गांगुली की हालत स्थिर

कोलकाता : बीसीसीआई अध्यक्ष और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की हालत स्थिर है जिन्हें तीन दिन पहले कोरोना संक्रमण के बाद एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वुडलैंड्स अस्पताल की एमडी और सीईओ डॉक्टर रूपाली बसु ने एक बयान में कहा, ‘‘अस्पताल में भर्ती होने के तीसरे दिन बीसीसीआई अध्यक्ष और भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली की हालत स्थिर है। उनका रक्तचाप और ह्र्दयगति स्थिर है और शरीर में आक्सीजन का प्रवाह भी सामान्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कल रात उन्हें अच्छी नींद आई। उन्होंने नाश्ता और लंच भी किया। मेडिकल बोर्ड उनकी हालत पर नजर रखे हुए है।’’ गांगुली को इस साल की शुरूआत में दो बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था जब उनकी आपात एंजियोप्लास्टी हुई थी।




...

बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक : हरजिंदर सिंह को भारत का मिशन प्रमुख किया गया नियुक्त

नई दिल्ली :  भारतीय ओलंपिक संघ (आईओसी) ने हरजिंदर सिंह को बीजिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए भारत का मिशन प्रमुख (शेफ डी मिशन) नियुक्त किया है, जो 4 से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।


हरजिंदर सिंह, जो आइस हॉकी एसोसिएशन के महासचिव हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग में 2018 शीतकालीन खेलों में भारतीय दल का नेतृत्व किया था, जहां भारत के दो प्रतिनिधि थे। स्कीयर जगदीश सिंह और छह बार के ओलंपियन लुगर शिव केशवन।


अल्पाइन स्कीयर मोहम्मद आरिफ खान एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने अब तक बीजिंग 2022 के लिए क्वालीफाई किया है।


शीतकालीन खेलों का पहला सीजन 1924 में फ्रांस में हुआ था। भारत ने 1964 से शुरू होकर 10 सीजनों में भाग लिया है। हालांकि, अभी उनका शीतकालीन ओलंपिक में पदक जीतना बाकी है।



...

उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर बने भारतीय बल्लेबाज ऋषभ पंत

नई दिल्ली : इंडियन क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर पंत को ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने की जानकारी दी।


मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा भारत के बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक, युवाओं के आदर्श और उत्तराखंड के लाल श्री ऋषभ पंत जी को हमारी सरकार ने राज्य के युवाओं को खेलकूद एवं जन-स्वास्थ्य के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।


वीडियो में मुख्यमंत्री को ऋषभ पंत से बातचीत करते और उनका हालचाल पूछते हुए देखा जा सकता है।


पंत ने ट्वीट किया, पुष्कर सिंह धामी सर, उत्तराखंड के लोगों के बीच खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए यहां का ब्रांड एंबेसडर बनाने का शुक्रिया। लोगों के बीच यह संदेश देने के लिए मैं पूरी कोशिश करूंगा और मुझे बहुत खुशी हो रही है कि आप देश को फिट बनाने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं। रुड़की के एक छोटे से कस्बे से आने के बाद मुझे विश्वास है कि यहां के लोगों के अंदर कई क्षेत्रों में देश को गौरव महसूस कराने की क्षमता है।


बता दें कि ऋषभ पंत वैसे तो घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के लिए खेलते हैं, लेकिन वह मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वह रुड़की के रहने वाले हैं। उन्होंने दिल्ली में क्रिकेट कोचिंग ली। इसके बाद में यहीं की रणजी टीम से क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाया। फिलहाल पंत दक्षिण अफ्रीका दौरे पर हैं, जिसकी शुरुआत 26 दिसंबर से हो रही है।




...

एशियाई कप भारत में महिला फुटबॉल के बारे में जागरूकता पैदा करेगा : कुशाल दास

नई दिल्ली : अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशाल दास ने शनिवार को कहा कि आगामी एएफसी एशियाई कप 2022 देश में महिलाओं के खेल को बढ़ावा देगा और इसके बारे में जागरूकता फैलायेगा।


एशियाई कप महाराष्ट्र के तीन स्थलों में आयोजित किया जायेगा। इस टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटी भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम नव वर्ष में नई जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी।


टीम को ‘ब्लू टाइग्रेस’ के नाम से पुकारा जाता है। भारत अगले साल 20 जनवरी से छह फरवरी तक एशियाई कप की मेजबानी करेगा जिसमें टीम ‘स्ट्राइप्स’ (पट्टियों) वाली जर्सी पहनेगी।


दास ने कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है कि एएफसी महिला एशियाई कप भारत 2022 लोगों को प्रेरित करेगा, भारत में महिलाओं के खेल के बारे में जागरूकता फैलायेगा और देश में युवा लड़कियों को खेल में आने के लिये और अपने सपने साकार करने के लिये प्रेरित करेगा। ’’


नई किट में बाघ के जैसी धारियों का डिजाइन बनाया गया है।







...

फेरारी ड्राइवर चार्ल्स लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव

अबु धाबी : फेरारी के ड्राइवर चार्ल्स लेक्लर्स सीजन के बाद अबु धाबी से घर लौटने के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को उनके फेरारी क्लब ने दी है।


फेरारी ने ट्वीट किया, लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एफआईए और टीम द्वारा आवश्यक प्रोटोकॉल के अनुसार, चार्ल्स का अबु धाबी से लौटने पर टेस्ट किया गया था। वह वर्तमान में कम लक्षणों के साथ ठीक महसूस कर रहे हैं, लेकिन वह घर में ही आइसोलेशन में रहेंगे।


यह दूसरी बार है जब लेक्लर्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले, जनवरी में 2021 की शुरुआत में इनका टेस्ट किया गया था, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।


इस सीजन में लेक्लर्स ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने दो बार फेरारी एसएफ 21 में जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही वह अबु धाबी ग्रां प्री में 10वें स्थान पर रहे थे।





...

उच्च न्यायालय ने खेल अधिकारियों से आईओए की एजीएम का स्थल गुवाहाटी से हटाकर दिल्ली करने को कहा

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने खेल अधिकारियों से भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की 19 दिसंबर को होने वाली आम सालाना बैठक (एजीएम) के स्थल को गुवाहाटी से हटाकर राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली करने को कहा है।


यह निर्देश उन आरोपों को देखते हुए आया है कि संघ की कार्यकारी समिति के चुनाव गैर कानूनी तरीके से कराये जा रहे थे।


न्यायमूर्ति मनमोहन और नज्मी वजीरी की विशेष पीठ ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को बैठक में प्रशासक के रूप में नियुक्त किया और कहा कि बैठक दिल्ली में भारतीय ओलंपिक संघ भवन में होगी।


उच्च न्यायालय ने इससे पहले आईओए की कार्यकारी समिति के 19 दिसंबर को होने वाले चुनावों पर यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया था और कहा था कि वह 23 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई करेगी।


उच्च न्यायायल ने 30 नवंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा के आवेदन पर अंतरिम आदेश जारी किया था।


मेहरा ने कहा था कि 19 दिसंबर को प्रस्तावित चुनाव पूरी तरह से गैर कानूनी तरीके से कराये जा रहे हैं और इन्हें जब तक नहीं कराया जाना चाहिए तब तक लंबित याचिकाओं की सुनवाई और अंतिम फैसला नहीं आ जाता। 





...

मप्र को हराकर हरियाणा पुरूष हॉकी क्वार्टर फाइनल में

पुणे :  हरियाणा ने मध्यप्रदेश को 5.1 से हराकर शुक्रवार को हॉकी इंडिया सीनियर पुरूष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। हरियाणा के लिये संजय ने 24वें और 39वें मिनट में गोल किया जबकि जोगिंदर ने 20वें, बॉबी सिंह ने 35वें और दीपक ने 38वें मिनट में गोल दागे। मध्यप्रदेश के लिये एकमात्र गोल 37वें मिनट में अमीन खान ने दागा। इससे पहले बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, छत्तीसगढ और महाराष्ट्र अंतिम आठ में पहुंच चुके हैं।




...

एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत के सामने पहली चुनौती कोरिया

ढाका : ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरूष हॉकी टीम कोरिया के खिलाफ मंगलवार को एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मैच से नये सत्र का आगाज करेगी तो कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजरें रहेंगी। भारत ने 2011 में टूर्नामेंट की शुरूआत से अब तक तीन बार खिताब जीता है। इसने 2016 में कुआंटन और 2018 में मस्कट में खिताब अपने नाम किया था। भारत को 14 दिसंबर को कोरिया से पहला मैच खेलना है। इसके बाद 15 दिसंबर को मेजबान बांग्लादेश से सामना होगा। तीसरा मैच 17 दिसंबर को पाकिस्तान से और 19 दिसंबर को एशियाई खेल चैम्पियन जापान से खेलना है। सेमीफाइनल 21 दिसंबर को और फाइनल 22 दिसंबर को होगा।


कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा ,‘‘ कोरिया बहुत अच्छी टीम है और हमारे आक्रमण को धीमा कर सकती है।हमने इसी जगह पर 2017 एशिया कप में लीग चरण में उनसे 1 . 1 से ड्रॉ खेला था। हमें आत्ममुग्धता से बचते हुए अपने बेसिक्स मजबूत रखने होंगे।’’


टूर्नामेंट की अहमियत के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ यह तोक्यो ओलंपिक के बाद हमारा पहला टूर्नामेंट है। हमारे लिये यह नये सत्र की शुरूआत है और जीत के साथ आगाज करने से आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा।’’


इस टूर्नामेंट के लिये टीम में कई युवाओं को मौका दिया गया है।


मनप्रीत ने कहा ,‘‘ पिछले दो साल में हमारा फोकस ओलंपिक पर था तो कोर टीम में बदलाव नहीं किये गए। इससे युवा खिलाड़ियों में से कुछ को मौके नहीं मिल सके। ये सभी काफी मेहनत कर रहे हैं और इन्हें खुद को साबित करने का मौका दिया गया है।’’


टीम की फिटनेस के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ सभी खिलाड़ी फिट हैं। हमने भुवनेश्वर में शिविर में फिटनेस पर काफी मेहनत की है।’’


पिछली बार मस्कट में भारतीय टीम को पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता घोषित किया गया था क्योंकि लगातार बारिश के कारण फाइनल नहीं हो सका था। 






...

ओलंपिक में मुक्केबाजी को बनाये रखने के लिये एआईबीए बना आईबीए, संविधान में किये संशोधन

नयी दिल्ली : ओलंपिक में मुक्केबाजी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिये अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने अपनी विशेष आभासी कांग्रेस में स्वतंत्र समूह द्वारा सुझाये गये कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को मंजूरी देने के साथ ही आलोचनाओं के घेरे में रहे अपने रेफरी और जजों को फिर से प्रमाणित करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।


मुक्केबाजी खेल पेरिस ओलंपिक 2024 में बना रहेगा लेकिन इसे लास एंजिल्स खेल 2028 के प्रारंभिक खेलों की सूची में नहीं रखा गया है। इस खेल का भविष्य सुशासन पर निर्भर है जैसा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) चाहती है।


अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ को पहले एआईबीए कहा जाता था लेकिन अब इसे छोटे रूप में आईबीए कहा जाएगा।


आईबीए कांग्रेस के संवैधानिक सुधारों को मंजूरी देने से पहले आईबीए ने प्रोफेसर उलरिच हास के नेतृत्व वाले स्वतंत्र शासन सुधार समूह (जीआरजी) की एक रिपोर्ट में की गयी सिफारिशों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया था।


आईबीए अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने सोमवार को वैश्विक मीडिया के साथ वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे इस पद पर ठीक एक साल हो गया है। हमने एक स्थिर भविष्य के लिये तैयारियां की हैं। हम नयी ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए तैयार हैं।’’


उन्होंने कहा, ‘‘आओ मुक्केबाजी के नये युग की शुरुआत करें। हमने एक नया अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ बनाने के लिए अपने समृद्ध इतिहास से सर्वश्रेष्ठ अवयवों को लिया है। हम पुराने मूल्यों के साथ नये तरीके से काम करेंगे।’’


क्रेमलेव ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने सभी सिफारिशों को मंजूरी प्रदान कर दी है। जब 30 जून 2022 को चुनाव होंगे तो हम नये चेहरे देखेंगे।’’


आईओसी ने 2019 में मुक्केबाजी संघ को निलंबित कर दिया था। उसने कार्यबल के जरिये तोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया था। उसने एआईबीए के शासन, वित्त, रेफरी और जज प्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।


क्रेमलेव ने जज और रेफरी प्रणाली में सुधार की अपनी प्रतिबद्धता फिर से दोहरायी और कहा कि रियो ओलंपिक 2016 के दौरान जिन अधिकारियों को हेराफेरी करने का दोषी पाया गया उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा और यहां तक कि दर्शकों के रूप में भी उनका स्वागत नहीं किया जाएगा।


उन्होंने इसके साथ ही कहा कि आईबीए की वित्तीय स्थिरता आईओसी के लिये प्रमुख मुद्दा रहा है जिसे काफी हद तक सुलझा दिया गया है।

...

अपने कौशल को निखारने में लगी है युवा शटलर अदिति भट्ट

नई दिल्ली : पिछले कुछ महीनों में शानदार परिणाम देने वाली युवा बैडमिंटन खिलाड़ी अदिति भट्ट अपने स्ट्रोक्स और दमखम पर ध्यान देकर अपेक्षाओं के दबाव को दूर करना चाहती हैं।


उत्तराखंड की 18 वर्षीय अदिति ने उबेर कप फाइनल्स में थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में विश्व में 13वें नंबर की बुसानन ओंगबामरंगफान के सामने कड़ी चुनौती पेश की थी।


वह तीन गेम तक चले मैच में हार गयी थी लेकिन अपने प्रदर्शन से उन्होंने खासा प्रभावित किया था और उन्हें साइना नेहवाल और पीवी सिंधू की तरह देश की अगली बैडमिंटन स्टार कहा जाने लगा।


डेनमार्क में अपने चार में से दो मैच जीतने वाली अदिति ने पीटीआई से कहा, ‘‘जब लोग कहते हैं कि आप भविष्य हो और हम आपको ओलंपिक में देखना चाहते हैं तो कई बार यह डराने वाला हो सकता है। लोग आपसे बहुत उम्मीद करते हैं लेकिन यह ठीक है, किसी तरह का दबाव नहीं है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ियों (स्पेन की अनिया सेटियन और स्कॉटलैंड की रेचेल सुगडेन) के खिलाफ दो मैच जीतने के बाद मैं अच्छा प्रदर्शन करने के प्रति आश्वस्त थी लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि मैं एक गेम (बुसानन के खिलाफ) जीतने में सफल रहूंगी। मैं अच्छा खेल रही थी और वह दबाव में थी क्योंकि वह जूनियर से खेल रही थी। यह शानदार मैच था।’’


अदिति को इसका लाभ हंगरी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में मिला जहां वह फाइनल्स में पहुंची। उन्हें चयन ट्रायल्स के जरिये सुदीरमन कप और उबेर कप के लिये भारतीय टीम में चुना गया था।


उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे सुदीरमन कप और उबेर कप के लिये चुना गया तो यह सपना सच होने जैसा था। टीम में सभी सीनियर खिलाड़ियों जैसे अश्विनी पोनप्पा ने मेरी काफी मदद की।’’


उनका पहला मैच ओलंपिक चैंपियन चेन यू फी के खिलाफ था और अदिति ने कहा कि इससे उन्हें इस बात का अंदाजा हो गया कि सीनियर स्तर पर सफल होने के लिए उन्हें क्या करने की जरूरत है।


उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन के खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित और नर्वस दोनों थी। उसका कोर्ट मूवमेंट और सटीकता शानदार थी। मुझे अपने फुटवर्क, दमखम, सटीकता और स्ट्रोक पर वास्तव में अच्छी तरह से काम करना होगा।’’





...

विश्व एथलेटिक्स के पूर्व विवादित प्रमुख लामिने डियाक का निधन

पेरिस : रूस के खिलाड़ियों (एथलीटों) के डोपिग मामले को दबाने के लिए रिश्वत लेने के आरोपी विश्व एथलेटिक्स के पूर्व प्रमुख लियाम डियाक का निधन हो गया।


उनके परिवार ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। वह 88 साल के थे।


उनकी भतीजी ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ‘‘ हां मैं पुष्टि कर सकती हूं कि मेरे चाचा लामिने डियाक का गुरुवार की रात को निधन हो गया। ’’


वह सेनेगल में कई राजनीतिक पदों पर रहने के बाद 1999 से 2015 तक विश्व एथलेटिक्स के प्रमुख रहे थे।


डोपिंग मामलों में शामिल रूस के एथलीटों द्वारा रिश्वत लेने और सेनेगल में राजनीतिक अभियानों रूस के हस्तक्षेप को दबाने के लिए डियाक को चार साल जेल की सजा सुनाई गई थी।


लगभग दो दशक तक ओलंपिक और एथलेटिक्स की दुनिया में शीर्ष पर रहने वाले डियाक को उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के कई आरोपों में दोषी ठहराया गया और सितंबर 2020 में पेरिस में चार साल की सजा सुनायी गई। इसमें कुछ मामले रूस के डोपिंग घोटाले से संबंधित थे।




...

अंजू बॉबी जॉर्ज को विश्व एथलेटिक्स का वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला का पुरस्कार

मोनाको : भारत की महान एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज को विश्व एथलेटिक्स ने देश में प्रतिभाओं को तराशने और लैंगिक समानता की पैरवी के लिये वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला का पुरस्कार दिया है।


विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय अंजू ( पेरिस 2003 ) को बुधवार की रात आनलाइन सालाना पुरस्कारों के दौरान इस सम्मान के लिये चुना गया। वह यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय हैं।


यह पुरस्कार ऐसी महिला को दिया जाता है जिसने अपना जीवन एथलेटिक्स को समर्पित कर दिया हो। अंजू यह पुरस्कार पाने वाली दूसरी हस्ती हैं। उनसे पहले 2019 में शुरू हुआ यह पुरस्कार इथियोपिया की दोहरी ओलंपिक चैम्पियन डेरारतू तुलू को मिल चुका है।


महान फर्राटा धाविका पी टी उषा को 2019 में खेलों के विकास के लिये उनके योगदान के कारण ‘वेटरन पिन’ से सम्मानित किया गया था।


विश्व एथलेटिक्स ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पूर्व अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद खिलाड़ी भारत की अंजू बॉबी जॉर्ज अभी भी खेल से जुड़ी है। उसने 2016 में युवा लड़कियों के लिये प्रशिक्षण अकादमी खोली जिससे विश्व अंडर 20 पदक विजेता निकली है।’’


इसमें कहा गया, ‘‘भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की सीनियर उपाध्यक्ष होने के नाते वह लगातार लैंगिक समानता की वकालत करती आई हैं। वह खेल में भविष्य में नेतृत्व के लिये भी स्कूली लड़कियों का मार्गदर्शन कर रही हैं।’’


अंजू ने कहा कि वह यह सम्मान पाकर गौरवान्वित और अभिभूत हैं।


उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सुबह उठकर खेल के लिये कुछ करने से बेहतर अहसास कुछ नहीं है।मेरे प्रयासों को सराहने के लिये धन्यवाद।’


विश्व एथलेटिक्स ने कहा कि भारत में खेलों को बढावा देने के लिये उनके प्रयासों और अधिक महिलाओं को उनका अनुसरण करने के लिये प्रेरित करने की वजह से वह खिताब की प्रबल दावेदार रहीं।


अंजू ने विश्व एथलेटिक्स द्वारा ट्विटर पर डाले गए वीडियो में कहा, ‘‘मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि इस साल सर्वश्रेष्ठ महिला का पुरस्कार मुझे मिला है। एक खिलाड़ी के तौर पर सफर कठिन रहा लेकिन मेरा मानना है कि मैं वहां तक पहुंच सकी, जिसकी हकदार थी। अब खेल को कुछ देने की मेरी बारी है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की उपाध्यक्ष होने के नाते और अपनी अकादमी अंजू बॉबी जॉर्ज फाउंडेशन से मैं 13 महिला खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हूं जो तीन साल के भीतर विश्व स्तर पर अपना सफर शुरू करने के लिये तैयार हैं।’’


उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने समर्थकों, साथी खिलाड़ियों, कोचों, परिवार, महासंघ और मेरे सफर में साथ खड़े रहे हर व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहती हूं।’’


केरल की रहने वाली अंजू ने आईएएएएफ विश्व चैम्पियनशिप पेरिस में 2003 में कांस्य पदक जीता और 2005 में मोनाको में आईएएएफ विश्व एथलेटिक्स फाइनल्स में स्वर्ण पदक विजेता रही।


वह 2004 एथेंस ओलंपिक में छठे स्थान पर रही थी लेकिन अमेरिका की मरियोन जोंस को डोपिंग मामले के कारण अयोग्य करार दिये जाने के बाद वह पांचवें स्थान पर आ गई।


पिछले साल अंजू को भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की सीनियर उपाध्यक्ष चुना गया और इतने ऊंचे पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला है। उन्हें हाल ही में भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी समिति में एथलीट आयोग की प्रतिनिधि के तौर पर शामिल किया गया।


अंजू द्वारा तलाशी गई और उनके पति बॉबी जॉर्ज के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शैली सिंह ने हाल ही में लंबी कूद में विश्व अंडर 20 चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता।


ओलंपिक चैम्पियन जमैका की एलेन थाम्पसन हेराह और नॉर्वे की कर्सटेन वारहोम को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ एथलीट चुना गया। इससे पहले इन पुरस्कारों को विश्व एथलेटिक्स गाला पुरस्कार कहा जाता था। 




...

फरीदाबाद की बेटी ने प्रो नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में जीता कांस्य पदक

फरीदाबाद : कहते है जब कोई इंसान मेहनत करता है, सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने की राह और आसान हो जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है फरीदाबाद की बेटी जीवनजोत कौर ने, जिन्होंने हाल ही में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित हुई प्रो नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में कांस्य पदक हासिल कर ना केवल फरीदाबाद का नाम रोशन किया, बल्कि हरियाणा की बेटियां खेलों में आज भी सबसे आगे हैं यह साबित किया।


20-24 नवंबर तक किक बॉक्सिंग इंडिया लीग द्वारा दार्जिलिंग स्थित ओपन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रो नेशनल किक बॉक्सिंग लीग प्रतियोगिता को वाको इंडिया फेडरेशन के संतोष अग्रवाल ने सफल आयोजन कराया। इसमें पूरे देश से आए अलग-अलग कैटेगरी के किक बॉक्सिंग खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें गर्ल्स हरियाणा टीम से 5 खिलाड़ियों ने भाग लिया।


प्रतियोगिता में फरीदाबाद की जीवन ज्योत कौर ने अपने खेल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग राउंड जीतकर पहले छह में जगह बनाई और फाइनल राउंड उसी बेहतर प्रदर्शन को जारी रखते हुए कांस्य पदक हासिल कर हरियाणा की खेलों में श्रेष्ठता साबित करते हुए फरीदाबाद और हरियाणा का नाम का रोशन किया।


जीवन ज्योत कौर बताया कि इससे पहले वह टटॉमी प्रतियोगिता खेल चुकी हैं। ये उनका रिंग इवेंट में पहला पदक है। मेरे इस प्रदर्शन में मेरे कोच सचिन सर का बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने मुझे इस काबिल बनाया और आगे भी अपने अच्छे प्रदर्शन को जारी रखने के लिए पूरी कोशिश करूंगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर अपने राज्य और देश का नाम रोशन करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकू।






...

डब्ल्यूबीबीएल प्लेयर ऑफ द ईयर जीतने के बाद हरमनप्रीत को महिला आईपीएल की उम्मीद

नई दिल्ली : भारतीय टी20 महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को उम्मीद है कि महिला बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद महिला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत की जाएगी।


हरमनप्रीत ने कहा, मुझे लगता है कि हम इसे लंबे समय से देख रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि महिला आईपीएल भी जल्द शुरू होगा और हम विदेशी खिलाड़ियों को भी वहां आमंत्रित करेंगे ताकि वे भी हमारे घरेलू खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा कर सकें।


उन्होंने आगे कहा, प्रदर्शन करना हमारे हाथ में है और यही हम कर रहे हैं और बाकी चीजें पूरी तरह से बीसीसीआई पर निर्भर हैं। हम उस पर कुछ अतिरिक्त नहीं कर सकते हैं लेकिन हम केवल अनुरोध कर सकते हैं और ऐसा होना चाहिए।


हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में 66.50 के औसत और 135.25 के स्ट्राइक रेट से 399 रन बनाए, जिसमें तीन मैच जिताने वाले अर्धशतक भी शामिल हैं।


रेनेगेड्स की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के अलावा, वह 7.46 की इकॉनमी रेट से 15 विकेट लेकर प्रमुख गेंदबाज भी थीं।




...

साइ सेंटर के सही समय पर सुझाव के कारण साइक्लिस्ट रोनाल्डो को दर्द में मिला आराम

नई दिल्ली : शीर्ष भारतीय साइक्लिस्ट एन रोनाल्डो सिंह स्लोवेनिया में अभ्यास के बाद पीठ में दर्द के कारण चल भी नहीं पा रहे थे लेकिन भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के ‘एथलीट वेलनेस सेंटर’ के सही समय पर इलाज के बाद उन्हें दर्द में काफी आराम मिला।


रोनाल्डो सिंह को मंगलवार को पुर्तगाल के एंडिया की यात्रा से पहले नोवा मेस्टो में टीम की ट्रेनिंग के अंतिम दिन पीठ के निचले हिस्से में दर्द शुरू हो गया जो संभवत: कम पानी पीने की वजह से हुआ।


मंगलवार को आधी रात साइ को सूचित करने के कुछ ही मिनट के अंदर ‘एथलीट वेलनेस सेंटर’ ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये उनके दर्द को कम करने के लिये मदद मुहैया करा दी।


शीर्ष फिजियोथेरेपिस्ट डा दानिश ने अपनी टीम के साथ कोच आर के शर्मा और रोनाल्डो को ‘टेन्स’ (ट्रांसक्यूटेन्स इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिम्युलेशन) मशीन के इस्तेमाल का तरीका बताया।


उन्होंने कुछ व्यायाम (आइसोमेट्रिक) और कुछ दवाईयां भी बतायीं।


साइ विज्ञप्ति के अनुसार करीब 15 मिनट में रोनाल्डो का दर्द आधा हो गया और वह चलने लगे। 






...

जिले के 22 पहलवान राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

गुरुग्राम : अंडर-15 जिलास्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता मंगलवार को गांव दौलताबाद पवन पुत्र व्यायामशाला में हुई। प्रतियोगिता में लड़के, लड़कियों ने भाग लिया। हरियाणा कुश्ती एसोसिएशन के जिला महासचिव जयभगवान कटारिया ने बताया कि प्रतियोगिता में फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन स्पर्धा के मुकाबले शामिल थे। प्रतियोगिता में 200 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया। सभी 22 विजेता पहलवान राज्यस्तर पर खेली जाने वाली प्रतियोगिता में भाग लेंगे।


लड़कों की फ्री स्टाइल स्पर्धा के 38 किग्रा भार वर्ग में में दक्ष, 41 में यश, 44 में अभिषेक, 48 में रोशन, 52 में चिराग, 57 में शिवा, 62 में हर्ष, 68 में अखिल, 75 में मोहित, 85 किग्रा भार वर्ग में गौरव विजेता रहे। वहीं ग्रीको रोमन स्पर्धा के 38 किग्रा भार वर्ग में आतिश, 57 में शाल्य, 62 में आकाश, 68 अभिषेक, 85 में प्रशांत विजेता रहे।


लड़कियों के वर्ग में 33 किग्रा भार वर्ग में प्रीति, 39 में साक्षी, 42 रितिका, 46 में ²ष्टि, 50 में इशा, 54 में दिव्या, 66 में श्रृष्टि विजेता रहीं।



...

दिसंबर में बीडब्ल्यूएफ एथलीट आयोग का चुनाव लड़ेगी सिंधू

नई दिल्ली : भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू 17 दिसंबर से स्पेन में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के दौरान बीडब्ल्यूएफ एथलीट आयोग का चुनाव लड़ेगी। मौजूदा विश्व चैम्पियन सिंधू इस समय बाली में इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट खेल रही है।वह छह पदों के लिये नामित नौ खिलाड़ियों में से एक हैं। खेल की शीर्ष ईकाई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘एथलीट आयोग (2021 से 2025) का चुनाव 17 दिसंबर 2021 को टोटल एनर्जीज बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप के साथ स्पेन में होगा। मौजूदा खिलाड़ियों में से सिर्फ सिंधू दोबारा चुनाव के लिये खड़ी होंगी। उन्हें पहले 2017 में भी चुना गया था। वह इस चक्र के लिये छह महिला प्रतिनिधियों में से एक है।’’ सिंधू के साथ इंडोनेशिया की महिला युगल खिलाड़ी ग्रेसिया पोली भी होंगी जो तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता रही हैं। सिंधू को मई में आईओसी के ‘बिलीव इन स्पोटर्स ’ अभियान के लिये भी एथलीट आयोग में चुना गया था। 





...

महिला सहकर्मी को अश्लील मैसेज भेजने वाले टिम पेन ने आस्ट्रेलिया की टेस्ट कप्तानी छोड़ी

होबार्ट :  एक महिला सहकर्मी को अपनी अश्लील तस्वीर और भद्दे मैसेज भेजने के मामले की क्रिकेट आस्ट्रेलिया द्वारा जांच के बीच आस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान टिम पेन ने शुक्रवार को कप्तानी छोड़ दी।


यह मामला 2017 का है जिसके कुछ महीने बाद ही पेन को सात साल बाद टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला था। उस समय क्रिकेट आस्ट्रेलिया और क्रिकेट तस्मानिया की जांच में पेन को क्लीन चिट मिली थी।


आस्ट्रेलिया को कुछ दिन बाद ही चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड से एशेज श्रृंखला खेलनी है। पहला टेस्ट आठ दिसंबर से ब्रिसबेन में खेला जायेगा।


पेन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ मैं आज आस्ट्रेलियाई पुरूष क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रहा हूं। यह बहुत कठिन फैसला है लेकिन मेरे , मेरे परिवार और क्रिकेट के लिये सही है।’’


उन्होंने कहा ,‘‘ करीब चार साल पहले मैने उस समय सहकर्मी रही एक महिला को टैक्स्ट मैसेज भेजे थे।’’


उन्होंने कहा ,‘‘ मैने उस घटना के लिये माफी मांगी थी और आज भी मांगता हूं। मैने अपनी पत्नी और परिवार से भी बात की थी और उनकी माफी तथा सहयोग के लिये शुक्रगुजार हूं।’’


पेन आस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा बने रहेंगे।


रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट तस्मानिया की एक महिला कर्मचारी ने दावा किया है कि पेन ने उन्हें अपने जननांगो की तस्वीर के साथ अश्लील मैसेज भेजे। उस महिला ने 2017 में ही नौकरी छोड़ दी थी।


पेन को 2018 में दक्षिण अफ्रीका में गेंद से छेड़खानी मामले के बाद आस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया था। बोर्ड ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और अगले टेस्ट कप्तान की तलाश जारी है।


पेन ने कहा ,‘‘ हमने सोचा कि यह मामला अब खत्म हो गया है और मैं पूरा फोकस टीम पर रख सकता हूं। लेकिन मुझे हाल ही में पता चला कि निजी मैसेज सार्वजनिक हो गए हैं। 2017 में मेरी वह हरकत आस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान बने रहने के लिये जरूरी मानदंडों के अनुकूल नहीं है।’’


उन्होंने कहा ,‘‘ अपनी पत्नी , परिवार और अन्य पक्षों को दर्द देने के लिये मैं क्षमाप्रार्थी हूं। इससे खेल की साख तो ठेस पहुंचाने के लिये भी मैं माफी मांगता हूं।’’


उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे लिये यही सही है कि कप्तानी से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दूं। मैं नहीं चाहता कि एशेज श्रृंखला से पहले तैयारी में किसी तरह का व्यवधान पैदा हो। मैं आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का समर्पित सदस्य बना रहूंगा।’’


क्रिकेट आस्ट्रेलिया के प्रमुख रिचर्ड फ्रेडेन्स्टेन ने कहा कि यह पेन का अपना फैसला है।


उन्होंने कहा ,‘‘ टिम को लगा कि उसके परिवार और आस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिये यही सही है।’’


क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने एक बयान में कहा ,‘‘ बोर्ड मानता है कि कुछ साल पहले इस मामले में पेन को क्लीन चिट मिल चुकी है लेकिन हम उसके फैसले का सम्मान करते हैं। इस तरह की भाषा या बर्ताव स्वीकार्य नहीं है। इस गलती के बावजूद पेन बेहतरीन कप्तान रहा है और उसकी सेवाओं के लिये हम उसे धन्यवाद देते हैं।’’



...

इंडोनेशिया मास्टर्स : सिंधू की निगाह खिताब पर, साइना और समीर हटे

बाली: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुवाई करते हुए खिताब जीतने की कोशिश करेगी जबकि साइना नेहवाल और समीर वर्मा चोटिल होने के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगे।


तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सिंधू पिछले लंबे समय से खिताब नहीं जीत पायी है। वह हाल में डेनमार्क में क्वार्टर फाइनल और फ्रांस में सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। उन्होंने अपना आखिरी खिताब 2019 विश्व चैंपियनशिप के रूप में जीता था। वह इस साल के शुरू में स्विस ओपन के फाइनल में पहुंची थी।


तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय की इंडोनिशया से अच्छी यादें जुड़ी हैं। वह दो साल पहले जकार्ता में फाइनल में पहुंची थी। वह अपने पहले मुकाबले में थाईलैंड की सुपानिदा कैटथोंग से भिड़ेगी।


सिंधू अगले दो दौर में स्पेन की क्लारा अजुरमेंदी और कनाडा की छठी वरीयता प्राप्त मिशेल ली से भिड़ सकती है। सेमीफाइनल में उन्हें जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त अकीने यामागुची का सामना करना पड़ सकता है।


लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना और समीर चोटिल होने के कारण इस टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगे। साइना जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव से जबकि समीर पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान हैं।


किदाम्बी श्रीलंका और लक्ष्य सेन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। लक्ष्य पुरुष एकल के अपने पहले मैच में जापान के कांता सुनेयामा से भिड़ेंगे, जबकि समीर के बाहर होने के बाद श्रीकांत का सामना क्वालीफायर से होगा।


ओलंपियन बी साई प्रणीत का सामना इंडोनेशिया के शेसर हिरेन रुस्तवितो से होगा जबकि एचएस प्रणय को अपने पहले मैच में छठी वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई जोनाथन क्रिस्टी का सामना करना है। पारुपल्ली कश्यप का सामना डेनमार्क के हैंस-क्रिस्टियन सोलबर्ग विटिंगस से होगा।


पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी मलेशिया के ओंग यू सिन और टियो ई यी से जबकि एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी जापान के ताकुरो होकी और यूगो कोबायाशी से भिड़ेगी।


अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की महिला युगल जोड़ी डेनमार्क की एलेक्जेंड्रा बोए और मेटे पॉल्सन से भिड़ेगी।


मिश्रित युगल में अश्विनी ने बी सुमित रेड्डी के साथ और सिक्की ने ध्रुव कपिला के साथ जोड़ी बनायी है।





...

सरिता ने गीता फोगाट को हराकर जीता राष्ट्रीय खिताब

गोंडा :  सरिता मोर ने अपने दमखम और कौशल का अच्छा नमूना पेश करके शुक्रवार को यहां गीता फोगाट को हराकर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किग्रा का खिताब जीता जबकि दिव्या काकरान और साक्षी मलिक जैसी स्थापित पहलवानों को हार का सामना करना पड़ा।


महिलाओं में 59 किग्रा सबसे मुश्किल भार वर्ग था क्योंकि विश्व चैंपियनशिप की तीन पदक विजेता खिताब की दौड़ में शामिल थी।


विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता सरिता मोर को केवल पूजा ढांडा (2018 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता) से ही चुनौती मिली। उन्होंने दो मुकाबलों में अपनी प्रतिद्वंद्वियों को चित किया और एक मुकाबले को अंकों के आधार पर जीता।


गीता फोगाट ने तीन साल तक मातृत्व अवकाश पर रहने के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की। विश्व चैंपियनशिप 2012 की कांस्य पदक विजेता 32 वर्षीय गीता ने फाइनल में प्रवेश भी किया जहां उन्हें 26 वर्षीय सरिता ने 8-0 से हराया।


गीता ने इससे पहले आखिरी बार 2017 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और तब उन्होंने फाइनल में सरिता को हराया था।


सरिता ने बाद में कहा, ‘‘विश्व चैंपियनशिप के बाद मेरा मनोबल बढ़ा हुआ था। मैंने अपने आक्रमण पर काम किया और मुझे खुशी है कि मैंने जो अभ्यास किया उसका मुझे फायदा मिला।’’


गीता ने कहा कि फाइनल में 8-0 का स्कोर आहत करने वाला है लेकिन वह रजत पदक जीतकर खुश हैं।


उन्होंने कहा, ‘‘जीत और हार मायने नहीं रखती लेकिन जिस तरह की हार रही वह आहत करने वाली है। फाइनल में मैं अपनी रणनीति के अनुसार नहीं खेल पायी। मैंने सरिता को हावी होने का मौका दिया।’’


गीता की छोटी बहन संगीता ने 63 किग्रा का खिताब जीता। इस भार वर्ग में मनीषा ने साक्षी मलिक को 6-1 से हराकर बाहर किया। रियो ओलंपिक 2016 की कांस्य पदक विजेता साक्षी पिछले कुछ समय से संघर्ष कर रही है और उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं में हार का सामना करना पड़ रहा है।


संगीता को अपने पहले मुकाबले में पंजाब की लवलीन कौर से कड़ी चुनौती मिली लेकिन इसके बाद उन्होंने हर अगले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया।


अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता दिव्या काकरान को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पिंकी ने हराया जिन्होंने बाद में स्वर्ण पदक जीता। कुलविंदर को रजत पदक मिला।


शिवानी पंवार और सिमरन ने भी 50 किग्रा भार वर्ग में प्रभावित किया। शिवानी ने तोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली सीमा बिस्ला को सेमीफाइनल में 7-2 से हराया और सिमरन को पराजित करके स्वर्ण पदक जीता।





...

अदिति दुबई मूनलाइट क्लासिक गोल्फ में संयुक्त 13वें स्थान पर

दुबई : भारतीय गोल्फर अदिति अशोक दुबई मूनलाइट क्लासिक के आखिरी दौर में 69 के स्कोर के साथ संयुक्त 13वें स्थान पर रही।


तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही अदिति ने लेडीज यूरोपीय टूर के इस टूर्नामेंट के पहले दो दिन 69 और 71 स्कोर किया।


भारत की त्वेसा मलिक ने 70.71.71 स्कोर करके संयुक्त 19वां स्थान हासिल किया। वहीं दीक्षा डागर पहले दो दिन 72.71 स्कोर के बाद संयुक्त 24वें स्थान पर है।


अदिति और दीक्षा ने पांच पांच बर्डी लगाये और दो दो बोगी किये। त्वेसा ने पांच बर्डी लगाये और चार बोगी किये।


इंग्लैंड की ब्रोंटे लॉ ने आठ अंडर 64 के स्कोर के साथ जीत दर्ज की। 





...

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप : आकाश सांगवान ने पहला मुकाबला जीता

नई दिल्ली :  भारतीय मुक्केबाज आकाश सांगवान (67 किग्रा) ने यहां चल रही एआईबीए पुरुष विश्व चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में तुर्की के फुरकान एडम पर 5-0 की आसान जीत से दूसरे दौर में प्रवेश किया।


मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन फुरकान का अगला मुकाबला जर्मनी के डेनियल क्रोटर से होगा जिन्हें पहले दौर में बाइ मिली है। कल रात खेले गये मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज ने शुरू से एडम पर दबदबा बनाकर एकतरफा जीत हासिल की।


इससे पहले रोहित मोर (57 किग्रा) ने इक्वाडोर के जीन कैसेडो को 5-0 से हराया था। उनका अगला मुकाबला बोस्निया हर्जेगोविना के एलन राहिमिच से होगा।


एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा) और सचिन कुमार (80 किग्रा) को पहले दौर में बाइ मिली है।


सचिन 30 अक्टूबर को दूसरे दौर में अमेरिका के रॉबी गोंजालेज जबकि संजीत 29 अक्टूबर को रूस के आंद्रे स्तोस्की से भिड़ेंगे।


इस चैंपियनशिप में 100 देशों के 600 से अधिक मुक्केबाज भाग ले रहे हैं। कुछ भार वर्गों में मुक्केबाजों को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिये कम से कम तीन मुकाबले जीतने होंगे। इनमें भारत के शिव थापा (63.5 किग्रा) भी शामिल हैं जो पहले मुकाबले में कीनिया के विक्टर ओडियाम्बो न्याडेरा से भिड़ेंगे।



...

दहिया उत्तर प्रदेश के मुख्य कोच नियुक्त

नई दिल्ली : पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया को गुरुवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया।


उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की।


यूपीसीए ने ट्वीट किया, ‘‘वह अनुभवी कोच हैं और हम उनके रहते हुए अपने सभी सपनों को साकार करने के लिये एक शानदार सफर की उम्मीद कर रहे हैं।’’


दहिया इससे पहले दिल्ली के कोच तथा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच रह चुके हैं।


दहिया ने भारत की तरफ से दो टेस्ट और 19 एकदिवसीय मैच खेले। 






...

रियो ओलंपिक: 10 से अधिक मुक्केबाजी मुकाबलों में ‘पैसे’ के लिए हेराफेरी, जांच में हुआ खुलासा

 नई दिल्ली :  स्वतंत्र जांच में खुलासा हुआ है कि 2016 रियो ओलंपिक की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 10 से अधिक मुकाबलों में ‘पैसे’ या अन्य ‘फायदों’ के लिए हेरफेर की गई थी। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने आगामी पुरुष विश्व चैंपियनशिप में रैफरी और जज के लिए ‘कड़ी’ चयन प्रक्रिया का वादा किया है।


एआईबीए को मैकलारेन ग्लोबल स्पोर्ट्स सॉल्युशंस (एमजीएसएस) की मुक्केबाजी की स्वतंत्र जांच की पहले चरण की रिपोर्ट मिल गई है जो पीटीआई के पास भी है। इसमें खुलासा किया गया है कि रियो में अधिकारियों द्वारा मुकाबलों में हेरफेर की प्रणाली मौजूद थी। कुल मिलाकर दो फाइनल सहित 14 मुकाबले जांच के दायरे में हैं।


रिपोर्ट में खेलों में अधिकारियों की संदेहास्पद नियुक्तियों के संदर्भ में किया गया, ‘‘यह सेंटा क्लॉज के भ्रष्ट और शिष्ट के मिथक का पूरी तरह उलट है। भ्रष्ट लोगों को रियो में नियुक्ति दी गई क्योंकि वे इच्छुक थे या दबाव में हेराफेरी के किसी आग्रह का समर्थन करने को तैयार थे जबकि शिष्ट लोगों को बाहर कर दिया गया। ’’


जांच में खुलासा हुआ है कि रियो के नतीजों को हेराफेरी का षड्यंत्र लंदन ओलंपिक 2012 से पहले भी रचा गया और 2016 टूर्नामेंट के क्वालीफाइंग टूर्नामेंटों के दौरान इसका ट्रायल किया गया।


इसमें कहा गया, ‘‘पैसे और एआईबीए से फायदे के लिए मुकाबलों में हेरफेर की गई या राष्ट्रीय महासंघों और उनकी ओलंपिक समितियों का आभार जताने के लिए और कुछ मौकों पर प्रतियोगिता के मेजबान की उसके वित्तीय समर्थन और राजनीतिक समर्थन के लिए। ’’


इसमें कहा गया, ‘‘आज तक की जांच में निष्कर्ष निकलता है कि इस तरह की हेराफेरी में कई मौकों पर छह अंक की मोटी धनराशि जुड़ी होती थी। हेराफेरी की प्रणाली भ्रष्ट रैफरी और जज तथा ड्रॉ आयोग से जुड़ी थी।’’


एआईबीए ने विस्तृत कार्रवाई और रैफरी तथा जजों की नियुक्ति के लिए कड़ी प्रक्रिया का वादा किया है।


अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से दोबारा मान्यता हासिल करने का प्रयास कर रहे एआईबीए ने कहा, ‘‘एआईबीए रियो 2016 मुक्केबाजी टूर्नामेंट की जांच के नतीजों से चिंतित है और पुष्टि करता है कि विस्तृत सुधारवादी कदम उठाए जाएंगे जिससे कि मौजूदा एआईबीए प्रतियोगिताओं की अखंडता बनी रहे।’’


अब 24 अक्टूबर से सर्बिया के बेलग्राद में शुरू हो रही विश्व चैंपियनशिप के लिए नियुक्त होने वाले रफैरी, जज और तकनीकी अधिकारियों को कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा जिसमें रिचर्ड मैकलारेन की अगुआई वाला एमजीएसए उनकी पृष्ठभूमि और अन्य जांच भी करेगा।


एआईबीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआईबीए के तत्कालीन प्रमुख चिंग कुओ वू रियो में हुए प्रकरण के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे।


जांच में कहा गया है दो मुकाबले ऐसे थे जिन्होंने पूरी प्रणाली को सार्वजनिक तौर पर धाराशायी कर दिया।


पहला मुकाबला विश्व एवं यूरोपीय चैंपियन माइकल कोनलान तथा रूस के व्लादिमीर निकितिन के बीच बैंटमवेट क्वार्टर फाइनल था। इसमें कोनलान को रिंग में दबदबा बनाने के बावजूद हार झेलनी पड़ी। कोनलान ने रैफरी और जज से कैमरा के सामने दुर्व्यवहार किया और बाद में पेशेवर मुक्केबाज बन गए।


दूसरा स्वर्ण पदक का हैवीवेट मुकाबला था जो रूस के येवगेनी तिसचेंको और कजाखस्तान के वेसिली लेविट के बीच खेला। लेविट को भी दबदबा बनाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था।





...

'चक दे! इंडिया' की 'कोमल चौटाला' चित्रांशी रावत बोलीं- शायद मैं भी ओलिंपिक्स की टीम में होती

मुंबई : बॉलिवुड स्टार शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म 'चक दे! इंडिया' में कोमल चौटाला का रोल कर मशहूर हुईं ऐक्ट्रेस चित्रांशी रावत पिछले काफी समय से गायब हैं। कम ही लोगों को पता है कि ऐक्टर बनने से पहले चित्रांशी वास्तव में एक हॉकी प्लेयर रही हैं। चित्रांशी का कहना है कि अगर वह हॉकी खेलना जारी रखतीं तो आज शायद ओलिंपिक्स की हॉकी टीम का हिस्सा होतीं। 


'चक दे! इंडिया' साइन करने के समय को याद करते हुए चित्रांशी ने कहा, 'जब मुझे फिल्म का ऑफर मिला था तब मैं अपनी पढ़ाई और हॉकी पर ध्यान दे रही थी। फिल्म हिट हो गई और लोग मुझे पहचानने लगे। इसके बाद मुझे और काम मिलने लगा तो मैं ऐक्टिंग में ही आ गई। इसके बाद हॉकी की प्रेक्टिस के लिए समय निकालना कठिन हो गया।'


तोक्यो ओलिंपिक्स में भारतीय महिला हॉकी टीम की परफॉर्मेंस से खुश चित्रांशी ने कहा, 'यह इतिहास में पहली बार है जबकि महिला हॉकी टीम सेमी-फाइनल्स में पहुंची है। इससे पता चलता है कि अभी बहुत कुछ पाना बाकी है। साथ ही इससे हमारी टीम को पहचान और स्पॉन्सरशिप मिलेगी जिसकी पिछले काफी समय से जरूरत थी। मुझे स्पोर्ट्स के साथियों को देखकर खुशी होती है। अब हॉकी के साथ ही अन्य स्पोर्ट्स पर भी ध्यान देने का समय है।'


ओलिंपिक्स के दौरान चित्रांशी के मन में क्या आया? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'हमारी हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया और मैं साथ में खेला करते थे। मुझे इंडियन टीम में उसे देखकर बहुत खुशी हुई। उसे देखकर मेरे दिमाग में एक ही बात आई कि अगर मैं हॉकी खेलना जारी रखती तो शायद मैं भी अपने देश की हॉकी टीम के साथ ओलिंपिक्स में होती। मुझे नहीं पता लेकिन ऐसा सोचकर बहुत अच्छा लग रहा था।'


चित्रांशी ने कहा कि हॉकी से उन्हें हमेशा प्यार रहेगा मगर अभी वह ऐक्टिंग करके खुश हैं। उन्होंने कहा, 'मैं लगातार काम कर रही हूं लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मैं काम नहीं कर रही हूं क्योंकि मैं खुद को बहुत ज्यादा प्रमोट नहीं करती हूं। मेरे पिछला टीवी शो 'शंकर जयकिशन' था। इसके बाद मैंने फिल्मों, वेब शो के लिए शूटिंग की है। अभी मैं एक कॉमिडी शो में काम कर रही हूं। मैंने पिछले 5 सालों में कई विज्ञापनों में भी काम किया है।'




...

अजित कुमार, दीक्षा को राष्ट्रीय अंडर-23 एथलेटिक्स मीट में 1500 मीटर में स्वर्ण

नई दिल्ली : गुजरात के अजित कुमार और मध्य प्रदेश की केएम दीक्षा ने सोमवार को यहां पहली राष्ट्रीय अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में क्रमश: पुरुष और महिला 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते।


अजित ने तीन मिनट 47.31 सेकेंड के निजी सर्वश्रेष्ठ समय के साथ 1500 मीटर में सोने का तमगा अपने नाम किया।


महिला 1500 मीटर में दीक्षा ने चार मिनट 14.02 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सात सेकेंड का सुधार किया।


उत्तर प्रदेश की किरण बालियान ने गोला फेंक में 16.11 मीटर के प्रयास से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।


सुबह के सत्र में महाराष्ट्र के आदेश यादव और कोमल चंद्रकांत क्रमश: पुरुष और महिला 5000 मीटर के खिताब जीते।


हरियाणा के प्रशांत सिंह कन्हैया ने 5.10 मीटर के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करते हुए पोल वॉल्ट में स्वर्ण पदक जीता।




...

तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में फिर स्वर्ण पदक से चूका भारत, दो रजत पदक जीते

यांकटन (अमेरिका) : भारत की महिला और मिश्रित युगल कंपाउंड तीरंदाजी टीम को कोलंबिया के खिलाफ एकतरफा मुकाबलों में शिकस्त के साथ यहां विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत विश्व चैंपियनशिप में अपने पहले स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश कर रहा था। भारत अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया है लेकिन उसने सबसे अधिक 10 बार पोडियम पर जगह बनाई है। इस दौरान भारत ने आठ बार फाइनल में चुनौती पेश की और उसे हर बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। रैंकिंग दौर में चौथे स्थान पर रही अभिषेक वर्मा और ज्योति सुरेखा वेनाम की भारत की स्टार मिश्रित युगल जोड़ी ने एक अंक की बढ़त के साथ शुरुआत की लेकिन इसके बाद कोलंबिया का दबदबा देखने को मिला। भारतीय जोड़ी को अंतत: 150-154 से शिकस्त झेलनी पड़ी। ज्योति, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर की सातवीं वरीय महिला टीम को सारा लोपेज, एलेजांद्रा उसक्वियानो और नोरा वाल्डेज की तिकड़ी के खिलाफ 224-229 से हार का सामना करना पड़ा। रैंकिंग दौर में शीर्ष पर रही कोलंबियाई टीम ने 15 बार 10 अंक पर निशाना साधा और इस दौरान उनके पांच निशाने बिलकुल बीच में लगे। पहले दौर के बाद दोनों टीमें 58-58 से बराबर थी। भारतीय महिला टीम ने इसके बाद बढ़त बनाने का मौका गंवाया और विरोधी टीम एक अंक से आगे हो गई। कोलंबियाई टीम ने इसके बाद भारतीय टीम को कोई मौका नहीं दिया और आखिरी 12 में से आठ तीर 10 अंक पर मारकर तीसरी बार महिला खिताब जीता। यह 2017 के बाद टीम का पहला खिताब है। मिश्रित युगल में भारत के लिए दूसरा दौर खराब रहा जहां उन्होंने दो बार नौ और एक बार अंठ अंक के साथ एक अंक की बढ़त गंवाई और अंतत: चार अंक के अंतर से मुकाबला हार गई। रैंकिंग दौर में दूसरे स्थान पर रही डेनियल मुनोज और सारा ने पहले दौर के बाद वापसी की और तीसरे दौर में 40 में से 40 अंक जुटाकर पहली बार मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता। कुल मिलाकर कोलंबियाई जोड़ी ने 16 में से 10 तीर पर 10 अंक जुटाए जबकि भारतीय खिलाड़ी आठ बार ही 10 अंक जुटा पाए। कोलंबिया ने कंपाउंड तीरंदाजी में अपना दबदबा बरकरार रखा और विश्व चैंपियनशिप में अपने स्वर्ण पदकों की संख्या को चार तक पहुंचाया। भारत व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में भी तीन पदक की दौड़ में बना हुआ है। वर्मा और ज्योति को शनिवार को अपने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेलने हैं। रिकर्व वर्ग में अंकिता भकत एकमात्र तीरंदाज बची हैं। वह रविवार को अंतिम आठ मुकाबले में उतरेंगी।







...

जिस तरह गेंदबाजी की उससे खुश हूं : चहल

नई दिल्ली : रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने दुबई में नेट्स खत्म करने के बाद कहा है कि उन्होंने जिस तरह गेंदबाजी की उससे वह खुश हैं।


आईपीएल 2021 का दूसरा चरण यूएई में 19 सितंबर से शुरू होना है। इस टूर्नामेंट को मई में कुछ टीमों में कोरोना के मामले सामने आने के कारण स्थगित किया गया था। आरसीबी की टीम फिलहाल सात मैचों में पांच जीत के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर है।


आरसीबी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स में पोस्ट किए वीडियो में चहल ने कहा, एहसास काफी अच्छा है। गर्मी ठीक है और मैंने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे मैं खुश हूं। तालिका में हम अच्छी स्थिति में हैं और हमारे पास शीर्ष पर रहने का अच्छा मौका रहेगा। जब आप नेट्स पर अच्छी गेंदबाजी करते हैं तो आपको हमेशा अच्छा लगता है। मैं यह कह सकता हूं कि पुराना यूजी वापस आ गया है।


आईपीएल 2021 के दूसरे चरण में रविवार को होने वाले पहले मुकाबले में गत चैंपियन मुंबई इंडियंस का सामना दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स से होगा।


इससे पहले, बीसीसीआई ने घोषणा की थी कि आईपीएल के इस सीजन के शेष सत्र में सीमित संख्या में दर्शकों को शामिल होने की मंजूरी दी जाएगी। 



...

मेस्सी नहीं दिला सके पीएसजी को जीत, सिटी, लिवरपूल और मैड्रिड जीते

जिनेवा :  लियोनेल मेस्सी, काइलियान एमबाप्पे और नेमार जैसे सितारों से सजी होने के बावजूद पेरिस सेंट जर्मेन जीत दर्ज नहीं कर सकी और चैम्पियंस लीग फुटबॉल के मैच में उसे बेल्जियम के क्लब ब्रजे ने ड्रॉ पर रोक दिया। पीएसजी के लिये मिडफील्डर एंडेर हेरारा ने गोल दागा जबकि बेल्जियम के क्लब के लिये 27वें मिनट में कप्तान हैंस वानाकेन ने गोल किया। पहले हाफ में मेस्सी का शॉट क्रॉसबार से टकरा गया और उन्हें बाद में पीला कार्ड भी मिला। वहीं एमबाप्पे बायें टखने में चोट के शिकार हो गए। मेस्सी पिछले महीने ही बार्सीलोना छोड़कर पीएसजी से जुड़े हैं। पहली बार वे एमबाप्पे और नेमार के साथ इस क्लब के लिये खेल रहे थे। अन्य मैचों में सेबेस्टियन हालेर के चार गोल की मदद से अजाक्स ने स्पोर्टिंग लिसबन को 5.1 से हराया। वहीं मैनचेस्टर सिटी ने लेइपजिग को 6.3 से शिकस्त दी। लिवरपूल ने एसी मिलान को 3.2 से हराया जो सात सत्र बाद टूर्नामेंट में वापसी कर रही थी। रीयाल मैड्रिड ने इंटर मिलान को एक गोल से मात दी जबकि एटलेटिको मैड्रिड ने पोर्तो से गोलरहित ड्रॉ खेला। मोलदोवा लीग की शेरीफ तिरास्पोल ने उक्रेन की शखतार दोनेस्क को 2.0 से हराया। 




...

एएफआई ने तोक्यो में खराब प्रदर्शन के बाद श्रीशंकर के कोच को बर्खास्त किया

जयपुर : भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने सोमवार को कहा कि उसने तोक्यो ओलंपिक में लंबी कूद के खिलाड़ी एस श्रीशंकर के खराब प्रदर्शन के बाद उनके कोच एस मुरली को बर्खास्त कर दिया है जो उनके पिता भी हैं। यहां कार्यकारी परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद एएफआई ने साथ ही कहा कि ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप से पहले राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरह का टूर्नामेंट या फाइनल ट्रायल का आयोजन करके इन टूर्नामेंटों के लिए टीम का चयन किया जाएगा।


मार्च में फेडरेशन कप में 8.26 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने वाले 22 साल के श्रीशंकर तोक्यो ओलंपिक से ठीक पहले फिटनेस ट्रायल में बुरी तरह नाकाम रहे जिसके बाद एएफआई को उन्हें खेलों से हटाने के बारे में विचार करना पड़ा।


कोच ने हालांकि एएफआई को लिखित में दिया कि श्रीशंकर तोक्यो में कम से कम क्वालीफिकेशन का प्रदर्शन दोहराएंगे जिसके बाद एएएफआई ने उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने की स्वीकृति दे दी। श्रीशंकर ने हालांकि तोक्यो खेलों के बाद अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया।


एएफआई अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने कहा, ‘‘हम उसके कोचिंग कार्यक्रम से खुश नहीं हैं, पहली कार्रवाई हो चुकी है और हमने उसका कोच बदल दिया है। ’’


माना जा रहा है कि श्रीशंकर और राष्ट्रीय महासंघ से जुड़े मामले के बाद ही एएफआई ने ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले ‘फाइनल’ टूर्नामेंट कराने का फैसला किया है।


एएफआई की योजना समिति के अध्यक्ष ललित भनोट ने कहा,‘‘ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप का क्वालीफिकेशन समय काफी लंबा होता है। इसलिए अब फाइनल ट्रायल होगा, यह असल में प्रतियोगिता होगी और यह टीमों के चयन के लिए अंतिम प्रतियोगिता होगी।’’


ऐसा इसलिए किया गया है जिससे कि बड़ी प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ी अपनी फॉर्म के शीर्ष पर हो।


अनुभवी प्रशासक भनोट ने कहा कि भारत अगले साल एशियाई खेलों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम भेजेगा लेकिन शायद विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों के साथ ऐसा नहीं हो।


उन्होंने कहा, ‘‘जो क्वालीफाई करेंगे उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए भेजा जाएगा लेकिन एशियाई खेलों के लिए हम सर्वश्रेष्ठ टीम भेजेंगे। जहां तक राष्ट्रमंडल खेलों का सवाल है, यह इस पर निर्भर करेगा कि हमारी किन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है और कहां हमारे पास पदक जीतने का मौका नहीं है। ’’







...

प्रधानमंत्री से मिलकर अभिभूत हुए पैरा एथलीट कहा- आजतक ऐसा सम्मान किसी ने नहीं दिया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पैरा-एथलीटों के साथ अपनी बातचीत का वीडियो फुटेज साझा किया। 9 सितंबर को प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर टोक्यो 2020 पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले दल की मेजबानी की थी।


प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एथलीटों के साथ-साथ उनके कोच से भी संवाद किया और खेलों में पैरालंपिक पदक विजेताओं के रिकॉर्ड तोड़ ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि "मुझे आप सभी से प्रेरणा मिलती है।" इस दौरान कई खिलाड़ी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि आजतक उन्हें ऐसा सम्मान किसी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अन्य देश के खिलाड़ी हमसे कह रहे थे कि तुम्हारे प्रधानमंत्री तुमसे बात कर रहे हैं ये गर्व की बात है। हमारे प्रधानमंत्री तो हमसे बात नहीं करते हैं।


खिलाड़ियों ने पदक के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात को बड़ी उपलब्धि बताया। पदक जीतने पर प्रधानमंत्री के फोन की भी सराहना की। पैरा-एथलीटों ने उन्हें आमंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि वे उनके साथ एक टेबल साझा करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं।


इस दौरान प्रधानमंत्री ने पदक विजेता पैरा-पैडलर भावना पटेल को हमेशा सकारात्मक सोचने की सलाह दी। रुबीना को दिलासा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप हार-जीत की बात दिमाग से निकाल दो। वहां तक पहुंचना ही बड़ी बात है। प्रधानमंत्री ने लड़कियों को अवसर देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों को प्रशिक्षित करने की तकनीक पर एक कार्यशाला आयोजित किये जाने की जरूरत पर बल दिया।


प्रधानमंत्री ने भारतीय पैरालिंपिक एथलीटों से कहा, "आज आप सभी अपनी कड़ी मेहनत के कारण जाने जाते हैं। आप सभी लोगों को प्रेरित कर सकते हैं, बड़े बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं। मैं हमेशा आप सभी के साथ हूं।" आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर उन्होंने पैरा खिलाड़ियों से खेल जगत के अलावा किसी भी एक अन्य सामाजिक गतिविधि को लेकर स्कूल, कॉलेज और आसपास के युवाओं को जागरुक करने का आह्वान किया।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आप देश के राजदूत हैं। आपने पूरी दुनिया में राष्ट्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों का प्रभाव पारिवारिक जीवन में भी पड़ने वाला है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल में जो भी कमी रह गई उसे बोझ नहीं बनने देना। 130 करोड़ देशवासी खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं।


"अभी नहीं तो कभी नहीं" की मानसिकता को नकारात्मक बताते हुए से इससे असहमति जताते हुए प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से दिये अपने भाषण का हवाला देते हुए कहा, "यही समय है, सही समय है कि सोच होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि हार को हराने का भाव हमेशा मन में रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने हारी हुई मानसिकता को हरा दिया है।


खिलाड़ी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब आप अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जाते हैं तब कैसा महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वह यह भाव लेकर काम करते थे कि मैं नहीं छह करोड़ गुजराती हैं। उसी प्रकार अब बतौर प्रधानमंत्री मैं नहीं 130 करोड़ देशवासी हैं। इसके कारण बड़ा एक्साइटमेंट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि सामान्य रही है। मैं अपने देश की बात पूरी तन्मयता के साथ रखता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं प्रकाशित नहीं हूं बल्कि परप्रकाशित हूं।


खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि पैरा खेल और खिलाड़ियों को कोई जानता तक नहीं था लेकिन आपने इसे पहचान दी है। इसबार देश ने न केवल हमारे पदकों को देखा बल्कि खेल स्पर्धाओं को भी देखा। पिछले साल जितने पैरा-एथलैटी गये थे उतने तो इस बार पदक आये हैं। यह सब केंद्र के सशक्त नेतृत्व की बदौलत है। प्रधानमंत्री ने इस पर कहा कि खिलाड़ी अपने पुरुषार्थ और परिश्रम की बदौलत यहां तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री की स्मरण शक्ति की प्रशंसा की तो उन्होंने कहा कि जब अपनापन हो जाता है तो आपको याद नहीं रखना पड़ता है।


उल्लेखनीय है कि भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक जीते जहां 9 खेल विषयों के 54 पैरा-एथलीटों ने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। इनमें पांच स्वर्ण, आठ सिल्वर और छह कांस्य पदक हैं।




...

प्रसारणकर्ताओं से बीजिंग ओलंपिक की कवरेज की योजना रद्द करने की अपील

तोक्यो :  मानवाधिकार समूहों ने अमेरिकी प्रसारण नेटवर्क एनबीसी सहित दुनिया के सबसे बड़े प्रसारणकर्ताओं से अगले साल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक की कवरेज की योजना रद्द करने की अपील की है। शीतकालीन खेल चार फरवरी से शुरू होंगे। यह आग्रह खुले पत्र में मानवाधिकार समूहों ने किया है जो चीन में अल्संख्यकों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनमें उइगर मुस्लिम, तिब्बती, हांगकांग के निवासी और अन्य शामिल हैं। एपी के पास मौजूद इस पत्र को एनबीसी यूनिवर्सल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैफ शेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रसारण कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों के पास भेजा गया है। एनबीसी अगले छह ओलंपिक के अधिकार के लिए सात अरब 75 करोड़ डॉलर का भुगतान कर रहा है और वह स्विट्जरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का बड़ा साझेदार है। प्रसारण अधिकार से होने वाली कमाई का आईओसी की कुल आय में 40 प्रतिशत तक हिस्सा है। 





...

पंजाब के मुख्यमंत्री ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए खुद बनाएंगे लजीज व्यंजन

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह तोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों और स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के लिए बुधवार को रात्रिभोज का आयोजन कर रहे हैं और उनके लिए वह खुद लजीज़ व्यंजन तैयार करेंगे। रात्रिभोज का आयोजन मोहाली के सिसवां में सिंह के फार्महाउस में होगा। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठकराल ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ''पंजाब के ओलंपिक पदक विजेताओं और नीरज चोपड़ा से किए गए अपने वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह उनके वास्ते खुद भोजन तैयार करेंगे। भोज में पटियाला के पुलाव, गोश्त, चिकन, आलू और जरदा राइस जैसे लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे।'' मुख्यमंत्री ने पिछले महीने ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए आयोजित समारोह में उनसे, उन्हें अपने हाथ का बना भोजन कराने का वादा किया था।




...

भारत के टोक्यो पैरालंपिक विजेताओं को सम्मानित करेंगे योगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टोक्यो पैरालिंपिक के सभी पदक विजेताओं को सम्मानित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार करने को कहा है।


सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, टोक्यो पैरालिंपिक में खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है। यूपी के पदक विजेताओं के साथ-साथ देश के लिए पदक जीतने वाले सभी लोगों को एक सार्वजनिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, इस कार्यक्रम में राज्य के 75 जिलों के सभी दिव्यांग खिलाड़ियों को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए। यह उनके लिए मनोबल बढ़ाने वाला होगा। इस आयोजन के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जानी चाहिए।


उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ओलंपिक खिलाड़ियों को सम्मानित किया था और स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को 2 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 1.5 करोड़ रुपये, कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम के सभी सदस्य को एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया था। पदक और महिला हॉकी टीम के सभी सदस्य के लिए 50 लाख रुपये, जो एक पदक से चूक गए।


यह कार्यक्रम पिछले महीने राज्य की राजधानी में आयोजित किया गया, जिसमें सभी पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया था।






...

सभी बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है अवनि का गोल्डन सफर

टोक्यो पैरालम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सबसे बड़ा कारनामा कर दिखाया है भारत की पैरा शूटर अवनि लेखरा ने जो 5 सितम्बर को पैरालम्पिक के समापन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक बनीं। दरअसल अवनि ने इस पैरालम्पिक में दो-दो पदक जीतकर ऐसा इतिहास रच डाला, जो अबतक ओलम्पिक या पैरालम्पिक के इतिहास में भारत की कोई भी महिला खिलाड़ी नहीं कर सकी है। भारतीय निशानेबाज अवनि लखेरा ने टोक्यो पैरालम्पिक में 30 अगस्त को हुई निशानेबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, जो पैरालम्पिक्स के इतिहास में भारत का शूटिंग में पहला स्वर्ण पदक था। अवनि ने 21 निशानेबाजों के बीच 7वें पायदान पर रहते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई थी और महिलाओं के आर-2 10 मीटर एयर राइफल क्लास एसएच-1 में फाइनल मैच में उनका मुकाबला चीन की झांग कुइपिंग और यूक्रेन की इरियाना शेतनिक से था। अवनि ने 249.6 प्वाइंट प्राप्त कर न केवल चीन की शूटर को पराजित करते हुए स्वर्ण पर कब्जा जमाया बल्कि यूक्रेन की खिलाड़ी के वर्ष 2018 के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। अवनि की जीत के बाद चीन की झांग कुइपिंग को रजत और यूक्रेन की इरियाना शेतनिक को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।


व्हील चेयर पर होते हुए भी जयपुर की अवनि ने महज 19 वर्ष की आयु में निशानेबाजी में 30 अगस्त को भारत के लिए पहला पैरालम्पिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब 3 सितम्बर की निशानेबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक भी भारत के नाम किया तो उनकी इस उपलब्धि पर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। दरअसल इस जीत के साथ ही अवनि एक ही पैरालम्पिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई। हालांकि पुरुषों की स्पर्धा में अवनि से पहले यह कारनामा जोगिंदर सिंह सोढ़ी कर चुके हैं, जिन्होंने 1984 के पैरालम्पिक में एक रजत और दो कांस्य पदक (गोला फैंक में रजत और चक्का फैंक तथा भाला फैंक में कांस्य) जीते थे। वह किसी भी पैरालम्पिक में खेलों के एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। अवनि ने टोक्यो पैरालम्पिक में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उस स्पर्धा के फाइनल में 445.9 के स्कोर के साथ वह तीसरे स्थान पर रही।


8 नवम्बर 2001 को राजस्थान के जयपुर में जन्मी अवनि लखेरा के पिता प्रवीण लखेरा राजस्थान के रेवेन्यू विभाग में आरएएस के पद पर कार्यरत हैं। अवनि जब केवल 11 वर्ष की थी, उस दौरान उनके साथ एक दिन ऐसी घटनी घटी, जिसने उनकी जिंदगी को एकाएक गहरे अंधकार में धकेल दिया था। 20 फरवरी 2012 को वह अपने पिता के साथ जयपुर से धौलपुर जा रही थी कि रास्ते में उनकी कार दुर्घटना की शिकार हो गई। उस हादसे में अवनि और उनके पिता को गहरी चोटें लगी। हालांकि पिता तो कुछ समय बाद पूरी तरह ठीक हो गए लेकिन सड़क हादसे में अवनि की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी, जिस कारण वह करीब पांच महीने तक अस्पताल में बैड पर ही रही और इलाज के बाद भी जीवन पर्यन्त चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। उस दर्दनाक हादसे के बाद अवनि बुरी तरह से टूट गई थी और उसने अपने आप को घर में एक कमरे में बंद कर लिया था लेकिन परिजनों ने हार नहीं मानी और लगातार उसका हौसला बढ़ाते रहे। उस दौरान अवनि अपनी पढ़ाई-लिखाई पर ही फोकस करने लगी थी लेकिन उसके पिता ने उसे खेलों में भी ध्यान लगाने को प्रेरित किया।


पिता के मार्गदर्शन में जब अवनि ने अभिनव बिंद्रा की जीवनी पढ़ी तो वह इस कदर प्रभावित हुई कि खेलों के प्रति उसके मन में जोश बढ़ गया। आखिरकार एक दिन ऐसा आया, जब वर्ष 2015 में अवनि जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में निशानेबाजी की ट्रेनिंग लेने के लिए पहली बार व्हील चेयर पर ही मैदान में उतरी। छोटी-सी उम्र में व्हील चेयर पर होने के बावजूद अवनि ने हार नहीं मानी और दृढ़ संकल्प की बदौलत पैरालम्पिक में वह करिश्मा कर दिखाया, जिसे कर दिखाने में सामान्य खिलाड़ियों को भी बेहद कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खेलों के प्रति वह इस हद तक समर्पित हो गई कि अब उन्हें ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम भी जाना जाता है। हालांकि वह पढ़ाई-लिखाई में भी काफी अव्वल रहती हैं तथा फिलहाल शूटिंग के साथ-साथ लॉ की पढ़ाई कर रही हैं और आगे राजस्थान सिविल सर्विस में जाना चाहती हैं।


शुरुआती दौर में अवनि को व्हील चेयर चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि वह मानदंडों के मुताबिक नहीं थी, इसके अलावा बंदूक और शूटिंग किट भी उपलब्ध नहीं थी लेकिन अपने दृढ़ संकल्प के साथ वह शूटिंग में बहुत जल्द शानदार प्रदर्शन करने लगी। वर्ष 2015 में अपनी ट्रेनिंग शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही अवनि ने राजस्थान स्टेट चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीतकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। मजे की बात रही कि वह चैम्पियनशिप अवनि ने अपने कोच से उनकी राइफल उधार लेकर जीती थी। 2016 में पुणे में आयोजित हुई नेशनल चैम्पियनशिप में अवनि ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उसके बाद तो अवनि ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक कई पदक अपने नाम किए। 2018 में 61वीं नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में भी अवनि ने पदक जीते थे। अपनी कड़ी मेहनत और जुनून के चलते अवनि ने 2016 से 2020 तक कुल पांच स्वर्ण पदक जीते। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टेडिंग एसएच1 में विश्व रैकिंग में वह पांचवें स्थान पर आती हैं।


बहरहाल, टोक्यो पैरालम्पिक में अवनि की दोहरी सफलता ने साबित कर दिया है कि भारत की बेटियां भी अपनी मेहनत और बुलंद हौसलों के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल करने का सामर्थ्य रखती हैं। दिव्यांग होते हुए भी अवनि ने निरन्तर सघंर्ष किया और उसी का प्रतिफल है कि उन्होंने टोक्यो पैरालम्पिक में दो-दो पदक जीतकर इतिहास रच डाला। 2012 में सड़क दुर्घटना में कमर के नीचे के शरीर को लकवा मार जाने के बावजूद अवनि का गहरे अवसाद से निकलकर कड़ा संघर्ष करने, दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने और टोक्यो पैरालम्पिक में दो पदक जीतने तक का शानदार सफर हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। निश्चित रूप से 19 साल की आयु में अवनि की देश को गौरवान्वित करने वाली उपलब्धियां समस्त भारतवर्ष की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।


-योगेश कुमार गोयल-

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)





...

डीएम सुहास एलवाई का नोएडा में जोरदार स्वागत, डीएनडी पर लगा भारी जाम

नोएडा:  टोक्यो पैरालंपिक्स में रजत पदक जीतकर स्वदेश लौटे गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास यतिराज का जोरदार स्वागत हुआ। डीएनडी में डीएम के समर्थक हजारों की संख्या में मौजूद रहे। डीएम के नोएडा में प्रवेश करते ही उनके समर्थकों ने फूल-माला, डोल-नगाड़े से उनका भव्य स्वागत किया। हालांकि इस दौरान डीएनडी पर लंबा जाम लग गया। पीक ऑवर होने की वजह से कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगते हुए चलीं।


आपको बता दें कि गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास यतिराज ने टोक्यो पैरालंपिक्स में पुरुष सिंगल्स बैडमिंटन स्पर्धा एसएल-4 का रजत पदक जीत कर इतिहास रचा है। हालांकि उसका स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया। फाइनल मुकाबले में फ्रांस के खिलाड़ी लुकास माजुर ने सुहास यतिराज को 2-1 से शिकस्त दी। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बधाई दी है।


वहीं, सुहास की जीत के बाद उनकी पत्नी और एडीएम गाजियाबाद ऋतु सुहास ने कहा कि यह खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। इन पलों का बरसों से इंतजार था। रजत पदक छह साल की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। सुहास एलवाई की मां जयाश्री ने कहा कि उन्हें बेटे की जीत पर गर्व है। उनका सपना था कि वह पैरालंपिक में पदक जीते।



...

नागर की उपलब्धि ने प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान ला दी : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर कृष्णा नागर को बधाई देते हुए रविवार को कहा कि उनकी इस उपलब्धि ने प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कृष्णा नागर ने रविवार को हांगकांग के चू मैन काई को पुरूषों की एकल एसएच6 क्लास के तीन गेम तक चले रोमांचक फाइनल में हराकर तोक्यो पैरालंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे बैडमिंटन खिलाड़ियों के तोक्यो पैरालंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर खुशी हो रही है। कृष्णा नागर की शानदार उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर मुस्कान लेकर आयी है। स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई। भविष्य के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’’




...

प्रधानमंत्री मोदी ने नरवाल और अडाना की सराहना की

तोक्यो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोक्यो पैरालम्पिक में निशानेबाजी मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले मनीष नरवाल और सिंहराज सिंह अडाना की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय खेलों के लिये यह खास पल है। मोदी ने ट्वीट किया,‘‘ तोक्यो पैरालम्पिक में जीत का सिलसिला जारी है। युवा और बेहद प्रतिभाशाली मनीष नरवाल की शानदार उपलब्धि। उनका स्वर्ण पदक भारतीय खेलों के लिये खास पल है। उन्हें बधाई और भविष्य के लिये शुभकामना।’’ वहीं उन्होंने आगे कहा,‘‘ शानदार सिंहराज सिंह अडाना ने फिर यह कर दिखाया। उन्होंने एक और पदक जीता और इस बार मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 में पदक जीता। भारत को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। उन्हें बधाई और भविष्य के लिये शुभकामना।’’ विश्व रिकॉर्डधारी उन्नीस वर्ष के नरवाल ने पैरालम्पिक का रिकॉर्ड बनाते हुए 218.2 स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता। वहीं पी1 पुरूषों की एस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मंगलवार को कांस्य जीतने वाले अडाना ने 216.7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही अडाना एक ही खेलों में दो पदक जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। 



...

प्रवीण कुमार के जीतने पर गांव में जश्न का माहौल, बधाई देने वालों का लगा तांता

जेवर : खादर क्षेत्र के गांव गोविदगढ़ निवासी अमरपाल सिंह के पुत्र प्रवीण कुमार ने पैरालिपिक 2020 में शुक्रवार को देश की झोली में रजत पदक डाला। उनका खेल देखने के लिए स्वजन व ग्रामीण टेलीविजन के आगे टकटकी लगाए थे। जैसे ही प्रवीण ने रजत पदक जीता, पूरा गांव खुशी से झूम उठा। ग्रामीण प्रवीण के घर पहुंच गए और स्वजन को मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों ने गानों व ढोल की थाप पर जमकर ठुमके लगाये। बॉक्स


प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर प्रवीण को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रवीण के माता-पिता से फोन पर बात कराई। मुख्यमंत्री ने प्रवीण की सफलता के लिए उनके स्वजन को बधाई दी और सम्मानित करने का वादा किया। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्रवीण के घर पहुंचकर स्वजन को मिठाई खिलाकर उसकी सफलता के लिए स्वजन को बधाई दी। जेवर विधायक ने यमुना प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्रवीण कुमार के नाम से क्षेत्र में स्टेडियम बनाने की मांग की है। बॉक्स


बधाई देने के लिए दिन भर लगा रहा तांता

प्रज्ञान पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या दीप्ति शर्मा व प्रबंधक हरीश शर्मा, सरदार मंजीत सिंह, सुभाष चंदेल उर्फ चाचा हिन्दुस्तानी, हरेंद्र भाटी व गजेंद्र अत्री भी बधाई देने गांव पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी ने फोन पर बधाई दी। बॉक्स


स्वजन से फोन पर प्रवीण ने की बात

प्रवीण ने रजत पदक जीतने के बाद दादी राजकली, पिता अमरपाल सिंह, माता निर्दोष, भाई सचिन कुमार व बहन से फोन पर बात की। स्वजन ने इसे देश के लिए गौरव बताते हुए सफलता के लिए प्रवीण को बधाई व आशीर्वाद दिया। 



...

मोदी ने प्रवीण कुमार से बात कर बधाई दी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार से बात कर उन्हें बधाई दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी ने प्रवीण कुमार से बात कर उन्हें रजत पदक जीतने के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रवीण कुमार की मेहनत और उनके कोच तथा परिवार से प्रवीण को मिले सहयोग की भी सराहना की।

प्रवीण कुमार ने शुभकामनाओं तथा बधाई के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

उल्लेखनीय है कि प्रवीण कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की ऊंची कूद टी 64 स्पर्धा में रजत पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है साथ ही उन्होंने एशिया का रिकॉर्ड भी बनाया है।

...

बढ़ते पदक -घटते स्टेडियम और दावा 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' होने का?

भारतीय खिलाड़ियों ने कुछ दिन पूर्व टोकियो में संपन्न हुये ओलम्पिक खेलों से लेकर पैरालिम्पिक खेलों तक में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के द्वारा अपनी शानदार प्रतिभा का लोहा तो ज़रूर मनवा दिया है परन्तु कई आलोचकों का यह भी मानना है कि भारत जैसे विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी के लिहाज़ से देश में जीत कर आने वाले पदकों की संख्या फिर भी कम है। परन्तु यदि पदक विजेता खिलाड़ियों की पारिवारिक व आर्थिक पृष्ठभूमि पर नज़र डालें तो पायेंगे कि  इनमें अधिकांश खिलाड़ी मध्यम,निम्न मध्यम अथवा ग़रीब परिवार के सदस्य हैं। कुछ पदक विजेता खिलाड़ी तो ऐसे भी हैं जिनके मां बाप ने मज़दूरी कर अपने बच्चों को इस योग्य बनाया कि उन्होंने पदक जीत कर देश का नाम रौशन किया। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्राप्त होने वाली वह सुविधायें तथा उस तरह का आहार भी नहीं मिल पाता जिसके वे हक़दार भी हैं और उनके लिये ज़रूरी भी है। ऐसे ही मध्यमवर्गीय व ग़रीब परिवार से आने वाली प्रतिभाओं की बेबसी को उजागर करने वाली एक ख़बर पिछले दिनों तब सामने आयी जब धनबाद की रहने वाली एक प्रतिभाशाली निशनेबाज़ कोनिका लायक ने समाज सेवी फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद से लगभग तीन लाख रूपये क़ीमत की एक जर्मन निर्मित राइफ़ल खरीदने हेतु ट्वीटर के माध्यम से मदद मांगी। कोनिका लायक ने सोनू सूद को टैग करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, "11वीं झारखंड स्टेट राइफ़ल शूटिंग चैंपियनशिप में  मैंने एक रजत और एक स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, सरकार ने मेरी बिल्कुल भी मदद नहीं की है। कृपया एक राइफ़ल के साथ मेरी मदद करें'।" सोनू सूद ने फ़ौरन उसकी सहायता की और उसे वह रायफ़ल मिल सकी। कोनिका ने इससे पहले  खेलमंत्री मंत्री से लेकर स्थानीय सांसद तक से अपनी रायफ़ल की ज़रुरत की गुहार लगायी थी। परन्तु हम आम तौर पर अपने देश में तो यही देखते आ रहे हैं कि पदक जीतने के बाद ही सरकारें अपनी 'इनायतों की बौछार ' करती हैं। जबकि इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि खिलाड़ियों को वह सभी सुविधाएं मुहैय्या कराई जायें जो उनकी खेल प्रतिभा को निखारने व पदक जीतने में सहायक हों।


इन सब वास्तविकताओं के बावजूद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ओलम्पिक में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री को देने के आशय का एक लेख देश के तमाम अख़बारों में संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित कराया। इस आलेख में उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा नीरज चोपड़ा को चूरमा तथा पीवी सिंधु को आइसक्रीम पेश करना, बजरंग पुनिया के साथ हंसते रहना, रवि दहिया को और हंसने के लिए कहना तथा मीराबाई चानू के अनुभव सुनना तथा टोक्यो में भाग लेनेवाले प्रत्येक एथलीट के साथ समय बिताना,व पैरा ओलिंपिक दल के साथ बातचीत तथा उनकी प्रेरक जीवन यात्रा पर चर्चा तथा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में खेल महाकुंभ पहल की शुरूआत करने जैसी कई बातों का उल्लेख किया। और यहां तक लिखा कि वे 'भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें 'खिलाड़ियों का प्रधानमंत्री' कहा जा सकता है।सरकार के और भी कई पक्षकारों ने ओलम्पिक में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री व उनकी सरकार की खेल नीतियों को देने की कोशिश की। अभी देश ओलम्पिक तथा पैरालिम्पिक खेलों में भारत के अच्छे प्रदर्शन का जश्न मना ही रहा था कि इसी बीच भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने घोषणा कर दी कि रेलवे के 400 रेलवे स्टेशनों, 90 यात्री ट्रेनों के साथ साथ  15 रेलवे स्टेडियम व कई रेलवे कालोनियों तथा कोंकण व कई अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ट्रेनों व रेल लाइनों के पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पी पी पी ) के तहत निजी क्षेत्रों को देने का फ़ैसला किया गया है। सरकार इस व्यवस्था को 'मॉनेटाईज़ेशन' का नाम भी दे रही है। परन्तु दरअसल सरकार द्वारा पी पी पी  और मॉनेटाईज़ेशन जैसे शब्दों का प्रयोग 'निजीकरण ' शब्द के स्थान पर ही किया जा रहा है।


बहरहाल 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' की दौर-ए-हुकूमत में रेलवे की जो अरबों रूपये की संपत्ति पी पी पी के निशाने पर है उनमें खेल स्टेडियम के रूप में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स डीएलडब्लू वाराणसी,मुंबई के परेल में स्थित इंडोर स्टेडियम और क्रिकेट ग्राउंड,पटना स्थित इंडोर स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, चेन्नई स्थित बेहाला स्टेडियम, रेलवे स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स,कोलकाता, रायबरेली स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, गुवाहाटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स,मालिगांव, कपूरथला स्टेडियम, बंगलुरू का येलाहंका क्रिकेट स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, सिकंदाराबाद, महालक्ष्मी स्टेडियम,मुंबई ,हॉकी स्टेडियम,राँची,लखनऊ क्रिकेट स्टेडियम ,गोरखपुर स्टेडियम तथा करनैल सिंह स्टेडियम, दिल्ली शामिल हैं। इनमें अनेक स्टेडियम ऐसे भी हैं जहां से प्रशिक्षित होकर हमारे देश की खेल प्रतिभाओं ने देश का नाम रौशन किया है। इन्हीं में रेलवे का सबसे बड़ा व प्रसिद्ध दिल्ली के कनॉट प्लेस का वह करनैल सिंह स्टेडियम भी है जहाँ से अभ्यास कर पी टी उषा ने 'उड़न परी' का ख़िताब हासिल किया था। इतना ही नहीं बल्कि ओलम्पिक में  बजरंग पूनिया,मीरा चानू ,सुशिल,रवि कुमार,साक्षी, सहित और भी कई सुप्रसिद्ध पदक विजेता खिलाड़ी दिल्ली के इसी करनैल सिंह स्टेडियम की देन हैं। यह स्टेडियम दिल्ली के केंद्र कनॉट प्लेस में लगभग 6 एकड़ ज़मीन पर बना है जहाँ प्रशिक्षु खिलाड़ियों के प्रशिक्षण,आवास,अभ्यास आदि की सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसी स्टेडियम से प्रशिक्षित होकर रेलवे ने अब तक ओलंपिक के 6 स्वर्ण पदक  जीते हैं। परन्तु शायद  'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' को लगता है कि ज़मीन के मूल्य के अनुसार इस ज़मीन से फ़ायदा नहीं उठाया जा रहा है और अनुमानतः दो हज़ार करोड़ से ज़्यादा क़ीमत की इस ज़मीन का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। यहाँ क्रिकेट  में रणजी ट्राफ़ी  के अलावा मुक्केबाज़ी ,कुश्ती और कई अन्य खेलों के अभ्यास व प्रशिक्षण होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ खेलों के राष्ट्रीय शिविर भी लगते रहे है। ज़ाहिर है पी पी पी (निजीकरण ) के बाद यह सभी गतिविधियां शायद संभव न हो सकें। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी पहचान रखने वाले इस स्टेडियम को समाप्त करने से भारतीय खेल प्रभावित होगा। परन्तु सरकार के क़दम से तो यही लगता है कि  उसे खिलाड़ियों की सुविधाओं व उनके पदक से ज़्यादा फ़िक्र सरकारी संपत्ति से धनार्जन करने की है। ऐसे में सवाल यह है कि जब एक ओर देश में आने वाले पदकों की संख्या तो बढ़ रही हो और ठीक उसी समय स्टेडियम्स की संख्या में सरकार द्वारा कमी की जा रही हो इसके बावजूद 'खिलाड़ियों के प्रधानमंत्री' होने का दावा करना क्या विरोधाभास पैदा नहीं करता ?


-निर्मल रानी-




...

पैरालंपिक (ऊंची कूद) : थंगावेलु ने जीता रजत, शरद ने जीता कांस्य

टोक्यो : भारत के पैरा एथलीट मरियप्पन थंगावेलु और शरद कुमार ने यहां जारी टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष ऊंची कूद में क्रमश: टी42 और टी63 वर्ग में रजत और कांस्य पदक जीते। थंगावेलु और शरद के पदक जीतने के साथ ही भारत ने इस पैरालंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम कर लिए हैं। थंगावेलु ने सीजन का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1.83 मीटर के जंप के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस इवेंट का स्वर्ण पदक अमेरिका के सैम ग्रेवे ने जीता। उन्होंने 1.88 मीटर का जंप किया। थंगावेलु और शरद से पहले मंगलवार को निशानेबाज सिंघराज ने पुरुष 10 मीटर एयरपिस्टल एसएच1 इवेंट में कांस्य पदक जीता। भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में अब तक दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य सहित कुल 10 पदक जीते हैं।




...

पैरालंपिक में वन परिवार के खिलाड़ियों ने दिलाई स्वर्णिम सफलता

जयपुर : टोक्यो में खेले जा रहे पैरालंपिक खेलों में सोमवार को वन परिवार से जुड़े खिलाड़ियों ने प्रदेश और देश को स्वर्णिम सफलता दिलाई। शूटिंग प्रतियोगिता में जहां जयपुर निवासी अवनि लखेरा ने गोल्ड मेडल जीता, वहीं भाला फेंक प्रतियोगिता में देवेंद्र झांझरिया ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण मंत्री सहित पूरे वन परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तीनों खिलाड़ियों और उनके परिवारों को बधाई दी है।


ये खबर भी पढ़े: शादी के दिन होने वाली बारिश से जुड़ें विश्वास एवं अंधविश्वास, जानिए क्या देते हैं संकेत

प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन-बल प्रमुख डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने बताया कि शूटिंग प्रतियोगिता में सोमवार को गोल्ड मेडल जीतने वाली अवनि लखेरा वन विभाग में बतौर एसीएफ कार्यरत हैं। देवेंद्र झांझरिया और सुंदर सिंह गुर्जर भी वन विभाग में एसीएफ के पद पर कार्यरत हैं। जयपुर निवासी अवनि लखेरा ने टोक्यो में जारी पैरा ओलंपिक खेलों की शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए देश को गोल्ड मेडल दिलाया। ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच-1 के फाइनल में उन्होंने 249 पॉइंट्स स्कोर कर गोल्ड मेडल हासिल किया।


अवनि के बाद दो और भारतीय खिलाड़ियों ने पदक अपने नाम किए। भाला फेंक प्रतियोगिता में राजस्थान के देवेंद्र झांझड़िया ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। झांझड़िया ने 64.35 मीटर भाला फेंक कर सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने 64.1 मीटर दूर भाला फेंक कर ब्रोंज मेडल जीता। उल्लेखनीय है कि झांझड़िया इससे पूर्व पैरा ओलंपिक में दो बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।


इस स्वर्णिम उपलब्धि पर वन मंत्री सुखराम बिश्नोई, प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. दीप नारायण पाण्डेय सहित पूरे वन परिवार ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तीनों खिलाड़ियों और उनके परिवारों को बधाई दी है।



...

खेलो भारत खेलो

भारत में खेल स्पर्धाओं को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। खेलों पर राष्ट्रीय नीति घोषित करनी चाहिए। हालांकि ‘टोक्यो ओलंपिक’ के बाद खेलों में देश की नयी छवि उभरकर सामने आयी है। भारत अब खेलना चाहता है और खूब खेलना चाहता है, लेकिन उसके लिए माहौल होना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर खेलों पर नीतिगत फैसले लेने चाहिए। खेलों के लिए बेहतर क्या किया जा सकता है इसके लिए केंद्र स्तर पर एक स्वतंत्र खेल आयोग का गठन होना चाहिए। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक है सुविधाएं चाहिए। किन-किन खेलों के लिए क्या बेहतर होना चाहिए उस पर विचार करना चाहिए।


खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन की कितनी आवश्यकता होगी। खिलाड़ियों को प्राथमिक स्तर पर कितनी बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। ग्रामीण स्तर पर खेलों के मैदान की उपलब्धता क्या होनी चाहिए इस तरह की सुविधाओं का विकास देश में होना आवश्यक है। हमारे यहां खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन नीतियों का भाव है। खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद देश उन पर खुले दिल से धन की वर्षा करता है, अगर यही सुविधाएं खिलाड़ियों को पहले से मुहैया करा दी जाएं तो भारत सिर्फ पदक तालिका में अपना मुकाम हासिल ही नहीं करेगा बल्कि ग्लोबल रैंकिंग पर अपना बेहतर प्रदर्शन करेगा। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए उनसे सीधी बात कर उनका मनोबल बढ़ाने का काम किया। लेकिन इस काम के लिए भी उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी।


खेलों में ‘ग्लोबल रैंकिंग’ की बात करें तो भारत की स्थिति आज भी बहुत बेहतर नहीं है। यह दीगर बात है कि टोक्यो ओलंपिक में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन हमें नीरज चोपड़ा से आगे भी निकलना होगा। ग्लोबल रैंकिंग में आज भी संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान जैसे देश बने हुए हैं। भारत से कई गुना छोटे मुल्क बेहतर प्रदर्शन करते हैं। टोक्यो ओलंपिक में ग्लोबल रैंकिंग में भारत का 48 वाँ स्थान है। हमें अमेरिका, चीन, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस की कतार में खड़ा होना होगा। यह तभी संभव होगा जब खेलों पर सरकार अच्छी नीति लेकर आएगी। जीत के बाद खिलाड़ियों पर खजाना लुटाने कि नीति से हमें बचना होगा।


देश के खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास जरूरी है। सारा पैसा एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत मद में चला जाता है। जिससे दूसरे खिलाड़ी जो बेहतर प्रदर्शन के बाद जीत हासिल नहीं कर पाते हैं उनमें निराशा हाथ लगती है। हम यह भी नहीं कहते हैं कि खिलाड़ियों का सम्मान नहीं होना चाहिए लेकिन प्रतिभाग करने वाले दूसरे खिलाड़ियों का भी मनोबल नहीं गिरना चाहिए। उनके लिए भी बेहतर सुविधाएं और खेलों का माहौल होना आवश्यक है। खेलों को हमें राष्ट्रीय नीति में शामिल करना होगा। हरियाणा जैसा राज्य देश में सबसे अधिक खिलाड़ियों को पैदा करता है। खेलों को लेकर हमें हरियाणा सरकार की नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना चाहिए। तभी हम खेलों का विकास कर सकते हैं।


टोक्यो ओलंपिक के बाद पैरालंपिक में भी सुखद खबर आयी है। पैरालंपिक में भी हमारी ग्लोबल रैंकिंग 35 वें स्थान पर है। अब तक हमारे खिलाड़ियों ने एक गोल्ड के साथ 7 मेडल जीता है। यहाँ भी चीन, अमेरिका और ब्रिटेन अपनी स्थिति को मजबूत किए हुए हैं। फिलहाल भारत का संघर्ष जारी है। देश की मीडिया और दूसरे क्षेत्रों में पैरालंपिक को लेकर वह उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है जो ओलंपिक को लेकर रहा। ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जिस तरह देश जश्न मना रहा था वह स्थिति पैरालंपिक में नहीं दिख रही है। इसे हम अच्छा संकेत नहीं कर सकते हैं। जबकि हमारे लिहाज से यह गर्व का विषय है कि पैरालंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने ओलंपिक से बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें उम्मीद है कि ओलंपिक से कहीं अच्छा प्रदर्शन करके हमारे खिलाड़ी स्वदेश लौटेंगे। खिलाड़ियों की हौसलाआफजाई के लिए सरकार और दूसरी संस्थाओं को भी व्यक्तिगत रूप से आगे आना चाहिए।


टोक्यो ओलंपिक में भारत की अवनि लखेड़ा ने एयर राइफल स्टैंडिंग में स्वर्ण पदक जीता है। पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। इसके अलावा देवेंद्र झाझरिया, योगेश कथुनिया और सुंदर सिंह ने रजत, ब्रांज मैडल जीत कर देश का मान बढ़ाया है। दूसरे खिलाड़ी भी इस जीत में शामिल हैं। लेकिन जिस तरह का जश्न नीरज चोपड़ा की जीत पर दिखा था वह जोश लखेड़ा की जीत पर नहीं दिख रहा है। जबकि यह उपलब्धि ओलम्पिक से कहीं अधिक बड़ी है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर लेखारा को बधाई दी है। मीडिया और देश को यह खाई पाटना होगा। हमें उन्हें सर आंखों पर बिठाना होगा। अवनी राजस्थान से आती हैं 12 साल की उम्र में वह पैरालिसिस की शिकार हो गई थी, लेकिन जिंदगी से उन्होंने हार नहीं मानी और टोक्यो पैरालंपिक में उन्होंने इतिहास रच दिया। भारत की इस बेटी पर हमें गर्व है।


टोक्यो पैरालंपिक में नौ इवेंट्स में भाग लेने के लिए 54 खिलाड़ियों का दल भेजा गया है। पैरालंपिक का आयोजन 5 सितंबर तक चलेगा। भारत ने अभीतक 7 पदक जीते हैं, आगे भी उम्मीद है कि पैरालंपिक खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। पैरालंपिक के लिए 1972 में मुरलीकांत पेटकर ने भारत के लिए पहला पदक जीता था। भारत के ओलंपिक इतिहास पर नजर डालें तो अबतक 24 ओलंपिक खेलों में हम 35 पदक जीत चुके हैं। भारत खेलना चाहता है और खेल में सबसे अधिक मौके ग्रामीण इलाकों में है। इस हालात में सरकार को खेलों पर एक ठोस नीति नीत बनानी चाहिए।


केंद्र सरकार को राज्य के सहयोग से ग्रामीण इलाकों में खेलों के मैदान का विकास, बेहतर सुविधाएं और वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए। अगर हमारी तैयारी जमीनी स्तर पर रहेगी तो निश्चित तौर पर भारत आने वाले दिनों में ग्लोबल रैंकिंग में चैंपियन बनकर आएगा। सरकार खेलों को बढ़ावा देती है तो भारत के युवाओं में असीमित ऊर्जा है। इस मिट्टी से हजारों ध्यानचंद, मिल्खा सिंह, नीरज चोपड़ा, अवनी लेखारा,पीटी उषा, मीराबाई चानू और पीवी सिंधु की फौज तैयार होगी। अब वक्त आ गया है जब खेलों पर सरकारों को विशेष ध्यान देना चाहिए। खेलों को स्कूली पाठ्यक्रमों में भी शामिल करना चाहिए। खेल शिक्षा को अनिवार्य बनाना चाहिए। उम्मीद है कि सरकार इस पर ठोस कदम उठाएगी।


-प्रभुनाथ शुक्ल-

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)






...

खेल गौरव से सम्मानित किया मनोज तिवारी नें अखाड़े के विकास के लिए दिए साढ़े 5 लाख

नई दिल्ली : सांसद मनोज तिवारी ने आज यमुना विहार में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न खेलों बॉक्सिंग कुश्ती एवं पावर लिफ्टिंग से संबंधित खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन बॉक्सिंग कोच एवं सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र शर्मा बॉक्सर ने किया। इस अवसर पर सांसद मनोज तिवारी के अलावा पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल विधायक अजय महावर मोहन सिंह बिष्ट पूर्वांचल मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल मिश्रा भाजपा नेता वीरेंद्र खंडेलवाल आनंद त्रिवेदी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे इस अवसर पर मनोज तिवारी ने कहा कि खेल दिवस के उपलक्ष पर मेजर ध्यानचंद के नाम से दिया जा रहा यह सम्मान न सिर्फ नवोदित खिलाड़ियों को प्रेरणा देगा बल्कि मेजर ध्यानचंद जैसा खिलाड़ी बनने के लिए उन्हें एक लक्ष्य देगा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बड़े खेल पुरुस्कार का नामकरण मेजर ध्यानचंद के नाम से किया मकसद यही था की महान खिलाड़ियों के नाम से मिलने वाले पुरस्कार से खिलाड़ियों का सम्मान तो होगा ही उनमें महान खिलाड़ी बनने की ऊर्जा का संचार भी होगा उन्होंने गोकलपुर गांव में संचालित एक अखाड़े से आए कुश्ती के प्रशिक्षक एवं कुश्ती की प्रतिभा के धनी कई खिलाड़ियों के अनुरोध पर अपनी ओर से मैट लगाने की व्यवस्था हेतु साढ़े रुपये 5लाख देने की घोषणा भी की यह राशि 24 घंटे के अंदर अखाड़े के गुरु को सौंप दी जाएगी महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने खेल गौरव पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम के आयोजक बॉक्सर को बधाई के साथ साथ शुभकामना देते हुए कहा कि ऐसे सराहनीय प्रयास से खेल प्रतिभाओं को बल मिलेगा और इन्हीं में से कुछ खिलाड़ी निकल कर अपनी प्रतिभा को दिल्ली और देश के सामने रख सकेंगे विधायक अजय महावर और मोहन सिंह बिष्ट ने पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दी।





...

वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने 'खिलाड़ी घेरा' कार्यक्रम के जरिए मेजर ध्यानचंद को किया याद

वाराणसी : मेजर ध्यानचंद की जयंती पर सपा ने रविवार को शिवपुर स्तिथ ओलम्पियन विवेक सिंह मिनी स्टेडियम में 'खिलाड़ी घेरा' कार्यक्रम का आयोजन किया। सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने मुख्य मुद्दे गिनाएं। आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा खोज की ख़ामियां, खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में अपारदर्शिता व पक्षपात, स्पोर्ट्स एकेडमियों की सीमित संख्या व अनुपलब्धता, खिलाड़ियों के लिए खेल व अभ्यास उपकरणों की कमी है।


इसके साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में खिलाड़ियों को संतुलित पोषणात्मक आहार की कमी, स्थानीय, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं की अनियमितता स्थानीय स्तर पर स्टेडियम की कमी व रखरखाव की समस्याएं, खिलाड़ियों पर मानसिक दवाव व मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन की कमी खिलाड़ियों के समुचित शारीरिक विश्राम की कमी, खिलाड़ियों के मानदेय में भेदभाव भी शामिल था। इस दौरान विष्णु शर्मा ने खिलाड़ियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन भी किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की समस्याएं दूर करने के लिए वे पूरी कोशिश करेंगे और उनकी लड़ाई लड़ते रहेंगे।


इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुजित यादव लक्कड़, आनंद मोहन ( गुड्डू), उत्तरी विधान सभा अध्यक्ष अजय चौधरी, राजेश याद, ओपी सिंह, हरीश नारायण सिंह बग्गड़, महिलासभा महानगर अध्यक्ष पूजा यादव, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष ओपी पटेल, महानगर मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा, लोहियावाहिनी महानगर अध्यक्ष दीपचंद गुप्ता, सत्यनारायण यादव, उमेश प्रधान, प्रियांशु यादव, जीशान अंसारी, अभिजीत यदुवंशी, मोतीलाल यादव, यास्मीन खान, सतीश यादव आदि लोग उपस्थित थे।





...

खेल मंत्री ठाकुर ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप जारी किया

नयी दिल्ली : खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को यहां ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर व्यक्तिगत प्रशिक्षण-सह-फिटनेस मार्गदर्शन करने वाले ‘फिट इंडिया’ मोबाइल ऐप को लॉन्च किया।


ठाकुर ने कहा कि यह ऐप राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत के लोगों के लिए सरकार की ओर से एक उपहार है। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है।


ठाकुर ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘फिट इंडिया ऐप मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि है, जो देश के खिलाड़ियों के नायक हैं।’’


इस कार्यक्रम में तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने भी ऑनलाइन तरीके से जुड़कर भाग लिया।


खेल मंत्री ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों के फिट रहने के लिए ऐप बहुत जरूरी है और उनसे ऐप का सख्ती से पालन करने की उम्मीद की जाती है। यह नये, युवा भारत को फिट रखने का एक प्रयास है क्योंकि एक फिट युवा ही एक महान भारत बना सकता है।’’


मनप्रीत ने इस ऐप का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘ हम फिटनेस को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हमें फिटनेस के लिए एक दिन में अपने समय का सिर्फ आधा घंटा समर्पित करने की आवश्यकता है। यह ऐप मजेदार और मुफ्त है और इससे कोई भी कहीं भी अपनी फिटनेस का परीक्षण और निगरानी कर सकता है।’’


उन्होंने बताया, ‘‘ यह ऐप बहुत मददगार और उपयोग में आसान है। मैं पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि यह मेरी फिटनेस को और बेहतर बनाने में मेरी मदद करेगा।’’


इस कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, खेल सचिव रवि मित्तल, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।



...

पैरालंपिक के लिये दो अफगानी खिलाड़ी तोक्यो पहुंचे

तोक्यो : पैरालंपिक खेलों में भाग लेने के लिए अफगानिस्तान के दो खिलाड़ी शनिवार को यहां पहुंच गये लेकिन वे अभी मीडिया से बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं है।


अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) के अनुसार जाकिया खुदादादी और हुसैन रासौली की दो सदस्यीय टीम काबुल से पेरिस होकर तोक्यो पहुंची। ये दोनों खिलाड़ी कोविड-19 की सभी जांच को पूरी करने के बाद अपनी स्पर्धाओं में भाग लेने से पहले खेल गांव में है और अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे इन खेलों के पांच सितंबर को समापन के बाद कहा जायेंगे।


आईपीसी के प्रवक्ता क्रेग स्पेंस ने कहा कि उन्हें परिस्थितियों से अनुकूल होने के लिए कुछ दिनों के लिए एकांत में रहने की जरूरत है।


स्पेंस ने रविवार को एक सम्मेलन में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक जटिल स्थिति है। हमने जिन परिस्थियों का सामना किया है उसमें यह सबसे जटिल स्थिति में से एक हैं।’’


उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। मानव जीवन यहां सबसे महत्वपूर्ण चीज है। यहां खिलाड़ियों का होना मीडिया कवरेज हासिल करने के बारे में नहीं है। यह इन खिलाड़ियों के पैरालंपिक खेलों में भाग लेने में सक्षम होने के अपने सपने को पूरा करने के बारे में है।’’


स्पेंस ने यह नहीं बताया कि वे काबुल से कैसे निकले, लेकिन उन्होंने इस मामले में कई सरकारों और अन्य एजेंसियों की मदद का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईपीसी कई दिनों से उनकी निगरानी कर रहा था। इन खेलों के उद्घाटन समारोह में  24 अगस्त को टीम की अनुपस्थिति में देश की प्रतिनिधित्व को दर्शाने के लिए एक स्वयंसेवक अफगानिस्तान का झंडा लेकर चला था।


जाकिया 2004 एथेंस के बाद पैरालंपिक में भाग लेने वाली अफगानिस्तान की पहली महिला एथलीट होंगी।


वह गुरुवार को ताइक्वांडो के महिलाओं के 44-49 किग्रा वजन वर्ग चुनौती पेश करेंगी।


दल के दूसरे साथी मंगलवार को पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा की हीट में हिस्सा लेंगे।


रासैली को हालांकि 100 मीटर टी47 स्पर्धा में भाग लेना था लेकिन देर से पहुंचने के कारण आयोजकों ने उन्हें शुक्रवार को होने वाले इस वर्ग के 400 मीटर स्पर्धा में डाल दिया। वह हालांकि इसे लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है।


स्पेंस ने रासौली के हवाले से कहा, ‘‘मैं 100 मीटर फर्राटा घावक हूं। 400 मीटर मेरे लिए काफी थका देने वाला होगा।’’


इसकी जगह उन्हें अब मंगलवार होने वाले की टी47 वर्ग के लंबी कूद स्पर्धा में शामिल किया गया है।


इन खिलाड़ियों को शरण का मुद्दा भी अधर में है। जब स्पेंस से इस बारे में पूछा गया कि क्या वे पेरिस लौटेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब खिलाड़ी ही दे सकते है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘इन खिलाड़ियों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।’’




...

ओलंपिक ने देश पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला है, इस गति को बनाए रखना है : मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तोक्यो ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन ने खेलों को लेकर ‘‘बहुत बड़ा प्रभाव’’ पैदा किया है। उन्होंने देशवासियों से खेलों को लेकर पैदा हुई इस गति को ‘‘सबका प्रयास’’ मंत्र के जरिए बनाए रखने का आह्वान किया।


आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ की 80वीं कड़ी में देश और दुनिया के लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने खेल-कूद को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में स्थायी बनाने और ऊर्जा से भरने पर जोर दिया।


उन्होंने कहा, ‘‘इस बार ओलंपिक ने बहुत बड़ा प्रभाव पैदा किया है। अभी ओलंपिक के खेल समाप्त हुए हैं और पैरालम्पिक चल रहा है। खेल जगत में जो कुछ भी हुआ, वह विश्व की तुलना में भले ही कम है, लेकिन विश्वास पैदा करने के लिए बहुत अहम है।’’


प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युवा खेलों की तरफ न केवल देख रहा है, बल्कि वह इससे जुड़ी संभावनाओं की ओर भी देख रहा है और उसके सामर्थ्य को बहुत बारीकी से समझ भी रहा है तथा इससे खुद को जोड़ना भी चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब इतनी गति आई है और हर परिवार में खेलों को लेकर चर्चा शुरू हुई है तो आप ही बताइए कि क्या हमें इस गति को थमने देना चाहिए?...जी नहीं...अब देश में खेल और खेल-कूद एवं खेल भावना रूकना नहीं है। इस गति को पारिवारिक एवं सामजिक जीवन में स्थायी बनाना है और निरंतर ऊर्जा से भर देना है।’’


उन्होंने कहा, ‘‘घर हो बाहर हो, गांव हो या शहर, हमारे मैदान भरे होने चाहिए। सब खेलें, सब खिलें। ‘सबका प्रयास’ के मंत्र से ही भारत खेलों में वह ऊंचाई प्राप्त कर सकेगा, जिसका वह हकदार है।’’ प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर देशवासियों को बधाई दी और इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। तोक्यो ओलंपिक में हॉकी में भारत के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद की आत्मा जहां भी होगी, बहुत ही प्रसन्नता का अनुभव कर रही होगी। उन्होंने कहा कि भारत के नौजवानों और बेटे-बेटियों ने चार दशक बाद फिर से हॉकी में जान फूंक दी है।





...

भाविना पटेल ने पैरालम्पिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली : तोक्यो पैरालम्पिक में टेबल टेनिस स्पर्धा के महिला एकल में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाविना बेन पटेल को रविवार को बधाई दी और उनकी जीत को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे युवा खेलों के प्रति आकर्षित होंगे।प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''असाधारण भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने देश के लिए ऐतिहासिक रजत पदक जीता है। उनकी जीवन यात्रा प्रेरक है और वह युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करेंगी।'' भाविना बेन पटेल को तोक्यो पैरालंपिक की टेबल टेनिस क्लास 4 स्पर्धा के महिला एकल फाइनल में रविवार को चीन की झाउ यिंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। उन्हें यिंग ने सीधे मुकाबले में 7-11, 5-11, 6-11 से शिकस्त दी। हालांकि, इसके बावजूद वह तोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत को पहला पदक दिलाने में सफल रहीं। बाद में प्रधानमंत्री ने भाविना से फोन पर बात की और उन्हें रजत पदक जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मोदी ने भाविना से कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने रजत पदक विजेता को भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। भाविना गुजरात में मेहसाणा जिले के वडनगर के सुंधिया गांव की रहने वाली हैं। प्रधानमंत्री ने भाविना को बताया कि वह अक्सर सुंधिया जाते रहते थे। उन्होंने भाविना से यह भी पूछा कि उनके परिवार के कौन-कौन से सदस्य अभी गांव में रहते हैं। इसके जवाब में भाविना ने बताया कि उनके माता-पिता सुंधिया में ही रहते हैं। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री भी वडनगर के ही रहने वाले हैं।




...