उत्तर प्रदेश में उफनाईं नदियां, यमुना ने रास्ता रोका, गंगा में समा रहे मकान

उत्तर प्रदेश के जिलों में नदियां उफान पर हैं। बांदा में केन और यमुना चेतावनी बिंदु के ऊपर हैं तो हमीरपुर में यमुना और बेतवा खतरे के निशान से ऊपर हैं। जालौन में भी यही स्थिति है। इटावा में चंबल खतरे के निशान 120.80 से छह मीटर ऊपर बह रही है। कई जगह रास्तों में नावें चलने की नौबत आ गई है। बांदा में केन नदी चेतावनी बिंदु 101 मीटर से 10 सेंटीमीटर तो यमुना 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

बदौसा की बागेन व नरैनी की रंज नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। पैलानी समेत नरैनी व बदौसा क्षेत्र के रपटे जलमग्न हो गए हैं। हमीरपुर में बाढ़ से एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क टूट चुका है और लोग सुरक्षित स्थानों में पहुंच रहे हैं। रास्तों में पानी भरने से नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

जालौन में कालपी, महेवा, कुठौंद व रामपुरा ब्लाक क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। वृंदावन से तीर्थयात्रियों को लेकर लौट रही बस पचनद जगम्मनपुर के बीच गहरे पानी में फंस गई। यात्रियों ने प्रशासन को समय से सूचना दे दी, जिससे सबको सुरक्षित निकाल लिया गया। इसमें बस चालक की लापरवाही सामने आई है। इटावा में सिंध छह और क्वारी तीन मीटर ऊपर बह रही है। चकरनगर और बढ़पुरा तहसील के करीब डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई जगह रास्तों में भरे पानी में नावें चल रही हैं।

उन्नाव में गंगा का जलस्तर 20 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़ा है। फतेहपुर में यमुना का जलस्तर प्रति घंटे रफ्तार के साथ बढ़ रहा है। अमौली, चांदपुर, ललौली, किशुनपुर से सटे गांवों को पानी ने घेर लिया है। यमुना में बाढ़ के कारण नोन नदी में उल्टा बहाव शुरू हो गया है। दपसौरा गांव में पानी घुसने से तराई की फसलें डूब गई है। कानपुर देहात में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और करीब 20 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कन्नौज व फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

5 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर

फर्रुखाबाद में शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ़कर समुद्र तल से 136.35 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर दर्ज है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक नरौरा बांध से 80447 क्यूसेक , हरिद्वार से 97764 क्यूसेक , बिजनौर से 59989 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। रामगंगा का जलस्तर घटकर गेज के नीचे पहुंच गया है। इसमें खो, हरेली, रामनगर से रामगंगा में 2047 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

बाढ़ से टूटा बरुआ-भौंरा का संपर्क

लगातार नदियों के बढ़ने से हर तरफ त्राहि-त्राहि मचा हुआ है। सुमेरपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बांदा जिले से सटे भौंरा-बरुआ गांव में बाढ़ का पानी आने से दोनों गांवों का संपर्क टूट गया है। इसके साथ ही करीब दो दर्जन घरों में पानी घुस गया है जिससे लोग सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों में जा रहे हैं। दो हिस्सों में बंटे भौंरा गांव में प्रशासन द्वारा वहां नाव चलवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है।

बाढ़ में जमींदोज हुए दो रिहायशी मकान

हमीरपुर में यमुना और बेतवा दोनों ही नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण हमीरपुर के गौरा देवी गांधी नगर मुहल्ले में दो मकान जमींदोज हो गए। वहीं कलौलीतीर, अमिरता समेत अन्य गांवों में भी पचास से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में आकर धराशायी हो गए। लोग हाई‌वे किनारे रहने को मजबूर।

फतेहपुर में कानपुर-बांदा मार्ग में भरा पानी, यातायात ठप

फतेहपुर से दक्षिण दिशा से गुजरी यमुना नदी ने रौद्र रूप धारण करके तबाही मचा कर रख दी है। गांवों में में पानी घुसने से पल्टूपुरवा, कोर्राकनक, उरौली, दरौली, दरौली, औरा निस्फी, अढ़ावल, ललौली, महना कोंडार, धनुहन डेरा आदि 50 गांवों बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भर गया है तो घरों में पानी भर गया है। पल्टूपुरवा गांव के लोगों सहित प्रभावित गांवों के लिए ललौली इंटर कालेज को सुविधाओं से लैस कराकर आशियाने में तब्दील कर दिया गया है। प्रकाश व्यवस्था, खाना, पेयजल, राशन सामग्री प्रशासन ने जुटा ली गई है। डुग्गी पिटवाकर लोगों को सुरक्षित ठिकानों में पहुंचने के लिए अपील की जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड में काम कर रहा है। अफसर पल पल अपडेट डीएम और शासन को पहुंचा रहे हैं।