विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप : आकाश सांगवान ने पहला मुकाबला जीता

नई दिल्ली :  भारतीय मुक्केबाज आकाश सांगवान (67 किग्रा) ने यहां चल रही एआईबीए पुरुष विश्व चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में तुर्की के फुरकान एडम पर 5-0 की आसान जीत से दूसरे दौर में प्रवेश किया।


मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन फुरकान का अगला मुकाबला जर्मनी के डेनियल क्रोटर से होगा जिन्हें पहले दौर में बाइ मिली है। कल रात खेले गये मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज ने शुरू से एडम पर दबदबा बनाकर एकतरफा जीत हासिल की।


इससे पहले रोहित मोर (57 किग्रा) ने इक्वाडोर के जीन कैसेडो को 5-0 से हराया था। उनका अगला मुकाबला बोस्निया हर्जेगोविना के एलन राहिमिच से होगा।


एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा) और सचिन कुमार (80 किग्रा) को पहले दौर में बाइ मिली है।


सचिन 30 अक्टूबर को दूसरे दौर में अमेरिका के रॉबी गोंजालेज जबकि संजीत 29 अक्टूबर को रूस के आंद्रे स्तोस्की से भिड़ेंगे।


इस चैंपियनशिप में 100 देशों के 600 से अधिक मुक्केबाज भाग ले रहे हैं। कुछ भार वर्गों में मुक्केबाजों को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिये कम से कम तीन मुकाबले जीतने होंगे। इनमें भारत के शिव थापा (63.5 किग्रा) भी शामिल हैं जो पहले मुकाबले में कीनिया के विक्टर ओडियाम्बो न्याडेरा से भिड़ेंगे।



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सैयद मुश्ताक अली टी20 में महाराष्ट्र की अगुवाई करेंगे रुतुराज

पुणे : भारतीय बल्लेबाजी की नयी सनसनी रुतुराज गायकवाड़ चार नवंबर से शुरू होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्राफी टी20 प्रतियोगिता में महाराष्ट् का नेतृत्व करेंगे।


महाराष्ट्र को एलीट ग्रुप ए में रखा गया है और वह लीग चरण के अपने मैच लखनऊ में खेलेगा। उसका पहला मुकाबला तमिलनाडु से होगा।


इंडियन प्रीमियर लीग में सर्वाधिक रन बनाने वाले गायकवाड़ के साथ नौशाद शेख को उप कप्तान बनाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स के राहुल त्रिपाठी आईपीएल फाइनल में लगी चोट से अभी नहीं उबरे हैं और उन्हें टीम में नहीं लिया गया है।


सीनियर बल्लेबाज केदार जाधव को भी टीम में शामिल किया गया है।


महाराष्ट्र की टीम इस प्रकार है : रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), नौशाद शेख (उपकप्तान), केदार जाधव, यश नाहर, अजीम काजी, रंजीत निकम, सत्यजीत बछव, तरनजीत सिंह ढिल्लों, मुकेश चौधरी, आशा पालकर, मनोज इंगले, प्रदीप दाधे, शमशुजामा काजी, स्वप्निल फुलपागर, दिव्यांग हिंगानेकर, सुनील यादव, धनराजसिंह परदेशी, स्वप्निल गुगले, पवन शाह और जगदीश जोप।







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कोहली ने पूरी खेल भावना से हार स्वीकार की : सना मीर

दुबई : पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान सना मीर का मानना है कि विराट कोहली हार को पूरी खेल भावना से स्वीकार करने में भी आदर्श खिलाड़ी हैं जिससे भारतीय कप्तान के सुरक्षा भाव का भी पता चलता है।


भारत टी20 विश्व कप के अपने पहले मैच में पाकिस्तान से 10 विकेट से हार गया था। यह विश्व कप (वनडे और टी20) में पाकिस्तान की भारत पर पहली जीत है। मैच के बाद कोहली ने विजयी टीम के नायक मोहम्मद रिजवान को गले लगाया था।


मीर ने आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने कॉलम में लिखा, ‘‘विराट कोहली ने पूरी शिष्टता के साथ हार स्वीकार की और मैं उनकी खेल भावना की प्रशंसा करती हूं। शीर्ष खिलाड़ियों का इस तरह का व्यवहार देखना वास्तव में बहुत अच्छा है।’’


उन्होंने आगे लिखा, ‘‘इससे उनके अंदर के सुरक्षा भाव का भी पता चलता है। इसका मतलब है कि वह वापसी करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।’’


मीर ने कहा कि अगर भारत बड़ी जीत से टूर्नामेंट में वापसी करता है तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा।


उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत जल्द ही बड़ी जीत के साथ वापसी करता है तो मुझे हैरानी नहीं होगी और मुझे उम्मीद है कि हम टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान को एक बार फिर से एक दूसरे के खिलाफ खेलते देख सकते हैं। ’’







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पाकिस्तान की जीत पर भारत में फोड़े गए पटाखे तो भड़के वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर

नई दिल्ली :  ICC T20 World Cup 2021 में भारतीय टीम को पाकिस्तान के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। भारत की इस हार से हर एक भारतीय निराश था, लेकिन भारत के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न पटाखे फोड़कर मनाया गया। इसको लेकर भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग नाखुश हैं और उन्होंने अपनी भड़ास इंटरनेट मीडिया के जरिए जाहिर की है।

वीरेंद्र सहवाग ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, "दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध है, लेकिन कल (रविवार, 24 अक्टूबर) भारत के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे फोड़े गए थे। अच्छा वे क्रिकेट की जीत का जश्न मना रहे होंगे। तो दीपावली पर पटाखे चलाने में क्या हर्ज है। ऐसा पाखंड़ (हिपोक्रेसी) क्यों, सारा ज्ञान तब ही याद आता है।"

वहीं, पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लिखा है, "जो लोग पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़ रहे हैं वो भारतीय नहीं हो सकते। हमें अपनी टीम के साथ खड़ा होना चाहिए।"

बता दें कि पाकिस्तान को विश्व कप के इतिहास में पहली बार भारत के खिलाफ जीत मिली है। इस जीत के बाद भारत के कुछ हिस्सों से ऐसी खबरें आई हैं कि पाकिस्तान की जीत पर पटाखे चलाए गए हैं और कुछ जगह लड़ाईयां भी हुई हैं। पाकिस्तान की जीत को भारत में सेलिब्रेट करना, ये किसी देशद्रोह से कम नहीं है। जाहिर है कि पाकिस्तान प्रेम के चलते पटाखे चलाए गए होंगे। निश्चित रूप से ऐसा तो नहीं है कि क्रिकेट के खेल के लिए ऐसा किया गया होगा। 

दूसरी सबसे बड़ी बात वीरेंद्र सहवाग ने ये उठाई है कि जब भारत में हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहार दिवाली पर पटाखे बैन हैं तो फिर क्रिकेट के मैच के बाद पटाखे चलाने का क्या तुक है और वो भी भारत की जीत नहीं, बल्कि पाकिस्तान की जीत पर भारत में पटाखे चलाने के क्या मायने हैं।


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टी20 विश्व कप : हम जानते हैं कि खेल कहां गलत हुआ : कोहली

दुबई : भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि उनकी टीम को इस बात का सटीक अंदाजा है कि पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच कहां गया और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि पहले छह ओवरों में पाकिस्तान की शानदार गेंदबाजी का मतलब था कि भारत पुरुष टी20 विश्व कप के अपने शुरुआती मैच में अतिरिक्त 20-25 रन नहीं बना सका। भारत को रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान ने दस विकेट से शिकस्त दी।


कोहली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कहा, एक टीम के तौर पर हमें यह समझने की जरूरत है कि बीच में वहां के हालात की हकीकत क्या थी। वहीं 20-25 अतिरिक्त रन अच्छे होते। लेकिन पहले छह में शानदार गेंदबाजी ने हमें अतिरिक्त रन हासिल नहीं होने दिया। हम वास्तव में जानते हैं कि खेल कैसे हाथ से चला गया और यह कहां गलत हो गया। हमारे पास इसकी पूर्ण स्पष्टता है, यह जानना अच्छी बात है कि आप एक टीम के रूप में कहां गलत हुए।


कोहली ने कहा, तो, आप काम कर सकते हैं और इसे सुधारने की कोशिश कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि इस टूर्नामेंट में हमारे पास अभी भी बहुत सारे मैच हैं। अगर हम अपनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, तो हम निश्चित रूप से महसूस कर सकते हैं कि हम इन गलतियों पर काम कर सकते हैं।


यह बताते हुए कि मैच कैसे समाप्त हो गया, विशेष रूप से पाकिस्तान के पीछा के दौरान तस्वीर में आने के बाद, कोहली ने कहा, अगर पिच बल्लेबाजी करने के लिए थोड़ी बेहतर हो जाती है, तो आप शुरू हो जाते हैं। तब आप पीछा करने के बारे में अधिक आत्मविश्वास महसूस करना शुरू कर देते हैं। क्या हुआ। पाकिस्तान की पारी के दूसरे हाफ में जितनी अधिक ओस आई और वे स्ट्राइक रोटेट करने में सफल रहे।



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भारत की शर्मनाक हार, पाकिस्तान ने रोका विजय अभियान

दुबई : बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन और गेंदबाजों के परिस्थितियों के अनुकूल गेंदबाजी करने में नाकाम रहने के कारण भारत को आईसीसी टी20 विश्व कप के सुपर 12 के ग्रुप दो मैच में रविवार को यहां पाकिस्तान से 10 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा जिससे उसका अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पिछले 29 वर्षों से चला आ रहा विजय अभियान भी थम गया।


भारत ने विश्व कप (वनडे और टी20) में 1992 के बाद इस मैच से पहले तक सभी 12 मैचों (वनडे में सात और टी20 में पांच) में जीत दर्ज की थी लेकिन पहले शाहीन शाह अफरीदी (31 रन देकर पांच) की अगुवाई में पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने उसके बल्लेबाज नहीं चले और बाद में रही सही कसर कप्तान बाबर आजम (52 गेंद पर नाबाद 68, छह चौके, दो छक्के) और मोहम्मद रिजवान (55 गेंदों पर नाबाद 78, छह चौके तीन छक्के) की पहले विकेट के लिये अटूट शतकीय साझेदारी ने पूरी कर दी।


भारत ने सात विकेट पर 151 रन बनाये थे लेकिन पाकिस्तान ने 17.5 ओवर में बिना किसी नुकसान के 152 रन बनाकर एकतरफा जीत दर्ज करके अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की।


भारत ने टॉस गंवाया और इसके एक समय वह तीन विकेट पर 31 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। विराट कोहली (49 गेंदों पर 57 रन, पांच चौके, एक छक्का) ने ऋषभ पंत (30 गेंदों पर 39 रन, दो चौके, दो छक्के) के साथ चौथे विकेट के लिये 40 गेंदों पर 53 रन की साझेदारी की जिससे भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाया।


इसके उलट पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। कोहली के गेंदबाजों से लेकर क्षेत्ररक्षण की सजावट में वह आक्रामकता नहीं दिखी जिसके कारण उन्हें दुनिया के सफल कप्तानों में गिना जाता है। विश्व कप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ने का मन बना चुके कोहली को यह हार वर्षों तक सालती रहेगी।


रिजवान ने भुवनेश्वर के पहले ओवर में ही चौका और छक्का लगाया। कोहली को पावरप्ले में ही वरुण चक्रवर्ती को गेंद सौंपनी पड़ी। पाकिस्तान ने पहले छह ओवरों में बिना किसी नुकसान के 43 रन बनाये।


बाबर और रिजवान का ‘फुटवर्क, प्लेसमेंट और टाइमिंग’ बहुत अच्छा था जिसके सामने भारत के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की एक नहीं चली। इन दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करके भारत पर दबाव बनाया। भारत के दोनों स्पिनरों ने आठ ओवर में 61 रन लुटाये जबकि तेज गेंदबाजों में पैनापन नहीं दिखा।


बाबर जल्द ही अपने आक्रामक रंग में उतर आये। उन्होंने रविंद्र जडेजा पर छक्के से शुरुआत की और फिर चक्रवर्ती के एक ओवर में दो छक्के लगाये। इनमें से दूसरे छक्के से उन्होंने अर्धशतक भी पूरा किया। भारतीय स्पिनरों को ओस के कारण गेंद पर पकड़ बनाने में परेशानी हो रही थी।


रिजवान ने 41 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और जल्द ही वह अपने कप्तान की बराबरी पर पहुंच गये। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद शमी पर छक्का और दो चौके लगाकर 18वें ओवर में अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।


इससे पहले भारत के लिये शुरुआत किसी भी तरह से अनुकूल नहीं रही। कोहली ने टॉस गंवाया और भारत ने उसके बाद 13 गेंद और छह रन के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों रोहित शर्मा (शून्य) और केएल राहुल (तीन) के विकेट गंवा दिये।


रोहित की बायें हाथ के तेज गेंदबाज के सामने कोण लेकर अंदर आती गेंद पर कमजोरी फिर खुलकर सामने आयी। अफरीदी ने उन्हें पहले ओवर में पगबाधा आउट करने के बाद अगले ओवर की पहली गेंद पर राहुल की गिल्लियां बिखेरी।


सूर्यकुमार यादव (आठ गेंदों पर 11) को हसन अली (44 रन देकर दो) ने विकेट के पीछे रिजवान के हाथों कैच कराया जिससे पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट पर 36 रन हो गया।


कोहली का अफरीदी पर ‘कॉउ कार्नर’ पर लगाया गया छक्का दर्शनीय था, लेकिन सूर्यकुमार के आउट होने के बाद उन्हें भी संभलकर खेलना पड़ा। पंत के लेग स्पिनर शादाब खान पर शार्ट फाइन लेग पर लगाये गये चौके से भारत नौ ओवर में 50 रन के पार पहुंचा।


पंत ने हसन अली पर पारी के 12वें ओवर में एक हाथ से लगातार गेंदों पर स्क्वायर लेग और लांग ऑफ पर छक्के जड़े। लेकिन जब वह खतरनाक नजर आ रहे थे तब उन्होंने शादाब खान (22 रन देकर एक) की गेंद हवा में लहराकर आसान कैच थमा दिया।


इससे रन गति फिर धीमी पड़ गयी। भारत 15 ओवर में तिहरे अंक तक पहुंच पाया। भारत ने बीच के नौ ओवरों में 64 रन बनाये और पंत का विकेट गंवाया। उसने अंतिम पांच ओवरों में तीन विकेट के एवज में 51 रन जोड़े।


कोहली ने पाकिस्तान ने 45 गेंदों में अर्धशतक जमाया लेकिन छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे रविंद्र जडेजा (13 गेंदों पर 13) संघर्ष करते नजर आये। कोहली 19वें ओवर में आउट हुए और इस तरह से पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप में लगातार चौथी पारी में नाबाद नहीं रह पाये। हार्दिक पंड्या भी 11 रन बना पाये।







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भारत पर जीत के जश्न में पाकिस्तान में जमकर हुई आतिशबाजी, सड़कों पर उतरे प्रशंसक

कराची : आईसीसी विश्व कप में भारत के खिलाफ 12 मैचों की हार का सिलसिला टूटने के बाद पाकिस्तान के क्रिकेटप्रेमी जश्न मनाने सड़कों पर उतर आये और पूरे देश में जमकर आतिशबाजी हुई। पाकिस्तान ने दुबई में टी20 विश्व कप के पहले मैच में भारत को दस विकेट से हराया। खुशी में सराबोर प्रशंसकों ने कराची में कार के हॉर्न बजाये और पटाखे छोड़े। यहां सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी और कोरोना प्रतिबंधों में रियायतों के बाद होटलों में भी मैच के प्रसारण का बंदोबस्त था।


कुछ जगहों पर पुलिस ने जीत के जश्न में हवाई फायरिंग की घटनायें भी दर्ज की है। प्रधानमंत्री और विश्व कप 1992 विजेता पूर्व कप्तान इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्तानी टीम और खासकर बाबर आजम को बधाई जिसने मोर्चे से अगुवाई की। रिजवान और शाहीन शाह अफरीदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। देश को आप पर नाज है।’’ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट किया ,‘‘अलहमदुलिल्ला। यह पहली जीत है और सबसे यादगार भी। पाकिस्तानियों के लिये यह गर्व का पल जिसके लिये पूरी टीम को धन्यवाद। यह यादगार सफर की शुरूआत है।’’ पाकिस्तान के प्रशंसकों ने कार की खिड़कियों से झंडे लहराये। कॉलेज के छात्र फरहान ने कहा, ‘‘हमने भारत को विश्व कप में पहली बार हराया ही नहीं है बल्कि जिस अंदाज में हराया है, वह काबिले तारीफ है।’’ मैच से पहले कराची की सड़कों पर वीराना छाया था लेकिन मैच खत्म होते ही जलसा शुरू हो गया। सेना प्रमुख ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि देश को उन पर फख्र है। पूर्व टेस्ट स्पिनर इकबाल कासिम ने कहा, ‘‘मुझे लगा था कि पाकिस्तान यह मैच जीत सकता है लेकिन इस तरह एकतरफा जीत से हम हैरान है।’’ मुंबई पर आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध बंद है। पाकिस्तान ने 2012 में सीमित ओवरों की संक्षिप्त श्रृंखला के लिये भारत का दौरा किया लेकिन दोनों टीमों का सामना आईसीसी टूर्नामेंटों और एशिया कप में ही होता आया है।






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आईपीएल 2021: वाटसन ने हेजलवुड और मैकग्रा के बीच तुलना की

दुबई : ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉटसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा के बीच तुलना की है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण और सटीकता के मामले में दोनों के बीच काफी समानताएं हैं।


वॉटसन ने स्टार स्पोर्ट्स सेलेक्ट डगआउट में कहा, हेजलवुड में मुझे जो चीज पसंद है, वह यह है कि उनकी उंगलियों से निकलने वाली गेंद पर उनका नियंत्रण है, और यही मैक्ग्रा के समान बनाता है। जो नियंत्रण मैकग्रा कि गेंदबाजी में तब हुआ करती थी जोश के पास यह छोटी उम्र से है, इसलिए मैने दोनों की तुलना की।


हेजलवुड ने आईपीएल 2021 में चेन्नई के लिए नौ मैचों में 8.51 की इकॉनमी रेट से आठ विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए 17 टी20 में हेजलवुड ने 7.98 की इकॉनमी रेट से 21 विकेट लिए हैं। आईपीएल 2021 के फाइनल के बाद हेजलवुड टी 20 विश्व कप के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ेंगे।






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टी20 विश्व कप : न्यूजीलैंड के स्पिनरों को गुर सिखा रहे हैं तेज गेंदबाज शेन बांड

दुबई : यह सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे लेकिन न्यूजीलैंड क्रिकेट ने पूर्व तेज गेंदबाज शेन बांड को टी20 विश्व कप के दौरान विशेष तौर पर राष्ट्रीय टीम के स्पिनरों के साथ काम करने के लिये नियुक्त किया है।


बांड चौथे कोच के रूप में टीम के साथ रहेंगे। वह टीम के स्पिनरों के साथ काम करते हुए गेंदबाजी कोच शेन जर्गेनसेन की मदद करेंगे।


न्यूजीलैंड के मुख्य कोच गैरी स्टीड ने न्यूजीलैंड क्रिकेट से कहा, ‘‘वह विशेष तौर पर स्पिन गेंदबाजों के साथ काम कर रहे हैं। जब आप गेंदबाजों की बड़ी संख्या देखते हो तो यह अच्छा है। इससे शेन (जर्गेनसेन) को मदद मिलेगी।’’


उन्होंने कहा, ‘‘वह विशेष रूप से स्पिनरों के साथ काम कर रहे हैं और रणनीति तय कर रहे हैं। मुंबई (इंडियन्स) के (इंडियन प्रीमियर लीग से) बाहर होने के बाद बांड टीम से जुड़ गये हैं। ’’


बांड मुंबई इंडियन्स के गेंदबाजी कोच भी हैं।


स्टीड को विश्वास है कि उनकी टीम के मुख्य बल्लेबाज केन विलियमसन पाकिस्तान के खिलाफ 26 अक्टूबर को होने वाले टीम के पहले मैच से पूर्व फिट हो जाएंगे। पिछले सप्ताह आईपीएल मैच के दौरान विलियमसन की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था।


विलियमसन सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से आखिरी लीग मैच नहीं खेल पाये थे लेकिन स्टीड ने कहा कि उनकी चोट चिंताजनक नहीं है।


उन्होंने कहा, ‘‘केन फिट है। उनकी मांसपेशियों में हल्का खिंचाव है, लेकिन अब वह अच्छा महसूस कर रहा है। उनकी टीम (सनराइजर्स हैदराबाद) भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुकी थी और मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि उनके नहीं खेलने का एक कारण यह भी रहा होगा।’’


विलियमसन आईपीएल के बाद न्यूजीलैंड की टीम से जुड़ गये हैं। आईपीएल से जो अन्य खिलाड़ी टीम से जुड़े हैं उनमें जेम्स नीशम और एडम मिल्ने भी शामिल हैं।




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रोनाल्डो की हैट्रिक, विश्व कप में जगह बनायी डेनमार्क ने

पेरिस : पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक और हैट्रिक जमाकर अपनी टीम को विश्व कप फुटबॉल क्वालीफायर्स में आसान जीत दिलायी जबकि डेनमार्क ने एक और जीत से कतर में अगले साल होने वाले टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की की।


यूरोपीय क्वालीफायर्स के मैचों में इंग्लैंड और हंगरी के बीच खेले गये मैच में दर्शकों ने व्यवधान डाला, लेकिन फैरो में खेले गये मैच में रोनाल्डो की चली जिन्होंने क्लब और अपने देश की तरफ से करियर की कुल 58वीं हैट्रिक जमायी। इससे रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय गोल की संख्या का रिकार्ड 115 पर पहुंच गया है। पुर्तगाल ने उनके करिश्माई प्रदर्शन से इस मैच में लक्समबर्ग को 5-0 से करारी शिकस्त दी। अपना 182वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे रोनाल्डो की यह पुर्तगाल की तरफ से 10वीं हैट्रिक है। रोनाल्डो ने आठवें और 13वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किये और 87वें मिनट में हैट्रिक पूरी की। पुर्तगाल की तरफ से अन्य दो गोल ब्रूनो फर्नाडिस और जोओ पालिन्हा ने किये। इस जीत के बावजूद पुर्तगाल ग्रुप ए में सर्बिया से अंक पीछे है लेकिन उसने एक मैच कम खेला है। सर्बिया ने एक अन्य मैच में अजरबेजान को 3-1 से हराया। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष पर रहने वाली टीम विश्व कप के लिये सीधे क्वालीफाई करेगी जबकि दूसरे स्थान की टीम प्लेऑफ में खेलेगी। इस बीच डेनमार्क यूरोपीय देशों में विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने वाला दूसरा देश बन गया है। उसने कोपेनहेगेन में खेले गये मैच में जोकिम मेहले के दूसरे हाफ में किये गये गोल की मदद से आस्ट्रिया को 1-0 से हराया। डेनमार्क की यह लगातार आठवीं जीत है जिससे उसने ग्रुप एफ में अपना शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया। जर्मनी यूरोप से क्वालीफाई करने वाला पहला देश था।


डेनमार्क ने दूसरे नंबर की टीम स्कॉटलैंड पर सात अंक की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। स्कॉटलैंड ने फैरो आइलैंड पर 1-0 से जीत दर्ज की और दूसरे स्थान पर रहने का अपना दावा मजबूत किया। वह तीसरे स्थान की टीम इजराइल से चार अंक आगे है जिसने मोलदोवा को 2-1 से हराया। इंग्लैंड के पास भी क्वालीफाई करने का मौका था लेकिन वेम्ब्ले स्टेडियम में खेले गये मैच में हंगरी ने उसे 1-1 से ड्रा पर रोक दिया। इस मैच के शुरू में पुलिसकर्मियों और हंगरी के समर्थकों के बीच झड़प हो गयी थी। हंगरी के प्रशंसक नस्लीय टिप्पणियां कर रहे थे। इंग्लैंड ग्रुप आई में शीर्ष पर है। वह दूसरे स्थान की टीम पोलैंड से तीन अंक आगे है। पोलैंड ने एक अन्य मैच में अल्बानिया को 1-0 से पराजित किया। स्वीडन ग्रुप बी में यूनान पर 2-0 की जीत से स्पेन से आगे शीर्ष पर पहुंच गया है जबकि ग्रुप सी में स्विट्जरलैंड ने लिथुवानिया पर 4-0 की जीत से अपने अंकों की संख्या इटली के बराबर पहुंचा दी है। इटली गोल अंतर में हालांकि आगे है।







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जर्मनी ने फुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया

बर्लिन : जर्मनी सोमवार को यूरोप के ग्रुप जे विश्व कप क्वालीफाइंग मुकाबले में काफी गल्तियां करने के बावजूद उत्तरी मेसिडोनिया को 4-0 से हराकर 2022 फुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला देश बना।


जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ मैचों में सात जीत हासिल की। टीम को मार्च में डुइसबर्ग में उत्तरी मेसिडोनिया के खिलाफ 1-2 से उलटफेर का सामना करना पड़ा था जो उसकी एकमात्र हार रही।


जर्मनी ने अपने चारों गोल दूसरे हाफ में दागे। टीम की ओर से टिमो वर्नर (70वें और 73वें मिनट) ने दो गोल दागे जबकि केई हावर्ट्ज (50वें मिनट) और जमाल मुसियाला (83वें मिनट) ने एक-एक गोल किया।


तुर्की ने भी इंजरी टाइम के नौवें मिनट में पेनल्टी पर बुराक यिल्माज के गोल की बदौलत लात्विया को 2-1से हराकर क्वालीफाई करने की उम्मीदों को जीवंत रखा है। जर्मनी की अंडर 21 टीम के पूर्व कोच स्टीफन कुंट्ज का तुर्की की टीम के कोच के रूप में यह पहला मुकाबला था।


रोटरडम में मेम्फिस डेपाय ने दो गोल किए, दो गोल में मदद की लेकिन एक पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए जिससे नीदरलैंड ने जिब्राल्टर को 6-0 से हराकर क्वालीफाई करने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। ग्रुप जी में नीदरलैंड ने नॉर्वे पर दो जबकि तुर्की पर चार अंक की बढ़त बना रखी है।


ग्रुप एच में क्रोएशिया ने ड्रॉ और रूस ने जीत के साथ कम से कम प्ले आफ में खेलना तय कर लिया है।


ग्रुप ई में वेल्स ने कीफर मूर के गोल की बदौलत एस्टोनिया को 1-0 से हराकर बेल्जियम के क्वालीफाई करने के इंतजार को बढ़ा दिया है।


वेल्स और चेक गणराज्य के समान अंक हैं जिसने बेलारूस को 2-0 से हराया। चेक गणराज्य ने हालांकि एक मैच अधिक खेला है।


बेल्जियम की टीम पांच अंक से आगे है और उसका क्वालीफाई करना लगभग तय है।


ग्रुप जी में डेपाय ने बार्सीलोना की ओर से खराब क्लब सत्र को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उनके नाम पर इस साल नीदरलैंड की ओर से 14 गोल हो गए हैं और उन्होंने राष्ट्रीय टीम की ओर से एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक 12 गोल के पैट्रिक क्लुवर्ट के रिकॉर्ड को तोड़ा।


नीदरलैंड ने नॉर्वे पर दो अंक की बढ़त बना रखी है जिसने मोंटेनेग्रो को 2-0 से हराया।


ग्रुप एच में क्रोएशिया ने मिडफील्डर लुका मोड्रिक के फ्री किक पर दागे गोल की बदौलत स्लोवाकिया को 2-2 से बराबरी पर रोका। रूस पुराने प्रतिद्वंद्वी स्लोवेनिया को 2-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गया है।


विश्व कप में स्वत: क्वालीफाई करने के लिए 2018 विश्व कप के उप विजेता क्रोएशिया को अब अगले महीने रूस को हराना होगा।


एक अन्य मैच में माल्टा ने साइप्रस को 2-2 से बराबरी पर रोका।


ग्रुप जे में जर्मनी के अलावा रोमानिया और आइसलैंड भी जीत दर्ज करने में सफल रहे। रोमानिया ने आर्मेनिया को 1-0 जबकि आइसलैंड ने लिचटेनस्टीन को 4-0 से हराया।


रोमानिया ग्रुप में 13 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है। उसने उत्तरी मेसिडोनिया और आर्मेनिया पर एक अंक की बढ़त बना रखी है। आइसलैंड के आठ जबकि लिचटेनस्टीन का एक अंक है।



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धोनी को मैच का सफल अंत करते हुए देखना भावुक पल : फ्लेमिंग

दुबई : चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि इस महान विकेटकीपर बल्लेबाज को मैच का सफल अंत करते हुए देखना भावुक कर देने वाला क्षण था।


धोनी ने रविवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पहले क्वालीफायर के अंतिम क्षणों में मैच का सफल अंत करने की अपनी काबिलियत का फिर से बेजोड़ नमूना पेश करके चेन्नई को चार विकेट से जीत दिलाकर नौवीं बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फाइनल में पहुंचाया।


चेन्नई को आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी और धोनी ने टॉम कुरेन पर तीन चौके जड़कर अपनी टीम को जीत दिलायी। इससे पहले उन्होंने अवेश खान पर मिडविकेट क्षेत्र में छक्का लगाया था।


फ्लेमिंग ने मैच के बार वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह शानदार पारी थी। यह हमारे लिये भावनात्मक रूप से बहुत अच्छा था। जब भी वह (धोनी) क्रीज पर उतरते हैं तो हम उनके लिये प्रार्थना करते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि उन पर दबाव है, उनसे उम्मीदें की गयी हैं और फिर से उन्होंने हमारे लिये मैच विजेता की भूमिका निभायी। इसलिए यह ड्रेसिंग रूम में भावुक करने वाला पल था। ’’


फ्लेमिंग से पूछा गया कि उनकी धोनी से क्या बात होती है, उन्होंने कहा, ‘‘ढेर सारी बातें होती है। हमने इन 20 ओवरों में सबसे अधिक बातें की हैं। तकनीकी को लेकर चर्चा होती है, रणनीति को लेकर बात होती है कि कैसे उस पर अमल करना है और कौन अधिक प्रभाव डाल सकता है।’’


धोनी की पारी से पहले रुतुराज गायकवाड़ ने 70 और रोबिन उथप्पा ने 63 रन की पारियां खेलकर चेन्नई की जीत की नींव रखी।


फ्लेमिंग ने उथप्पा की पारी के बारे में कहा, ‘‘हमें अपने प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर गर्व है। इसलिए यह विशेष पारी थी। पहली गेंद से ही उसने अपने इरादे जतला दिये थे।’’






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टॉम मूडी भारतीय टीम का कोच बनने के इच्छुक

सिडनी : आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर टॉम मूडी चौथी बार भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद के लिये आवेदन कर सकते हैं।


फॉक्सस्पोर्ट्स.कॉम.एयू की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ऐसा समझा जाता है पूर्व विश्व कप विजेता और अब नामी कोच की निगाह भारतीय टीम के कोच पद पर टिकी हैं जो कि टी20 विश्व कप के बाद रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त होने पर खाली हो रहा है।’’


अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ क्रिकेट निदेशक के रूप में काम कर रहे 56 वर्षीय मूडी पूर्व में भारतीय टीम का कोच बनने में दिलचस्पी दिखा चुके हैं। उन्होंने इससे पहले 2017 और 2019 सहित तीन बार भारतीय कोच पद के लिये आवेदन किया था लेकिन कभी उनके नाम पर विचार नहीं किया गया।


शास्त्री का भारतीय मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल टी20 विश्व कप तक ही है तथा यह 59 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह सेवा विस्तार के लिये नहीं कहेंगे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अब नये कोच की तलाश में है।


मूडी 2013 से 2019 तक सनराइजर्स के मुख्य कोच रहे और इस बीच फ्रेंचाइजी ने 2016 में अपना एकमात्र खिताब भी जीता। तब मूडी के हमवतन डेविड वार्नर उसके कप्तान थे।


उनकी जगह इंग्लैंड के विश्व कप विजेता कोच ट्रेवर बेलिस को सनराइजर्स का कोच बनाया गया था लेकिन फ्रेंचाइजी ने उन्हें क्रिकेट निदेशक नियुक्त किया था। वह श्रीलंकाई टीम को भी कोचिंग दे चुके हैं।


रिपोर्ट के अनुसार मूडी की भारतीय टीम का कोच बनने की आकांक्षा ने वार्नर को इस सत्र के शुरू में कप्तानी से हटाने और फिर उन्हें आखिर के कुछ मैचों से अंतिम एकादश से बाहर करने में अहम भूमिका निभायी।


इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसा समझा जाता है कि सनराइजर्स के मालिकों का बीसीसीआई में काफी प्रभाव है और वे वार्नर को पिछले कुछ मैचों से बाहर रखने और युवाओं को मौका देने के फैसले की व्याख्या कर सकते हैं।’’


रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘वार्नर से भी कई अन्य आईपीएल फ्रेंचाइजी ने संपर्क किया है जो इस धाकड़ बल्लेबाज को अंतिम एकादश से बाहर करने के फैसले से हैरान हैं।’’




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डेनमार्क और इंग्लैंड की विश्व कप क्वालीफाईंग में आसान जीत

जेनेवा : डेनमार्क और इंग्लैंड ने विश्व कप फुटबॉल क्वालीफाईंग मैचों में बड़ी जीत के साथ यूरोपीय ग्रुप चरण में अपने अभियान को नये मुकाम पर पहुंचाया।


स्कॉटलैंड, सर्बिया, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और यूक्रेन ने भी अगले साल कतर में होने वाले टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिये कम से कम प्लेऑफ में स्थान सुनिश्चित करने की तरफ कदम बढ़ाये।


डेनमार्क ने ग्रुप एफ में मोलदोवा को 4-0 से हराया। यह उसकी लगातार सातवीं ऐसी जीत है जिसमें उसके खिलाफ गोल नहीं हुआ। वह अभी तक 26 गोल दाग चुका है। डेनमार्क यदि मंगलवार को आस्ट्रिया को हरा देता है तो वह विश्व कप के लिये क्वालीफाई कर जाएगा।


ग्रुप के अन्य मैचों में स्कॉटलैंड ने इस्राइल को संघर्षपूर्ण मैच में 3-2 से हराया जबकि आस्ट्रिया ने फेरोइ आइलैंड पर 2-0 से जीत दर्ज की।


इंग्लैंड ने ग्रुप आई में एंडोरा को 5-0 से करारी शिकस्त दी। वह अब ग्रुप में दूसरे स्थान पर काबिज अल्बानिया से चार अंक आगे हो गया है। इंग्लैंड की तरफ से पहले हाफ में बेन चिलवेल और बुकायो साका और दूसरे हाफ में टैमी अब्राहम, जेम्स वार्ड-प्रूस और जैक ग्रीलिश ने गोल किये।


हंगरी ने जून में यूरोपीय चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था लेकिन उसे बुडापेस्ट में अपने घरेलू मैदान पर अल्बानिया से 0-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी तरफ पोलैंड ने वारसा में 56,000 दर्शकों के सामने सैन मैरिनो को 5-0 से शिकस्त दी।


स्विट्जरलैंड ने ग्रुप सी में उत्तरी आयरलैंड को 2-0 से पराजित किया जबकि सर्बिया ने ग्रुप ए में लक्समबर्ग पर 1-0 से करीबी जीत दर्ज की। इस जीत से सर्बिया ग्रुप में पुर्तगाल से एक अंक आगे शीर्ष पर पहुंच गया है। पुर्तगाल ने हालांकि एक मैच कम खेला है। ग्रुप के एक अन्य मैच में आयरलैंड ने अजरबेजान को 3-0 से पराजित किया।


स्वीडन ने ग्रुप बी में कोसोवा को 3-0 से जबकि यूनान ने जार्जिया को 2-0 से हराया। यूक्रेन ने फिनलैंड को 2-1 से हराकर ग्रुप डी में फ्रांस के बाद दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की। बोस्निया हर्जेगोविना ने भी कजाखस्तान पर 2-0 से जीत से खुद को दौड़ में बनाये रखा।







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खराब दौर से गुजर रही मुंबई इंडियंस को हराकर वापसी करना चाहेगी दिल्ली कैपिटल्स

शारजाह :  पिछले मैच में मिली हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स की नजरें आईपीएल में शनिवार को होने वाले मैच के जरिये जीत की राह पर लौटने पर लगी होंगी जबकि खराब फॉर्म से जूझ रही गत चैम्पियन मुंबई इंडियंस एक जीत के बाद लय बनाये रखने की फिराक में होगी। आठ जीत के बाद प्लेआफ में जगह लगभग पक्की कर चुकी दिल्ली को कोलकाता नाइट राइडर्स ने कम स्कोर वाले मैच में तीन विकेट से हराया था। दिल्ली अब 11 मैचों में 16 अंक लेकर दूसरे स्थान पर है और पिछली उपविजेता टीम की कोशिश शीर्ष दो में रहने की होगी ताकि फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिल सके। आईपीएल के यूएई चरण में पिछले मैच में दिल्ली को पहली पराजय झेलनी पड़ी। केकेआर के गेंदबाजों ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी के कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए धीमी विकेट का पूरा फायदा उठाया। सितारों से सजी दिल्ली के बल्लेबाजों में से कोई भी 20 ओवरों में एक भी छक्का नहीं लगा सका।


सुनील नारायण की फिरकी के सामने दिल्ली नौ विकेट पर 127 रन ही बना सकी। चोटिल पृथ्वी साव की जगह खेल रहे स्टीव स्मिथ ने 34 गेंद में 39 रन बनाये जबकि ऋषभ पंत ने 36 गेंद में 39 रन जोड़े। निचले मध्यक्रम के बल्ले से सिर्फ 13 रन निकले। अनुकूल पिच पर दिल्ली की स्पिन तिकड़ी रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल और ललित यादव छाप छोडने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर मुंबई ने आईपीएल के यूएई चरण में लगातार तीन हार के बाद पिछले मैच में पहली जीत दर्ज की। रिकॉर्ड पांच बार की चैम्पियन मुंबई के बल्लेबाजों ने निराश किया। सूर्यकुमार यादव चार मैचों में 0, 8, 5 और 3 रन ही बना सके। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और क्विंटोन डिकॉक अच्छी शुरूआत को बड़ी पारियों में नहीं बदल पाये जिससे मध्यक्रम पर दबाव बना। मुंबई के लिये अच्छी बात यह रही कि पंजाब किंग्स के खिलाफ छह विकेट से मिली जीत में सौरभ तिवारी (45 ) और हार्दिक पंड्या (40) फॉर्म में नजर आये। कीरोन पोलार्ड ने सात गेंद में नाबाद 15 रन बनाकर फिनिशर की भूमिका निभाई। तिवारी अपनी शानदार पारी के दम पर टीम में बने रह सकते हैं और देखना यह है कि खराब फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को एक और मौका मिलता है या नहीं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन स्पिनर फ्लॉप रहे हैं। राहुल चाहर और कृणाल पंड्या पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव होगा।


टीमें :


मुंबई इंडियन्स: रोहित शर्मा (कप्तान) क्विंटन डिकॉक, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, आदित्य तारे, अनमोलप्रीत सिंह, क्रिस लिन, सौरभ तिवारी, अनुकुल रॉय, अर्जुन तेंदुलकर, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, जेम्स नीशाम, जयंत यादव, कीरोन पोलार्ड, मार्को जानसेन, युद्धवीर सिंह, एडम मिल्ने, धवल कुलकर्णी, जसप्रीत बुमराह, मोहसिन खान, नाथन कूल्टर-नाइल, पीयूष चावला, राहुल चाहर, ट्रेंट बोल्ट।


दिल्ली कैपिटल्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, पृथ्वी सॉव, रिपल पटेल, शिखर धवन, शिमरोन हेटमयार, श्रेयस अय्यर, स्टीव स्मिथ, अमित मिश्रा, एनरिक नॉर्जे, आवेश खान, बेन द्वारशुइस, इशांत शर्मा, कैगिसो रबाडा, कुलवंत खेजरोलिया, लुकमान मेरीवाला, प्रवीण दुबे, टॉम कुरेन, उमेश यादव, अक्षर पटेल, ललित यादव, मार्कस स्टोइनिस, रविचंद्रन अश्विन, सैम बिलिंग्स और विष्णु विनोद।


मैच का समय : दोपहर 3.30 से। 




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दहिया उत्तर प्रदेश के मुख्य कोच नियुक्त

नई दिल्ली : पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया को गुरुवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया।


उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की।


यूपीसीए ने ट्वीट किया, ‘‘वह अनुभवी कोच हैं और हम उनके रहते हुए अपने सभी सपनों को साकार करने के लिये एक शानदार सफर की उम्मीद कर रहे हैं।’’


दहिया इससे पहले दिल्ली के कोच तथा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच रह चुके हैं।


दहिया ने भारत की तरफ से दो टेस्ट और 19 एकदिवसीय मैच खेले। 






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रियो ओलंपिक: 10 से अधिक मुक्केबाजी मुकाबलों में ‘पैसे’ के लिए हेराफेरी, जांच में हुआ खुलासा

 नई दिल्ली :  स्वतंत्र जांच में खुलासा हुआ है कि 2016 रियो ओलंपिक की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 10 से अधिक मुकाबलों में ‘पैसे’ या अन्य ‘फायदों’ के लिए हेरफेर की गई थी। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने आगामी पुरुष विश्व चैंपियनशिप में रैफरी और जज के लिए ‘कड़ी’ चयन प्रक्रिया का वादा किया है।


एआईबीए को मैकलारेन ग्लोबल स्पोर्ट्स सॉल्युशंस (एमजीएसएस) की मुक्केबाजी की स्वतंत्र जांच की पहले चरण की रिपोर्ट मिल गई है जो पीटीआई के पास भी है। इसमें खुलासा किया गया है कि रियो में अधिकारियों द्वारा मुकाबलों में हेरफेर की प्रणाली मौजूद थी। कुल मिलाकर दो फाइनल सहित 14 मुकाबले जांच के दायरे में हैं।


रिपोर्ट में खेलों में अधिकारियों की संदेहास्पद नियुक्तियों के संदर्भ में किया गया, ‘‘यह सेंटा क्लॉज के भ्रष्ट और शिष्ट के मिथक का पूरी तरह उलट है। भ्रष्ट लोगों को रियो में नियुक्ति दी गई क्योंकि वे इच्छुक थे या दबाव में हेराफेरी के किसी आग्रह का समर्थन करने को तैयार थे जबकि शिष्ट लोगों को बाहर कर दिया गया। ’’


जांच में खुलासा हुआ है कि रियो के नतीजों को हेराफेरी का षड्यंत्र लंदन ओलंपिक 2012 से पहले भी रचा गया और 2016 टूर्नामेंट के क्वालीफाइंग टूर्नामेंटों के दौरान इसका ट्रायल किया गया।


इसमें कहा गया, ‘‘पैसे और एआईबीए से फायदे के लिए मुकाबलों में हेरफेर की गई या राष्ट्रीय महासंघों और उनकी ओलंपिक समितियों का आभार जताने के लिए और कुछ मौकों पर प्रतियोगिता के मेजबान की उसके वित्तीय समर्थन और राजनीतिक समर्थन के लिए। ’’


इसमें कहा गया, ‘‘आज तक की जांच में निष्कर्ष निकलता है कि इस तरह की हेराफेरी में कई मौकों पर छह अंक की मोटी धनराशि जुड़ी होती थी। हेराफेरी की प्रणाली भ्रष्ट रैफरी और जज तथा ड्रॉ आयोग से जुड़ी थी।’’


एआईबीए ने विस्तृत कार्रवाई और रैफरी तथा जजों की नियुक्ति के लिए कड़ी प्रक्रिया का वादा किया है।


अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से दोबारा मान्यता हासिल करने का प्रयास कर रहे एआईबीए ने कहा, ‘‘एआईबीए रियो 2016 मुक्केबाजी टूर्नामेंट की जांच के नतीजों से चिंतित है और पुष्टि करता है कि विस्तृत सुधारवादी कदम उठाए जाएंगे जिससे कि मौजूदा एआईबीए प्रतियोगिताओं की अखंडता बनी रहे।’’


अब 24 अक्टूबर से सर्बिया के बेलग्राद में शुरू हो रही विश्व चैंपियनशिप के लिए नियुक्त होने वाले रफैरी, जज और तकनीकी अधिकारियों को कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा जिसमें रिचर्ड मैकलारेन की अगुआई वाला एमजीएसए उनकी पृष्ठभूमि और अन्य जांच भी करेगा।


एआईबीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआईबीए के तत्कालीन प्रमुख चिंग कुओ वू रियो में हुए प्रकरण के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे।


जांच में कहा गया है दो मुकाबले ऐसे थे जिन्होंने पूरी प्रणाली को सार्वजनिक तौर पर धाराशायी कर दिया।


पहला मुकाबला विश्व एवं यूरोपीय चैंपियन माइकल कोनलान तथा रूस के व्लादिमीर निकितिन के बीच बैंटमवेट क्वार्टर फाइनल था। इसमें कोनलान को रिंग में दबदबा बनाने के बावजूद हार झेलनी पड़ी। कोनलान ने रैफरी और जज से कैमरा के सामने दुर्व्यवहार किया और बाद में पेशेवर मुक्केबाज बन गए।


दूसरा स्वर्ण पदक का हैवीवेट मुकाबला था जो रूस के येवगेनी तिसचेंको और कजाखस्तान के वेसिली लेविट के बीच खेला। लेविट को भी दबदबा बनाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था।





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आईपीएल 2021 : मैक्सवेल की विस्फोटक पारी के दम पर आरसीबी ने राजस्थान को 7 विकेट से हराया

दुबई :  ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल (नाबाद 50) की शानदार पारी के दम पर रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) ने यहां दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2021 के 43वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से हराया।


आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट पर 149 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम ने मैक्सवेल के 30 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 50 रन की पारी के दम पर 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर मैच जीता।


राजस्थान की ओर से मुस्ताफिजुर रहमान ने दो विकेट लिए। इस जीत के साथ ही आरसीबी 11 मैचों में सात मुकाबले जीत 14 अंक हासिल कर अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है।


कोहली ने लक्ष्य का पीछा करते हुए देवदत्त पडीकल के साथ मिलकर टीम को बेहतर शुरुआत दिलाई और दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़े। लेकिन मुस्ताफिजुर ने पडीकल को बोल्ड कर राजस्थान को पहली सफलता दिलाई। पडीकल ने 17 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 22 रन बनाए।


पडीकल के आउट होने के कुछ समय बाद ही कोहली तेजी से रन चुराने के चक्कर में रन आउट हो गए। कोहली ने 20 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 25 रन बनाए। फिर मैक्सवेल और श्रीकर भरत ने आरसीबी की पारी को आगे बढ़ाया और दोनों बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।


हालांकि, भरत अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और बाउंड्री के चक्कर में कैच थमा बैठे। भरत ने 35 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 44 रन बनाए।


इसके बाद मैक्सवेल ने विस्फोटक पारी खेल टीम को जीत दिलाई। आरसीबी की पारी में एबी डीविलियर्स एक गेंद पर एक चौके की मदद से चार रन बनाकर नाबाद रहे।


इससे पहले, सलामी बल्लेबाज एविन लुइस और यशस्वी जायसवाल ने राजस्थान को शानदार शुरुआत दिलाई और दोनों ने पहले विकेट के लिए 77 रनों की साझेदारी की। हालांकि, डेनियल क्रिस्टियन ने जायसवाल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। जायसवाल ने 22 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्को की मदद से 31 रन बनाए।


इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान संजू सैमसन ने लुइस का साथ दिया और दोनों के बीच 23 रनों की साझेदारी हुई। लेकिन आरसीबी के लिए डेब्यू कर रहे जॉर्ज गार्टन ने लुइस को आउट कर इस बढ़ते साझेदारी का अंत किया। लुइस ने 37 गेंदों में पांच चौकों और तीन छक्कों के सहारे 58 रन बनाए।


इसके बाद राजस्थान के विकेट लगातार गिरते रहे और महिपाल लोमरोर (3), सैमसन (19), राहुल तेवतिया (2) और रियान पराग (9) रन बनाकर आउट हुए।


इसके बाद क्रिस मॉरिस ने राजस्थान की पारी को संभालने की कोशिश की पर वह भी 11 गेंदों में दो चौकों की मदद से 14 रन बनाकर आउट हो गए। मॉरिस के आउट होने के तुरंत बाद चेतन साकरिया भी दो रन बनाकर आउट हुए, जबकि कार्तिक त्यागी एक रन बनाकर नाबाद रहे।


आरसीबी की ओर से हर्षल पटेल ने तीन तथा युजवेंद्र चहल और शहबाज अहमद ने दो-दो विकेट लिए, जबकि गार्टन और क्रिस्टियन को एक-एक विकेट मिला।






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'चक दे! इंडिया' की 'कोमल चौटाला' चित्रांशी रावत बोलीं- शायद मैं भी ओलिंपिक्स की टीम में होती

मुंबई : बॉलिवुड स्टार शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म 'चक दे! इंडिया' में कोमल चौटाला का रोल कर मशहूर हुईं ऐक्ट्रेस चित्रांशी रावत पिछले काफी समय से गायब हैं। कम ही लोगों को पता है कि ऐक्टर बनने से पहले चित्रांशी वास्तव में एक हॉकी प्लेयर रही हैं। चित्रांशी का कहना है कि अगर वह हॉकी खेलना जारी रखतीं तो आज शायद ओलिंपिक्स की हॉकी टीम का हिस्सा होतीं। 


'चक दे! इंडिया' साइन करने के समय को याद करते हुए चित्रांशी ने कहा, 'जब मुझे फिल्म का ऑफर मिला था तब मैं अपनी पढ़ाई और हॉकी पर ध्यान दे रही थी। फिल्म हिट हो गई और लोग मुझे पहचानने लगे। इसके बाद मुझे और काम मिलने लगा तो मैं ऐक्टिंग में ही आ गई। इसके बाद हॉकी की प्रेक्टिस के लिए समय निकालना कठिन हो गया।'


तोक्यो ओलिंपिक्स में भारतीय महिला हॉकी टीम की परफॉर्मेंस से खुश चित्रांशी ने कहा, 'यह इतिहास में पहली बार है जबकि महिला हॉकी टीम सेमी-फाइनल्स में पहुंची है। इससे पता चलता है कि अभी बहुत कुछ पाना बाकी है। साथ ही इससे हमारी टीम को पहचान और स्पॉन्सरशिप मिलेगी जिसकी पिछले काफी समय से जरूरत थी। मुझे स्पोर्ट्स के साथियों को देखकर खुशी होती है। अब हॉकी के साथ ही अन्य स्पोर्ट्स पर भी ध्यान देने का समय है।'


ओलिंपिक्स के दौरान चित्रांशी के मन में क्या आया? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'हमारी हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया और मैं साथ में खेला करते थे। मुझे इंडियन टीम में उसे देखकर बहुत खुशी हुई। उसे देखकर मेरे दिमाग में एक ही बात आई कि अगर मैं हॉकी खेलना जारी रखती तो शायद मैं भी अपने देश की हॉकी टीम के साथ ओलिंपिक्स में होती। मुझे नहीं पता लेकिन ऐसा सोचकर बहुत अच्छा लग रहा था।'


चित्रांशी ने कहा कि हॉकी से उन्हें हमेशा प्यार रहेगा मगर अभी वह ऐक्टिंग करके खुश हैं। उन्होंने कहा, 'मैं लगातार काम कर रही हूं लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मैं काम नहीं कर रही हूं क्योंकि मैं खुद को बहुत ज्यादा प्रमोट नहीं करती हूं। मेरे पिछला टीवी शो 'शंकर जयकिशन' था। इसके बाद मैंने फिल्मों, वेब शो के लिए शूटिंग की है। अभी मैं एक कॉमिडी शो में काम कर रही हूं। मैंने पिछले 5 सालों में कई विज्ञापनों में भी काम किया है।'




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राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी का फैसला किया

दुबई :  राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने इंडियन प्रीमियर लीग मैच में सोमवार को यहां सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।


राजस्थान ने अंतिम एकदश में तीन जबकि हैदराबाद ने चार बदलाव किये है।


राजस्थान की टीम में एविन लुईस और क्रिस मॉरिस की वापसी हुई है जबकि जयदेव उनादकट को भी मौका दिया गया है।


हैदराबाद ने जेसन रॉय, प्रियम गर्ग, अभिषेक शर्मा और सिद्धार्थ कौल को टीम में शामिल किया है। 




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अजित कुमार, दीक्षा को राष्ट्रीय अंडर-23 एथलेटिक्स मीट में 1500 मीटर में स्वर्ण

नई दिल्ली : गुजरात के अजित कुमार और मध्य प्रदेश की केएम दीक्षा ने सोमवार को यहां पहली राष्ट्रीय अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में क्रमश: पुरुष और महिला 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते।


अजित ने तीन मिनट 47.31 सेकेंड के निजी सर्वश्रेष्ठ समय के साथ 1500 मीटर में सोने का तमगा अपने नाम किया।


महिला 1500 मीटर में दीक्षा ने चार मिनट 14.02 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सात सेकेंड का सुधार किया।


उत्तर प्रदेश की किरण बालियान ने गोला फेंक में 16.11 मीटर के प्रयास से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।


सुबह के सत्र में महाराष्ट्र के आदेश यादव और कोमल चंद्रकांत क्रमश: पुरुष और महिला 5000 मीटर के खिताब जीते।


हरियाणा के प्रशांत सिंह कन्हैया ने 5.10 मीटर के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करते हुए पोल वॉल्ट में स्वर्ण पदक जीता।




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तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में फिर स्वर्ण पदक से चूका भारत, दो रजत पदक जीते

यांकटन (अमेरिका) : भारत की महिला और मिश्रित युगल कंपाउंड तीरंदाजी टीम को कोलंबिया के खिलाफ एकतरफा मुकाबलों में शिकस्त के साथ यहां विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत विश्व चैंपियनशिप में अपने पहले स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश कर रहा था। भारत अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया है लेकिन उसने सबसे अधिक 10 बार पोडियम पर जगह बनाई है। इस दौरान भारत ने आठ बार फाइनल में चुनौती पेश की और उसे हर बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। रैंकिंग दौर में चौथे स्थान पर रही अभिषेक वर्मा और ज्योति सुरेखा वेनाम की भारत की स्टार मिश्रित युगल जोड़ी ने एक अंक की बढ़त के साथ शुरुआत की लेकिन इसके बाद कोलंबिया का दबदबा देखने को मिला। भारतीय जोड़ी को अंतत: 150-154 से शिकस्त झेलनी पड़ी। ज्योति, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर की सातवीं वरीय महिला टीम को सारा लोपेज, एलेजांद्रा उसक्वियानो और नोरा वाल्डेज की तिकड़ी के खिलाफ 224-229 से हार का सामना करना पड़ा। रैंकिंग दौर में शीर्ष पर रही कोलंबियाई टीम ने 15 बार 10 अंक पर निशाना साधा और इस दौरान उनके पांच निशाने बिलकुल बीच में लगे। पहले दौर के बाद दोनों टीमें 58-58 से बराबर थी। भारतीय महिला टीम ने इसके बाद बढ़त बनाने का मौका गंवाया और विरोधी टीम एक अंक से आगे हो गई। कोलंबियाई टीम ने इसके बाद भारतीय टीम को कोई मौका नहीं दिया और आखिरी 12 में से आठ तीर 10 अंक पर मारकर तीसरी बार महिला खिताब जीता। यह 2017 के बाद टीम का पहला खिताब है। मिश्रित युगल में भारत के लिए दूसरा दौर खराब रहा जहां उन्होंने दो बार नौ और एक बार अंठ अंक के साथ एक अंक की बढ़त गंवाई और अंतत: चार अंक के अंतर से मुकाबला हार गई। रैंकिंग दौर में दूसरे स्थान पर रही डेनियल मुनोज और सारा ने पहले दौर के बाद वापसी की और तीसरे दौर में 40 में से 40 अंक जुटाकर पहली बार मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता। कुल मिलाकर कोलंबियाई जोड़ी ने 16 में से 10 तीर पर 10 अंक जुटाए जबकि भारतीय खिलाड़ी आठ बार ही 10 अंक जुटा पाए। कोलंबिया ने कंपाउंड तीरंदाजी में अपना दबदबा बरकरार रखा और विश्व चैंपियनशिप में अपने स्वर्ण पदकों की संख्या को चार तक पहुंचाया। भारत व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में भी तीन पदक की दौड़ में बना हुआ है। वर्मा और ज्योति को शनिवार को अपने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेलने हैं। रिकर्व वर्ग में अंकिता भकत एकमात्र तीरंदाज बची हैं। वह रविवार को अंतिम आठ मुकाबले में उतरेंगी।







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मैं इस सीजन को मैच दर मैच खेलना चाहता हूं: नात्र्जे

दुबई : दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज एनरिक नात्र्जे ने शुक्रवार को कहा कि वह 19 सितंबर से यूएई में शुरू हो रहे आईपीएल 2021 के दूसरे हाफ में मैच दर मैच खेलना चाहेंगे। नात्र्जे ने आईपीएल 2020 में दिल्ली के लिए 16 मैचों में 22 विकेट लिए और टीम को टूनार्मेंट के फाइनल में पहुंचने में मदद की।


नात्र्जे ने फ्रैंचाइजी द्वारा जारी एक रीलीज में कहा, यह वह जगह थी जहां आईपीएल में मेरे लिए चीजें होने लगी थी। लेकिन मैं इसे इस सीजन को मैच दर मैच खेलना चाहता हूं। आईपीएल के बाद भी बहुत कुछ आ रहा है। हमें कोशिश करनी होगी और याद रखना होगा कि हमने यहां क्या किया। उम्मीद है कि हम यूएई में जो पिछली बार हमने किया उसे दोहरा सकें।


27 वर्षीय नात्र्जे का मानना है कि आईपीएल 2021 का दूसरा चरण भारत में होने वाले टूर्नामेंट के पहले भाग से बिल्कुल अलग होगा।


नात्र्जे ने कहा, एक जगह पर जो काम किया वह दूसरी जगह काम नहीं करेगा इसलिए हमें इसे खेल के हिसाब से लेना होगा। यूएई में आने वाले खेल उन खेलों से पूरी तरह से अलग होने जा रहे हैं जो हमने पहले सीजन में किए थे। टूनार्मेंट के दूसरे चरण में अलग रणनीति। हमें अभी से तैयार रहना होगा।


नॉर्टजे को लगता है कि यूएई में टी20 विश्व कप से पहले आईपीएल 2021 का दूसरा भाग खेलना निश्चित रूप से मेगा इवेंट में भाग लेने वाले सभी टी20 खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा फायदा है। नात्र्जे ने कहा, टी 20 विश्व कप से पहले आईपीएल खेलना निश्चित रूप से एक बड़ा फायदा है। हमारे पास परिस्थितियों के अनुकूल होने और यूएई में यहां विकेटों का पहला अनुभव प्राप्त करने का मौका है। मुझे लगता है कि प्रत्येक टीम जितना संभव हो सके हर चीज का आकलन करना चाहती है, लेकिन सबसे पहले हमें आईपीएल के लिए परिस्थितियों का आकलन करना होगा क्योंकि यह निश्चित रूप से अपने आप में एक बड़ा टूर्नामेंट है।


टेबल टॉपर्स दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2021 के अपने दूसरे चरण की शुरूआत 22 सितंबर को दुबई में सबसे निचले स्थान पर काबिज सनराइजर्स हैदराबाद से करेगी।







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जिस तरह गेंदबाजी की उससे खुश हूं : चहल

नई दिल्ली : रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने दुबई में नेट्स खत्म करने के बाद कहा है कि उन्होंने जिस तरह गेंदबाजी की उससे वह खुश हैं।


आईपीएल 2021 का दूसरा चरण यूएई में 19 सितंबर से शुरू होना है। इस टूर्नामेंट को मई में कुछ टीमों में कोरोना के मामले सामने आने के कारण स्थगित किया गया था। आरसीबी की टीम फिलहाल सात मैचों में पांच जीत के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर है।


आरसीबी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स में पोस्ट किए वीडियो में चहल ने कहा, एहसास काफी अच्छा है। गर्मी ठीक है और मैंने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे मैं खुश हूं। तालिका में हम अच्छी स्थिति में हैं और हमारे पास शीर्ष पर रहने का अच्छा मौका रहेगा। जब आप नेट्स पर अच्छी गेंदबाजी करते हैं तो आपको हमेशा अच्छा लगता है। मैं यह कह सकता हूं कि पुराना यूजी वापस आ गया है।


आईपीएल 2021 के दूसरे चरण में रविवार को होने वाले पहले मुकाबले में गत चैंपियन मुंबई इंडियंस का सामना दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स से होगा।


इससे पहले, बीसीसीआई ने घोषणा की थी कि आईपीएल के इस सीजन के शेष सत्र में सीमित संख्या में दर्शकों को शामिल होने की मंजूरी दी जाएगी। 



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मेस्सी नहीं दिला सके पीएसजी को जीत, सिटी, लिवरपूल और मैड्रिड जीते

जिनेवा :  लियोनेल मेस्सी, काइलियान एमबाप्पे और नेमार जैसे सितारों से सजी होने के बावजूद पेरिस सेंट जर्मेन जीत दर्ज नहीं कर सकी और चैम्पियंस लीग फुटबॉल के मैच में उसे बेल्जियम के क्लब ब्रजे ने ड्रॉ पर रोक दिया। पीएसजी के लिये मिडफील्डर एंडेर हेरारा ने गोल दागा जबकि बेल्जियम के क्लब के लिये 27वें मिनट में कप्तान हैंस वानाकेन ने गोल किया। पहले हाफ में मेस्सी का शॉट क्रॉसबार से टकरा गया और उन्हें बाद में पीला कार्ड भी मिला। वहीं एमबाप्पे बायें टखने में चोट के शिकार हो गए। मेस्सी पिछले महीने ही बार्सीलोना छोड़कर पीएसजी से जुड़े हैं। पहली बार वे एमबाप्पे और नेमार के साथ इस क्लब के लिये खेल रहे थे। अन्य मैचों में सेबेस्टियन हालेर के चार गोल की मदद से अजाक्स ने स्पोर्टिंग लिसबन को 5.1 से हराया। वहीं मैनचेस्टर सिटी ने लेइपजिग को 6.3 से शिकस्त दी। लिवरपूल ने एसी मिलान को 3.2 से हराया जो सात सत्र बाद टूर्नामेंट में वापसी कर रही थी। रीयाल मैड्रिड ने इंटर मिलान को एक गोल से मात दी जबकि एटलेटिको मैड्रिड ने पोर्तो से गोलरहित ड्रॉ खेला। मोलदोवा लीग की शेरीफ तिरास्पोल ने उक्रेन की शखतार दोनेस्क को 2.0 से हराया। 




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मेस्सी के जाने के बाद पहले मैच में बायर्न से हारा बार्सीलोना

बार्सीलोना : लियोनेल मेस्सी के जाने के बाद पहले ही मैच में बार्सीलोना को करारा झटका लगा जब चैम्पियंस लीग फुटबॉल का आगाज बायर्न म्युनिख के हाथों करारी हार से हुआ। थॉमस म्यूलर के एक और रॉबर्ट लेवांडोवस्की के दो गोल की मदद से बायर्न ने बार्सीलोना को 3.0 से हराया। म्यूलर ने 34वें मिनट में गोल दागा जो बार्सीलोना के खिलाफ उनका सातवां गोल है। लेवांडोवस्की ने 56वें और 85वें मिनट में गोल किये। दोनों गोल पहला प्रयास नाकाम रहने के बाद रिबाउंड पर किये गए थे। पिछले तीन मैचों में से बार्सीलोना ने दो जीते और एक ड्रॉ खेला था। ग्रुप ई के अन्य मैच में बेनफिका ने डायनामो कीव से गोलरहित ड्रॉ खेला। 




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एएफआई ने तोक्यो में खराब प्रदर्शन के बाद श्रीशंकर के कोच को बर्खास्त किया

जयपुर : भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने सोमवार को कहा कि उसने तोक्यो ओलंपिक में लंबी कूद के खिलाड़ी एस श्रीशंकर के खराब प्रदर्शन के बाद उनके कोच एस मुरली को बर्खास्त कर दिया है जो उनके पिता भी हैं। यहां कार्यकारी परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद एएफआई ने साथ ही कहा कि ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप से पहले राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरह का टूर्नामेंट या फाइनल ट्रायल का आयोजन करके इन टूर्नामेंटों के लिए टीम का चयन किया जाएगा।


मार्च में फेडरेशन कप में 8.26 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने वाले 22 साल के श्रीशंकर तोक्यो ओलंपिक से ठीक पहले फिटनेस ट्रायल में बुरी तरह नाकाम रहे जिसके बाद एएफआई को उन्हें खेलों से हटाने के बारे में विचार करना पड़ा।


कोच ने हालांकि एएफआई को लिखित में दिया कि श्रीशंकर तोक्यो में कम से कम क्वालीफिकेशन का प्रदर्शन दोहराएंगे जिसके बाद एएएफआई ने उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने की स्वीकृति दे दी। श्रीशंकर ने हालांकि तोक्यो खेलों के बाद अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया।


एएफआई अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने कहा, ‘‘हम उसके कोचिंग कार्यक्रम से खुश नहीं हैं, पहली कार्रवाई हो चुकी है और हमने उसका कोच बदल दिया है। ’’


माना जा रहा है कि श्रीशंकर और राष्ट्रीय महासंघ से जुड़े मामले के बाद ही एएफआई ने ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले ‘फाइनल’ टूर्नामेंट कराने का फैसला किया है।


एएफआई की योजना समिति के अध्यक्ष ललित भनोट ने कहा,‘‘ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप का क्वालीफिकेशन समय काफी लंबा होता है। इसलिए अब फाइनल ट्रायल होगा, यह असल में प्रतियोगिता होगी और यह टीमों के चयन के लिए अंतिम प्रतियोगिता होगी।’’


ऐसा इसलिए किया गया है जिससे कि बड़ी प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ी अपनी फॉर्म के शीर्ष पर हो।


अनुभवी प्रशासक भनोट ने कहा कि भारत अगले साल एशियाई खेलों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम भेजेगा लेकिन शायद विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों के साथ ऐसा नहीं हो।


उन्होंने कहा, ‘‘जो क्वालीफाई करेंगे उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए भेजा जाएगा लेकिन एशियाई खेलों के लिए हम सर्वश्रेष्ठ टीम भेजेंगे। जहां तक राष्ट्रमंडल खेलों का सवाल है, यह इस पर निर्भर करेगा कि हमारी किन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है और कहां हमारे पास पदक जीतने का मौका नहीं है। ’’







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प्रधानमंत्री से मिलकर अभिभूत हुए पैरा एथलीट कहा- आजतक ऐसा सम्मान किसी ने नहीं दिया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पैरा-एथलीटों के साथ अपनी बातचीत का वीडियो फुटेज साझा किया। 9 सितंबर को प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर टोक्यो 2020 पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले दल की मेजबानी की थी।


प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एथलीटों के साथ-साथ उनके कोच से भी संवाद किया और खेलों में पैरालंपिक पदक विजेताओं के रिकॉर्ड तोड़ ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि "मुझे आप सभी से प्रेरणा मिलती है।" इस दौरान कई खिलाड़ी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि आजतक उन्हें ऐसा सम्मान किसी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अन्य देश के खिलाड़ी हमसे कह रहे थे कि तुम्हारे प्रधानमंत्री तुमसे बात कर रहे हैं ये गर्व की बात है। हमारे प्रधानमंत्री तो हमसे बात नहीं करते हैं।


खिलाड़ियों ने पदक के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात को बड़ी उपलब्धि बताया। पदक जीतने पर प्रधानमंत्री के फोन की भी सराहना की। पैरा-एथलीटों ने उन्हें आमंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि वे उनके साथ एक टेबल साझा करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं।


इस दौरान प्रधानमंत्री ने पदक विजेता पैरा-पैडलर भावना पटेल को हमेशा सकारात्मक सोचने की सलाह दी। रुबीना को दिलासा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप हार-जीत की बात दिमाग से निकाल दो। वहां तक पहुंचना ही बड़ी बात है। प्रधानमंत्री ने लड़कियों को अवसर देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों को प्रशिक्षित करने की तकनीक पर एक कार्यशाला आयोजित किये जाने की जरूरत पर बल दिया।


प्रधानमंत्री ने भारतीय पैरालिंपिक एथलीटों से कहा, "आज आप सभी अपनी कड़ी मेहनत के कारण जाने जाते हैं। आप सभी लोगों को प्रेरित कर सकते हैं, बड़े बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं। मैं हमेशा आप सभी के साथ हूं।" आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर उन्होंने पैरा खिलाड़ियों से खेल जगत के अलावा किसी भी एक अन्य सामाजिक गतिविधि को लेकर स्कूल, कॉलेज और आसपास के युवाओं को जागरुक करने का आह्वान किया।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आप देश के राजदूत हैं। आपने पूरी दुनिया में राष्ट्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों का प्रभाव पारिवारिक जीवन में भी पड़ने वाला है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल में जो भी कमी रह गई उसे बोझ नहीं बनने देना। 130 करोड़ देशवासी खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं।


"अभी नहीं तो कभी नहीं" की मानसिकता को नकारात्मक बताते हुए से इससे असहमति जताते हुए प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से दिये अपने भाषण का हवाला देते हुए कहा, "यही समय है, सही समय है कि सोच होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि हार को हराने का भाव हमेशा मन में रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने हारी हुई मानसिकता को हरा दिया है।


खिलाड़ी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब आप अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जाते हैं तब कैसा महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वह यह भाव लेकर काम करते थे कि मैं नहीं छह करोड़ गुजराती हैं। उसी प्रकार अब बतौर प्रधानमंत्री मैं नहीं 130 करोड़ देशवासी हैं। इसके कारण बड़ा एक्साइटमेंट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि सामान्य रही है। मैं अपने देश की बात पूरी तन्मयता के साथ रखता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं प्रकाशित नहीं हूं बल्कि परप्रकाशित हूं।


खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि पैरा खेल और खिलाड़ियों को कोई जानता तक नहीं था लेकिन आपने इसे पहचान दी है। इसबार देश ने न केवल हमारे पदकों को देखा बल्कि खेल स्पर्धाओं को भी देखा। पिछले साल जितने पैरा-एथलैटी गये थे उतने तो इस बार पदक आये हैं। यह सब केंद्र के सशक्त नेतृत्व की बदौलत है। प्रधानमंत्री ने इस पर कहा कि खिलाड़ी अपने पुरुषार्थ और परिश्रम की बदौलत यहां तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री की स्मरण शक्ति की प्रशंसा की तो उन्होंने कहा कि जब अपनापन हो जाता है तो आपको याद नहीं रखना पड़ता है।


उल्लेखनीय है कि भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक जीते जहां 9 खेल विषयों के 54 पैरा-एथलीटों ने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। इनमें पांच स्वर्ण, आठ सिल्वर और छह कांस्य पदक हैं।




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प्रसारणकर्ताओं से बीजिंग ओलंपिक की कवरेज की योजना रद्द करने की अपील

तोक्यो :  मानवाधिकार समूहों ने अमेरिकी प्रसारण नेटवर्क एनबीसी सहित दुनिया के सबसे बड़े प्रसारणकर्ताओं से अगले साल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक की कवरेज की योजना रद्द करने की अपील की है। शीतकालीन खेल चार फरवरी से शुरू होंगे। यह आग्रह खुले पत्र में मानवाधिकार समूहों ने किया है जो चीन में अल्संख्यकों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनमें उइगर मुस्लिम, तिब्बती, हांगकांग के निवासी और अन्य शामिल हैं। एपी के पास मौजूद इस पत्र को एनबीसी यूनिवर्सल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैफ शेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रसारण कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों के पास भेजा गया है। एनबीसी अगले छह ओलंपिक के अधिकार के लिए सात अरब 75 करोड़ डॉलर का भुगतान कर रहा है और वह स्विट्जरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का बड़ा साझेदार है। प्रसारण अधिकार से होने वाली कमाई का आईओसी की कुल आय में 40 प्रतिशत तक हिस्सा है। 





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पंजाब के मुख्यमंत्री ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए खुद बनाएंगे लजीज व्यंजन

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह तोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों और स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के लिए बुधवार को रात्रिभोज का आयोजन कर रहे हैं और उनके लिए वह खुद लजीज़ व्यंजन तैयार करेंगे। रात्रिभोज का आयोजन मोहाली के सिसवां में सिंह के फार्महाउस में होगा। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठकराल ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ''पंजाब के ओलंपिक पदक विजेताओं और नीरज चोपड़ा से किए गए अपने वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह उनके वास्ते खुद भोजन तैयार करेंगे। भोज में पटियाला के पुलाव, गोश्त, चिकन, आलू और जरदा राइस जैसे लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे।'' मुख्यमंत्री ने पिछले महीने ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए आयोजित समारोह में उनसे, उन्हें अपने हाथ का बना भोजन कराने का वादा किया था।




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भारत के टोक्यो पैरालंपिक विजेताओं को सम्मानित करेंगे योगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टोक्यो पैरालिंपिक के सभी पदक विजेताओं को सम्मानित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार करने को कहा है।


सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, टोक्यो पैरालिंपिक में खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है। यूपी के पदक विजेताओं के साथ-साथ देश के लिए पदक जीतने वाले सभी लोगों को एक सार्वजनिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, इस कार्यक्रम में राज्य के 75 जिलों के सभी दिव्यांग खिलाड़ियों को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए। यह उनके लिए मनोबल बढ़ाने वाला होगा। इस आयोजन के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जानी चाहिए।


उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ओलंपिक खिलाड़ियों को सम्मानित किया था और स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को 2 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 1.5 करोड़ रुपये, कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम के सभी सदस्य को एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया था। पदक और महिला हॉकी टीम के सभी सदस्य के लिए 50 लाख रुपये, जो एक पदक से चूक गए।


यह कार्यक्रम पिछले महीने राज्य की राजधानी में आयोजित किया गया, जिसमें सभी पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया था।






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सभी बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है अवनि का गोल्डन सफर

टोक्यो पैरालम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सबसे बड़ा कारनामा कर दिखाया है भारत की पैरा शूटर अवनि लेखरा ने जो 5 सितम्बर को पैरालम्पिक के समापन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक बनीं। दरअसल अवनि ने इस पैरालम्पिक में दो-दो पदक जीतकर ऐसा इतिहास रच डाला, जो अबतक ओलम्पिक या पैरालम्पिक के इतिहास में भारत की कोई भी महिला खिलाड़ी नहीं कर सकी है। भारतीय निशानेबाज अवनि लखेरा ने टोक्यो पैरालम्पिक में 30 अगस्त को हुई निशानेबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, जो पैरालम्पिक्स के इतिहास में भारत का शूटिंग में पहला स्वर्ण पदक था। अवनि ने 21 निशानेबाजों के बीच 7वें पायदान पर रहते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई थी और महिलाओं के आर-2 10 मीटर एयर राइफल क्लास एसएच-1 में फाइनल मैच में उनका मुकाबला चीन की झांग कुइपिंग और यूक्रेन की इरियाना शेतनिक से था। अवनि ने 249.6 प्वाइंट प्राप्त कर न केवल चीन की शूटर को पराजित करते हुए स्वर्ण पर कब्जा जमाया बल्कि यूक्रेन की खिलाड़ी के वर्ष 2018 के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। अवनि की जीत के बाद चीन की झांग कुइपिंग को रजत और यूक्रेन की इरियाना शेतनिक को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।


व्हील चेयर पर होते हुए भी जयपुर की अवनि ने महज 19 वर्ष की आयु में निशानेबाजी में 30 अगस्त को भारत के लिए पहला पैरालम्पिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब 3 सितम्बर की निशानेबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक भी भारत के नाम किया तो उनकी इस उपलब्धि पर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। दरअसल इस जीत के साथ ही अवनि एक ही पैरालम्पिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई। हालांकि पुरुषों की स्पर्धा में अवनि से पहले यह कारनामा जोगिंदर सिंह सोढ़ी कर चुके हैं, जिन्होंने 1984 के पैरालम्पिक में एक रजत और दो कांस्य पदक (गोला फैंक में रजत और चक्का फैंक तथा भाला फैंक में कांस्य) जीते थे। वह किसी भी पैरालम्पिक में खेलों के एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। अवनि ने टोक्यो पैरालम्पिक में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उस स्पर्धा के फाइनल में 445.9 के स्कोर के साथ वह तीसरे स्थान पर रही।


8 नवम्बर 2001 को राजस्थान के जयपुर में जन्मी अवनि लखेरा के पिता प्रवीण लखेरा राजस्थान के रेवेन्यू विभाग में आरएएस के पद पर कार्यरत हैं। अवनि जब केवल 11 वर्ष की थी, उस दौरान उनके साथ एक दिन ऐसी घटनी घटी, जिसने उनकी जिंदगी को एकाएक गहरे अंधकार में धकेल दिया था। 20 फरवरी 2012 को वह अपने पिता के साथ जयपुर से धौलपुर जा रही थी कि रास्ते में उनकी कार दुर्घटना की शिकार हो गई। उस हादसे में अवनि और उनके पिता को गहरी चोटें लगी। हालांकि पिता तो कुछ समय बाद पूरी तरह ठीक हो गए लेकिन सड़क हादसे में अवनि की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी, जिस कारण वह करीब पांच महीने तक अस्पताल में बैड पर ही रही और इलाज के बाद भी जीवन पर्यन्त चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। उस दर्दनाक हादसे के बाद अवनि बुरी तरह से टूट गई थी और उसने अपने आप को घर में एक कमरे में बंद कर लिया था लेकिन परिजनों ने हार नहीं मानी और लगातार उसका हौसला बढ़ाते रहे। उस दौरान अवनि अपनी पढ़ाई-लिखाई पर ही फोकस करने लगी थी लेकिन उसके पिता ने उसे खेलों में भी ध्यान लगाने को प्रेरित किया।


पिता के मार्गदर्शन में जब अवनि ने अभिनव बिंद्रा की जीवनी पढ़ी तो वह इस कदर प्रभावित हुई कि खेलों के प्रति उसके मन में जोश बढ़ गया। आखिरकार एक दिन ऐसा आया, जब वर्ष 2015 में अवनि जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में निशानेबाजी की ट्रेनिंग लेने के लिए पहली बार व्हील चेयर पर ही मैदान में उतरी। छोटी-सी उम्र में व्हील चेयर पर होने के बावजूद अवनि ने हार नहीं मानी और दृढ़ संकल्प की बदौलत पैरालम्पिक में वह करिश्मा कर दिखाया, जिसे कर दिखाने में सामान्य खिलाड़ियों को भी बेहद कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खेलों के प्रति वह इस हद तक समर्पित हो गई कि अब उन्हें ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम भी जाना जाता है। हालांकि वह पढ़ाई-लिखाई में भी काफी अव्वल रहती हैं तथा फिलहाल शूटिंग के साथ-साथ लॉ की पढ़ाई कर रही हैं और आगे राजस्थान सिविल सर्विस में जाना चाहती हैं।


शुरुआती दौर में अवनि को व्हील चेयर चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि वह मानदंडों के मुताबिक नहीं थी, इसके अलावा बंदूक और शूटिंग किट भी उपलब्ध नहीं थी लेकिन अपने दृढ़ संकल्प के साथ वह शूटिंग में बहुत जल्द शानदार प्रदर्शन करने लगी। वर्ष 2015 में अपनी ट्रेनिंग शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही अवनि ने राजस्थान स्टेट चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीतकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। मजे की बात रही कि वह चैम्पियनशिप अवनि ने अपने कोच से उनकी राइफल उधार लेकर जीती थी। 2016 में पुणे में आयोजित हुई नेशनल चैम्पियनशिप में अवनि ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उसके बाद तो अवनि ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक कई पदक अपने नाम किए। 2018 में 61वीं नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में भी अवनि ने पदक जीते थे। अपनी कड़ी मेहनत और जुनून के चलते अवनि ने 2016 से 2020 तक कुल पांच स्वर्ण पदक जीते। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टेडिंग एसएच1 में विश्व रैकिंग में वह पांचवें स्थान पर आती हैं।


बहरहाल, टोक्यो पैरालम्पिक में अवनि की दोहरी सफलता ने साबित कर दिया है कि भारत की बेटियां भी अपनी मेहनत और बुलंद हौसलों के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल करने का सामर्थ्य रखती हैं। दिव्यांग होते हुए भी अवनि ने निरन्तर सघंर्ष किया और उसी का प्रतिफल है कि उन्होंने टोक्यो पैरालम्पिक में दो-दो पदक जीतकर इतिहास रच डाला। 2012 में सड़क दुर्घटना में कमर के नीचे के शरीर को लकवा मार जाने के बावजूद अवनि का गहरे अवसाद से निकलकर कड़ा संघर्ष करने, दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने और टोक्यो पैरालम्पिक में दो पदक जीतने तक का शानदार सफर हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। निश्चित रूप से 19 साल की आयु में अवनि की देश को गौरवान्वित करने वाली उपलब्धियां समस्त भारतवर्ष की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।


-योगेश कुमार गोयल-

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)





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डीएम सुहास एलवाई का नोएडा में जोरदार स्वागत, डीएनडी पर लगा भारी जाम

नोएडा:  टोक्यो पैरालंपिक्स में रजत पदक जीतकर स्वदेश लौटे गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास यतिराज का जोरदार स्वागत हुआ। डीएनडी में डीएम के समर्थक हजारों की संख्या में मौजूद रहे। डीएम के नोएडा में प्रवेश करते ही उनके समर्थकों ने फूल-माला, डोल-नगाड़े से उनका भव्य स्वागत किया। हालांकि इस दौरान डीएनडी पर लंबा जाम लग गया। पीक ऑवर होने की वजह से कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगते हुए चलीं।


आपको बता दें कि गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास यतिराज ने टोक्यो पैरालंपिक्स में पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन स्पर्धा एसएल-4 का रजत पदक जीत कर इतिहास रचा है। हालांकि उसका स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया। फाइनल मुकाबले में फ्रांस के खिलाड़ी लुकास माजुर ने सुहास यतिराज को 2-1 से शिकस्त दी। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बधाई दी है।


वहीं, सुहास की जीत के बाद उनकी पत्नी और एडीएम गाजियाबाद ऋतु सुहास ने कहा कि यह खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। इन पलों का बरसों से इंतजार था। रजत पदक छह साल की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। सुहास एलवाई की मां जयाश्री ने कहा कि उन्हें बेटे की जीत पर गर्व है। उनका सपना था कि वह पैरालंपिक में पदक जीते।



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चौथे टेस्ट में रोहित शर्मा की दहाड़, विदेशी जमीन पर ठोका पहला शतक, तोड़ा राहुल द्रविड़ का ये रिकॉर्ड

लंदन : भारत के सीनियर क्रिकेटर रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि जब 2019 में उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेलने को कहा गया था तो यह उनके लिये अंतिम मौका था और उनका कहना है कि वह इस मौके का फायदा उठाकर खुश हैं।


रोहित ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के तीसरे दिन 127 रन की पारी खेलकर विदेशों में अपना पहला शतक जमाया। उन्होंने कहा कि बतौर क्रिकेटर उन्होंने जो फैसले किये हैं, उसमें पारी का आगाज करने की भूमिका स्वीकार करना सबसे बड़ा था। रोहित ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘‘आप ऐसा कह सकते हैं। ’’


अपने आठवें टेस्ट शतक और सलामी बल्लेबाज के तौर पर पांचवें सैकड़े के बाद उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता था कि बल्लेबाजी क्रम में एक और स्थान की कोशिश में यह मेरा अंतिम मौका था। ’’


रोहित ने कहा कि जब बल्लेबाजी का आगाज करने की पेशकश हुई तो वह इस चुनौती के लिये मानसिक रूप से तैयार थे और देखना चाहते थे कि वह बल्लेबाजी के ऊपरी क्रम में कैसा कर सकते थे।


वह जानते थे कि ज्यादा मौके नहीं मिलेंगे क्योंकि मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर वह इतना अच्छा नहीं कर सके थे।


रोहित ने कहा, ‘‘मैंने पहले मध्यक्रम में बल्लेबाजी की थी और चीजें उस तरह नहीं हुई थी जैसा मैं चाहता था। मैं जानता था कि यह मेरे लिये अंतिम मौका था और मैं क्या करने की कोशिश कर रहा था, प्रबंधन भी ऐसा ही चाहता था। ’’


खेल चुनौतियों का सामना करने के बारे में ही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप एक खेल खेलते हो तो आप हमेशा इन मौकों और जोखिमों को देखते हो इसलिये मैं इसके लिये तैयार था और यह मेरे लिये हैरानी भरा नहीं था। ’’ रोहित ने कहा, ‘‘अगर मैं सफल नहीं होता तो यह मेरा अंतिम मौका होता। कुछ भी हो सकता था। ’





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नागर की उपलब्धि ने प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान ला दी : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर कृष्णा नागर को बधाई देते हुए रविवार को कहा कि उनकी इस उपलब्धि ने प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कृष्णा नागर ने रविवार को हांगकांग के चू मैन काई को पुरूषों की एकल एसएच6 क्लास के तीन गेम तक चले रोमांचक फाइनल में हराकर तोक्यो पैरालंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे बैडमिंटन खिलाड़ियों के तोक्यो पैरालंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर खुशी हो रही है। कृष्णा नागर की शानदार उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान लेकर आयी है। स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई। भविष्य के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’’




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प्रधानमंत्री मोदी ने नरवाल और अडाना की सराहना की

तोक्यो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोक्यो पैरालम्पिक में निशानेबाजी मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले मनीष नरवाल और सिंहराज सिंह अडाना की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय खेलों के लिये यह खास पल है। मोदी ने ट्वीट किया,‘‘ तोक्यो पैरालम्पिक में जीत का सिलसिला जारी है। युवा और बेहद प्रतिभाशाली मनीष नरवाल की शानदार उपलब्धि। उनका स्वर्ण पदक भारतीय खेलों के लिये खास पल है। उन्हें बधाई और भविष्य के लिये शुभकामना।’’ वहीं उन्होंने आगे कहा,‘‘ शानदार सिंहराज सिंह अडाना ने फिर यह कर दिखाया। उन्होंने एक और पदक जीता और इस बार मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 में पदक जीता। भारत को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। उन्हें बधाई और भविष्य के लिये शुभकामना।’’ विश्व रिकॉर्डधारी उन्नीस वर्ष के नरवाल ने पैरालम्पिक का रिकॉर्ड बनाते हुए 218.2 स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता। वहीं पी1 पुरूषों की एस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मंगलवार को कांस्य जीतने वाले अडाना ने 216.7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही अडाना एक ही खेलों में दो पदक जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। 



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प्रवीण कुमार के जीतने पर गांव में जश्न का माहौल, बधाई देने वालों का लगा तांता

जेवर : खादर क्षेत्र के गांव गोविदगढ़ निवासी अमरपाल सिंह के पुत्र प्रवीण कुमार ने पैरालिपिक 2020 में शुक्रवार को देश की झोली में रजत पदक डाला। उनका खेल देखने के लिए स्वजन व ग्रामीण टेलीविजन के आगे टकटकी लगाए थे। जैसे ही प्रवीण ने रजत पदक जीता, पूरा गांव खुशी से झूम उठा। ग्रामीण प्रवीण के घर पहुंच गए और स्वजन को मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों ने गानों व ढोल की थाप पर जमकर ठुमके लगाये। बॉक्स


प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर प्रवीण को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रवीण के माता-पिता से फोन पर बात कराई। मुख्यमंत्री ने प्रवीण की सफलता के लिए उनके स्वजन को बधाई दी और सम्मानित करने का वादा किया। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्रवीण के घर पहुंचकर स्वजन को मिठाई खिलाकर उसकी सफलता के लिए स्वजन को बधाई दी। जेवर विधायक ने यमुना प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्रवीण कुमार के नाम से क्षेत्र में स्टेडियम बनाने की मांग की है। बॉक्स


बधाई देने के लिए दिन भर लगा रहा तांता

प्रज्ञान पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या दीप्ति शर्मा व प्रबंधक हरीश शर्मा, सरदार मंजीत सिंह, सुभाष चंदेल उर्फ चाचा हिन्दुस्तानी, हरेंद्र भाटी व गजेंद्र अत्री भी बधाई देने गांव पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी ने फोन पर बधाई दी। बॉक्स


स्वजन से फोन पर प्रवीण ने की बात

प्रवीण ने रजत पदक जीतने के बाद दादी राजकली, पिता अमरपाल सिंह, माता निर्दोष, भाई सचिन कुमार व बहन से फोन पर बात की। स्वजन ने इसे देश के लिए गौरव बताते हुए सफलता के लिए प्रवीण को बधाई व आशीर्वाद दिया। 



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मोदी ने प्रवीण कुमार से बात कर बधाई दी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार से बात कर उन्हें बधाई दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी ने प्रवीण कुमार से बात कर उन्हें रजत पदक जीतने के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रवीण कुमार की मेहनत और उनके कोच तथा परिवार से प्रवीण को मिले सहयोग की भी सराहना की।

प्रवीण कुमार ने शुभकामनाओं तथा बधाई के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

उल्लेखनीय है कि प्रवीण कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद टी 64 स्पर्धा में रजत पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है साथ ही उन्होंने एशिया का रिकॉर्ड भी बनाया है।

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बढ़ते पदक -घटते स्टेडियम और दावा 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' होने का?

भारतीय खिलाड़ियों ने कुछ दिन पूर्व टोकियो में संपन्न हुये ओलम्पिक खेलों से लेकर पैरालिम्पिक खेलों तक में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के द्वारा अपनी शानदार प्रतिभा का लोहा तो ज़रूर मनवा दिया है परन्तु कई आलोचकों का यह भी मानना है कि भारत जैसे विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी के लिहाज़ से देश में जीत कर आने वाले पदकों की संख्या फिर भी कम है। परन्तु यदि पदक विजेता खिलाड़ियों की पारिवारिक व आर्थिक पृष्ठभूमि पर नज़र डालें तो पायेंगे कि  इनमें अधिकांश खिलाड़ी मध्यम,निम्न मध्यम अथवा ग़रीब परिवार के सदस्य हैं। कुछ पदक विजेता खिलाड़ी तो ऐसे भी हैं जिनके मां बाप ने मज़दूरी कर अपने बच्चों को इस योग्य बनाया कि उन्होंने पदक जीत कर देश का नाम रौशन किया। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्राप्त होने वाली वह सुविधायें तथा उस तरह का आहार भी नहीं मिल पाता जिसके वे हक़दार भी हैं और उनके लिये ज़रूरी भी है। ऐसे ही मध्यमवर्गीय व ग़रीब परिवार से आने वाली प्रतिभाओं की बेबसी को उजागर करने वाली एक ख़बर पिछले दिनों तब सामने आयी जब धनबाद की रहने वाली एक प्रतिभाशाली निशनेबाज़ कोनिका लायक ने समाज सेवी फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद से लगभग तीन लाख रूपये क़ीमत की एक जर्मन निर्मित राइफ़ल खरीदने हेतु ट्वीटर के माध्यम से मदद मांगी। कोनिका लायक ने सोनू सूद को टैग करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, "11वीं झारखंड स्टेट राइफ़ल शूटिंग चैंपियनशिप में  मैंने एक रजत और एक स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, सरकार ने मेरी बिल्कुल भी मदद नहीं की है। कृपया एक राइफ़ल के साथ मेरी मदद करें'।" सोनू सूद ने फ़ौरन उसकी सहायता की और उसे वह रायफ़ल मिल सकी। कोनिका ने इससे पहले  खेलमंत्री मंत्री से लेकर स्थानीय सांसद तक से अपनी रायफ़ल की ज़रुरत की गुहार लगायी थी। परन्तु हम आम तौर पर अपने देश में तो यही देखते आ रहे हैं कि पदक जीतने के बाद ही सरकारें अपनी 'इनायतों की बौछार ' करती हैं। जबकि इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि खिलाड़ियों को वह सभी सुविधाएं मुहैय्या कराई जायें जो उनकी खेल प्रतिभा को निखारने व पदक जीतने में सहायक हों।


इन सब वास्तविकताओं के बावजूद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ओलम्पिक में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री को देने के आशय का एक लेख देश के तमाम अख़बारों में संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित कराया। इस आलेख में उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा नीरज चोपड़ा को चूरमा तथा पीवी सिंधु को आइसक्रीम पेश करना, बजरंग पुनिया के साथ हंसते रहना, रवि दहिया को और हंसने के लिए कहना तथा मीराबाई चानू के अनुभव सुनना तथा टोक्यो में भाग लेनेवाले प्रत्येक एथलीट के साथ समय बिताना,व पैरा ओलिंपिक दल के साथ बातचीत तथा उनकी प्रेरक जीवन यात्रा पर चर्चा तथा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में खेल महाकुंभ पहल की शुरूआत करने जैसी कई बातों का उल्लेख किया। और यहां तक लिखा कि वे 'भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें 'खिलाड़ियों का प्रधानमंत्री' कहा जा सकता है।सरकार के और भी कई पक्षकारों ने ओलम्पिक में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री व उनकी सरकार की खेल नीतियों को देने की कोशिश की। अभी देश ओलम्पिक तथा पैरालिम्पिक खेलों में भारत के अच्छे प्रदर्शन का जश्न मना ही रहा था कि इसी बीच भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने घोषणा कर दी कि रेलवे के 400 रेलवे स्टेशनों, 90 यात्री ट्रेनों के साथ साथ  15 रेलवे स्टेडियम व कई रेलवे कालोनियों तथा कोंकण व कई अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ट्रेनों व रेल लाइनों के पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पी पी पी ) के तहत निजी क्षेत्रों को देने का फ़ैसला किया गया है। सरकार इस व्यवस्था को 'मॉनेटाईज़ेशन' का नाम भी दे रही है। परन्तु दरअसल सरकार द्वारा पी पी पी  और मॉनेटाईज़ेशन जैसे शब्दों का प्रयोग 'निजीकरण ' शब्द के स्थान पर ही किया जा रहा है।


बहरहाल 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' की दौर-ए-हुकूमत में रेलवे की जो अरबों रूपये की संपत्ति पी पी पी के निशाने पर है उनमें खेल स्टेडियम के रूप में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स डीएलडब्लू वाराणसी,मुंबई के परेल में स्थित इंडोर स्टेडियम और क्रिकेट ग्राउंड,पटना स्थित इंडोर स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, चेन्नई स्थित बेहाला स्टेडियम, रेलवे स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स,कोलकाता, रायबरेली स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, गुवाहाटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स,मालिगांव, कपूरथला स्टेडियम, बंगलुरू का येलाहंका क्रिकेट स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, सिकंदाराबाद, महालक्ष्मी स्टेडियम,मुंबई ,हॉकी स्टेडियम,राँची,लखनऊ क्रिकेट स्टेडियम ,गोरखपुर स्टेडियम तथा करनैल सिंह स्टेडियम, दिल्ली शामिल हैं। इनमें अनेक स्टेडियम ऐसे भी हैं जहां से प्रशिक्षित होकर हमारे देश की खेल प्रतिभाओं ने देश का नाम रौशन किया है। इन्हीं में रेलवे का सबसे बड़ा व प्रसिद्ध दिल्ली के कनॉट प्लेस का वह करनैल सिंह स्टेडियम भी है जहाँ से अभ्यास कर पी टी उषा ने 'उड़न परी' का ख़िताब हासिल किया था। इतना ही नहीं बल्कि ओलम्पिक में  बजरंग पूनिया,मीरा चानू ,सुशिल,रवि कुमार,साक्षी, सहित और भी कई सुप्रसिद्ध पदक विजेता खिलाड़ी दिल्ली के इसी करनैल सिंह स्टेडियम की देन हैं। यह स्टेडियम दिल्ली के केंद्र कनॉट प्लेस में लगभग 6 एकड़ ज़मीन पर बना है जहाँ प्रशिक्षु खिलाड़ियों के प्रशिक्षण,आवास,अभ्यास आदि की सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसी स्टेडियम से प्रशिक्षित होकर रेलवे ने अब तक ओलंपिक के 6 स्वर्ण पदक  जीते हैं। परन्तु शायद  'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' को लगता है कि ज़मीन के मूल्य के अनुसार इस ज़मीन से फ़ायदा नहीं उठाया जा रहा है और अनुमानतः दो हज़ार करोड़ से ज़्यादा क़ीमत की इस ज़मीन का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। यहाँ क्रिकेट  में रणजी ट्राफ़ी  के अलावा मुक्केबाज़ी ,कुश्ती और कई अन्य खेलों के अभ्यास व प्रशिक्षण होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ खेलों के राष्ट्रीय शिविर भी लगते रहे है। ज़ाहिर है पी पी पी (निजीकरण ) के बाद यह सभी गतिविधियां शायद संभव न हो सकें। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी पहचान रखने वाले इस स्टेडियम को समाप्त करने से भारतीय खेल प्रभावित होगा। परन्तु सरकार के क़दम से तो यही लगता है कि  उसे खिलाड़ियों की सुविधाओं व उनके पदक से ज़्यादा फ़िक्र सरकारी संपत्ति से धनार्जन करने की है। ऐसे में सवाल यह है कि जब एक ओर देश में आने वाले पदकों की संख्या तो बढ़ रही हो और ठीक उसी समय स्टेडियम्स की संख्या में सरकार द्वारा कमी की जा रही हो इसके बावजूद 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' होने का दावा करना क्या विरोधाभास पैदा नहीं करता ?


-निर्मल रानी-




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पैरालंपिक (ऊंची कूद) : थंगावेलु ने जीता रजत, शरद ने जीता कांस्य

टोक्यो : भारत के पैरा एथलीट मरियप्पन थंगावेलु और शरद कुमार ने यहां जारी टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष ऊंची कूद में क्रमश: टी42 और टी63 वर्ग में रजत और कांस्य पदक जीते। थंगावेलु और शरद के पदक जीतने के साथ ही भारत ने इस पैरालंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम कर लिए हैं। थंगावेलु ने सीजन का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1.83 मीटर के जंप के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस इवेंट का स्वर्ण पदक अमेरिका के सैम ग्रेवे ने जीता। उन्होंने 1.88 मीटर का जंप किया। थंगावेलु और शरद से पहले मंगलवार को निशानेबाज सिंघराज ने पुरुष 10 मीटर एयरपिस्टल एसएच1 इवेंट में कांस्य पदक जीता। भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में अब तक दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते हैं।




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पैरालंपिक में वन परिवार के खिलाड़ियों ने दिलाई स्वर्णिम सफलता

जयपुर : टोक्यो में खेले जा रहे पैरालंपिक खेलों में सोमवार को वन परिवार से जुड़े खिलाड़ियों ने प्रदेश और देश को स्वर्णिम सफलता दिलाई। शूटिंग प्रतियोगिता में जहां जयपुर निवासी अवनि लखेरा ने गोल्ड मेडल जीता, वहीं भाला फेंक प्रतियोगिता में देवेंद्र झांझरिया ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण मंत्री सहित पूरे वन परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तीनों खिलाड़ियों और उनके परिवारों को बधाई दी है।


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प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन-बल प्रमुख डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने बताया कि शूटिंग प्रतियोगिता में सोमवार को गोल्ड मेडल जीतने वाली अवनि लखेरा वन विभाग में बतौर एसीएफ कार्यरत हैं। देवेंद्र झांझरिया और सुंदर सिंह गुर्जर भी वन विभाग में एसीएफ के पद पर कार्यरत हैं। जयपुर निवासी अवनि लखेरा ने टोक्यो में जारी पैरा ओलंपिक खेलों की शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए देश को गोल्ड मेडल दिलाया। ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच-1 के फाइनल में उन्होंने 249 पॉइंट्स स्कोर कर गोल्ड मेडल हासिल किया।


अवनि के बाद दो और भारतीय खिलाड़ियों ने पदक अपने नाम किए। भाला फेंक प्रतियोगिता में राजस्थान के देवेंद्र झांझड़िया ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। झांझड़िया ने 64.35 मीटर भाला फेंक कर सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने 64.1 मीटर दूर भाला फेंक कर ब्रोंज मेडल जीता। उल्लेखनीय है कि झांझड़िया इससे पूर्व पैरा ओलंपिक में दो बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।


इस स्वर्णिम उपलब्धि पर वन मंत्री सुखराम बिश्नोई, प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. दीप नारायण पाण्डेय सहित पूरे वन परिवार ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तीनों खिलाड़ियों और उनके परिवारों को बधाई दी है।



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खेलो भारत खेलो

भारत में खेल स्पर्धाओं को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। खेलों पर राष्ट्रीय नीति घोषित करनी चाहिए। हालांकि ‘टोक्यो ओलंपिक’ के बाद खेलों में देश की नयी छवि उभरकर सामने आयी है। भारत अब खेलना चाहता है और खूब खेलना चाहता है, लेकिन उसके लिए माहौल होना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर खेलों पर नीतिगत फैसले लेने चाहिए। खेलों के लिए बेहतर क्या किया जा सकता है इसके लिए केंद्र स्तर पर एक स्वतंत्र खेल आयोग का गठन होना चाहिए। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक है सुविधाएं चाहिए। किन-किन खेलों के लिए क्या बेहतर होना चाहिए उस पर विचार करना चाहिए।


खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन की कितनी आवश्यकता होगी। खिलाड़ियों को प्राथमिक स्तर पर कितनी बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। ग्रामीण स्तर पर खेलों के मैदान की उपलब्धता क्या होनी चाहिए इस तरह की सुविधाओं का विकास देश में होना आवश्यक है। हमारे यहां खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन नीतियों का भाव है। खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद देश उन पर खुले दिल से धन की वर्षा करता है, अगर यही सुविधाएं खिलाड़ियों को पहले से मुहैया करा दी जाएं तो भारत सिर्फ पदक तालिका में अपना मुकाम हासिल ही नहीं करेगा बल्कि ग्लोबल रैंकिंग पर अपना बेहतर प्रदर्शन करेगा। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए उनसे सीधी बात कर उनका मनोबल बढ़ाने का काम किया। लेकिन इस काम के लिए भी उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी।


खेलों में ‘ग्लोबल रैंकिंग’ की बात करें तो भारत की स्थिति आज भी बहुत बेहतर नहीं है। यह दीगर बात है कि टोक्यो ओलंपिक में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन हमें नीरज चोपड़ा से आगे भी निकलना होगा। ग्लोबल रैंकिंग में आज भी संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान जैसे देश बने हुए हैं। भारत से कई गुना छोटे मुल्क बेहतर प्रदर्शन करते हैं। टोक्यो ओलंपिक में ग्लोबल रैंकिंग में भारत का 48 वाँ स्थान है। हमें अमेरिका, चीन, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस की कतार में खड़ा होना होगा। यह तभी संभव होगा जब खेलों पर सरकार अच्छी नीति लेकर आएगी। जीत के बाद खिलाड़ियों पर खजाना लुटाने कि नीति से हमें बचना होगा।


देश के खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास जरूरी है। सारा पैसा एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत मद में चला जाता है। जिससे दूसरे खिलाड़ी जो बेहतर प्रदर्शन के बाद जीत हासिल नहीं कर पाते हैं उनमें निराशा हाथ लगती है। हम यह भी नहीं कहते हैं कि खिलाड़ियों का सम्मान नहीं होना चाहिए लेकिन प्रतिभाग करने वाले दूसरे खिलाड़ियों का भी मनोबल नहीं गिरना चाहिए। उनके लिए भी बेहतर सुविधाएं और खेलों का माहौल होना आवश्यक है। खेलों को हमें राष्ट्रीय नीति में शामिल करना होगा। हरियाणा जैसा राज्य देश में सबसे अधिक खिलाड़ियों को पैदा करता है। खेलों को लेकर हमें हरियाणा सरकार की नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना चाहिए। तभी हम खेलों का विकास कर सकते हैं।


टोक्यो ओलंपिक के बाद पैरालंपिक में भी सुखद खबर आयी है। पैरालंपिक में भी हमारी ग्लोबल रैंकिंग 35 वें स्थान पर है। अब तक हमारे खिलाड़ियों ने एक गोल्ड के साथ 7 मेडल जीता है। यहाँ भी चीन, अमेरिका और ब्रिटेन अपनी स्थिति को मजबूत किए हुए हैं। फिलहाल भारत का संघर्ष जारी है। देश की मीडिया और दूसरे क्षेत्रों में पैरालंपिक को लेकर वह उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है जो ओलंपिक को लेकर रहा। ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जिस तरह देश जश्न मना रहा था वह स्थिति पैरालंपिक में नहीं दिख रही है। इसे हम अच्छा संकेत नहीं कर सकते हैं। जबकि हमारे लिहाज से यह गर्व का विषय है कि पैरालंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने ओलंपिक से बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें उम्मीद है कि ओलंपिक से कहीं अच्छा प्रदर्शन करके हमारे खिलाड़ी स्वदेश लौटेंगे। खिलाड़ियों की हौसलाआफजाई के लिए सरकार और दूसरी संस्थाओं को भी व्यक्तिगत रूप से आगे आना चाहिए।


टोक्यो ओलंपिक में भारत की अवनि लखेड़ा ने एयर राइफल स्टैंडिंग में स्वर्ण पदक जीता है। पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। इसके अलावा देवेंद्र झाझरिया, योगेश कथुनिया और सुंदर सिंह ने रजत, ब्रांज मैडल जीत कर देश का मान बढ़ाया है। दूसरे खिलाड़ी भी इस जीत में शामिल हैं। लेकिन जिस तरह का जश्न नीरज चोपड़ा की जीत पर दिखा था वह जोश लखेड़ा की जीत पर नहीं दिख रहा है। जबकि यह उपलब्धि ओलम्पिक से कहीं अधिक बड़ी है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर लेखारा को बधाई दी है। मीडिया और देश को यह खाई पाटना होगा। हमें उन्हें सर आंखों पर बिठाना होगा। अवनी राजस्थान से आती हैं 12 साल की उम्र में वह पैरालिसिस की शिकार हो गई थी, लेकिन जिंदगी से उन्होंने हार नहीं मानी और टोक्यो पैरालंपिक में उन्होंने इतिहास रच दिया। भारत की इस बेटी पर हमें गर्व है।


टोक्यो पैरालंपिक में नौ इवेंट्स में भाग लेने के लिए 54 खिलाड़ियों का दल भेजा गया है। पैरालंपिक का आयोजन 5 सितंबर तक चलेगा। भारत ने अभीतक 7 पदक जीते हैं, आगे भी उम्मीद है कि पैरालंपिक खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। पैरालंपिक के लिए 1972 में मुरलीकांत पेटकर ने भारत के लिए पहला पदक जीता था। भारत के ओलंपिक इतिहास पर नजर डालें तो अबतक 24 ओलंपिक खेलों में हम 35 पदक जीत चुके हैं। भारत खेलना चाहता है और खेल में सबसे अधिक मौके ग्रामीण इलाकों में है। इस हालात में सरकार को खेलों पर एक ठोस नीति नीत बनानी चाहिए।


केंद्र सरकार को राज्य के सहयोग से ग्रामीण इलाकों में खेलों के मैदान का विकास, बेहतर सुविधाएं और वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए। अगर हमारी तैयारी जमीनी स्तर पर रहेगी तो निश्चित तौर पर भारत आने वाले दिनों में ग्लोबल रैंकिंग में चैंपियन बनकर आएगा। सरकार खेलों को बढ़ावा देती है तो भारत के युवाओं में असीमित ऊर्जा है। इस मिट्टी से हजारों ध्यानचंद, मिल्खा सिंह, नीरज चोपड़ा, अवनी लेखारा,पीटी उषा, मीराबाई चानू और पीवी सिंधु की फौज तैयार होगी। अब वक्त आ गया है जब खेलों पर सरकारों को विशेष ध्यान देना चाहिए। खेलों को स्कूली पाठ्यक्रमों में भी शामिल करना चाहिए। खेल शिक्षा को अनिवार्य बनाना चाहिए। उम्मीद है कि सरकार इस पर ठोस कदम उठाएगी।


-प्रभुनाथ शुक्ल-

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)






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खेल गौरव से सम्मानित किया मनोज तिवारी नें अखाड़े के विकास के लिए दिए साढ़े 5 लाख

नई दिल्ली : सांसद मनोज तिवारी ने आज यमुना विहार में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न खेलों बॉक्सिंग कुश्ती एवं पावर लिफ्टिंग से संबंधित खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन बॉक्सिंग कोच एवं सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र शर्मा बॉक्सर ने किया। इस अवसर पर सांसद मनोज तिवारी के अलावा पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल विधायक अजय महावर मोहन सिंह बिष्ट पूर्वांचल मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल मिश्रा भाजपा नेता वीरेंद्र खंडेलवाल आनंद त्रिवेदी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे इस अवसर पर मनोज तिवारी ने कहा कि खेल दिवस के उपलक्ष पर मेजर ध्यानचंद के नाम से दिया जा रहा यह सम्मान न सिर्फ नवोदित खिलाड़ियों को प्रेरणा देगा बल्कि मेजर ध्यानचंद जैसा खिलाड़ी बनने के लिए उन्हें एक लक्ष्य देगा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बड़े खेल पुरुस्कार का नामकरण मेजर ध्यानचंद के नाम से किया मकसद यही था की महान खिलाड़ियों के नाम से मिलने वाले पुरस्कार से खिलाड़ियों का सम्मान तो होगा ही उनमें महान खिलाड़ी बनने की ऊर्जा का संचार भी होगा उन्होंने गोकलपुर गांव में संचालित एक अखाड़े से आए कुश्ती के प्रशिक्षक एवं कुश्ती की प्रतिभा के धनी कई खिलाड़ियों के अनुरोध पर अपनी ओर से मैट लगाने की व्यवस्था हेतु साढ़े रुपये 5लाख देने की घोषणा भी की यह राशि 24 घंटे के अंदर अखाड़े के गुरु को सौंप दी जाएगी महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने खेल गौरव पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम के आयोजक बॉक्सर को बधाई के साथ साथ शुभकामना देते हुए कहा कि ऐसे सराहनीय प्रयास से खेल प्रतिभाओं को बल मिलेगा और इन्हीं में से कुछ खिलाड़ी निकल कर अपनी प्रतिभा को दिल्ली और देश के सामने रख सकेंगे विधायक अजय महावर और मोहन सिंह बिष्ट ने पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दी।





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वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने 'खिलाड़ी घेरा' कार्यक्रम के जरिए मेजर ध्यानचंद को किया याद

वाराणसी : मेजर ध्यानचंद की जयंती पर सपा ने रविवार को शिवपुर स्तिथ ओलम्पियन विवेक सिंह मिनी स्टेडियम में 'खिलाड़ी घेरा' कार्यक्रम का आयोजन किया। सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने मुख्य मुद्दे गिनाएं। आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा खोज की ख़ामियां, खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में अपारदर्शिता व पक्षपात, स्पोर्ट्स एकेडमियों की सीमित संख्या व अनुपलब्धता, खिलाड़ियों के लिए खेल व अभ्यास उपकरणों की कमी है।


इसके साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में खिलाड़ियों को संतुलित पोषणात्मक आहार की कमी, स्थानीय, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं की अनियमितता स्थानीय स्तर पर स्टेडियम की कमी व रखरखाव की समस्याएं, खिलाड़ियों पर मानसिक दवाव व मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन की कमी खिलाड़ियों के समुचित शारीरिक विश्राम की कमी, खिलाड़ियों के मानदेय में भेदभाव भी शामिल था। इस दौरान विष्णु शर्मा ने खिलाड़ियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन भी किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की समस्याएं दूर करने के लिए वे पूरी कोशिश करेंगे और उनकी लड़ाई लड़ते रहेंगे।


इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुजित यादव लक्कड़, आनंद मोहन ( गुड्डू), उत्तरी विधान सभा अध्यक्ष अजय चौधरी, राजेश याद, ओपी सिंह, हरीश नारायण सिंह बग्गड़, महिलासभा महानगर अध्यक्ष पूजा यादव, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष ओपी पटेल, महानगर मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा, लोहियावाहिनी महानगर अध्यक्ष दीपचंद गुप्ता, सत्यनारायण यादव, उमेश प्रधान, प्रियांशु यादव, जीशान अंसारी, अभिजीत यदुवंशी, मोतीलाल यादव, यास्मीन खान, सतीश यादव आदि लोग उपस्थित थे।





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खेल मंत्री ठाकुर ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप जारी किया

नयी दिल्ली : खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को यहां ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर व्यक्तिगत प्रशिक्षण-सह-फिटनेस मार्गदर्शन करने वाले ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप को लॉन्च किया।


ठाकुर ने कहा कि यह ऐप राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत के लोगों के लिए सरकार की ओर से एक उपहार है। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है।


ठाकुर ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘फिट इंडिया ऐप मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि है, जो देश के खिलाड़ियों के नायक हैं।’’


इस कार्यक्रम में तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने भी ऑनलाइन तरीके से जुड़कर भाग लिया।


खेल मंत्री ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों के फिट रहने के लिए ऐप बहुत जरूरी है और उनसे ऐप का सख्ती से पालन करने की उम्मीद की जाती है। यह नये, युवा भारत को फिट रखने का एक प्रयास है क्योंकि एक फिट युवा ही एक महान भारत बना सकता है।’’


मनप्रीत ने इस ऐप का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘ हम फिटनेस को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हमें फिटनेस के लिए एक दिन में अपने समय का सिर्फ आधा घंटा समर्पित करने की आवश्यकता है। यह ऐप मजेदार और मुफ्त है और इससे कोई भी कहीं भी अपनी फिटनेस का परीक्षण और निगरानी कर सकता है।’’


उन्होंने बताया, ‘‘ यह ऐप बहुत मददगार और उपयोग में आसान है। मैं पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि यह मेरी फिटनेस को और बेहतर बनाने में मेरी मदद करेगा।’’


इस कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, खेल सचिव रवि मित्तल, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।



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पैरालंपिक के लिये दो अफगानी खिलाड़ी तोक्यो पहुंचे

तोक्यो : पैरालंपिक खेलों में भाग लेने के लिए अफगानिस्तान के दो खिलाड़ी शनिवार को यहां पहुंच गये लेकिन वे अभी मीडिया से बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं है।


अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) के अनुसार जाकिया खुदादादी और हुसैन रासौली की दो सदस्यीय टीम काबुल से पेरिस होकर तोक्यो पहुंची। ये दोनों खिलाड़ी कोविड-19 की सभी जांच को पूरी करने के बाद अपनी स्पर्धाओं में भाग लेने से पहले खेल गांव में है और अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे इन खेलों के पांच सितंबर को समापन के बाद कहा जायेंगे।


आईपीसी के प्रवक्ता क्रेग स्पेंस ने कहा कि उन्हें परिस्थितियों से अनुकूल होने के लिए कुछ दिनों के लिए एकांत में रहने की जरूरत है।


स्पेंस ने रविवार को एक सम्मेलन में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक जटिल स्थिति है। हमने जिन परिस्थियों का सामना किया है उसमें यह सबसे जटिल स्थिति में से एक हैं।’’


उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। मानव जीवन यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज है। यहां खिलाड़ियों का होना मीडिया कवरेज हासिल करने के बारे में नहीं है। यह इन खिलाड़ियों के पैरालंपिक खेलों में भाग लेने में सक्षम होने के अपने सपने को पूरा करने के बारे में है।’’


स्पेंस ने यह नहीं बताया कि वे काबुल से कैसे निकले, लेकिन उन्होंने इस मामले में कई सरकारों और अन्य एजेंसियों की मदद का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईपीसी कई दिनों से उनकी निगरानी कर रहा था। इन खेलों के उद्घाटन समारोह में  24 अगस्त को टीम की अनुपस्थिति में देश की प्रतिनिधित्व को दर्शाने के लिए एक स्वयंसेवक अफगानिस्तान का झंडा लेकर चला था।


जाकिया 2004 एथेंस के बाद पैरालंपिक में भाग लेने वाली अफगानिस्तान की पहली महिला एथलीट होंगी।


वह गुरुवार को ताइक्वांडो के महिलाओं के 44-49 किग्रा वजन वर्ग चुनौती पेश करेंगी।


दल के दूसरे साथी मंगलवार को पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा की हीट में हिस्सा लेंगे।


रासैली को हालांकि 100 मीटर टी47 स्पर्धा में भाग लेना था लेकिन देर से पहुंचने के कारण आयोजकों ने उन्हें शुक्रवार को होने वाले इस वर्ग के 400 मीटर स्पर्धा में डाल दिया। वह हालांकि इसे लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है।


स्पेंस ने रासौली के हवाले से कहा, ‘‘मैं 100 मीटर फर्राटा घावक हूं। 400 मीटर मेरे लिए काफी थका देने वाला होगा।’’


इसकी जगह उन्हें अब मंगलवार होने वाले की टी47 वर्ग के लंबी कूद स्पर्धा में शामिल किया गया है।


इन खिलाड़ियों को शरण का मुद्दा भी अधर में है। जब स्पेंस से इस बारे में पूछा गया कि क्या वे पेरिस लौटेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब खिलाड़ी ही दे सकते है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘इन खिलाड़ियों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।’’




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ओलंपिक ने देश पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला है, इस गति को बनाए रखना है : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तोक्यो ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन ने खेलों को लेकर ‘‘बहुत बड़ा प्रभाव’’ पैदा किया है। उन्होंने देशवासियों से खेलों को लेकर पैदा हुई इस गति को ‘‘सबका प्रयास’’ मंत्र के जरिए बनाए रखने का आह्वान किया।


आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की 80वीं कड़ी में देश और दुनिया के लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने खेल-कूद को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में स्थायी बनाने और ऊर्जा से भरने पर जोर दिया।


उन्होंने कहा, ‘‘इस बार ओलंपिक ने बहुत बड़ा प्रभाव पैदा किया है। अभी ओलंपिक के खेल समाप्त हुए हैं और पैरालम्पिक चल रहा है। खेल जगत में जो कुछ भी हुआ, वह विश्व की तुलना में भले ही कम है, लेकिन विश्वास पैदा करने के लिए बहुत अहम है।’’


प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युवा खेलों की तरफ न केवल देख रहा है, बल्कि वह इससे जुड़ी संभावनाओं की ओर भी देख रहा है और उसके सामर्थ्य को बहुत बारीकी से समझ भी रहा है तथा इससे खुद को जोड़ना भी चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब इतनी गति आई है और हर परिवार में खेलों को लेकर चर्चा शुरू हुई है तो आप ही बताइए कि क्या हमें इस गति को थमने देना चाहिए?...जी नहीं...अब देश में खेल और खेल-कूद एवं खेल भावना रूकना नहीं है। इस गति को पारिवारिक एवं सामजिक जीवन में स्थायी बनाना है और निरंतर ऊर्जा से भर देना है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘घर हो बाहर हो, गांव हो या शहर, हमारे मैदान भरे होने चाहिए। सब खेलें, सब खिलें। ‘सबका प्रयास’ के मंत्र से ही भारत खेलों में वह ऊंचाई प्राप्त कर सकेगा, जिसका वह हकदार है।’’ प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर देशवासियों को बधाई दी और इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। तोक्यो ओलंपिक में हॉकी में भारत के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद की आत्मा जहां भी होगी, बहुत ही प्रसन्नता का अनुभव कर रही होगी। उन्होंने कहा कि भारत के नौजवानों और बेटे-बेटियों ने चार दशक बाद फिर से हॉकी में जान फूंक दी है।





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भाविना पटेल ने पैरालम्पिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली : तोक्यो पैरालम्पिक में टेबल टेनिस स्पर्धा के महिला एकल में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाविना बेन पटेल को रविवार को बधाई दी और उनकी जीत को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे युवा खेलों के प्रति आकर्षित होंगे।प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''असाधारण भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने देश के लिए ऐतिहासिक रजत पदक जीता है। उनकी जीवन यात्रा प्रेरक है और वह युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करेंगी।'' भाविना बेन पटेल को तोक्यो पैरालंपिक की टेबल टेनिस क्लास 4 स्पर्धा के महिला एकल फाइनल में रविवार को चीन की झाउ यिंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। उन्हें यिंग ने सीधे मुकाबले में 7-11, 5-11, 6-11 से शिकस्त दी। हालांकि, इसके बावजूद वह तोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत को पहला पदक दिलाने में सफल रहीं। बाद में प्रधानमंत्री ने भाविना से फोन पर बात की और उन्हें रजत पदक जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मोदी ने भाविना से कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने रजत पदक विजेता को भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। भाविना गुजरात में मेहसाणा जिले के वडनगर के सुंधिया गांव की रहने वाली हैं। प्रधानमंत्री ने भाविना को बताया कि वह अक्सर सुंधिया जाते रहते थे। उन्होंने भाविना से यह भी पूछा कि उनके परिवार के कौन-कौन से सदस्य अभी गांव में रहते हैं। इसके जवाब में भाविना ने बताया कि उनके माता-पिता सुंधिया में ही रहते हैं। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री भी वडनगर के ही रहने वाले हैं।




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नोएडा : सेक्टर-12 बना फुटबॉल का विजेता

नोएडा : प्राधिकरण के स्थापना दिवस पर आयोजित अंतर सेक्टर फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब सेक्टर-12 ने अपने नाम किया। प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए नोएडा स्टेडियम में शनिवार को मुकाबले खेले गए। इस साल से शुरू हुई प्रतियोगिता भविष्य में भी स्थापना दिवस पर होगी। कोरोना महामारी के कारण प्रतियोगिता का खिताबी मुकाबला नहीं खेला गया था।


तीन टीमों के बीच मुकाबले के बाद अंकों का निर्धारण किया गया। सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली टीम विजेता घोषित की गई। पहले मुकाबले में सेक्टर-12 ने करन बिष्ट की गोल से सेक्टर-36 को हराकर तीन अंक प्राप्त किए। वहीं सेक्टर-11 ने भी रोमांचक मुकाबले में सेक्टर-36 को 2-1 से हराकर पूरे अंक प्राप्त किए। वास्तव और जीतू ने सेक्टर-11 और सेक्टर-36 की ओर से क्षितिज ने एक गोल किया। अंतिम मुकाबले में सेक्टर-12 ने सेक्टर-11 को 3-1 से मात देकर पहला स्थान हासिल किया। धारिया, हर्ष नेगी और करन बिष्ट ने सेक्टर-12 के लिए गोल किया। सेक्टर-11 के लिए आदित्य ने एकमात्र गोल किया।


प्रतियोगिता में दूसरा स्थान सेक्टर-11 और तीसरा स्थान सेक्टर-36 को मिला। कुबेर बिष्ट बेस्ट गोलकीपर चुने गए। बेस्ट डिफेंडर हेमंत, बेस्ट मिडफिल्डर वास्तव शर्मा, बेस्ट स्ट्राइकर धारिया बने। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब करन बिष्ट ने अपने नाम किया। फेयर प्ले ट्रॉफी अवार्ड सेक्टर-34 को मिला। पंकज, ध्रुव, आशु, आदित्य, नितिन, हिमांशु, जीतू, विनायक, हिमांशु और मनीष को भी बेहतर खेल के लिए सम्मानित किया गया। प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्रा और नोएडा स्पोर्ट्स ट्रस्ट के सचिव एके सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय फुटबॉलर सुशांत रॉय ने खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।





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लीड्स टेस्ट : इंग्लैंड ने लार्ड्स टेस्ट में भारत को पारी और 76 रन से हराया

लीड्स (लंदन) : भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया को इंग्लैंड ने पारी और 76 रनों से हरा दिया। खेल के चौथे दिन टीम इंडिया दूसरी पारी में 278 रनों पर आल आउट हो गई। इस मैच में भारतीय टीम ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और पहली पारी में 78 रन पर ही सिमट गई थी। इंग्लैंड ने इसके जवाब में पहली पारी में 432 रन बनाए थे और 354 रन की बड़ी बढ़त ली थी। इसके जवाब में टीम इंडिया ने खेल के तीसरे दिन 2 विकेट खोकर 215 रन बनाए थे।


मैच के चौथे दिन विराट और पुजारा के आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। दूसरी पारी में ओली राबिन्सन ने गजब की गेंदबाजी की और 5 विकेट चटकाए। इंग्लैंड की धरती पर विराट कोहली को छठे टेस्ट मैच में हार मिली और वो यहां पर सबसे ज्यादा टेस्ट मैच हारने वाले भारतीय कप्तान के तौर पर दूसरे नंबर पर आ गए। यहां पर सबसे ज्यादा टेस्ट मैच (7) धौनी ने गंवाए थे। 


भारतीय टीम को दूसरी पारी में पहला झटका इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रेग ओवर्टन ने दिया और उन्होंने केएल राहुल को 8 रन पर आउट किया। हिटमैन रोहित शर्मा ने दूसरी पारी में शानदार संघर्ष किया और 156 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली, लेकिन उन्हें राबिन्सन ने पगबाधा आउट कर दिया। पुजारा ने शानदार पारी खेली, लेकिन 91 रन के स्कोर पर उन्हें राबिन्सन ने पगबाधा आउट कर दिया। कप्तान कोहली ने 55 रन की अच्छी पारी खेली, लेकिन राबिन्सन की गेंद पर रूट के हाथों लपके गए। रहाणे को सिर्फ 10 रन के स्कोर पर एंडरसन ने बटलर के हाथों कैच करवा दिया। 


भारत का छठा विकेट रिषभ पंत के तौर पर गिरा और वो एक रन बनाकर राबिन्सन की गेंद पर कैच आउट हुए। मो. शमी 6 रन बनाकर मोइन अली की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद इशांत शर्मा दो रन बनाकर राबिन्सन के शिकार हुए। रवींद्र जडेजा ओवरटन की गेंद पर 30 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद उन्होंने सिराज को डक पर पवेलियन भेज दिया। जसप्रीत बुमराह 1 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड की ओर से राबिन्सन ने पांच विकेट झटके। 


रोरी बर्न्स व हसीब ने अपनी टीम को पहली पारी में बेहद ठोस शुरुआत दिलाई और दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 135 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी को मो. शमी ने रोरी को 61 रन पर आउट करके तोड़ा। रवींद्र जडेजा ने 68 रन पर हसीब हमीद को आउट कर टीम इंडिया को दूसरी सफलता दिलाई। डेविड मलान ने 70 रन की शानदार पारी खेली और मो. सिराज ने उन्हें पंत के हाथों कैच करवा दिया। जानी बेयरस्टो को मो. शमी ने 29 रन पर कोहली के हाथों जबकि जोस बटलर को 7 रन पर इशांत शर्मा के हाथों कैच आउट करवाया।


कप्तान जो रूट को बुमराह ने 121 रन पर आउट किया जबकि मोइन अली 8 रन बनाकर रवींद्र जडेजा का शिकार बने। सैम कुर्रन को 15 रन के स्कोर पर सिराज ने आउट किया। ओवर्टन को शमी ने 32 रन पर जबकि राबिन्सन बिना खाता खोले ही बुमराह का शिकार बने। भारत की तरफ से शमी ने चार जबकि, बुमराह, सिराज व जडेजा ने दो-दो विकेट लिए।


हेडिंग्ले टेस्ट की पहली पारी में जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजी बिखर गई इसका अंदाजा शायद ही किसी को था। टीम को कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में कामयाब नहीं हो पाया और रोहित शर्मा ने 19 जबकि अजिंक्य रहाणे ने 18 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। इनके अलावा टीम इंडिया के अन्य बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाए। केएल राहुल शून्य, पुजारा एक रन, कप्तान कोहली 7 रन, रिषभ पंत 2 रन, जडेजा 4 रन, शमी शून्य, इशांत शर्मा 8 रन (नाबाद), बुमराह 0 रन तो वहीं मो. सिराज ने 3 रन की पारी खेली। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित गेंदबाजी की और जेम्स एंडरसन व क्रेग ओवर्टन ने तीन-तीन जबकि राबिन्सन व सैम कुर्रन ने दो-दो सफलता अर्जित की। भारत के सारे विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए।





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