रेप केस में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, मोहाली की अदालत का फैसला

पास्टर बजिंदर सिंह को मोहाली जिला अदालत ने दुराचार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। पास्टर पर यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में दर्ज किया गया था।

बजिंदर सिंह पर यह मामला एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने इसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। अभी बीते 28 मार्च को जिला अदालत में इसे दोषी करार दिया था। इसके बाद इसे पटियाला जेल भेज दिया गया था।

35 वर्षीय महिला ने लगाया था दुष्कर्म का आरोप

बजिंदर सिंह (Pastor Bajinder Singh) पर 2018 में एक 35 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता का दावा है कि पादरी बजिंदर सिंह ने मोहाली स्थित अपने घर पर उसके साथ बलात्कार किया और इस घटना को रिकॉर्ड कर उसे ब्लैकमेल करने की धमकी दी।

शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2018 में पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद बजिंदर सिंह फरार हो गया था। बाद में उसे दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जब वह लंदन भागने की कोशिश कर रहा था।

कोर्ट ने 28 मार्च को ठहराया था दोषी

28 मार्च को सुनवाई के दौरान अदालत ने उसे दोषी ठहराया और 1 अप्रैल को उम्रकैद की सजा सुनाई। जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पादरी समेत 7 लोगों (अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान) के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन पर आईपीसी की धारा 376, 420, 354, 294, 323, 506, 148 और 149 के तहत केस दर्ज किया गया था।


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मोनालिसा को फिल्म ऑफर करने वाला डायरेक्टर सनोज मिश्रा अरेस्ट

महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा को लेकर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा की रेप केस में गिरफ्तारी हुई है। इस घटना से मोनालिसा का करियर अधर में दिखाई पड़ रहा है। इस मामले के बाद मोनालिसा के परिवार वालों की टेंशन बढ़ गई है।

फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों ने मोनालिसा के महेश्वर स्थित घर जाकर उसके परिजनों से चर्चा की। मोनालिसा के ताऊ विजय भोंसले ने बताया कि उन्हें सनोज मिश्रा की गिरफ्तारी के बारे में किसी ने बताया है, लेकिन इसके बारे में उन्हें ज्यादा नॉलेज नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में मिलने के बाद उसे फिल्म का ऑफर दिया और अब उसकी पढ़ाई लिखाई और ट्रेनिंग चल रही है।

अभी तक कोई परेशानी नहीं

उन्होंने बताया कि फिलहाल मोनालिसा इंदौर के पास एक किराए के फ्लैट में अपने पिता और अन्य परिजनों के साथ रह रही है। अभी तक सनोज मिश्रा से उन्हें कोई परेशानी नहीं है और वह हमें तो अच्छे लगे। यदि कोई शिकायत हुई तो सरकार और मीडिया को सूचित करेंगे। उनका कहना था कि डायरेक्टर सनोज मिश्रा के खिलाफ यदि कोई कार्रवाई हुई भी है तो वह उससे निपटेंगे- सुलझेंगे।

फिल्मों में काम दिलाने के नाम पर रेप

बता दें कि फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने एक रेप के मामले में गिरफ्तार किया है। सनोज मिश्रा की जमानत की अर्जी खारिज होने पर यह कार्रवाई हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने झांसी की एक युवती को फिल्मों में काम दिलाने का लालच देकर उसका शारीरिक शोषण किया है।

वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी

एफआईआर के मुताबिक युवती की मुलाकात सनोज मिश्रा से टिकटोक और इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। इसके बाद 2021 में सनोज मिश्रा ने कथित तौर पर उसे रिसोर्ट में ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। डायरेक्टर मिश्रा ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीर और वीडियो बनाये और विरोध करने पर सार्वजनिक करने की धमकी भी दी।

तीन बार जबरन गर्भपात करवाया

मिश्रा ने उसे फिल्मों में काम दिलाने का लालच देकर मुंबई बुला लिया और वह सनोज के साथ रहने लगी थी। पीड़िता ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया कि सरोज ने उसका तीन बार जबरन गर्भपात कराया और 2025 में उसे छोड़ दिया। बता दें कि हाल ही में नेटीज़न्स ने सोशल मीडिया पर मोनालिसा को सनोज मिश्रा से सतर्क रहने के लिए कहा था। इस पर मोनालिसा ने सनोज मिश्रा पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें बेहद अच्छा इंसान बताया था।

मोनालिसा को फिल्म में दिया था काम

गौरतलब है कि प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान सनोज मिश्रा ने मोनालिसा को देखा था और उसके बाद उन्हें अपनी फिल्म 'द मणिपुर डायरी' में कास्ट किया था।


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मेरठ के बाद दिल्ली में खौफनाक वारदात, कत्ल कर लाश पर बिछा दीं इंटें

 बाहरी दिल्ली में स्वरूपनगर थाना क्षेत्र में तीन लोगों ने ईंटों से प्रहार कर युवक की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के बाद युवक का शव निर्माणाधीन पंप हाउस की चारदीवारी के साथ गड्ढे में डालकर ऊपर से ईंटें बिछा दी गईं। 

दर्ज कराई थी चंदन की गुमशुदगी

चंदन मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के कसाना गांव का रहने वाला था और दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। चंदन और तीनों आरोपी पड़ोसी हैं। बाहरी उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि स्वरूपनगर थाने में 23 मार्च को परिजनों की ओर से कादी विहार निवासी चंदन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

पूछताछ में सूरज ने बताए दो और नाम

वहीं, सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि चंदन को आखिरी बार सूरज के साथ देखा गया। पूछताछ में सूरज ने दो अन्य लोगों अंकित और अभिषेक के साथ मिलकर 22 मार्च को देर रात चंदन की हत्या की बात स्वीकार की। आरोपी सूरज ने बताया कि उसे कुछ समय पहले शस्त्र अधिनियम की धारा 25/54/59 के तहत स्वरूप नगर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे शक था कि उसकी गिरफ्तारी के लिए चंदन जिम्मेदार है। बदला लेने के लिए सूरज ने अपने दोस्तों अंकित और अभिषेक के साथ हत्या की साजिश रची। 

सुबूत छिपाने के लिए लाश पर बिछा दीं इंटें

उन्होंने साथ में शराब पीने के बहाने चंदन को बुलाया। अत्यधिक शराब पीने के बाद तीनों आरोपियों ने चंदन की हत्या कर दी और सुबूत छिपाने के लिए उसके शव को निर्माणाधीन पंप हाउस (बोरवेल) के गड्ढे में डालकर ईंटों से ढक दिया। 

पुलिस ने तीन आरोपियों को किया है गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने चंदन की हत्या के आरोप में सूरज, अंकित और अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद किया गया। तीनों आरोपी स्वरूप नगर के कादी विहार के ए-ब्लॉक के रहने वाले हैं। सूरज और अभिषेक पहले से तीन-तीन आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वारदात में प्रयुक्त ईंट, स्कूटी व मृतक का मोबाइल बरामद किया गया है।


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मर्चेंट नेवी ऑफिसर की हत्या, आरोपी पत्नी कोर्ट में पेश

मेरठ में मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. उनकी मां रेणु देवी ने दावा किया कि उनकी छह वर्षीय पोती को अपने पिता की मौत की जानकारी थी और वह कह रही थी 'पापा ड्रम में हैं.' हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया है और कहा कि बच्ची को घटना के बाद ही इसके बारे में पता चला होगा.

सौरभ की हत्या में उनकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया है. दोनों ने सौरभ की चाकू घोंपकर हत्या कर दी फिर शव के टुकड़े कर उसे ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया. सौरभ के परिवार ने आरोप लगाया कि मुस्कान के माता-पिता को पहले से इस हत्या की जानकारी थी.

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुस्कान और साहिल ने चार मार्च को सौरभ की हत्या की थी. हत्या के बाद मुस्कान 18 मार्च को अपने माता-पिता के पास गई और उन्हें इसकी जानकारी दी. माता-पिता उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. बुधवार (19 मार्च) को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

जेल में तनाव में दिखे आरोपी

चौधरी चरण सिंह जिला जेल में मुस्कान और साहिल ने रात तनाव में बिताई. जेल अधिकारियों के अनुसार मुस्कान ने किसी से बात नहीं की और न ही खाना खाया. वह पूरी रात रोती रही जबकि साहिल भी बेहद चिंतित नजर आया. दोनों ने जेल प्रशासन से अगल-बगल की बैरक में रखने की मांग की थी.

मुस्कान ने प्रेमी को किया था गुमराह

पुलिस के अनुसार मुस्कान ने साहिल को गुमराह करने के लिए उसकी मृत मां के नाम से फर्जी स्नैपचैट आईडी बनाई थी. उसने साहिल को ये विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसकी मृत मां चाहती थी कि सौरभ की हत्या हो जाए.

हत्या की साजिश पहले से थी तैयार

पुलिस जांच में सामने आया कि मुस्कान ने सौरभ की हत्या की योजना नवंबर 2023 में ही बना ली थी. उसने लंदन से सौरभ के लौटने से पहले चिकन काटने के बहाने चाकू खरीदे थे और बेहोशी की दवाइयां भी जुटाई थीं. मुस्कान को विश्वास था कि सौरभ की गैर-मौजूदगी किसी को संदेह में नहीं डालेगी क्योंकि वह अपने परिवार से नियमित संपर्क में नहीं था. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.


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कॉलेज से लौट रही B.Tech छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, लिफ्ट देने के बहाने दिया घटना को अंजाम

कॉलेज से घर लौट रही बी-टेक की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बस स्टैंड पर पीड़िता को गांव के ही परिचित युवक ने लिफ्ट देने के बहाने अपनी बाइक पर बैठा लिया और वह उसे जंगल में ले गया।

आरोप है कि जंगल मे पहले से ही मौजूद तीन साथियों संग पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर पहुंचकर स्वजन को पूरी घटना बताई। स्वजन के साथ थाने पहुंचकर पीड़िता ने आरोपितों के विरुद्ध तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।

बस स्टैंड पर बस से उतरकर ऑटो का इंतजार कर रही थी लड़की

थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने बताया कि शनिवार को कॉलेज से बस द्वारा घर जा रही थी। बस स्टैंड पर बस से उतरकर गांव जाने के लिए ऑटो का वेट कर रही थी, तभी वहां गांव का परिचित हिमांशु बाइक लेकर आया। उसने बाइक से घर छोड़ने की बात कही। लिफ्ट देने के बहाने वह खेत में ले गया, जहां उसके तीन दोस्त पहले से ही मौजूद थे। आराेपितों ने दुष्कर्म किया है। पुलिस ने चारों आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करके अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीड़ित की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज

पुलिस ने बताया कि पीड़िता बीटेक की छात्रा है। शनिवार दोपहर करीब दो बजे जब छात्रा घर लौट रही थी। तभी परिचित युवक ने बाइक पर लिफ्ट देने के बहाने वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी आईपीएस अधिकारी राजेश धुनावत का कहना है कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपित हिमांशु, सागर, सिद्धार्थ और आदेश के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सभी आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।

दो किशोराें ने की नाबालिग से छेड़छाड़, मुकदमा दर्ज

भोपा क्षेत्र के गांव में शौच के लिए गई नाबालिग को दो किशोरों ने रास्ते में खींचकर अश्लील हरकत की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपा थाना क्षेत्र के गांव में शनिवार शाम को एक किशोरी गांव के बाहर जंगल में दिशा शौच के लिए गई थी।

जब वह वापिस लौट रही थी तो गांव निवासी दो किशोरों ने उसे जबरदस्ती रोक लिया और अश्लील हरकतें करते हुए उसके साथ छेड़छाड़ की। किशोरी ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपनी मां को दी। पीडिता की मां ने आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक उमेश रोरिया ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


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IIT पटना में हैदराबाद के छात्र ने किया सुसाइड, हाथ की नस काटने के बाद बिल्डिंग की छत से नीचे कूदा

बिहार की राजधानी पटना के बिहटा के अमहरा स्थित आईआईटी पटना के कैंपस में आंध्र प्रदेश के एक छात्र ने बिल्डिंग की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद से आईआईटी कैंपस में कोहराम मच गया।

लोगों ने आनन-फानन में जख्मी छात्र को उठाकर बिहटा के एनएसएमसीएच अस्पताल में भर्ती भी करवाया। जहां इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई।

आंध्र प्रदेश का रहने वाला था मृतक छात्र

जानकारी के अनुसार, जख्मी छात्र की पहचान आईआईटी के बीएस मैथेमेटिक्स एवं कंप्यूटर साइंस थर्ड ईयर के छात्र राहुल लावेरी के रूप में हुई है।

छात्र राहुल आंध्रप्रदेश के हैदराबाद का निवासी बताया जा रहा है। घटना के बाद कॉलेज में कोहराम मच गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम एवं आईआईटी निदेशक प्रो. टीएन सिंह सहित समस्त फैकल्टी मौके पर पहुंचे।

तनाव में था छात्र

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आईआईटी पटना कैंपस में एक बिल्डिंग की छत से कूदने वाला छात्रा राहुल लावरी पिछले कुछ दिनों से तनाव में था। वह यहां कंप्यूटर एंड मैथमेटिक्स डिपार्मेंट में थर्ड ईयर में पढ़ाई कर रहा था।

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की छत से कूदने से पहले राहुल ने अपने हाथ की नस काट ली थी। इसके बाद वह छत पर गया और नीचे कूद गया। छात्र के नीचे कूदते ही मौके पर अफरातफरी जैसा माहौल बन गया।

छात्र ने अस्पताल में तोड़ दिया दम

इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत इलाज के लिए बिहटा के एक निजी अस्पताल ले गए और भर्ती कराया। छात्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इधर, इस घटना को लेकर आईआईटी प्रशासन ने अभी कुछ भी स्पष्ट बोलने से इनकार किया है।

वहीं, आईआईटी थाना प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि कैंपस से सूचना मिली है कि एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। कुमार ने छात्र की मौत होने की पुष्टि करते हुए यह भी बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।


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नेपाली छात्रा की मौत का मामला: गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को मिली जमानत

भुवनेश्वर के कीट विश्वविद्यालय में नेपाल की छात्रा की खुदकुशी घटना में मंगलवार को पांच लोग गिरफ्तार हुए थे। जिसमें कीट विश्वविद्यालय के तीन निर्देशक और दो सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हालांकि उन सभी को मंगलवार की रात को ही भुवनेश्वर जेएमएफसी 2 की अदालत से जमानत मिल गई है।

इस घटना में पुलिस विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक शिवानंद मिश्र, प्रशासनिक निर्देशक प्रताप कुमार संपत्ति और हॉस्टल के निर्देशक सुधीर कुमार रथ को गिरफ्तार किया था।

इस शर्त पर दी गई जमानत

इसके अलावा नेपाली छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करने वाले दो सुरक्षाकर्मी रमाकांत नायक और जोगेंद्र बेहेरा को इंफोसिटी थाना पुलिस गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के पश्चात भुवनेश्वर जेएमएफसी 2 की अदालत में पेश किया गया था।

जहां पर 20 हजार रुपये के एक जमानतदार के बदले वह जमानत पर जा सकेंगे,इस शर्त के साथ उन्हें रिहा किया गया है । इस घटना में कीट विश्वविद्यालय के प्राधिकारी हॉस्टल के दो महिला वार्डन मंजूषा पांडे और जयंती नाथ के साथ एक इंटरनेशनल लियाजनिंग अधिकारी को भी नौकरी से बहिष्कार किया है।

दूसरी ओर विश्वविद्यालय को सभी छात्र लौट आए, उसके लिए राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया है। उसके बावजूद भी नेपाल के छात्र विश्वविद्यालय के लौटने के लिए डर रहे हैं। कुछ छात्र खुद के नाम को गुप्त रखते हुए गण माध्यम को फ़ोन के द्वारा बताया है कि, विश्वविद्यालय की ओर से हॉस्टल को वापस लौटने के लिए उन्हें अंडरटेकिंग मांगा जा रहा है।

जिस प्रकार से उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया गया । कई छात्रों को भुवनेश्वर और कई छात्रों को बस के द्वारा जोर जबरदस्ती भेज कटक भेज दिया गया, उसको लेकर छात्र-छात्रा अब भी चिंता जाता रहे हैं।

सरकार की कमेटी ने शुरू की जांच

उच्च शिक्षा विभाग ने केआइआइटी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों से जुड़ी घटनाओं की गहन जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया और छात्रावास में नेपाल के छात्रों और विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा केवल नेपाल के छात्रों के लिए साइन-ए-डाई की घोषणा और परिसर से उनके जबरन निष्कासन की जांच की जाएगी। समिति परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत निगरानी करेगी।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा परिसर छोड़ने वाले छात्रों की सुरक्षित वापसी के साथ परिसर में छात्रों की सहायता के लिए एक 24x7 नियंत्रण कक्ष खोला गया है। इसके लिए चार हेल्पलाइन नंबर 0674-236550, 0674-2323401, 0674-2323402, 0674-2323403 और व्हाट्सएप नंबर 9124620605 जारी किए गए हैं।

विभाग छात्रों को एकीकृत परामर्श प्रदान करने और उनके आत्मविश्वास को बहाल करने के लिए अनुभवी परामर्शदाताओं को तैनात करेगा। विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "उच्च शिक्षा विभाग परिसर छोड़ने वाले छात्रों की सुरक्षित वापसी और परिसर में शांति बहाली के लिए प्रयास कर रहा है।

छात्र-छात्राओं को मिला भरोसा

दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को यह निर्देश दिया गया है कि, विश्वविद्यालय को लौटने वाले छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार से नहीं सताया जाएगा और उन्हें प्रतिशोध की आड़ में किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा।

जल्द से जल्द कैसे हॉस्टल से निकाल जाने वाले सभी छात्र-छात्रा वापस हॉस्टल को लौटेंगे और अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। उनका स्वागत करने साथ साथ उनके पढ़ाई के बारे में अधिक से अधिक ध्यान देंगे विश्वविद्यालय के अधिकारी।

कीट विश्वविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं की लौटने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्देश उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कीट विश्वविद्यालय को निर्देश दी गई है। ऐसी स्थिति में अब नेपाल के सभी छात्र छात्रा कब और कैसे हॉस्टल को वापस लौट रहे हैं, उसके ऊपर नजर रखा गया है।

विदेश मंत्री देउबा ने ओडिशा के शिक्षा मंत्री से की बातचीत

विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने बुधवार को ओडिशा के शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज से अनुरोध किया कि वह एक नेपाली छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच की व्यवस्था करें और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

विदेश मंत्री के सचिवालय से जारी एक बयान के अनुसार, टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान देउबा ने भारतीय मंत्री से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि उनके राज्य में विश्वविद्यालय में अन्य नेपाली छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण में कक्षाएं फिर से शुरू हों।

ओडिशा के कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) तृतीय वर्ष की छात्रा प्रकृति लम्साल (20) ने 16 फरवरी को अपने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद परिसर में अशांति फैल गई।

नेपाल के विदेश मंत्री को दिया गया भरोसा

बातचीत के दौरान सूर्यवंशी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और लम्साल को न्याय दिलाने और दोषी को सजा दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रावास में नेपाली छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए व्यवस्था की गई है। ओडिशा के केआईआईटी में लगभग 1,000 नेपाली छात्र पढ़ते हैं। इस बीच, केआईआईटी विश्वविद्यालय से निष्कासित 95 नेपाली छात्र परसा जिले में बीरगंज सीमा के रास्ते घर लौट आए हैं।

परसा के कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी निशान राज गौतम ने बताया कि कुल 76 छात्र और 19 छात्राएं बीरगंज सीमा प्रवेश मार्ग से नेपाल पहुंची हैं। रविवार को हुई घटना के बाद से दोनों देशों के नेता और अधिकारी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं।

वीडियो वायरल 

वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा रहा है कि एक गेट बंद है और बाहर कुछ लड़किया उसे खोलने का प्रयास कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह उसी नेपाली छात्रा के सुसाइड मामले से जुड़ा है। हालांकि,  पुष्टि नहीं करता है।

सीएम ने दो प्रतिनिधि से की बात

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को किट मुद्दे के संबंध में नेपाल के दो प्रतिनिधि संजीव दासशर्मा और नवीन राज के साथ चर्चा की। उन्होंने मृत छात्र के लिए न्याय और परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने का भी वादा किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षण संस्थानों में वापस आने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। वहीं ओडिशा सरकार के दो मंत्री मुकेश महालिग और सूर्यवंशी सूरज ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज आहूजा की उपस्थिति में दो नेपाली अधिकारियों के साथ चर्चा की।

सूर्यवंशी ने कहा, "हमने नेपाल के विदेश मंत्री अर्जुन राणा देउबा को वीडियो कॉल के माध्यम से घटना की निष्पक्ष जांच और नेपाल के छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। ओडिशा की मिट्टी वसुधैव कुटुम्बकम के विचार में विश्वास करती है। मृतक छात्रा नेपाल की बेटी ही नहीं, ओडिशा की धरती की बेटी भी है।

भारत-नेपाल के संबंध अच्छे बने रहेंगे: सीएम

राज्य सरकार घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाकर त्वरित न्याय प्रदान करेगी। हमें विश्वास है कि नेपाल और भारत के बीच अच्छे संबंध बने रहेंगे। इस संवेदनशील क्षण में, परिसर में शांति बनाए रखने और विदेशी छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। सूरज ने कहा कि नेपाल के विदेश मंत्री और सरकार ने सरकार द्वारा त्वरित उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त किया है।


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कोलकाता रेप-मर्डर केस, कलकत्ता हाईकोर्ट में CBI की याचिका मंजूर

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आरजी कर रेप-मर्डर केस से जुड़े मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका खारिज कर दी और CBI की याचिका स्वीकार कर ली।

दोनों ने दोषी संजय रॉय को निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी थी। दोनों याचिकाओं में संजय के लिए मृत्युदंड की मांग की गई थी।

जस्टिस देबांगसु बसाक और एमडी सब्बार रशीदी की बेंच ने बंगाल सरकार से कहा कि राज्य सरकार के पास सजा-ए-मौत देने की मांग का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने CBI के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि वह अभियोजन एजेंसी थी, इसलिए उसे सजा की अवधि को चुनौती देने का अधिकार है।

सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को 20 जनवरी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 27 जनवरी को हुई सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या हुई

आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को अरेस्ट किया था। घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं।

पीड़ित डॉक्टर का परिवार दोषी की फांसी नहीं चाहता

इससे पहले 27 जनवरी को पीड़ित डॉक्टर के पेरेंट्स ने हाईकोर्ट के सामने बयान दिया था। पेरेंट्स ने कहा था कि हम नहीं चाहते कि दोषी को फांसी दी जाए। पीड़ित के माता-पिता ने कहा था- हमारी बेटी की जान गई, इसका यह मतलब नहीं कि संजय की जान भी जाए।

 पीड़ित के माता-पिता और उनके वकीलों से सवाल किया- पहले आपलोग दोषी को फांसी देने के पक्ष में थे। अब ऐसा क्या हुआ कि आप संजय रॉय को फांसी देने के खिलाफ हो गए?

एडवोकेट गार्गी गोस्वामी ने बताया कि अभी पीड़ित परिवार के पास हाईकोर्ट जाने का अधिकार नहीं। CBI और राज्य सरकार को सुनने के बाद कोर्ट ने पूछा कि क्या पीड़ित परिवार फांसी की सजा चाहता है। तब हमने बताया कि फांसी की सजा नहीं चाहते हैं।

मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में नहीं

सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को संजय को दोषी ठहराया था। जस्टिस अनिर्बान दास ने घटना के 164वें दिन 20 जनवरी को सजा पर 160 पेज का फैसला सुनाया था। दास ने फैसले में कहा था कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में नहीं आता इसलिए फांसी नहीं दी गई है। CBI और पीड़ित परिवार ने मौत की सजा मांगी थी।



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कोलकाता रेप-मर्डर- पीड़ित पेरेंट्स दोषी की फांसी नहीं चाहते

कोलकाता में मेडिकल स्टूडेंट से रेप-मर्डर के दोषी संजय रॉय की पीड़ित परिवार फांसी नहीं चाहता। पीड़ित के माता-पिता की वकील गार्गी गोस्वामी ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा कि, 'हमारी बेटी की जान गई, इसका यह मतलब नहीं संजय की जान भी जाए।'

सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को 20 जनवरी को उम्रकैद (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई थी और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। पश्चिम बंगाल सरकार और CBI ने सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट से फांसी की सजा देने की मांग की है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस देबांग्शु बसाक ने CBI और बंगाल सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने फैसले की तारीख नहीं बताई।

CBI ने बंगाल सरकार की याचिका का विरोध किया

हाईकोर्ट में जस्टिस देबांगशु बसक और जस्टिस मो. शब्बार राशिदी की बेंच के सामने CBI के वकील ने बंगाल सरकार के याचिका दाखिल करने के अधिकार का विरोध किया। CBI के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि बंगाल सरकार के पास याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी CBI थी, एजेंसी के पास ही यह अधिकार है कि वो सजा पर्याप्त न होने के आधार पर याचिका दाखिल करे। CBI ने ट्रायल कोर्ट के सामने भी फांसी की सजा देने की अपील की थी।

बंगाल सरकार बोली- शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस ने की

बंगाल सरकार के एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन एजेंसी, फैमिली, दोषी के अलावा राज्य भी सजा को लेकर अपील कर सकता है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कोलकाता पुलिस केस की जांच कर रही थी। 13 अगस्त 2024 को यह केस CBI को सौंपा गया।

मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में नहीं

सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को संजय को दोषी ठहराया था। जस्टिस अनिर्बान दास ने घटना के 164वें दिन सजा पर 160 पेज का फैसला सुनाया था। दास ने फैसले में कहा था कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में नहीं आता इसलिए फांसी नहीं दी गई है। CBI और पीड़ित परिवार ने मौत की सजा मांगी थी।

कोर्ट रूम, सजा पर 3 पक्षों की दलील...

मौत की सजा क्यों नहीं मिली, दोषी संजय की वकील ने बताया

संजय रॉय की वकील सेनजुति चक्रवर्ती ने  बताया, 'हमने कोर्ट से डेथ पेनल्टी की सजा सुनाते वक्त सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का ध्यान रखने की दलील रखी थी। डेथ पेनल्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है, जिसमें बताया गया है कि किस-किस केस में डेथ पेनल्टी होना चाहिए और किस-किस केस में इससे बचना चाहिए।'

'सुप्रीम कोर्ट कहता है कि जब किसी व्यक्ति के रिहैबिलिटेशन, करेक्शन यानी सुधरने की संभावना होती है, तो उस वक्त अदालत को डेथ पेनल्टी देने से बचना चाहिए। डेथ पेनल्टी तभी देना चाहिए जब दोषी के सुधरने की कोई संभावना ही ना हो।'

'यह मामला रेयरेस्ट और रेयर मामला है या नहीं, ये हमने कोर्ट के ऊपर ही छोड़ दिया था। आज हमने कोर्ट में दलील दी और कहा कि दोषी के सुधार की संभावना है और इस केस में ऐसा कोई सबूत नहीं आया कि दोषी को डेथ पेनल्टी दी जाए।'

'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन यह भी कहती है कि कभी-कभी ऐसा भी होता है कि मामले में जो भी सबूत आए हैं, उसके अलावा भी कुछ चीजें कोर्ट तक न पहुंच पाती हैं या किसी कारण से कुछ तथ्य छूट जाते हैं। ऐसे में किसी को डेथ पेनल्टी देने से बचा जाता है।'

पीड़ित की फैमिली हाथ जोड़कर बोली- मुआवजा नहीं चाहिए

जज ने कहा कि पीड़ित की मौत ड्यूटी के दौरान अस्पताल में हुई थी। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वो पीड़ित की फैमिली को मुआवजा दे। कोर्ट ने डॉक्टर की मौत के लिए 10 लाख और रेप के लिए 7 लाख मुआवजा तय किया। कोर्ट में मौजूद ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने हाथ जोड़कर कहा कि हमें मुआवजा नहीं, न्याय चाहिए।

इस पर जज ने कहा- मैंने कानून के मुताबिक यह मुआवजा तय किया है। आप इसका इस्तेमाल चाहे जैसे कर सकते हैं। इस रकम को अपनी बेटी के रेप और मर्डर के मुआवजे के तौर पर मत देखिए।

पीड़ित के पेरेंट्स बोले- फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे

ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने कहा है कि वे दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के सेशन कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस क्यों नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जांच ठीक से नहीं हुई है। कई लोगों को बचाया गया है। सेशन कोर्ट से फैसले की कॉपी मिलने के बाद हम हाईकोर्ट जाएंगे। 

संजय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत दोषी...

1. धारा 64 (बलात्कार) : कम से कम 10 साल जेल की सजा और ज्यादा से ज्यादा आजीवन कारावास का प्रावधान।

2. धारा 66 (पीड़ित की मृत्यु या उसे लगातार अचेत अवस्था में पहुंचाना): कम से कम 20 साल की सजा का प्रावधान, बढ़ाकर उम्रकैद किया जा सकता है।

3. धारा 103(1) (हत्या): फांसी की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान।

फैसले का आधार फोरेंसिक रिपोर्ट

अदालत ने घटनास्थल की फोरेंसिक रिपोर्ट को सजा का आधार बनाया, जिससे संजय रॉय के इस मामले में शामिल होने के सबूत मिले। घटनास्थल और पीड़ित डॉक्टर की बॉडी पर संजय का DNA मिला था।

8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या हुई

आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं।

हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने जांच शुरू की थी

9 अगस्त की घटना के बाद आरजी कर अस्पताल के डॉक्टरों और पीड़ित परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच के आदेश नहीं दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 13 अगस्त को जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद CBI ने नए सिरे से जांच शुरू की।

3 को आरोपी बनाया गया, 2 को जमानत मिली

आरोपी संजय रॉय के अलावा मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन CBI 90 दिन के अंदर घोष के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं कर पाई, जिस कारण सियालदह कोर्ट ने 13 दिसंबर को घोष को इस मामले में जमानत दे दी। इसके अलावा ताला थाने के पूर्व प्रभारी अभिजीत मंडल को भी चार्जशीट दायर न करने के कारण जमानत दी गई।

संजय इयरफोन और DNA से पकड़ में आया

टास्क फोर्स ने जांच शुरू होने के 6 घंटे के भीतर दोषी संजय रॉय को अरेस्ट किया। CCTV के अलावा पुलिस को सेमिनार हॉल से एक टूटा हुआ ब्लूटूथ इयरफोन मिला था। ये दोषी के फोन से कनेक्ट हो गया था। संजय की जींस और जूतों पर पीड़िता का खून पाया गया था।

संजय का DNA मौके पर मिले सबूतों से मैच हुआ था। संजय के शरीर पर चोट के जो 5 निशान मिले थे, वे उसे 24 से 48 घंटे के दौरान लगे थे। यह ब्लंट फोर्स इंजरी हो सकती है, जो पीड़ित से अपने बचाव के दौरान हुई होगी। इसी के जरिए पुलिस संजय को पकड़ने में कामयाब रही।

3 इन्वेस्टिगेशन में क्या मिला...

1. CBI ने कहा था- ट्रेनी डॉक्टर का गैंगरेप नहीं हुआ

CBI ने 7 अक्टूबर 2024 को कलकत्ता हाईकोर्ट में चार्जशीट दायर की, जिसमें कोलकाता पुलिस में वॉलंटियर संजय को एकमात्र आरोपी बताया गया। एजेंसी ने बताया कि ट्रेनी डॉक्टर का गैंगरेप नहीं हुआ था।

चार्जशीट में 100 गवाहों के बयान, 12 पॉलीग्राफ टेस्ट रिपोर्ट, CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन शामिल रहीं। यह भी कहा गया है कि पीड़ित के शरीर से मिला सीमन सैंपल और खून आरोपी से मैच हुआ।

वहीं क्राइम सीन पर मिले छोटे बाल भी फोरेंसिक जांच के बाद आरोपी के बालों से मैच हुए। संजय का इयरफोन, मोबाइल ब्लूटूथ से कनेक्ट हो गया था। इसे भी अहम सबूत माना गया।

2. फोरेंसिक रिपोर्ट में गद्दे पर हाथापाई के सबूत नहीं

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस में 24 दिसंबर को सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) की एक रिपोर्ट सामने आई। जिसमें कई सनसनीखेज खुलासे थे। 12 पेज की रिपोर्ट में कहा गया था कि सेमिनार हॉल में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे पता चले कि वहां पीड़ित से रेप के बाद हत्या की गई।

रिपोर्ट के 12वें पेज की आखिरी लाइनों में लिखा था- जिस जगह ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था, वहां संघर्ष का कोई सबूत नहीं मिला। जिस गद्दे पर शव था, उस पर भी किसी तरह की हाथापाई के निशान नहीं मिले।

दोषी संजय रॉय अस्पताल की पुलिस चौकी पर तैनात रहता था

संजय ने 2019 में कोलकाता पुलिस में डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप के लिए वॉलंटियर के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसके बाद वेलफेयर सेल में चला गया। अच्छे नेटवर्क की बदौलत उसने कोलकाता पुलिस की चौथी बटालियन में घर ले लिया। इस घर की वजह से आरजी कर अस्पताल में नौकरी मिली। वह अक्सर अस्पताल की पुलिस चौकी पर तैनात रहता था, जिससे उसे सभी विभागों में एक्सेस मिली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय की कई शादियां असफल रहीं। रॉय ने पूछताछ करने वाले अधिकारियों को बताया कि कथित तौर पर युवा डॉक्टर के साथ क्रूरता से कुछ घंटे पहले वह दो बार रेड-लाइट एरिया में गया था।


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कोलकाता रेप-मर्डर,फोरेंसिक रिपोर्ट से आया ट्विस्ट

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस में सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) की एक रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें कई सनसनीखेज खुलासे हैं। 12 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेमिनार रूम में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे पता चले कि वहां पीड़ित से रेप के बाद हत्या की गई है।

रिपोर्ट के 12वें पेज की आखिरी लाइनों में लिखा है- जिस जगह ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था, वहां संघर्ष का कोई सबूत नहीं मिला। जिस गद्दे पर शव था, उस पर भी किसी तरह की हाथापाई के निशान नहीं मिले हैं।

इससे अब ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर कहीं और हुआ था। गद्दे पर सिर और पेट के नीचे ही खून के निशान मिले थे, इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शव कहीं और से लाया गया था।

8-9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर हुआ था। मामले की जांच CBI कर रही है। मुख्य आरोपी संजय रॉय पुलिस की हिरासत में हैं। एजेंसी 7 अक्टूबर को ही स्पेशल CBI कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

अब देखिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या था

12 अगस्त को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें मर्डर से पहले रेप की पुष्टि की गई थी। साथ ही कहा गया था कि ट्रेनी डॉक्टर की गला घोंटकर हत्या की गई है। घटना सुबह 3 से 5 बजे की है।

CBI ने कहा था- ट्रेनी डॉक्टर का गैंगरेप नहीं हुआ

CBI ने 7 अक्टूबर को हाईकोर्ट में चार्जशीट दायर की, जिसमें संजय को रेप-मर्डर का एकमात्र आरोपी बताया था। संजय कोलकाता पुलिस के साथ सिविक वॉलंटियर के रूप में काम कर रहा था। एजेंसी ने बताया कि ट्रेनी डॉक्टर का गैंगरेप नहीं हुआ था।

चार्जशीट में 100 गवाहों के बयान, 12 पॉलीग्राफ टेस्ट रिपोर्ट, CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन शामिल रहीं। वारदात के दिन आरोपी का इयरफोन और मोबाइल ब्लूटूथ से कनेक्ट हो गया था। इसे भी अहम सबूत माना गया।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि पीड़ित के शरीर से मिला सीमन सैंपल और खून आरोपी से मैच हुआ। वहीं क्राइम सीन पर मिले छोटे बाल भी फोरेंसिक जांच के बाद आरोपी के बालों से मैच हुए।

CBI ने 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया था कि सियालदह ट्रायल कोर्ट में सोमवार से गुरुवार तक, हर दिन सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष के 81 गवाहों में से 43 से पूछताछ की गई है। एक महीने के भीतर सुनवाई खत्म होने की उम्मीद है।

कोलकाता रेप-मर्डर केस में आगे क्या होगा

ट्रायल कोर्ट में 2 जनवरी और सुप्रीम कोर्ट में 17 मार्च को सुनवाई है। अगर 17 मार्च से पहले पीड़ित के पक्ष में केस से जुड़ा कोई बड़ा डेवलपमेंट नहीं हुआ, तो एडवोकेट करुणा नंदी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को उठा सकती हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस तीर्थंकर घोष ने भी CBI से 24 दिसंबर को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

कोलकाता रेप-मर्डर, ट्रेनी डॉक्टर के पिता बोले- धोखा हुआ:2 वकील केस छोड़ चुके

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई घटना के 4 महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। इस दौरान देश के दो नामी वकील पीड़ित का केस छोड़ चुके हैं। ट्रेनी डॉक्टर की मां ने 13 दिसंबर को दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद कहा कि हमने सोचा कि हमारी बेटी को न्याय मिलेगा, आरोपियों को जमानत मिलने के बाद लग रहा है कि सिस्टम हमें ही हराने की कोशिश कर रहा है।


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