रूस ने लोगों को निकालने के लिए यूक्रेन के दो शहरों में संघर्ष विराम की घोषणा की

लवीव (यूक्रेन), 05 मार्च (वेब वार्ता)। रूस के रक्षा अधिकारियों ने यूक्रेन के दो शहरों में अस्थायी तौर पर संघर्ष विराम की घोषणा की है, ताकि लोगों को वहां से निकाला जा सके। लेकिन एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि शनिवार को उनके इलाके में गोलाबारी जारी रही। रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह दक्षिण पूर्व में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह मारियूपोल और पूर्व में स्थित वोलनोवाखा शहर में लोगों को निकालने के लिए रास्ता देने को सहमत है। हालांकि, इस बयान में यह स्पष्ट नहीं था कि वे मार्ग कब तक खुले रहेंगे। पिछले कई दिनों से मारियूपोल में रूसी सेनाएं गोलाबारी कर रही हैं और बर्फीली सर्दी में वहां फंसे सैकड़ों लोगों के लिए बिजली, फोन, भोजन और पानी का संकट पैदा हो गया है। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स नामक संस्था ने कहा कि शहर में दवाओं की भी कमी हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे तक संघर्ष विराम लागू रहना है और पूर्वाह्न 11 बजे लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। मारियूपोल, दोनेत्स्क सैन्य-नागरिक प्रशासन के तहत आता है। दोनेत्स्क प्रशासन के प्रमुख पाव्लो किरिलेंको ने कहा कि मानवीय सहायता गलियारा, शहर से जाफोरिझिया तक होगा, जो कि लगभग 140 किलोमीटर दूर है। मारियूपोल के उप महापौर सेरही ओरलोव ने बाद में बीबीसी को बताया कि रूसी सेना ने मारियूपोल पर गोलाबारी और रॉकेट से हमला करना जारी रखा है। उन्होंने कहा कि इसलिए लोग डरे हुए हैं और वे तीन स्थानों पर पर जा रहे हैं जहां से उन्हें बसों द्वारा निकाला जाएगा।

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यूक्रेन से लौटे भारतीयों का एयरपोर्ट पर स्वागत करेंगे दो केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली जाने आलम (जानू चौधरी)। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वी मुरलीधरन सरकारी चार्टर्ड उड़ानों के जरिये युद्धग्रस्त यूक्रेन से स्वदेश लौट रहे भारतीयों की हवाई अड्डों पर अगवानी करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि गोयल शनिवार रात मुंबई हवाई अड्डे पर रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से एयर इंडिया की उड़ान से आने वाले भारतीयों की अगवानी करेंगे, जबकि मुरलीधरन यूक्रेन से स्वदेश लौटने वाले लोगों की अगवानी के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जाएंगे।

 

विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बृहस्पतिवार को बताया था कि यूक्रेन में लगभग 16,000 भारतीयों के फंसे होने का अनुमान है, जिनमें अधिकतर छात्र शामिल हैं। वहीं, कीव स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को कहा था कि वह रोमानिया और हंगरी के रास्ते निकासी मार्ग स्थापित करने की कोशिशों में जुटा है। अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया की पहली निकासी उड़ान यूक्रेन में फंसे 219 भारतीयों को लेकर शनिवार दोपहर बुखारेस्ट से मुंबई के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि विमानन कंपनी के दूसरे निकासी विमान ने शनिवार सुबह 11.40 बजे उड़ान भरी और इसके भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे बुखारेस्ट पहुंचने की संभावना है।

 

अधिकारियों के मुताबिक, सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंचे भारतीय नागरिकों को भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा बुखारेस्ट ले जाया गया है, ताकि उन्हें एयर इंडिया की निकासी उड़ानों से स्वदेश भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि पहली निकासी उड़ान एआई-1944 ने बुखारेस्ट से भारतीय समयानुसार दोपहर 1.55 बजे उड़ान भरी और इसके रात लगभग नौ बजे मुंबई हवाईअड्डे पर उतरने की उम्मीद है।

 

अधिकारियों के अनुसार, दूसरी निकासी उड़ान एआई-1942 के 250 अन्य भारतीय नागरिकों के साथ रविवार सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचने की संभावना है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्विटर पर बताया कि एआई-1944 ने 219 भारतीय नागरिकों के साथ रोमानिया से उड़ान भर दी है। उन्होंने कहा, “हम यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की निकासी के मामले में प्रगति कर रहे हैं। हमारी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहा हूं।”

 

यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए एयर इंडिया शनिवार को बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के लिए और उड़ानें संचालित करेगी। मालूम हो कि यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को 24 फरवरी की सुबह नागरिक विमानों के संचालन के लिए बंद कर दिया गया था। ऐसे में भारतीय नागिरकों को यूक्रेन से वापस लाने के लिए उड़ानें बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

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रूस-यूक्रेन संकट: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की पीएम मोदी से बात

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। उन्होंने ट्विटर के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि पीएम मोदी को रूस की आक्रामकता को लेकर यूक्रेन के रुख की जानकारी दी। एक लाख से अधिक रूसी आक्रमणकारी हमारे देश में हैं। वो आवासीय भवनों पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। हमने भारत से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में समर्थन देने का अनुरोध किया है।

 

पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन में जारी संघर्ष की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने जारी संघर्ष के कारण जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम मोदी हिंसा की तत्काल समाप्ति और बातचीत के लिए अपने आह्वान को दोहराया और शांति प्रयासों के लिए हर तरह से योगदान करने की भारत की इच्छा व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में मौजूद छात्रों सहित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत की गहरी चिंता से भी उन्हें (यूक्रेन के राष्ट्रपति) अवगत कराया। उन्होंने भारतीय नागरिकों को तेजी से सुरक्षित निकालने के लिए यूक्रेन के अधिकारियों द्वारा सुविधा प्रदान करने की मांग भी की।

 

भारतीय छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं, दूतावास के संपर्क में रहें: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यूक्रेन में फंसे ढेरों छात्रों और उनके परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि घबराने की बिल्कुल सभी छात्र दूतावास के संपर्क में बने रहे। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, मैं भारतीय छात्रों जल्द से जल्द वापस लाने का आश्वासन देता हूं। विदेश मंत्रालय लगातार आवश्यक व्यवस्था कर रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। छात्र दूतावास के संपर्क में रहें और हर दिशा-निर्देश का पालन करें।

 

वहीं, यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से बॉर्डर पोस्ट पर नहीं जाने की अपील की है। दूतावास ने कहा, भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर न जाएं। हम भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए पड़ोसी देशों में स्थित अपने दूतावासों के साथ काम कर रहे हैं।

 

भारतीय नागरिकों का स्वागत करेंगे पीयूष गोयल

यूक्रेन से सुरक्षित निकाले गए भारतीय नागरिकों का मुंबई हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल स्वागत करेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि सरकार हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।

 

भारतीय छात्रों का वीडियो वायरल

इस बीच हंगरी पहुंचने के बाद भारतीय छात्रों ने कहा कि बुडापेस्ट के भारतीय दूतावास ने हमें सीमा पार करने में बहुत मदद की है। हम बहुत खुश हैं और हम अच्छे की उम्मीद करते हैं।

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यूक्रेन के विदेश मंत्री ने जयशंकर को फोन किया, स्थिति पर चर्चा की

नई दिल्ली जाने आलम (जानू चौधरी)। यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में महत्वपूर्ण मतदान से पहले इस पूर्वी यूरोपीय देश के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की और यूक्रेन की वर्तमान स्थिति को लेकर अपना आकलन साझा किया।

 

जयशंकर ने कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत समाधान के लिए कूटनीति और बातचीत का समर्थन करता है।

 

विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा का कॉल आया । उन्होंने वर्तमान स्थिति को लेकर अपना आकलन साझा किया । ’’

 

जयशंकर ने कहा, ‘‘ मैंने इस बात पर जोर दिया कि भारत समाधान निकालने के लिए कूटनीति और बातचीत का समर्थन करता है ।’’

 

उन्होंने कहा कि छात्रों सहित भारतीय नागरिकों की स्थिति के बारे में चर्चा की तथा सुरक्षित निकासी में उनके सहयोग की सराहना की ।

 

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान एवं पूर्वी यूरोपीय देश में स्थिति बिगड़ने को लेकर शुक्रवार की शाम को मसौदा प्रस्ताव पेश किया जाना निर्धारित है। समझा जाता है कि मसौदा प्रस्ताव में यूक्रेन के खिलाफ रूस के सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की जाएगी।

 

इधर, यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से टेलीफोन पर बातचीत की थी और हिंसा को समाप्त करने तथा सभी पक्षों से राजनयिक बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की थी ।

 

वहीं, यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मसौदा प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘मुझे बताया गया है कि इसमें काफी बदलाव होगा। हम इस पर अपना रुख रखने से पहले इसके आकार लेने का इंतजार करेंगे।’’

 

उन्होंने कहा था, ‘‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य होने के नाते और ऐसा देश होने के नाते, जिसका उस क्षेत्र में काफी कुछ दांव पर लगा है, जिसके अनेक नागरिक संवेदनशील क्षेत्रों में हैं, हम सभी संबंधित पक्षों के निकट संपर्क में हैं।’’

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बिरला ने यूक्रेन में फंसे छात्रों के लिए शुरू की हेल्पलाइन

नई दिल्ली जाने आलम (जानू चौधरी)। यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट्स की मदद के लिए कोटा समेत प्रदेश और देश पूरी तरह सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का नाम भी जुड़ गया है. खबर के मुताबिक, यूक्रेन में फंसे छात्रों के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का कैंप कार्यालय सक्रिय हो गया है. ओम बिरला ने इन छात्रों के लिए हेल्पलाइन सेंटर बनवाया है. इस हेल्पलाइन सेंटर के नंबर जारी करने के बाद कोटा और राजस्थान के छात्रों को घर वापस लाने को लिए उनकी डिटेल मांगी गई है. साथ ही, राजस्थान के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के यूक्रेन में फंसे स्टूडेंट्स की घर वापसी के लिए उनकी डिटेल मांगी गई हैं. फिलहाल, यह कैंप कार्यालय भारतीय दूतावास और इन छात्रों के बीच कड़ी का भी काम कर रहा है. कोटा के शक्तिनगर स्थित कैंप कार्यालय से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कार्यालय के यूक्रेन संकट के बीच पूरी ताकत से काम कर रहा है. आपको बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर अमेरिका भारत से बात करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को कहा कि रूसी सैन्य अभियान के बाद गहराए यूक्रेन संकट पर वह भारत के साथ विचार-विमर्श करेंगे. दरअसल, यूक्रेन संकट पर व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया था. इस दौरान जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या भारत रूसी हमले पर अमेरिका के साथ पूरी तरह खड़ा है? तो इसके जवाब में उन्होंने विचार-विमर्श की बात कही है. गौरतलब है कि रूस की सेना द्वारा यूक्रेन पर मिसाइल से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया है. इसे हमले से यूक्रेन पढ़ाई करने गए हजारों भारतीय बच्चों की जान संकट में आ गई है. हमले के बाद यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है. इसे वहां फंसे सभी बच्चों की मदद के रास्ते बंद हो गए हैं.

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निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए रोडशो, वाहन रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने रविवार को रोड शो, 'पद यात्रा', साइकिल और वाहन रैलियों पर प्रतिबंध को बढ़ा दिया, लेकिन कोविड-19 मामलों में कमी का हवाला देते हुए चुनावों के लिए बंद और खुले स्थानों पर प्रचार कार्यक्रमों के लिए नई छूट प्रदान की।

 

नई छूट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में राजनीतिक दलों को बड़े चुनाव प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन करने में मदद मिलेगी।

 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिये 10 फरवरी को मतदान होगा। इसके लिये आठ फरवरी की शाम प्रचार अभियान थम जाएगा।

 

आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों, उसके पर्यवेक्षकों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर भौतिक प्रचार कार्यक्रमों को आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी। आयोग ने एक बयान में कहा कि ''खुले में सभा, बंद भवनों में सभा तथा रैलियों के संबंध में प्रतिबंधों में और ढील दी गई है, लेकिन बंद सभागारों की 50 प्रतिशत क्षमता और खुले मैदान की 30 प्रतिशत क्षमता के बराबर लोग ही इनमें शामिल हो सकेंगे।''

 

इसके अलावा, घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए अधिकतम 20 लोगों की सीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी। प्रचार पर रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक प्रतिबंध लागू रहेगा।

 

देश में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर और पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है।

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शाह-योगी समेत भाजपा के कई नेता आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा शनिवार को एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहेगा।

 

अमित शाह मुजफ्फरनगर में रहेंगे, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में जनसंपर्क कर लोगों से फिर से सरकार बनाने की अपील करेंगे। मेरठ में स्मृति ईरानी, बिजनौर में केशव प्रसाद मौर्य, तो संभल और मुरादाबाद में उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा चुनाव प्रचार करेंगे।

 

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वह कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करेंगे।

 

उत्तर प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी हिमांशु दुबे ने बताया कि शाह सुबह 11 बजे मुजफ्फरनगर पहुचेंगे। वह 11ः15 बजे मुजफ्फरनगर के वृन्दावन गार्डन, भोपा रोड में मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12ः50 बजे मुजफ्फरनगर के हनुमान चौक से भगत सिंह रोड तक घर-घर जनसम्पर्क करेंगे। अमित शाह दोपहर 2ः10 बजे देवबंद विधानसभा के देवबंद बाजार में जनसम्पर्क करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 3ः15 बजे इन्द्रप्रस्थ कॉलेज में सहारनपुर देहात विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। वहीं शाम 4ः20 बजे सहारनपुर के सोलिटेयर होटल में विधानसभा चुनाव से जुडे़ पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सहारनपुर न्यू शारदा नगर में जनसम्पर्क करेंगे।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत व गाजियाबाद के प्रवास पर रहेंगे।वह यहां कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में सम्मिलित होगें। योगी आदित्यनाथ दोपर 1ः20 बजे बडौ़त, बागपत में घर-घर सम्पर्क करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 2ः45 बजे छपरौली, बागपत में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। वहीं शाम 4ः10 बजे मुरादनगर गाजियाबाद में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेगें।

 

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रवास पर रहेंगी। स्मृति ईरानी दोपहर 12ः00 बजे होटल क्रस्टल, लाल कुर्ती मेरठ में प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगी। रजमन बाजार में घर-घर पहुंचकर जनसम्पर्क करेंगी। वहीं दोपहर तीन बजे मंगलम सत्संग मंडप, मेरठ में मेरठ दक्षिण विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगी और घर-घर जनसम्पर्क करेंगी।

 

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बिजनौर दौरा रहेगा। मौर्य बिजनौर की नगीना तथा नहटौर विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगें और घर-घर पहुंचकर जनसम्पर्क करेगें। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा मुरादाबाद व संभल के प्रवास पर रहेंगे। शर्मा मुरादाबाद और संभल विधानसभा क्षेत्रों के प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगे। वह इस दौरान घर-घर जाकर जनसम्पर्क भी करेंगे। 

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केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने पेगासस रिपोर्ट पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को ‘सुपारी मीडिया’ कहा

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने शनिवार को पेगासस स्पाईवेयर से संबंधित खबर के कारण ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को ‘‘सुपारी मीडिया’’ करार दिया और साथ ही उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।

 

अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी एक खबर में दावा किया है कि 2017 में भारत और इजराइल के बीच हुए लगभग दो अरब डॉलर के अत्याधुनिक हथियारों एवं खुफिया उपकरणों के सौदे में पेगासस स्पाईवेयर तथा एक मिसाइल प्रणाली की खरीद मुख्य रूप से शामिल थी।

 

इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश शुरू कर दी है।

 

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा नागर विमानन राज्य मंत्री सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘क्या आप एनवाईटी पर भरोसा कर सकते हैं? उसे ‘सुपारी मीडिया’ के रूप में जाना जाता है।’’

 

इस मामले पर पिछले साल खासा विवाद हुआ था और विपक्षी दलों ने संसद में सरकार पर जासूसी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। हालांकि सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया था।

 

उच्चतम न्यायालय ने इजरायली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिए भारतीय नागरिकों की कथित जासूसी के मामले की जांच के लिए पिछले साल अक्टूबर में विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया था।

 

कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूहों के एक संगठन ने दावा किया था कि कई भारतीय नेताओं, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कारोबारियों और पत्रकारों के खिलाफ पेगासस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।

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भुलाये नहीं भूलेगी नेताजी की स्मृति

23 जनवरी 1897 की उस अनुपम बेला को भला कौन भुला सकता है, जब उड़ीसा के कटक शहर में एक बंगाली परिवार में नामी वकील जानकी दास बोस के घर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चमकने वाला एक ऐसा वीर योद्धा जन्मा था, जिसे पूरी दुनिया ने नेताजी के नाम से जाना और जिसने अंग्रेजी सत्ता की ईंट से ईंट बजाने में कोई-कसर नहीं छोड़ी।

 

जानकीनाथ और प्रभावती की कुल 14 संतानें थीं, जिनमें 6 बेटियां और 8 बेटे थे। सुभाष चंद्र उनकी नौवीं संतान और पांचवें बेटे थे। सुभाष को अपने सभी भाइयों में से सर्वाधिक लगाव शरदचंद्र से था। बचपन से ही कुशाग्र, निडर, किसी भी तरह का अन्याय व अत्याचार सहन न करने वाले तथा अपनी बात पूरी दबंगता के साथ कहने वाले सुभाष ने मैट्रिक की परीक्षा 1913 में कलकत्ता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण की।

 

एक बार कॉलेज में एक प्रोफेसर द्वारा बार-बार भारतीयों की खिल्ली उड़ाए जाने और भारतीयों के बारे में अपमानजनक बातें कहने पर सुभाष को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने कक्षा में ही उस प्रोफेसर के मुंह पर तमाचा जड़ दिया, जिसके चलते उन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया था। कलकत्ता विश्वविद्यालय से 1919 में बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद माता-पिता के दबाव के चलते सुभाष आई.सी.एस. (इंडियन सिविल सर्विस) की परीक्षा हेतु इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय चले गए। ब्रिटिश शासनकाल में भारतीयों का प्रशासनिक सेवा में जाना लगभग असंभव ही माना जाता था लेकिन सुभाष ने अगस्त 1920 में यह परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करते हुए चतुर्थ स्थान हासिल किया। उस समय देश का माहौल इस तरह के सम्मानों के सर्वथा विपरीत था, इसलिए सुभाष दुविधा में थे कि वे एक आईसीएस के रूप में नौकरी करके ऐश की जिंदगी बिताएं या अंग्रेज सरकार की इस शाही नौकरी को लात मार दें। उन्होंने तब अपने पिता को पत्र भी लिखा, ''दुर्भाग्य से मैं आईसीएस की परीक्षा में उत्तीर्ण हो गया हूं मगर मैं अफसर बनूंगा या नहीं, यह नहीं कह सकता।''

 

आखिर देशभक्त सुभाष ने निश्चय कर लिया कि वह ब्रिटिश सरकार में नौकरी करने के बजाय देश की सेवा ही करेंगे और उसी समय उन्होंने ब्रिटेन स्थित भारत सचिव (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंडिया) को त्यागपत्र भेजते हुए लिखा कि वह विदेशी सत्ता के अधीन कार्य नहीं कर सकते। नौकरी छोड़कर सुभाष भारत लौटे तो बंगाल में उस समय देशबंधु चितरंजन दास का बहुत प्रभाव था। सुभाष भी उनसे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने चितरंजन दास को अपना राजनीतिक गुरु बना लिया। सिविल सर्विस छोड़ने के बाद वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए। 1921 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ले ली। दिसम्बर 1921 में भारत में ब्रिटिश युवराज प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत की तैयारियां चल रही थी, जिसका चितरंजन दास और सुभाष ने बढ़-चढ़कर विरोध किया और जुलूस निकाले, इसलिए दोनों को जेल में डाल दिया गया। इस तरह सुभाष 1921 में पहली बार जेल गए। उसके बाद तो विभिन्न अवसरों पर ब्रिटिश सरकार की बखिया उधेड़ने के कारण सुभाष कई बार जेल गए।

 

सुभाष महात्मा गांधी के अहिंसा के विचारों से सहमत नहीं थे। दरअसल गांधी जी उदार दल का नेतृत्व करते थे जबकि सुभाष क्रांतिकारी दल के चहेते थे। दोनों के विचार भले ही पूरी तरह भिन्न थे किन्तु सुभाष यह भी जानते थे कि गांधी और उनका उद्देश्य एक ही है, अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराना। विचारों में प्रबल विरोधाभास होने के बावजूद गांधीजी को राष्ट्रपिता कहकर सर्वप्रथम नेताजी ने ही संबोधित किया था। सुभाष पूर्ण स्वतंत्रता के हक में थे, इसलिए उन्होंने 1928 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में 'विषय समिति' में नेहरू रिपोर्ट द्वारा अनुमोदित प्रादेशिक शासन स्वायत्तता के प्रस्ताव का डटकर विरोध किया था। 1930 में सुभाष कलकत्ता नगर निगम के महापौर निर्वाचित हुए और फरवरी 1938 में कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय योजना आयोग का गठन किया, जो गांधीवादी आर्थिक विचारों के अनुकूल नहीं था।

 

महात्मा गांधी के प्रबल विरोध के बावजूद जनवरी 1939 में सुभाष पुनः एक गांधीवादी प्रतिद्वंदी को हराकर कांग्रेस के अध्यक्ष बने किन्तु गांधी ने इसे सीधे तौर पर अपनी हार के रूप में प्रचारित करते हुए सुभाष के अध्यक्ष चुने जाने पर स्पष्ट रूप से कहा कि सुभाष की जीत मेरी हार है। उसके बाद महसूस किया जाने लगा था कि गांधी के प्रबल विरोध के चलते सुभाष पद छोड़ देंगे और अंततः गांधी के लगातार विरोध को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। गांधी और सुभाष के विचारों में मतभेद इतना बढ़ चुका था कि अप्रैल 1939 में सुभाष ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर 5 मई 1939 को 'फारवर्ड ब्लॉक' नामक नया दल बना लिया। उस समय तक सुभाष की गतिविधियां और अंग्रेज सरकार पर उनके प्रहार इतने बढ़ चुके थे कि अंग्रेज सरकार ने उन्हें भारत रक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया। जेल में सुभाष ने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिससे उनकी सेहत बहुत बिगड़ गई तो अंग्रेज सरकार ने उन्हें जेल से रिहा कर उनके घर में ही नजरबंद कर दिया लेकिन जनवरी 1941 में सुभाष अंग्रेजों की आंखों में धूल झोंककर वहां से भाग निकलने में सफल हो गए। वहां से निकलकर वह काबुल व पेशावर होते हुए जर्मनी की ओर कूच कर गए। उस समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था और जापानी अंग्रेजों पर भारी पड़ रहे थे, अतः सुभाष ने जापानियों की मदद से अपनी लड़ाई लड़ने का निश्चय किया। दरअसल उनका मानना था कि अंग्रेजों के दुश्मनों से मिलकर आजादी हासिल की जा सकती है।

 

10 अक्तूबर 1942 को उन्होंने बर्लिन में आजाद हिंद सेना की स्थापना की और 21 अक्तूबर 1943 को आजाद हिंद सेना का विधिवत गठन हुआ। आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च नेता की हैसियत से उन्होंने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई, जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको तथा आयरलैंड ने मान्यता भी दी और जापान ने अंडमान-निकोबार द्वीप इस अस्थायी सरकार को दे दिए, जिसके बाद सुभाष ने उन द्वीपों का नया नामकरण किया। 1944 में आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर पुनः आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया था। उनकी सेना के प्रतीक चिह्न पर एक झंडे पर दहाड़ते हुए बाघ का चित्र था। अपनी आजाद हिंद फौज के साथ नेताजी सुभाष 4 जुलाई 1944 को बर्मा पहुँचे, जहां उन्होंने भारत को विदेशी दासता से मुक्ति दिलाने के लिए 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' नारे के साथ समस्त भारतवासियों का आव्हान किया। उनकी आजाद हिंद सेना में हर जाति, हर धर्म, हर सम्प्रदाय के सैनिक थे और उनके क्रांतिकारी विचारों से देशवासी इतने प्रभावित हुए कि देखते ही देखते उनके साथ एक बहुत बड़ा काफिला खड़ा हो गया।

 

कहा जाता है कि 18 अगस्त 1945 को उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था लेकिन वास्तव में कोई नहीं जानता कि उनकी मौत कब और कैसे हुई? 18 अगस्त 1945 को सिंगापुर से टोक्यो (जापान) जाते समय ताइवान के पास फार्मोसा में नेताजी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और माना जाता है कि उस हवाई दुर्घटना में उनका निधन हो गया। हालांकि उनका शव कभी नहीं मिला और मौत के कारणों पर आज तक विवाद बरकरार है।

 

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

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जलवायु परिवर्तन समझौते व वर्तमान स्थिति

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से पैदा हुए खतरों से दुनिया परिचित हो चुकी है। आज यह कोई वैज्ञानिक भविष्यवाणी मात्र न रह कर एक सचाई के रूप में विभिन्न प्राकृतिक दुर्घटनाओं के रूप में सामने आ रही है। बाढ़, सूखा, समुद्री तूफान, अंधड़, बेमौसमी बर्फबारी, ग्लेशियर पिघलने के कारण आसन्न जल संकट जैसे कितने ही बदलाव दृष्टिगोचर हो रहे हैं। समुद्री तटों से लगते इलाके और देश बढ़ते समुद्र तल के कारण डूबने के खतरे में घिर सकते हैं। इन खतरों के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र संघ लगातार पहल कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन इस दिशा में आधारभूत सम्मेलन है। 1992 में इस सम्मेलन के निष्कर्षों पर 197 देशों ने हस्ताक्षर किए और 21 मार्च 1994 से इस समझौते को लागू माना गया। इस समझौते की मूल बात यह है कि इसके द्वारा यह माना गया कि जलवायु परिवर्तन एक समस्या है और इसके समाधान के लिए कुछ किया जाना चाहिए, जिसका मूल कारक हरित प्रभाव गैसें हैं जो वैश्विक तापमान वृद्धि का कारण हैं। और ये गैसें ऊर्जा उत्पादन के लिए मुख्यतः कोयला या खनिज तेल जलाने के कारण पैदा हो रही हैं और वातावरण में जमा हो रही हैं।

 

इसी वृद्धि से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। इस समझौते द्वारा विभिन्न पक्षों से यह अपेक्षा की गई कि वे हरित-प्रभाव गैसों के मानव-जनित उत्सर्जन को इस सीमा के भीतर नियंत्रित करेंगे जिससे जलवायु तंत्र पर खतरनाक प्रभाव न पड़ें। इस लक्ष्य की घोषणा हो ताकि एक शुरुआत हो और आगे चल कर विस्तृत, विशिष्ट समझौते किए जा सकें। इसमें जलवायु के संदर्भ में सांझी किंतु जिम्मेदारियों के संदर्भ में अलग-अलग जिम्मेदारियों की संकल्पना की गई, जिसका अर्थ यह है कि विकासशील देशों से यह उम्मीद की जाती है कि वे जलवायु परिवर्तन रोकने में योगदान करेंगे, किंतु विकसित देश जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए पहलकदमी करेंगे क्योंकि ये देश ऐतिहासिक रूप से पहले ही बहुत ज्यादा हरित-प्रभाव गैसों का उत्सर्जन कर चुके हैं। विकासशील देशों में खासकर और वैश्विक स्तर पर आमतौर पर टिकाऊ आर्थिक विकास पर बल देने की बात की गई। इस दिशा में विकासशील देशों की उपलब्धि व प्रदर्शन को विकसित देशों द्वारा तकनीक हस्तांतरण और आर्थिक सहायता से जोड़ा गया। इस समझौते में सभी देशों द्वारा हरित प्रभाव गैसों के उत्सर्जन की मात्रा की घोषणा करने और विकसित देशों द्वारा हरित प्रभाव गैसों के उत्सर्जन को कम करने से संबंधित नीतियों की घोषणा करने की भी अपेक्षा की गई। इसके बाद लगातार सम्मेलन होते रहे जिन्हें संबंधित पक्ष सम्मेलन कहा गया। इन सम्मेलनों में क्योटो सम्मेलन पहला महत्त्वपूर्ण सम्मेलन है जहां क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर हुए। इस प्रोटोकॉल द्वारा पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन के आशयों को लागू करने के लिए नियम बनाए गए। रूस द्वारा मान्यता देने के बाद 2005 में इसे लागू माना गया, किंतु एक हरित गैसों के उत्सर्जक बड़े देश अमेरिका ने इस प्रोटोकॉल को मान्यता नहीं दी क्योंकि विकासशील देश होने के कारण पहले दर्जे के हरित गैस उत्सर्जक चीन और तीसरे दर्जे के उत्सर्जक भारत पर कोई नियंत्रण इस प्रोटोकॉल में नहीं सुझाए गए थे।

 

 जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन में यह अपेक्षा की गई थी कि जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया को उस स्तर के भीतर रोकना होगा जिससे परिस्थिति तंत्र स्वयं को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढाल सके, और टिकाऊ विकास और कृषि उत्पादन पर घातक प्रभाव न पड़े। इस प्रोटोकॉल में 37 औद्योगिक देशों के लिए उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए। 1990 के स्तर से 5 फीसदी उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य रखा गया। अमेरिका ने इसे भेदभावपूर्ण मानते हुए इसे मान्यता नहीं दी। अन्य 184 देशों ने इसे मान्यता दे दी। विकासशील देशों के लिए कोई लक्ष्य इस तर्क पर निर्धारित नहीं किया गया कि जिन विकसित देशों ने जलवायु को पहले ही अधिक नुकसान पहुंचाया है, उन्हें पहल करनी चाहिए। उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य की पूर्ति न करने पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया। पेरिस समझौता इस कड़ी में सबसे महत्त्वपूर्ण है। इसमें सभी देशों को अपने-अपने उत्सर्जन स्तर में कमी करने के वादे दायर करने का प्रावधान है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान कहा गया है। हर 5 वर्ष में इसका पुनरावलोकन व आकलन करने की वैश्विक स्तर पर व्यवस्था है। यह समझौता 2015 में किया गया। इसमें तापमान वृद्धि को औद्योगिक क्रांति के समय के तापमान से 2 डिग्री सेंटीग्रेड के नीचे रोकने का लक्ष्य रखा गया है। कोशिश यह करनी है कि तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड से कम पर ही रुक जाए। वैश्विक स्तर पर नेट जीरो उत्सर्जन स्तर 2050 तक हासिल करना है। नेट जीरो उत्सर्जन का अर्थ है कि हरित प्रभाव गैसों का उत्सर्जन उतना ही होगा जितनी मात्रा में हरित प्रभाव गैसों का उत्सर्जन कुछ अन्य गतिविधियों द्वारा घटा लिया गया है। इसे जलवायु तटस्थ या कार्बन तटस्थ स्थिति भी कहा गया है। देशों ने अपने लक्ष्य स्वयं निर्धारित किए हैं, फिर भी ट्रम्प प्रशासन के अंतर्गत अमेरिका ने समझौते से किनारा कर लिया था। हालांकि अब जो बाइडेन प्रशासन ने फिर समझौते को मान्यता दे दी है।

 

 पेरिस समझौता आर्थिक, तकनीकी और क्षमता निर्माण के लिए ढांचा बनाने की व्यवस्था करता है ताकि  समझौते की पूर्ति के लिए जरूरतमंद देशों को सहायता दी जा सके। इसी कड़ी में जलवायु परिवर्तन से संबंधित पक्षों का 26वां सम्मेलन ग्लास्गो में 31 अक्तूबर से 12 नवंबर 2021 तक संपन्न हुआ। इसमें मुख्य चार लक्ष्यों पर निर्णय लिए गए : 1. न्यूनीकरण, इसमें हरित प्रभाव गैसों के उत्सर्जन को 2030 तक नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करके कम करने के वादे किए गए। 2. अनुकूलन : इसके तहत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने के प्रयासों को बढ़ावा देने का निर्णय हुआ। 3. आर्थिक सहयोग : विकसित देशों ने हरित प्रभाव गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए विकासशील देशों को आर्थिक सहायता देने के लिए 2023 तक 100 बिलियन डालर फंड इकट्ठा करने की दिशा में प्रगति की है। 4. सहयोग : सरकारों के बीच स्वच्छ हरित ऊर्जा, विद्युत चालित वाहन, जहाजरानी, शून्य उत्सर्जन स्टील निर्माण, हाइड्रोजन फ्यूल   आदि क्षेत्रों में तकनीकी और आर्थिक सहयोग द्वारा जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने पर सहमति बनी है। इस समय गैस उत्सर्जन मामले में चीन पहले, अमेरिका दूसरे तथा भारत तीसरे स्थान पर बना हुआ है। ये तीनों देश कितनी गंभीरता से इस मुद्दे को लेते हैं उसी पर बहुत हद तक जलवायु परिवर्तन त्रासदी से निपटने के प्रयासों की सफलता निर्भर होगी।

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अमेरिका के टेक्सास में यहूदी पूजा स्थल में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा कराया गया

कोलीविले (अमेरिका) (वेब वार्ता)। अमेरिका के टेक्सास में यहूदियों के एक पूजा स्थल में बंधक बनाए गए लोगों को करीब 12 घंटे बाद शनिवार रात को रिहा करा लिया गया। गवर्नर ग्रेग एबॉट ने यह जानकारी दी।

 

एबॉट ने ट्वीट किया, ‘‘प्रार्थनाएं सुन ली गईं। सभी बंधक जीवित और सुरक्षित हैं।’’ एबॉट के इस ट्वीट से पहले प्रार्थना स्थल में गोलियां चलने जैसी आवाजें सुनी गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति ने लोगों को बंधक बना लिया है और वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के अधिकारियों की हत्या के प्रयास के लिए दोषी ठहराई गई एक पाकिस्तानी तंत्रिका विज्ञानी की रिहाई की मांग कर रहा है।

 

बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी अभी नहीं दी गई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि बंधक बनाने वाला संदिग्ध जिंदा है या उसे मार गिराया गया है।

 

दो सुरक्षा अधिकारियों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि शुरू में कम से कम चार बंधकों के पूजा स्थल में होने का अनुमान था। अधिकारियों में से एक ने कहा कि माना जाता है कि बंधकों में पूजा स्थल के रब्बी (यहूदी धार्मिक नेता) भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि व्यक्ति ने अपने पास हथियार होने का दावा किया लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।

 

कोलीविले पुलिस विभाग ने कहा कि शनिवार शाम पांच बजे के बाद एक बंधक को बिना किसी नुकसान के रिहा कर दिया गया। माना जाता है कि व्यक्ति अपने परिवार के पास चला गया और उसे चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता नहीं थी।

 

अधिकारी अब भी हमले के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि बंधक बनाने वाले ने घटना की ‘लाइवस्ट्रीमिंग’ (सोशल मीडिया मंच पर सीधा प्रसारण) भी की, जिसमें व्यक्ति को एक पाकिस्तानी तंत्रिका विज्ञानी को रिहा करने की मांग करते सुना जा सकता है, जिस पर अलकायदा से संबंध रखने का संदेह था और अफगानिस्तान में हिरासत में अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को मारने की कोशिश करने का दोषी ठहराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, व्यक्ति ने यह भी कहा कि वह आफिया से बात करना चाहता है। आफिया सिद्दीकी टेक्सास की संघीय जेल में बंद है।

 

एक अधिकारी ने बताया कि न्यूयॉर्क शहर में एक रब्बी को संभवत: बंधक बनाए गए रब्बी का फोन आया था जिसके बाद न्यूयॉर्क शहर के रब्बी ने घटना की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस को फोन किया।

 

एफबीआई डलास के प्रवक्ता केटी चाउमोंट ने कहा कि पुलिस पहले सुबह 11 बजे के आसपास पूजा स्थल पहुंची और उसके तुरंत बाद आसपास के इलाकों से लोगों को निकाला गया। चाउमोंट ने कहा कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

 

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने शनिवार शाम ट्वीट किया कि राष्ट्रपति जो बाइडन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से पल-पल की सूचना मिल रही है।

 

इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हम बंधकों और बचाव दल की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।’’

 

कई लोगों ने लाइवस्ट्रीम के दौरान बंधक बनाने वाले को सिद्दीकी को अपनी ‘‘बहन’’ के रूप में संबोधित करते सुना, लेकिन डलास फोर्ट-वर्थ टेक्सास में काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) के कार्यकारी निदेशक फैजान सैयद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि सिद्दीकी का भाई मोहम्मद सिद्दीकी इसमें शामिल नहीं था।

 

देश के सबसे बड़े मुस्लिम समर्थक समूह सीएआईआर ने शनिवार को हमले की निंदा की। सीएआईआर के राष्ट्रीय उप निदेशक एडवर्ड अहमद मिशेल ने एक बयान में कहा, ‘‘एक पूजा स्थल पर यह हालिया यहूदी विरोधी हमला बुराई का एक अस्वीकार्य कार्य है। हम यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता में खड़े हैं और हम प्रार्थना करते हैं कि सुरक्षा अधिकारी बंधकों को तेजी से और सुरक्षित रूप से मुक्त करने में सक्षम होंगे। कोई भी कारण इस अपराध को उचित ठहराने का बहाना नहीं बना सकता है।’’

 

कोलीविले लगभग 26,000 लोगों की आबादी वाला शहर है जो फोर्ट वर्थ से लगभग 23 किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित है। यह प्रार्थना स्थल हरे-भरे इलाके में स्थित बड़े आवासीय घरों के बीच मौजूद है जिसके आस पास कई गिरजाघर, एक माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल तथा खेत हैं।

 

ब्रैंडिस यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से डिग्री लेने वाली पाकिस्तानी तंत्रिका विज्ञानी सिद्दीकी को 2010 में 86 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन पर दो साल पहले अफगानिस्तान में हिरासत में लिए जाने के बाद अमेरिकी सेना के अधिकारियों पर हमला करने और गोली मारने का आरोप है।

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शीतकालीन ओलंपिक से पहले बीजिंग के करीब तियानजिन में ओमीक्रोन का प्रकोप

बीजिंग, 09 जनवरी (वेब वार्ता)। चीन ने अगले महीने होने वाले बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक से पहले राजधानी के करीब के शहर तियानजिन के एक करोड़ 40 लाख निवासियों के परीक्षण की तैयारी कर ली है क्योंकि वहां कोविड-19 के कई मामले सामने आए हैं जिसमें घातक ओमीक्रोन प्रारूप के भी दो मामले भी शामिल हैं। तियानजिन और बीजिंग के बीच रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं क्योंकि हाई स्पीड ट्रेन से इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में बामुश्किल 30 मिनट का समय लगता है। अधिकारियों ने बताया कि 20 लोगों के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद तियानजिन ने पूरे शहर में परीक्षण कराने का फैसला किया है। नगर निगम के कोविड-19 रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए बने मुख्यालय ने बताया कि संक्रमण के ये मामले शुक्रवार और शनिवार को जिनान जिले में आए और पता चला है कि इनमें से दो मामले ओमीक्रोन प्रारूप के हैं।

 तियानजिन चीन का पहला शहर था जिसमें दिसंबर के मध्य में ओमीक्रोन के कुछ मामले सामने आए थे लेकिन इसके बाद मामले बढ़ने की कोई जानकारी नहीं मिली। पर्यटकों के बीच लोकप्रिय शियान और कुछ अन्य शहरों में मामलों में इजाफा हुआ था जिसके बाद अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर परीक्षण किए। दो ओमीक्रोन मामलों के अलावा तियानजिन में संक्रमण के अन्य 18 मामले मुख्य रूप से एक डे-केयर सेंटर और प्राथमिक स्कूल के छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े हैं।

 स्थानीय अधिकारियों ने इसके बाद एक करोड़ 40 लाख निवासियों का परीक्षण कराने का फैसला किया है जिससे कि संक्रमण को राजधानी बीजिंग में फैलने से रोका जा सके जिसे चार फरवरी से शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी करनी है।

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आयशा मलिक : पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश

नई दिल्ली। एक ऐसे देश में जहां महिलाओं को हमेशा पुरुषों से कमतर माना गया, लड़कियों की शिक्षा की हिमायत करने वालों को गोली मार दी जाती, पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के जीने से लेकर मरने तक उनपर किसी पुरुष का अख्तियार होता है, और उससे भी अधिक जहां अदालतों में कुछ मामलों में महिलाओं की गवाही का वजन पुरुषों की गवाही से आधा होता है, उस देश में एक महिला का सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बन जाना अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है।

 

अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से इस चमत्कार को अंजाम दिया है आयशा ए मलिक ने, जो पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश बनने जा रही हैं। देश के न्यायिक आयोग ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है और अब संसदीय समिति से मंजूरी मिलने के बाद वह पड़ोसी मुल्क में एक ऐसा दर्जा हासिल कर लेंगी, जो वहां की महिलाओं के लिए किसी ख्वाब से कम नहीं।

 

तीन जून 1966 को जन्मी आयशा मलिक ने कराची ग्रामर स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद कराची के ही गवर्नमेंट कालेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक की उपाधि ली। इसके बाद कानूनी शिक्षा की तरफ उनका रुझान हुआ और लाहौर के कॉलेज ऑफ लॉ से डिग्री लेने के बाद उन्होंने अमेरिका में मेसाच्यूसेट्स के हॉवर्ड स्कूल ऑफ लॉ से एलएलएम (विधि परास्नातक) की पढ़ाई की। उनकी उल्लेखनीय योग्यता का सम्मान करते हुए उन्हें 1998-1999 में ‘लंदन एच गैमोन फेलो’ चुना गया।

 

आयशा मलिक ने अपना करियर कराची में फखरूद्दीन जी इब्राहिम एंड कंपनी से शुरू किया और 1997 से 2001 तक चार साल यहीं गुजारे। अगले 10 बरसों में उन्होंने खूब नाम कमाया और कई मशहूर कानूनी फर्मों के साथ जुड़ी रहीं। 2012 में वह लाहौर उच्च न्यायालय में जज के तौर पर नियुक्त हुईं और कानून की दुनिया में एक बड़ा नाम बन गईं।

 

अपने निष्पक्ष और बेबाक फैसलों के कारण अकसर चर्चा में रहने वाली आयशा की हालिया नियुक्ति का कुछ न्यायाधीशों और वकीलों ने विरोध किया है। उन्होंने आयशा की वरिष्ठता और इस पद के लिए उनकी योग्यता पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि ‘वीमन इन लॉ इनिशिएटिव-पाकिस्तान’ ने इस विरोध के जवाब में इससे पहले के 41 मौकों का हवाला दिया है, जब वरिष्ठता के बिना नियुक्ति की गई। याद रहे कि पिछले बरस न्यायिक आयोग ने इस पद पर आयशा की नियुक्ति से इंकार कर दिया था।

 

आयशा मलिक देश में महिला अधिकारों की पैरोकार मानी जाती हैं और उन्होंने इस दिशा में प्रयास भी किए हैं। इसका एक उदाहरण उनका पिछले वर्ष का एक ऐतिहासिक फैसला है, जिसमें बलात्कार के मामलों में महिलाओं पर किए जाने वाले एक विवादित परीक्षण को उन्होंने रद्द कर दिया, जो अकसर आरोपियों को कानून के फंदे से बच निकलने में मददगार होता था और पीड़ित महिला के चरित्र को संदेह के घेरे में खड़ा कर देता था।

 

बहरहाल आयशा मलिक की नियुक्ति का पाकिस्तान की कई प्रमुख हस्तियों ने समर्थन किया है। सत्तारूढ़ तकरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सांसद और कानून के लिए संसदीय सचिव मलिका बुखारी ने उनकी नियुक्ति पर ट्वीट किया, ‘‘हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पल जब एक शानदार वकील और बेहतरीन जज को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनाया गया। रवायतें टूट रही हैं।’’

 

पाकिस्तानी लेखिका बीना शाह ने उनकी नियुक्ति पर कहा कि उन्होंने नया इतिहास बनाया है।

 

पाकिस्तान में महिलाओं के हालात दुनिया में किसी से छिपी नहीं हैं और महिला अधिकारों के पैरोकारों के संघर्ष का भी अपना एक इतिहास रहा है। आशा है कि आयशा मलिक की नियुक्ति से महिला अधिकारों की बहाली की दिशा में भी एक नया इतिहास लिखा जाएगा।

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इम्यूनिटी ओमिक्रॉन से लड़ने में भी धूप आएगी काम; क्या है धूप लेने का सही तरीका?

नई दिल्ली: जहां गर्मियों की धूप हम सबको परेशान कर देती है, वहीं सर्दियों में ये धूप काफी राहत भरी होती है। सर्दियों में धूप सेंकने का मजा कुछ अलग ही होता है , लेकिन आपको बता दें सर्दियों की धूप कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से भी बचने में कारगर है। इस मौसम में न केवल धूप से शरीर को गर्मी मिलती है, बल्कि इससे शरीर में विटामिन-D की कमी भी पूरी होती है। सनलाइट विटामिन-D का नेचुरल और सबसे अच्छा सोर्स है। इसके अलावा ये बॉडी में कैल्शियम और फास्फोरस की कमी को भी पूरा करता है। विटामिन डी शरीर में रेस्टपीरेट्री टेक्ट इंफेक्शन या रेस्पीरेटरी मसल्स को भी नुकसान से बचाती है। कोरोना से लड़ने के लिए शरीर में विटामिन-D सही मात्रा में होना जरूरी है।

विटामिन-D हम सभी के शरीर के लिए बहुत जरूरी है। अगर शरीर में विटामिन-D का लेवल कम हो जाए तो कई बीमारियां हो सकती हैं। भले ही आप इसके फायदे न जानते या समझते हों, लेकिन सर्दियों में धूप सेंकने से आपको कई फायदे मिलते हैं, जिसका शायद आप अंदाजा भी न लगा पाएं।

आज की जरूरत की खबर में जानते हैं सर्दियों में धूप क्यों जरूरी है? साथ ही ये भी जानेंगे कि धूप सेंकने से क्या-क्या फायदे होते हैं और कितने देर धूप लेना फायदेमंद है…

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अमेरिका ने चीन से कहा, पत्रकारिता देशद्रोह नहीं

वॉशिंगटन : अमेरिका ने चीन और हांगकांग के अधिकारियों से यह कहते हुये मीडिया संगठन के गिरफ्तार कर्मचारियों को रिहा करने का दरख्वास्त किया है कि पत्रकारिता देशद्रोह नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा, हांगकांग सरकार ने 29 दिसंबर को स्टैंड न्यूज के कार्यालय में छापेमारी कर इसके सात वरिष्ठ कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। स्टैंड न्यूज देश के उन चुनिंदा बचे हुये मीडिया संस्थानों में से है, जो स्वतंत्र रूप से अपना काम करते हैं। सरकार की इस कार्रवाई से संस्थान अपना संचालन बंद करने पर मजबूर है। पत्रकारिता देशद्रोह नहीं है।' श्री ब्लिंकन ने चीनी और हांगकांग के प्रशासन से आग्रह किया कि वे यहां के स्वतंत्र मीडिया संस्थानों को अपना निशाना बनाने से रूकें।


विदेश मंत्री ने कहा, 'स्वतंत्र मीडिया को चुप कराकर पीआरसी और स्थानीय अधिकारी हांगकांग की विश्वसनीयता और व्यवहार्यता को कमजोर कर रहे हैं। एक आत्मविश्वासी सरकार वही है, जिसे सच से डर नहीं लगता और यही सरकार स्वतंत्र प्रेस को गले लगाती है।' स्पूतनिक के मुताबिक, बुधवार को लोकतंत्र समर्थित स्टैंड न्यूज के कार्यालय 100 से अधिक पुलिस अधिकारी पहुंचे और मौजूदा संपादक और कुछ अन्य सदस्यों के अलावा पत्रकारों को अपनी हिरासत में ले लिया।


इस गिरफ्तारी के बाद स्टैंड न्यूज ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'स्टैंड न्यूज ने काम करना बंद कर दिया है, वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया ने अपडेट करना बंद कर दिया है और इसे जल्द ही डिलीट भी कर दिया जायेगा। कार्यवाहक प्रधान संपादक लिन शाओतोंग ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा, सभी कर्मचारी बर्खास्त कर दिये गये हैं।'


इससे पहले साल के जून महीने में एक अन्य सरकार विरोधी समाचार पत्र एप्पल डेली ने भी अपने कार्यालय में हुई इस तरह की छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद अपना संचालन बंद कर दिया। दरअसल, हांगकांग में इस तरह की गतिविधि चीन द्वारा निर्देशित है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का पालन करने पर जोर देती है। इस कानून के मुताबिक, इसके खिलाफ जाने वाले व्यक्ति पर चार तरह के अपराध- अलगाववाद, तोड़फोड़, आतंकवाद और विदेशों से मिलीभगत के आरोप लगाये जायेंगे।







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भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 113 रन से हराया

सेंचुरियन : तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के तीन-तीन विकेटों, मोहम्मद सिराज और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के दो-दो विकेटों की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पहले क्रिकेट टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन गुरूवार को 113 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। भारतीय टीम ने सेंचुरियन में इतिहास रच दिया है। वह पहली एशियाई टीम बनी है जिसने दक्षिण अफ़्रीका को इस मैदान पर हराया है। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 174 रन बनाये और मेजबान टीम के सामने 305 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य रख दिया। भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाये थे और दक्षिण अफ्रीका को 197 रन पर ढेर कर पहली पारी में 130 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टंप्स तक चार विकेट खोकर 94 रन बना लिए थे और आखिरी दिन उसने लंच तक अपना स्कोर सात विकेट पर 182 रन पहुंचा दिया है। लेकिन लंच के बाद उसकी दूसरी पारी 191 रन पर सिमट गयी। 





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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कारण कोविड-19 के मामले बढ़ रहे : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री

नई दिल्ली : कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय यात्री जिनकी हवाई अड्डे पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, कुछ दिनों के बाद संक्रमित पाए जा रहे हैं और इस अवधि के दौरान उनके परिवार के सदस्य भी संक्रमित हो रहे हैं।


जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कारण मामले बढ़े हैं। पूर्व की लहर के दौरान भी, उड़ानें आने के साथ मामले बढ़े थे।’’


दिल्ली में बुधवार तक ओमीक्रोन के 238 मामले आ चुके हैं। एक दिन पहले वायरस के नए स्वरूप के संक्रमण के 165 मामले थे। राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को कोविड-19 के 496 मामले आए जो चार जून के बाद सर्वाधिक मामले हैं। संक्रमण दर भी बढ़कर 0.89 प्रतिशत हो गई है।


अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 30 नवंबर को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर ‘जोखिम वाले’ देशों से आने वाले लोगों की जांच रिपोर्ट हवाई अड्डे पर निगेटिव आती है तो तो उन्हें एक सप्ताह के लिए गृह पृथक-वास के नियम का पालन करना होगा। आगमन के आठवें दिन फिर से जांच की जाती है और यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन्हें अगले सात दिनों तक अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी। संक्रमित पाए जाने पर ऐसे लोगों के नमूने निर्धारित प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं और तय प्रक्रिया के मुताबिक उपचार किया जाता है।


मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई लोगों की हवाई अड्डे पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी और उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई। जिला प्रशासन ऐसे लोगों के साथ संपर्क में है। घर पहुंचने के बाद ऐसे लोगों ने फिर से जांच कराई और वे संक्रमित पाए गए। इस दौरान ऐसे लोगों के घर के सदस्य भी संक्रमित हुए। ’’


जैन ने कहा कि ओमीक्रोन स्वरूप बेहद संक्रामक है और संकेत दिया कि मामलों में बढ़ोतरी के पीछे यह एक कारण हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादा मामले विदेशों से आए यात्रियों और उन लोगों के हैं जिन्होंने दूसरे स्थानों की यात्राएं की। अगर वे संक्रमित पाए जाते हैं तो उन्हें पृथक-वास में भेजा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हमने देखा है कि मरीजों को ऑक्सीजन की मदद की जरूरत नहीं होती और वे आसानी से ठीक हो जाते हैं।’’ उन्होंने लोगों से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया।


मामलों में वृद्धि के मद्देनजर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज, सिनेमा और जिम बंद रहेंगे।






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आर्टेटा दोबारा कोविड पॉजिटिव, बार्सीलोना में तीन मामले

लंदन :  आर्सेनल के मैनेजर माइकल आर्टेटा एक बार फिर कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं और नए साल के दिन मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ टीम के प्रीमियर लीग फुटबॉल मैच के दौरान अनुपस्थित रहेंगे।


आर्सेनल ने बुधवार को यह जानकारी दी।


आर्टेटा मार्च 2020 में भी पॉजिटिव पाए गए थे और तब उनके पॉजिटिव नतीजे की लीग के निलंबन में अहम भूमिका थी।


आर्टेटा तीसरे प्रीमियर लीग मैनेजर हैं जो कोविड-19 संक्रमण के बाद अभी पृथकवास पर हैं। इससे पहले क्रिस्टल पैलेस के पैट्रिक विएरा और एस्टन विला के स्टीवन गेरार्ड भी पृथकवास पर हैं।


अर्सेनल ने कहा, ‘‘सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार माइकल पृथकवास पर चले गए हैं और हम उनके उबरने की कामना करते हैं।’’


आर्टेटा इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के सहायक कोच थे।


इस बीच स्पेन में बार्सीलोना ने घोषणा की है कि उसके तीन खिलाड़ी ओसमाने डेम्बेले, सैमुअल उमटिटी और गावी रविवार को मालोर्का के खिलाफ होने वाले लीग मैच से पहले कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं।


बार्सीलोना ने ट्वीट किया, ‘‘खिलाड़ियों का स्वास्थ्य ठीक है और वे अपने घरों पर पृथकवास पर हैं।’’






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ह्यूग जैकमेन कोरोना वायरस से संक्रमित, ‘म्यूजिक मैन’ प्रस्तुति रद्द की

लॉस एंजिलिस : हॉलीवुड अभिनेता ह्यूग जैकमेन ने कहा है कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और उन्हें सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण हैं।


मंगलवार को इंस्टाग्राम पर 53 वर्षीय अभिनेता ने खुद के कोविड-19 की चपेट में आने की जानकारी साझा की। संक्रमण के चलते उन्हें अपने ब्रॉडवे कार्यक्रम ‘द म्यूजिक मैन’ से संबंधित प्रस्तुतियों को रद्द करना पड़ा है।


अभिनेता ने 30 सेकंड के एक वीडियो में कहा, “मैं आपको बस इतना बताना चाहता हूं कि मैं आज सुबह कोविड की जांच में संक्रमित पाया गया हूं। मेरे लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे हैं, मेरे गले में खराश है और नाक से पानी आ रहा है।”


उन्होंने कहा, “लेकिन मैं ठीक हूं और मैं जैसे ही पूरी तरह ठीक हो जाऊंगा, वैसे ही जल्द से जल्द मंच पर वापस आऊंगा।”


जैकमैन के वीडियो पोस्ट करने के तुरंत बाद, ‘द म्यूजिक मैन’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज ने भी घोषणा की कि शनिवार तक सभी प्रस्तुतियां रद्द रहेंगी।


ब्रॉडवे म्यूजिकल दो जनवरी को फिर से शुरू होगा और जैकमैन छह जनवरी को शो में वापसी करेंगे।


जैकमैन से पहले उनके सह-कलाकार सटन फोस्टर पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित मिले थे। फोस्टर दो जनवरी को कार्यक्रम में लौटेंगे।


कोविड-19 के मामले बढ़ने के चलते अमेरिका में पिछले दो हफ्तों में, ‘हैमिल्टन’, ‘द लायन किंग’ और ‘अलादीन’ सहित दर्जनों ब्रॉडवे शो प्रस्तुतियां रद्द करनी पड़ी हैं। 







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ओमीक्रोन के कहर से बचा हुआ है एशिया, लेकिन मामलों में वृद्धि अपरिहार्य है

ताइपे : एशिया का अधिकांश भाग कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्वरूप ओमीक्रोन को दूर रखने में कामयाब रहा है जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों में इसका प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन वह क्षेत्र जहां दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी है, वहां इसके मामलों में वृद्धि अपरिहार्य तौर पर देखने को मिल सकती है।


विदेशों से आने वालों के लिए पृथक-वास के सख्त नियम और बड़े पैमाने पर मास्क लगाने को अनिवार्य करने जैसे नियमों ने कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक स्वरूप के प्रसार को धीमा रखने में मदद की है। जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड ने हाल के हफ्तों में प्रवेश और पृथक-वास प्रतिबंधों को फिर से प्रभावी बना दिया जबकि बीत दिनों ही इनमें राहत दी गई थी।


लेकिन मामले बढ़ रहे हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ महीने अहम रहने वाले हैं। जापान सरकार के एक शीर्ष चिकित्सा सलाहकार ने डॉ शीगेरु ओमी ने कहा, “एक बार जब गति बढ़ जाएगी, तो मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगेंगे।”


इस साल की शुरुआत में विनाशकारी कोविड-19 के प्रकोप के बाद सामान्य हो रहा भारत, लगभग 1.4 अरब लोगों के देश में 700 से अधिक मामलों के साथ, ओमीक्रोन एक बार फिर से भय पैदा कर रहा है।


ऑस्ट्रेलिया पहले से ही कोविड-19 के कई मामलों से निपट रहा है जहां एक राज्य के नेता ने बुधवार को कहा कि "ओमीक्रोन बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।"


इसके अलावा, थाईलैंड में 700 मामले हो गए हैं, दक्षिण कोरिया में 500 से अधिक और जापान में 300 से अधिक मामले हैं। चीन, जिसने दुनिया के कुछ सबसे सख्त वायरस नियंत्रण लागू किए हुए हैं, वहां भी कम से कम आठ मामलों की जानकारी है।


फिलीपीन में केवल चार मामले सामने आए हैं, जहां लोग क्रिसमस से पहले शॉपिंग मॉल और एशिया के सबसे बड़े रोमन कैथोलिक राष्ट्र में सामूहिक प्रार्थना के लिए आए। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने कोविड-19 वार्डों को खत्म करना भी शुरू कर दिया है लेकिन यह समय से पहले उठाया गया कदम साबित हो सकता है।


जापान को नए स्वरूप के प्रसार को रोकने में मदद मिली, जिसमें प्रवेश प्रतिबंधों को फिर से लागू करना, सभी आगमनों के लिए अनिवार्य कोविड-19 जांच और एक उड़ान में किसी भी यात्री के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाए जाने पर सभी यात्रियों को अलग-थलग करने जैसे कदम शामिल हैं।


लेकिन पिछले हफ्ते जब पड़ोसी शहरों ओसाका और क्योटो में पहले स्थानीय रूप से प्रसारित मामलों की पुष्टि हुई तो यह रोकथाम कमजोर पड़ गई।


ताइवान, जहां प्रमुख शहरों में मास्क पहनना अनिवार्य है, ने मॉडर्ना टीके की अतिरिक्त खुराकें देनी आरंभ कर दी है।


प्रारंभिक शोध से पता चला है कि फाइजर, एस्ट्राजेनेका और मॉडर्ना टीकों की अतिरिक्त खुराकें ओमीक्रोन के खिलाफ सुरक्षा कम होने के बावजूद प्रभावी रहे हैं।







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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में यूनिवर्सिटी ने फिटेड जींस पर लगाया प्रतिबंध, छात्रों के लिए सख्त ड्रेस कोड

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक विश्वविद्यालय ने पुरुष और महिला छात्रों के लिए एक ड्रेस कोड लागू किया है। यह आदेश देश के संघीय शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी करने के महीनों बाद आया है। डेली पाकिस्तान अखबार के मुताबिक, नई अधिसूचना के तहत पुरुष छात्रों को शार्ट्स, कट-आफ जींस, मल्टी-पाकेट, फटी या टाइट जींस और पैंट, कुछ भी लिखी हुई टी-शर्ट पहनने की अनुमति नहीं है।

स कोड को लेकर जारी किए गए निर्देश यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर फैसलाबाद (यूएएफ) के टोबा टेक सिंह सब-कैंपस द्वारा जारी किए गए हैं। अधिसूचना के तहत चप्पल, बंदना, टोपी, किसी भी प्रकार की बनियान, लंबे बाल और पोनीटेल, झुमके, कलाई की पट्टियां पहनने पर भी रोक लगाई गई है।

वहीं, लड़कियों को जींस के साथ टी-शर्ट, बिना आस्तीन की शर्ट, सी-थ्रू और स्किनटाइट कपड़े पहनने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्राओं को ध्यान आकर्षित करने वाले आभूषण, पायल पहनने और अत्यधिक मेकअप करने पर भी रोक लगाई गई है। इससे पहले सितंबर के दौरान, इस्लामाबाद में शैक्षणिक संस्थानों की देखरेख करने वाले संघीय शिक्षा निदेशालय (FDE) ने महिला शिक्षकों के जींस पहनने और पुरुषों के जींस-टी शर्ट पहनने पर रोक लगाई थी। फडीई ने शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि उनके शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी ड्रेस कोड और व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करें। जिसमें नियमित रूप से बाल कटवाने, दाढ़ी ट्रिमिंग, नाखून काटने और इत्र का इस्तेमाल शामिल है।


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लॉस एंजिलिस पुलिस की ओर से जारी वीडियो में अधिकारी की गोली किशोरी को लगती दिखी

लॉस एंजिलिस (अमेरिका) : अमेरिका के लॉस एंजिलिस में सोमवार को जारी किए गए एक वीडियो में पुलिस पिछले हफ्ते एक कपड़े की दुकान पर एक हमले के संदिग्ध पर गोलियां चलाते हुए दिख रही है। इस गोलीबारी में ‘ड्रेसिंग रूम’ में छिपी 14 वर्षीय किशोरी की भी मौत हो गई जिसे दीवार से टकराकर आई गोली लग गई थी।


लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग ने बर्लिंगटन स्टोर में बृहस्पतिवार को हुई गोलीबारी का एक संपादित वीडियो पैकेज ऑनलाइन जारी किया, जिसमें 911 नंबर पर किए गए कॉल, रेडियो प्रसारण, बॉडी कैमरा फुटेज और निगरानी वीडियो शामिल थे। विभाग की नीति के तहत पुलिस की गोलीबारी जैसी गंभीर घटनाओं के वीडियो 45 दिनों के भीतर जारी करने होते हैं।


निगरानी वीडियो में संदिग्ध दो महिलाओं पर हमला करते हुए दिख रहा है, जिसमें एक फर्श पर गिर गई और वह रेंगने की कोशिश कर रही थी और हमलावर उसे दुकान के गलियारे से पैरों से खींचता हुआ दिख रहा है।


सैन फर्नांडो घाटी के उत्तरी हॉलीवुड क्षेत्र में दुकान के कर्मचारियों सहित कई लोगों ने पुलिस को फोन कर एक व्यक्ति के दुकान पर बाइक के ताले से हमला करने की सूचना दी। एक फोन करने वाले ने 911 पर फोन कर बताया कि उस व्यक्ति के पास बंदूक है। हालांकि, घटना स्थल से कोई बन्दूक नहीं मिली और केवल बाइक का ताला बरामद किया गया।





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पाकिस्तान ने ‘नागरिक केंद्रित’ राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूर किया

इस्लामाबाद :  पाकिस्तान के शीर्ष सुरक्षा आयोग ने सोमवार को 2022-26 के लिए उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूरी दे दी।


प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की 36वीं बैठक में नीति को प्रस्तुत दिया गया और उसे मंजूरी दी गयी। बैठक में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष और सभी सेनाओं के प्रमुखों ने भी भाग लिया।


राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोईद यूसुफ ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा रूपरेखा की ओर बढ़ रहा है। पाकिस्तान में पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूर किया गया है।


प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, ‘‘सुरक्षा के लिए नागरिक केंद्रित प्रयासों के तहत एनएसपी ने आर्थिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण स्थान पर रखा है। एक मजबूत अर्थव्यवस्था अतिरिक्त संसाधनों का सृजन करेगी, जो सैन्य और मानवीय सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए विवेकपूर्ण तरीके से वितरित किये जाएंगे।’’








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कोरोना के लक्षण दिखने के कारण पहले टेस्ट से बाहर हुए थे ओलिवियर : क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका

सेंचुरियन :  सुपरस्पोर्ट पार्क में रविवार को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डुआने ओलिवियर को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करने पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पहले दिन उनके गेंदबाजों ने खराब प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पहला दिन भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा था।


अब, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के चयन संयोजक विक्टर म्पित्सांग ने कहा, ओलिवियर को कोरोना के लक्षण दिखने के कारण पहले टेस्ट से बाहर किया गया था।


विक्टर म्पित्सांग के हवाले से ईएसपीएन क्रिकइन्फो ने सोमवार को बताया, ओलिवियर अब अच्छी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन वह कई हफ्ते पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसे उनको कई दिनों तक क्वारंटीन में रहना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज होने से पहले कड़ा अभ्यास किया था।


दिलचस्प बात यह है कि रविवार को मैच के पहले दिन पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर म्पित्सांग ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। ओलिवियर, जो चोटिल एनरिक नॉर्टजे की जगह टीम में शामिल हुए हैं। वह भारत के लिए दूसरे टेस्ट में वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।


ओलिवियर ने अपनी टीम लायंस के लिए चार प्रथम श्रेणी मैचों में 11.10 की औसत से 28 विकेट लिए थे, जिससे वह घरेलू प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे।




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महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के महल के निकट हथियार के साथ व्यक्ति गिरफ्तार

लंदन : विंडसर कैसल में सुरक्षा उल्लंघन के बाद एक युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से हथियार’बरामद किया गया है। इसी स्थान पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपना क्रिसमस मना रही हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।


कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच नॉरफोक में सैंड्रिंघम एस्टेट में अपने पारंपरिक क्रिसमस समारोह को रद्द करने का निर्णय लेने के बाद, प्रिंस चार्ल्स और पत्नी कैमिला दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के बर्कशायर के विंडसर कैसल में 95 वर्षीय महारानी के साथ क्रिसमस का त्योहार मना रहे हैं।


टेम्स वैली और मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने शनिवार की सुबह सुरक्षा उल्लंघन के मामले में साउथेम्प्टन से 19 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि शाही परिवार के सदस्यों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है।


टेम्स वैली पुलिस अधीक्षक रेबेका मियर्स ने कहा, ‘‘इस घटना के बाद जांच जारी है और हम मेट्रोपॉलिटन पुलिस के सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति के पास से हथियार बरामद किया गया है और वह इस समय हिरासत में है।


‘द संडे मिरर’ ने अपनी खबर में बताया कि यह गिरफ्तारी तब हुई जब सीसीटीवी की निगरानी कर रहे सुरक्षा नियंत्रकों ने एक व्यक्ति को जाते हुए देखा।


पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि कौन सा हथियार था और यह ज्ञात नहीं है कि वह व्यक्ति महल के कितने करीब पहुंच गया था। यह बताया जा रहा है कि वह एक हथियार ले गया था।


शनिवार को वार्षिक क्रिसमस कार्यक्रम में, महारानी ने अपने पति प्रिंस फिलिप को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका अप्रैल में 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।







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समानता के लिए संघर्ष करने वाले दक्षिण अफ्रीका के डेसमंड टूटू का निधन

जोहानिसबर्ग : दक्षिण अफ्रीका में नस्ली न्याय और एलजीबीटी अधिकारों के संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले सक्रिय कार्यकर्ता एवं केप टाउन के सेवानिवृत्त एंग्लिकन आर्चबिशप डेसमंड टूटू का निधन हो गया है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने रविवार को यह जानकारी दी। टूटू 90 वर्ष के थे।


रंगभेद के कट्टर विरोधी, अश्वेत लोगों के दमन वाले दक्षिण अफ्रीका के क्रूर शासन के खात्मे के लिए टूटू ने अहिंसक रूप से अथक प्रयास किए।


उत्साही और मुखर पादरी ने जोहानिसबर्ग के पहले अश्वेत बिशप और बाद में केप टाउन के आर्चबिशप के रूप में अपने उपदेश-मंच का इस्तेमाल किया और साथ ही घर तथा विश्व स्तर पर नस्ली असमानता के खिलाफ जनता की राय को मजबूत करने के लिए लगातार सार्वजनिक प्रदर्शन किया।


रामफोसा ने एक बयान में कहा कि रविवार को टूटू का निधन, "हमें एक मुक्त दक्षिण अफ्रीका देने वाले उत्कृष्ट दक्षिण अफ्रीका की एक पीढ़ी की विदाई में शोक का एक और अध्याय है।”


उन्होंने कहा,"दक्षिण अफ्रीका में प्रतिरोध के रास्ते से लेकर दुनिया के महान गिरजाघरों और उपासना स्थलों तक, और नोबेल शांति पुरस्कार समारोह की प्रतिष्ठित व्यवस्था तक, आर्चबिशप ने खुद को एक गैर-सांप्रदायिक, सार्वभौमिक मानवाधिकारों के समावेशी हिमायती के रूप में प्रतिष्ठित किया।"


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टूटू के निधन पर शोक व्यक्त किया।


मोदी ने टूटू को श्रद्धांजलि देते हुए रविवार को कहा कि वह विश्व स्तर पर अनगिनत लोगों के लिए एक मार्गदर्शक थे और मानवीय गरिमा एवं समानता पर उनके जोर को हमेशा याद रखा जाएगा।


दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने रविवार सुबह 90 वर्षीय टूटू के निधन की घोषणा की।




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भारत में चीनी कंपनियों पर छापेमारी के बाद चीन ने निराशा व्यक्त की

नई दिल्ली : भारत में स्थित कई चीनी कंपनियों पर कर और आय के मुद्दों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद चीन ने निराशा व्यक्त की है।


चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी विश्लेषकों ने आग्रह किया है कि भारत सरकार को अपने देश में चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करनी चाहिए।


रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी फर्मों का संचालन फिलहाल सामान्य है, लेकिन संबंधित कंपनियां अपने भारतीय कर्मचारियों को आश्वस्त करना चाहती हैं, क्योंकि जांच से कुछ चिंताएं पैदा हुई हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन कुछ चीनी विशेषज्ञों ने गुरुवार को दोहराया कि भारत में कारोबारी माहौल न केवल चीनी कंपनियों के लिए बल्कि सभी विदेशी कंपनियों के लिए कठोर है।


रिपोर्ट के अनुसार, चीनी विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में गैर-बाजार कारकों (नॉन मार्केट फैक्टर्स) का उन पर बड़ा और अप्रत्याशित प्रभाव पड़ेगा और कई समस्याएं पैदा होंगी और कई पश्चिमी कंपनियां पहले ही इस कारण से देश से बाहर हो चुकी हैं।


उन्होंने चीनी फर्मों से भारत में निवेश करने और व्यापार करने में सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने कंपनियों से कहा है कि यदि वे वहां रहना चाहती हैं तो उन्हें स्थानीय कानूनों का सख्ती से पालन करना चाहिए और अधिकारियों के लिए कार्रवाई करने का कोई बहाना नहीं छोड़ना चाहिए।


कर विभाग ने गुरुवार को ओप्पो और श्याओमी से जुड़े राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, राजकोट और कर्नाटक में 20 से अधिक परिसरों की तलाशी ली थी। चीनी कंपनी वनप्लस के कार्यालयों में भी तलाशी ली गई, जो ओप्पो में विलय हो गई है लेकिन एक अलग ब्रांड के रूप में काम करती है।


बीजिंग में सिंघुआ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग ने कहा, भारत के कर कानून बहुत जटिल हैं और हाल के वर्षों में कई भारतीय कंपनियों और कुछ संयुक्त उद्यम उद्यमों की भी कर मुद्दों पर जांच की गई है।


कियान ने कहा कि हालांकि नवीनतम जांच मुख्य रूप से आर्थिक कारणों से संचालित होने की संभावना है, मगर राजनीतिक प्रभाव की संभावना अभी भी मौजूद है, क्योंकि सरकार में अत्यधिक चीन विरोधी ताकतें हैं और वे भारत में चीनी फर्मों से संबंधित मामलों को भेदभावपूर्ण ²ष्टिकोण से देखेंगे।


शंघाई में फुडन विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के प्रोफेसर लिन मिनवांग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि जांच बिल्कुल भी आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि भारतीय अधिकारियों, विशेष रूप से कुछ स्थानीय सरकारों में, इस बात की परवाह नहीं है कि चीनी कंपनियां कैसा महसूस करती हैं, क्योंकि वे चीन के साथ विघटन या विच्छेदन पर जोर दे रहे हैं। वे चीनी फर्मों को सही लक्ष्य के रूप में देखते हैं, और उन्हें परवाह नहीं है कि चीनी निवेशक देश में कारोबारी माहौल को कैसे देखेंगे।


ग्लोबल टाइम्स को गुरुवार को भेजे गए एक बयान में श्याओमी के एक प्रवक्ता ने कहा, एक जिम्मेदार कंपनी के रूप में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए सर्वोपरि महत्व देते हैं कि हम सभी भारतीय कानूनों का अनुपालन करते हैं। भारत में एक निवेशित भागीदार के रूप में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी है।


अधिकारियों की ओर से चीनी वेंडर्स के साथ, उनके अनुबंध निर्माताओं की भी तलाशी ली गई। फॉक्सकॉन ने कहा कि वह इस मामले को देख रहे हैं।





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व्हाइट हाउस में बाइडन के पहले क्रिसमस पर भी पड़ा कोरोना वायरस का असर

वाशिंगटन :  कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और उसके नए स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के पहले क्रिसमस पर व्हाइट हाउस में कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया।


कोरोना वायरस की मार पड़ने से पहले तक क्रिसमस के अवसर पर व्हाइट हाउस में बड़े पैमाने पर समारोह आयोजित किए जाते थे और बड़ी संख्या में लोग इनमें शामिल हुआ करते थे। इस दौरान विभिन्न प्रकार के व्यंजन और पेय पदार्थों से मेहमानों का स्वागत किया जाता था। राष्ट्रपति और प्रथम महिला दिसंबर की कई शामों पर पार्टी आयोजित करते थे। कभी-कभी तो वे दिन में दो बार पार्टी आयोजित करते थे, लेकिन इस बार राष्ट्रपति बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन ने कोई बड़ा समारोह आयोजित करने और मेजों को व्यंजनों से सजाने के बजाय भोजन की व्यवस्था के बिना ‘ओपन हाउस’ आयोजित करने का फैसला किया। इस दौरान मेहमानों के लिए मास्क लगाना और टीकाकरण नहीं कराए लोगों के लिए कोविड-19 संबंधी जांच कराना अनिवार्य है।


देश के पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोरे के सामाजिक सचिव रहे फिलिप डुफॉर ने कहा, ‘‘उनके लिए यह निर्णय बहुत मुश्किल है।’’ उन्होंने कहा कि कई समारोह आयोजित नहीं किए गए और कुछ कार्यक्रमों का आयोजन ‘जूम’ के जरिए किया गया।


बाइडन ने ‘ओपन हाउस’ के लिए केवल 100-100 लोगों के समूहों को आमंत्रित किया और उन्हें सजावट देखने के लिए आमतौर पर दिए जाने वाले दो घंटे के बजाय आधे घंटे का समय दिया गया। इस दौरान भोजन और पेय पदार्थ नहीं परोसे गए। 

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कोविड संकट के बावजूद 2021 में मजबूत हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका के संबंध

जोहानिसबर्ग : दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच 2021 में राजनीतिक तथा व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए तथा कोरोना वायरस संकट ने दोनों देशों को इस जानलेवा महामारी से लड़ने में सहयोग बढ़ाने का मौका दिया।


दुनिया के बाकी ज्यादातर देशों की तरह दक्षिण अफ्रीका की 2021 की शुरुआत और समापन कोविड-19 की गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए हुआ और लगातार तीसरे साल 2022 में भी महामारी का संकट बने रहने की आशंका है।


जनवरी में दक्षिण अफ्रीका कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चपेट में था और साल खत्म होते-होते नवंबर में एक नए और अत्यधिक संक्रामक ओमीक्रोन स्वरूप के सामने आने के बाद देश चौथी लहर की चपेट में है।


फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से टेलीफोन पर बातचीत की थी और कोविड-19 महामारी से पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा की थी। दोनों नेताओं ने टीकों तथा दवाओं तक पहुंच बनाने और किफायती दरों पर उन्हें उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की थी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत से एक सप्ताह पहले भारत में निर्मित टीके एक विमान से दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे।


संक्रमण की मौजूदा लहर ने राष्ट्रपति रामफोसा को भी नहीं बख्शा, जिसके कारण उन्हें अपना कामकाज उपराष्ट्रपति डेविड माबुजा को सौंपना पड़ा। बीमार पड़ने से कुछ दिनों पहले रामफोसा ने ब्रिक्स देशों के वैज्ञानिकों से महामारी का समाधान निकालने के लिए एक साथ मिलकर काम करने को कहा था।


तेजी से बदल रहे यात्रा प्रतिबंधों के बीच रामफोसा ने फरवरी में देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि भारत उन देशों में से एक है जिनसे दक्षिण अफ्रीका महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट के मद्देनजर कौशल का आयात करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की उम्मीद करता है।


कोविड-19 के कारण आयी आर्थिक मंदी भारतीय कारोबारों को दक्षिण अफ्रीका में अपना उत्पादन बढ़ाने से रोकने में नाकाम रही। कोविड-19 को फैलने के लिए लंबे वक्त तक लगाए लॉकडाउन के बावजूद भारत दक्षिण अफ्रीका में वाहनों के आयात के लिए शीर्ष मूल देश रहा। ऑटोमोटिव उद्योग निर्यात परिषद की 2021 की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।


लंदन में भारत के इस्पात कारोबारी लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलर मित्तल की सहायक कंपनी आर्सेलर मित्तल साउथ अफ्रीका (एएमएसए) ने पिछले वित्त वर्ष में 23 लाख डॉलर का मुनाफा कमाया जबकि 2019 में उसे 3.96 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ था।


महिंद्रा ने दक्षिण अफ्रीकी बाजार में अपनी पैठ बढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण में भारी निवेश किया। दक्षिण अफ्रीका में महिंद्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश गुप्ता ने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका महिंद्रा के लिए क्षेत्रीय हब है और भारत के बाद उसका दूसरा घर है। हम महिंद्रा वाहनों के लिए बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कौशल विकास के सभी स्तरों पर सहयोग जारी रखेंगे।’’


घरेलू मोर्चे पर दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को जेल में डालने के बाद मध्य जुलाई में आगजनी की घटनाएं देखी गयीं। जुमा के गृह नगर ख्वाजुलु-नताल (केजेडएन) के कई हिस्सों में प्रदर्शन तब शुरू हो गए जब पूर्व नेता ने न्यायालय की अवमानना के लिए 15 महीने की जेल की सजा काटने के वास्ते पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।


इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में भारतीय दूतावासों में इस साल भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 



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ओमिक्रॉन के खतरे के बीच गूगल, इंटेल सीईएस 2022 में नहीं होंगे शामिल

सैन फ्रांसिस्को : गूगल और इंटेल उन टेक कंपनियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लास वेगास में व्यक्तिगत रूप से सीईएस 2022 में शामिल नहीं होने का फैसला किया है, क्योंकि ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।


जहां सीईएस की गवर्निग बॉडी, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन (सीटीए) शो को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, वहीं लेनोवो, टी-मोबाइल, एटी एंड टी, मेटा, ट्विटर, अमेजन, टिकटॉक, पिनटेरेस्ट, अल्फाबेट के स्वामित्व वाली वेमो जैसी कई टेक कंपनियां साथ में हैं। कई मीडिया आउटलेट्स के साथ, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्सशो में शामिल नहीं होंगे।


मीडिया रिपोर्टों में एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, हमने सीईएस 2022 के शो फ्लोर पर उपस्थिति को रोकने का फैसला किया है। हम ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते ममालों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और हमने फैसला किया है कि यह स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।


पिछले कई वर्षों से, लास वेगास कन्वेंशन सेंटर में गूगल के बाहरी प्रदर्शन मुख्य आधार रहे हैं।


सीटीए ने टेकक्रंच को बताया कि 2,200 से अधिक कंपनियों को लास वेगास में सीईएस 2022 में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने की पुष्टि की गई है।


आयोजक ने एक बयान में कहा, हमारा ध्यान तकनीक उद्योग को बुलाने और उन लोगों को देने पर है जो व्यक्तिगत रूप से सीईएस के जादू का अनुभव करने की क्षमता को डिजिटल रूप से अनुभव करने की क्षमता प्रदान करते हैं। हमें विश्वास है कि उपस्थित लोगों और प्रदर्शकों का लास वेगास में सामाजिक रूप से दूर लेकिन सार्थक और उत्पादक कार्यक्रम हो सकता है, या जबकि इसे ऑनलाइन अनुभव कर रहे हैं।


हालांकि यह योजनाओं में एक बदलाव है, हम आप सभी के लिए 4 जनवरी और 5 जनवरी को निर्धारित हमारी लेटेस्ट तकनीक को लॉन्च करते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।


सीईएस 2022 के विशेष वक्ताओं में से एक टी-मोबाइल के सीईओ माइक सीवर्ट ने घोषणा की कि उनकी कंपनी अगले महीने दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स शो में भाग नहीं लेगी।


ब्लॉकचैन-आधारित अपूरणीय टोकन (एनएफटी), दूरस्थ स्वास्थ्य समाधान, सेल्फ-ड्राइविंग कार, गेमिंग, भोजन और स्पेस टेक के आसपास कुछ पहली बार नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया का सबसे प्रभावशाली तकनीकी कार्यक्रम की उम्मीद है।




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कोरियाई बैंड ‘बीटीएस’ के सदस्य सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित

नई दिल्ली :  कोरियाई पॉप बैंड ‘बीटीएस’ के सदस्य सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। ‘बीटीएस’ की प्रबंधन कम्पनी ‘बिग हिट एंटरटेंमेंट’ ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 28 वर्षीय सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और पृथक-वास में हैं। बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया लौटने के बाद पीसीआर जांच में वह संक्रमित पाए गए।


बयान में कहा गया, ‘‘ सुगा ने अगस्त में कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक ली थी। अभी उनमें संक्रमण के कोई लक्षण भी नहीं है। वह स्वास्थ्य अधिकारियों के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए घर पर ही पृथक रह रहे हैं।’’


सुगा का असली नाम मिन यंग-गी है। वह बैंड के अन्य सदस्य आरएम, जिन, जे-होप, जिमिन, वी और जुंगकुक के सम्पर्क में नहीं आए हैं।


‘बीटीएस’ को ‘बैंग्टन सोनीओंदन’ के नाम से भी पहचाना जाता है और हाल ही में उन्होंने घोषणा की थी वे कुछ समय के लिए प्रस्तुति नहीं देंगे और आराम करेंगे। बैंड ने हाल ही में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में प्रस्तुति दी थी।




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लॉस एंजिलिस में दुर्घटनावश पुलिस की गोली लगने से 14 वर्षीय किशोरी की मौत

लॉस एंजिलिस (अमेरिका) : अमेरिका के लॉस एंजिलिस में एक आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही पुलिस की गोली दुर्घटनावश 14 वर्षीय एक किशोरी को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति पर गोली चलाई थी, जिसने पहले एक महिला के साथ मारपीट की थी।


पुलिस बृहस्पतिवार को एक कपड़े की दुकान में संदिग्ध को पकड़ने की कोशिश कर रही थी और इस दौरान पुलिस द्वारा चलाई गई एक गोली ‘ड्रेसिंग रूम’ में मौजूद किशोरी को जा लगी।


अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने पुरुष संदिग्ध को भी मार गिराया। पुरुष और किशोरी के नाम उजागर नहीं किए गए। जिस महिला के साथ मारपीट की गई थी, उन्हें गंभीर चोटे आई हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


सैन फर्नांडो घाटी के उत्तरी हॉलीवुड क्षेत्र में बर्लिंगटन स्टोर में पूर्वाह्न 12 बज कर करीब 45 मिनट पर गोलियां चलाई गईं।


लॉस एंजिलिस के पुलिस कैप्टन स्टैसी स्पेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस को एक महिला पर धारदार हथियार से हमला करने और गोलियां चलाए जाने की सूचना मिली थी। अधिकारियों ने जब संदिग्ध को अन्य व्यक्ति पर हमला करते हुए देखा, तो उस पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई।


लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग के सहायक प्रमुख डोमिनिक चो के अनुसार, गोलीबारी के दौरान एक गोली ‘ड्रेसिंग रूम’ में मौजूद किशोरी को जा लगी।


उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।




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सिंगापुर के विशेषज्ञों को 2022 में ‘ओमीक्रोन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका

सिंगापुर : कोरोना वायरस के नए एवं अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 2022 में सबसे अधिक मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, वायरस के ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है। सिंगापुर के विशेषज्ञों का ऐसा मानना है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है।


डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अदहानोम ग्रेबेयेसस ने सोमवार को जिनेवा में पत्रकारों से कहा था, ‘‘ 2022 वह वर्ष होगा, जब हम वैश्विक महामारी को पूरी तरह खत्म कर देंगे।’’


इसके विपरीत, सिंगापुर के विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप कितना खतरनाक है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कब खत्म होगी, इसका पूर्वानुमान लगाने की कोशिश करना ‘‘निरर्थक’’ है।


जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि 2022 में विश्व में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक मामले सामने आएंगे।’’


उन्होंने कहा कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप अधिक संक्रामक है और ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है।


हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ‘ओमीक्रोन’ के अधिक फैलने से, संक्रमण के मामले और अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसके प्रभाव अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि वैश्विक महामारी पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है और कोविड-19 रोधी टीके लगवाने तथा उसकी ‘बूस्टर’ खुराक के विश्व में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने तक, नए स्वरूपों के सामने आने की आशंका बनी रहेगी।’’


इस बीच, सिंगापुर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 322 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 2,77,042 हो गए। इन 322 नए मामलों में से 89 लोग ऐसे हैं जो दूसरे देशों से यहां आए हैं। वहीं, दो और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 820 हो गई।




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बांग्लादेश में एक नौका में आग लगने से 36 लोगों की मौत

ढाका : दक्षिणी बांग्लादेश में शुक्रवार को लोगों को ले जा रही एक नौका में आग लगने से कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 200 लोग झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह आग, बारगुना जा रही नौका एमवी अभिजन-10 के इंजन कक्ष में स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को तड़के तीन बजे लगी। यह नौका ढाका से रवाना हुई थी। द ढाका ट्रिब्यून ने अपनी एक खबर में कहा, ‘‘अधिकारियों ने झलकथी में सुगंधा नदी पर जा रही नौका से जले हुए कम से कम 36 शव बरामद किए हैं। यह स्थान राजधानी ढाका से 250 किलोमीटर दक्षिण में है।’’ खबर में नौका प्रशासन, पुलिस और दमकल कर्मियों के हवाले से बताया गया कि घटना में कम से कम 200 लोग झुलस गए हैं और स्थानीय अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। 






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एंजियोप्लास्टी के बाद आबिद अली को दो महीने आराम की सलाह

कराची : पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज आबिद अली को एंजियोप्लास्टी के बाद दो महीने आराम की सलाह दी गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसकी पुष्टि की।


आबिद को कायदे आजम ट्रॉफी के मैच के दौरान बल्लेबाजी करते समय सीने में तेज दर्द उठा था जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी एंजियोप्लास्टी हुई और स्टेंट डाले गए। दूसरी बार स्टेंट बृहस्पतिवार को डाला गया।


उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें दो महीने आराम की सलाह दी है जिसके बाद उनकी फिर जांच की जायेगी। पीसीबी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उसकी मेडिकल टीम विदेश में ह्र्दयरोग विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। 




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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ओमीक्रोन के 12 संदिग्ध मामले सामने आए

कराची : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कम से कम 12 संदिग्ध मामले सामने आए। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी।


ऑपरेशन सेल (कोविड) के प्रमुख डॉ नकीबुल्लाह नियाजी ने कहा कि सभी मरीजों को पृथक-वास में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण और जांच के दौरान क्वेटा जिले के पास कलात शहर में इन मामलों का पता चला। नियाजी ने बताया, ‘‘नमूने रावलपिंडी में राष्ट्रीय हृदय रोग संस्थान (एनआईएचडी) को ओमीक्रोन स्वरूप की मौजूदगी की पुष्टि के लिए भेजे गए हैं।’’


बलूचिस्तान प्रांत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 19 नए मामले आए। प्रांत में संक्रमितों की कुल संख्या 33,606 और मृतक संख्या 363 हो गई है। पाकिस्तान में ओमीक्रोन के अब तक दो मामलों की पुष्टि हुई है। ये दोनों मामले कराची से आए थे।


संघीय योजना मंत्री असद उमर और स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक डॉ फैसल सुल्तान ने पिछले महीने कहा था कि ओमीक्रोन स्वरूप का मामला कभी ना कभी आएगा ही और इसे रोकना संभव नहीं है। खतरे को कम करने के लिए टीकाकरण को प्रभावी उपाय बताते हुए उमर ने कहा था, ‘‘वायरस का यह स्वरूप दुनिया भर में फैल चुका है। दुनिया आपस में जुड़ी हुई है और इसे रोकना मुमकिन नहीं है। देखना होगा कि कब यह पहुंचता है।’’


पाकिस्तान ने नए स्वरूप के खतरे के मद्देनजर 27 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, इस्वातिनी, मोजाम्बिक, बोत्सवाना, नामीबिया और हांगकांग से यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। बाद में नौ और देशों-क्रोएशिया, हंगरी, नीदरलैंड, यूक्रेन, आयरलैंड, स्लोवेनिया, वियतनाम, पोलैंड और जिम्बाब्वे के लिए प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया था। पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 1,292,047 मामले आ चुके हैं तथा 28,892 लोगों की मौत हुई है।








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ओमीक्रोन से प्रभावित व्यवसायों को एक अरब पौंड की मदद देगी ब्रिटेन सरकार

लंदन : ब्रिटेन सरकार कोरोना वायरस के नए स्वरुप ओमीक्रोन से प्रभावित होटल, रेस्तरां एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों को एक अरब पौंड की मदद देगी।


सरकार ने पब, रेस्तरां और अन्य संबंधित व्यवसायों की समस्याओं को देखते हुए यह घोषणा की है।


कोरोना वायरस के कारण स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों से होटल और रेस्तरां उद्योग की आय में गिरावट आई है।


ब्रिटेन वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने मंगलवार को होटल और आराम एवं मनोरंजन आदि से संबंधित उद्योग (लीजर सेक्टर) के लिए प्रति परिसर 6,000 पौंड तक के अनुदान के लिए एक अरब पौंड के पैकेज की घोषणा की। यह अनुदान एक बार दिया जाएगा।


उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि ओमीक्रोन के कारण होटल और 'लीजर' क्षेत्रों में व्यवसाय इस अहम मौके पर भारी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। इसलिए हम एक अरब पौंड की आर्थिक सहायता की घोषणा कर रहे हैं।"


ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए मामलों में वृद्धि से कई पब और रेस्तरां की बुकिंग रद्द हो रही है।


व्यवसायों के लिए दिसंबर का महीना सबसे लाभदायक होता है लेकिन इस बार कई व्यापारियों को दिसंबर में 40 से 60 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।


सरकार कोरोना वायरस के नए मामलों में अचानक वृद्धि से प्रभावित अन्य क्षेत्रों (होटल और लीजर क्षेत्रों को सामान की आपूर्ति करने वाले) का समर्थन करने के लिए स्थानीय प्रशासन को अतिरिक्त दस करोड़ पौंड भी देगी।




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प्रदीप कुमार चीन में होंगे भारत के नये राजदूत

नई दिल्ली : वरिष्ठ राजनयिक प्रदीप कुमार रावत को सोमवार को चीन का अगला राजदूत नियुक्त किया गया।


भारतीय विदेश सेवा के 1990 बैच के अधिकारी रावत फिलहाल नीदरलैंड में भारतीय दूत के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं।


विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘ उनके शीघ्र ही नई जिम्मेदारी संभाल लेने की संभावना है।’’


रावत विकरम मिश्री की जगह लेंगे। उनकी नियुक्ति पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर चल रह टकराव के बीच हुई है। वह पहले हांगकांग और बीजिंग में काम कर चुके हैं।


रावत ने सितंबर, 2017 से दिसंबर, 2020 तक इंडोनेशिया एवं तिमोर-लेस्ते में राजदूत के रूप में अपनी सेवा दी है। वह धाराप्रवाह चीनी भाषा बोलते हैं।





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पनामा पेपर्स लीक मामले में ईडी के सामने पेश हुईं अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन

नयी दिल्ली : अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन 2016 के 'पनामा पेपर्स' लीक प्रकरण से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।


ईडी द्वारा अभिनेता अमिताभ बच्चन की 48 वर्षीय बहू से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत पूछताछ की जा रही है।


मामला वर्ष 2016 में वाशिंगटन स्थित इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) द्वारा पनामा की कानूनी फर्म मोसैक फोंसेका के रिकॉर्ड की जांच से जुड़ा है जिसे 'पनामा पेपर्स' नाम से जाना जाता है। इसमें विश्व के कई नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम सामने आए थे जिन्होंने कथित तौर पर देश से बाहर की कंपनियों में विदेशों में पैसा जमा किया था। इनमें से कुछ के बारे में कहा गया है कि उनके पास वैध विदेशी खाते हैं। इस खुलासे में कर चोरी के मामलों को सामने लाया गया था।





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रूसी राष्ट्रपति व्लामदिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की

नई दिल्ली :  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और ‘‘एशिया-प्रशांत’’ क्षेत्र में स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। एक रूसी अधिकारी ने यह जानकारी दी।


रूस, हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अक्सर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नाम से पुकारता है।


अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं ने छह दिसंबर को पुतिन की भारत यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिये गये समझौतों को लागू करने के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की।


रूसी अधिकारी ने कहा, ‘‘पुतिन ने छह दिसंबर को नई दिल्ली की उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान रूसी शिष्टमंडल के आतिथ्य सत्कार को लेकर नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है। ’’


उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने वार्ता के दौरान हुए समझौतों के क्रियान्वयन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की तथा रूस एवं भारत के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के और अधिक बहुआयामी विकास के लिए परस्पर इरादा जाहिर किया।’’





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रविवार को होने वाले भारत-मध्य एशिया संवाद में अफगान संकट, क्षेत्रीय संपर्क पर जोर

नई दिल्ली : पांच मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के संवाद के तीसरे संस्करण में अफगानिस्तान की स्थिति, संपर्क तथा विकास केंद्रित सहयोग को बढ़ावा देने पर रविवार को मुख्य जोर रहेगा।


विदेश मंत्री एस जयशंकर संवाद की मेजबानी कर रहे हैं, जिसमें कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के उनके समकक्ष शामिल हो रहे हैं।


किर्गिज़ गणराज्य के विदेश मंत्री रुस्लान कज़ाकबाएव, उनके ताजिक समकक्ष सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन और कज़ाख विदेश मंत्री मुख्तार तिलुबर्दी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।


मुहरिद्दीन भारत-मध्य एशिया वार्ता में भाग लेने के साथ-साथ द्विपक्षीय दौरे पर भी भारत में हैं।


पिछले कुछ वर्षों में, भारत ऊर्जा संपन्न मध्य एशियाई देशों को अपने विस्तारित पड़ोस का हिस्सा मानते हुए उनके साथ समग्र सहयोग का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।


अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने पश्चिम एशियाई देशों के महत्व को मजबूत किया, जिनमें से तीन - ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान - युद्धग्रस्त राष्ट्र के साथ सीमा साझा करते हैं।


सभी पांच पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने 10 नवंबर को अफगानिस्तान पर भारत द्वारा आयोजित क्षेत्रीय संवाद में भाग लिया। इसमें रूस और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए थे।


अधिकारियों ने कहा कि बातचीत में संपर्कशीलता और विकास परक सहयोग के साथ-साथ अफगानिस्तान में सामने आ रहे घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित होगा।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को कहा था, “मंत्रियों के भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की उम्मीद है जिसमें व्यापार, संपर्कशीलता और विकास परक सहयोग पर विशेष रूप से जोर होगा।”


उन्होंने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, “उनके परस्पर हितों के क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है।”


भारत-मध्य एशिया संवाद की दूसरी बैठक का आयोजन पिछले साल अक्टूबर में भारत द्वारा डिजिटल वीडियो कॉन्फ्रेंस प्रारूप में किया गया था।





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अमेरिकी अदालत ने कर्मचारियों के लिए टीका लगवाने की अनिवार्यता वाले आदेश को दी मंजूरी

वाशिंगटन :  अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने निजी नियोक्ताओं के लिए अपने कर्मचारियों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक देने की अनिवार्यता वाले राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश को शुक्रवार को मंजूरी दे दी।


टीका लगवाने की अनिवार्यता वाला यह आदेश उन कंपनियों पर लागू होगा जिनमें 100 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं और इसके दायरे में करीब 8.4 करोड़ कामगार आएंगे। टीके की पूरी तरह खुराक न लेने वाले कर्मचारियों को मास्क पहनना होगा और कोरोना वायरस के लिए साप्ताहिक जांच करानी होगी। बाहर या केवल घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इसमें छूट होगी।


छठी यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स की समिति ने एक के मुकाबले दो मतों से एक अलग अदालत के संघीय न्यायाधीश के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें देशभर में इस आदेश को लागू करने पर रोक लगायी गयी थी।


अमेरिका के ‘ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन’ (ओएसएचए) का यह फैसला चार जनवरी से लागू होना था। शुक्रवार को आए आदेश के साथ अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अब यह फैसला कब से लागू होगा।


न्यायाधीश जूलिया स्मिथ गिबॉन्स ने बहुमत से दिए अपने फैसले में कहा, ‘‘वायरस को विनियमित करने के लिए ओएसएचए को स्पष्ट अधिकार दिया जाता है। ओएसएचए के पास अनिवार्य रूप से ऐसे संक्रामक रोगों को विनियमित करने का अधिकार है जो कार्य स्थल के लिए अलग नहीं हैं।’’






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विशेषज्ञों की चेतावनी- ओमिक्रोन की चेन को तोड़ने के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाना ही उपाय

कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन दुनियाभर में बहुत तेजी से फैल रहा है. WHO के अनुसार अब तक यह वायरस 77 देशों में फैल चुका है और कोरोना के किसी भी वेरिएंट की तुलना में ज्यादा रफ्तार के साथ लोगों को संक्रमित कर रहा है. इस बीच संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए सभी देश एहतियात के तौर पर लॉकडाउन लगाने से लेकर टेस्टिंग बढ़ाने सहित तमाम कोशिशें कर रहे है. वहीं Covid -19 रणनीति पर नीदरलैंड को सलाह देने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि ओमिक्रोन से बचने के लिए देश को पूर्ण लॉकडाउन  करना होगा. 

स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो डी जोंग ने बीते शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद वहां के पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते प्रसार को लेकर चिंतित है. ह्यूगो डी जोंग ने कहा,' मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं कहूंगा लेकिन सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का पालन करेगी. बता दें कि नीदरलैंड के पीएम मार्क रूट की सरकार आज यानी शनिवार को स्वास्थ्य विषेशज्ञों के साथ एक बैठक करने वाली है. इस बैठक में ओमिकोन के चेन को तोड़ने के लिए उठाये जाने वाले कदम पर निर्णय लिया जाएगा. 

बता दें कि नीदरलैंड में नवंबर में ही कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधों के विरोध में लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया. विरोध के दौरान पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कई नागरिक घायल हो गए थे. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब यहां कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधों के विरोध में प्रदर्शन हुआ हो. इससे पहले जनवरी में भी पूर्ण लॉकडाउन का विरोध करते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया था.   

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फेरारी ड्राइवर चार्ल्स लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव

अबु धाबी : फेरारी के ड्राइवर चार्ल्स लेक्लर्स सीजन के बाद अबु धाबी से घर लौटने के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को उनके फेरारी क्लब ने दी है।


फेरारी ने ट्वीट किया, लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एफआईए और टीम द्वारा आवश्यक प्रोटोकॉल के अनुसार, चार्ल्स का अबु धाबी से लौटने पर टेस्ट किया गया था। वह वर्तमान में कम लक्षणों के साथ ठीक महसूस कर रहे हैं, लेकिन वह घर में ही आइसोलेशन में रहेंगे।


यह दूसरी बार है जब लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले, जनवरी में 2021 की शुरुआत में इनका टेस्ट किया गया था, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।


इस सीजन में लेक्लर्स ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने दो बार फेरारी एसएफ 21 में जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही वह अबु धाबी ग्रां प्री में 10वें स्थान पर रहे थे।





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मेटा ने जासूसी करने वाली 7 कंपनियों को किया ब्लॉक, जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली : अगर आप फेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम यूजर्स हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि मेटा की तरफ से जानकारी दी गई है कि भारत समेत दुनिया में करीब 7 ऐसी कंपनियों को ब्लॉक किया गया हैं, जो यूजर्स की ऑनलाइन गतिविधियों की ट्रैकिंग करती थी। इन जासूसी करने वाली कंपनियों में एक भारतीय कपनी भी शामिल है। यह कंपनियां 100 देशों में अपने नेताओं, चुनाव अधिकारियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मशहूर हस्तियों को निशाना बना रही थीं। 

यह कंपनियां जासूसी का प्रोफेशन काम करती थी। मलतब क्लाइंट से पैसे लेकर टारगेटेड व्यक्ति की जासूसी करती थीं। इसीलिए इन्हें सर्विलेंस-फॉर-हायर वाली कंपनियां कहा जाता है। यह कंपनियां इंटरनेट पर लोगों की खुफिया जानकारी जुटाने, तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने पेश करने और उनके डिवाइस और अकाउंट में सेंधमारी कर सकती थीं। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा (पूर्व में फेसबुक) इसे लेकर 100 से ज्यादा देशों के करीब 50,000 लोगों को अलर्ट भेजा है। 

किन कंपनियों को किया गया ब्लॉक

  1. बेलट्रॉक्स - भारत
  2. साइट्रोक्स - उत्तर मैसेडोनिया
  3. कोबवेब्स टेक्नोलॉजीज
  4. कॉगनिट
  5. ब्लैक क्यूब एवं ब्लूहॉक सीआई - इजराइल
  6. अज्ञात कंपनी - चीन

मेटा के मुताबिक जासूसी करने वाली कंपनियो की पहचान करीब एक माह की जांच के बाद की गई। साल 2019 में वॉट्सऐप की तरफ से इजराइली टेक्लनोलॉजी फर्म NSO Group के खिलाफ मुकदमा किया। जिसकी तरफ से एक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया था। जिसे पेगासस के नाम से जाना जाता था। यह सॉफ्टवेयर पत्रकारों, ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट की जासूसी करने का काम करता था।

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अफगानिस्तान को पाकिस्तान के रास्ते गेहूं पहुंचाने के तौर तरीकों पर बातचीत जारी : विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली : भारत ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान करने की बात दोहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को गेहूं पहुंचाने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पड़ोसी देश के साथ बातचीत चल रही है।


भारत ने पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान की जनता के लिए 50,000 टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाएं भेजने का एक प्रस्ताव सात अक्टूबर को पाकिस्तान को भेजा था तथा पाकिस्तान ने नवंबर के अंत में भारत को अपने क्षेत्र से अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देने की घोषणा की थी । इसके बाद 11 दिसंबर को करीब 2 टन जीवन रक्षक दवाएं अफगानिस्तान भेजी गई और उसे डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि को सौंपा गया था।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत हमेशा अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़ा है और इसका ही उदाहरण है कि 11 दिसंबर को करीब 2 टन जीवन रक्षक दवाएं अफगानिस्तान भेजी गई और उसे डब्ल्यूएचओ को सौंपा गया ।


उन्होंने कहा,‘‘ हम अफगानिस्तान की जनता के लिए 50,000 टन गेहूं और जीवनरक्षक दवाएं भेजना चाहते हैं और हम आपूर्ति के तौर तरीकों पर पाकिस्तान से बातचीत कर रहे हैं। इसके तौर तरीकों पर बातचीत चल रही है।’’


यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान की ओर से दिसंबर के अंत तक कार्यक्रम तय करने को लेकर कोई सुझाव आया है, बागची ने कहा, ‘‘ बातचीत जारी है और मैं नहीं समझता कि कोई समयसीमा तय की गई है। ’’


एक अन्य सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि हमारा इरादा है कि अफगानिस्तान को और मानवीय सहायता भेजते रहें । उन्होंने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है और इस बारे में धैर्य रखें ।


बागची ने कहा कि बातचीत जारी है,हम आगे की जानकारी मिलने पर उसे साझा करेंगे।


मामले के जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान इस बात पर अड़ा है कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं की खेप वाघा सीमा के बाद से उसके ट्रकों पर आगे भेजी जाएं जबकि भारत अपने ही वाहनों के जरिए इन्हें भेजना चाहता है। भारत चाहता है कि मदद लाभार्थियों तक सीधे पहुंचे और इनका वितरण किसी भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के जरिए हो।


गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने घोषणा की थी कि उनकी सरकार पारगमन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के बाद भारत को अपने क्षेत्र से पड़ोसी देश अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की मानवीय खेप भेजने की अनुमति देगी।


गौरतलब है कि मौजूदा समय में पाकिस्तान केवल अफगानिस्तान को भारत को माल निर्यात करने की अनुमति देता है, लेकिन सीमा पार से किसी अन्य दोतरफा व्यापार की अनुमति नहीं देता है।


पिछले महीने, भारत ने मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान के लिए 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजने की घोषणा की और पाकिस्तान से वाघा सीमा के माध्यम से खाद्यान्न भेजने का अनुरोध किया था। 





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भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ दोस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: राष्ट्रपति कोविंद

ढाका :  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ अपनी दोस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और नई दिल्ली ढाका के साथ अपनी दोस्ती की पूरी क्षमता को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करने को लेकर प्रतिबद्ध है।


राष्ट्रपति कोविंद ने यहां विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 1971 का मुक्ति संग्राम प्रत्येक भारतीय के दिल में एक विशेष स्थान रखता है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ अपनी दोस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हम बांग्लादेश के साथ अपनी दोस्ती की पूरी क्षमता को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’’


राष्ट्रपति ने कहा कि इतिहास हमेशा भारत-बांग्लादेश दोस्ती की अनूठी नींव का गवाह रहेगा, जब जनयुद्ध के बाद बांग्लादेश आजाद हुआ। उन्होंने कहा कि दुनिया ने मूल्यवान सबक सीखा है कि बहुसंख्यक लोगों की इच्छा को किसी भी बल, चाहे वह कितना भी क्रूर क्यों न हो, उससे दबाया नहीं किया जा सकता है। कोविंद ने कहा कि वास्तव में, शायद ही कभी मानवता ने इतने बड़े पैमाने पर बलिदानों को देखा हो, जैसा कि 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान हुआ था।

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जिल बाइडन क्रिसमस परेड दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों से मिलीं

वाशिंगटन :  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन ने उपनगरीय मिल्वौकी में क्रिसमस परेड के दौरान हुई दुर्घटना के पीड़ितों से बुधवार को मुलाकात की। परेड के दौरान भीड़ में घुसे एक वाहन की चपेट में आने से छह लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।


जिल बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के पति डग एम्हॉफ ने मिल्वौकी में चिल्ड्रन विस्कॉन्सिन अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने क्रिसमस परेड के दौरान हुई दुर्घटना के पीड़ितों का इलाज करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को धन्यवाद दिया। उनके साथ अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति भी थे।


मूर्ति ने कहा, ‘‘राष्ट्र आपका बहुत आभारी है। हम आपको नहीं भूले हैं और न कभी भूलेंगे। आप हमारे जेहन में, हमारे दिलों में बने रहेंगे।’’


जर्नल सेंटिनल नामक समाचार पत्र ने बताया कि जिल बाइडन ने अस्पताल में दो घायल बच्चों और उनके परिवारों से मुलाकात की।


उन्होंने कोविड-19 रोधी टीके के महत्व पर भी जोर दिया और माता-पिता से अपने बच्चों का टीकाकरण कराने का आग्रह किया। इसके बाद बाइडन ने वेटरन्स पार्क में दुर्घटना पीड़ितों के स्मारक पर फूलों का गुलदस्ता रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


डेरेल ब्रूक्स जूनियर पर 21 नवंबर को वुकेशा में क्रिसमस परेड के दौरान भीड़ में अपना वाहन घुसाने का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डेरेल ब्रूक्स जूनियर वहां घूम रहा था और ऐसा प्रतीत होता है कि उसने जानबूझकर लोगों को मारने की कोशिश की थी।

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राष्ट्रपति कोविंद ढाका के जीर्णोद्धार किए गए रमणा काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे

नई दिल्ली/ढाका : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जीर्णोद्धार किए गए ऐतिहासिक श्री रमणा काली मंदिर का शुक्रवार को उद्घाटन करेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसे दोनों देशों के लिए बेहद भावुक क्षण बताया।


गौरतलब है कि 1971 में पाकिस्तानी सेना ने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था, जिसका जीर्णोद्धार किया गया है।


कोविंद बांग्लादेश के राष्ट्रपति एम. अब्दुल हामिद के न्योते पर अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर ढाका आए हुए हैं। इस दौरान वह 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी की स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे।


श्रृंगला ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 दिसंबर को श्री रमणा काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे। पाकिस्तान की सेना ने 1971 के ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ में मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था।


श्रृंगला ने बुधवार को पत्रकारों से कहा था, ‘‘ऐसे में यह बहुत ही समुचित है कि हम ठीक 50 साल बाद हम जीर्णोद्धार के उपरांत रमणा काली मंदिर का उद्घाटन करने जा रहे है और यह सिर्फ सांकेतिक नहीं है, यह दोनों देशों के लिए बहुत भावनात्मक पल है।’’


ढाका ट्रिब्यून में प्रकाशित खबर के अनुसार, राष्ट्रपति कोविंद ने मंदिर समिति के सदस्यों के साथ विचारों के आदान-प्रदान में भी रुचि दिखाई है।


‘ऑपरेशन सर्चलाइट’, 1971 में पाकिस्तानी सेना ने मंदिर को पूरी तरह से तोड़ दिया था। कुछ खबरों के अनुसार, मंदिर को आग लगा दी गयी थी और इस घटना में श्रद्धालुओं और मंदिर में रहने वाले तमाम लोग मारे गए थे।


भारत ने मंदिर के जीर्णोद्धार का पूरी तरह समर्थन किया।




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वेस्टइंडीज टीम के तीन और खिलाड़ी, दो सहयोगी स्टाफ पॉजिटिव

कराची :  वेस्टइंडीज टीम के तीन खिलाड़ी और दो सहयोगी स्टाफ के कोरोना वायरस जांच में पॉजिटिव पाये जाने के बाद मौजूदा पाकिस्तान दौरा खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।


विकेटकीपर शाइ होप, बायें हाथ के स्पिनर अकील हुसैन और हरफनमौला जस्टिन ग्रीव्स पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा कराई गई ताजा जांच में संक्रमित पाये गए।


सहायक कोच रॉडी एस्टविक और टीम डॉक्टर अक्षय मानसिंह भी पॉजिटिव पाये गए हैं।


क्रिकेट वेस्टइंडीज ने एक बयान में कहा, ‘‘तीनों खिलाड़ी आगामी मैच नहीं खेल सकेंगे और पांचों व्यक्ति पृथकवास में रहेंगे। चिकित्सा अधिकारी उनकी देखरेख करेंगे। उन्हें दस दिन या आरटी पीसीआर जांच नेगेटिव आने तक पृथकवास में रहना होगा।’’


वेस्टइंडीज के अब छह खिलाड़ी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए हैं जबकि डेवोन थॉमस ऊंगली में चोट के कारण बाहर हो गए हैं।


दोनों बोर्ड के अधिकारी गुरूवार को बैठक करके मौजूदा श्रृंखला के भविष्य पर फैसला लेंगे।


पाकिस्तान ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2.0 की अजेय बढत ले ली है। तीसरा मैच गुरूवार को हाना है जिसके बाद वनडे श्रृंखला खेली जायेगी।


इससे पहले तेज गेंदबाज शेल्डन कोटरेल और हरफनमौला रोस्टन चेस तथा काइल मायेर्स भी कोरेाना संक्रमण के कारण टी20 श्रृंखला से बाहर हो गए थे।




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