इस जनवरी ने दिल्ली–एनसीआर के लोगों को दशकों बाद सबसे कड़ाके की ठंड का एहसास करा दिया है। सोमवार को गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो कई हिल स्टेशनों से भी कम रहा। मंगलवार को हालांकि इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई और तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंगलवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शिमला में 4 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह मैदानी इलाके पहाड़ों से भी ज्यादा ठंडे नजर आए। मौसम विभाग ने पूरे एनसीआर में कोल्ड वेव और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कई मौसमी कारणों के एक साथ सक्रिय होने से यह असामान्य ठंड पड़ रही है।
आखिर इतनी ठंड क्यों पड़ रही है?
पश्चिमी विक्षोभ का असर
हाल ही में हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हुई। इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से तेज ठंडी हवाएं चलीं, जो बर्फीली हवा को सीधे मैदानी इलाकों तक ले आईं।
साफ आसमान और रेडिएशनल कूलिंग
रात के समय आसमान साफ रहने से धरती की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में निकल जाती है, जिसे रेडिएशनल कूलिंग कहा जाता है। इससे रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है।
ठंडी हवा का जमाव
हिमालय से आई ठंडी हवा मैदानी इलाकों में फंस गई है। ऊपर की परतों में हवाएं कमजोर होने के कारण यह ठंडी हवा बाहर नहीं निकल पा रही, जिससे कोल्ड वेव और ज्यादा तीव्र हो गई है।
पहाड़ों से ज्यादा ठंड मैदानों में क्यों?
आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में बादल तापमान को बहुत नीचे नहीं जाने देते, जबकि इस बार मैदानी इलाकों में आसमान साफ है और ठंडी हवा जमा है। यही वजह है कि गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहर शिमला से भी ज्यादा ठंडे हो गए।
ठंड के साथ प्रदूषण की मार
दिल्ली–एनसीआर में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच चुका है, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। सुबह के समय 97–98 प्रतिशत तक नमी रहने से ठंडी हवाओं का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
IMD के अनुसार 13 और 14 जनवरी को कोल्ड वेव जारी रह सकती है। 15 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन अगले छह दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा लोगों को परेशान करता रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड और प्रदूषण के इस दोहरे प्रकोप से राहत मिलने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं।









