भले ही सड़क हादसों में लोग गंभीर रूप से घायल हो जाएं, यहां तक कि उनकी जान तक चली जाए, बावजूद इसके दिल्लीवासी यातायात नियमों का पालन नहीं करते। दिल्ली में प्रतिदिन होने वाले सड़क हादसों में किसी न किसी की जान जाती है। इसी को देखते हुए यातायात पुलिस ने अब नियमों की अवहेलना करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
अब बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने, सीट बेल्ट और वैध लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसी क्रम में बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने पर अब ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जा सकता है। इसको लेकर एडिशनल पुलिस कमिश्नर सत्यवीर कटारा ने बीते माह सभी ट्रैफिक कर्मियों को एक सर्कुलर भेजा था, जिसमें दोपहिया वाहन चालकों पर कार्रवाई तेज करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे।
पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 40 प्रतिशत मौतें दोपहिया वाहन सवारों की हुई थीं। राजधानी में हुई दुर्घटनाओं में 611 दो पहिया वाहन चालक मारे गए थे और 2,233 घायल हुए थे।
मौत के कारणों का विश्लेषण करने पर सामने आए ये तथ्य
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहन सवारों की मौत के कारणों का विश्लेषण करने पर पता चला कि उनमें से कई या तो बिना हेलमेट के थे या उन्होंने ठीक से हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आईं। हेलमेट की खराब गुणवत्ता भी मौतों का एक और कारण थी। ट्रैफिक फ्लो के विपरीत चलना, तेज गति से वाहन चलाना और लाल बत्ती पार करना ऐसे सवारों की मौत और चोटों के दूसरे कारण थे।
हेलमेट नियमों के उल्लंघन पर लगता है हजार रुपये का जुर्माना
सत्वीर कटारा ने सर्कुलर में कहा कि हेलमेट नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर रैंक के अधिकारी अपराध को कम करने के लिए अधिकृत हैं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 206 की उप-धारा 4 के अनुसार, अपराधी/चालक का लाइसेंस जब्त किया जा सकता है और धारा 19 के तहत अयोग्यता या निरस्तीकरण की कार्यवाही के लिए लाइसेंसिंग प्राधिकारी को भेजा जा सकता है। हमने सभी ट्रैफिक अधिकारियों को निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।
तीन बार यातायात उल्लंघन पर रद होगा लाइसेंस
वहीं हाल ही में स्पेशल सीपी ट्रैफिक अजय चौधरी ने दिल्ली परिवहन विभाग को पत्र लिखकर उन लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद करने की सिफारिश की थी, जिन्होंने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 184 और/या 185 का तीन या अधिक बार उल्लंघन किया है। धारा 184 खतरनाक ड्राइविंग से संबंधित है। इसमें रेड लाइट जंप करना, गलत तरीके से ओवरटेक करना और गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल करना जैसे अपराध शामिल हैं। धारा 185 शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में गाड़ी चलाने से संबंधित है।
पिछले तीन सालों में बढ़े सड़क हादसे
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में सड़क हादसों की संख्या 1.38 लाख से बढ़कर 1.68 लाख से अधिक हो गई है। साल 2021 में दिल्ली में 1,206 सड़क हादसों में 1,239 लोगों की मौत हुई थी। 2024 में 15 दिसंबर तक 1,398 हादसों में यह संख्या बढ़कर 1,431 हो गई। इसका मतलब है कि 2021 में, औसतन प्रतिदिन तीन लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है और 2024 में यह संख्या बढ़कर चार हो गई।