दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या नई नहीं है। हर साल ठंड की शुरुआत के साथ ही राजधानी में सांसों का संकट गहराने लगता है। लेकिन इस बार देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भी गंभीर एयर पॉल्यूशन की चपेट में आ गई है। शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है, आसमान में धुंध छाई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से बढ़ रहा है।
मुंबई का औसत AQI 267 दर्ज किया गया है, जबकि कई इलाकों में यह 300 से भी ऊपर पहुंच चुका है। स्थिति खराब होती देख बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहरवासियों के लिए चेतावनी जारी की है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सरकार को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
BMC का एक्शन प्लान
मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए BMC ने 30 नवंबर तक पूरे शहर में ‘रोड क्लीननेस और डस्ट कंट्रोल कैंपेन’ चलाने की घोषणा की है। इसके तहत सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही 50 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर कार्य रोक दिया गया है।
BMC ने यह भी चेतावनी दी है कि स्थिति नहीं सुधरने पर शहर में GRAP-4 लागू किया जा सकता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली में खराब होती हवा का संज्ञान लेते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सरकार को सख्त चेतावनी दी। अदालत ने कहा—
“हम सब देख रहे हैं कि दिल्ली में क्या हो रहा है। इसका क्या असर होगा?”
हाईकोर्ट ने सरकार और एजेंसियों को तुरंत प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुंबई में क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
विशेषज्ञों के अनुसार मुंबई में प्रदूषण बढ़ने का सबसे बड़ा कारण वाहन प्रदूषण है। मौसम में बदलाव, धीमी हवा और बढ़ते वाहन उत्सर्जन के कारण धुआँ व धूल मिलकर धुंध का रूप ले रहे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों में एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें और ज़रूरी होने पर ही बाहर निकलें।