वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरएसी टिकट व्यवस्था खत्म, यात्रियों को नहीं मिलेगी यह सुविधा

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सफर को अधिक आरामदायक बनाने के उद्देश्य से टिकटिंग और कोच नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत अब कुछ चुनिंदा ट्रेनों में आरएसी (Reservation Against Cancellation) की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है, ताकि यात्रियों को आधी सीट पर यात्रा करने की मजबूरी न झेलनी पड़े। इसी कड़ी में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरएसी टिकट की सुविधा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

रेलवे बोर्ड द्वारा 9 जनवरी को जारी सर्कुलर के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। आरएसी, वेटलिस्ट या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। इस ट्रेन के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है, जबकि सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) के पहले दिन से ही बुकिंग के लिए खुली रहेंगी।

नए नियमों के तहत स्लीपर क्लास में न्यूनतम 200 किलोमीटर का किराया देना होगा, जो 149 रुपये है, भले ही यात्री इससे कम दूरी की यात्रा करे। वहीं सेकंड क्लास के लिए न्यूनतम दूरी 50 किलोमीटर तय की गई है, जिसका किराया 36 रुपये होगा। इसके अलावा रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लागू होंगे।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में अब स्लीपर क्लास के लिए सिर्फ तीन प्रकार के कोटा मान्य होंगे—महिला, दिव्यांग और सीनियर सिटिजन। किसी अन्य कोटे का प्रावधान नहीं रखा गया है। साथ ही सीनियर सिटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लोअर बर्थ की सुविधा भी शुरू की गई है। सिस्टम 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों और 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर लोअर बर्थ देने की कोशिश करेगा, हालांकि अंतिम आवंटन उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा के अनुसार, ये सभी नए नियम दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत लागू किए गए हैं।


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बीसीबी से नहीं मिला जवाब, टी20 वर्ल्ड कप में दूसरे देश को बुलाने के लिए तैयार आईसीसी

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council) ने भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले महीने शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) को भागीदारी की पुष्टि के लिए जो समय-सीमा दी थी, वह समाप्त हो चुकी है। तय वक्त तक कोई आधिकारिक जवाब न मिलने के बाद आईसीसी अब बांग्लादेश के विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार है।

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, निर्धारित डेडलाइन तक बीसीबी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी अधिकारियों और खिलाड़ियों के बीच बातचीत की बात कही गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर बीसीबी की चुप्पी बनी हुई है।

ऐसे में आईसीसी के सामने रास्ता साफ नजर आता है। अगर बांग्लादेश को टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होता, तो वह समय रहते अपनी सहमति दे चुका होता। अब हालात को देखते हुए आईसीसी बांग्लादेश की जगह किसी दूसरी टीम को आमंत्रित कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, संभावित विकल्प के तौर पर Scotland national cricket team का नाम सबसे आगे है और बीते 24 घंटों में इसी पर मंथन हुआ है।

इससे पहले बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने बयान दिया था कि वह अपनी टीम को भारत भेजने के इच्छुक नहीं हैं। उनका कहना था कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं हैं, इसी वजह से भारत दौरे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूरा विवाद तब गहराया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल-2026 से बाहर कर दिया। रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के विरोध के बीच भारत में बने माहौल को देखते हुए उन्हें Indian Premier League से हटाया गया। इसके बाद ही बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से इनकार कर श्रीलंका में मुकाबले कराने की मांग रखी, जिसे आईसीसी ने शेड्यूल का हवाला देते हुए स्वीकार नहीं किया।


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Battle of Galwan के पहले गीत ‘मातृभूमि’ में देशभक्ति का जोश, हिमेश रेशमिया की धुन और अरिजीत सिंह की आवाज ने रचा भावुक माहौल

सलमान खान की मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म बैटल ऑफ गलवान अभी रिलीज से दो महीने दूर है, लेकिन फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। अपूर्व लखिया के निर्देशन में बनी इस वॉर ड्रामा में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी। टीजर रिलीज के बाद से ही फिल्म ने फैंस के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है।

रिपब्लिक डे से पहले फिल्म का पहला गाना रिलीज होने जा रहा है, जिसने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत इस गाने का टाइटल ‘मातृभूमि’ है। मेकर्स ने शुक्रवार को इसके 19 सेकंड के टीजर की झलक साझा की, जिसमें गलवान घाटी और भारतीय तिरंगे के भावुक दृश्य देखने को मिलते हैं। सिर्फ धुन के सहारे ही यह टीजर दिल को छू जाता है।

‘मातृभूमि’ को हिमेश रेशमिया ने संगीत दिया है, जबकि इसे अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल और मास्टर मानी धरमकोट ने अपनी आवाज दी है। गाने के बोल समीर अंजान ने लिखे हैं। पूरा गाना 24 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाएगा।

सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बनी बैटल ऑफ गलवान 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह फिल्म 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर आधारित सच्ची कहानी को पर्दे पर उतारेगी, जिसमें सलमान खान शहीद कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभाते नजर आएंगे।


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अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर बेईमानी का आरोप, विरोधी टीम को रोकने के लिए अपनाई कथित घिनौनी चाल

अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को हराकर सुपर सिक्स में जगह तो बना ली, लेकिन उस पर जानबूझकर खेल को धीमा करने के आरोप लग रहे हैं। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128 रन बनाए थे, जिसे पाकिस्तान ने 26.2 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल किया। आरोप है कि पाकिस्तान यह लक्ष्य काफी पहले हासिल कर सकता था, लेकिन उसने रणनीति के तहत 25 ओवर के बाद ही जीत दर्ज की।

इस मैच का असर स्कॉटलैंड पर पड़ा। नेट रन रेट के समीकरण में पाकिस्तान का अगले दौर में पहुंचना तय था, जबकि मुकाबला जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के बीच था। यदि पाकिस्तान 25.2 ओवर से पहले लक्ष्य हासिल कर लेता तो जिम्बाब्वे का नेट रन रेट खराब होता और स्कॉटलैंड सुपर सिक्स में पहुंच सकता था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने 14वें ओवर के बाद जानबूझकर रन गति धीमी कर दी, जिससे जिम्बाब्वे को फायदा हुआ और वह भी अगले दौर में पहुंच गया।

नियमों के मुताबिक, सुपर सिक्स में वही नेट रन रेट माना जाता है जो क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच होता है। पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को स्कॉटलैंड की तुलना में बड़े अंतर से हराया था, जिससे उसका नेट रन रेट बेहतर रहा। इससे स्कॉटलैंड के साथ-साथ इंग्लैंड को भी नुकसान हुआ, क्योंकि इंग्लैंड ने ग्रुप-सी में स्कॉटलैंड को बड़े अंतर से हराया था, लेकिन स्कॉटलैंड के बाहर होने से इंग्लैंड को उस जीत का फायदा अगले दौर में नहीं मिल पाएगा।


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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने अचानक रुख बदल लिया, जिससे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, तेज आंधी और खराब मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस दौरान पटनीटॉप, नथाटॉप और सनासर जैसे इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया।

तेज हवाओं की बात करें तो शोपियां में 155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि पुंछ में 80, रियासी में 76, जम्मू में 63 और श्रीनगर में 84 किमी प्रति घंटे की गति दर्ज की गई। भारी बारिश के आंकड़ों के अनुसार ऊधमपुर में 77 मिमी, कटड़ा में 79 मिमी, जम्मू में 69 मिमी, सांबा में 63 मिमी, राजौरी में 56 मिमी, काजीगुंड में 45 मिमी और श्रीनगर में 37 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुलमर्ग में 45 सेमी, शोपियां में 55 सेमी, कुपवाड़ा में 20 सेमी, पहलगाम में 17 सेमी, बनिहाल में 16 सेमी और सोनमर्ग में 15 सेमी तक बर्फ जम चुकी है।

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, पीर-पंचाल क्षेत्र और दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में आज शाम तक हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी के साथ कहीं-कहीं भारी हिमपात की संभावना है। 24 और 25 जनवरी को छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि 26 और 27 जनवरी को अधिकतर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी और कुछ स्थानों पर भारी हिमपात, गरज-चमक व तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। 28 से 31 जनवरी के बीच मौसम के आंशिक रूप से साफ रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने पीर-पंचाल रेंज, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश-बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है, वहीं किसानों को भी इस अवधि में कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है।


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सीयूईटी पीजी रजिस्ट्रेशन का आज आखिरी मौका, देर की तो छूट जाएगा मौका

एनटीए सीयूईटी पीजी परीक्षा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन करने का आज, यानी 23 जनवरी को आखिरी मौका है। जो उम्मीदवार देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेना चाहते हैं, वे केवल आज ही इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 14 जनवरी तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 23 जनवरी कर दिया था। इसके बाद उम्मीदवारों को आवेदन का कोई अतिरिक्त मौका नहीं दिया जाएगा, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

एनटीए सीयूईटी पीजी से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों की बात करें तो आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 जनवरी है, जबकि उम्मीदवार 25 जनवरी तक परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। वहीं, आवेदन फॉर्म में किसी भी प्रकार की गलती सुधारने के लिए 23 से 25 जनवरी तक करेक्शन विंडो खुली रहेगी।

एनटीए सीयूईटी पीजी 2026 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in पर जाना होगा। होमपेज पर ‘NTA CUET PG 2026 Apply’ लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें, निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान करें और जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फॉर्म का प्रिंट आउट निकालना न भूलें।

एनटीए की ओर से सीयूईटी पीजी परीक्षा की आवेदन फीस श्रेणीवार निर्धारित की गई है। उम्मीदवार अपनी कैटेगरी के अनुसार शुल्क की पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।


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Republic Day परेड में इयरफोन-चार्जर समेत इन चीजों पर रोक, भूलकर भी साथ लाए तो नहीं मिलेगी एंट्री

Republic Day 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारियां जोरों पर हैं। 77वें गणतंत्र दिवस की परेड देखने जा रहे लोगों को सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। कर्तव्य पथ पर वीवीआईपी मौजूद रहेंगे, जिस कारण पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। परेड में प्रवेश के लिए केवल मोबाइल फोन, टिकट, फोटो पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां और पानी की छोटी बोतल ले जाने की अनुमति होगी। सुरक्षा जांच के बाद ही दर्शकों को एंट्री दी जाएगी।

गणतंत्र दिवस परेड में मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले गैजेट, ब्लेड, चाकू, कैंची, तार, हथौड़ा, ड्रिल, आरी, तलवार, कटार और पेंचकस जैसी वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित सामान लेकर आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा। दर्शकों से अपील है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें, तय एंट्री-एग्जिट गेट का ही उपयोग करें और बिना अनुमति फोटो या वीडियो न बनाएं।

इस बार कर्तव्य पथ पर परेड खास रहने वाली है। 77वें गणतंत्र दिवस पर कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश और 13 केंद्रीय मंत्रालय भाग लेंगे। झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र—वंदे मातरम् एवं समृद्धि का मंत्र—आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कई झांकियों में इसकी गौरवशाली यात्रा को दर्शाया जाएगा, जबकि सैन्य मामलों के विभाग की झांकी में ऑपरेशन सिंदूर की विजयगाथा दिखाई जाएगी।

हिमाचल प्रदेश की झांकी ‘देव भूमि-वीर भूमि’ और महाराष्ट्र की झांकी गणेशोत्सव की परंपरा को दर्शाएगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी ‘भारत कथा: श्रुति, कृति और दृष्टि’ थीम पर आधारित होगी, जिसमें पहली बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सिनेमा की झलक देखने को मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस प्रस्तुति में फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली और ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी की भागीदारी रहेगी, जो ‘वंदे मातरम्’ की नई धुन के साथ परेड को खास बनाएंगे।


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चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी, रोमांच से भरे सैलानी

चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी ने पर्यटन कारोबार को संजीवनी देने के साथ-साथ किसानों और बागवानों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। शुक्रवार सुबह वर्ष 2026 की पहली बर्फबारी चकराता सहित जौनसार-बावर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई, जिससे अचानक पूरे इलाके का नजारा बदल गया। लंबे इंतजार के बाद हुई इस हिमपात ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों में रोमांच भर दिया, जबकि पर्यटन, होटल व्यवसाय और बागवानी से जुड़े लोगों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं रही। सुबह होते ही चकराता छावनी बाजार, लोखंडी, कोटी कनासर, देववन, मोहिला टॉप, चुरानी, चिरमिरी टॉप, आलू मंडी, धारना धार, जाड़ी, मशक, कुनैन, इंदरौली और कंदाड समेत सभी ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। पहाड़ों पर गिरी बर्फ से पूरा क्षेत्र स्वर्ग सा मनमोहक नजर आने लगा। चारों ओर फैली सफेदी को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति ने चकराता की वादियों पर चांदी की मोटी परत बिछा दी हो। बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सीजन की पहली बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी।


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सर्दी की पहली बारिश से दिल्ली में भीषण जाम, सड़कों पर भरा पानी

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने राजधानी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है।

दिल्ली में सुबह-सुबह हुई बारिश के चलते ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला।

बारिश के बीच पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर विकास मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को दफ्तर और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने में काफी दिक्कत हुई।

राजधानी के अलग-अलग इलाकों से बारिश की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एनएच-9 पर अक्षरधाम के पास बारिश के दौरान वाहनों को धीमी रफ्तार से गुजरते देखा गया। वहीं गुरुग्राम की साइबर सिटी में भी सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।


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जम्मू-कश्मीर के डोडा में भीषण सड़क हादसा, सेना का ट्रक खाई में गिरा

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के सब डिवीजन भदरवाह के थानाला में सेना का वाहन खाई में गिरने से 10 जवान बलिदान हो गए, जबकि सात घायल हो गए हैं।

गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का एक वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया, जिससे 10 जवान बलिदान हो गए और 7 घायल हो गए। यह हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप पर हुआ।

200 फीट गहरी खाई में गिरा वाहन

अधिकारियों ने बताया कि सेना का बुलेट-प्रूफ वाहन, जिसमें कुल 17 जवान सवार थे, एक ऊंची पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिर गया।

अधिकारियों ने बताया कि सेना और पुलिस ने तुरंत मिलकर बचाव अभियान शुरू किया और 10 सैनिकों के शव मिले। उन्होंने बताया कि नौ अन्य सैनिकों को घायल हालत में बचाया गया और उनमें से तीन, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं, उन्हें विशेष इलाज के लिए उधमपुर मिलिट्री अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है।

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर जताया शोक

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने डोडा सड़क हादसे में 10 जवानों के बलिदानी होने पर शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि डोडा में एक दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुख हुआ। हम अपने बहादुर सैनिकों की बेहतरीन सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

इस गहरे दुख की घड़ी में, पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है। सीनियर अधिकारियों को सबसे अच्छा इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं।

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