NEET-UG पेपर लीक केस में बड़ी कार्रवाई, CBI ने पटना एम्स के चार छात्रों को हिरासत में लिया

नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। रोज पेपर लीक मामले में नए चेहरे सामने आ रहे हैं। सीबीआई ने बुधवार की देर रात पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना एम्स में अध्ययनरत चार मेडिकल छात्रों को अपनी हिरासत में लिया है।

एम्स के इन मेडिकल छात्रों पर पूर्व में गिरफ्तार किए गए पेपर लीक के मुख्य आरोपी रॉकी से हुई पूछताछ के बाद कार्रवाई की गई है। हालांकि सीबीआई की ओर से अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है ।

तीन 2021 बैच के थर्ड ईयर के छात्र

सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एम्स पटना के जिन चार मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिया गया है उनमें तीन छात्र 2021 बैच के थर्ड ईयर के छात्र हैं जबकि चौथा छात्र सेकेंड ईयर का है। इन चारों छात्रों से कल रात से पूछताछ चल रही है। इनके मोबाइल, लैपटॉप भी सीबीआई ने जब्त कर लिए हैं। साथ ही एम्स पटना के जिस छात्रावास के कमरे में ये छात्र रहते थे उन्हें भी सील कर दिया गया है।

रॉकी नामक के शख्स की हुई थी गिरफ्तारी

सूत्रों की माने तो हिरासत में लिए गए एक छात्र का नाम चंदन कुमार है। इसके अलावा राहुल कुमार और करण जैन है। यह तीनों छात्र थर्ड ईयर के विद्यार्थी हैं। जबकि चौथा कुमार शानू सेकेंड ईयर का छात्र बताया जा रहा है। सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में कुछ दिनों रॉकी नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

हिरासत में लेकर छात्रों से पूछताछ जारी

इसके बाद परीक्षा पेपर चोरी करने वाले पंकज कुमार और राजू सिंह उर्फ राजकुमार को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी गिरफ्त में लिया था। इन आरोपियों से पूछताछ के क्रम में यह जानकारी सामने आई थी कि पेपर लीक मामले में पटना एम्स के चार मेडिकल छात्रों की भी संलिप्तता है। जिसके बाद इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तान किए गए छात्रों में चंदन सिंह सिवान, कुमार शानू पटना, राहुल आनंद धनबाद और करन जैन अररिया के रहने वाले हैं। एम्स पटना के निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने बताया कि सभी मेडिकल छात्र हैं। इनके कमरों को सील कर दिया गया है।


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आयकर में बदलाव से लेकर विनिर्माण को बढ़ावा, बजट को लेकर रहेंगी ये उम्मीदें

 Budget 2024: 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। यह मोदी सरकार का तीसरा बजट होगा। इसी के साथ निर्मला सीतारमण के लिए यह लगातार पेश किए जाने के क्रम में उनका 7वीं बार का बजट होगा। अपकमिंग बजट सरकार के विजन और सुधार एजेंडे को लेकर खास होगा। ब्रोकरेज नोमुरा ने इस बजट को आकार देने के लिए पांच थीम को हाइलाइट किया है।

नोमुरा के विश्लेषक सोनल वर्मा और ऑरोदीप नंदी का अनुमान है कि सरकार वित्त वर्ष 2025 के लिए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को जीडीपी के 5.1% से घटाकर 5% कर देगी। यह एडजस्टमेंट कमजोर राजनीतिक जनादेश के बावजूद राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प का संकेत देगा।

आयकर में बदलाव की उम्मीद

उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देने के लिए, सरकार नई कर व्यवस्था के तहत करदाताओं के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट को बढ़ाने पर विचार कर सकती है।

जो बिना छूट के कम दरें प्रदान करती है। बैंक ब्याज से प्राप्त आय के लिए छूट सीमा में भी वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, 5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच की आय वाले व्यक्तियों के लिए व्यक्तिगत आयकर दरों में कमी की संभावना है।

विनिर्माण को बढ़ावा देना

नोमुरा का अनुमान है कि सरकार घरेलू विनिर्माण को लेकर इस बजट में कुछ नए बदलाव पेश कर सकती है। इसमें सार्वजनिक खरीद के लिए न्यूनतम स्थानीय सामग्री की आवश्यकता को बढ़ाना, नई विनिर्माण सुविधाओं के लिए 15% रियायती कॉर्पोरेट कर दर को बहाल करना शामिल हो सकता है

इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करने पर 2019 की नीति में संसोधन किया जा सकता है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production-Linked Incentive ) योजना को इलेक्ट्रॉनिक घटकों तक भी विस्तारित किए जाने की उम्मीद है।

सामाजिक क्षेत्र में व्यय बढ़ाना

बजट में विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्र को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद की जा रही है। इसमें आवास के लिए सब्सिडी में इजााफा शामिल हो सकता है, जिसका अनुमान 23,000 करोड़ रुपये है। साथ ही ग्रामीण सड़कों और रोजगार पहलों के लिए फंडिंग बढ़ाई जा सकती है।

सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम का विस्तार कर सकती है और महिलाओं के लिए लखपति दीदी आर्थिक सशक्तिकरण पहल को फिर से शुरू कर सकती है।

बुनियादी ढांचे का विकास

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (capex) सरकार की आर्थिक रणनीति का एक बुनियादी पहलू बना रह सकता है। नोमुरा ने कुल पूंजीगत व्यय में वृद्धि का अनुमान लगाया है। नोमुरा के मुताबिक, यह अंतरिम बजट में 3.4% से बढ़कर जीडीपी का 3.5% हो जाएगा।

राज्य की मांगों के जवाब में, सरकार बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए 50 साल की ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत बिना शर्त ट्रांसफर को भी बढ़ा सकती है।

मध्यम अवधि का आर्थिक दृष्टिकोण स्थापित करना

यह बजट हाल के चुनावों के बाद पहला महत्वपूर्ण वित्तीय रोडमैप है, जो सरकार के लिए अपने मध्यम अवधि के आर्थिक दृष्टिकोण को सामने रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह एक व्यापक योजना होगी जो 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की भारत की आकांक्षा को रेखांकित करेगी। इसमें अगले पांच वर्षों के लिए विशिष्ट उद्देश्यों का विवरण होगा।



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रिलीज हुआ विक्रम भट्ट की फिल्म Bloody Ishq का ट्रेलर, फैंस को याद आई बिपाशा बसु की 'राज'

 हॉरर जॉनर के मास्टर विक्रम भट्ट एक बार फिर से नई फिल्म के साथ वापसी के लिए तैयार हैं। उनके लेटस्ट प्रोजेक्ट का नाम ब्लडी इश्क (Bloody Ishq) है जिसे महेश भट्ट ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में आपको बालिका वधू की अविका गौड़ और वरदान पुरी नजर आएंगे। मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर शेयर किया।

ट्रेलर की शुरुआत होती है एक महिला से जोकि एक्सीडेंट के बाद अपनी मेमोरी खो चुकी है। इसके बाद वो अपने पति के साथ एक आइलैंड पर शिफ्ट होती है जहां उसके साथ उसके घर के अंदर कुछ अजीब से एक्सपीरियंस होने लगते हैं।

राज से मिलती-जुलती लगी कहानी

फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद फैंस इसे विक्रम भट्ट की पुरानी फिल्म राज से कंपेयर कर रहे हैं। इस फिल्म में बिपाशा बसु, डिनो मोरिया नजर आए थे। फैंस का कहना है कि फिल्म में भूत के सीन्स और फिल्म की कहानी साल 2002 में आई राज से काफी मिलती जुलती है।

कब रिलीज होगी फिल्म

अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा, 'आप लोगों के लिए ये विश्वास करना मुश्किल होगा लेकिन मुझे हॉरर फिल्में देखने से डर लगता है। हालांकि मैं अपने व्यूअर्स के लिए ऐसी फिल्में बनाना बहुत पसंद करता हूं। मैं काफी समय से हॉरर लव स्टोरी बनाने की कोशिश कर रहा था फिर मैंने भट्ट साहब से इस बारे में बात की। उन्होंने बिना कुछ सोचे समझे इसके लिए हामी भर दी और अब हम ब्लडी इश्क लेकर आ रहे हैं। फिल्म 26 जुलाई को डिज्नी हॉटस्टार पर रिलीज होगी।

वहीं अविका गौड़ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'अविका इंडस्ट्री की सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं। 1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट के बाद मुझे पता था कि मैं उन्हें ब्लडी इश्क में कास्ट करने वाला हूं। उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस को वाकई निखारा है। मुझे विश्वास है कि इस फिल्म को लोगों के लिए भुला पाना मुश्किल होगा।'


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सीतामढ़ी में ताजिया जुलूस के दौरान हंगामा, दो पक्षों में पत्थरबाजी

Sitamarhi Muharram Juloos शहर के मेहसौल चौक व किरण चौक पर बुधवार की सुबह दो ताजिया जुलूस में शामिल लोगों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में पत्थरबाजी भी हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, पथराव में दोनों पक्ष के करीब दो दर्जन लोग जख्मी हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। जिसके बाद स्थिति कंट्रोल में आई।

जख्मी लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना को लेकर शाम को नगर थाना में शांति समिति की बैठक बुलाई गई है। अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।

राजधानी पटना में भी हुआ बवाल

राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के समनपुरा की मदरसा गली में मंगलवार की देर रात ताजिया जुलूस के दौरान बवाल की सूचना मिलते ही पटना पुलिस हरकत में आ गई। एक युवक की दुकान में तोड़फोड़ और लूटपाट की बात कही जा रही है। हालांकि, डीएसपी ने लूटपाट से इनकार किया है। कहा कि जुलूस से पूर्व मारपीट हुई थी। दुकान का फ्रिज क्षतिग्रस्त हुआ है


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सीएम योगी की मंत्र‍ियों के साथ बैठक खत्‍म, मंत्री स्‍वतंत्र देव स‍िंह ने बताया क‍ि बैठक में विकास परियोजनाओं बाढ़ की स्थिति के मुद्दे पर चर्चा हुई

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा क‍ि बैठक में विकास परियोजनाओं, बाढ़ की स्थिति आदि पर चर्चा की गई। उन्‍होंने कहा क‍ि सभी 10 सीटें जीतनी हैं, इसलिए (विधानसभा उपचुनाव) पर भी चर्चा की गई। बता दें, विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बैठक बुलाई थी, ज‍िसमें सभी 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के प्रभारी बनाए गए मंत्री शामिल हुए। हर सीट पर तीन-तीन मंत्रियों के अलावा संगठन से एक-एक पदाधिकारी की तैनाती की गई है।

इन सीटों पर होना है उपचुनाव

लोकसभा चुनाव में नौ विधायकों के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई कटेहरी, मिल्कीपुर, करहल, फूलपुर, मझवां, गाजियाबाद, मीरापुर, कुंदरकी व खैर विधानसभा सीटों के अलावा कानपुर की सीसामऊ सीट पर उपचुनाव होना है।

सीसामऊ की सीट सपा के विधायक इरफान सोलंकी को सात वर्ष की सजा होने के बाद रिक्त हो गई है। करहल, कुंदरकी, कटेहरी, मिल्कीपुर व सीसामऊ सीटों पर जहां सपा का कब्जा रहा है वहीं फूलपुर, खैर व गाजियाबाद सीट भाजपा की रही है। मीरापुर की सीट पर एनडीए के सहयोगी दल रालोद तथा मझवां की सीट पर निषाद पार्टी का विधायक रहा है।

सीएम योगी ने अपने हाथों में ली कमान

लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद विधानसभा सीटों के होने वाले उपचुनाव भाजपा के लिए काफी अहम हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने उपचुनाव की कमान स्वयं अपने हाथों में ले ली है।


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स्कूल के वॉशरूम में छात्रा के साथ दुष्कर्म, सीनियर छात्र ने उठाया फायदा,प्रिंसिपल ने दर्ज कराई शिकायत

 मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सबसे नामी स्कूल से बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक 14 साल के छात्र ने जूनियर कक्षा की छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले की जानकारी सोमवार को दी है। 

अधिकारियों के अनुसार, घटना शनिवार 13 जुलाई को स्कूल परिसर में हुई। बाद में जब स्कूल के प्रिंसिपल को घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने बहोड़ापुर पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। 

स्कूल के प्रिंसिपल ने दर्ज कराया मामला

ग्वालियर के एएसपी निरंजन शर्मा ने बताया, 'ग्वालियर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के प्रिंसिपल के संज्ञान में यह मामला आया कि उनके स्कूल के एक छात्र ने स्कूल परिसर में ही जूनियर छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया है। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।'

स्कूल के वॉशरूम में ले जाकर किया गंदा काम

बता दें कि आरोपी और पीड़िता दोनों नाबालिग हैं। आरोपी की उम्र 14 साल है, जबकि लड़की की उम्र 12 साल है। मामले की आगे की जांच जारी है। एएसपी ने बताया कि घटना के दिन 13 जुलाई को आरोपी और पीड़िता दोनों बीमार होने के कारण स्कूल के स्वास्थ्य केंद्र गए थे।

इसके बाद आरोपी सीनियर छात्र जूनियर छात्रा को वॉशरूम में ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।बाद में पीड़िता ने नर्स को घटना की जानकारी दी और फिर मामला स्कूल अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिन्होंने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई


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केजरीवाल की जमानत पर आज ही फैसला हो

शराब नीति केस में दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को CBI ने अरेस्ट किया है। केजरीवाल ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है। केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- अरविंद केजरीवाल जनता के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, आतंकवादी नहीं।

सिंघवी ने कोर्ट में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का जिक्र किया। उन्होंने कहा- हाल ही में इमरान खान को रिहा किया गया था, लेकिन उन्हें दूसरे मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। हमारे देश में ऐसा नहीं हो सकता।

न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक- सिंघवी ने कहा- CBI ने आज अपना पक्ष रखने की बात कही है। यदि वे समय लेते हैं, तो केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी जाए। इसके जवाब में CBI के वकील- डीपी सिंह ने कहा- हम आज ही अपनी दलीलें देंगे। लेकिन दलीलें देते-देते 4 बज जाएं तो कोर्ट सुनवाई के लिए कोई और तारीख भी दे सकता है।

ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 20 जून को PMLA के तहत नियमित जमानत दी। 4 दिनों के बाद CBI ने केजरीवाल से न्यायिक हिरासत में पूछताछ करने का आदेश लिया और 26 जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुझे न आवेदन की कॉपी मिली, न नोटिस मिला और आदेश पारित कर दिया गया। मेरी बात ही नहीं सुनी गई।

कोर्ट रूम Live

सिंघवी: केजरीवाल सीएम हैं, आतंकवादी नहीं। CBI ने ट्रायल कोर्ट में पूछताछ के लिए आवेदन दिया, आवेदन स्वीकार कर लिया गया, नोटिस भी नहीं भेजा गया।

सिंघवी: मुझे गिरफ्तार करने का सिर्फ एक ही कारण बताया गया है कि मैं संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा हूं। ट्रायल कोर्ट को इसकी इजाजत नहीं देनी चाहिए थी। इसका आधार क्या है?

सिंघवी: मान लीजिए मैं कहता हूं कि मैं जवाब नहीं दूंगा। मैं एक बहुत बड़ा सवाल पूछ रहा हूं, लेकिन क्या मेरे लॉर्ड कहेंगे कि मैं जवाब नहीं दे रहा हूं, इसलिए मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए? अनुच्छेद 22 और 23 का क्या होगा?

सिंघवी: यह एक सामान्य कानून है। कोई स्पेशल कानून नहीं है। आप स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए मेरे साथ व्यवहार नहीं कर सकते हैं।

सिंघवी: CBI के दस्तावेज की कोई कॉपी मुझे नहीं दी गई। कस्टडी के दौरान पूछताछ की जानकारी दी गई थी। कोई नोटिस नहीं दिया गया। मामले को लेकर हमारी बात नहीं सुनी गई।

सिंघवी: ट्रायल कोर्ट ने चार दिन पहले ही मुझे PMLA के तहत नियमित जमानत दी थी। तीन दिन पहले इमरान खान रिहा हुए, सबने अखबार में पढ़ा। उन्हें एक और मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। हमारे देश में ऐसा नहीं हो सकता।

सिंघवी: जिस दिन CBI ने एप्लिकेशन लगाई, उसी दिन ट्रायल कोर्ट ने पूछताछ की अनुमति दे दी। बिना हमें बताए अनुमति दे दी गई। यह कोई पोस्ट ऑफिस सिस्टम नहीं है। अगले दिन एक और एप्लिकेशन दी गई, जिसमें अरेस्ट करने की अनुमति मांगी गई। हैरानी की बात यह है कि एप्लिकेशन में ही धारा 160 का जिक्र कर दिया गया। केजरीवाल अचानक आरोपी बन गए। यह कैसे, कब हो गया। कुछ नहीं बताया गया।

सिंघवी: मामले में नया सबूत क्या है। मंगुटा रेड्डी का स्टेटमेंट पहले ही रिकॉर्ड कर लिया गया था। यह हुक और क्रूक अरेस्ट है।

सिंघवी: अरेस्ट करना ही क्यों है। क्या यह बहुत महत्वपूर्ण है। केजरीवाल पहले ही जेल में थे। आप पूछताछ कर सकते थे। आपको अरेस्ट करने की जरूरत नहीं थी। यह एक अतिरिक्त अरेस्ट है। एक इंश्योरेंस अरेस्ट की तरह। ये चाहते हैं कि केजरीवाल जेल के बाहर न आएं, इसलिए दूसरे केस में गिरफ्तार किया।

सिंघवी: इस मामले में देरी होने पर हमने अंतरिम जमानत के लिए भी अर्जी दाखिल की है। CBI ने कहा कि वे आज अपना पक्ष रखेंगे। यदि वे समय लेते हैं, तो केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।

डीपी सिंह: हम आज ही अपनी दलीलें देंगे। लेकिन अगर दलीलें देते-देते समय 4 बज जाए तो कोर्ट इस मामले पर सुनवाई के लिए कोई और तारीख भी दे सकता है।

सिंघवी: केजरीवाल को 3 बार जमानत मिली है। दो बार सुप्रीम कोर्ट से और एक बार ट्रायल कोर्ट से। अगर आपको मामले में कुछ ठोस नहीं मिल जाता तो फिर हमारा बेल मांगने में क्या गलत है।

सिंघवी: 5 बार ऐसा हो चुका है, जब केजरीवाल का ब्लड शुगर लेवल 50 से नीचे हो चुका है। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

डीपी सिंह: यह कौन तय करेगा कि जांच कैसे की जाती है। केजरीवाल या उनके वकील तय नहीं करेंगे। सिंघवी कहते हैं कि केजरीवाल की पूछताछ 9 घंटे तक चली। हमारे पास रिकॉर्डिंग है। इस सब के दौरान CBI ऑफिस के सामने भारी भीड़ थी।

केजरीवाल के खिलाफ ED-CBI के अलग-अलग मामले

केजरीवाल पर दो मामले दर्ज हैं। पहला ED का, जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। दूसरा CBI का, जिसे शराब नीति में भ्रष्टाचार को लेकर दर्ज किया गया।

इस केस में 26 जून को केजरीवाल को दोबारा गिरफ्तार किया गया। यह केस दिल्ली LG वीके सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ था। दोनों मामले अलग-अलग दर्ज किए गए हैं, इसलिए इनमें गिरफ्तारी भी अलग-अलग हुई है।

ED केस में केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

केजरीवाल को शराब नीति से जुड़े ED केस में 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है। जस्टिस संजीव खन्ना ने जमानत देते हुए कहा- केजरीवाल 90 दिन से जेल में हैं। इसलिए उन्हें रिहा किए जाने का निर्देश देते हैं। हम जानते हैं कि वह चुने हुए नेता हैं और ये उन्हें तय करना है कि वे मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं या नहीं।

जस्टिस खन्ना ने कहा- हम ये मामला बड़ी बेंच को ट्रांसफर कर रहे हैं। गिरफ्तारी की पॉलिसी क्या है, इसका आधार क्या है। इसके लिए हमने ऐसे 3 सवाल भी तैयार किए हैं। बड़ी बेंच अगर चाहे तो केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर बदलाव कर सकती है।

ED ने शराब नीति केस में सातवीं सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की

इधर, शराब नीति केस में ED ने मंगलवार (9 जुलाई) को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सातवीं सप्लिमेंट्री चार्जशीट पेश की थी। 208 पेज की इस चार्जशीट में दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को केस का सरगना और साजिशकर्ता बताया गया है। चार्जशीट में कहा गया कि स्कैम से मिला पैसा आम आदमी पार्टी पर खर्च हुआ है।

ED ने चार्जशीट में कहा कि केजरीवाल ने 2022 में हुए गोवा चुनाव में AAP के चुनाव अभियान में यह पैसा खर्च किया। दावा किया गया है कि केजरीवाल ने शराब बेचने के कॉन्ट्रेक्ट के लिए साउथ ग्रुप के सदस्यों से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 45 करोड़ रुपए गोवा चुनाव पर खर्च किए गए थे।

ED ने जोर देकर कहा कि केजरीवाल ने दावा किया कि AAP के पूर्व मीडिया प्रभारी और इस केस के सह-आरोपी विजय नायर ने उनके नहीं, बल्कि मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज के अधीन काम किया था। इसमें यह भी दावा किया गया है कि CM ने कहा कि दुर्गेश पाठक गोवा के राज्य प्रभारी थे और फंड का प्रबंधन करते थे और फंड से संबंधित निर्णयों में उनकी खुद कोई भूमिका नहीं थी और उन्हें भारत राष्ट्र समिति की नेता के कविता से रिश्वत नहीं मिली थी।


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17 जुलाई से शुरू होगी श्रीखंड महादेव यात्रा, इस दिन से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं श्रद्धालु

श्रीखंड महादेव हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित धार्मिक तीर्थ स्थल है। यह दुनिया भर में प्रसिद्व है जो भगवान शिव और पार्वती को समर्पित हैं। यह स्थान शिव भक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

देश भर की कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव की यात्रा इस बार 14 से 27 जुलाई तक होगी। इस दौरान पंजीकरण कर ही यात्रा में श्रदालु भाग ले सकते हैं। बिना पंजीकरण के श्रदालुओं को जाने की अनुमति नहीं होगी।

सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम

ट्रस्ट की ओर से बुधवार को श्रीखंड महादेव की यात्रा को लेकर पहली बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश ने की। जबकि इसमें विशेष रूप से एसडीएम निरमंड मनमोहन शर्मा मौजूद रहे।

बैठक में निर्णय लिए गए हैं कि प्रशासन की ओर इस बार सुरक्षा को कड़ा किया जाएगा। जिसमें स्पेशल टीम, एनडीआरएफ की तैनाती रहेगी। जबकि यात्रा पर किसी भी प्रकार के नशे की वस्तु नहीं ले जा सकते हैं। इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

18 से 60 साल के लोग ही कर सकेंगे यात्रा

यह यात्रा हर साल सावन के महीने में की जाती है। इसलिए इसमें खतरे की अधिक संभावना बनी रहती है। इसके लिए इस बार पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यात्रा के लिए पंजीकरण ऑनलाइन व ऑफलाइन किया जाएगा। ऑफलाइन पंजीकरण सिंहगाड़ बेस कैंप में 14 जुलाई से सुबह पांच से शाम सात बजे तक होगा।

इस बार यात्रा के लिए 250 रुपये पंजीकरण शुल्क रखा है। 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड यात्रा के लिए 18 से 60 साल तक की आयु वाले स्वस्थ लोग ही यात्रा कर सकेंगे। पार्वती बाग में रेस्क्यू टीम के साथ चिकित्सक भी तैनात होंगे।

यहां बनाए जाएंगे बेस कैंप

सिंहगाड में मेडिकल जांच व पंजीकरण के बाद यात्रा पर जाने की अनुमति मिलेगी। यात्रा में पांच बेस कैंप सिंहगाड, थाचडू, कुंशा, भीमडवारी व पार्वती बाग में बनाए जाएंगे। आधार कैंप में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट के अधीन मेडिकल, रेस्क्यू पुलिस की टीमें तैनात होंगी

ऐसे पहुंचा जा सकता है श्रीखंड

श्रीखंड महादेव पहुंचने के लिए कुल्लू जिला के निरमंड होकर बागीपुल और जाओं तक छोटे वाहनों और बसों में पहुंचा जा सकता है। जहां से आगे करीब 35 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। शिमला से रामपुर- 130 किलोमीटर, रामपुर से निरमंड-17 किलोमीटर, निरमंड से बागीपुल 17 किलोमीटर, बागीपुल से जाओं करीब 12 किलोमीटर दूर है


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इधर हाईकोर्ट ने शंभू बॉर्डर खोलने का दिया ऑर्डर, उधर किसान संगठनों ने फिर बनाया दिल्ली कूच का प्लान

हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों की आज बैठक होने वाली है. इस बैठक में किसान आने वाले दिनों के आंदोलन की रणनीति तय कर करेंगे. किसानों की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस बैठक के बाद सुस्त पड़ रहे आंदोलन में फिर से एक बार नई जान आ सकती है. इस बैठक में सभी किसान संगठन दिल्ली कूच करने के फैसले पर मंथन करेंगे. इसके बाद किसान दिल्ली कूच करने का एलान कर सकते हैं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से शंभू बॉर्डर खोलने के आदेश दिए गए हैं. इसके बाद से ही किसान अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं. 

यह बैठक आज दोपहर में लगभग ढाई बजे आयोजित की जाएगी. बैठक शाम तक चलेगी इसके बाद किसान दिल्ली कूच करने को लेकर एलान कर सकते हैं. शंभू बॉर्डर पर यह बैठक किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगुवाई में की जाएगी. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पहले की खनौरी बॉर्डर पर किसानों को तैयार रहने के लिए कहा है. माना जा रहा है कि बैठक में रणनीति तय करने बाद और हरियाणा सरकार की तरफ से बॉर्डर खोलने के बाद किसान शंभू और बॉर्डर से दिल्ली मार्च की शुरुआत कर सकते हैं. वहीं आज होने वाली इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान नेता भी शामिल हो सकते हैं. 

अपनी मांगों पर अडिग हैं किसान

गौरतलब है कि किसानों ने पांच महीने पहले ही दिल्ली मार्च करने का एलान किया था. जिसके बाद से शंभू बॉर्डर को बंद कर दिया गया था. पंजाब और हरियाणा को अलग-अलग करने वाले इस बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी. लंबे समय तक बॉर्डर बंद रहने के कारण आम लोगों और व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. जबकि किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं.  बॉर्डर पर विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे और अपनी मांगों को पूरा कराकर ही दम लेंगे. 

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के कारण आम लोगों और व्यापारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए बॉर्डर खोलने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी. जिस पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर खोलने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार हाईवे पर कैसे ट्रैफिक को रोक सकती है. साथ ही कहा कि राज्य सरकार का काम है कि वो यातायात को नियंत्रित करें. कोर्ट ने कहा कि हम कह रहे हैं कि बॉर्डर को खुला रखें लेकिन उसको नियंत्रित भी करें. आखिर राज्य सरकार हाईवे को खोलने के हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती क्यों देना चाहती है.  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसान भी देश के नागरिक हैं, उन्हें भी सुविधाएं चाहिए. उन्हें भी भोजन और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जानी चाहिए. वे आएंगे, नारे लगाएंगे और चले जाएंगे. 


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तीसरी बार बड़े पर्दे पर साथ दिखेंगे शाहरुख-अभिषेक

शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म किंग की तैयारियों में जुटे हुए हैं। हाल ही में शाहरुख, अनंत-राधिका की शादी का हिस्सा बनने लंदन में चल रही शूटिंग छोड़कर भारत आए थे। अब रिपोर्ट्स हैं कि इस फिल्म में अभिषेक बच्चन की भी कास्टिंग हो चुकी है। अभिषेक फिल्म में विलेन की भूमिका निभाएंगे।

हाल ही में आई पीपिंग मून की रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक बच्चन ने फिल्म साइन कर ली है। वो फिल्म किंग में नेगेटिव रोल प्ले करने वाले हैं, हालांकि उनका असल किरदार कैसा होगा, इस पर कोई जानकारी नहीं मिली है। सोर्स की मानें तो वो एक सोफिस्टिकेटेड और कॉम्प्लेक्स विलेन के रोल में दिखेंगे। फिल्म में उन्हें और शाहरुख को आमने-सामने दिखाया जाने वाला है।

2 फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं अभिषेक-शाहरुख

फिल्म किंग से पहले अभिषेक बच्चन और शाहरुख खान 2 फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। दोनों सबसे पहले साल 2006 की फिल्म कभी अलविदा न कहना में साथ नजर आए थे। इसके बाद दोनों फिल्म हैप्पी न्यू ईयर में भी साथ दिखे हैं। अभिषेक बच्चन ब्लॉकबस्टर फिल्म कभी खुशी कभी गम में भी एक कैमियो रोल निभाने वाले थे, हालांकि क्रिएटिव डिफरेंस के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी थी। इसके अलावा अभिषेक, शाहरुख की फिल्म ओम शांति ओम में भी कैमियो कर चुके हैं।

2026 में रिलीज हो सकती है फिल्म किंग

कहानी, कहानी 2, जाने जा जैसी बेहतरीन फिल्मों के निर्देशक रहे सुजोय घोष फिल्म किंग को डायरेक्ट करने वाले हैं। ये एक क्राइम थ्रिलर फिल्म होने वाली है, जिसे एक्शन-पैक्ड बनाया जाएगा। साल 2025 के आखिर तक फिल्म बनकर तैयार हो जाएगी, जिसके बाद इसे 2026 में रिलीज किया जाएगा।फिल्म से शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान बड़े पर्दे पर डेब्यू करने वाली हैं। उन्होंने नेटफ्लिक्स की फिल्म द आर्चीज से एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म को रेड चिल्लीज प्रोडक्शन द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है। ये अभिषेक बच्चन और सुजोय घोष की दूसरी फिल्म होने वाली है। इससे पहले सुजोय घोष ने अभिषेक बच्चन स्टारर फिल्म बॉब बिस्वास प्रोड्यूस की थी।

शूटिंग छोड़कर अनंत-राधिका की शादी में पहुंचे थे शाहरुख

शाहरुख खान बीते कुछ समय से लंदन में फिल्म किंग की शूटिंग कर रहे हैं। 12 जुलाई को अनंत-राधिका की शादी अटेंड करने के लिए शाहरुख खान लंदन से मुंबई आए थे। शुभ विवाह और आशीर्वाद सेरेमनी अटेंड करने के बाद शाहरुख खान वर्क कमिटमेंट के चलते लंदन लौट गए थे। उन्होंने अनंत-राधिका का रिसेप्शन अटेंड नहीं किया था।


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