ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में अब किसी की सिफारिश या गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। परिवहन विभाग ग्राम मसौरा में डीटीआई (ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर) बना रहा है। यह लगभग बनकर तैयार है। माना जा रहा है कि अगले एक महीने के भीतर यहां ड्राइविंग टेस्ट की नई और पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए परिवहन विभाग लगातार नए कदम उठा रहा है। स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने के लिए ग्राम मसौरा में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डीटीआई सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। प्राइवेट एजेंसी जवाहर ऑटो एन्जिनियरिंग वर्क्स को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
कंपनी ने कार्य की शुरुआत जनवरी 2024 में की थी। एक साल में यह कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। एक माह के भीतर यहां स्थाई ड्राइविंग लाइसंस के टेस्ट की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। 15 दिन ट्रायल के बाद आरटीओ के अधिकारी-कर्मचारी सेंसर व कैमरे लगे ट्रैक पर टेस्ट लेंगे।
व्यवस्था लागू होने के बाद लाइसेंस की पात्रता का निर्धारण क्षेत्रीय निरीक्षक (आरआई) के हाथ में नहीं रहेगा। सेंसर और कैमरे की निगरानी में परीक्षण होगा। इसमें पास होने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे न सिर्फ परिणाम में सटीकता बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
खास बात यह कि टेस्ट खत्म होने के एक मिनट बाद ही पंजीकृत फोन नम्बर पर पास या फेल का परिणाम मिल जाएगा। अगर पास हुए तो 15 दिन के अन्दर ही लाइसन्स सीधे घर पहुंचेगा।
कैसे होगा टेस्ट?
आवेदक को सेंसर युक्त ट्रैक पर गाड़ी चलानी होगी। अगर गाड़ी किसी पोल से टकराई, लाइन के बाहर गई या ढलान पर पीछे की ओर खिसकी, तो जमीन में लगे सेंसर तुरन्त कण्ट्रोल रूम को सिग्नल भेज देंगे। इसके अलावा ट्रैक पर किस स्पीड में किस गियर पर गाड़ी रही।
चढ़ाई आने पर वाहन किस तरह से चढ़ा, ब्रेक लगाने की जरूरत थी या नहीं, चढ़ाई पर वाहन पीछे की ओर तो नहीं गया, स्पीड में अचानक से ब्रेक तो नहीं लगाना पड़ा। यात्रा संकेतकों के मुताबिक स्पीड क्या रही, ढाल पर वाहन किस तरह से उतारा गया, ब्रेक किस तरह लगाए गए। लेफ्ट व राइट टर्न पर गाड़ी किस तरह से मोड़ी गई, इण्डिकेटर दिया गया या नहीं, आदि की जांच की जाएगी।
ट्रेक पर टेस्ट से क्या रहेगी पादर्शिता
- ड्राइविंग टेस्ट देने वाले की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग की जाएगी।
- कोई भी अपना या अपने परिवार के किसी भी सदस्य का ड्राइविंग टेस्ट देखना चाहेगा तो ऑनलाइन देख सकेगा।
- टेस्टिंग के सारे विवरण का प्रिन्टआउट लिया जाएगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
- ट्रैक में जगह-जगह सेन्सर लगेंगे, यदि चालक जरा सी गलती करेगा तो लाल बत्ती जलने लगेगी। गियर या ब्रेक लगाने या क्लच दबाने में चूक हुई तो सेंसर फेल कर देगा।
- ट्रैक पर पहुँचते ही वीडियोग्राफी होने लगेगी।
ऑटोमेटिक होगी व्यवस्था, देने होंगे विभिन्न तरह के सेन्सरयुक्त टेस्ट
ड्राइविंग ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट में बन रहे ट्रैक पर सेन्सर लगाने के बाद ड्राइविंग टेस्ट ऑटोमेटिक हो जाएगा। आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट के दौरान हिल, रोड साइड पार्किंग, ड्राइविंग के दौरान 8 बनाना, एस बनाना, एच बनाना एवं रिवर्स आदि के लिए सेन्सरयुक्त टेस्ट देना पड़ेगा। सभी टेस्ट सफलतापूर्वक पास करने के बाद ही आवेदकों का डीएल जारी किया जाएगा।
फेल होने पर 7 दिन बाद फिर होगा टेस्ट
सेन्सरयुक्त ट्रैक पर यदि फेल होते हैं तो आवेदकों को 7 दिन बाद फिर से मौका दिया जाएगा। इसके लिए उसे फॉर्म भरना होगा। इसमें केवल आवेदकों की ओर से ऑनलाइन टेस्ट की फीस जमा करनी पड़ेगी।
