बीएचयू ट्रामा सेंटर तक पहुंचा पानी, गल‍ियों में चली नाव, पांच हजार लोग बाढ़ राहत श‍िवि‍र पहुंचे

गंगा और वरुणा नदियों में आई बाढ़ के कारण पानी घाटों और न‍िचले मोहल्‍लों को पार कर प्रमुख गलियों और सड़कों पर बह रहा है। मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर से 96 सेमी ऊपर था। पानी का क्षैतिज बहाव काफी तेज है और जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटा की दर से वृद्धि अनवरत जारी है।

बाढ़ की हालत यह है क‍ि लगभग चार साल बाद बीएचयू ट्रामा सेंटर की सड़क तक पानी पहुंच गया है। सभी घाटों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। शहर के 24 मोहल्ले और 32 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। लगभग दो लाख तक की तटवर्ती आबादी इस बाढ़ में प्रभावित हुई है। तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी घुस जाने से 1,182 परिवार बेघर हो गए हैं और इन परिवारों के लगभग साढ़े पांच हजार लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों की शरण ली है। कई गांवों का भी आपसी संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलें तो डूबी हीं, पशुओं के चारे तक का संकट हो गया है।

शहरी क्षेत्रों में घाटों को पार करने के बाद न‍िचले मोहल्‍लों में बाढ़ का पानी सड़कों पर आ गया। मणिकर्णिका घाट की गलियों में पानी भर गया है तो दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में पानी सड़कों पर आने को आतुर है। पूर्वांचल के अन्य जिलों मीरजापुर, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, बलिया में गंगा उफान पर है। इनमें भदोही को छोड़कर अन्य जिलों में गंगा खतरा बिंदु से अध‍िक ऊपर तक बह रही हैं। 500 से अधिक गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। आजमगढ़ और मऊ में सरयू नदी तो जौनपुर में गोमती नदी ने भी चुनौती दे रखी है।