दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ का आज 45 दिनों बाद समापन हो रहा है. इस धार्मिक उत्सव के दौरान करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं. अब तक लगभग रिकॉर्ड 64 करोड़ लोग त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगा चुके हैं. महाकुंभ के अंतिम दिन महाशिवरात्रि होने से अद्भुत संयोग बना है. ऐसे में जो लोग अब तक संगम स्नान के लिए नहीं पहुंच सके वो आज यानी शिवरात्रि पर वहां जाने का प्रयास कर रहे हैं. महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बनाने से आज के दिन महाकुंभ का महत्व और भी बढ़ गया है. हालांकि, इस दौरान कई लोगों में एक संशय बना हुआ है कि, आखिर गंगा स्नान कब तक कर सकते हैं? इस बारे में News18 को बता रहे हैं गाजियाबाद प्रतापविहार के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, महाकुंभ के अमृत काल के स्नान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05:10 बजे से 06:00 बजे समाप्त हो गया. इसके बाद अंतिम शाही स्नान का समय सुबह 07:28 बजे से सुबह 09 बजे तक है. इसके अलावा पूरे दिन ही महाकुंभ में महाशिवरात्रि पर श्रद्धा की डुबकी लगाई जा सकती है.
महाकुंभ में अंतिम स्नान के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त स्नान – 05:10 ए एम से 06:00 ए एम
अमृत काल 7:28 बजे से 9:00 बजे तक
संध्या मुहूर्त सुबह 5:34 बजे से 6:49 बजे तक
विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 बजे से 3:15 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 6:17 बजे से 6:42 बजे तक
शाम का मुहूर्त 6:19 बजे से 7:34 बजे तक
महाशिवरात्रि पर पूजा का शुभ महूर्त
महाशिवरात्रि की रात निशिता काल में पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है. निशिता काल का मुहूर्त 27 फरवरी 12:09 एएम (26 फरवरी की मध्यरात्रि) से 12:59 एएम तक रहेगा. ऐसे में इस समय तक गंगा में पवित्र स्नान भी किया जा सकता है.
महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार प्रहर के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.
रात्रि प्रथम प्रहर की पूजा – 26 फरवरी 6:19 पीएम से 9:26 पीएम तक
रात्रि द्वितीय प्रहर की पूजा – 26 फरवरी 9:26 पीएम से 12:34 पीएम तक
रात्रि तृतीय प्रहर की पूजा – 27 फरवरी 12:34 एएम से 3:41 एएम तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर की पूजा – 27 फरवरी 3:41 एएम से 6:48 एएम तक