चारधाम यात्रा के 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत, स्वास्थ्य और मौसम बने बड़ी चुनौती

चारधाम यात्रा इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। 19 अप्रैल से 13 मई तक के आंकड़ों के अनुसार, 12 लाख 64 हजार 217 श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए हैं। लेकिन इस उत्साह के बीच यात्रा के दौरान हुई मौतों का आंकड़ा भी चिंता का विषय बन रहा है।

बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बढ़ी संख्या

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है, जिनमें से सबसे ज्यादा 22 मौतें केदारनाथ धाम में हुई हैं। इसके अलावा, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 6 और गंगोत्री में 5 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है।

स्वास्थ्य चुनौतियाँ और मृत्युदर का कारण

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं। यात्रा का मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने से बुजुर्ग और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो रही है।

सरकार की तैयारी पर सवाल

हालांकि सरकार ने यात्रा से पहले स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन लगातार बढ़ती मौतों के आंकड़े चिंतनीय हैं। सरकार ने यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सलाह दी गई थी कि बुजुर्गों और हाई ब्लड प्रेशर वालों को स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।

Chardham Yatra Deaths in Kedarnath: स्वास्थ्य मंत्री की अपील

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा है कि यात्री अक्सर अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर तेज़ गति से यात्रा पूरी करने की कोशिश करते हैं, जिससे हार्ट अटैक और उच्च ऊँचाई से जुड़ी समस्याएँ बढ़ जाती हैं।

स्थानीय स्वास्थ्य सेवा सुविधाएँ

यात्रा मार्ग पर 47 अस्पतालों के साथ-साथ 2820 स्वास्थ्य कर्मियों और 400 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। डॉक्टरों को खास ट्रेनिंग दी गई है कि वे हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और शुगर मरीजों का इलाज कैसे करें।

ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना

सरकार अब यात्रा मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना बना रही है। दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर खोले जाने की तैयारी चल रही है, ताकि स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सके।

भविष्य की चुनौतियाँ

यात्रा मार्ग पर अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी ट्रॉमा सेंटर बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं या स्वास्थ्य आपात स्थितियों में ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर इलाज सुनिश्चित करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जिंदगियाँ बचाई जा सकें।


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धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म

पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला।

फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए।

बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया।

महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी

यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं।

फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है।

डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।


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कांस में गाला डिनर में पहुंचीं आलिया भट्ट

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में आलिया भट्ट लोरियल पेरिस गाला डिनर के दौरान नजर आईं, जहां उन्होंने फ्लोरल ब्रोकेड आउटफिट पहना था।

वहीं गुरुवार को सिंगर-इन्फ्लुएंसर आरती खेत्रपाल का सनातन धर्म थीम वाला लुक सामने आया, जिसमें वो कांस के रेड कार्पेट पर हाथ में भगवद गीता और ‘हरे राम’ लिखे पर्स के साथ नजर आईं।

इससे पहले आलिया बुधवार शाम को कांस में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म 'ए वूमेन्स लाइफ' (La Vie D'Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका ‘सिंड्रेला’ अवतार देखने को मिला।

रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोरियल पेरिस को टैग करते हुए अपने लुक की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए।

दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हुआ है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। कांस से आलिया के अब तक 5 लुक सामने आ चुके हैं।

यूलिया वंतूर ने कांस रेड कार्पेट पर वॉक किया

आलिया भट्ट के अलावा उर्वशी रौतेला और यूलिया वंतूर का कांस लुक सामने आया है। वहीं, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहस चन्ना कांस के रेड कार्पेट पर पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं।

एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक करती नजर आईं। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था।

आरती खेत्रपाल ने कांस में सनातन धर्म थीम अपनाई

आरती खेत्रपाल ने कांस फिल्म फेस्टिवल में सनातन धर्म थीम वाले लुक से सबका ध्यान खींचा। आरती रेड कार्पेट पर भगवान कृष्ण और वृंदावन कल्चर से इंस्पायर्ड ट्रेडिशनल लहंगे में दिखीं। उनके लुक में तुलसी कंठी माला और भगवद गीता भी थी, जिसे उन्होंने हाथ में लिया हुआ था।

आरती ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा। उन्होंने महर्षि वेद व्यास, अपने गुरुओं और संतों का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें भक्ति का मार्ग दिखाया।

कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा

कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटो के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहने वालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी।

इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं-

पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी।

मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है।गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे।

पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स

लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकर इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बने हैं। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी।

कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय

हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि'ओर

पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि'ओर अवॉर्ड दिया जाएगा।


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अखिलेश के भाई प्रतीक को ससुर ने दी मुखाग्नि

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद थीं। दोनों ने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखी।

हालांकि, अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने दैनिक भास्कर से कहा था- अगर अखिलेश यादव या उनके बेटे से मुखाग्नि दिलाई जाए तो ज्यादा अच्छा होगा।

इससे पहले, प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। हजारों समर्थक साथ-साथ चले और 'प्रतीक यादव अमर रहे' के नारे लगाए। शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया।

प्रतीक के घर से कुछ दूरी पर ही सपा कार्यालय है। शव को कुछ देर के लिए वहां जमीन पर रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है।

प्रतीक एनिमल लवर थे। शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई। सुबह शव को अंतिम दर्शन के लिए घर में रखा गया। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। शिवपाल और डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए। रात में पत्नी अपर्णा दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं।

प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।

प्रतीक, मुलायम यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। पत्नी अपर्णा भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है।

प्रतीक को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इससे पहले, 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े थे। तब मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया था कि प्रतीक को दिल का दौरा पड़ा है।

ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे

प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था।

प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपए बताई गई थी।

प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है।


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V. D. Satheesan होंगे केरल के नए CM

कांग्रेस नेता वी डी सतीशन (61) केरलम के सीएम होंगे। कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद इसका ऐलान किया। सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।

कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे।

नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।

दरअसल, केरलम के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन के नाम चर्चा में थे। आखिर में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।

सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था, सतीशन चुने गए

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था। रिजल्ट के बाद केरलम कांग्रेस लंबे समय से अलग-अलग गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है।

दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे। वेणुगोपाल को केंद्रीय नेतृत्व के करीबी नेता माना जाता है, जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे।

कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा।

सतीशन के नाम का ऐलान होने पर किसने क्या कहा…

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्थिति और फैसला लेने की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने मुझे बुलाया मेरी राय पूछी। मैं विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतना समर्थन दिया। आखिरकार पार्टी ने एक फैसला लिया और एक सच्चे कांग्रेसी के तौर पर हम सब पार्टी के फैसले के साथ हैं।

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन

हाईकमान ने एक बेहद ऊर्जावान और सही फैसला लिया है। केरल के लोगों की भावना-इच्छा को स्वीकार किया। केरल के विपक्ष के नेता के तौर पर वीडी सतीशन ने 10 साल पुराने एलडीएफ शासन के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी और बड़ी जीत हासिल की।

कांग्रेस विधायक राधाकृष्णन

कोट्टायम से विधायक राधाकृष्णन ने हाईकमान ने सभी पक्षों की राय सुनी और इस पूरी प्रक्रिया में राहुल सीधे तौर पर शामिल थे। चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी। जब कई नाम सामने हों तो नेता चुनने को लेकर भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है।

केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं

केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था।

हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया था। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन किया।


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NEET पेपर लीक केस में अब तक 5 गिरफ्तार

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले बुधवार को 14 संदिग्धों से 24 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई थी। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया थ। अब CBI सभी आरोपियों को दिल्ली ले जाएगी।

CBI ने राजस्थान के सीकर से आरोपी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के भाई दिनेश बिंवाल, बेटा विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। शुभम ने ही यश को पेपर दिया था।

जांच एजेंसी ने विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, सत्यनारायण, विक्रम, राकेश, रजत, अमित मीणा और रोहित मावलिया को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।

महाराष्ट्र के पुणे से ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे है और अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे (26) को भी हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि मनीषा के 21 खातों में 10 लाख रुपए जमा किए गए थे।

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के मुताबिक, राजस्थान में करीब एक हजार कैंडिडेट तक लीक पेपर पहुंचा था।

पिछले 2 दिनों में क्या-क्या हुआ

12 मई:

National Testing Agency (NTA) NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी।

CBI को जांच सौंपी गई। CBI ने FIR दर्ज की।

NTA परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।

13 मई:

CBI ने राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की।

जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था।

जांच एजेंसी ने कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की। 5 लोगों को गिरफ्तार किया।

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। कहा- NTA पर भरोसा नहीं।

यश ने सीकर पहुंचाया था पेपर

CBI को पता चला है कि लीक पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, छात्रों से पेपर तक पहुंच दिलाने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए थे।

सूत्रों के अनुसार, यश यादव की पहचान एक अन्य आरोपी विकास बिंवाल से थी। जांच में सामने आया है कि विकास के पिता दिनेश ने कथित तौर पर NEET-UG के प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर उसे PDF फाइल में बदला था।

सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र को पहले हाथ से लिखा और फिर स्कैन कर राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच प्रसारित किया।

सीकर में 3 मई की रात को थाने पहुंचे कोचिंग सेंटर के टीचर और पीजी संचालक के पास वायरल गेस पेपर (क्वेशन बैंक) था। इसमें मूल पेपर के 180 सवाल में से 150 सवाल हूबहू थे।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।

इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।

2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था

2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।

राधाकृष्णन पैनल की सिफारिशें

2024 विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसको चीफ प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनाई। पैनल ने 4 सुझाव दिए थे।

परीक्षा केंद्रों और स्टाफ की आउटसोर्सिंग कम हो

ज्यादा से ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों

हाइब्रिड परीक्षा मॉडल अपनाया जाए

NEET जैसी परीक्षाओं में प्रयासों की संख्या सीमित करने पर विचार हो.


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UP में आंधी-तूफान का कहर, 94 लोगों की मौत; कई जिलों में भारी तबाही

देशभर में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है।

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया। प्रयागराज, अयोध्या समेत करीब 30 जिलों में खराब मौसम के चलते 94 लोगों की मौत हो गई। प्रयागराज में सबसे ज्यादा 17 लोगों ने जान गंवाई, जबकि भदोही में 16 मौतें दर्ज की गईं। कई इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। बरेली में तेज आंधी के दौरान एक युवक टीनशेड समेत हवा में उड़ गया। वहीं, बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज राज्य के 51 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को लगातार चौथे दिन जैसलमेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने आज बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में भीषण गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 13 जिलों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में भी हालात बेहद गर्म बने हुए हैं। राज्य के 25 से ज्यादा जिलों में हीटवेव का असर देखा जा रहा है, जो 18 मई तक जारी रह सकता है। बुधवार को खजुराहो में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गर्म रातों यानी वार्म नाइट की भी चेतावनी दी गई है।

हरियाणा में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य के पांच शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिनमें नारनौल सबसे गर्म रहा, जहां 42.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने 17 मई से राज्य में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं, बिहार के पूर्णिया, कटिहार समेत सात जिलों में आज तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट है।

मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव जारी रह सकती है। झारखंड में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है। बिहार, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, केरल और कर्नाटक में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

16 मई को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।


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दिल्ली में फिर ‘निर्भया’ जैसा कांड: चलती बस में महिला से 7 KM तक दरिंदगी, रात 2 बजे सड़क पर फेंक फरार हुए आरोपी

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर निर्भया जैसी वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 14 साल बाद सामने आई इस खौफनाक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के सुरक्षा दावों की भी पोल खुलती नजर आ रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर देश की राजधानी दिल्ली में महिलाएं कब सुरक्षित महसूस करेंगी? निर्भया कांड के इतने वर्षों बाद भी महिलाओं के खिलाफ इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नांगलोई इलाके की बताई जा रही है। पीड़ित महिला एक फैक्ट्री में काम करती है और रात में ड्यूटी खत्म कर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में एक प्राइवेट बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे जबरन बस में खींच लिया। इसके बाद करीब सात किलोमीटर तक बस दौड़ाई गई और दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

वारदात को छिपाने के लिए बस की खिड़कियों पर काली फिल्म चढ़ाई गई थी और पर्दे लगाए गए थे। इससे बाहर से बस के अंदर क्या हो रहा था, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल था। आरोपियों ने यातायात नियमों की भी खुलेआम अनदेखी की।

पीड़िता के अनुसार, दरिंदगी करने के बाद आरोपी उसे रात करीब दो बजे सड़क पर फेंककर फरार हो गए। किसी तरह महिला ने पुलिस तक पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी ड्राइवर सुदेश (30) और कंडक्टर अमन (26) को दबोच लिया गया है। दोनों के खिलाफ रानी बाग थाने में बीएनएस की धारा 64(1), 70(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

गौरतलब है कि साल 2012 में हुए निर्भया कांड ने पूरे देश को हिला दिया था। उस घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई दावे और बड़े बदलावों की बातें हुई थीं। लेकिन अब फिर सामने आई इस घटना ने उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोगों के मन में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर इतने वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जमीन पर कितना काम हुआ। अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता, तो शायद राजधानी को एक बार फिर ऐसी शर्मनाक घटना का सामना नहीं करना पड़ता।


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अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के परिवार पर बड़ा संकट आ गया है. उनके सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है. प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव हैं और वह भाजपा की नेता हैं. प्रतीक मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे हैं. बीते दिनों प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा के बीच खटपट की खबरें आई थीं. उनको बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल में लाया गया लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी है. अभी तक आधिकारिक तौर पर मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है. इस बीच सूत्रों ने बताया कि प्रतीक यादव की मौत अननेचुरल है. उनकी ऊंगलियों के नाखुन नीले पड़ गए थे. इस कारण शक और गहरा गया है. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक पुख्ता तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है.

इस बीच पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ के लिए रवाना हो गई. वह लखनऊ पहुंच भी गई हैं.  वह किसी काम से दिल्ली में थीं तभी बुधवार तड़के यह घटना घट गई. उधर प्रतीक के निधन पर बड़े भाई अखिलेश यादव में गहरा दुख जताया. वह खुद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अपने भाई के लिए कहा कि वह बहुत अच्छा था. भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.

सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग का मामला?

लेकिन, सिविल अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने न्यूज18 इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है. अब यह प्वाइजनिंग किस कारण हुआ, क्या उसको फुड प्वाइजनिंग हुआ या फिर उन्होंने किसी चीज का सेवन किया. ये सभी बातें जांच का विषय है. रिपोर्ट के मुताबिक वह अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पड़े थे. पोस्टमार्टम के बाद सिविल अस्पताल से शव को घर ले जाया जाएगा है.

प्रतीक यादव का अखिलेश यादव के साथ रिश्ता

तीक यादव की उम्र करीब 38 साल थी. वह भाई अखिलेश की तरह राजनीति में सक्रिय नहीं थे लेकिन उनकी पत्नी अपर्णा राजनीतिक रूप बेहद एक्टिव हैं. वह भाजपा की तेजतर्रार नेता हैं. दोनों की शादी 2011 में हुई और दोनों की एक बेटी भी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत का असली कारण सामने आएगा. रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 5:30 बजे उनको अस्पताल लाया गया. लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई थी.

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनके सौतेले भाई प्रतीक यादव का रिश्ता बहुत अच्छा था. अखिलेश अपने छोटे भाई को बहुत प्यार करते थे. प्रतीक यादव दिवंगत मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. मुलायम सिंह ने 2003 में औपचारिक तौर पर साधना गुप्ता के साथ शादी की थी. प्रतीक का जन्म 1988 का बताया जाता है.

किचेन में बेहोश पड़े थे प्रतीक यादव

रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव अपने घर के किचन में वह सुबह करीब चार बजे से अचेत अवस्था में पड़े थे. फिर घर पर ही डॉक्टर को बुलाया गया लेकिन, उनकी मौत हो चुकी है. फिर उनको अस्पताल लाया गया जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया.  सूत्र बताते हैं कि प्रतीक पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. फिलहाल उनके शव का पोस्टमार्टम जारी है. विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट अगले तीन-चार दिनों में आएगी. डॉक्टरों की एक पैनल प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम करेगी


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कांस-2026 शुरू, आलिया ओपनिंग सेरेमनी में पहुंचीं

दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक दो लुक सामने आ चुके हैं।

फेस्टिवल के आगाज के साथ जानिए, इस साल भारत के कौन से सेलेब्स रेड कार्पेट पर पहुंचेंगे, कौन सी फिल्में दिखाई जाएंगी, भारत की कांस में क्या अचीवमेंट्स हैं और क्या है कांस का भव्य इतिहास। साथ ही देखेंगे इंडियन सेलेब्स के कांस से कुछ चुनिंदा लुक्स-

ये इंडियन सेलेब्स भी कांस में हो रहे हैं शामिल

आलिया भट्ट और उर्वशी रौतेला के अलावा इस साल भारत से ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। आलिया भट्ट, लॉरियल पेरिस की तरफ से कांस में आई हैं। तभी से कयास लग रहे हैं कि उन्होंने ऐश्वर्या राय को रिप्लेस किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा

कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी।

इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं-

पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी।

मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है।

गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी।

मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे।

पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स

लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी।

कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय

हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि'ओर

पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि'ओर अवॉर्ड दिया जाएगा।

कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां-

80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि'ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम

कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि'ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है।

इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है।

एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर-

हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस

1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई।

फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस फिल्म फेस्टिवल घोषित कर दिया। पहला फिल्म फेस्टिवल 1-20 सितंबर 1939 को होना था। एक दिन पहले गाला नाइट रखी गई, लेकिन 1 सितंबर को फेस्टिवल शुरू हुआ तो हिटलर द्वारा पौलेंड पर हमला करने से सेरेमनी में हंगामा मच गया और सेरेमनी 10 दिनों के लिए टालनी पड़ी।

माहौल सुधरने के बदले और बिगड़ गए जब फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के बीच युद्ध का ऐलान हुआ। दूसरे विश्व युद्ध से कांस फिल्म फेस्टिवल 6 सालों तक टला था।

वर्ल्ड वॉर 2 से 6 साल के इंतजार के बाद पहली सेरेमनी 20 सितंबर- 5 अक्टूबर 1946 को हुई, जिसमें 20 देशों ने हिस्सा लिया। 1947 में मैनेजमेंट खराब होने पर महज 16 देशों ने हिस्सा लिया।

अगले साल 1948 में बजट की कमी के कारण सेरेमनी हुई ही नहीं। 1949 में फिर इवेंट मैनेजमेंट से लोग निराश हुए। 1950 में खर्च न उठा पाने पर फिर फिल्म फेस्टिवल हुआ ही नहीं। 1951 से लेकर अब तक सिर्फ कोरोना महामारी के चलते 2020 में सेरेमनी रद्द की गई थी।

18 कैरेट गोल्ड से बना अवॉर्ड, कीमत करीब 18 लाख रुपए

1955 में फेस्टिवल कमेटी ने पाम डिओर (Palm D’or) अवॉर्ड लॉन्च किया, जो इस सेरेमनी का हाईएस्ट अवॉर्ड है। 1964 में पाम डिओर को ग्रैंड प्रिक्स से रिप्लेस किया गया था, हालांकि 1975 से फिर पाम डिओर अवॉर्ड दिया जाने लगा। इसे स्विस ज्वेलरी फर्म चोपार्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे 18 कैरेट यलो गोल्ड और एमराल्ड कट डायमंड से तैयार किया गया है। इस एक अवॉर्ड की कीमत 27 हजार डॉलर यानी 18 लाख रुपए है।

डिनर में खर्च किए जाते हैं 2.8 करोड़ रुपए

कांस फिल्म फेस्टिवल के समय कांस शहर का होटल बेरियर ले मैजेस्टिक (Hotel Barrière Le Majestic) मेहमानों के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग इवेंट के लिए खाने की जिम्मेदारी उठाता है। मेहमानों के डिनर के लिए ही 3 लाख 47 हजार डॉलर यानी 2.8 करोड रुपए खर्च किए जाते हैं।

2000 कैकड़ों से बनता है स्पेशल डिनर

वेबसाइट बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक होटल डिनर के लिए 770 पाउंड यानी 340 किलोग्राम फोए ग्रास नाम की डिश तैयार करता है, जो बतख के लिवर से बनने वाली एक स्पेशल फ्रेंच डिश है। इसके अलावा यहां 110 पाउंड्स यानी 49 किलो केवियर बनता है, जो दुनिया की सबसे महंगी डिशेज में से एक है। इस डिश में करीब 1,32,000 डॉलर यानी 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस डिनर के लिए हर साल 2000 किलो कैकड़े (लॉबस्टर) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें 39 लाख रुपए लगते हैं।

18500 बोतल वाइन-शैंपेन पी जाते हैं गेस्ट्स

सेलेब्स के लिए रखे गए डिनर में वाइन और शैंपेन भी सर्व होती है। पूरे कांस फेस्टिवल के दौरान करीब 18,500 बोतल वाइन और शैंपेन परोसी जाती है। वेबसाइट द हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार सेरेमनी में ज्यादातर 1990 शैटो पेट्रस (1990 Chateau Petrus) वाइन सर्व की जाती है। जिसकी एक बोतल की कीमत 9390 डॉलर है, ये दुनिया की छठी सबसे महंगी वाइन है।

हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार, डिनर के अलावा दूसरे मौकों पर लगने वाली ड्रिंक्स, खाने, लेजर लाइट, फोटोग्राफ और म्यूजिक में भी 1,50,000 डॉलर यानी 1 करोड़ 23 लाख खर्च किए जाते हैं।

कांस शहर सिर्फ याच को रेंट पर देकर कमाता है 3 हजार करोड़ रुपए

कांस शहर याच पार्टी के लिए भी फेमस है। फेस्टिवल में पहुंचने वाले दुनियाभर के कई सेलेब्स फेस्टिवल के दौरान याच पार्टी का भी हिस्सा बनते हैं। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार याच पार्टी से सालाना कांस शहर की 3 हजार करोड़ रुपए कमाई होती है, जो सेलेब्स खुद खर्च करते हैं।

हील्स की जगह फ्लैट चप्पल पहनी तो रेड कार्पेट पर एंट्री बैन

रेड कार्पेट के नियमों के अनुसार, सेरेमनी में पहुंचने वाली फीमेल सेलिब्रिटीज का हील्स पहनना जरूरी है। ये नियम 2015 में बनाया गया है। अगर कोई सेलेब्स बिना हील्स के यहां पहुंचता है तो उसे सेरेमनी में नहीं आने दिया जाता। 2015 में ऐसा ही एक मामला विवादों से घिर गया, जहां कुछ फीमेल सेलेब्स को हील्स न पहनने पर अंदर नहीं जाने दिया। एक्ट्रेस क्रिस्टेन स्टीवर्ट और जूलिया रॉबर्ट्स भी इस नियम का विरोध करते हुए रेड कार्पेट पर अपनी हील्स रिमूव कर चुकी हैं।

हैंडबैग और सेल्फी पर पाबंदी

रेड कार्पेट के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं है, हालांकि यहां आने वाले हर सेलेब को ग्लैमरस लगना अनिवार्य है। हैरानी की बात ये है कि रेड कार्पेट पर हैंडबैग ले जाना सख्त मना है। यहां आने वाले सेलेब्स क्लच या हाथ में दूसरा कोई भी बैग नहीं पकड़ सकते। रेड कार्पेट की रूल बुक पर लिखा हुआ है कि कृपया अपने हैंडबैग अपने होटल में ही छोड़कर आएं।

रेड कार्पेट पर फोटो या सेल्फी लेने की भी सख्त मनाही है, कोई भी सेलेब रेड कार्पेट पर सिर्फ और सिर्फ पैपराजी से ही तस्वीर क्लिक करवा सकता है।

2 किलोमीटर की रेडकार्पेट को दिन में 3 बार बदला जाता है

सबसे ज्यादा कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर आए सेलेब्स चर्चा में रहते हैं।1989 में पहली बार रेड कार्पेट रखी गई थी, जिस पर चलकर तमाम हस्तियां फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं। महंगी ड्रेस और ज्वेलरी पहनकर सेलेब्स इस रेड कार्पेट पर दिन भर वॉक करते हैं, जिसके तीन तरफ पैपराजी और मीडिया की भीड़ रहती है। ये रेड कार्पेट 2 किलोमीटर लंबा होता है, साफ दिखाने के लिए इसे दिन में 3 बार बदला जाता है।

पैपराजी की 5-पीस सूट के बिना एंट्री बैन

रेड कार्पेट पर आने वाले सेलेब्स को क्लिक करने पहुंचे पैपराजी के लिए भी कांस फिल्म फेस्टिवल में ड्रेस कोड है। पैपराजी सिर्फ ब्लैक टक्सीडो सूट, टाई/बो और फॉर्मल शूज पहनकर ही आ सकते हैं। अगर ड्रेस कोड में लापरवाही की जाती है, तो उन्हें वहां फोटो क्लिक करने से रोक दिया जाता है। हालांकि, फीमेल पैपराजी को इस ड्रेस कोड में छूट मिली हुई है।

कांस फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

जूरी मेंबर को फिल्म सिलेक्शन में दिक्कतें हो रही थीं और ओरिजिनल फिल्मों और नई फिल्में बनाने वाले फिल्ममेकर्स को ज्यादा तवज्जो मिल रही थी। इसे देखते हुए 1954 में स्पेशल जूरी अवॉर्ड कैटेगरी की शुरुआत की गई थी।

1955 में पाम डी-ओर अवॉर्ड (जीतने वालों को दिया जाने वाला अवॉर्ड) का परिचय करवाया गया था। इससे पहले विजेताओं को ग्रांड प्रिक्स से सम्मानित किया जाता था

डोलोरेस डी रियो 1957 में इस सेरेमनी की जूरी मेंबर बनने वाली पहली महिला थीं।

1989 में पहली बार रेड कारपेट रखी गई थी, जिस पर चलकर तमाम हस्तियां फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं।

1951 से लेकर अब तक सिर्फ 2020 में कोरोना महामारी के चलते ही कांस फिल्म फेस्टिवल को कैंसिल किया गया था।

2015 में फ्लैट तलवे की चप्पल पहनने वाले सेलेब्स पर आपत्ति जताई गई थी जिसके खिलाफ कई नामी हस्तियों ने आवाज उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।

दुनियाभर में बढ़ते मीटू मामलों को देखते हुए कांस फिल्म फेस्टिवल ने 2018 में फेस्टिवल के दौरान एक टेलिफोन हॉटलाइन की शुरुआत की। मीटू से जुड़ी कोई शिकायत होने पर सेलेब्स तुरंत इस हॉटलाइन की मदद ले सकते हैं।

जनरल डेलीगेट थिएरी फ्रैमॉक्स ने साल 2015 में कांस फिल्म फेस्टिवल के दौरान सेल्फी लेने पर प्रतिबंध लगा दिया।

1950 में चेतन आनंद इंटरनेशनल ज्यूरी में शामिल होने वाले पहले भारतीय सदस्य बने थे।

2003 में ऐश्वर्या राय ज्यूरी में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं।

2022 में पहली बार भारत को कांस फिल्म फेस्टिवल की तरफ कंट्री ऑफ ऑनर का न्योता मिला।

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