुक कंप्लीट किया था.

अनंत की होने वाली दुल्हनिया राधिका मर्चेंट तो अपने लुक से पूरी महिफल लूटती हुई नजर आईं. राधिका ने पेस्टल कलर का हैवी एम्बेलिश्ड लहंगा पहना था और सिर पर दुप्पट्टा लिया हुआ था. राधिका ने डायमंड ज्वैलरी, बिंदी और लाइट मेकअप से अपना लुक कंप्लीट किया था. राधिका बला की खूबसूरत लग रही थीं और लुक के मामले में वे बॉलीवुड हसीनाओं को फेल करती हुई नजर आ रही थीं.



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सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि को अपने उत्पादों के विज्ञापन पर रोक लगा दी है।

27 फरवरी को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया जो बाबा रामदेव की स्वामित्व वाली पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के खिलाफ है। फैसले में कहा गया कि कंपनी को भ्रामक प्रकृति वाले विज्ञापन प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अगला आदेश पारित होने तक पतंजलि आयुर्वेद को अपने उत्पादों के विपणन पर प्रतिबंध लगा दिया।

फैसला लेने वाली बेंच में शामिल जस्टिस अहसन्नुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस हिमा कोहली ने ये फैसला लिया. अदालत के अनुसार, पिछले साल नवंबर में अदालत को उनसे दूर रहने का आश्वासन देने के बाद भी पतंजलि आयुर्वेद द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों में एलोपैथिक दवाओं पर हमला किया गया था। नवंबर 2023 में, कंपनी ने कहा कि कोई भी आकस्मिक बयान जो किसी औषधीय प्रभावकारिता का दावा करता हो या चिकित्सा की किसी भी प्रणाली के खिलाफ खड़ा हो, किसी भी तरह से मीडिया में जारी नहीं किया जाएगा।

अगस्त 2022 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। यह पतंजलि द्वारा एक विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद आया था। कंपनी को कानूनी संकट में डालने वाले विज्ञापन का शीर्षक था, "एलोपैथी द्वारा फैलाई गई गलतफहमियां: फार्मा और मेडिकल उद्योग द्वारा फैलाई गई गलतफहमियों से खुद को और देश को बचाएं।"

इसके अलावा, याचिकाओं के अनुसार, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां बाबा रामदेव ने एलोपैथी के क्षेत्र को "बेवकूफ और दिवालिया विज्ञान" कहा है। इसके अलावा, बाबा रामदेव भी कई बार दावा कर चुके हैं कि COVID-19 के दौरान कई मौतें एलोपैथिक दवा के कारण हुईं। इसके अलावा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का यह भी दावा है कि बाबा रामदेव ने झूठी अफवाहें फैलाकर COVID-19 महामारी के समय में वैक्सीन के प्रति झिझक को बढ़ावा दिया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, गलत सूचना के निरंतर प्रसार के माध्यम से आधुनिक चिकित्सा पर इस तरह के हमले पतंजलि उत्पादों के माध्यम से कई बीमारियों के इलाज से संबंधित झूठे दावे करने के पतंजलि के प्रयासों के विपरीत हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

 भ्रामक विज्ञापन करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अब तक पतंजलि आयुर्वेद को कई बार चेतावनी दे चुका है। तथापि। 27 फरवरी को अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाने का फैसला किया।

पिछले साल 21 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार इस मामले की सुनवाई की थी। न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने पतंजलि को यह दावा करने के खिलाफ मौखिक रूप से चेतावनी दी थी कि पतंजलि उत्पाद बीमारियों को पूरी तरह से "ठीक" करने के लिए पर्याप्त हैं। जस्टिस द्वारा पतंजलि आयुर्वेद को धमकी दी गई कि जिस भी उत्पाद के लिए इस तरह का दावा किया जाएगा उस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। कोर्ट का ध्यान विशेष रूप से भ्रामक विज्ञापनों के प्रसार को रोकने पर रहा है, न कि एलोपैथी बनाम आयुर्वेद की बहस में निर्णय लेने पर।

पतंजलि ने वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि विशेष रूप से पतंजलि के उत्पादों के विज्ञापन या ब्रांडिंग से संबंधित कानूनों का कोई उल्लंघन नहीं होगा।

हालाँकि, कहानी यहीं ख़त्म नहीं हुई। न्यायमूर्ति अमानुल्लाह और भारत के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक गुमनाम पत्र इस साल 15 जनवरी को अदालत को प्राप्त हुआ था। पत्र में पतंजलि द्वारा लगातार भ्रामक और झूठे विज्ञापन प्रकाशित करने की बात कही गई है। अगली सुनवाई 27 फरवरी को हुई जब अदालत ने कहा कि कंपनी ने वास्तव में विज्ञापन प्रकाशित करने का अपना काम जारी रखा है जो वास्तव में बीमारियों के लिए "स्थायी राहत" देने का दावा करता है। 

अदालत ने पतंजलि के कार्यों को "अस्वीकार्य" माना। अदालत ने ऐसे विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जब तक कि पतंजलि औषधीय उत्पादों की किसी भी ब्रांडिंग या विज्ञापन पर अगला आदेश नहीं दिया जाता। अदालत ने किसी भी मीडिया मोर्चे पर पारंपरिक चिकित्सा के खिलाफ बयान देने के संबंध में पतंजलि को फिर से चेतावनी दी।

मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है.


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1 मार्च को सुबह-सुबह लगा झटका! महंगा हो गया LPG सिलेंडर

नए महीने की आज से शुरुआत हो गई है. लेकिन सुबह-सुबह सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने झटका दे दिया है. क्योंकि आज से LPG सिलेंडर और जेट फ्यूल की कीमतों में इजाफा कर दिया है. नई दरें आज से ही लागू होंगी. OMCs ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. 

महंगा हुआ गैस सिलेंडर 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कीमतों की जारी करते हुए बताया कि 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इसके तहत दाम में रुपए 25.50 प्रति सिलिंडर की बढ़त की गई है. इसके पहले फरवरी में 14 रुपए प्रति सिलेंडर और जनवरी में 1.50 रुपए प्रति सिलेंडर दाम बढ़े थे. हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलिंडर यानी घरेलू रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमत आज से ही लागू हो जाएगी.

जेट फ्यूल की कीमत भी बढ़ी

कमर्शियल LPG सिलेंडर के साथ और झटका लगा है. तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन यानी जेट फ्यूल की कीमतों में भी इजाफा किया है. इसके तहत कीमतों में करीब 624.37 रुपए/किलो लीटर की बढ़ोतरी की है. कीमतों में लगातार चार कटौती के बाद इजाफा किया है. जेट फ्यूल की बढ़ी हुई नई दरें भी आज से लागू होंगी. 


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दिल्ली बजट में केजरीवाल सरकार का महिलाओं को तोहफा

 दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने सोमवार (4 मार्च) को केजरीवाल सरकार का 10वां बजट पेश किया. बजट में शिक्षा के लिए 16,396 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. लोकसभा चुनाव से पहले पेश हुए इस बजट में महिलाओं को खास तोहफा देने का ऐलान किया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि केजरीवाल सरकार अब दिल्ली में हर महिला को 1000 रूपये देगी. 18 साल से ऊपर की हर महिला को हर महीने 1000 दिए जाएंगे. केजरीवाल सरकार मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दी जाएगी 1000 रु की राशि देगी.

स्वास्थ्य बजट

दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य का बजट 8685 करोड़ रखा है. 6215 करोड़ दिल्ली सरकार के अस्पतालों के रखरखाव और सुविधाओं के लिए दिए जाएंगे. वहीं, 212 करोड़ रुपए मोहल्ला क्लीनिक के लिए खर्च किए जाएंगे. दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री आतिशी ने बजट भाषण के दौरान पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का धन्यवाद किया और सदन में सत्येंद्र जैन जिंदाबाद के नारे लगे.

आतिशी ने अपने बजट भाषण की शुरुआत में केजरीवाल सरकार की अबतक की उपलब्धियों का जिक्र किया. वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि पिछले 10 साल में दिल्ली के लोगों के जीवन में बहुत बदलाव हुआ है. दिल्लीवासियों ने निराशा से आशा तक का सफर तय किया. वित्त मंत्री ने कहा कि इन दिनों में लोगों में दिल्ली ने बदलते स्कूल, अस्पताल और सड़कें देखी हैं.

रामराज्य का जिक्र

उन्होंने कहा, ''दिल्ली अपने रामराज्य के सपनों की तरफ बढ़ रही है.'' आतिशी ने यहां प्रति व्यक्ति आय का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली देश में 1 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्यों में प्रति व्यक्ति आय वाली सिटी में सबसे आगे है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय अब 4.62 लाख पहुंच गई है.

बजट से पहले दिल्ली सरकार के वित मंत्री आतिशी ने कहा कि हमलोग रामराज्य के सपने को साकार करेंगें. हमने 9 साल में दिल्ली में हर एक वर्ग का विकास किया है. गरीब परिवार को फ्री में इलाज मिल रहा है. बजट पेश करने से पहले दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया की मां से आशीर्वाद भी लिया.


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नोट लेकर सदन में वोट दिया तो मुकदमा चलेगा

रिश्वत लेकर सदन में वोट दिया या सवाल पूछा तो सांसदों या विधायकों को विशेषाधिकार के तहत मुकदमे से छूट नहीं मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की संविधान पीठ ने सोमवार को 26 साल पुराना फैसला पलट दिया।

CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस ए एस बोपन्ना, एम एम सुंदरेश, पी एस नरसिम्हा, जेबी पारदीवाला, संजय कुमार और मनोज मिश्रा की संविधान पीठ ने कहा कि हम 1998 में दिए गए जस्टिस पीवी नरसिम्हा के उस फैसले से सहमत नहीं है, जिसमें सांसदों और विधायकों को सदन में भाषण देने या वोट के लिए रिश्वत लेने के लिए मुकदमे से छूट दी गई थी।

1998 में 5 जजों की संविधान पीठ ने 3:2 के बहुमत से तय किया था कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इस पर CJI ने कहा- अगर कोई घूस लेता है तो केस बन जाता है। यह मायने नहीं रखता है कि उसने बाद में वोट दिया या फिर स्पीच दी। आरोप तभी बन जाता है, जिस वक्त कोई सांसद घूस स्वीकार करता है।

CJI ने कहा- अगर कोई सांसद भ्रष्टाचार और घूसखोरी करता है तो यह चीजें भारत के संसदीय लोकतंत्र को बर्बाद कर देंगी। आर्टिकल 105/194 के तहत मिले विशेषाधिकार का मकसद सांसद के लिए सदन में भय रहित वातावरण बनाना है। अगर कोई विधायक राज्यसभा इलेक्शन में वोट देने के लिए घूस लेता है, तो उसे भी प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट का सामना करना पड़ेगा।

बेंच के फैसले की 2 महत्वपूर्ण बातें...

1. संविधान के आर्टिकल 105 और 194 सदन के अंदर बहस और विचार-विमर्श का माहौल बनाए रखने के लिए हैं। दोनों अनुच्छेद का मकसद तब बेइमानी हो जाता है, जब कोई सदस्य घूस लेकर सदन में वोट देने या खास तरीके से बोलने के लिए प्रेरित होता है।

2. आर्टिकल 105 या 194 के तहत रिश्वतखोरी को छूट हासिल नहीं है। रिश्वत लेने वाला आपराधिक काम में शामिल होता है। ऐसा करना सदन में वोट देने या भाषण देने के लिए जरूरत की श्रेणी में नहीं आता है। सांसदों का भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी को नष्ट कर देती है। हमारा मानना है कि संसदीय विशेषाधिकारों के तहत रिश्वतखोरी को संरक्षण हासिल नहीं है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबु सोरेन की बहू और विधायक सीता सोरेन पर 2012 में राज्यसभा चुनाव के दौरान वोट के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा था। सीता सोरेन ने बचाव में तर्क दिया था कि उन्हें सदन में 'कुछ भी कहने या वोट देने' के लिए संविधान के अनुच्छेद 194(2) के तहत छूट हासिल है।

सीनियर एडवोकेट राजू रामचंद्रन ने सुप्रीम कोर्ट में सीता सोरेन का पक्ष रखा। उन्होंने हाल ही में लोकसभा में एक बसपा सांसद दानिश अली के खिलाफ भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के अपमानजनक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वोट या भाषण से जुड़ी किसी भी चीज के लिए अभियोजन से छूट, भले ही वह रिश्वत या साजिश हो, पूरी तरह होनी चाहिए।

सीता सोरेन मामले का सदन की कार्यवाही से संबंध नहीं

हालांकि, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सीता सोरेन के मामले को दूसरे मामलों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग का सदन की कार्यवाही से कोई संबंध नहीं है। इसलिए राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए रिश्वत लेने के खिलाफ सीता सोरेन का मामला कानूनी दायरे में आता है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया था कि रिश्वतखोरी को कभी भी अनुच्छेद 105(2) और 194(2) के तहत छूट के दायरे में नहीं लाया जा सकता। अपराध भले ही संसद या विधानसभा में दिए गए भाषण या वोटिंग से जुड़ा हो, उसे सदन के बाहर अंजाम दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो दिनों की कार्यवाही के बाद 23 अक्टूबर 2023 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लगाई: 13 मार्च को पता चलेगा किस पार्टी को किसने, कितना चंदा दिया

लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को 6 साल पुरानी इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ये स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। अब13 मार्च को पता चलेगा किस पार्टी को किसने, कितना चंदा दिया। 

कैश फॉर क्वेरी केस- महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म: महुआ ने कहा- मुझे झुकाने के लिए हर नियम तोड़ दिया

कैश-फॉर-क्वेरी मामले में घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म हो गई है। एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद उनके निष्कासन का प्रस्ताव पेश हुआ। इसके बाद वोटिंग हुई। हालांकि महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने के लिए सदन में वोटिंग शुरू होते ही विपक्ष ने बॉयकॉट कर दिया।


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गौतम गंभीर के बाद जयंत सिन्हा का भी चुनाव ना लड़ने का एलान

लोकसभा चुनाव की तारीखें नजदीक है। चुनाव आयोग कभी भी चुनाव के तारीखों का एलान कर सकता है। इसे लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है।

ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और हजारीबाग से सांसद ने आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया। इसकी जानकारी उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर दी है। इससे पहले गौतम गंभीर ने लोकसभा चुनाव ना लड़ने का एलान किया है।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैंने जेपी नड्डा से अनुरोध किया है कि मुझे प्रत्यक्ष चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करें ताकि मैं भारत और दुनिया भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकूं। बेशक, मैं आर्थिक और शासन संबंधी मुद्दों पर पार्टी के साथ काम करना जारी रखूंगा।

उन्होंने लिखा कि मुझे पिछले दस सालों से भारत और हजारीबाग के लोगों की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। इसके अलावा मुझे प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा प्रदान किए गए कई अवसरों का भी आशीर्वाद मिला है। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया है।


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