मनीष सिसोदिया को झटका, न्यायिक हिरासत 7 मई तक बढ़ी

दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई के मामले में फिलहाल चार्ज फ्रेम नहीं करने की मांग को लेकर याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी से जवाब मांगा है. वहीं कोर्ट ने मामले में मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 7 मई तक बढ़ा दी है.

आरोपियों के वकील ने जज से सुनवाई के दौरान कहा कि हमको कोर्ट रूम से वॉक आउट नहीं करना था. हम इसके लिए माफी भी मांगते हैं. जज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने पहली बार इस तरह का बर्ताव देखा है. आप दलील पूरी होते ही कोर्ट के बाहर चले गए. इस दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जांच अब तक चल रही है. वहीं सीबीआई ने इस दलील का विरोध किया. 

किसने क्या दलील दी?

याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान आईओ ने कहा था कि जांच तीन चार महीने में पूरी हो जाएगी, लेकिन अभी तक मामले में जांच चल रही है. उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद मामले में गिरफ्तारी हुई और 164 का बयान भी रिकॉर्ड किया गया. ऐसे में अभी मामले में चार्ज फ्रेम करने पर सुनवाई शुरू नहीं होनी चाहिए.

वहीं सीबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जितनी चार्जशीट दाखिल हुई है, उसी पर हम बहस करेंगे. कोर्ट ने दलील सुनने के बाद कहा कि अभी तक हमको याचिका की कॉपी नहीं मिली है. मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी.

दरअसल, तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट में बुधवार (24 अप्रैल, 2024) को आम आदमी पार्ठी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया को पेश किया गया. AAP नेता सिसोदिया को मामले में पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था. 


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प्रयागराज में रुद्राक्ष टावर में लगी भीषण आग, तीन फ्लोर से निकल रहा है धुंआ

सिविल लाइंस स्थित रुद्राक्ष टावर में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। इससे टावर में स्थित संस्कृति आईएएस कोचिंग और डोमिनोज पिज्जा की दुकान का लाखों का सामान जल गया। आग से छात्रों और कमचारियों में अफरातफरी मची रही। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी हुई है।

डोमिनोज पिज्जा के किचन में लगी आग

जानकारी के मुताबिक, आग डोमिनोज पिज्जा के किचन में लगी। इसके बाद आग ने तीन मंजिल भवन को अपनी चपेट में ले लिया। कोचिंग सेंटर में भी आग लग गई। फायर ब्रिगेड के छह टेंडर की मदद से आग पर काबू पाया गया। पूरे नुकसान का अभी सही आंकलन नहीं हो सका है।


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कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी... विरासत टैक्स पर पीएम मोदी का तीखा वार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महासमुंद से बीजेपी प्रत्याशी चिंतामणि महाराज के पक्ष में चुनावी रैली की है। विधानसभा चुनाव में सरगुजा इलाके में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए जमकर कांग्रेस पर हमला किया है। नरेंद्र मोदी ने संबोधन की शुरुआत मां महामाई के जयकारे के साथ की है। कांग्रेस की पूरी टोली ने अंबिकापुर में लालकिला बनाए जाने के बाद मुझपर हमला बोल दिया था। साथ ही बात का बवंडर बना दिया था। अंबिकापुर के लोग फिर से वहीं आशीर्वाद दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरासत टैक्स को लेकर भी कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि आपकी संपत्ति के आपके बच्चों की नहीं होगी।

कांग्रेस का माथा गरम हो जाता

उन्होंने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ से भ्रष्टाचारी पंजा को हटाने के लिए समर्थन मांगा था। आपलोगों ने हमारा मान रखा और भ्रष्टाचारी पंजा समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रॉकेट की गति से सरकार चलाई। किसानों की गारंटी पूरी कर दी। माताओं-बहनों को महतारी योजना का लाभ मिल रहा है। कांग्रेस के घोटालेबाजों पर एक्शन हो रहा है, यह पूरा देश देख रहा है। मैं विकसित भारत की बात करता हूं तो कांग्रेस वालों का माथा गरम हो जाता है। भारत आत्म निर्भर बन गया तो उन ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि वैसी ताकतें भारत में कमजोर सरकार चाहती है। कांग्रेस का इतिहास सत्ता की लालच में देश को बर्बाद कर दिया। नक्सलवाद कांग्रेस के कारण बढ़ा है। बीजेपी की सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस हिंसा फैलाने वालों का समर्थन कर रही है। नक्सलियों को कांग्रेस वाले शहीद कहते हैं। यह देश के शहीदों का अपमान है। कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं। इन करतूतों की वजह से कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है।

कांग्रेस की मुस्लिमलीगी सोच को रख रहा हूं

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की मेनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। वोट की भूखी कांग्रेस ने संविधान की पवित्रता की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने वर्षों पहले धर्म के आधार पर आंध्र प्रदेश में आरक्षण देने की कोशिश की। फिर पूरे देश में लागू करने की योजना बनाई। ये लोग धर्म के आधार पर 15 फीसदी आरक्षण देने की योजना बनाई। ओबीसी और एससी एसटी के कोटे में कटौती की तैयारी की। पीएम ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की जातियों को इन्होंने ओबीसी कोटे में डाल दिया। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय का अपमान किया है।

आपकी कमाई और मकान पर भी नजर

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस की नजर आपके आरक्षण पर नहीं, आपके मकान, कमाई और दुकान पर भी नजर है। कांग्रेस के शहजादे का कहना है कि देश के हर घर का वह एक्सरे करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आपको पता है न कि आपसे लूटकर वह किसको देंगे। मुझे कहने की जरूरत है क्या।

विरासत टैक्स पर घेरा

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैम पित्रोदा को लेकर हमला किया है। अब कांग्रेस का कहना है कि इनहेरिटेंस टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी। कांग्रेस सरकार का पंजा आपसे छीन लेगा। कांग्रेसी मंत्र है कि जिंदगी के बाद और जिंदगी के साथ भी। आप जीवित रहेंगे तो आप पर टैक्स का बोझ लादेगी।


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सैम पित्रोदा ने किया भारत में विरासत टैक्स लगाने का समर्थन

मंगलसूत्र, संपत्ति विवाद पर एक बार फिर सियासी हंगामा खड़ा हो गया है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संपत्ति वितरण को लेकर अमेरिका के शिकागो में एक बयान दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा, "अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है।"

भाजपा नेता ने बयान पर जताई आपत्ति

सैम पित्रोदा के इस बयान पर भाजपा नेता और आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेता ने एक्स पर लिखा,कांग्रेस ने भारत को बर्बाद करने की ठान ली है। अब, सैम पित्रोदा संपत्ति वितरण (Inheritance Tax in India) के लिए 50 फीसदी विरासत कर की वकालत करते हैं। इसका मतलब यह है कि हम अपनी सारी मेहनत और उद्यम से जो कुछ भी बनाएंगे, उसका 50 फीसदी छीन लिया जाएगा। इसके अलावा अगर कांग्रेस जीतती है तो हम जो भी टैक्स देते हैं, वह भी बढ़ जाएगा।"

प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

पीएम मोदी के संपत्ति बंटवारे वाले बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "पिछले 2 दिनों में अब ये शुरू हुआ है कि कांग्रेस के लोग आपका मंगलसूत्र और सोना छीनना चाहते हैं। 70 सालों से ये देश स्वतंत्र है, 55 सालों के लिए कांग्रेस की सरकार रही तब क्या किसी ने आपका सोना छीना और आपके मंगलसूत्र छीने? जब देश में जंग हुई थी तब इंदिरा गांधी ने अपना सोना देश को दिया था और मेरी मां का मंगलसूत्र (राजीव गांधी) इस देश को कुर्बान हुआ है।"

आखिर पीएम मोदी ने कहा क्या था?

राजस्थान के  बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार आई तो वो लोगों की संपत्तियां लेकर ज्यादा बच्चों वालों और घुसपैठियों को बांट देगी। पीएम मोदी ने आगे कहा था,"पहले जब इनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है।  इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करते किसको बांटेंगे? जिनके ज्यादा बच्चे हैं, उनको बांटेंगे. घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंजूर है ये?"

उन्होंने आगे कहा,"ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के गोल्ड का हिसाब करेंगे। उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे। और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। भाइयो-बहनो ये अर्बन नक्सल की सोच, मेरी मां-बहनों, ये आपका मंगलसूत्र भी नहीं बचने देंगे। ये यहां तक जाएंगे।"


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कर्नाटक सरकार ने राज्य के मुसलमानों को ओबीसी की सूची में शामिल किया

कर्नाटक सरकार ने आरक्षण का लाभ देने के लिए मुसलमानों को पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल किया है. इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने प्रेस रिलीज जारी करके दी.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने कहा कि कर्नाटक सरकार के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक के मुसलमानों की सभी जातियों और समुदायों को राज्य सरकार के तहत रोजगार और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के लिए ओबीसी की सूची में शामिल किया गया है. श्रेणी II-बी के तहत, कर्नाटक राज्य के सभी मुसलमानों को ओबीसी माना गया है


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अमेठी से चुनाव लड़ेंगे रॉबर्ट वाड्रा? कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर

अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने अब तक अपने प्रत्याशी का खुलासा नहीं किया है। एक ओर जहां राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थी। वहीं अब अमेठी कांग्रेस कार्यालय के बाहर रॉबर्ट वाड्रा के पोस्टर्स ने एक नई सियासी हवा को रुख दे दिया है।

अमेठी के गौरींगज में कांग्रेस के ऑफिस के बाहर रॉबर्ट वाड्रा के नाम के पोस्टर्स लगे हैं, जिसमें लिखा है- 'अमेठी की जनता करे पुकार, रॉबर्ट वाड्रा अब की बार।' यह पोस्टर्स किसने लगवाए व किसने छपवाए इसके बारे में कोई जानकारी नहीं। पोस्टर में निवेदक का नाम के रूप में लिखा है- 'अमेठी की जनता'।

रॉबर्ट वाड्रा ने जताई थी चुनाव लड़ने की इच्छा

बता कुछ दिन पहले कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।

अमेठी से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे देश के कई हिस्सों से लोग मुझे चुनाव लड़वाना चाहते हैं। मैं भी राजनीति में आने का इच्छुक हूं। सही समय आने पर इसका निर्णय लेंगे।

उन्होंने भाजपा पर भेदभाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में धर्मनिरपेक्ष सरकार कायम होनी चाहिए और आइएनडीआइ गठबंधन पूरी मजबूती से इस ओर काम कर रहा है।

अब अमेठी कांग्रेस ऑफिस के बाहर राबर्ड वाड्रा के नाम के लगे पोस्टर्स ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है।



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'अगर कांग्रेस कुछ नहीं तो पीएम मोदी डरते क्यों हैं....' दूसरे चरण के चुनाव से पहले खरगे ने बीजेपी के खिलाफ खोला मोर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,"पिछले कुछ दिनों में मैंने दस-बारह राज्यों का दौरा किया। इन राज्यों से हमें अच्छे रिस्पॉन्स मिल रहे हैं। इन मतदाताओं के ज्यादा चर्चे नहीं हो रहे। पीएम मोदी इन 'अदृश्य' मतदाताओं से डर रहे हैं।

खरगे ने आगे कहा, बीजेपी और पीएम मोदी कहते हैं कि कांग्रेस अब कुछ नहीं है। अगर कांग्रेस कुछ नहीं है तो वो हमसे डरते क्यों हैं। 

भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही भाजपा: कांग्रेस 

उन्होंने आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं, जैसी ही वो भाजपा में शामिल होते हैं उनके सारे दाग धुल जाते हैं।


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रामदेव बालकृष्ण ने विज्ञापन केस में एक और माफीनामा छपवाया

पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) द्वारा अपनी दवाओं के लिए 'भ्रामक दावों' को लेकर अदालत की अवमानना को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने सुनवाई के दौरान रामदेव को कड़ी फटकार लगाई. इसके साथ ही रामदेव और बाल कृष्ण को अदालत ने 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश  दिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने रामदेव को आदेश दिया कि वह बड़े साइज में पतंजलि माफीनामे का विज्ञापन फिर से जारी करें. अदालत की फटकार के दौरान रामदेव ने नया विज्ञापन छपवाने की बात सुप्रीम कोर्ट से कही थी, जिसकी अदालत ने मंजूरी दे दी. 

रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत से कहा कि  हमने माफ़ीनामा दायर किया है. इस पर जस्टिस हिमा कोहली ने पूछा कि इसे कल क्यों दायर किया गया. हम अब बंडलों को नहीं देख सकते, इसे हमें पहले ही दिया जाना चाहिए था. वहीं जस्टिस अमानुल्लाह ने पूछा कि यह कहां प्रकाशित हुआ है. जिसका जवाब देते हुए मुकुल रोहतगी ने बताया कि 67 अख़बारों में दिया गया है. जिस पर जस्टिस कोहली ने पूछा कि क्या यह आपके पिछले विज्ञापनों के समान आकार का था. जिस पर रामदेव के वकील ने कहा कि नहीं, इस पर 10 लाख रुपए खर्च किए गए हैं.

SC ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिया आड़े हाथों

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें एक आवेदन मिला है जिसमें पतंजलि के खिलाफ ऐसी याचिका दायर करने के लिए आईएमए पर 1000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की मांग की गई है.रामदेव के वकील रोहतगी ने कहा कि मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है. अदालत ने कहा कि मुझे इस आवेदक की बात सुनने दें और फिर उस पर जुर्माना लगाएंगे. हमें शक  है कि क्या यह एक प्रॉक्सी याचिका है. वहीं अदालत ने भ्रामक सूचनाओं पर कार्रवाई करने के लिए नियमों में संशोधन करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को आड़े हाथों लिया. वहीं जस्टिस कोहली ने (यूनियन से) कहा कि अब आप नियम 170 को वापस लेना चाहते हैं. अगर आपने ऐसा निर्णय लिया है, तो आपके साथ क्या हुआ? आप सिर्फ उस अधिनियम के तहत कार्य करना क्यों चुनते हैं जिसे उत्तरदाताओं ने 'पुरातन' कहा है.

खबर के साथ-साथ चल रहा पतंजलि का विज्ञापन-SC

सुनवाई के दौरान जस्टिस अमानुल्ला ने सवाल उठाया कि एक चैनल पतंजलि के ताजा मामले की खबर दिखा रहा था और उस पर पतंजलि का विज्ञापन चल रहा था. अदालत ने कहा कि IMA ने कहा की वो इस मामले में कंज्यूमर एक्ट को भी याचिका में शामिल कर सकते है. ऐसे में सूचना प्रसारण मंत्रालय का क्या. हमनें देखा है की पतंजलि मामले में टीवी पर दिखाया जा रहा है कि कोर्ट क्या कह रहा है, ठीक उसी समय एक हिस्से में पतंजलि का विज्ञापन चल रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपको यह बताना होगा कि विज्ञापन परिषद ने ऐसे विज्ञापनों का मुकाबला करने के लिए क्या किया. इसके सदस्यों ने भी ऐसे उत्पादों का समर्थन किया. आपके सदस्य दवाएं लिख रहे हैं.. अदालत ने कहा कि हम केवल इन लोगों को नहीं देख रहे हैं. जिस तरह की कवरेज हमारे पास है वो देखी, अब हम हम बच्चों, शिशुओं, महिलाओं समेत सभी को देख रहे हैं. किसी को भी राइड के लिए नहीं ले जाया जा सकता है. केंद्र  को इस पर जागना चाहिए. अदालत ने कहा कि  मामला केवल पतंजलि तक ही नहीं है, बल्कि दूसरी कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों को लेकर भी है.

"स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियम 170 को वापस लेने का फैसला क्यों किया"

SC ने सरकार से पूछा कि आयुष मंत्रालय, केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियम 170 को वापस लेने का फैसला क्यों किया (राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण की मंजूरी के बिना आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी दवाओं के विज्ञापन पर रोक लगाता है.) क्या आपके पास यह कहने की शक्ति है कि मौजूदा नियम का पालन न करें. क्या यह एक मनमाना रंग-बिरंगा अभ्यास नहीं है. क्या आप प्रकाशित होने वाली चीज़ से ज़्यादा राजस्व के बारे में चिंतित नहीं हैं. 

सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव से क्या कहा था?

उच्चतम न्यायालय ने पतंजलि आयुर्वेद के उत्पादों और उनके चिकित्सकीय प्रभावों के विज्ञापनों से संबंधित अवमानना कार्यवाही के मामले में मंगलवार को योग गुरु रामदेव और कंपनी के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण से व्यक्तिगत रूप से अपने समक्ष पेश होने को कहा था. न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कंपनी और बालकृष्ण को पहले जारी किए गए अदालत के नोटिसों का जवाब दाखिल नहीं करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्हें नोटिस जारी कर पूछा गया था कि अदालत को दिए गए वचन का प्रथम दृष्टया उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए.

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने रामदेव को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए. शीर्ष अदालत ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन' (आईएमए) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रामदेव पर कोविड रोधी टीकाकरण अभियान और आधुनिक दवाओं के खिलाफ मुहिम चलाने का आरोप लगाया गया है.


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'आरक्षण खत्म नहीं होने देंगे और न ही धर्म के नाम पर बांटने देंगे, ये मोदी की गारंटी है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान टोंक में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर हुए कहा, "आप सभी का प्यार, आशीर्वाद और उत्साह मुझे प्राप्त हुआ। आज रामभक्त हनुमान जी की जयंती का पवित्र दिन है, पूरे देश को हनुमान जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं...।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "एकता ही राजस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है। जब-जब हम बंटे हैं तब-तब देश के दुश्मनों ने फायदा उठाया है। अब भी राजस्थान और यहां के लोगों को बांटने की पूरी कोशिश हो रही है, इससे राजस्थान को सावधान रहने की जरूरत है।"

'कांग्रेस होती तो हमारे सैनिकों को नहीं मिलता लाभ'

पीएम ने कहा, "2014 में आपने मोदी को दिल्ली में सेवा का अवसर दिया तो देश ने वह फैसले लिए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी लेकिन अगर कांग्रेस 2014 के बाद भी और आज भी अगर दिल्ली में होती तो क्या-क्या हुआ होता... कांग्रेस होती तो जम्मू-कश्मीर में आज भी हमारी सेनाओं पर पत्थर चल रहे होते, कांग्रेस होती तो सीमा पार से आकर दुश्मन आज भी हमारे जवानों के सिर काटकर ले जाते और कांग्रेस सरकार कुछ न करती, हमारे सैनिकों के लिए वन रैंक-वन पेंशन लागू नहीं होता, देश के कोने-कोने में बम धमाके होते ही रहते... कांग्रेस होती तो अपने लिए भ्रष्टाचार के नए रास्ते तलाशती...।"

पीएम मोदी ने कांग्रेस को दी खुली चुनौती 

पीएम मोदी ने कहा, "...परसों राजस्थान में मैंने देश के सामने कुछ सत्य रखा और पूरी कांग्रेस और INDI गठबंधन में भगदड़ मच गई। मैंने सत्य रखा कि कांग्रेस आपकी संपत्ति छीनकर उनके खास लोगों को बांटने की गहरी साजिश रचकर बैठी है... मैंने जब उनकी इस राजनीति का पर्दाफाश किया तो इससे उन्हें इतनी मिर्ची लगी कि वे हर तरफ मोदी को गाली देने में लगे हैं। मैं कांग्रेस से जानना चाहता हूं कि आखिर वे सच्चाई से इतना क्यों डरते हैं? वे अपनी नीति को इतना क्यों छुपाते हैं, जब आपने ही नीति बनाई तो अब उसे स्वीकारने से डर क्यों रहे हैं... अगर हिम्मत है तो स्वीकार करो, हम आपसे मुकाबला करने के लिए तैयार हैं...।"

पीएम मोदी ने आरक्षण को लेकर कही यह बात 

प्रधानमंत्री ने खुले मंच से अपने संबोधन में राजस्थान के लोगों से कहा कि सच्चाई ये है कि कांग्रेस और INDI अलायंस जब सत्ता में था, तो ये लोग दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में सेंधमारी करके अपने खास वोटबैंक को अलग से आरक्षण देना चाहते थे।

जबकि संविधान इसके बिल्कुल खिलाफ है। आरक्षण का जो हक बाबा साहेब ने दलित, पिछड़ों और आदिवासियों को दिया, कांग्रेस और INDI अलायंस वाले उसे मजहब के आधार पर मुसलमानों को देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इन साजिशों के बीच मोदी आज आपको एक गारंटी दे रहा है। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों का आरक्षण न ही खत्म होगा और न ही उसे धर्म के आधार पर बांटने दिया जाएगा, यह मोदी की गारंटी है...।"



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फैयाज ने 30 सेकंड में नेहा पर चाकू से किए थे 14 वार

कर्नाटक के हुबली में नेहा हिरेमथ की हत्या का मामला गरमाता जा रहा है। अब नेहा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने से फैयाज की हैवानियत का खुलासा हुआ है। पता चला है कि उसे केवल 30 सेकंड में 14 बार चाकू मारा गया था, पुलिस सूत्रों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई बड़े खुलासे

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी फैयाज ने नेहा की छाती और गर्दन पर चाकू मारा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस को सूत्रों ने बताया, ''नेहा की गर्दन पर कई बार वार किए गए और इसी कारण उसकी नसें कट गईं, जिससे बड़ी मात्रा में खून बह गया, जिसके बाद नेहा ने दम तोड़ दिया।'' 

गला काटने की भी कोशिश की

पुलिस सूत्रों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पहले नेहा की छाती और पेट पर हमला किया, लेकिन जैसे ही वह गिर गई, फैयाज ने उसके पूरे शरीर पर लगातार चाकू से वार करना शुरू कर दिया। आरोपी ने उसका गला काटने की भी कोशिश की थी। 

धर्म परिवर्तन कराना चाहता था फैयाज

नेहा हिरेमथ हुबली के बीवीबी कॉलेज में एमसीए की पढ़ाई कर रही थी। उसकी हत्या प्रेमी फैयाज कोंडिकोप्पा ने की थी। दोनों बीसीए में साथ पढ़ते थे और दोस्त थे। फैयाज ने बीसीए के बाद अपनी पढ़ाई बंद कर दी थी। नेहा के पिता और कांग्रेस पार्षद ने कहा कि आरोपी कई सालों से उनकी बेटी का जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहता था। 


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