सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अकाउंट पर लगाया बैन

Surya Kant के कथित ‘कॉकरोच’ बयान के विरोध में बनाई गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गई है। पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट ने महज 6 दिनों में 1.23 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि X पर इसके करीब 1.93 लाख फॉलोअर्स हो चुके थे। हालांकि अब X ने भारत में पार्टी का अकाउंट बैन कर दिया है।

इस पार्टी की शुरुआत महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने की है। पार्टी का नारा है- “सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।” सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच इसे तेजी से समर्थन मिला और लॉन्च के एक दिन के भीतर ही लाखों लोग इससे जुड़ गए।

दरअसल, 15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवियों’ से की थी। हालांकि अगले ही दिन उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर पेशों में घुसने वाले लोगों के लिए थी, न कि बेरोजगार युवाओं के लिए।

CJP ने खुद को व्यंग्यात्मक लेकिन राजनीतिक रूप से जागरूक मंच के तौर पर पेश किया है। पार्टी की सदस्यता के लिए चार ‘योग्यताएं’ बताई गई हैं— बेरोजगारी, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता।

पार्टी ने अपना मैनिफेस्टो भी जारी किया है, जिसमें कई विवादित और चर्चित वादे किए गए हैं। इसमें रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा न भेजने, चुनाव में वैध वोट डिलीट होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई, महिलाओं को 50% आरक्षण और दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

इसके अलावा पार्टी ने बड़े मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द करने और मीडिया एंकरों के बैंक खातों की जांच कराने जैसी बातें भी अपने घोषणापत्र में कही हैं।

अभिजीत दीपके फिलहाल अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। वे 2020 से 2023 के बीच Aam Aadmi Party की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रतिक्रियाएं देखकर उन्हें लगा कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए जो सिस्टम के खिलाफ युवाओं की नाराजगी को आवाज दे सके।

दिल्ली में कुछ समर्थक कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई अभियान चलाते भी नजर आए। पार्टी समर्थकों का कहना है कि उनका मकसद फिलहाल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि युवाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना है।

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बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश 19 मई को जारी किया गया, जिसकी जानकारी गुरुवार को सार्वजनिक हुई। नए नियम के तहत सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना जरूरी होगा।

अब तक इन मदरसों में सुबह की असेंबली के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा का बांग्ला गीत ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ गाया जाता था। हालांकि नए आदेश के बाद सभी संस्थानों को ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा और इसकी अनुपालन रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी।

इस फैसले को राज्य सरकार के हालिया बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। पिछले दिनों सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन देने, CAA लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने जैसे फैसले भी लिए हैं।

इसके अलावा राज्य में लंबे समय से लंबित जनगणना प्रक्रिया शुरू करने, सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 साल की छूट देने और IAS-IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने की मंजूरी देने का भी फैसला किया गया है। सरकार ने भारतीय न्याय संहिता समेत नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों को लागू करने का भी निर्णय लिया है।

सरकार ने 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को आर्थिक सहायता या नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं धर्म आधारित कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का भी फैसला लिया गया है।

महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत हर महीने ₹3000 की सहायता देने और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी शुरू की जा रही है। साथ ही कई सरकारी बोर्डों और निगमों में पूर्व नियुक्त पदाधिकारियों को हटाने और सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

इसी क्रम में गोहत्या से जुड़े पुराने कानूनों को लेकर भी नया नोटिस जारी किया गया है, जिसमें बिना फिटनेस सर्टिफिकेट किसी भी मवेशी या भैंस के वध पर रोक की बात कही गई है।

इस बीच केंद्र सरकार ने भी फरवरी में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए थे। आदेश के अनुसार यदि ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों गाए जाएं तो पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से करने और इसके सभी छह अंतरे गाने के निर्देश दिए गए थे।


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यूपी का बांदा बना दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर

25 मई से नौतपा शुरू हो रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही तापमान 48°C पहुंच गया है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश के बांदा में रिकॉर्ड हुआ। तापमान के लिहाज से 20 मई को बांदा दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।

बांदा से ज्यादा तापमान केवल मिस्र के असवान में 49.4°C और सऊदी अरब के अराफात में 48.4°C रिकॉर्ड किया गया। दुनियाभर में सबसे ज्यादा तापमान की लिस्ट में खजुराहो 47.4°C के साथ चौथे नंबर पर रहा।

बुधवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और महाराष्ट्र के 16 शहरों में भी तापमान 46°C से ज्यादा रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से आ रही सूखी और गर्म हवाएं सीधे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पहुंच रही हैं। इससे मई के आखिरी हफ्ते या जून वाली गर्मी अभी से महसूस हो रही है।

महाराष्ट्र के वर्धा में 47.1°C, हरियाणा के रोहतक में 46.9°C, महाराष्ट्र के नागपुर में 46.6°C और मध्य प्रदेश के नौगांव में भी पारा 46.6°C तक पहुंच गया।

हेल्थ अलर्ट: प्यास न लगे तो भी थोड़ा-थोड़ा पानी पियें

एम्स दिल्ली में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के मुताबिक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक की धूप से बचें। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोगों को ऐसी गर्मी से ज्यादा खतरा है।

जब प्यास न भी लगे, गला न सूखे, फिर भी पानी पीते रहें। दिनभर में 4 ​लीटर पानी पियें। गर्मी के घंटों के दौरान कोई भी शारीरिक मेहनत का काम न करें। ढीले और हल्के रंग के कपड़े ही पहनें।

देश में बांदा ही सबसे गर्म क्यों

बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश के मुताबिक देश में बांदा में सबसे ज्यादा तापमान होने के पीछे मुख्य कारण इसका कर्क रेखा के नजदीक होना है। इसके अलावा सीधी धूप, साफ आसमान, मिट्टी में नमी की कमी वाला पठारी इलाका, सूखती नदियां, जंगलों की कटाई और खनन शामिल हैं।

मानसून एक जगह पर अटका

मानसून का आगे बढ़ना भी रुक गया है। फिलहाल वह तीन दिन से एक ही स्थान अंडमान-निकोबार और कोलंबो के आसपास अटका हुआ है। इसे आगे बढ़ने के लिए कोई भी ताकत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार से पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम बदलने लगेगा।

अरुणाचल, असम, मेघालय में कुछ जगह भारी से भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 24 मई तक बारिश का अच्छा दौर रह सकता है। बाकी देश तपता रहेगा।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

22 मई:

राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पंजाब में हीटवेव का अलर्ट।

बिहार में बारिश का ऑरेंज अलर्ट। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते है।

23 मई:

राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।

असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।


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चांदी ₹3761 गिरकर ₹2.65 लाख किलो पर आई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 20 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 3,761 रुपए कम होकर 2.65 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,116 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है।

29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।

सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक

सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख

ऑलटाइम हाई(29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल)

मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक 18 हजार सस्ता हो चुका है।

चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.30 लाख तक

चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाईसे बहुत तेजी से नीचे आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख

ऑलटाइम हाई(29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त)

गिरावट का आंकड़ा: पिछले 49 दिन में चांदी ₹1.21 लाख सस्ती हो गई है।

गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर 'कैश' पर भरोसा

आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर 'कैश' इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे।

प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।


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नालंदा में मिड-डे मील खाने से 3 दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

प्रखंड के मध्य विद्यालय कला कैला में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चे अचानक बीमार हो गए। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। 

कई बच्चे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए।

सब्जी के एक हिस्से में संदिग्ध ‘गोली’ जैसी वस्तु मिली

आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया है।

अस्पताल में भर्ती पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि दोपहर के भोजन में बच्चों को चावल और चने (बूट) की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के दौरान सब्जी के एक हिस्से में संदिग्ध ‘गोली’ जैसी वस्तु मिली। छात्रा के अनुसार, लगभग सभी बच्चों ने वही भोजन खाया था, जिसके बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि रोज की तरह भोजन परोसने से पहले शिक्षकों ने खाने की जांच या स्वाद नहीं लिया था। हालांकि बाद में अमरेश सर नामक शिक्षक ने भी वही भोजन खाया, जिसके बाद उन्हें भी चक्कर आने लगे और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

‘एकता फाउंडेशन’ पर उठे सवाल

जानकारी के मुताबिक स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति ‘एकता फाउंडेशन’ नामक संस्था द्वारा की गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं की गई, जिसके कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ गई।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बच्चों को मिड-डे मील में छोला और चावल दिया गया था। जैसे ही बच्चों ने खाना शुरू किया, कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे तो कई बच्चे चक्कर खाकर बेहोश हो गए।

उन्होंने कहा कि स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया और घटना की लिखित सूचना विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।


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25 मई तक घर में रहने की सलाह, दिल्ली-NCR में IMD का ऑरेंज अलर्ट

दिल्ली में गर्मी लगातार जोर पकड़ रही है। इस पूरे सप्ताह ही दिल्ली वासियों को भीषण गर्मी का सामना करना होगा। तीखी धूप में तापमान में भी तेजी से वृद्धि होगी और अगले लू भी चलेगी।

मौसम विभाग ने 25 मई तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। दूसरी तरफ दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही चल रही है।

अधिकतम तापमान 45 डिग्री के आसपास रहेगा

बुधवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 45 डिग्री के आसपास रह सकता है। दिन भर आसमान साफ रहेगा एवं तेज धूप भी निकली रहेगी। गर्म हवा के थपेड़े भी खाने पड़ सकते हैं।

उधर बुधवार को सुबह नौ बजे दिल्ली का एक्यूआइ 187 दर्ज किया गया। इसे 'मध्यम' श्रेणी में रखा जाता है। एनसीआर के शहरों में भी हवा मध्यम से खराब श्रेणी में ही चल रही है। पूर्वानुमान है कि हाल फिलहाल इसमें बहुत अधिक बदलाव नहीं होगा।


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‘शव सड़ने लगा है, कृपया ले जाएं’, ट्विशा केस में परिवार से पुलिस की अपील

ट्विशा शर्मा के परिवार को एक मुश्किल फैसला लेना है। पुलिस ने ट्विशा के परिवार को उसके शव को वापस ले जाने के लिए कहा है। पुलिस ने परिवार को बताया है कि 13 मई से AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा उसका शव अब सड़ने लगा है।

पुलिस ने परिवार को लिखे एक पत्र में कहा, "ट्विशा का शव लंबे समय से मुर्दाघर में रखा हुआ है और उसके सड़ने की प्रबल संभावना है। इसलिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया शव को ले जाने की व्यवस्था करें।"

'एम्स भोपाल में नहीं है ये सुविधा'

पुलिस ने परिवार को लिखे पत्र में आगे कहा, "अभी शव को एम्स भोपाल की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है। शव को सड़ने से बचाने के लिए उसे -80 डिग्री सेल्सियस पर रखना जरूरी है। एम्स भोपाल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।" पत्र में यह भी कहा गया है कि पुलिस को दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?

पहला पोस्टमार्टम 13 मई को पूरा हुआ था। ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत का कारण "लिगेचर से फांसी" (antemortem hanging by ligature) था और साथ ही रिपोर्ट में उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर किसी कुंद चीज से लगी कई सामान्य चोटों का भी जिक्र किया गया है।

रिपोर्ट में गर्दन के बाईं ओर खरोंचें, बाईं ऊपरी बांह, बाईं निचली बांह, दाईं कलाई और दाईं अनामिका उंगली पर चोट के निशान भी दर्ज किए गए। मेडिकल बोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला कि भले ही मौत का कारण फांसी था लेकिन अन्य चोटें मौत से पहले की साधारण चोटें मालूम होती हैं।


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बंगाल में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% किया गया

पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया है। राज्य में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है। नई लिस्ट के मुताबिक अब सिर्फ 66 जातियां OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में 77 अतिरिक्त जातियों को जोड़ने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था।

हालांकि 2010 से पहले OBC कैटेगरी में शामिल जातियों का दर्जा बना रहेगा। इस कोटे के जरिए पहले नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी असर नहीं पड़ेगा।

ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो हिस्सों में बांटा था

इस फैसले के साथ ममता बनर्जी सरकार के समय लागू OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म हो गई है। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो कैटेगरी में बांटा था। OBC- A को 10% और OBC- B को 7% आरक्षण मिल रहा था। इस दौरान कई नई जातियां भी जोड़ी गईं।

इसी के खिलाफ 2024 में कलकत्ता हईकोर्ट ने फैसला दिया था। कोर्ट के फैसले से 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे।

अब इन्हें मिलेगा आरक्षण

नई लिस्ट में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदाय भी इस लिस्ट में हैं।

राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार OBC ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी। जिन समूहों की पहचान हाईकोर्ट ने स्पष्ट की है, उन पर पहले विचार होगा। समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर कुछ समूहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत फिर सूची में शामिल किया जा सकता है।

बंगाल नई कैबिनेट के 7 बड़े फैसले-

1. सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी

बंगाल कैबिनेट ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप A पदों के लिए उम्र सीमा 41 साल, ग्रुप B के लिए 44 साल और ग्रुप C-D के लिए 45 साल कर दी गई है। यह नियम 11 मई से लागू होगा। SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलने वाली अतिरिक्त आयु छूट पहले की तरह जारी रहेगी।

2. भ्रष्टाचार जांच के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी

कैबिनेट ने राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बिश्वजीत बसु की अध्यक्षता में पैनल बनाने को मंजूरी दी। यह कमेटी सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और सेवा वितरण में कथित घोटालों, कटमनी, रिश्वतखोरी और सरकारी फंड की गड़बड़ी की जांच करेगी। लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी।

3. महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की जांच होगी

राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनाने का फैसला लिया। यह आयोग महिलाओं, बच्चों, SC-ST और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच करेगा। इसके लिए पोर्टल, व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।

4. धार्मिक आधार पर मिलने वाला मानदेय बंद

कैबिनेट ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला लिया। पहले इमामों को 3000 रुपए और मुअज्जिन-पुजारियों को 2000 रुपए मासिक सहायता दी जाती थी।

5. महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए मिलेंगे

राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। लक्ष्मी भंडार योजना की मौजूदा लाभार्थियों को बिना दोबारा आवेदन किए सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

6. महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा

कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की मंजूरी भी दे दी। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

7. 7वें वेतन आयोग को मंजूरी

राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी। इसका फायदा सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निकायों, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। आयोग के गठन और लागू होने की तारीख का नोटिफिकेशन बाद में जारी किया जाएगा।


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देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद, मरीजों की बढ़ीं परेशानियां

दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और बड़ी कंपनियों के कॉम्पिटीशन के विरोध में देशभर के 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बुधवार को बंद का ऐलान किया है।

पटना के IGIMS के बाहर दवा दुकानें बंद हैं। इससे मरीजों के अटेंडेंट परेशान हैं। वहीं, चंडीगढ़ के (PGI) में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवाई नहीं मिल सकी और वह मेडिकल स्टोर के बाहर इंतजार करता रहा।

हालांकि, AIOCD ने कहा था कि बंद के दौरान भी अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। इमरजेंसी दवाओं की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

दवा दुकानदारों की 4 मांगें

बिना नियमों के चल रही ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से मोहल्ले की छोटी दुकानों को नुकसान हो रहा है और लोगों की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इसे रोका जाए।

इस पूरे विवाद से जुड़े सरकार के दो नियम GSR 220(E) और GSR 817(E) हैं। संगठन के मुताबिक इन नियमों की कमियों का फायदा उठाकर ही ऑनलाइन दवा कंपनियां ऐसा कर रही हैं। इसे वापस लिया जाए।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 'गलत या नकली पर्चियों' का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए ई-फार्मेसी के लिए नए सख्त नियम बनाए जाएं।

लोकल दुकानदार ऑनलाइन कंपनियों के 20% से 50% तक के डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर सकते।

कोविड-19 के दौरान सरकार ने ई-फार्मा को छूट दी

कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा स्टोर्स (ऑनलाइन मेडिकल स्टोर्स) को कई बड़ी रियायतें दी थीं

सरकार ने ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा दिया, जिससे लॉकडाउन में भी उनकी डिलीवरी बिना रोक-टोक जारी रही। इसके अलावा, नियमों में ढील देते हुए डॉक्टरों के डिजिटल प्रिसक्रिप्शन (व्हाट्सएप या ईमेल पर भेजी गई पर्ची) के आधार पर दवाइयां बेचने की मंजूरी दी गई।

घर-घर जाकर दवाइयां पहुंचाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया ताकि लोग अस्पतालों या मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर बैठे ही अपनी रेगुलर और जरूरी दवाइयां मंगा सकें।


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उत्तर भारत में बढ़ेगा गर्मी का कहर, 10 दिन तक सूखी हवाओं का अलर्ट

देश में गर्मी अपने पीक पर है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के 10 राज्यों में अगला एक हफ्ता पूरी तरह सूखा रहेगा।

एजेंसी के मुताबिक इस दौरान सूखी-गर्म हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान भी 45°C या उससे ज्यादा बना रहेगा। वेस्टर्न डिस्टर्वेंस भी कमजोर है और फिलहाल कोई वेदर सिस्टम भी नहीं है। ऐसे में बारिश की कोई संभावना नहीं है।

मंगलवार को MP, UP, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र के 22 शहरों में तामपान 45°C से ज्यादा रहा था। इधर UP का बांदा मंगलवार को लगातार तीसरे दिन देश में सबसे गर्म शहर रहा।

यहां तापमान 48.2°C था। बीते दो दिन भी तापमान 46°C से ज्यादा रहा था। बांदा में 15 मई 2022 को तापमान 49°C रहा था। यह यहां के इतिहास में सबसे ज्यादा था। पूरे यूपी की बात करें तो 22 जिलों में पारा 40°C रहा है।

दिल्ली में चौथा हीटवेव डे- दिल्ली में मंगलवार को इस साल का चौथा हीटवेव डे दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 45.1°C रहा, जबकि रिज इलाका 46.5°C के साथ सबसे गर्म रहा।

पंजाब-हरियाणा में रिकॉर्ड गर्मी- पंजाब के फरीदकोट में तापमान 47.3°C पहुंच गया। हरियाणा के रोहतक में 46.9°C और नारनौल में 45°C तापमान दर्ज हुआ। चंडीगढ़ में पारा 43.2°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4°C ज्यादा है।

शहरों में फील टेंपरेचर 4°C तक अधिक

वास्तविक तापमान और फील टेंपरेचर में हर शहर में औसत 2°C से 4°C तक का अंतर है। क्लाइमेट एक्सपर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग जो तापमान बताता है, लोगों को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण तेजी से होता शहरीकरण है। इससे तापमान में उछाल आ रहा है। फील फैक्टर तेजी से बढ़ता जा रहा है।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

21 मई:

राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव चलेगी। यहां रात में भी हीटवेव जैसे हालात रहेंगे।

असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश का अनुमान है।

22 मई:

छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट है। ओडिशा में गर्म और उमस रहेगी।

अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा में बारिश का अलर्ट है।

बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश संभव।

मानसून की दक्षिण अरब सागर में एंट्री

भारत को भिगोने वाले दक्षिणी-पश्चिमी मानसून ने मंगलवार को कोमरिन सागर, श्रीलंका, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी भाग के कुछ और हिस्सों को कवर कर लिया। यह दक्षिण अरब सागर में प्रवेश कर गया। 2-3 दिन में लक्षद्वीप समूह के मिनिकॉय द्वीप पहुंचने की संभावना है।


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