गिग वर्कर्स के लिए बड़ा फैसला, सोशल सिक्योरिटी के नए नियम जारी

सही वेतन, बेहतर कार्य परिस्थितियों और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान हड़ताल पर रहे गिग वर्कर्स के लिए राहत भरी खबर है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल सिक्योरिटी कोड (सेंट्रल) रूल्स, 2025 के ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी लाभ देने और उनके रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया गया है।

गिग वर्कर्स के लिए 10 बड़ी बातें

स्वास्थ्य, जीवन और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जैसे सोशल सिक्योरिटी लाभ पाने के लिए गिग वर्कर को कम से कम 90 दिन तक एक ही एग्रीगेटर के साथ काम करना होगा।

यदि कोई गिग वर्कर एक से अधिक एग्रीगेटर के साथ काम करता है, तो उसे पिछले वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर कम से कम 120 दिन काम करना अनिवार्य होगा।

किसी वर्कर को उस दिन से एग्रीगेटर से जुड़ा माना जाएगा, जिस दिन से वह कमाई शुरू करता है—चाहे कमाई की राशि कितनी भी हो।

जिस भी कैलेंडर दिन गिग वर्कर ने कमाई की होगी, वह दिन एलिजिबिलिटी के लिए गिना जाएगा।

यदि कोई वर्कर एक ही दिन में कई एग्रीगेटर्स के साथ काम करता है, तो हर एग्रीगेटर के लिए उसे अलग-अलग दिन के रूप में गिना जाएगा।

16 वर्ष से अधिक उम्र के गिग वर्कर्स को आधार नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

एग्रीगेटर्स को गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या यूनिक आईडी बनाने के लिए उनकी जानकारी एक सेंट्रल पोर्टल पर साझा करनी होगी।

हर योग्य और रजिस्टर्ड वर्कर को डिजिटल या फिजिकल पहचान पत्र दिया जाएगा, जिसमें फोटो और अन्य विवरण होंगे। यह कार्ड तय सेंट्रल पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार एक अधिकारी या एजेंसी को एग्रीगेटर्स से योगदान एकत्र करने और उसका प्रबंधन करने के लिए अधिकृत करेगी। यह योगदान गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए बनाए गए अलग सोशल सिक्योरिटी फंड अकाउंट में जमा किया जाएगा।

कोई भी रजिस्टर्ड वर्कर 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर या तय न्यूनतम कार्य अवधि पूरी न करने की स्थिति में सोशल सिक्योरिटी योजनाओं के लाभ के लिए पात्र नहीं रहेगा।