दूषित पानी बना बीमारी की वजह: इंदौर में 110 मरीज भर्ती, 15 की हालत गंभीर

इंदौर के भगीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में दूषित पेयजल से जुड़े उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सोमवार को सामने आए है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दूषित पेयजल कांड में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि छह मरीजों को उपचार के लिए अस्पतालों में रेफर किया गया है, जबकि 110 मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से 15 मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। 

अब तक 7 मौतें- स्वास्थ्य विभाग

इंदौर संभागायुक्त सुदाम खाड़े ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 7 मौतें दर्ज की गई हैं। इससे एक दिन पहले तक अधिकारी 6 मौतों की पुष्टि कर रहे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों ने इस बीमारी से 17 लोगों की मौत का दावा किया है। 

‘कोबो टूल’ के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति का आकलन करने और प्रभावित क्षेत्र में क्लोरीनयुक्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भगीरथपुरा इलाके में ‘कोबो टूल’ के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार के क्षेत्रीय स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर चंद्रशेखर गेडाम द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से प्रशिक्षण दिया गया था। 

करीब 200 टीमों को किया गया तैनात

अधिकारियों ने कहा कि यह टूल क्षेत्र की स्थिति का रियल-टाइम आकलन करने में सहायक है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर माधव प्रसाद हासानी के निर्देश पर क्षेत्र में करीब 200 टीमों को तैनात किया गया। प्रत्येक टीम ने पूर्व-चिह्नित घरों का दौरा कर सर्वेक्षण किया। 

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बांटी किट

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रत्येक परिवार को ओआरएस के 10 पैकेट, जिंक की 30 गोलियां और एक ‘क्लीन वॉटर ड्रॉपर’ वितरित किया गया। निवासियों को 10 लीटर पानी में आठ से 10 बूंदें ‘क्लीन वॉटर’ द्रव डालकर एक घंटे बाद उपयोग करने की सलाह दी गई है।