बिहार में बिजली-तूफान और पेड़ गिरने से 9 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी तबाही

शुक्रवार को देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में कई जगह तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। वहीं मध्य भारत के राज्यों में गर्मी ने फिर रफ्तार पकड़ ली है और तापमान लगातार बढ़ रहा है।

बिहार की राजधानी पटना समेत सात जिलों में तेज आंधी और बारिश से भारी नुकसान हुआ। पेड़ गिरने और बिजली गिरने की घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सबसे ज्यादा 5 मौतें पटना में दर्ज की गईं। तेज हवाओं के कारण 600 से अधिक पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित रही।

उत्तर प्रदेश के आगरा और जालौन में बारिश हुई, जबकि मऊ में ओले गिरे। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 17 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

भीषण गर्मी के बीच राजस्थान का बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और फलोदी में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर मध्य प्रदेश के 13 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को रतलाम में तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अहमदाबाद में 43.1 डिग्री और वाशिम में 42.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार 10 मई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

11 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं पठानकोट, रूपनगर और मोहाली में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है। दक्षिण और मध्य बिहार के कई इलाकों में भी आंधी और बारिश जारी रह सकती है।


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तमिलनाडु में विजय की सरकार? CPM-CPI और VCK ने दिया समर्थन का संकेत

Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खबरों के मुताबिक अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को सरकार बनाने के लिए समर्थन मिलना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि Communist Party of India, Communist Party of India (Marxist) और Viduthalai Chiruthaigal Katchi ने टीवीके को समर्थन देने की तैयारी कर ली है। वहीं Indian National Congress पहले ही विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी है।

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। समर्थक जश्न मनाते नजर आ रहे हैं और विजय के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं।

फिलहाल सरकार गठन को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों ने तमिलनाडु की राजनीति को गर्मा दिया है। ताजा अपडेट्स के साथ स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।


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IPL में खिलाड़ियों पर हनी ट्रैप का खतरा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

Indian Premier League में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर Board of Control for Cricket in India ने सख्त कदम उठाए हैं। हनी ट्रैप और सुरक्षा उल्लंघन की आशंकाओं के बीच बोर्ड ने खिलाड़ियों के होटल रूम, टीम बस और डगआउट में बाहरी लोगों की एंट्री पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। साथ ही फ्रेंचाइजी मालिकों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट में कई मैचों के दौरान टीम होटल, डगआउट और बस में ऐसे लोगों की मौजूदगी सामने आई, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। बोर्ड ने इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना है।

BCCI सचिव Devajit Saikia ने सभी फ्रेंचाइजी को भेजे निर्देश में कहा है कि अब किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ के कमरे में कोई मेहमान तभी जा सकेगा, जब टीम मैनेजर से लिखित मंजूरी ली गई हो। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को होटल से अनियमित समय पर बाहर जाने से भी रोका गया है। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो तो सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर और टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा।

बोर्ड ने मैच के दौरान फ्रेंचाइजी मालिकों की खिलाड़ियों से सीधे संपर्क पर भी रोक लगा दी है। अब मालिक ड्रेसिंग रूम, डगआउट या मैदान में जाकर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत नहीं कर सकेंगे।

IPL 2026 में वेपिंग और ई-सिगरेट के मामलों ने भी BCCI की चिंता बढ़ाई है। Riyan Parag पर इस मामले में जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि Yuzvendra Chahal का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद बोर्ड ने ड्रेसिंग रूम, होटल और प्रैक्टिस एरिया समेत IPL से जुड़े सभी स्थानों पर वेपिंग और ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

BCCI ने चेतावनी दी है कि नए नियमों का उल्लंघन करने पर खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ या फ्रेंचाइजी पर जुर्माना, सस्पेंशन या डिस्क्वालिफिकेशन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

फिक्सिंग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए IPL में 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) प्रोटोकॉल लागू किया जाता है। इसके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और मैच से जुड़े खास इलाकों में केवल खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। इस क्षेत्र में मोबाइल फोन और किसी भी प्रकार के कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहता है।

हाल ही में Rajasthan Royals के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को गुवाहाटी में Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया।

BCCI पहले भी IPL की साख और पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका और मजबूत की गई थी। हर टीम के साथ एक ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। बोर्ड का मानना है कि शुरुआती स्तर पर सख्ती बरतकर किसी भी बड़े सुरक्षा खतरे को रोका जा सकता है।


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हंतावायरस से संक्रमित जहाज पर सवार थे 2 भारतीय यात्री

अटलांटिक महासागर में सफर कर रहे डच फ्लैग वाले क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। जहाज पर मौजूद यात्रियों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

यह जहाज फिलहाल स्पेन के कैनरी आइलैंड की ओर बढ़ रहा है और 10 मई तक वहां पहुंचने की संभावना है। वहां पहुंचने के बाद सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों की मेडिकल जांच की जाएगी। World Health Organization ने कहा है कि मामला गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है।

नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती मरीजों का इलाज कर रहीं डॉक्टर Karin Ellen Veldkamp ने बताया कि हंतावायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान से इंसान में इसका संक्रमण फैलना बेहद मुश्किल होता है और इसकी तुलना कोविड-19 से नहीं की जा सकती।

डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमित मरीजों को विशेष आइसोलेशन रूम में रखा जा रहा है, जहां प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उनकी निगरानी कर रहा है। मरीजों को तब तक अलग रखा जाएगा, जब तक उनमें लक्षण बने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा हो सकता है, इसलिए संक्रमित लोगों को करीब 40 दिनों तक क्वारंटाइन में रखने की सलाह दी गई है।

Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसी वजह से आने वाले दिनों में और मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

WHO के अनुसार मौत के मामलों में हंतावायरस के एंडीज स्ट्रेन का शक है। यह स्ट्रेन मुख्य रूप से अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है और बाकी हंतावायरस से अलग माना जाता है, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि इसका संक्रमण कोरोना वायरस जितनी तेजी से नहीं फैलता।

जांच में सामने आया है कि शुरुआती संक्रमित दंपती जहाज पर सवार होने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक इन क्षेत्रों में ऐसे चूहे पाए जाते हैं, जो इस वायरस को फैलाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब उनकी यात्रा और संपर्कों की जांच कर रही हैं।

करीब सात हफ्तों से यात्रा कर रहा यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। जहाज दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों से गुजरते हुए अटलांटिक पार कर यूरोप की ओर बढ़ रहा है। इसमें कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं।

पहले मृतक की मौत जहाज पर ही हुई थी, जिसके बाद शव को सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया। बाद में उसकी पत्नी दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, लेकिन एयरपोर्ट पर उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। क्रूज ऑपरेट करने वाली Oceanwide Expeditions ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर मौजूद है।

WHO ने एहतियात के तौर पर सेंट हेलेना में उतरे यात्रियों को लेकर 12 देशों को अलर्ट जारी किया है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।


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सीजफायर टूटते ही अमेरिका ने ईरान पर फिर की बमबारी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि सीजफायर के बावजूद अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर बमबारी की। इसके बाद तेहरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री क्षेत्र से होर्मुज स्ट्रेट की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरानी छोटी नावों को तबाह कर दिया और साफ कर दिया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा।

वहीं संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने बताया कि होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और तेल कारोबार पर असर बढ़ता जा रहा है।

पिछले 24 घंटों में इस संकट से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान 30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जिसके तहत लड़ाई रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर चर्चा चल रही है। इसी दौरान स्थायी समझौते के लिए वार्ता जारी रहेगी।

दूसरी ओर इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष भी तेज हो गया है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने बेरूत में हमले के दौरान हिजबुल्लाह की रदवान यूनिट के कमांडर अहमद बलूत समेत कई बड़े कमांडरों को मार गिराया। जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली टैंक और सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।

इसके अलावा अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई नेटवर्क और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। इनमें इराक के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर अली मारीज अल-बहादली और कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये लोग तेल कारोबार के जरिए ईरान और उसके समर्थित संगठनों की मदद कर रहे थे।


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स्मार्ट मीटर का झंझट खत्म! यूपी में अब फिर पहले की तरह मिलेगा बिजली बिल

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़ी परेशानियों के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अब फिर से पोस्टपेड बिलिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष कैंप एवं सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। साथ ही 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।

प्रदेश के अलग-अलग डिस्कॉम क्षेत्रों के उपभोक्ता अब व्हाट्सएप के जरिए भी अपना बिजली बिल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए पूर्वांचल के उपभोक्ता 8010968292, मध्यांचल के 7669003409, पश्चिमांचल के 7859804803, दक्षिणांचल के 8010957826 और केस्को कानपुर के उपभोक्ता 8287835233 नंबर पर अपना कनेक्शन नंबर भेजकर बिल हासिल कर सकते हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। प्रदेश में अब तक लगाए गए 83 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को भी दोबारा पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। पावर कॉरपोरेशन के एमडी ने सभी डिस्कॉम कंपनियों को जून से पहले की तरह उपभोक्ताओं को नियमित बिल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

मई महीने में हुई बिजली खपत का बिल उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया तो अगले सात दिनों के भीतर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं 30 अप्रैल तक के बकाया बिल घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में और अन्य श्रेणी के उपभोक्ता तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे।

दरअसल, तकनीकी दिक्कतों और प्रीपेड मीटर से हो रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया था। इसके बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 4 मई को स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की थी। गुरुवार को पावर कॉरपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल डिस्कॉम और केस्को के अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।

निर्देशों में कहा गया है कि यदि स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग उपलब्ध नहीं हो तो मैनुअल रीडिंग के आधार पर हर हाल में 10 तारीख तक बिल जारी किया जाए। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं हैं या गलत दर्ज हैं, उन्हें संबंधित डिस्कॉम के व्हाट्सएप नंबर के जरिए अपडेट कराने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी बिजली बिल प्राप्त किया जा सकेगा।


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एमपी-यूपी में आंधी-बारिश से तापमान में 10°C तक गिरावट: गर्मी से मिली राहत

उत्तर प्रदेश, पाकिस्तान से सटे राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और गंगा के किनारे वाले पश्चिम बंगाल के इलाकों में आज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई जिलों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

शुक्रवार को मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश के बाद तापमान गिरकर 34°C तक पहुंच गया। उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बांदा, जहां सात दिन पहले तापमान 47.6°C दर्ज किया गया था, वहां 7 मई को तापमान घटकर 38°C रह गया।

हालांकि गुजरात और महाराष्ट्र में गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। गुजरात का राजकोट देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के नांदेड़ में बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने निजी कोचिंग संस्थानों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कक्षाएं बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने सुबह-शाम या ऑनलाइन क्लासेस चलाने को कहा है।

उत्तराखंड में भी मौसम खराब बना हुआ है। केदारनाथ में गुरुवार को ताजा बर्फबारी हुई, जबकि राज्य के कई हिस्सों में आज भी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है।

9 मई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

10 मई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गर्जना हो सकती है। पंजाब के पठानकोट, रूपनगर और मोहाली में भी तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण और मध्य बिहार में भी आंधी और बारिश का अनुमान है।


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ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी को अमेरिकी कोर्ट ने अवैध बताया

United States के एक फेडरल ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ये टैरिफ 1974 के व्यापार कानून के तहत वैध नहीं थे और प्रशासन कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लागू नहीं कर सकता।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक United States Court of International Trade ने कहा कि इस साल की शुरुआत में लागू किए गए टैरिफ कानून के अनुरूप नहीं हैं। ट्रम्प प्रशासन ने फरवरी में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए इन ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की थी।

प्रशासन ने अपने बचाव में Trade Act of 1974 Section 122 का हवाला दिया। सरकार का कहना था कि अमेरिका 1.2 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार घाटे और GDP के लगभग 4% के बराबर घाटे का सामना कर रहा है, इसलिए टैरिफ जरूरी थे। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा व्यापार घाटा कानून में तय आपात परिस्थितियों की श्रेणी में नहीं आता।

यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले Supreme Court of the United States ट्रम्प प्रशासन के कुछ टैरिफ फैसलों पर सवाल उठा चुका है। छोटे व्यापारियों ने अदालत में दलील दी थी कि नया 10% टैरिफ आदेश सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को दरकिनार करने की कोशिश था। कोर्ट ने माना कि प्रशासन ने कांग्रेस द्वारा दी गई सीमित शक्तियों से आगे बढ़कर कदम उठाया। हालांकि तीन सदस्यीय पैनल में एक जज ने असहमति जताते हुए कहा कि व्यापार मामलों में राष्ट्रपति को व्यापक अधिकार मिलने चाहिए।

ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर छोटे व्यापारियों और उद्योगों ने फैसले का स्वागत किया। Jay Foreman ने इसे अमेरिकी कंपनियों की बड़ी जीत बताया। उनका कहना है कि गैर-कानूनी टैरिफ की वजह से कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना और कारोबार बढ़ाना मुश्किल हो गया था। फैसले से अब सप्लाई चेन मैनेजमेंट में स्पष्टता आने की उम्मीद है।

इस फैसले का असर India पर भी पड़ सकता है। ट्रम्प पहले भी भारत के साथ व्यापार और टैरिफ को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। अगर अमेरिका की ग्लोबल टैरिफ नीति कमजोर पड़ती है, तो भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है। इससे भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार तक पहुंच आसान बनी रहेगी और अतिरिक्त लागत बढ़ने का खतरा कम होगा।

माना जा रहा है कि ट्रम्प प्रशासन इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा। मामला पहले United States Court of Appeals for the Federal Circuit में जाएगा और जरूरत पड़ने पर फिर से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है।

Trade Act of 1974 की धारा 122 राष्ट्रपति को अधिकतम 150 दिनों के लिए अस्थायी टैरिफ लगाने की अनुमति देती है, लेकिन इसका इस्तेमाल केवल गंभीर भुगतान संतुलन संकट या मुद्रा स्थिरता के खतरे की स्थिति में ही किया जा सकता है। वर्तमान में अमेरिका का माल व्यापार घाटा करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।


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प्रिंस ने कोहली को जीरो पर बोल्ड किया

IPL में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में Mitchell Marsh ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़ा, जबकि युवा गेंदबाज Prince Yadav ने Virat Kohli को शून्य पर बोल्ड कर बड़ा झटका दिया। मैच के दौरान Rishabh Pant के हाथ से बल्ला छूटने वाला मजेदार पल भी देखने को मिला।

लखनऊ की पारी के दूसरे ओवर में मार्श ने Josh Hazlewood की गेंद पर लगातार दो छक्के लगाए। दूसरा छक्का बाउंड्री लाइन के पास मौजूद कैमरामैन के सिर पर जा लगा, हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। बारिश ने भी मुकाबले में बार-बार बाधा डाली और पहली पारी के दौरान तीन बार खेल रोकना पड़ा।

17वें ओवर में ऋषभ पंत का बल्ला शॉट खेलते समय हाथ से छूट गया, लेकिन गेंद चौके के लिए चली गई। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर पंत को जीवनदान भी मिला, जब डीप मिडविकेट पर Jacob Bethell कैच पकड़ने में नाकाम रहे और उनकी उंगली में चोट लग गई।

दूसरी पारी में बेंगलुरु ने दूसरे ओवर में ही विराट कोहली का विकेट गंवा दिया। प्रिंस यादव की तेज गेंद अंदर आती हुई सीधे ऑफ स्टंप से टकराई और कोहली बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान Rajat Patidar ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए छक्के के साथ अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने Mayank Yadav की गेंद पर 101 मीटर लंबा छक्का भी लगाया।

मैच में कई रिकॉर्ड भी बने। मिचेल मार्श ने सिर्फ 49 गेंदों में शतक लगाकर लखनऊ के लिए सबसे तेज IPL सेंचुरी का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था। वहीं Bhuvneshwar Kumar IPL में 200 मैच खेलने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए।


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आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी, सीक्वल को लेकर बढ़ी उत्सुकता

भारतीय सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। आमिर खान ने खुद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि ‘इडियट्स’ की दुनिया एक बार फिर परदे पर लौटने वाली है। सोशल मीडिया पर इसे फिलहाल ‘4 इडियट्स’ के नाम से चर्चा मिल रही है और इंडस्ट्री में इसे 2026-27 के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।

निर्देशक राजकुमार हिरानी और लेखक अभिजात जोशी ने कहानी को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सीक्वल की कहानी पहली फिल्म के अंत के करीब 10 से 15 साल बाद की होगी, जहां रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी होगी। कहानी इस बात को दिखाएगी कि सफलता के बाद भी नई चुनौतियां कैसे उन्हें फिर एक साथ लाती हैं और बदलते समय में शिक्षा व्यवस्था से उनका टकराव कैसे होता है। आमिर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कहानी का नरेशन सुन लिया है और यह बेहद अतरंगी है।

फिल्म के लिए कई मीटिंग्स हो चुकीं

रोचक ये भी है कि हिरानी के साथ ‘संजू’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके विकी को स्क्रिप्ट काफी पसंद आई है। बताया जा रहा है कि उनका किरदार कहानी में एक नया इमोशनल और फ्रेश एंगल जोड़ेगा। विकी, आमिर और हिरानी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर कई दौर की मीटिंग्स भी हो चुकी हैं। विकी ने मौखिक तौर पर भूमिका के लिए हामी भर दी है। शूटिंग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है।

इस बार फिल्म का नाम ‘4 इडियट्स’ रखने के पीछे की वजह भी काफी दिलचस्प बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो कहानी इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक दौर की ‘प्रेशर कुकर’ वाली शिक्षा प्रणाली पर टारगेट करेगी। सीक्वल इस बात पर केंद्रित हो सकता है कि कैसे डिजिटल दुनिया में मशीन बनने की दौड़ ने इंसानी जज्बातों को पीछे छोड़ दिया है।

विकी कौशल भी बन सकते हैं फिल्म का हिस्सा

फिल्म की कास्टिंग को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है। आमिर एक बार फिर रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू के किरदार में नजर आएंगे, यह लगभग तय हो चुका है। वहीं आर. माधवन और शरमन जोशी की वापसी को लेकर आधिकारिक घोषणा भले न हुई हो, लेकिन तीनों एक्टर्स ने एक साथ शूट करने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। सीक्वल में सबसे बड़ा बदलाव ‘चौथे इडियट’ की एंट्री को लेकर बताया जा रहा है। चर्चा है कि राजकुमार हिरानी इस नई भूमिका के लिए विकी कौशल को कास्ट कर सकते हैं।


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