‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का दावा- वेबसाइट बंद, इंस्टाग्राम अकाउंट हुआ हैक

Cockroach Janta Party (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि उसका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और वेबसाइट भी बंद कर दी गई है। पार्टी ने सुबह X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके कुछ घंटे बाद संगठन के संस्थापक Abhijeet Deepke ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी वेबसाइट बंद कर दी, जिस पर करीब 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि वेबसाइट पर मौजूद एक ऑनलाइन याचिका में 6 लाख से अधिक लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “सरकार कॉकरोच से इतनी डरी हुई क्यों है?” और कहा कि अकाउंट बंद या हैक किए जा सकते हैं, लेकिन आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।

इस बीच प्रसिद्ध पर्यावरणविद और शिक्षाविद Sonam Wangchuk ने भी ‘कॉकरोच मूवमेंट’ का समर्थन किया। उन्होंने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि वह खुद को “ऑनरेरी कॉकरोच” मानते हैं।

CJP ने बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। संगठन के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसके फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ 20 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि X पर भी 2 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पिछले आठ दिनों में बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर किए गए पोस्ट तेजी से वायरल हुए हैं।

संगठन की शुरुआत 16 मई को हुई थी, जब अभिजीत दीपके ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। इसके बाद 18 और 19 मई से सोशल मीडिया पर इसके मीम्स और राजनीतिक पोस्ट चर्चा में आने लगे। 21 मई को CJP का पुराना X अकाउंट ब्लॉक हो गया था, जिसके बाद संगठन ने नया अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से शुरू किया।

इधर, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार को लेकर तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन भी दाखिल किए गए हैं। वहीं अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके स्क्रीनशॉट भी उन्होंने साझा किए हैं।

30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया रणनीतिकार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और फिलहाल Boston University में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। वह पहले Aam Aadmi Party के सोशल मीडिया कैंपेन से भी जुड़े रहे हैं।


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कांस 2026: सफायर ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर छाईं ऐश्वर्या राय

Aishwarya Rai Bachchan के कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 से लगातार ग्लैमरस लुक सामने आ रहे हैं। इस बार ऐश्वर्या ने रेड कार्पेट पर डिजाइनर Amit Aggarwal द्वारा डिजाइन किया गया शानदार सफायर ब्लू गाउन पहना, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शिमरी डिटेलिंग और फ्लोइंग ट्रेल वाले इस आउटफिट में ऐश्वर्या बेहद एलीगेंट और रॉयल नजर आईं।

इस खास मौके पर उनकी बेटी आराध्या बच्चन भी उनके साथ मौजूद रहीं। आराध्या ने भी अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर फैन्स इसे उनका अनऑफिशियल कांस डेब्यू मान रहे हैं।

ऐश्वर्या राय साल 2002 से लगातार Cannes Film Festival का हिस्सा रही हैं और हर साल अपने फैशन स्टेटमेंट से चर्चा बटोरती हैं। पिछले साल उन्होंने डिजाइनर Manish Malhotra की डिजाइन की हुई सफेद और गोल्डन साड़ी पहनी थी, जिसे रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ उन्होंने पारंपरिक अंदाज में कैरी किया था। उनका यह ट्रेडिशनल लुक काफी वायरल हुआ था।

वहीं, कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या ने डिजाइनर Gaurav Gupta के कलेक्शन की ब्लैक सीक्विन गाउन पहनी थी, जिसमें लंबी ट्रेल और मिनिमल जूलरी के साथ उनका ग्लैमरस अवतार देखने को मिला।

कांस फिल्म फेस्टिवल में ऐश्वर्या राय का सफर भारतीय सिनेमा के लिए भी खास रहा है। वह कांस की ज्यूरी का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री रही हैं। उनसे पहले फिल्मकार Mrinal Sen को 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था, जबकि Mira Nair पहली भारतीय महिला निर्देशक थीं जो ज्यूरी बनीं। बाद में Deepika Padukone, Vidya Balan और Sharmila Tagore भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुईं।

इधर, Alia Bhatt का कांस लुक भी काफी चर्चा में रहा। आलिया ने डिजाइनर Tarun Tahiliani की डिजाइन की हुई आइवरी साड़ी पहनकर फ्रेंच रिवेरा में भारत पवेलियन में शिरकत की, जहां उन्होंने फिल्ममेकर Ashutosh Gowariker के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।


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अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई, श्रद्धालुओं में उत्साह

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले शनिवार को पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग यानी ‘बाबा बर्फानी’ की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीरों में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग आकार लेता दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। सुरक्षा में तैनात जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

इस वर्ष Amarnath Yatra 2026 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। अब तक 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार यात्रियों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच सकती है।

अधिकारियों के मुताबिक यात्रा मार्ग पर अभी भी कई स्थानों पर 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है। हालांकि, Border Roads Organisation दोनों प्रमुख मार्गों—बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम ट्रैक—को बहाल करने के काम में तेजी से जुटा है। दावा किया गया है कि 15 जून तक दोनों रास्ते पूरी तरह तैयार कर दिए जाएंगे।

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू हुए थे। फिलहाल 5 से 30 लोगों के समूह के लिए पंजीकरण बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यक्तिगत और छोटे समूहों के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक प्रक्रिया जारी रहेगी। पंजीकरण Punjab National Bank, State Bank of India, J&K Bank और YES BANK की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से किया जा रहा है।

इस बार यात्रा मार्ग और बेस कैंप में सुविधाओं को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम, गर्म-ठंडे पानी और पैंट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने संवेदनशील और बाढ़ संभावित क्षेत्रों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए इस बार जोखिम वाले स्थानों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों को चौड़ा करने और पुलों को मजबूत बनाने का काम भी जारी है।


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दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों में सभी भारत के, भीषण गर्मी ने बढ़ाई चिंता

देश में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और अगले दो दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के 11 राज्यों में तापमान 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 47.6°C और मध्य प्रदेश के नौगांव में 46.8°C रिकॉर्ड किया गया।

दूसरी ओर, बिहार के अररिया, जहानाबाद, नालंदा और सुपौल में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं जम्मू-कश्मीर के Jammu and Kashmir के जोजिला और उत्तराखंड के चमोली व पिथौरागढ़ में बर्फबारी देखने को मिली, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि दूसरा बिहार के आसपास बना हुआ है। इसके अलावा अरब सागर में लो प्रेशर एरिया बनने से कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में बारिश के आसार जताए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र और गोवा में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

भीषण गर्मी का असर केवल लोगों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पड़ रहा है। 45°C से अधिक तापमान में मोबाइल, लैपटॉप और पावर बैंक तेजी से गर्म हो रहे हैं, जिससे बैटरी डैमेज, परफॉर्मेंस में गिरावट और अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

शुक्रवार को दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों की सूची में सभी शहर भारत के दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा के कई शहर सुबह से ही 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गए थे। अकेले उत्तर प्रदेश के 22 शहर इस सूची में शामिल रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के मुताबिक सुबह 10:50 बजे ओडिशा का बलांगीर 45°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा, जबकि दोपहर में विदर्भ के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.2°C तक पहुंच गया।

24 और 25 मई को भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।


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प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा निदेशालय के कई सर्कुलर रद्द

दिल्ली हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों को बड़ी राहत देते हुए फीस बढ़ोतरी को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा निदेशालय से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने फीस वृद्धि से जुड़े निदेशालय के कई सर्कुलरों को रद्द कर दिया।

न्यायमूर्ति Anup Jairam Bhambhani ने अपने विस्तृत फैसले में कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम की धारा 17(3) के तहत स्कूलों की जिम्मेदारी केवल इतनी है कि वे नए सत्र से पहले प्रस्तावित फीस का विवरण शिक्षा निदेशालय को सौंपें। हालांकि, यदि सत्र शुरू होने के बाद फीस बढ़ाई जाती है, तो उसके लिए पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि शिक्षा निदेशालय ने कई मामलों में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के पुराने फैसलों की अनदेखी की, जिससे अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कोर्ट ने संतुलित रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि स्कूलों द्वारा प्रस्तावित अंतिम फीस वृद्धि अप्रैल 2027 से लागू होगी। साथ ही स्पष्ट किया गया कि स्कूल पिछली शैक्षणिक अवधि के लिए किसी भी छात्र या अभिभावक से बकाया फीस अथवा अतिरिक्त शुल्क की वसूली नहीं कर सकेंगे।

फैसले में यह भी कहा गया कि किसी स्कूल के पास अधिशेष फंड होना अपने आप में मुनाफाखोरी या व्यावसायीकरण का प्रमाण नहीं माना जा सकता। यदि ऐसे आरोप लगते हैं तो उनकी जांच के लिए शिक्षा निदेशालय को उचित वित्तीय ऑडिट कराना होगा। अदालत ने यह भी दोहराया कि निजी स्कूलों को वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त है और निदेशालय उनके वित्तीय मामलों का अत्यधिक हस्तक्षेप करते हुए माइक्रो-मैनेजमेंट नहीं कर सकता।

हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘लैंड क्लॉज’ वाले और बिना ‘लैंड क्लॉज’ वाले निजी स्कूलों के मामले में शिक्षा निदेशालय की शक्तियां समान रहेंगी। हालांकि, अगर किसी ऑडिट में मुनाफाखोरी के संकेत मिलते हैं, तो निदेशालय संबंधित भूमि आवंटन एजेंसी को आगे की कार्रवाई के लिए सूचित कर सकता है।


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चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 82 मजदूरों की मौत,कई अब भी लापता

उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित ‘लियुशेन्यु’ कोयला खदान में शुक्रवार देर रात हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया। हादसे में अब तक 82 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के समय खदान के भीतर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे।

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, विस्फोट किनयुआन काउंटी स्थित खदान में हुआ। हादसे के तुरंत बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया और 200 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई, जिससे यह हाल के वर्षों में चीन के सबसे भीषण खदान हादसों में शामिल हो गया है।

घटना पर चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में पूरी ताकत लगाने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हादसे के कारणों की गहन जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। वहीं, प्रधानमंत्री Li Qiang ने भी पारदर्शी जानकारी जारी करने और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।

शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, खदान संचालित करने वाली कंपनी के कई अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या केवल आठ बताई गई थी, लेकिन बाद में आंकड़ा तेजी से बढ़कर 82 तक पहुंच गया। अधिकारियों ने इस अचानक बढ़ोतरी पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

हालांकि चीन ने पिछले दो दशकों में सख्त सुरक्षा नियम लागू कर खदान हादसों में कमी लाई है, लेकिन इसके बावजूद गैस विस्फोट और बाढ़ जैसी घटनाएं अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। फिलहाल दुर्घटनास्थल पर बचाव दल लगातार लापता मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं।


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10 दिन में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा

देश में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। ईंधन डीलरों के अनुसार, पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नई कीमतें शनिवार सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं।

गौरतलब है कि मई महीने में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले इसी सप्ताह करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि कुछ दिन पहले तेल कंपनियों ने 3 रुपये प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ाई थीं। लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

तेल कंपनियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती परिचालन लागत के चलते दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट और परिवहन शुल्क अलग होने की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।


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दिल्ली वालों पर भारी पड़ेंगे अगले 6 दिन, भीषण गर्मी और लू का अलर्ट

दिल्ली में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण लू व तेज धूप का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने राजधानी में 28 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक तापमान ऊंचा बना रहेगा और दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।

शुक्रवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। पूरे दिन आसमान साफ रहने से तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को परेशान कर सकते हैं।

वहीं, राजधानी की हवा भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 226 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। NCR के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर पर बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल हवा की स्थिति में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है।


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पहलगाम आतंकी हमले में बड़ा खुलासा: पेड़ के नीचे लंच के बाद शुरू हुई अंधाधुंध फायरिंग

National Investigation Agency की 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पिछले साल हुए Pahalgam आतंकी हमले को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की हत्या करने से पहले तीनों आतंकी एक पेड़ के नीचे बैठकर खाना खा रहे थे और हमले की आखिरी तैयारी कर रहे थे।

चार्जशीट के अनुसार, हमले से पहले आतंकियों ने अपने स्थानीय मददगारों को कुछ निर्देश दिए और उन्हें थोड़ी दूरी पर रुकने के लिए कहा। इसके बाद तीनों आतंकी मजदूरों के भेष में बैसरन पार्क की ओर बढ़े। उन्होंने कंबल ओढ़ रखे थे, जिनके नीचे हथियार छिपाए गए थे।

जांच में सामने आया कि आतंकियों ने पार्क में दाखिल होने से पहले रास्तों और गतिविधियों का दोबारा निरीक्षण किया। बाद में वे अलग-अलग दिशाओं में फैल गए और पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद जाते समय उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर जश्न भी मनाया।

एनआईए के मुताबिक, आतंकियों का मकसद गैर-मुस्लिम पर्यटकों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। चार्जशीट में कहा गया है कि कई पर्यटकों से उनका धर्म पूछा गया और कुछ लोगों को कलमा पढ़ने के लिए भी कहा गया।

जांच एजेंसी ने बताया कि हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकी एक स्थानीय ग्रामीण की ढोक में रुके थे। इस मामले में स्थानीय मददगार परवेज अहमद जोथड़ और उसके रिश्तेदार बशीर अहमद जोथड़ को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों पर आतंकियों को खाना, ठहरने की जगह और अन्य सहायता देने का आरोप है।

चार्जशीट में परवेज अहमद के बयान का भी जिक्र किया गया है। उसने बताया कि 21 मई की शाम उसका रिश्तेदार बशीर अहमद तीन हथियारबंद लोगों को लेकर उसकी ढोक पर पहुंचा था। तीनों उर्दू और पंजाबी बोल रहे थे। उन्होंने पानी, खाना और रात बिताने के लिए जगह मांगी थी।

परवेज के अनुसार, उसकी पत्नी ने आतंकियों के लिए चाय और खाना तैयार किया, जबकि उनके बैग और सामान को घर में छिपाकर रखा गया। आतंकियों ने उन्हें “जिहाद” में मदद करने की बात कही थी।

एनआईए के मुताबिक, हमले से ठीक पहले तीनों आतंकी एक पेड़ के नीचे बैठे और खाना खाने के बाद अपने बैग से कंबल निकाले। उनमें से दो ने घाटी में जाकर गतिविधियों का जायजा लिया और फिर तीसरे आतंकी के पास लौट आए।

चार्जशीट में यह भी बताया गया कि हमले के दौरान एक आतंकी ने सिर पर GoPro कैमरा पहन रखा था। दो आतंकी मेन गेट की ओर बढ़े, जबकि तीसरा जिपलाइन वाले इलाके में गया।

दोपहर 2:23 बजे एक आतंकी ने M-4 कार्बाइन से पहली गोली चलाई। इसके कुछ सेकंड बाद बाकी दो आतंकियों ने AK-47 से फायरिंग शुरू कर दी। एनआईए के मुताबिक, दक्षिण और उत्तर दिशा से की गई इस समन्वित फायरिंग में पार्क में मौजूद लोगों को निशाना बनाया गया।

जांच एजेंसी ने बताया कि भागते समय भी आतंकियों ने कुछ पर्यटकों को रोका और उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। एक व्यक्ति द्वारा कलमा पढ़ने पर उसे छोड़ दिया गया, जबकि दो अन्य लोगों की हत्या कर दी गई।


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दिल्ली में दिखेगा ‘मिनी भारत’, 24 मई को लालकिला पहुंचेंगे 1.5 लाख आदिवासी

Delhi में 24 मई को जनजातीय संस्कृति का भव्य आयोजन देखने को मिलेगा, जब देशभर से आए करीब 1.5 लाख आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकालते हुए Red Fort पहुंचेंगे। इस विशाल सांस्कृतिक समागम को “मिनी भारत” की झलक माना जा रहा है।

जनजातीय समाज के लोग अलग-अलग राज्यों से अपनी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक नृत्य-गीतों के साथ राजधानी की सड़कों पर नजर आएंगे। यह आयोजन न सिर्फ आदिवासी संस्कृति की विविधता और प्रकृति से उनके जुड़ाव को प्रदर्शित करेगा, बल्कि देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश भी देगा।

शोभायात्रा के लिए लालकिले के आसपास पांच प्रमुख मार्ग तय किए गए हैं। इनमें अजमेरी गेट, रामलीला मैदान, राजघाट, श्यामगिरि मंदिर और कुदेसिया पार्क शामिल हैं। इन सभी स्थानों से जनजातीय समूह अलग-अलग टोलियों में लालकिला मैदान की ओर बढ़ेंगे। कुल यात्रा मार्ग लगभग 13.3 किलोमीटर का होगा।

सबसे लंबा मार्ग श्यामगिरि मंदिर से लालकिला तक करीब 3.5 किलोमीटर का रखा गया है, जबकि सबसे छोटा रास्ता कुदेसिया पार्क से लालकिला तक लगभग 2 किलोमीटर लंबा होगा। गर्मी को देखते हुए यात्रा मार्गों को अपेक्षाकृत छोटा रखा गया है।

आयोजन में विभिन्न राज्यों के जनजातीय समुदाय अपने-अपने बैनर और पारंपरिक प्रतीकों के साथ हिस्सा लेंगे। इसके अलावा लालकिला मैदान में जनजातीय समाज की 75 महान विभूतियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन और देश के विकास में उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन Janjati Suraksha Manch और Janjati Jagruti Samiti द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यह दिल्ली में अब तक का सबसे बड़ा जनजातीय जुटान होगा।

समागम में देशभर की करीब 500 जनजातियों की भागीदारी देखने को मिलेगी। इसमें पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों, डॉक्टरों, अधिकारियों, अधिवक्ताओं और समाजसेवियों समेत करीब 100 विशिष्ट जनजातीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

देश के अलग-अलग राज्यों से जनजातीय समूह शुक्रवार से दिल्ली पहुंचना शुरू कर देंगे। प्रतिभागियों के ठहरने के लिए स्कूलों और धर्मशालाओं में विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन की तैयारियों के लिए 20 अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं।


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