चांदी ₹3761 गिरकर ₹2.65 लाख किलो पर आई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 20 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 3,761 रुपए कम होकर 2.65 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,116 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है।

29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।

सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक

सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख

ऑलटाइम हाई(29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल)

मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक 18 हजार सस्ता हो चुका है।

चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.30 लाख तक

चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाईसे बहुत तेजी से नीचे आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख

ऑलटाइम हाई(29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त)

गिरावट का आंकड़ा: पिछले 49 दिन में चांदी ₹1.21 लाख सस्ती हो गई है।

गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर 'कैश' पर भरोसा

आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर 'कैश' इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे।

प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।


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नालंदा में मिड-डे मील खाने से 3 दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

प्रखंड के मध्य विद्यालय कला कैला में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चे अचानक बीमार हो गए। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। 

कई बच्चे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए।

सब्जी के एक हिस्से में संदिग्ध ‘गोली’ जैसी वस्तु मिली

आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया है।

अस्पताल में भर्ती पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि दोपहर के भोजन में बच्चों को चावल और चने (बूट) की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के दौरान सब्जी के एक हिस्से में संदिग्ध ‘गोली’ जैसी वस्तु मिली। छात्रा के अनुसार, लगभग सभी बच्चों ने वही भोजन खाया था, जिसके बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि रोज की तरह भोजन परोसने से पहले शिक्षकों ने खाने की जांच या स्वाद नहीं लिया था। हालांकि बाद में अमरेश सर नामक शिक्षक ने भी वही भोजन खाया, जिसके बाद उन्हें भी चक्कर आने लगे और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

‘एकता फाउंडेशन’ पर उठे सवाल

जानकारी के मुताबिक स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति ‘एकता फाउंडेशन’ नामक संस्था द्वारा की गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं की गई, जिसके कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ गई।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बच्चों को मिड-डे मील में छोला और चावल दिया गया था। जैसे ही बच्चों ने खाना शुरू किया, कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे तो कई बच्चे चक्कर खाकर बेहोश हो गए।

उन्होंने कहा कि स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया और घटना की लिखित सूचना विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।


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25 मई तक घर में रहने की सलाह, दिल्ली-NCR में IMD का ऑरेंज अलर्ट

दिल्ली में गर्मी लगातार जोर पकड़ रही है। इस पूरे सप्ताह ही दिल्ली वासियों को भीषण गर्मी का सामना करना होगा। तीखी धूप में तापमान में भी तेजी से वृद्धि होगी और अगले लू भी चलेगी।

मौसम विभाग ने 25 मई तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। दूसरी तरफ दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही चल रही है।

अधिकतम तापमान 45 डिग्री के आसपास रहेगा

बुधवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 45 डिग्री के आसपास रह सकता है। दिन भर आसमान साफ रहेगा एवं तेज धूप भी निकली रहेगी। गर्म हवा के थपेड़े भी खाने पड़ सकते हैं।

उधर बुधवार को सुबह नौ बजे दिल्ली का एक्यूआइ 187 दर्ज किया गया। इसे 'मध्यम' श्रेणी में रखा जाता है। एनसीआर के शहरों में भी हवा मध्यम से खराब श्रेणी में ही चल रही है। पूर्वानुमान है कि हाल फिलहाल इसमें बहुत अधिक बदलाव नहीं होगा।


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‘शव सड़ने लगा है, कृपया ले जाएं’, ट्विशा केस में परिवार से पुलिस की अपील

ट्विशा शर्मा के परिवार को एक मुश्किल फैसला लेना है। पुलिस ने ट्विशा के परिवार को उसके शव को वापस ले जाने के लिए कहा है। पुलिस ने परिवार को बताया है कि 13 मई से AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा उसका शव अब सड़ने लगा है।

पुलिस ने परिवार को लिखे एक पत्र में कहा, "ट्विशा का शव लंबे समय से मुर्दाघर में रखा हुआ है और उसके सड़ने की प्रबल संभावना है। इसलिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया शव को ले जाने की व्यवस्था करें।"

'एम्स भोपाल में नहीं है ये सुविधा'

पुलिस ने परिवार को लिखे पत्र में आगे कहा, "अभी शव को एम्स भोपाल की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है। शव को सड़ने से बचाने के लिए उसे -80 डिग्री सेल्सियस पर रखना जरूरी है। एम्स भोपाल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।" पत्र में यह भी कहा गया है कि पुलिस को दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?

पहला पोस्टमार्टम 13 मई को पूरा हुआ था। ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत का कारण "लिगेचर से फांसी" (antemortem hanging by ligature) था और साथ ही रिपोर्ट में उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर किसी कुंद चीज से लगी कई सामान्य चोटों का भी जिक्र किया गया है।

रिपोर्ट में गर्दन के बाईं ओर खरोंचें, बाईं ऊपरी बांह, बाईं निचली बांह, दाईं कलाई और दाईं अनामिका उंगली पर चोट के निशान भी दर्ज किए गए। मेडिकल बोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला कि भले ही मौत का कारण फांसी था लेकिन अन्य चोटें मौत से पहले की साधारण चोटें मालूम होती हैं।


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बंगाल में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% किया गया

पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया है। राज्य में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है। नई लिस्ट के मुताबिक अब सिर्फ 66 जातियां OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में 77 अतिरिक्त जातियों को जोड़ने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था।

हालांकि 2010 से पहले OBC कैटेगरी में शामिल जातियों का दर्जा बना रहेगा। इस कोटे के जरिए पहले नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी असर नहीं पड़ेगा।

ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो हिस्सों में बांटा था

इस फैसले के साथ ममता बनर्जी सरकार के समय लागू OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म हो गई है। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो कैटेगरी में बांटा था। OBC- A को 10% और OBC- B को 7% आरक्षण मिल रहा था। इस दौरान कई नई जातियां भी जोड़ी गईं।

इसी के खिलाफ 2024 में कलकत्ता हईकोर्ट ने फैसला दिया था। कोर्ट के फैसले से 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे।

अब इन्हें मिलेगा आरक्षण

नई लिस्ट में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदाय भी इस लिस्ट में हैं।

राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार OBC ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी। जिन समूहों की पहचान हाईकोर्ट ने स्पष्ट की है, उन पर पहले विचार होगा। समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर कुछ समूहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत फिर सूची में शामिल किया जा सकता है।

बंगाल नई कैबिनेट के 7 बड़े फैसले-

1. सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी

बंगाल कैबिनेट ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप A पदों के लिए उम्र सीमा 41 साल, ग्रुप B के लिए 44 साल और ग्रुप C-D के लिए 45 साल कर दी गई है। यह नियम 11 मई से लागू होगा। SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलने वाली अतिरिक्त आयु छूट पहले की तरह जारी रहेगी।

2. भ्रष्टाचार जांच के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी

कैबिनेट ने राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बिश्वजीत बसु की अध्यक्षता में पैनल बनाने को मंजूरी दी। यह कमेटी सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और सेवा वितरण में कथित घोटालों, कटमनी, रिश्वतखोरी और सरकारी फंड की गड़बड़ी की जांच करेगी। लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी।

3. महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की जांच होगी

राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनाने का फैसला लिया। यह आयोग महिलाओं, बच्चों, SC-ST और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच करेगा। इसके लिए पोर्टल, व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।

4. धार्मिक आधार पर मिलने वाला मानदेय बंद

कैबिनेट ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला लिया। पहले इमामों को 3000 रुपए और मुअज्जिन-पुजारियों को 2000 रुपए मासिक सहायता दी जाती थी।

5. महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए मिलेंगे

राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। लक्ष्मी भंडार योजना की मौजूदा लाभार्थियों को बिना दोबारा आवेदन किए सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

6. महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा

कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की मंजूरी भी दे दी। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

7. 7वें वेतन आयोग को मंजूरी

राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी। इसका फायदा सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निकायों, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। आयोग के गठन और लागू होने की तारीख का नोटिफिकेशन बाद में जारी किया जाएगा।


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देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद, मरीजों की बढ़ीं परेशानियां

दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और बड़ी कंपनियों के कॉम्पिटीशन के विरोध में देशभर के 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बुधवार को बंद का ऐलान किया है।

पटना के IGIMS के बाहर दवा दुकानें बंद हैं। इससे मरीजों के अटेंडेंट परेशान हैं। वहीं, चंडीगढ़ के (PGI) में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवाई नहीं मिल सकी और वह मेडिकल स्टोर के बाहर इंतजार करता रहा।

हालांकि, AIOCD ने कहा था कि बंद के दौरान भी अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। इमरजेंसी दवाओं की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

दवा दुकानदारों की 4 मांगें

बिना नियमों के चल रही ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से मोहल्ले की छोटी दुकानों को नुकसान हो रहा है और लोगों की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इसे रोका जाए।

इस पूरे विवाद से जुड़े सरकार के दो नियम GSR 220(E) और GSR 817(E) हैं। संगठन के मुताबिक इन नियमों की कमियों का फायदा उठाकर ही ऑनलाइन दवा कंपनियां ऐसा कर रही हैं। इसे वापस लिया जाए।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 'गलत या नकली पर्चियों' का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए ई-फार्मेसी के लिए नए सख्त नियम बनाए जाएं।

लोकल दुकानदार ऑनलाइन कंपनियों के 20% से 50% तक के डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर सकते।

कोविड-19 के दौरान सरकार ने ई-फार्मा को छूट दी

कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा स्टोर्स (ऑनलाइन मेडिकल स्टोर्स) को कई बड़ी रियायतें दी थीं

सरकार ने ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा दिया, जिससे लॉकडाउन में भी उनकी डिलीवरी बिना रोक-टोक जारी रही। इसके अलावा, नियमों में ढील देते हुए डॉक्टरों के डिजिटल प्रिसक्रिप्शन (व्हाट्सएप या ईमेल पर भेजी गई पर्ची) के आधार पर दवाइयां बेचने की मंजूरी दी गई।

घर-घर जाकर दवाइयां पहुंचाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया ताकि लोग अस्पतालों या मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर बैठे ही अपनी रेगुलर और जरूरी दवाइयां मंगा सकें।


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उत्तर भारत में बढ़ेगा गर्मी का कहर, 10 दिन तक सूखी हवाओं का अलर्ट

देश में गर्मी अपने पीक पर है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के 10 राज्यों में अगला एक हफ्ता पूरी तरह सूखा रहेगा।

एजेंसी के मुताबिक इस दौरान सूखी-गर्म हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान भी 45°C या उससे ज्यादा बना रहेगा। वेस्टर्न डिस्टर्वेंस भी कमजोर है और फिलहाल कोई वेदर सिस्टम भी नहीं है। ऐसे में बारिश की कोई संभावना नहीं है।

मंगलवार को MP, UP, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र के 22 शहरों में तामपान 45°C से ज्यादा रहा था। इधर UP का बांदा मंगलवार को लगातार तीसरे दिन देश में सबसे गर्म शहर रहा।

यहां तापमान 48.2°C था। बीते दो दिन भी तापमान 46°C से ज्यादा रहा था। बांदा में 15 मई 2022 को तापमान 49°C रहा था। यह यहां के इतिहास में सबसे ज्यादा था। पूरे यूपी की बात करें तो 22 जिलों में पारा 40°C रहा है।

दिल्ली में चौथा हीटवेव डे- दिल्ली में मंगलवार को इस साल का चौथा हीटवेव डे दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 45.1°C रहा, जबकि रिज इलाका 46.5°C के साथ सबसे गर्म रहा।

पंजाब-हरियाणा में रिकॉर्ड गर्मी- पंजाब के फरीदकोट में तापमान 47.3°C पहुंच गया। हरियाणा के रोहतक में 46.9°C और नारनौल में 45°C तापमान दर्ज हुआ। चंडीगढ़ में पारा 43.2°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4°C ज्यादा है।

शहरों में फील टेंपरेचर 4°C तक अधिक

वास्तविक तापमान और फील टेंपरेचर में हर शहर में औसत 2°C से 4°C तक का अंतर है। क्लाइमेट एक्सपर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग जो तापमान बताता है, लोगों को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण तेजी से होता शहरीकरण है। इससे तापमान में उछाल आ रहा है। फील फैक्टर तेजी से बढ़ता जा रहा है।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

21 मई:

राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव चलेगी। यहां रात में भी हीटवेव जैसे हालात रहेंगे।

असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश का अनुमान है।

22 मई:

छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट है। ओडिशा में गर्म और उमस रहेगी।

अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा में बारिश का अलर्ट है।

बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश संभव।

मानसून की दक्षिण अरब सागर में एंट्री

भारत को भिगोने वाले दक्षिणी-पश्चिमी मानसून ने मंगलवार को कोमरिन सागर, श्रीलंका, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी भाग के कुछ और हिस्सों को कवर कर लिया। यह दक्षिण अरब सागर में प्रवेश कर गया। 2-3 दिन में लक्षद्वीप समूह के मिनिकॉय द्वीप पहुंचने की संभावना है।


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अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान

अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया है। वनडे टीम में ईशान किशन की 3 साल बाद वापसी हुई है। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों से आराम दिया गया है।

प्रिंस यादव समेत 4 खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं। प्रिंस को वनडे और मानव सुथार को टेस्ट टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को दोनों टीमों में शामिल किया गया है।

अफगानिस्तान की टीम जून में भारत दौरे पर आएगी। दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट और 3 वनडे खेले जाएंगे। टेस्ट मैच मुल्लांपुर और वनडे मुकाबले धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में खेले जाएंगे।

पंत से उपकप्तानी छिनी, केएल राहुल को जिम्मेदारी

ऋषभ पंत से टेस्ट टीम की उपकप्तानी छीन ली गई है। वे पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उपकप्तान थे। नियमित कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में पंत ने कप्तानी भी की थी। लेकिन अब उनकी जगह केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है।

देवदत्त पडिक्कल की नंबर-3 पर वापसी हुई है। वे दो टेस्ट खेल चुके हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट 2024 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। साई सुदर्शन भी टीम में हैं।

ईशान की 3 साल बाद वनडे टीम में वापसी

विकेटकीपर बैटर ईशान किशन को 3 साल बाद वनडे टीम में मौका मिला है। उन्होंने आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेला था। ईशान ने भारत के लिए 27 वनडे में 42.40 की औसत से 933 रन बनाए हैं। उनके नाम एक दोहरा शतक दर्ज है। ईशान इस साल खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के दूसरे टॉप स्कोरर थे।

गुरनूर, सुथार और हर्ष को पहली बार टेस्ट टीम में मौका

भारतीय टेस्ट टीम में गुरनूर बरार, मानव सुथार और हर्ष दुबे को पहली बार शामिल किया गया है। तीनों ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई।

पंजाब के तेज गेंदबाज बरार ने डोमेस्टिक करियर में 18 फर्स्ट क्लास मुकाबले, 9 लिस्ट-ए और 9 टी-20 मुकाबले खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 52, लिस्ट-ए में 12 और टी-20 में 10 विकेट हैं। गुरनूर IPL में 1 मैच पंजाब किंग्स के लिए 2023 में भी खेल चुके हैं।

राजस्थान के लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली रहे हैं। उन्होंने 2022-23 रणजी ट्रॉफी में 39 विकेट लेकर राजस्थान के सबसे सफल गेंदबाज का रिकॉर्ड बनाया था। वह इंडिया-ए टीम का हिस्सा रह चुके हैं और IPL में गुजरात टाइटंस से जुड़े हैं।

विदर्भ के ऑलराउंडर हर्ष दुबे ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। वे IPL में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं।

कोहली को बोल्ड कर चर्चा में आए प्रिंस

वनडे टीम में पहली बार जगह बनाने वाले प्रिंस यादव घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स से खेलते हैं। वे IPL में विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर चर्चा में आए थे। प्रिंस यादव IPL 2026 में 12 मैच में 16 विकेट ले चुके हैं। वे लखनऊ से IPL खेलते हैं और अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं।

रोहित-हार्दिक फिट होने के बाद ही खेल सकेंगे

IPL में रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या चोटिल हो गए थे। हालांकि रोहित ने वापसी कर ली है और वे मुंबई के लिए बतौर इम्पैक्ट प्लेयर मैच खेल रहे हैं। हार्दिक को अब भी वापसी करनी हैं। दोनों का वनडे टीम में नाम हैं, लेकिन BCCI की मेडिकल टीम से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही मैच खेल सकेंगे।

भारतीय टेस्ट टीम

शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल।

भारतीय वनडे टीम

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।


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सुपरकंप्यूटर से स्पेस तक: PM मोदी और मेलोनी ने तय किया 2029 का बड़ा व्यापार लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव पर इटली की राजधानी रोम पहुंच गए। यहां मलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के बीच संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं, जो एक सौहार्दपूर्ण दोस्ती से विकसित होकर एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं।

भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से एक लेख लिखा। जिसमें मोदी और मेलोनी ने कहा कि ऐसे समय में जब अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में गहरा बदलाव आ रहा है, दोनों देशों के बीच साझेदारी उच्च राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर लगातार संवाद से आगे बढ़ रही है।

21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा दोनों जरूरी

उन्होंने कहा, "भारत और इटली के बीच संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। हाल के सालों में, हमारे संबंधों का अभूतपूर्व गति से विस्तार हुआ है, जो एक सौहार्दपूर्ण दोस्ती से विकसित होकर स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों और भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं।"

दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के बीच सहयोग इस जागरूकता को दर्शाता है कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा राष्ट्रों की नवाचार करने, ऊर्जा संक्रमणों का प्रबंधन करने और रणनीतिक संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में आकार लेगी।

इस उद्देश्य के लिए, उन्होंने कहा कि वे नए लक्ष्यों को प्राप्त करने और दोनों देशों की पूरक शक्तियों को एक साथ लाने के दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और विविध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

व्यापार के लिए 20 अरब यूरो का लक्ष्य

दोनों नेताओं ने कहा कि यह कोई साधारण एकीकरण नहीं है, बल्कि मूल्य का सह-निर्माण है, जहां संबंधित औद्योगिक शक्तियां एक-दूसरे को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों दिशाओं में व्यापार और निवेश में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

उन्होंने कहा, "हम 2029 तक इटली और भारत के बीच व्यापार के लिए 20 अरब यूरो के लक्ष्य तक पहुंचना और उसे पार करना चाहते हैं, जिसमें रक्षा और एयरोस्पेस, स्वच्छ तकनीक, मशीनरी, ऑटोमोटिव पुर्जे, रसायन, दवाएं, कपड़ा, कृषि-खाद्य, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।"

इस लेख में, मोदी और मेलोनी ने आगे कहा, "मेड इन इटली हमेशा से दुनिया भर में उत्कृष्टता का पर्याय रहा है, और आज यह मेक इन इंडिया पहल के उच्च-गुणवत्ता वाले लक्ष्यों के साथ एक स्वाभाविक तालमेल बिठाता है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए सामानों के उत्पादन में इतालवी व्यवसायों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय उद्योगों की बढ़ती उपस्थिति दोनों तरफ से जिनकी संख्या 1,000 से अधिक है। एक सकारात्मक संकेत है जो हमारी आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण को मजबूत करेगा।

आने वाले दशक में AI से होगी क्रांति

दोनों नेताओं ने कहा कि तकनीकी नवाचार इस साझेदारी के बिल्कुल केंद्र में है, और आने वाले दशक एक ऐसे तकनीकी क्रांति द्वारा आकार लेंगे जिसका दायरा असीमित होगा। यह क्रांति AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति से चिह्नित होगी।

उन्होंने कहा, "हमारे विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों के बीच बढ़ती साझेदारी इसे और अधिक बल प्रदान करेगी। भारत का 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) पहले से ही बड़ी संख्या में देशों, विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' (वैश्विक दक्षिण) के देशों के बीच अपनी प्रासंगिकता और स्वीकार्यता पा रहा है।"

मानव को केंद्र में रखकर होगी तरक्की

नेताओं ने कहा कि विशेष रूप से AI पहले से ही समाजों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इटली और भारत लंबे समय से यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं कि इसका विकास जिम्मेदारीपूर्ण और मानव-केंद्रित हो। उन्होंने कहा कि भारत और इटली AI को समावेशी विकास के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में भी देखते हैं।

उन्होंने कहा, "भारत के 'मानव' (MANAV) दृष्टिकोण जिसमें प्रौद्योगिकी के केंद्र में मानव को रखा जाता है। इटली के उस नेतृत्व का आधार है, जो अपनी मानवतावादी परंपराओं में निहित 'एल्गोर-एथिक्स' (algor-ethics) को बढ़ावा देता है, हमारी साझेदारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि AI सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करें।"

उन्होंने कहा कि सुरक्षित डिजिटल सहयोग, क्षमता-निर्माण और मजबूत साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर में बेहतरीन तरीकों को साझा करके, दोनों देशों का लक्ष्य एक खुला, भरोसेमंद और न्यायसंगत डिजिटल स्पेस बनाना है, जिसमें हर देश AI को अपने हिसाब से ढाल सके और उससे फायदा उठा सके।

भारत में हुए AI Summit का दिखा असर

यह नजरिया इटली की G7 अध्यक्षता और नई दिल्ली में हुए AI Impact Summit 2026 के नतीजों का मुख्य आधार हैं। नेताओं ने कहा कि AI को इंसानों द्वारा इंसानों के लिए बनाया गया एक औजार मानने का मतलब यह साफ तौर पर कहना है कि टेक्नोलॉजी न तो इंसानों की जगह ले सकती है और न ही उनके मौलिक अधिकारों को कमजोर कर सकती है। इसके साथ ही न ही इसका इस्तेमाल सार्वजनिक बहस में हेर-फेर करने या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बदलने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "तेजी से आपस में जुड़ती दुनिया में आजादी और मानवीय गरिमा की रक्षा करने का हमारा नजरिया इसी चुनौती पर टिका है।" मोदी और मेलोनी ने कहा कि भारत-इटली सहयोग में अंतरिक्ष क्षेत्र भी शामिल है, और अंतरिक्ष खोज व सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में भारत की शानदार प्रगति, इटली की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की बेहतरीन क्षमता के साथ मिलकर, अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी के विकास के लिए अहम अवसर पैदा करती है।

ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी

उन्होंने कहा, "हमारा सहयोग अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा, और आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसे खतरों का सामना करने की हमारी क्षमता को मजबूत करेगा।"

दोनों नेताओं ने कहा कि ऊर्जा हमारी साझेदारी का एक और अहम स्तंभ है, और अलग-अलग तरह के ऊर्जा स्रोतों की ओर दुनिया के बदलाव के लिए इनोवेशन, निवेश और सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने कहा, "इस संदर्भ में, भारत की अगुवाई वाली अहम पहलुओं में इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे के लिए गठबंधन (CDRI) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (GBA)में दूसरे देशों के साथ हमारा सहयोग भी अहम है।"

उन्होंने आगे कहा कि इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) एक ऐसे विज़न को दिखाता है। जिसका मकसद हमारे इलाकों को आधुनिक ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल नेटवर्क, एनर्जी सिस्टम और मजबूत सप्लाई चेन के जरिए आपस में जोड़ना है। भारत और इटली भी दूसरे पार्टनर देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि इस विजन को हकीकत बनाया जा सके।


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मानसून अगले हफ्ते केरल पहुंचेगा, इस बार रफ्तार रह सकती है धीमी

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भारत की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। फिलहाल यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी सिरे से लेकर उत्तरी सिरे तक छा चुका है। मौसम विभाग ने तय तारीख एक जून से पहले 22 से 26 मई के बीच मानसून के केरलम पहुंचने की संभावना जताई है।

इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रहने की आशंका ज्यादा है। इसलिए लगातार बारिश के बजाय मानसून बार-बार अटकेगा। एक ही जगह ठहरा रहेगा। इसमें बिना बारिश के दिनों की संख्या (मानसून ब्रेक) ज्यादा रह सकती है। जून से सितंबर के दौरान 7 से 14 दिन तक के कई ब्रेक आ सकते हैं।

निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष जीपी शर्मा कहते हैं कि इस बार मानसून पर 2002 जैसा खतरा दिख रहा है। तब मानसून 29 मई को केरल पहुंच गया था। सामान्य रूप से ये 35 से 38 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लेता है। लेकिन, 2002 में उसे 79 दिन लगे थे और 15 अगस्त को मानसून पूरे देश में छाया था।

इस बीच अगले 7 दिन उत्तर और मध्य भारत के 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मंगलवार को पूर्वोत्तर और दक्षिणी इलाकों को छोड़कर लगभग आधे देश में हीटवेव का असर रहेगा। औसत तापमान 45°C तक रह सकता है।

एमपी-राजस्थान समेत 6 राज्यों में पारा 46°C पार

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में सोमवार को अधिकतम पारा 46°C से ज्यादा रहा। उत्तर प्रदेश का बांदा 47.6°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। पंजाब के बठिंडा में 47°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 46.5°C, हरियाणा के सिरसा में 46.2°C, राजस्थान के चित्तौड़गढ़-पिलानी में 46.2°C तापमान रहा।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

20 मई:

राजस्थान के 19 जिलों में, यूपी के 33 जिलों और पंजाब के 10 जिलों में हीटवेव का अलर्ट।

झारखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।

21 मई:

राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।

असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।


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