वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के ‘प्लस’ वर्जन आएंगे, इस्तेमाल के लिए देने होंगे पैसे

कल की बड़ी खबर इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप से जुड़ी रही। इनकी पेरेंट कंपनी मेटा ने इनके लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इसके अलावा मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) से लगातार छठे साल भी कोई सैलरी नहीं ली है।

कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां…

शेयर बाजार आज गिरावट देखने को मिल सकती है।

पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ।

1. वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के प्लस वर्जन आएंगे, इसके पैसे लगेंगे:24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी, पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना पाएंगे

सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे।यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई का नया जरिया बनाने की रणनीति का हिस्सा है।


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सिनेमाघरों में फिर दिखेगा ‘मुन्ना भैया’ का भौकाल, बड़े पर्दे पर वापसी को लेकर बढ़ी उत्सुकता

ओटीटी पर भौकाल टाइट करने वाली सीरीज मिर्जापुर का लगभग हर कोई दीवाना है। इस सीरीज ने हर तरफ खूब सुर्खियां बटोरीं और अब जल्द ही इस सीरीज का फिल्मी रूप हमें बड़े पर्दे पर दिखने वाला है। 'मिर्जापुर: द मूवी' को लेकर इस वक्त खूब चर्चा हो रही है और अब खुद 'मुन्ना त्रिपाठी' ने फिल्म को लेकर एक जबरदस्त जानकारी साझा की है।

कैसी होगी 'मिर्जापुर: द मूवी'?

OTT पर गदर काटने के बाद मिर्जापुर द मूवी के लिए दर्शकों को लंबे वक्त से इंतजार है। हर किसी को उम्मीद है कि इस बार फिल्मी वर्जन में हमें क्या नया देखने को मिलेगा। 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur: The Movie) में इस बार कहानी आगे बढ़ेगी और इस बार की कहानी में कई नए दांव-पेंच होंगे।

हाल ही में फिल्म को लेकर एक एक्सक्लुसिव जानकारी हमारे हाथ लगी है। दरअसल दैनिक जागरण के साथ बातचीत में दिव्येंदू शर्मा ने बताया कि इस बार फिल्म में क्या होगा। फिल्म में मुन्ना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाले दिव्येंदू ने बताया कि, जो जादू मिर्जापुर सीरीज के पहले सीजन में हुआ और इस बार वही होगा।

इसके अलावा दिव्येंदू ने इस इंटरव्यू में हालिया Netflix रिलीज ग्लोरी को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वो बेहद खुश हैं कि, उन्हें 'ग्लोरी' (Glory) को लेकर इतना प्यार मिला है।

आपको बता दें कि इस बार, सीरीज से इतर फिल्म को और भी ज्यादा जबरदस्त तरीके से बनाया गया है और मेकर्स इसे कहीं बड़े लेवल पर ले जाने के लिए तैयार है। इस फिल्म का मकसद इसे पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, डार्क और सिनेमैटिक बनाना है। जबरदस्त एक्शन, अल्टीमेट ड्रामा और कहानी में नए किरदारों की एंट्री के साथ-साथ फैंस के पसंदीदा चेहरों की वापसी के साथ, यह फिल्म मिर्जापुर की दुनिया में भौकाल मचाएगी।

फिल्म में पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi), अली फजल (Ali Fazal), दिव्येंदु, अभिषेक बनर्जी, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, सोनल चौगान, राजेश तैलंग और कुलभूषण खरबंदा समेत कई स्टार्स दिखने वाले हैं।

फिल्म को गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है तो वहीं रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले ये फिल्म बन रही है। 4 सितंबर 2026 को फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देगी।


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एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी विनेश फोगाट, खेल जगत में बढ़ी हलचल

विनेश फोगाट के एशियाई गेम्‍स में हिस्‍सा लेने की उम्‍मीदों को बल मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विनेश फोगाट को एशियाई गेम्‍स 2026 के ट्रायल्‍स में हिस्‍सा लेने की अनुमति दे दी है। स्‍टार महिला पहलवान 30 मई से शुरू होने वाले ट्रायल्‍स में हिस्‍सा लेने के लिए योग्‍य हो गईं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'अगर कोई और होता तो मामला कुछ और होता। उन्‍होंने देश को गौरवान्वित किया है।' हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने इस मामले की जांच करने के तरीके और पद्धति पर गहरी चिंता व्यक्त की। इसमें कहा गया कि ऐसे मामलों में अदालतों का आसान और त्वरित हस्तक्षेप एक समस्या है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के पहलवान को खेलने की अनुमति देने के फैसले को चुनौती देने वाली डब्ल्यूएफआई द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान विनेश फोगाट से कहा, 'आप शानदार एथलीट हैं, लेकिन देश पहले।'

पीएस नरसिम्हा ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी की, 'यह मेडिकल कॉलेज के एडमिशन नहीं। यह राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए कि इस तरह के मामलों में कोर्ट दखल दे और पूरे कार्यक्रम को बाधित करें।'


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अमेरिका में 250 डॉलर के नोट पर ट्रम्प की तस्वीर लगाने की तैयारी

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट को जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। ट्रम्प सरकार का कहना है कि अगर कांग्रेस (संसद) कानून बदल देती है, तो नया नोट छापने का रास्ता साफ हो जाएगा।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि अभी अमेरिका में एक नियम है, जिसके तहत किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर नोट पर नहीं छापी जा सकती। इसी नियम में बदलाव की कोशिश चल रही है।

अगर प्रस्ताव पास हो जाता है, तो ट्रम्प अमेरिकी नोट पर छपने वाले 150 साल से ज्यादा समय बाद पहले जीवित व्यक्ति होंगे।

2026 में अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे रहे

बेसेंट ने बताया कि 2026 में अमेरिका अपनी स्थापना के 250 साल पूरे करेगा। ऐसे मौके पर उस समय के राष्ट्रपति की तस्वीर वाला स्मारक नोट जारी करने में कुछ गलत नहीं है। हालांकि फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव है और इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) को नए नोट का डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित डिजाइन में ट्रम्प की तस्वीर नोट के बीच में रखी गई है।

रिपब्लिकन सांसद विल्सन ने पेश किया था बिल

ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट का प्रस्ताव पिछले साल साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने पेश किया था। फरवरी 2025 में इस बिल को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया था। अब इसे कानून बनने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट दोनों से मंजूरी लेनी होगी।

इससे पहले मार्च में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की थी कि अमेरिकी नोटों पर ट्रम्प के हस्ताक्षर भी जोड़े जाएंगे। इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ समारोह से जोड़कर देखा जा रहा है।

ट्रेजरी विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) इस प्रस्ताव को लेकर शुरुआती तैयारी और जांच कर रही है।

विभाग का कहना है कि अगर कानून पास हो जाता है, तो अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर ट्रम्प की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए यह नोट जारी किया जाएगा।

दावा- ट्रम्प ने खुद दिए डिजाइन के सुझाव

250 डॉलर के नोट का शुरुआती डिजाइन बनाने वाले ब्रिटिश कलाकार इयान एलेक्जेंडर ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद इस डिजाइन को देखा और उसमें कुछ बदलाव सुझाए।

एलेक्जेंडर के मुताबिक, ट्रम्प चाहते थे कि नोट में अमेरिकी झंडे के रंग और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का खास लोगों को भी शामिल किया जाए।

इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी बहस भी तेज हो सकती है। ट्रम्प समर्थक इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ा खास सम्मान बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे परंपरा तोड़ने वाला कदम मान रहे हैं।

नया नोट छापने में 6-8 साल लग सकते हैं

ट्रम्प की तस्वीर वाला नया नोट जारी करना आसान नहीं होगा। इसे तैयार करने और बाजार में लाने में 6 से 8 साल तक लग सकते हैं। करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) के अधिकारियों के मुताबिक, नए हाई-वैल्यू नोट को जारी करने के रास्ते में कई कानूनी और तकनीकी चुनौतियां हैं।

एजेंसी की पूर्व डायरेक्टर पैटी सोलिमेन ने अधिकारियों को बताया था कि किसी नए नोट के डिजाइन, मंजूरी और प्रिंटिंग की पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 6 से 8 साल लगते हैं।

एक कर्मचारी के मुताबिक, अधिकारियों ने साफ कहा था कि फिलहाल ऐसे नोट को जारी करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा इस मुद्दे पर सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों के बीच औपचारिक बैठक भी अभी तक नहीं हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया कि सोलिमेन और उनकी टीम ने प्रशासन की एक दूसरी मांग मान ली थी, जिसके तहत ट्रम्प के हस्ताक्षर वाले 100 डॉलर नोट छापे जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो अमेरिकी इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करेंसी पर होंगे।

अमेरिकी करेंसी पर जीवित व्यक्ति की तस्वीर क्यों नहीं छपती?

1866 से अमेरिकी कानून जीवित व्यक्ति की तस्वीर छापने पर रोक लगाता है।

यह नियम सत्ता के दुरुपयोग और व्यक्तिपूजा रोकने के लिए बनाया गया था।

अमेरिकी नोटों पर आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपति और ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीर होती है।

नई करेंसी डिजाइन और प्रिंटिंग प्रक्रिया में कई साल लगते हैं।


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IPL में स्मार्ट सनग्लास पर रोक, खिलाड़ियों को मैदान पर इस्तेमाल की अनुमति नहीं

BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने IPL मैच के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए स्मार्ट सनग्लास के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने 18 मई को सभी टीमों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। यह जानकारी शुक्रवार को सामने आई।

इसके अनुसार मैच के दिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैदान के अंदर ड्रेसिंग रूम और डगआउट में जाने से पहले अपने फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट सनग्लास को सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) के पास जमा कराने होंगे। नहीं तो कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाया जाएगा।

प्लेयर्स के देर रात बाहर जाने और होटल रूम में मेहमान बुलाने पर भी रोक लगाई गई है। हाल के दिनों में IPL में कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं। इसी वजह से बोर्ड ने एंटी करप्शन नियमों में सख्ती की है।

वे घटनाएं, जिनके बाद BCCI को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी…

10 अप्रैल : गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर RCB के खिलाफ मैच में मोबाइल चलाते दिखे थे। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।

28 अप्रैल : न्यू चंडीगढ़ में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते नजर आए थे। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है।

कई मौकों पर खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य और गर्लफ्रेंड्स को मैदान, टीम बस और होटल जैसे रिस्ट्रिक्टेड एरिया में देखा गया है।

बोर्ड ने सनग्लास को कम्युनिकेशन डिवाइस माना

बोर्ड ने स्मार्ट सनग्लास को ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। क्योंकि, ये मोबाइल डेटा और वाई-फाई से कम्युनिकेशन कर सकते हैं। इनमें लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेजिंग और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग की सुविधाएं होती हैं। जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ हैं।

सुरक्षा को लेकर पहले भी रहे हैं सख्त नियम

BCCI IPL की साख को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका बढ़ गई है। हर टीम के साथ एक डेडिकेटेड अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। मौजूदा रिपोर्ट बताती है कि इस बार निगरानी तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश हुई, जिसे बोर्ड शुरुआती स्तर पर रोकना चाहता है।


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बिहार में भारी बारिश का कहर, 20 जिलों में दिन में छाया अंधेरा

बिहार में शुक्रवार को आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। पटना, खगड़िया,रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, छपरा समेत 20 जिलों में सुबह पहले अंधेरा छा गया फिर तेज बारिश हुई। राज्य में बिजली गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई।

काले बादलों की वजह से गाड़ियों की लाइट जलाकर लोग सफर करते देखे गए। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में अगले 3 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उधर, मध्य प्रदेश में ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में दिन में हीटवेव चलेगी, जबकि शाम को बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।

यूपी में गर्मी के बजाय बारिश-आंधी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, प्रयागराज, झांसी और चंदौली में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। 100kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं।

हमीरपुर में तूफान के चलते अंडर कंस्ट्रक्शन पुल गिर गया। जिसमें 6 की मौत हो गई। लखनऊ में रेलवे स्टेशन का टिन शेड गिर गया। 2 लोग घायल हुए। राजस्थान में 12 जिलों में बारिश हो सकती है।


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यूपी में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, हादसे में 6 मजदूरों की मौत

यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात 2 बजे गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को निकाला। साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला।

उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने  बताया कि आंधी-बारिश के कारण स्लैब गिरा और नीचे सो रहे मजदूर दब गए। हादसे के बाद सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। डीपीएम दिलीप कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक, हमीरपुर में देर रात 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी। हादसा शहर से 25 किमी. दूर ललपुरा इलाके में हुआ। मृतकों में 4 बांदा और 2 हमीरपुर के रहने वाले थे। SDRF के अधिकारियों ने बताया कि रात ढाई बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है।

उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम पुल का निर्माण करवा रहा है। इसकी लागत 90 करोड़ रुपए है। 700 मीटर लंबा दो लेन का ब्रिज मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2026 तक इसे पूरा किया जाना है।


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मानसून की रफ्तार धीमी, अब 7 दिन बाद केरल पहुंचेगा मॉनसून

देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।

केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। ताजा अनुमान के मुताबिक अब यह 7 दिन बाद केरल तट पर पहुंचेगा। यानी, पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा।

IMD के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।

इस साल बारिश भी 10% तक कम होगी

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। जो सामान्य से करीब 10% कम है। 13 अप्रैल को 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।

जून में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में कम बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।

देश के कोर जोन में कम बारिश से खेती पर सीधा असर

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यानी बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है।

मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं। यहां खेती पर असर पड़ने से किसानों को सीधा नुकसान होगा।

कमजोर मानसून, कम बारिश का आम आदमी पर असर…

देश में कुल बारिश का करीब 75% हिस्सा मानसून के दौरान होता है, जो सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है।

करीब 64% आबादी कृषि पर निर्भर है। सिर्फ 55% खेती योग्य जमीन ही सिंचाई से कवर है।

कम बारिश का असर खरीफ सीजन की बुवाई, फसल उत्पादन और कुल कृषि गतिविधियों पर पड़ेगा, जिससे किसानों की लागत और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

बारिश कम होने से उत्पादन घट सकता है, जिसका असर सप्लाई पर पड़ेगा और इससे सब्जियों, दालों सहित खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

खेती कमजोर रहने पर गांवों में आय कम हो सकती है, जिससे ग्रामीण बाजार में खर्च और मांग दोनों प्रभावित होंगे।

ग्रामीण मांग में कमी आने पर ट्रैक्टर और टू-व्हीलर जैसे वाहनों की बिक्री पर भी असर पड़ने की संभावना है।

अगर बारिश कम रहती है तो डैम और जलाशयों का जलस्तर सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे आगे चलकर पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

कम बारिश और ज्यादा गर्मी की स्थिति में बिजली की खपत बढ़ेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तापमान ज्यादा रहता है।

पिछले साल 8 दिन पहले आया था मानसून

पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरलम पहुंच गया था। मानसून केरलम से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है।

इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरलम पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरलम पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरलम पहुंचा था।

इस साल अल-नीनो के चलते मानसून कमजोर पड़ेगा

मौसम विभाग ने कहा कि कमजोर मानसून के पीछे की वजह अल-नीनो है। जून में अल नीनो का असर दिख सकता है। जुलाई और अगस्त में भी कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो बने रहने की संभावना है।

अल नीनो के कारण समुद्र का पानी असमान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिसके साथ हवा के पैटर्न में भी बदलाव आता है। इसके असर से दुनियाभर में बारिश का चक्र बिगड़ जाता है। कहीं भयंकर सूखा तो कहीं मूसलाधार बारिश और बाढ़ आती है।

सीधे शब्दों में कहें तो जब अल-नीनो एक्टिव होगा, तब प्रशांत महासागर से भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं को रोक देगा। इससे बारिश पर असर पड़ेगा।


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बकरीद आज: दिल्ली-यूपी में मस्जिदों पर ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। मुस्लिम धर्मावलंबी ईदगाहों में नमाज पढ़ने पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी हैं।

राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया। यूपी, बंगाल दिल्ली में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है। मस्जिदों और ईदगाहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

उत्तराखंड, चंडीगढ़ की मस्जिदों और ईदगाहों में इस बार नमाजी पोस्टर लेकर पहुंचे। जिन पर लिखा था- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें।

बकरीद के साथ ही हज यात्रा का समापन

ईद-उल-अजहा या बकरीद को 'बलिदान का त्योहार' भी कहा जाता है। यह इस्लामी हिजरी कैलेंडर के 12वें महीने, धू अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। यह मक्का में होने वाली सालाना हज यात्रा के समापन का प्रतीक है।

बकरीद की तारीख हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर पर आधारित होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 11 दिन छोटा होता है। इसका नतीजा यह होता है कि पश्चिमी कैलेंडर में ईद हर साल थोड़ा पहले आ जाती है।

बकरीद से जुड़े अपडेट्स…

केरलम के तिरुवनंतपुरम की पलयाम जुमा मस्जिद के इमाम ने नमाज के बाद नमाजियों से कहा कि दूसरे जिसकी पूजा करते हैं, उसका कभी अपमान नहीं करना चाहिए, ऐसा काम मजाक में भी नहीं करें।

मुंबई पुलिस ने गोरेगांव की एक हाउसिंग सोसाइटी में दो समुदायों के बीच इस मुद्दे पर हुई झड़प के बाद बकरे की कुर्बानी की रस्म रद्द कर दी गई है।

पंढरपुर में मुसलमानों ने बकरीद के मौके पर बकरे की कुर्बानी टाल दी, क्योंकि बकरीद और एकादशी एक ही दिन पड़ रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ताबड़तोड़ फायरिंग, सेना ने जंगल को चारों ओर से घेरा

जम्मू-कश्मीर के अंतर्गत राजौरी के दोरीमल जंगल इलाके में भारी गोलीबारी और जोरदार फायरिंग शुरू हो गई है। इस समय आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशनल शेरवाली अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के साथ-साथ, अतिरिक्त कुमक और लॉजिस्टिक मदद को भी मुठभेड़ वाली जगह पर तुरंत भेजा गया है, ताकि घेराबंदी को और मजबूत किया जा सके और आतंकियों को घने जंगल के रास्ते भागने से रोका जा सके।


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