8 राज्यों की 58 सीटों पर वोटिंग आज

2024 लोकसभा चुनाव के छठे फेज में शनिवार (25 मई) को 7 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश की 58 सीटों पर वोटिंग होगी।

जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी सीट पर तीसरे फेज में चुनाव होना था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यहां छठे फेज में वोटिंग हो रही है।

2019 में इन सीटों पर सबसे ज्यादा भाजपा 40, बसपा 4, ‌BJD 4, सपा 1, JDU 3, TMC 3, LJP 1, आजसू 1 सीट जीती थीं। कांग्रेस और AAP अपना खाता भी नहीं खोल सकी थीं।

इस फेज में 3 केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कृष्ण पाल सिंह गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह मैदान में हैं। 3 पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, मनोहर लाल ख‌ट्‌टर और जगदंबिका पाल भी चुनाव लड़ रहे हैं।

इनके अलावा मनोज तिवारी, मेनका गांधी, नवीन जिंदल, बांसुरी स्वराज, संबित पात्रा, राज बब्बर, निरहुआ भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के छठे फेज में 889 कैंडिडेट्स चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 797 पुरुष और 92 महिला उम्मीदवार हैं।

इस फेज में सबसे अमीर प्रत्याशी हरियाणा के कुरुक्षेत्र सीट से भाजपा उम्मीदवार नवीन जिंदल हैं। उनके पास 1241 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

543 लोकसभा सीटों में पांचवे फेज तक 429 सीटों पर मतदान हो गया है। 25 मई तक कुल 487 सीटों पर मतदान पूरा हो जाएगा। आखिरी और सातवें फेज में 56 सीटों पर वोटिंग होगी।

183 कैंडिडेट्स पर क्रिमिनल केस, 141 ने किए हत्या-किडनैपिंग जैसे गंभीर अपराध

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 183 कैंडिडेट ऐसे हैं, जिन पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। वहीं 141 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन पर हत्या, किडनैपिंग जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें से 12 उम्मीदवारों को किसी न किसी मामले में दोषी ठहराया गया है। 6 उम्मीदवारों पर हत्या और 21 पर हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले 24 उम्मीदवारों पर दर्ज हैं। 3 उम्मीदवारों के खिलाफ दुष्कर्म (IPC-376) का केस दर्ज है। वहीं, 16 कैंडिडेट्स पर भड़काऊ भाषण देने का केस दर्ज है।

39% उम्मीदवार करोड़पति, भाजपा के सबसे ज्यादा 48

लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 889 उम्मीदवारों में से 39 फीसदी यानी 343 करोड़पति हैं। इन कैंडिडेट्स के पास औसत संपत्ति 6.21 करोड़ रुपए है। सबसे ज्यादा भाजपा के 48 उम्मीदवार करोड़पति हैं। कांग्रेस से BJP में आए नवीन जिंदल सबसे अमीर कैंडिडेट हैं। उनके पास 1241 करोड़ की संपत्ति है।

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर संतृप्त मिश्रा (482 करोड़ रुपए) और तीसरे नंबर पर कांग्रेस के सुशील गुप्ता (169 करोड़ रुपए) हैं। बीजू जनता दल के सभी 6 कैंडिडेट, RJD और JDU के सभी 4 कैंडिडेट, सपा के 11, TMC के 7, कांग्रेस के 20 और आम आदमी पार्टी के 4 कैंडिडेटस की संपत्ति एक करोड़ या उससे ज्यादा है

सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों में SUCIC (C) के उम्मीदवार रामकुमार यादव का नाम है। उनके पास 1686 रुपए की संपत्ति है। वहीं, रोहतक से निर्दलीय उम्मीदवार मास्टर रणधीर सिंह के पास संपत्ति के नाम पर महज 2 रुपए हैं।

छठे चरण की हॉट सीटें, जिन पर रहेगी नजर...

1. नई दिल्ली

दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं, 15 साल का अनुभव रखती हैं। खुद PM मोदी ने इनके नाम का सुझाव दिया था। उनका सामना आम आदमी पार्टी के 3 बार विधायक रह चुके सोमनाथ भारती से है, पेशे से सोमनाथ भी वकील हैं।

2. नॉर्थ दिल्ली

BJP-कांग्रेस में नॉर्थ दिल्ली में सीधा मुकाबला है, लेकिन दो बार के सांसद मनोज तिवारी का पलड़ा भारी है। कन्हैया इससे पहले 2019 का चुनाव हार चुके हैं। तब उन्होंने बेगूसराय से CPI की टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, इसके बाद कन्हैया कांग्रेस से जुड़ गए। कन्हैया पर देश विरोधी नारों की छाप लगी है।

3. सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश

सुल्तानपुर सीट पर जातीय समीकरण चुनाव पलट सकते हैं। पिछले दोनों चुनावों में BJP ने यहां जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार निषाद और कुर्मी वोट काटने के लिए सपा-बसपा ने अपने प्रत्याशी इन दोनों समुदायों के ही उतारे हैं। इससे BJP की लय बिगड़ने के आसार हैं। हालांकि 8 बार सांसद रह चुकी मेनका जातीय समीकरण को काटने का माद्दा रखती हैं।

4. आजमगढ़, उत्तर प्रदेश

आजमगढ़ सीट पर निरहुआ और धर्मेद्र यादव दूसरी बार आमने-सामने हैं। 2022 बाइपोल में मिली जीत से निरहुआ का कॉन्फिडेंस हाई है, लेकिन गुड्‌डू जमाली के सपा में जाने से निरहुआ की राह मुश्किल हो सकती है। उधर, अखिलेश के भाई धर्मेंद्र को सपा के साथ इंडी गठबंधन का भी सपोर्ट मिल रहा है। आजमगढ़ में सपा के लिए नाक बचाने की लड़ाई है। परिवार की सीट को वापस पाने के लिए पूरा यादव कुनबा एक्टिव है।

5. डुमरियागंज, उत्तर प्रदेश

डुमरियागंज सीट से भाजपा ने पूर्व CM जगदंबिका पाल को पांचवीं बार चुनाव मैदान में उतारा है। पूर्व CM इसी सीट पर बतौर कांग्रेस प्रत्याशी जीत चुके हैं, लेकिन 2014 में चुनाव से पहले BJP जॉइन कर ली थी। बसपा ने नदीम और सपा ने इंडी गठबंधन से सीट शेयरिंग के तहत भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी को टिकट दिया है।


6. कुरुक्षेत्र, हरियाणा

10 साल के ब्रेक के बाद दूसरी पारी की शुरुआत कर रहे नवीन जिंदल के लिए इस सीट पर BJP को जीत दिलाना बड़ी चुनौती है। नवीन का मुकाबाल आम आदमी पार्टी के सुशील गुप्ता और इनेलो के अभय सिंह चौटाला से है। कांग्रेस छोड़ BJP में आए जिंदल की जीत के साथ पार्टी यहां जीत की हैट्रिक लगा सकती है।

7. गुड़गांव, हरियाणा

पंजाबी और मुस्लिम बहुल गुड़गांव में इस बार कांग्रेस-BJP में सीधी टक्कर है। एक तरफ राज बब्बर का स्टारडम है, तो वहीं दूसरी तरफ BJP को गुटबाजी से नुकसान का डर। 2019 के चुनाव में राव इंद्रजीत ने कांग्रेस के कैप्टन अजय सिंह को 4.95 लाख वोटों से हराया था। लेकिन 3 बार के सांसद के सामने कांग्रेस के अलावा जेजेपी के राहुल यादव भी हैं।

8. करनाल, हरियाणा

चुनाव से ठीक पहले, CM चेहरा बदलने से भी विपक्ष को आक्रामक होने का मौका मिल गया। दिव्यांशु का यह पहला ही चुनाव है, लेकिन उन्हें नेताओं की गुटबाजी से जूझना पड़ रहा है। पिछली बार भाजपा सांसदों के विनिंग मार्जिन के लिहाज से करनाल सीट देश में दूसरे नंबर पर रही थी। BJP ने यहां 6 लाख वोटों से ज्यादा से जीत दर्ज की थी।

9. फरीदाबाद, हरियाणा

इस सीट पर अब तक हुए चुनावों में 6 बार कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि 5 बार भारतीय जनता पार्टी को। मौजूदा सरकार में केंद्रीय मंत्री गुर्जर के पास हैट्रिक का मौका है। दोनों बड़ी पार्टियों ने जाटों के दबदबे वाली सीट पर गुर्जर उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की तरफ से चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह कृष्णपाल को टक्कर देंगे। हालांकि महेंद्र और कृष्णपाल 20 साल पहले विधानसभा चुनाव में भी प्रतिद्वंद्वी रह चुके हैं।

10. अनंतनाग-राजौरी, जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। अनंतनाग-राजौरी सीट पर पहले तीसरे फेज में वोटिंग होनी थी, लेकिन बाद में इसे छठे फेज के लिए शेड्यूल कर दिया गया। इस बार PDP चीफ और पूर्व CM महबूबा मुफ्ती की साख दांव पर है। हालांकि, यहां महबूबा से ज्यादा मियां अल्ताफ का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

11. संबलपुर, ओडिशा

ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मैदान में हैं। कांग्रेस ने नागेंद्र कुमार प्रधान और बीजू जनता दल ने प्रणब प्रकाश दास को टिकट दिया है। यह सीट पिछले 3 चुनावों से हर बार दूसरी पार्टी ने जीती है। 2019 के BJP के नितेश गंगा देब ने जीत हासिल की थी। BJD उम्मीदवार नलिनी कांता प्रधान 9162 वोटों से हार गए थे।

12. पुरी, ओडिशा

पुरी सीट को बीजू जनता दल का गढ़ माना जाता है। नेशनल पॉलिटिकल सेलेब्रिटी के तौर पर मशहूर संबित पात्रा और IPS रहे अरूप मोहन की इस सीट पर टक्कर दिलचस्प होगी। हालांकि भगवान जगन्नाथ को लेकर की टिप्पणी से संबित पात्रा की माइनस मार्किंग हो गई है। संबित 2019 में भी मात्र 11 हजार वोटों से यह सीट हार गए थे।

13. सिवान, बिहार

सिवान में हिना शहाब के निर्दलीय चुनाव लड़ने से मुकाबला तीन तरफा हो गया है। वे पिछले 3 चुनाव हार चुकी हैं, लेकिन पति शहाबुद्दीन की मौत के बाद यह पहला चुनाव होगा। JDU ने लक्ष्मी कुशवाहा को टिकट दिया है। RJD हिना से किनारा करके 3 बार के विधायक अवध बिहारी को मैदान में लाई है।

14. तामलुक, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की केंद्र सरकार से लगातार हर मुद्दे पर जंग देखने मिली है। चुनावी मैदान में भी यही नजारा है। कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज के खिलाफ TMC ने एक युवा चेहरे को टिकट दिया है। यही सीट अधिकारी बंधुओं के वर्चस्व के लिए भी जानी जाती है। यहां TMC-BJP दोनों के लिए जीतना बेहद अहम है।

ओडिशा में विधानसभा की 42 सीटों पर भी वोटिंग

ओडिशा में शनिवार (25 मई) को 42 विधानसभा सीटों पर भी वोटिंग होगी। 147 विधानसभा सीटों पर चार चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 13 मई को 28 सीटों पर और 20 मई को 63 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। इसके बाद आने वाले 1 जून को बाकी 42 सीटों पर वोटिंग होगी। मतगणना लोकसभा चुनावों की काउंटिंग के साथ 4 जून को होगी।

ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD), भाजपा, कांग्रेस और सीपीआई (एम) प्रमुख पार्टियां हैं। राज्य में अभी CM नवीन पटनायक के नेतृत्व में BJD की सरकार है। वो 5 मार्च 2000 से लगातार CM हैं। पटनायक CM पद पर रहने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। वे 24 साल से लगातार पद पर हैं। उनसे आगे सिक्किम के पूर्व CM पवन चामलिंग हैं, जो 24 साल 166 दिन तक CM पद पर रहे।

ओडिशा में 2019 के विधानसभा चुनाव में BJD ने 147 में से 113 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को 23, कांग्रेस को 9, सीपीआई (एम) और निर्दलीय को 1-1 सीटें मिली थीं।

लोकसभा चुनाव 7 फेज में हो रहे, नतीजे 4 जून को आएंगे

देश की 543 सीटों के लिए चुनाव सात फेज में होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी फेज की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। चुनाव आयोग ने लोकसभा के साथ 4 राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के विधानसभा चुनाव की तारीखें भी जारी की हैं। ओडिशा में 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को वोटिंग होगी।


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दिल्ली में वोटिंग के बीच अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान, 'वोट से बता दीजिए कि भारत में...'

लोकसभा चुनाव 2024 के छठवें चरण में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है. इस बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जनता से वोट डालने की अपील की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर लिखा कि 'मैं सभी मतदाता भाइयों और बहनों से अपील करता हूं कि वोट जरूर डालकर आएं. अपने परिवार, सगे-सम्बंधियों और मित्रों से भी वोट करने के लिए कहें.'

अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा कि 'लोकतंत्र के इस महापर्व में आपका एक-एक वोट तानाशाही सोच के खिलाफ भारत के लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने के लिए होगा. मतदान केंद्र पर जाइए और अपने वोट से बता दीजिए कि भारत में जनतंत्र है और जनतंत्र ही रहेगा. जय हिन्द.'

बता दें इस बार दिल्ली के रण में बीजेपी का मुकाबला 'इंडिया' गठबंधन में शामिल आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ है. दिल्ली में पिछले दो लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा रहा है. 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने सभी सात सीटों पर जीत हासिल की थी, ये ही वजह है कि बीजेपी के लिए सातों सीटों पर जीत हासिल करना चुनौती बन चुका है. वहीं इस बार भी बीजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदार को उतारा है. जबकि कांग्रेस ने तीन सीटों पर और आम आदमी पार्टी ने चार सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. 


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ED का दावा-AAP को ₹7.08 करोड़ अवैध फॉरेन फंडिंग मिली

इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) को विदेशी फंडिंग में 7 करोड़ रुपए से ज्यादा फंड मिला है। यह फंडिंग 2014 से 2022 के बीच कनाडा, अमेरिका, मिडिल ईस्ट, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से मिलने का दावा किया गया है। एजेंसी के मुताबिक यह फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) का उल्लंघन है।

पंजाब के पूर्व MLA सुखपाल सिंह खैरा और अन्य लोगों के खिलाफ ड्रग्स से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच में एजेंसी को कुछ डॉक्यूमेंट और ईमेल मिले थे, जिसके बाद एजेंसी ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। एजेंसी ने यह जांच 2021 में शुरू की थी और खैरा को उसी साल ED ने गिरफ्तार भी कर लिया था। अब खैरा कांग्रेस पार्टी में हैं

आतिशी बोलीं- भाजपा ED के जरिए राजनीतिक षड्यंत्र रच रही

ED के इन आरोपों के बाद आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा- मैं पीएम मोदी को लेकर गुस्से से भरी हूं। भाजपा साफतौर पर दिल्ली और पंजाब की सभी 20 लोकसभा सीटें हारने वाली है, इसलिए ED का सहारा लेकर राजनीतिक षड्यंत्र रच रही है।

आतिशी ने कहा कि शराब नीति घोटाले और स्वाति मालीवाल केस के फेल होने के बाद अब भाजपा 11 साल पुराने केस को फिर उठा लाई है। इस केस से जुड़े सभी सवाल ED, CBI, गृह मंत्रालय और इलेक्शन कमीशन को दिए जा चुके हैं। ED की तरफ से लगाए गए आरोप AAP का नाम खराब करने की मोदी की साजिश है।

ED का दावा- डोनेशन देने वाले डोनर्स की पहचान बताने में गड़बड़ी की गई

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ED ने पिछले साल अगस्त में गृह मंत्रालय को डिटेल में इस पूरे केस की जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि AAP ने FCRA और रेप्रिजेंटशन ऑफ पीपुल्स एक्ट का उल्लंघन किया है। अब ED ने इस केस से जुड़े कुछ नए इनपुट गृह मंत्रालय से शेयर किए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ED को पता चला कि AAP को विदेश से डोनेशन के तौर पर 7.08 करोड़ रुपए मिले हैं और पार्टी ने ये डोनेशन देने वाले फॉरेन डोनर की पहचान और नेशनैलिटी की जानकारी देने में गड़बड़ी की है। इसके अलावा कुछ और डिटेल्स में भी गड़बड़ी पाई गई है।ED का दावा- डोनेशन देने वाले डोनर्स की पहचान बताने में गड़बड़ी की गई

ED ने गृह मंत्रालय को सभी डोनर्स के नाम और राष्ट्रीयता की जानकारी दी

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने गृह मंत्रालय को उन सभी डोनर्स के वेरिफाइड नाम, नेशनैलिटी, पासपोर्ट नंबर, डोनेट किया गया अमाउंट, डोनेशन का मोड और डोनेशन पाने वाले का बैंक अकाउंट नंबर, बिलिंग नाम, एड्रेस, फोन नंबर्र ईमेल, डोनेशन का टाइम और डेट और इस्तेमाल किया गया पेमेंट गेटवे।

एजेंसी ने गृह मंत्रालय को बताया कि अमेरिका और कनाडा में AAP की ओवरसीज विंग के वॉलेंटियर्स की तरफ से 2015 और 2016 में कुछ फंडरेजिंग इवेंट्स के जरिए FCRA का उल्लंघन करते हुए ये पैसा जुटाया गया था।

ED ने गृह मंत्रालय को बताया कि कनाडा में रहने वाले कुछ लोगों के नाम और उनकी राष्ट्रीयता को पार्टी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स में छुपाकर रखा गया है ताकि पार्टी के भारतीय बैंक अकाउंट में किए गए विदेश डोनेशन को छुपाया जा सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, FCRA उल्लंघन के केस की जांच CBI करती है, लिहाजा गृह मंत्रालय CBI को लिखकर ED की तरफ से लगाए गए आरोपों की जांच करवा सकती है।

ED ने केजरीवाल की कस्टडी बढ़ाने की मांग की:राऊज एवेन्यू कोर्ट 2 जून को सुनवाई करेगा; इसी दिन दिल्ली CM को सरेंडर करना है

दिल्ली शराब नीति केस में ED ने राऊज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल की कस्टडी बढ़ाने की मांग की है। ED ने कोर्ट से 14 दिन का समय और मांगा है। कोर्ट 2 जून को इस पर सुनवाई करेगा। फिलहाल दिल्ली CM 1 जून तक जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए, 2 जून को सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसी केस में BRS नेता के कविता की कस्टडी भी 3 जून तक बढ़ा दी गई है।


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3 नए क्रिमिनल कानूनों के खिलाफ याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता 2023 समेत तीन नए क्रिमिनल कानूनों की जांच और लागू होने के बाद सही ढंग से काम करने की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका में कहा गया था कि ये बिल संसद में बिना बहस के पास कर दिए गए। उस वक्त ज्यादातर विपक्षी सांसद सस्पेंड थे।

जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मिथल की वैकेशन बेंच ने कहा कि ये कानून अब तक लागू नहीं हुए हैं। अपील करने में भी लापरवाही हुई है। अगर इस पर ज्यादा बहस की जाती तो याचिका को जुर्माने के साथ खारिज किया जाता।

बेंच के आदेश के बाद याचिका लगाने वाले एडवोकेट विशाल तिवारी ने कोर्ट से याचिका वापस लेने की परमिशन मांगी। इसके पहले सरकार ने बताया था कि भारतीय दंड संहिता (IPC) में सुधारों के बाद ये तीनों कानून बने हैं।

लोकसभा ने 21 दिसंबर 2023 को तीन बिलों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता बिल पास किए थे। 25 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन बिलों पर दस्तखत किए थे।

1 जुलाई से लागू होंगे 3 नए क्रिमिनल लॉ

तीन नए आपराधिक कानून 1 जुलाई 2024 से लागू हो जाएंगे। सरकार ने 24 फरवरी 2024 को इससे जुड़ी अधिसूचना जारी की थी। यानी इंडियन पीनल कोड (IPC) की जगह भारतीय न्याय संहिता, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो जाएगा।

नए कानून के लागू होने के बाद जो धाराएं अपराध की पहचान बन चुकी थीं, उनमें भी बदलाव होगा। जैसे हत्या के लिए लगाई जाने वाली IPC की धारा 302 अब धारा 101 कहलाएगी। ठगी के लिए लगाई जाने वाली धारा 420 अब धारा 316 होगी। हत्या के प्रयास के लिए लगाई जाने वाली धारा 307 अब धारा 109 कहलाएगी। वहीं, दुष्कर्म के लिए लगाई जाने वाली धारा 376 अब धारा 63 होगी।

हालांकि, हिट एंड रन केस का संबंधित प्रावधान तुरंत लागू नहीं होगा। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने जनवरी में कहा था कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) को लागू करने का फैसला अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) से सलाह के बाद ही लिया जाएगा।

क्या था हिट एंड रन केस का प्रावधान

ट्रक ड्राइवरों ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) के प्रावधान का विरोध किया था। साथ ही पूरे देश में इसके खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हड़ताल की थी। इस धारा में प्रावधान है कि यदि किसी ड्राइवर की तेज रफ्तार ड्राइविंग से किसी राहगीर की मौत हो जाती है। और ड्राइवर बिना पुलिस में रिपोर्ट किए भाग जाता है, तो यह अपराध गैर इरादतन हत्या की कैटेगरी में आएगा। साथ ही आरोपी ड्राइवर को 10 साल की कैद और 7 लाख रुपए जुर्माने की सजा होगी।

ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर्स ने 30 दिसंबर 2023 को जयपुर, मेरठ, आगरा एक्सप्रेस वे सहित कई हाईवे पर हिट एंड रन कानून के प्रावधान के खिलाफ विरोध शुरू किया था। जो 2 जनवरी को AIMTC से चर्चा के बाद खत्म हुई थी।

सशस्त्र विद्रोह करने और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जेल

बिल पेश करते हुए दिसंबर में लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अंग्रेजों का बनाया राजद्रोह कानून, जिसके चलते तिलक, गांधी, पटेल समेत देश के कई सेनानी कई बार 6-6 साल जेल में रहे। वह कानून अब तक चलता रहा। राजद्रोह की जगह उसे देशद्रोह कर दिया गया है, क्योंकि अब देश आजाद हो चुका है, लोकतांत्रिक देश में सरकार की आलोचना कोई भी कर सकता है।

शाह ने कहा था- अगर कोई देश की सुरक्षा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर कोई सशस्त्र विरोध, बम धमाके करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, उसे आजाद रहने का हक नहीं, उसे जेल जाना ही पड़ेगा। कुछ लोग इसे अपनी समझ के कपड़े पहनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन मैंने जो कहा उसे अच्छी तरह समझ लीजिए। देश का विरोध करने वाले को जेल जाना होगा।

बच्ची से रेप के दोषी को फांसी की सजा

पहले रेप की धारा 375, 376 थी, अब जहां से अपराधों की बात शुरू होती है, उसमें धारा 63, 69 में रेप को रखा गया है। गैंगरेप को भी आगे रखा गया है। बच्चों के खिलाफ अपराध को भी आगे लाया गया है। मर्डर 302 था, अब 101 हुआ है। 18 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप में आजीवन कारावास और मौत की सजा का प्रावधान है। गैंगरेप के दोषी को 20 साल तक की सजा या जिंदा रहने तक जेल।

3 विधेयकों से क्या बदलाव हुए?

कई धाराएं और प्रावधान बदल गए हैं। IPC में 511 धाराएं थीं, अब 356 बची हैं। 175 धाराएं बदल गई हैं। 8 नई जोड़ी गईं, 22 धाराएं खत्म हो गई हैं। इसी तरह CrPC में 533 धाराएं बची हैं। 160 धाराएं बदली गईं हैं, 9 नई जुड़ी हैं, 9 खत्म हुईं। पूछताछ से ट्रायल तक सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने का प्रावधान हो गया है, जो पहले नहीं था।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिकतम 3 साल में देना होगा। देश में 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं। इनमें से 4.44 करोड़ केस ट्रायल कोर्ट में हैं। इसी तरह जिला अदालतों में जजों के 25,042 पदों में से 5,850 पद खाली हैं।

भारतीय न्याय संहिता में क्या बड़े बदलाव हुए..

भारतीय न्याय संहिता (BNS) में 20 नए अपराध जोड़े गए हैं।

ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, हिट एंड रन, मॉब लिंचिंग पर सजा का प्रावधान।

डॉक्यूमेंट में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं।

IPC में मौजूद 19 प्रावधानों को हटा दिया गया है।

33 अपराधों में कारावास की सजा बढ़ा दी गई है।

83 अपराधों में जुर्माने की सजा बढ़ा दी गई है।

छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है।

संसद से 146 सांसद सस्पेंड थे

लोकसभा से 21 दिसंबर 2023 को तीन और सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। कांग्रेस सांसद डी के सुरेश, नकुल नाथ और दीपक बैज को निलंबित किया गया। इन्हें मिलाकर तब संसद से कुल 146 सांसद अब तक सस्पेंड किए जा चुके थे। इनमें 112 लोकसभा और 34 राज्यसभा के थे।

CJI बोले- नए क्रिमिनल लॉ समाज के लिए ऐतिहासिक: ये तभी सफल होंगे, जब जिन पर इन्हें लागू करने का जिम्मा है, वे इन्हें अपनाएंगे

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने तीन नए आपराधिक कानूनों को ऐतिहासिक बताया। CJI ने ये भी कहा कि भारत अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में अहम बदलाव के लिए तैयार है। ये बदलाव तभी सफल होंगे, जब जिन पर इन्हें लागू करने का जिम्मा है, वे इन्हें अपनाएंगे। CJI के मुताबिक, इन नए कानूनों ने आपराधिक न्याय के कानूनी ढांचे को एक नए युग में बदल दिया है। ये ऐतिहासिक इसलिए हैं, क्योंकि कोई भी कानून क्रिमिनल लॉ जैसा रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित नहीं करता। 



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स्वाति मालीवाल केस में गिरफ्तारी के बाद विभव कुमार ने कोर्ट का किया रुख, अग्रिम जमानत की याचिका दायर

आम आदमी पार्टी की नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी मामले में दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल के निजी सहयोगी विभव कुमार ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है.

स्वाति मालीवाल केस में दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास से शनिवार (18 मई) को विभव कुमार को गिरफ्तार किया है. जिसके बाद उन्हें सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन लेकर जाया गया. 

स्वाति मालीवाल केस में विभव कुमार गिरफ्तार

विभव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस लगातार उनकी लोकेशन को लेकर नजर रख रही थी. विभव कुमार ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से एफआईआर को लेकर जानकारी मिली. विभव कुमार ने भी ईमेल के माध्यम से पुलिस में शिकायत दी है. उन्होंने अनुरोध किया है कि उनकी शिकायत पर दिल्ली पुलिस संज्ञान ले. दिल्ली सरकार में मंत्री और आप नेता आतिशी ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए बताया था कि दिल्ली सीएम के सहयोगी विभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है. 

उधर, इस मामले में एफआईआर के बाद दिल्ली एम्स में स्वाति मालीवाल की मेडिकल जांच कराई गई. मेडिकल रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि मालीवाल के बाएं पैर और दाईं आंख के नीचे चोट के निशान हैं. आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल का आरोप है कि जब वो मुख्यमंत्री आवास पर अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए गई थी तो इस दौरान उनका पीए विभव कुमार ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट की थी. 


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दिल्ली शराब नीति मामले में अब आम आदमी पार्टी भी आरोपी, केजरीवाल और AAP के खिलाफ ED ने दर्ज की चार्जशीट

ईडी ने कथित शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. ईडी ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में दायर सप्लीमेंट्री चार्टशीट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ अब उनकी पार्टी को भी आरोपी बनाया है. 

पार्टी पदाधिकारियों की बढ़ सकती है मुश्किलें

आम आदमी पार्टी के खिलाफ चार्जशीट दायर होने के बाद अब पार्टी के पदाधिकारियो की मुश्किलें भी बढ़ सकती है. पार्टी के संयोजक होने के नाते अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती है. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसे आबकारी नीति मामले में अपराध की कथित आय के संबंध में अरविंद केजरीवाल और हवाला ऑपरेटरों के बीच चैट का पता चला है.

 एक जून तक अंतरिम बेल पर हैं केजरीवाल

जांच एजेंसी ने दावा कि जब केजरीवाल ने अपने फोन और अन्य उपकरणों का पासवर्ड देने से मना किया तो हवाला ऑपरेटरों के डिवाइश से चैट बरामद की गई. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम बेल दी है. हालांकि इस दौरान वह सीएम ऑफिस औऱ दिल्ली सचिवालय नहीं जा पाएंगे. कोर्ट ने केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करने का निर्देश दिया था.

'जांच एजेंसी के पास हैं पर्याप्त सबूत'

ईडी की ओर से पेश होते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने गुरुवार (16 मई) को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ से कहा, ''हम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर करने का प्रस्ताव कर रहे हैं."

एसवी राजू ने दावा किया था कि जांच एजेंसी के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि केजरीवाल ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसका इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव अभियान में किया था. एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हमारे पास प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि केजरीवाल एक सात सितारा होटल में रुके थे, जिसके बिल का आंशिक भुगतान मामले के एक आरोपी ने किया था.



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'मोदी जी महिलाओं को मिल रही मुफ्त बस सेवा खत्म करना चाहते हैं', केजरीवाल का दावा

दिल्ली में आम चुनाव होने में मात्र 8 दिन का समय शेष है। इस बीच हर पार्टी चुनाव प्रचार में अपना सारा दम लगा रही है। हर पार्टी यही प्रयास कर रही है कि सामने वाला एक गलती करे और उसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाए।

इन दिनों भाजपा के हाथ में स्वाति मालीवाल का मुद्दा लग गया है। वहीं आम आदमी पार्टी के हाथ में पीएम मोदी के इंटरव्यू का अंश हाथ लगा है, जिसे खुद केजरीवाल भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

शुक्रवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक एक्स पोस्ट कर पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली में महिलाओं को मिल रही मुफ्त बस सेवा को खत्म करना चाहते हैं।

पीएम ने अपने इंटरव्यू में क्या कहा?

दरअसल नरेंद्र मोदी ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि कुछ लोग जिस शहर में मेट्रो होती है, चुनाव के लिए उसी शहर में फ्री बस सेवा की शुरुआत कर देते हैं।

ऐसे में मेट्रो के विकास में बाधा आती है क्योंकि एक बड़ा वर्ग बस में यात्रा करने लगता है, जिससे देश की भी प्रगति रुकती है।

'नेताओं को मिल सकती है फ्री सेवा तो महिलाओं को क्यों नहीं'

पीएम के इसी बयान पर केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लिखा, 'प्रधानमंत्री जी खुलकर दिल्ली की महिलाओं को मिल रही मुफ़्त बस यात्रा का विरोध कर रहे हैं। पूरे देश की महिलाएं चाहती हैं कि फ़्री बस सेवा तो देश भर में लागू होनी चाहिए, मगर मोदी जी तो इसे ख़त्म करना चाहते हैं।'

केजरीवाल ने आगे लिखा, 'अगर देश के प्रधानमंत्री और मंत्रियों को फ्री हवाई सफ़र मिल सकता है तो देश की महिलाओं को भी फ्री बस सफर मिल सकता है।'


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'शुभारंभ हो गया है...', CAA के तहत 14 लोगों को भारत की नागरिकता मिलने पर बोले सीएम योगी

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत नागरिकता प्रमाणपत्रों का पहला सेट बुधवार को जारी करने के साथ 14 लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई. जिन लोगों को भारत की नागरिकता दी गई ये वह लोग हैं जो धार्मिक उत्पीड़न या इसके डर के कारण 31 दिसंबर 014 तक भारत आ गए थे. वहीं इसे लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुभारंभ हो गया है.

सीएम योगी ने एक्स पर लिखा-"आज का दिन ऐतिहासिक और मानवता के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला है. दशकों की प्रतीक्षा के पश्चात आज नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में मजहबी कट्टरता से प्रताड़ित होकर भारत में शरणागत हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई बहनों-भाइयों को भारतीय नागरिकता मिलने का शुभारंभ हो गया है. नागरिकता पाए सभी बहनों-भाइयों को हार्दिक बधाई! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का अभिनंदन, सच में, मोदी हैं तो मुमकिन है..."

आज का दिन ऐतिहासिक और मानवता के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला है।

दशकों की प्रतीक्षा के पश्चात आज नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में मजहबी कट्टरता से प्रताड़ित होकर भारत में शरणागत हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई…

बता दें कि सीएए के नियमों में आवेदन करने के तरीके, जिलास्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा आवेदन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया और राज्यस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (एसएलईसी) में आवेदनों की जांच और नागरिकता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘‘ऐतिहासिक दिन’’ करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म हो गया है. सीएए को 31 दिसंबर 2014 तक या उससे पहले भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ना के शिकार गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए दिसंबर 2019 में लाया गया था. इनमें हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग शामिल हैं.

कानून बनने के बाद, सीएए को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई लेकिन जिन नियमों के तहत भारत की नागरिकता दी जानी थी, उन्हें चार साल से अधिक की देरी के बाद इस साल 11 मार्च को जारी किया गया.


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'गठबंधन की सरकार आई तो गरीबों को देंगे 10 किलो अनाज', लखनऊ में मल्लिकार्जुन खरगे ने क‍िया वादा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि 4 जून को गठबंधन की सरकार आने के बाद गरीबों को पांच की बजाय मुफ्त में 10 किलो अनाज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वंचित समाज, पिछड़ों व आदिवासियों को उनका अधिकार देने के लिए जाति आधारित गणना करवाना जरूरी है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा जितना मर्जी जोर लगा ले 200 से ज्यादा सीटों पर भाजपा की जीत नहीं होगी। यह चुनाव देश का भविष्य बनाने वाला चुनाव है। अगर भाजपा की सरकार बनती है तो संविधान बदलकर वंचित समाज व पिछड़ों के आरक्षण को समाप्त किया जाएगा। इसलिए कांग्रेस पिछड़ों, गरीबों व आदिवासियों की लड़ाई लड़ रही है।

खरगे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत खुद कह चुके हैं कि इस बार संविधान बदलने के लिए तीन तिहाई बहुमत चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार विचारधारा की लड़ाई है। कांग्रेस गरीबों के साथ है तो भाजपा अमीरों की विचारधारा साथ लेकर चल रही है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को 140 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेगी, जबकि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को 70 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं।



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पीएम मोदी ने तीसरी बार वाराणसी से दाखिल किया नामांकन

 प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिस पर उन्होंने 2014 में पहली बार और 2019 में दूसरी बार जीत हासिल की थी. सफेद कुर्ता-पायजामा और नीली सदरी पहने मोदी अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए वाराणसी जिलाधिकारी के कार्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे. मोदी ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले उनका स्वागत करने के लिए एकत्र भीड़ की ओर हाथ हिला कर उनका अभिवादन किया.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा ‘‘काशी के साथ मेरा रिश्ता अनूठा, अभिन्न और अतुलनीय है... मैं कह सकता हूं कि इसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता.''

पीएम मोदी ने वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने से पहले मंगलवार को सुबह गंगा नदी के तट पर दशाश्वमेध घाट पर पूजा की और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए. उन्होंने घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती भी की. वाराणसी में लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में एक जून को मतदान होगा..

पीएम मोदी के नामांकन के लिए चार प्रस्तावक - पंडित गणेश्वर शास्त्री, बैजनाथ पटेल, लालचंद कुशवाहा और संजय सोनकर रहे. दरअसल चुनाव में प्रस्तावक के बिना किसी उम्मीदवार का नामांकन अधूरा माना जाता है. रिटर्निंग ऑफिसर को प्रस्तावकों के हस्ताक्षर सत्यापित करने होते हैं.

पीएम मोदी ने सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि विधान से दर्शन पूजन किया था. वह शाम को करीब छह किलोमीटर का रोड शो पूरा करने के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे.


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