भाजपा ने जेपी नड्डा को बनाया राज्यसभा में सदन का नेता, पीयूष गोयल की लेंगे जगह

भाजपा ने जेपी नड्डा को राज्यसभा में सदन का नेता बनाने का फैसला किया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सदन में यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन उत्तर मुंबई लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब जेपी नड्डा को ये दायित्व सौंपा गया है। 

गौरतलब है कि सोमवार से 18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन सभी नवनिर्वाचित सांसदों ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। सदन का नेता होने के नाते सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्यता की शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने संसद की कार्यवाही की अध्यक्षता की।

गौरतलब है कि सोमवार से 18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन सभी नवनिर्वाचित सांसदों ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। सदन का नेता होने के नाते सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्यता की शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने संसद की कार्यवाही की अध्यक्षता की।


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18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू, पीएम मोदी के बाद राजनाथ, शाह और गडकरी ने ली सांसद पद की शपथ

18वीं लोकसभा का पहला शुरू हो गया है। सबसे पहले सदन में राष्ट्रगान हुआ, उसके बाद पिछले सदन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पीएम मोदी ने लोकसभा सदस्य की शपथ ली। मोदी के बाद उनकी कैबिनेट के लोकसभा सांसद शपथ ले रहे हैं।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम जब शपथ के लिए बुलाया गया तो विपक्ष ने NEET-NEET, शेम-शेम बोलना शुरू कर दिया। विपक्ष NEET पेपर धांधली में उनके इस्तीफे की भी मांग कर चुका है।

सत्र शुरू होने से पहले संसद पहुंचे PM मोदी ने कहा- देश चलाने के लिए सबकी सहमति जरूरी है। हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। संविधान की मर्यादाओं का पालन करते हुए देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं। देश को एक जिम्मदार विपक्ष की जरूरत है।

संसद में आज और कल नए सांसद शपथ लेंगे। इससे पहले भाजपा सांसद भर्तुहरि महताब को सोमवार सुबह 10 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे।



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अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, दिल्ली HC के जमानत पर रोक के खिलाफ दायर की है याचिका

नई आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत देने के निचली अदालत के आदेश पर दिल्ली हाई कोर्ट की अंतरिम रोक के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

निचली अदालत ने 20 जून को अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ईडी को दी थी अंतरिम राहत

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था। हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ईडी को अंतरिम राहत नहीं दी होती तो केजरीवाल शुक्रवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते थे। हाई कोर्ट की एक अवकाशकालीन पीठ ने कहा था कि इस आदेश तक आक्षेपित आदेश का क्रियान्वयन स्थगित रहेगा।

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को 24 जून तक लिखित प्रतिवेदन दाखिल करने के लिए कहा था। उनकी ओर से कहा गया था कि दो-तीन दिन के लिए आदेश सुरक्षित रख जा रहा है, क्योंकि वे पूरे मामले के रिकॉर्ड का अवलोकन करना चाहते हैं।

कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी कर ईडी की उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें निचली अदालत के 20 जून के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उन्हें जमानत दी गई थी।

सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की है। अपने जमानत आदेश में ट्रायल कोर्ट ने माना था कि प्रथम दृष्टया केजरीवाल का अपराध अभी तक स्थापित नहीं हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी अपराध की आय से उन्हें जोड़ने वाले प्रत्यक्ष सुबूत प्रस्तुत करने में विफल रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आप नेताओं को बताया पाखंडी

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को पाखंडी करार देते हुए कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही आप नेता ईडी और केंद्र सरकार की इस बात पर निंदा कर रहे थे कि बिना आर्डर के ही ईडी ने हाई कोर्ट का रुख किया। जबकि आप नेता ने स्वयं उसी रास्ते पर चलकर हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जबकि अभी तक हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई ही पूरी नहीं हुई है।



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पेपर लीक हुआ तो 10 साल जेल,₹1 करोड़ तक जुर्माना

देश में एंटी-पेपर लीक कानून यानी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू हो गया है। केंद्र ने शुक्रवार (21 जून) की आधी रात इसका नोटिफिकेशन जारी किया। यह कानून भर्ती परीक्षाओं में नकल और अन्य गड़बड़ियां रोकने के लिए लाया गया है।

इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल जेल की सजा होगी। इसे ₹10 लाख तक के जुर्माने के साथ 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सर्विस प्रोवाइडर अगर दोषी होता है तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल की सजा और 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना होगा। सर्विस प्रोवाइडर अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो उससे परीक्षा की लागत वसूली जाएगी।

NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बीच यह कानून लाने का फैसला बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पहले, केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के पास परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए अलग से कोई ठोस कानून नहीं था।

राष्ट्रपति ने 12 फरवरी को कानून को मंजूरी दी थी

पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, इसी साल 6 फरवरी को लोकसभा और 9 फरवरी को राज्यसभा से पारित हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 फरवरी को बिल को मंजूरी देकर इसे कानून में बदल दिया।

इस कानून में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाएं शामिल होंगी। केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों की भर्ती परीक्षाएं भी इस कानून के दायरे में होंगी। इसके तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।

सरकार ने आनन-फानन में अधिसूचना जारी क्यों की?

दरअसल, मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली NEET परीक्षा गड़बड़ी को लेकर विवादों में हैं। केंद्र की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस साल 5 मई को यह एग्जाम लिया था। इसमें लगभग 24 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। रिजल्ट 4 जून को आया था।

इसमें 67 बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने सौ फीसदी स्कोर किया यानी 720 नंबर की परीक्षा में उन्होंने पूरे 720 नंबर हासिल किए। ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों ने पूरे सौ फीसदी नंबर हासिल किए हों। साल 2023 में सिर्फ दो छात्रों को सौ फीसदी नंबर आए थे।

इसके बाद पता चला कि 1563 स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। फिर परीक्षा का पेपर लीक होने का भी खुलासा हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद केंद्र ने ग्रेस मार्क्स वाले 1563 स्टूडेंट्स के स्कोर कार्ड रद्द कर दिए गए और 23 जून को दोबारा इनकी परीक्षा लेने की बात कही।

NEET में गड़बड़ी और री-एग्जाम की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 5 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट इन सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा। हालांकि, कोर्ट ने एग्जाम को रद्द करने और 6 जुलाई से होने वाली काउंसिलिंग पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।

एग्जाम सेंटर में नहीं मिलेगी हर किसी को एंट्री

ये कानून ऑर्गेनाइज्ड गैंग्स, माफिया और इस तरह के कामों में लगे हुए लोगों से निपटने के लिए लाया गया है। इसके साथ ही अगर सरकारी अधिकारी भी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनको भी अपराधी माना जाएगा। किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे पब्लिक एग्जाम या उससे जुड़ा काम नहीं दिया गया है, उसे एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी।

4 साल तक के लिए एग्जाम सेंटर सस्पेंड होगा

एंटी-पेपर लीक कानून के तहत, अगर किसी गड़बड़ी में एग्‍जाम सेंटर की भूमिका पाई जाती है तो उस सेंटर को 4 साल तक के लिए सस्‍पेंड किया जा सकता है। यानी उस सेंटर को अगले 4 साल तक के लिए कोई भी सरकारी एग्जाम कराने का अधिकार नहीं होगा। किसी संस्थान की संपत्ति कुर्क करने और जब्त करने का भी प्रावधान है और उससे परीक्षा की लागत भी वसूली जाएगी।

कानून के तहत, कोई भी अधिकारी जो DSP या ACP के पद से नीचे न हो, परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच कर सकता है। केंद्र सरकार के पास किसी भी मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की शक्ति है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा- NTA के जवाब का इंतजार करो

NEET मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 3 नई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलने और अन्य को नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया।

जस्टिस विक्रमनाथ और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि अगर NTA का जवाब मिलने के बाद NEET रद्द कर दी जाती है, तो यह परीक्षा भी खुद रद्द हो जाएगी। इसलिए NTA को जवाब देने दें। काउंसलिंग पर रोक की मांग पर भी कोर्ट ने इनकार कर दिया।

एक याचिकाकर्ता ने कहा कि जिन 1563 छात्रों को दोबारा मौका दिया जा रहा है, उनमें से 700 से अधिक फेल हो चुके हैं। NTA ने यह जानकारी छिपाई है। NTA के पास शिकायत निवारण समिति भी नहीं है।

बिहार के संजीव को प्रोफेसर ने वॉट्सएप पर भेजा था पर्चा

NEET पेपर लीक की जांच में स्पष्ट हो गया है कि पटना के नूरसराय उद्यान कॉलेज का कर्मचारी संजीव ही सरगना है। उसे प्रोफेसर ने वॉट्सएप पर पर्चा भेजा था। इसे पटना व रांची के मेडिकल स्टूडेंट्स से हल कराया गया। 5 मई की सुबह इसे बलदेव को भेजा गया।


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'केजरीवाल की रिहाई रोकी जाए', ईडी की याचिका पर हाईकोर्ट थोड़ी देर में करेगी सुनवाई

आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली अदालत के निर्णय को ईडी ने हाई कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष चुनौती दी। गुरुवार को कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दी थी। थोड़ी देर में ED दिल्ली हाईकोर्ट की अवकाश पीठ के सामने मामले पर सुनवाई की मांग करेगी।

वकील हाईकोर्ट में मौजूद

ED की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू दिल्ली हाईकोर्ट में मौजूद हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सुधीर कुमार जैन और जस्टिस रविंदर डुडेजा अवकाशकालीन पीठ के सामने ED की मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग की है।

सिंघवी करेंगे केजरीवाल की पैरवी

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi) दलील रखेंगे। आपको बता दें दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा नियमित जमानत देने के खिलाफ ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High का रुख किया है।

कुछ समय बाद सुनवाई

एएसजी एसवी राजू ने कहा कि जमानत निर्णय पर रोक के अनुरोध पर विचार नहीं किया गया। राजू ने कहा कि हमें पूरी जिरह करने का मौका नहीं दिया गया। मैं पूरी गंभीरता के साथ आरोप लगा रहा हूं। कोर्ट में ईडी के मामले को स्वीकार किया। कुछ समय बाद सुनवाई होगी।


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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं, 3 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की न्यायिक हिरासत 3 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है. इसके साथ ही आबकारी नीति मामले में आरोपी विनोद चौहान (Vinod Chauhan) की हिरासत में भी बढ़ा दी गई है. दोनों की हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था.

दिल्ली आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय के वकील ने कोर्ट में कहा कि विनोद चौहान को बीआरएस नेता के कविता के पीए के जरिए 25 करोड़ रुपये मिले थे. उसे गोवा चुनाव के लिए अभिषेक बोइनपल्ली के जरिए पैसा मिला था. उन्होंने साथ ही कहा कि इस महीने के अंत में विनोद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी. उसको मई में गिरफ्तार किया गया था.

इसी महीने केजरीवाल ने किया है सरेंडर

अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में 21 मार्च में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मई के महीने में 21 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी. केजरीवाल ने स्वास्थ्य का आधार देते हुए जमानत की अवधि सात दिन बढ़ाने की मांग की थी लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिल पाई. अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद 2 जून को उन्होंने तिहाड़ में सरेंडर कर दिया था. 

न्यायिक हिरासत नहीं न्यायोचित - वकील

लाइव लॉ के मुताबिक केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील विवेक जैन पेश हुए. कोर्ट ने सीएम केजरीवाल से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहते हैं. इस पर सीएम केजरीवाल ने कहा, ''मैं कुछ नहीं कहना चाहता. मेरे वकील मौजूद हैं.'' इसके बाद उनके वकील विवेक जैन ने कहा, ''न्यायिक हिरासत को न्यायोचित ठहराने जैसा कुछ नहीं है. हम न्यायिक हिरासत का विरोध करते हैं. गिरफ्तारी को पहले ही चुनौती दी गई है. यह सुप्रीम कोर्ट के सामने विचाराधीन है.''


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मोदी 3.0 में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बन जाएगा भारत, इन दो बड़े देशों को छोड़ देगा पीछे

पीएम नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं. उनके पिछले दो कार्यकाल में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना और अब उनका सपना इसे तीन सबसे बड़ी सुपरपावर में शामिल करना है. देश के ग्रोथ रेट और विकास को देखते हुए इंटरनेशनल मोनेट्री फंड (IMF) और Goldman Sachs जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भविष्यवाणी की है कि कुछ दशकों में भारत पीएम मोदी के सपने से भी आगे निकल जाएगा. यानी वह दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगा. हालांकि, नंबर चार पर आने में बस कुछ ही महीनों का समय बचा है.

आईएमएफ का अनुमान है कि 2025 तक देश की जीडीपी जापान से आगे निकल जाएगी और वह चौथें नंबर पर आ जाएगा. आईएमएफ ने पिछले महीने कहा था कि अगले साल तक देश की जीडीपी 4.34 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी, जबकि जापान की जीडीपी 4.31 ट्रिलियन डॉलर पर होगी. आईएमएफ ने कहा कि जापानी करंसी येन में आई गिरावट के चलते जहां भारत अगले साल ही चौथे नंबर पर आ जाएगा. पहले आईएमएफ ने 2026 की भविष्यवाणी की थी.

तीसरी सबसे बड़ी सुपरपावर बनने में लगेंगे कितने साल?

देश को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा. पीएम मोदी के सपने को साकार होने में तीन साल का इंतेजार करना होगा. 16 मई को प्रधानमंत्री की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य संजीव सानियाल ने कहा कि 2027 तक देश जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सुपरपावर बन जाएगा. उनसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी भारत को लेकर यही बात कही थी. संजीव सानियाल वे कहा कि इस समय भारत की जीडीपी 3.7 ट्रिलियन डॉलर है और जर्मनी 4.6 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर है, लेकिन जर्मनी की इकोनॉमी रुक गई है और इसमें कोई ग्रोथ नहीं हो रही है.

अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी प्रभावित

संजीव सानियाल ने कहा कि इस ग्रोथ के साथ देश 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. भारत के ग्रोथ रेट से कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी प्रभावित हैं. एशियन डेवलपमेंट और फिच रेटिंग्स का अनुमान है कि देश का 2025 तक ग्रोथ रेट 7 फीसदी हो जाएगा, जबकि आईएमएफ, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग और मोरगन स्टेनली ने 6.8 फीसदी का अनुमान जताया है.

कांग्रेस सरकार के 9 साल के कार्यकाल में टॉप 10 में भी नहीं था भारत

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी के कार्यकाल में देश की जीडीपी 2014 से 2023 के बीच 83 फीसदी बढ़ी है. साल 2004 से मई, 2014 तक देश में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए की सरकार थी. इस दौरान मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. इन नौ सालों में देश की अर्थव्यवस्था टॉप 10 में भी नहीं थी. 2004 में दुनियाभर में देश 12वें नंबर था और 2014 में 11वें नंबर पर आ गया. इन नौ सालों में देश की पॉजिशन में सिर्फ एक पायदान का ही फर्क आया.


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मोदी कैबिनेट का पहला फैसला- 3 करोड़ नए घर बनेंगे

मोदी कैबिनेट ने पहली बैठक में गरीबों के लिए तीन करोड़ नए घर बनाने को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों और शहरों में बनने वाले इन घरों में टॉयलेट, बिजली, पानी और गैस कनेक्शन होगा।

इस स्कीम के तहत पिछले 10 साल में कुल 4.21 करोड़ घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत घर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक मदद दी जाती है। मोदी 3.0 की पहली कैबिनेट बैठक सोमवार 10 जून को पीएम आवास पर हुई। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।

PM ने पहली फाइल पर साइन किए, 20 हजार करोड़ की किसान सम्मान निधि को मंजूरी

पीएम मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहुंचकर कार्यभार संभाला। उन्होंने सबसे पहले किसान सम्मान निधि की फाइल पर साइन किए। केंद्र की किसान कल्याण योजना के तहत देश के 9.3 करोड़ किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। इसे ही किसान सम्मान निधि कहा जाता है। मोदी ने सोमवार को इसकी 17वीं किश्त को मंजूरी दी।

मोदी PMO के अफसरों से बोले- बताएं कि हम और बेहतर काम कैसे कर सकते हैं

सोमवार को PMO पहुंचने पर कर्मचारियों ने मोदी का स्वागत किया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा- वे बताएं कि कामकाज को और बेहतर, तेज और अच्छे स्केल पर कैसे कर सकते हैं। आपने एक दृष्टिकोण के लिए खुद को समर्पित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं नई ऊर्जा, नए साहस के साथ आगे बढ़ना चाहता हूं, मैं रुकने के लिए पैदा नहीं हुआ हूं।

PM ने कहा- चुनाव मोदी के भाषणों पर मोहर नहीं है, हर सरकारी कर्मचारी की 10 साल की मेहनत पर मोहर है। सही मायने में भारत सरकार का हर कर्मचारी इस जीत का हकदार है। सबको लेकर अगर हम आगे बढ़ें तो मुझे विश्वास है कि देश के 140 करोड़ लोगों ने हमारे इन प्रयासों पर मुहर लगा दी है।

मोदी ने 9 जून को शपथ ली, 71 मंत्री बनाए, 11 सहयोगी दलों के

मोदी ने रविवार 9 जून की शाम को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 71 मंत्रियों ने शपथ ली, इनमें 11 सहयोगी दलों के हैं। मंत्रिमंडल में 32 सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार केंद्रीय मंत्री बने हैं, इनमें MP के पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के पूर्व CM मनोहर लाल खट्‌टर, कर्नाटक के पूर्व CM कुमारस्वामी और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी शामिल हैं।

अब जानते हैं, क्या है मोदी का 100 दिन वाला एक्शन प्लान...

10 साल ट्रेलर देखा, पिक्चर अभी बाकी है...

23 फरवरी 2024 को दिल्ली में PM मोदी ने मंत्रियों से कहा था कि अगले 5 साल का रोडमैप और 100 दिनों का एक्शन प्लान बनाएं। अफसर आचार संहिता के दौरान इस पर होमवर्क करते रहें। 5 अप्रैल को राजस्थान के चूरू में एक चुनावी रैली में खुद मोदी ने कहा, '10 साल में हमने जो काम किया वो ट्रेलर था, पूरी पिक्चर अभी आनी बाकी है।'

BJP में अपने सूत्रों से इस प्लान की डीटेल हासिल की। इसके मुताबिक इन मुद्दों पर 100 दिनों में एक्शन लेने की तैयारी थी...

वन नेशन-वन इलेक्शन

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)

मुस्लिम आरक्षण खत्म करना

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट में बदलाव

दिल्ली मास्टर प्लान

वक्फ बोर्ड खत्म करना

महिला आरक्षण

70 साल के बुजुर्गों के लिए मुफ्त इलाज

पेपर-लीक नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कानून

CAA का कम्प्लीट इम्प्लिमेंटेशन

यूनियन बजट

न्यू एजुकेशन पॉलिसी

जनगणना (2026 में परिसीमन होना है)

लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ तक ले जाना

PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना

किसानों के लिए ऑयल सीड्स और पल्सेज पर ध्यान

भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना

रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म पर ध्यान देना

स्केल, स्कोप, स्पीड, स्किल के एजेंडे पर काम करना

अब डीटेल में जानिए, क्या है मोदी का 100 दिन वाला प्लान

‘चुनाव से एक महीने पहले मैंने 5 साल का प्लान बनवाया और उसमे से 100 दिन का प्लान निकालने को कहा। इस पर प्रायोरिटी के हिसाब से काम होगा। प्लान में मैंने 25 दिन और जोड़ दिए हैं। देशभर के युवा रोडमैप पर सुझाव दे रहे हैं। मैंने तय किया है कि 100 दिनों के अलावा 25 दिन युवाओं के सुझाव पर अमल के होंगे।’

20 मई को दिए एक इंटरव्यू में PM मोदी ने ये बात कही थी। लोकसभा चुनाव से पहले ही मोदी ने साफ कर दिया था कि वे नई सरकार के अगले 100 दिनों के प्लान पर काम कर रहे हैं। 100 दिन के एजेंडे में एग्रीकल्चर, फाइनेंस, डिफेंस में जरूरी सुधार और जल्द पूरे किए जाने वाले प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। सरकार के टॉप एजेंडे में शामिल सुधारों में सेना में थिएटर कमांड तैयार करना भी है।

नतीजों में भाजपा को बहुमत न मिलने से 100 दिनों के रोडमैप पर असर संभव

भाजपा इन चुनावों में 400 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रही थी। 100 दिन का एक्शन प्लान भी इसी उम्मीद पर बनाया गया था कि भाजपा को बहुमत मिलेगा। वहीं, नतीजों में भाजपा 400 सीटें तो दूर, बहुमत (272) के आंकड़े से भी दूर रह गई।

NDA को बहुमत तो मिला, लेकिन साथ मिले गठबंधन के दो मजबूत साथी TDP और JDU। इनके बिना फिलहाल बहुमत नहीं है और इन्हें इस 100 दिन के प्लान में से कई चीजें मंजूर नहीं हैं।

नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू कई बार यूनिफॉर्म सिविल कोड, CAA-NRC, प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट को खत्म करने, मुस्लिम रिजर्वेशन और वन नेशन-वन इलेक्शन पर विरोध दर्ज कराते रहे हैं। हालांकि, भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी, गठबंधन धर्म का पालन करेगी, लेकिन किसी की भी गैर-जरूरी मांगों के आगे नहीं झुकेगी।

वहीं, भाजपा ने प्लान-B पर भी काम शुरू कर दिया है और छोटे दलों समेत इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स से बात की जा रही है।


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चंद्रबाबू नायडू चौथी बार आंध्र प्रदेश के CM बने

आंध्र प्रदेश में भी NDA की सरकार बन गई है। तेलगु देशम पार्टी (TDP) सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। वे राज्य की चौथी बार कमान संभालेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आंध्र में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

नायडू के अलावा जनसेना प्रमुख और एक्टर पवन कल्याण ने डिप्टी CM पद की शपथ ली। उन्होंने शपथ लेने के बाद नायडू के पैर छुए। तीसरे नंबर पर नायडू के बेटे नारा लोकेश ने शपथ ली। नई सरकार में CM और डिप्टी CM समेत 25 सदस्य होंगे। इसमें TDP के 20, जनसेना के 3 और भाजपा के एक मंत्री शामिल हैं। एक पद खाली रखा गया है।

राज्यपाल अब्दुल नजीर ने विजयवाड़ा में केसरपल्ली IT पार्क में CM और मंत्रियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत NDA के मंत्री और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नायडू को गले लगाकर बधाई दी।

कैबिनेट में नायडू के बेटे को भी जगह

नायडू के कैबिनेट में उनके बेटे और TDP महासचिव नारा लोकेश, प्रदेश अध्यक्ष के. अत्चन्नायडू और जनसेना पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के अध्यक्ष नादेंडला मनोहर शामिल हैं। TDP के मंत्रियों में 17 नए चेहरे हैं। बाकी 3 पहले भी मंत्री रह चुके हैं।

जनसेना पार्टी के तीन मंत्री पवन कल्याण, नादेंडला मनोहर और कंडुला दुर्गेश हैं। सत्य कुमार यादव एकमात्र भाजपा विधायक हैं जो मंत्री पद की शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल में तीन महिलाएं हैं। सीनियर नेता एन मोहम्मद फारूक एकमात्र मुस्लिम चेहरा हैं।

मंत्रियों की लिस्ट में पिछड़ा वर्ग से 8, अनुसूचित जाति से 3 और अनुसूचित जनजाति से 1 शामिल है। नायडू ने कम्मा और कापू समुदायों से 4-4 मंत्रियों को शामिल किया है। रेड्डी समुदाय से 3 और वैश्य समुदाय से 1 को भी कैबिनेट में जगह मिली है। नायडू खुद कम्मा समुदाय से हैं। वहीं पवन कल्याण कापू समुदाय से आते हैं।

आंध्र प्रदेश में 4 जून को लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आए थे। विधानसभा में NDA ने 175 में से 164 सीटें जीती हैं। इसमें नायडू की TDP को 135, पवन कल्याण की जनसेना को 21 और भाजपा को 8 सीटें मिली हैं। जगन मोहन रेड्डी की YSRCP को केवल 11 सीटों मिलीं। कांग्रेस राज्य में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।

राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से NDA ने 21 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें TDP ने 16, भाजपा ने 3 और जनसेना पार्टी ने 2 सीटें जीती हैं। YSRCP को 4 सीटें मिली हैं।

चुनाव के लिए TDP और भाजपा ने पुरानी दुश्मनी पीछे छोड़ी

TDP 1996 में NDA में शामिल हुई थी। पार्टी 1998 में वाजपेयी और 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार में गठबंधन का हिस्सा थी। TDP-भाजपा ने 2014 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था।

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से मोदी सरकार के इनकार के बाद TDP 2018 में NDA से बाहर हो गई। इसके बाद PM मोदी और नायडू ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ खूब बयानबाजी की।

मोदी ने नायडू को यूटर्न बाबू कहा था। मोदी ने एक सभा में कहा- चंद्रबाबू नायडू बार-बार कहते हैं कि वो मुझसे बहुत सीनियर हैं। वो दल बदलने में सीनियर हैं। अपने ससुर की पीठ में छुरा घोंपने में सीनियर हैं।

मोदी ने नायडू को 'लोकेश का पिता' कहा था। इस पर पलटवार करते हुए नायडू ने कहा- लोकेश मेरा बेटा है। आपका कोई बेटा नहीं है। आपका कोई परिवार नहीं है। आपने अपनी पत्नी को छोड़ दिया।

गृह मंत्री अमित शाह ने फरवरी 2019 में घोषणा की थी कि नायडू के लिए NDA के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। इसके 5 साल बाद जून 2023 में नायडू और शाह की मुलाकात हुई। फिर मार्च 2024 में दोनों पार्टियां फिर से एक हो गईं।

2019 में जगन मोहन ने एकतरफा जीत दर्ज की थी

YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 2019 विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 में से 151 सीटें लाकर एकतरफा जीत दर्ज की थी। TDP सिर्फ 23 सीटें जीत पाई थी। जगन मोहन 2019 में पहली बार राज्य के CM बने थे। 2019 के लोकसभा चुनावों में YSRCP ने आंध्र प्रदेश की 25 सीटों में से 22 पर जीत हासिल की थी।

जगन मोहन के पिता दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी आंध्र में कांग्रेस के बड़े नेता थे। 2004 और 2009 में वे लगातार दो बार राज्य के CM रहे थे। जगन मोहन ने भी अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से ही शुरू किया था। वे 2009 में कांग्रेस से पहली बार सांसद चुने गए।

हालांकि, 2009 में हेलिकॉप्टर हादसे में पिता की मौत के बाद जगन ने 2010 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 2011 में अपनी अलग पार्टी YSRCP बनाई। 2014 में उनकी पार्टी ने 67 सीटें जीतीं। 2019 में YSRCP ने बहुमत लाकर सबको चौंका दिया था।


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24 जून से होगी संसद के विशेष सत्र की शुरुआत, इस दिन नवनिर्वाचित सांसद लेंगे शपथ

संसद का विशेष सत्र 24 से शुरू होने वाला है। वहीं, सत्र 3 जुलाई तक चलेगी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने बुधवार को कहा कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र नवनिर्वाचित सदस्यों की शपथ ग्रहण समारोह 24 और 25 जून को होने की उम्मीद है।

सत्र के पहले तीन दिनों में नवनिर्वाचित नेता शपथ लेंगे या लोकसभा की अपनी सदस्यता की पुष्टि करेंगे और सदन के अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। 

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी और अगले पांच वर्षों के लिए नई सरकार के रोडमैप की रूपरेखा पेश करेंगी।

राज्यसभा का 264 वां सत्र भी 27 जून को होगा शुरू

किरण रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "नवनिर्वाचित सदस्यों की शपथ/प्रतिज्ञा, अध्यक्ष के चुनाव, राष्ट्रपति के अभिभाषण और उस पर चर्चा के लिए 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24/6/24 से 3/7/24 तक बुलाया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि राज्यसभा का 264 वां सत्र भी 27 जून को शुरू होगा और 3 जुलाई को समाप्त होगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी 27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में अपने मंत्रिपरिषद का परिचय कराएंगे।

सरकार को घेरने की कोशिश करेगी विपक्ष

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में आक्रामक विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरने की कोशिश किए जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देंगे।


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