रिलायंस का हरित ऊर्जा कारोबार ले रहा है आकार, कर-पूर्व लाभ में 10% योगदान देगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली : मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) ने अपने हरित ऊर्जा कारोबार को आकार देने के लिए सौर, बैटरी और हाइड्रोजन क्षेत्र में निवेश की खातिर कई भागीदारियां की हैं। इनका अगले पांच साल में कंपनी के पूर्व-कर लाभ में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान रह सकता है। एक रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है।


गौरतलब है कि कंपनी ने आरईसी, नेक्सवेफ, स्टर्लिंग एंड विल्सन, स्टिसाल और अंबरी के साथ 1.2 अरब डॉलर की कुल लागत वाली साझेदारियों की घोषणा की है।


ब्रोकरेज कंपनी बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा है, "इन निवेश के साथ रिलायंस ने सौर, बैटरी और हाइड्रोजन के माध्यम से पूरी तरह से एकीकृत एंड-टू-एंड नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण शुरू करने के लिए विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी संबंधी पोर्टफोलियो हासिल कर लिया है।"


इसमें कहा गया, "रिलायंस अधिग्रहण की गयी प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण करेगी और भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी।"


साथ ही कहा गया कि उम्मीद है कि रिलायंस स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए ईंधन सेल और प्रमुख सामग्री जैसी प्रौद्योगिकी में निवेश करना जारी रखेगी।


रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि नवीन ऊर्जा कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 तक आरआईएल के ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) में करीब 10 प्रतिशत योगदान देगा।






...

भारत बांड ईटीएफ से दिसंबर तक 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है सरकार

नई दिल्ली : सरकार भारत बांड ईटीएफ की अगली किस्त दिसंबर तक ला सकती है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।


अधिकारी ने बताया कि सरकार भारत बांड ईटीएफ से दिसंबर तक 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इस राशि का इस्तेमाल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) की वृद्धि की योजना में किया जाएगा।


अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की कोष की जरूरत का आकलन किया जा रहा है और एक्सचेंज ट्रेडेड कोष (ईटीएफ) की तीसरी किस्त को चालू कैलेंडर वर्ष के अंत से पहले पेश किया जाएगा।


उन्होंने कहा, ''अभी हम इस राशि को अंतिम रूप दे रहे हैं। लेकिन यह 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।''


भारत बांड ईटीएफ एक एक्सचेंज ट्रेडेड कोष है जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बांड में निवेश करता है। ईटीएफ फिलहाल सिर्फ 'एएए' रेटिंग वाले बांड में निवेश करता है।


ईटीएफ के जरिये जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सीपीएसई या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज जुटाने की योजना में होता है। इससे उनकी पूंजीगत व्यय की जरूरत को भी पूरा किया जाता है।




...

पहले धारणा बन गई थी कि सेना व पुलिस जैसी सेवाएं केवल पुरुषों के लिए ही होती हैं : मोदी

नई दिल्ली :  महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में वृद्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।


प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर प्रसारित मासिक कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की ताजा कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए उम्मीद जताई कि आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और देश की पुलिस सेवा की नई पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी।


उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह धारणा बन गई थी कि सेना और पुलिस जैसी सेवा केवल पुरुषों के लिए ही होती है। लेकिन आज ऐसा नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2014 में जहां इनकी संख्या 1.5 लाख के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या अब 2.15 लाख तक पहुंच गई है।’’


ज्ञात हो कि मोदी 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे।


उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों में भी पिछले सात सालों में महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है और आज देश की बेटियां कठिन से कठिन कर्तव्य भी पूरी ताकत और हौसले से पूरा कर रही हैं।


इस क्रम में उन्होंने सबसे कठिन माने जाने वाले प्रशिक्षणों में एक विशिष्ट जंगल युद्ध कमांडो के प्रशिक्षण का उल्लेख किया और कहा कि आगे जाकर यह प्रशिक्षित बेटियां कोबरा बटालियन का हिस्सा बनेंगी।


उन्होंने कहा कि आज हवाई अड्डों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक या सरकारी दफ्तरों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की जांबाज महिलाएं हर संवेदनशील जगह की सुरक्षा करते दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसका सबसे सकारात्मक असर हमारे पुलिस बल के साथ-साथ समाज के मनोबल पर भी पड़ रहा है। महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से लोगों में, विशेषकर महिलाओं में सहज ही एक विश्वास पैदा होता है। वे उनसे स्वाभाविक रूप से खुद को जुड़ा महसूस करती हैं। महिलाओं की संवेदनशीलता की वजह से भी लोग उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं।’’


प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी आज देश की लाखों और बेटियों के लिए भी आदर्श बन रही हैं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया कि वे स्कूलों के खुलने के बाद अपने क्षेत्रों के स्कूलों में जाएं और बच्चियों से बात करें।


उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इस बातचीत से हमारी नई पीढ़ी को एक नई दिशा मिलेगी। यही नहीं, इससे पुलिस पर जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।’’


प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी और पुलिस सेवा की भावी पीढ़ी का नेतृत्व करेंगी।


अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वैश्विक संस्था का एक अनोखा पहलू यह भी है कि उसका प्रभाव और उसकी शक्ति बढ़ाने में भारत की नारी शक्ति ने बड़ी भूमिका निभाई है।


इस कड़ी में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि रहीं हंसा मेहता और लक्ष्मी मेनन का उल्लेख किया और कहा कि लैंगिक समानता के लिए उन्होंने पुरजोर आवाज उठाई। उन्होंने विजया लक्ष्मी पंडित के संयुक्त राष्ट्र आम सभा की पहली महिला अध्यक्ष बनने का भी जिक्र किया।






...

पाकिस्तान सरकार आईएमएफ की मांग पूरी करने को कृषि आय पर कर लगाने की सोच रही

नई दिल्ली :  पाकिस्तान सरकार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मांग को पूरा करने के लिए कृषि आय पर संघीय कर लगाने पर विचार कर रही है और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह संविधान में संशोधन के बिना संभव है।


प्रस्ताव पर पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच चर्चा हो चुकी है और कानूनी संशोधन का मसौदा भी तैयार कर लिया गया है।


पाकिस्तान के कर अधिकारियों ने आईएमएफ को बताया है कि चौथे टैक्स कानून संशोधन अध्यादेश में कानूनी संशोधन पेश किया जा सकता है।


सूत्रों ने बताया कि समीक्षा वार्ता के दौरान आईएमएफ की एक बड़ी मांग कृषि क्षेत्र को संघीय कर के दायरे में लाने की थी।


हालांकि, दोनों पक्ष आर्थिक नीतियों के लिए ज्ञापन (एमईएफपी) पर सहमत नहीं हो पाए।


संघीय कानून और न्याय मंत्री फारोग नसीम ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, संविधान संशोधन के बिना कृषि आय को संघीय कर के दायरे में लाया जा सकता है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) के अध्यक्ष और वित्त सलाहकार पहले ही कानून मंत्री के साथ इस मुद्दे को उठा चुके हैं।


हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि देश में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान प्रस्ताव को मंजूरी देंगे या नहीं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि 1973 के संविधान के तहत, संघीय सरकार कृषि आय पर कर नहीं लगा सकती थी, क्योंकि मामला प्रांतीय क्षेत्र में आता था।


हालांकि, प्रांतीय सरकारें, समय के साथ, जमींदारों के प्रभाव के कारण इस मामले से बचती रहीं।


संघीय सरकार ने कानून मंत्रालय के परामर्श से एक समाधान खोजा है, जहां केवल 2001 के आयकर अध्यादेश में संशोधन करके कृषि आय पर संघीय आयकर लगाया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि कर अधिकारी आयकर कानून की धारा 41 में संशोधन करके कृषि आय की परिभाषा को केवल फसलों से होने वाली आय तक सीमित रखने पर विचार कर रहे हैं।





...

प्रधानमंत्री ने आर के लक्ष्मण की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बहुमुखी प्रतिभा के धनी व प्रख्यात कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण को उनकी 100वीं जयंती पर याद किया और कहा कि अपनी रचनाओं के जरिए उन्होंने तत्कालीन सामाजिक व राजनीतिक सच्चाई को सुंदरता से प्रस्तुत किया।


प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ''आर के लक्ष्मण की 100वीं जयंती पर मैं उन्हें याद कर रहा हूं। अपने कार्टूनों के जरिए उन्होंने तत्कालीन सामाजिक व राजनीतिक सच्चाई को सुंदरता से प्रस्तुत किया।''


उन्होंने वर्ष 2018 में ''टाइमलेस लक्ष्मण'' नामक पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर दिए गए अपने भाषण का एक वीडियो भी साझा किया।


24 अक्टूबर 1921 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे लक्ष्मण एक प्रमुख व्यंग्य चित्रकार थे और अपनी रचनाओं के जरिए उन्होंने आम आदमी की पीड़ा और सामाजिक विकृतियों को सामने रखने के साथ ही राजनीतिक व्यवस्था पर भी तंज कसे।


उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से नवाजा जा चुका है।






...

देश में लगातार घट रही कोरोना के ऐक्टिव केसों की संख्या, इस समय महज 0.51 फीसदी मामलों में चल रहा इलाज

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,906 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,41,75,468 पर पहुंच गई जबकि 561 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,54,269 पर पहुंच गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को सुबह आठ बजे तक अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार, ऐक्टिव केसों की संख्या कम होकर 1,72,594 रह गई है। कोरोना वायरस के रोज आने वाले नए मामले लगातार 30वें दिन 30,000 से कम हैं और लगातार 119वें दिन 50,000 से कम हैं।


आंकड़ों के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.51 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की राष्ट्रीय दर 98.17 प्रतिशत दर्ज की गई जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में पिछले 24 घंटों में 1,134 मामलों की कमी दर्ज की गई है। शनिवार को कोविड-19 के लिए 13,40,158 नमूनों की जांच की गई और इसी के साथ ही देश में अब तक जांच किए गए नमूनों की संख्या 59,97,71,320 हो गई है। संक्रमण की दैनिक दर 1.19 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.23 प्रतिशत दर्ज की गई। इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,35,48,605 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 102.10 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।




...

आईटीबीपी के 60वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने दी जवानों को बधाई

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस पर रविवार को बल के कर्मियों को बधाई दी और कहा कि जब भी देश को उनकी जरूरत पड़ी उन्होंने अदम्य साहस व समर्पण के साथ जवाब दिया।


आईटीबीपी की स्थापना चीन के साथ 1962 के युद्ध के बाद की गई थी और इसमें करीब 90,000 जवान हैं।


मोदी ने आईटीबीपी के 60वें स्थापना दिवस पर एक ट्वीट में कहा, ‘‘अरूणाचल प्रदेश के घने जंगलों से लेकर हिमालय की बफीर्ली चोटियों तक हमारे आईटीबीपी के हिमवीरों ने देश के आह्वान पर अदम्य साहस व समर्पण दिखाया है।’’


बल के कर्मियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा,‘‘आपदा के समय बल की ओर से किए गए मानवीय कार्य सराहनीय हैं।’’


आईटीबीपी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की पांच शाखाओं में से एक है। यह उत्तरी सीमाओं पर निगरानी रखता है और सीमा उल्लंघन को रोकता है। यह अवैध आव्रजन, सीमा पार से तस्करी इत्यादी की निगरानी करता है और देश में शांति बनाए रखने में अहम भूमिका का निर्वाह करता है।





...

मोदी सरकार ने जनता को कष्ट देने के रिकॉर्ड बनाए: प्रियंका ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर कहा

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर रविवार को केंद्र पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जनता को ‘कष्ट’ देने के रिकॉर्ड बनाए हैं।


कांग्रेस नेता प्रियंका ने ट्विटर पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की जिसमें कहा गया है कि इस वर्ष पेट्रोल की कीमतों में रिकॉर्ड 23.53 रूपये की वृद्धि हुई है।


प्रियंका ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी की सरकार ने जनता को कष्ट देने के मामले में बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं। सबसे ज्यादा बेरोजगारी: मोदी सरकार में, सरकारी संपत्तियां बिक रहीं: मोदी सरकार में, पेट्रोल की कीमतें एक साल में सबसे ज्यादा बढ़ीं: मोदी सरकार में।’’


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी वही मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए सरकार पर हमला बोला और ट्वीट किया, ‘‘अच्छे दिन’’।


शनिवार को लगातार चौथे दिन पेट्रोल और डीजल कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35-35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ गए हैं। इस बढ़ोतरी के साथ मई, 2020 की शुरुआत से यानी 18 महीने से कम समय में पेट्रोल 36 रुपये लीटर महंगा हो चुका है। इस दौरान डीजल कीमतों में 26.58 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।


सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 107.24 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 95.97 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। 







...

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को; चुनाव, किसानों के प्रदर्शन पर चर्चा की संभावना

नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सोमवार को बैठक होगी, जिसमें पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से लेकर किसानों के आंदोलन तथा कोविड-19 महामारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।


भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में पार्टी प्रवक्ताओं के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने वाले सभी नेता शामिल होंगे।


यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कोविड महामारी के कारण काफी अंतराल के बाद हो रही है तथा अगले महीने ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी होनी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रचार अभियान पर बैठक में व्यापक चर्चा होगी।


उन्होंने कहा कि तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन, लखीमपुर खीरी हिंसा और सिंघू बॉर्डर पर दलित समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।


विपक्ष ने लखीमपुर खीरी में हुयी हिंसा को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर खासा दबाव बनाने का प्रयास किया है। बैठक में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान पर भी चर्चा होने की संभावना है।




...

भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी और अशोक गहलोत के धुर विरोधी पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा का निधन

जोधपुर :  कांग्रेस के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के धुर विरोधी रहे महिपाल मदेरणा का रविवार सुबह जोधपुर में निधन हो गया। वे 69 साल के थे और कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे। जोधपुर जिले की भंवरी देवी के अपहरण और हत्या के मामले में उनको मंत्री पद से हटा दिया गया था। मदेरणा के शव को सुबह 10:00 बजे उनके पैतृक गांव चाडी ले जाया जाएगा। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के मजबूत नेता रहे और किसानों के मसीहा के नाम से पहचाने जाने वाले महिपाल मदेरणा का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 69 साल के थे, और पिछले कुछ समय से कैंसर से पीड़ित है। मदेरणा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव चाडी में किया जाएगा। महिपाल मदेरणा गहलोत सरकार में जल संसाधन मंत्री भी रहे थे लेकिन भंवरी देवी अपहरण और हत्या मामले में उनका नाम आने के बाद उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था जिसके बाद सीबीआई मैं मामले में उन्हें मुख्य आरोपी बताकर गिरफ्तार किया था तब से लेकर लंबे अरसे तक वे जेल में रहे जहां उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई।

मालूम हो कि पिछले 10 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत उन्हें जमानत मिली थी जिसके बाद वह अपनी पत्नी लीला मदेरणा के जोधपुर जिला प्रमुख पद पर काबिज होने के बाद पहली बार सार्वजनिक समारोह में शामिल होने अपने पैतृक गांव चाडी और ओसियां विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे थे जहां किसान नेता को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका बहुत जोरदार स्वागत किया था। महिपाल मदेरणा की पुत्री दिव्या मदेरणा वर्तमान में ओसिया से विधायक भी हैं।


...

एसीएससी ने किसान प्रदर्शन स्थल पर 'लिंचिंग' के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को कहा

नई दिल्ली : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर एक शख्स की भीड़ द्वारा हत्या (लिंचिंग) के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हरियाणा पुलिस से सख्त कार्रवाई करने को कहा है।


आयोग के प्रमुख विजय सांपला ने हरियाणा पुलिस से शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट भी देने को कहा।


दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर एक व्यक्ति की भीड़ ने हत्या की, उसके हाथ काट दिए और शव को वहां लगे धातु अवरोधक से बांध दिया। इस निर्मम घटना के लिए निहंगों के समूह को जिम्मेदार ठहराया गया है।


सांपला ने कहा कि मृतक की पहचान लखबीर सिंह के तौर पर हुई है जिसका ताल्लुक अनुसूचित जाति के समुदाय से था।


सांपला ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि एनसीएससी ने हरियाणा पुलिस से 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई एक वीडियो क्लिप में, कुछ निहंग जमीन पर खून से लथपथ पड़े व्यक्ति के पास खड़े दिख रहे हैं। क्लिप में निहगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि व्यक्ति को सिखों की पवित्र पुस्तक का अपमान करने की सजा दी गई है।


केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाप दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि निहंगों के एक समूह ने इस निर्मम हत्या की जिम्मेदारी ली है।





...

पंपोर मुठभेड़ में फंसा है लश्कर का कमांडर खांडे

श्रीनगर : आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उमर मुश्ताक खांडे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में फंस गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।


खांडे उन आतंकवादियों में शामिल है, जिन्हें इस साल अगस्त में पुलिस द्वारा एक हिटलिस्ट जारी किए जाने के बाद से सुरक्षा बल निशाना बना रहे हैं।


पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर) विजय कुमार ने ट्वीट किया कि खांडे इस साल की शुरुआत में श्रीनगर जिले के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना में कथित रूप से शामिल था।


उन्होंने ट्वीट किया, ''श्रीनगर के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या और आतंकवाद से जुड़े अन्य अपराधों में शामिल शीर्ष 10 आतंकवादियों में शामिल लश्कर का कमांडर उमर मुस्ताक खांडे पंपोर में फंसा है।







...

‘जी 23’ को सोनिया की ‘नसीहत’: मुझसे मीडिया के जरिये बात करने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी के ‘ जी 23’ समूह के नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह ही पार्टी की स्थायी अध्यक्ष हैं तथा उनके बात करने के लिए मीडिया का सहारा लेने की जरूरत नहीं हैं।


उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में यह भी बताया कि अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण ही इसे टालना पड़ा तथा अब इसकी रूपरेखा पेश की जाएगी।


कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारे सामने कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन अगर हम एकजुट रहते एवं अनुशासित रहते हैं और सिर्फ पार्टी के हित पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि हम अच्छा करेंगे।


सोनिया गांधी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं।


उन्होंने संगठानात्मक चुनाव का हवाला देते हुए कहा, ‘‘पूरा संगठन चाहता है कि कांग्रेस फिर से मजबूत हो। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि एकजुटता हो और पार्टी के हित को सर्वोच्च रखा जाए। इन सबसे ऊपर आत्मनियंत्रण और अनुशासन की जरूरत है।


सोनिया गांधी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समयसीमा बढ़ानी पड़ी थी।


उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘अगर आप मुझे बोलने की इजाजत दें तो मैं पूर्णकालिक और सक्रीय अध्यक्ष हूं...पिछले दो वर्षों में कई साथियों और खासकर युवा नेताओं ने नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उठाई है और पार्टी की नीतियों को लोगों तक लेकर गए हैं।’’


उन्होंने जी 23 नेताओं को नसीहत देते हुए कहा, ‘‘मैंने सदा स्पष्टवादिता की सराहना की है। मुझसे मीडिया के जरिये बात करने की जरूरत नहीं है। इसलिए हम सभी यहां खुली और ईमानदार चर्चा करते हैं। लेकिन इस चाहरदीवारी से बाहर जो बात जाए वो सीडब्ल्यूसी का सामूहिक फैसला होना चाहिए।’’


सोनिया ने जम्मू-कश्मरीर में पिछले दिनों अल्पसंख्यकों की हुई हत्या की निंदा की और कहा कि दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने और इस केंद्रशासित प्रदेश में शांति एवं सौहार्द बहाल करने की जिम्मेदारी केंद्र की है।


उन्होंने लखीमपुर खीरी की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इससे किसान आंदोलन को लेकर भाजपा की सोच का पता चलता है।


कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के नेताओं की ओर से पार्टी के भीतर संवाद की मांग किए जाने और हाल के महीनों में कई नेताओं के पार्टी छोड़ने की पृष्ठभूमि में सीडब्ल्यूसी की बैठक हो रही है।


पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी। आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि पार्टी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्य समिति की तत्काल बैठक बुलाई जाए।


सिब्बल ने भी पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान के बीच पिछले दिनों पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराए जाने चाहिए।





...

प्रधानमंत्री मोदी ने नवीन पटनायक को दीं जन्मदिन की शुभकामनाएं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को उनके 75वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। बीजू जनता दल के प्रमुख पटनायक 2000 से ही पूर्वी राज्य ओडिशा के मुख्यमंत्री हैं और वह लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘‘ श्री नवीन पटनायक जी जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह लोगों की सेवा के लिए दीर्घायु हों और स्वस्थ रहें।’’





...

पेट्रोल, डीजल की कीमतें में बढ़ोतरी जारी

नई दिल्ली : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा और ईंधन की कीमतों में एक बार फिर 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ देश भर में इनके दाम अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।


सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 105.14 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 111.09 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।


मुंबई में डीजल अब 101.78 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है, जबकि दिल्ली में इसके लिए 93.87 रुपये देने पड़ रहे हैं।


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी का यह लगातार दूसरा दिन है। इससे पहले 12 और 13 अक्टूबर को दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।


देश के ज्यादातर हिस्सों में पेट्रोल की कीमत पहले से ही 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है, जबकि डीजल की दरें मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार सहित एक दर्जन राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई हैं।


स्थानीय करों और मालभाड़े के आधार पर विभिन्न राज्यों के बीच कीमतें अलग-अलग होती हैं।

...

प्रधानमंत्री मोदी ने दीं विजयादशमी की शुभकामनाएं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विजयादशमी के पर्व पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘विजयादशमी के विशेष पर्व पर सभी को शुभकामनाएं।’’ विजयादशमी या दशहरा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।





...

देश में शांति और समृद्धि लेकर आए दशहरा: नायडू ने की कामना

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि यह त्योहार देश में शांति, सद्भाव और समृद्धि लेकर आएगा। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘विजयादशमी के पावन पर्व पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। दशहरा का पर्व हमें याद दिलाता है कि हमें अपने भीतर की आसुरी शक्तियों से लगातार लड़ने और अच्छाई एवं सद्भाव को बल देने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर करें, यह उत्सव हमारे देश के लिए शांति, सद्भाव और समृद्धि लेकर आए।’’






...

कांग्रेस में नई हलचल- माजरा क्या है?

कांग्रेस के संकट पर चर्चा अब उबाऊ हो चला है, यह बहुत लम्बे समय से चला आ रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उनका यह संकट गहराता ही गया है. 2019 में राहुल गाँधी के इस्तीफ़ा के बाद से तो यह संकट ही दिशाहीन सा लगने लगा है. लेकिन इधर कांग्रेस पार्टी में घटी दो घटनाएं ध्यान खीचने वाली है, एक पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन और दूसरा कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी का पार्टी में शामिल होना. 


कांग्रेस पार्टी के लिए कैप्टेन अमरिंदर सिंह सरीखे नेता को मुख्यमंत्री पद से हटाना और कन्हैया, जिग्नेश जैसे ठोस विचारधारा वाले युवा नेताओं को पार्टी में शामिल करना कोई मामूली फैसला नहीं है. तो क्या इसे पार्टी पर राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व को स्थापित करने और उनके हिसाब के नयी कांग्रेस पार्टी गढ़ने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सकता है? अगर ऐसा है तो कांग्रेस अपने इस अंतहीन से लगने वाले सकंट को एक मुकाम मिलने की उम्मीद कर सकती है. 


आज कांग्रेस पार्टी दोहरे संकट से गुजर रही है जो कि अंदरूनी और बाहरी दोनों हैं लेकिन अंदरूनी संकट ज्यादा गहरा है जिसके चलते पार्टी एक राजनीतिक संगठन के तौर पर काम नहीं कर पा रही है. पार्टी में लम्बे समय से चल रही पीढ़ीगत बदलाव की प्रक्रिया फंसी हुई है जिससे पार्टी के बैचैन युवा नेताओं में भगदड़ मची हुई है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के मुताबिक 2014 से 2021 के दौरान कांग्रेस पार्टी के करीब 399 नेता पार्टी छोड़ चुके हैं जिसमें 177 सांसद और विधायक शामिल हैं. दूसरी तरफ पुरानी पीढ़ी के नेता राहुल गाँधी के रास्ते का रोड़ा बने हुए हैं जिन्हें फिलहाल जी-23 समूह के रूप में जाना जा रहा है.


2019 की हार के बाद अपना इस्तीफ़ा देते समय राहुल गाँधी ने कांग्रेस नेताओं से जवाबदेही लेने, पार्टी के पुनर्गठन के लिये कठोर फ़ैसले लेने और गैर गांधी अध्यक्ष चुनने की बात कही थी. लेकिन इनमें से कुछ नहीं हो सका उलटे सबकुछ पहले से अधिक पेचीदा हो गया है. फिलहाल सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष हैं और राहुल गाँधी बिना कोई जिम्मेदारी लिये हुये पार्टी के सबसे बड़े और प्रभावशाली नेता बने हुये हैं. पार्टी में विचारधारा को लेकर भी भ्रम की स्थिति है. पार्टी नर्म हिन्दुतत्व व धर्मनिरपेक्षता/उदारवाद के बीच झूल रही है.


कांग्रेस के लिए बाहरी चुनौती के तौर पर मोदी-शाह की भाजपा और संघ परिवार तो पहले से ही हैं लेकिन अब कई क्षेत्रीय पार्टियां भी कांग्रेस के इस कमजोरी को अपने लिए एक मौके के तौर पर देख रही है, खासकर ममता बनर्जी की टीएमसी यानी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी जो कांग्रेस की जमीन पर अपने अखिल भारतीय मंसूबों के साकार होने की उम्मीद कर रही है. आम आदमी पार्टी तो पहले भी इस तरह के मंसूबे दिखाती रही है लेकिन इस बार ममता बनर्जी बहुत ही गंभीरता और योजनाबद्ध तरीके से इस दिशा में आगे बढ़ते हुए दिखाई पड़ रही हैं. इस काम में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उनके सारथी के रूप में दिखलाई पड़ रहे हैं. पिछले कुछ महीनों मेंटीएमसी असम, गोवा और मेघालय के कई कांग्रेस नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने में कामयाब रही है. 


कांग्रेस भी इन सबसे अनजान नहीं है,पिछले दिनों कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा है कि वो कांग्रेस का स्थान लेकर खुद का “ममता” कांग्रेस बनाना चाहती हैं इसीलिए वे विभिन्न राज्यों के कांग्रेस नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रही हैं. अधीर रंजन चौधरी द्वारा इस काम के लिए प्रशांत किशोर की संस्था आईपीएसी और टीएमसी के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया है. गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी छोड़ कर तृणमूल में शामिल हुए गोवा कांग्रेस वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फेलेरो ने बयान दिया था कि वे प्रशांत किशोर की सलाह पर टीएमसी में शामिल हुये हैं.


भारतीय राजनीति में अधिकतर समय विपक्ष मजबूत नहीं रहा है लेकिन मौजूदा समय की तरह कभी इतना निष्प्रभावी भी नहीं रहा है. इसमें कांग्रेस के कमजोरी की बड़ी भूमिका है. वैसे भी आज के दौर में विचारधारा के तौर पर भाजपा और संघ परिवार को असली चुनौती कांग्रेस और लेफ्ट से ही है. इस मामले में अन्य क्षेत्रीय पार्टियाँ भाजपा को कोई चुनौती पेश नहीं करती है. इसलिए आज कांग्रेस का संकट भारतीय राजनीति के विपक्ष का संकट बन गया है. 


आज विपक्ष के रूप में कांग्रेस का मुकाबला एक ऐसे दल से है जो विचारधारा के आधार पर अपनी राजनीति करती है.भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार अपने विचारधारा के आधार पर नया भारत गढ़ने में व्यस्त हैं. आजादी की विरासत और पिछले 75 वर्षों के दौरान प्रमुख सत्ताधारी दल होने के नाते कांग्रेस ने अपने हिसाब से भारत को गढ़ा था. अब उसके पास भाजपा के हिन्दुतात्वादी राष्ट्रवाद के मुकाबले कोई कार्यक्रम या खाका नजर नहीं आ रहा है. इसलिए कांग्रेस को अगर मुकाबले में वापस आना है तो उसे संगठन और विचारधारा दोनों स्तर पर काम करना होगा. उसे अपने जड़ों की तरफ लौटना होगा और आजादी के आन्दोलन के दौरान जिन मूल्यों और विचारों की विरासत उसे मिली थी उन्हें अपने एजेंडे में लाना होगा, उग्र और एकांकी राष्ट्रवाद के मुकाबले समावेशी और बहुलतावादी राष्ट्रवाद की अवधारणा को पेश करना होगा तभी जाकर वह अपनी खोई हुई जमीन दोबारा हासिल कर सकती है.


दूसरा बड़ा संकट लीडरशिप का है तमाम कोशिशों के बावजूद राहुल गाँधी पार्टी में अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर पाए हैं. पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के बाद भी आज पार्टी के सारे फैसले वही ले रहे हैं. साथ ही वे देश के “इकलौते” विपक्ष के नेता के तौर पर अकेले ही मोदी सरकार को घेरने की कोशिश करते रहते हैं. उनके इस कवायद में उनका पार्टी संगठन नदारद नजर आता है. जी-23 समूह के नेता राहुल गांधी के बिना किसी पद के इसी ऑथोरिटी पर सवाल उठा रहे हैं जिसे गैर-वाजिब भी नहीं कहा जा सकता है.


प्रशांत किशोर का इरादा भले ही कुछ भी रहा हो लेकिन पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी को लेकर उनके द्वारा किये गये ट्वीट से असहमत नहीं हुआ जा सकता है जिसमें उन्होंने लिखा था कि ‘जो लोग लखीमपुर खीरी की घटना को पुरानी पार्टी के पुनर्जीवित करने के तौर पर देख रहे हैं, उन्हें बड़ी निराशा ही हाथ लगनी है क्योंकि पार्टी की बड़ी समस्याओं और संरचनात्मक कमजोरियों का कोई तात्कालिक समाधान नहीं है.’ अगर कांग्रेस अपने संकट को एक मुकाम देना चाहती है तो सबसे पहले उसे अपने तीन अंदरूनी संकटों विचारधारा, लीडरशिप और सांगठनिक बिखराव को हल करना होगा. 


-जावेद अनीस-



...

जयंती विशेषः सादगी की प्रतिमूर्ति थे डा. अब्दुल कलाम

देश के महान् वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम) सच्चे अर्थों में ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपना बचपन अभावों में बीतने के बाद भी अपना पूरा जीवन देश और मानवता की सेवा में व्यतीत कर दिया। छात्रों और युवा पीढ़ी को दिए गए उनके प्रेरक संदेश तथा उनके स्वयं के जीवन की कहानी देश की आने वाले कई पीढ़ियों को भी सदैव प्रेरित करने का कार्य करती रहेगी।


न केवल भारत के लोग बल्कि पूरी दुनिया मिसाइल मैन डॉ. कलाम की सादगी, धर्मनिरपेक्षता, आदर्शों, शांत व्यक्तित्व और छात्रों व युवाओं के प्रति उनके लगाव की कायल थी। डॉ. कलाम देश को वर्ष 2020 तक आर्थिक शक्ति बनते देखना चाहते थे। पढ़ाई-लिखाई को तरक्की का साधन बताने वाले डॉ. कलाम का मानना था कि केवल शिक्षा के द्वारा ही हम अपने जीवन से निर्धनता, निरपेक्षरता और कुपोषण जैसी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। उनके ऐसे ही महान विचारों ने देश-विदेश के करोड़ों लोगों को प्रेरित करने और देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया। उनका ज्ञान और व्यक्तित्व इतना विराट था कि उन्हें दुनियाभर के 40 विश्वविद्यालयों ने डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि प्रदान की।


तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में 15 अक्तूबर 1931 को जन्मे डॉ. कलाम छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए अक्सर कहा करते थे कि छात्रों के जीवन का एक तय उद्देश्य होना चाहिए और इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जरूरी है कि वे हरसंभव स्रोतों से ज्ञान प्राप्त करें। छात्रों की तरक्की के लिए उनके द्वारा जीवन पर्यन्त किए गए महान् कार्यों को देखते हुए ही सन् 2010 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा उनका 79वां जन्म दिवस ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया और तभी से डॉ. कलाम के जन्मदिवस 15 अक्तूबर को ही प्रतिवर्ष ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है।


समय-समय पर युवाओं को दिए गए उनके प्रेरक संदेशों की बात करें तो वे कहा करते थे कि अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो। वे कहते थे कि अगर आप फेल होते हैं तो निराश मत होइए क्योंकि फेल होने का अर्थ है ‘फर्स्ट अटैंप्ट इन लर्निंग’ और अगर आपमें सफल होने का मजबूत संकल्प है तो असफलता आप पर हावी नहीं हो सकती। इसलिए सफलता और परिश्रम का मार्ग अपनाओ, जो सफलता का एकमात्र रास्ता है। डॉ. कलाम कहते थे कि आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते लेकिन अपनी आदतें बदल सकते हैं और निश्चित रूप से आपकी आदतें आपका भविष्य बदल देंगी। वे हमेशा कहा करते थे कि महान सपने देखने वाले महान लोगों के सपने हमेशा पूरे होते हैं। उनका कहना था कि इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए कठिनाइयां बहुत जरूरी हैं। सपने देखना जरूरी है लेकिन केवल सपने देखकर ही उसे हासिल नहीं किया जा सकता बल्कि सबसे जरूरी है कि जिंदगी में स्वयं के लिए कोई लक्ष्य तय करें।


कलाम साहब कहते थे कि इस देश के सबसे तेज दिमाग स्कूलों की आखिरी बेंचों पर मिलते हैं। हम सबके पास एक जैसी प्रतिभा नहीं है लेकिन अपनी प्रतिभाओं को विकसित करने के अवसर सभी के पास समान हैं। सादगी की प्रतिमूर्ति डा. कलाम का व्यक्तित्व कितना विराट था, इसे परिभाषित करते कई किस्से भी सुनने को मिलते हैं।


ऐसी ही एक घटना उन दिनों की है, जब डीआरडीओ में ‘अग्नि’ मिसाइल पर काम चल रहा था और काम के दबाव के चलते उस प्रोजेक्ट से जुड़े हर व्यक्ति को अपने परिवार के साथ बिताने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिलता था। उसी दौरान इसी प्रोजेक्ट से जुड़े डीआरडीओ में कार्यरत डॉ. कलाम के एक जूनियर वैज्ञानिक ने अपने बच्चों को एक प्रदर्शनी दिखाने ले जाने के लिए उनसे जल्दी घर जाने के लिए छुट्टी मांगी। डॉ. कलाम ने उसे इसकी अनुमति दे दी लेकिन उस दिन कार्य इतना ज्यादा था कि वह जूनियर वैज्ञानिक अपने काम में इस कदर लीन हो गया और उसे समय का पता ही न चला। दूसरी ओर कलाम साहब ने उसकी व्यस्तता को देखते हुए अपने प्रबंधक को बच्चों को प्रदर्शनी दिखाने के लिए भेज दिया। जब जूनियर वैज्ञानिक देर रात अपने घर पहुंचा, तब उसे कलाम साहब की इस महानता के बारे में ज्ञात हुआ। अगले दिन उनके समक्ष नतमस्तक होकर उसने इसके लिए उनका हृदय से आभार प्रकट किया।


डॉ. कलाम राष्ट्रपति जैसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन रहते हुए भी आम लोगों से मिलते रहे। एक बार कुछ युवाओं ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की और इसके लिए उन्होंने उनके कार्यालय को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी मिलने के बाद डॉ. कलाम ने उन युवाओं को अपने पर्सनल चैंबर में आमंत्रित किया और वहां न केवल उनसे मुलाकात ही की बल्कि उनके विचार, उनके आइडिया सुनते हुए काफी समय उनके साथ गुजारा।


जिस समय डॉ. कलाम भारत के राष्ट्रपति थे, तब वे एक बार आईआईटी के एक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पहुंचे। उनके पद की गरिमा का सम्मान करते हुए आयोजकों द्वारा उनके लिए मंच के बीच में बड़ी कुर्सी लगवाई गई। डॉ. कलाम जब वहां पहुंचे और उन्होंने केवल अपने लिए ही इस प्रकार की विशेष कुर्सी की व्यवस्था देखी तो उन्होंने उस कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आयोजकों ने उनके लिए मंच पर लगी दूसरी कुर्सियों जैसी ही कुर्सी की व्यवस्था कराई।


उनके मन में दूसरे जीवों के प्रति भी किस कदर करूणा और दयाभाव विद्यमान था, इसका अंदाजा इस घटनाक्रम से सहज ही लग जाता है। जब 1982 में वे डीआरडीओ के चेयरमैन बने तो उनकी सुरक्षा के लिए डीआरडीओ की सेफ्टी वाल्स पर कांच के टुकड़े लगाने का प्रस्ताव लाया गया लेकिन कलाम साहब ने यह कहते हुए उसके लिए साफ इनकार कर दिया था कि दीवारों पर कांच के टुकड़े लगाने से पक्षी नहीं बैठ पाएंगे और ऐसा करने की प्रक्रिया में पक्षी घायल भी हो सकते हैं। इस कारण उस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।


राष्ट्रपति जैसे बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी कलाम अपने बचपन के दोस्तों को नहीं भूलते थे। 2002 में राष्ट्रपति बनने के बाद जब एक बार वे तिरुअनंतपुरम के राजभवन में मेहमान थे, तब उन्होंने अपने स्टाफ को वहां के एक मोची और ढाबे वाले को खाने पर बुलाने का निर्देश दिया। सभी उनके इस निर्देश को सुनकर हैरान था। बाद में पता चला कि ये दोनों कलाम साहब के बचपन के दोस्त थे। दरअसल कलाम साहब ने अपने जीवन का बहुत लंबा समय केरल में ही बिताया था और उसी दौरान उनके घर के पास रहने वाले उस मोची तथा ढाबे वाले से उनकी दोस्ती हो गई थी। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वे तिरुअनंतपुरम पहुंचे, तब भी वे अपने इन दोस्तों को नहीं भूले और उन्हें राजभवन बुलाकर उन्हीं के साथ खाना खाकर उन्हें इतना मान-सम्मान दिया।


डॉ. कलाम के जीवन के अंतिम पलों के बारे में उनके विशेष कार्याधिकारी रहे सृजन पाल सिंह ने लिखा है कि शिलांग में जब वह डॉ. कलाम के सूट में माइक लगा रहे थे तो उन्होंने पूछा था, ‘फनी गाय हाउ आर यू’, जिस पर सृजन पाल ने जवाब दिया ‘सर ऑल इज वेल’। उसके बाद डॉ. कलाम छात्रों की ओर मुड़े और बोले ‘आज हम कुछ नया सीखेंगे’ और इतना कहते ही वे पीछे की ओर गिर पड़े। पूरे सभागार में सन्नाटा पसर गया और इस प्रकार इस महान् विभूति ने दुनिया से सदा के लिए विदा ले ली।


-योगेश कुमार गोयल-

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)





...

कृषि उत्पादकता में वृद्धि, खाद्यानों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश बन रहा नम्बर वन

उत्तर प्रदेश का कृषि के क्षेत्र में देश में महत्वपूर्ण स्थान है। प्रदेश सरकार की कृषि एवं कृषक हितैषी नीतियों एवं योजनाओं का यह सुपरिणाम है कि गन्ना, चीनी एवं एथेनॉल के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में लगातार चौथी बार प्रथम स्थान पर है। खाद्यान्न, गेहूं, आलू, हरी मटर, आम, आंवला तथा दुग्ध उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। कृषि एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। सही समय पर बुआई, निराई, खाद देना, सिंचाई आदि इसके महत्वपूर्ण आगत हैं। इनमें भी सिंचाई का महत्व सर्वाेपरि है।


हमारे देश में कृषि को मानसून का जुआ कहा जाता है। जिस वर्ष मानसून की वर्षा अच्छी होती है, उस वर्ष खेती भी अच्छी होती है। जबकि मानसून के कमजोर होने से कृषि एवं कृषक दोनों दबाव में आ जाते हैं क्योंकि वर्षा के साथ फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा कृषि एवं कृषकों की सिंचाई की इसी समस्या के समाधान हेतु विगत साढ़े चार वर्षों में कई कार्य किये गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप जहां एक ओर प्रदेश के सिंचित क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है वहीं दूसरी ओर खाद्यानों की उत्पादकता, पैदावार में बढ़ोत्तरी के माध्यम से कृषकों की आय में भी वृद्धि हो रही है।


उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की वर्षों से लम्बित परियोजनाएं पूर्ण करायी गयी हैं। इनमें 46 वर्षों से लंबित बाण सागर परियोजना को पूर्ण कराकर 15 जुलाई 2018 को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। इस परियोजना से मिर्जापुर एवं प्रयागराज जनपदों की 150132 हेक्टेअर कृषि भूमि सिंचित हो रही है तथा इससे 01 लाख 70 हजार से भी ज्यादा किसान लाभान्वित हो रहे हैं। बाण सागर परियोजना के पूर्ण होने से कृषि के अन्तर्गत सिंचित भूमि में वृद्धि होने से इन जनपदों में अब फसल क्षेत्र में वृद्धि, फसल उत्पादकता में बढ़ोतरी होने से कृषकों को आय वृद्धि में मदद मिल रही है। इसी के साथ पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल से ही लम्बित पहाड़ी बांध, बण्डई बांध, जमरार बांध, मौदहा बांध, पहुॅज बांध, लहचुरा बांध, गुण्टा बांध, रसिन बांध परियोजनाएं एवं जाखलौन पम्प नहर प्रणाली तथा सोलर पावर प्लांट की पुनर्स्थापना की लगभग 13 परियोजनाएं वर्तमान सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में पूर्ण की गयी हैं। हर खेत को पानी, के लक्ष्य को पूरा करने हेतु पूर्ण की गई इन परियोजनाओं से प्रदेश में 3.77 लाख हेक्टेअर सिंचन क्षमता में वृद्धि हुई है एवं संबंधित क्षेत्रों में कृषि के साथ-साथ समग्र विकास को भी गति मिल रही है।


प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र सिंचाई एवं कृषि में बाकी प्रदेश से अपेक्षाकृत पिछड़ा रहा है। परन्तु प्रदेश की वर्तमान सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुन्देलखण्ड के विकास का खाका खींचा है एवं उसे रफ्तार देने के लिए विभिन्न परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। बुंदेलखण्ड में कृषि एवं कृषकों की समृद्धि सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखण्ड क्षेत्र में 19428 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है। यह खेत तालाब वर्षा जल संचयन के माध्यम से बुंदेलखण्ड के भूजल स्तर में भी सुधार आया है। साथ ही यह कृषकों की सिंचाई की समस्या को भी दूर करने में सहायक हो रहे हैं। बुंदेलखण्ड क्षेत्र के अंतर्गत ही प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा सिंचाई, विद्युत आदि की 12 बड़ी परियोजनाएं पूर्ण करायी गयी है। इन परियोजनाओं से बुंदेलखण्ड क्षेत्र में 73345 हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ है तथा इसमें 5.92 मेगावाट सौर विद्युत भी उत्पादित हो रही है। इससे 65062 किसान लाभान्वित हुए हैं। सिंचाई क्षमता में वृद्धि तथा सौर ऊर्जा के उत्पादन से बुंदेलखण्ड भी शेष उत्तर प्रदेश के विकास से कदमताल मिलाकर समूचे प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दे रहा है। बुंदेलखण्ड क्षेत्र में ही जल संसाधनों के विकास व उचित एवं पर्यावरण अनुकूल दोहन की क्षमता वृद्धि हेतु इजराइल के साथ ’इण्डो-इजराइल वाटर प्रोजेक्ट’ का एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है।


प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वृद्धि से सम्बन्धित 12 परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के अन्तर्गत अब तक 12.61 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। सरयू नहर परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के 09 जनपदों- बहराइच, श्रावस्ती, गोण्डा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर व महराजगंज में सिंचाई सुविधाओं के सृजन हेतु 1982 में स्वीकृत हुई थी। वर्ष 2012 में इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था। इसके पूर्ण होने पर 14.04 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होगी तथा 29.74 लाख किसान इससे लाभान्वित होंगे। प्रदेश में बनी नहरों की क्षमता का पूरा उपयोग हो सके, इसके लिए समय-समय पर नहरों की सफाई, सिल्ट निकासी जरूरी है। प्रदेश की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 01 लाख 49 हजार 802 किमी नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य कराया जा चुका है। वर्ष 2020-21 में ही 46000 किलोमीटर सिल्ट सफाई का कार्य कराया गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के निराकरण हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15100 किलोमीटर की लम्बाई में ड्रेनों की सफाई कराकर संबंधित क्षेत्रों को जलभराव से मुक्त कराया गया है।


प्रदेश के कई हिस्सों में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से फसलों व कृषि को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 523 तटबन्धों को सुरक्षित करके बाढ़ से बचाव हेतु ड्रेजिंग कार्य पूर्ण कराए गए है। विगत साढ़े चार वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ से बचाव, सुरक्षा हेतु 688 परियोजनाएं पूर्ण की गयी हैं। वर्ष 2021-22 में 230 परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 139 बाढ़ सुरक्षा की परियोजनाएं पूर्ण चुकी हैं। इन परियोजनाओं से बाढ़ से प्रतिवर्ष होने वाली व्यापक जन-धन की हानि तथा खेती व पशुओं को होने वाला नुकसान कम हुआ है। इनके अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण व सुरक्षा की 184 नवीन परियोजनाओं के सापेक्ष 734.48 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है व इनका निर्माण प्रारम्भ हो चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 25050 पुल-पुलियों का जीर्णाेद्धार, पुनर्निर्माण व नवनिर्माण का अभियान भी चलाया जा रहा है। जिस पर 300 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। यह कार्य भी अपने अंतिम चरण में है। प्रदेश के 16 जनपदों में उत्तर प्रदेश वाटर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना फेज-2 के अन्तर्गत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी सरकार कार्य कर रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर प्रदेश के 16 जनपदों में 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होगी तथा इससे 7.10 लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले जनपदों में बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, ललितपुर, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, फर्रूखाबाद, इटावा, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर एवं कौशाम्बी है।


प्रदेश में नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित नवीन राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना के अन्तर्गत 633.7882 करोड़ रुपये से 1960 नवीन राजकीय नलकूपों का निर्माण कराया गया है। जिससे 98000 हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ है तथा 96089 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अबतक निःशुल्क बोरिंग/उथले नलकूप योजना के तहत कुल 424627 कार्य पूर्ण कराए जा चुके हैं। लगभग 4032 गहरे नलकूप तथा 13299 मध्यम गहरे नलकूपों का निर्माण पूरा कराया गया है। इसी प्रकार 729 सामूहिक नलकूप, 1261 ब्लास्ट कूप तथा 682 तालाबों व 977 चेकडैम के निर्माण द्वारा 955326 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचन क्षमता का सृजन किया जा चुका है। प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के अन्तर्गत 20177 सोलर पम्पों की स्थापना की गयी है। इससे कृषकों के विद्युत बिलों को कम करने में सहायता मिली है तथा विद्युत की मांग में भी कमी आयी है। प्रदेश में ’’पर ड्राप, मोर क्राप’’ (प्रतिबूंद अधिक फसल) की संभावनाओं की वृद्धि हेतु माइक्रो इरिगेशन के अन्तर्गत स्प्रिंक्लर सिंचाई को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जो जलसंचयन व गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को प्रेरित कर रही है।


जब हर खेत को पानी मिलेगा तब हमारी कृषि व हमारे अन्नदाता दोनों की समृद्धि सुनिश्चित है। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश की कृषि के उन्नयन व कृषकों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वृद्धि के उपर्युक्त उल्लिखित कार्य प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में निरन्तर ऊंचाई पर ले जा रहे हैं।


-अम्बरीष कुमार सक्सेना-

(लेखक हिन्दुस्थान समाचार से जुड़े हैं)





...

सावरकर पर हमला क्यों ?

स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर पर एक पुस्तक का विमोचन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सावरकर पर किए जानेवाले आक्षेपों का कड़ा प्रतिवाद किया है। उन्होंने सावरकर को बेजोड़ राष्ट्रभक्त और विलक्षण स्वातंत्र्य-सेनानी बताया है लेकिन कई वामपंथी और कांग्रेसी मानते हैं कि सावरकर माफी मांगकर अंडमान-निकोबार की जेल से छूटे थे, उन्होंने हिंदुत्व की संकीर्ण सांप्रदायिकता फैलाई थी।


गांधी-हत्याकांड में सावरकर को भी फंसा लिया गया था लेकिन उन्हें ससम्मान बरी करते हुए जस्टिस खोसला ने कहा था कि इतने बड़े आदमी को फिजूल ही इतना सताया गया। स्वयं गांधीजी सावरकर से लंदन के ‘इंडिया हाउस’ में 1909 में मिले और 1927 में वे उनसे मिलने रत्नागिरी में उनके घर भी गए। दोनों में अहिंसा और उस समय की मुस्लिम सांप्रदायिकता को लेकर गहरा मतभेद था। सावरकर अखंड भारत के कट्टर समर्थक थे लेकिन जिन्ना के नेतृत्व में खड़े दो राष्ट्रों की सच्चाई को वे खुलकर बताते थे। वे मुसलमानों के नहीं, मुस्लिम लीगियों के विरोधी थे।


हिंदू महासभा के अपने अध्यक्षीय भाषणों में उन्होंने सदा हिंदुओं और मुसलमानों के समान अधिकार की बात कही। उनके विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ ‘1857 का स्वातंत्र्य-समर’ में उन्होंने बहादुरशाह जफर, अवध की बेगमों तथा कई मुस्लिम फौजी अफसरों की बहादुरी का मार्मिक वर्णन किया है। जब वे लंदन में पढ़ते थे तो आसफ अली, सय्यद रजा हैदर, सिकंदर हयात खां, मदाम भिकायजी कामा वगैरह उनके अभिन्न मित्र होते थे। उन्होंने खिलाफत आंदोलन का विरोध जरूर किया। गांधीजी उसके समर्थक थे लेकिन वही आंदोलन भारत-विभाजन की नींव बना।


सावरकर की विचारधारा पर आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद और उनके भक्त श्यामजी कृष्ण वर्मा का गहरा प्रभाव था। वे ऐसे मुक्त विचारक और बुद्धिजीवी थे कि उनके सामने विवेकानंद, गांधी और आंबेडकर भी कहीं-कहीं फीके पड़ जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी उनके सभी विचारों से सहमत नहीं हो सकता। सावरकर के विचारों पर यदि मुल्ला-मौलवी छुरा ताने रहते थे तो पंडित-पुरोहित उन पर गदा प्रहार किया करते थे।


जहां तक सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार से माफी मांगने की बात है, इस मुद्दे पर मैंने कई वर्षों पहले ‘राष्ट्रीय संग्रहालय’ के गोपनीय दस्तावेज खंगाले थे और अंग्रेजी में लेख भी लिखे थे। उन दस्तावेजों से पता चलता है कि सावरकर और उनके चार साथियों ने ब्रिटिश वायसराय को अपनी रिहाई के लिए जो पत्र भेजा था, उस पर गवर्नर जनरल के विशेष अफसर रेजिनाल्ड क्रेडोक ने लिखा था कि सावरकर झूठा अफसोस जाहिर कर रहा है। वह जेल से छूटकर यूरोप के आतंकवादियों से जाकर हाथ मिलाएगा और सरकार को उलटाने की कोशिश करेगा।


सावरकर की इस सच्चाई को छिपाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कई बार की गई। अंडमान-निकोबार जेल से उनकी नामपट्टी भी हटाई गई लेकिन मैं तो उस कोठरी को देखकर रोमांचित हो उठा, जिसमें सावरकर ने बरसों काटे थे और जिसकी दीवारों पर गोदकर सावरकर ने कविताएं लिखी थीं।



-डॉ. वेदप्रताप वैदिक-

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और जाने-माने स्तंभकार हैं।)




...

महबूबा मुफ्ती, आर्यन खान और भारत में मुसलमान

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का कहना कि आर्यन खान (अभिनेता शाहरुख खान के बेटे) को इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह मुसलमान है। केंद्रीय एजेंसियां 23 साल के लड़के के पीछे इस वजह से पड़ी हैं क्योंकि उसका उपनाम खान है। बीजेपी के कोर वोट बैंक की इच्छाओं को पूरा करने के लिए मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है। वास्तव में उनके इस भड़काऊ बयान ने आज यह सोचने पर विवश कर दिया है कि मुसलमानों को भ्रमित करने के लिए उनके बीच ऐसे नेता मौजूद हैं, फिर भारत को किसी बाहरी दुश्मन की आवश्यकता नहीं है।


महबूबा मुफ्ती ने सच पूछिए तो ऐसा कर भारत के संविधान और उसकी न्याय व्यवस्था का मजाक बनाया है। आश्चर्य है जिस देश ने उन्हें इतना सबकुछ दिया उसकी धर्मनिरपेक्षता पर वे प्रश्नचिन्ह खड़ा भी कैसे कर सकती है ? शायद वह भूल जाती हैं कि बहुसंख्यक हिन्दुओं के भारत में सबसे ज्यादा स्वतंत्रता एवं जन अधिकार तो अल्पसंख्यकों को ही दिए गए हैं, जितने की किसी अन्य देश में उन्हें नहीं मिले हैं, जहां बहुसंख्यक मुसलमान नहीं हैं। अच्छा होता वे आरोप लगाने के पहले यह भी देख लेतीं कि आर्यन खान अकेला नहीं है, जिस पर कानून का शिकंजा कसा है, उसके साथ जो अन्य जेल में हैं, वे मुसलमान नहीं धर्म से हिन्दू हैं। ध्यान रहे, भारत का कानून किसी के साथ नस्ल, जाति, धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वह अपराधी होता है, इसलिए कानून का उल्लंघन किया है तो सजा मिलेगी ही। कम से कम एक राज्य की जो मुख्यमंत्री रह चुकी हैं ऐसी महबूबा मुफ्ती को इतना तो पता ही होना चाहिए।


गौर करें, दिल्ली की तंग गलियों से निकला मध्यमवर्गीय परिवार का एक लड़का बॉलीवुड का किंग खान बन जाता है, यह केवल मुस्लिम दर्शकों की वजह से संभव नहीं हुआ है। आरोप लगाने के पहले मुफ्ती को यह भी ध्यान रखना था। फिर ऐसा पहली बार नहीं है कि बॉलीवुड में किसी की गिरफ्तारी इस तरह से हुई है, इसके पहले भी संजय दत्त जेल की यात्रा करके आ चुके हैं, उनके नाम के पीछे खान नहीं था। अभी हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एसीबी) द्वारा सूरज, भारती, हर्ष लिम्बाचिया, रिया चक्रवर्ती, शोभित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। भाजपा के बड़े नेता रहे प्रमोद महाजन के बेटे राहुल महाजन को भी ड्रग्स लेने के आरोप में जेल जाना पड़ा था। ऐसे अनेक मामले हैं जहां हिंदू आरोपी बने हैं।


एक केस यह भी है, जिसमें कि हिन्दू सनातन धर्म के ध्वजवाहक शंकराचार्य पर आरोप लगता है। 11 नवंबर 2004 को कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को एक हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है। 27 नवंबर 2013 को इस मामले नियुक्त किए गए मुख्य जज सीएस मुरुगन ने अपना फैसला देते हुए शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती सहित सभी 24 आरोपियों को बरी कर दिया था, जयेंद्र सरस्वती को शंकर रमन हत्याकांड से नौ साल बाद बरी किया गया था। शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती अपराधी नहीं थे, फिर भी उन्होंने दो महीने जेल में बिताए। तब किसी मुफ्ती, नवाब मलिक की प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई थी, क्योंकि हिंदू भारत का बहुसंख्यक वर्ग है और संविधान तथा न्यायपालिका के सम्मान की जिम्मेदारी उसी ने ले रखी है ? जबकि यहां तो आर्यन खान के जेल में पहुंचने केवल तीन दिन बाद से ही अल्लाह हू अकबर का कार्ड खेला जाने लगा है।


यहां समझने की बात यह है कि जब किसी को योजना से आरोपित बना दिया जाए तब भी कानून उसकी तह में जाता है और सच का पता लगाने में जितना वक्त लग सकता है उतना समय लगाता ही है। फिर आर्यन के मामले में तो यह पूरी तरह से सच है कि जब तीन अक्टूबर को गोवा जा रहे क्रूज पर छापेमारी के दौरान एनसीबी ने प्रतिबंधित पदार्थ ड्रग्स बरामद किया तब वे वहां थे, उनके साथ मुनमुन धमेचा और अरबाज मर्चेंट मौजूद थे। इस मामले में दूसरे दिन पांच अन्य आरोपियों को भी अरेस्ट किया गया। सभी को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आर्यन को घर से नहीं मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज शिप से गिरफ्तार किया था, ऐसे में इस पूरे मामले को धार्मिक रंजिश का रूप देने की कोशिश करना ठीक नहीं है। फिर वह चाहे महबूबा मुफ्ती हो या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नवाब मलिक।


सरकार किसी की भी हो, पर यह ध्यान रहना चाहिए कि प्रशासनिक तंत्र और न्यायपालिका अपना कार्य करने के लिए स्वतंत्र हैं। अल्पसंख्यक होने का मतलब यह नहीं है कि आप गलत करें और सहानुभूति का दांव खेलकर आपको छोड़ दिया जाए। भारत में किसी को भी इस तरह से इजाजत नहीं दी जा सकती कि वे किसी भी सामान्य मामले का सांप्रदायिकरण करें। सच पूछा जाए तो यहां महबूबा मुफ्ती और नवाब मलिक के इस तरह के बयान कश्मीर घाटी में हिंदुओं के पहचान पत्र देखकर उन को मौत के घाट उतार देने जैसी विचारधारा के पक्ष को मजबूत करती दिखाई देती है। आज तक आतंकवादियों के कारण कश्मीर से केवल हिंदू विस्थापित हुए, मुस्लिम को तो वहां किसी प्रकार का डर नहीं लगता। एक धर्म विशेष की संख्या लगातार बढ़ रही है और एक धर्म के लोगों का वहां से पलायन हो रहा है । महबूबा मुफ्ती यहां क्यों नहीं कहतीं कि कश्मीर घाटी में हिन्दुओं पर मुसलमान अत्याचार कर रहे हैं, क्योंकि वे इस राज्य में अल्पसंख्यक हैं। पता है, महबूबा ऐसा कभी नहीं बोलेंगी, क्योंकि उन्हें मानवीयता की बात नहीं, उन्हें तो हिन्दू-मुसलमान करके अपना राजनीतिक लाभ लेना है।


आज यह यक्ष प्रश्न है, स्वाधीनता के संघर्ष के समय से लेकर आज तक भाईचारा बनाए रखने के लिए हिंदू ही अग्निपरीक्षा क्यों दें ? पश्चिम बंगाल में मोहर्रम और दुर्गा विसर्जन का एक ही दिन होने पर दुर्गा विसर्जन को रोक देने का सरकार का आदेश क्यों ? केवल मुस्लिमों को खुश करने के लिए। पर आज तो बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक का कार्ड खेलकर कार्यपालिका और न्यायपालिका पर दबाव बनाया जाना तो वास्तव में सत्ता पाने के लालच की पराकाष्ठा है। यह एक तरह से अप्रत्यक्ष रूप से धमकाना और ब्लैकमेलिंग भी है। यदि आने वाले समय में इस मामले में कहीं प्रदर्शन के दौरान दुर्घटना घटती है तो इसका जिम्मेदार नवाब मलिक और महबूबा मुफ्ती जैसे लोगों को ठहराया जाना चाहिए। क्योंकि ऐसे ही लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए किसी सामान्य से प्रकरण को भी हिन्दू-मुस्लिम बना देते हैं।


इस पूरे प्रकरण में शाहरुख का यह कहना कि वे शर्मिंदा हैं जो वह अपने बेटे को सही तरीके से परवरिश नहीं दे सके, यह दर्शाता है कि उनका बेटा जहां मिला वहां उसे नहीं होना चाहिए था और वह उसे सुधारने का प्रयत्न करेंगे। इसके पहले भी राज बब्बर का बेटा प्रतीक बब्बर, फिरोज खान का बेटा फरदीन खान, संजय खान का दामाद डीजे अकील, विजय राज आदि भी ड्रग्स लेते हुए पकड़े गए थे, लेकिन इन सभी ने अपनी गलती को राजनीतिक रंग देने की जगह इसे सुधारने के लिए प्रयास किए। नशामुक्ति केंद्र जाकर नशे से मुक्ति पाई और अपनी नई जिंदगी शुरू की। बेहतर होता कि राजनीतिक हस्तियां जो शासन चलाती हैं, वे सभी आर्यन जैसे अनेक नौजवानों को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए नीतियां बनाएं, जिससे यह नौजवान ना केवल अपना भविष्य बनाएं बल्कि युवा ऊर्जा का उपयोग भारत के बेहतर कल के लिए भी करें ।


-डॉ. निवेदिता शर्मा-

(लेखिका किशोर न्याय बाल कल्याण समिति की पूर्व सदस्य हैं।)



...

किसान आंदोलन : सिंघु बार्डर पर एक युवक की बेरहमी से हत्या, हाथ काटकर शव बैरिकेड से लटकाया

नई दिल्ली :  तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में लगातार 10 महीने से जारी किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बार्डर पर एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक युवक की पहले तो बेरहमी से हत्या की गई फिर उसके हाथ काटकर लटका दिया गया। इस बाबत शुक्रवार सुबह से ही इस घटना के बाबत कई तस्वीरें वायरल हैं, जिसमें इसमें साफ देखा जा सकता है कि सिंघु बार्डर पर एक युवक के दोनों हाथों को बांधकर लटकाया गया है और इस युवक की मौत की जानकारी सामने आ रही है। 

बृहस्पतिवार रात को दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बार्डर पर कुछ लोगों ने एक अनजान व्यक्ति का दाहिना हाथ काट कर मार दिया। इसके बाद शव को किसानों के धरना स्थल के पास ले जाकर 'सूली' पर लटका दिया। युवक को मारने और हाथ काटकर सूली पर लटकाने का आरोप निहंगों पर लगा है। इनका कहना है कि इस युवक ने हमारे गुरु ग्रंथ साहिब का अंग भंग किया। हालांकि, जान गंवाने इस व्यक्ति की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। 

निहंगों का यह भी कहना है कि इस शख्स को  30,000 रुपये देकर किसी ने ऐसा करने के लिए भेजा था। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात में ही निहंगों ने इस कृत्य की वीडियो भी बनाई। फिर इसे शुक्रवार सुबह वायरल किया। बताया जा रहा है कि आरोपित निहंगों ने ऐसा जानबूझकर किया है।

कहा जा रहा है कि युवक की हत्या बृहस्पतिवार रात को ही की गई, उसके बाद शुक्रवार सुबह 5:30 बजे संयुक्त किसान मोर्चा की मुख्य स्टेज के पास करीब 100 किलोमीटर घसीट कर निहंगों के ठिकाने यानी फोर्ड एजेंसी के पास शव को लाया गया। इसके बाद सुबह 6:00 बजे शव को लटकाया गया है, ताकि लोग देख सकें। वहीं, प्रबंधक थाना रवि कुमार मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

...

दशहरा : आज अपने प्रियजनों और दोस्तों को भेजें दशहरा के शुभकामना संदेश

दशहरा बुराई पर अच्छाई एवं असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक है। हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष दशहरा का पावन पर्व आज 15 अक्टूबर दिन शुक्रवार को है। दशहरा के दिन लोग बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन करते हैं और साथ ही अपने अंदर बुरी आदतों को दूर करने का प्रण लेते हैं। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने आश्विन शुक्ल दशमी को रावण का वध किया था, वहीं मां दुर्गा इसी तिथि को महिषासुर का अंत कर महिषासुरमर्दिनि कहलाईं। इन वजहों से हर वर्ष आश्विन शुक्ल दशमी को दशहरा या विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। आप भी इस पावन पर्व पर अपने मित्रों, परिजनों एवं शुभचिंतकों को दशहरा की बधाई एवं शुभकामना संदेश दें, ताकि वे भी अपनी बुराइयों पर विजय हासिल कर सफलता और तरक्की प्राप्त करें।


दशहरा  की शुभकामना संदेश

1- आज आरंभ समय है सुखों का,

हो अंत आपके सारे दुखों का,

हो जाए खात्मा सारी बुराई का,

आने वाला वक्त हो बस अच्छाई का।


2- इससे पहले की दशहरे की शाम हो जाए,

मेरा मैसेज औरों की तरह आम हो जाए,

सारे मोबाइल नेटवर्क जाम हो जाएं,

और दशहरा विश करना आम हो जाए।


3- आज आया है दशहरा का है पावन त्योहार,

आपको हमेशा मिले खुशियां और बेशुमार प्यार,

करें मां दुर्गा और श्री राम आप पर कृपा अपार।


5- बुराई का होता है विनाश,

दशहरा लाता है उम्मीद की आस,

रावण की तरह आपके दुखों का हो नाश,

सफलता और तरक्की के साथ यह दशहरा हो खास।


6- इस देश में सत्य स्थापित कर,

हर बुराई को मिटाना होगा,

आतंकी रावण का दहन करने,

आज फिर राम को आना होगा।

...

राजनाथ ने भाजपा के सबसे वरिष्ठ सदस्य 106 वर्षीय भूलई भाई से मुलाकात की

नई दिल्ली : भाजपा के वरिष्ठतम सदस्य 106 वर्षीय नारायण उर्फ भूलई भाई से बृहस्पतिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलाकात की। इससे पहले नारायण ने सिंह से उनसे मुलाकात का समय मांगा था।


उत्तर प्रदेश सदन में मुलाकात के दौरान नारायण ने सिंह से कहा, ‘‘आपसे मिलकर मैं युवा और तरोताजा महसूस कर रहा हूं।’’


भाजपा के वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि यह भगवान कृष्ण के सुदामा से मिलने जैसा है। वह पार्टी और इसके पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ से 70 वर्षों से जुड़े हुए हैं।


पूर्व विधायक नारायण जनसंघ के दिनों में सक्रिय राजनीति में थे।


नारायण का सिंह से 1977 से जुड़ाव रहा है जब दोनों उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य थे और उन्होंने भाजपा के विचारकों दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ भी काम किया है।


नारायण ने सिंह से मिलने का वक्त मांगा था लेकिन जब रक्षा मंत्री को इस बारे में पता चला तो वह राष्ट्रीय राजधानी में स्थित उत्तर प्रदेश सदन गए और भाजपा के सबसे वयोवृद्ध सदस्य से मुलाकात की।


सिंह ने नारायण को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उन्हें धोती-कुर्ता उपहार में दिया।


सिंह ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘विजयदशमी की पूर्व संध्या पर 106 वर्षीय नारायण जी ‘भूलई भाई’ से मुलाकात का सुखद अनुभव रहा, जो उत्तर प्रदेश में जनसंघ के विधायक थे और वर्तमान में देश में पार्टी के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। उनकी सादगी बहुत ही प्रेरक है। मैं मां दुर्गा से उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।’’


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले वर्ष अप्रैल में कोविड-19 महामारी की पहली लहर में भूलई भाई को फोन किया था और उनसे आशीर्वाद लिया था।





...

वेणुगोपाल और रावत के साथ सिद्धू की बैठक शुरू

नई दिल्ली : कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू बृहस्पतिवार को पहली बार यहां पार्टी मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा पंजाब प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात की।


सिद्धू शाम करीब साढ़े छह बजे 24 अकबर रोड़ पहुंचे, हालांकि उन्होंने इस्तीफा वापस लेने की संभावना अथवा पत्रकारों के किसी अन्य सवाल का जवाब नहीं दिया।


सूत्रों के मुताबिक, वेणुगोपाल के कार्यालय में यह बैठक चल रही है।


उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा था कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे।


उन्होंने पत्र में लिखा था, ‘‘किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं।’’


कांग्रेस आलाकमान ने अब तक सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।


सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार की बैठक के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बन सकती है।


पिछले दिनों कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस दौरान यह भी चर्चा थी कि सिद्धू मुख्यमंत्री चन्नी की कार्यशैली को लेकर भी खुश नहीं हैं, हालांकि कांग्रेस के सूत्र इससे इनकार करते हैं।


कांग्रेस सूत्रों ने यह भी बताया कि फिलहाल सिद्धू के दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से उनकी मुलाकात का कोई कार्यक्रम तय नहीं है।





...

पंजाब, पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को और शक्तियां दिया जाना संघीय ढांचे पर हमला: कांग्रेस

नई दिल्ली : कांग्रेस ने पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) को अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने का अधिकार दिए जाने को देश के संघीय ढांचे पर बृहस्पतिवार को हमला करार दिया और कहा कि यह चुनी हुई सरकारों के अधिकारों को खत्म करने का एक ‘घिनौना प्रयास’ है।


पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार ने एक बार फिर देश के संघीय ढांचे पर हमला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर देश में चुनी हुई सरकारों के अधिकारों को खत्म करने का घिनौना प्रयास किया है। इस निर्णय से मोदी जी ने एक बार फिर ये दिखाया है कि इस देश में अब तानाशाही का शासन चलेगा।’’


उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या कारण है कि पंजाब जैसे राज्य में आप आधे इलाके 50,000 किलोमीटर में से 25,000 किलोमीटर में पंजाब की सरकार के अधिकार, वहां की पुलिस के अधिकार छीन लेते हैं, आप पंजाब के मुख्यमंत्री से बात ही नहीं करते? क्या इस देश में लोकतंत्र, प्रजातंत्र, संघीय ढांचा ऐसे चलेगा?’’


उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पंजाब में राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो चुका है, इसलिए उस खत्म हुए राजनीतिक अस्तित्व को तलाशने के लिए कांग्रेस की चुनी हुई सरकार के अधिकारों पर हमला बोला जा रहा है।’’


सुरजेवाला ने कहा, ‘‘नौ जून, 2021 को 25,000 किलोग्राम हेरोइन अडानी मुंद्रा बंदरगाह से लाई जाती है, लेकिन कोई पकड़ता नहीं है। फिर 13 सितंबर को तीन हजार किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किये जाते है। वहां तो दायरा 80 किलोमीटर का था, तो पहले मादक पदार्थ क्यों नहीं जब्त किये गये?’’


कांग्रेस महासचिव ने यह सवाल भी किया, ‘‘73 साल से ये 15 किलोमीटर का क्षेत्र बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में चल रहा है। 73 साल में तो कुछ गलत हुआ नहीं, तो आज क्या हो गया?’’


केंद्र सरकार ने बीएसएफ कानून में संशोधन कर इसे पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने की शक्ति दे दी है।


वहीं, पाकिस्तान की सीमा से लगते गुजरात के क्षेत्रों में यह दायरा 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया है तथा राजस्थान में 50 किलोमीटर तक की क्षेत्र सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में 11 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की थी।



...

कांग्रेस में सुलह के संकेत : राहुल, गुलाम नबी आजाद एक साथ नजर आए

नई दिल्ली :  कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद पार्टी के दो कार्यक्रमों में एक साथ नजर आए। दोनों नेता पहले बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की फोटो प्रदर्शनी में और दूसरा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान एकसाथ नजर आए थे।


शनिवार को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक (सीडब्ल्यूसी) से पहले यह पर्फेक्ट पिक्च र पार्टी के लिए राहत का संकेत है। आजाद ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने के लिए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ असंतुष्ट समूह से बात कर रहे हैं और प्रियंका भी भूपिंदर हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा को लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में शामिल करके जी -23 तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। वह अपनी रैली के लिए जूनियर हुड्डा को वाराणसी भी ले गईं।


कांग्रेस पिछले साल अगस्त 2020 से आंतरिक दरार से घिरी हुई है, जब सोनिया गांधी को प्रभावी नेतृत्व के लिए एक पत्र लिखा गया था। पिछले महीने गुलाम नबी आजाद ने फिर सोनिया गांधी को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने के लिए पत्र लिखा था और अब कांग्रेस आलाकमान ने 16 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।


पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने हाल ही में कहा था, हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है, इसलिए हमें नहीं पता कि सभी निर्णय कौन ले रहा है। हम इसे जानते हैं, फिर भी हम नहीं जानते, मेरे एक वरिष्ठ सहयोगी ने सीडब्ल्यूसी की तत्काल बैठक बुलाने के लिए अंतरिम अध्यक्ष को पत्र लिखा है या लिखने वाला हैं ताकि बातचीत शुरू की जा सके।


लेकिन लखीमपुर खीरी कांड के बाद जी-23 नेताओं के रूख में नरमी आई है। जी-23 में से एक आनंद शर्मा गांधी परिवार की प्रशंसा करते रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका की मारे गए किसानों के परिवार के साथ साहसिक रूप से एकजुटता दिखाने के लिए सराहना की है।




...

संयुक्त किसान मोर्चा ने दशहरे पर मोदी, अजय मिश्रा का पुतला जलाने की चेतावनी दी

नई दिल्ली : लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को काफिले की गाड़ी से कुचले गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास के एक दिन बाद, बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र का पुतला जलाने की चेतावनी दी।


एसकेएम ने कहा कि मोदी और कई अन्य भाजपा नेता, जिनमें गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा शामिल हैं, जिनके बेटे आशीष मिश्रा इस मामले में मुख्य आरोपी हैं, के पुतले 15 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर फूंके जाएंगे।


अजय मिश्रा टेनी को तुरंत बर्खास्त और गिरफ्तार करने की अपनी मांग दोहराते हुए, एसकेएम ने एक बयान में कहा, काले झंडों के साथ विरोध कर रहे किसानों को अजय मिश्रा की धमकी के कई वीडियो मौजूद हैं, यह स्पष्ट है कि वह दुश्मनी, घृणा और वैमनस्य को बढ़ावा दे रहे थे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के रूप में उनकी निरंतरता न्याय से समझौता करती है, और यह अकल्पनीय है कि नरेंद्र मोदी सरकार उनका बचाव करना जारी रखे हुए है।


3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा में किसानों और एक पत्रकार समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी।


एसकेएम ने मंगलवार को शहीद किसान दिवस करार देते हुए मारे गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास की थी। बयान में कहा गया है कि पूरे भारत में हजारों किसानों ने मोमबत्ती की रोशनी में श्रद्धांजलि सभा की।




...

देश में कोविड-19 के 18,987 नए मामले

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 18,987 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर बृहस्पतिवार को 3,40,20,730 हो गई। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.07 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 246 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,51,435 हो गई। देश में लगातार 20 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 30 हजार से कम और 109 दिन से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,06,586 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.61 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 1067 की कमी दर्ज की गई।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,76,64,525 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,01,083 नमूनों की जांच बुधवार को की गई। अभी तक कुल 3,33,62,709 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि वैश्विक महामारी से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 1.46 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.44 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 96.82 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।












...

स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने एम्स में मनमोहन सिंह से मुलाकात कर सेहत का हाल जाना

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बृहस्पतिवार को मुलाकात की और उनकी सेहत का हाल जाना।


बुखार के बाद कमजोरी की शिकायत के चलते उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा, “सिंह की स्थिति स्थिर है।”


मांडविया ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एम्स, नई दिल्ली में मुलाकात की और उनकी सेहत का हाल जाना। स्वास्थ्य मंत्री ने सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।


डॉक्टर ने बताया कि 89 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को एम्स के कार्डियो-न्यूरो केंद्र के निजी वार्ड में बुधवार को भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टर नीतीश नाइक के नेतृत्व में ह्रदय रोग विशेषज्ञों की टीम की देख-रेख में हैं।


सिंह को सोमवार को बुखार आ गया था और वह उससे उबर भी गए थे लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी थी और केवल तरल चीजों का सेवन कर पा रहे थे।




...

फर्राटा धाविका हिमा दास कोविड-19 से संक्रमित

नई दिल्ली : चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाली फर्राटा धाविका हिमा दास ने बुधवार को खुलासा किया कि कोविड-19 के लिये किया गया उनका परीक्षण पॉजिटिव आया है लेकिन वह अच्छी स्थिति में हैं। इक्कीस वर्षीय हिमा हाल में पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) में राष्ट्रीय शिविर से जुड़ी थी। हिमा ने ट्वीट किया, ‘‘मैं सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मुझे कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया है। पृथकवास पर अभी मेरी स्थिति स्थिर है। मैं इस समय का उपयोग पूरी तरह से फिट होने पहले की तुलना में अधिक मजबूती से वापसी के लिये करना चाहती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी को याद दिलाना चाहती हूं कि सुरक्षित रहें और मॉस्क पहनें।’’ हिमा 200 मीटर में तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने में नाकाम रही थी।





...

नीति आयोग की रैकिंग में उप्र के सात जिलों को मिली टॉप 10 में जगह

लखनऊ : नीति आयोग ने जुलाई-अगस्त 2021 के सर्वे के आधार पर देश के अतिपिछड़े 112 जिलों की डेल्टा रैंकिंग जारी कर दी है। नीति आयोग की इस डेल्टा रिपोर्ट में देश के आकांक्षात्मक जनपदों की सूची में उत्तर प्रदेश के सात जनपदों ने टॉप 10 में स्थान बनाया है।


ये जनपद सिद्धार्थनगर, बहराइच, सोनभद्र, श्रावस्ती, फतेहपुर, चित्रकूट और चंदौली हैं। इनमें फतेहपुर ने नीति आयोग के निर्धारित मानकों पर कार्य करते हुए पूरे देश में विकास के क्षेत्र में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं तीसरे स्थान पर सिद्धार्थनगर, चौथे पर सोनभद्र, पांचवें पर चित्रकूट, सातवें पर बहराइच, आठवें पर श्रावस्ती और नौवें पर चंदौली ने स्थान बनाया है।


उत्तर प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों में चित्रकूट और बहराइच ने नीति आयोग के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आयोग ने इन जिलों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। नीति आयोग की ओवरआल डेल्टा रैंकिग में चित्रकूट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण सहित अनेक मानकों पर देश में पांचवा स्थान हासिल किया है।


डेल्टा रैंकिंग द्वारा छह विकासात्मक क्षेत्र स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा विकास हैं, जिन्हें रैंकिंग के लिए ध्यान में रखा गया। आकांक्षी जिलों की रैंकिंग हर महीने जारी की जाती है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम जनवरी 2018 में शुरू किया गया। इसका उद्देश्य उन जिलों को आगे बढ़ाना है जिनमें महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में कम प्रगति देखी गई है और कम विकसित इलाके के तौर पर सामने आये हैं। 



...

सरकार को पाक, चीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए : शिवसेना

मुंबई : वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव के बीच शिवसेना ने बुधवार को कहा कि केन्द्र सरकार ने अगर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो चीन और पाकिस्तान एकसाथ आकर भारत के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न कर सकते हैं।


शिवेसना के मुखपत्र 'सामना' के सम्पादकीय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नाम लिए बिना उसे ''पॉलिटिकल ईस्ट इंडिया कम्पनी'' बताया गया और कहा कि चीन लगातार घुसपैठ कर रहा है और भारत बातचीत में ही लगा है। पार्टी ने चीन को ''अग्रणी साम्राज्यवादी राष्ट्र'' भी करार दिया।


जम्मू-कश्मीर में हिंदू और सिखों पर हुए हालिया हमलों की पृष्ठभूमि में सम्पादकीय में कहा गया कि केन्द्र में नरेंद्र मोदी की सरकार है और घाटी से हिंदू भाग रहे हैं। यह भाजपा जैसी पार्टी को शोभा नहीं देता, जो हिंदुत्व का समर्थन करती है।


मराठी समाचारपत्र में कहा गया, ''प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री को ऐसे लोगों को दर्द समझना चाहिए।'' सम्पादकीय में कहा गया कि तालिबान के अफगानिस्तान में सत्ता में आने के बाद से कश्मीर में हिंसक घटनाएं बढ़ गई हैं। भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध का जिक्र करते हुए उसने कहा कि मुद्दों पर 13 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रही।


सम्पादकीय में कहा, ''जनमुक्ति सेना के अधिकारी वार्ताएं तो लंबी-लंबी करते हैं, लेकिन अंत में करते वहीं है, जो वह करना चाहते हैं। चीन रचनात्मक बदलावों के लिए तैयार नहीं है।'' सम्पादकीय में दावा किया गया कि कश्मीर में पाकिस्तान के हर एक कृत्य को चीन का समर्थन हासिल है। ''अलोकतांत्रिक'' ताकतें जो अफगानिस्तान में सत्ता में हैं, उन्हें भी चीन का समर्थन हासिल है।


शिवसेना ने सम्पादकीय में कहा, ''सरकार ने कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो चीन और पाकिस्तान एक साथ आएंगे और भारत के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न करेंगे। देश की 'पॉलिटिकल ईस्ट इंडिया कम्पनी' को यह समझना चाहिए।''


गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच 17 महीने से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध जारी है और 13 दौर की सैन्य बातचीत के बाद ही कोई समाधान नहीं निकला है। भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि उसके द्वारा दिए गए ''सकारात्मक सुझावों'' पर चीन की सेना सहमत नहीं हुई और ना ही उसने आगे बढ़ने की दिशा में कोई प्रस्ताव दिया।





...

लखीमपुर खीरी हिंसा ‘पूरी तरह निंदनीय’ है : सीतारमण

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लखीमपुर खीरी हिंसा को “पूरी तरह निंदनीय” बताते हुए कहा कि भारत के अन्य हिस्सों में भी इस प्रकार की घटनाएं होती हैं, लेकिन उन्हें उसी समय उठाया जाना चाहिए, जब वे घटित हुई हों, न कि उन्हें तब उठाया जाए, तब किसी राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होने के कारण कुछ लोगों को उन्हें उठाना अनुकूल लगता हो।


अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचीं सीतारमण ने लखीमपुर खीरी में चार किसानों की मौत और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बारे में हार्वर्ड केनेडी स्कूल में बातचीत के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ मंत्रियों की तरफ से इस पर कुछ क्यों नहीं कहा गया और जब भी कोई ऐसी बातों के बारे में पूछता है तो हमेशा “बचाव वाली प्रतिक्रिया” क्यों दी जाती है।


इस पर उन्होंने कहा, “नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है....अच्छा है कि आपने ऐसी घटना उठाई, जो पूरी तरह से निंदनीय है और हम में से हर कोई यह कह रहा है। इसी तरह दूसरी जगहों पर हो रही घटनाएं मेरी चिंता का कारण हैं।” सीतारमण ने कहा, “भारत में इस तरह के मामले देश के बहुत से अलग-अलग हिस्सों में समान रूप से हो रहे हैं। मैं चाहती हूं कि आप और डॉ. अमर्त्य सेन सहित कई अन्य लोग, जो भारत को जानते हैं, वे जब कभी ऐसी घटना होती है, उसे हर बार उठाएं। इस प्रकार की घटना को मात्र उस समय नहीं उठाया जाए, जब इन्हें उठाना हमारे लिए इसलिए अनुकूल है, क्योंकि यह एक ऐसे राज्य में हुई, जहां भाजपा सत्ता में है, जिसमें मेरे एक कैबिनेट सहयोगी का बेटा शायद मुश्किल में है।’’


उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, यह पता लगाने के लिए पूर्ण जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “और यह मेरी पार्टी या मेरे प्रधानमंत्री के बचाव के बारे में नहीं है। यह भारत के बचाव के बारे में है। मैं भारत के लिए बात करूंगी, मैं गरीबों के लिए न्याय की बात करूंगी। मेरा उपहास नहीं किया जाएगा और अगर मजाक उड़ाया जाएगा, तो मैं खड़ी होकर अपने बचाव में कहूंगी कि 'क्षमा करें, चलिए तथ्यों पर बात करते हैं।’ आपके लिए यही मेरा जवाब है।”


आशीष मिश्रा पर आरोप लगाए गए हैं कि वह उन वाहनों में से एक में सवार थे, जिन्होंने तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे चार किसानों को कुचल दिया था। इन आरोपों के बाद प्राथमिकी में आशीष का नाम दर्ज किया गया।


किसानों के विरोध संबंधी एक सवाल के जवाब में, सीतारमण ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि अधिनियमों पर एक दशक में विभिन्न संसदीय समितियों द्वारा चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद केंद्र द्वारा इन तीनों कानूनों पर राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग चर्चा की गई है और हर हितधारक से राय-मश्विरा किया गया।



...

एनजीटी का हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को अपने पुराने भवन खंड के पुनर्निर्माण की अनुमति देने से इनकार

नई दिल्ली :  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को अपने पुराने भवन के खंड के पुनर्निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अधिकरण का कहना है कि शिमला के भीतरी क्षेत्र में निर्माण सार्वजनिक सुरक्षा तथा पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है।


एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आर्दश कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि निस्संदेह, उच्च न्यायालय की आवश्यकता सर्वोच्च प्राथमिकता है लेकिन जनता की सुरक्षा के खतरे को देखते हुए, वह अपने पहले के आदेश को संशोधित नहीं कर सकता है। पीठ ने आठ अक्टूबर को दिए अपने आदेश में कहा, ‘‘शिमला के भीतरी क्षेत्रों में निर्माण के सार्वजनिक सुरक्षा एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा होने के कारण, आवेदन में सुझाया गया कोई भी संशोधन व्यावहारिक नहीं होगा।’’


एनजीटी, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसके 16 नवंबर, 2017 के आदेश को संशोधित करके पुराने भवन के खंड (जो कि शिमला के भीतरी इलाके में है) के पुनर्निर्माण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।


एनजीटी ने 2017 में हिमाचल प्रदेश के ‘‘हरित, जंगल और अंदरूनी क्षेत्रों’’ के किसी भी हिस्से में और राष्ट्रीय राजमार्गों के तीन मीटर के भीतर सभी आवासीय या वाणिज्यिक निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही, असाधारण प्रकृति के भवनों के निर्माण की आवश्यकता पर गौर करने एवं मूल्यांकन करने और यदि आवश्यक हो तो सिफारिश करने के लिए पर्यवेक्षक समिति का भी गठन किया था।




...

‘दुर्गापूजा पर महिलाओं को सम्मान, बराबर की भागीदारी वाले समाज के निर्माण का संकल्प लें’

नई दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुर्गापूजा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बुधवार को कहा कि इस त्योहार पर हम ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें जहां महिलाओं को अधिक सम्मान और बराबर की भागीदारी प्राप्त हो।


राष्ट्रपति कोविंद ने फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट में कहा, ‘‘दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर, मैं भारत और विदेश में रह रहे सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देवी दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं और वे नारी शक्ति का दैवीय रूप भी हैं। दुर्गा पूजा बुराई पर अच् छाई की विजय का उत्सव है।’’ उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूप जीवन के साथ प्रकृति के जुड़ाव को दर्शाते हैं।


कोविंद ने कहा, ‘‘आइए, इस त्योहार के अवसर पर हम एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प करें, जहां समाज में महिलाओं को पहले से अधिक सम्मान एवं राष्ट्र निर्माण में उन्हें बराबर की भागीदारी प्राप्त हो।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी कामना है कि हर्षोल्लास भरे इस पर्व से देशवासियों के बीच शांति, भाईचारे और एकता की भावना और सशक् त हो तथा हम सभी देश की प्रगति के लिए बढ़-चढ़कर काम करते रहें।



...

कोविंद ने देशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दी

नई दिल्ली  : राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सभी देशवासियों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। श्री कोविंद ने बुधवार को अपने ट्टीट संदेश में कहा, “दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! देवी दुर्गा अन्याय के दमन का प्रतीक व नारी शक्ति का दैवी स्वरूप हैं। हम सभी ऐसे समाज के निर्माण का संकल्‍प करें, जिसमें महिलाओं को और अधिक सम्‍मान मिले एवं राष्‍ट्र-निर्माण में उनकी बराबर की भागीदारी हो।”




...

देश में कोविड-19 के 15,823 नए मामले

नई दिल्ली :  भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,823 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर बुधवार को 3,40,01,743 हो गई। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 226 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,51,189 हो गई। देश में लगातार 19 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 30 हजार से कम और 108 दिन से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,07,653 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.61 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,247 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 58,63,63,442 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,25,399 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। अभी तक कुल 3,33,42,901 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि महामारी से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 96.43 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।





...

देश में 214 दिन में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम

नई दिल्ली : भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,823 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर बुधवार को 3,40,01,743 हो गई। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 226 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,51,189 हो गई। देश में लगातार 19 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 30 हजार से कम और 108 दिन से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 2,07,653 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.61 प्रतिशत है। देश में 214 दिन में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,247 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.06 प्रतिशत हो गई है।


आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 1.19 प्रतिशत है, जो पिछले 44 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.46 प्रतिशत है, जो पिछले 110 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। देश में अभी तक कुल 58,63,63,442 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,25,399 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। अभी तक कुल 3,33,42,901 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि वैश्विक महामारी से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 96.43 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।


देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 226 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से केरल के 106 और महाराष्ट्र के 43 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,51,189 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,39,621, कर्नाटक के 37,906, तमिलनाडु के 35,814, केरल के 26,448, दिल्ली के 25,089, उत्तर प्रदेश के 22,896 और पश्विम बंगाल के 18,924 लोग थे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







...

अजय मिश्रा को बर्खास्त करने में प्रधानमंत्री को एक मिनट का भी समय नहीं लगाना चाहिए : कांग्रेस

नई दिल्ली :  कांग्रेस ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने इस मंत्री को हटाने में एक मिनट का भी समय नहीं लगाना चाहिए।


पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री की ओर से अब यह कदम नहीं उठाए जाने का मतलब साफ है कि या तो वह किसी दबाव में हैं या फिर लखीमपुर खीरी की घटना को वह अपराध नहीं मानते। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने बार बार मांग की है कि मंत्री इस्तीफा दें या उनको बर्खास्त किया जाए। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। उच्चतम न्यायालय ने जब सख्त टिप्पणियां कीं तो मंत्री के पुत्र को गिरफ्तार किया गया।’’


उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘अजय मिश्रा को बर्खास्त करने में प्रधानमंत्री को एक मिनट का भी समय नहीं लगाना चाहिए। लेकिन अगर यह नहीं हो रहा है तो फिर इसका मतलब यह है कि या तो उन पर कोई दबाव है या फिर उनकी नजरों में यह (घटना) अपराध नहीं है।’’


उधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेगा और इस घटना के तथ्यों से जुड़ा एक ज्ञापन उन्हें सौंपेगा।


गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत तीन अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आशीष को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

...

आश्रय गृह के आश्रितों के टीकाकरण के लिए गाजियाबाद जिलाधिकारी से संपर्क करे ट्रस्ट : उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने एक चैरिटेबल ट्रस्ट को गाजियाबाद जिले के लोनी में एक आश्रय गृह के उन 13 आश्रितों के टीकाकरण के लिए जिलाधिकारी से संपर्क करने को कहा है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। ट्रस्ट ने इन लोगों के टीकाकरण का निर्देश देने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दी थी।


न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने जिलाधिकारी को याचिकाकर्ताओं की शिकायत की जांच करने और इन्हें सही पाए जाने की स्थिति में आश्रितों को कहीं जाए बगैर ही उनके टीकाकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने का निर्देश दिया।


पीठ ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं, चूंकि रिट याचिका में प्रदान की गई जानकारी की सत्यता या प्रामाणिकता के संबंध में कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है, इसलिए हम इस स्तर पर नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं।’’ पीठ ने कहा, ‘‘हालांकि, शिकायत की प्रकृति को देखते हुए जिलाधिकारी और दंडाधिकारी, गाजियाबाद को इस आदेश की प्रमाणित प्रति देने के साथ याचिकाकर्ताओं को इसकी (टीकाकरण की) अनुमति देकर याचिका का निपटारा किया जाता है।’’


शुरुआत में शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर नोटिस जारी करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि याचिका में दी गई जानकारी की सत्यता या प्रामाणिकता के संबंध में कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है।


शीर्ष अदालत ने अपने आठ अक्टूबर के आदेश में कहा कि वह शिकायत की सत्यता को सत्यापित करने या आश्रय गृह की कानूनी स्थिति सहित याचिका में दी गई किसी भी तथ्यात्मक पहलू पर टिप्पणी नहीं कर सकती है। शीर्ष अदालत ‘एक एहसास फाउंडेशन’ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें फ्लैट नंबर 001, प्लॉट नंबर बी-43, एसएलएफ, वेद विहार, लोनी, जिला गाजियाबाद में बनाए गए आश्रय गृह के 13 आश्रितों के टीकाकरण के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।


याचिकाकर्ता ने कहा कि यह एक पंजीकृत परर्मार्थ ट्रस्ट है और यह गाजियाबाद में अनाथों, निराश्रित विधवाओं, परित्यक्त और वृद्ध व्यक्तियों को आश्रय देता है। याचिकाकर्ता ने इन 13 लोगों को आश्रय दिया है, इनमें से कुछ डिमेंशिया से पीड़ित हैं, कुछ व्हीलचेयर पर हैं और अन्य उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं।


ट्रस्ट ने पीठ को बताया कि कुछ आश्रितों के पास आधार कार्ड है, जबकि कुछ उन्हें सड़कों पर परित्यक्त अवस्था में मिले थे।





...

चीन की घुसपैठ पर जवाब दें मोदी : कांग्रेस

नई दिल्ली :  कांग्रेस ने कहा है कि चीन भारत की सीमा में घुस चुका है और कोर कमांडर स्तर की बैठक में उसने वापस जाने से मना कर दिया है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता को इस संकट के समाधान के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी देनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल में भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहा है। देश के सैनिक जिस सीमा पर गश्त लगाते थे, वह अब नहीं हो रही है और चीन के साथ 13वें दौर की कोर कमांडर बैठक में भारत के कमांडरों ने चीन की मंशा को ठुकरा दिया, इसीलिए बातचीत के कोई परिणाम नहीं निकले। उन्होंने कहा कि चीन के साथ अब तक जो भी समझौते भारत सरकार की तरफ से हुए हैं, वे सब गैरबराबरी के हैं। चीन और दुनिया की समझ में आ गया है कि भारत में एक ऐसा प्रधानमंत्री है जिनको देश की सीमाओं की सुरक्षा से ज्यादा अपनी कृत्रिम छवि को बनाए रखने की चिंता है। प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को खासकर विदेश नीति को लेकर नपीतुली बात कहनी चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि 13वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत में चीन पीछे हटने को तैयार नहीं है और उसने डेप्सांग मैदान और हॉट स्प्रिंग से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। उनका कहना था कि भारतीय सेना ने अपने शौर्य के बल पर जो कुछ हासिल किया था उसे मोदी सरकार ने गंवा दिया है। वर्ष 2020 तक जहां हमारी गश्त होती थी अब वहां नहीं हो रही है। यह सब सेना के पराक्रम की कमी के कारण नहीं बल्कि राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी का परिणाम है। चीन ने कह दिया है कि हम पीछे नहीं हटेंगे। इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर श्री मोदी पर हमला करते हुए उनसे पूछा ‘मिस्टर 56’ लाल आँख क्यों नहीं दिखा देते। उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक अखबार की कटिंग भी पोस्ट की है जिसमें कहा गया है कि चीन 13वें दौर की बातचीत के बाद वापस लौटने को तैयार नहीं है।




...

अमित खरे होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए सलाहकार

नई दिल्ली :  शिक्षा तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पूर्व सचिव अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति का आदेश मंगलवार को जारी किया गया। वह अगले दो साल या फिर अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। गत 30 सितंबर को वह उच्च शिक्षा सचिव के पद से रिटायर हुए थे। करीब 34 सालों बाद देश में नई शिक्षा नीति लागू में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया को लेकर नियम तय करने में भी उनका योगदान रहा।

अमित खरे भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1985 बैच के बिहार-झारखंड कैडर के अधिकारी थे। 36 साल के अपने करियर में उन्होंने भारत सरकार के अलावा झारखंड और बिहार सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। उन्होंने चारा घोटाला मामले को उजागर किया था। वह जब चाईबासा उपायुक्त के पद पर थे तो उन्होंने इस मामले में पहली बार एफआइआर दर्ज कराई थी। इसके बाद बिहार के कई हाईप्रोफाइल नेता और अधिकारी जेल गए। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी जेल हुई।

अमित खरे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में रहते हुए दूरदर्शन के दायरे का विस्तार किया। झारखंड समेत देश के लगभग एक दर्जन राज्यों को डीडी फ्री डिश की सेवा दिलाई। नवंबर 2018 में उनके नेतृत्व में गोव में अंतरारष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन हुआ। उन्होंने झारखंड में लोगों को डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक किया। इसके खिलाफ कड़े कानून बनवाए।

...

रंजीत हत्‍याकांड में गुरमीत राम रहीम की सजा पर फैसला सुरक्षित, 18 को होगी सुनवाई

 सिरसा  : डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह हत्याकांड को लेकर सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट द्वारा आज पंचकूला में फैसला सुनाया जाना था, मगर इसे आज सुरक्षित रख लिया गया है। देर शाम यह जानकारी वकीलों की ओर से दी गई। इस केस में सजा को लेकर अब 18 अक्‍टूबर को पुन: सुनवाई होगी। सीबीआई अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह सहित पांच लोगों को इस मामले में 8 अक्‍टूबर को दोषी करार दिया था और फैसले को दो दिन के लिए सुरक्षित रखा गया था। डेरा प्रमुख को सीबीआई कोर्ट द्वारा तीसरी बार सजा सुनाने वाली थी मगर आज सजा नहीं सुनाई जा सकी।

वहीं दिन में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में सजा पर सुनवाई हुई। राम रहीम सुनारिया जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ था। यह भी बताया गया कि गुरमीत राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाथ जोड़े खड़ा रहा। कोर्ट के अंदर अन्‍य दोषी भी मौजूद रहे। सुनवाई के बाद फैसले का इंतजार किया जा रहा था, मगर इसे सुरक्षित रख लिया गया।

इससे पहले डेरा प्रमुख को सीबीआइ कोर्ट ने 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसके बाद सिरसा निवासी पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार दिया था। आज फिर से सबको इंतजार था कि राम रहीम गुरमीत सिंह को सीबीआई कोर्ट क्‍या सजा सुनाती है। वहीं पंचकूला में फैसले को लेकर धारा 144 लागू है। कहीं भी अकारण पांच से ज्‍यादा लोग खड़े नहीं हो सकते हैं।

25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद पंचकूला व सिरसा में हिंसा भड़क गई थी। सिरसा में पुलिस फायरिंग में कई लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में षडयंत्र रचने व देश द्रोह के आरोप में डेरा प्रबंधन कमेटी से जुड़े आदित्य इन्सां, डा. नैन, डेरा प्रमुख की मुंह बोली बेटी हन्नीप्रीत सहित अन्यों पर मामले दर्ज किए गए थे। 

डेरा प्रमुख के खिलाफ सुनाए जाने वाले फैसले को लेकर सिरसा पुलिस हाई अलर्ट पर रही। डेरा की ओर जाने वाले रास्तों पर बेरिकेड्स लगाए गए तथा पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा सिविल ड्रेस व गुप्तचर पुलिस भी एक्टिव मोड में रहे। पुलिस प्रशासन डेरा प्रमुख से जुड़े मामले को लेकर पूरी सतर्कता बरत रहा है। उधर डेरा प्रबंधन कमेटी ने दो दिन पहले विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि वे सीबीआइ कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। मगर फैसला अभी नहीं आया।


...

अगर भारत युद्ध शुरू करे तो जरूर हार जाएगा : चीनी मुखपत्र

नई दिल्ली : चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत के साथ बिगड़ते हालात की स्थिति में चीन को सैन्य संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।


ग्लोबल टाइम्स के एक संपादकीय में कहा गया है, नई दिल्ली को एक बात के बारे में स्पष्ट होने की जरूरत है : उसे सीमा नहीं मिलेगी जैसा वह चाहता है। अगर यह युद्ध शुरू करता है, तो यह निश्चित रूप से हार जाएगा। किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप और दबाव को चीन द्वारा नजरअंदाज कर दिया जाएगा।


भारत के साथ सीमा विवाद को संभालने में, चीन के लिए दो काम करना सबसे महत्वपूर्ण है। पहला, हमें इस सिद्धांत पर टिके रहना चाहिए कि भारत चाहे कितनी भी मुसीबत में क्यों न हो, चीन का क्षेत्र चीन का है और हम इसे कभी नहीं सौंपेंगे। भारत अभी भी सीमा मुद्दे पर नींद में चल रहा है। हम इसके जागने का इंतजार कर सकते हैं।


चीनी लोग जानते हैं कि चीन और भारत दोनों एक-दूसरे के साथ लंबे समय तक सीमा गतिरोध को बनाए रखने के लिए पर्याप्त राष्ट्रीय ताकत के साथ महान शक्तियाँ हैं। इस तरह का आपसी अलगाव खेदजनक है, लेकिन अगर भारत ऐसा करने को तैयार है, तो चीन इसे तब तक कंपनी में रखेगा जब तक अंत


गलवान घाटी संघर्ष यह साबित करता है कि चीन भारत-चीन संबंधों को आसान बनाने के लिए अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।


ग्लोबल टाइम्स ने कहा, अगर नई दिल्ली चीन और भारत के बीच अंतर्निहित गतिशीलता को गलत तरीके से समझना जारी रखती है और चीन के संकल्प और ²ढ़ संकल्प को कम आंकती है, तो यह केवल अपने लिए नई गलत सूचना पैदा करेगी और भारत को और नुकसान पहुंचाएगी।


कहा गया है, वार्ता में भारत का रवैया अवसरवादी है। नई दिल्ली मानती है कि चीन को अपनी समग्र राष्ट्रीय रणनीति हासिल करने के लिए अपनी पश्चिमी सीमाओं में स्थिरता की इच्छा के कारण भारत की मदद की जरूरत है।


विशेष रूप से, भारत चीन-अमेरिका संबंधों में गिरावट को प्रमुख रणनीतिक सौदेबाजी चिप्स हासिल करने के अवसर के रूप में देखता है। नई दिल्ली को उम्मीद है कि बीजिंग सीमा मुद्दे पर अपना रुख नरम करेगा और नई दिल्ली को बीजिंग के खिलाफ वाशिंगटन के साथ खुद को संरेखित करने से रोकने के लिए अपनी मांगों को पूरा करेगा।






...

मुंद्रा बंदरगाह से हेरोइन जब्ती का मामला: एनआईए ने दिल्ली-एनसीआर में छापे मारे

नई दिल्ली : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती की जांच के सिलसिले में मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई स्थानों पर छापेमारी की। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और नोएडा के पांच स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं।


संघीय एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) से मामले को अपने हाथ में लिया था और स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस कानून) तथा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की थी।


एनआईए ने भी मामला दर्ज करने के तुरंत बाद छापेमारी की थी। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया था कि मामला मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988.21 किलोग्राम मादक पदार्थ (हेरोइन) की जब्ती और खेप की खरीद और वितरण में विदेशी नागरिकों की संलिप्तता से संबंधित है। डीआरआई ने 13 सितंबर को दो कंटेनरों को कब्जे में लिया था जो अफगानिस्तान के कंधार से ईरान के बांदर अब्बास बंदरगाह से होते हुए मुंद्रा बंदरगाह पहुंचे थे।


कंटेनरों को लेकर की गई घोषणा में दावा किया गया था कि इनमें "अर्ध- प्रसंस्कृत टैल्क स्टोन’’ हैं। एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया था कि अच्छी तरह से जांच करने पर पता चला कि कंटेनरों में 2988 किलोग्राम हेरोइन है जिसकी कीमत 21,000 करोड़ रुपये है। बड़े थैलों में ऊपर टैल्क स्टोन रख कर, नीचे की तहों में हेरोइन को छिपा कर रखा गया था। डीआरआई ने नशीले पदार्थ की जब्ती के सिलसिले में पांच विदेशी नागरिकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एनआईए ने चेन्नई, कोयंबटूर और विजयवाड़ा में आरोपियों के परिसरों की तलाशी ली थी। 






...

उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के तौर पर अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुजरात काडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी राकेश अस्थाना की शहर के पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।


मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘रिट याचिका और लंबित अर्जियां खारिज की जाती हैं।’’ अस्थाना 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी है। वह सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। लेकिन 31 जुलाई को सेवानिवृत्ति से चार दिन पहले ही 27 जुलाई को राकेश अस्थाना को दिल्ली का पुलिस आयुक्त नियुक्त कर दिया गया था। उनका राष्ट्रीय राजधानी के पुलिस प्रमुख के तौर पर कार्यकाल एक साल का होगा।


याचिकाकर्ता एवं वकील सद्रे आलम ने अस्थाना को अंतर-काडर प्रतिनियुक्ति और सेवा विस्तार देते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त करने का गृह मंत्रालय का 27 जुलाई का आदेश रद्द करने का अनुरोध किया था। याचिका में कहा गया था, ‘‘(गृह मंत्रालय का) संबंधित आदेश प्रकाश सिंह मामले में भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है, क्योंकि प्रतिवादी संख्या दो (अस्थाना) के पास छह महीने का न्यूनतम कार्यकाल शेष नहीं था; दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति के लिए यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की कोई समिति नहीं बनायी गई थी और दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के मानदंड को नजरअंदाज किया गया।’’


केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था से जुड़ी विविध चुनौतियों के मद्देनजर अस्थाना की नियुक्ति और उनके सेवा कार्यकाल में विस्तार का निर्णय जनहित में लिया गया है। केंद्र ने अपने हलफनामे में यह भी कहा था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में अस्थाना की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है और उनकी नियुक्ति सभी नियम-कायदों को ध्यान में रखकर की गई है।


अस्थाना की नियुक्ति का बचाव करते हुए केंद्र ने यह भी कहा था कि उसे दिल्ली के पुलिस प्रमुख के रूप में किसी ऐसे अधिकारी की नियुक्ति करने की आवश्यकता महसूस हुई जिसके पास किसी बड़े राज्य में किसी बड़े पुलिस बल का नेतृत्व करने एवं राजनीतिक एवं लोक व्यवस्था से जुड़ी समस्या से निपटने तथा किसी केंद्रीय जांच एजेंसी और अर्धसैनिक बलों में काम करने का विविध एवं व्यापक अनुभव हो।


केंद्र ने कहा था कि अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका और गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की हस्तक्षेप की अर्जी जुर्माने के साथ खारिज की जानी चाहिए। इस गैर सरकारी संगठन ने अदालत में दावा किया था कि जनहित याचिका दुर्भावना से दायर की गई है और यह उच्चतम न्यायालय में लंबित उसकी याचिका का ‘‘पूरी तरह कॉपी-पेस्ट’’ है।


अस्थाना ने अपने शपथपत्र में अदालत ने कहा था कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति को चुनौती कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है तथा इसके पीछे बदले की भावना है। अस्थाना ने कहा था कि जब से उन्हें सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है, तब से कुछ संगठन उन्हें निशाना बनाकर उनके खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने गत 25 अगस्त को उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति के खिलाफ लंबित याचिका पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करे।








...

सेलेक्टिव अप्रोच लोकतंत्र के लिए खतरा : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी का नाम लिए बिना विरोधियों पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि कुछ लोगों को एक बात पर मानवाधिकारों का हनन दिखता है, लेकिन ऐसे लोगों को दूसरी बात पर मानवाधिकारों का हनन नहीं दिखता है और इस तरह का सेलेक्टिव अप्रोच लोकतंत्र के लिए खतरा है।


श्री मोदी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मानवाधिकारों से जुड़ा एक और पक्ष है, जिसकी चर्चा मैं आज करना चाहता हूं। हाल के वर्षों में मानवाधिकार की व्याख्या कुछ लोग अपने-अपने तरीके से, अपने-अपने हितों को देखकर करने लगे हैं। मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है। इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार, लोकतंत्र के लिए भी उतना ही नुकसानदायक होता है। एक ही प्रकार की किसी घटना में कुछ लोगों को मानवाधिकार का हनन दिखता है और वैसी ही किसी दूसरी घटना में उन्हीं लोगों को मानवाधिकार का हनन नहीं दिखता। इस प्रकार की मानसिकता भी मानवाधिकार को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की ज़रूरत है।”


उन्होंने कहा, “यह आयोजन आज ऐसे समय हो रहा है, जब हमारा देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। हमने सदियों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में अन्याय-अत्याचार का प्रतिरोध किया। एक ऐसे समय में जब पूरी दुनिया विश्व युद्ध की हिंसा में झुलस रही थी, भारत ने पूरे विश्व को ‘अधिकार और अहिंसा’ का मार्ग सुझाया। ये हम सभी का सौभाग्य है कि आज अमृत महोत्सव के जरिए हम महात्मा गांधी के उन मूल्यों और आदर्शों को जीने का संकल्प ले रहे हैं। हमारे बापू को देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व मानवाधिकारों और मानवीय मूल्यों के प्रतीक के रूप में देखता है।”


उन्होंने कहा कि आज देश 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र पर चल रहा है। ये एक तरह से मानव अधिकार को सुनिश्चित करने की ही मूल भावना है। बीते वर्षों में देश ने अलग-अलग वर्गों में, अलग-अलग स्तर पर हो रहे अन्याय को भी दूर करने का प्रयास किया है। दशकों से मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ कानून की मांग कर रही थीं। केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून बनाकर, मुस्लिम महिलाओं को नया अधिकार दिया है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महिलाओं के लिए काम के अनेक क्षेत्रों को खोला गया है। वह 24 घंटे सुरक्षा के साथ काम कर सकें, इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े देश ऐसा नहीं कर पा रहे लेकिन भारत आज करियर वुमन को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दे रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दशकों में ऐसे कितने ही अवसर विश्व के सामने आए हैं, जब दुनिया भ्रमित हुई है, भटकी है लेकिन भारत मानवाधिकारों के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहा है, संवेदनशील रहा है। एक ऐसे समय में जब पूरी दुनिया विश्व युद्ध की हिंसा में झुलस रही थी, भारत ने पूरे विश्व को ‘अधिकार और अहिंसा’ का मार्ग सुझाया।


भारत के लिए मानवाधिकारों की प्रेरणा का, मानवाधिकार के मूल्यों का बहुत बड़ा स्रोत आज़ादी के लिए हमारा आंदोलन, हमारा इतिहास है। हमने सदियों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में अन्याय-अत्याचार का प्रतिरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसी कोरोना काल में गरीबों, असहायों, बुजुर्गों को सीधे उनके खाते में आर्थिक सहायता दी है। प्रवासी श्रमिकों के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ की सुविधा भी शुरू की गई है, ताकि वो देश में कहीं भी जाएँ, उन्हें राशन के लिए भटकना न पड़े। हमारे दिव्यांग भाई-बहनों की क्या शक्ति है, ये हमने हाल के पैरालंपिक में फिर अनुभव किया है। बीते वर्षों में दिव्यांगों को सशक्त करने के लिए भी कानून बनाए गए हैं, उनको नई सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जो गरीब कभी शौच के लिए खुले में जाने को मजबूर था, उब गरीब को जब शौचालय मिलता है, तो उसे गरिमा भी मिलती है।जो गरीब कभी बैंक के भीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था उस गरीब का जब जनधन अकाउंट खुलता है, तो उसमें हौसला आता है, उसकी गरिमा बढ़ती है।


इस मौक़े पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मानवाधिकार आयोग ने अपने 28 साल के कार्यकाल में 20 लाख केसों का निपटारा किया है। आयोग ने नई जागृति और नई चेतना जगाने का काम किया है, इसके लिए के सभी सदस्यों को शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि आयोग ने हर क्षेत्र के पीड़ितों की आवाज़ बनने का काम किया है और उम्मीद है वह आगे भी पीड़ितों की आवाज़ बनते रहेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद जो काम साथ वर्षों में नहीं हुआ उसे पूरा किया जाने लगा। समाज के सबसे गरीब और आख़िरी पंक्ति में खड़े लोगों को भी समान अधिकार उपलब्ध कराया गया। इसके लिए मोदी सरकार ने दस करोड़ महिलाओं को शौचालय दिया गया, चार करोड़ घरों में बिजली पहुँचाने का काम किया गया। इसके साथ ही 13 करोड़ महिलाओं को गैस चूल्हा दिया। सात करोड़ ग़रीबों के पाँच लाख तक का स्वास्थ्य का खर्च सरकार उठाती है। मोदी सरकार ने ग़रीबों के मानवाधिकार की रक्षा करने का काम किया है।



...

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सोमवार देर रात सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) के तीन आतंकवादी मारे गए। इनमें से एक आतंकवादी हाल में श्रीनगर में बिहार के एक फेरी वाले की हत्या में शामिल था। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।


पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में इमामसाहब इलाके के तुलरान में सोमवार रात को घेराबंदी कर तलाश अभियान चलाया।


उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद बलों ने जवाबी कार्रवाई की और तलाश अभियान मुठभेड़ में बदल गया। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए।


पुलिस ने बताया कि ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से संबद्ध टीआरएफ से संबंधित थे। कश्मीर जोन पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ''शोपियां मुठभेड़ की जानकारी : लश्कर-ए-तैयबा (टीआरएफ) के तीन आतंकवादी मारे गए। (आतंकवादियों की) पहचान का पता लगाया जा रहा है। हथियार और गोला बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। तलाश जारी है।''


इसके बाद, कश्मीर के आईजीपी (पुलिस महानिदेशक) विजय कुमार ने बताया कि तीन आतंकवादियों में से एक आतंकवादी बिहार के रहने वाले फेरीवाले वीरेंद्र पासवान की हत्या में शामिल था। कश्मीर जोन पुलिस ने आईजीपी के हवाले से ट्वीट किया, ''शोपियां मुठभेड़ की जानकारी : तीन आतंकवादियों में से एक की पहचान गंदेरबल के मुख्तार शाह के रूप में हुई है, जो बिहार के एक फेरीवाले वीरेंद्र पासवान की हत्या के बाद शोपियां चला गया था।''


पासवान की पांच अक्टूबर को शहर के हवल इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आतंकवादियों ने उस दिन बांदीपोरा जिले के नायदखाई इलाके में एक स्थानीय टैक्सी अड्डे के अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन की भी हत्या कर दी थी।



...