ताजमहल फ्री देखने का मौका, आगरा ट्रिप प्लान करें; शाहजहां-मुमताज की असली कब्र देख सकेंगे

मुगल शहंशाह शाहजहां का उर्स ताजमहल में 15 से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। तीन दिवसीय उर्स के दौरान पर्यटकों को ताजमहल में निश्शुल्क प्रवेश मिलेगा। इस खास मौके पर तहखाने में स्थित शाहजहां और मुमताज महल की असली कब्रों के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। ये कब्रें साल में केवल शाहजहां के उर्स के दौरान ही खोली जाती हैं। उर्स के दौरान गुस्ल, संदल और चादरपोशी की रस्में अदा की जाएंगी, जिसमें तीसरे दिन की चादरपोशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।

इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार रजब माह की 25, 26 और 27 तारीख को शाहजहां का उर्स मनाया जाता है। इस वर्ष ये तिथियां 15 से 17 जनवरी के बीच पड़ रही हैं। उर्स की शुरुआत 15 जनवरी को दोपहर दो बजे गुस्ल की रस्म से होगी, जिसमें कब्रों को सुगंधित जल से स्नान कराया जाएगा। इसके साथ कुरानख्वानी, मिलादुन्नबी और मुशायरा का आयोजन होगा। 16 जनवरी को दोपहर दो बजे संदल की रस्म अदा की जाएगी, जिसमें कब्रों पर चंदन का लेप लगाया जाएगा।

तीन दिवसीय उर्स के दौरान मुख्य मकबरे में दिनभर कब्बाली गूंजती रहेगी। 17 जनवरी को सुबह कुलशरीफ और कुरानख्वानी के बाद फातिहा पढ़ी जाएगी। इसके बाद दिनभर चादरपोशी की रस्में निभाई जाएंगी और पंखे चढ़ाए जाएंगे। फोरकोर्ट में लंगर का भी आयोजन किया जाएगा। उर्स के पहले और दूसरे दिन दोपहर दो बजे से ताजमहल बंद होने तक, जबकि तीसरे दिन सुबह से शाम तक तहखाने में स्थित शाहजहां और मुमताज की कब्रें पर्यटकों के लिए खुली रहेंगी। उर्स की सभी प्रमुख रस्में इन्हीं कब्रों पर अदा की जाती हैं।

उर्स के दौरान भारतीय और विदेशी पर्यटकों को निश्शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। पहले और दूसरे दिन दोपहर दो बजे से, जबकि तीसरे दिन सुबह से ही स्मारक में मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही मुख्य मकबरे में प्रवेश के लिए सामान्य दिनों में लागू 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट भी उर्स के दौरान नहीं लिया जाएगा।

दक्षिणी गेट को लेकर मांग

उर्स कमेटी ताजमहल के अध्यक्ष सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा एस. कुमार को उर्स के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें मांग की गई है कि उर्स के दौरान ताजमहल का दक्षिणी गेट स्मारक बंद होने तक खुला रखा जाए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उर्स के दौरान दक्षिणी गेट को शाम पांच बजे ही बंद कर दिया गया था।