डासना जेल में बनेगी हाई सिक्योरिटी बैरक, खूंखार अपराधियों पर होगी पैनी नजर

खूंखार बंदियों को रखने के लिए डासना जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक निर्माण को मंजूरी मिल गई है। जेल में दो मंजिला भवन में 16 सेल क्षमता की हाई सिक्योरिटी बैरक का जल्द निर्माण शुरू होगा।

यह बैरक विशेष रूप से उन खूंखार अपराधियों के लिए बन रही है, जिन पर कड़ी निगरानी की जरूरत है। बैरक पर निगाह रखने को सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे। जेल में लगभग चार हजार कैदी बंद हैं। नई हाई सिक्योरिटी बैरक दो मंजिला होगी। इसमें कुल 16 सेल बनेंगे।

हर फ्लोर पर होंगे आठ-आठ सेल

हर तल पर आठ-आठ सेल होंगे। इनमें हाई-प्रोफाइल व खूंखार कैदियों को रखा जाएगा। इस बैरक को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा, ताकि किसी भी अवांछित गतिविधियों पर पूरी तरह से नजर रखी जा सके।

डासना जेल परिसर में हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम करेगा। जेल प्रशासन ने बीते वर्ष हाई सिक्योरिटी बैरक निर्माण का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था भी तय हो गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि इस बैरक के बनने से डासना जेल की सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा।

3,969 बंदी डासना जिला कारागार में बंद हैं इनमें 12 विदेशी भी

37 एकड़ में फैली है जिला जेल

सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले बंदियों को सामान्य बैरकों में रखने से सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं। नई हाई सिक्योरिटी बैरक के बनने से ऐसे कैदियों को अलग से रखने की व्यवस्था होगी, जिससे जेल प्रबंधन को उनकी निगरानी में सहूलियत होगी। -सीताराम शर्मा, जेल अधीक्षक