सांसद आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने दिए जमानत के आदेश

नई दिल्ली।जाने आलम: आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अबदुल्ला खान को जमानत का आदेश दिया है। कोर्ट ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके पुत्र अबदुल्ला खान की जमानत की अनुमति दे दी। इन दोनों पर आपराधिक मामला दर्ज है। यह आदेश चार सप्ताह के बाद लागू होगा। इस बीच उत्तर प्रदेश के निचली अदालत में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा, बता दें कि अब्दुल्लाह के खिलाफ कई अन्य मामले भी हैं इसलिए जेल से उनकी रिहाई मुश्किल है। वहीं आजम खान की जमानत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने आपत्ति जताई है। इसपर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या इस मामले में अभी भी कस्टडी की जरूरत है, इस पर उत्तर प्रदेश की ओर से वकील एसवी राजू ने बताया कि आजम खान के खिलाफ कई गंभीर मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।  हालांकि आजम खान के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि 280/2019 FIR मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

सिब्बल ने कहा कि सरकार ने पासपोर्ट और पैन कार्ड मामले में अलग-अलग FIR दर्ज किया जबकि इस मामले में मुख्य प्राथमिकी में आजम खान को जमानत मिल चुकी है। सिब्बल ने कोर्ट में बताया कि मामले में दूसरा पैन कार्ड और दूसरा जन्म प्रमाणपत्र बनाया गया था। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार कहा ने कि पहला पैन कार्ड मौजूद होने के बाद भी दूसरे पैन कार्ड को जारी कराया गया और पहले पैन कार्ड की जानकारी छुपाई गई। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा आजम खान अभी अस्पताल में हैं। सरकार ने यह भी बताया कि पाकिस्तान गए एक शख्स के लाखों रुपये संपत्ति को गलत तरीके से अपने नाम कर लिया गया।

...

पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा गत दिवस इमोसनली नियुक्तियों पर पुनर्विचार करके उन्हें रद्द करने की मांग

चंडीगढ़/जालंधर, । पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सुनील जाखड़ ने कहा है कि देश के लिए न्योछावर होने वालों के प्रति देश व समाज हमेशा ही कृत्ज्ञ रहता है पर गत दिवस जिस तरह तरस के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं उनमें से कुछ को इस श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा। इसलिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस फैसले पर पुनर्विचार करके इन नियुक्तियों को रद्द करने का आग्रह किया है।



आज यहां से जारी बयान में श्री जाखड़ ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कैबिनेट द्वारा गत दिवस लिए गए बहुत सारे लोग कल्याणकारी फैसलों जैसे के छठा वेतन आयोग लागू करना व हजारों सफाई कर्मचारियों को नियमित करना आदि को भी अपनी परछाई में ले लिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बहुत लंबे समय तक प्रभाव पड़ेंगे । उन्होंने कहा कि बेशक देश के लिए कुर्बानी करने वालों के प्रति राष्ट्र हमेशा ही शुक्रगुजार रहता है पर गत दिवस के फैसले व कुछ लाभ पात्रों के पिछोकड़ को देखते हुए इस फैसले को तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि इससंबंधी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को गलत सलाह दी गई है, क्योंकि इस फैसले के बाद सरकार पर भाई भतीजावाद व कुछ लोगों की सियासी पुष्तपनाही के आरोप लगेंगे जो कि सही नहीं होगा ।उन्होंने कहा के चुने हुए नुमाइंदे लोगों के हित की बात करते ही अच्छे लगते हैं ना के अपने परिवार के सदस्यों के लिए लाभ की इच्छा रखते हुए I प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए जनहित में इन नियुक्तियों को तुरंत रद्द करें।

...

पति की शहादत के बाद पत्नी ने ज्वॉइन की ‘इंडियन आर्मी’, पुलवामा हमले में हुए थे शहीद

नई दिल्ली : फरवरी 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के दहशतगर्दों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल, जिनको एससी (पी) से सम्मानित किया गया था। आज उनकी पत्नी नितिका कौल ने भारतीय आर्मी ज्वाइन कर ली है।  सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने उनकी वर्दी पर अपने हाथों से चमचमाते हुए सितारे लगाए। आर्मी ज्वाइन करने के पश्चात् अब वह ‘लेफ्टिनेंट नितिका ढौंडियाल’ बन गईं हैं। नितिका ने आज इंडियन फोर्स की वर्दी पहनी तथा शहीद मेजर विभूति शंकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।


बता दें कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर 14 फरवरी, 2019 को हुए आतंकवादी हमले के दौरान 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद ही पुलवामा के पिंगलान गांव में आतंकियों को ढेर करने के लिए सेना ने ऑपरेशन चलाया था। पिंगलान में हुए इस एनकाउंटर में 18 फरवरी, 2019 को चार सैनिक शहीद हुए थे जिनमें कश्मीर में 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात मेजर रैंक के ऑफिसर विभूति शंकर ढौंडियाल भी शामिल थे। राष्ट्र के लिए बलिदान देने पर उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उस समय मेजर ढौंडियाल और नितिका की शादी को 10 माह ही हुए थे। शादी की पहली सालगिरह भी न मना पाने वाली नितिका कौल ने अपने पति को एक बहादुर सैनिक बताते हुए कहा था कि उन्‍हें इस बात का पूरा भरोसा है कि उनके पति की शहादत और ज्‍यादा लोगों को सेनाओं में जाने के लिए प्रेरित करेगी।


मेजर ढौंडियाल का शव जब उनके गृहनगर पहुंचा था तो पत्नी नितिका ने गर्व के साथ अपने पति को सैल्‍यूट किया। नितिका ने उस समय कहा था कि आपने मुझसे झूठ कहा था कि आप मुझसे प्‍यार करते हो। आप मुझसे नहीं बल्कि अपने देश से ज्‍यादा प्‍यार करते थे और मुझे इस बात पर गर्व है। शादी के नौ माह बाद ही महज 27 साल की उम्र में ही वीर नारी बनीं नितिका ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि वह कोई बेचारी नहीं हैं बल्कि एक बहादुर शहीद की पत्‍नी हैं और उन्‍हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। नितिका ने अपने बहादुर पति को नम आंखों से ‘जय हिंद’ बोलकर अंतिम विदाई दी थी। उस वक़्त अपने पति की अर्थी को सैल्यूट करते एक तस्वीर भी वायरल गुई थी। निकिता आज मुल्क के लाखों फौजियों, फौज के अफसरों और उनके खानदान की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं।


नितिका ने अपने पति की शहादत के छह महीने बाद शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) परीक्षा और सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के साक्षात्कार को अनुमति दे दी। 30 साल की नितिका ने पिछले वर्ष शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए चेन्नई में अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में नियुक्त किया गया। लेफ्टिनेंट निकिता कौल ने सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आज भारतीय सेना में शामिल होकर अपने पति को सही मायने में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह वास्तव में उनके लिए गर्व का क्षण था क्योंकि सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने खुद अपने हाथों से आज निकिता के कंधों पर चमचमाते सितारों को लगाया। अब वह भी पति की तरह आर्मी ऑफिसर की वर्दी पहनकर दुश्मनों से जंग करने के लिए तैयार हैं।


चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद नितिका ने अपने अनुभव बांटते हुए कहा कि पिछले 11 महीने में मैंने उसी यात्रा का अनुभव किया है जिससे उनके पति गुजरे हैं। मेरा मानना है कि वह हमेशा मेरे जीवन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। मेरे जीवन के पिछले 11 महीने महत्वपूर्ण रहे हैं, इस यात्रा के दौरान परिवार के सभी सदस्यों का सहयोग मिला। नीतिका ने अपने सास-श्वसुर का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पति के शहीद होने के बाद सेना में शामिल होने के लिए उन्होंने ही प्रोत्साहित किया जिसका नतीजा है कि आज मैं इस मुकाम पर हूं। उन्होंने महिलाओं को सन्देश देते हुए कहा कि जीवन में चुनौतियां बहुत हैं लेकिन अगर खुद पर भरोसा रखें तो आत्मविश्वास इन कठिनाइयों को आसान बना देता है।





...

अरविंद केजरीवाल ने किया तिरंगे का अपमान, संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल का दावा

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टेलीविजन पर प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने और भारतीय ध्वज संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को हिंदी में केजरीवाल को लिखे अपने पत्र में पटेल ने कहा कि केजरीवाल के हालिया वायरल सम्मेलनों के दौरान प्रदर्शित झंडों में हरी धारियों को विकृत और बड़ा किया गया था और सफेद को कम किया गया था। पटेल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मैं अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहा था और देखा कि उनके पीछे हरी झंडों की धारी बढ़ी हुई है। यह राष्ट्रीय ध्वज के चित्रण पर नियमों के अनुसार नहीं है। झंडे की मर्यादा बनाए रखने के लिए मैंने उन्हें पत्र लिखा है। पटेल ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को लिखे अपने पत्र में कहा है कि अरविंद केजरीवाल जब भी टीवी चैनल पर संबोधन करते हैं तो उनकी कुर्सी के पीछे लगे राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप पर बेबस ही ध्यान चला जाता है, क्योंकि वह मुझे अपनी गरिमा एवं संवैधानिक स्वरूप से भिन्न प्रतीत होता है। राष्ट्रीय ध्वज को सजावट के लिए जैसे तैयार करके लगाया गया है बीच के सफेद हिस्से को कम करके हरे हिस्से को जोड़ दिया गया लगता है, जो भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा निर्दिष्ट भारत झंडा संहिता में उल्लिखित भाग 1 के 1.3 में दिए गए मानकों का प्रयोग नहीं दिखाई देता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जाने-अनजाने में ऐसे कृत्य की अपेक्षा नहीं करते हुए इस ओर आपका ध्यानाकर्षण चाहता हूं। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने अपने पत्र में कहा है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिस तरह से झंडा लगाया जाता है, उससे लगता है कि राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान देने की बजाय उसका इस्तेमाल सजावट के लिए किया जाता है।




...

मुख्यमंत्री योगी ने शहीद के परिवार को दिए पचास लाख की आर्थिक मदद

गोरखपुर : श्रीनगर कुलगांव में बीते सोमवार को आतंकी हमले में शहीद हुए गोरखपुर के कमांडो नवीन सिंह के परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शहीद के नाम से सड़क बनवाने की भी घोषणा की है।


पहाड़ों पर रहने वाले जरुरतमंदों को राशन पहुंचाने जा रही सेना की गाड़ी पर सोमवार को आतंकवादियों ने श्रीनगर कुलगांव के पास हमला बोल दिया था। गाड़ी में सवार गोरखपुर जनपद खजनी के भगवानपुर के कमांडो नवीन सिंह (23) शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री योगी ने शहीद की शहादत को नमन करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाए व्यक्त की हैं।


शहीद नवीन के पिता जय प्रकाश सिंह वर्ष 2006 में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। नवीन चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। वह अविवाहित था। जबकि उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई विकास सिंह लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। 



...

नेपाल में सरकार गठन के प्रयास तेज, राष्ट्रपति ने दावा पेश करने के लिए दलों को तीन दिन का वक्त दिया

काठमांडू : प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार के विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के बाद नेपाल की राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने नई सरकार बनाने की खातिर बहुमत साबित करने के लिए विभिन्न दलों को बृहस्पतिवार तक का वक्त दिया है।


राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76 (2) के तहत राष्ट्रपति ने बहुमत की सरकार का गठन करने के लिए विभिन्न दलों को आमंत्रित करने का फैसला लिया है।


हिमालयन टाइम्स की खबर के मुताबिक, भंडारी ने सियासी दलों को तीन दिन का वक्त दिया है और कहा है कि वे बृहस्पतिवार की रात नौ बजे तक अपना दावा पेश करें।


उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी के निर्देश पर संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के आहूत विशेष सत्र में प्रधानमंत्री ओली की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में केवल 93 मत मिले थे जबकि 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया। विश्वास प्रस्ताव के दौरान कुल 232 सदस्यों ने मतदान किया जिनमें से 15 सदस्य तटस्थ रहे।


ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी क्योंकि चार सदस्य इस समय निलंबित हैं।


नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के पुष्पकमल दहल की अगुवाई वाले गुट ने 69 वर्षीय ओली के नेतृत्व वाली सरकार से कुछ ही दिन पहले समर्थन वापस लिया था।








Powered by Froala Editor

...

राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी किस्त जारी, 17 राज्यों को मिले 9871 करोड़ रुपये

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने राज्यों को आर्थिक मदद देने के लिए राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी किस्त जारी कर दी है। इस दूसरी किस्त में 17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। ये जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में दी गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर चल रही देशव्यापी कोशिश में केंद्र सरकार राज्य सरकारों को हर संभव तरीके से मदद करने की कोशिश कर रही है। इसी कोशिश के तहत वित्त मंत्रालय ने मई के महीने में राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी किस्त जारी की है। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी सरकार ने राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान की पहली किस्त जारी की थी। दो किस्तों में अभी तक केंद्र सरकार राज्यों को कुल 19,472 करोड़ रुपये की राशि राजस्व घाटा अनुदान के रूप में जारी कर चुकी है। केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी देने के बाद राजस्व खाते में जो अंतर रह जाता है, उसे पूरा करने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों को राजस्व घाटा अनुदान देती है। राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत वित्त आयोग की ओर से की जाती है। उल्लेखनीय है कि 15वें वित्त आयोग ने देश के 17 राज्यों को राजस्व घाटा पूरा करने के लिए तत्संबंधी अनुदान देने की सिफारिश की थी। राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी किस्त जारी करने के पहले केंद्र सरकार 1 मई को राज्यों को आपदा कोष के तहत भी केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 8,873.6 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है। इस राशि को जारी करते वक्त केंद्र सरकार ने साफ कर दिया था कि आपदा कोष के तहत दी जाने वाली राशि का 50 फीसदी यानी 4,436.8 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल कोरोना संक्रमण के रोकथाम में किया जा सकेगा। राज्यों को आपदा कोष की ये राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर जारी की गई थी। उल्लेखनीय है कि आपदा कोष के तहत केंद्र सरकार की ओर से आमतौर पर जून महीने में राशि का आवंटन किया जाता है लेकिन देशव्यापी कोरोना संकट को देखते हुए इस साल ये राशि समय से पहले ही जारी कर दी गई है। आपदा कोष की राशि के आधे हिस्से का इस्तेमाल राज्य सरकार अपने अस्पतालों में चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने, वेंटिलेटर की व्यवस्था करने, एयर प्यूरीफायर लगाने, एंबुलेंस सेवा को मजबूत करने और कोविड केयर सेंटर तैयार करने में कर सकती है। ...

पश्चिम बंगाल : कई आईएएस अधिकारियों का तबादला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को विभिन्न रैंक के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। बृहस्पतिवार शाम जारी आदेश के अनुसार, कोलकाता महानगर विकास परिषद के सीईओ पी उलगानाथन को दक्षिण 24 परगना जिले का जिलाधिकारी बनाया गया है। पश्चिम वर्द्धमान जिले के जिलाधिकारी (डीएम) अनुराग श्रीवास्तव का पश्चिम बंगाल मिनरल डेवलपमेंट एंड ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड में तबादला किया गया है। आदेश के अनुसार, दार्जिलिंग के डीएम शशांक सेठी को नादिया का डीएम जबकि विभु गोयल, संयुक्त सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को पश्चिम वर्द्धमान जिले का डीएम बनाया गया है। डब्ल्यूबीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक एस पोन्नामबलम को दार्जिलिंग का डीएम बनाया गया है। एक अन्य आदेश के अनुसार, आईपीएस काडर में पश्चिम जोन के एडीजी आईजीपी डॉ. राजेश कुमार और अलीपुर के एसपी (पुलिस अधीक्षक) को अनिवार्य प्रतीक्षा में रखा गया है। आदेश के अनुसार, एसपी हावड़ा (ग्रामीण) श्रीहरि पांडे और पूर्वी वर्द्धमान के एसपी अजित सिंह को भी अनिवार्य प्रतीक्षा में रखा गया है। बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के डीसी उत्तरी जोन अमरनाथ के. को पूर्वी मिदनापुर जिला का एसपी बनाया गया है। पदभार संभालने के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार को शीर्ष स्तर के 29 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया। इनमें अधिकतर वे अधिकारी थे जिनका तबादला चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने किया था। ...

एमके स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली

चेन्नई : विधानसभा चुनाव में द्रमुक को मिली भारी जीत के बाद पार्टी अध्यक्ष मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने 68 वर्षीय स्टालिन को राजभवन में आयोजित साधारण समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। स्टालिन पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं। विपक्षी अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ओ पनीरसेल्वम, कांग्रेस के पी चिदंबरम समेत गठबंधन के नेता, एमडीएमके अध्यक्ष वाइको और राज्य के शीर्ष अधिकारी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया था और सभी ने मास्क लगाया हुआ था। ...

उपराष्ट्रपति ने अजीत सिंह के निधन पर दुख जताया

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (रालेद) के प्रमुख चौधरी अजीत सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया और कहा कि कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उपराष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजनेता चौधरी अजीत सिंह के असामयिक निधन का समाचार पा कर दुखी हूं। कृषि और कृषकों की प्रगति में आपका योगदान सदैव आदरपूर्वक याद किया जाएगा। शोक की इस घड़ी में मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं उनके परिजनों व सहयोगियों के साथ हैं। मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।’’ चौधरी अजीत सिंह 20 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। उनके पुत्र व मथुरा के पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने आज उनके निधन की जानकारी दी। गुरुग्राम के निजी अस्पताल में सिंह का इलाज चल रहा था। उन्होंने अपने पिता की एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ‘‘चौधरी साहब नहीं रहे।’’ अजीत सिंह ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। ...

राजदूतों पर जल्द ही हो सकती है औपचारिक घोषणाएं : व्हाइट हाउस

वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन राजदूत संबंधी कई पदों के लिए जल्द ही औपचारिक घोषणाएं कर सकते हैं। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी। बहरहाल, व्हाइट हाउस ने भारत में अमेरिका के अगले राजदूत को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर टिप्पणी नहीं की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बुधवार को नियमित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं यहां से कोई निजी घोषणा नहीं कर सकती लेकिन उम्मीद है कि हम जल्द ही राजूदतों पर और औपचारिक घोषणाएं करेंगे।’’ साकी मीडिया में आई एक खबर पर जवाब दे रही थीं जिसमें कहा जा रहा है कि लॉस एंजिलिस के मेयर एरिक गार्सेट्टी भारत में अगले राजदूत हो सकते हैं। इससे एक दिन पहले एक समाचार पोर्टल ने कहा कि बाइडन लॉस एंजिलिस के मेयर को संभवत: भारत में राजदूत बनाने पर विचार कर रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत का पद 20 जनवरी से खाली है। पूर्णकालिक राजदूत की अनुपस्थिति में विदेश सेवा संस्थान के निदेशक डेनियल स्मिथ को अंतरिम कार्यभार संभालने के लिए भारत भेजा गया। ...

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उप्र सरकार को सही आईना दिखाया, जवाबदेही तय हो : प्रियंका

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा ‘नरसंहार’ करार दिए जाने के बाद बुधवार को कहा कि अदालत ने राज्य की भाजपा सरकार को सही आईना दिखाया है तथा अब जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने सरकार को सही आईना दिखाया है। उप्र सरकार ऑक्सीजन की कमी की बात को लगातार झुठलाती रही। कमी की बात बोलने वालों को धमकी देती रही। जबकि सच्चाई ये है कि ऑक्सीजन की कमी से लगातार मौतें हुई हैं और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।’’ कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने ऑक्सीजन की कमी का हवाला देते हुए दावा किया, ‘‘सरकार कहती है कि कोई अभाव नहीं है। लेकिन जमीन पर लोग सरकार के इस बयान की सच्चाई बता रहे हैं। अभाव ही अभाव है। अभाव के चलते ब्लैक मार्केटिंग वाले आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। बस सरकार का कोई अता - पता नहीं है।’’ गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ऑक्सीजन की कमी से हुई कोविड-19 मरीजों की मौत से जुड़ी खबरों पर संज्ञान लेते हुए लखनऊ और मेरठ के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इनकी 48 घंटों के भीतर तथ्यात्मक जांच करें। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने राज्य में संक्रमण के प्रसार और पृथक-वास केन्द्र की स्थिति संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अदालत ने कहा, “हमें यह देखकर दुख हो रहा है कि अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने से कोविड मरीजों की जान जा रही है। यह एक आपराधिक कृत्य है और यह उन लोगों द्वारा नरसंहार से कम नहीं है जिन्हें तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की सतत खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है।” ...

कोरोना मरीजों के लिए पुलिस की 5 नई ईनोवा गाडियां एंबुलैंस के तौर पर नि:शुल्क उपलब्ध

कैथल : कोरोना मरीजों की बढ़ती सख्या के दृष्टिगत एंबुलैंसों की कमी के चलते हुए कैथल पुलिस को प्राप्त हुई 5 नई ईनोवा गाडियां कोरोना मरीजों के लिए एंबुलैंस के तौर पर नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। विदित रहे कि कैथल पुलिस को हरियाणा पुलिस मुख्यालय की मार्फत 5 नई ईनोवा गाडियां प्राप्त की गई हैं। जिनको कोरोना संक्रमण काल के चलते पुलिस द्वारा कोरोना योद्धा के रुप में अग्रिम पंक्ति पर कार्य करते हुए एंबुलैंस के तौर पर प्रयोक करते हुए कोविड-19 मरीजों को नि:शुल्क अस्पताल पहुंचाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक लोकेद्र सिंह सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि देखने में आ रहा है कि कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे के कारण एंबुलैस की कमी है, जिसके चलते प्राईवेट एंबुलैंस के मालिकों द्वारा मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाईन स्थित परिवहन शाखा में उपलब्ध 5 ईनोवा गाडियों को कोरोना मरीजों की बढ़ती सख्या के दृष्टिगत एंबुलैंसों की कमी के चलते हुए कोरोना मरीजों को नि:शुल्क हस्पलाल में पहुंचाने के लिए एंबुलैंस के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। जिसके दौरान कोरोना पोजिटिव मरीजों को ये गाडियां नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके लिए उपपुलिस अधीक्षक कैथल-2 राज सिंह मोबाईल नं. 9053052105 को बतौर नोडल अधिकारी तथा जिला कल्याण निरिक्षक दर्शना देवी मोबाईल नं. 9729429740 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उक्त सभी गाडियों पर बतौर चालक एचसी राजीव कुमार, ईएचसी रघबीर सिंह, ईएचसी विकास, सिपाही दिलबाग सिंह, ईएचसी सुधीर, ईएएसआई शेरसिंह, ईएचसी राजेश कुमार, सिपाही शक्ति सिंह, ईचसी कर्मबीर सिंह तथा सिपाही हरप्रीत सिंह को बतौर चालक नियुक्त कर दिए गए। जो कोरोना काल में अग्रिम पक्ति पर कोरोना योद्धा के रुप में काम करते हुए आपात काल की स्थिती में गंभीर कोविड-19 मरीजों को अस्पताल पहुंचाएगें। ...

लोकतंत्र को खतरे के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति के लिए जी7 मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे जयशंकर

लंदन : विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार शाम जी7 समूह देशों के नेताओं के साथ पहली बार मुलाकात करेंगे और लोकतंत्र को खतरे जैसे बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर निर्णायक कार्रवाई को लेकर सहमति के लिए दुनिया के अग्रणी लोकतांत्रिक देशों के कुछ विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी शुरू होने के बाद से यह पहला बड़ा राजनयिक सम्मेलन है जो ऑनलाइन नहीं हो रहा। यह 2019 के बाद जी7 विदेश मंत्रियों की पहली बैठक है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब इस चर्चा का नेतृत्व करेंगे, जिसमें लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को कमजोर करने का खतरा पैदा करने वाले भूराजनैतिक मुद्दों पर बात होगी। इन मुद्दों में रूस, चीन और ईरान के साथ संबंध, म्यांमा में संकट तथा इथियोपिया एवं सीरिया में मौजूदा हिंसा जैसे मामले शामिल हैं। लंदन स्थित लैंकास्टर हाउस में जी7 देशों - कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन के विदेश मंत्री, यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्री तथा अतिथि देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका के मंत्री और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) विदेश मंत्रियों की बैठक के अध्यक्ष सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित रहेगा। राब ने कहा, ‘‘ब्रिटेन को ऐसे वक्त में जी7 की अध्यक्षता करने और लोकतांत्रिक समाज को एकसाथ लाने तथा एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर मिला, जब साझा चुनौतियों और बढ़ते खतरों से निपटने के लिए इसकी सबसे अधिक जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया, भारत और कोरिया गणराज्य तथा दक्षिण अफ्रीका से हमारे मित्रों समेत आसियान के अध्यक्ष का जुड़ना जी7 में हिंद प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।’’ विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि ब्रिटेन एक मेजबान देश के नाते बैठक के दौरान जी7 एवं हिंद प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग एवं मजबूत कारोबारी संबंध विकसित करने, स्थिरता सुनिश्चित करने के अलावा जलवायु परिवर्तन से निपटने में ब्रिटेन का दृष्टिकोण रखेगा। जयशंकर सोमवार को लंदन पहुंचे और बृहस्पतिवार को केंट में राब के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। ...

अभिनेता सोनू सूद की अपील, कोरोना से अपने परिजनों को खो चुके बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे सरकार, प्रियंका चोपड़ा ने भी किया समर्थन

मुंबई :प्रियंका चोपड़ा जोनास ने अपने साथी अभिनेता सोनू सूद के इस अनुरोध का सोमवार को समर्थन किया कि सरकार उन बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया कराये जो कोविड-19 महामारी की वजह से अपने माता-पिता को गंवा बैठे। पिछले सप्ताह ट्विटर पर साझे किये गये वीडियो में सूद (47) ने केंद्र, राज्य सरकारों, निजी संस्थानों एवं प्रभावशाली हस्तियों से कोरोना वायरस महामारी के चलते खराब वित्तीय हालत से गुजर रहे बच्चों का सहयोग करने का अनुरोध किया था। उन्होंने इसे शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल को भी टैग किया था। सूद के पोस्ट को साझा करते हुए प्रियंका चोपड़ा जोनास(38) ने कहा कि वह न केवल उनके समयोचित बयान बल्कि समाधान उन्मुख कार्य से ‘प्रेरित’ हुई हैं।उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘ कोविड के चलते प्रभावित हुए बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करने का सोनू का सुझाव राज्य एवं केंद्र सरकार दोनों के लिए है। ’’ उन्होंने लिखा, ‘‘भले ही वे अध्ययन के किसी भी चरण जैसे स्कूल, कॉलेज या उच्च शिक्षा के स्तर पर हों। इसका (सुझाव का) लक्ष्य यह है कि उनकी पढ़ाई खासकर पैसे के अभाव में रूक न जाए। यदि इसकी अनदेखी की गयी तो बड़ी संख्या में बच्चे बालिग के तौर पर मौके से वंचित रह जायेंगे। ’’उन्होंने लोगों से कम से कम एक छात्र की शिक्षा का सहयोग करने या उसे मदद कर सकने वाले संस्थान ढूढने की अपील की। प्रियंका ने कहा, ‘‘ मैं सोनू के विचारों का पूरा समर्थन करती हूं और मैं शिक्षा में सहयोग के रास्ते ढूंढने की दिशा में बढ़-चढ़कर काम करूंगी क्योंकि मेरा हमेशा मानना रहा है कि हर बच्चे के लिए शिक्षा उसका जन्मसिद्ध अधिकार है और हम बतौर समाज इस वायरस को उसे बदलने नहीं दे सकते।’’ ...

कोरोना 'काल'- केंद्र दोषी या राज्य सरकारें

कोरोना वायरस की ताजा लहर ने भारत को हिला कर रख दिया है। यह कोई इतिहासकार ही बता सकता है कि क्या भारत के समक्ष पहले भी कभी इस तरह की विपत्ति, संकट या चुनौती आई थी? यह समय सबको राजनीतिक भेदभाव भुलाकर मिल- जुलकर कोरोना का मुकाबला करने का है। क्योंकि इस वैशिवक महामारी से लड़ने का यही एकमात्र रास्ता और विकल्प भी है। पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस मौके को अपने लाभ के लिए भुनाना चाहते हैं। दोनों कोरोना के कारण देश में उत्पन्न स्थिति के लिए लगातार केन्द्र सरकार को दोषी बता रहे हैं। यदि इन्हें भारत के संविधान की रत्ती भर भी समझ होती तो ये शांत रहते और सरकार का साथ दे रहे होते। पर इन्होंने कभी संविधान को जाना समझा होता तब न? इन्हें इतना भी नहीं पता कि स्वास्थ्य क्षेत्र भारत के संविधान की राज्य सूची में है। हालांकि स्वास्थ्य क्षेत्र को संविधान के तहत समवर्ती सूची में स्थानांतरित किए जाने की मांग होती रही है। परन्तु, अभी 'स्वास्थ्य' का विषय पूर्णतः राज्य सूची में आता है। इस बात को यूं भी समझा जा सकता है कि संविधान में तमाम विषयों को केन्द्र, राज्य और समवर्ती सूची में रखा गया है। अगर स्वास्थ्य राज्य सूची में है तो फिर आजकल राज्यों में स्वास्थ्य क्षेत्र की जो दयनीय स्थिति सामने आ रही है उसके लिए केन्द्र सरकार किस तरह जिम्मेदार है। राज्यों ने अपने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं को स्तरीय क्यों नहीं बनाया? क्या इस सवाल का जवाब सोनिया गांधी या उनके यशस्वी पुत्र राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और बंगाल की तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी ममता बनर्जी देना चाहेंगे? इसमें कोई शक नहीं है कि 'स्वास्थ्य' को समवर्ती सूची में शिफ्ट करने से केंद्र को राज्यों के स्वास्थ्य सेक्टर को और गंभीरता से देखना पड़ता। क्या कभी कांग्रेस शासित राज्यों ने इस तरह की मांग की? अब जब कोरोना के कारण देश छलनी हो रहा है तो कुछ नेताओं को तो मानो एक मुद्दा हाथ लग गया केंद्र सरकार को सुबह-शाम पानी पी-पीकर कोसने का। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कोरोना के मौजूदा हालात को लेकर मोदी सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखे हमले बोल रहे हैं। वे इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को ही जिम्मेदार मान रहे हैं। देखा जाए तो अधिकतर राज्यों का अपने स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने को लेकर रवैया बेहद ठंडा रहा है। एक उदाहरण लीजिए। पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. बी.सी. राय (जन्म: 1 जुलाई, 1882 - मृत्यु: 1 जुलाई, 1962) ने अपने राज्य की राजधानी कोलकाता में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण के प्रस्ताव को मानने से ही इंकार कर दिया था। एम्स दिल्ली में न स्थापित होता तो क्या होता। यकीन मानिए कि तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर चाहती थी कि एम्स का निर्माण पश्चिम बंगाल की राजधानी में हो, पर यह प्रस्ताव डॉ.बी.सी. राय को रास नहीं आया। उन्होंने इसे ठुकरा दिया। फिर यह 1956 में दिल्ली में बना। इस एक उदाहरण से समझा जा सकता है कि भारतीय राज्य अपने यहां स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कोई बहुत गंभीर नहीं रहे हैं। इन्होंने स्तरीय अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण करने के बारे में भी कभी कोई नीति नहीं बनाई । एम्स भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर के ही विजन का परिणाम है। वह गांधीजी की प्रिय शिष्या थीं। एम्स के डॉक्टर रोगियों को पूरे मन से देखते हैं। इधर समूचे उत्तर भारत या कहें कि हिन्दी भाषी राज्यों और बंगाल-उड़ीसा तक के रोगी आते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रोगियों को दिल्ली एम्स पर खासा यकीन है। बिहार के पटना, दरभंगा, किशनगंज, अररिया, मुजफ्फरपुर वगैरह के तमाम रोगी इधर से स्वस्थ होकर ही घर वापस जाते हैं। आखिर सब राज्यों में एम्स जैसे पांच-सात अस्पताल क्यों नहीं खुले। केन्द्र तो हर साल के अपने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी एक निश्चित धनराशि रखता है। वह धनराशि सभी राज्यों को बाँट दी जाती है। आगे राज्य उसे अपनी मर्जी से खर्च करते हैंI राज्यों को अपनी आबादी और जरूरतों के हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करनी चाहिए थी। उस तरफ ज्यादातर राज्यों का ध्यान नहीं गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बार-बार कहती रही कि उसने मोहल्ला क्लीनिक बनाए। क्या कोई बताएगा कि इस कोरोना काल में उनका क्या हुआ? अभी तो देश को कोरोना को हराना होगा। एकबार कोरोना को मात देने के बाद नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने के संबंध में भी ठोस कार्यक्रम बनाना होगा। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या उस तरह से बढ़ नहीं सकी है। नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेजों में दाखिले पारदर्शी तरीके से हों और इनमें उच्चस्तरीय फैक्ल्टी आए। मान लीजिए कि हमारे यहां मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों के स्तर पर जमकर धांधली होती रही है। इसके चलते हजारों-लाखों मेधावी छात्र डॉक्टर बनने से वंचित रह गए। दरअसल देश के 6 राज्यों, जो भारत की आबादी का 31 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहां 58 फीसदी एमबीबीएस सीटें हैं; दूसरी ओर, आठ राज्य जहां भारत की आबादी के 46 फीसदी लोग रहते हैं, वहां केवल 21 फीसदी एमबीबीएस सीटें हैं। यह चिकित्सा- शिक्षा में भारी असंतुलन और गड़बड़ी की तरफ इशारा करता है। सामान्य रूप से स्वास्थ्य की कमी को गरीबी के साथ जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, कुपोषित बच्चों के उच्चतम अनुपात वाले राज्यों में झारखंड और छत्तीसगढ़ में संस्थागत प्रसव के लिए सबसे खराब बुनियादी ढांचा है। इन सब बिन्दुओं पर अब काम करना होगा। अगर स्वास्थ्य क्षेत्र राज्यों का विषय है तो इसका यह मतलब नहीं है कि केन्द्र सरकार की राज्यों के हेल्थ सेक्टर को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं है। केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्यों को शोध और नई योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन देते रहना होगा। केन्द्र तथा राज्य सरकारों को देश के सभी नागरिकों को सुलभ, सस्ती और पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मिलकर काम करना होगा। हालांकि यह स्वीकार करना होगा कि अभीतक इस बाबत कोई बहुत शानदार काम नहीं हुआ। यह भी जान लिया जाए कि स्वास्थ्य का अधिकार पहले ही संविधान के अनुच्छेद 21 के माध्यम से प्रदान किया गया है जो जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की गारंटी देता है। इसलिये यह चाहिये कि सभी राज्य सरकारें अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी तत्परता से निभायें और बिना वजह इस कोरोना संकट काल में आरोप-प्रत्यारोप में समय गंवाने की बजाय अपने राज्य की जनता को सही और कारगर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करायें I जहाँ तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कोरोना संघर्ष का सवाल है, पूरा विश्व और देश का बच्चा-बच्चा यह जानता है कि शुरू से लेकर अबतक कोरोना से संघर्ष में प्रधानमंत्री मोदी का क्या रोल रहा है I उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात तो शोभा नहीं देती न ? ...

सेना की उत्तरी कमान जम्मू कश्मीर व लद्दाख में पूर्व सैनिकों व परिवारों का ख्याल रखेगी

उधमपुर : देश में कोविड-19 के बदतर होते हालात के मद्देनजर भारतीय सेना की उत्तरी कमान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अपने पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों का ख्याल रखने के लिए एक मजबूत व्यवस्था की स्थापना कर रही है। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने व्यवस्था के गठन के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारियों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा ताकि पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों को सक्रियता से चिकित्सकीय सहायता और उचित देखभाल मिल सके। प्रवक्ता ने कहा कि जोर इस कथन पर है ‘प्रत्येक को सब के लिए और सब को प्रत्येक के लिए’ काम करना चाहिए, लिहाजा कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में कामयाबी हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास अहम हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरी कमान की रणनीति यह है कि प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए और मरीजों को समय पर चिकित्सा प्रतिक्रिया मिले जो गंभीर हो गए हैं। ...

कारोबारी विनोद खोसला भारत के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए एक करोड़ डॉलर दान करेंगे

ह्यूस्टन : भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति कारोबारी विनोद खोसला भारत में अस्पतालों को चिकित्सकीय ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए एक करोड़ डॉलर की राशि दान करेंगे। भारत में कोविड-19 के मामलों में लगातार वृद्धि के मद्देनजर सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक खोसला भारतीय अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए लगातार मदद कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को ट्वीट किया कि लोगों के जीवन को बचाने की आवश्यकता है क्योंकि और देरी करने से अब और लोगों की मौत होगी। खोसला ने कहा, ‘‘भारत को देने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। उन्हें हर दिन भारत भर के गैर लाभकारी एवं अस्पतालों से 20,000 ऑक्सीजन सांद्रक, 15,000 सिलेंडर, 500 आईसीयू बिस्तर, 100 वेंटिलेटर, 10,000 बिस्तर के कोविड सेंटर के लिए अनुरोध मिल रहा है। हमें तत्काल बहुत कुछ करने की जरूरत है।’’ उन्होंने बताया कि खोसला परिवार ‘गिव इंडिया’ पहल के तहत एक करोड़ डॉलर की राशि देगा और वह अन्य लोगों से भी तत्काल मदद करने की आशा करता है। भारत अभी कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है और रोजाना तीन लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं तथा कई अस्पतालों में ऑक्सीजन एवं बिस्तरों की कमी है। ...

चुनावी नतीजे भाजपा अब गंभीर आत्मचिंतन को मजबूर

आगामी 3 सालों में पूरे देश की सरकारों पर चक्रवर्ती राज का सपना देखने वाली देश पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से ऐसी कौन सी बड़ी गलती हो गई जिसके कारण उसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में यह दुर्दिन देखने को मजबूर होना पड़ रहा है ज्यादा नहीं सिर्फ 2 साल पहले ही लोकसभा चुनाव में भारी-भरकम बहुमत प्राप्त कर अपने अकेले बलबूते पर अपनी सरकार स्थापित की और अब सिर्फ 2 साल में उसे देश की सबसे अधिक बुद्धिजीवी वोटरों वाले राज्य पश्चिम बंगाल में यह दिन देखने को बाध्य होना पड़ रहा है। यह बात किसी से भी छुपी हुई नहीं है कि पश्चिम बंगाल पर कब्जा करने के लिए भाजपा ने एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया था और इस राज्य के विधानसभा चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था किंतु ना खुदा ही मिला न विसाले सनम। स्थिति वही कि वही है जो 2 महीने पहले थी आज न सिर्फ ममता दीदी ने अपनी ताकत का सार्वजनिक प्रदर्शन कर भाजपा के दिग्गजों को मात दे दी बल्कि उन्होंने इन परिणामों के माध्यम से खुद को प्रतिपक्ष की सशक्त नेत्री घोषित कर दिया अब जैसे कि आसार नजर आ रहे हैं और देश के सभी भाजपा विरोधी दलों के शीर्ष नेता ममता दीदी को बधाई देने के लिए पंक्ति बना कर खड़े हैं उससे तो ऐसा ही लगता है कि अब पश्चिम बंगाल में मोदी विरोधियों को नेतृत्व करने की क्षमता अर्जित कर ली है देश के शीर्ष नेता शरद पवार कश्मीरी नेता फारूक व उमर अब्दुल्ला दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल सपा नेता अखिलेश यादव आदि कई शीर्ष विरोधी नेता आज ममता दीदी को उनके सामने आत्मसमर्पण की मुद्रा में उन्हें बधाई दे रहे हैं कुल मिलाकर इस चुनाव परिणामों ने न सिर्फ मोदी विरोधी प्रतिपक्ष में एक नई ऊर्जा का संचार किया बल्कि पूरे प्रतिपक्ष को एकजुट होने का मंत्री भी बता दिया अब जहां तक कांग्रेसका सवाल है उसकी स्थिति खिसियानी बिल्ली जैसी है उसने चुनाव पूर्व जिस तरह के ममता दीदी से संबंध बनाकर रखें उनके कारण आज वह स्थिति में नहीं रह गई की अन्य प्रति पक्षी नेताओं की पंक्ति में खड़ी होकर ममता जी को बधाई दे सकें। कुल मिलाकर इन पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने पक्ष प्रतिपक्ष सभी को अपने भविष्य के बारे में गंभीर चिंतन करने को मजबूर कर दिया है। यद्यपि इन चुनाव परिणामों के परिपेक्ष में भाजपा को इस बात पर गर्व करने का पूरा सिम बंगाल में 3 से बढ़कर 73 हो गई अर्थात 2016 के विधानसभा चुनावों में वहां भाजपा को केवल 3 सीटें ही मिल पाई थी जो अब बढ़कर 7 दशक से अधिक हो गई किंतु इसके साथ ही भाजपा के शीर्ष नेताओं को इसपरिपेक्ष मैं अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाने और दिन-रात अविरल मेहनत करे प्रयासों के बारे में भी सोचना चाहिए। यद्यपि आज देश के बुद्धिजीवी वर्ग और यहां तक कि न्यायपालिका का भी यह गंभीर आरोप है कि देश में जो कोरोना महामारी का खतरनाक विस्तार हुआ और उससे जनहानि हुई उसके पीछे देश के शीर्ष सत्ताधारी नेताओं की चुनावी तैयारियों व व्यवस्था दी है यदि केंद्र की पूरी सत्ता पश्चिम बंगाल पर कब्जे में व्यस्त नहीं होती तो इस महामारी से बचाव के रास्ते खोजने के प्रयास हो सकते थे किंतु वह नहीं हो पाए और देश के ढाई लाख से ज्यादा लोग इस महामारी के ग्रास बन गए। इसलिए कुल मिलाकर यह चुनाव परिणाम भाजपा के लिए सुखद तो नहीं कहे जा सकते हैं क्योंकि पांचों राज्यों में भाजपा के हाथ कुछ विशेष नहीं आ पाया किंतु हां यह सही है कि इस चुनाव परिणामों ने भाजपा को अपनी रीति नीति व सत्ता संचालन की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंतन के लिएअवश्य मजबूर कर दिया है यदि वह चिंतन करें तो? ...

मुंडका पुलिस बनी दो परिवार के लिए संजीवन बूटी लाने वाली पुलिस

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस दिन रात लोगों की जरूरत को पूरा करने की कोशिश कर रही है। इस बार मुंडका पुलिस ने दो जरूरतमंद परिवारों को ऑक्सीजन सिलेंडर भेजकर परिवार की जानें बचाई। दोनों ही परिवार ने मुंडका पुलिस का शुक्रिया अदा किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुंडका पुलिस पहले भी कई लोगों की जरूरतों को पूरा करने में दिन रात एक कर चुकी है। एसएचओ मुंडका की देखरेख में पुलिस इलाके में गश्त कर रही है। इस बीच पुलिस टीम को गश्त करते हुए आधा दर्जन खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लावारिस हालात में मिले थे। जिनके बारे में आला अधिकारियों को जानकारी दी गई। पुलिस ने सभी सिलेंडर को जब्त कर लिया। कुछ ही समय बाद पंचशील विहार मालवीय नगर के रहने वाला अब्दुल फतेह रोता हुआ पुलिस के पास आया,जिसने बताया कि उसके पास पैसे नहीं है। उसका परिवार कॉविड से संक्रमित है। अगर वह ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतज़ाम नही कर पाया तो हो सकता है वह अपने परिवार को हमेशा हमेशा के लिए खो दी। अब्दुल को थाने में बैठाया गया। उसको सहायता करने का आश्वासन दिया गया। एसएचओ के निर्देश के तुरंत बाद पुलिस न काजी मशक्कत करके ऑक्सीजन सिलेंडर को भरवाया और अब्दुल को दिया। पुलिस ने अब्दुल और उसके परिवार की हरसंभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया। दूसरे मामले में मुंडका थाने में गगन विहार दीनपुर नजफगढ़ से महिला कॉलर ने फ़ोन किया। जिसने बताया कि उसका पूरा परिवार कॉविड से संक्रमित है। उनको ऑक्सीजन की कमी हो रही है। वह बाहर भी नही निकल सकती। उसकव और परिवार को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है। पुलिस टीम ने देर नही करते हुए। काफी मशक्कत के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतज़ाम किया और कॉलर के घर पर भिजवाया। जिसके बाद परिवार की टेंशन दूर हुई बल्कि परिवार को हालात भी स्थिर हुई। ...

जौनपुर में सपा के पूर्व विधायक उमाशंकर यादव का निधन

जौनपुर : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक उमाशंकर यादव का शनिवार देर रात प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे लगभग 67 वर्ष के थे। पूर्व विधायक श्री यादव को शनिवार को आक्सीजन की कमी महसूस हुई, इनकी तबियत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन जिन्हें प्रयागराज (इलाहाबाद) स्थित पार्वती अस्पताल ले गये जहाँ आक्सीजन लगाया गया, इलाज चल रहा था शनिवार रात करीब दो बजे इनकी मृत्यु हो गयी। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने पूर्व विधायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका अंतिम संस्कार रविवार को जौनपुर जिले में पिलकिछा में स्थित आदि गंगा गोमती के पावन तट पर पूरे नागरिक सम्मान के साथ किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले में बदलापुर तहसील एवं महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजपुर रूखार गांव निवासी उमाशंकर यादव 1993 में प्रदेश में जब सपा-बसपा गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था तो जौनपुर जिले के गड़वारा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी ने इन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था और उस समय ये विधायक चुने गए, बाद में जब गठबंधन टूट गया, तो वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और आज तक समाजवादी पार्टी में कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहे। ...

अनंतनाग में आतंकवादी हमले में पुलिसकर्मी घायल

अनंतनाग : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में शनिवार की शाम आतंकवादियों के हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अनंतनाग के लाजीबल में जब एक पुलिस पार्टी एक अन्य पार्टी से कोविड लॉकडाउन ड्यूटी का फेरबदल करने जा रही थी उसी दौरान आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस घटना में एक पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिसकर्मियों ने भी आतंकवादियों पर जवाबी कार्रवाई की लेकिन वे अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गये। इसके बाद आस-पास के इलाकों में तलाश अभियान भी चलाया गया लेकिन किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका। ...

श्रमिक दिवस पर दुनियाभर में महामारी के दौरान सामाजिक सुरक्षा देने की की मांग उठी

पेरिस : दुनियाभर में शनिवार को श्रमिक दिवस मनाया गया। इस दौरान कई देशों में श्रमिकों और यूनियन नेताओं ने मार्च निकालकर महामारी के दौरान श्रमिकों को और अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। श्रमिक दिवस मनाने वाले कई देशों में इस बार महामारी के दौरान पिछली बार की तुलना में इस बार अलग नजारा देखने को मिला। पेरिस में विशाल संख्या में लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर मार्च किया। उनके हाथों में श्रमिक समर्थक नारे लिखे बैनर थे। हालांकि तुर्की और फिलीपीन में लॉकडाउन के चलते पुलिस ने श्रमिक दिवस मनाने की अनुमति नहीं दी। पेरिस में हजारों लोग ट्रेड यूनियन के बैनर और झंडे लेकर निकल पड़े। इस दौरान उनके मुंह पर लगे मास्क बता रहे थे कि कोरोना वायरस फैलने से पहले साल 2019 के श्रमिक दिवस की तुलना में इस बार हालात कितने अलग हैं। इंडोनिशिया में श्रमिकों ने एक नये कानून को अपने अधिकारों और हितों के लिए नुकसानदेह बताते हुए शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर रोष जताते हुए मार्च निकाला। हालांकि कोरोना वायरस पाबंदियों के चलते कम संख्या में श्रमिक मार्च में शामिल हुए। कंफेडरेशन ऑफ इंडोनेशियन ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष सैद इकबाल ने बताया कि 200 शहरों एवं जिलों में 3000 कंपनियों एवं फैक्टरियों के करीब 50000 श्रमिकों के अंतराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मार्च में हिस्सा लेने की उम्मीद थी लेकिन ज्यादातर रैलियां कड़ी स्वास्थ्य पाबंदियों के चलते फैक्टरी एवं कंपनी परिसरों के बाहर ही हुईं। जकार्ता के पुलिस प्रवक्ता युसरी युनूस ने बताया कि महामारी के केंद्र इस शहर में प्रशासन ने श्रमिक संगठनों को आपस में दूरी एवं अन्य उपायों का पालन करने की चेतावनी दी थी। नए रोजगार सृजन कानून से नाराज कई सौ श्रमिक राष्ट्रीय स्मारक के समीप जुटे । उन्होंने मांग संबंधी बैनर और अपने अपने संगठनों के रंग-बिरंगे झंडे ले रखे थे। इंडोनिशिया में श्रमिकों ने एक नये कानून को अपने अधिकारों और हितों के लिए नुकसानदेह बताते हुए शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर रोष जताते हुए मार्च निकाला। हालांकि कोरोना वायरस पाबंदियों के चलते कम संख्या में श्रमिक मार्च में शामिल हुए। कंफेडरेशन ऑफ इंडोनेशियन ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष सैयद इकबाल ने बताया कि 200 शहरों एवं जिलों में 3000 कंपनियों एवं फैक्टरियों के करीब 50000 श्रमिकों के अंतराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मार्च में हिस्सा लेने की उम्मीद थी लेकिन ज्यादातर रैलियां कड़ी स्वास्थ्य पाबंदियों के चलते फैक्टरी एवं कंपनी परिसरों के बाहर ही हुईं। जकार्ता के पुलिस प्रवक्ता युसरी युनूस ने बताया कि महामारी के केंद्र इस शहर में प्रशासन ने श्रमिक संगठनों को आपस में दूरी एवं अन्य उपायों का पालन करने की चेतावनी दी थी। नए रोजगार सृजन कानून से नाराज कई सौ श्रमिक राष्ट्रीय स्मारक के समीप जुटे । उन्होंने मांग संबंधी बैनर और अपने अपने संगठनों के रंग-बिरंगे झंडे ले रखे थे। फिलिपीन की राजधानी मनीला में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर लॉकडाउन को दो सप्ताह के लिये बढ़ा दिया गया है। यहांेे पुलिस ने सैकड़ों श्रमिकों को सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन करने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के एक नेता ने यह बात कही। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिये मनीला की सड़कों पर जमा होकर महामारी के दौरान नकदी राहत, वेतन रियायतों और कोविड-19 टीकों की मांग की। श्रमिक नेता जोसुआ माटा ने कहा, ''लॉकडाउन होने के चलते बड़ी संख्या में श्रमिकों को अपने घरों में रहने को मजबूर होना पड़ा।'' तुर्की में कुछ श्रमिक नेताओं को इस्तांबुल के तकसीम चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अनुमति दी गई लेकिन पुलिस ने अन्य लोगों को वहां पहुंचने से रोक दिया। 'प्रोग्रेसिव लॉयर्स एसोसिएशन' ने कहा कि 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। 17 मई तक लॉकडाउन लागू होने के चलते लोगों को अनावश्यक घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं हैं। ...

बाइडन ने भारत में अंतरिम राजदूत के रूप में शीर्ष राजनयिक डेनियल स्मिथ को किया नियुक्त

वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत में कोविड-19 संक्रमण के कारण पैदा हुए मानवीय संकट के बीच अपने अंतरिम राजदूत के तौर पर डेनियल स्मिथ को भारत भेजने का फैसला किया है, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जा सके। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, ‘‘हाल में कार्यवाहक विदेश मंत्री एवं कार्यवाहक उप विदेश मंत्री के तौर पर सेवाएं दे चुके, विदेश सेवा संस्थान के निदेशक राजदूत डेनियल स्मिथ भारत में अमेरिकी दूतावास के अंतरिम प्रमुख के तौर पर सेवाएं देने के लिए नई दिल्ली रवाना होंगे।’’ भारत में अमेरिकी राजदूत का पद 20 जनवरी से रिक्त पड़ा है। बाइडन ने 46वें राष्ट्रपति के रूप में 20 जनवरी को ही शपथ ग्रहण की थी। इस पद पर नियुक्ति के लिए सीनेट की पुष्टि की आवश्यकता होती है। पद के लिए नामित होने के बाद पुष्टि होने की प्रक्रिया में कई महीने लग जाते हैं। भारत में गहरा रहे मानवीय संकट के बीच, बाइडन प्रशासन नई दिल्ली में अपने दूतावास प्रमुख के पद को रिक्त नहीं रख सकता था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ‘‘स्मिथ की नियुक्ति भारत सरकार और भारतीय लोगों के साथ साझेदारी के प्रति अमेरिका की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।’’ भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत में शनिवार को संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 4,01,993 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,91,64,969 हो गई तथा 3,523 और लोगों की मौत के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,11,853 हो गई है। ...

कोविड-19 : केंद्र ने राज्य आपदा मोचन कोष से राज्यों को 8,873 करोड़ रुपये जारी किए

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने कोविड-19 रोधी विभिन्न उपायों के वास्ते 2021-22 के लिए राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) से केंद्र के हिस्से की पहली किस्त के तौर पर 8,873.6 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन उपायों में अस्पतालों के निर्माण के साथ ही ऑक्सीजन उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापित करना भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेष वितरण के तौर पर वित्त मंत्रालय के अधीन व्यय विभाग ने उसकी अनुशंसा पर सामान्य कार्यक्रम से पहले यह राशि जारी कर दी है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्यों को 8,873.6 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सामान्य तौर पर, इस कोष की पहली किस्त वित्त आयोग की अनुशंसाओं के मुताबिक जून में जारी की जाती है। हालांकि, सामान्य प्रक्रिया में राहत देते हुए, न सिर्फ एसडीआरएफ की किस्त समय से पहले जारी की गई है, बल्कि पिछले वित्त वर्ष में राज्यों को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग प्रमाण-पत्र की प्रतीक्षा किए बिना ही राशि जारी कर दी गई है। बयान में कहा गया कि जारी की गई राशि का आधा हिस्सा यानी 4,436.8 करोड़ रुपये का इस्तेमाल राज्य कोविड-19 रोकथाम उपायों के लिए कर सकते हैं। इसमें कहा गया कि एसडीआरएफ से जारी की गई निधि का उपयोग राज्य, अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन एवं भंडारण संयंत्रों में आने वाले खर्च में, वेंटिलेटर, एयर प्यूरिफाइर, एंबुलेंस सेवाएं मजबूत करने, कोविड-19 अस्पताल, कोविड-19 देखभाल केंद्र, थर्मल स्कैनर, निजी सुरक्षात्मक उपकरण, चिकित्सीय उपयोग की वस्तुओं, जांच प्रयोगशालाएं, जांच किट, निषिद्ध क्षेत्रों आदि के लिए कर सकते हैं। ...

‘लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाली विभूति के रूप में याद किये जाएंगे सोराबजी’

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन ने पूर्व एटर्नी जनरल और सुविख्यात कानूनविद सोली जहांगीर सोराबजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों के हिमायती श्री सोराबजी लोकतंत्र के स्तम्भों को मजबूत करने वाली महान विभूति के रूप में याद किये जाते रहेंगे। न्यायमूर्ति रमन ने शुक्रवार को जारी अपने शोक संदेश में कहा कि पूर्व एटर्नी जनरल सोली जहांगीर सोराबजी के निधन के बारे में जानकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। न्यायिक जगत के साथ करीब 68 वर्ष के जुड़ाव में श्री सोराबजी ने मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों से संबंधित वैश्विक न्यायशास्त्र को समृद्ध करने में महती भूमिका निभायी है। उन्होंने श्री सोराबजी को प्रेस की आजादी का अगुवा बताया और कहा, “उन्होंने (श्री सोराबजी) हाल तक नित्य प्रतिदिन जटिल कानूनी मुद्दों की बारीकियों पर प्रकाश डालने के लिए मीडिया को एक मंच के रूप में इस्तेमाल किया और लाखों लोगों को कानून का पाठ पढ़ाया, अन्यथा उन लोगों को न्यायिक जगत में होने वाले घटनाक्रमों के बारे में कुछ भी पता नहीं होता।” मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “जब से मैंने एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की, तब से ही उनकी कृतियों को पढ़कर, उनके व्याख्यानों को सुनकर तथा उनके दूरदर्शी नेतृत्व और परामर्श का अनुसरण करके व्यक्तिगत तौर पर बहुत कुछ हासिल किया है।” न्यायमूर्ति रमन ने कहा कि मानवता और करुणा से ओत-प्रोत रुख ने उनके विधिक कार्यों को भी परिभाषित किया है। उन्हें लोकतंत्र के स्तम्भों को मजबूत बनाने वाली महान विभूति के तौर पर हमेशा याद किया जाता रहेगा। मैं दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर और सुप्रीम कोर्ट की ओर से श्री सोली सोराबजी के परिजनों, दोस्तों एवं अनगिनत प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ...

मोदी ने पत्रकार रोहित सरदाना के निधन पर शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पत्रकार रोहित सरदाना के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को अपने टि्वट संदेश में कहा, “रोहित सरदाना हमें बहुत जल्दी छोड़ गये। ऊर्जा से भरे, भारत की प्रगति के लिए उत्साहित, रोहित को अनेक लोग याद करेंगे। उनके असमय जाने से मीडिया की दुनिया में रिक्तता आयी है। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।” उल्लेखनीय है कि श्री सरदाना की आज अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी। ...

उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में कोरोना से मौत पर मुआवजा देने वाली याचिका खारिज

लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोरोना से लोगों के बचाव व मौत पर मुआवजा देने के आग्रह वाली जनहित याचिका को आज खारिज कर दिया। न्यायालय की लखनऊ पीठ ने इसे सुनवाई के लायक ही नहीं माना। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कहा कि याची अगर चाहे तो अपनी व्यथा को स्वयं संज्ञान वाली पीआईएल में अर्जी देकर राहत मांग सकता है। याचिका में कोरोना से हो रही अचानक मौतों से लोगों की हिफाजत करने व इसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा चलाने के निर्देश केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को देने की गुजारिश की थी। साथ ही अस्पताल, बेड व दवाइयां मरीजों को तुरंत मुहैया कराने का आग्रह किया था। याची ने लखनऊ में लॉकडाउन लगाने समेत कथित लापरवाही से कोरोना के मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की भी गुजारिश की थी। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में स्वयं संज्ञान लेकर कायम एक अन्य जनहित याचिका पर 27 अप्रैल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को विस्तृत आदेश व निर्देश जारी किए हैं। लिहाजा यह याचिका सुनवाई के लायक ही नहीं है। ...

दुनिया से मदद

भारत में महामारी इस समय विकराल हो चुकी है। सरकारें चाहे जो दावे करें, ऑक्सीजन की कमी न होने का चाहे जितना सफेद झूठ बोलें, मगर हकीकत यह है कि अब भारतीयों का भगवान ही मालिक है। राजधानी दिल्ली से लेकर आदिवासी राज्य झारखंड तक ऑक्सीजन की किल्लत है। बेड बचे नहीं हैं और तपती धूप में मरीज एक-एक सांस गिन रहे हैं। आज भारत की जो हालत है, वह सिस्टम की नाकामी का बड़ा उदाहरण है। हम भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यव्यवस्था का तमगा भले ही दें, मगर आज पूरी दुनिया के सामने दामन फैलाए खड़े हैं। महामारी संकट में भारत के लिए दुनिया के कई देश आगे आए हैं। कुछ स्वेच्छा से मदद कर रहे हैं तो कुछ पर वहां की जनता का दबाव है। चीन भी अब मदद देने को तैयार हो गया है। चीन अपने यहां वेंटिलेटर तैयार करा रहा है। दूसरे देशों से ऑक्सीजन सिलेंडर और टैंकरों से लेकर जरूरी दवाइयां, उपकरण और दूसरा सामान भारत पहुंचने लगा है। गौरतलब है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका के रिश्ते नए आयाम ले रहे हैं। अमेरिका के लिए भारत एक बड़ा बाजार है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी, सैन्य समझौते और हथियार खरीद समझौतों ने रिश्तों को नया अर्थ दिया है। चीन से निपटने के लिए अमेरिका ने चार देशों का जो क्वाड समूह बनाया है, भारत भी उसका सदस्य है। इतना सब होने के बाद भी अगर अमेरिका कोरोना से जूझ रहे भारत को बेचारगी में छोड़ देता तो क्या वह मित्र कहने का अधिकार रख पाता? इस मामले में दूसरे देश उससे बाजी मार जाते। ऐसे में उसकी कम बदनामी नहीं होती। भारत जिस तरह के मुश्किल हालात का सामना करना रहा है, उससे अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश पहले गुजर चुके हैं। हालात संभालने के लिए भारत को अभी ऑक्सीजन बनाने और उसकी आपूर्ति के लिए उपकरण, टैंकरों की भारी जरूरत है। थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने भारत को खाली टैंकर भेजे हैं। आयरलैंड जैसे छोटे से देश ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए हैं। ब्रिटेन ने भी कुछ दवाइयां और उपकरण पहुंचाए हैं। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित यूरोपीय देशों ने भी मदद का भरोसा दिया है। यह नहीं भूलना चाहिए कि कई देश अभी भी महामारी से जूझ रहे हैं। संसाधन सीमित होने की वजह से दूसरों की मदद की सीमाएं हैं। कुछ देश संकट से काफी हद तक उबर चुके हैं, जबकि भारत में हालात हद से ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं। जाहिर है, इस वक्त भारत को हर तरह की सहायता चाहिए। भारत में केंद्र और राज्य सरकारें पहली बार ऐसे हालात से रूबरू हो रही हैं। फिर हमारा स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा भी दयनीय ही है। ऐसे में जो देश जो भी मदद दे, वह मामूली नहीं है। मौजूदा हालात में दुनिया के सभी देश एक दूसरे की जो मदद कर रहे हैं, उसे कूटनीति से कहीं आगे जाकर देखने की जरूरत है। पिछले एक साल के कोरोना काल में भारत ने भी अमेरिका सहित कई देशों को मदद दी है। दवाइयों, पीपीई किट और टीकों से लेकर दूसरी चीजें पहुंचाई हैं। इस मुश्किल घड़ी में एक दूसरे की मदद न सिर्फ नैतिक दायित्व है, बल्कि यही वक्त की जरूरत है। ब्रिटेन के हेल्थ मिनिस्टर मैट हनूक ने साफ कर दिया कि उनके देश के पास कोविड वैक्सीन का ओवर स्टॉक नहीं है। ब्रिटेन के पास उसकी जरूरत के हिसाब से वैक्सीन हैं, इसे एक्सेस स्टॉक नहीं कहना चाहिए। यही वजह है कि हम भारत को वैक्सीन नहीं दे पाएंगे। इसके अलावा वेंटिलेटर्स और दूसरे जरूरी मेडिकल इक्युपमेंट्स नई दिल्ली भेजे जा रहे हैं। ब्रिटेन में अब वेंटिलेटर्स की जरूरत नहीं है, लिहाजा अब ये भारत भेजे जा रहे हैं। भारत के पास अपनी वैक्सीन है जो ब्रिटिश टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। कुल मिलाकर दुनिया से जो मदद आ रही है, हमें उस पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। हमें अपनी तैयारियों को भी जारी रखना चाहिए। देश की सभी सरकारों को अपने संसाधान झोंकने का यही समय है। इसलिए आरोपों की चिंता छोड़कर सभी सरकारें सामूहिक रूप से प्रयास करें और इस महामारी को काबू में करने पर ध्यान दें। ...

पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन

नई दिल्ली : कोरोना वायरस से संक्रमित पूर्व अटॉर्नी जनरल एवं संवैधानिक विधि विशेषज्ञ सोली सोराबजी का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। सोराबजी के पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की जानकारी दी। सोराबजी 1989 से 1990 तक और फिर 1998 से 2004 तक भारत के अटॉर्नी जरनल रहे। उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दक्षिण दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ...

उच्चतम न्यायालय ने सोली सोराबजी को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने पूर्व अटॉर्नी जनरल एवं विख्यात न्यायविद् सोली सोराबजी को शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी। सोराबजी (91) का कोरोना वायरस संक्रमण के बाद शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्य कांत एवं न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए न्यायालय की दिन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले कहा, ‘‘ बेहद दु:खद समाचार है कि मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले सोली का आज सुबह निधन हो गया। हम नेक आत्मा के लिए प्रार्थना करते हैं।’’ सोराबजी 1989 से 1990 तक और फिर 1998 से 2004 तक भारत के अटॉर्नी जरनल रहे। उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दक्षिण दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ...

जम्मू एवं कश्मीर के रामबन में जवान ने ली अपनी जान

जम्मू : जम्मू एवं कश्मीर के रामबन जिले के सेना केंद्र में मंगलवार को एक सैनिक ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर जान दे दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए सैनिक की पहचान कर्नाटक के असंगप्पा मदार के रूप में हुई है। उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल का इस्तेमाल कर खुद को बनिहाल इलाके के आर्मी सेंटर के अंदर जाकर शूट कर लिया। गोलियों की आवाज सुनने के बाद, उनके सहयोगी उस स्थान पर पहुंचे जहां वह खून से लथपथ पड़ा था। उन्हें तुरंत अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि यहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, एक प्राथमिकी दर्ज की गई और सभी तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है। ...

न्यायालय का उप्र सरकार को सिद्दीक कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्रकार सिद्दीक कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया। कप्पन को पिछले साल हाथरस जाते वक्त गिरफ्तार किया गया था जहां एक दलित युवती की कथित सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी। केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जनर्लिस्ट्स (केयूडब्ल्यूजे) का आरोप है कि कप्पन को अस्पताल में उसके बेड से जंजीर से बांध कर रखा गया। कप्पन को बाथरूम में गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में वह कोविड-19 से संक्रमित भी पाए गए। उत्तर प्रदेश सरकार ने कप्पन को जंजीर से बांधने के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह उनके मेडिकल रिकॉर्ड पर कल तक संक्षिप्त जवाब देगी। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को बुधवार तक मेडिकल रिकॉर्ड दाखिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई शुरू होने पर मेहता ने कहा कि उन्हें केयूडब्ल्यूजे द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर आपत्ति थी क्योंकि कप्पन न्यायिक आदेश के तहत न्यायिक हिरासत में है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का औचित्य नहीं है क्योंकि आरोपी न्यायिक हिरासत में है। केयूडब्ल्यूजे की ओर से पेश वकील विल्स मैथ्यू ने कहा कि 20 अप्रैल को कप्पन बाथरूम में गिर गए और 21 अप्रैल को वह कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। उन्होंने कहा कि कप्पन को अन्य राहत के साथ ही अपनी मां से वीडियो कांफ्रेंस पर बात करने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। पीठ ने मामले पर सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी क्योंकि वीडियो कांफ्रेंस से संपर्क नहीं होने के कारण दलीलों की सुनवाई में दिक्कत आ रही थी। पीठ ने मैथ्यू को कहा, ‘‘जब हम मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए कल तक के लिए स्थगित कर रहे हैं तो आप अब दलील क्यों दे रहे हैं।’’ उसने मेहता से कप्पन के मेडिकल रिकॉर्ड बुधवार को दाखिल करने के लिए कहा, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने हामी भरी। कप्पन की पत्नी ने हाल ही में सीजेआई रमण को पत्र लिखकर अस्पताल से उन्हें तुरंत छुट्टी देने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कप्पन को बिस्तर से जंजीर से इस तरह बांध कर रखा गया जैसे किसी जानवर को बांधा जाता है। ...

कई देशो से मिल रही भारत को मदद , रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ऑक्सीजन -परिवहन का शुल्क भी हटाया

नयी दिल्ली : कोरोना के विरुद्ध भारत में अब एक परिपूर्ण युद्ध शुरू हो गया है। केंद्र और राज्य की सरकारें, वे चाहे किसी भी पार्टी की हों, अपनी कमर कसके कोरोना को हराने में जुट गई हैं। इन सरकारों से भी ज्यादा आम जनता में से कई ऐसे देवदूत प्रकट हो गए हैं, जिन पर कुर्बान होने को जी चाहता है। कोई लोगों को आक्सीजन के बंबे मुफ्त में भर-भरकर दे रहा है, कोई मरीजों को मुफ्त खाना पहुंचवा रहा है, कोई प्लाज्मा-दानियों को जुटा रहा है और कई ऐसे भी हैं, जो मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम भी सहज रूप में कर रहे हैं। हम अपने उद्योगपतियों को दिन-रात कोसते रहते हैं लेकिन टाटा, नवीन जिंदल, अडानी तथा कई अन्य छोटे-मोटे उद्योगपतियों ने अपने कारखाने बंद करके आक्सीजन भिजवाने का इंतजाम कर दिया है। यह पुण्य-कार्य वे स्वेच्छा से कर रहे हैं। उन पर कोई सरकारी दबाव नहीं है। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की पहल पर ऑक्सीजन की रेलें चल पड़ी हैं। हजारों टन तरल आक्सीजन के टैंकर अस्पतालों को पहुंच रहे हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ऑक्सीजन -परिवहन का शुल्क भी हटा लिया है। हमारे लाखों डॉक्टर, नर्सें और सेवाकर्मी अपनी जान पर खेलकर लोगों की जान बचा रहे हैं। अब प्रधानमंत्री राहत-कोष से 551 आक्सीजन-संयत्र लगाने की भी तैयारी हो चुकी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उ.प्र. के योगी आदित्यनाथ तथा कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों ने मुफ्त टीके की भी घोषणा कर दी है। फिर भी एक दिन में साढ़े तीन लाख लोगों का कोरोना की चपेट में आना और लगभग तीन हजार लोगों का दिवंगत हो जाना गहरी चिंता का विषय है। दिल्ली में इसीलिए एक हफ्ते तक तालाबंदी बढ़ा दी गई है। ऑक्सीजन के लेन-देन और आवाजाही को खुला करने की भी पूरी कोशिश की जा रही है। दुनिया के कई देश दवाइयां, उनका कच्चा माल, ऑक्सीजन यंत्र आदि हवाई जहाजों से भारत पहुंचा रहे हैं लेकिन भारत में ऐसे नरपशु भी हैं, जो ऑक्सीजन, रेमडेसवीर के इंजेक्शन, दवाइयों और इलाज के बहाने मरीज़ों की खाल उतार रहे हैं। उन्हें पुलिस पकड़ तो रही है लेकिन आजतक एक भी ऐसे इंसानियत के दुश्मन को फांसी पर नहीं लटकाया गया है। पता नहीं हमारी सरकारों और अदालतों को इस मामले में लकवा क्यों मार गया है ? अस्पताली लूटपाट के बावजूद मरीज़ तो मर ही रहे हैं लेकिन उनके घरवाले जीते-जी मरणासन्न हो रहे हैं, लुट रहे हैं। हमारे अखबार और टीवी चैनल बुरी खबरों को इतना उछाल रहे हैं कि उनकी वजह से लोग अधमरे-जैसे हो रहे हैं। वे हमारे घरेलू काढ़े, गिलोय और नीम की गोली तथा बड़ (वटवृक्ष) के दूध जैसे अचूक उपायों का प्रचार क्यों नहीं करते ? कोरोना को मात देने के लिए जो भी नया-पुराना, देसी-विदेशी हथियार हाथ लगे, उसे चलाने से चूकना उचित नहीं। ...

मिशन जागृति ने किया व्यक्ति का अंतिम संस्कार

फरीदाबाद, (वेबवार्ता)। एक ऐसा मां एक बेटी जिनकी मदद करने के लिए कोई नहीं आ रहा था बेटी के पिता का पार्थिव शरीर हॉस्पिटल के शव घर में रखा हुआ था उनका साथ देने वाला कोई नहीं था आप सोच सकते हैं ऐसी हृदय विदारक स्थिति में एक मां और बेटी की ऊपर क्या बीत रही होगी जब उनके अपनो में से कोई भी मदद करने के लिए तैयार नहीं हुआ ऐसी स्थिति उनको कही से मिशन जागृति का नम्बर मिला रात को 11 बजे संस्थापक प्रवेश मलिक के पास फोन आया। सुबह ही मिशन जागृति के चार साथी उनकी मदद करने हॉस्पिटल पहुंच गए। मिशन जागृति के साथियों विकास कश्यप , दिनेश राघव और अशोक भटेजा ने मिलकर विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया। इस पूरे प्रकरण में संस्था के संस्थापक सदस्य और संरक्षक कविंद्र चौधरी ने बहुत मदद करी उन्होंने कहा कि परमात्मा पूरी मिशन जागृति टीम को स्वस्थ और सुरक्षित रखे। विकास कश्यप और दिनेश राघव ने बताया कि वहां पहुंच कर ही सच्चाई का पता चला कि लोगों को ऑक्सीजन की कितनी ज्यादा सच जरूरत है। ऐसी स्थिति में हरि व्यक्ति को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। अशोक भटेजा ने बताया कि वहां पर सव घर में जो वहां पर काम कर रहे हैं उनके पास किट नहीं है उनकी पास हाथों में दस्ताने नहीं है उनकी पास मास्क भी नहीं है तो स्थिति बहुत ही गंभीर है सरकार को और प्रशासन को इसकी ऊपर जरूर से भी जरुर ध्यान देना चाहिए। जिला महासचिव विकास कश्यप ने बताया कि मिशन जागृति के संस्थापक प्रवेश मलिक के दिशा निर्देश पर पिछली बार भी लॉकडाउन स्थिति में टीम ने बहुत सेवा करी थी और इस बार भी मिशन जागृति की पूरी टीम सभी वालंटियर हमारी महिला टीम हर वक्त लोगों की सेवा करने के लिए तत्पर है। ...

प्रधानमंत्री द्वारा ऑक्सीजन प्लांटों की स्थापना के निर्णय का उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत

लखनऊः उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री केयर फंड के माध्यम से 551 पी0एस0ए0 आॅक्सीजन उत्पादन संयन्त्र स्थापित कराये जाने के अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुये प्रधानमंत्री का हृदय से आभार प्रकट किया है मौर्य ने आज यहां जारी अपने एक बयान मे कहा कि यह संयंत्र जिला मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में लगाए जाएंगे। कोरोनाकाल में इस सराहनीय फैसले से ऑक्सीजन की समस्या का सम्पूर्ण समाधान तो होगा ही, साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की किल्लत के संपूर्ण समाधान के लिए प्रधानमंत्री जी की एक बहुत बड़ी पहल है।...

मायावती ने की मोदी-योगी की तारीफ, कार्यकर्ताओं से कोरोना संकट में सहायता करने की अपील

लखनऊ, (वेबवार्ता)। देश कोरोना संकट से जूझ रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन को लेकर बुरा हाल है। महामारी से निपटने के लिए मोदी व योगी सरकार द्वारा उठाये गए कदमों की तारीफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने की है। मायावती ने सोमवार को ट्विटर के जरिए कहा कि केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए तथा ऑक्सीजन व दवाई आदि की कमी को दूर करने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाये हैं, यह अच्छी बात है। मायावती ने मांग की है कि मरीजों के इलाज के लिए सरकार द्वारा उठाये गए कदम जमीनी स्तर पर समय से लागू होने चाहिये। वहीं, मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से कोरोना संकट में सहायता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बसपा के लोग अपने आस-पड़ोस में कोरोना पीड़ितों की अपने सामर्थ्य के हिसाब से उनकी हर स्तर पर इंसानियत के नाते मदद जरूर करें। उन्होंने कोरोना नियमों का भी सख्ती से अनुपालन करने की अपील की है। ...

कोविड-19 के खिलाफ भारत को समर्थन देने के लिए तिरंगे के रंगों से रौशन हुए यूएई के ऐतिहासिक स्थल

दुबई, (वेबवार्ता)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बुर्ज खलीफा समेत प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों को कोविड-19 के खिलाफ भारत की जंग में देश के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए तिरंगे के रंगों से रौशन किया गया। भारत में कोविड-19 के मामले 1,73,13,163 हो गए हैं जबकि 28 लाख से अधिक लोग अब भी संक्रमण की चपेट में हैं। वहीं 24 घंटे के अंदर 2,812 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,95,123 हो गई है। डब्ल्यूएएम समाचार एजेंसी ने खबर दी कि दुबई में अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडनोक) का मुख्यालय एवं दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए भारतीय ध्वज के रंगों से रौशन किया गया। यूएई में भारतीय दूतावास ने रविवार को ट्वीट किया, “ कोविड-19 के खिलाफ भीषण यु्द्ध लड़ रहे भारत को, उसका दोस्त यूएई शुभकामनाएं भेजता है। अपना समर्थन प्रदर्शित करने के लिए दुबई में चमकते बुर्ज खलीफा को भारत के झंडे के रंगों से रौशन किया गया है।” दूतावास ने बुर्ज खलीफा का एक वीडियो भी ट्वीट किया जिसमें वह तिरंगे से रौशन दिख रहा है और भारत को मजबूत रहने का संदेश दिया गया है। ...

करगिल, जम्मू, श्रीनगर के बीच 100 यात्रियों को विमान से पहुंचाया

श्रीनगर, (वेबवार्ता)। केन्द्रशासित प्रदेश लद्दाख को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने पर कारगिल, श्रीनगर और जम्मू के बीच फंसे लगभग 100 यात्रियों को हवाई मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। यह राजमार्ग हिमपात और हिमस्खलन के कारण एक जनवरी 2021 से बंद पड़ा हुआ है। राजमार्ग से हालांकि बीकन परियोजना के कर्मचारी इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए युद्धस्तर पर सड़क से बर्फ को हटाने के लिए खासकर जोजिला दर्रे पर चौबीसों घंटे काम पर लगे हुए है। केन्द्र शासित प्रदेश में खराब मौसम के कारण दो दिनों के लिए हवाई सेवा को रद्द करने के बाद अधिकारियों ने कल मौसम में सुधार के बाद यात्रियों के लिए एएन 32 करगिल कूरियर सेवा का संचालन कर लगभग 100 यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। करगिल कूरियर सेवा के मुख्य समन्वयक इंजीनियर आमिर अली ने कहा कि 17 यात्रियों को करगिल से श्रीनगर ले जाया गया, जबकि 39 को श्रीनगर से कारगिल किया गया। इसी प्रकार जम्मू से करगिल के लिए 36 ओर करगिल से जम्मू के लिए सात, करगिर से चंडीगढ़ के लिए एक यात्रियों को दो एएन32 करगिल कूरियर सेवा से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। ...

कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड हाईकोर्ट एवं सभी निचली अदालतें दो मई तक बंद

नैनीताल, (वेबवार्ता)। कोरोना संक्रमण के मामलों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए उत्तराखंड में उच्च न्यायालय एवं अन्य सभी अदालतों को अगले एक सप्ताह के लिये बंद कर दिया गया है। सभी अदालतें अब तीन अप्रैल से खुलेंगी। उच्च न्यायालय की ओर से रविवार को जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं में यह जानकारी दी गयी है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी पहली अधिसूचना में कहा गया है कि वादकारियों, उच्च न्यायालय के कर्मचारियों एवं जनहित को देखते हुए उच्च न्यायालय 30 अप्रैल तक बंद रहेगा। एक और दो मई को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण आगामी तीन मई को उच्च न्यायालय खुलेगा। इस अवधि में उच्च न्यायालय का रजिस्ट्री कार्यालय भी बंद रहेगा। आगामी तीन मई से अदालतों में पूर्व की भांति वीडियो कान्फ्रेसिंग से सुनवाई होगी। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि अवकाश की अवधि के दौरान न्यायालय में अत्यावश्यक मामलों में ही सुनवाई हो सकेगी। इसके लिये अधिवक्ताओं को ईमेल के जरिये रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचित करना होगा। रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाया जायेगा और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के लिये अदालत का गठन किया जायेगा। इसी प्रकार प्रदेश की सभी निचली अदालतों को भी आगामी दो मई तक बंद कर दिया गया है। इन अदालतों में तीन मई से वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई हो सकेगी। उच्च न्यायालय की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना में जानकारी दी गयी है कि इस अवधि में रिमांड एवं जमानत से जुड़े आवश्यक मामलों में ही सुनवाई हो सकेगी। निचली अदालतों में भी नितांत अत्यावश्यक मामलों में सुनवाई के लिये अधिवक्ताओं को संबद्ध न्यायाधीशों को ईमेल से सूचित करना होगा और इसके बाद अदालतों का गठन कर वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट में कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं के कोरोना संक्रमित होने के कारण 23 और 24 अप्रैल को सेनिटाइजेशन करने के लिए बंद कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर उच्च न्यायालय एवं अन्य सभी अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही सुनवाई हो रही है। ...

गरीब जनता को ‘‘न्याय योजना’’ के अंतर्गत रु. 7500 रुपये दीजिये: प्रमोद तिवारी

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने कहा है कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी की ‘‘मन की बात’’ सुनकर ऐसा लगा जैसे कोई ‘‘जले पर नमक छिड़क’’ रहा हो, जब वक्त था और देश के पास उपलबध था तो आपने अपनी वैक्सीन, दवायें और ऑक्सीजन पुजीपतियों की तिजोरी भरने के लिये दुनिया भर में बेंच दी, और निर्यात कर दी, और अब ऑक्सीजन, दवा और वैक्सीन की उपलब्धता के लिये ‘‘ग्लोबल टेण्डर’’ की बात हो रही है। कोरोना महामारी से लोगों की जान बचाना आवष्यक था या फिर पूंजीपतियों की तिजोरी भरना जरूरी था। क्या आपको पता नही था कि कोरोना की दूसरी लहर यूरोप और अमेरिका में आ चुकी है और एक न एक दिन भारत में भी आयेगी? आखिर आपने वैक्सीन, दवायें और ऑक्सीजन बेंची क्यों ? जबकि इसकी देश में बहुत आवष्यकता थी। इस बात का जवाब देष की जनता को दीजिये । देश की जनता की सुविधा और आवष्यकता की पूर्ति के लिये पब्लिक अण्डर टेकिंग’’ बनायी गयी थी किन्तु आपने पूंजीपतियों के हवाले कर दी। आपकी अदूरदर्षिता और पूंजीपतियों के पे्रम ने देश की जनता को भयानक संकट में डाल दिया है, और आज भी आपके भाषण में भविष्य के जुमले और वायदे ही है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने दुनिया के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुये स्वयं कहा था कि भारत ने दुनिया के 150 देषों की मदद की है, और भारत ने कोरोना से बचने के लिये पूरी दुनिया को राह दिखाई। तिवारी ने कहा है कि देश में इतनी बर्बादी के बाद भी आदरनीय प्रधानमंत्री जी के भाषण का सिलसिला वही रहा कि हम कुछ नहीं देंगे, बस भाषण देंगे और संसाधन की भविष्य की तस्वीर दिखायेंगे । हद हो गयी है जनता का पैसा जो टैक्स के रूप में लिया गया उसके दुःख व चुनौती के समय उसी के काम नहीं आ रहा है । जनता बेहाल है, श्मशान घाटों पर लाशों का अंबार लगा है, कब्रिस्तान भर रहे हैं और आदरणीय प्रधानमंत्री जी वैक्सीन, ऑक्सीजन और दवा के बारे में एक शब्द भी नहीं बोल रहे। गरीब जनता को ‘‘न्याय योजना’’ के अंतर्गत रु. 7500 रुपये दीजिये, जिससे उसे परिवार के भरण पोषण के लिये घर से बाहर निकलने के लिये विवष न होना पड़े। तिवारी ने कोरोना महामारी से उत्पन्न हालात पर चिन्ता एवं दुःख व्यक्त करते हुये जनता से अपील की है कि आज कोरोना के कारण लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है, और इस महामारी से देष में बड़े पैमाने पर तबाही, बर्बादी और लोगों की असामयिक मौत हो रही है। तिवारी ने कहा कि अस्पताल में लोगों को भर्ती कराना मुष्किल हो रहा है, और जो लोग भर्ती हैं उनमें बहुत से लोगों का प्रयास करने के उपरांत भी जीवन बचाना असंभव हो रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार 15 मई, 2021 तक इसका ‘‘पीक’’ समय है। इसलिये लोग शादी- विवाह या किसी उत्सव में जाने से बचें, तथा बाजार और भीड़ वाले स्थानों पर किसी भी परिस्थिति में न जायं। ऐसी आषंका व्यक्त की जा रही है कि कोरोना के वायरस (एयर बोर्न) हवा में भी फैल गये हैं अतः घर के बाहर न निकलें, यदि किसी को सांस लेने में अथवा किसी अन्य प्रकार की परेषानी हो रही हो तो उसे किसी भी स्थिति में छिपायें नहीं बल्कि तुरन्त अस्पताल जायें और उपचार करायें । तिवारी ने कहा है कि स्थानीय प्रषासन को इस संदर्भ में दोषी न ठहरायें, इस दुर्दिन के लिये पूरी तरह से भारतीय जनतापार्टी की केन्द्रीय सरकार एवं प्रदेष सरकार दोषी है जिन्होंने जनता को ‘‘अच्छे दिन’’ लाने का वायदा किया था और आज उसके ठीक विपरीत ‘‘सबसे बुरे दिन’’ जनता के सामने ला दिये । सरकार बातें तो कर रही है कि अस्पतालों में उपचार के लिये किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है किन्तु हकीकत यह है कि अस्पतालों में वैक्सीन नहीं है, बेड उपलब्ध नहीं है,ऑक्सीजन नहीं है।...

न्यायालयों की चिंता

-सिद्धार्थ शंकर- देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, बेड और जरूरी दवाओं की किल्लत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस लिया है। इस मामले में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हई। इस दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हालात डरावने हैं। कोरोना महामारी और अस्पतालों में अव्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय आपातकाल जैसा बताया है। साथ ही हालात से निपटने के तरीकों को लेकर सरकार से कार्ययोजना मांगी है। कोरोना की दूसरी लहर रोंगटे खड़े कर रही है। हालात से निपटने में केंद्र और राज्य सरकारों की लाचारी भी सामने आ गई है। महामारी की सबसे ज्यादा मार झेल रहे राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में अस्पताल ऑक्सीजन की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। ज्यादातर अस्पताल कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन के सहारे चल रहे हैं। ये हालात पिछले तीन-चार दिन में कुछ ज्यादा ही बिगड़े हैं। हर रोज, हर घंटे अस्पतालों में सायरन बज रहा है। इसके बजते ही परिजनों की भागदौड़ शुरू हो रही है। अंदर मरीजों की सांस फूल रही है। हर राज्य, हर अस्पताल में बइंतजामी के हालात हैं। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा करने वाली सरकारों की सच्चाई सामने आ रही है। अब हालत यह हो चली है कि अस्पतालों ने बिस्तर और ऑक्सीजन न होने से नए मरीजों को भर्ती करना ही बंद कर दिया है। गौरतलब है कि देश में मौतों का आंकड़ा लगाातर दो हजार के ऊपर बना हुआ है। इतना ही नहीं, देश में एक दिन में तीन लाख से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। अगर हालात बेकाबू नहीं होते तो दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को तल्ख टिप्पणियां नहीं करनी पड़तीं। अस्पतालों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मुहैया करा पाने से नाराज दिल्ली हाई कोर्ट को तो यहां तक कहना पड़ा था कि लोगों को मरते हुए नहीं देखा जा सकता। अदालत का रुख गौरतलब है कि चाहे भीख मांगिए, उधार मांगिए या चोरी कीजिए, किसी भी सूरत में अस्पतालों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाइए। हाई कोर्ट की ऐसी टिप्पणी सरकारों की अक्षमता और लापरवाही बताने के लिए काफी है। जब तीन हफ्ते पहले हालात बिगडऩे शुरू हुए थे, तभी से ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास होते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। अभी ज्यादातर अस्पतालों की हालत यह है कि उन्हें जरूरत की आधी ऑक्सीजन भी नहीं मिल रही है। अक्सर यह देखने में आता रहा है कि महामारी से निपटने संबंधी मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल का अभाव रहा है। कई राज्यों ने तो हालात से निपटने में मदद को लेकर केंद्र पर पक्षपात के आरोप भी लगाए। इससे केंद्र और राज्यों के बीच टकराव की स्थितियां पैदा हुईं और खमियाजा जनता को भुगतना पड़ा। हाल में ऑक्सीजन और टीके उपलब्ध कराने में भी ऐसा देखा गया। महामारी की तीव्रता और इससे पैदा हुए हालात में केंद्र और राज्य सरकारों का ऐसा रवैया कम से कम जनकल्याणकारी सरकारों का तो बिल्कुल भी नहीं हो सकता। यह वक्त आपस में लडऩे या राजनीति करने का नहीं, बल्कि एकजुट होकर महामारी से निपटने का है। ...

सोनिया ने सांसद निधि की पूरी राशि कोरोना पर खर्च के लिये दी

रायबरेली, (वेबवार्ता)। कांग्रेस अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी ने प्रशासन को पत्र के माध्यम से सम्पूर्ण सांसद निधि को कोरोना महामारी से बचाव में खर्च करने की अनुशंसा की है। सांसद सोनिया गांधी ने पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी रायबरेली वैभव श्रीवास्तव को अपनी शेष सम्पूर्ण सांसद निधि जो कि 1 करोड़ 17 लाख 77 हज़ार है के विषय मे कोविड -19 महामारी से उनके संसदीय इलाके के निवासियों के बचाव के लिए अनुशंसा की है। इस विषय मे उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी इस सम्पूर्ण धनराशि का कोरोना महामारी से बचाव के उपकरण या अन्य जो भी बचाव आदि में उपयोगी कार्य हो उनपर व्यय कर सकते है। श्रीमती गांधी ने शुक्रवार को यह पत्र जिलाधिकारी को भेजा। ...

सामाजिक, आर्थिक विकास में केंद्रीय भूमिका निभा रही है पंचायती राज संस्थाएं: नड्डा

नई दिल्ली, (वेबवार्ता)। भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं। श्री नड्डा ने आज पंचायती राज दिवस के मौक़े पर अपने ट्वीट संदेश में कहा, “ मैं पंचायती राज दिवस के मौके पर उन सभी को सलाम करता हूं जो पंचायती राज संस्थाओं को मज़बूती देने का कार्य कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थानों को मज़बूती देने का कार्य करने वाले लोग भारत में महात्मा गांधी जी के ‘सच्चे लोकतंत्र’ के सपने को साकार करने में जुटे हैं। ...

न्यायमूर्ति एन वी रमण ने देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली

नई दिल्ली, (वेबवार्ता)। न्यायमूर्ति एन वेंकट रमण ने देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति रमण ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ ग्रहण की। समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद उपस्थित थे। न्यायमूर्ति रमण ने ईश्वर को साक्षी मानकर अंग्रेजी में पद की शपथ ली। ...

शशि थरूर ने सुमित्रा महाजन के निधन की गलत खबर ट्वीट की, फेंक न्यूज के चक्कर में करा बैठे अपनी फजीहत

इंदौर/नई दिल्ली, (वेबवार्ता)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बृहस्पतिवार को ट्वीट करके लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का निधन हो जाने की बात कही, लेकिन भाजपा नेताओं द्वारा महाजन के स्वस्थ होने की जानकारी मिलने के बाद थरूर ने अपना ट्वीट हटा दिया। थरूर ने बाद में कहा कि महाजन के स्वस्थ होने की जानकारी मिलने से उन्हें राहत मिली है। उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ अगर ऐसा है तो मुझे राहत है। मुझे यह जानकारी वहां से मिली जिसे मैं भरोसेमंद सूत्र समझता था....इसे वापस लेते हुए खुश हूं और इस बात से दुखी हूं कि कोई ऐसी खबर देगा।’’ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निधन की खबर को सरासर गलत करार देते हुए उनके एक स्थानीय सहयोगी ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि 78 वर्षीय भाजपा नेता एक स्थानीय अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। स्थानीय भाजपा नेता और महाजन के पुराने सहयोगी राजेश अग्रवाल ने बताया, महाजन को बुधवार शाम बुखार की शिकायत पर शहर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के बाद अब उन्हें बुखार नहीं है और वह आरटी-पीसीआर जांच में कोविड-19 से भी मुक्त पाई गई हैं। उन्होंने बताया, अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहीं महाजन से मेरी बृहस्पतिवार देर रात बात हुई है। उनकी हालत एकदम ठीक है। इस बीच, ताई के छोटे बेटे मंदार महाजन ने भी वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनकी मां एकदम स्वस्थ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के निधन की अफवाहों पर ध्यान न दें। इस बीच, महाजन के एक अन्य स्थानीय सहयोगी रामस्वरूप मूंदड़ा ने उनसे बृहस्पतिवार देर रात फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस ऑडियो में महाजन अपने निधन की गलत खबर फैलने पर नाराजगी जताते हुए कहती सुनाई पड़ रही हैं, क्या लोगों को इंदौर के प्रशासन से पुष्टि किए बिना मेरे बारे में ऐसी खबर प्रसारित करनी चाहिए? भाजपा नेता ने इस ऑडियो में कहा कि उनके निधन की गलत खबर से चिंतित रिश्तेदारों ने उन्हें फोन करना शुरू कर दिया। महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार और मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से भी उनके निधन की खबर का खंडन जारी होना चाहिए। ताई (मराठी में बड़ी बहन का संबोधन) के नाम से मशहूर महाजन ने इंदौर से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार लोकसभा चुनाव जीते, लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद उन्होंने वक्त की नजाकत को भांपते हुए पांच अप्रैल 2019 को खुद घोषणा की थी कि वह बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी। ...

विरार अस्पताल हादसे में लोगों की मौत पर राष्ट्रपति ने शोक प्रकट किया

नई दिल्ली, (वेबवार्ता)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र एक निजी अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित मरीजों की मौत की घटना पर गहरा शोक प्रकट किया और अन्य मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की शुक्रवार को कामना की। राष्ट्रपति भवन ने कोविंद के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘विरार के कोविड अस्पताल में आग लगने से मरीज़ों के हताहत होने के समाचार से बहुत दुःख हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस हृदय विदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। मैं सभी अन्य मरीज़ों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।’’ उल्लेखनीय है कि कि विरार में शुक्रवार तड़के एक निजी अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित 13 मरीजों की मौत हो गई। आग अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में लगी। घटना के वक्त आईसीयू में 17 मरीज थे। चार मरीजों को बचा लिया गया और उन्हें इलाके के अन्य अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। ...

जलवायु परिवर्तन पर भारत की प्रतिबद्धता की अमेरिका ने की प्रशंसा

वाशिंगटन, (वेबवार्ता)। राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने 2030 तक जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने और स्वच्छ ऊर्जा के महात्वाकांक्षी लक्ष्य को पाने के लिए अमेरिका के साथ साझेदारी में 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लगाने समेत अन्य प्रयास तेज करने के लिए भारत की प्रशंसा की है। जलवायु पर बृहस्पतिवार को विश्व के नेताओं के शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने मौजूदा दशक में पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने में मजबूत द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक नए उच्च स्तरीय ‘‘भारत-अमेरिका जलवायु एवं स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी’’ की शुरुआत की। एक संयुक्त बयान के अनुसार यह साझेदारी दो मुख्य लक्ष्यों पर बढ़ेगी - सामरिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी जिसकी सह-अध्यक्षता ऊर्जा मंत्री ग्रैनहोम करेंगे और जलवायु कार्य एवं वित्त संग्रहण संवाद जिसकी सह-अध्यक्षता जलवायु पर राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन केरी करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अमेरिका के साथ साझेदारी में भारत 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लगायेगा। आखिर यह महत्वपूर्ण क्यों है? हमारा वित्तीय घटक बेहद महत्वपूर्ण है और अगर हम इसे कर पाते हैं तो भारत तापमान को 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड तक रखने के लक्ष्य को पाने की राह पर है।’’ संयुक्त बयान में इस साझेदारी को भारत-अमेरिका के बीच अहम सहयोग बताते हुए कहा गया कि इसका लक्ष्य जलवायु से संबंधित कार्य के लिए आगामी दशकों में महत्वपूर्ण प्रगति करना है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ‘‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप से बढ़ा रहा है।’’ ...

कोविंद , मोदी ने रामनवमी दी शुभकामनाएं

नयी दिल्ली, (वेबवार्ता)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दी तथा कोरोना की महामारी को पराजित करने के संकल्प पर जोर दिया। श्री कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा, “ राम नवमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्‍तम राम के जन्‍मदिवस पर मनाया जाने वाला यह पर्व, हमें जीवन में मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने आगे कहा, “ आइये, हम सब यह संकल्प लें कि कोविड-19 महामारी को भी हम सत्‍यनिष्‍ठा एवं संयम से पराजित करेंगे।” श्री मोदी ने कोरोना महामारी के संकट के दौर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के संदेश का जिक्र करते हुए महामारी से बचने के उपायों का पालन करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “ आज रामनवमी है और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का हम सभी को यही संदेश है कि मर्यादाओं का पालन करें।” उन्होंने कहा, “ कोरोना के इस संकट काल में, कोरोना से बचने के जो भी उपाय हैं, कृपया करके उनका पालन कीजिए। ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ के मंत्र को याद रखिए।” ...

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के तीन निकायों में चुना गया भारत

संयुक्त राष्ट्र, (वेबवार्ता)। भारत संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के तीन निकायों में निर्वाचित हुआ है। भारत को मौखिक अनुमोदन के साथ अपराध निरोधक एवं आपराधिक आयोग में एक जनवरी, 2022 से शुरू हो रहे तीन साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है। वहीं ऑस्ट्रिया, बहरीन, बेलारूस, बुल्गारिया, कनाडा, फ्रांस, घाना, लीबिया, पाकिस्तान, कतर, थाइलैंड, टोगो और अमेरिका को भी मौखिक अनुमोदन के साथ चुना गया जबकि ब्राजील, डोमिनिक गणराज्य, प्राग, चिली, क्यूबा को गुप्त मतदान के जरिए चुना गया। भारत को संयुक्त राष्ट्र लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तीकरण संस्था के कार्यकारी बोर्ड में भी तीन साल के कार्यकाल के लिए अनुमोदन के द्वारा निर्वाचित किया गया। संयुक्त राष्ट्र निकाय में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कैमरून, कोलंबिया, डोमिनिक गणराज्य, मिस्र, गांबिया, गुयाना, केन्या, मोनाको, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, तुर्कमेनिस्तान और यूक्रेन भी निर्वाचित हुए। इसके अलावा भारत विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी बोर्ड में भी निर्वाचित हुआ। एक जनवरी, 2022 से उसका कार्यकाल शुरू होगा। इस बोर्ड में फ्रांस, घाना, कोरिया गणराज्य, रूस और स्वीडन को भी अनुमोदन द्वारा निर्वाचित किया गया। ...