यूपी में आंधी-बारिश का कहर, मरने वालों की संख्या 111 पहुंची

यूपी में बुधवार को आंधी और बारिश ने जमकर तबाही मचाई। राज्य में 111 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 21 मौतें प्रयागराज और 17 मौतें भदोही में हुईं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इन मौतों पर दुख जताया।

उधर का देश का आधे से ज्यादा हिस्सा हीटवेव की चपेट में है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में गुरुवार को तापमान 40°C के पार दर्ज किया गया। महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी पारा 45°C के ऊपर दर्ज हुआ।

राजस्थान के फलोदी में तापमान 45.2°C, जैसलमेर और बाड़मेर में 45.1°C रिकॉर्ड हुआ। श्रीगंगानगर में 44.8°C और जोधपुर में 44°C पारा रहा। जयपुर, बीकानेर और नागौर में दिनभर हीटवेव जैसे हालात रहने के बाद शाम को बारिश हुई। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

इधर, यूपी में बांदा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। यहां तापमान 45.2°C रहा। इसके अलावा गुजरात का भावनगर 45.2°C और मध्य प्रदेश का खंडवा 44.5°C के साथ अपने राज्य के सबसे ज्यादा गर्म शहर थे।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

16 मई:

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश, तेज हवाएं चल सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते है। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

17 मई:

राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।

आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की चेतावनी है।

असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।


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Sanju Samson के दोस्त की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, ओपनिंग डे पर की ताबड़तोड़ कमाई

टोविनो थॉमस और बेसिल जोसेफ स्टारर फिल्म 'अथिराडी' (Athiradi) ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की है। यह फिल्म 14 मई को रिलीज हुई और एडवांस बुकिंग के जरिए इसने तेजी से रफ्तार पकड़ ली।

'अथिराडी' बॉक्स ऑफिस ओपनिंग कलेक्शन

Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन जबरदस्त उछाल देखा। इसने अपने ओपनिंग डे पर भारत में 5.55 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। यह Day 0 के 52 लाख रुपये के कलेक्शन के बाद आया, और यह लगभग 967.3% की तेज बढ़त दिखाता है। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अभी 6.07 करोड़ रुपये है। भारत का ग्रॉस आंकड़ा 7.04 करोड़ रुपये है। वहीं वर्ल्डवाइड इसका ग्रॉस कलेक्शन बढ़कर 10.54 करोड़ रुपये हो गया।

अथिराडी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 0- 52 लाख रुपये

अथिराडी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 1- 5.55 करोड़ रुपये

अथिराडी टोटल नेट इंडिया कलेक्शन- 6 करोड़ रुपये (लगभग)

अथिराडी वर्ल्डवाइड कलेक्शन- 10.54 करोड़ रुपये

'अथिराडी' के अलग-अलग शो में ऑक्यूपेंसी

पहले दिन ऑक्यूपेंसी का पैटर्न पूरे दिन बेहतर होता गया। सुबह के शो 25.67% पर खुले और दोपहर में ऑक्यूपेंसी बढ़कर 36.33% हो गई। शाम के शो और बढ़कर 45.25% तक पहुंच गए। रात के शो 60.83% के शिखर पर थे और 1,915 शो में कुल ऑक्यूपेंसी 44.45% रही।

फिल्म ने केरल में जबरदस्त प्रदर्शन किया, जहां इसने अकेले पहले दिन 5.50 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसके बाद कर्नाटक में 55 लाख रुपये का योगदान दिया, जबकि तमिलनाडु ने 22 लाख रुपये जोड़े।

बाकी भारत से 12 लाख रुपये का योगदान मिला। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से मिलाकर 5 लाख रुपये आए। पूरे भारत में पहले दिन की कुल कमाई 6.44 करोड़ रुपये रही। कुल कमाई को मिलाकर, दुनिया भर में फिल्म की कुल कमाई 10.54 करोड़ रुपये रही।

'अथिराडी' की कहानी

यह फिल्म सैमकुट्टी नाम के एक जोशीले स्टूडेंट की स्टोरी है, जो कॉलेज के एक बैन हो चुके फेस्टिवल को फिर से शुरू करता है। इससे तनाव बढ़ता जाता है और जश्न का माहौल अफरा-तफरी में बदल जाता है। इसे अरुण अनिरुद्धन ने डायरेक्ट किया है जो 'मिन्नल मुरली' के लिए जाने जाते हैं।


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भारत-UAE के बीच LPG सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE दौरे पर पहुंचे हैं। अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ। इसके अलावा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर से जुड़े MoU भी साइन किए गए।

UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान भी किया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और वेस्ट एशिया के हालात पर चर्चा की।


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पेट्रोल-डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़े, नई कीमतें लागू

पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है।

वहीं कंपनियों को अभी भी पेट्रोल-डीजल पर ₹25-₹30 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे।

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए:

मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

पड़ोसी देशों में बढ़े दाम, भारत में अब हुआ इजाफा

सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15% से 20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला गया।

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था

सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹3 की यह बढ़ोतरी काफी नहीं है। अपना घाटा पूरी तरह खत्म करने और 'ब्रेक-ईवन' यानी नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में आने के लिए इन कंपनियों को अभी पेट्रोल के दाम ₹28 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹32 प्रति लीटर तक बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल पेट्रोल पर 29.5% और डीजल पर 36.5% की कमी बनी हुई है।

अगर ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही, तो आने वाले दिनों में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी

इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।

स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी।

सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। 

पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।

पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।


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NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक स्वायत्त परीक्षा संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी। यह एजेंसी देश की कई बड़ी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है, जिनमें NEET-UG, JEE Main, CUET, UGC-NET, CMAT और GPAT शामिल हैं। NTA ने पहली बार जनवरी 2019 में JEE Main परीक्षा का आयोजन कराया था।

NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इसी परीक्षा के जरिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी NEET के जरिए ही एडमिशन देते हैं। वर्तमान में देश में 1 लाख से ज्यादा MBBS और करीब 27 हजार BDS सीटें उपलब्ध हैं।

साल 2024 में भी NEET-UG परीक्षा पेपर लीक विवादों में घिर गई थी। 5 मई 2024 को हुई परीक्षा के बाद 6 मई को NTA ने पेपर लीक से इनकार किया था, लेकिन बाद में बिहार के पटना और झारखंड के हजारीबाग में जांच के दौरान पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां हुईं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, हालांकि कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बजाय कुछ परीक्षा केंद्रों के 1539 उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई थी। इसके अलावा 67 छात्रों के 720 में से 720 अंक हासिल करने और एक ही सेंटर से कई टॉपर्स आने को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था।


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चारधाम यात्रा के 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत, स्वास्थ्य और मौसम बने बड़ी चुनौती

चारधाम यात्रा इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। 19 अप्रैल से 13 मई तक के आंकड़ों के अनुसार, 12 लाख 64 हजार 217 श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए हैं। लेकिन इस उत्साह के बीच यात्रा के दौरान हुई मौतों का आंकड़ा भी चिंता का विषय बन रहा है।

बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बढ़ी संख्या

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है, जिनमें से सबसे ज्यादा 22 मौतें केदारनाथ धाम में हुई हैं। इसके अलावा, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 6 और गंगोत्री में 5 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है।

स्वास्थ्य चुनौतियाँ और मृत्युदर का कारण

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं। यात्रा का मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने से बुजुर्ग और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो रही है।

सरकार की तैयारी पर सवाल

हालांकि सरकार ने यात्रा से पहले स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन लगातार बढ़ती मौतों के आंकड़े चिंतनीय हैं। सरकार ने यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सलाह दी गई थी कि बुजुर्गों और हाई ब्लड प्रेशर वालों को स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।

Chardham Yatra Deaths in Kedarnath: स्वास्थ्य मंत्री की अपील

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा है कि यात्री अक्सर अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर तेज़ गति से यात्रा पूरी करने की कोशिश करते हैं, जिससे हार्ट अटैक और उच्च ऊँचाई से जुड़ी समस्याएँ बढ़ जाती हैं।

स्थानीय स्वास्थ्य सेवा सुविधाएँ

यात्रा मार्ग पर 47 अस्पतालों के साथ-साथ 2820 स्वास्थ्य कर्मियों और 400 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। डॉक्टरों को खास ट्रेनिंग दी गई है कि वे हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और शुगर मरीजों का इलाज कैसे करें।

ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना

सरकार अब यात्रा मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना बना रही है। दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर खोले जाने की तैयारी चल रही है, ताकि स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सके।

भविष्य की चुनौतियाँ

यात्रा मार्ग पर अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी ट्रॉमा सेंटर बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं या स्वास्थ्य आपात स्थितियों में ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर इलाज सुनिश्चित करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जिंदगियाँ बचाई जा सकें।


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धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म

पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला।

फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए।

बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया।

महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी

यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं।

फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है।

डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।


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कांस में गाला डिनर में पहुंचीं आलिया भट्ट

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में आलिया भट्ट लोरियल पेरिस गाला डिनर के दौरान नजर आईं, जहां उन्होंने फ्लोरल ब्रोकेड आउटफिट पहना था।

वहीं गुरुवार को सिंगर-इन्फ्लुएंसर आरती खेत्रपाल का सनातन धर्म थीम वाला लुक सामने आया, जिसमें वो कांस के रेड कार्पेट पर हाथ में भगवद गीता और ‘हरे राम’ लिखे पर्स के साथ नजर आईं।

इससे पहले आलिया बुधवार शाम को कांस में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म 'ए वूमेन्स लाइफ' (La Vie D'Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका ‘सिंड्रेला’ अवतार देखने को मिला।

रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोरियल पेरिस को टैग करते हुए अपने लुक की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए।

दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हुआ है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। कांस से आलिया के अब तक 5 लुक सामने आ चुके हैं।

यूलिया वंतूर ने कांस रेड कार्पेट पर वॉक किया

आलिया भट्ट के अलावा उर्वशी रौतेला और यूलिया वंतूर का कांस लुक सामने आया है। वहीं, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहस चन्ना कांस के रेड कार्पेट पर पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं।

एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक करती नजर आईं। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था।

आरती खेत्रपाल ने कांस में सनातन धर्म थीम अपनाई

आरती खेत्रपाल ने कांस फिल्म फेस्टिवल में सनातन धर्म थीम वाले लुक से सबका ध्यान खींचा। आरती रेड कार्पेट पर भगवान कृष्ण और वृंदावन कल्चर से इंस्पायर्ड ट्रेडिशनल लहंगे में दिखीं। उनके लुक में तुलसी कंठी माला और भगवद गीता भी थी, जिसे उन्होंने हाथ में लिया हुआ था।

आरती ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा। उन्होंने महर्षि वेद व्यास, अपने गुरुओं और संतों का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें भक्ति का मार्ग दिखाया।

कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा

कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटो के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहने वालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी।

इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं-

पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी।

मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है।गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे।

पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स

लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकर इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बने हैं। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी।

कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय

हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि'ओर

पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि'ओर अवॉर्ड दिया जाएगा।


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अखिलेश के भाई प्रतीक को ससुर ने दी मुखाग्नि

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद थीं। दोनों ने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखी।

हालांकि, अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने दैनिक भास्कर से कहा था- अगर अखिलेश यादव या उनके बेटे से मुखाग्नि दिलाई जाए तो ज्यादा अच्छा होगा।

इससे पहले, प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। हजारों समर्थक साथ-साथ चले और 'प्रतीक यादव अमर रहे' के नारे लगाए। शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया।

प्रतीक के घर से कुछ दूरी पर ही सपा कार्यालय है। शव को कुछ देर के लिए वहां जमीन पर रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है।

प्रतीक एनिमल लवर थे। शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई। सुबह शव को अंतिम दर्शन के लिए घर में रखा गया। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। शिवपाल और डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए। रात में पत्नी अपर्णा दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं।

प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।

प्रतीक, मुलायम यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। पत्नी अपर्णा भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है।

प्रतीक को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इससे पहले, 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े थे। तब मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया था कि प्रतीक को दिल का दौरा पड़ा है।

ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे

प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था।

प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपए बताई गई थी।

प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है।


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V. D. Satheesan होंगे केरल के नए CM

कांग्रेस नेता वी डी सतीशन (61) केरलम के सीएम होंगे। कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद इसका ऐलान किया। सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।

कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे।

नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।

दरअसल, केरलम के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन के नाम चर्चा में थे। आखिर में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।

सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था, सतीशन चुने गए

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था। रिजल्ट के बाद केरलम कांग्रेस लंबे समय से अलग-अलग गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है।

दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे। वेणुगोपाल को केंद्रीय नेतृत्व के करीबी नेता माना जाता है, जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे।

कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा।

सतीशन के नाम का ऐलान होने पर किसने क्या कहा…

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्थिति और फैसला लेने की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने मुझे बुलाया मेरी राय पूछी। मैं विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतना समर्थन दिया। आखिरकार पार्टी ने एक फैसला लिया और एक सच्चे कांग्रेसी के तौर पर हम सब पार्टी के फैसले के साथ हैं।

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन

हाईकमान ने एक बेहद ऊर्जावान और सही फैसला लिया है। केरल के लोगों की भावना-इच्छा को स्वीकार किया। केरल के विपक्ष के नेता के तौर पर वीडी सतीशन ने 10 साल पुराने एलडीएफ शासन के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी और बड़ी जीत हासिल की।

कांग्रेस विधायक राधाकृष्णन

कोट्टायम से विधायक राधाकृष्णन ने हाईकमान ने सभी पक्षों की राय सुनी और इस पूरी प्रक्रिया में राहुल सीधे तौर पर शामिल थे। चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी। जब कई नाम सामने हों तो नेता चुनने को लेकर भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है।

केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं

केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था।

हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया था। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन किया।


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