नेपाली छात्रा की मौत का मामला: गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को मिली जमानत

भुवनेश्वर के कीट विश्वविद्यालय में नेपाल की छात्रा की खुदकुशी घटना में मंगलवार को पांच लोग गिरफ्तार हुए थे। जिसमें कीट विश्वविद्यालय के तीन निर्देशक और दो सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हालांकि उन सभी को मंगलवार की रात को ही भुवनेश्वर जेएमएफसी 2 की अदालत से जमानत मिल गई है।

इस घटना में पुलिस विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक शिवानंद मिश्र, प्रशासनिक निर्देशक प्रताप कुमार संपत्ति और हॉस्टल के निर्देशक सुधीर कुमार रथ को गिरफ्तार किया था।

इस शर्त पर दी गई जमानत

इसके अलावा नेपाली छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करने वाले दो सुरक्षाकर्मी रमाकांत नायक और जोगेंद्र बेहेरा को इंफोसिटी थाना पुलिस गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के पश्चात भुवनेश्वर जेएमएफसी 2 की अदालत में पेश किया गया था।

जहां पर 20 हजार रुपये के एक जमानतदार के बदले वह जमानत पर जा सकेंगे,इस शर्त के साथ उन्हें रिहा किया गया है । इस घटना में कीट विश्वविद्यालय के प्राधिकारी हॉस्टल के दो महिला वार्डन मंजूषा पांडे और जयंती नाथ के साथ एक इंटरनेशनल लियाजनिंग अधिकारी को भी नौकरी से बहिष्कार किया है।

दूसरी ओर विश्वविद्यालय को सभी छात्र लौट आए, उसके लिए राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया है। उसके बावजूद भी नेपाल के छात्र विश्वविद्यालय के लौटने के लिए डर रहे हैं। कुछ छात्र खुद के नाम को गुप्त रखते हुए गण माध्यम को फ़ोन के द्वारा बताया है कि, विश्वविद्यालय की ओर से हॉस्टल को वापस लौटने के लिए उन्हें अंडरटेकिंग मांगा जा रहा है।

जिस प्रकार से उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया गया । कई छात्रों को भुवनेश्वर और कई छात्रों को बस के द्वारा जोर जबरदस्ती भेज कटक भेज दिया गया, उसको लेकर छात्र-छात्रा अब भी चिंता जाता रहे हैं।

सरकार की कमेटी ने शुरू की जांच

उच्च शिक्षा विभाग ने केआइआइटी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों से जुड़ी घटनाओं की गहन जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया और छात्रावास में नेपाल के छात्रों और विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा केवल नेपाल के छात्रों के लिए साइन-ए-डाई की घोषणा और परिसर से उनके जबरन निष्कासन की जांच की जाएगी। समिति परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत निगरानी करेगी।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा परिसर छोड़ने वाले छात्रों की सुरक्षित वापसी के साथ परिसर में छात्रों की सहायता के लिए एक 24x7 नियंत्रण कक्ष खोला गया है। इसके लिए चार हेल्पलाइन नंबर 0674-236550, 0674-2323401, 0674-2323402, 0674-2323403 और व्हाट्सएप नंबर 9124620605 जारी किए गए हैं।

विभाग छात्रों को एकीकृत परामर्श प्रदान करने और उनके आत्मविश्वास को बहाल करने के लिए अनुभवी परामर्शदाताओं को तैनात करेगा। विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "उच्च शिक्षा विभाग परिसर छोड़ने वाले छात्रों की सुरक्षित वापसी और परिसर में शांति बहाली के लिए प्रयास कर रहा है।

छात्र-छात्राओं को मिला भरोसा

दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को यह निर्देश दिया गया है कि, विश्वविद्यालय को लौटने वाले छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार से नहीं सताया जाएगा और उन्हें प्रतिशोध की आड़ में किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा।

जल्द से जल्द कैसे हॉस्टल से निकाल जाने वाले सभी छात्र-छात्रा वापस हॉस्टल को लौटेंगे और अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। उनका स्वागत करने साथ साथ उनके पढ़ाई के बारे में अधिक से अधिक ध्यान देंगे विश्वविद्यालय के अधिकारी।

कीट विश्वविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं की लौटने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्देश उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कीट विश्वविद्यालय को निर्देश दी गई है। ऐसी स्थिति में अब नेपाल के सभी छात्र छात्रा कब और कैसे हॉस्टल को वापस लौट रहे हैं, उसके ऊपर नजर रखा गया है।

विदेश मंत्री देउबा ने ओडिशा के शिक्षा मंत्री से की बातचीत

विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने बुधवार को ओडिशा के शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज से अनुरोध किया कि वह एक नेपाली छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच की व्यवस्था करें और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

विदेश मंत्री के सचिवालय से जारी एक बयान के अनुसार, टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान देउबा ने भारतीय मंत्री से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि उनके राज्य में विश्वविद्यालय में अन्य नेपाली छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण में कक्षाएं फिर से शुरू हों।

ओडिशा के कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) तृतीय वर्ष की छात्रा प्रकृति लम्साल (20) ने 16 फरवरी को अपने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद परिसर में अशांति फैल गई।

नेपाल के विदेश मंत्री को दिया गया भरोसा

बातचीत के दौरान सूर्यवंशी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और लम्साल को न्याय दिलाने और दोषी को सजा दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रावास में नेपाली छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए व्यवस्था की गई है। ओडिशा के केआईआईटी में लगभग 1,000 नेपाली छात्र पढ़ते हैं। इस बीच, केआईआईटी विश्वविद्यालय से निष्कासित 95 नेपाली छात्र परसा जिले में बीरगंज सीमा के रास्ते घर लौट आए हैं।

परसा के कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी निशान राज गौतम ने बताया कि कुल 76 छात्र और 19 छात्राएं बीरगंज सीमा प्रवेश मार्ग से नेपाल पहुंची हैं। रविवार को हुई घटना के बाद से दोनों देशों के नेता और अधिकारी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं।

वीडियो वायरल 

वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा रहा है कि एक गेट बंद है और बाहर कुछ लड़किया उसे खोलने का प्रयास कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह उसी नेपाली छात्रा के सुसाइड मामले से जुड़ा है। हालांकि,  पुष्टि नहीं करता है।

सीएम ने दो प्रतिनिधि से की बात

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को किट मुद्दे के संबंध में नेपाल के दो प्रतिनिधि संजीव दासशर्मा और नवीन राज के साथ चर्चा की। उन्होंने मृत छात्र के लिए न्याय और परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने का भी वादा किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षण संस्थानों में वापस आने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। वहीं ओडिशा सरकार के दो मंत्री मुकेश महालिग और सूर्यवंशी सूरज ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज आहूजा की उपस्थिति में दो नेपाली अधिकारियों के साथ चर्चा की।

सूर्यवंशी ने कहा, "हमने नेपाल के विदेश मंत्री अर्जुन राणा देउबा को वीडियो कॉल के माध्यम से घटना की निष्पक्ष जांच और नेपाल के छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। ओडिशा की मिट्टी वसुधैव कुटुम्बकम के विचार में विश्वास करती है। मृतक छात्रा नेपाल की बेटी ही नहीं, ओडिशा की धरती की बेटी भी है।

भारत-नेपाल के संबंध अच्छे बने रहेंगे: सीएम

राज्य सरकार घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाकर त्वरित न्याय प्रदान करेगी। हमें विश्वास है कि नेपाल और भारत के बीच अच्छे संबंध बने रहेंगे। इस संवेदनशील क्षण में, परिसर में शांति बनाए रखने और विदेशी छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। सूरज ने कहा कि नेपाल के विदेश मंत्री और सरकार ने सरकार द्वारा त्वरित उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त किया है।