मई में स्पेस स्टेशन जा सकते हैं शुभांशु शुक्ला

भारत ने एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार करने की ओर कदम बढ़ाया है. भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिनके पास 2,000 से ज्यादा उड़ान घंटे का अनुभव है, अगले महीने मई 2025 में स्पेसएक्स ड्रैगन यान पर सवार होकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और भारत की वैश्विक अंतरिक्ष में बढ़ती भागीदारी का प्रतीक बनेगा. इस मिशन के तहत शुक्ला एक्सिओम स्पेस के एक्स-4 मिशन का हिस्सा होंगे, जिसमें वे चार निजी अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं. नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन इस मिशन की कमान संभाल रही हैं.

भारतीय संस्कृति को अंतरिक्ष में लेकर जाएगा

अंतरिक्ष में भारत की उपस्थिति को और मजबूत बनाने के लिए शुक्ला का यह मिशन बेहद महत्वपूर्ण है. यह मिशन, जो विज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति को अंतरिक्ष में लेकर जाएगा, भारतीय अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नई दिशा और अवसर खोलेगा शुक्ला के द्वारा अंतरिक्ष में भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें भारतीय कलाकृतियां और योग आसनों का सूक्ष्मगुरुत्व में अभ्यास शामिल है. यह कदम भारतीय विज्ञान और संस्कृति के संयोजन को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने की पहल है, जो किसी अन्य अंतरिक्ष यात्रा से बिल्कुल अलग है.

ऐतिहासिक क्षण

शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन न केवल भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, बल्कि यह भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए भी एक अहम मील का पत्थर साबित होगा. गगनयान मिशन का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्री को एक स्वदेशी अंतरिक्ष यान में अंतरिक्ष यात्रा पर भेजना है और शुक्ला को इस मिशन के लिए नामित किया गया है. इस बीच, एक्स-4 मिशन में वे नासा, एक्सिओम स्पेस और इसरो के सहयोग से पृथ्वी की निचली कक्षा में वैज्ञानिक प्रयोगों, शैक्षिक कार्यों और वाणिज्यिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.