बकरीद आज: दिल्ली-यूपी में मस्जिदों पर ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। मुस्लिम धर्मावलंबी ईदगाहों में नमाज पढ़ने पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी हैं।

राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया। यूपी, बंगाल दिल्ली में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है। मस्जिदों और ईदगाहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

उत्तराखंड, चंडीगढ़ की मस्जिदों और ईदगाहों में इस बार नमाजी पोस्टर लेकर पहुंचे। जिन पर लिखा था- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें।

बकरीद के साथ ही हज यात्रा का समापन

ईद-उल-अजहा या बकरीद को 'बलिदान का त्योहार' भी कहा जाता है। यह इस्लामी हिजरी कैलेंडर के 12वें महीने, धू अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। यह मक्का में होने वाली सालाना हज यात्रा के समापन का प्रतीक है।

बकरीद की तारीख हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर पर आधारित होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 11 दिन छोटा होता है। इसका नतीजा यह होता है कि पश्चिमी कैलेंडर में ईद हर साल थोड़ा पहले आ जाती है।

बकरीद से जुड़े अपडेट्स…

केरलम के तिरुवनंतपुरम की पलयाम जुमा मस्जिद के इमाम ने नमाज के बाद नमाजियों से कहा कि दूसरे जिसकी पूजा करते हैं, उसका कभी अपमान नहीं करना चाहिए, ऐसा काम मजाक में भी नहीं करें।

मुंबई पुलिस ने गोरेगांव की एक हाउसिंग सोसाइटी में दो समुदायों के बीच इस मुद्दे पर हुई झड़प के बाद बकरे की कुर्बानी की रस्म रद्द कर दी गई है।

पंढरपुर में मुसलमानों ने बकरीद के मौके पर बकरे की कुर्बानी टाल दी, क्योंकि बकरीद और एकादशी एक ही दिन पड़ रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ताबड़तोड़ फायरिंग, सेना ने जंगल को चारों ओर से घेरा

जम्मू-कश्मीर के अंतर्गत राजौरी के दोरीमल जंगल इलाके में भारी गोलीबारी और जोरदार फायरिंग शुरू हो गई है। इस समय आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशनल शेरवाली अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के साथ-साथ, अतिरिक्त कुमक और लॉजिस्टिक मदद को भी मुठभेड़ वाली जगह पर तुरंत भेजा गया है, ताकि घेराबंदी को और मजबूत किया जा सके और आतंकियों को घने जंगल के रास्ते भागने से रोका जा सके।


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पटना का नया ट्रेंड: एक बार चार्ज करो और 600 KM चलो, वेटिंग लिस्ट 100 पार

बढ़ते ईंधन संकट, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से डीजल-पेट्रोल की बचत तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील का असर अब राजधानी पटना के बाजार में साफ दिखाई देने लगा है।

शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रति लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि अब हर दिन बाजार से औसतन 40 से 50 चारपहिया और 60 से 70 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन निकल रहे हैं।

खासकर युवा, नौकरीपेशा लोग और महिलाएं इलेक्ट्रिक वाहनों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि मांग के अनुसार कंपनियों में 80-100 वाहनों की वेटिंग है।

डीलरों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि, कम मेंटेनेंस खर्च, पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने ईवी बाजार को नई रफ्तार दी है।

कई कंपनियां आसान फाइनेंस, एक्सचेंज ऑफर और मुफ्त चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी दे रही हैं, इससे ग्राहकों का आकर्षण और बढ़ गया है।

पटना में तेजी से बढ़ी ईवी की मांग, युवाओं और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी रुचि

80 से 100 वाहनों की प्रतीक्षा सूची चल रही है अभी विभिन्न कंपनियों के शोरूम में

40 से 50 चारपहिया वाहन की रोज हो रही बिक्री ईंधन की कीमत बढ़ने का प्रभाव

बिहार की राजधानी में हर दिन बिक रहे 60 से 70 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन

मांग के अनुरूप नहीं हो रही आपूर्ति, जल्द चार्ज होने वाले वाहन पहली पसंद

400 से 600 किलोमीटर रेंज वाली कारें बनी पसंद

लीडर महिंद्रा के संदीप सरस ने बताया कि कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की कीमत 16 लाख से 32 लाख रुपये तक है। कुछ मॉडल एक बार चार्ज होने पर करीब 600 किलोमीटर तक चल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हाई स्पीड चार्जर से वाहन 40 से 80 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 10 से 15 लोग गंभीरता से इनके बारे में जानकारी ले रहे हैं। जबकि दर्जनों बुकिंग लंबित हैं।

मारूति सुजुकी की इलेक्ट्रिक कारों को लेकर भी ग्राहकों में उत्साह बढ़ा है। अलंकार मोटर्स के अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि 61 किलोवाट बैट्री वाली कार लगभग 540 किलोमीटर तक का बैकअप दे रही है, जबकि 49 किलोवाट बैट्री वाली कार लगभग 450 किलोमीटर तक चल रही है।

दोपहिया ईवी की बिक्री में आया जबरदस्त उछाल

सिर्फ कार ही नहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की जा रही है। टीवीएस मोटर्स से जुड़े अमरजीत सिंह ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन मुश्किल से एक-दो इलेक्ट्रिक स्कूटर बिकते थे, वहीं अब हर दिन दर्जनों वाहन बिक रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त स्टाक मिल जाए तो दो से तीन दिनों में सभी वाहन बिक जाते हैं। डीलरों का कहना है कि लोगों को अब यह समझ में आने लगा है कि इलेक्ट्रिक वाहन लंबे समय में किफायती साबित हो रहे हैं

यही कारण है कि राजधानी में ईवी बाजार लगातार विस्तार कर रहा है और आने वाले दिनों में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।


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खंभात की खाड़ी में बनेगा भारत का सबसे लंबा पुल, भावनगर से भरूच की दूरी 45 मिनट में होगी पूरी

 गुजरात के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के करोड़ों लोगों को सालों की परेशानी से आजादी दिलाने के लिए एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना पर अपनी मुहर लगा दी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने खंभात की खाड़ी पर एक शानदार और अत्याधुनिक सी ब्रिज बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। यह कनेक्टिविटी जामनगर-भावनगर-भरूच हाई-स्पीड कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा बनेगी।

सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा 6 घंटे का सफर

अभी, भावनगर से भरूच या सूरत जाने के लिए बगोदरा या वडोदरा होते हुए लंबा रास्ता लेना पड़ता है, जिसमें लगभग 7 से 8 घंटे लगते हैं। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे और PM गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे सी-ब्रिज के बनने के बाद यह दूरी सिर्फ 45 मिनट से 1 घंटे में तय की जा सकेगी।

इस हाईवे प्रोजेक्ट की वजह से भावनगर और सूरत के बीच की दूरी लगभग 240 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे गाड़ी चलाने वालों के करोड़ों रुपये का फ्यूल बचेगा।

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) का टूटेगा रिकॉर्ड

मौजूदा समय में भारत की सबसे लंबा सी-ब्रिज मुंबई का 'अटल सेतु' (21.8 km) है। लेकिन खंभात की खाड़ी पर बनने वाला यह अद्भुत ब्रिज लगभग 30 किलोमीटर लंबा होगा, जो बनने के बाद भारत का सबसे लंबा सी-ब्रिज बन जाएगा। यह छह लेन का हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे सूरत के पास के इंडस्ट्रियल इलाकों और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ेगा।

व्यापार और रोजगार को मिलेगा बूस्टर डोज

यह प्रोजेक्ट न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि गुजरात के आर्थिक क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित होगा।

अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड: भावनगर में अलंग यार्ड और आस-पास की इंडस्ट्रीज़ के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में भारी कमी आएगी।

सेमीकंडक्टर हब कनेक्टिविटी: यह रूट धोलेरा सेमीकंडक्टर हब को सीधे साउथ गुजरात के हजीरा और अंकलेश्वर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया से जोड़ेगा।

टूरिज्म डेवलपमेंट: सौराष्ट्र की धार्मिक जगहें (जैसे सोमनाथ और द्वारका) साउथ गुजरात के टूरिस्ट के बहुत करीब आ जाएंगी।

अभी क्या स्टेटस है?

सरकार ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तेजी से तैयार करने के लिए एजेंसियों से बिड मंगाने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। DPR के जरिए मरीन इको-सिस्टम, हाइड्रोलॉजिकल सर्वे, जमीन अधिग्रहण और एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस समेत सभी टेक्निकल पहलुओं की गहराई से स्टडी की जाएगी। रिपोर्ट फाइनल होने के तुरंत बाद ग्राउंड लेवल पर कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।


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तंदूर की तरह तप रहा देश, पारा 47 डिग्री के पार; मौसम विभाग का ‘भीषण लू’ रेड अलर्ट जारी

भारत एक बार फिर भीषण लू की चपेट में है और अत्यधिक तापमान के कारण गर्मी से जुड़ी बीमारियों और मौतों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों में इस समय लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है, जिससे हीटस्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा और बढ़ जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब देश में लू लगने से होने वाली मौतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

साल 2024 में लू लगने से 1,832 लोगों की मौत हुई थी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में साल 2024 के दौरान लू लगने से 1,832 लोगों की मौत हुई। यह पिछले दो दशकों में दर्ज सबसे ज्यादा वार्षिक मौतों में से एक है। इससे पहले 2015 में अत्यधिक गर्मी के कारण 1,908 लोगों की जान गई थी।

कोरोना महामारी के दौरान लू से मौतों में कुछ गिरावट देखने को मिली थी। साल 2021 में यह संख्या घटकर 374 रह गई थी, लेकिन उसके बाद आंकड़े फिर तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान के संपर्क में रहना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो लू से होने वाली मौतों का असर सभी वर्गों पर समान रूप से नहीं पड़ा। पुरुषों में मौतों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज की गई। खासकर कामकाजी उम्र के लोगों में इसका असर सबसे अधिक देखने को मिला। 30 से 44 साल के आयु वर्ग में लू लगने से 525 पुरुषों की मौत हुई, जबकि 45 से 59 साल के आयु वर्ग में यह आंकड़ा बढ़कर 577 तक पहुंच गया।

29 मई के बाद तापमान में आएगी धीरे-धीरे गिरावट

वहीं, इन दोनों आयु वर्गों में महिलाओं की मौतें काफी कम दर्ज की गईं। विशेषज्ञ इसकी सबसे बड़ी वजह बाहरी संपर्क और कामकाजी परिस्थितियों को मानते हैं। इन आयु वर्गों के पुरुषों के बाहर काम करने, धूप में ज्यादा समय बिताने और शारीरिक मेहनत वाले कामों में लगे होने की संभावना अधिक होती है। यही कारण है कि भीषण गर्मी के दौरान उनके प्रभावित होने का खतरा भी ज्यादा रहता है।

यह अंतर कम उम्र के युवाओं में भी साफ दिखाई देता है। 18 से 29 साल के आयु वर्ग में 152 पुरुषों की मौत दर्ज की गई, जबकि महिलाओं की मौतों का आंकड़ा केवल 23 रहा। इससे साफ संकेत मिलता है कि बाहर के वातावरण में लंबे समय तक रहना और शारीरिक सक्रियता का स्तर, गर्मी से होने वाले खतरों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि मौसम विभाग ने 29 मई से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन कुल मिलाकर देश में बढ़ती लू की घटनाएं और उनका तीव्र होता असर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की घटनाएं ज्यादा बार और ज्यादा तीव्र होती जाएंगी, वैसे-वैसे इसका मानवीय नुकसान भी बढ़ेगा। खासकर उन लोगों के लिए खतरा ज्यादा रहेगा, जो लंबे समय तक धूप और अत्यधिक तापमान के संपर्क में रहते हैं।


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कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक बदलाव, सिद्दरमैया ने दिया इस्तीफा; डीके शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्री

गुरुवार सुबह बेंगलुरु में सीएम आवास पर हुई ब्रेकफास्ट मीटिंग के बद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के इस्तीफे देने का फैसला ले लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने अपने आवास पर आयोजित नाश्ते के दौरान अपने कैबिनेट सहयोगियों को अपने इस्तीफे के फैसले की जानकारी दी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, "मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है। राज्यपाल यहां नहीं हैं, वे आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने इस्तीफा उनके कार्यालय में जमा कर दिया।"

कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर ने कहा, "मुझे सिद्धरमैया का मुख्यमंत्री के तौर पर मिल गया है। लेकिन राज्यपाल के लौटने के बाद ही वे इसे स्वीकार कर सकते हैं।"

सिद्दरमैया ने क्यों लिया इस्तीफा देने का फैसला

कुछ सूत्रों का संकेत है कि सिद्दरमैया ने इस्तीफा देने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि हो सकता है क्योंकि यह संदेश सीधे पार्टी के शीर्ष नेता, राहुल गांधी की ओर से आया था। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने बार-बार कहा है कि यदि लोकसभा में विपक्ष के नेता उनसे ऐसा करने को कहेंगे, तो वह इस्तीफा दे देंगे।

पार्टी ने मंगलवार को सिद्दरमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और पार्टी के महासचिवों के.सी. वेणुगोपाल और सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई एक तस्वीर में, सिद्धारमैया को भावुक शिवकुमार को गले लगाते हुए देखा जा सकता है। एक अन्य तस्वीर में, मुख्यमंत्री पद के दावेदार शिवकुमार को सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हुए देखा जा सकता है।

बताते चलें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिद्दरमैया को राज्यसभा की सीट और पार्टी में बड़ी राष्ट्रीय भूमिका की पेशकश की है, लेकिन बताया जा रहा है कि सिद्दरमैया इस केंद्रीय भूमिका को स्वीकार नहीं किया है।

जैसे-जैसे दक्षिणी राज्य में नए मुख्यमंत्री की उम्मीद में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है, कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने राज्य में अपने विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और अभी तक कोई अन्य निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे पर अटकलें न लगाने का अनुरोध किया। 


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29 मई से 5 जून तक प्री-मानसून बारिश के आसार, कई राज्यों में बदलेगा मौसम

तेज गर्मी से जूझ रहे देश के 80-90% हिस्से में 29 मई से 5 जून तक प्री-मानसून बारिश हो सकती है। यह बारिश इसलिए अहम है, क्योंकि मानसून अभी केरल नहीं पहुंचा है। यहां 14 तय स्टेशनों में लगातार दो दिन 2.5 mm बारिश होने पर मानसून पहुंचने का ऐलान किया जाता है।

मौसम विभाग ने 26 मई को मानसून पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन यहां नमी कमजोर होने से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं, दक्षिण-मध्य अरब सागर में चक्रवाती सर्कुलेशन से भी बादल कमजोर हुए हैं।

यूरोप की मौसम एजेंसी यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स ने सैटेलाइट, समुद्री और वायुमंडलीय डेटा को मिलाकर भारत में 15 दिनों की बारिश का पूर्वानुमान निकाला है। इसमें अगले 8 दिनों में दक्षिण भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी के इलाकों में ज्यादा बारिश के संकेत हैं।

उत्तर प्रदेश का बांदा में 47.4°C पारा, फिर देश में सबसे गर्म

उत्तर प्रदेश का बांदा एक बार फिर मंगलवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां पारा 47.4°C पहुंच गया। लगातार नवें दिन यहां तापमान 47°C के पार पहुंचा। बांदा के अलावा उत्तर प्रदेश के पांच और जिलों में तापमान 45°C से ज्यादा रहा, इनमें उरई 45.8°C, झांसी 45.5°C, प्रयागराज 45.4°C, आगरा 45.3°C और हमीरपुर 45.2°C शामिल हैं।

राजस्थान का श्रीगंगानगर 47°C तापमान के साथ देश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। बीकानेर और फलोदी में अधिकतम तापमान 46°C रहा। जैसलमेर में 45.6°C और कोटा में 45.4°C रहा। जयपुर में भी 43.2°C था।

महाराष्ट्र के कई जिलों में भी तापमान 45°C से ऊपर पहुंच गया। ब्रह्मपुरी में पारा 46.6°C पहुंचा, जो सामान्य से 3.5°C था। इसके अलावा चंद्रपुर में 46.4°C, वर्धा में 46°C, नागपुर के सोनेगांव में 45.5°C और गोंदिया में 45.2°C रहा।

हरियाणा में सिरसा 46°C, रोहतक में 45.6°C और पंजाब के बठिंडा में 45.8 तक पहुंचा। दिल्ली में भी अधिकतम तापमान 43.5°C रहा, जो सामान्य से 3.1°C ज्यादा था।

28 मई

छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और यूपी में हीटवेव का अलर्ट है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में गर्मी रहेगी।

गुजरात और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है।

हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब में ओले गिरने के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट।

बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, यूपी समेत कई राज्यों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।

29 मई

राजस्थान के कुछ हिस्सों में हीटवेव का असर जारी रह सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और मध्य भारत के कई इलाकों में गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।

गुजरात और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है।

हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आंधी और कुछ जगह ओले गिरने का अलर्ट है। कई इलाकों में तापमान 3°C से 7°C तक गिर सकता है।

बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगह हल्की बारिश की संभावना है।


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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का दावा- वेबसाइट बंद, इंस्टाग्राम अकाउंट हुआ हैक

Cockroach Janta Party (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि उसका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और वेबसाइट भी बंद कर दी गई है। पार्टी ने सुबह X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके कुछ घंटे बाद संगठन के संस्थापक Abhijeet Deepke ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी वेबसाइट बंद कर दी, जिस पर करीब 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि वेबसाइट पर मौजूद एक ऑनलाइन याचिका में 6 लाख से अधिक लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “सरकार कॉकरोच से इतनी डरी हुई क्यों है?” और कहा कि अकाउंट बंद या हैक किए जा सकते हैं, लेकिन आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।

इस बीच प्रसिद्ध पर्यावरणविद और शिक्षाविद Sonam Wangchuk ने भी ‘कॉकरोच मूवमेंट’ का समर्थन किया। उन्होंने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि वह खुद को “ऑनरेरी कॉकरोच” मानते हैं।

CJP ने बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। संगठन के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसके फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ 20 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि X पर भी 2 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पिछले आठ दिनों में बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर किए गए पोस्ट तेजी से वायरल हुए हैं।

संगठन की शुरुआत 16 मई को हुई थी, जब अभिजीत दीपके ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। इसके बाद 18 और 19 मई से सोशल मीडिया पर इसके मीम्स और राजनीतिक पोस्ट चर्चा में आने लगे। 21 मई को CJP का पुराना X अकाउंट ब्लॉक हो गया था, जिसके बाद संगठन ने नया अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से शुरू किया।

इधर, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार को लेकर तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन भी दाखिल किए गए हैं। वहीं अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके स्क्रीनशॉट भी उन्होंने साझा किए हैं।

30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया रणनीतिकार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और फिलहाल Boston University में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। वह पहले Aam Aadmi Party के सोशल मीडिया कैंपेन से भी जुड़े रहे हैं।


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कांस 2026: सफायर ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर छाईं ऐश्वर्या राय

Aishwarya Rai Bachchan के कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 से लगातार ग्लैमरस लुक सामने आ रहे हैं। इस बार ऐश्वर्या ने रेड कार्पेट पर डिजाइनर Amit Aggarwal द्वारा डिजाइन किया गया शानदार सफायर ब्लू गाउन पहना, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शिमरी डिटेलिंग और फ्लोइंग ट्रेल वाले इस आउटफिट में ऐश्वर्या बेहद एलीगेंट और रॉयल नजर आईं।

इस खास मौके पर उनकी बेटी आराध्या बच्चन भी उनके साथ मौजूद रहीं। आराध्या ने भी अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर फैन्स इसे उनका अनऑफिशियल कांस डेब्यू मान रहे हैं।

ऐश्वर्या राय साल 2002 से लगातार Cannes Film Festival का हिस्सा रही हैं और हर साल अपने फैशन स्टेटमेंट से चर्चा बटोरती हैं। पिछले साल उन्होंने डिजाइनर Manish Malhotra की डिजाइन की हुई सफेद और गोल्डन साड़ी पहनी थी, जिसे रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ उन्होंने पारंपरिक अंदाज में कैरी किया था। उनका यह ट्रेडिशनल लुक काफी वायरल हुआ था।

वहीं, कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या ने डिजाइनर Gaurav Gupta के कलेक्शन की ब्लैक सीक्विन गाउन पहनी थी, जिसमें लंबी ट्रेल और मिनिमल जूलरी के साथ उनका ग्लैमरस अवतार देखने को मिला।

कांस फिल्म फेस्टिवल में ऐश्वर्या राय का सफर भारतीय सिनेमा के लिए भी खास रहा है। वह कांस की ज्यूरी का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री रही हैं। उनसे पहले फिल्मकार Mrinal Sen को 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था, जबकि Mira Nair पहली भारतीय महिला निर्देशक थीं जो ज्यूरी बनीं। बाद में Deepika Padukone, Vidya Balan और Sharmila Tagore भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुईं।

इधर, Alia Bhatt का कांस लुक भी काफी चर्चा में रहा। आलिया ने डिजाइनर Tarun Tahiliani की डिजाइन की हुई आइवरी साड़ी पहनकर फ्रेंच रिवेरा में भारत पवेलियन में शिरकत की, जहां उन्होंने फिल्ममेकर Ashutosh Gowariker के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।


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अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई, श्रद्धालुओं में उत्साह

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले शनिवार को पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग यानी ‘बाबा बर्फानी’ की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीरों में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग आकार लेता दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। सुरक्षा में तैनात जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

इस वर्ष Amarnath Yatra 2026 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। अब तक 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार यात्रियों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच सकती है।

अधिकारियों के मुताबिक यात्रा मार्ग पर अभी भी कई स्थानों पर 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है। हालांकि, Border Roads Organisation दोनों प्रमुख मार्गों—बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम ट्रैक—को बहाल करने के काम में तेजी से जुटा है। दावा किया गया है कि 15 जून तक दोनों रास्ते पूरी तरह तैयार कर दिए जाएंगे।

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू हुए थे। फिलहाल 5 से 30 लोगों के समूह के लिए पंजीकरण बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यक्तिगत और छोटे समूहों के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक प्रक्रिया जारी रहेगी। पंजीकरण Punjab National Bank, State Bank of India, J&K Bank और YES BANK की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से किया जा रहा है।

इस बार यात्रा मार्ग और बेस कैंप में सुविधाओं को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम, गर्म-ठंडे पानी और पैंट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने संवेदनशील और बाढ़ संभावित क्षेत्रों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए इस बार जोखिम वाले स्थानों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों को चौड़ा करने और पुलों को मजबूत बनाने का काम भी जारी है।


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