बच्चों की वैक्सीन की कीमत पर चर्चा - मनसुख मंडाविया

नई दिल्ली : देश में बच्चों की वैक्सीन जायकोव डी की कीमत पर जल्दी ही फैसला लिया जा सकता है। मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि बच्चों की वैक्सीन जायकोव डी की कीमत के संदर्भ में चर्चा की जा रही है। जायकोव डी का उत्पादन तेजी से चल रहा है, कीमतें तय होने के बाद इसे भी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जायकोव-डी देश में स्वीकृत छठी वैक्सीन है और दूसरी स्वदेशी वैक्सीन है। यह आत्मनिर्भर भारत एवं मैक इन इंडिया के विजन को पूरा करेगी।


जायकोव डी दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन


जायकोव-डी की सबसे खास बात यह है कि यह दुनिया की पहली डीएनए प्लाजमिड वैक्सीन होगी। देश में लग रही कोरोना की बाकी वैक्सीन से अलग जायकोव-डी तीन डोज में दी जाएगी। खास बात यह है कि जायकोव-डी बगैर सुई के दी जाएगी। यह इंजेक्टर के जरिये दी जाएगी, जिससे दर्द न के बराबर होगा। यह टीका 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को दी जानी है। यह 12-18 साल के वायु वर्ग वालों के साथ बड़ों को भी लग सकेगी। देश में अभी सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का ही टीकाकरण हो रहा है। 




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देश में पिछले 238 दिन में कोविड-19 के सबसे कम नए मामले आए सामने

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 12,428 नए मामले सामने आए, जो पिछले 238 दिन में सामने आए सबसे कम दैनिक मामले हैं। वहीं, देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,63,816 हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 3,42,02,202 हो गई है। वहीं, संक्रमण से 356 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,55,068 हो गई। केरल ने संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करने के बाद मृतक संख्या में 228 का इजाफा किया है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से राज्य में 53 लोगों की मौत हुई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,63,816 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.49 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,879 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.18 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। देश में अभी तक कुल 60,19,01,543 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 11,31,826 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। देश में दैनिक संक्रमण दर 1.10 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.24 प्रतिशत है। अभी तक कुल 3,35,83,318 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 102.94 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 356 लोगों की मौत हुई, उनमें से केरल के 281 लोग, तमिलनाडु के 14 लोग, महाराष्ट्र के 12 लोग और पश्चिम बंगाल के 11 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,55,068 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,40,028 लोग, कर्नाटक के 38,017 लोग, तमिलनाडु के 36,033 लोग, केरल के 28,873 लोग, दिल्ली के 25,091 लोग, उत्तर प्रदेश के 22,899 लोग और पश्चिम बंगाल के 19,066 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।






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कोविड-19 से मृत लोगों के परिजन को आर्थिक सहायता देने का फैसला देर से लिया गया : मायावती

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिजन को आर्थिक सहायता देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को बहुत देर से लिया गया निर्णय करार दिया।


मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया, ''उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से मृत लोगों के परिवार को आर्थिक सहायता देने का फैसला बहुत देरी से लिया गया है, जो काफी पहले ही करना चाहिए था, लेकिन लोगों को अब यह मदद जल्द से जल्द मिल जानी चाहिए। बसपा की यह मांग है।''


गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिजन को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया था। प्रदेश में कोविड-19 से अब तक 22,899 लोगों की मौत हो चुकी है।




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देश में लगातार घट रही कोरोना के ऐक्टिव केसों की संख्या, इस समय महज 0.51 फीसदी मामलों में चल रहा इलाज

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,906 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,41,75,468 पर पहुंच गई जबकि 561 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,54,269 पर पहुंच गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को सुबह आठ बजे तक अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार, ऐक्टिव केसों की संख्या कम होकर 1,72,594 रह गई है। कोरोना वायरस के रोज आने वाले नए मामले लगातार 30वें दिन 30,000 से कम हैं और लगातार 119वें दिन 50,000 से कम हैं।


आंकड़ों के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.51 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की राष्ट्रीय दर 98.17 प्रतिशत दर्ज की गई जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में पिछले 24 घंटों में 1,134 मामलों की कमी दर्ज की गई है। शनिवार को कोविड-19 के लिए 13,40,158 नमूनों की जांच की गई और इसी के साथ ही देश में अब तक जांच किए गए नमूनों की संख्या 59,97,71,320 हो गई है। संक्रमण की दैनिक दर 1.19 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.23 प्रतिशत दर्ज की गई। इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,35,48,605 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 102.10 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।




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दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 32 नए मामले सामने आए

नयी दिल्ली : दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 32 नए मामले सामने आए और किसी कोविड रोगी की मौत नहीं हुई। संक्रमण की दर 0.07 प्रतिशत रही। स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में इस साल कोविड-19 से दो लोगों की मौत हुई है। इनमें एक रोगी की मौत दो अक्टूबर को जबकि दूसरे की मौत 10 दिसंबर को हुई।


आंकड़ों के अनुसार, बीते महीने कोविड के चलते केवल पांच लोगों की मौत हुई थी। सात,16 और 17 सितंबर को एक-एक तथा 28 सितंबर को दो रोगियों की जान चली गई थी।


कोविड-19 से दिल्ली में अब तक 25,089 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के अब तक कुल 14,39,390 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 14.13 लाख से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं। 




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देश में कोविड-19 के 18,987 नए मामले

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 18,987 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर बृहस्पतिवार को 3,40,20,730 हो गई। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.07 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 246 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,51,435 हो गई। देश में लगातार 20 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 30 हजार से कम और 109 दिन से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,06,586 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.61 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 1067 की कमी दर्ज की गई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,76,64,525 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,01,083 नमूनों की जांच बुधवार को की गई। अभी तक कुल 3,33,62,709 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि वैश्विक महामारी से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 1.46 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.44 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 96.82 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।












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फर्राटा धाविका हिमा दास कोविड-19 से संक्रमित

नई दिल्ली : चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाली फर्राटा धाविका हिमा दास ने बुधवार को खुलासा किया कि कोविड-19 के लिये किया गया उनका परीक्षण पॉजिटिव आया है लेकिन वह अच्छी स्थिति में हैं। इक्कीस वर्षीय हिमा हाल में पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) में राष्ट्रीय शिविर से जुड़ी थी। हिमा ने ट्वीट किया, ‘‘मैं सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मुझे कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया है। पृथकवास पर अभी मेरी स्थिति स्थिर है। मैं इस समय का उपयोग पूरी तरह से फिट होने पहले की तुलना में अधिक मजबूती से वापसी के लिये करना चाहती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी को याद दिलाना चाहती हूं कि सुरक्षित रहें और मॉस्क पहनें।’’ हिमा 200 मीटर में तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने में नाकाम रही थी।





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मराठवाड़ा में कोरोना के 80 नये मामले, तीन की मौत

औरंगाबाद : महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 80 नये मामले सामने आये तथा तीन मरीजों की मौत हो गयी।स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी जिला मुख्यालयों से एकत्र विवरण के अनुसार क्षेत्र के सभी आठ जिलों में से औरंगाबाद सबसे अधिक प्रभावित रहा जहां 22 नये मामले सामने आये और दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद लातूर में 15 मामले दर्ज किये गये तथा एक व्यक्ति की मौत हो गई। बीड में 20 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वहीं उस्मानाबाद में 14, जालना में छह, परभणी में दो मामले और नांदेड़ में एक मामला दर्ज किया गया। इस दौरान हिंगोली में कोई मामला सामने नहीं आया है। 





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देश में कोविड-19 के 15,823 नए मामले

नई दिल्ली :  भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,823 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर बुधवार को 3,40,01,743 हो गई। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 226 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,51,189 हो गई। देश में लगातार 19 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 30 हजार से कम और 108 दिन से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,07,653 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.61 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,247 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,63,63,442 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,25,399 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। अभी तक कुल 3,33,42,901 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि महामारी से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 96.43 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।





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देश में कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या साढ़े चार लाख से अधिक हुई, 14,313 नए मामले

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 14,313 नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार को देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,39,85,920 हो गई। पिछले 224 दिन की अवधि में, एक दिन में सामने आए संक्रमण के यह सबसे कम मामले हैं। वहीं, 181 और लोगों की मौत के बाद देश में इस महामारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा साढ़े चार लाख को पार कर गया।


इस बीच, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.04 प्रतिशत हो गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 181 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,50,963 हो गई। देश में लगातार 18 दिनों से एक दिन में कोविड-19 के 30 हजार से कम और 107 दिन से 50 हजार से कम नए मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,14,900 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.63 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 12,447 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.04 प्रतिशत हो गई है, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,50,38,043 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 11,81,766 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.21 प्रतिशत है, जो पिछले 43 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.48 प्रतिशत है, जो पिछले 109 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,33,20,057 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 95.89 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।






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देश में कोविड-19 के 14,313 नए मामले

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 14,313 नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार को देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,39,85,920 हो गई। पिछले 224 दिन की अवधि में, एक दिन में सामने आए संक्रमण के यह सबसे कम मामले हैं। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.04 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 181 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,50,963 हो गई। देश में लगातार 18 दिनों से एक दिन में कोविड-19 के 30 हजार से कम और 107 दिन से 50 हजार से कम नए मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,14,900 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.63 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 12,447 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.04 प्रतिशत हो गई है, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,50,38,043 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 11,81,766 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.21 प्रतिशत है, जो पिछले 43 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.48 प्रतिशत है, जो पिछले 109 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,33,20,057 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 95.89 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 181 लोगों की मौत हुई, उनमें से केरल के 84 लोग और महाराष्ट्र के 36 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,50,963 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,39,578 लोग, कर्नाटक के 37,895 लोग, तमिलनाडु के 35,796 लोग, केरल के 26,342 लोग, दिल्ली के 25,089 लोग, उत्तर प्रदेश के 22,896 लोग और पश्चिम बंगाल के 18,914 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है। 




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दुर्गा पूजा में उड़ने लगी कोरोना नियमों की धज्जियां

कोलकाता :  बंगाल में चतुर्थी के दिन से ही कोलकाता के साथ-साथ जिलों में दुर्गा पूजा को लेकर सड़कों पर भीड़ उमड़ने लगी है। इस भीड़ में कोरोना महामारी के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। पूजा घूमने वाले अधिकांश लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं और शारीरिक दूरी तो दूर की बात हो गई है। यह तस्वीर कोलकाता के साथ-साथ जिलों में देखी जा रही है।

बता दें कि हालांकि बंगाल में कोरोना फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन  24 घंटे के दौरान 776 लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। केंद्र से लेकर राज्य सरकार की ओर से पूजा के दौरान लोगों को कोरोना नियमों के पालन को लेकर लगातार सतर्क किया जाता रहा है। बावजूद इसके लोग मानने को तैयार नहीं है। यदि पूजा के चौथे दिन ही यह हाल है तो महाष्ठी से क्या होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान 36 हजार 429 लोगों के सैंपल जांचे गए हैं। इसके अलावा 24 घंटे के दौरान 755 लोग स्वस्थ हुए हैं। राज्यभर में अब तक इस महामारी की चपेट में आने वाले कुल 15 लाख 75 हजार 577 में से 15 लाख 49 हजार 49 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। इसके अलावा 24 घंटे के दौरान 12 लोगों की मौत हुई है जिससे मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 18,894 पर जा पहुंची है। पूजा के चलते रेस्तरां का संचालन ‘सामान्य कामकाजी घंटों’ के लिए करने की इजाजत देने के बंगाल सरकार के फैसले का रेस्तरां मालिकों ने स्वागत किया। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना में कहा कि रेस्तरां और दुकानों को ढील दी गई है कि वे 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक ‘सामान्य कामकाजी घंटों’ के मुताबिक काम कर सकेंगे।


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सिंगापुर में कोविड-19 के 3,703 नए मामले

सिंगापुर : सिंगापुर में कोविड-19 के 3,703 नए मामले सामने आए हैं जिनमें से 832 मामले सामूहिक आवास में रहने वाले प्रवासी कामगारों के संक्रमित होने के हैं। विदेश से आए तीन लोग संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।


संक्रमण के नए मामले सामने आने के साथ सिंगापुर में कोरोना वायरस के कुल 1,24,157 मामले हो गए। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि संक्रमण के कारण 153 लोग मारे गए हैं जिनमें से 52 लोगों की इस महीने मौत हुई है।


प्रधानमंत्री ली सियन सूंग ने शनिवार को कहा कि बीते कुछ हफ्तों से सिंगापुर में संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे में आगामी कुछ महीने चुनौतीपूर्ण होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई की मामलों में बढ़ोतरी महीनेभर के भीतर रूक जाएगी।


सूंग ने कहा कि सिंगापुर वायरस के साथ ही जीने की रणनीति पर जोर देगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामलों में स्थिरता आने के बाद इस ‘‘नई सामान्य’’ स्थिति को अपनाने में तीन से छह महीने का वक्त लगेगा।


आर्थिक गतिविधियां पुन: आरंभ करने के प्रयासों के तहत सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि सिंगापुर में टीकाकरण करवा चुके लोगों के लिए पृथक-वास रहित यात्रा की अनुमति होगी।





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ठाणे में कोविड-19 के 258 नये मामले, दो लोगों की मौत

ठाणे (महाराष्ट्र) : महाराष्ट्र के ठाणे में कोविड-19 के 258 नये मामले सामने आने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,61,659 हो गई। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।


अधिकारी ने बताया कि ये नए मामले शनिवार को सामने आए। दो और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद जिले में मृतक संख्या बढ़कर 11,430 हो गई है। जिले में कोविड-19 से मृत्यु दर 2.03 प्रतिशत है।


इस बीच, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पड़ोस के पालघर जिले में कोविड-19 के मामले बढ़कर 1,37,156 हो गए और मृतक संख्या 3278 है।




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अंडमान में कोविड-19 के तीन नये मामले

पोर्ट ब्लेयर : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के तीन नये मामले सामने आने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में संक्रमण के कुल मामले 7,632 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि तीन नये मामलों में से एक का पता यहां वीर सावरकर हवाईअड्डे पर जांच के दौरान और दो अन्य का पता संक्रमितों के संपर्कों की जांच के दौरान चला।


केंद्र शासित प्रदेश में दो और मरीजों के कोविड-19 से स्वस्थ होने के बाद बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 7,492 हो गई है।


द्वीपसमूह में फिलहाल 11 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है और ये सभी मरीज दक्षिण अंडमान जिले में हैं। दो अन्य जिले - उत्तर और मध्य अंडामन और निकोबार अब कोविड-19 से मुक्त हैं।


अधिकारी ने बताया कि किसी नये मरीज की मौत नहीं होने से यहां मृतक संख्या 129 बनी हुई है। प्रशासन ने अब तक यहां 5,67,652 नमूनों की कोविड-19 के लिए जांच की है और कुल संक्रमण दर 1.34 प्रतिशत है।


उन्होंने बताया कि अब तक 4,56,241 लोगों को कोविड रोधी टीका लग चुका है जिसमें से 2,91,269 को पहली खुराक जबकि 1,64,972 लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है।





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देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मामले 206 दिन में सबसे कम

नई दिल्ली : देश में एक दिन में कोविड-19 के 19,740 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,39,35,309 हो गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर 2,36,643 रह गई है जो 206 दिन में सबसे कम है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस से 248 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,50,375 हो गई है। संक्रमण के रोज आने वाले मामले लगातार 15वें दिन 30,000 से कम है।


मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत टीकों की अब तक दी गई कुल खुराकें 94 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी हैं।


आंकड़ों के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,36,643 रह गयी है जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.70 प्रतिशत है और मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 97.98 प्रतिशत दर्ज की गयी जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,578 मामलों की कमी दर्ज की गयी है। संक्रमण की दैनिक दर 1.56 प्रतिशत दर्ज की गयी। यह पिछले 40 दिनों से तीन प्रतिशत से कम रही है। साप्ताहिक संक्रमण दर 1.62 प्रतिशत दर्ज की गयी जो पिछले 106 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है।


इस बीमारी से उबरने होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 3,32,48,291 हो गयी है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गयी।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


आंकड़ों के मुताबिक, जिन 248 मरीजों की मौत हुई है उनमें से 120 की केरल में और 59 की मौत महाराष्ट्र में हुई। देश में इस महामारी से 4,50,375 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से महाराष्ट्र में 1,39,470 लोगों ने, कर्नाटक में 37,866 ने, तमिलनाडु में 35,754 ने, केरल में 26,072 ने, दिल्ली में 25,088 ने, उत्तर प्रदेश में 22,896 ने और पश्चिम बंगाल में 18,882 लोगों ने जान गंवाई।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।






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भारत में कोविड-19 के 24,354 नए मामले, 234 मरीजों की मौत

नई दिल्ली :  भारत में कोविड-19 के 24,354 नए मामले सामने आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,37,91,061 पर पहुंच गयी जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,73,889 हो गयी है जो 197 दिनों में सबसे कम है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 234 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,48,573 पर पहुंच गयी है।


मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.81 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 97.86 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


आंकड़ों के मुताबिक, देश में उपचाराधीन मरीजों की कुल संख्या 2,73,889 है जो 197 दिनों में सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की कुल संख्या में 1,335 की गिरावट दर्ज की गयी है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को कोविड-19 का पता लगाने के लिए कुल 14,29,258 नमूनों की जांच की गयी जिससे देश में अभी तक जांच किए गए नमूनों की संख्या 57,19,94,990 हो गयी है। संक्रमण की दैनिक दर 1.70 प्रतिशत दर्ज की गयी। यह पिछले 33 दिनां से तीन प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर 1.68 फीसदी दर्ज की गयी जो पिछले 99 दिनों से तीन प्रतिशत से कम पर बनी हुई है।


आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से उबरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 3,30,68,599 हो गयी है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक टीकों की 89.74 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।


देश में जिन 234 और मरीजों ने जान गंवाई है उनमें से 95 की मौत केरल में और 50 की महाराष्ट्र में हुई। देश में अभी तक इस महामारी से 4,48,573 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 1,39,117 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 37,807 की कर्नाटक, 35,603 की तमिलनाडु, 25,182 की केरल, 28,087 की दिल्ली, 22,892 की उत्तर प्रदेश और 18,807 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।




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देश में 196 दिन में कोविड-19 के सबसे कम उपचाराधीन मरीज

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 26,727 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,37,66,707 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 2,75,224 हो गई है, जो 196 दिन में सबसे कम है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 277 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,48,339 हो गई। देश में अभी 2,75,224 मरीजों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.82 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 1,796 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.86 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।





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जापान में आपातकाल खत्म, कार्यालय में लौटे लोग

तोक्यो : जापान छह महीनों से अधिक समय बाद पहली बार कोरोना वायरस संबंधी आपात स्थिति से पूरी तरह बाहर आ गया है। संक्रमण के मामले कम होने के कारण देश ने अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कोविड-19 संबंधी नियमों में धीरे-धीरे ढील देना शुरू कर दिया है।


तोक्यो के व्यस्त शिंगावा ट्रेन स्टेशन पर मास्क पहने हुए यात्री अपने-अपने काम पर जाते हुए दिखे। इनमें से कुछ लोग महीनों बाद कार्यालयों में जा रहे थे।


तोक्यो समेत आधे से अधिक देश में लगा आपातकाल बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। पिछले कुछ हफ्तों में संक्रमण के नए मामलों में कमी आने के बाद यह फैसला लिया गया है। महामारी के मामलों में कमी आने के कारण जापान की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर दबाव कम हुआ है।


निवर्तमान प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने लोगों का उनके धैर्य और सहयोग के लिए आभार जताया और वायरस रोधी मूल उपायों का पालन करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार फिर मैं आपका सहयोग मांगता हूं ताकि हम सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी दिनचर्या में लौट सकें।’’


आपातकाल की स्थिति हटाए जाना कुछ लोगों के लिए एक नयी शुरुआत है। अकीफुमी सुगीहारा ने कहा कि वह करीब एक साल बाद शिंगावा ट्रेन स्टेशन लौटे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से घर से काम कर रहा था और मैं तोक्यों में अपने कार्यालय में आया हूं क्योंकि आज आपातकाल हटा लिया गया। यह एक शुरुआत लग रही है।’’


जापान में तकरीबन 59 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले ली है। देश में अब तक कोरोना वायरस के 16.9 लाख मामले आए हैं और 17,641 लोगों की मौत हुई है।



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कोरोना के मामलों में फिर वृद्धि, दर्ज किये गये 23 हजार से ज्यादा मामले

नई दिल्ली :  देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में एक बार फिर वृद्धि देखने को मिली है और पिछले 24 घंटों के दौरान 23 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किये गये हैं। जो बुधवार के 18,870 नए मामलों से अधिक रहा।

इस बीच देश में बुधवार को 65 लाख 34 हजार 306 लोगों को कोरोना के टीके लगाये गये और अब तक 88 करोड़ 34 लाख 70 हजार 578 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के 23,529 नये मामलों की पुष्टि की गयी, जिससे संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर तीन करोड़ 37 लाख 99 हजार 880 हो गया है।

इसी दौरान 28,718 और मरीजों के स्वस्थ होने के बाद कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर तीन करोड़ 30 लाख 14 हजार 898 हो गयी है। सक्रिय मामले 5500 घटकर दो लाख 77 हजार 020 रह गये हैं। वहीं 311 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 4,48,062 हो गया है।

देश में रिकवरी दर बढ़कर 97.85 प्रतिशत हो गयी है और सक्रिय मामलों की दर घटकर 0.82 पर आ गयी है जबकि मृत्यु दर 1.33 फीसदी पर बरकरार है।

सक्रिय मामलों के हिसाब से केरल अभी देश में पहले स्थान पर हैं और पिछले 24 घंटों में यहां 5856 सक्रिय मामले घटने से इनकी संख्या अब 144075 रह गयी है। वहीं 17862 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर 4495904 हो गयी है। इसी अवधि में सर्वाधिक 155 मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 24965 हो गयी है।

महाराष्ट्र में सक्रिय मामले 115 घटकर 40252 रह गये हैं जबकि 49 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 139011 हो गयी है। वहीं कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 6368530 हो गयी है।








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देश में कोविड-19 के 23,529 नए मामले, 311 और लोगों की मौत

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 23,529 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस सक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,37,39,980 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर 2,77,020 रह गई, जो 195 दिन में सबसे कम है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 311 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,48,062 हो गई। देश में अभी 2,77,020 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.82 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 5,500 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.85 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 56,89,56,439 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 15,06,254 नमूनों की जांच बुधवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.56 प्रतिशत है, जो पिछले 31 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.74 प्रतिशत है, जो पिछले 97 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,30,14,898 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 88.34 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।







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कोविड-19 नियमों के उल्लंघन पर अप्रैल से अब तक तीन लाख से अधिक चालान काटे गए:दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने इस साल 19 अप्रैल से लेकर 28 सितंबर तक कोविड-19 से संबंधित विभिन्न दिशा निर्देशों के उल्लंघन को लेकर अब तक तीन लाख से अधिक चालान काटे हैं। इनमें से ज्यादातर चालान मास्क नहीं लगाने को लेकर काटे गए।


दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 19 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन की घोषणा किये जाने के बाद से कोविड नियमों के उल्लंघन के लेकर अब तक 3,00,692 चालान काटे गए हैं।


आंकड़ों के मुताबिक मास्क लगाने के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर सबसे ज्यादा 2,65,258 चालान अब तक काटे गए हैं। इसके बाद, दो गज दूरी के नियम का पालन नहीं करने पर 29,982 चालान किए गए हैं जबकि शराब, पान, गुटखा और तंबाकू के सेवन को लेकर 2,365 चालान काटे गए।


आंकड़ों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने को लेकर 1,624 चालान काटे गए, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र करने वाले कार्यक्रमों को लेकर 1,463 चालान काटे गए।


दिल्ली में चरणबंद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई है और सरकार ने 31 मई से निर्माण और विनिर्माण की गतिविधियों की इजाजत दी थी। इसके बाद के हफ्तों में, बाजार, मॉल, मेट्रो ट्रेन, रेस्तरां, बार एवं कई अन्य गतिविधियों की इजाजत दी गई। 







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देश में 194 दिन में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 18,870 नए मामले सामने आने के बाद, देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,37,16,451 हो गई। देश में लगातार दूसरे दिन 20 हजार से कम नए मामले सामने आए। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर 2,82,520 रह गई, जो 194 दिन में सबसे कम है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 378 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,751 हो गई। देश में अभी 2,82,520 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.84 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 9,686 कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.83 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 56,74,50,185 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 15,04,713 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.25 प्रतिशत है, जो पिछले 30 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.82 प्रतिशत है, जो पिछले 96 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,29,86,180 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 87.66 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 378 लोगों की मौत हुई, उनमें से केरल के 149, हरियाणा के 64 और महाराष्ट्र के 60 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,47,751 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,38,962 लोग, कर्नाटक के 37,763 लोग, तमिलनाडु के 35,526 लोग, दिल्ली के 25,087 लोग, केरल के 24,810 लोग, उत्तर प्रदेश के 22,891 लोग और पश्चिम बंगाल के 18,764 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।





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देश में कोविड-19 के 18,795 नए मामले, 179 और लोगों की मौत

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 18,795 नए मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,36,97,581 हो गई। देश में 201 दिन बाद 20 हजार से कम नए मामले सामने आए हैं। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,92,206 हो गई, जो 192 दिनों बाद सबसे कम है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 179 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,373 हो गई। संक्रमण से मौत के ये मामले 193 दिन में सबसे कम है। इससे पहले 19 मार्च को संक्रमण से मौत के 154 मामले सामने आए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 2,92,206 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.87 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,414 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.81 प्रतिशत है। देश में पिछले 93 दिनों से 50 हजार से कम नए मामले ही सामने आ रहे हैं।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 56,57,30,031 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,21,780 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.42 प्रतिशत है, जो पिछले 29 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.88 प्रतिशत है, जो पिछले 95 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,29,58,002 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 87 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है, जिनमें से एक करोड़ से अधिक खुराक सोमवार को दी गई।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर (वेब वार्ता)। को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।




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देश में 191 दिन में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 26,041 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,36,78,786 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर 2,99,620 हुई, जो 191 दिन में सबसे कम संख्या है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 276 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,194 हो गई। देश में अभी 2,99,620 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.89 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 3,856 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.78 प्रतिशत है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।





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विश्व मे कोरोना महामारी के दौरान मृतक लोगो की आत्मा शान्ति व समस्त विश्व मे कोरोना सर्वनाश किए जाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु तृतीय श्री मद्भभागवत कथा का आयोजन 26 सितंबर से 3 अक्टूबर

 रूड़की  : निर्माणाधीन माँ दुर्गा मंदिर आदर्श कालोनी रामनगर माँ दुर्गा मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुनींल शर्मा व सचिव पंकज जैन व समस्त पदाधिकारीगणों द्वारा विश्व मे कोरोना महामारी के दौरान मृतक लोगो की आत्मा शान्ति व समस्त विश्व मे कोरोना सर्वनाश किए जाने के मुख्यत उद्देश्य की पूर्ति हेतु तृतीय श्री मद्भभागवत कथा का आयोजन 26 सितंबर से 3 अक्टूबर सायंकाल से किया जाएगा कथा की प्राम्भिक पूज अर्चना पंडित मनोज सेमवाल आदि आचार्यों द्वारा यजमान सपत्नी सुनींल शर्मा,पंकज जैन,अजय सिंघल,व नवीन कुमार जैन एडवोकेट आदि  मंदिर पदाधिकारी से विधिवत पूजा करा कलश यात्रा का शुभारंभ कराया गया कलश यात्रा में श्री मद्भभागवत को सम्मान स्वरूप यजमान व भक्तों ने मंदिर से पैदल ढोल नगाड़ों के साथ राधे राधे जय श्री कृष्ण के जयकारों साथ रामनगर शिव मंदिर से होते हुए स्कंटमोचन मंदिर की और से नाचते झूमते हुए भृमण कर कथा स्थल दुर्गा मंदिर आदर्श कालोनी कलश यात्रा समाप्त की इस अवसर पर उपस्थित भाजपा नेता नवीन कुमार जैन एडवोकेट ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनींल शर्मा व सचिव पंकज जैन आदि पदाधिकारीगणों द्वारा राष्ट्र कोरोना में मृतक लोगो की आत्मा शांति हेतु श्री मद्भभागवत कथा आयोजन की प्रारंभिक कलश यात्रा में सौभाग्य प्राप्त कर हम धन्य हो गए हम भगवान श्री कृष्ण  से प्रार्थना करते हैं कि समस्त मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारी सम्पन्न रहे सदा सर्वदा मंदिर में आध्यात्मिक अनुष्ठान कराते रहे हमसब भक्तजन निर्माणाधीन मंदिर में बढ़ चढ़ कर दान आदि सहयोग देकर धर्म की पताका को सर्वोच्च रख  विश्व कल्याण की कामना भगवान श्री कृष्ण से करें यात्रा दौरान कथा वाचक आचार्य पंडित मनोज सेमवाल ने कहा कि आज की मानव जाति धर्म के मार्ग से विमुख हो रही है जो हिन्दू समाज के लिए घातक है हम सब मानव जाति को सनातन संस्कृति व संस्कार पर अनुसरण करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति मार्ग पर चल हिन्दू संस्कृति को जिंदा रखने की आवश्यकता है अन्यथा मानव जाति का विनाश नियत है हमसब को सत कर्म कर धार्मिक अनुष्ठान हेतु भी समय निकालना होगा तभी हमसब मानव जाति का उद्धार होगा क्योंकि कोरोना ने हम सब मानव जाति को सिखाया है कि अधिक भगदड़ करने पर भी उतना ही प्राप्त होता है जितना श्री हरि ने हमारे भाग्य में नियत किया है बस हमसब को कर्म कर जनकल्याण हेतु जीना होगा कलश यात्रा में श्रीमती दीपिका जैन,श्रीमती रेखा शर्मा,ममता शर्मा,अरुणा तोमर,विभा शर्मा,नीतू शर्मा,पार्षद मंजू भारती, गीता पांडे,दलजीत कौर,शीतल,रश्मि दीक्षित,काजल वर्मा,खुशबू जैन आदि महिला ने कलश यात्रा में भागीदारी की इस अवसर पर सुशील तोमर,विशाल वर्मा,अनूप जैन, सचिन गोंड़वाल,राजमोहन शर्मा,डॉ पी एस अग्रवाल,संजीव कुमार, राजीव भारद्वाज,संदीप शर्मा,अमित वर्मा,डॉ इंद्रेश पुष्करणा, दीपांशु पूरी व राव नावेद एडवोकेट रूड़की एडवोकेट्स एशोसिएशन सचिव आदि कलश यात्रा भृमण में रहे।


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उप्र में कोविड वैक्सीनेशन 09 करोड़ 97 लाख के पार

लखनऊ : विगत 24 घंटे में हुई 02 लाख 15 हजार 209 सैम्पल की टेस्टिंग में 14 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 26 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। प्रदेश में अब तक 16 लाख 86 हजार 694 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं।


यह जानकारी अपर मुख्य सचिव 'सूचना' नवनीत सहगल ने शनिवार को दी। बताया कि विगत दिवस हुई कोविड टेस्टिंग में 67 ज़िलों में संक्रमण का कोई भी नया केस नहीं मिला। वर्तमान में 177 कोरोना संक्रमितों का उपचार हो रहा है।


कोविड टीकाकरण के लिए प्रदेश की 54.12 प्रतिशत आबादी ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। अब तक 8 करोड़ 14 लाख लोगों को टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसी प्रकार, 01 करोड़ 82 लाख लोगों ने टीके की दोनों खुराक ले ली है।


प्रदेश में कुल कोविड वैक्सीनेशन 09 करोड़ 97 लाख से अधिक हो चुका है। यह किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश के 30 जिलों में कोविड का एक भी एक्टिव केस नहीं है। अब तक 07 करोड़ 75 लाख 81 हजार 133 सैम्पल की कोविड जांच की जा चुकी है। यह देश के किसी एक राज्य में हुई सर्वाधिक टेस्टिंग है। औसतन हर दिन सवा दो लाख से ढाई लाख तक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 फीसदी से भी कम हो गई है और रिकवरी दर 98.7 फीसदी है।


कोविड की अद्यतन स्थिति के अनुसार प्रदेश के 30 जनपदों (अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बहराइच, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कानपुर देहात, कासगंज, महोबा, मीरजापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर और सोनभद्र) में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं।



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भारत में कोविड-19 के 29,616 नए मामले, 290 मरीजों की मौत

नई दिल्ली : भारत में कोरोना वायरस के 29,616 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,36,24,419 पर पहुंच गयी जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,280 की वृद्धि होने से संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या 3,01,442 हो गयी है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 290 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,46,658 हो गयी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.90 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 97.78 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोविड-19 का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 1,280 की वृद्धि हुई है। संक्रमण की दैनिक दर 1.86 प्रतिशत जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.99 प्रतिशत दर्ज की गयी। साप्ताहिक संक्रमण दर पिछले 92 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।



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महामारी के दौरान 44 प्रतिशत लोगों ने नाश्ता नहीं किया: अध्ययन

नई दिल्ली :  चार शहरों में 18-50 वर्ष के आयु वर्ग में किए गए एक विशेष अध्ययन से पता चला है कि 44 प्रतिशत शहरी लोगों ने कोविड के समय में नाश्ता नहीं किया है।


यह अध्ययन मार्च 2020 और फरवरी 2021 के बीच लंदन स्थित बाजार अनुसंधान प्रमुख यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल और पेप्सिको इंडिया द्वारा अपने ब्रांड क्वेकर के माध्यम से किया गया था।


एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि 44 प्रतिशत शहरी लोगों ने घर के कामों में वृद्धि और दिन की शुरूआत में देरी के कारण नाश्ता करना छोड़ दिया था और भोजन करने में भी देरी की।


इसके अलावा, 64 प्रतिशत शहरी मिलेनियल्स उत्तरदाताओं को एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली की ओर प्रेरित किया गया था।


अध्ययन में आगे बताया गया है कि जई सहित फलों, सब्जियों और साबुत अनाज की बढ़ती खपत महामारी के दौरान प्रमुख प्रवृत्ति के रूप में उभरी।


दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और कोलकाता में शहरी मिलेनियल्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कोविड-19 के बाद शहरी भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों को लेकर अध्ययन में 18-50 वर्ष के आयु वर्ग के 1,000 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था।


अध्ययन में उपभोक्ता व्यवहार को समझने के लिए कोविड के बाद लोगों की बदलती जीवन शैली और आहार पैटर्न का विश्लेषण किया गया।


इसने एक बदलते पैटर्न को, विशेष रूप से शहरी मिलेनियल्स के बीच एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली और वजन बनाए रखने के लिए आहार संबंधी आदतों के प्रति ट्रैक किया।


अध्ययन ने यह भी मैप किया कि क्या भविष्य में बदले हुए व्यवहार बने रहेंगे और इस तथ्य को रेखांकित किया कि वजन पर नजर रखने वालों को समय पर भोजन करने और पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ते के महत्व को समझना चाहिए।


इसके अलावा, यह पाया गया कि 71 प्रतिशत शहरी मिलेनियल्स ने वजन बनाए रखने के लिए कीटो, आंतरायिक उपवास और साप्ताहिक डिटॉक्स योजना सहित सनक आहार की लोकप्रियता की ओर झुकाव किया।


यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल की सलाहकार विधि शर्मा ने कहा कि मिलेनियल्स नाश्ते के महत्व को स्वीकार करते हैं और मानते हैं कि इसमें पौष्टिक पोषण होना चाहिए, वे अक्सर अपने काम के शेड्यूल के कारण नाश्ता छोड़ देते हैं या सुबह जल्दी नाश्ता कर लेते हैं।


अध्ययन के निष्कर्षों के बारे में बात करते हुए, सोनम विज, एसोसिएट डायरेक्टर और कैटेगरी लीड, क्वेकर पोर्टफोलियो, पेप्सिको इंडिया ने कहा कि शहरी मिलेनियल्स अब तेजी से अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो एक सक्रिय जीवन शैली का गठन करता है। 



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डब्ल्यूएचओ ने कोविड के गंभीर मरीजों के लिए दो एंटीबॉडी के संयोजन वाले उपचार की सिफारिश की

नई दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के ‘द बीएमजी’ पत्रिका में शुक्रवार को प्रकाशित दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड-19 से पीड़ित ऐसे मरीज जिनके गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा है या वे मरीज जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है, उन्हें दो एंटीबॉडी के संयोजन वाला उपचार दिया जाना चाहिए।


डब्ल्यूएचओ का गाइडलाइन डेवलपमेंट ग्रुप (जीडीजी) पैनल ने कोविड-19 मरीजों के दो भिन्न समूहों को ‘कासिरिविमाब’ और ‘इमदेविमाब’ के संयोजन वाला उपचार देने की सिफारिश की। पहले समूह में ऐसे मरीज शामिल किए गए जिन्हें गंभीर संक्रमण नहीं है लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का जोखिम अधिक है। दूसरे समूह में ऐसे लोग शामिल किए गए जो गंभीर संक्रमण से पीड़ित तो हैं लेकिन सीरोनेगेटिव (जिनकी जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई) हैं यानी जिनके शरीर में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी प्रतिक्रिया नहीं हुई।


पहली अनुशंसा तीन ट्रायल में मिले नए साक्ष्यों पर आधारित है लेकिन समकक्ष अध्ययनकर्ताओं ने अभी इसकी समीक्षा नहीं की है। ट्रायल में पता चला कि इन दो दवाओं से उन लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम है और उनमें लक्षणों की अवधि भी घटती है जो गंभीर संक्रमण के जोखिम वाले समूह में आते हैं मसलन जिनका टीकाकरण नहीं हुआ, जो बुजुर्ग हैं या फिर वे मरीज जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है।


दूसरी अनुशंसा एक अन्य ट्रायल से प्राप्त डेटा पर आधारित है जिसमें पता चला कि दो एंटीबॉडी का इस्तेमाल मौत का जोखिम और सीरोनेगेटिव मरीजों को कृत्रिम श्वास की जरूरत को कम करता है।


अध्ययन में पता चला कि ‘कासिरिविमाब’ और ‘इमदेविमाब’ से उपचार करने पर गंभीर रूप से बीमार रोगियों में प्रति 1,000 में 49 कम मौत हुईं और गंभीर रूप से बीमार रोगियों में 87 कम मौत हुईं।


समिति ने कहा कि कोविड-19 के अन्य सभी मरीजों में इस एंटीबॉडी उपचार के कोई विशेष लाभ नहीं हैं।


‘कासिरिविमाब’ और ‘इमदेविमाब’ मोनोक्लोनल एंटीबॉडी हैं जिनका मेल ‘सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन’ से चिपक जाता है और कोशिकाओं को संक्रमित करने की वायरस की क्षमता को खत्म कर देता है। 




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कोविड-19 से बचाने में मास्क है कारगर, सर्जिकल मास्क है सबसे सुरक्षित

नई दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को एक दूरदर्शी योजना बताते हुए शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के शुरुआती प्रकोप के समय से इसके स्वयंसेवकों ने वृहद स्तर पर जागरूकता के प्रसार तथा राहत गतिविधियों में जिला प्रशासन की मदद की।


राष्ट्रपति ने डिजिटल माध्यम से एक समारोह में वर्ष 2019-20 के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान करते हुए यह बात कही।


राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, कोविंद ने कहा कि मानव जीवन की इमारत प्रायः छात्र जीवन की नींव पर खड़ी होती है और सीखना जीवनपर्यंत चलने वाली एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन बुनियादी व्यक्तित्व का विकास छात्र जीवन के दौर में ही शुरू हो जाता है।


उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिये वे राष्ट्रीय सेवा योजना-एनएसएस को एक दूरदर्शी योजना मानते हैं, जिसके माध्यम से छात्रों को अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में ही समाज व देश की सेवा करने का अवसर मिलता है।’’


राष्ट्रीय सेवा योजना का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19 के शुरुआती प्रकोप के समय से लेकर, बड़े पैमाने पर मास्क का उत्पादन शुरू होने तक एनएसएस द्वारा 2 करोड़ 30 लाख से अधिक मास्क बनाए गए और देश के विभिन्न हिस्सों में वितरित किए गए।


उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवकों ने हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों को कोविड से संबंधित जानकारी प्रदान की और साथ ही जिला प्रशासन को जागरूकता तथा राहत गतिविधियों में मदद की।


कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना वर्ष 1969 में महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर की गई थी जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा में ही समर्पित कर दिया।


उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन मानव सेवा का उत्कृष्ट उदहारण है तथा उनके आदर्श और उनकी सेवा की भावना आज भी हम सब के लिए प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी हैं।


राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के 75वें वर्ष को पूरे देश में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के रूप में मनाया जा रहा है तथा उन्हें यह जानकर खुशी हुई है कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर वेबिनार/सेमिनार आयोजित करके इस महोत्सव में एनएसएस के स्वयंसेवक योगदान दे रहे हैं।


उन्होंने कहा, ‘‘हमारे स्वतंत्रता संग्राम और स्वाधीनता सेनानियों के आदर्शों के बारे में जागरूकता फैलाना भी राष्ट्र की सेवा है।’’





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दिव्यांगों, चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को घर पर टीका लगाया जाएगा : सरकार

नई दिल्ली :  सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि दिव्यांग लोगों तथा चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को उनके घर पर ही कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा।


स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर अब भी जारी है, भले ही रोजाना नए मामलों में कमी आ रही है।


बहरहाल, उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते सामने आए संक्रमण के कुल मामलों का 62.73 फीसदी अकेले केरल में दर्ज हुए थे। केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से अधिक है।


अधिकारियों ने कहा कि देश में 33 जिलों में फिलहाल संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है, जबकि 23 जिलों में संक्रमण दर पांच से 10 फीसदी के बीच हैं।


उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों के लिए कोविड-19 दिशानिर्देशों के तहत निरूद्ध क्षेत्रों और पांच फीसदी से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों में भीड़भाड़ से बचना होगा।


टीकाकरण अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि देश की करीब 66 फीसदी आबादी को टीके की कम से कम एक खुराक दी गई है और 23 फीसदी आबादी का पूरी तरह टीकाकरण हो गया है।


टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगों एवं चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को उनके घर पर ही टीका लगाया जाएगा।





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ओडिशा में कोरोना वायरस के 644 नए मामले, सात संक्रमितों ने दम तोड़ा

भुवनेश्वर :  ओडिशा में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस से 72 बच्चों समेत 644 नए संक्रमित मिले जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 10,22,594 पहुंच गए हैं। वहीं और सात मरीजों के दम तोड़ने के बाद मृतकों की तादाद 8,157 पहुंच गई है।


स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के 30 में से 24 जिलों में नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 375 मामले पृथक केंद्रों से आए हैं जबकि 269 मरीज स्थानीय संपर्कों का पता लगाने के दौरान मिले हैं।


उन्होंने बताया कि खुर्दा जिले में सबसे ज्यादा 283 नए मरीज मिले हैं। इसी जिले में राज्य की राजधानी भुवनेश्वर स्थित है। वहीं कटक में 77, बालासोर में 34 मामले मिले हैं। उन्होंने बताया कि नए मामलों में 72 बच्चे और किशोर हैं जिनमें संक्रमण दर 11.8 फीसदी है।


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि अंगुल, कटक, जाजपुर, खुर्दा, नबरंगपुर, पुरी और सुंदरगढ़ जिलों में कोविड-19 से सात मौतें हुई हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कोरोना वायरस से संक्रमित 53 अन्य मरीजों की दूसरी बीमारी की वजह से मौत हुई है।


राज्य में 5713 मरीज संक्रमण का इलाज करा रहे हैं जबकि 10,08,671 मरीज संक्रमण से उबर चुके हैं।


राज्य में कोविड रोधी टीके की 2.87 करोड़ से ज्यादा खुराकें लगाई जा चुकी हैं जिनमें से 77,10,601 लोगों ने टीके की दोनों खुराकें ले ली हैं।





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बच्चों का टीका

कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच देश में 12-18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन अगले महीने शुरू हो जाएगा। कैडिला हेल्थकेयर अगले महीने बच्चों की वैक्सीन जायकोव-डी लॉन्च कर देगी। इसके इमरजेंसी यूज के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने पिछले महीने मंजूरी दे दी थी। जायडस कैडिला अक्टूबर से हर महीने एक करोड़ डोज बनाना शुरू कर देगी। दूसरी तरफ भारत बायोटेक भी बच्चों पर कोवैक्सिन का तीसरे फेज का ट्रायल पूरा कर चुकी है। कंपनी ने कहा है कि वह अगले हफ्ते थर्ड फेज के डेटा डीजीसीआई को सौंप देगी। अभी थर्ड फेज के डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी 2 से 12 साल की उम्र के बच्चों पर कोवावैक्स का दूसरे-तीसरे फेज का ट्रायल कर रही है। कोविड-19 वैक्सीनेशन पर सरकार को सलाह देने वाली कमेटी ने पिछले महीने राय दी थी कि शुरुआत में 12 साल से ज्यादा उम्र के उन बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाए, जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं। कमेटी का कहना था कि देश में 40 करोड़ बच्चे हैं और सभी का वैक्सीनेशन शुरू किया जाता है तो पहले से चल रहे 18+ के वैक्सीनेशन पर असर पड़ेगा। कमेटी के चेयरमैन एनके अरोड़ा ने कहा था कि पूरी तरह से स्वस्थ बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए अभी इंतजार करना होगा। कमेटी की सलाह के मुताबिक पहले उन बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाएगा जो किडनी ट्रांसप्लांट, जन्म से कैंसर या हार्ट संबंधी बीमारी के शिकार हैं। दूसरी लहर में जैसी तबाही हुई, उसका सबक यही है कि पूरी आबादी को टीका जल्द से जल्द लग जाए। इस बात पर लगातार गौर करने की जरूरत है कि दूसरी लहर में रोजाना संक्रमण और मौतों के आंकड़ों ने सारे रिकार्ड तोड़ डाले। महामारी का खतरा अभी जस का तस है। फिलहाल बस संक्रमण की दर ही घटी है। दूसरी लहर में भी बच्चों के काफी मामले देखने को मिले। लेकिन गंभीर स्थिति वाले मामलों की संख्या कम रही। फिर, देशी-विदेशी विशेषज्ञों ने यह कह कर चिंता बढ़ा दी कि अक्टूबर-नवंबर तक तीसरी लहर भी आ सकती है। और यह बच्चों के लिए खतरनाक होगी। जाहिर है, बच्चों को बचाना अब पहली प्राथमिकता हो गई है। इसलिए ज्यादातर राज्यों ने अभी से ऐसे इंतजाम शुरू कर दिए हैं कि अगर तीसरी लहर में बच्चे संक्रमण की चपेट में आते हैं तो उन्हें तत्काल इलाज मिल सके। बच्चों का मामला ज्यादा ही संवेदनशील है। दो से छह साल तक के बच्चे तो अपनी तकलीफ बयां भी नहीं कर पाते। परीक्षणों और इलाज की जटिल प्रक्रियाओं के दौर से गुजरना बच्चों के लिए कितना पीड़ादायक होता होगा, यह कल्पना से परे है। बच्चों पर महामारी का खतरा इसलिए भी बना हुआ है कि अगर घर में किसी एक या उससे ज्यादा सदस्य संक्रमण से ग्रस्त हो जाएं तो बच्चों को इसकी जद में आते देर नहीं लगती। दूसरी लहर में ऐसे मामले देखे भी गए। जाहिर है, अगर बच्चों को टीका लगा होगा तो काफी हद तक बचाव रहेगा। कोरोना के फिर से बढ़ते मामलों ने नींद उड़ा दी है। सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात तो यह है कि महामारी से निपटने में जिस केरल राज्य को एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा था, वहीं आज हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। पिछले कुछ दिनों से केरल में संक्रमण के रोजाना तीस हजार से ज्यादा मामले मिलना गंभीर स्थिति का संकेत है। इससे तो लग रहा है कि राज्य में महामारी ने फिर से पैर पसार लिए हैं। हालांकि महाराष्ट्र, मिजोरम, तमिलनाडु, कर्नाटक जैसे राज्यों में भी स्थिति कोई अच्छी नहीं है। महाराष्ट्र में तो रोजाना संक्रमितों की संख्या पांच हजार के आसपास चल रही है। इसलिए महामारी को जरा भी हल्के में लिया गया तो फिर से गंभीर संकट में पडऩे में जरा देर नहीं लगने वाली। हकीकत तो यह है कि दूसरी लहर गई नहीं है। तीसरी का खतरा सामने है। विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि अक्टूबर में तीसरी लहर जोरों पर होगी और रोजाना संक्रमितों का आंकड़ा तीन-साढ़े लाख तक पहुंच जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। केरल, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों की अभी जो स्थिति है, उससे तो लगता है कि लोगों की बेरोकटोक आवाजाही देश में तीसरी लहर का कारण आसानी से बन सकती है। इसके अलावा बाजारों में भीड़ से लेकर जन आशीर्वाद यात्रा जैसे राजनीतिक आयोजनों तक में कोरोना व्यवहार के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे में संक्रमण को फैलने से कौन रोक पाएगा?


सिद्वार्थ शंकर-




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कोविड-19 के बाद की दुनिया में होगी भारत की महत्वपूर्ण भूमिका: भाजपा

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 के बाद दुनिया और अधिक नियम-आधारित, पारदर्शी और लोकतांत्रिक भविष्य का रुख करेगी और इसे आकार देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


भाजपा का बयान प्रधानमंत्री मोदी के चार दिवसीय अमेरिकी दौरे के संदर्भ में आया। इस दौरे में मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सहित विश्व के प्रमुख नेताओं से वार्ता करेंगे और क्वाड समूह के देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित करेंगे।


पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि विश्व द्वारा मोदी की ‘‘वैश्विक नेता’’ के रूप में पहचान कोई नई नहीं है बल्कि पिछले सात सालों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस और रूस सहित पूरी दुनिया ने इस पर मुहर लगाई है।


यह पूछे जाने पर कि कुछ देश कोरोना रोधी भारतीय टीकों को मान्यता नहीं दे रहे हैं, भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महामारी के इस दौर में यात्रा को लेकर भय और भ्रम की स्थिति है और हर सार्वभौमिक राष्ट्र अपने नागरिकों के हितों के ध्यान में रखते हुए इस बारे में एक निर्णय लेगा।


चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी निजी राय में कुछ भी गलत या सही नहीं है क्योंकि कुछ देश महामारी के अंजाने व्यवहार और अपने चिकित्सकीय समुदाय की सलाह पर कुछ कड़ी राय रख सकते हैं।


ब्रिटेन सरकार ने भारत में निर्मित ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड को बुधवार को अपने अद्यतन अंतरराष्ट्रीय यात्रा परामर्श में शामिल कर लिया। दरअसल ब्रिटेन ने कोविशील्ड टीके की दोनों खुराक लेने वाले लोगों के टीकाकरण को मान्यता नहीं दी थी।


एक दिन पहले ही भारत ने ब्रिटेन की नीति को भेदभवपूर्ण बताया था और इस मामले में जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी थी।


मोदी के अमेरिका दौरे के बारे में चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘यह भारत को आगे रखने की पिछले सात साल की विदेश नीति पर मुहर है और आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व को दिशा देने में भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’’


उन्होंने पाकिस्तान और चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद और विस्तारवाद का भी सफलता से मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने इन चुनौतियों के खिलाफ देश की लड़ाई का नेतृत्व किया है और देश को एकजुट रखा है।


भाजपा नेता ने कहा कि दुनिया ने भी इस बात को स्वीकार किया है।


उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक अभी तक अपने लोगों को 82 करोड़ से अधिक टीकों की खुराक दी है और उसकी अर्थव्यवस्था भी मजबूती से पटरी पर लौट रही है।






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कोविड के लगभग 27 हजार नये मामले

नई दिल्ली : देशभर में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड संक्रमण के लगभग 27 हजार नए मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि देश में अभी तक 82.65 करोड़ से अधिक टीके लगाये जा चुके हैं। संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 97.77 प्रतिशत दर्ज की गयी है जो मार्च 2020 के बाद सर्वाधिक है।


मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान 26 हजार 964 नए संक्रमित व्यक्ति सामने आयें है। फिलहाल 3,01,989 संक्रमित व्यक्तियों का इलाज चल रहा है। यह कुल मामलों का 0.90 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार आज सुबह सात बजे तक कुल 82 करोड, 65 लाख 15 हजार 754 टीके दिये जा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में कुल 15,92,395 कोविड परीक्षण किए गये हैं। देश में अब तक कुल 55 करोड ,67 लाख 54 हजार 282 कोविड जांच की जा चुकी है। मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में 34,167 रोगी संक्रमण से उबर गये हैं। अभी तक कुल 3,27,83,741 लोग संक्रमण से मुक्त हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 80 करोड़ 13 लाख 26 हजार 335 टीके दिये गये हैं। इसके अलावा 48 लाख टीके भेजने की प्रक्रिया में हैं। राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के पास 4,52,07,660 शेष हैं।

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दिल्ली में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 1.64 करोड़ से अधिक खुराक दी गई

नई दिल्ली : दिल्ली में कोरोना वारयस संक्रमण से निपटने के प्रयासों के तहत सोमवार को 2.10 लाख लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लगाए गए, जिनमें से 1.11 लाख लोगों को पहली खुराक दी गई।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को टीकाकरण आरंभ होने के बाद से शहर में 1.64 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। करीब 49.98 लाख लोगों को दोनों खुराक दे दी गई हैं।


दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शहर में मंगलवार सुबह तक टीके की करीब नौ लाख खुराक बची थी, जिनमें से 1.22 लाख 'कोवैक्सीन' और 7.72 लाख 'कोविशील्ड' की खुराक थी।


बुलेटिन में बताया गया कि ये खुराक चार दिन तक चलेंगी। शहर में 1,234 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें रोजाना करीब 3.10 लाख लोगों को टीका लगाया जा सकता है।







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कोविड-19 के कारण अभिभावकों को खोने वाले छात्रों से परीक्षा शुल्क नहीं लेगा सीबीएसई

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कोविड-19 महामारी के कारण अपने अभिभावकों को खोने वाले छात्रों से अगले साल कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने के लिए कोई पंजीकरण या परीक्षा शुल्क नहीं लेगा।


सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी ने देश पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और छात्रों पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए राहत देने का फैसला किया है। बोर्ड द्वारा उन छात्रों से न तो परीक्षा शुल्क और न ही पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा जिन्होंने माता-पिता दोनों या परिवार की देखभाल करने वाले अभिभावक अथवा कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को कोविड-19 के कारण खो दिया है।’’


भारद्वाज ने कहा, ‘‘स्कूल कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सूची प्रस्तुत करते समय इन छात्रों के बारे में सत्यापन करने के बाद ब्योरा जमा करेंगे।’’








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कोविड के बाद हृदय संबंधी जटिलताओं के बारे में परामर्श मांगने वालों की संख्या में वृद्धि: अपोलो अस्पताल

नई दिल्ली : दिल्ली के एक प्रमुख निजी अस्पताल ने सोमवार को कहा कि उसके यहां कोविड-19 के बाद हृदय संबंधी जटिलताओं के बारे में परामर्श मांगने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में हृदय रोगों का बोझ बढ़ सकता है।


इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन के चलते गतिहीन जीवन शैली ने कई लोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान और तनाव में वृद्धि की है, जिससे हृदय रोगों (सीवीडी) का खतरा बढ़ गया है।


देश 2020 की शुरुआत से कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। अप्रैल से जून तक दूसरी लहर के दौरान बहुत बुरे हालात पैदा हो गए थे। दिल्ली भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुई, जहां बिस्तर और ऑक्सीजन संकट ने लोगों की पीड़ा को और बढ़ा दिया।


अस्पताल ने एक बयान में दावा किया, '' कोविड के बाद होने वाली मायोकार्डिटिस जैसी हृदय संबंधी जटिलताओं के बारे में परामर्श मांगने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, लिहाजा हृदय संबंधी जटिलताओं वाले रोगियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि दिन-ब-दिन स्पष्ट होती जा रही है।''


बयान में कहा गया है, '' संक्रमण से उबरने के बाद भी वायरस के कारण शरीर में होने वाली सूजन और क्षति के चलते लोगों को इस तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। शरीर का कोई भी हिस्सा कमजोर होने पर इस तरह के नुकसान सामने आते है।


दक्षिणी दिल्ली के इस प्रमुख निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने यह भी दावा किया कि आने वाले महीनों में हृदय रोग का बोझ कई गुना बढ़ सकता है।


उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान लॉकडाउन और गतिहीन जीवन शैली से सीवीडी के कई मामले सामने आ रहे हैं।


अस्पताल ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण कारक यह है कि महामारी ने लोगों में स्वास्थ्य जांच के लिए बाहर जाने में झिझक पैदा कर दी है। कोरोनो वायरस संक्रमण की चपेट में आने के डर से अनेक लोग नियमित स्वास्थ्य जांच भी नहीं करा पाए। ऐसे में जो लोग पहले से ही हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे, वे अब डॉक्टरों के पास जा रहे हैं।


अपोलो अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ मुकेश गोयल ने कहा, महामारी से पहले के समय की तुलना में, हमने निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ओपीडी में आने वाले रोगियों की संख्या में तेज गिरावट देखी है।


उन्होंने कहा, ''इनमें वे मरीज शामिल हैं जो महामारी से पहले हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। वे अब नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच नहीं करा रहे।''


डॉक्टरों ने कहा कि निवारक स्वास्थ्य जांच में गिरावट और कोविड के बाद की हृदय संबंधी जटिलताओं से ऐसे मामलों में वृद्धि होने की आशंका है।






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परीक्षणों से पता चला है कि कोविड टीके 5 से 11 साल के बच्चों के लिये सुरक्षित: फाइजर, बायोएनटेक

नई दिल्ली : वैश्विक दवा कंपनियों फाइजर और बायोएनटेक एसई ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 टीकों के परीक्षण के नतीजों से पता चला है कि ये पांच से 11 साल की उम्र के बच्चों के लिये सुरक्षित है और उनमें मजबूत एंटीबॉडी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द नियामक मंजूरी लेने की योजना बना रही हैं।


कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पांच से 11 साल की उम्र के बच्चों को 21 दिन के अंतराल पर 10 माइक्रोग्राम की दो खुराकें दी गईं। 12 साल या उससे अधिक आयु के बच्चों को 30 माइक्रोग्राम मात्रा की खुराक दी जाती है।


बयान में कहा गया है, ''पांच से 11 साल के बच्चों पर टीका सुरक्षित साबित हुआ। उनके शरीर पर इसका अच्छा असर हुआ और उनमें मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया पैदा हुई। ''


बयान में कहा गया है कि कंपनियां इन आंकड़ों को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), यूरोपीय दवा एजेंसी (ईएमए) और अन्य नियामकों के पास जल्द से जल्द जमा करने की योजना बना रही हैं।






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कोविड टीकाकरण को लेकर दिए गए ‘गैरजिम्मेदाराना’ बयानों के लिए विपक्ष को आत्मचिंतन करना चाहिए: नड्डा

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 के खिलाफ चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को दुनिया का सबसे ‘‘बड़ा और तेज’’ अभियान करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसके बारे में ‘‘गैरजिम्मेदाराना’’बयान देने के लिए विपक्ष को ‘‘आत्मिचंतन’’ करना चाहिए।


नड्डा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थित एक टीकाकरण केंद्र का दौरा किया और इस अभियान को ‘‘सफल’’ बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की टीम, स्वास्थ्य राज्य मंत्रियों, चिकित्सा समुदाय सहित इससे जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद दिया।


नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर 2.5 करोड़ से अधिक टीकों की खुराक दी गई जो एक विश्व रिकार्ड है।


उन्होंने कहा यह साबित करता है कि यह अभियान विश्व का ‘‘सबसे बड़ा और तेज’’ अभियान है।


उन्होंने कहा, ‘‘17 सितंबर को हुए 2.5 करोड़ टीकाकरण किए जाने पर विपक्षी दलों की चुप्पी पर और पिछले एक साल में इस अभियान के दौरान दिए गए गैरजिम्मेदाराना और हास्यास्पद बयानों के लिए उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्हें सोचना चाहिए कि ऐसा करके उन्होंने समाज पर किस प्रकार की छाप छोड़ी है और लोकतंत्र में उनकी क्या भूमिका रही है।’’


इस साल शुरु हुए टीकाकरण अभियान के बाद नड्डा ने आज दूसरी बार एम्स का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण केंद्र पर लोगों के साथ ही नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद भी किया। टीकाकरण अभियान को सफल बनलाने के लिए उन्होंने सभी का धन्यवाद किया।


नड्डा का एम्स दौरा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भाजपा की ओर से आरंभ किए गए ‘‘सेवा और समर्पण’’ अभियान का हिस्सा है।





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अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 के नए मामलों से अधिक ठीक होने वालों की संख्या

ईटानगर : अरूणाचल प्रदेश में एक दिन में कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की संख्या संक्रमण के दैनिक नए मामलों से अधिक रही। 49 और लोग इस बीमारी से स्वस्थ हो गए, जबकि संक्रमण के 10 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी।


पूर्वोत्तर राज्य में 10 नए मामले आने से कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 54,070 तक पहुंच गए।


उन्होंने बताया कि रविवार को 49 सहित कुल 53,377 लोग अब तक बीमारी से उबर चुके हैं।


राज्य निगरानी अधिकारी (एसएसओ) डॉ लोबसांग जम्पा ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर पिछले दिन के 98.64 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर 98.71 प्रतिशत हो गई।


वर्तमान में संक्रमण दर 0.57 प्रतिशत है।


अधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती राज्य में कोविड-19 से होने वाली मौत का आंकड़ा 271 रहा क्योंकि पिछले 24 घंटों में कोई नई मौत नहीं हुई।


अरुणाचल प्रदेश में वर्तमान में 422 कोविड-19 मरीज उपचाराधीन हैं।


जम्पा ने कहा कि कोविड-19 के लिए अब तक 11,15,795 नमूनों की जांच की गई है, जिसमें रविवार को हुईं 1,739 जांच शामिल हैं।


राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ दिमोंग पादुंग के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 10,79,245 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।




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देश में आए कोरोना के 30 हजार से अधिक नए मामले, अकेले केरल से करीब 20 हजार केस

नई दिल्ली :  देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच नए मामले बीते कुछ दिनों फिलहाल 30 हजार के आस पास हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में 30,256 नए मामले पाए गए। इस दौरान 295 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं बीते 24 घंटे में 43,938 लोग ठीक होकर घर लौट गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में फिलहाल इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 3,18,181 है वहीं रिकवर होकर घर लौट चुके लोगों की संख्या 3,27,15,105 हो चुकी है। वहीं 4,45,133 लोगों की अब तक कोरोना से मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नए मामले पाए जाने के बाद कोरोना के एक्टिव केस में 13, 977 मामलों की कमी दर्ज की गई। मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या अब 3,34,78,419 हो चुकी है। 

केरल में सबसे अधिक मामले

केरल में कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। बीते एक दिन में आए कोरोना के कुल 30,256 मामलों में से करीब 20 हजार मामले अकेले केरल से आए हैं। केरल में बीते 24 घंटों में कोराना के 19,653 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 152 लोगों की मौत हुई है। केरल के जिन इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार अधिक है, वहां विशेष रूप से कड़े लॉकडाउन प्रतिबंध लागू किये जाएंगे। राज्य सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी. मुख्य सचिव वी पी जाय की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया कि जिन क्षेत्रों में ‘साप्ताहिक संक्रमण जनसंख्या अनुपात’ (डब्ल्यूआईपीआर) 10 से ज्यादा है, वहां कड़े प्रतिबंध लागू होंगे।


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भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 30,773 नए मामले सामने आए, 309 रोगियों की मौत

नई दिल्ली : भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 30,773 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3,34,48,163 हो गई जबकि उपचाराधीन रोगियों की तादाद कम होकर 3,32,158 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।


आंकड़ों के अनुसार 309 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 4,44,838 हो गई है।


मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन रोगियों की संख्या संक्रमितों की कुल तादाद का 0.99 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से उबरने की दर 97.68 प्रतिशत दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या में 8,481 की कमी आई है।


देश में अब तक कुल 55,23,40,168 नमूनों की कोविड-19 जांच की जा चुकी हैं। शनिवार को 15,59,895 नमूनों की जांच की गई।


आंकड़ों के मुताबिक दैनिक संक्रमण दर 1.97 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले बीस दिन से यह तीन प्रतिशत से कम रही है। साप्ताहिक संक्रमण दर 2.04 प्रतिशत रही। पिछले 86 दिन से यह तीन प्रतिशत से कम रही है। ठीक हो चुके लोगों की संख्या 3,26,71,167 है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई है।


मंत्रालय के अनुसार देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 80.43 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के अनुसार मौत के 309 नए मामलों में से 143 संक्रमितों की केरल में जबकि 80 की महाराष्ट्र में मौत हुई।


देश में अब तक कोविड-19 से 4,44,838 लोगों की मौत हुई है। इनमें से महाराष्ट्र में 1,38,469, कर्नाटक में 37,587, तमिलनाडु में 35,310, दिल्ली में 25,085, केरल में 23,439, उत्तर प्रदेश में 22,887 और पश्चिम बंगाल में 18,641 लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा कि इनमें से 70 प्रतिशत मरीजों की मौत एक से अधिक बीमारियों के कारण हुईं।


मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ''हमारे आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के आंकड़ों से मिलान किया जा रहा है।'' 





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विश्व में कोरोना से 22.81 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित

वाशिंगटन/रियो डि जेनेरो/नई दिल्ली : विश्वभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के संक्रमितों की संख्या बढ़कर 22.81 करोड़ हो गई है और अब तक इसके कारण 46.85 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केंद्र (सीएसएसई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 192 देशों एवं क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 22 करोड़ 81 लाख 19 हजार 119 हो गयी है जबकि 46 लाख 85 हजार 253 लोग इस महमारी से जान गंवा चुके हैं। विश्व में महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण बरकार है। यहां संक्रमितों की संख्या 4.20 करोड़ से अधिक हो गयी है और 6.73 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी है। दुनिया में कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत दूसरे और मृतकों के मामले में तीसरे स्थान पर है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 30,773 नये मामलों की पुष्टि की गयी, जिससे संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर तीन करोड़ 34 लाख 48 हजार 163 हो गया है। इस दौरान 38,945 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर तीन करोड़ 26 लाख 71 हजार 167 हो गयी है। सक्रिय मामले घटकर तीन लाख 32 हजार 158 रह गये हैं। इसी अवधि में 309 मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 4,44,838 हो गया है। देश में सक्रिय मामलों की दर अब 0.99 प्रतिशत रह गयी है, रिकवरी दर 97.68 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.33 फीसदी पर बरकरार है। ब्राजील संक्रमितों के मामले में अब तीसरे स्थान पर है, जहां कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और अभी तक इससे 2.12 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 5.90 लाख से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। ब्राजील कोरोना से हुई मौतों के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। संक्रमण के मामले में ब्रिटेन रूस और फ्रांस से आगे निकल चुका है। यहां कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 74.35 लाख से अधिक हो गयी है और 135,478 मरीजों की मौत हो चुकी है। रूस में कोरोना वायरस से अब तक 71.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 1.93 लाख से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। फ्रांस में कोरोना संक्रमितों की संख्या 70.37 लाख से अधिक हो गई है और इसके संक्रमण से 116,662 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।






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चार दिन से लगातार बढ़ रहे कोरोना मामले

नई दिल्ली : देश में चार दिन से कोराेना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तथा पिछले 24 घंटो में नये मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या कम रही और सक्रिय मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गयी।

इस बीच देश में शुक्रवार को दो करोड़ 15 लाख 98 हजार 046 लोगों को कोरोना के टीके लगाये गये और अब तक 79 करोड़ 42 लाख 87 हजार 699 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। देश ने कोविड टीकाकरण के अभियान में कल विश्व कीर्तिमान कायम किया और चीन का रिकॉर्ड तोड़ा , जहां एक दिन में लगभग दो करोड़ आठ लाख टीके लगाये जाने का रिकॉर्ड था।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 35,662 नये मामलों की पुष्टि की गयी। इससे पहले 14 सितम्बर को 25,404 , 15 सितम्बर को 27,176 , 16 सितम्बर को 30,570 और 17 सितम्बर को 34,403 मामले दर्ज किये गये थे। कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर तीन करोड़ 34 लाख 17 हजार 390 हो गया है। पिछले 24 घंटों में 33,798 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर तीन करोड़ 26 लाख 32 हजार 222 हो गयी है। सक्रिय मामले 1583 बढ़कर तीन लाख 40 हजार 639 हो गये हैं। इसी अवधि में 281 मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 4,44,529 हो गया है।


देश में रिकवरी दर 97.65 और सक्रिय मामलों की दर 1.02 तथा मृत्यु दर 1.33 फीसदी पर बरकरार है।

सक्रिय मामलों के हिसाब से केरल अभी देश में पहले स्थान पर हैं । पिछले 24 घंटों में यहां सबसे अधिक 2741 सक्रिय मामले बढ़े हैं और इनकी संख्या अब 1,89,495 हो गयी है। वहीं 20,388 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर 42,56,697 हो गयी है, जबकि 131 मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 23,296 हो गयी है।


महाराष्ट्र में सक्रिय मामले 891 घटकर 52,002 रह गये हैं जबकि 67 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,38,389 हो गयी है। वहीं 4410 लोगों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 63,24,720 हो गयी है।

राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय मामले 407 रह गये हैं जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या 14,12,936 हो गयी है। दूसरे दिन भी एक और मरीज की मौत के बाद यहां मृतकों की संख्या 25,085 हो गयी है।

कर्नाटक में कोरोना के सक्रिय मामले घटकर 15,988 रह गये हैं। राज्य में दूसरे दिन भी 18 और मरीजों की मौत से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 37,573 हो गया है। राज्य में अब तक 29,12,633 मरीज ठीक हो चुके हैं।


तमिलनाडु में सक्रिय मामलों की संख्या 87 बढ़कर 16,843 हो गयी है तथा 17 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 35,288 हो गयी है। राज्य में अभी तक 25,89,899 मरीज संक्रमणमुक्त हुए हैं।

आंध्र प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 89 बढ़कर 14,797 हो गयी है। राज्य में कोरोना को मात देने वालों की तादाद 20,07,330 हो गयी है, जबकि इस महामारी से आठ और लोगों की मौत होने से मृतकों का कु

ल आंकड़ा बढ़कर 14,052 हो गया है।


पश्चिम बंगाल में कोरोना के सक्रिय मामले घटकर 8008 रह गये हैं और इस महामारी के संक्रमण से नौ और लोगों की मौत से मृतकों की संख्या 18,629 हो गयी है और अब तक 15,33,649 मरीज स्वस्थ हुए हैं।

तेलंगाना में सक्रिय मामले घटकर 5223 रह गये हैं जबकि यहां अब तक 3902 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 6,53,901 लोग इस महामारी से ठीक हुए हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना के सक्रिय मामले 346 रह गये हैं। वहीं कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 9,91,108 हो गयी है जबकि एक और मरीज की मौत होने से मृतकों की संख्या 13,560 हो गयी है।


पंजाब में छह सक्रिय घटकर 309 रह गये हैं तथा संक्रमण से निजात पाने वालों की संख्या 5,84,430 हो गयी है जबकि 16,467 मरीजों की जान जा चुकी है। गुजरात में सक्रिय मामले पांच बढ़कर 154 हो गये हैं तथा अब तक 8,15,466 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मृतकाें की संख्या 10,082 है।

पूर्वाेत्तर राज्य मिजोरम में सक्रिय मामले 407 बढ़कर 14,295 हो गये हैं जबकि कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 63,518 हो गयी है जबकि मृतकों की संख्या अभी 254 है। बिहार में कोरोना के सक्रिय मामले घटकर 65 हो गयी है तथा अब तक 7,16,148 लोग कोरोनामुक्त हो चुके हैं। मृतकों की संख्या 9658 है।





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आशा है कि और दिनों में भी टीकों की दो करोड़ से अधिक खुराक दी जाएगी : राहुल

नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश में ढाई करोड़ से अधिक टीके लगाये जाने को लेकर शनिवार को कहा कि कोरोना रोधी टीकाकरण की इसी गति की जरूरत है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी रोजाना टीकों की दो करोड़ से अधिक खुराक दी जाएगी।


उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आशा करता हूं कि और दिनों में भी रोजाना टीकों की 2.1 करोड़ खुराक दी जाएगी। हमारे देश को इसी गति की जरूरत है।’’


उल्लेखनीय है कि भारत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर टीकाकरण अभियान को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए कोविड-19 टीके की 2.50 करोड़ से अधिक खुराक देकर एक रिकॉर्ड बनाया।


को-विन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक दी गई कुल खुराक शुक्रवार मध्यरात्रि 12 बजे 79.33 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। विभिन्न खबरों के अनुसार इससे पहले दैनिक खुराक का रिकॉर्ड चीन ने बनाया था, जहां जून में 2.47 करोड़ टीके लगाए गए थे।



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देश में कोविड-19 के 34,403 नए मामले

नई दिल्ली : देश में एक दिन में कोविड-19 के 34,403 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर 3,39,056 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.02 प्रतिशत है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.65 प्रतिशत है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 3,39,056 हो गई है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 8,164 कमी आई है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 54,92,29,149 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 15,27,420 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 2.25 प्रतिशत है, जो पिछले 18 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.97 प्रतिशत है, जो पिछले 84 दिन से तीन प्रतिशत से कम है। देश में अभी तक कुल 3,25,60,474 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 77.24 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।




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अमेरिका : अलास्का में तेजी से बढ़ रहे हैं कोविड-19 के मामले

जुनो (अमेरिका) : अमेरिका के अलास्का में तेजी से कोविड-19 महामारी के मामले बढ़ रहे हैं। अलास्का के वैश्विक महामारी विशेषज्ञ डॉ. जो मैकलॉगलिन ने बताया कि अभी स्पष्ट नहीं है कि स्थिति स्थिर कब होगी। टीकाकरण दर और मास्क पहनने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों के पालन पर बहुत कुछ निर्भर करता है।


स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के कर्मचारी तनाव में हैं और स्वास्थ्य केन्द्रों में बिस्तरों (बेड) की कमी संबंधी परेशानी भी बनी हुई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अलास्का के अस्पतालों में भर्ती 20 प्रतिशत मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित है।


इस बीच, जुनो में ‘बार्टलेट रीज़नल हॉस्पिटल’ ने बृहस्पितवार को कहा कि स्थिति को देखते हुए, कर्मचारियों को 15 दिसंबर तक कोविड-19 रोधी टीके लग जाने चाहिए।



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अमीर-ग़रीब में भेदभाव रहेगा तो कैसे कोविड महामारी का अंत होगा?

113 साल पहले 1918 में वैश्विक महामारी से जितने लोग अमरीका में मृत हुए थे उससे ज़्यादा वहाँ पर अब कोविड से मृत हो चुके हैं। अमरीका जैसे साधन सम्पन्न राष्ट्र का यह हाल है तो अन्य विकासशील देशों में स्वास्थ्य सुरक्षा की कल्पना कीजिए कि महामारी ने कितनी वीभत्स मानवीय त्रासदी उत्पन्न की है। यह बात सच है कि कोरोना वाइरस के कारण जान गयी हैं परंतु यह भी कटु सत्य है कि कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली, ग़ैर बराबरी वाली व्यवस्था के कारण भी अनेक जाने गयी हैं। कहीं लोग अस्पताल में भर्ती न होने के कारण मृत हुए तो कहीं ऑक्सिजन न मिल पाने के कारण। हर इंसान के लिए सशक्त जन स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा कितनी ज़रूरी है यह हमने सीखने में सदियां लगा दी हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक दुनिया की आबादी के एक बड़े भाग (70 फीसदी से अधिक) को नौ-दस महीनों की समय सीमा में पूरा टीकाकरण नहीं मिल जाता, तब तक टीकाकरण के ज़रिए कोविड महामारी पर विराम कैसे लगेगा? सिर्फ़ अमीर देशों में या अमीर लोगों को ही पूरा टीका मिलेगा और अन्य लोग वंचित रहेंगे तो महामारी पर अंकुश कैसे लगेगा? यह गम्भीर सवाल न केवल अमीर देशों के लिए है बल्कि ग़रीब और विकासशील देशों में अमीर वर्ग के लिए भी है। चीन के वुहान से जो वाइरस दिसम्बर 2019 में रिपोर्ट हुआ था, वह दुनिया के सभी देशों में फैल गया है-अमीर हो या ग़रीब। यह समझना सबसे ज़रूरी है कि एक व्यक्ति की स्वास्थ्य सुरक्षा अन्य लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी निर्भर है। और यह भी समझना ज़रूरी है कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा कदापि पर्याप्त नहीं है क्योंकि वह शासन-प्रशासन और हरी-भरी पृथ्वी पर भी निर्भर है (उदाहरण के तौर पर, वायु प्रदूषण से होने वाले फेफड़े के कैन्सर और अन्य जानलेवा रोग से स्वास्थ्य बीमा या स्वास्थ्य सेवा नहीं बचा पाएगी)।


ठोस प्रमाण: टीकाकरण से कोविड होने पर उसके गम्भीर परिणाम होने का ख़तरा बहुत कम


टीकाकरण का व्यक्तिगत लाभ भी मिलता है क्योंकि जिसको पूरा टीका लगा है उसको कोविड होने पर कोविड के गम्भीर परिणाम होने का ख़तरा अत्यंत कम है और कोविड से मृत होने की सम्भावना भी बहुत कम है। दुनियाभर में हुए अनेक वैज्ञानिक शोध इस बात को प्रमाणित करते हैं कि कोविड टीके से कोविड होने के गम्भीर परिणाम होने का ख़तरा बहुत कम होता है और मृत्यु का ख़तरा भी अत्यंत कम (उन लोगों की तुलना में जिन्हें कोविड टीका नहीं लगा है)। दुनिया में अनेक देशों में आबादी का एक बड़ा भाग पूरा टीकाकरण करवा चुका है जैसे कि अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेल्या, फ़्रान्स, यूरोप के अन्य अमीर देश, उरुगाय, सिंगापुर आदि। इनमें से अनेक देशों में 80 फीसदी से अधिक आबादी को पूरा टीका लगा है और अनेक जगह 50 फीसदी से अधिक आबादी पूरा टीकाकरण करवा चुकी है।


जिन देशों में अत्याधिक आबादी पूरा टीकाकरण करवा चुकी है, वहाँ पर इसीलिए जिस अनुपात में नए कोविड पॉज़िटिव केस हैं उस अनुपात में लोगों को अस्पताल को ज़रूरत नहीं पड़ती, ऑक्सिजन की ज़रूरत नहीं पड़ती, और मृत्यु दर भी कम है। जिन देशों में टीकाकरण कम है वहाँ जिस अनुपात में नए कोविड केस हैं उसी अनुपात में अस्पताल की ज़रूरत बढ़ती है, ऑक्सिजन की ज़रूरत बढ़ती है, मृत्यु दर बढ़ती है। साफ़ ज़ाहिर है कि कोविड टीकाकरण करवाने के कारण कोविड होने पर गम्भीर परिणाम होने का ख़तरा बहुत कम होता है।


क्या टीकाकरण से संक्रमण होने से बचाव होता है?

पूरा कोविड टीकाकरण कराने से व्यक्ति कोविड से संक्रमित होने से बचेगा या नहीं इस पर ठोस प्रमाण अभी आना बाक़ी है। अमरीका में दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 तक हुए प्रारम्भिक शोध के आँकड़े बताते हैं कि जिन लोगों ने पूरा टीकाकरण करवाया था उनको संक्रमण होने का ख़तरा 80 फीसदी कम था हालाँकि अमरीकी सीडीसी के अनुसार, अभी अधिक शोध की ज़रूरत है कि यह बात वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो और ठोस रूप से कही जा सके. हाल ही में जारी दिशानिर्देश में, अमरीका के सीडीसी ने कहा कि कोविड टीके की पूरी खुराक लगवाने पर कोविड होने का ख़तरा 5 गुणा कम होता है और यदि कोविड हो जाए तो गम्भीर परिणाम होने का ख़तरा 10 गुणा कम और कोविड से मृत्यु होने का ख़तरा 10 से अधिक गुणा कम होता है। पर यह बात स्पष्ट है कि टीकाकरण करवाने से कोविड होने का ख़तरा अत्यंत कम होता है पर शून्य नहीं होता है-इसीलिए मास्क ठीक से पहने, भौतिक दूरी बनाये रखें, और संक्रमण नियंत्रण पर ध्यान दें। मुंबई में आँकड़े देखें तो जिन लोगों को पूरा टीका लगा था उनमें सिर्फ़ 0.35 फीसदी को कोविड हुआ। मुंबई में 25 लाख लोगों को पूरा टीका लगा था जिनमें से 9001 कोविड पॉज़िटिव हुए।


उत्तर प्रदेश में कुल आबादी के मात्र 8 फीसदी को अब तक लगा है पूरा टीका

16 जनवरी 2021 से सितम्बर तक, उत्तर प्रदेश में कुल आबादी के मात्र 8 फीसदी का पूरा टीकाकरण हुआ है जो राष्ट्रीय औसत पूरा टीकाकरण दर से आधा है! केरल जैसे राज्यों में राष्ट्रीय औसत से दुगना टीकाकरण हो रहा है। हालाँकि इसी समय अवधि में अमीर देशों में आबादी का 80 फीसदी से अधिक का टीकाकरण हो चुका है। जुलाई 2021 में भारत में आबादी के 8.8 फीसदी लोगों का पूरा टीकाकरण हो चुका था पर उत्तर प्रदेश में 4.3 फीसदी ही हुआ था। सशक्त जन स्वास्थ्य प्रणाली कितनी ज़रूरी है सतत विकास के लिए यह कोविड ने पुन: स्पष्ट कर दिया है। कोविड महामारी पर अंकुश लगाने के लिए यह ज़रूरी है कि एक समयबद्ध तरीक़े से बिना भेदभाव के सभी का टीकाकरण हो। अमीर हो या गरीब, अमीर देश में हो या गरीब देश में, दुनिया में सभी के टीकाकरण की ज़रूरत है जिससे कि महामारी पर सफलतापूर्वक अंकुश लग सके। अनेक देशों में टीकाकरण दर अत्यंत कम पर अमीर देश तीसरे बूस्टर डोज़ लगवाने पर आतुर!


यदि अमीर लोग या अमीर देश टीके की होड़ करेंगे और खुद तीसरी बूस्टर डोज़ लगवाएँगे तो नि:संदेह महामारी के ख़िलाफ़ जंग अभी काफ़ी जटिल होने को है! दुनिया में कुल आबादी है 7 अरब और 5.5 अरब वैक्सीन डोज़ लग चुकी हैं पर इनमें से 80 फीसदी अमीर देशों में लगी हैं न कि विकासशील या ग़रीब देशों में। यह बात भी हम ध्यान दें कि अनेक विकासशील देश जैसे कि भारत में यह अधिकांश वैक्सीन बनी हैं। दुनिया के अमीर देश तीसरी बूस्टर डोज़ लगवाने को आतुर हैं परंतु उनके अकेले के टीकाकरण से महामारी का अंत कैसे होगा? इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेडरॉस ने कहा है कि 2021 के अंत तक, कोई देश तीसरा बूस्टर डोज़ न लगवाए। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के सभी देशों से अपील की है कि सितम्बर 2021 के अंत तक, सभी देश अपनी आबादी के 10 फीसदी का कम-से-कम पूरा टीकाकरण करें, दिसम्बर 2021 तक 40 फीसदी और जून 2022 तक 70 फीसदी आबादी का हर देश कम-से-कम टीकाकरण करे। अमीर देशों ने वादा किया था कि 1 अरब डोज़ वह ग़रीब देशों को दान देंगे पर इस वादे का सिर्फ़ 15 फीसदी अभी तक दान दिया गया है। हाल ही में प्रकाशित समाचार के अनुसार, भारत में भी तीसरे डोज़ की बात हो रही है जो सर्वदा अनुचित है क्योंकि पूरी आबादी में सभी पात्रों को टीका तो पहले मिले तब ही हम लोग तीसरी बूस्टर डोज़ का सोचें।


कोविड महामारी का प्रकोप अनेक गुना तीव्र करने में हमारे समाज में व्याप्त ग़ैर बराबरी की बड़ी भूमिका है। इसीलिए कोविड के दौरान जीवनरक्षक दवाओं या ऑक्सिजन की कालाबाज़ारी, जमाख़ोरी, आदि, पीपीई किट या मास्क भी इस मुनाफ़े के खेले से अछूते नहीं रहे। हद तब हो गयी जब मृत्यु उपरांत परिवारजन को शव ले जाने वाले वाहन, ऐम्ब्युलन्स आदि या क्रिया क्रम में भी लूटने की खबरें आयीं। जब तक समाज के सबसे वंचित वर्ग जो हाशिये पर हैं वह सुरक्षित नहीं रहेंगे और बिना किसी शोषण या भेदभाव के मानवीय ढंग से जीवनयापन नहीं कर सकेंगे, तब तक कोविड जैसी महामारी मानवीय त्रासदी बन हम पर क़हर ढाहती रहेंगी।


-बॉबी रमाकांत-


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