"सरकार समय पर फैसले नहीं ले रही" : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के तीखे बोल

नई दिल्‍ली : 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari), जिनके सीधे सपाट अंदाज में बात कहने के अंदाज ने संभवत: उन्‍हें बीजेपी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्‍था में स्‍थान से वंचित किया है, ने एक बार फिर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. गडकरी ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार समय पर फैसले नहीं ले रही है और यह एक समस्‍या है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आप चमत्‍कार कर सकते हैं...और ऐसा करने की क्षमता है. मेरा मानना है कि भारतीय बुनियादी संरचना का भविष्‍य उज्‍ज्‍वल है. हमें अच्छी तकनीक, अच्छे नवाचार, अच्छे शोध और सफल प्रथाओं को  दुनिया और देश में स्वीकार करने की जरूरत है. हमारे पास वैकल्पिक मटेरियल होना चाहिए ताकि हम क्‍वालिटी से समझौता किए बिना लागत कम कर सकें. समय निर्माण में सबसे अहम चीज है. समय सबसे बड़ी पूंजी है. सबसे बड़ी समस्‍या यह है कि सरकार समय पर फैसले नहीं ले रही है. 

एसोसिएशन ऑफ कंसल्टिंग सिविल इंजीनियर मुंबई की ओर से आयोजित कार्यक्रम NATCON 2022 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीकी या संसाधनों से अधिक महत्‍वपूर्ण समय है. गडकरी के इन शब्‍दों और पीएम नरेंद्र मोदी की कुछ दिनों पहले किए गए उस कमेंट में विभिन्‍नता देखने में आई है जिसमें पीएम ने "अमृत काल" या स्‍वर्ण युग के बड़े मील के पत्‍थरों को पार करने में सरकार की कामयाबी का जिक्र किया था. 

हालांकि बीजेपी के नेताओं का कहना है कि गडकरी के यह शब्‍द किसी सरकार विशेष के लिए नहीं बल्कि सामान्‍य तौर पर सरकारों के लिए कहे गए हैं.गौरतलब है कि वर्ष 2024 के आम चुनाव सहित आने वाले चुनावों को ध्‍यान में रखते हुए पिछले सप्‍ताह  बीजेपी संसदीय बोर्ड का नए सिरे से गठन किया गया है, इसमें गडकरी को स्‍थान नहीं दिया गया है.गडकरी का इस महत्‍वपूर्ण समिति से बाहर होना आश्‍चर्यजनक है. वे नरेंद्र मोदी कैबिनेट के वरिष्‍ठ मंत्री हैं, वे बीजेपी अध्‍यक्ष की जिम्‍मेदारी भी संभाल चुके हैं. आमतौर पर पार्टी, अपने पूर्व अध्‍यक्ष को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करती है. एक अन्‍य अहम बात यह है कि गडकरी, बीजेपी की वैचारिक संस्‍था राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS)के करीबी हैं.  

बता दें, कुछ समय पहले नागपुर में एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा था कि उनका अकसर राजनीति छोड़ने का मन करता है क्‍योंकि उन्‍हें लगता है कि जिंदगी में करने के लिए बहुत कुछ है. समाजसेवी गिरीश गांधी को सम्‍मानित करने के लिए आयोजित समारोह में गडकरी ने कहा था, "कई बार मुझे लगता है कि मुझे राजनीति छोड़ देनी चाहिए. राजनीति के अलावा भी जिंदगी में करने के लिए बहुत कुछ है." केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री गडकरी ने कहा कि उनका मानना है कि राजनीति, सामाजिक बदलाव के लिए है लेकिन अब यह सत्‍ता में बने रहने का जरिया अधिक बन गई है. 

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बिलकिस बानो केस में सजा सुनाने वाले पूर्व जज ने दोषियों की रिहाई पर उठाए सवाल

बॉम्‍बे हाईकोर्ट के जज के पद से रिटायर हुए जस्टिस यूडी साल्‍वी ने कहा, "जिसने भी यह फैसला लिया, उसे इस पर पुनर्विचार करना चाहिए

मुंबई : : 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप और उसके परिवार के सात सदस्‍यों की हत्‍या के 11 दोषियों को रिहा नहीं किया जाना चाहिए था. 14 साल पहले इन लोगों दोषी ठहराने वाले जज ने यह बात कही है. उन्‍होंने एक विचारधारा के लोगों की ओर से दोषियों के मिठाई और फूलमालाओं से स्‍वागत की भी आलोचना की. बॉम्‍बे हाईकोर्ट के जज के पद से रिटायर हुए जस्टिस यूडी साल्‍वी ने कहा, "जिसमें भी यह फैसला लिया, उसे इस पर पुनर्विचार करना चाहिए. मैं बस इतना ही कह सकता हूं." उन्‍होंने कहा, "यह मामला हर प्रक्रिया से गुजरा और हम सभी जानते हैं कि इन 11 दोषियों को तमाम सबूतों के बाद उम्रकैद की सजा मिली थी. अब सरकार ने बाद में क्‍या सोचा, यह एक सवाल है.

जस्टिस साल्‍वी ने कहा, "सरकार के पास 'माफी' देने की शक्ति है लेकिन कोई भी निर्णय लेने के पहले उसे हर पहलू पर सोचना चाहिए अन्‍यथा यह सही नहीं है. मैं नहीं जानता कि उन्‍होंने इस प्रक्रिया को अपनाया है या नहीं. "उन्‍होंने कहा, "क्‍या उन्‍होंने उस जज से पूछा जिसके अधीन केस सुना गया? मैं आपको बता सकता हूं कि मैंने इस बारे में कुछ नहीं सुना. इस केस की सीबीआई द्वारा जांच की गई. ऐसे मामलों में राज्‍य सरकार को केंद्र सरकार से भी सलाह लेने की जरूरत होती है. क्‍या उन्‍होंने ऐसा किया? मुझे कोई जानकारी नहीं है. यदि उन्‍होंने किया तो केंद्र सरकार ने क्‍या कहा?"

जज ने रिहाई के बाद दोषियों के सत्‍ताधारी बीजेपी की ओर से जुड़े ग्रुप द्वारा मिठाई और फूलमालाओं से स्‍वागत की भी आलोचना की. उन्‍होंने बीजेपी के एक विधायक के इस बयान की भी आलोचना कि ये लोग अच्‍छे संस्‍कार वाले ब्राह्मण थे. जस्टिस साल्‍वी ने कहा, "इन 11 दोषियों का स्‍वागत करना सही नहीं है. कुछ लोग सोचते हैं कि यह हिंदुत्‍व का हिस्‍सा है या उन्‍होंने हिंदू के तौर पर ऐसा किया. यह गलत है...कुछ कह रहे हैं कि वे ब्राह्माण हैं, यह कहना सही नहीं है.

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नीतीश कैबिनेट में विभागों का बंटवारा- तेजस्‍वी को मिला स्‍वास्‍थ्‍य, तेज प्रताप बने वन व पर्यावरण मंत्री

पटना: बिहार की महागठबंधन सरकार  का मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार को राजभवन में संपन्‍न हुआ। इसके लिए 31 मंत्रियों की लिस्ट देर रात ही फाइनल  हो चुकी थी। मंगलवार को लिस्‍ट में शामिल मंत्रियों ने समूहों में शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव शामिल हैं। शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में उपेंद्र कुशवाहा का नाम नहीं था। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों में विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। तेज प्रताप यादव वन व पर्यावरण मंत्री बनाए गए हैं। महागठबंधन की पिछली सरकार में तेज प्रताप के पास रहा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग इस बार उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव के पास है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (VM Nitish Kumar) ने गृह विभाग अपने पास रखा है। शपथ लेने वाले 31 मंत्रियों में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 11, राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के 16, कांग्रेस (Congress) के दो तथा हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) के एक मंत्री का फार्मूला बनाया गया। एक निर्दलीय को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई। छूट गए कई बड़े चेहरों को अगले मंत्रिमंडल विस्‍तार में जगह दी जानी है। 

नीतीश के पास है गृह विभाग, आरजेडी से स्‍पीकर

शपथ ग्रहण के पहले आरजेडी व जेडीयू के बीच गृह विभाग को लेकर फंसा पेच सुलझा लिया गया। हमेशा की तरह गृह विभाग मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पास ही रखा है। नीतीश कुमार को गृह के अलावा सामान्‍य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन तथा वैसे सभी विभाग, जाे किसी को आवंटित नहीं हैं, मिले हैं।बदले में आरजेडी के खाते में विधानसभा अध्‍यक्ष का पद गया है। सूत्र बताते हैं कि अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन सरकार में विधानसभा अध्‍यक्ष बनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि आरजेडी के चंद्रशेखर शिक्षा मंत्री बनाए गए हैं। 

तेज प्रताप को वन-पर्यावरण, तेजस्‍वी को स्‍वास्‍थ्‍य

मंत्रिमंडल में आरजेडी कोटे से लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बनाया जाने की बात की जा रही थी, लेकिन उन्‍हें वन व पर्यावरण मंत्री बनाया गया है। महागठबंधन की पिछली सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग तेज प्रताप के पास था, जो इस बार तेजस्‍वी के पास गया है। तेजस्‍वी यादव को स्‍वास्‍थ्‍य, पथ निर्माण, नगर विकास तथा ग्रामीण कार्य के चार विभाग दिए गए हैं।

शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों को मिले ये विभाग

राष्‍ट्रीय जनता दल

  1. तेज प्रताप यादव: वन-पर्यावरण
  2. आलोक मेहता : राजस्‍व एवं भूमि सुधार
  3. अनिता देवी: पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्‍याण
  4. सुरेंद्र यादव: सहकारिता
  5. चंद्रशेखर: शिक्षा
  6. ललित यादव: लोक स्‍वास्‍थ्‍य अभियंत्रण
  7. जीतेंद्र राय: कला-संस्‍कृति व युवा
  8. रामानंद यादव: खान एवं भूतत्‍व
  9. सुधाकर सिंह: कृषि
  10. सर्वजीत कुमार: पर्यटन
  11. सुरेंद्र राम: श्रम संसाधन
  12. शमीम अहमद: गन्‍ना उद्योग
  13. शहनवाज: बापदा प्रबंधन
  14. इसरायल मंसूरी: सूचना-प्रावैधिकी
  15. कार्तिक सिंह: विधि मंत्री
  16. समीर महासेठ: उद्योग

जनता दल यूनाइटेड: 

  1. विजय चौधरी: वित्‍त, वाणिज्‍य एवं संसदीय कार्य
  2. बिजेंद्र यादव: ऊर्जा, योजना
  3. अशोक चौधरी: भवन निर्माण
  4. श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास
  5. संजय झा: जल संसाधन, सूचना व जनसंपर्क
  6. मदन सहनी: समाज कल्‍याण
  7. शीला कुमारी: परिवहन
  8. लेशी सिंह: खाद्य व उपभोक्‍ता संरक्षण
  9. जमा खान: अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण
  10. जयंत राज: लघु जल संसाधन
  11. सुनील कुमार: निबंधन, उत्‍पाद व मद्य निषेध
  12. कांग्रेस:
    1. मुरारी प्रसाद गौतम: पंचायती राज
    2. अफाक आलम: पशु एवं मत्‍स्‍य संसाधन
  13. हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा:

    1. संतोष कुमार सुमन: अनुसूचित जाति व जनजाति कल्‍याण
  14. निर्दलीय:

    1. सुमित कुमार सिंह: विज्ञान एवं प्रावैधिकी


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UP में खुले रहेंगे स्कूल-कालेज-बाजार व सभी आफिस, उत्साह से मनेगा आजादी का अमृत महोत्सव

लखनऊ। आजादी के अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) के तहत स्वतंत्रता दिवस (Independence day) इस वर्ष विशेष उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय पर्व में जनभागीदारी बढ़ाते हुए स्वतंत्रता सप्ताह और हर घर तिरंगा जैसे कार्यक्रम (Har ghar Tiranga Abhiyan) आयोजित किए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय किया है कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर अवकाश नहीं रहेगा, बल्कि हर जगह इसे उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। 

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में कोई भी स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, सरकारी या गैर सरकारी दफ्तर, बाजार, माल व कारखाने आदि बंद नहीं रहेंगे। इसके लिए ही पिछले दिनों मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की ओर से शासनादेश जारी किया जा चुका है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में  11 से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता दिवस सप्ताह मनाया जा रहा है। निर्देश दिए गए हैं कि इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी स्कूल-कॉलेजों और संस्थानों पर सफाई का कार्यक्रम आयोजित होगा। सभी घरों और सरकारी, गैर सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराया जाएगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रदेश के लोगों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कहा है। जिसका असर भी दिख रहा है। हर घर तिरंगा अभियान में लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। सीएम योगी की ओर से प्रदेश में 4.5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य तय किया गया है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश के हजारों स्वयं सहायता समूह, गैर सरकारी संगठन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इकाइयां दिन और रात एक किये हुए हैं। स्थिति यह है कि यूपी इस लक्ष्य से भी ज्यादा छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान से लोगों को जोड़ने की जरूरत है। इसके साथ ही युवाओं के लिए सेल्फी विद तिरंगा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की सेल्फी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया जाना चाहिए।


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राहुल का महंगाई को लेकर सरकार पर तंज

नई दिल्ली, 26 मार्च। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महंगाई को लेकर दो पंक्ति की कविता में सरकार पर शनिवार को तीखा तंज करते हुए कहा कि वह अपने लिए खुशहाली का महल बनाने में जुटी है और जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। श्री गांधी ने ट्वीट किया "राजा करे महल की तैयारी, प्रजा बेचारी महंगाई की मारी।" इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के कुछ ट्वीट को उद्धृत किया है जिनमें कहा गया है कि पेट्रोल डीजल की कीमतें आउट ऑफ कंट्रोल हो गई हैं और पांच दिन में इनकी दर 3.20 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है जबकि घरेलू सिलेंडर गैस की कीमत 50 रुपये तक महँगी हो गई है।

 

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अखिलेश को सपा विधायक दल का नेता चुना गया

लखनऊ, 26 मार्च। उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में उभरी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को विधानसभा में पार्टी के विधायक दल और विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। यहां स्थित सपा मुख्यालय में शनिवार को हुयी पार्टी विधायक दल की बैठक में अखिलेश को सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नेता चुन लिया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने विधायक दल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में अखिलेश को सर्वसम्मति से पार्टी के विधानमंडल दल का नेता भी चुना गया। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में सपा के 111 विधायक जीते हैं। इस प्रकार विधानसभा में दूसरा सबसे बड़ा दल होने के नाते सपा मुख्य विपक्षी पार्टी होगी। ऐसे में अखिलेश का नेता प्रतिपक्ष बनना लगभग तय है। विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश ने आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था। उत्तम ने बताया कि सपा के वरिष्ठ विधायक अवधेश प्रसाद ने अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा और विधायक आलम बदी ने उसका समर्थन किया। इसके अलावा विधायक लालजी वर्मा ने अखिलेश को विधानमंडल दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा। सपा के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने प्रसपा नेता शिवपाल सिंह यादव को बैठक में नहीं बुलाये जाने के बारे में उत्तम ने कहा कि आज केवल सपा के विधायकों को बुलाया गया था। बैठक में सहयोगी दलों के किसी विधायक को नहीं बुलाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया, “सहयोगी दलों के जो विधायक सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीते उन्हें और सहयोगी दलाें के विधायकाें की बैठक 28 मार्च को बुलायी गयी है, चाहे वे शिवपाल यादव हों, पल्लवी पटेल या ओपी राजभर हों, सब को 28 मार्च को बुलाया जाएगा।”

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हिजाब विवाद सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट का निश्चित तारीख देने से इनकार (अपडेट)

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 'हिजाब' के मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए कोई निश्चित तारीख तय करने से गुरुवार को इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत द्वारा शीघ्र सुनवाई के लिए किसी निश्चित तारीख पर सूचीबद्ध करने की गुहार ठुकरा दी।

श्री कामत ने कर्नाटक में 28 मार्च से आयोजित होने वाली परीक्षाओं( जिसमें याचिकाकर्ता भी शामिल है) का उल्लेख करते हुए उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली कुछ छात्राओं की याचिका पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।

श्री कामत द्वारा 'विशेष उल्लेख' के दौरान परीक्षा की तारीख का जिक्र करते हुए मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के अनुरोध पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "इसका परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक संवेदनशील मामला है।"

मुख्य न्यायाधीश ने 16 मार्च को तत्काल सुनवाई करने की मांग संबंधी गुहार के मद्देनजर इस मामले पर होली के बाद विचार करने का संकेत दिया था।

वरिष्ठ वकील संजय हेगडे ने इस मामले को अति आवश्यक बताते हुए 16 मार्च को विशेष उल्लेख के दौरान तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई थी।

स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक जारी रखने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के कुछ घंटे बाद ही उसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई थी। इसके बाद कई याचिकाएं दायर की गईं।

याचिकाकर्ताओं में शामिल निबा नाज़ ने उच्च न्यायालय के फैसले को अधिवक्ता अनस तनवीर के माध्यम से शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

याचिकाकर्ता ने कर्नाटक शिक्षा अधिनियम-1983 और इसके तहत बनाए गए नियमों का हवाला देते हुए अपनी याचिका में दावा किया है कि विद्यार्थियों के लिए किसी भी तरह से अनिवार्य वर्दी का प्रावधान नहीं है।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था, "हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। वर्दी का निर्धारण संवैधानिक है और विद्यार्थी इस पर आपत्ति नहीं कर सकते।"

अदालत में दायर याचिका में कर्नाटक शिक्षा अधिनियम के तहत राज्य सरकार द्वारा पारित पांच फरवरी 2022 के आदेश की वैधता पर सवाल सवाल उठाए गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि यह निर्देश "धार्मिक अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से इस्लामी आस्था के हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला अनुयायियों का उपहास कर उन पर एक प्रकार से हमला करने के अप्रत्यक्ष इरादे से जारी किया गया था।"

याचिका में कहा गया है कि हिजाब पहनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत अंतरात्मा के अधिकार के तहत संरक्षित है।

याचिकाकर्ताओं ने विभिन्न तर्कों के माध्यम से उच्च न्यायालय के फैसले को कानून के खिलाफ बताते हुए उसे चुनौती दी।

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लगातार दूसरी बार जनादेश हासिल करने वाले पहले मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में चार दशक बाद योगी आदित्यनाथ ने नया अध्याय जोड़ा है। इस अवधि में वह लगातार दूसरी बार जनादेश हासिल करने वाले पहले मुख्यमंत्री है। चुनावी समर में लोकप्रियता या समीकरण के बल पर एक बार सफलता मिल सकती है। लेकिन दूसरी बार की सफलता नेतृत्व की नेकनीयत व विश्वसनीयता पर आधारित होती है। तब नेतृत्व के यह दो गुण कारक बन जाते हैं। इस कारण चालीस वर्षों के दौरान किसी मुख्यमंत्री को दोबारा जनादेश नहीं मिला।

 

योगी आदित्यनाथ अपनी नेकनीयत व विश्वसनीयता को कायम रखने में सफल रहे। केंद्र में नरेंद्र मोदी को भी इस आधार पर सफलता मिलती रही है। गुजरात के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी यह विशेषता कायम रखी। इस लिहाज से नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ एक ही धरातल पर है। दोनों परिवारवाद की राजनीति से दूर हैं। समाज सेवा में पूरी निष्ठा व ईमानदारी से समर्पित रहते हैं।

 

विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोरोना की तीसरी लहर को लेकर संशय था। उस समय योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार की जगह कोरोना आपदा प्रबंधन को वरीयता दी। जनपदों की यात्रा कर रहे थे। सभी जगह कोरोना चिकित्सा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था के बाद ही उन्होंने चुनाव प्रचार की तरफ ध्यान दिया। इसी प्रकार चुनाव परिणाम आने के बाद वह जन कल्याण कार्यों में सक्रिय हो गए। उन्होंने बारह से चौदह वर्ष आयु के बच्चों के वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के सुचारू संचालन हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

 

कोरोना आपदा प्रबंधन में योगी मॉडल की प्रशंसा दुनिया में रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसकी सराहना की थी। इस पूरी अवधि में योगी आदित्यनाथ ने कई बार प्रदेश की यात्राएं की थी। वह अनवरत प्रबंधन का जायजा लेते रहे। वैक्सिनेशन के संबन्ध में भी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया गया। योगी आदित्यनाथ वैक्सिनेशन केंद्रों में पहुंच कर लोगों का उत्साह वर्धन करते रहे। इसके चलते उत्तर प्रदेश ने वैक्सिनेशन का रिकार्ड कायम कर दिया। यह यात्रा अगले चरण के रूप में जारी है।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वाधिक टेस्ट व सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। राज्य में अब तक करीब तीस करोड़ वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं। प्रदेश में वैक्सीन की पहली डोज के शत प्रतिशत से अधिक के लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। अब तक एक सौ तीन प्रतिशत से ऊपर वैक्सीन की प्रथम डोज पूरे प्रदेश में उपलब्ध करवाई जा चुकी है। सेकेण्ड डोज भी प्रदेश में बयासी प्रतिशत से अधिक लोगों ने ले ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बारह से चौदह आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय में किया।

 

बारह से चौदह साल के बच्चों को प्रदेश के तीन सौ केन्द्रों में यह वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है। सभी के लिए प्रर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश में चले भारत के कोरोना प्रबन्धन की दुनिया में सराहना हुई है। यहां तक कि अन्य देशों में भी भारत के कोरोना प्रबंधन मॉडल को अपनाया गया है। कोरोना के खिलाफ लागू किए गये फोर टी फॉर्मूले के तहत ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट और टीका, इन सभी में उत्तर प्रदेश अग्रणी है।

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चुनाव आयोग का एलान: राज्यसभा की 13 सीटों पर 31 मार्च को होगा चुनाव, छह राज्यों से चुने जाएंगे सांसद

नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद अब निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा के 13 सीटों के लिए चुनाव का एलान कर दिया है। यह चुनाव 31 मार्च को होगा। इसमें छह राज्यों से सांसद चुने जाएंगे। इनमें से पांच पंजाब से, तीन केरल से, दो असम से और एक-एक हिमाचल, त्रिपुरा और नगालैंड से होगा। जिन सांसदों की जगह पर चुनाव होगा वे सभी 2 से 9 अप्रैल के बीच रिटायर हो रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने उन सभी सांसदों का नाम भी जारी किया है जिनका कि कार्यकाल पूरा हो गया है। असम से रानी नाराहा और रिपुण बोरा, हिमाचल प्रदेश से आनंद शर्मा, केरल से ए के एंटनी, एमवी श्रेयम्स कुमार और सोमाप्रसाद के, नगालैंड से केजी केन्ये, त्रिपुरा से झरना दास और पंजाब से सुखदेव सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, श्वेत मलिक, नरेश गुजराल और शमशेर सिंह दुलो शामिल हैं।

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सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए लिया है बड़ा फैसला : पीएम मोदी

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जनऔषधि दिवस के मौके पर उन्‍होंने कहा कि जन औषधि केद्रों पर आठ सौ करोड़ रुपये की दवाएं बिकी हैं। उन्‍होंने कहा कि इसके तहत सरकार मध्‍यम वर्ग के लोगों की जेब का धन बचाकर उन्‍हें फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इन केंद्र पर अब तक 21 करोड़ सैनेट्री नेपकींस बिक चुके हैं। ये एक रुपये में यहां से लिए जा सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कोरोना रोधी वैक्‍सीन के लिए लोगों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। लेकिन भारत ने इसको सभी को फ्री में लगाने का फैसला किया। इस पर अब तक सरकार ने तीस हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सरकार ने फैसला किया है कि आधे निजी मेडिकल कालेज में अब सरकारी मेडिकल कालेज के बराबर ही फीस लगेगी। सरकार की कोशिश है कि हर जिले में एक बड़ा अस्‍पताल हो। सरकार ने कई दवाओं की कीमत को बेहद कम किया है। जन औषधि केंद्रों के मालिकों से बात कर रहे हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिहार की महिला से बात कर उनसे इस बारे में जानकारी हासिल की। महिला ने बताया कि जन औषधि केंद्र से मिली दवाओं के चलते उन्‍हें काफी फायदा हो रहा है। ये सस्‍ती होने के साथ-साथ गुणवत्‍ता में भी अच्‍छी है। पीएम मोदी ने कहा कि मध्‍यम वर्ग की आमदनी का बड़ा हिस्‍सा दवाओं पर खर्च होता है। यदि दवाएं सस्‍ती हों तो सभी का लाभ होगा। इसलिए मध्‍यम वर्ग इसको आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ओडिशा के सुरेश ने बताया कि उन्‍हें भी इससे काफी फायदा हुआ है। हर माह दवाओं पर खर्च होने वाला करीब दो से ढाई हजार रुपया अब बच जाता है। पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि वो ऐसी दवाओं के बारे में बताएंं जो दवाएं उन्‍हें जन औषधि केंद्र पर नहीं मिलती हैं। इसके जवाब में उन्‍होंने बताया कि ऐसी कोई दवाई नहीं है जो वहां पर नहीं मिलती हैं। कर्नाटक की बबीता से भी पीएम मोदी ने पूछा कि उन्‍हें इससे कैसे लाभ मिला। बबीता ने बताया कि वो इस योजना और इसके केंद्रों का लोगों के बीच जागरुक करती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वो सोशल मीडिया के जरिए इसका अधिक से अधिक प्रचार कर सकती हैं। गुजरात की उर्वशी से भी उन्‍होंने इसके लाभ के बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर पीएम ने उनसे कहा कि वो पीएम आवास योजना का लाभ उठाने वालों के पास जाकर इस योजना के लिए उन्‍हें जागरुक करें। छत्‍तीसगढ़ के डाक्‍टर शैलेश की पीएम मोदी ने तारीफ की वो इस दिशा में काम कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया समेत अन्‍य लोग भी शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में मांडविया ने कहा कि देश में मिलने वाली जेनेरिक दवाओं की कीमत 50-80 फीसद तक कम है और इनकी गुणवत्‍ता विश्‍व स्‍तर की है। पीएमओ से दी गई जानकारी के मुताबिक इस इवेंट को जन औषधि जन उपयोगी का नाम दिया गया है। इससे पहले किए गए अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने इसको जन औषधि को मेडिसिन रिवोल्‍यूशन बताया था। आपको बता दें कि पूरे देश में एक मार्च से जन औषधि सप्‍ताह मनाया गया है। इस दौरान लोगों को इस बारे में जानकारी के साथ उनके बीच इसकी जागरुकता को बढ़ाने का भी काम किया गया है। जन औषधि परियोजना के तहत इसमें लोगों को जेनेरिक दवाओं के इस्‍तेमाल और इनके फायदे बताए गए। इस दौरान कई दूसरे इवेंट भी चलाए गए जिसमें जन औषधि संकल्‍प यात्रा, मैत्री शक्ति सम्‍मान, जन औषधि बाल मित्र, जन औ‍षधि जन जागरण अभियान, आओ जन औषधि मित्र बनाएं और जन औषधि जन आरोग्‍य मेला भी शामिल है। पीएम मोदी की दूर्गामी सोच पर आगे बढ़ते हुए इन दवाओं को न सिर्फ सस्‍ता किया गया है बल्कि लोगों तक इनकी पहुंच बनाने की भी पूरी कोशिश की गई है। पूरे देश में आज जन औषधि केंद्र के करीब 8600 स्‍टोर्स खुले हुए हैं जहां पर ये दवाएं आसानी से और सस्‍ती कीमत पर खरीदी जा सकती हैं। इसमें देश के लगभग हर जिले को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना की शुरुआत पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने 1 जुलाई 2015 को की थी।इस योजना के तहत सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम कर इन्‍हें बेचा जाता है। इसके लिए सरकार ने जन औषधि स्टोर। सरकार की योजना इनके स्‍टोर्स अगले कुछ समय में बढ़ाकर दस हजार करने की है, जिससे ये हर जन को आसानी से हासिल हो सकें।

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मतगणना से तीन दिन पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की अमित शाह से मुलाकात

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव की मतगणना से तीन दिन पहले पूर्व सीएम एवं पंजाब लोक कांग्रेस के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह सोमवार को अचानक गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। मतगणना से पहले हुई इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। राज्य में मतगणना 10 मार्च को होनी है। चुनाव में पार्टी कितनी सीटें जीत सकती है इस बारे में पूछे जाने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह पंडित नहीं है। वह ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो भविष्यवाणी कर सकें। कैप्टन ने कहा कि उनकी मेरी पार्टी सहित भाजपा गठबंधन ने बेहतर किया है। देखते हैं क्या होता है। बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी पंजाब में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ी है। राज्य में शिअद से अलग होने के बाद भाजपा सर्वाधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा जब शिअद के साथ गठबंधन में थी तो उसके हिस्से में 23 सीटें आती थी, लेकिन इस बार पार्टी ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा। अमित शाह से मुलाकात के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी चुनाव परिणाम नहीं आए हैं। वह अमित शाह से मिलने आए थे। उनकी मुलाकात सामान्य थी। इस मुलाकात में पंजाब को लेकर चर्चा की गई। विस्तृत चर्चा चुनाव परिणाम आने के बाद की जाएगी। कैप्टन ने कहा कि इस मुलाकात में चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। इस दौरान पंजाब के हितों को लेकर चर्चा हुई है।

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मतगणना के दौरान सत्ताधारी दल 'अनुचित' तरीकों का इस्तेमाल कर सकता है : टिकैत

मुजफ्फरनगर (उप्र)। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में 10 मार्च को होने वाली मतगणना के दौरान सत्तारूढ़ दल 'अनुचित' तरीकों का इस्तेमाल कर मतगणना को प्रभावित कर सकता है।

 

बीकेयू नेता ने यहां नवीन मंडी इलाके का दौरा करने के बाद कहा कि 10 मार्च को होने वाली मतगणना के दौरान सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सकती है। नवीन मंडी वह क्षेत्र है, जहां मतदान के बाद ईवीएम रखी जा रही हैं।

 

इस बीच, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त चुनाव अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा और चुनाव आयोग के निर्देश के तहत निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से की जाएगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पहले चरण में मुजफ्फरनगर, बुढाना, पिरकाजी, खतोली, मुरापुर और चरथवाल समेत छह विधानसभा सीटों पर 10 फरवरी को मतदान हुआ था।

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नवाब मलिक मुसलमान होने के कारण दाऊद से जोड़ा जा रहा नाम: पवार

पुणे,। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि पार्टी के नेता और राज्य सरकार में मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी ‘‘राजनीति से प्रेरित'' है और मुसलमान होने के कारण उनका नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जोड़ा जा रहा है। पवार ने मलिक के इस्तीफे की विपक्ष की मांग भी खारिज कर दी। मलिक को दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था। 

 

राकांपा प्रमुख ने कहा कि मलिक की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। उनका नाम दाऊद इब्राहिम से इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि वह मुसलमान हैं। मलिक और उनके परिवार के सदस्यों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ेंगे। राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा मलिक का इस्तीफा मांगे जाने के प्रश्न पर पवार ने कहा कि मलिक और केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे पर अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि राणे भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। पवार ने कहा कि मुझे याद नहीं आता कि हमारे (कांग्रेस) पूर्व पार्टी कार्यकर्ता नारायण राणे को हाल में गिरफ्तारी के बाद इस्तीफा देना पड़ा हो। 

 

प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) कल पुणे आ रहे हैं। वह इस पर ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। राणे के लिए अलग मानदंड और मलिक के लिए अलग मानदंड दिखाता है कि यह राजनीति से प्रेरित है। पवार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बी. एस. कोश्यारी पर भी निशाना साधा। राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंत्रीमंडल द्वारा एक वर्ष पहले उन्हें भेजे गए विधान परिषद के 12 सदस्यों के नामों को मंजूरी नहीं दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास पी. सी. एलेक्जेंडर जैसे राज्यपाल की विरासत है। मुझे इस पर बात नहीं करनी चाहिए कि वर्तमान राज्यपाल क्या कर रहे हैं। केन्द्र सरकार हर वो काम कर रही है जो वह कर सकती है और महाराष्ट्र इसका ताजा उदाहरण है।

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ऐसे उम्मीदवार चुनें, जिनके डीएनए में सेवा का भाव हो : शाह

जौनपुर। गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मतदाताओं से ऐसे उम्मीदवारों को चुनने का आग्रह किया, जिनके ‘डीएनए में सेवा का भाव’ हो।

 

मल्हनी विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “इस बार बाहुबलियों को मत जिताएं, बल्कि ऐसे उम्मीदवारों को विजयी बनाएं, जिसके डीएनए में सेवा का भाव हो और जो छीनना नहीं, बल्कि देना जानते हों।”

 

उन्होंने कहा कि एक या दो माफिया जो अभी भी जेल से बाहर हैं, उन्हें दस मार्च को भाजपा के दोबारा सत्ता में आने के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

 

मल्हनी विधानसभा सीट पर भाजपा के पूर्व सांसद केपी सिंह का मुकाबला जदयू के पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता धनजंय सिंह से है।

 

शाह ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले जब मैं उत्तर प्रदेश की जनता से वोट मांगने आया था, तब भाजपा ने वादा किया था कि पांच साल में प्रदेश माफिया मुक्त हो जाएगा।

 

उन्होंने कहा, “आज अतीक अहमद, आजम खां और मुख्तार अंसारी जेल के अंदर हैं। एक या दो जेल से बाहर हैं। आप दस मार्च को कमल (भाजपा का चुनाव चिन्ह) खिलाएं और उसके बाद वे भी जेल में होंगे।”

 

गृहमंत्री ने दावा किया कि यूपी में भाजपा ने पिछले पांच वर्षों में अपराधियों को राजनीति से हटाने का काम किया है, जिससे राजनीति का अपराधीकरण समाप्त हुआ है।

 

उन्होंने कहा कि यूपी में पहले के मुकाबले आपराधिक घटनाओं में कमी आई है और प्रदेश अपराध मुक्त बनने की राह पर आगे बढ़ा है।

 

शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2,000 करोड़ रुपये की भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया है और इस मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए मकान बन रहे हैं।

 

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “कोविड टीका आने के बाद अखिलेश ने कहा था कि मोदी वैक्सीन को नहीं लगवाना चाहिए, लेकिन उन्होंने खुद टीका लगवाया। जो नेता लोगों की जान की परवाह किए बिना राजनीतिक ‘खिचड़ी’ पकाने में लिप्त हैं, उन्हें एक पल के लिए भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।”

 

प्रतिद्वंद्वी दलों पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, “सपा-बसपा केवल गरीबों के बारे में बातें करती हैं, लेकिन मोदी और योगी ने उन्हें मजबूत बनाने का काम किया है। पूरे पूर्वांचल को सड़क मार्ग से जोड़ने और यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने का काम किया गया है।”

 

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि मल्हनी और यूपी को गुंडों और बाहुबलियों द्वारा विकसित नहीं किया जा सकता है, भाजपा उम्मीदवार केपी सिंह मल्हानी का विकास कर सकते हैं।

 

जौनपुर में सातवें चरण के तहत सात मार्च को मतदान होना है।

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गुजरात में अपने ही नेताओं पर बरसे राहुल, बोले- एसी में बैठने वाले 'कौरवों' की सूची बनाएं

द्वारका/नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात में अपनी पार्टी के नेताओं से पार्टी में मौजूद उन ''कौरवों'' की एक सूची तैयार करने के लिए कहा, जो सिर्फ ''अपने एसी कार्यालयों में बैठकर बातों के अलावा कुछ नहीं करते और दूसरों को परेशान करने में लगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अंतत: भाजपा में चले जाते हैं। गांधी ने केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि उसके पास केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पुलिस और गुंडे हैं, लेकिन अंत में केवल सत्य मायने रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात ''भाजपा की राजनीति'' के कारण त्रस्त है।

 

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के पास राज्य में अगला विधानसभा चुनाव जीतने का एक अवसर है, लेकिन पार्टी लोगों को यह स्पष्ट दृष्टिकोण देने में विफल है कि सत्ता में आने के बाद वह क्या करने का इरादा रखती है। गांधी ने गुजरात कांग्रेस द्वारा आयोजित चिंतन शिविर के दूसरे दिन यहां पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। चिंतन शिविर का आयोजन इस साल दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार करने पर चर्चा के लिए किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर आने से पहले, उन्होंने यहां द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर भगवान कृष्ण की पूजा की।

 

कांग्रेस नेता ने कहा, “उनके पास सीबीआई, ईडी, मीडिया, पुलिस, गुंडे और हर दिन के लिये नए-नए परिधान हैं। लेकिन वे चीजें बिल्कुल भी मायने नहीं रखतीं। गुजरात हमें सिखाता है कि सत्य क्या है। गांधी जी को देखिए। क्या उनके पास कभी अच्छे कपड़े थे, ईडी या सीबीआई थी? नहीं, क्योंकि सत्य सदैव साधारण होता है।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझना चाहिए कि वे पहले ही गुजरात विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। आप इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। गुजरात के लोग आपको बड़ी उम्मीदों से देख रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस को जितना नुकसान पहुंचाया है, उससे ज्यादा गुजरात के लोगों को पहुंचाया है।”

 

कांग्रेस के पुनरुद्धार और यहां आगामी चुनाव जीतने के लिए एक साहसिक दृष्टिकोण साझा करते हुए, गांधी ने उन नेताओं से छुटकारा पाने का सुझाव दिया जो ''वातानुकूलित कमरों में बैठते हैं और दूसरों को परेशान करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''(लोगों तक दृष्टिकोण पहुंचाने को लेकर) असमंजस क्यों है? क्योंकि हमारे पास दो तरह के नेता हैं। एक वे जो जमीन पर रहते हैं और लड़ाई लड़ते है। दूसरे वे जो अपने एसी कार्यालयों में बैठे रहते हैं और बात करने व भाषण देने के अलावा कुछ नहीं करते। ऐसे नेताओं की सूची तैयार करें जो दूसरों को परेशान करते हैं। वे कौरव हैं। भाजपा उन्हें अपने पाले में ले जाएगी।''

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि गुजरात में अगले चुनाव में ''भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए'' उन्हें केवल पांच सक्षम नेताओं की जरूरत है। साल 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले गुजरात के अपने दौरे को याद करते हुए गांधी ने कहा कि स्थानीय नेतृत्व को शुरुआत में चुनाव में बहुत सीटें जीतने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने उनसे कहा था कि कांग्रेस 182 में से केवल 40-45 सीटें जीतेगी।

 

राहुल ने कहा कहा, ''लेकिन अंत में हम चुनाव जीतने से सिर्फ सात सीटों से पीछे रह गए। मैं इस बार भी यही स्थिति देख रहा हूं। मैं आपको बता रहा हूं कि आप पहले ही यह चुनाव जीत चुके हैं।'' उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा हमेशा ''गुजरात मॉडल'' का दावा करती है, लेकिन राज्य में कोविड-19 के कारण लगभग तीन लाख लोगों की जान चली गई और अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर व वेंटिलेटर की कमी के कारण लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।

 

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, ''गुजरात भाजपा की राजनीति के कारण त्रस्त है। बेरोजगारी यहां एक प्रमुख मुद्दा है। छोटे व्यवसायों को कभी सबसे बड़ी ताकत के तौर पर गुजरात की रीढ़ माना जाता था। लेकिन प्रधानमंभी मोदी ने जीएसटी, नोटबंदी और महामारी के दौरान अपने कार्यों से इन्हें नष्ट कर दिया।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अवसर है और लोग पार्टी को एक विकल्प के रूप में देखते हैं। पार्टी लोगों के सामने यह स्पष्ट दृष्टिकोण देने में विफल रही है कि ''कांग्रेस सत्ता में आने पर क्या करेगी, हम कैसे काम करेंगे और कौन से नेता करेंगे।''

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रूस-यूक्रेन संकट: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की पीएम मोदी से बात

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। उन्होंने ट्विटर के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि पीएम मोदी को रूस की आक्रामकता को लेकर यूक्रेन के रुख की जानकारी दी। एक लाख से अधिक रूसी आक्रमणकारी हमारे देश में हैं। वो आवासीय भवनों पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। हमने भारत से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में समर्थन देने का अनुरोध किया है।

 

पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन में जारी संघर्ष की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने जारी संघर्ष के कारण जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम मोदी हिंसा की तत्काल समाप्ति और बातचीत के लिए अपने आह्वान को दोहराया और शांति प्रयासों के लिए हर तरह से योगदान करने की भारत की इच्छा व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में मौजूद छात्रों सहित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत की गहरी चिंता से भी उन्हें (यूक्रेन के राष्ट्रपति) अवगत कराया। उन्होंने भारतीय नागरिकों को तेजी से सुरक्षित निकालने के लिए यूक्रेन के अधिकारियों द्वारा सुविधा प्रदान करने की मांग भी की।

 

भारतीय छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं, दूतावास के संपर्क में रहें: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यूक्रेन में फंसे ढेरों छात्रों और उनके परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि घबराने की बिल्कुल सभी छात्र दूतावास के संपर्क में बने रहे। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, मैं भारतीय छात्रों जल्द से जल्द वापस लाने का आश्वासन देता हूं। विदेश मंत्रालय लगातार आवश्यक व्यवस्था कर रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। छात्र दूतावास के संपर्क में रहें और हर दिशा-निर्देश का पालन करें।

 

वहीं, यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से बॉर्डर पोस्ट पर नहीं जाने की अपील की है। दूतावास ने कहा, भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी बॉर्डर पोस्ट पर न जाएं। हम भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए पड़ोसी देशों में स्थित अपने दूतावासों के साथ काम कर रहे हैं।

 

भारतीय नागरिकों का स्वागत करेंगे पीयूष गोयल

यूक्रेन से सुरक्षित निकाले गए भारतीय नागरिकों का मुंबई हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल स्वागत करेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि सरकार हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।

 

भारतीय छात्रों का वीडियो वायरल

इस बीच हंगरी पहुंचने के बाद भारतीय छात्रों ने कहा कि बुडापेस्ट के भारतीय दूतावास ने हमें सीमा पार करने में बहुत मदद की है। हम बहुत खुश हैं और हम अच्छे की उम्मीद करते हैं।

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भड़काऊ भाषण मामले में जितेन्द्र नारायण उर्फ वसीम रिजवी को फिलहाल राहत नहीं

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय से तथाकथित भड़काऊ भाषण मामले में जेल में बंद जितेन्द्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को फिलहाल राहत नहीं मिल पायी है। अदालत ने अब सरकार से सह आरोपी यति नरसिंहानंद के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी तलब की है।

 

जितेन्द्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को हरिद्वार पुलिस ने इसी साल 13 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन पर हरिद्वार धर्म संसद मामले में एक धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। वह तभी से जेल में बंद हैं। उन्होंने इसके बाद जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की पीठ में उनके प्रार्थना पत्र पर सुनवाई चल रही है। 

 

शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास है। उनके खिलाफ 30 से अधिक मामले में दर्ज हैं। इनमें संगीन धाराएं भी शामिल हैं। आरोपी की ओर से प्रतिवाद करते हुए कहा गया कि सभी मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं और वह शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रहे हैं। उनके विरोधियों की ओर से उनके खिलाफ झूठे अभियोग दर्ज किये गये हैं। वह किसी भी मामले में दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा। इसके बाद भी उन्हें जमानत नहीं मिली।

 

23 फरवरी को इस मामले में फिर सुनवाई हुई और आरोपी की ओर से जमानत की मांग करते हुए कहा गया कि इसी मामले में सह आरोपी यति नरसिंहानंद को हरिद्वार की निचली अदालत से जमानत मिल गयी है। इसके बाद अदालत ने सरकार को निर्देश दिए कि सह आरोपी से जुड़े आपराधिक मामलों की जानकारी 4 मार्च तक अदालत में पेश करें।

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सीएम जयराम ठाकुर बोले, यूक्रेन से आने वालों को घर तक फ्री में पहुंचाएगी हिमाचल सरकार

शिमला। यूक्रेन से स्वदेश लौटने वाले सभी हिमाचल के छात्रों व लोगों को हिमाचल सरकार मुफ्त में घर पहुंचाएगी। इसके लिए दिल्ली स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालय की ओर से व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी विधानसभा में सीएम जयराम ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए एचआरटीसी और एचपीटीडीसी की बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूक्रेन से दो हवाई जहाज हिमाचल के युवाओं को लेकर दिल्ली पहुंचने वाले हैं। इन हवाई जहाजों में दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल हैं। सरकार के पास यूक्रेन में कितने छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, यह आंकड़ा उपलब्ध नहीं हैं। अभी तक 130 युवाओं की जानकारी उपलब्ध है। 

 

बंकर में रह रहे 120 भारतीय छात्र : यूक्रेन में फंसे सुंदरनगर के महादेव निवासी रोहित ने बताया कि वीनीतिशिया यूनिवर्सिटी में उनको बंकर में रहने को कहा है। लगभग 120 भारतीय उनके बंकर में है। सुबह खाना होस्टल रूम में बनाने के बाद वापस बंकर में आ जाते हैं। यूनिवर्सिटी दो सप्ताह के लिए बंद कर दी है। जिस एजेंसी के माध्यम से वह आए हैं, उनका एजेंट भी हमारे साथ है, लेकिन उनको कब निकाला जाना है, इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया है। करीब 400 किलोमीटर सफर के बाद वह रोमानिया पहुंचेंगे, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है।

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सांख्यिकी प्रणाली को बेहतर बनाकर जनहित में करेंगे उपयोग : शिवराज

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सांख्यिकीय प्रणाली के कामकाज के सही मूल्यांकन और नीति निर्माण में डेटा की गुणवत्ता और प्रणाली में सुधार के लिए गठित टॉस्क फोर्स की अनुशंसाओं पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। चौहान आज यहां मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो. अमिताभ कुंडू की अध्यक्षता में गठित कुंडू टॉस्क फोर्स (समिति) द्वारा प्रतिवेदन सौंपे जाने पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सांख्यिकीय प्रणाली को बेहतर बनाकर जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

 

चौहान ने प्रो. अमिताभ कुंडू द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन का लोकार्पण किया। टॉस्क फोर्स द्वारा दी गई रिपोर्ट में राज्य सांख्यिकी आयोग के गठन की अनुशंसा भी शामिल है। यह आयोग इस क्षेत्र में तकनीकी मार्गदर्शन का कार्य करेगा। इस मौके पर वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा, मध्यप्रदेश राज्य नीति एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी, टॉस्क फोर्स के सदस्य प्रो. गणेश कवाड़िया, अमिताभ पंडा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी और टॉस्क फोर्स के संयोजक अभिषेक सिंह उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के निर्माण और केन्द्र सरकार से धन राशि के आवंटन के लिए प्रामाणिक आंकड़े आवश्यक होते हैं। जीडीपी के आकलन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी ये आंकड़े उपयोगी होते हैं। कुंडू टॉस्क फोर्स का गठन कर इसके आवश्यक अध्ययन और शोध की व्यवस्था की गई। इससे राज्य और जिला स्तर पर वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार, नागरिकों और विशेषज्ञों के लिए प्रकाशनों को व्यापक, सुलभ एवं सुपाठ्य बनाने के लिए नए और अभिनव उपाय सुझाना भी आसान होगा।

 

चौहान ने कहा कि गत दो माह में प्रदेश के 10 लाख लोगों को विभिन्न रोजगार से जोड़ने में सफलता मिली है। महिला स्व-सहायता समूह भी अच्छा कार्य कर रहे हैं। कुंडू समिति के प्रतिवेदन में प्रदेश में हुई इस ग्रोथ का भी उल्लेख है। इसके अलावा अन्य अनुशंसाओं में सांख्यिकीय विभाग के कर्मचारियों को सर्वेक्षण, आय अनुमान, सांख्यिकी और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग में आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। 

 

राज्य में नमूना सर्वेक्षणों की क्षमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए नमूना सर्वेक्षणों को डिजाइन और संचालित करने की योजना, राज्य स्तर पर नमूना सर्वेक्षण विंग बनाने की जरूरत का भी उल्लेख है। डेटा प्रबंधन प्रणालियों का आधुनिकीकरण टॉस्क फोर्स के उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि सही डेटा राज्य के जीडीपी के आकार और आकलन के साथ ही संपूर्ण व्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद करेगा। उन्होंने टॉस्क फोर्स को सिर्फ पांच माह की अवधि में प्रतिवेदन तैयार कर सौंपने के लिए धन्यवाद दिया।

 

टॉस्क फोर्स के अध्यक्ष प्रो. अमिताभ कुंडू ने कहा कि जिलों में भ्रमण और विभिन्न बैठकों के बाद प्रतिवेदन तैयार किया गया है। नीति निर्धारण में यह प्रतिवेदन सहयोगी होगा। प्रो. कुंडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में अच्छी प्रगति है। मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रहे हैं। प्रदेश में सांख्यिकी संकलन और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए राज्य सांख्यिकी आयोग के गठन की अनुशंसा की गई है। साथ ही राज्य स्तरीय डाटा रेसेर्वियार की स्थापना की बात भी कही गई है, जिसमें समस्त विभागों के डाटा संकलन का कार्य योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मुख्यालय में हो सके।

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प्रियंका बोलीं- पीएम को यूक्रेन में युद्ध की जानकारी है,लेकिन यूपी में आवारा पशुओं की समस्या के बारे में नहीं

अमेठी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए आज शाम यानी 25 फरवरी को 12 जनपदों की 61 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार थम जाएगा। सभी राजनीतिक दलों के सियासी दिग्गजों ने पूरी ताकत झोंक दी है। पांचवें चरण में अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, बहराईच समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सीटें हैं। इसके लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी अमेठी पहुंचे। जगदीशपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने आवारा पशुओं की समस्या को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साथा। प्रियंका गांधी ने कहा, ''पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें आवारा पशुओं की समस्या के बारे में नहीं पता, 5 साल से क्या कर रहे थे? उन्हें यूक्रेन में युद्ध की जानकारी है, उन्हें कोविड के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति की खांसी के बारे में पता था, लेकिन उन्हें किसानों की इस समस्या का पता नहीं था?'' प्रियंका ने कहा, आप (जनता) अपनी परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार हैं। आप भटक जाते हैं और आंखें बंद करके वोट करते हैं। आपका वोट एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, बुद्धिमानी से चुनें क्योंकि आपको अगले 5 वर्षों तक पछताना पड़ सकता है। यह आपके विकास का समय है। प्रियंका ने पूछा, इन 5 सालों में कितनों को रोजगार मिला है?, इन्होंने जो जानबूझकर 12 लाख सरकारी पदों को खाली रखा है उसे हम सबसे पहले भरेंगे। इसकी हमने पूरी लिस्ट बनाई हुई है। इसके अलावा हम 8 लाख नए रोज़गार देंगे। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के रोजगार क्षेत्र की रीढ़ को पीएम नरेंद्र मोदी और उनके दोस्तों ने तोड़ा है। आप देखेंगे कि आने वाले समय में इस देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, आप जितना चाहें, उन्हें पढ़ाएं। कोविड के दौरान किसी ने मेरी नहीं सुनी, लेकिन आपने गंगा में शव देखे। राहुल ने कहा कि जब वे (भाजपा) कहते हैं कि हमारे 70 वर्षों में कुछ नहीं हुआ, तो उनका वास्तव में मतलब था कि इन 70 वर्षों में अंबानी, अडानी के लिए कुछ नहीं हुआ। याद रखें, भारत के सबसे बड़े अरबपति रोजगार नहीं देते, छोटे दुकानदार, व्यापारी और किसान करते हैं।

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बहू बेटी की सुरक्षा करना योगी क्या जाने : जया

कौशांबी। यूपी के सिरथू में चुनाव प्रचार कर रही समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा,’ये भूल जाते हैं कि आपके जो मुख्यमंत्री (योगी) हैं, उन्होंने तो परिवार को त्याग दिया है। वे परिवार के बारे में क्या जानते हैं? वे क्या जानते हैं बहू, बेटी क्या होती हैं? ये लोग झूठ के सिवाय कुछ नहीं बोलते हैं। मुंबई की भाषा में इन्हें फेकूचंद कहते हैं। सिर्फ फेकते रहते हैं, लेकिन काम कुछ नहीं करते हैं।

 

जया ने कहा कि मैं 15 साल पार्लियामेंट में रहीं हूं, इन्होंने झूठ के सिवाय कुछ नहीं कहा है। जब ये सत्ता में है और जब ये सत्ता में नहीं थे, इन्होंने कभी भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक शब्द भी नहीं बोला है। इसके साथ कहा कि मुझे लगता है कि समय बदल रहा है। लोगों को देखो, उनका उत्साह, आप माहौल के बारे में बता पाएंगे। वे महिला सुरक्षा के बारे में बात करते हैं लेकिन झूठ के अलावा कुछ नहीं जानते। आप पिछले 5 वर्षों में यूपी में महिलाओं पर अत्याचार के बारे में जानते हैं, नहीं यह कहने की जरूरत है।

 

जया बच्चन ने सिराथू में कहा कि मेरा जन्म एमपी में एक बंगाली परिवार में हुआ था और यूपी में शादी हुई थी। मेरी बेटी ने एक पंजाबी से शादी की और बेटे ने एक दक्षिण भारतीय से शादी की है। हमारे परिवार में जातिवाद या क्षेत्रवाद जैसा कुछ नहीं है। ‘गंगा किनारे का छोरा’ हमेशा गंगा का रहेगा। वह मुंबई के समुद्र का नहीं हो सकता है। इसके साथ जया ने खुद को यूपी की बड़ी बहू बताते हुए कहा कि अपने भैया का भी लाज रख लीजिएगा। उन्होंने अमिताभ बच्‍चन का नाम लिए बिना कहा, ‘गंगा किनारे वाला जो छोरा है उसकी लाज तो आपको रखनी होगी।

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परिवारवादी सपा बसपा नहीं बल्कि राष्ट्रवादी भाजपा है यूपी की पसंद : शाह

कौशांबी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवादवाद,जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस का सफाया तय है और राष्ट्रवाद,विकास और सुशासन की पर्याय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मौजूदा विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें जीतकर दोबारा सरकार बनाने को तैयार है।

सिराथू विधानसभा क्षेत्र में स्थित सौरई पशु बाजार मैदान में आयोजित चुनावी सभा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए वोट की अपील करते हुये श्री शाह ने कहा कि विधानसभा के चार चरण के चुनाव में सपा बसपा का सूपड़ा साफ हो गया है। भाजपा 300 से अधिक सीट जीतकर दोबारा प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। उन्होने कहा कि सपा परिवार वादी,जातिवाद एवं तुष्टिकरण को बढ़ावा देने वाली पार्टी है।

उन्होंने कहा कि 2017 के पहले सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश में माफिया बाहुबलियों का बोलबाला था लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही अतीक अहमद, आजम खां, मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं को जेल के अंदर भेज दिया गया। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनी तो क्या यह माफिया जेल के अंदर रहेंगे। उन्होंने कहा योगी सरकार बनते ही चुन-चुन कर माफियाओं, गुंडों को जेल भेजने का काम किया गया। इनके कब्जे से दो हजार करोड़ कीमत की कब्जा की गई गरीबों की जमीन खाली कराकर गरीबों के लिए मकान बनाने का काम शुरू किया गया।

शाह ने कहा अखिलेश यादव एक जाति की पार्टी है जबकि दूसरे एक धर्म के लोग उनके साथ सहयोगी है। सपा के कार्यकाल में चुनिंदा जिलों को छोड़ कर बिजली के दर्शन दुर्लभ थे वहीं भाजपा के शासनकाल में गांव के लोगों को भी बिजली मिल रही हैं। योगी सरकार ने एक लाख 41 हजार गरीब परिवारों के घर में मुफ्त में बिजली के कनेक्शन देने का काम किया।

उन्होंने कहा कि सपा का मतलब है स से संपत्ति और प का अर्थ है परिवारवाद। समाजवादी पार्टी संपति जुटाने वाली पार्टी है। कन्नौज में इत्र व्यवसायी के यहां छापा मारकर करोड़ों रुपए नकदी जब्त की गई। व्यवसाई का रिश्ता समाजवादी पार्टी से था। भाजपा गरीबों का कल्याण करने वाली पार्टी है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है कि 130 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगाकर सुरक्षित करने का काम किया गया। देश में 80 करोड़ों लोगों को एवं उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ों लोगों को 2 साल तक मुफ्त में राशन देने का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं देश की सीमाएं सुरक्षित है। कांग्रेस के हुकूमत के 10 वर्षों में सपा बसपा कांग्रेस का सहयोग करती रही। आतंकवादी जवानों का सर काट कर ले जाते थे । नरेंद्र मोदी के शासनकाल में आतंकियों ने पुलवामा में सैनिकों पर हमला किया तो सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुस कर आतंकियों को ढेर करने का काम किया है। अब किसी भी देश में जरूरत नहीं है कि वह हमारे देश की ओर आंख उठा कर देख सके ऐसे करने की हिमाकत किया तो उनका सिर धड़ से अलग करने का काम किया जाएगा ।

उन्होंने कहा कि विपक्षी कश्मीर के संबंध में कहते थे कि 370 धारा समाप्त हुई तो खून की नदियां बहेगी लेकिन 370 धारा समाप्त हो गई क्या कुछ हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गरीब मजदूर, पिछड़े, दलितों का कल्याण भाजपा से ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में भाजपा ने पांच एक्सप्रेसवे 10 शहरों में मेट्रो,17000 करोड और से नई सड़कें शिक्षा के क्षेत्र में 10 इंटरनेशनल विश्वविद्यालय सहित 40 मेडिकल कॉलेज 76 नर्सिंग कॉलेज बनाने का काम किया गया है।

 शाह ने कहा 2013 में जब वह भाजपा से उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे, सड़कें गड्ढों में तब्दील थी। अब प्रदेश में मजबूत चमचमाती हुई सड़के हैं। भाजपा, निषाद पार्टी एवं अपना दल गठबंधन मजबूत है। केशव प्रसाद मौर्य पिछड़ा वर्ग के बड़े चेहरे हैं सिराथू सीट उत्तर प्रदेश में सबसे अलग विधानसभा सीट है यहां आप विधायक नहीं बल्कि डिप्टी सीएम बनाने जा रहे हैं।

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संकीर्णता व दोहरेपन का शिकार प्रवासी मुद्दा

भारतीय संविधान देश के किसी भी राज्य अथवा किसी भी केंद्र शासित प्रदेश के किसी भी नागरिक को देश के किसी भी राज्य अथवा किसी भी केंद्र शासित प्रदेश में जाकर रोज़गार,सेवा अथवा व्यवसाय करने का पूरा अधिकार देता है। परन्तु इसके बावजूद समय समय पर कुछ विशिष्टजन विशेषकर ज़िम्मेदार नेतागण ऐसी भाषा बोलने लगते हैं जिससे न केवल प्रवासी लोगों के मन में अपनी सुरक्षा के प्रति भय उत्पन्न होता है बल्कि इससे हमारी राष्ट्रीय एकता पर भी गहरा आघात लगता है। प्रायः उत्तर प्रदेश,बिहार,मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,बंगाल,राजस्थान व उत्तरांचल के लोग ही रोज़गार की तलाश में अथवा नौकरी या व्यवसाय की ख़ातिर देश के विभिन्न हिस्सों में आते जाते रहते हैं। इनमें भी विशेषकर उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे देश के दो सबसे बड़े राज्यों के छात्र,कामगार,श्रमिक ख़ास तौर पर मुंबई,दिल्ली,पंजाब व हरियाण जैसे राज्यों में बहुतायत में जाते हैं।इसका मुख्य कारण जहाँ इन राज्यों का जनसँख्या घनत्व है वहीँ अशिक्षा व बेरोज़गारी भी इन राज्यों की बड़ी समस्या है। इत्तेफ़ाक़ से यही देश के ऐसे दो बड़े राज्य भी हैं जो हमेशा ही देश को सबसे अधिक संख्या में नौकरशाह मुहैय्या करवाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में भी प्रायः इन्हीं राज्यों का वर्चस्व रहा है। अनेक महापुरुष व राजनेता इन्हीं दो राज्यों के रहे हैं। कितने सौभाग्यशाली है उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे राज्य की धरती कि यह भगवान राम,कृष्ण,सीता,गुरु गोविन्द सिंह,संत रविदास,महात्मा बुद्ध,कबीर,तुलसी व कई अन्य महापुरुषों की यह जन्म व कर्मस्थली भी रही है।

 

परन्तु कितने दुःख का विषय है कि इन्हीं राज्यों के लोग समय समय पर कुछ संकीर्ण क्षेत्रीय मानसिकता रखने वाले नेताओं की संकीर्ण सोच व तंग नज़री का शिकार होने लगते हैं। और कभी कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि यदि अपराधी प्रवृति के किसी प्रवासी ने कहीं कोई अपराध अथवा दुष्कर्म कर दिया तो स्थानीय लोग उसका ग़ुस्सा पूरे प्रवासी समाज पर उतारने पर आमादा हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर सितंबर 2018 में गुजरात राज्य के साबरकांठा में एक मासूम बच्ची के साथ एक मज़दूर ने बलात्कार किया था। बलात्कार का आरोपी बिहार का रहने वाला था। इस घटना के बाद गुजरात के कई शहरों में उत्तर भारत के लोगों के विरुद्ध न केवल  विरोध-प्रदर्शन हुये बल्कि कई जगह उनके विरुद्ध स्थानीय लोगों की भीड़ हिंसक भी हो गयी।  हिंसा पर उतारू भीड़ का कहना था कि यूपी और बिहार के लोग शहर से चले जाएं वरना उन्हें मार दिया जाएगा। वे कहते सुने जा रहे थे कि 'बाहरी लोग राज्य छोड़ दें' साथ ही यह भी कि 'गुजराती लोगों को बचाया जाना चाहिए'। इस हिंसा के बाद डरे सहमे उत्तर भारतीयों ने अपने-अपने राज्य-घर-गांवों की ओर बड़ी संख्या में पलायन करना शुरू कर दिया था। उत्तर भारत के बेगुनाह लोगों पर हुए इस हमले के बाद बिहार व उत्तर प्रदेश के लोगों ने कई जगह प्रदर्शन किया था तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध पोस्टर लगाये थे जिसमें लिखा था - ‘गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो’।

 

इन दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उत्तर भारतीयों के बारे में दिये गये एक बयान को लेकर भाजपा विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया। चन्नी ने कहा था कि - प्रियंका पंजाबियों की बहू है। यूपी ,बिहार, दिल्ली के लोगों को यहां राज नहीं करने देना। यूपी के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना है। बाद में भले ही चन्नी यह सफ़ाई देते रहे कि उनका आशय आम आदमी पार्टी के नेताओं से था,परन्तु तब तक राजनीति के महाचतुर खिलाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चन्नी के यू पी बिहार वाले बयान को गुरु गोविन्द सिंह व संत रविदास के अपमान से जोड़ चुके थे। परन्तु जब गुजरात,कश्मीर और महाराष्ट्र से इन्हीं भगवान राम,कृष्ण,सीता,गुरु गोविन्द सिंह, संत रविदास,महात्मा बुद्ध,कबीर व तुलसी के राज्यों के लोग मारे-पीटे-दुत्कारे व भगाये जा रहे थे और यही यू पी बिहार के कथित हितैषी उन राज्यों की सत्ता के साथ खड़े थे,उस समय यह भगवान राम,कृष्ण,सीता,गुरु गोविन्द सिंह, संत रविदास का अपमान नहीं था? जब इन्हीं राज्यों के लोग कोरोना काल में अपने परिवार,बच्चों व वृद्ध बीमार जनों के साथ हज़ारों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे थे तब  क्या वह संत रविदास व गुरु गोविन्द सिंह का अपमान नहीं था ?

 

अब इसी प्रवासी मुद्दे का दूसरा पहलू भी देखिये। जिस तरह उत्तर भारतीय स्वरोज़गार हेतु देश के संपन्न राज्यों में जाते हैं ठीक उसी तरह पंजाब,हरियाणा,गुजरात,यू पी व बिहार आदि अनेक राज्यों के लोग इसी रोज़गार व व्यवसाय के लिये अथवा शिक्षा ग्रहण करने के लिये अमेरिका-कनाडा जैसे अनेक विकसित देशों में जाते हैं। आज अनेक देशों में उनकी स्थिति ऐसी है कि कोई किसी देश का प्रधानमंत्री है कई विभिन्न देशों में मंत्री,कई जज तो कई सेना व पुलिस में उच्च पदों पर तैनात हैं। कोई सांसद तो कोई वैश्विक स्तर पर उद्योग जगत के शीर्ष पर है। लाखों लोग विदेशों में बड़े बड़े ज़मींदार-किसान बन चुके हैं। यक़ीनन हमारे देश के लोगों को उन प्रवासी भारतीयों पर गर्व है जो विदेशों में रहकर भारत का नाम ऊँचा कर रहे हैं। परन्तु जब बात 2004 में सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री बनने की आई तो यही राष्ट्रवादी 'देशभक्त ' उस समय यह कहते फिर रहे थे कि यदि विदेशी महिला प्रधानमंत्री बनी तो सर मुंडा लेंगे,उल्टी चारपाई पर लेटेंगे,भुने चने खाने लगेंगे आदि। इस तंगनज़री का आख़िर क्या जवाब है ? कल्पना कीजिये कि यदि यही रंग भेद व देशी विदेशी की संकीर्ण सोच भारतीयों के विरुद्ध विदेशों में भी पनपने लगी फिर आख़िर हमारे करोड़ों प्रवासी भारतीयों की क्या स्थिति होगी ?

 

जिस तरह विदेशों में भारतीय प्रवासी अपनी सेवायें देकर अपने अपने देशों के विकास व वहां की व्यवस्था में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं ठीक उसी प्रकार देश के किसी भी राज्य का प्रवासी किसी भी राज्य में श्रम कर अपनी रोज़ी रोटी तो कमाता ही है साथ साथ अपना ख़ून पसीना बहाकर वहां के निर्माण,प्रगति व विकास में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। आम तौर पर किसी भी राज्य के आम लोगों को किसी अन्य राज्यवासी से उसके राज्य अथवा धर्म जाति के आधार पर कोई आपत्ति नहीं होती। आम तौर पर ओछी व संकीर्ण राजनीति करने वाले नेता ही केवल अपना व्यापक जनाधार सिमटता देख इस तरह के संकीर्ण विवादों को जन्म देते हैं। परिणाम स्वरूप कभी कभी विशेषकर चुनावी बेला में प्रवासी मुद्दा संकीर्णता व दोहरेपन का शिकार हो जाता है।

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योगी के बयान पर प्रियंका गांधी का पलटवार:बोलीं- मैं अपने भाई के लिए जान दे सकती हूं

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया है। पंजाब के कोटकपुरा में प्रियंका ने कहा, 'मैं अपने भाई के लिए जान दे सकती हूं। मेरा भाई भी मेरे लिए जान दे सकता है तो विवाद कौन सा? उन्होंने भाई राहुल के साथ किसी भी तरह के विवाद को एक सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, योगी जी के मन में विवाद है। लगता है वो शायद उस विवाद की बात कर रहे हैं, जो उनके और मोदी-शाह के बीच हैं।

दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 12 फरवरी को ट्वीट कर कहा था कि भाई-बहन के आपसी विवाद और वर्चस्व के कारण कांग्रेस डूब जाएगी। उनके इस बयान पर प्रियंका गांधी ने पलटवार किया है।

टिहरी की जनसभा में कसे थे योगी ने तंज
दरअसल, उत्तराखंड की टिहरी में बीते शनिवार को जनसभा के दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस तो पूरे देश के अंदर डूब रही है। जहां थोड़ा वजूद था भी, वहां पर डुबाने के लिए दोनों भाई-बहन पर्याप्त हैं, किसी तीसरे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने जनता से कहा कि इसलिए क्यों उस डूबते हुए जहाज में बैठोगे। डूबते हुए जहाज में नहीं बैठना चाहिए। उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ यही नहीं रुके। उन्होंने इसे लेकर एक ट्वीट भी कर दिया। जिसमें उन्होंने लिखा- भाई-बहन के आपसी विवाद और वर्चस्व के कारण कांग्रेस डूब जाएगी।

प्रियंका गांधी ने यूपी में लड़की हूं, लड़ सकती हूं...जैसा नारा दिया है। उन्होंने चुनाव में प्रत्याशियों में से 40% महिलाओं को टिकट देने का निर्णय लिया था। उन्होंने हाथरस, उन्नाव कांड की पीड़ित महिलाओं को चुनावी टिकट दिया है।

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विवाद पर बोले आरिफ मोहम्मद, कहा- ये मुस्लिम महिलाओं को घर में कैद करने की साजिश

नई दिल्ली: कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कॉलेज परिसर में हिजाब न पहनने देने को मुस्लिम महिलाएं अपने मौलिक अधिकारों का हनन बता रही हैं। अब इस मामले पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हिजाब को मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित करने का तरीका बताया है।

बच्चियों को जमीन में दफना देते थे मुस्लिम
उन्होंने कहा कि अरब देशों में एक समय था, जब लोग बच्चियों के जन्म लेते ही उन्हें जमीन में दफन कर देते थे। फिर इस्लाम ने इसे बंद कर दिया, लेकिन वहां यह मानसिकता आज 21वीं सदी में भी कायम है। पहले उन लोगों ने तीन तलाक का आविष्कार किया, फिर हिजाब और फिर मुस्लिम महिलाओं का प्रताड़ित करते रहने के लिए अन्य तरीके ईजाद कर लिए।

वे नहीं चाहते कि मुस्लिम महिलाएं आगे बढ़ें
आरिफ मोहम्मद ने कहा कि मुझे लगता है कि हिजाब को लेकर जो भी हो रहा है, ये विवाद नहीं है। मुझे यह एक साजिश मालूम होती है, जिसका मकसद मुस्लिम महिलाओं को उनके घरों के भीतर हीकैद करना है। आज मुस्लिम महिलाएं, लड़कों की तुलना में आगे हैं और यह विवाद उन्हें पीछे धकेलने के लिए है। 

देश के कई हिस्सों में शुरू हुए विवाद, लगातार हो रही बयानबाजी
कर्नाटक के उडुपी जिले के एक कॉलेज में मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर आने से रोकने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद यह विवाद राज्य के अन्य एरिया में भी फैल गया। हिंदू संगठनों से जुड़े छात्रों ने बदले में भगवा शॉल पहनकर हिजाब वाली छात्राओं को रोकना शुरू कर दिया। इसे लेकर हिंसक तनाव बनने के बाद राज्य सरकार ने सभी तरह के धार्मिक पहचान वाले कपड़े पहनने स्कूल-कॉलेजों में पहनने पर रोक लगा दी। कुछ लोगों ने कर्नाटक सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

इसके बाद देश के कई अन्य राज्यों में भी हिजाब के कारण छात्राओं को कॉलेजों में एंट्री नहीं दिए जाने के विवाद सामने आए हैं। इसे लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार भड़काऊ बयान भी सामने आ रहे हैं। राजनेता भी अपने-अपने तरीके से बयान दे रहे हैं।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्कूल-कॉलेजों में फिलहाल धार्मिक पहचान वाले कपड़े, चाहे वह भगवा शॉल हो या हिजाब, नहीं पहनने का अंतरिम आदेश जारी किया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद से ही देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।


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उत्तराखंड : भाजपा के सामने सरकार को बरकरार रखने की चुनौती, कांग्रेस वापसी की कोशिश में

नई दिल्ली। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है। राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में सोमवार यानी 14 फरवरी को मतदान होना है। इस चुनाव में जहां भाजपा के सामने अपनी सरकार को बरकरार रखने की चुनौती है वहीं कांग्रेस राज्य की सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिश कर रही है। राज्य के गठन के बाद से ही प्रदेश में हर चुनाव में सत्ता बदलती रही है और इसलिए कांग्रेस को इस बार अपनी जीत का भरोसा है जबकि भाजपा लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाने का दावा कर रही है। इस चुनाव में एक तरफ भाजपा है जो अपने वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सामने रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के सहारे चुनाव लड़ रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस है जिसने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा साफ तौर पर तो नहीं की है कि लेकिन यह माना जा रहा है कि कांग्रेस की तरफ से हरीश रावत ही यह चुनाव लड़ रहे हैं और लड़ा भी रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं की तरफ से लगातार सुनाई दे रहे विरोध के सुरों के बीच उत्तराखंड का यह चुनाव कांग्रेस आलाकमान और गांधी परिवार के लिए प्रतिष्ठा का विषय भी बन गया है। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती 30 प्रतिशत के उस वोट के अंतर को पार कर भाजपा को हराना है , जिसके सहारे भाजपा ने 2019 के लोक सभा चुनाव में राज्य की सभी 5 सीटों पर कब्जा जमा लिया था। दरअसल 2014 के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार बढ़ता जा रहा मतों का अंतर कांग्रेस के लिए एक बड़ी चिंता का सबब है और इसका समाधान ढूंढे बिना राज्य में भाजपा को हराना मुमकिन नहीं है। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मत प्रतिशत और सीट को लेकर बहुत ज्यादा अंतर नहीं था। 2012 में कांग्रेस ने 33.79 प्रतिशत मतों के साथ 32 सीटों पर जीत हासिल की थी और भाजपा को 33.13 प्रतिशत मतों के साथ 31 सीटों पर जीत मिली थी। उस समय कांग्रेस ने अन्य दलों के साथ मिलकर राज्य में सरकार का गठन कर लिया था। लेकिन इसके बाद से मत प्रतिशत और सीट , दोनों ही मामलों में कांग्रेस लगातार भाजपा से पिछड़ती जा रही है। 2014 के लोक सभा चुनाव में 56 प्रतिशत के लगभग मत पाकर भाजपा ने राज्य की सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत थोड़ा बढ़कर 34.4 प्रतिशत तक पहुंचा था लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो पाई थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में 46.51 प्रतिशत मतों के साथ भाजपा ने राज्य की 70 में से 56 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। इस चुनाव में 33.49 प्रतिशत मतों के साथ कांग्रेस के हिस्से में सिर्फ 11 सीटें ही आ पाई थी। 2019 के लोक सभा चुनाव में दोनों दलों के बीच मतों का यह अंतर और ज्यादा बढ़ गया। इस चुनाव में 61.66 प्रतिशत मत पाकर भाजपा ने एक बार फिर से राज्य की सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया वहीं कांग्रेस का मत प्रतिशत घट कर 31.73 प्रतिशत ही रह गया। यानि 2019 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच मत प्रतिशत का अंतर बढ़कर 30 प्रतिशत के लगभग पहुंच गया। हालांकि यह बात भी सही है कि लोक सभा और राज्य विधानसभा चुनाव का गणित काफी अलग होता है लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के लिए 30 प्रतिशत मतों का यह अंतर पाटे बिना राज्य में सरकार बनाना संभव नहीं है। इन दोनों दलों की निगाहें आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी लगी हुई है। आप इन दोनों दलों में से किसके वोट बैंक में ज्यादा सेंध लगा पाता और बसपा अपनी पुरानी ताकत फिर से हासिल कर पाती है या नहीं , इस पर भी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का नतीजा काफी निर्भर होने जा रहा है।

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कांग्रेस ने पंजाब चुनावों के प्रबंधन के लिए वरिष्ठों पर दांव लगाया

नई दिल्ली। कांग्रेस पंजाब में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, क्योंकि उसके लिए आम आदमी पार्टी (आप) सबसे प्रमुख खतरे के रूप में उभर रही है। इसके बाद शिरोमणी अकाली दल और भाजपा-पीएलसी से पार्टी को चुनौती मिल रही है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को चुनावों की निगरानी के लिए और राज्य में अंतिम मिनट की गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए उतारा गया है। पार्टी प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र का सूक्ष्म प्रबंधन करने की कोशिश कर रही है, जहां 20 फरवरी को मतदान होना है। कांग्रेस ने पंजाब के लिए एआईसीसी प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा, राज्य में जाट और प्रवासी मतदाताओं की देखभाल के लिए राजीव शुक्ला और दीपेंद्र सिंह हुड्डा को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में खड़ा किया है। कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, कांग्रेस सत्ता में लौटने के लिए तैयार है क्योंकि पंजाब के लोगों ने विकास के पहियों को चलाने के लिए वोट देने का फैसला किया है। कांग्रेस पंजाब की नब्ज और ताने-बाने को जानता है। इसकी रणनीति, घोषणा पत्र के प्रारूपण, उम्मीदवार चयन से लेकर अभियान प्रबंधन तक, जमीन पर ध्यान देकर की गई है। भाजपा, आप और शिअद दौड़ में बहुत पीछे हैं। 10 मार्च को पंजाब में बल्ले बल्ले कांग्रेस होगी। हालांकि सूत्रों ने कहा कि शेरगिल चुनाव प्रचार से दूरी बना रहे हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की दरार से इनकार किया है। उत्तर प्रदेश के एक ब्राह्मण होने के नाते शुक्ला लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे शहरी केंद्रों में प्रवासी हिंदू वोटों को मजबूत करने की कोशिश करेंगे, जबकि हुड्डा को जाट वोट हासिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि कांग्रेस ने आनंदपुर साहिब के सांसद मनीष तिवारी को स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर दिया है, लेकिन वह पंजाब से पार्टी के एकमात्र हिंदू सांसद होने के बावजूद राज्य में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। शनिवार को, उन्होंने गढ़शंकर से कांग्रेस उम्मीदवार अमरप्रीत लल्ली के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने पार्टी नेता अंबिका सोनी पर हमला किया, जिन्होंने राज्य में एक सिख मुख्यमंत्री की वकालत करते हुए कहा, पंजाब में कोई हिंदू-सिख विभाजन नहीं है। जो कोई भी इस कृत्रिम विभाजन को बनाने की कोशिश करता है वह आईएसआई एजेंट है। कांग्रेस ने दलित मतदाताओं को लुभाने के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चुना है, जो राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत हैं। 25 जनवरी को सरकारी नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाली पेशे से डॉक्टर चन्नी की पत्नी कमलजीत कौर अब चन्नी को सीट बरकरार रखने में मदद करने के लिए चमकौर साहिब में सड़कों पर उतर रही हैं। 20 साल की उम्र में राजनीति में प्रवेश करने वाले चन्नी ने पिछले साल 19 सितंबर को अमरिंदर सिंह की जगह मुख्यमंत्री का पद संभाला था।

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बैंक को चूना लगाने वालों के लिए मोदी सरकार की मुख्य योजना है-लूटो और भागो:कांग्रेस

नई दिल्ली/चंडीगढ़। कांग्रेस ने ऋषि अग्रवाल और अन्य के मालिकाना हक वाली गुजरात स्थित एबीजी शिपयार्ड द्वारा कथित रूप से 28 कंपनियों को चूना लगाये जाने के लिए रविवार को केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले 75 साल में भारत की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी मोदी सरकार की निगरानी में हुई है। सात साल में 5,35,000 करोड़ करोड़ की बैंक धोखाधड़ी ने बैंकिंग प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच में देर मोदी सरकार में शीर्ष पदों पर आसीन लोगों की सांठगांठ और आपसी मिलीभगत के सबूत हैं। सूरजेवाला ने कहा कि गत 75 साल में पहली बार 22,842 करोड़ रुपये की बैंक धाखोधड़ी का मामला सामने आया है। पांच साल तक टालमटोल करके जनता के धन को दिनदहाड़े गबन करने की छूट देने के बाद आखिरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में सात फरवरी को एफआरआई दर्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वालों के लिए लूटो औैर भागो योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी करने वालों की सूची में नीरव मोदी यानी छोटा मोदी, मेहुल चोस्की, नीशल मोदी, ललित मोदी, विजय माल्या, जतिन मेहता, चेतन संदेसरा, नितिन संदेसरा और अन्य क ई नाम हैं, जिनका सत्तारुढ़ पार्टी के साथ करीबी रिश्ता रहा है। ऋषि अग्रवाल और अन्य लोग शहंशाह के नये रत्न हैं। कांग्रेस ने सीबीआई द्वारा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देर पर सवाल उठाया है। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा है, आठ नवंबर 2019 को एसबीआई ने एबीजी शिपयार्ड के ऋषि अग्रवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीबीआई में अपनी शिकायत दी। इस धोखाधड़ी और जनता के पैसे के गबन के बावजूद सीबीआई,एसबीआई और मोदी सरकार ने पूरे मामले को लालफीताशाही और आपसी टकराव में उलझा दिया। ये कई साल तक होता रहा और जनता का धन नाली में बहता रहा और धोखेबाज लाभ उठाते रहे। कांग्रेस ने कहा,एक और मजेदार तथ्य यह है कि कैग की रिपोर्ट के बावजूद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गुजरात के दहेज में एबीजी शिपयार्ड को 50 हेक्टेयर भूमि आवंटित की। दहेज परियोजना को शिपयार्ड कंपनी ने वर्ष 2015 में बंद कर दिया।

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हिजाब विवाद पर बोले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के चुनाव प्रचार में कानपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिजाब विवाद पर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि साम्प्रदायिकता में बीजेपी की मास्टरी है। उत्तरप्रदेश चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कानपुर में डोर टू डोर कैंपेन करने पहुंचे भूपेश बघेल ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कर्नाटक में हुए हिजाब विवाद पर कहा कि जिन्होंने इसकी शुरूआत की है उन्हें अंजाम का पता नहीं है। इस मुद्दे पर कॉलेज के प्राचार्य को बच्चियों के पालको को बुला कर बात की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अब योगी और मोदी के जाने का समय हो चुका है। वहीं, उत्तरप्रदेश चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर कहा, कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेगी। दूसरी पार्टियां धर्म और जाति के आधार पर वोट मांग रही हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी आम जनता के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। बघेल ने कहा, कांग्रेस का मुख्य मुद्दा है किसानों को दाम मिले, बेरोजगारों को काम मिले और महिलाओं को सम्मान मिले। प्रियंका गांधी के लड़की हूं लड़ सकती हूं इस नारे से महिलाओं में आत्मविश्वास आया है और इस बार परिवर्तन अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के उपचुनाव हारते ही केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कमी की। महंगाई अगर कम करना है तो भाजपा को हराना ही होगा। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में पहले चरण के लिए 11 फरवरी को मतदान हुए थे। जबकि 14 फरवरी को दूसरे चरण का मतदान है। इसके बाद 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को कराया जाएगा। जबकि प्रदेश में मतगणना 10 मार्च को कराई जाएगी।

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गाजियाबाद तक पहुंचा हिजाब विवाद पुलिस से हुई नोंकझोंक

गाजियाबाद। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब प्रकरण अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद तक पहुंच गया है। रविवार को गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में कुछ मुस्लिम युवतियों ने हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से इन महिलाओं की नोंकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस ने चेतावनी देते हुए और हल्का बल प्रयोग कर उन्हें मौके से हटा दिया। पुलिस का कहना है कि कोविड काल को देखते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज करेगी।

 

खोड़ा के नवनीत विहार में रविवार दोपहर कुछ मुस्लिम महिलाएं हाथों में 'आई वांट हिजाब' लिखे पोस्टर लेकर सड़क पर उतरीं। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से धारा-144 लगे होने की वजह से प्रदर्शन की अनुमति दिखाने को कहा, लेकिन महिलाओं ने प्रदर्शन की अनुमति दिखाने से मना कर दिया। 

 

इसके बाद पुलिस ने उन युतवियों को प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने के लिए कहा तो वह जिद पर अड़ी रहीं। इस दौरान पुलिस से उनकी काफी देर तक बहस होती रही। इसके बाद पुलिस की प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ नोंकझोंक व धक्का-मुक्का हो गई।

 

पुलिस का कहना है कि दोपहर करीब ढाई बजे 15-20 मुस्लिम महिलाएं और युवतियों ने 'आई वांट हिजाब' लिखे पोस्टर लेकर शनि बाजार रोड नवनीत विहार में प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उनके पोस्टर अपने कब्जे में लेने शुरू किए। बाद में प्रदर्शन करने वाली महिलाएं वहां से चली गईं। धक्का-मुक्की में खोड़ा थाना प्रभारी की वर्दी भी फटने की जानकरी मिली है, लेकिन थाना प्रभारी का कहना है कि वर्दी जाली में फंसकर फट गई थी।   

 

खाोड़ा थाना प्रभारी ब्रिजेश कुशवाहा का कहना है कि प्रदर्शन करने वाली युवतियों और महिलाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने भी मौके पर वीडियो बनाया था। इसके अलावा आसपास की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। बगैर अनुमति के प्रदर्शन किया गया है जो कि आचार संहिता व धारा-144 का उल्लंघन है।  

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सुबह 6 से रात 10 बजे तक प्रचार करने की छूट

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को चुनाव प्रचार के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक पदयात्रा पर लगी रोक हटा ली गई है। प्रचार के समय को भी दो घंटे तक बढ़ा दिया गया है। राजनीतिक दल और उम्मीदवार सभी मौजूदा निर्देशों का पालन करते हुए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रचार कर सकते हैं। 

चुनाव अभियान की समय सीमा में ढील देते हुए आयोग ने जगह की क्षमता के आधार पर रैलियों की भी इजाजत दे दी है। आयोग ने देश भर के साथ-साथ मतदान वाले राज्यों में कोरोना के मामलों में "काफी कमी" का हवाला देते हुए कोविड प्रतिबंध हटाए हैं। आयोग ने एक बयान में राजनीतिक दलों के लिए ढील की घोषणा करते हुए कहा, "केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, COVID की जमीनी स्थिति में काफी सुधार हुआ है और देश में मामले तेजी से घट रहे हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव अभियान अब सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बजाय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच चलाया जा सकता है। जिला अधिकारियों द्वारा अनुमत सीमित संख्या में व्यक्तियों के साथ पदयात्रा को भी अनुमति दी गई है। आयोग ने प्रतिबंधों को हटाते हुए "चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आवश्यकता" को भी रेखांकित किया।

कोविड-19 मामलों में वृद्धि का हवाला देते हुए, चुनाव निकाय ने 8 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा करते हुए फिजिकल रैलियों, रोड शो और पदयात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था।


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कई मंत्रियों समेत 623 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत राज्य के 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों के लिये मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे शुरू हो गया।

 

निर्वाचन आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान कार्य कोविड प्रोटोकॉल के तहत सुबह सात बजे शुरू हो गया जो शाम छह बजे तक चलेगा। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

 

इस चरण में शामली, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा तथा आगरा जिलों में मतदान हो रहा है।

 

पहले चरण का चुनाव जाट बहुल क्षेत्र में हो रहा है। इस चरण में प्रदेश सरकार के मंत्रियों श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा, संदीप सिंह, कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग और चौधरी लक्ष्मी नारायण समेत कुल 623 उम्मीदवारों के सियासी भाग्य का फैसला होगा। इनमें 73 महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं।

 

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिये व्यापक इंतजाम एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। कोविड-19 के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर थर्मल स्कैनर, सैनीटाइजर, ग्लव्स, फेस मास्क, फेस शील्ड, पीपीई किट, साबुन, पानी की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की गई है।

 

उन्होंने बताया कि पहले चरण में होने वाले मतदान में 2.28 करोड़ योग्य मतदाता हैं। इनमें 1.24 करोड़ पुरूष, 1.04 करोड़ महिला तथा 1448 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए 48 सामान्य प्रेक्षक, आठ पुलिस प्रेक्षक तथा 19 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किये गये हैं। इसके अतिरिक्त 2175 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 284 जोनल मजिस्ट्रेट, 368 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2718 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किये गये हैं।

 

उन्होंने बताया कि मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत 12 विकल्पों का इस्तेमाल कर वोट डाला जा सकेगा।

 

वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहले चरण की 58 में से 53 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो सीटें मिली थी। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल का भी एक प्रत्याशी जीता था।

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प्रियंका की अपील: उप्र के मतदाता वोट की ताकत का इस्तेमाल करें

नई दिल्ली। कांग्रेस की महासचिव एवं प्रदेश में पार्टी की चुनाव प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू होने पर मतदाताओं से राज्य के बेहतर भविष्य के लिए अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने की अपील की।

श्रीमती वाड्रा ने ट्वीट कर कहा, “पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरे प्यारे बहनों-भाइयों, वोट की ताकत का इस्तेमाल अपने मुद्दों और प्रदेश के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए करिए। यूपी कांग्रेस के मेरे सभी साथियों, कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को शुभकामनाएँ- आपको गर्व होना चाहिए कि 30 साल बाद हम सभी सीटों पर अपनी ताक़त से लड़ रहे हैं।”

उन्होंने कर्मयोग दर्शन से जुड़े गीता के एक श्लोक का भी उल्लेख करते हुए कहा, “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भू मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि।”

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर आज सुबह सात बजे से मतदान प्रारंभ हो गया। इस चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और हाथरस जिलों की 58 विधान सभा सीटों के 2.28 करोड़ मतदाता 73 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 623 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए 25,880 मतदान स्थलों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

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प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने का अनुरोध किया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तहत बृहस्पतिवार को हो रहे पहले चरण के मतदान में मतदाताओं से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया।

 

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आज पहले चरण की वोटिंग है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे कोविड नियमों का पालन करते हुए लोकतंत्र के इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। याद रखना है- पहले मतदान, फिर जलपान।’’

 

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होने वाले मतदान का आज पहला चरण आरंभ हो गया। इस चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें शामली, मेरठ, हापुड, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा जिले की सीटें शामिल हैं।

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राहुल गांधी ने मतदाताओं से कहा, देश को हर डर से आजाद करो, वोट करो

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को लोगों से घरों से निकलकर मतदान करने और देश को हर तरह के भय से मुक्त करने का आह्वान किया।

 

आज सुबह राज्य के पश्चिमी भाग के 11 जिलों में 58 विधानसभा सीटों पर मतदान प्रारंभ हुआ।

 

गांधी ने ट्वीट किया, “देश को हर डर से आजाद करो। बाहर आओ, वोट करो।”

 

बृहस्पतिवार को शामली, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में मतदान हो रहा है। 

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उप्र में राजनीतिक दल उभरते वोट बैंक से जुड़ने की कोशिश कर रहे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ने के साथ इस चुनावी मौसम में हिंदी पट्टी में राजनीतिक दलों के महिलाओं की भूमिका को देखने के तरीके में थोड़ा बदलाव आया है।

 

उत्तर प्रदेश में खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही कांग्रेस महिलाओं को अपने वोट बैंक के रूप में जोड़ने के लिए प्रयोग कर रही है और उसने महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने की घोषणा की है।

 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने महिलाओं को अपनी पार्टी के संभावित वोट बैंक के रूप में देखने के साथ ही व्यवस्था या अत्याचार के खिलाफ अपनी व्यक्तिगत लड़ाई लड़ने वाली आम महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। महिलाओं को 40 फीसद टिकट देने की घोषणा करने वाली कांग्रेस ने भले ही इस मामले (महिलाओं को टिकट देने) में बढ़त बना ली हो लेकिन अन् य दल भी उप्र में बदलते राजनीति माहौल के प्रति अधिक सतर्क हो गए हैं।

 

कांग्रेस की सूची में जहां अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जफर का नाम शामिल है जिन्हें दिसंबर 2019 में लखनऊ में नागरिकता विरोधी कानून का विरोध करने के दौरान गिरफ्तार किया गया था, वहीं उन्नाव में पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के दुष्कर्म की शिकार पीड़िता की मां को भी कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिसंबर को प्रयागराज में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के बैंक खातों में 1,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए थे, जिससे लगभग 16 लाख महिलाओं को लाभ हुआ। विशेष रूप से जमीनी स्तर पर महिलाओं को आवश्यक कौशल, प्रोत्साहन और संसाधन प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना चलाई गई। इस कार्यक्रम में दो लाख से अधिक महिलाओं की भागीदारी देखी गई थी।

 

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी महिला केंद्रित मुद्दों पर अधिक जोर दे रही हैं। कांग्रेस ने एक अलग घोषणापत्र भी जारी किया है जिसमें महिलाओं के लिए कई प्रमुख वादे किए गए हैं। हाल ही में आलोचकों का मुकाबला करने के लिए बॉलीवुड की फिल्म 'दीवार' के उस संवाद ' मेरे पास मां है' की तर्ज पर कांग्रेस ने जनाधार खोने के आरोपों का यह कहते हुए जवाब दिया कि ''मेरे पास बहन है।'' निर्वाचन आयोग कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची के संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं के नामांकन से लिंग अनुपात में 11 अंकों का सुधार हुआ है जो एक नवंबर, 2021 को 1000 पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 857 से बढ़कर पांच दिसंबर को 868 हो गया। आयोग ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची जारी की जिसमें 8.04 करोड़ पुरुष मतदाता (8,04,52,736) और 6.98 करोड़ से अधिक महिला मतदाता (6,98,22,416) हैं। आयोग ने राज्य में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के वास्ते इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम भी शुरू किया है।

 

समाजवादी पार्टी जिसने नई टैग लाइन "नई हवा है, नया सपना है" को अपनाया है, ने हाल ही में अपने उस एम-वाई (मुस्लिम-यादव) फॉर्मूले को नया अर्थ देने की कोशिश की है, जिसने इसे उत्तर प्रदेश में सत्ता में पहुंचा दिया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा था, "नई सपा में, एम-वाई का मतलब महिला और युवा है। हम अब बड़े परिप्रेक्ष्य में मुद्दों को देख रहे हैं और जातिवाद से बंधे नहीं हैं।"

 

हालांकि बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के महिला होने के बावजूद इस पार्टी ने महिला मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कभी अलग अभियान पर जोर नहीं दिया और यह पार्टी अपने सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर ही ध् यान केंद्रित कर रही है। इसी सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले से 2007 में बसपा ने उप्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।

 

कांग्रेस की महिला उम्मीदवारों की सूची में समाज के एक खाास तबके को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जैसे शाहजहांपुर की एक आशा कार्यकर्ता पूनम पांडे, जिन्हें उनके मानदेय में वृद्धि की मांग करते हुए कथित रूप से पीटा गया था। लखीमपुर खीरी में मोहम्मदी सीट से रितु सिंह जो एक पूर्व सपा कार्यकर्ता थीं और उन्हें पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। हस्तिनापुर (अनुसूचित जाति-आरक्षित) की कांग्रेस उम् मीदवार 26 वर्षीय अर्चना गौतम एक अभिनेत्री और मॉडल हैं और बिकरू मामले में मुठभेड़ में मारे गए एक आरोपी की पत्नी खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी कानपुर के कल्याणपुर से कांग्रेस की उम् मीदवार हैं।

 

समाजवादी पार्टी ने अमेठी से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महाराजी देवी को मैदान में उतारा है। एक विशेष अदालत ने 2017 में बलात्कार के एक मामले में गायत्री प्रजापति और दो अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। छात्र कार्यकर्ता पूजा शुक्ला, जिन्होंने जून 2017 में मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के बाद योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाया था, को लखनऊ उत्तर से सपा ने उम् मीदवार बनाया है।

 

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आईं विधायक अदिति सिंह को उनकी रायबरेली सदर सीट से टिकट दिया है। अदिति सिंह ने हाल ही में खुद को 'बिना बाप की बेटी' बताया था और पंजाब में अपने पति अंगद सिंह को कांग्रेस का टिकट न मिलने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

 

पिछले चुनाव में, उत्तर प्रदेश विधानसभा में रिकॉर्ड 40 महिला उम्मीदवारों ने जगह बनाई थी, जो 403 सदस्यीय सदन में महिला सदस्यों का अब तक का सबसे अधिक अनुपात है। उस समय सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने एक साथ 96 महिलाओं को मैदान में उतारा था, जिनमें से भाजपा और उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) से सबसे अधिक 35 महिला प्रतिनिधि विधायक बनी थीं। इसके बाद बसपा और कांग्रेस से दो-दो महिलाओं को जीत मिली थी और समाजवादी पार्टी से एक महिला उम्मीदवार विजयी हुई थीं। वहीं, 2012 के विधानसभा चुनाव में 35 महिलाएं चुनी गई थीं जो कि उस समय का रिकॉर्ड था।

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बसपा नेता स्टिंग में 300 करोड़ रुपए लेकर भाजपा को 50 सीट देने पर हामी भरते नजर नज़र आया

उत्तर प्रदेश : यूपी में पहले चरण की वोटिंग को महज दो दिन बचे हैं। टिकट, डील, मुद्दे, समीकरण, सियासत के हथकंडे सब सेट हो चुके हैं, पर जनता जिसे वोट देने को तैयार है, उन्हें टिकट कैसे मिलता है? टिकट का रेट क्या है? पार्टियां टिकट की डील कैसे करती हैं। इसके पीछे की हकीकत इस स्टिंग में कैद है। इसमें बसपा कोऑर्डिनेटर शम्सुद्दीन राइन 300 करोड़ रुपए लेकर भाजपा को 50 सीट देने पर हामी भरते नजर आ रहे हैं। राइन खुद बता रहे हैं कि उनकी पार्टी में एक टिकट का रेट ढाई से तीन करोड़ रुपए है  


स्टिंग पढ़ने और देखने से पहले उसकी एक नजीर और सच्चाई जानिए-

बात इसी 16 जनवरी की है। कानपुर में लखनऊ नंबर की एक स्कार्पियो से पुलिस ने 50 लाख रुपए बरामद किए। गाड़ी आमीन राइन चला रहा था। आमीन उरई का रहने वाला है। जांच में पता चला कि आमीन बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर शम्सुद्दीन राइन का रिश्तेदार है। ये वही शम्सुद्दीन हैं, जिनका स्टिंग किया गया है।


इस सबसे पहले शम्सुद्दीन राइन को जानिए राइन फिलहाल बसपा के टॉप-4 नेताओं में से एक हैं। उनके बारे में ये कहा जाता है कि शम्सुद्दीन इस वक्त बसपा में उसी नंबर दो की हैसियत में हैं, जिस पर कभी नसीमुद्दीन सिद्दीकी हुआ करते थे। नसीमुद्दीन के साथ छोड़ने के बाद मायावती ने 2020 में शम्सुद्दीन को उत्तर प्रदेश के 5 मंडलों का मुख्य सेक्टर प्रभारी के साथ ही उत्तराखंड के स्टेट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।


इन्हीं शम्सुद्दीन का ये स्टिंग है. जिसमें बसपा में टिकट के रेट, डील, स्कैंडल, सिंडिकेट और साजिश का खुलासा हुआ है।


अब पूरा स्टिंग पढ़ें.. 

समय- 17 दिसंबर 2021 ,वक्त- रात के 9 बजे ,जगह- दारुल सफा, MLA रेस्ट हाउस लखनऊ


गोपालदास (स्वतंत्र पत्रकार): आपसे मैं अकेले में 5 मिनट बात करना चाहता हूं। मैं भाजपा के लिए लाइजनिंग का काम करता हूं और उन दो-तीन लोगों में से हूं, जो ऐसा करते हैं। बसपा से 50 सीटों की व्यवस्था करानी है।


शम्सुद्दीन (बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर)- कहां से?


गोपालदास- आपके यहां से। फंडिंग की जरूरत होगी, तो हो जाएगी। जैसा आप बताएंगे, वैसा कर लेंगे।


शम्सुद्दीन- कौन से मंडल के लिए?


गोपालदास- कहीं से भी। हमको बस 50 सीट चाहिए। आपके यहां जो व्यवस्था होगी, वह मैं कर दूंगा। 2-3 करोड़ हर सीट के लिए मिल जाएगा।


शम्सुद्दीन- आप हमारे पास कैसे आ गए।


गोपालदास- देखिए, आपके कैंडिडेट जीत नहीं पाएंगे। चुनाव चिन्ह आपका ही रहेगा। कैंडिडेट हमारे रहेंगे।


शम्सुद्दीन- अच्छा-अच्छा।


गोपालदास- हमारे पास 300 करोड़ का फंड है।


शम्सुद्दीन- बरेली और लखनऊ में चाहते हैं? कौन-कौन सी कमिश्नरी में?


गोपालदास- कोई भी सीट हो। आप अपनी सीट के नाम बस बता दीजिए। कैंडिडेट हम बताएंगे।


शम्सुद्दीन- अभी जितनी लाइन दूसरों के यहां लगी है, उतनी ही लाइन हमारे यहां भी है। फोन पर भी हैं।


गोपालदास- फोन पर ही हैं, फंड नहीं है, आपके पास।


शम्सुद्दीन- मिश्रा जी के पास भी गए थे?


गोपालदास- नहीं, हमारे दूसरे साथी गए थे।


शम्सुद्दीन- आपको मेरा कॉन्टैक्ट किसने दिया।


गोपालदास- सोर्स नहीं बताऊंगा।


शम्सुद्दीन- तो ये बात कैसे होगी?


गोपालदास- वो तो मैं करा दूंगा, जैसा आपके यहां सिस्टम है। नॉमिनेशन खत्म होने के साथ ही पूरा पैसा मिल जाएगा, ताकि टिकट कटने का डर न रहे। उन्हें बगैर योगी की सरकार चाहिए।


शम्सुद्दीन- नहीं, नहीं, वो नहीं होगा। तो योगी को हटाना चाहते हैं ये।


गोपालदास- हां, उन्हें माइनस योगी सरकार चाहिए। इसीलिए आपकी मदद चाहिए। 100 करोड़ एडवांस रहेगा। बाकी नामांकन के बाद।


शम्सुद्दीन- 50 सीटों के लिए 300 करोड़ रहेगा।


गोपालदास- हां, 300 करोड़ का बजट है। इसमें हम भी आप से लेंगे। आपका भी फायदा होगा।


शम्सुद्दीन- सामाजिक स्तर क्या होगा?


गोपालदास- ब्राह्मण, मुसलमान, यादव, कुर्मी रहेंगे। भाजपा के अलावा पैसा किसी के पास है नहीं।


शम्सुद्दीन- नहीं, बात आपकी सही है। अच्छा आपका रोल क्या होगा?


गोपालदास- मैं आपको कैंडिडेट की लिस्ट दूंगा, पैसा दूंगा। जब ये 50 जीत जाएंगे तो हमारा-आपका रोल अलग होगा।


शम्सुद्दीन- मैं समझ गया।


गोपालदास- लिस्ट आप देंगे। कैंडिडेट हमारे होंगे। पार्टी आपकी होगी। आपके दोनों हाथ में लड्‌डू होगा।


शम्सुद्दीन- जीतने के बाद तो हमारे साथ ही रहेंगे। अच्छा उन्हें लंगड़ी सरकार चाहिए। ये बात तो हम समझ रहे हैं कि वो सेकेंड लाइन चाहते ही नहीं। योगी का नाम तो शाह के आगे हो रहा है।


गोपालदास- इसीलिए, हम चाहते हैं कि आप 50 लोगों के टिकट की व्यवस्था करवा दीजिए। पैसे की व्यवस्था हम करवा देंगे। प्रति कैंडिडेट 4 करोड़ यानी 200 करोड़ हो जाएगा। फिर 100 करोड़ आपको मिल जाएगा। मुझे पता है कि आपके यहां रेट क्या है।


शम्सुद्दीन- ढाई से तीन में है, लेकिन आप 50 सीट का 300 करोड़ बता रहे हैं।


गोपालदास- 100 करोड़ आपका है। मैं तो उनका सेवक हूं, आपके हिस्से से ही मैं भी अपना 10 करोड़ ले लूंगा।


शम्सुद्दीन- देखिए, एक तो हर विधानसभा में हमारे 50 हजार वोट फिक्स हैं।


गोपालदास- वो हम जानते हैं, इसलिए तो दमदार नाम आपको देंगे। हमें सपा का वोट काटना है।


शम्सुद्दीन- देखिए, मैं आपको सोचकर बताता हूं।


गोपालदास- आगे आप तरक्की कर सकते हैं। राज्यसभा भी जा सकते हैं।


शम्सुद्दीन- देखिए, आपका कुछ न कुछ तो लिंक होगा ही, तभी तो हमारे पास आए।


गोपालदास- तो कल हम आपके साथ एक बार फिर बैठते हैं, आप रहेंगे न?


शम्सुद्दीन- हां, यहीं रहूंगा।


गोपालदास- आप एक बार चिंतन कर लीजिए।


शम्सुद्दीन- ठीक है। मैं 21 साल की उम्र से पार्टी के लिए काम कर रहा हूं। और आज 28-30 साल हो गए।


शम्सुद्दीन राइन (लाल घेरे में)। बसपा में वे मायावती के करीबी लोगों में शामिल हैं।

शम्सुद्दीन राइन (लाल घेरे में)। बसपा में वे मायावती के करीबी लोगों में शामिल हैं।

स्टिंग का दूसरा दिन...


शम्सुद्दीन ने पत्रकार गोपालदास को सीधे बेडरूम में बैठाकर बातचीत की...


गोपालदास- फंड आकर रखा है, आप बोलेंगे, फट से कार्यक्रम हो जाएगा। मुझे भी कुछ रुपए मिल जाएंगे।


शम्सुद्दीन- मैं यही चाहता हूं, थोड़ा मुझे एक रात का वक्त दीजिए। मैं कल जाऊंगा दिल्ली। मुझे परसों दिल्ली में मिल लीजिए। बहुत अच्छा रहेगा। एयरपोर्ट पर मिल जाऊंगा। आप कहां रहते हैं?


गोपालदास- मैं होटल में रहता हूं। अशोका में रहता हूं? तीन साल से।


शम्सुद्दीन- मैं थोड़ा सोचता हूं कि वो कौन-कौन सी सीट है, वो चाहते क्या हैं?


गोपालदास- वोट कटवाना और सपा को हराना है।


शम्सुद्दीन- आप मेरी बैठक किसके साथ करवाएंगे।


गोपालदास- संघ के हैं, गौरीशंकर जी, उन्हीं से मिलवाऊंगा, सारा लेन-देन वही करते हैं।


शम्सुद्दीन- राज्य की एलआईयू क्या कह रही है?


गोपालदास- गठजोड़ सरकार बनेगी। इसीलिए तो आपको ये दे रहे हैं।


शम्सुद्दीन- मैं समझ गया, लेकिन योगी जी को रोककर तो सरकार हम भी बना सकते हैं।


गोपालदास- हां, ये तो है ही। फिर आपका भी रोल होगा।


शम्सुद्दीन- मैं तो रोल वाला ही हूं। नहीं, कल छोड़कर परसों रात में हम बैठेंगे। हम देखते हैं। अच्छा हमारी सरकार बन जाए तो बुराई क्या है।


गोपालदास- आपको चारों तरफ से फायदा है, कुछ भी हो सकता है चुनाव के बाद।


शम्सुद्दीन- नहीं ठीक है। पर ये रकम सियासत के लिए बहुत छोटी है। बहनजी से बात करेंगे।


गोपालदास- बहनजी से बात करने पर हमारा-आपका वजूद खत्म हो जाएगा।


शम्सुद्दीन- हूं.... करते हैं परसों।


गोपालदास- ब्राह्मण बीजेपी से बहुत नाराज हैं। आपको सर्वे दे दूंगा।


शम्सुद्दीन- चलो फिर हम करते हैं भाई साहब। आज हम 10.55 पर दिल्ली जा रहे हैं। परसों शाम को नहीं, तो नरसो सवेरे हो जाएगा। बिल्कुल बात करते हैं।


बसपा में टिकट बिक्री को लेकर 2 जनवरी को गोपालदास बसपा के एक और कोऑर्डिनेटर नौशाद अली से मिलने दोपहर में उनके घर डालीगंज पहुंचे। नौशाद कहीं निकलने वाले थे।


गोपालदास- मैं एक जरूरी काम से आया हूं। बीजेपी का काम देखता हूं। हमे आपसे थोड़ी मदद चाहिए। 50 सीटों की। आप सबका जो हिसाब-किताब मैं कर दूंगा।


नौशाद- आप कहां से।


गोपालदास- दिल्ली से। भाजपा के लिए लाइजनिंग का काम करता हूं।


नौशाद- कैसे क्या करते हैं।


गोपालदास- बस, लाइजनिंग से सीट दिलवा देते हैं।


नौशाद- ये काम मैं नहीं कर पाऊंगा। मुझसे नहीं हो पाएगा।


नौशाद अली भी बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर हैं। वे लखनऊ में ही रहते हैं।

नौशाद अली भी बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर हैं। वे लखनऊ में ही रहते हैं।

शम्सुद्दीन बोले- कोई वीडियो को साबित कर देगा तो मैं जिंदगीभर उसकी गुलामी करूंगा


इस वीडियो को लेकर भास्कर ने शम्सुद्दीन राइन से बात कर उनका पक्ष जाना। शम्सुद्दीन का कहना है कि मुझे नहीं मालूम है कि वीडियो क्या है। मेरे पास पचासों लोग आते हैं। कौन क्या कर रहा है और कह रहा है, क्या बना रहा है, मैं नहीं जानता हूं। न ही इस तरह का मेरा कोई विजुअल है।


हमारे परिवार और रिश्तेदार बिजनेस करते हैं, कोई कहीं से पकड़ा जाता है, तो वो उसका मसला है। और वैसे भी वो आयकर विभाग की कार्रवाई है।

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने राज्य के सांसदों से मुलाकात की

नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अगले महीने राज्य का बजट पेश करने से पहले, सोमवार को यहां राज्य के सांसदों से मुलाकात की और उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में विभिन्न दलों के सांसद- राज्यसभा और लोकसभा के 27 सदस्य शामिल हुए।

 

बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री भगवंत खुबा और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर भी मौजूद रहे।

 

बैठक से पहले बोम्मई ने कहा, “हम सांसदों के साथ राज्य और केंद्र के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।” बैठक के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बिजली मंत्री आर के सिंह से भेंट कर सकते हैं।

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव : मुबारकपुर सीट से भी चुनाव लड़ेंगे अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल के साथ-साथ आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ेंगे।

 

सपा द्वारा सोमवार को जारी प्रत्याशियों की सूची में अखिलेश को आजमगढ़ के मुबारकपुर सीट से भी उम्मीदवार बताया गया है।

 

अखिलेश फिलहाल आजमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं।

 

गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से पहले ही अपना नामांकनपत्र दाखिल कर चुके हैं।

 

करहल सीट के लिए मतदान 20 फरवरी को तीसरे चरण में होना है जबकि मुबारकपुर में सातवें और अंतिम चरण में सात मार्च को वोट पड़ेंगे।

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निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए रोडशो, वाहन रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने रविवार को रोड शो, 'पद यात्रा', साइकिल और वाहन रैलियों पर प्रतिबंध को बढ़ा दिया, लेकिन कोविड-19 मामलों में कमी का हवाला देते हुए चुनावों के लिए बंद और खुले स्थानों पर प्रचार कार्यक्रमों के लिए नई छूट प्रदान की।

 

नई छूट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में राजनीतिक दलों को बड़े चुनाव प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन करने में मदद मिलेगी।

 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिये 10 फरवरी को मतदान होगा। इसके लिये आठ फरवरी की शाम प्रचार अभियान थम जाएगा।

 

आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों, उसके पर्यवेक्षकों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर भौतिक प्रचार कार्यक्रमों को आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी। आयोग ने एक बयान में कहा कि ''खुले में सभा, बंद भवनों में सभा तथा रैलियों के संबंध में प्रतिबंधों में और ढील दी गई है, लेकिन बंद सभागारों की 50 प्रतिशत क्षमता और खुले मैदान की 30 प्रतिशत क्षमता के बराबर लोग ही इनमें शामिल हो सकेंगे।''

 

इसके अलावा, घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए अधिकतम 20 लोगों की सीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी। प्रचार पर रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक प्रतिबंध लागू रहेगा।

 

देश में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर और पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है।

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पंजाब में कांग्रेस सीएम पद के चेहरे की घोषणा से पहले सिद्धू ने कहा: राहुल का फैसला स्वीकार्य

चंडीगढ़। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पंजाब में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा किये जाने से पहले प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को कहा कि हर कोई उनके निर्णय को स्वीकार करेगा।

 

गांधी रविवार को लुधियाना का दौरा कर डिजिटल माध्यम से रैली को संबोधित करेंगे। साथ ही वह पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा करेंगे।

 

सिद्धू ने ट्वीट किया, "बिना फ़ैसले के कुछ भी बड़ा हासिल नहीं हुआ... पंजाब को स्पष्टता देने आए हमारे अग्रणी नेता राहुल जी का हार्दिक स्वागत... सभी उनके फ़ैसले का पालन करेंगे!!!"

 

सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के मुख्य दावेदार हैं। दोनों ने गांधी को आश्वासन दिया है कि वे पार्टी के फैसले को स्वीकार करेंगे।

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हरीश रावत की विकृत तस्वीर पोस्ट करने के लिए उत्तराखंड भाजपा को निर्वाचान आयोग का नोटिस

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड भाजपा को आदर्श चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया है और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता हरीश रावत की एक विकृत तस्वीर ट्वीट करने के लिए 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। तस्वीर में रावत को एक मौलवी के रूप में दिखाया गया है।

 

कांग्रेस ने शुक्रवार को इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उत्तराखंड भाजपा ने तीन फरवरी को रात 9 बजकर 34 मिनट पर रावत की एक विकृत तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें उन्हें एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया था।

 

आयोग ने पांच फरवरी को भेजे गए नोटिस में कहा, "आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और यह माना जाता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उत्तराखंड ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-123 में आचार संहिता के 'सामान्य आचरण' वाले हिस्से में निर्धारित खंड (I) और (2) तथा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 153(ए) की उप-धारा (आई)(ए) का उल्लंघन कर ऐसे बयान दिए हैं जो भड़काऊ हैं और इसे गंभीरता से लिया जाता है। इससे भावनाओं के भड़कने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका रहती है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।''

 

आयोग ने यह भी कहा, "इसलिए, अब आयोग उत्तराखंड भाजपा को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर श्री हरीश रावत की विकृत तस्वीर डालने के एआईसीसी के आरोप पर अपना रुख स्पष्ट करने का अवसर देता है।''

 

निर्वाचन आयोग ने कहा कि स्पष्टीकरण इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर आयोग के पास पहुंच जाना चाहिए, ऐसा नहीं करने पर आयोग इस मामले में उत्तराखंड भाजपा को आगे संदर्भित किए बिना उचित निर्णय लेगा।

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धारा 370 हटाने पर अखिलेश ने मेरे सामने कहा था कि खून की नदियां बहेंगी : अमित शाह

अलीगढ़ (उप्र)। केंद्रीय गृह मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को विपक्षी दलों खासतौर से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर धारा 370 हटाये जाने का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यादव ने कहा था कि खून की नदियां बहेंगी। शाह ने कहा कि लेकिन किसी में एक कंकड़ चलाने की भी हिम्मत नहीं हुई।

 

अलीगढ़ के अतरौली विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल् याण सिंह के पौत्र, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री व भाजपा उम्मीदवार संदीप सिंह के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने यह बात कही।

 

अपने संबोधन में शाह ने कहा,‘‘ आपने दोबारा प्रधानमंत्री बनाया तो नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया। ये (विपक्षी) लोग विरोध करते थे, अखिलेश विरोध करते थे, उनमें (अखिलेश) अतरौली आने की हिम्मत नहीं। उन्होंने मेरे सामने कहा था कि 'खून की नदियां बहेंगी'। अरे, अखिलेश बाबू खून की नदियां छोड़ो, कंकड़ चलाने की भी किसी की हिम्मत नहीं हुई, नरेंद्र मोदी ने देश को सुरक्षित करने का काम किया।’’

 

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा ''ये लोग पारदर्शिता से शासन नहीं कर सकते, भ्रष्टाचार मुक्त शासन नहीं दे सकते, भ्रष्टाचार मुक्त शासन केवल और केवल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही दे सकती है।''

 

अमित शाह ने कहा कि 2014, 2017 और 2019 का चुनाव उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलने का चुनाव रहा है और सपा और बसपा की जातिवादी सरकारें कभी राज्य का भला नहीं कर पाएंगी।

 

शाह ने मतदाताओं को आगाह किया कि अगर राज्य में माफियाओं का राज आया तो प्रधानमंत्री मोदी अलीगढ़ में जो ‘डिफेंस कॉरिडोर’ लेकर आए हैं, जिसमें करोड़ों का निवेश होना है, वहां कोई निवेश करने नहीं आएगा।

 

उल्लेखनीय है कि पहले चरण में दस फरवरी को अतरौली में मतदान होना है और इस क्षेत्र का कई बार कल्याण सिंह प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

 

शाह ने कल्याण सिंह के साथ अपने रिश् तों की याद करते हुए कहा,‘‘ 2013 में मुझे उप्र का प्रभारी बनाकर भेजा गया, तब लखनऊ, बनारस के अलावा कहीं गया नहीं था, इतना बड़ा प्रदेश, 80 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी थी, तब तितर-बितर संगठन था और मैं बहुत पशोपेश में था कि क् या होगा, कैसे करेंगे मगर मैंने बाबूजी (कल्याण सिंह) से समय मांगा तो उन्होंने समय दिया, घर पर भोजन के लिए बुलाया और पिता की तरह उन्होंने उंगली पकड़कर उत्तर प्रदेश की राजनीति का पाठ सिखाया और उन्हीं की नींव पर आज तीन सरकारें बनीं।’’

 

कल् याण सिंह के पौत्र को भारी बहुमत से चुनाव जिताने की अपील के साथ ही ब्रज भूमि की जनता से निवेदन करते हुए शाह ने कहा,‘‘आपने 2014 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, 2017 में भाजपा की सरकार बनाई, 2019 में फिर से मोदी को प्रधानमंत्री बनाया और अब 2022 में हमारे सफल मुख् यमंत्री योगी आदित् यनाथ को एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनाने का काम करें।’’

 

गृह मंत्री ने कोरोना वायरस संक्रमण के वक्त सरकार द्वारा जनता को राहत पहुंचाने के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

 

उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी जम कर निशाना साधा। शाह ने कहा कि ''ये राहुल बाबा हैं, उनको मालूम नहीं हैं कि खरीफ में कौन सी फसल होती और रबी में कौन सी फसल होती है, किसी ने उनसे कह दिया कि अलीगढ़ जाओ तो आलू की बात करना किसान खुश हो जाएंगे तो राहुल बाबा ने कहा कि हम यहां आलू की फैक्टरी लगा देंगे। जिसको ये मालूम नहीं कि आलू फैक् टरी में होता या खेत में लगाते हैं, वे भी कहने लगे कि हम किसानों की समस्या का समाधान करेंगे।’’

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यूपी की अनदेखी पर कांग्रेस ने केन्द्रीय वित्तमंत्री का फूंका पुतला

लखनऊ। कांग्रेस ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने बजट की आलोचना को 'यूपी टाइप जवाब' बताया है।

 

कांग्रेस पार्टी ने इसे उत्तर प्रदेश का अपमानजनक टिप्पणी बताते हुए इसके जवाब में पूरे उत्तर प्रदेश में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन का पुतला फूंका। कई जिलों में पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प भी हुई।

 

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वित्तमंत्री का बयान उत्तर प्रदेश के प्रति उनकी मानसिकता को दिखाता है। यही वजह है कि बजट में उत्तर प्रदेश को लेकर कोई विशेष घोषणा नहीं की, कोरोना की विभीषिका ने सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश की आम जनता पर डाला, लेकिन उसके लिए बजट में कोई राहत योजना का न होना निराशाजनक है। कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से उत्तर प्रदेश में बनने वाली 100 शिल्पकलाओं के नमूनों को वित्तमंत्री को भेजेगी, ताकि उन्हें पता चल सके की उत्तर प्रदेश की खासियत उसका शिल्प, गुणवत्ता और कलाकारी है।

 

यूपी कांग्रेस के मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ.पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि वित्तमंत्री ने एक ऐसे प्रदेश का अपमान किया है, जो न केवल अपनी राजनीतिक चेतना के लिए जाना जाता है। बल्कि उसका अपना बौद्धिक इतिहास रहा है। वर्तमान में देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इसी प्रदेश से हैं, बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की बौद्धिकता पर सवाल उठाना राज्य की अस्मिता का अपमान करने जैसा है।

 

कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन उत्तर प्रदेश का अपमान करके राम और कृष्ण की धरती का अपमान कर रही हैं। उनके बयान से जाहिर हुआ है कि अयोध्या और मथुरा का नाम भाजपा के लिए सिर्फ़ राजनीति का मुद्दा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि वित्तमंत्री तत्काल अपना बयान वापस लें और माफ़ी मांगें।

 

डॉ. पंकज ने कहा कि वित्तमंत्री ने अपने एक बयान से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, क्रांतिकारी मंगल पांडे से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद, अशफ़ाक उल्लाह, रामप्रसाद बिस्मिल तक का अपमान किया है। यही नहीं, उन्होंने ऐसा बयान देकर उत्तर प्रदेश के उस बौद्धिक इतिहास को ललकारा है जो गोरखनाथ, रैदास, कबीर और तुलसीदास जैसे संतों से जुड़ा हुआ है।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि उस उत्तर प्रदेश का जिसने इस देश को अब तक नौ प्रधानमंत्री दिए हैं। जिनमें पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर से लेकर राजीव गांधी तक शामिल हैं।

 

डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जब वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश का उपहास उड़ा रही थीं तो शायद भूल गईं कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चुनकर संसद में पहुंचे हैं। और उनकी ही पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उत्तर प्रदेश से ही संसद में पहुंचे थे।

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पडरौना के बजाय फाजिलनगर विधानसभा से टिकट का ऐलान

कुशीनगर। यूपी की सत्‍ता के लिए छिड़ी सियासी जंग में मंत्री पद और भाजपा से इस्‍तीफा देकर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्‍वामी प्रसाद मौर्य के पडरौना की बजाए फाजिलनगर से चुनाव लड़ने का ऐलान बुधवार को हुआ। स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने पिछला चुनाव पडरौना से लड़ा और जीता था, फाजिलनगर से टिकट का ऐलान होने के बाद उन्‍होंने एक ट्वीट के जरिए पडरौना के लोगों से विदा ली। स्‍वामी प्रसाद मौर्या ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा- 'पडरौना वासियों के प्यार, स्नेह और आशीर्वाद के लिए बहुत-बहुत बधाई। आप सब का सम्मान एवं स्थान सदैव मेरे दिल में था, दिल में है, दिल में रहेगा।' गौरतलब है कि स्‍वामी प्रसाद मौर्य के पडरौना से बदलकर फाजिलनगर सीट पर जाने की वजह पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्‍वाइन करने को बताया जा रहा है। आरपीएन सिंह पडरौना के राजपरिवार से आते हैं। पडरौना सीट पर उनका काफी प्रभाव बताया जाता है। आरपीएन सिंह इस सीट से 1996, 2002 और 2007 में विधायक रहे हैं। कुर्मी-सैंथवार जाति से आने वाले कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह को राजा साहेब के नाम से भी यहां पुकारा जाता है। पडरौना में कुर्मी वोटों की संख्या काफी है और अपने इलाके के सजातीय वोटों पर उनकी खासी पकड़ मानी जाती है। अटकलें थीं कि पडरौना से बीजेपी आरपीएन सिंह को टिकट देकर स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ा सकती है। पडरौना से बीजेपी उम्मीदवार का ऐलान होने से पहले ही स्वामी प्रसाद मौर्य के सीट बदल लेने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी आरपीएन को विधानसभा चुनाव लड़वाती है या उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा। उधर, फाजिलनगर विधानसभा सीट पर चनऊ और कुशवाहा बहुल बताई जाती है। कहा जा रहा है कि यह क्षेत्र जातिगत समीकरणों के लिहाज से स्‍वामी प्रसाद मौर्या के काफी अनुकूल है। बताया जा रहा है कि स्‍वामी प्रसाद मौर्या के फाजिलनगर से चुनाव लड़ने का ऐलान भले बुधवार को हुआ लेकिन उनके समर्थकों ने फाजिलनगर सीट पर तैयारी उसी दिन से शुरू कर दी थी जिस दिन आरपीएन सिंह ने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का दामन थामा था। इसकी सबसे बड़ी वजह जातिगत समीकरण बताए जा रहे थे। मौर्या के फाजिलनगर से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अब बीजेपी उन्‍हें इस सीट पर घेरने की रणनीति बना रही है। बीजेपी से जुड़े लोगों का कहना है कि इस सीट पर भी स्‍वामी प्रसाद मौर्य की लड़ाई आसान नहीं होगी। पिछले दो बार से यहां बीजेपी का दबदबा रहा है। फाजिलनगर विधानसभा से सीट से बीजेपी ने पुराने नेता और 2012 और 17 में जीते गंगा सिंह कुशवाहा के बेटे सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा को टिकट दिया है। गंगा सिंह कुशवाहा जनसंघ के जमाने से ही आरएसएस के करीब रहे। यह विधानसभा कुशवाहा बाहुल्य के रूप में जाने जानी जाती है। परिसीमन के बाद 2012 के विधानसभा सभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर गंगासिंह कुशवाहा सपा के लहर के बावजूद लगभग पांच हजार से चुनाव जीतकर विधानसभा सभा पहुंचे। इसके बाद से यह 2017 में सपा के प्रत्याशी को लगभग 42 हजार मतों से हराकर दोबारा विधानसभा पंहुचे।

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आजम खान की पत्नी का पर्चा कैंसिल, अब्दुल्ला का मंजूर

लखनऊ:जाने आलम (जानू चौधरी):   रामपुर में आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा का पर्चा कैंसिल हो गया है, जबकि अब्दुल्ला आजम खान का पर्चा स्वीकार कर लिया गया है। अब्दुल्ला और तंजीम ने दो दिन पहले स्वार विधानसभा सीट से पर्चा दाखिल किया था। कयास लगाए जा रहे थे कि उम्र को लेकर अब्दुल्ला का पर्चा कैंसिल हो सकता है इसीलिए इसी सीट से उनकी मां डॉ. तंजीम फातिमा ने पर्चा दाखिल किया था। लेकिन शनिवार को तंजीम का पर्चा कैंसिल होने से सपा को झटका लगा है। वहीं, अब्दुल्ला का पर्चा स्वीकार होने पर कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।

एक ही पार्टी से दाखिल करने पर कैंसिल हुआ पर्चा

बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला और डॉ. तंजीम फातिमा ने सपा से पर्चा दाखिल किया था। नियमों के मुताबिक एक ही पार्टी और एक ही सीट से दो प्रत्याशी पर्चा दाखिल नहीं कर सकते। वहीं, डॉ. तंजीम ने कॉलम नंबर--2 खाली छोड़ दिया था। ऐसे में अब्दुल्ला आजम के पर्च को स्वीकार करते हुए डॉ. तंजीम फातिमा का पर्चा कैंसिल कर दिया गया है।

अब्दुल्ला ने पिछले चुनाव की लिखी जन्मतिथि दर्शाई

नामांकन पत्र में अब्दुल्ला आजम ने जन्मतिथि 1990 दर्शाई है। इसके चलते अब वह 31 वर्ष के हैं। इसके पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भी अब्दुल्ला ने यही जन्मतिथि लिखी थी। बाद में दो जन्म प्रमाणपत्र होने के चलते उनकी विधायकी चली गई थी। वो मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।

जिलाध्यक्ष बोले- विरोधियों के मुंह पर तमाचा

सपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने बताया कि अब्दुल्ला आजम का पर्चा मंजूर हो गया है। यह विरोधियों के मुंह पर एक तमाचा है, जो यह मानकर बैठे थे कि अब्दुल्ला आजम का पर्चा जरूर निरस्त होगा। इसके चलते लोग अपने आप को जीता हुआ मान रहे थे। विरोधियों ने मुंह की खाई है।

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लाल टोपी के बाद लाल पोटली पर जंग

उत्तर-प्रदेश: जाने आलम:  में विधानसभा चुनाव का रंग दिलचस्प होता जा रहा है। शुक्रवार को अखिलेश और जयंत अपनी साझा रैली में एक लाल पोटली लेकर पहुंचे थे। आज एक बार फिर सपा और रालोद की संयुक्त पीसी का आयोजन किया गया। इस पीसी में भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव लाल पोटली लेकर पहुंचे। उन दोनों ने जेब से लाल पोटली निकालकर कहा कि यूपी के विधानसभा चुनाव के साथ ही वे भाजपा को प्रदेश से उखाड़ फेकेंगे।

पोटली पर बीजेपी का निशाना

सपा और RLD की इस लाल पोटली पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि 'अखिलेश बाबू आपकी टोपी से अपराध का बोध होता है और पोटली में भूमाफियाओं, गुंडों और अपराधियों की फेहरिस्त है।'

भाजपा के पोटली में गरीबों का आशीर्वाद है- स्वतंत्र देव सिंह

स्वतंत्र देव ने कहा कि, 'अखिलेश जी, पोटली हमारे पास भी है, लेकिन उसमें आपकी तरह गुंडाराज, दंगाराज, भ्रष्टराज की स्क्रिप्ट नहीं है। गरीब पिछड़े, वंचित, दलितों, किसानों, महिलाओं, नौजवानों के कल्याण के लिए किए गए कामों का हिसाब और उनका आशीर्वाद है।' उन्होंने आगे कहा कि हमने गन्ना किसानों का भुगतान किया, आपने किसानों का अपमान किया।

हम गन्ना किसानों का कर्जा भी चुकाते हैं। डेढ़ लाख करोड़ का भुगतान करते हैं। इन्होंने किसानों को बिजली के लिए तरसाया। ट्यूबवेल के कनेक्शन के लिए भटकाया, गुंडों से जमीनें लुटवाई और किसानों की प्रगति को रुकवाया और हमने किसानों के हित में काम किया है।

हम जन की बात करते हैं वे गन की बात करते हैं

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सपा का लक्ष्य माफिया कल्याण है, हमारा लक्ष्य गरीब का कल्याण है। उनके शासन का संकल्प गुंडों का उदय है, हमारा लक्ष्य अंतिम व्यक्ति का उदय है। पंचायत से पार्लियामेंट तक भाजपा पर जनता अपना भरपूर प्यार लुटा रही है, भरपूर विश्वास कायम है। यह विश्वास गरीबों के अनाज का है, उन्नत समाज का है, विकास के आगाज का है। इनके समय में पूरी बत्ती गुल हमारे समय में यूपी सबसे पावरफुल।

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शाह-योगी समेत भाजपा के कई नेता आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा शनिवार को एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहेगा।

 

अमित शाह मुजफ्फरनगर में रहेंगे, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में जनसंपर्क कर लोगों से फिर से सरकार बनाने की अपील करेंगे। मेरठ में स्मृति ईरानी, बिजनौर में केशव प्रसाद मौर्य, तो संभल और मुरादाबाद में उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा चुनाव प्रचार करेंगे।

 

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वह कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करेंगे।

 

उत्तर प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी हिमांशु दुबे ने बताया कि शाह सुबह 11 बजे मुजफ्फरनगर पहुचेंगे। वह 11ः15 बजे मुजफ्फरनगर के वृन्दावन गार्डन, भोपा रोड में मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 12ः50 बजे मुजफ्फरनगर के हनुमान चौक से भगत सिंह रोड तक घर-घर जनसम्पर्क करेंगे। अमित शाह दोपहर 2ः10 बजे देवबंद विधानसभा के देवबंद बाजार में जनसम्पर्क करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 3ः15 बजे इन्द्रप्रस्थ कॉलेज में सहारनपुर देहात विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। वहीं शाम 4ः20 बजे सहारनपुर के सोलिटेयर होटल में विधानसभा चुनाव से जुडे़ पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सहारनपुर न्यू शारदा नगर में जनसम्पर्क करेंगे।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत व गाजियाबाद के प्रवास पर रहेंगे।वह यहां कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में सम्मिलित होगें। योगी आदित्यनाथ दोपर 1ः20 बजे बडौ़त, बागपत में घर-घर सम्पर्क करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 2ः45 बजे छपरौली, बागपत में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगे। वहीं शाम 4ः10 बजे मुरादनगर गाजियाबाद में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेगें।

 

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रवास पर रहेंगी। स्मृति ईरानी दोपहर 12ः00 बजे होटल क्रस्टल, लाल कुर्ती मेरठ में प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगी। रजमन बाजार में घर-घर पहुंचकर जनसम्पर्क करेंगी। वहीं दोपहर तीन बजे मंगलम सत्संग मंडप, मेरठ में मेरठ दक्षिण विधानसभा के प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगी और घर-घर जनसम्पर्क करेंगी।

 

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बिजनौर दौरा रहेगा। मौर्य बिजनौर की नगीना तथा नहटौर विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद करेंगें और घर-घर पहुंचकर जनसम्पर्क करेगें। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा मुरादाबाद व संभल के प्रवास पर रहेंगे। शर्मा मुरादाबाद और संभल विधानसभा क्षेत्रों के प्रभावी मतदाताओं के साथ बैठक करेंगे। वह इस दौरान घर-घर जाकर जनसम्पर्क भी करेंगे। 

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वाइन के बारे में महाराष्ट्र को बदनाम कर रहा है विपक्ष: अजीत पवार

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि विपक्ष राज्य सरकार को वाइन बिक्री के निर्णय पर बेवजह बदनाम कर रहा है। विपक्ष को वाइन व शराब के बीच का अंतर समझ में नहीं आ रहा है।

 

अजीत पवार ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार शराब की बिक्री घर पहुंचाकर कर रही है, इस पर भी विपक्ष को ध्यान देना चाहिए।

 

अजीत पवार ने पुणे में पत्रकारों को बताया कि महाराष्ट्र में बहुत बड़े क्षेत्र में फल का उत्पादन हो रहा है। इन फलों में अंगूर, संतरा और काजू आदि से वाइन बनाई जाती है। महाराष्ट्र की वाइनरी उद्योग से बनी वाइन विदेशों में भेजी जाती है। विश्व के कई देशों में पानी के बदले वाइन पी जाती है। वाइन और शराब में बहुत बड़ा फर्क है। मध्य प्रदेश में तो सरकार घर तक पहुंचाते हुए शराब की बिक्री कर रही है लेकिन विपक्ष राज्य सरकार को लोगों के बीच वाइन के बारे में गलतफहमी फैलाकर बदनाम कर रही है।

 

राज्य सरकार ने मंत्री समूह की बैठक में राज्य के शापिंग सेंटर में वाइन बेचे जाने का निर्णय लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार के इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार महाराष्ट्र को मद्यराष्ट्र बनाना चाहती है, भाजपा इस निर्णय का विरोध करेगी। देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार पर विदेशी वाइन कंपनी को नफा पहुंचाने के लिए यह निर्णय लेने का आरोप लगाया है।

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पंजाब चुनाव: सिद्धू ने अमृतसर पूर्व से नामांकन पत्र दाखिल किया

अमृतसर। कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को अमृतसर पूर्व से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सिर्फ इसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

 

अमृतसर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के साथ ही शिअद नेता मजीठिया मजीठा सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जो वर्तमान में उनके पास है।

 

अमृतसर पूर्व से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धू ने कहा, "यदि आप (मजीठिया) में इतना दम है, और लोगों पर विश्वास है तो मजीठा को छोड़कर केवल यहां एक सीट से चुनाव लड़ें। क्या आप में हिम्मत है?"

 

मजीठिया को उनके निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारने वाले अकालियों पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा, "वे केवल लूट का खेल खेलने आए हैं। लेकिन इस 'धर्म युद्ध' में वे सफल नहीं होंगे क्योंकि जहां 'धर्म' है वहां जीत है।’’

 

शिअद पर पंजाब को लूटने का आरोप लगाते हुए सिद्धू ने कहा, "यतो धर्मस्ततो जयः (जहां धर्म है वहां जीत है)।"

 

पंजाब विधानसभा की 117 सीटों के लिए 20 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी।

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