गर्मी से पहले दिल्लीवालों को लगेगा झटका! बढ़ सकती हैं बिजली की दरें

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को विधानसभा में संकेत दिया कि आने वाले समय में बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने इसका कारण पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर छोड़ा गया 27,000 करोड़ रुपये का कर्ज बताया है।  

आशीष सूद ने कहा कि डिस्कॉम को दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) के माध्यम से इस बकाया राशि की वसूली के लिए दरें बढ़ाने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने DERC को टैरिफ ऑर्डर जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार जनता के हितों की रक्षा करने में असफल रही।  

कंपनियों को बिजली दरें बढ़ाने का अधिकार: आशीष सूद

सूद ने कहा, "पिछली सरकार ने डिस्कॉम के माध्यम से DERC पर 27 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ दिया है। इसे वसूलने के लिए कंपनियों को बिजली दरें बढ़ाने का अधिकार है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पिछली सरकार DERC से टैरिफ ऑर्डर नहीं ला सकी, जिससे जनता का नुकसान हुआ।"  

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी चाहते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार DERC के संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।  

AAP का पलटवार

इस बीच, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता अतिशी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनाव पूर्व महिलाओं को 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।  बीजेपी ने चुनाव से पहले महिलाओं को 8 मार्च तक 2,500 रुपये देने का वादा किया था। आज तक उस योजना का पंजीकरण तक शुरू नहीं हुआ है। यह साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की जनता से झूठ बोला और उन्हें धोखा दिया।"  

बजट सत्र की शुरुआत और भाजपा की तैयारी

सोमवार को दिल्ली की नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले परंपरागत रूप से 'खीर' बनाकर शुभारंभ किया।  इस सत्र में वित्तीय समितियों के चुनाव पर विशेष जोर रहेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नौ-नौ सदस्यों की तीन प्रमुख समितियों- लोक लेखा समिति, अनुमान समिति और सरकारी उपक्रम समिति के चुनाव का प्रस्ताव रखेंगी। इसके अलावा, दिल्ली में पानी की कमी, जलभराव, सीवर जाम और नालों की सफाई जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी। 

वर्तमान में क्या है बिजली सब्सिडी का फार्मूला 

बता दें, दिल्ली की पिछली आप सरकार ने राजधानी के लोगों को बिजली सब्सिडी योजना को जारी रखने को मंजूरी दे दी थी। इसके तहत राज्य सरकार 200 यूनिट से कम खपत करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली देती है और केवल 201-400 यूनिट प्रति माह उपयोग करने वाले परिवारों को 50% सब्सिडी देती है। इससे ऊपर के बिजली खपत पर पूरी दरें वसूली जाती है।