विश्व पुस्तक मेला 2026 का शानदार आगाज़, धर्मेंद्र प्रधान ने किया उद्घाटन

शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व पुस्तक मेला 2026 का शानदार आगाज हुआ। यह मेला पुस्तकों, विचारों और संस्कृतियों का भव्य उत्सव है और इस वर्ष 18 जनवरी तक चलेगा। इतिहास में पहली बार इस मेले में आम लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, ताकि देशभर में पठन-पाठन और पुस्तक प्रेम को बढ़ावा दिया जा सके।

विश्व पुस्तक मेले का यह 53वां संस्करण राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (NBT) द्वारा, शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस मेले में 35 से अधिक देशों की भागीदारी, 1,800 से अधिक प्रकाशक, 3,000 से अधिक स्टॉल, 600 साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम और 1,000 से अधिक वक्ता शामिल हैं। इसे इसलिए विश्व के सबसे बड़े साहित्यिक समारोहों में से एक माना जाता है।

इस वर्ष का विशिष्ट अतिथि कतर होगा और स्पेन को फोकस देश के रूप में चुना गया है। मेले का केंद्रीय विषय है—‘भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और बुद्धिमत्ता @ 75’, जो भारत के सशस्त्र बलों के साहस, रणनीतिक प्रतिभा और बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। इस मेले में 20 लाख से अधिक पाठकों के शामिल होने का अनुमान है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा, “ज्ञान से अधिक पवित्र इस संसार में कुछ नहीं है। पुस्तकें पीढ़ियों को जोड़ने वाली कड़ी हैं, जो सभ्यताओं की स्मृति को संजोती हैं और समाज को दिशा देती हैं। दिल्ली विश्व पुस्तक मेला भारत की रीडिंग कल्चर का सबसे बड़ा लोक उत्सव है, जहां लेखक, प्रकाशक और पाठक एक साझा मंच पर संवाद करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत आज प्रकाशन और पुस्तक व्यापार के क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यह उपलब्धि भारत की भाषाई विविधता, व्यापक ज्ञान परंपरा और वैश्विक प्रासंगिकता का प्रमाण है।

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ओडिशा के राउरकेला में विमान हादसा, 9 सीटर प्लेन की क्रैश लैंडिंग

शनिवार दोपहर भुवनेश्वर से राउरकेला आ रही इंडिया वन एयर की 9 सीटर सेसना ग्रैंड कारवां EX विमान में उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी और सूझबूझ दिखाते हुए दोपहर करीब 1.40 बजे जलदा कंसर क्षेत्र के गड़िया टोली गांव के पास एक खेत में आपात लैंडिंग कराई।

लैंडिंग के दौरान विमान का दाहिना विंग पास के एक पेड़ की डाल से टकरा गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद विमान जमीन से टकराते हुए करीब 100 मीटर तक घिसटता चला गया। हादसे के तुरंत बाद गड़िया टोली के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

इस हादसे में विमान के पायलट कैप्टन नवीन कडंगा (PIC), फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन तरुण श्रीवास्तव सहित यात्री सुशांत कुमार विश्वाल, अनिता साहू, सुनील अग्रवाल और सबिता अग्रवाल घायल हुए हैं। सभी को राउरकेला के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही ATC ने जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। मौके पर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी ने स्थिति का जायजा लिया, जबकि डीआईजी ब्रजेश राय भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए।

सूत्रों के अनुसार यह विमान ‘इंडिया वन एयर’ सेवा के तहत भुवनेश्वर से राउरकेला की नियमित उड़ान पर था। दोपहर करीब 1.18 बजे विमान का संपर्क कोलकाता एटीसी के रडार से अस्थायी रूप से टूट गया था, जिसके बाद सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है।


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भारत को वेनेजुएला का तेल सप्लाई करेगा अमेरिका: रिपोर्ट

अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है और इसे 500 प्रतिशत तक बढ़ाने की चेतावनी भी दी है। इसकी मुख्य वजह भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद बताई जा रही है। भारत फिलहाल रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश है, हालांकि बीते छह महीनों में इसमें कमी आई है। जनवरी में रूस से तेल आयात चार साल के निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, इसके बावजूद अमेरिका संतुष्ट नहीं है। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इसी बीच दोनों देशों के बीच समाधान की राह भी निकलती दिख रही है, क्योंकि अमेरिका ने भारत को वेनेजुएला का तेल देने की पेशकश की है।

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अमेरिका एक नए ‘कंट्रोल्ड फ्रेमवर्क’ के तहत भारत और चीन को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार है। हालांकि यह पूरी व्यवस्था अमेरिकी नियंत्रण में होगी। अमेरिका वेनेजुएला में स्टोरेज में रखे 3 करोड़ से 5 करोड़ बैरल कच्चे तेल को बेचने की योजना बना रहा है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और भारत की रिफाइनरियां इस तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं। यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर वेनेजुएला से तेल लेना शुरू करता है, तो अमेरिका टैरिफ घटाकर 25 प्रतिशत तक ला सकता है।

भारतीय कंपनियां भी इस विकल्प के लिए तैयार नजर आ रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि वह वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने को तैयार है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब अमेरिका के बाहर की कंपनियों को इसकी स्पष्ट अनुमति दी जाए। रिलायंस जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स संचालित करती है। कंपनी का कहना है कि किसी भी फैसले से पहले वह नियमों की स्पष्टता का इंतजार कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे पर रिलायंस अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है।

कंपनी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत की सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन—भी वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए तैयार हैं। रिलायंस ने मार्च 2024 में वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया था और आखिरी शिपमेंट उसे मई 2024 में मिला था। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत वेनेजुएला करीब 2 अरब डॉलर तक, यानी 3 से 5 करोड़ बैरल कच्चा तेल निर्यात कर सकता है, जिसे अमेरिका भेजा जाना था।

गुजरात स्थित रिलायंस की रिफाइनिंग यूनिट्स की कुल क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रतिदिन है और यह सभी प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं। जानकारों का मानना है कि यदि वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में लौटता है तो यह रियायती दरों पर मिल सकता है, जिससे उन रिफाइनरियों को आर्थिक लाभ होगा जो इसे प्रोसेस कर सकती हैं। एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी, नायरा एनर्जी, इंडियन ऑयल कॉर्प और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स पहले भी वेनेजुएला से तेल खरीद चुकी हैं।

अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव लगातार बढ़ रहा है कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करे। अमेरिका का आरोप है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए आर्थिक मदद मिल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूस से करीब 144 अरब यूरो का तेल खरीद चुका है। युद्ध से पहले भारतीय आयात में रूस की हिस्सेदारी काफी कम थी, लेकिन पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस ने भारत और चीन जैसे देशों को भारी छूट पर तेल देना शुरू किया।

पिछले साल के मध्य में भारत रूस से रोजाना करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल आयात कर रहा था, जो दिसंबर में घटकर 12 लाख बैरल रह गया। अनुमान है कि जनवरी में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल तक आ सकता है। वेनेजुएला के पास 303 अरब बैरल कच्चे तेल का ज्ञात भंडार है, जो वैश्विक भंडार का लगभग 20 प्रतिशत है, हालांकि वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी काफी कम है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि बड़ी अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियां वेनेजुएला में निवेश बढ़ाएं।


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अगर रंग सही नहीं हुआ तो कटेंगे नंबर, यूपी बोर्ड की कॉपियों में इस बार बड़ा बदलाव

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष 18 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने इस बार बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाली उत्तर पुस्तिकाओं के रंग, स्वरूप और डिजाइन में व्यापक बदलाव किया गया है। इस बार परीक्षार्थियों को रंगीन उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके।

इस बार बोर्ड परीक्षा में अब तक मिलने वाली चौड़ी फॉर्मेट की कॉपियों की जगह लंबाई वाले फॉर्मेट की उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। प्रत्येक पन्ने पर विशेष रंग की कोडिंग के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद का मोनोग्राम अंकित रहेगा। इससे डुप्लीकेट या नकली उत्तर पुस्तिकाएं तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा और हर कॉपी की पहचान आसानी से की जा सकेगी।

जिले में इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 129 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 90,244 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 49,980 हाईस्कूल और 40,264 इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद मिश्र ने बताया कि नई व्यवस्था से नकल की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और अन्य गड़बड़ियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। नए लेआउट में परीक्षार्थियों को लिखने के लिए अधिक स्थान मिलेगा, जिससे उत्तर अधिक स्पष्ट, व्यवस्थित और पढ़ने में आसान होंगे। साथ ही हर स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।

रंग कोडिंग के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान इस प्रकार की जाएगी—

इंटरमीडिएट की ‘ए’ कॉपी 24 पन्नों की होगी, जिसके पहले पृष्ठ पर मैजेंटा यानी गहरा बैंगनी रंग होगा। इंटरमीडिएट की ‘बी’ कॉपी 12 पन्नों की होगी और इसका रंग हरा रहेगा। हाईस्कूल की ‘ए’ कॉपी 18 पन्नों की होगी, जो भूरे रंग की होगी, जबकि हाईस्कूल की ‘बी’ कॉपी 12 पन्नों की होगी और वह हरे रंग में दी जाएगी।


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थालापति विजय की सियासत बनी ‘जन नायकन’ फिल्म के लिए गले की फांस

साउथ सुपरस्टार थालापति विजय की फिल्म जन नायकन 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब तक इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिल पाई है। मामला मद्रास हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। ऐसे में फिल्म की रिलीज फिलहाल टल गई है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से अब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी गई। क्या इसके पीछे थालापति विजय की राजनीतिक सक्रियता है या फिर फिल्म की कहानी से जुड़ी आपत्तियां इस देरी का कारण बनी हैं।

जन नायकन को लेकर विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब मद्रास हाईकोर्ट ने आखिरी समय में फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया और मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की। विजय के समर्थकों का आरोप है कि फिल्म को जानबूझकर रोका जा रहा है और इसके पीछे अभिनेता की राजनीतिक एंट्री एक बड़ी वजह हो सकती है। समर्थकों का कहना है कि यह विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

सीबीएफसी ने फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। बोर्ड ने हिंसक दृश्यों और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका का हवाला देते हुए फिल्म को सर्टिफिकेट देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्म पर करीब 50 मिनट तक राजनीतिक प्रोपेगेंडा दिखाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं कारणों के चलते फिल्म की रिलीज अटकी हुई है। अब इस पूरे मामले पर 21 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हालांकि इससे पहले फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि थालापति विजय अपने फिल्मी करियर को अलविदा कहने की तैयारी में हैं और करीब 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी जन नायकन को उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। विजय ने वर्ष 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘मिलागा वेत्री कड़गम’ का गठन किया था और अब वह सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आखिरी फिल्म का विवादों में घिरना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर 21 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि जन नायकन को रिलीज के लिए हरी झंडी मिलती है या नहीं।


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देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन 15 जनवरी के बाद

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन 15 जनवरी के बाद किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इसका उद्घाटन 17 या 18 जनवरी को होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों दिनों पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रहेंगे। 17 जनवरी को पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा में और 18 जनवरी को हावड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 18 जनवरी को असम के कलियाबर स्थित मौचंदा मैदान में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का शिलान्यास भी किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी दौरान प्रधानमंत्री वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 17 जनवरी को मालदा से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। उद्घाटन के मौके पर यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी, जबकि गुवाहाटी से कोलकाता के लिए चलने वाली ट्रेन को प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन कामाख्या से कोलकाता के लिए रवाना होगी। नियमित रूप से यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बीच संचालित की जाएगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया आम यात्रियों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार एसी थ्री टियर का किराया भोजन सहित 2300 रुपये रखा गया है, जबकि एसी सेकंड का किराया 3000 रुपये और एसी फर्स्ट क्लास का किराया 3600 रुपये होगा। उन्होंने बताया कि ट्रेन में असम और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में बंगाली व्यंजन और गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया भोजन मिलेगा।

रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ-साथ करीब 10 अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से कुछ ट्रेनों का उद्घाटन 17 जनवरी को और शेष का 18 जनवरी को किया जाएगा। ये अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें देश के विभिन्न राज्यों के लिए चलाई जाएंगी, जिनमें न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल और मालदा से कोलकाता के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा रेलवे परियोजनाओं की यह घोषणा एक रणनीतिक कदम हो सकता है। इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी केंद्र सरकार ने बड़ी संख्या में वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की सौगात दी थी, जिसका राजनीतिक लाभ एनडीए को मिला था।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया प्रति किलोमीटर के आधार पर तय किया गया है। फर्स्ट एसी के लिए 3.80 रुपये प्रति किलोमीटर, सेकंड एसी के लिए 3.10 रुपये प्रति किलोमीटर और थर्ड एसी के लिए 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित किया गया है।

स्वदेशी तकनीक से निर्मित 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने हाल ही में हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रायल का वीडियो भी साझा किया था, जिसमें तेज गति के बावजूद पानी से भरे गिलास स्थिर नजर आए। इससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता, उन्नत सस्पेंशन और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन होता है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक शौचालय, फायर डिटेक्शन और सेफ्टी सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा बचाने वाली तकनीक शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कवच सुरक्षा प्रणाली, सेमी-परमानेंट कपलर, फायर बैरियर दरवाजे, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, यूवी-सी आधारित एसी डिसइंफेक्शन सिस्टम, चौड़े सील गैंगवे, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय और सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।


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‘नेतन्याहू को किडनैप करें अमेरिका-तुर्की’, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की ट्रंप और एर्दोगन से अपील

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार को अमेरिका और तुर्की से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को किडनैप करने की अपील की है। जियो टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका को नेतन्याहू को “किडनैप” कर अदालत में पेश करना चाहिए। आसिफ ने यह भी कहा कि तुर्की भी नेतन्याहू को अगवा कर सकता है। उन्होंने नेतन्याहू को “मानवता का सबसे बड़ा अपराधी” बताते हुए उनके खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया।

यह बयान जियो न्यूज पर लाइव टेलीकास्ट के दौरान दिया गया। आसिफ ने कहा कि यदि अमेरिका या तुर्की नेतन्याहू को पकड़ता है तो पाकिस्तान इसका समर्थन करेगा। उन्होंने कहा, “तुर्की नेतन्याहू को अगवा कर सकता है और हम पाकिस्तानी इसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” रक्षा मंत्री का यह बयान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी कार्रवाई में पकड़े जाने की घटना के संदर्भ में आया है। अमेरिका ने मादुरो पर नार्को टेररिज्म के आरोप लगाए हैं।

ख्वाजा आसिफ ने बार-बार आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने भी नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई की है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए देशों को कदम उठाने चाहिए। गौरतलब है कि नवंबर 2024 में ICC ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, हालांकि इजरायल ने इन वारंटों को अवैध बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निवास पर कार्रवाई कर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी थी। इस दौरान अमेरिकी बलों ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर निकाला। मादुरो को अमेरिका ले जाया गया, जहां उन पर नार्को टेररिज्म के आरोपों में मुकदमा चलाया जा रहा है। हालांकि मादुरो ने खुद को वेनेजुएला का राष्ट्रपति बताते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका ने उन्हें अवैध रूप से अगवा किया।


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दिल्ली में गंदे पानी की डरावनी सच्चाई, 2800 किमी पाइपलाइन 30 साल पुरानी

राजधानी में दूषित पेयजल की समस्या की जड़ जमीन के नीचे दबी दशकों पुरानी पाइपलाइनें हैं। दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार राजधानी की 15,600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में से 2,800 किलोमीटर यानी करीब 18 प्रतिशत लाइनें 30 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं।

कई इलाकों में पाइपलाइन की उम्र 50 से 80 साल तक पहुंच गई है, जिससे घरों तक पहुंचने वाला पानी अक्सर दूषित हो जाता है। इस मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी कई बार कड़ी टिप्पणी कर चुके हैं।

दिल्ली अपनी लगभग 90 प्रतिशत पेयजल जरूरतों के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है, इसके बावजूद जल उपचार संयंत्रों से निकलने वाले पानी का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा रिसाव, चोरी और तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचता। कई जगह पेयजल लाइन के साथ सीवर लाइन बिछी होने से पानी दूषित हो रहा है।

कोर्ट की फटकार, टैंकर माफिया की चांदी

योजना विहार, आनंद विहार, जनकपुरी सहित कई इलाकों में दूषित पानी आपूर्ति के मामले अदालत तक पहुंचे हैं। सरकार का दावा है कि 93 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन है, लेकिन संगम विहार, देवली जैसी अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गियों में आज भी पानी की नियमित आपूर्ति नहीं है। इसी का फायदा उठाकर टैंकर माफिया लोगों को चोरी का पानी बेच रहा है।

भ्रष्टाचार, फंड संकट और रखरखाव में देरी

बीते वर्षों में आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र सरकार के बीच विवाद तथा दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोपों से स्थिति और बिगड़ी। वर्ष 2023-24 में वित्त विभाग द्वारा फंड जारी करने में देरी हुई, जिससे रखरखाव कार्य ठप पड़ गया। नई सरकार बनने के बाद फंडिंग तो शुरू हुई, लेकिन जमीनी सुधार अब भी धीमा है।

14 साल बाद शुरू हुआ बड़ा ओवरहॉल

दिल्ली के जर्जर जल नेटवर्क को सुधारने के लिए वर्ष 2011 में प्रस्तावित चंद्रावल और वजीराबाद कमांड एरिया परियोजनाएं 14 साल तक टेंडर और फंडिंग में देरी के कारण अटकी रहीं। प्रशासनिक अड़चनों से तंग आकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने एक समय फंडिंग वापस भी ले ली थी। 2025 में नई सरकार की पहल पर फंड बहाल हुआ और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सकी।

कहां-कहां बदलेगा सिस्टम

चंद्रावल कमांड एरिया (96 वर्ग किमी) में

1,044 किमी नई पाइपलाइन।

21 भूमिगत जलाशय (UGR)

करोल बाग, पटेल नगर, मॉडल टाउन, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और जामा मस्जिद जैसे इलाके शामिल।

वजीराबाद कमांड एरिया (123 वर्ग किमी) में

1,700 किमी नई पाइपलाइन।

14 भूमिगत जलाशय।

बुराड़ी, रोहिणी, जहांगीरपुरी और पीतमपुरा जैसे क्षेत्र कवर होंगे।

पानी के लिए क्या हुआ और क्या होना है

2–3 साल में: 7,000 किलोमीटर पाइपलाइन बदली जाएंगी, यह फेज-1 लक्ष्य है।

7–8 साल में: पूरे दिल्ली जल नेटवर्क का ओवरहॉल पूरा होगा।

बीते 11 महीनों में 262 नए ट्यूबवेल चालू हुए।

प्रतिदिन 90 लाख गैलन अतिरिक्त पानी सप्लाई में जोड़ा गया।

200 किमी नई पाइपलाइन का काम शुरू हो चुका है।

पानी की बर्बादी रोकने के लिए 1,300 से अधिक डिस्ट्रिक्ट मीटर्ड एरिया (DMA) बनाए जाएंगे।

दूषित सैंपल और आरओ से बढ़ती बर्बादी

22–26 दिसंबर की जल गुणवत्ता रिपोर्ट में 7,129 नमूनों में से 100 असंतोषजनक पाए गए। खराब सैंपल मानसरोवर पार्क, पालम डीडीए फ्लैट्स, द्वारका सेक्टर-13, उत्तम नगर, बुराड़ी, जोनापुर और घिटोरनी जैसे इलाकों से मिले।

पाइपलाइन में गड़बड़ी के कारण लोग आरओ का सहारा ले रहे हैं। दिल्ली में करीब 80 लाख घरेलू आरओ लगे हैं, जिनसे रोज़ाना 4 करोड़ लीटर से अधिक पेयजल बर्बाद हो रहा है।

सरकार की योजनाएं

2025-26 के बजट में जल व सीवर के लिए 9,000 करोड़ रुपये।

आईआईटी कानपुर से समझौता-जल प्रबंधन सुधार के लिए।

68 विधानसभा क्षेत्रों को 734 करोड़ रुपये।

अमृत-1 योजना: 800 करोड़ खर्च कर 200 किमी पाइपलाइन बदली गई।

अमृत-2 योजना: 2,880 करोड़ से अनधिकृत कॉलोनियों व झुग्गियों में नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।

दिल्ली को अभी कई साल तक ज़मीन के नीचे दबी 50–80 साल पुरानी पाइपलाइनों पर निर्भर रहना होगा, लेकिन 14 साल बाद शुरू हुआ यह ओवरहॉल राजधानी के लिए स्वच्छ पेयजल की ओर एक बड़ी शुरुआत माना जा रहा है।


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दिल्ली में 4.2 डिग्री के साथ सीजन की सबसे ठंडी सुबह, घने कोहरे से IGI एयरपोर्ट की विज़िबिलिटी प्रभावित

सर्दी के लगातार बढ़ते असर के बीच शनिवार सुबह भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान साढ़े चार डिग्री से नीचे आ गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है तथा तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

शनिवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिला, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हुई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर महज 100 मीटर रह गई।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। वहीं अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप भी खिली रहेगी।

दूसरी ओर, राजधानी की वायु गुणवत्ता फिलहाल ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शनिवार सुबह नौ बजे दिल्ली का एक्यूआई 363 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली का एक्यूआई ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ स्तर पर ही बना रह सकता है।


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ऑस्कर 2026: भारत के सिनेमा के लिए सुनहरा पल

ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।


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