सोना-चांदी के भाव में लगातार तीसरे दिन गिरावट

नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 44 रुपये सस्ता होकर 1,33,151 रुपये पर आ गया है। इससे पहले यह 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।

वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 2,520 रुपये घटकर 2,27,900 रुपये हो गई है, जो एक दिन पहले 2,30,420 रुपये प्रति किलो थी। यह लगातार तीसरा दिन है जब सोने-चांदी के भाव में गिरावट देखी जा रही है।

इससे पहले 29 दिसंबर को कारोबार के दौरान सोना 1,38,161 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,43,483 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, जो दोनों धातुओं का अब तक का ऑल टाइम हाई स्तर रहा है।

2025 में रिकॉर्ड तेजी

पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत में करीब 57,033 रुपये (75%) की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गया।

इसी अवधि में चांदी के भाव में भी जबरदस्त उछाल आया। चांदी की कीमत 1,44,403 रुपये (167%) बढ़ी और 86,017 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,30,420 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।

अलग-अलग शहरों में दाम अलग क्यों?

IBJA द्वारा जारी किए गए रेट्स में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के दाम अलग हो सकते हैं। इन कीमतों का इस्तेमाल RBI द्वारा सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने में करते हैं।

सोने में तेजी के प्रमुख कारण

डॉलर में कमजोरी: अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना सस्ता निवेश विकल्प बना।

भूराजनैतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़ा।

सेंट्रल बैंक की खरीद: चीन समेत कई देश अपने रिजर्व में बड़ी मात्रा में सोना जोड़ रहे हैं, जिससे कीमतों को समर्थन मिला।

चांदी में तेजी के कारण

औद्योगिक मांग: सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी की खपत बढ़ी है।

टैरिफ का डर: अमेरिका में संभावित टैरिफ को लेकर कंपनियां चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं।

मैन्युफैक्चरिंग दबाव: सप्लाई बाधित होने के डर से पहले से खरीदारी बढ़ी है।

आगे क्या रहेगा रुझान?

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है और अगले एक साल में इसके 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, साल के अंत तक यह 2.10 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है।

सोने की बात करें तो इसकी मांग भी बनी हुई है और आने वाले समय में इसके 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है।