भाजपा को मिला नया नेतृत्व: नितिन नबीन 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष

नितिन नबीन मंगलवार को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का ऐलान किया गया। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। सोमवार को फुल टाइम अध्यक्ष पद के लिए उनका इकलौता नामांकन आया था, इसके बाद वे निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष बन गए।

नए अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में PM मोदी ने उन्हें माला पहनाई। मोदी ने 55 मिनट के भाषण में कहा, ‘भाजपा ऐसी पार्टी है, जहां लोगों को लगता होगा कि मोदीजी इतनी छोटी उम्र में मुख्यमंत्री बन गए। हेड ऑफ द गवर्नमेंट बन गए हैं। इन सबसे बड़ी चीज है कि मैं BJP का कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि नितिनजी मेरे बॉस हैं, मैं कार्यकर्ता हूं। अब वे मेरे काम का आकलन करेंगे।’

बतौर अध्यक्ष नितिन नबीन का पहला भाषण करीब 20 मिनट का रहा। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है।'

मोदी और नितिन नबीन से पहले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा 10 मिनट बोले। उन्होंने कहा, ''नबीन की लीडरशिप में पार्टी नई राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाएगी। उन क्षेत्रों में भी कमल खिलेगा जहां अब तक भाजपा को सफलता नहीं मिली है, जैसे बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम और केरल।'

नबीन ने 20 मिनट का भाषण दिया, कहा- हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा

पीएम की तारीफ की: 'हमने कार्यकर्ता के तौर पर पीएम मोदी के देशसेवा के काम करते हुए देखा। आपको देख कर ही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है,वहीं बड़ा शख्स बनता है। आपने कहा था कि हम जो विकास का काम करते हैं। लोग हमसे उम्मीद करते हैं। हमसे जुड़ते हैं।'

भाजपा के नारों का जिक्र किया: 'भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है, एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा, जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा। जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते हुए देखते हैं, तो गर्व की अनुभूति होती है।

सबसे पहले राष्ट्र: जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति हुई, तो कश्मीर की फिजा बदली। हम 'राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में, और खुद सबसे आखिर में' के आदर्श पर काम करते हैं। हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा।

कार्यकर्ताओं से अपील: भाजपा का लक्ष्य अब सिर्फ पारंपरिक राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पार्टी को मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करना है। संगठन की ताकत, कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन राज्यों में भी भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।

मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें, कहा- जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश में आगे बढ़ेगा

कांग्रेस अपने पतन की जिम्मेदार: ‘आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं और देश ने कांग्रेस को करीब-करीब 50% वोट दिया था, लेकिन आज कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस गई है। कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करेंगे और पतन के कारणों पर जाएंगे तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा कर रखा है। और इसलिए बहाने ढूंढते रहते हैं। पतन का सही कारण ढूंढने की हिम्मत तक खो चुके हैं। जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश में आगे बढ़ेगा।'

घुसपैठियों को देश लूटने नहीं देगा: ‘आज देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है। दुनिया के समर्थ देश भी अपने देश में घुसपैठियों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उनको पकड़-पकड़ कर निकाल रहे हैं। दुनिया में कोई अपने देश में घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करता, भारत भी घुसपैठियों को अपने गरीबों, युवाओं के हक लूटने नहीं दे सकता। घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, उनकी पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजना बहुत जरूरी है। इसके अलावा ऐसे राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से जनता के सामने बेनकाब करना होगा।’

महाराष्ट्र नतीजों ने बताया भाजपा पहली पसंद: ‘भाजपा सिर्फ संसद और विधानसभा की ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी पहली पसंद है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र है। भाजपा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। कुल 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है। कुल जितने पार्षद जीते हैं, उनमें से 50% भाजपा के हैं। ऐसे ही केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। ऐसे ही तिरुवनंतपुरम की जनता ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया।’

पिछले डेढ़ साल में जीते 4 राज्यों में चुनाव: ‘बीते डेढ़-दो वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। विधानसभा हो या स्थानीय निकाय, भाजपा की स्ट्राइक रेट अभूतपूर्व रही है। इस दौरान देश में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, इनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते हैं।’

भाजपा की परंपरा मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप अहम: 'भाजपा एक संस्कार है। भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां 'मेंबरशिप' से भी ज्यादा 'रिलेशनशिप' होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है। हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती।'

नड्डा ने कहा 10 मिनट भाषण दिया, कहा- पार्टी में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी

नितिन नबीन को बधाई और भरोसा: नितिन के नेतृत्व में पार्टी और मज़बूत होगी।

कार्यकर्ता से शीर्ष नेतृत्व तक का संदेश: भाजपा में कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत है। संगठन में मेहनत करने वाला हर व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।

पार्टी विस्तार पर जोर: भाजपा का लक्ष्य उन राज्यों में भी मजबूती से आगे बढ़ना है जहां अब तक पार्टी कमजोर रही है, जैसे तमिलनाडु, बंगाल, केरल आदि।

मोदी के नेतृत्व की सराहना: पार्टी पीएम मोदी के विकास और सुशासन की सोच को आगे बढ़ा रही है।

संगठनात्मक अनुशासन और एकता: कार्यकर्ताओं को अनुशासन, एकजुटता और समर्पण के साथ काम करना होगा, ताकि पार्टी के लक्ष्य पूरे किए जा सकें।

20 जनवरी को नामांकन भरा, निर्विरोध चुने गए.

दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ था। नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी वैध पाए गए।


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सोने ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहली बार कीमत 1.5 लाख रुपये के पार पहुंची

सोना पहली बार 1.5 लाख के पार जा चुका है। MCX पर 20 जनवरी को 5 फरवरी 2026 के लिए सोने का वायदा अपने ऑल टाइम हाई 152500 रुपये (Gold Price Hike) के स्तर पर पहुंच गया। आज यह 145500 रुपये के स्तर पर ओपन हुआ था और 152500 तक गया। दोपहर 2 बजकर 45 मिनट के आसपास यह 149100 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सोने के साथ चांदी ने भी आज MCX पर अपना ऑल टाइम हाई बनाया है।  5 फरवरी 2026 के लिए चांदी का वायदा 327998 (Silver Price Hike) के ऊपरी स्तर तक गया। आज MCX पर चांदी 306499 रुपये के स्तर पर खुली। और यह 327998 तक गई। दोपहर 2 बजकर 55 मिनके के आसपास यह 316396 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है।

IBJA पर कितनी है सोने और चांदी की कीमत?

MCX  पर सोने और चांदी की कीमत रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रही है। इसका सीधा असर रिएल टाइम रेट्स पर भी पड़ रहा है। वायदा कारोबार के इतर अगर बात करें IBJA रेट्स की तो इसके अनुसार आज सुबह 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 146375 रुपये का है। वहीं, 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की बात करें तो इसकी कीमत 145789 रुपये है। ये रेट सुबह का है। शाम के रेट में इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है। 

वहीं, IBJA पर आज सिल्वर 304863 पर था। शाम की कीमतों में बदलाव भी देखने को मिल सकता है। 2026 की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है।

क्यों आ रही सोने और चांदी में तेजी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को हासिल करने के नए प्रयास और फ्रांस, जर्मनी और UK सहित आठ यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगाने की अमेरिकी योजनाओं से बाजार अस्थिर हो गए हैं, साथ ही जून तक दरें बढ़कर 25% होने का खतरा भी है। इसका असर मार्केट पर भी देखने को मिल रहा है।

यूरोप 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी सामानों पर जवाबी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है, जिससे NATO सहयोगियों के बीच ट्रेड वॉर का डर बढ़ गया है और निवेशक "सेल अमेरिका" ट्रेड की ओर झुक रहे हैं, जिससे सेफ-हेवन डिमांड फिर से बढ़ गई है।

भारतीय रुपया भी 2026 की शुरुआत से काफी कमजोर हुआ है। NSE पर USDINR जनवरी फ्यूचर्स वर्तमान में 91 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इस साल अब तक एक रुपये से ज्यादा की गिरावट दिखाता है। घरेलू प्रतिभागियों को दो एक साथ काम करने वाले कारकों से फायदा हो रहा है। बढ़ती वैश्विक सोने की कीमतें और रुपये की गिरावट मिलकर रिटर्न को बढ़ा रहे हैं।


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अमेरिका में भीषण हादसा: 100 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकराईं, कई घायल

अमेरिका के मिशिगन राज्य में बर्फीले तूफान की वजह से बड़ा सड़क हादसा हुआ है। सोमवार को एक इंटरस्टेट हाईवे पर 100 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकरा गईं। कई गाड़ियां सड़क से फिसल गईं।

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 30 से ज्यादा सेमी-ट्रेलर ट्रक फंसे हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस को हाईवे के दोनों तरफ का ट्रैफिक बंद करना पड़ा।

यह दुर्घटना मिशिगन के ग्रैंड रैपिड्स शहर के दक्षिण-पश्चिम में इंटरस्टेट 196 पर हुई। मिशिगन स्टेट पुलिस के मुताबिक, हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कि फंसे हुए वाहनों को हटाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

सड़क पर गाड़ियां मुश्किल से दिखीं

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए लोगों ने बताया कि बर्फीली हवा के चलते आगे चल रही गाड़ियां भी मुश्किल से दिख रही थीं। एक पिकअप ड्राइवर ने बताया कहा कि वह 20 से 25 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे और किसी तरह अपना वाहन ट्रक रोक पाए।

उन्होंने कहा

पीछे से लगातार टकराने की आवाजें आ रही थीं। आगे तो दिख रहा था, लेकिन पीछे क्या हो रहा है, यह साफ नजर नहीं आ रहा था। हालात काफी डरावने थे।

सैकड़ों लोग फंसे, स्कूल में ठहराया गया

मिशिगन के ओटावा काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बताया कि इलाके में कई जगह दुर्घटनाएं हुईं और कई ट्रक जैकनाइफ हो गए। कई कारें सड़क से फिसलकर बाहर चली गईं।

फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए हडसनविल हाई स्कूल ले जाया गया, जहां वे मदद के लिए कॉल कर सके या अपने घर जाने की व्यवस्था कर सके।

अधिकारियों का कहना है कि सफाई और वाहनों को हटाने का काम पूरा होने तक सड़क कई घंटों तक बंद रह सकती है।

प्रशासन ने चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और जमी हुई सड़क का ट्रीटमेंट करने में कई घंटे लग सकते हैं, इस दौरान इंटरस्टेट-196 बंद रहेगी।

अमेरिका में कई राज्यों में बर्फीले तूफान का असर

अमेरिका के कई राज्य इन दिनों बर्फीले तूफान का सामना कर रहे हैं। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी जारी की है कि उत्तरी मिनेसोटा से लेकर विस्कॉन्सिन, इंडियाना, ओहायो, पेंसिल्वेनिया और न्यूयॉर्क तक बेहद ठंडा मौसम या बर्फीले तूफान की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक नॉर्थ-सेंट्रल फ्लोरिडा और साउथईस्ट जॉर्जिया में तापमान जीरो डिग्री तक गिर सकता है।



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डेनमार्क पर कब्जे को लेकर ‘वॉर मोड’ में ट्रंप! ग्रीनलैंड में लड़ाकू विमानों की तैनाती का एलान

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। खासकर यूरोपिय देशों में बेचैनी का माहौल है। ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ने ग्रीनलैंड में स्थित पिटुफ्फिक अंतरिक्ष बेस पर उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का लड़ाकू विमान तैनात करने का फैसला किया है।

NORAD ने बताया कि ग्रीनलैंड में अमेरिका की दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधियों को पूरा करने के लिए एयरक्राफ्ट की तैनाती की गई है। अमेरिका का दावा है कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क से संपर्क करने के बाद ये एक्शन लिया गया है।

NORAD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, "NORAD का एयरक्राफ्ट जल्द ही ग्रीनलैंड स्थित पिटुफ्फिक स्पेस बेस पर पहुंच जाएगा। ये एयरक्राफ्ट ग्रीनलैंड में पहले से तैनात अमेरिका और कनाडा के एयरक्राफ्ट बेड़े में शामिल होगा। ये NORAD की दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधियों का समर्थन करेगा। इससे अमेरिका और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग में मजबूती आएगी।"

NORAD ने आगे कहा-

ग्रीनलैंड में मौजूद डेनमार्क समेत सभी सहयोगी सेनाओं से कूटनीतिक मंजूरी के बाद ही ये गतिविधियां प्लान की गई हैं। ग्रीनलैंड की सरकार को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

डेनमार्क ने किया था सैन्य अभ्यास

बता दें कि हाल ही में डेनमार्क की सेना ने भी ग्रीनलैंड पर बहुराष्ट्रवादी सैन्य अभ्यास किया था। इस अभ्यास के लिए जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने भी अपनी सेनाएं भेजी थीं। डेनमार्क ने अमेरिकी सेना को भी अभ्यास में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था।

ट्रंप ने दी टैरिफ की धमकी

वेनेजुएला पर सफल सैन्य कार्रवाई के बाद डोनल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड हथियाने की धमकी दे रहे हैं। कई यूरोपिय देशों ने इसका विरोध किया है, जिसपर ट्रंप ने अमेरिका का समर्थन न करने वाले देशों पर 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप का कहना है कि 1 जून 2026 से टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है।


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नितिन नवीन की कुछ ही देर में ताजपोशी, BJP मुख्यालय पहुंचे नेता; शाह-नड्डा की मौजूदगी

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने निर्विरोध जीत दर्ज करके बीजेपी की कमान संभाल ली है। नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं। आज सुबह दिल्ली के कई मंदिरों में माथा टेकने के बाद नितिन नवीन ने बीजेपी मुख्यालय का रुख किया। कुछ देर में वो अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं।

नई दिल्ली स्थित बीजेपी के मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगा है। नितिन नवीन की ताजपोशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीजेपी मुख्यालय पहुंच चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, विदेश मंत्री एस.जयशंकर, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी बीजेपी मुख्यालय पर मौजूद हैं।


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नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से होगा लागू, टैक्स सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव

केंद्र सरकार ने पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को बदलकर नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लाया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें सबसे बड़ा बदलाव 'असेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' की जगह 'टैक्स ईयर' का इस्तेमाल होगा।

इससे आम टैक्सपेयर को ITR फाइल करने में कम कन्फ्यूजन होगा, क्योंकि इनकम कमाने वाला साल और टैक्स रिपोर्ट करने वाला साल एक ही होगा। यह बदलाव टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

पुरानी व्यवस्था में क्या था कन्फ्यूजन?

अभी तक इनकम टैक्स एक्ट 1961 में इनकम कमाने का साल फाइनेंशियल ईयर (FY) कहलाता था और उस पर टैक्स का असेसमेंट अगले साल में होता था, जिसे असेसमेंट ईयर (AY) कहा जाता था।

उदाहरण के तौर पर FY 2024-25 में कमाई हुई इनकम AY 2025-26 में रिपोर्ट और असेस होती थी। इस वजह से आम आदमी को समझने में दिक्कत होती थी कि इनकम किस साल की है और असेसमेंट किस साल का है।

'टैक्स ईयर' से क्या बदलेगा?

नए कानून में 'टैक्स ईयर' को इनकम कमाने और रिपोर्ट करने का एक ही साल माना जाएगा। यानी इनकम जिस साल कमाई गई, उसी साल उसका टैक्स फाइल और असेसमेंट होगा। इससे दो अलग-अलग टर्म्स की जरूरत खत्म हो जाएगी।

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 'टैक्स ईयर' का कॉन्सेप्ट ला रहा है। यह 'प्रीवियस ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' को 1 अप्रैल 2026 से रिप्लेस कर देगा।

आम आदमी के लिए असेसमेंट ईयर समझना मुश्किल था, जैसे FY 2024-25 की इनकम AY 2025-26 में जाती थी। अब टैक्स ईयर से समझना आसान हो जाएगा।

ITR फाइलिंग में क्या चेंज आएगा?

नई व्यवस्था में इनकम जिस टैक्स ईयर में कमाई गई, उसी में ITR फाइल होगा। टैक्स रेट्स या स्लैब में कोई बदलाव नहीं है, सिर्फ टर्मिनोलॉजी और प्रोसेस सरल होगा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया एक्ट 'टैक्स ईयर' को 'असेसमेंट ईयर' की जगह ला रहा है। टैक्स ईयर इनकम से जुड़े फाइनेंशियल ईयर से मैच करेगा, पुराना गैप खत्म हो जाएगा। टैक्सपेयर्स को इस नए टर्म से परिचित होना चाहिए।

2025-26 ITR फाइलिंग पर क्या असर?

यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, इसलिए इसका पूरा असर ITR फाइलिंग 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27) से दिखेगा। लेकिन 2025-26 के ITR में भी फॉर्म्स की भाषा बदल सकती है।

नोटिस, असेसमेंट और दूसरे डॉक्यूमेंट्स में 'टैक्स ईयर' लिखा जाएगा। इससे टैक्स कम्युनिकेशन ज्यादा क्लियर और स्ट्रेटफॉरवर्ड हो जाएगा।

आम टैक्सपेयर के लिए क्या मतलब?

सरल शब्दों में कहें तो अब "पिछले साल की इनकम, अगले साल असेसमेंट" वाली कन्फ्यूजन खत्म हो जाएगी। इनकम और टैक्स फाइलिंग का साल एक ही होगा।

नए टैक्स फाइल करने वालों के लिए सिस्टम ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनेगा। सरकार का यह कदम टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने और टैक्सपेयर फ्रेंडली सिस्टम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


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राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट, विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम होने की चेतावनी

देश के उत्तरी इलाकों में मंगलवार को भी मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के आने का अलर्ट है। यहां 5 दिन बाद आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। फिलहाल कई जिले कोहरे की चपेट में हैं, जिसके कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक रह गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के 10 शहरों में आज भी कोहरा छाया है। आगरा में ताज महल धुंध में छिप गया है। अगले 5 दिन तक यहां भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत 5 शहरों में बारिश हुई, जबकि अलीगढ़ और लखीमपुर खीरी में एक दिन पहले ओले भी गिरे।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में नदी-नाले और झरने जम चुके हैं। औली में पारा माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण पानी जमने लगा है।

मौसम यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के आने से पहले ही होने लगा है। दरअसल, यह पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम है। जैसे ही यह एक्टिव होगा, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट आएगी, साथ ही पाला पड़ने और कोल्डवेव के हालात बन सकते हैं।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल…

21 जनवरी

उत्तर भारत में सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रहेगी। कई इलाकों में कोहरा छाया रह सकता है।

राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। मिनिमम टेम्परेचर में गिरावट रहेगी।

22 जनवरी

उत्तर भारत आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।

राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में कोहरा भी छाया रह सकता है।


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रिलीज से पहले ही ‘धुरंधर’ की सुनामी: 24 घंटे में बिके 53 हजार टिकट, कमाई के आंकड़े देख दंग रह जाएंगे

सनी देओल की 1971 भारत-पाक युद्ध पर बनी फिल्म 'बॉर्डर 2' का फैंस एक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। वरुण धवन-दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर इस फिल्म की रिलीज डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, फैंस की एक्साइटमेंट का लेवल भी बढ़ता जा रहा है।

यूट्यूब पर 24 घंटों में ट्रेलर को मिले व्यूज के मामले में 'धुरंधर' का रिकॉर्ड तोड़ चुकी सनी देओल की बॉर्डर 2 लगता है उसे बॉक्स ऑफिस पर भी बख्शने के मूड में नहीं है। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस वॉर ड्रामा फिल्म की एडवांस बुकिंग 19 जनवरी सोमवार को शुरू हुई। 24 घंटे में बॉर्डर 2 ने एडवांस बुकिंग में इतनी तगड़ी कमाई की है, जिसे सुनकर आप पूरी तरह से शॉक्ड रह जाएंगे।

बॉर्डर 2 रिलीज से पहले ही लेकर आई सुनामी

1997 में रिलीज हुई बॉर्डर के सीक्वल को लेकर ऑडियंस में कितनी ज्यादा उत्सुकता है, इसका पूरा अंदाजा आपको सनी देओल-दिलजीत दोसांझ की फिल्म की एडवांस बुकिंग कमाई से लग जाएगा। सैकनलिक डॉट कॉम की रिपोर्ट्स की मानें तो, बॉर्डर 2 की एडवांस बुकिंग खुले हुए अभी 24 घंटे हुए हैं और फिल्म की 53 हजार 526 के आसपास टिकट बिक्री हो गई है।

इन ऑनलाइन टिकट बिक्री से फिल्म का टोटल कलेक्शन रिलीज से पहले 1 करोड़ 69 लाख का हुआ है। अगर ब्लॉक सीटों को भी इसमें शामिल किया जाए, तो इसका आंकड़ा 4.56 करोड़ तक जा रहा है। हालांकि, बॉर्डर 2 के मुकाबले 'धुरंधर' का एडवांस बुकिंग कलेक्शन काफी कम था। धुरंधर की 24 घंटे में टोटल 9 से 10 हजार टिकट बिकी थी और कलेक्शन 34 लाख तक का हुआ था।

बॉर्डर 2 

भाषा-हिंदी 

फॉर्मेट- 2D

ग्रॉस कलेक्शन- 1.69 करोड़ 

टिकट सोल्डआउट- 53,526

शोज- 7, 257

बॉर्डर 2 का इन शहरों में है अच्छा रिस्पांस

बॉर्डर 2 को नेशनल चेन में टोटल 7 हजार 257 शोज अभी तक मिले हैं, जैसे-जैसे फिल्म की डिमांड बढ़ती जाएगी, बॉर्डर 2 के शोज भी बढ़ा दिए जाएंगे। बॉर्डर 2 का जिन शहरों में सबसे अच्छा रिस्पांस हैं, उनमें असम है, जहां फिल्म की 24 घंटे में टोटल 1.46 लाख टिकट बिकी हैं। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ में , गुजरात , हरियाणा , झारखंड , कर्नाटक , मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , ओड़िशा , पंजाब , राजस्थान, तेलंगाना , उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड , पश्चिम बंगाल , दिल्ली और जम्मू कश्मीर में फिल्म का एडवांस बुकिंग कमाई में अच्छा कलेक्शन हुआ है।

फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो सनी देओल (लेफ्टिनेट कर्नल फतेह सिंह कलर), वरुण धवन (मेजर होशियार सिंह दहिया), दिलजीत दोसांझ (एयरफोर्स ऑफिसर होशियार सिंह दहिया), अहान शेट्टी (नेवी ऑफिसर एम एस रावत), मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राना और आन्या सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। ये फिल्म गणतंत्र दिवस से 3 दिन पहले 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में आएगी।


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साइना नेहवाल ने पेशेवर बैडमिंटन से अपने करियर को समाप्त करने की घोषणा की है।

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी बीमारी के कारण अब उनके लिए खेलना संभव नहीं रह गया है।

साइना आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में खेली थीं। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी।

एक पॉडकास्ट में साइना ने कहा, 'मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपने सिद्धांतों पर खेल शुरू किया और अपने सिद्धांतों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे घोषणा जरूरी नहीं लगी।'

गंभीर घुटने की बीमारी बनी संन्यास की वजह

साइना के मुताबिक उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है।

उन्होंने कहा, 'जब आप खेल ही नहीं पा रहे तो वहीं रुक जाना चाहिए। मेरे लिए इसे आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो गया था।' पहले जहां वह दिन में 8–9 घंटे ट्रेनिंग कर पाती थीं, वहीं अब 1–2 घंटे में ही घुटने में सूजन आ जाती थी, जिससे आगे अभ्यास संभव नहीं था।'

चोट के बावजूद शानदार वापसी, फिर भी नहीं मिली राहत

साइना का करियर रियो ओलिंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट से काफी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर शानदार वापसी की।

हालांकि, घुटने की समस्या बार-बार उभरती रही। 2024 में साइना ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें घुटनों में आर्थराइटिस है और कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।

ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 साइना ने लंदन ओलिंपिक-2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 3 ओलिंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकीं

साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। साइना ने 2008 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं। उसी साल उन्होंने पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया। वह ओलिंपिक क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

अर्जुन अवॉर्ड और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला

उन्होंने हॉन्गकॉन्ग की तत्कालीन वर्ल्ड नंबर-5 खिलाड़ी वांग चेन को हराया था, लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन युलियांती से हार गईं। 2009 में, साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


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T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी पर इस दिन होगा फैसला

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होना है, लेकिन इस आईसीसी टूर्नामेंट में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बांग्लादेश की टीम इस टूर्नामेंट के लिए भारत आएगी या नहीं। इस विवाद को सुलझाने के लिए आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को 21 जनवरी तक की डेडलाइन दी है। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि इसी तारीख तक यह तय किया जाएगा कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं।

हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर आईसीसी को बताया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेना चाहता है, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि उसकी टीम भारत में खेलने के लिए तैयार नहीं है। बांग्लादेश ने अपने मुकाबलों को श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग दोहराई है।

ESPN क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी की एक टीम शनिवार को बांग्लादेश पहुंची थी। इस दौरान आईसीसी अधिकारियों ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। यह एक हफ्ते के भीतर दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक थी। इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा चुकी है। शनिवार की बैठक में बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि आईसीसी ने बांग्लादेश की इस मांग को खारिज कर दिया है। आईसीसी ने साफ कहा है कि अगर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है तो उसे अपने सभी मैच भारत में ही खेलने होंगे। आईसीसी ने BCB को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 21 जनवरी तक यह फैसला करके बताए कि वह टूर्नामेंट में भाग लेना चाहता है या नहीं और क्या भारत में मैच खेलने को तैयार है। यदि ऐसा नहीं होता है तो 21 जनवरी को आईसीसी खुद इस मामले पर फैसला लेगी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश को अपने तीन लीग मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलने हैं। इसके बाद एक मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में निर्धारित है। बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स में मुकाबले खेलेगी, जबकि नेपाल के खिलाफ उसका मैच 17 फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में होना है। बांग्लादेश अपना अभियान 7 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ मैच से शुरू करेगा।

इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होता है तो उसकी जगह किस टीम को मौका मिलेगा। आईसीसी रैंकिंग के आधार पर बांग्लादेश के बाहर होने की स्थिति में स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है।


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