महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल में कोरोना बेकाबू.. देश में बीते 24 घंटे में 2,35,532 नए केस, 871 ने तोड़ा दम

नई दिल्ली। देश में एक दिन में 2,35,532 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,08,58,241 हो गयी है।

 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे के दौरान 871 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,93,198 हो गयी है।

 

मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,01,278 तक कम हो गयी है और अब इस महामारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 20,04,333 हो गयी है जो संक्रमण के कुल मामलों का 4.91 प्रतिशत है जबकि देश में मरीजों के ठीक होने की दर 93.89 प्रतिशत है।

 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 13.39 प्रतिशत दर्ज की गयी जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 16.89 प्रतिशत दर्ज की गयी। महामारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,83,60,710 हो गयी हैं जबकि मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत दर्ज की गयी।

 

अद्यतन आंकड़ों के अनुसार संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4,08,58,241 हो गयी है। इस बीच राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 165.04 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।

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कोराेना के सक्रिय मामले बढ़कर 17 लाख से अधिक हुए

नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटे में 2.38 लाख से ज्यादा नये मामले सामने आने के बाद सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 17 लाख से अधिक होने के साथ इसकी दर 4.62 फीसदी हो गयी है।

इस बीच सोमवार को देश में 79 लाख 91 हजार 230 कोविड टीके लगाये गये हैं और अब तक एक अरब 58 करोड़ 04 लाख 41 हजार 770 कोविड टीके दिये जा चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश भर में 16 लाख 49 हजार 143 कोविड परीक्षण किए गये , जिनमें दो लाख 38 हजार 018 लोगों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आयी और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर तीन करोड़ 76 लाख 18 हजार 271 हो गयी है। इसी दौरान 310 और मरीजों की मौत होने के साथ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 4,86,761 हो गयी है। इसी अवधि में 1,57,421 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या बढ़कर तीन करोड़ 53 लाख 94 हजार 882 हो गयी हैं।

देश में रिकवरी दर घटकर 94.09 पर आ गयी है वहीं मृत्यु दर मामूली गिरावट के साथ 1.29 रह गयी है।

दूसरी तरफ कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट से 27 राज्यों में अब तक 8891 व्यक्ति संक्रमित पाये गये हैं।

महाराष्ट्र सक्रिय मामलों के हिसाब से देश में पहले स्थान पर है। पिछले 24 घंटों में यहां सक्रिय मामले 1995 बढ़कर 2,71,097 हो गये हैं जबकि 29092 मरीजों के स्वस्थ होने के साथ ही कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 68,29,992 हो गयी है। वहीं 24 मरीजों की मौत हो गयी तथा इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,41,832 हो गयी है।

सक्रिय मामलों में दूसरे स्थान पर कर्नाटक में इनकी संख्या 2,17,326 है। यहां 19,315 सक्रिय मामले बढ़े हैं। राज्य में 7825 मरीजों स्वस्थ हुए हैं जिन्हें मिलाकर 29,91,472 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। वहीं 14 और मरीजों की मौत हुई है तथा अब तक मृतकों की संख्या 38,445 हो गयी है।

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24 घंटे में 1.68 लाख नए मरीज; एक दिन में 12 हजार की कमी, दिल्ली में सभी प्राइवेट दफ्तर बंद

नई दिल्ली : कोरोना महामारी की तीसरी लहर में 11 दिन के अंदर देश में कुल एक्टिव केस की संख्या 1 लाख से बढ़कर 8 लाख के पार हो गई है। सोमवार को लगातार 5वें दिन 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। हालांकि, सोमवार को रविवार के मुकाबले करीब 12 हजार कम केस मिले। देश में बीते 24 घंटे के दौरान 1 लाख 67 हजार 550 नए मामले मिले हैं। इससे पहले रविवार को 1.79 लाख केस मिले थे। अब देश में कुल 8 लाख 15 हजार 46 एक्टिव केस हैं।

सोमवार को 69,798 लोग ठीक हो गए, जबकि 277 लोगों की मौत हुई है। अच्छी बात ये है कि सबसे ज्यादा चिंताजनक बने महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी सोमवार को नए मामलों की संख्या में कमी आई है, लेकिन चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में नए मामले बढ़ना लगातार जारी है।

दिल्ली में सभी प्राइवेट ऑफिस और रेस्टोरेंट-बार बंद करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) की बैठक में ये फैसला लिया गया। हालांकि, लोगों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी गई है।

CM अरविंद केजरीवाल मंगलवार दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें राजधानी में कोरोना के हालात पर समीक्षा की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली में सख्ती पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

कोरोना अपडेट्स

  • मुंबई में पिछले 24 घंटे में 120 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, 1 पुलिसकर्मी की मौत हुई है।
  • हरिद्वार जिला प्रशासन ने 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं के स्नान करने पर पाबंदी लगा दी है। हरिद्वार के DM विनय शंकर पांडे ने बताया कि जिले में 14 जनवरी की रात 10 बजे से 15 जनवरी सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। इस दौरान हर की पौड़ी इलाके में भी एंट्री बैन रहेगी।
  • हेल्थ मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोविड पॉजिटिविटी रेट अब 10.64% है। वहीं, ओमिक्रॉन केस की कुल संख्या बढ़कर 4,461 हो गई है। इनमें से 1,711 मरीज ठीक हो चुके हैं।
  • देश में सोमवार 10 जनवरी को 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रीकॉशन डोज लगाने की शुरुआत हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को ट्वीट कर बताया कि बीते दिन 10.30 लाख से ज्यादा लोगों को प्रीकॉशन डोज लगाया जा चुका है।

देश की कई बड़ी हस्तियां संक्रमित

  • फिल्म बाहुबली में कटप्पा के नाम से फेमस हुए साउथ के दिग्गज एक्टर सत्यराज पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
  • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई की कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बोम्मई में कोरोना के बेहद हल्के लक्षण हैं।
  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। तीन दिन पहले CM हाउस के 27 कर्मचारी भी पॉजिटिव मिले थे। पढ़िए पूरी खबर...
  • दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया आइसोलेट हो गए हैं। उनका ड्राइवर कोरोना पॉजिटिव मिला है। वहीं, दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी चिन्मय बिस्वाल समेत 1000 सिपाही कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

5 सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के हाल
1. महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के दौरान नए मामलों में करीब 11 हजार की कमी आई है। राज्य में सोमवार को 33,470 नए केस सामने आए, जबकि रविवार को 44,388 केस मिले थे। सबसे अच्छी खबर महाराष्ट्र में महामारी से उबरने वालों की संख्या दोगुनी हो रही है। रविवार को 15,351 लोगों के मुकाबले सोमवार को 29,671 डिस्चार्ज हुए हैं। इस दौरान 8 लोगों की मौत हुई है। राज्य में अब कुल एक्टिव केस 2,06,046 हो गए हैं। अब तक राज्य में 69.53 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

इनमें 66.02 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 41 हजार 647 लोगों की मौत हो गई। राज्य में पॉजिटिविटी रेट भी 22% से घटकर 19.26% हो गया है। मुंबई में कोरोना वायरस की तीसरी लहर को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की मुख्य बेंच ने मंगलवार से दिन में केवल 3 घंटे काम करने का निर्णय लिया है। यह आदेश 28 जनवरी तक लागू रहेगा और इस दौरान केवल बेहद जरूरी केस ही सुने जाएंगे।

2. पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में सोमवार को 19,286 नए केस मिले हैं, जो रविवार को मिले 24,287 मामलों से बेहद कम हैं। बंगाल में इस दौरान 8187 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 16 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, राज्य का पॉजिटिविटी रेट अब भी बढ़ रहा है, जो 34% से बढ़कर 37% पर पहुंच गया है। राज्य में अब तक कुल 17,74,332 केस मिले हैं, जबकि 16.65 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं। राज्य में कुल 19,917 लोगों की मौत हो चुकी है3. दिल्ली
दिल्ली में सोमवार को दिल्ली में नए मामलों का आंकड़ा घटकर 20 हजार के नीचे आ गया। पिछले 24 घंटे के दौरान 19,166 नए मामले मिले हैं, जो रविवार को मिले 22,751 नए केस के मुकाबले 16% कम है। आज 17 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान 14,076 लोग रिकवर हुए हैं, जिससे कुल एक्टिव केस भी 65,806 से घटकर 60,733 रह गए हैं।

हालांकि नेशनल कैपिटल में पॉजिटिविटी रेट 24% से बढ़कर 25% पर पहुंच गया है, जिसे चिंता की बात माना जा रहा है। अब तक राज्य में कुल 15,68,896 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14.77 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 25,177 लोगों की मौत हो गई।

4. तमिलनाडु
यहां सोमवार को 24 घंटे के दौरान 13,990 नए मामले सामने आए, जबकि 2547 मरीज ठीक हुए और 11 लोगों की मौत हुई। अब तक राज्य में 28.14 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 27.14 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 36,866 लोगों की मौत हो गई। यहां एक्टिव केस 62,767 हैं। तमिलनाडु में पॉजिटिविटी रेट 10% है।
5. कर्नाटक
यहां सोमवार को 11,698 लोग संक्रमित पाए गए, 1148 लोग ठीक हुए और 4 लोगों की मौत हो गई। अब तक राज्य में 30.63 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 29.65 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 38,374 लोगों की मौत हो गई। 60,148 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। कर्नाटक में पॉजिटिविटी रेट 8% है।

9 अन्य प्रमुख राज्यों का हाल
1. राजस्थान
यहां सोमवार को 6,095 लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 472 लोग ठीक हुए और 2 लोगों की मौत हो गई। अब तक राज्य में 9.82 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 9.48 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 8,974 लोगों की मौत हो गई। यहां एक्टिव केस 25,088 हैं।

2. मध्य प्रदेश
यहां सोमवार को 2,317 लोग संक्रमित पाए गए और 559 लोग ठीक हुए हैं। यहां एक 22 साल की युवती की मौत हो गई। अब तक राज्य में 8.03 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 7.84 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 10,538 लोगों की मौत हो गई। यहां एक्टिव केस 8,599 हैं।

15 दिसंबर 2021 के बाद से अब तक 10 मौतें रिपोर्ट हो चुकी हैं। 24 घंटे में प्रदेश के चारों बड़े शहरों में कोरोना विस्फोट हुआ है। इंदौर में सबसे ज्यादा 948 नए मरीज मिले हैं। भोपाल में 562 केस मिले। इनमें 39 बच्चे शामिल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...

3. उत्तर प्रदेश
यहां सोमवार को 8,311 लोग संक्रमित पाए गए। राज्य में 335 लोग ठीक हुए और 4 मौत दर्ज की गई। अब तक राज्य में 17.45 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 16.88 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 22,932 लोगों की मौत हो गई। राज्य में 33,946 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

4. पंजाब
यहां सोमवार को 3,969 लोग संक्रमित पाए गए। 885 लोग ठीक हुए और 8 मरीजों की मौत हो गई। अब तक राज्य में 6.25 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 5.89 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 16,683 लोगों की मौत हो गई। कुल 19,379 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

5. हरियाणा
यहां सोमवार को 5,736 लोग संक्रमित पाए गए और 1552 लोग ठीक हुए। यहां 5 लोगों की मौत हुई है। अब तक राज्य में 7.99 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 7.67 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 10,077 लोगों की मौत हो गई। कुल 22,477 का अभी इलाज चल रहा है।

6. गुजरात
यहां सोमवार को 6,097 लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 1539 ठीक हुए और 2 लोगों की मौत हुई है। अब तक राज्य में 8.68 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 8.25 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 10,130 लोगों की मौत हो गई। कुल 32,469 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

7. छत्तीसगढ़
यहां सोमवार को 4,120 लोग संक्रमित पाए गए। राज्य में 358 लोग ठीक हुए और 4 मरीज की मौत हो गई। अब तक राज्य में 10.27 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 9.94 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 13,619 लोगों की मौत हो गई। कुल 19,222 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

8. बिहार
यहां सोमवार को 4,737 लोग संक्रमित पाए गए। राज्य में 691 लोग ठीक हुए और 5 की मौत हो गई। अब तक राज्य में 7.50 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 7.17 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 12,106 लोगों की मौत हो गई। कुल 20,938 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

9. झारखंड
यहां सोमवार को 4,482 लोग संक्रमित पाए गए। राज्य में 1789 ठीक हुए और 2 मरीज की मौत हो गई। अब तक राज्य में 3.82 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3.50 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 5,172 लोगों की मौत हो गई। कुल 26,019 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

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मेरठ में कोविड की रफ्तार तेज, 12 नए मामले

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीते 24 घंटों में कोविड के 12 नए मामले सामने आए। जिले में बुधवार को तीन साल के बच्चे समेत 12 नए मरीज मिले। इनमें छह पुरुष और छह महिला वर्ग से हैं। अब जनपद में सक्रिय मरीजों की संख्या 31 हो गई है। कोविड के 5097 सैंपलों की जांच में मंगलवार को चार लोग पॉजिटिव मिले थे। इनमें बिजली विभाग के निदेशक, सीए, अधिशासी अभियंता और चपरासी शामिल हैं। वहीं, सोमवार को मिले आठ मरीजों में से चार की जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग ने साझा की है। इनमें दो महिलाएं हैं, जिनमें से एक महिला दुबई से विदेश यात्रा कर कंकरखेड़ा आई है और दूसरी गर्भवती सरधना निवासी है, जबकि दो अन्य मरीज हैं, जो सर्जरी कराने व बुखार होने पर अस्पताल गए थे। इन सभी मरीजों को जिला अस्पताल के करोना वार्ड भर्ती कर इन सभी के सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे जाएंगे। 




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गांगुली की हालत स्थिर

कोलकाता : बीसीसीआई अध्यक्ष और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की हालत स्थिर है जिन्हें तीन दिन पहले कोरोना संक्रमण के बाद एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वुडलैंड्स अस्पताल की एमडी और सीईओ डॉक्टर रूपाली बसु ने एक बयान में कहा, ‘‘अस्पताल में भर्ती होने के तीसरे दिन बीसीसीआई अध्यक्ष और भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली की हालत स्थिर है। उनका रक्तचाप और ह्र्दयगति स्थिर है और शरीर में आक्सीजन का प्रवाह भी सामान्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कल रात उन्हें अच्छी नींद आई। उन्होंने नाश्ता और लंच भी किया। मेडिकल बोर्ड उनकी हालत पर नजर रखे हुए है।’’ गांगुली को इस साल की शुरूआत में दो बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था जब उनकी आपात एंजियोप्लास्टी हुई थी।




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दिल्ली में 46 प्रतिशत नमूनें ‘ओमीक्रोन’ से संक्रमित पाए गए, सामुदायिक स्तर पर फैलाव : जैन

नई दिल्ली : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के मामले धीरे-धीरे सामुदायिक स्तर पर फैल रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए नमूनों में से 46 प्रतिशत में ‘ओमीक्रोन’ की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि क्रमवार प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं और अतिरिक्त पाबंदियां लगाने के संबंध में निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) करेगा।


जैन ने कहा, ‘‘दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 200 मरीज भर्ती हैं। जीनोम अनुक्रमण की हालिया रिपोर्ट में 46 प्रतिशत नमूनों में ‘ओमीक्रोन’ की पुष्टि हुई है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में यात्रा नहीं की थी। इसका मतलब है कि अब ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप दिल्ली के अंदर आ चुका है।’’


‘ओमीक्रोन’ के तीसरी लहर का कारण बनने के सवाल पर मंत्री ने कहा, ‘‘अब यह धीरे-धीरे सामुदायिक स्तर पर फैल रहा है। आने वाले दिनों में इसके मामले और बढ़ेंगे।’’ उन्होंने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 200 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से केवल 102 ही शहर के निवासी हैं। वहीं, इनमें से 115 को सीधे हवाई अड्डे से ही अस्पताल ले जाया गया। अस्तपाल में भर्ती 115 लोगों में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं हैं और उन्हें एहतियाती तौर पर अस्पताल में रखा गया है। अस्पताल में भर्ती किसी भी व्यक्ति को अभी तक ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी।


दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को कहा था कि कई अंतरराष्ट्रीय यात्री जिनके हवाई अड्डे पर संक्रमित ना होने की पुष्टि हुई थी, वे भी कुछ दिन बाद संक्रमित पाए जा रहे हैं। इस अवधि के दौरान उनके परिवार के सदस्य भी संक्रमित हो रहे हैं।


जैन ने कहा, ‘‘दिल्ली ने शादियों और अंतिम संस्कार पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। स्कूल, जिम और स्पा बंद हैं। दुकाने और मॉल एक दिन छोड़कर एक दिन खुलेंगी ...मेट्रो तथा बसें 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेगी..सतर्क रहना बेहतर है।’’ उन्होंने कहा,‘‘ डीडीएमए की बैठक में अतिरिक्त पाबंदियां लगाए जाने पर फैसला किया जाएगा।’’


उन्होंने कहा कि अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों ने ‘ओमीक्रोन’ के प्रकोप के दौरान वहां संक्रमण के दैनिका मामलों में वृद्धि हुई है, ‘‘लेकिन अच्छी खबर यह है कि इससे गंभीर संक्रमण नहीं होता है और बहुत कम रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।’’


दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बुधवार को फैसला किया था कि दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ के तहत कोविड-19 से संबंधित लगाए गए प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेंगे और नई पाबंदियों पर निर्णय लेने से पहले अधिकारी कुछ समय के लिए स्थिति की निगरानी करेंगे।


कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के प्रसार के साथ ही संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच डीडीएमए ने मंगलवार को दिल्ली में क्रमवार प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) (जीआरएपी) के तहत ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया था।


‘येलो’ अलर्ट के तहत रात्रि कर्फ्यू लगाना, स्कूलों तथा कॉलेजों को बंद करना, गैर आवश्यक सामान की दुकानों को सम-विषम आधार पर खोलना तथा मेट्रो ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन की बसों में यात्रियों के बैठने की क्षमता आधी करने जैसे उपाय आते हैं।


संक्रमण को प्रकोप बढ़ने पर ‘येलो अलर्ट’ के बाद, ‘एम्बर’, ‘ऑरेंज’ और फिर ‘रेड अलर्ट’ घोषित किए जाता है, जिसमें पाबंदियां और कड़ी होती जाती हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों के लिए 8,965 बिस्तर (बेड) निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से 28 दिसंबर तक 262 यानी 2.92 प्रतिशत ही भरे थे और 97 प्रतिशत खाली थे।




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लंदन से तस्कर को लेकर लौटे डीसीपी ओमिक्रोन से संक्रमित

नई दिल्ली : लंदन से ड्रग्स तस्कर को लेकर दिल्ली लौटे दिल्ली पुलिस के डीसीपी कोविड के नये वर्जन ओमीक्रोन वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस में ओमिक्रोन से संक्रमित होने का संभवतः यह पहला मामला है। उनके साथ लंदन से लौटे एसीपी और इंस्पेक्टर को भी आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी कोविड संक्रमण से संबंधित सभी गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है।


जानकारी के अनुसार, 2018 में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कुछ ड्रग्स तस्करों को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। इनके कुछ अन्य साथियों को भी पुलिस ने म्याऊं म्याऊं ड्रग्स और नशीली गोलियों के साथ पकड़ा था। इनसे पूछताछ में पता चला कि उनके गैंग का सरगना लंदन में बैठा हुआ है। उसकी पहचान हरविंदर सिंह उर्फ बलजीत सिंह के रूप में हुई थी।


पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट अदालत से जारी करवाया था। भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण के लिए लंदन में संपर्क किया, जिसके बाद फरवरी 2020 को उसे यूके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहां से उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी गई थी।


प्रत्यर्पण के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह, एसीपी राहुल विक्रम और इंस्पेक्टर अनुज कुमार की टीम लंदन गई थी। वहां से आरोपित को लेकर पुलिस टीम 24 दिसंबर को दिल्ली लौटी थी। यहां आने पर उन्हें 14 दिन के होम क्वारन्टीन में रहने को कहा गया था। इस दौरान डीसीपी इंगित प्रताप सिंह को बुखार हुआ।


उन्होंने जब जांच करवाई तो पता चला कि वह कोविड से संक्रमित हैं। इस वायरस की जब जांच की गई तो पता चला कि वह ओमिक्रोन वायरस से संक्रमित हैं। इसके बाद से उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। उनके साथ लंदन से लौटे आरोपित एवं दोनों अन्य पुलिसकर्मियों को भी आइसोलेट किया गया है। 




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24 घंटे में मिले 38 कोरोना पॉजिटिव मरीज, 135 सक्रिय

नोएडा :  नोएडा जिले में वीरवार को भी बीते 24 घंटे में 38 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इससे जिले में कोरोना के सक्रिय केस बढक़र 135 हो गए हैं। जिले में अब कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या बढक़र 63,618 हो गई है। वहीं वीरवार को 2 मरीज स्वस्थ भी हुए हैैं। इससे स्वस्थ होने वालों की संख्या 63,017 हो गई है। जिले में संक्रमण से अबतक 468 लोगों की मौत हुई है। 


जिले में 17 लाख 50 हजार से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। विदेश से लौटने वाले यात्रियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अब तक जिले में 10,500 यात्री विदेश से लौट चुके हैं। जिनका हवाई अड्डे पर ही कोरोना संक्रमण का टेस्ट किया गया था। उसके बाद इनको स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में 14 दिन क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। इन यात्रियों में से ओमिक्रोन से प्रभावित देशों से 2,300 यात्री वापस लौटे हैं। जिन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम में पूर्ण रूप से निगरानी रख रही हैं। गौरतलब है कि दिसंबर में लगातार कोरोना के मरीज बढ़ा रहे हैं।  जिले में प्रतिदिन चार हजार लोगों की कोरोना की जांच की जा रही है। 

 

संक्रमितों में अधिकांश बिना लक्षण वाले

डिप्टी सर्विलांस अधिकारी डा मनोज कुश्वाहा का कहना है कि विदेश से लौटने के बाद संक्रमित मिले लोगों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग को भेजे जा रहे हैं। सीएमओ डा सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि वीरवार को मिले संक्रमितों में अधिकांश बिना लक्षण वाले हैं। इसलिए ज्यादातर को अस्पताल में भर्ती करने के बजाए होम आइसोलेट किया गया है। संक्रमित मिले की जानकारी लेकर उनके घर टीम भेजी गई है।




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कोरोना : सरकार ने आठ राज्यों से कहा, सख्ती बरतें

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जांच बढ़ाने, अस्पताल को मजबूत करने, टीकाकरण अभियान को बढ़ाने और संक्रमण के प्रसार का मुकाबला करने के लिए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने को कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पत्र लिखकर दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और झारखंड को घरेलू यात्रा में हाल में वृद्धि और विवाह, उत्सव समारोह जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने 29 दिसंबर को लिखे पत्र में कहा कि सर्दियों के मौसम और कुछ राज्यों में बढ़ते प्रदूषण के साथ, आईएलआई/एसएआरआई और श्वसन संबंधी लक्षणों की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए। भूषण ने कहा कि यह देखा गया है कि कुछ राज्यों में मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है और मामलों के दोगुने होने का समय कम हुआ है। दिल्ली में पिछले दो हफ्तों में मामलों में अचानक और महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। पत्र में कहा गया है कि इस मुद्दे पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न तो संक्रमण बढ़े और न ही हम मामलों की देर से पता लगाने के कारण बढ़ी हुई मृत्यु दर की स्थिति तक पहुंच जाए। गुजरात के लिए पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि अहमदाबाद, राजकोट और सूरत जिलों में पिछले दो हफ्तों में मामलों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। पत्र में कहा गया है कि झारखंड के रांची, कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी, हरियाणा के गुरुग्राम, तमिलनाडु के चेन्नई, महाराष्ट्र के मुंबई, मुंबई उपनगरीय, पुणे, ठाणे और नागपुर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी पिछले दो हफ्तों में मामलों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय ने कहा कि इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जांच बढ़ाने और सभी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी जाती है।



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मथुरा में चार एनआरआई सहित सात नए कोरोना पॉजिटिव मिले, कुल संख्या 14 पर पहुंची

मथुरा : उत्तर प्रदेष के मथुरा जनपद में मंलवार शाम तक कोरोना वायरस संक्रमण के सात नये मामले सामने आये हैं जिसके बाद जिले में संक्रमितों की कुल सख्ंया बढ कर अब 14 हो गयी है।


संक्रमितों में विदेशी नागरिक एवं विदेश यात्रा से लौटे लोग शामिल हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।


जिले के कोरोना नियंत्रण कक्ष के प्रभारी डॉ. भूदेव सिंह ने बताया, जनपद में कोरोना का दायरा एक बार फिर से बढ़ने लगा है और मंगलवार को सात लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुयी है।


उन्होंने बताया कि जनपद में सात नए संक्रमित मिलने के बाद जनपद में उपचाराधीन मामलों की संख्या 14 हो गयी है। इनमें से चार लोग जनपद से बाहर जा चुके हैं और शेष का उपचार चल रहा है।






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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कारण कोविड-19 के मामले बढ़ रहे : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री

नई दिल्ली : कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय यात्री जिनकी हवाई अड्डे पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, कुछ दिनों के बाद संक्रमित पाए जा रहे हैं और इस अवधि के दौरान उनके परिवार के सदस्य भी संक्रमित हो रहे हैं।


जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कारण मामले बढ़े हैं। पूर्व की लहर के दौरान भी, उड़ानें आने के साथ मामले बढ़े थे।’’


दिल्ली में बुधवार तक ओमीक्रोन के 238 मामले आ चुके हैं। एक दिन पहले वायरस के नए स्वरूप के संक्रमण के 165 मामले थे। राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को कोविड-19 के 496 मामले आए जो चार जून के बाद सर्वाधिक मामले हैं। संक्रमण दर भी बढ़कर 0.89 प्रतिशत हो गई है।


अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 30 नवंबर को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर ‘जोखिम वाले’ देशों से आने वाले लोगों की जांच रिपोर्ट हवाई अड्डे पर निगेटिव आती है तो तो उन्हें एक सप्ताह के लिए गृह पृथक-वास के नियम का पालन करना होगा। आगमन के आठवें दिन फिर से जांच की जाती है और यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन्हें अगले सात दिनों तक अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी। संक्रमित पाए जाने पर ऐसे लोगों के नमूने निर्धारित प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं और तय प्रक्रिया के मुताबिक उपचार किया जाता है।


मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई लोगों की हवाई अड्डे पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी और उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई। जिला प्रशासन ऐसे लोगों के साथ संपर्क में है। घर पहुंचने के बाद ऐसे लोगों ने फिर से जांच कराई और वे संक्रमित पाए गए। इस दौरान ऐसे लोगों के घर के सदस्य भी संक्रमित हुए। ’’


जैन ने कहा कि ओमीक्रोन स्वरूप बेहद संक्रामक है और संकेत दिया कि मामलों में बढ़ोतरी के पीछे यह एक कारण हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादा मामले विदेशों से आए यात्रियों और उन लोगों के हैं जिन्होंने दूसरे स्थानों की यात्राएं की। अगर वे संक्रमित पाए जाते हैं तो उन्हें पृथक-वास में भेजा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हमने देखा है कि मरीजों को ऑक्सीजन की मदद की जरूरत नहीं होती और वे आसानी से ठीक हो जाते हैं।’’ उन्होंने लोगों से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया।


मामलों में वृद्धि के मद्देनजर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज, सिनेमा और जिम बंद रहेंगे।






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अधिकारियों की बेपरवाही, डिपो पर लापरवाही

साहिबाबाद :  कोरोना का ओमीक्रोन स्वरूप तेजी ले फैल रहा है, लेकिन कौशांबी डिपो पर अधिकारियों की बेपरवाही से खूब लापरवाही हो रही है। बस डिपो के दुकानदार, चालक-परिचालक, स्टाफ या यात्री मास्क तक नहीं पहन रहे हैं। डिपो पर लगीं हैंड सैनिटाइजेशन मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए अनाउंसमेंट तक नहीं किया जा रहा है।


सैनिटाइजेशन मशीनें बंद : डिपो पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिग नहीं की जा रही है। कौशांबी डिपो पर लगीं सैनिटाइजेशन मशीनें बंद पड़ी हैं। संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन रोडवेज के अधिकारियों की लापरवाही से सैनिटाइजेशन मशीन भी नहीं चल रही है। संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा : दिल्ली में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसकी गंभीरता को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं लेकिन दिल्ली से सटे कौशांबी डिपो पर बरती जा रही लापरवाही से दूर तक संक्रमण फैल सकता है। यहां से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ उत्तराखंड और बिहार के लिए भी बसें जाती हैं। सैनिटाइजेशन मशीनें खराब हो गई हैं। जल्द ठीक करा दी जाएगीं। दोबारा अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। मास्क न पहनने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।


- एनके गंगवार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कौशांबी डिपो




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कोराना पाजिटिव मरीज मिलने के बाद परिवहन विभाग एलर्ट : यात्रियों को कोविड गाईड लाईन का पालन करना पडेगा : एआरटीओ

कुशीनगर : उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए परिवहन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीएम के निर्देश पर परिवहन विभाग की तरफ से अभियान चलाकर वाहन चालकों और यात्रियों को कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्क किया जा रहा है। इसके अलावा बुधवार को एआरटीओ की तरफ से जिले के सभी प्राइवेट बस स्टेशन और परिवहन निगम के अधिकारियों को पत्र जारी कर बस संचालन के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए निर्देश दिया है।


जिले के एनएच-28 और पडरौना-कसया मार्ग पर सहायक परिवहन अधिकारी मोहम्मद अजीम और यात्री कर अधिकारी राजकुमार की अगुवाई में अभियान चलकार वाहन चालकों और यात्रियों को कोरोना संक्रमण के प्रति के जागरूक किया गया। एआरटीओ ने कहा कि शासन कोरोना संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। लेकिन सरकार के इस प्रयास में लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है। ऐसे में यात्रा करते समय बस चालक व परिचालकों के साथ सभी यात्रियों को कोरोना गाइडलाइन का शत प्रतिशत पालन करना चाहिए। उन्होंने 15 बस और पांच ट्रकों की जांचकर वाहन चालकों और यात्रियों को सड़क सुरक्षा नियमों के अलावा कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की अपील की।


इसके अलावा एआरटीओ ने जिले के सभी प्राइवेट बस स्टेशन के पदाधिकारियों और परिवन निगम के एआरएम को पत्र भेजा है। इसमें बसों को सैनिटाइज कर सवारी बैठाने, परिचालक के पास सैनिटाइजर और मास्क रखने की अपील की है। उन्होंने चेताया कि यदि जांच के दौरान कोरोना गाइडलाइन के अनुपालन में कोई भी लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।



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आर्टेटा दोबारा कोविड पॉजिटिव, बार्सीलोना में तीन मामले

लंदन :  आर्सेनल के मैनेजर माइकल आर्टेटा एक बार फिर कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं और नए साल के दिन मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ टीम के प्रीमियर लीग फुटबॉल मैच के दौरान अनुपस्थित रहेंगे।


आर्सेनल ने बुधवार को यह जानकारी दी।


आर्टेटा मार्च 2020 में भी पॉजिटिव पाए गए थे और तब उनके पॉजिटिव नतीजे की लीग के निलंबन में अहम भूमिका थी।


आर्टेटा तीसरे प्रीमियर लीग मैनेजर हैं जो कोविड-19 संक्रमण के बाद अभी पृथकवास पर हैं। इससे पहले क्रिस्टल पैलेस के पैट्रिक विएरा और एस्टन विला के स्टीवन गेरार्ड भी पृथकवास पर हैं।


अर्सेनल ने कहा, ‘‘सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार माइकल पृथकवास पर चले गए हैं और हम उनके उबरने की कामना करते हैं।’’


आर्टेटा इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के सहायक कोच थे।


इस बीच स्पेन में बार्सीलोना ने घोषणा की है कि उसके तीन खिलाड़ी ओसमाने डेम्बेले, सैमुअल उमटिटी और गावी रविवार को मालोर्का के खिलाफ होने वाले लीग मैच से पहले कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं।


बार्सीलोना ने ट्वीट किया, ‘‘खिलाड़ियों का स्वास्थ्य ठीक है और वे अपने घरों पर पृथकवास पर हैं।’’






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दिल्ली में अभी जारी रहेगा ‘येलो अलर्ट’, नए प्रतिबंध से पहले हालात की निगरानी करेंगे अधिकारी

नई दिल्ली : दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बुधवार को फैसला किया कि दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ के तहत कोविड-19 से संबंधित लगाए गए प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेंगे और नई पाबंदियों पर निर्णय लेने से पहले अधिकारी कुछ समय के लिए स्थिति की निगरानी करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।


यह निर्णय उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जो डीडीएमए के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विशेषज्ञ शामिल हुए।


ओमीक्रोन स्वरूप के प्रसार के साथ कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच डीडीएमए ने मंगलवार को दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया। ‘येलो अलर्ट’ में रात के कर्फ्यू, स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने, सम-विषम के आधार पर गैर-जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों को खोलने, मेट्रो ट्रेनों और बसों में आधी सीटों पर यात्रा की अनुमति जैसे प्रतिबंध शामिल हैं।


सूत्रों ने कहा कि डीडीएमए ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में ‘येलो अलर्ट’ के तहत लगाए गए प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी कुछ और समय के लिए स्थिति पर नजर रखने और ‘एम्बर अलर्ट' के तहत आगे प्रतिबंध लगाने से बचने के पक्ष में हैं। ‘एम्बर अलर्ट’ तब घोषित किया जाता है जब संक्रमण दर लगातार दो दिनों तक एक प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की जाती है।


एक सूत्र ने कहा, ‘‘इस बात पर चर्चा की गई कि कोविड-19 के अधिकतर मामले बिना लक्षण वाले अथवा हल्के लक्षण के हैं और कम लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हुई है, जो इंगित करता है कि स्थिति उतनी खराब नहीं है।’’


बैठक के दौरान ‘येलो अलर्ट’ के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया। सूत्रों ने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो आपातकालीन उपाय किए जा सकते हैं।


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 496 नए मामले आए जो चार जून के बाद से सर्वाधिक है जबकि संक्रमण दर 0.89 प्रतिशत हो गई है।



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ह्यूग जैकमेन कोरोना वायरस से संक्रमित, ‘म्यूजिक मैन’ प्रस्तुति रद्द की

लॉस एंजिलिस : हॉलीवुड अभिनेता ह्यूग जैकमेन ने कहा है कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और उन्हें सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण हैं।


मंगलवार को इंस्टाग्राम पर 53 वर्षीय अभिनेता ने खुद के कोविड-19 की चपेट में आने की जानकारी साझा की। संक्रमण के चलते उन्हें अपने ब्रॉडवे कार्यक्रम ‘द म्यूजिक मैन’ से संबंधित प्रस्तुतियों को रद्द करना पड़ा है।


अभिनेता ने 30 सेकंड के एक वीडियो में कहा, “मैं आपको बस इतना बताना चाहता हूं कि मैं आज सुबह कोविड की जांच में संक्रमित पाया गया हूं। मेरे लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे हैं, मेरे गले में खराश है और नाक से पानी आ रहा है।”


उन्होंने कहा, “लेकिन मैं ठीक हूं और मैं जैसे ही पूरी तरह ठीक हो जाऊंगा, वैसे ही जल्द से जल्द मंच पर वापस आऊंगा।”


जैकमैन के वीडियो पोस्ट करने के तुरंत बाद, ‘द म्यूजिक मैन’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज ने भी घोषणा की कि शनिवार तक सभी प्रस्तुतियां रद्द रहेंगी।


ब्रॉडवे म्यूजिकल दो जनवरी को फिर से शुरू होगा और जैकमैन छह जनवरी को शो में वापसी करेंगे।


जैकमैन से पहले उनके सह-कलाकार सटन फोस्टर पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित मिले थे। फोस्टर दो जनवरी को कार्यक्रम में लौटेंगे।


कोविड-19 के मामले बढ़ने के चलते अमेरिका में पिछले दो हफ्तों में, ‘हैमिल्टन’, ‘द लायन किंग’ और ‘अलादीन’ सहित दर्जनों ब्रॉडवे शो प्रस्तुतियां रद्द करनी पड़ी हैं। 







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ओमीक्रोन के कहर से बचा हुआ है एशिया, लेकिन मामलों में वृद्धि अपरिहार्य है

ताइपे : एशिया का अधिकांश भाग कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्वरूप ओमीक्रोन को दूर रखने में कामयाब रहा है जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों में इसका प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन वह क्षेत्र जहां दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी है, वहां इसके मामलों में वृद्धि अपरिहार्य तौर पर देखने को मिल सकती है।


विदेशों से आने वालों के लिए पृथक-वास के सख्त नियम और बड़े पैमाने पर मास्क लगाने को अनिवार्य करने जैसे नियमों ने कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक स्वरूप के प्रसार को धीमा रखने में मदद की है। जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड ने हाल के हफ्तों में प्रवेश और पृथक-वास प्रतिबंधों को फिर से प्रभावी बना दिया जबकि बीत दिनों ही इनमें राहत दी गई थी।


लेकिन मामले बढ़ रहे हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ महीने अहम रहने वाले हैं। जापान सरकार के एक शीर्ष चिकित्सा सलाहकार ने डॉ शीगेरु ओमी ने कहा, “एक बार जब गति बढ़ जाएगी, तो मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगेंगे।”


इस साल की शुरुआत में विनाशकारी कोविड-19 के प्रकोप के बाद सामान्य हो रहा भारत, लगभग 1.4 अरब लोगों के देश में 700 से अधिक मामलों के साथ, ओमीक्रोन एक बार फिर से भय पैदा कर रहा है।


ऑस्ट्रेलिया पहले से ही कोविड-19 के कई मामलों से निपट रहा है जहां एक राज्य के नेता ने बुधवार को कहा कि "ओमीक्रोन बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।"


इसके अलावा, थाईलैंड में 700 मामले हो गए हैं, दक्षिण कोरिया में 500 से अधिक और जापान में 300 से अधिक मामले हैं। चीन, जिसने दुनिया के कुछ सबसे सख्त वायरस नियंत्रण लागू किए हुए हैं, वहां भी कम से कम आठ मामलों की जानकारी है।


फिलीपीन में केवल चार मामले सामने आए हैं, जहां लोग क्रिसमस से पहले शॉपिंग मॉल और एशिया के सबसे बड़े रोमन कैथोलिक राष्ट्र में सामूहिक प्रार्थना के लिए आए। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने कोविड-19 वार्डों को खत्म करना भी शुरू कर दिया है लेकिन यह समय से पहले उठाया गया कदम साबित हो सकता है।


जापान को नए स्वरूप के प्रसार को रोकने में मदद मिली, जिसमें प्रवेश प्रतिबंधों को फिर से लागू करना, सभी आगमनों के लिए अनिवार्य कोविड-19 जांच और एक उड़ान में किसी भी यात्री के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाए जाने पर सभी यात्रियों को अलग-थलग करने जैसे कदम शामिल हैं।


लेकिन पिछले हफ्ते जब पड़ोसी शहरों ओसाका और क्योटो में पहले स्थानीय रूप से प्रसारित मामलों की पुष्टि हुई तो यह रोकथाम कमजोर पड़ गई।


ताइवान, जहां प्रमुख शहरों में मास्क पहनना अनिवार्य है, ने मॉडर्ना टीके की अतिरिक्त खुराकें देनी आरंभ कर दी है।


प्रारंभिक शोध से पता चला है कि फाइजर, एस्ट्राजेनेका और मॉडर्ना टीकों की अतिरिक्त खुराकें ओमीक्रोन के खिलाफ सुरक्षा कम होने के बावजूद प्रभावी रहे हैं।







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आई लीग पर कोरोना का साया, कम से कम 7 खिलाड़ी संक्रमित, बायो बबल में रहने, खेलने के बावजूद आए पॉजिटिव

कोलकाता : आई लीग फुटबॉल बुधवार को कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया जब विभिन्न टीमों के कई खिलाड़ी बायो बबल में रहने और खेलने के बावजूद पॉजिटिव पाये गए।


समझा जाता है कि दस से अधिक लोग संक्रमित पाये गए हैं जिनमें कम से कम सात खिलाड़ी हैं। रीयल कश्मीर एफसी के पांच, मोहम्मद स्पोर्टिंग और श्रीनिधि डेक्कन एफसी का एक एक खिलाड़ी मंगलवार को हुई जांच में पॉजिटिव पाया गया है।


लीग के एक सूत्र ने बताया,‘‘ रीयल कश्मीर के पांच खिलाड़ी और तीन अधिकारी और मोहम्मडन स्पोर्टिंग तथा श्रीनिधि डेक्कन एफसी का एक एक खिलाड़ी पॉजिटिव पाया गया है।’’


लीग की आपात बैठक आज शाम चार बजे बुलाई गई है ताकि इसे जारी रखने या रद्द करने पर फैसला लिया जा सके।





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घातक होगी ओमिक्रोन संक्रमण मामले में लापरवाही

देश में ओमिक्रोन के लगातार बढ़ते मामलों से दहशत का माहौल बनने लगा है। बढ़ रहे मामलों को देखते हुए फरवरी माह में कोरोना की तीसरी लहर की भविष्यवाणी की जा रही है।


ऐसे में पहले से ही रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के साथ-साथ एक और लॉकडाउन का डर अभी से सताने लगा है। दरअसल, चंद दिनों में ही ओमिक्रोन के देशभर में 500 से भी ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं और यह आंकड़ा प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। इसी के चलते कुछ राज्यों द्वारा 'नाइट कर्फ्यू' लगाए जाने की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि ओमिक्रोन को लेकर सरकार द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि इसमें ऑक्सीजन की जरूरत कम ही है। फिर भी संक्रमण की रफ्तार से तीसरी लहर की चिंता स्वाभाविक ही है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर इससे निपटने के लिए समय रहते केन्द्र तथा राज्य सरकारों द्वारा प्रभावी उपाय किए जाने की सख्त आवश्यकता है।


24 नवम्बर 2021 को जहां ओमिक्रोन का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था, वहीं भारत सहित पूरी दुनिया में केवल एक महीने के अंदर ही यह 110 से भी ज्यादा देशों में फैल चुका है। इस एक महीने में दुनियाभर में इस वेरिएंट के लाखों मामले सामने आ चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमण के 95 फीसदी मामलों की प्रमुख वजह ओमिक्रोन ही है। ब्रिटेन में जहां 29 नवम्बर तक ओमिक्रोन के 0.17 फीसदी मामले सामने आ रहे थे, वहीं 23 दिसम्बर तक इसके 38 फीसदी मामले दर्ज किए गए। यही हाल अमेरिका का भी है, जहां ओमिक्रोन की वजह से संक्रमण दर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हाल यह रहा कि 22 दिसम्बर तक हर चौथा मामला ओमिक्रोन की वजह से आया।भारत में भी यह संक्रमण फैलने की रफ्तार काफी तेज है।


चिंताजनक स्थिति यह है कि ओमिक्रोन में अब तक कुल 53 म्यूटेशन हो चुके हैं और यह डेल्टा के मुकाबले बहुत तेजी से फैलता है। डेल्टा में कुल 18 और इसके स्पाइक प्रोटीन में दो म्यूटेशन हुए थे लेकिन ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में 32 म्यूटेशन हो चुके हैं। इसके रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में भी 10 म्यूटेशन हो चुके हैं। वायरस स्पाइक प्रोटीन के जरिये ही मानव शरीर में प्रवेश करता है। लंदन के इंपीरियल कॉलेज के वायरोलॉजिस्ट डा. टोम पीकॉक के मुताबिक वायरस में जितने ज्यादा म्यूटेशन के जरिए वेरिएंट बनेगा, वह उतना ही अधिक खतरनाक होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ओमिक्रोन को कई दिनों पहले ही 'वेरिएंट ऑफ कंर्सन' घोषित करते हुए कह चुका है कि तेजी से फैलने वाला यह वेरिएंट लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डा. सुसान हॉपकिंस का कहना है कि कोरोना का यह वेरिएंट दुनियाभर में प्रमुख डेल्टा स्ट्रेन सहित अन्य किसी भी वेरिएंट के मुकाबले बदतर होने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार डेल्टा वेरिएंट की आर वैल्यू 6-7 थी अर्थात् एक व्यक्ति वायरस को 6-7 व्यक्तियों में फैला सकता है। ओमिक्रोन की आर वैल्यू तो डेल्टा के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा है। इसका अर्थ है कि ओमिक्रोन से संक्रमित मरीज 35-45 लोगों में संक्रमण फैलाएगा।


भारत में ओमिक्रोन का पहला मामला 2 दिसम्बर को सामने आया था और उसके बाद से मूल वायरस के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा तेज रफ्तार से फैल रहा है। दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन का सबसे पहले पता लगाने वाली 'साउथ अफ्रीकन मेडिकल एसोसिएशन' की अध्यक्ष डा. एंजेलिक कोएत्जी का भारत के संदर्भ में कहना है कि कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट के कारण यहां संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दिखेगी। हालांकि, मौजूदा टीकों से इस रोग को फैलने से रोकने में निश्चित ही मदद मिलेगी।टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों को शत-प्रतिशत खतरा है। यही वजह है कि इस समय टीकाकरण पर बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है और बहुत सारी सेवाओं में टीकाकरण प्रमाण पत्र को अनिवार्य किया जा रहा है। एंजेलिक कोएत्जी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का टीकाकरण हो चुका है या जो व्यक्ति पहले भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है, उससे संक्रमण कम लोगों को फैलेगा और टीकाकरण नहीं कराने वाले लोग वायरस को संभवतः शत-प्रतिशत फैलाएंगे।


डा. एंजेलिक कोएत्जी के मुताबिक ओमिक्रोन उच्च संक्रमण दर के साथ तेजी से फैल रहा है, लेकिन अस्पतालों में गंभीर मामले अपेक्षाकृत कम हैं। यह बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है और वे भी औसतन 5 से 6 दिन में ठीक हो रहे हैं लेकिन ओमिक्रोन भविष्य में अपना स्वरूप बदलकर अधिक घातक बन सकता है। अधिकांश विशेषज्ञों की भांति उनका भी यही मानना है कि टीकाकरण के अलावा कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन ओमिक्रोन संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। लापरवाहियों के चलते भारत कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तबाही का जो मंजर देख चुका है, ऐसे में यदि चुनावी रैलियों में सभी राजनीतिक दलों द्वारा इसी प्रकार भारी भीड़ जुटाई जाती रही तो डर यही है कि कहीं फिर से वही हालात न पैदा हों, जैसे मार्च-अप्रैल में चुनाव प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी राज्य विधानसभा चुनावों की रैलियों में जुटाई गई भारी भीड़ के चलते हुए थे। सवाल यह भी उठता है, जब भी ऐसे सवाल उठते हैं तो संबंधित राज्यों में नाइट कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाकर कोरोना के खिलाफ सख्त कदम जैसी बातें दोहराई जाने लगती हैं लेकिन यह कैसी हास्यास्पद स्थिति है कि अधिकांश जगहों पर जहां रात में सड़कें पहले ही सुनसान रहती हैं, वहां कर्फ्यू और दिन में शादी-ब्याह जैसे समारोहों में 100-200 लोग, तो रैलियों में लाखों की भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति होती है। अदालतें इसके लिए बार-बार फटकार लगाते हुए सचेत भी करती रही हैं किन्तु डर इसी बात का है कि कहीं महज कागजों तक ही सीमित कोरोना पाबंदियां तीसरी लहर को खौफनाक न बना दें।


-योगेश कुमार गोयल-

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)



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चुनाव ड्यूटी पर तैनात किये जाने वाले कर्मी होंगे कोविड टीके की एहतियाती खुराक के हकदार :सरकार

नई दिल्ली : देश के पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव ड्यूटी पर तैनात किये जाने वाले कर्मियों को अग्रिम पंक्ति की श्रेणी में शामिल किया जाएगा और वे कोविड-19 की एहतियाती खुराक के हकदार होंगे। यह निर्णय पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समय पर कराए जाने के बढ़ते संकेतों के बीच लिया गया है।


निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में विधानसभा चुनावों के लिए अगले महीने की शुरूआत में तारीखों की घोषणा करने की संभावना है।


स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में मंगलवार को कहा कि चुनावी राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किये जाने वाले कर्मियों को अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।


पत्र में कहा गया है, ‘‘एहतियात के तौर पर, जिन स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों ने दोनों खुराक लगवा ली है, उन्हें 10 जनवरी 2022 से कोविड-19 टीके की एक और खुराक दी जाएगी। ’’


इसमें कहा गया है, ‘‘इस एहतियाती खुराक के लिये प्राथमिकता और अनुक्रम दूसरी खुराक लगने की तारीख से नौ महीने पूरे होने पर आधारित होगा।’’


निर्वाचन आयोग ने भूषण के साथ सोमवार पांच चुनावी राज्यों में कोविड-19 स्थिति का जायजा लिया था।






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महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ कोरोना वायरस से संक्रमित

मुंबई : महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने मंगलवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।


गायकवाड़ पिछले साल भी वायरस से संक्रमित हुई थीं और वह राज्य विधानमंडल के जारी शीतकालीन सत्र में हिस्सा ले रही थीं।


उन्होंने सोमवार को राज्य विधान परिषद में अपने मंत्रालय से संबंधित विभिन्न सवालों के जवाब दिए।


मंत्री ने ट्वीट किया, 'कल शाम लक्षण महूसस होने के बाद आज मुझे पता चला कि मैं कोरोना वायरस से संक्रमित हूं। मेरे लक्षण हल्के हैं। मैं ठीक हूं और मैंने खुद को पृथक कर लिया है। पिछले कुछ दिनों में मुझसे मुलाकात करने वालों से एहतियात बरतने का आग्रह करती हूं।'


कांग्रेस नेता गायकवाड़ ने हाल में उत्तर प्रदेश का दौरा भी किया था।








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तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन कोरोना वायरस से संक्रमित

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन ने मंगलवार को कहा कि उनकी जांच में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है और अभी वह घर पर पृथक-वास में हैं।


ब्रायन राज्यसभा सदस्य हैं।


उन्होंने पिछले तीन दिन में अपने संपर्क में आए लोगों से अनुरोध किया है कि लक्षण दिखने पर वह चिकित्सकीय परामर्श लें।


ब्रायन ने ट्वीट किया, ''कोविड से संक्रमित हूं और हल्के लक्षण हैं। घर पर पृथक-वास में हूं। पिछले तीन दिन में अगर आप मेरे संपर्क में आए हैं और आपको लक्षण हैं तो कृपया चिकित्सकीय परामर्श लें।





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ओमिक्रॉन और सेवाओं का निर्यात

कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट के उत्पन्न होने से एक बार पुनः विश्व अर्थव्यवस्था पर संकट आ पड़ा है। अलग-अलग देशों में अलग-अलग समय पर लॉकडाउन की स्थिति बन रही है। ऐसी स्थिति में जो देश दूसरे देशों से कच्चे माल के आयात अथवा उत्पादित माल के निर्यात पर निर्भर रहते हैं, उनका संकट बढ़ जाता है। हाल में एक कार निर्माता के एजेंट ने बताया कि अपने देश में गाडि़यों की खरीद की इस समय लगभग 6 से 8 महीने की वेटिंग लिस्ट हो गई है। कारण यह है कि कार के उत्पादन में लगने वाला एक छोटा सा ‘सेमी कंडक्टर’, जिसका मूल्य मात्र 2000 रुपए है, वह भारत में नहीं बन रहा है और उसका आयात भी नहीं हो पा रहा है क्योंकि निर्यात करने वाले देशों में कोविड का संकट आ पड़ा है। इससे दिखाई पड़ता है कि कोविड के कारण उत्पादित माल का विश्व व्यापार संकट में है। यदि एक भी कच्चा माल उपलब्ध नहीं हुआ तो पूरा उत्पादन ठप्प हो जाता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पत्रिका ‘फाइनांस एंड डेवलोपमेंट’ में एक लेख में कहा गया है कि कोविड संकट के कारण तमाम देश उत्पादित माल वैश्वीकरण से पीछे हटेंगे। इसी क्रम में अपने देश में दवाओं के उद्योग पर भी वर्तमान में संकट है क्योंकि चीन से आयातित होने वाले कुछ कच्चे माल उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी तरफ हमारे निर्यात भी संकट में हैं क्योंकि इंग्लैंड और नीदरलैंड जैसे देशों में कोविड के कारण लॉकडाउन की स्थिति बन रही है और उनके द्वारा हमारा माल खरीदा नहीं जा रहा है।


 इन संकटों की विशेषता यह है कि ये माल अथवा भौतिक वस्तुओं के व्यापार से उत्पन्न हुए हैं जैसे सिलिकान चिप या दवा के कच्चे माल जिनकी ढुलाई एक देश से दूसरे देश में समुद्री जहाज अथवा हवाई जहाज से करनी होती है। माल का भौतिक उत्पादन जिस देश में होता है, यदि वह देश निर्यात न कर सके तो आयात करने वाले दूसरे देश पर संकट आ पड़ता है। इसलिए कोविड के कारण सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। तुलना में सेवा क्षेत्र की स्थिति अच्छी है। कारण यह कि सेवाएं जैसे ऑनलाइन ट्यूशन, टेली मेडिसिन, अनुवाद, सिनेमा, संगीत, साफ्टवेयर इत्यादि के माल की ढुलाई समुद्री अथवा हवाई जहाज से करने की जरूरत नहीं होती है। इसकी ढुलाई इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है। अतः किसी देश में यदि लॉकडाउन लगा भी है तो कर्मी अपने घर में बैठकर इंटरनेट से इनका उत्पादन और सप्लाई अनवरत कर सकते हैं। इसलिए वर्तमान ओमिक्रॉन के संकट को देखते हुए हमें भी सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने की जरूरत है। मैन्युफैक्चरिंग और सेवा में दूसरा मूल अंतर सूर्योदय और सूर्यास्त का है। आज औद्योगिक देशों में सेवा क्षेत्र का अर्थव्यवस्था में हिस्सा लगभग 90 प्रतिशत, मैन्युफैक्चरिंग का 9 प्रतिशत और कृषि का मात्र एक प्रतिशत है। भारत में इस समय सेवा लगभग 60 प्रतिशत, मैन्युफैक्चरिंग लगभग 25 प्रतिशत और कृषि 15 प्रतिशत है। दोनों की तुलना करने से स्पष्ट है कि अपने देश में भी सेवा का हिस्सा 60 प्रतिशत से आगे बढ़ेगा तो मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा 25 प्रतिशत से घटेगा अथवा हम कह सकते हैं कि सेवा क्षेत्र में सूर्योदय होगा जबकि मैन्युफैक्चरिंग में सूर्यास्त रहेगा।


 इस परिस्थिति में विश्व बाजार में सेवाओं जैसे ऑनलाइन ट्यूशन की मांग में वृद्धि होगी जबकि उत्पादित माल की मांग में तुलना में कम वृद्धि होगी अथवा गिरावट भी हो सकती है। जाहिर है कि जिस क्षेत्र में मांग बढ़ने की संभावना है, उस क्षेत्र में यदि हम प्रवेश करेंगे तो अपने माल को आसानी से बेच पाएंगे। सूर्यास्त वाले क्षेत्र में हमको अपना माल बेचने में आगे तक कठिन समस्याएं आएंगी। सेवा और मैन्युफैक्चरिंग का तीसरा अंतर है कि मैन्युफैक्चरिंग में उत्तरोत्तर रोबोट और ऑटोमैटिक मशीनों का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इतना सही है कि सेवा क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी रोजगार में गिरावट आ सकती है। लेकिन सेवा के तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जिनका काम कम्प्यूटर से नहीं हो सकता है जैसे ऑनलाइन ट्यूशन को लें। यदि जर्मनी में बैठे किसी युवा को आपको गणित की शिक्षा देनी है तो वह सॉफ्टवेयर प्रोग्राम से कम ही सफल होगी। उसके लिए सामने एक अध्यापक बैठा होना चाहिए जो छात्र अथवा छात्रा के प्रश्नों का उत्तर दे सके और उनकी कठिनाइयों का निवारण कर सके। लगभग एक दशक पूर्व एनिमेटेड फिल्मों का जोर था। कम्प्यूटर से बनाई गई फिल्में कुछ आईं। समयक्रम में अब इनका चलन समाप्त होने लगा है और आज एनिमेटेड सिनेमा का उत्पादन कम हो रहा है। इसका अर्थ यह है कि कुछ विशेष सेवा क्षेत्रों को छोड़ दें तो ऑनलाइन ट्यूशन जैसे तमाम स्थान हैं जहां कम्प्यूटर अथवा रोबोट मनुष्य का स्थान नहीं ले सकेंगे। इसलिए सेवा क्षेत्र तुलना में सुरक्षित रहेगा। चौथा अंतर यह है कि अपने देश में प्राकृतिक संसाधनों का अभाव है। प्रति हेक्टेयर भूमि में हमारी जनसंख्या दूसरे देशों की तुलना में अधिक है। अपने देश में कोयला, बिजली और अन्य खनिज भी दूसरे देशों की तुलना में कम ही पाए जाते हैं। मैन्युफैक्चरिंग में इन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग अधिक होता है।


 जैसे आपको स्टील बनाने के लिए कोयला और लौह खनिज की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। यदि आपके पास कोयला नहीं है तो आपको उसका आयात करना होगा और जो कि महंगा पड़ेगा और आयातित कोयले से आपके द्वारा निर्मित स्टील महंगा पड़ेगा। ये 4 कारण बताते हैं कि आने वाले समय में सेवा क्षेत्र में हमारी स्थिति अच्छी हो सकती है। पहला कि मैन्युफैक्चरिंग का वैश्वीकरण पीछे हटेगा, दूसरा सेवा क्षेत्र का हिस्सा उत्तरोत्तर बढ़ रहा है, तीसरा सेवा क्षेत्र में रोजगार तुलना में सुरक्षित हैं और चौथा सेवा क्षेत्र के लिए प्रमुख कच्चा माल शिक्षा है जो हमारे पास उपलब्ध है और प्राकृतिक संसाधनों का अपने यहां अभाव है। इन चारों कारणों को देखते हुए हमको ओमिक्रॉन वैरिएंट का सामना करने के लिए उत्पादित माल के निर्यात के स्थान पर सेवाओं के निर्यात पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह आश्चर्य की बात है कि इन तमाम तथ्यों के बावजूद सरकार का ध्यान उत्पादित माल के निर्यात पर ही अधिक दिखता है। इसका एकमात्र कारण यह दिखता है कि उत्पादित माल की फैक्टरी लगाने में जमीन का आवंटन, बिजली का कनेक्शन, पोलूशन का अनापत्ति पत्र, जंगल काटने की स्वीकृति, ड्रग लाइसेंस, फूड प्रोडक्ट का लाइसेंस इत्यादि, तमाम सरकारी लाइसेंसों की जरूरत पड़ती है जिसमें नौकरशाही को भारी लाभ होता है। इसलिए सरकार को विचार करना चाहिए कि क्या वह नौकरशाही के हितों की रक्षा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग को ही बढ़ाएगी अथवा जनता के हित साधने के लिए सेवाओं के निर्यात पर विशेष ध्यान देगी? यह आज की चुनौती है।


-भरत झुनझुनवाला-









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वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी सौरव गांगुली कोरोना संक्रमित

कोलकाता : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष व भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।उन्हें कोलकाता के वुडलैंड अस्पताल में एहतियात के तौर पर भर्ती कराया गया है, जहां वह आइसोलेशन में हैं। सौरव की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट सोमवार रात को पाजिटिव आई थी।वह इस साल दूसरी बार अस्पताल में भर्ती हुए हैं।

मालूम हो कि इन दिनों भारत समेत दुनिया भर में में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रोन वेरिएंट तेजी से फैलने की खबरें आ रही हैं। सौरव लगातार यात्रा कर रहे थे। इस बीच उनका आरटी पीसीआर टेस्ट पाजिटिव आया है, जिसके बाद उन्हें भर्ती कराया गया है। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा, उन्हें दवा दी गई है और उनकी हालत स्थिर है। जानकारी हो कि 49 साल के सौरव फिलहाल डाक्टर की निगरानी में हैं। बता दें कि सौरव को इस साल की शुरुआत में दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिल से जुड़ी परेशानियों के बाद उनकी आपात एंजियोप्लास्टी कराई गई थी। उनके बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली भी इस साल कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे।



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दो महीनों में दिल्ली में बढ़ेंगे कोविड के मामले; फरवरी में अधिकतम होने की आशंका : विशेषज्ञ

नई दिल्ली : दिल्ली में कोविड-19 के ताजा मामलों की संख्या महीने की शुरुआत की तुलना में 10 गुना बढ़ने के बीच विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि कोरोना के नये स्वरूप ओमीक्रोन के कारण अगले कुछ महीनों में संक्रमण में वृद्धि होगी। फरवरी में कोरोना संक्रमण के चरम पर पहुंचने की आशंका है।


दिल्ली में रविवार को 0.55 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ कोरोना के 290 नये मामले दर्ज किए गये, जबकि सोमवार को नए मामलों की संख्या 0.68 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 331 पर पहुंच गयी।


राष्ट्रीय राजधानी में एक दिसंबर को 0.07 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 39 नए मामले दर्ज किए गये थे। अगले दिन, संक्रमण दर घटकर 0.06 प्रतिशत हो गई, जबकि नए मामलों की संख्या 41 थी।


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच, दिल्ली में औसतन 48 दैनिक मामले दर्ज किए गए, जो 16 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच बढ़कर 95 हो गए। साप्ताहिक आधार पर इसमें 49.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।


महामारी विज्ञानी गिरिधर आर. बाबू ने कहा, "इस बात की बहुत कम आशंका है कि त्योहारी सीजन के कारण मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है, क्योंकि वैसी स्थिति में, नवंबर में दिवाली के 14 दिन बाद इसका प्रभाव देखा गया होता और नवंबर के अंत तक मामलों की संख्या बढ़ गई होती। ओमीक्रोन स्वरूप के कारण संख्या बढ़ रही है, जो अत्यधिक संक्रामक है। मामलों में तेजी से उतार-चढाव देखा जाएगा, जबकि मध्य जनवरी और मध्य फरवरी के बीच इस संक्रमण के शिखर तक पहुंचने की आशंका है।"


सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ जुगल किशोर ने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों की संख्या और संक्रमण दर में वृद्धि होना तय है, लेकिन यह मृत्यु दर में तब्दील नहीं होगा।


उन्होंने कहा, "हम केवल यह कह सकते हैं कि वर्तमान मामलों में से 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत मामले ओमीक्रोन से संबंधित हो सकते हैं, जबकि शेष अन्य स्वरूपों के कारण हो सकते हैं।"


वरिष्ठ डॉक्टर ने यह भी कहा कि जब तक स्थिति को अच्छी तरह से प्रबंधित किया जाएगा, तब तक कोई समस्या नहीं होगी।






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कोरोना के लक्षण दिखने के कारण पहले टेस्ट से बाहर हुए थे ओलिवियर : क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका

सेंचुरियन :  सुपरस्पोर्ट पार्क में रविवार को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डुआने ओलिवियर को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करने पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पहले दिन उनके गेंदबाजों ने खराब प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पहला दिन भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा था।


अब, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के चयन संयोजक विक्टर म्पित्सांग ने कहा, ओलिवियर को कोरोना के लक्षण दिखने के कारण पहले टेस्ट से बाहर किया गया था।


विक्टर म्पित्सांग के हवाले से ईएसपीएन क्रिकइन्फो ने सोमवार को बताया, ओलिवियर अब अच्छी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन वह कई हफ्ते पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसे उनको कई दिनों तक क्वारंटीन में रहना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज होने से पहले कड़ा अभ्यास किया था।


दिलचस्प बात यह है कि रविवार को मैच के पहले दिन पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर म्पित्सांग ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। ओलिवियर, जो चोटिल एनरिक नॉर्टजे की जगह टीम में शामिल हुए हैं। वह भारत के लिए दूसरे टेस्ट में वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।


ओलिवियर ने अपनी टीम लायंस के लिए चार प्रथम श्रेणी मैचों में 11.10 की औसत से 28 विकेट लिए थे, जिससे वह घरेलू प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे।




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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामले को देख विद्यालयों को बंद करने की मांग की

नई दिल्ली : प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए केजरीवाल सरकार से मांग की कि विद्यालयों को जल्द से जल्द बन्द करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके हिसाब से विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति देकर केजरीवाल सरकार बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। इतना ही नहीं कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केजरीवाल सरकार ने क्या तैयारियां की है, उसकी जानकारी सर्वदलीय बैठक बुलाकर दें। साथ ही बाजारों में उमड़ती भीड़ को काबू करने के लिए जरूरी निर्देश दें और कैसे वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, यह सुनिश्चित करें।


श्री आदेश गुप्ता ने आज एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 दिसम्बर से लगातार कोरोना पॉजिटिव केस की दर बढ़ती जा रही है। दिल्ली सरकार ने रात्रि कर्फ़्यू लगाकर साथ ही कई प्रतिबंध लगाये हैं। लेकिन हमने पहले ही मांग की थी कि जो लापरवाही दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना के पहले दोनों लहर में किया गया था वह अब ना दोहराए। उन्होंने दूसरे राज्यों में चुनावी प्रचार और झूठी घोषणाओं में व्यस्त केजरीवाल और उनके अन्य नेताओं को कहा कि अभी स्थिति भयावह बने उससे पहले इससे लड़ने की तैयारी कर लेनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख श्री नवीन कुमार जिंदल एवं प्रदेश प्रवक्ता सुश्री पूजा सूरी उपस्थित थे।


श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने पहले दो लहरों में समय से पहले तैयारियां कर लोगों को इस महामारी से बचाया और देश में 140 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लग चुके हैं, वह एक कुशल नेतृत्व की पहचान है। फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज लगाने का भी फैसला ले लिया गया है। एक तरह मोदी सरकार 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग को भी वैक्सीन लगाने की अनुमती दे दी है तो दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार बच्चों को विद्यालय और शिक्षण संस्थानों में जाने की अनुमति देकर उनके जान जोखिम में डालने में लगे हुए हैं।


श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि इस समय दिल्ली कि स्थिति क्या है और कोरोना को लेकर तैयारियां क्या है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है क्योंकि इस वक्त केजरीवाल के सभी मंत्री, विधायक एवं पदाधिकारी पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं गोआ में व्यस्त हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि पहली दो लहरों में पेपर पर की गई घोषणाएं जमीनी स्तर से नदारद थी। जब लोगों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन, जांच, बेड की जरूरत थी उस समय अफरा तफरी पैदा हो गई थी।



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पुणे स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के 13 छात्र कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए

पुणे (महाराष्ट्र) : पुणे स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के कम से कम 13 छात्रों में जांच के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। संस्थान के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 'एमआईटी वर्ल्ड पीस' विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रशांत दवे ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध शैक्षणिक संस्थान में इंजीनियिरिंग पाठ्यक्रम के तीसरे वर्ष के 13 छात्र संक्रमित पाए गए हैं और उनमें से अधिकतर में बीमारी के लक्षण नहीं हैं तथा उन्हें घर में पृथक-वास में रखा गया है।


अधिकारी ने कहा, 'हम एहतियात के तौर पर कड़े कदम उठाते हैं और संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार पर अपने छात्रों की जांच करते हैं। जांच के दौरान अगर एक छात्र जुकाम से पीड़ित पाया गया और उसे तत्काल वापस भेज दिया गया तथा उसके माता-पिता से उसकी आरटी पीसीआर जांच कराने को कहा गया।''


दवे ने कहा कि छात्र की जांच रिपोर्ट में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया गया।


उन्होंने कहा, 'सबसे पहले संक्रमित पाए गए छात्र समेत 25 छात्रों का एक समूह उस टीम का हिस्सा था, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था और कॉलेज में कार्यशाला में काम कर रहा था। सभी नजदीकी संपर्कों का पता लगाया गया, उन्हें पृथक किया गया और आरटी पीसीआर जांच करवाई गई। अब तक, 13 छात्रों की जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है, आठ संक्रमित नहीं पाए गए हैं और चार छात्रों की जांच के नतीजे आने बाकी हैं।'


अधिकारी ने बताया कि सभी संक्रमित छात्र घर पर पृथक-वास में हैं और उनमें से अधिकतर में बीमारी के लक्षण नहीं हैं।





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केन्द्र ने कोविड-19 से निपटने के लिए जारी किया नया परामर्श, ढिलाई ना बरतने की अपील की

नई दिल्ली : देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केन्द्र ने सोमवार को वैश्विक महामारी की स्थिति से निपटने के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए एक नया परामर्श जारी किया।


केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने परामर्श में कहा कि राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेश त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत के हिसाब से स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाने पर विचार करें।


राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों से ढिलाई ना बरतने की अपील करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पांच चरणीय रणनीति पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। पांच चरणीय रणनीति है - जांच, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान, उपचार, टीकाकरण और संक्रमण के मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों का पालन।


उन्होंने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से कहा कि 21 दिसंबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेशों पर गौर करें।


परामर्श में कहा गया है, ‘‘ देश में संक्रमण के उपचाराधीन मामलों में गिरावट आई है। हालांकि, नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ को ‘डेल्टा’ वीओसी (वोलेटाइल कार्बनिक कंपाउंड) से अधिक संक्रामक बताया जा रहा है और यह कोविड-19 से निपटने के लिए किए गए उपायों को भी चुनौती दे रहा है।’’


गृह सचिव ने कहा कि देश में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के अभी तक 578 मामले सामने आ चुके हैं, ये मामले 19 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि विश्व में 116 देशों में ‘ओमीक्रोन’ के मामले सामने आ चुके हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप (फ्रांस, इटली, स्पेन), रूस, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया आदि में इसके कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।


भल्ला ने कहा कि 21 दिसंबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए परामर्श में एक मानक ढांचा प्रदान किया गया। कई राज्यों में ‘डेल्टा’ स्वरूप की विशिष्ट उपस्थिति और ‘ओमीक्रोन’ के मामले सामने आने के कारण स्थानीय तथा जिला स्तरों पर अधिक दूरदर्शिता, आंकड़ों के विश्लेषण, गतिशील निर्णय लेने, सख्त एवं त्वरित रोकथाम के लिए कार्रवाई करने और स्थिति का आकलन करने की जरूरत है।


गृह सचिव ने कहा कि 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19, ‘ओमीक्रोन वीओसी’ की मौजूदा स्थिति और देश भर में स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी की समीक्षा की थी।


भल्ला ने कहा कि राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नए स्वरूप से उत्पन्न किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए स्वास्थ्य प्रणालियां तैयार हों।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऑक्सीजन आपूर्ति उपकरण लगे हों, पूरी तरह से काम कर रहे हों और आवश्यक दवाओं का ‘बफर स्टॉक’ (सुरक्षित भंडार) हो।


उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि सभी राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेश एहतियाती कदम उठाएं और ढिलाई ना बरतें। मानक ढांचे और स्थिति के आकलन के आधार पर स्थानीय तथा जिला प्रशासन को तुरंत, रोकथाम के उचित उपाय करने चाहिए। राज्य त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत के हिसाब से स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाने पर विचार करें।’’


भल्ला ने कहा कि राज्य प्रवर्तन तंत्र को कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करना चाहिए।





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कोरोना वायरस से ठीक होते ही फिर पार्टी मूड में दिखीं करीना कपूर और अमृता अरोड़ा

नई दिल्ली :  बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान कोरोना वायरस से जंग जीत गई हैं। बीते दिनों वह और अभिनत्री अमृता अरोड़ा इस महामारी की चपेट में आ गई थीं। उस दौरान बीएमसी ने इन दोनों अभिनेत्रियों पर आरोप लगाया था कि लगातार ज्यादा पार्टी करने की वजह से यह कोरोना वायरस का शिकार हो गई हैं। लेकिन अब कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद एक बार फिर से करीना कपूर और अमृता अरोड़ा पार्टी मूड में नजर आई हैं।

दरअसल करीना कपूर और अमृता अरोड़ा के कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद करिश्मा कपूर ने अपने घर पर एक पार्टी रखी। इस पार्टी में करीना और अमृता के अलावा मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर भी पहुंचे। पार्टी में जाते हुए इन सितारों की तस्वीरों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वहीं करीना कपूर ने भी अमृता अरोड़ा के साथ सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की है। 

इस तस्वीर में दोनों अभिनेत्रियां पार्टी मूड में नजर आ रही हैं। करीना कपूर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। वह अपने फैंस से जुड़े रहने के लिए अक्सर खास तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं। करीना कपूर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर बेस्ट फ्रेंड अमृता अरोड़ा के साथ एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में करीना कपूर और अमृता अरोड़ा एक-दूसरे के बगल में खड़ी दिख रही हैं।



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लोगों की लापरवाही है बड़ी वजह,देश में ओमिक्रोन वैरिएंट के मामले बढ़कर हुए 578

नई दिल्‍ली : देश में ओमिक्रोन के मामलों में लगातार उछाल आ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में ओमिक्रोन के अब तक 578 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें दिल्‍ली में सबसे अधिक 142 मामले सामने आए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान यहां पर 63 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद महाराष्‍ट्र का नंबर है जहां पर 141 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना के 6531 मामले सामने आए हैं, जबकि 7141 मरीज ठीक भी हुए हैं। देश में ठीक होने वालों का रिकवरी रेट 98.40 फीसद हो गया है। ओमिक्रोन की बात करें तो देश में अब तक इससे ठीक होन वालों की संख्‍या 151 हो चुकी है। 

राज्‍यवार यदि ओमिक्रोन के आंकड़ों को जाने तो केरल में अब तक इसके 57 मामले सामने आ चुके हैं और एक मरीज ठीक हुआ है। गुजरात में 49 मामले सामने आए हैं और दस मरीज ठीक हुए हैं। राजस्‍थान में 43 मामले सामने आए हैं और 30 मरीज अब तक ठीक हुए हैं। तेलंगाना में 41 मामले सामने आए हैं ओर 10 मरीज ठीक हुए हैं। तमिलनाडु में 34 मामले सामने आए हैं जबकि यहां पर अब तक कोई भी मरीज ठीक नहीं हुआ है। कर्नाटक में 31 मामले सामने अए हैं और यहां पर 15 मरीज अब तक ठीक हुए हैं। मध्‍य प्रदेश में ओमिक्रोन के 9 मामले सामने आ चुके हैं जबकि सात मरीज ठीक भी हुए हैं। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 6-6 मामले अब तक सामने आए हैं और 1-1 मरीज ठीक हुआ है।   

हरियाणा और ओडिशा में 4-4 मामले सामने आए हैं जबकि ठीक होने वाले केवल दो ही हैं, वो भी हरियाणा में। चंडीगढ़ और जम्‍मू कश्‍मीर में ओमिक्रोन के 3-3 मामले सामने आ चुके हैं। इससे ठीक होने वाले चंडीगड़ में दो और जम्‍मू कश्‍मीर में 3 हैं। उत्‍तर प्रदेश में इसके दो मामले सामने आए हैं और दोनों ही ठीक हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में इसके 1-़1 मामले सामने आए हैं और ठीक होने वाला केवल एक लद्दाख का मरीज है।  


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ओमीक्रोन के खतरे से सरकार ‘बेखबर’, प्रधानमंत्री लगातार रैलियां कर रहे : कांग्रेस

नई दिल्ली : सरकार पर कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से पैदा खतरे को ‘नजरअंदाज’ करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने रविवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक स्पष्ट टीकाकरण नीति का पालन करना चाहिए, 5 से 15 साल के बच्चों को टीका देने के साथ महामारी से निपटने के लिए खाका तैयार करना चाहिए।


कांग्रेस ने राजनीतिक रैलियों को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शादियों में सिर्फ 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है, जबकि प्रधानमंत्री जो रैलियां कर रहे हैं, उसमें लाखों लोगों की भीड़ जुट रही है।


महामारी से निपटने को लेकर विपक्षी दल ने ऐसे वक्त सरकार पर हमला किया है, जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने अगले साल तीन जनवरी से 15 से 18 साल की आयु के किशोरों के लिये टीकाकरण अभियान जबकि 10 जनवरी से स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के लिए ‘‘प्रीकॉशन डोज’’ (एहतियाती खुराक) की शुरुआत की घोषणा की। राष्ट्र के नाम संबोधन में मोदी ने कहा कि 10 जनवरी से गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष की आयु से ऊपर के लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर टीकों की खुराक दिए जाने की शुरुआत भी की जाएगी।


घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र ने कोविड टीके की बूस्टर खुराक की अनुमति देने के लिए ‘‘मेरे सुझाव को स्वीकार कर लिया है’’ और कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को टीकों और बूस्टर खुराक की सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।


संवाददाता सम्मेलन में, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने महामारी के दौरान ‘‘भारत को विफल’’ किया है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी ने कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर के दौरान प्रवासी श्रमिकों को विफल किया, मोदी जी ने पहली और दूसरी लहर के दौरान गरीबों को विफल किया, जब वे गरीबों के हाथ में एक भी पैसा देने में नाकाम रहे जब पूरी दुनिया ऐसी कर रही थी, मोदी जी ने छोटे और मझोले व्यवसायों को विफल किया, जब उन्होंने इन क्षेत्रों को अपने हाल पर छोड़ दिया।’’


सर्वेक्षण का हवाला देते हुए, सुरजेवाला ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के ‘‘कुप्रबंधन’’ के कारण लगभग 40 लाख भारतीयों की मृत्यु हुई। सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘ओमीक्रोन वायरस से मंडराते खतरे के बारे में सरकार पूरी तरह अनभिज्ञ, उदासीन रही। ओमीक्रोन सहित कोरोना वायरस से निपटने के लिए मोदी नीत सरकार के पास न नीति है, न नीयत, न दृष्टि न रास्ता है। यह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं तो और क्या है?’’


सुरजेवाला ने कहा कि मोदी के पास बस ‘‘जिम्मेदारी से बचना, पूरी तरह से भ्रमित होना और टीकाकरण नीति में बार-बार बदलाव करना’’, टीकाकरण प्रमाण पत्र पर अपनी तस्वीर लगाकर आत्म-प्रचार में व्यस्त रहना और सार्वजनिक रैलियां करने का ही विकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री राज्यों पर दायित्व डालकर अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त हो जाते हैं।


शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के लिए प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए सुरजेवाला ने कहा, ‘‘कड़वा सच यह है कि 18 साल से अधिक उम्र के 47.95 करोड़ से ज्यादा लोगों को 59.40 करोड़ खुराक दी जानी है।’’ उन्होंने कहा कि अन्य ‘‘कड़वा सच’’ यह है कि ‘‘टीके की खुराक कहां है’’ और मोदी नेतृत्व वाली सरकार के अनुसार, उनके पास केवल 17.74 करोड़ खुराक ही उपलब्ध है।


सुरजेवाला ने कहा कि शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा का मतलब होगा कि 25.69 करोड़ लोग 35.7 करोड़ अधिक खुराक के हकदार होंगे। टीके की खुराक की कुल जरूरत 90 करोड़ से अधिक है और पूछा कि ‘‘टीके कहां हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत की क्षमता प्रति माह टीके की 16.8 करोड़ खुराक का उत्पादन करने की है। सुरजेवाला ने पूछा, ‘‘तो, कैसे और कब तक, किस तारीख तक इन सभी भारतीयों को ये टीके लगाए जाएंगे।’’


उन्होंने कहा, ‘‘समय की मांग है कि प्रधानमंत्री ‘राज धर्म’ का पालन करें, एक स्पष्ट टीका नीति अपनाएं, 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका उपलब्ध कराएं और देश को ओमीक्रोन वायरस के खतरे से बचाने का उपाय सुझाएं। ’’


कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने ओमीक्रोन के खतरे से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की है। शादियों में भीड़ की संख्या को तो 200 तक सीमित कर दिया गया, लेकिन उनकी रैलियों में लाखों लोग आ रहे हैं। पहली लहर में ‘नमस्ते ट्रंप’ और दूसरी लहर में जन आशीर्वाद यात्रा, पश्चिम बंगाल चुनाव में रैलियां कर लोगों की जान को खतरे में डाला गया। उत्तर प्रदेश में शादियों में 200 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जा रही और प्रधानमंत्री की रैलियों के लिए बसों से दो लाख लोग लाए जाते हैं। ’’


सुरजेवाला ने कहा कि पिछले अनुभव से पता चलता है कि एक बार ब्रिटेन और अमेरिका में वायरस ने जड़ें जमा लीं, तो यह 65 दिनों के भीतर भारत में पहुंच जाता है और 80 दिनों के भीतर यह अपने चरम पर होता है। उन्होंने कहा, ‘‘ओमीक्रोन वायरस के मामलों के दोगुना होने की दर भी 1.5 से तीन दिन है। यह एंटीबॉडी को भेद देता है। यह वायरस प्रोटीन स्पाइक बार बार बदलता है।’’


स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अब तक ओमीक्रोन के 422 मामले आ चुके हैं। इनमें से 130 लोग ठीक हो चुके हैं।



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दिल्ली कि सरोजनी नगर मार्केट में भीड़ को काबू करने में जुटा प्रशासन, ऑड ईवन लागू व अतिक्रमण हटाना शुरू

नई दिल्ली : कोविड के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली के सरोजनी नगर मार्केट में भीड़ का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद बाजार अब 25 व 26 दिसंबर के वीकेंड पर ऑड ईवन के हिसाब से खुलेंगे, बाजार में अतिक्रमण को हटाने की नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कार्रवाई करना शुरू कर दी है।


यानी सरोजनी नगर मार्केट की दुकान अब शनिवार 25 दिसंबर और रविवार 26 दिसंबर को ऑड ईवन के आधार पर खुलेंगी।


शनिवार सुबह एनडीएमसी ने बाजार में अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। तमाम अवैध रूप से कब्जा किये दुकानदारों के सामानों को जब्त किया गया है। वहीं दिल्ली पुलिस भी अब बाजार में भीड़ पर काबू पाने की कवायद में जुट गई है।


एनडीएमसी के कर्मचारी व सिविल डिफेंस के लोग मिलकर लोगों से कोरोना नियमों का पालन करा रहे हैं, वहीं हाथों के माइक लेकर अनाउंसमेंट भी कर रहे हैं। एनडीएमसी ने हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद बाजार के सभी जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की थी।


हालांकि हाई कोर्ट ने भी अपनी इस मसले पर नाराजगी व्यक्त की और सरोजनी नगर के एसएचओ को भी तलब किया था। कोर्ट ने भीड़ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे माहौल में महामारी ही नहीं, बल्कि संक्रमण विस्फोट से सैकड़ों लोगों की मौत हो सकती है। 





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ओमिक्रॉन की दहशत के बीच नोएडा में 31 जनवरी तक धारा-144 लागू, देखें- किन कामों की होगी छूट, किन पर होगा प्रतिबंध

नोएडा :  देशभर में ओमिक्रॉन की दहशत और कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू की गई है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 


अपर पुलिस उपायुक्त (कानून एवं व्यवस्था) आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए और कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने और असामाजिक तत्वों द्वारा शांति व्यवस्था को भंग किए जाने की आशंका के चलते गौतमबुद्ध नगर जिले में धारा 144 लागू की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना नियमों और इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 


इन नियमों का करना होगा पालन


1. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के बिना सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

2. रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक आवश्यक सेवाओं और मालवाहक वाहनों, एम्बुलेंस आदि के साथ ही कोविड ड्यूटी से जुड़े कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और रात्रि उद्योगों से संबंधित कर्मियों के आवागमन/गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य कोई भी सार्वजनिक गतिविधि की इजाजत नहीं होगी।


3. कंटेनमेंट जोन में चिकित्सा सेवाओं तथा आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।


4. किसी प्रकार की सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक उत्सव से संबंधित गतिविधियां तथा अन्य सभाएं बिना पूर्व अनुमति के नहीं होंगी। 


5. कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना सिनेमा हॉल, मल्टी प्लेक्स सिनेमा हॉल में गतिविधियों की इजाजत नहीं होगी।


6. जिम/स्पोर्ट्स स्टेडियम में गतिविधियां बिना कोविड प्रोटोकॉल के तथा 50 प्रतिशत की क्षमता से अधिक की संख्या होने पर अनुमन्य नहीं होगी।


7. स्वीमिंग पूल खोलने की अनुमति नहीं होगी।


8. मॉल, रेस्टोरेंट, होटल के अंदर क्षमता से 50 प्रतिशत ही लोगों को आने की अनुमति होगी।


9. शादी समारोह में अधिकतम 200 लोगों की उपस्थिति मान्य होगी।


10. सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, बस और कैब) को उनकी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति होगी। ऑटो रिक्शा में चालक के साथ अधिकतम दो यात्री, बैट्री चालित ई-रिक्शा में चालक सहित 03 व्यक्ति एवं चार पहिया वाहनों में 4 व्यक्तियों से अधिक को यात्रा की अनुमति नहीं होगी।  







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भारत में ओमीक्रोन के मामले बढ़कर 415 हुए

नई दिल्ली : भारत में अभी तक कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कुल 415 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 115 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या देश छोड़कर चले गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, ओमीक्रोन के सबसे अधिक 108 मामले महाराष्ट्र में सामने आए।


इसके बाद दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 मामले सामने आए।


आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटे में 7,189 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,47,79,815 पर पहुंच गयी है जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 77,032 हो गयी है। इस बीमारी से 387 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,79,520 हो गयी है। कोरोना वायरस के रोज आने वाले नए मामले पिछले 58 दिनों से 15,000 से कम हैं।


स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर 98.40 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में पिछले 24 घंटों में 484 मामलों की कमी दर्ज की गयी है। संक्रमण की दैनिक दर 0.65 प्रतिशत है। यह पिछले 82 दिनों से दो प्रतिशत से कम रही है। साप्ताहिक संक्रमण दर भी 0.60 प्रतिशत दर्ज की गयी और यह पिछले 41 दिनों से एक प्रतिशत से कम बनी हुई है।


इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,42,23,263 हो गयी है जबकि मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 141.01 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


इस महामारी से जिन 387 और मरीजों ने जान गंवाई है उनमें से 342 की मौत केरल में और 12 की महाराष्ट्र में हुई।


केरल सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि राज्य में सामने आए मौत के 342 मामलों में से 31 मामले पिछले कुछ दिनों में सामने आए। वहीं, मौत के 311 मामलों को केन्द्र तथा उच्चतम न्यायालय के नए दिशानिर्देशों के आधार पर कोविड-19 से मौत के मामलों में जोड़ा गया है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कोविड-19 से 4,79,520 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 1,41,404 मरीजों की मौत महाराष्ट्र में, 46,203 की केरल में, 38,305 की कर्नाटक, 36,714 की तमिलनाडु, 25,103 की दिल्ली, 22,915 की उत्तर प्रदेश और 19,707 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







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व्हाइट हाउस में बाइडन के पहले क्रिसमस पर भी पड़ा कोरोना वायरस का असर

वाशिंगटन :  कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और उसके नए स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के पहले क्रिसमस पर व्हाइट हाउस में कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया।


कोरोना वायरस की मार पड़ने से पहले तक क्रिसमस के अवसर पर व्हाइट हाउस में बड़े पैमाने पर समारोह आयोजित किए जाते थे और बड़ी संख्या में लोग इनमें शामिल हुआ करते थे। इस दौरान विभिन्न प्रकार के व्यंजन और पेय पदार्थों से मेहमानों का स्वागत किया जाता था। राष्ट्रपति और प्रथम महिला दिसंबर की कई शामों पर पार्टी आयोजित करते थे। कभी-कभी तो वे दिन में दो बार पार्टी आयोजित करते थे, लेकिन इस बार राष्ट्रपति बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन ने कोई बड़ा समारोह आयोजित करने और मेजों को व्यंजनों से सजाने के बजाय भोजन की व्यवस्था के बिना ‘ओपन हाउस’ आयोजित करने का फैसला किया। इस दौरान मेहमानों के लिए मास्क लगाना और टीकाकरण नहीं कराए लोगों के लिए कोविड-19 संबंधी जांच कराना अनिवार्य है।


देश के पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोरे के सामाजिक सचिव रहे फिलिप डुफॉर ने कहा, ‘‘उनके लिए यह निर्णय बहुत मुश्किल है।’’ उन्होंने कहा कि कई समारोह आयोजित नहीं किए गए और कुछ कार्यक्रमों का आयोजन ‘जूम’ के जरिए किया गया।


बाइडन ने ‘ओपन हाउस’ के लिए केवल 100-100 लोगों के समूहों को आमंत्रित किया और उन्हें सजावट देखने के लिए आमतौर पर दिए जाने वाले दो घंटे के बजाय आधे घंटे का समय दिया गया। इस दौरान भोजन और पेय पदार्थ नहीं परोसे गए। 

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कोविड संकट के बावजूद 2021 में मजबूत हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका के संबंध

जोहानिसबर्ग : दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच 2021 में राजनीतिक तथा व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए तथा कोरोना वायरस संकट ने दोनों देशों को इस जानलेवा महामारी से लड़ने में सहयोग बढ़ाने का मौका दिया।


दुनिया के बाकी ज्यादातर देशों की तरह दक्षिण अफ्रीका की 2021 की शुरुआत और समापन कोविड-19 की गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए हुआ और लगातार तीसरे साल 2022 में भी महामारी का संकट बने रहने की आशंका है।


जनवरी में दक्षिण अफ्रीका कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चपेट में था और साल खत्म होते-होते नवंबर में एक नए और अत्यधिक संक्रामक ओमीक्रोन स्वरूप के सामने आने के बाद देश चौथी लहर की चपेट में है।


फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से टेलीफोन पर बातचीत की थी और कोविड-19 महामारी से पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा की थी। दोनों नेताओं ने टीकों तथा दवाओं तक पहुंच बनाने और किफायती दरों पर उन्हें उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की थी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत से एक सप्ताह पहले भारत में निर्मित टीके एक विमान से दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे।


संक्रमण की मौजूदा लहर ने राष्ट्रपति रामफोसा को भी नहीं बख्शा, जिसके कारण उन्हें अपना कामकाज उपराष्ट्रपति डेविड माबुजा को सौंपना पड़ा। बीमार पड़ने से कुछ दिनों पहले रामफोसा ने ब्रिक्स देशों के वैज्ञानिकों से महामारी का समाधान निकालने के लिए एक साथ मिलकर काम करने को कहा था।


तेजी से बदल रहे यात्रा प्रतिबंधों के बीच रामफोसा ने फरवरी में देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि भारत उन देशों में से एक है जिनसे दक्षिण अफ्रीका महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट के मद्देनजर कौशल का आयात करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की उम्मीद करता है।


कोविड-19 के कारण आयी आर्थिक मंदी भारतीय कारोबारों को दक्षिण अफ्रीका में अपना उत्पादन बढ़ाने से रोकने में नाकाम रही। कोविड-19 को फैलने के लिए लंबे वक्त तक लगाए लॉकडाउन के बावजूद भारत दक्षिण अफ्रीका में वाहनों के आयात के लिए शीर्ष मूल देश रहा। ऑटोमोटिव उद्योग निर्यात परिषद की 2021 की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।


लंदन में भारत के इस्पात कारोबारी लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलर मित्तल की सहायक कंपनी आर्सेलर मित्तल साउथ अफ्रीका (एएमएसए) ने पिछले वित्त वर्ष में 23 लाख डॉलर का मुनाफा कमाया जबकि 2019 में उसे 3.96 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ था।


महिंद्रा ने दक्षिण अफ्रीकी बाजार में अपनी पैठ बढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण में भारी निवेश किया। दक्षिण अफ्रीका में महिंद्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश गुप्ता ने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका महिंद्रा के लिए क्षेत्रीय हब है और भारत के बाद उसका दूसरा घर है। हम महिंद्रा वाहनों के लिए बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कौशल विकास के सभी स्तरों पर सहयोग जारी रखेंगे।’’


घरेलू मोर्चे पर दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को जेल में डालने के बाद मध्य जुलाई में आगजनी की घटनाएं देखी गयीं। जुमा के गृह नगर ख्वाजुलु-नताल (केजेडएन) के कई हिस्सों में प्रदर्शन तब शुरू हो गए जब पूर्व नेता ने न्यायालय की अवमानना के लिए 15 महीने की जेल की सजा काटने के वास्ते पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।


इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में भारतीय दूतावासों में इस साल भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 



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ओमिक्रोन पर सरकार की क्या है तैयारी श्वेत पत्र जारी करे सरकार : मुदित अग्रवाल

नई दिल्ली : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने देश की राजधानी दिल्ली की दिन प्रतिदिन जिस प्रकार से पुनः कोरोना के नए मामले आ रहे है उस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा की दूसरी लहर में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया था जिसके चलते पूरे साल दिल्ली की जनता परेशान रही, बीमार रही और डरी हुई थी। अब पुनः से कोरोना के नए मामले सामने निकल कर आ रहे है, इस पर दिल्ली सरकार की क्या तैयारी है, इसको लेके सीएम केजरीवाल अभी भी गंभीर नहीं नजर आ रहे हैं। मुदित अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के सारे मंत्रीगण और स्वयं मुख्यमंत्री पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और बाकी राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त है और सरकार की क्या नीति है आगे आने वाले समय के लिए इस पर प्रकाश डालने वाला कोई नहीं है, सरकार और मुख्यमंत्री फिर से एक बार पीआर मैनेजमेंट में लग गए है। उन्होंने यह भी कहा की दिल्ली सरकार को इस बार एक व्हाइट पेपर निकाल कर दिल्ली की जनता को यह विस्तार रूप से बताना चाहिए कि उन्होंने आने वाले दिनों को लेकर क्या क्या इंतजाम किए है। पिछली बार की तरह टेस्टिंग को लेके फर्जी आंकड़ों का मायाजाल, या ऑक्सीजन उपलब्ध कराने को लेकर बड़े बड़े झूठे वायदों से जनता का इस बार भला नही होगा। दिल्ली सरकार को इस बार यह स्पष्ट तरीके से बताना चाहिए कि उनके पास कितने आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड और वेंटीलेटर बेड उपलब्ध है सरकारी अस्पतालों में। मुदित अग्रवाल ने यह भी कहा की दूसरी लहर में दिल्ली में दवाइयों की कालाबाजारी चरम पर थी, इस पर भी सरकार को इस बार ध्यान देना बहुत आवश्यक है, दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पताल से त्रस्त होकर जनता पिछली बार प्राइवेट अस्पतालो में धक्का खा रही थी, प्राइवेट अस्पतालो में मनमाना पैसा वसूला गया जनता से जिसके चलते कई परिवार अभी तक ग्रस्त है। कालाबाजारी चाहे एम्बुलेंस की हो, दवाइयों की हो, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की हो, या प्राइवेट अस्पतालो में लूट की हो, इन सब पर इस बार सख्ती और कारवाई होना इस बार अत्यंत आवश्यक है। मुदित अग्रवाल ने यह भी मांग की सीएम केजरीवाल प्राइवेट अस्पतालो को भी एक एडवाइजरी के माध्यम से सचेत करे की इलाज के नाम पर जनता से मन माफिक तरीके से लूट बर्दास्त नही की जायेगी, सरकार प्राइवेट अस्पतालो के रेट टैरिफ को लेकर अधिसूचना जारी करे ताकि जनता से इलाज के नाम पर जबरन वसूली बंद की जा सके और इसके बारे में पहले से दिल्ली की जनता को सचेत किया जाए और टेस्टिंग व आरटी पीसीआर की सही जानकारी जनता के समक्ष प्रस्तुत करे ताकि इस बार दिल्ली की जनता दिल्ली सरकार के कृत्य के चलते भगवान भरोसे न बैठी रहे।




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दिल्ली में पात्र 100 फीसद लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज : अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के व्यक्तिगत प्रयासों के चलते दिल्ली ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने पात्र 100 फीसद लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगा दी है। दिल्ली को यह उपलब्धि हासिल करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा दिल्ली ने पात्र 100 फीसद लोगों को पहली डोज लगा दी है, यानि कि दिल्ली के 148.33 लाख लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज ले ली है। दिल्ली को यह उपलब्धि दिलाने के लिए मैं अपने डॉक्टरों, एएनएम, शिक्षकों, आशा, सीडीवी और अन्य सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को सलाम करता हूं और सभी डीएम, सीडीएमओ, डीआईओ समेत सभी जिला पदाधिकारियों को बधाई देता हूं। वहीं, पात्र 100 फीसद लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगने के बाद दिल्ली कोरोना से काफी हद तक सुरक्षित हो गई है। साथ ही, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ओमिक्रॉन वेरिएंट से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयार है और सभी आवश्यक कदम उठा रही है।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुरू से ही युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं। वैक्सीनेशन में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिशा-निर्देश में दिल्ली सरकार ने कई पहलें कीं, ताकि लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं। इसके लिए, दिल्ली में जगह-जगह वैक्सीनेशन सेंटर खोले गए। स्कूलों और मोहल्ली क्लीनिक्स के अलावा अस्पतालों में वैक्सीनेशन कराने की सुविधा प्रदान की गई, ताकि लोग आसानी से वैक्सीन लगवा सकें। वहीं, बीते मई माह में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने द्वारका सेक्टर-12 में ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की शुरूआत की थी। दिल्ली सरकार ने ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन, उन लोगों के लिए शुरू की थी, जो लोगों कामकाजी थे और व्यस्तता के कारण वैक्सीनेशन सेंटर पहुंच कर वैक्सीन नहीं लगवा पा रहे थे। ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन के तहत लोगों को अपनी गाड़ी में भी वैक्सीन लगवाने की सुविधा प्रदान की गई। इसमें सफलता मिलने के बाद दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वैक्सीनेशन में तेजी लाने के लिए लोगों को जागरूक करने पर भी फोकस किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर अधिकारियों ने दिल्ली में वैक्सीनेशन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया, जिसके बाद दिल्ली में तीन लाख वैक्सीन की डोज प्रतिदिन लगाने की क्षमता हो गई। इसके अलावा, जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी, उनको लक्षित किया गया और उन तक पहुंच कर उन्हें वैक्सीन लगाई गई। दिल्ली सरकार ने विभिन्न माध्यमों के जरिए लोगो को वैक्सीनेशन कराने के लिए आगे आने की अपील की। दिल्ली सरकार ने हर घर दस्तक और नो वन लेफ्ट बिहाइंड कैंपेन के जरिए दिल्ली वासियों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। इसका परिणाम यह रहा कि तेजी से लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे आए और आज दिल्ली में पात्र 100 फीसद लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ले ली है। यानि कि दिल्ली में वैक्सीनेशन के लिए पात्र 148.33 लाख लोगों को पहली डोज लग चुकी है। इसके साथ ही, 1.035 करोड़ से अधिक लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज भी ले ली है।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के व्यक्तिगत प्रयासों के चलते दिल्ली ने एक तरफ जहां अपने पात्र सभी 100 फीसद लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दे दी है, वहीं कोरोना से ओमिक्रॉन वेरिएंट से निपटने के लिए आवश्यक कदम भी उठा रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक्शन में हैं और गुरुवार को उन्होंने दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दिल्ली सरकार ने ओमिक्रॉन से निपटने के लिए अस्पताल, बेड्स, दवाइयों और ऑक्सीजन का पुख्ता इंतजाम कर लिया है और होम आइसोलेशन को और मजबूत कर रही है। समीक्षा बैठक में टेस्ट क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद दिल्ली में अब जरूरत पड़ने पर तीन लाख टेस्ट प्रतिदिन हो पाएंगे। दिल्ली सरकार प्रतिदिन एक लाख केस को आधार मानकर अपनी तैयारियों को अंजाम दे रही है। दिल्ली सरकार के पास अभी एक दिन में 1100 घरों का दौरा की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर एक लाख तक किया जा रहा है। ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए 15 टैंकर्स लिए जा रहे हैं, जो अगले तीन हफ्ते में दिल्ली को मिल जाएंगे। दिल्ली में हुए सीरो सर्वे में 95 फीसद से अधिक लोगों में एंटीबॉडीज मिली है और अब पात्र 100 फीसद लोगों को वैक्सीन की पहली डोज भी लग चुकी है और 1.035 करोड़ से अधिक लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा ली है। इसलिए संभव है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन का प्रकोप ज्यादा न हो। इसके बावजूद अगर ओमिक्रॉन फैलता है, तो इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है।


केजरीवाल सरकार कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर काफी गंभीर है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री के निर्देश पर फिलहाल करीब 37 हजार कोविड बेड्स और 10594 कोविड आईसीयू बेड्स तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा, 6800 आईसीयू बेड्स निर्माणाधीन हैं। वहीं, यदि संक्रमण बढ़ता है, तो सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि दो हफ्ते की शॉर्ट नोटिस पर दिल्ली के हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड्स तैयार कर लिए जाएंगे। इस तरह दिल्ली सरकार की तैयारी 65 हजार तक बेड्स तैयार करने की है, ताकि किसी को भी बेड्स की दिक्कत न आए।


कोरोना की बीती लहरों के दौरान मरीजों की अच्छी देखभाल करने में होम आइसोलेशन प्रणाली काफी मददगार साबित हुई थी। इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर होम आइसोलेशन प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। जिससे कि कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही अच्छे से इलाज दिया जा सके। इसके लिए सरकार ने एक मजबूत सिस्टम बनाया हुआ है। मेडिकल टीम को निर्देश दिए गए हैं कि पता चलते ही वे होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के घर जाएं और आवश्यक सावधानियों आदि के बारे में बताएं। इस दौरान टीम मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति आदि का आंकलन करेगी और ऑक्सीमीटर सहित होम आइसोलेशन किट देगी। इसके बाद, टेली कॉलर टीमें सुबह-शाम कॉल कर स्वास्थ्य की जानकारी लेती रहेंगी। अगर मरीज की तबीयत गंभीर होती है, तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड बेड्स के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता पर भी बल दिया है, जिससे कि किसी भी परिस्थिति के दौरान दवाइयों की कमी न आए। सीएम अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर कोविड मरीजों के इलाज में उपयोगी 32 प्रकार की दवाइयों का दो महीने का बफर स्टॉक किया जा रहा है। साथ ही, सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।


कोविड मरीजों के इलाज के लिए मैन पावर की कमी न हो, इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सेज और पैरामेडिक्स स्टॉफ को विशेष प्रशिक्षण दिया है। दिल्ली सरकार ने करीब 15370 डॉक्टर्स, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को ऑक्सीजन थेरेपी, कोविड प्रबंधन, पीडियाट्रिक वार्ड आदि का विशेष प्रशिक्षण दिया है। जिसमें 4673 डॉक्टर्स, 1707 मेडिकल छात्र, 6265 नर्सेज और 2726 पैरामेडिक्स शामिल हैं।


दिल्ली सरकार ने डॉक्टर्स और नर्सेज की मदद के लिए पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट को भी ट्रेनिंग दिया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनकी मदद ली जा सके। हेल्थ असिस्टेंट को नर्सिंग, पैरामेडिक्स, होम केयर, ब्लड प्रेशर मापने, वैक्सीन लगाने समेत अन्य बेसिक ट्रेनिंग दी गई है। ये डॉक्टर्स और नर्स के सहयोगी के तौर पर काम करेंगे और खुद से कोई निर्णय नहीं लेंगे। इनकी मदद से डॉक्टर अधिक कुशलता पूर्वक काम कर पाएंगे और मरीजों की देखभाल भी काफी बेहतर हो सकेगी।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों को डॉक्टर्स, नर्सेज और पैरामेडिक्स स्टॉफ की अपने यहां स्वीकृत संख्या में आवश्यकतानुसार इजाफा करने के भी निर्देश दिए हैं। अस्पताल अपने यहां स्वीकृत संख्या से 25 फीसद अतिरिक्त डॉक्टर्स और 40 फीसदी अतिरिक्त नर्सेज और पैरामेडिक्स स्टॉफ बढ़ा सकते हैं। फिलहाल इन अतिरिक्त डॉक्टर्स, नर्सेज और पैरामेडिक्स स्टाफ की नियुक्ति 31 मार्च 2022 तक की जाएगी। कोविड के साथ-साथ गैर कोविड अस्पतालों में भी नियुक्त किए गए अतिरिक्त स्टॉफ की नियुक्ति को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।


केजरीवाल सरकार ने कोविड मरीजों को किसी भी दिक्कत के दौरान मदद के लिए कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031 जारी किया है। इस हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे मदद ली जा सकती है। यहां तीन शिफ्टों में 25 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं, जो 600 से 700 कॉल अटेंड करने में सक्षम हैं। अगर कॉल संख्या में वृद्धि होती है, तो इनकी संख्या बढ़ा दी जाएगी। कोई भी हेल्पलाइन नंबर पर काल कर ऑक्सीजन सिलेंडर, टेली परामर्श, पल्स ऑक्सीमीटर, मेडिसिन किट, वैक्सीनेशन, अस्पताल में बेड की उपलब्धता, होम आइसोलेशन, एंबुलेंस सेवा, टेस्ट समेत अन्य जानकारी प्राप्त कर सकता है।


दिल्ली सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत कर लिया है। वर्तमान में दिल्ली सरकार के पास एमएलओ स्टोरेज, एमएलओ बफर, पीएसए प्लांट्स को मिलाकर 1363.73 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की क्षमता हो गई है। दिल्ली में पहले ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता था, लेकिन अब 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बननी चालू हो गई है। आपात स्थिति में इस्तेामल के लिए 6,000 ‘डी’ टाइप सिलेंडर रिजर्व में रखे गए हैं। दिल्ली में पहले ऑक्सीजन रिफिलिंग क्षमता एक दिन में 1,500 सिलेंडर थी। अब इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए 12.5 मीट्रिक टन की क्षमता के दो क्रॉयोजेनिक प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रतिदिन अतिरिक्त 1,400 जंबो सिलेंडर भरे जा सकेंगे।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर सभी छोटे-बड़े ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री उपकरण स्थापित किए जा रहे है, जिससे कि ऑक्सीजन की उपलब्धता का वास्तवित डेटा मिलता रहे। इस उपकरण के लगाने से डैशबोर्ड पर ऑक्सीजन की रीयल टाइम डेटा उपलब्ध होगा। इसकी मदद से अधिकारियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के साथ-साथ ऑक्सीजन की स्थिति को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।




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कोरियाई बैंड ‘बीटीएस’ के सदस्य सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित

नई दिल्ली :  कोरियाई पॉप बैंड ‘बीटीएस’ के सदस्य सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। ‘बीटीएस’ की प्रबंधन कम्पनी ‘बिग हिट एंटरटेंमेंट’ ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 28 वर्षीय सुगा कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और पृथक-वास में हैं। बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया लौटने के बाद पीसीआर जांच में वह संक्रमित पाए गए।


बयान में कहा गया, ‘‘ सुगा ने अगस्त में कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक ली थी। अभी उनमें संक्रमण के कोई लक्षण भी नहीं है। वह स्वास्थ्य अधिकारियों के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए घर पर ही पृथक रह रहे हैं।’’


सुगा का असली नाम मिन यंग-गी है। वह बैंड के अन्य सदस्य आरएम, जिन, जे-होप, जिमिन, वी और जुंगकुक के सम्पर्क में नहीं आए हैं।


‘बीटीएस’ को ‘बैंग्टन सोनीओंदन’ के नाम से भी पहचाना जाता है और हाल ही में उन्होंने घोषणा की थी वे कुछ समय के लिए प्रस्तुति नहीं देंगे और आराम करेंगे। बैंड ने हाल ही में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में प्रस्तुति दी थी।




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देश में अभी तक ‘ओमीक्रोन’ के 358 मामले आए सामने

नई दिल्ली : भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 122 नए मामले सामने आने के बाद, देश में इस स्वरूप के मामले बढ़कर 358 हो गए। इनमें से 114 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ये मामले 17 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आए।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि महाराष्ट्र में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक 88 मामले, दिल्ली में 67, तेलंगाना में 38, तमिलनाडु में 34, कर्नाटक में 31 और गुजरात में 30 मामले सामने आए।


मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 6,650 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,47,72,626 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 77,516 रह गई है। 374 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,79,133 हो गई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 57 दिन से कोविड-19 के दैनिक मामले 15 हजार से कम हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 77,516 हो गयी है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 775 की कमी दर्ज की गयी है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.40 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है।


मंत्रालय आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 0.57 प्रतिशत दर्ज की गयी, जो पिछले 81 दिन से दो प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर 0.59 प्रतिशत दर्ज की गयी, जो पिछले 40 दिन से एक प्रतिशत से कम है। देश में अभी तक कुल 3,42,15,977 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 140.31 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।





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कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार जारी करेगी नये दिशा-निर्देश

मुंबई :  महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में हो रही वृद्धि के मद्देनजर राज्य सरकार ने भीड़भाड़ को रोकने के लिए नये सिरे से प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है और इस संबंध में राज्य सरकार शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करेगी।


एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।


मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बृहस्पतिवार देर रात एक बयान में कहा कि शुक्रवार को नये दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।


मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के कोविड-19 कार्य बल के सदस्यों के साथ बातचीत करने के बाद नये सिरे से प्रतिबंध लगाने और दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया। बैठक में क्रिसमस और नये साल के जश्न, होटलों और रेस्तरां में शादियों और पार्टी के दौरान जमा होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के तरीकों पर चर्चा हुई।


गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।


राज्य में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 1,179 नये मामले सामने आए थे। वहीं, कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के भी 23 नये मामले सामने आए।




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महाराष्ट्र के ठाणे में कोविड-19 के 153 नए मामले

ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कोविड-19 के 153 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,71,669 हो गई। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि ये मामले बृहस्पतिवार को सामने आए। जिले में दिन में दो लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11,603 हो गई। ठाणे में मृत्यु दर 2.03 फीसदी है।


अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी पालघर जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,39,080 हो गई, जबकि मृतकों की संख्या 3,308 है।




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सिंगापुर के विशेषज्ञों को 2022 में ‘ओमीक्रोन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका

सिंगापुर : कोरोना वायरस के नए एवं अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 2022 में सबसे अधिक मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, वायरस के ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है। सिंगापुर के विशेषज्ञों का ऐसा मानना है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है।


डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अदहानोम ग्रेबेयेसस ने सोमवार को जिनेवा में पत्रकारों से कहा था, ‘‘ 2022 वह वर्ष होगा, जब हम वैश्विक महामारी को पूरी तरह खत्म कर देंगे।’’


इसके विपरीत, सिंगापुर के विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप कितना खतरनाक है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कब खत्म होगी, इसका पूर्वानुमान लगाने की कोशिश करना ‘‘निरर्थक’’ है।


जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि 2022 में विश्व में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक मामले सामने आएंगे।’’


उन्होंने कहा कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप अधिक संक्रामक है और ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है।


हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ‘ओमीक्रोन’ के अधिक फैलने से, संक्रमण के मामले और अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसके प्रभाव अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि वैश्विक महामारी पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है और कोविड-19 रोधी टीके लगवाने तथा उसकी ‘बूस्टर’ खुराक के विश्व में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने तक, नए स्वरूपों के सामने आने की आशंका बनी रहेगी।’’


इस बीच, सिंगापुर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 322 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 2,77,042 हो गए। इन 322 नए मामलों में से 89 लोग ऐसे हैं जो दूसरे देशों से यहां आए हैं। वहीं, दो और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 820 हो गई।




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ओमीक्रोन खतरा : प्रतिदिन एक लाख मामलों से निपटने की तैयारी: केजरीवाल

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड के बढ़ते मामलों और ओमीक्रोन खतरे के मद्देनजर दिल्ली सरकार दैनिक जांच क्षमता को बढ़ाकर तीन लाख करेगी और प्रतिदिन एक लाख मामलों से निपटने के वास्ते घर पर पृथक-वास प्रणाली को मजबूत बनाने का फैसला लिया गया है। इससे पहले दिन में, उन्होंने अपने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में दिल्ली में कोविड की स्थिति और ओमीक्रोन खतरे की समीक्षा की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ओमीक्रोन संक्रमण तेजी से फैलता है और इसमें संक्रमण हल्का होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराये नहीं क्योंकि दिल्ली सरकार संक्रमण की संख्या में वृद्धि होने पर इससे निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘ओमीक्रोन से हल्का संक्रमण होता है, इसलिए हमने घर पर पृथक-वास प्रणाली को मजबूत बनाने का फैसला लिया है। लोगों से अपील है कि वे तत्काल अस्पताल न जाएं।’’ केजरीवाल ने कहा कि ओमीक्रोन संक्रमण के ज्यादातर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए घर पर पृथक-वास प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है और इसके लिए एक एजेंसी की सेवाएं ली जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि घर में पृथक-वास में मरीजों की निगरानी करने की क्षमता मौजूदा 1,100 मामलों से बढ़ाकर प्रतिदिन एक लाख की जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उस व्यक्ति को एक फोन कॉल किया जाएगा और अगले दिन एक मेडिकल टीम उस व्यक्ति के पास जायेगी और उसे दवाएं तथा अन्य सामान युक्त किट प्रदान की जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि साथ ही घरों में पृथक-वास में रहने वाले मरीजों की 10 दिनों तक चिकित्सकों द्वारा काउंसलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार दैनिक कोविड जांच क्षमता को वर्तमान में 60-70 हजार से बढ़ाकर तीन लाख प्रतिदिन करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं का दो महीने का भंडार भी रखा जाएगा।




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कोरोना पॉजिटिव हुए अभिनेता नकुल मेहता

मुंबई : बड़े अच्छे लगते हैं 2 के अभिनेता नकुल मेहता ने कोविड -19 के लिए पॉजिटिव परीक्षण किया है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीरों की एक श्रृंखला साझा की। उन्होंने दवाओं, घर का खाना खाने, वेब सीरीज देखने, पॉडकास्ट सुनने और कुछ किताबों की तस्वीरें पोस्ट की हैं।


तस्वीरों के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा कि आज थोड़ी दिमागी रूप से थकान महसूस हो रही है, स्वास्थ्य अपडेट, किसी ने मांगी नहीं, फिर भी दे रहा हूं। इस वक्त मेरे साथ विल स्मिथ है, दवाएं है, नेटफ्लिक्स है, स्पॉटिफाई पर मॉडर्न लव पोडकास्ट, अली सेठी की उदास आवाज, कुछ क्रिसमस लाइट्स, मेरी डायरी और मेरे घर की महिला के हाथ का बना गर्म भोजन है। मैं जल्द स्वस्थ हो जाऊंगा।


अपनी पोस्ट के बाद, टीवी क्वीन एकता कपूर ने उनके लिए अपनी चिंता साझा करते हुए पोस्ट किया, ओप्स! सिमटम्स आर बैड? अभिनेता करण वी. ग्रोवर ने भी उनके लिए अपनी शुभकामनाएं साझा कीं और लिखा, जल्दी और बेहतर तरीके से आप रिकवर करें। करण पटेल ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जल्दी ठीक हो जाओ भाई।





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जयपुर में चार और लोग ओमीक्रोन से संक्रमित

जयपुर : जयपुर में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के चार और रोगी मिले हैं जिनमें से एक विदेशी नागरिक का दिल्ली में उपचार चल रहा है।


यहां के सरकारी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य सुधीर भंडारी ने इसकी पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि जीनोम सीक्वेंस में चार लोगों के ओमीक्रोन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।


उन्होंने कहा कि इनमें से तीन को यहां उपचार के लिए विशेष आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।


इसके साथ ही भंडारी ने कहा कि इन रोगियों में संक्रमण के कोई खास लक्षण नहीं है और न ही उनका यात्रा का कोई इतिहास है।


उल्लेखनीय है कि मंगलवार शाम तक 21 नए संक्रमितों के साथ राज्य में उपाचाराधीन रोगियों की संख्या 217 थी। राज्य में इस घातक संक्रमण से अब तक 8961 लोगों की मौत हो चुकी है।






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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ओमीक्रोन के 12 संदिग्ध मामले सामने आए

कराची : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कम से कम 12 संदिग्ध मामले सामने आए। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी।


ऑपरेशन सेल (कोविड) के प्रमुख डॉ नकीबुल्लाह नियाजी ने कहा कि सभी मरीजों को पृथक-वास में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण और जांच के दौरान क्वेटा जिले के पास कलात शहर में इन मामलों का पता चला। नियाजी ने बताया, ‘‘नमूने रावलपिंडी में राष्ट्रीय हृदय रोग संस्थान (एनआईएचडी) को ओमीक्रोन स्वरूप की मौजूदगी की पुष्टि के लिए भेजे गए हैं।’’


बलूचिस्तान प्रांत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 19 नए मामले आए। प्रांत में संक्रमितों की कुल संख्या 33,606 और मृतक संख्या 363 हो गई है। पाकिस्तान में ओमीक्रोन के अब तक दो मामलों की पुष्टि हुई है। ये दोनों मामले कराची से आए थे।


संघीय योजना मंत्री असद उमर और स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक डॉ फैसल सुल्तान ने पिछले महीने कहा था कि ओमीक्रोन स्वरूप का मामला कभी ना कभी आएगा ही और इसे रोकना संभव नहीं है। खतरे को कम करने के लिए टीकाकरण को प्रभावी उपाय बताते हुए उमर ने कहा था, ‘‘वायरस का यह स्वरूप दुनिया भर में फैल चुका है। दुनिया आपस में जुड़ी हुई है और इसे रोकना मुमकिन नहीं है। देखना होगा कि कब यह पहुंचता है।’’


पाकिस्तान ने नए स्वरूप के खतरे के मद्देनजर 27 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, इस्वातिनी, मोजाम्बिक, बोत्सवाना, नामीबिया और हांगकांग से यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। बाद में नौ और देशों-क्रोएशिया, हंगरी, नीदरलैंड, यूक्रेन, आयरलैंड, स्लोवेनिया, वियतनाम, पोलैंड और जिम्बाब्वे के लिए प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया था। पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 1,292,047 मामले आ चुके हैं तथा 28,892 लोगों की मौत हुई है।








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ओमीक्रोन का पता लगाने के लिए दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमितों के नमूनों का जीनोम अनुक्रमण शुरू

नई दिल्ली : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस से संक्रमित सभी लोगों के नमूनों का जीनोम अनुक्रमण बुधवार को शुरू कर दिया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि ओमीक्रोन स्वरूप का संक्रमण किस स्तर तक फैला है।


राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना करीब 100 से 125 मामले सामने आ रहे हैं और उसके पास रोज 400 से 500 नमूनों के जीनोम अनुक्रमण की क्षमता है।


जैन ने कहा, ‘‘यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान और लोक नायक अस्पताल में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित प्रयोगशालाएं प्रतिदिन 100 नमूनों का अनुक्रमण कर सकती हैं। दिल्ली में केंद्र द्वारा संचालित दो प्रयोगशालाएं एक दिन में 200-300 नमूनों का अनुक्रमण कर सकती हैं, यानी एक दिन में 400-500 नमूनों का विश्लेषण किया जा सकता है।’’


उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘रोजाना करीब 100 से 125 नए मामले सामने आ रहे हैं... कोविड-19 के सभी मरीजों के नमूनों का अनुक्रमण बुधवार से आरंभ होगा। इसके जरिए हम यह पता लगा पाएंगे कि समाज में इसके (ओमीक्रोन के) कितने मामले हैं। अभी तक (ओमीक्रोन से संक्रमण के) अधिकतर मामले विदेशों से आए हैं।’’


इससे पहले जैन ने मंगलवार को कहा था कि यहां लोक नायक अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित 34 मरीजों में से तीन ने हाल में कोई यात्रा नहीं थी।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में ओमीक्रोन मामलों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक बैठक के बाद घोषणा की थी कि सभी संक्रमित रोगियों के नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे जाएंगे।


जैन ने कहा कि सरकार क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संख्या पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ रोकने के लिए कदम उठाएगी।



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देश में अभी तक ‘ओमीक्रोन’ के 213 मामले आए सामने

नई दिल्ली : भारत में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 213 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 90 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए। ये मामले 15 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आए।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दिल्ली में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक 57 मामले, महाराष्ट्र में 54, तेलंगाना में 24, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15 और गुजरात में 14 मामले सामने आए हैं।


मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 6,317 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,47,58,481 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 78,190 रह गई है, जो 575 दिन में सबसे कम है। 318 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,78,325 हो गई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 55 दिन से कोविड-19 के दैनिक मामले 15 हजार से कम हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 78,190 हो गयी है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 907 की कमी दर्ज की गयी है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.40 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है।


मंत्रालय आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 0.51 प्रतिशत दर्ज की गयी, जो पिछले 79 दिन से दो प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर 0.58 प्रतिशत दर्ज की गयी, जो पिछले 38 दिन से एक प्रतिशत से कम है। देश में अभी तक कुल 3,42,01,966 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 138.96 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 318 लोगों की जान गई उनमें से 233 लोग केरल के, 30 लोग गोवा के और 14 लोग महाराष्ट्र के थे।


केरल सरकार ने मंगलवार को एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया कि राज्य में सामने आए मौत के 233 मामलों में से 33 मामले पिछले कुछ दिनों में सामने आए। वहीं, मौत के 200 मामलों को केन्द्र तथा उच्चतम न्यायालय के नए दिशानिर्देशों के आधार पर कोविड-19 से मौत के मामलों में जोड़ा गया है।


वहीं, गोवा में सामने आए संक्रमण से मौत के 30 में से 29 मामले मई से दिसंबर के बीच सामने आए थे।


आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,78,325 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,41,367 लोग, केरल के 45,155 लोग, कर्नाटक के 38,295 लोग, तमिलनाडु के 36,691 लोग, दिल्ली के 25,102 लोग, उत्तर प्रदेश के 22,915 लोग और पश्चिम बंगाल के 19,688 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।




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