बिहार में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5,277 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ICT लैब स्थापित की जाएगी। वहीं 6,113 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्माण किया जा रहा है, जिसका काम फरवरी तक पूरा होने की संभावना है। नए शैक्षणिक सत्र से इन स्मार्ट क्लास में पढ़ाई शुरू होगी।
माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए नवाचार भी लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत इंटीग्रेटेड साइंस लैब स्थापित की जा रही हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी जिलों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, डिजिटल पहल के तहत राज्य के 1,987 सरकारी विद्यालयों में ICT लैब संचालित की जा रही हैं, जिनमें 1,203 प्रारंभिक और 784 उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। वहीं, 2,739 प्रारंभिक विद्यालयों में 5,478 स्मार्ट क्लास चल रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4,621 माध्यमिक विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब स्थापित की गई थी, जिनमें से 4,563 विद्यालयों में कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष 3,991 माध्यमिक विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब के लिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हो चुकी है, और 1,529 विद्यालयों में लैब अधिष्ठापन का काम पूरा हो गया है। इसके अलावा 76 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लैब और रोबोटिक्स की स्थापना की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3,478 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फिजिक्स लैब, 3,508 में केमिस्ट्री लैब और 3,478 में बायोलॉजी लैब के निर्माण और संचालन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में 1,61,138 टैबलेट वितरित किए गए हैं। इसके माध्यम से शिक्षक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति और प्रधानमंत्री पोषण योजना का रियल-टाइम डिजिटल अनुश्रवण शुरू किया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में शेष सरकारी विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी।