अमेरिका का बड़ा कदम संभव, भारत पर 500% टैरिफ की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम बिल को मंजूरी दे दी है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिल में रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों—खासतौर पर भारत, चीन और ब्राजील—पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है।

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि बुधवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ हुई बातचीत के दौरान उन्होंने इस बिल को संसद में पेश करने की अनुमति दे दी। यह बिल पिछले कई महीनों से तैयार किया जा रहा था और इसे अगले सप्ताह संसद में वोटिंग के लिए लाया जा सकता है।

इस बिल का नाम ‘सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025’ रखा गया है। इसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बनाना है। अमेरिका का आरोप है कि इस तेल से मिलने वाली आय रूस को युद्ध जारी रखने में मदद कर रही है।

सीनेट में बिल को भारी समर्थन

रूस के खिलाफ प्रतिबंधों से जुड़ा यह एक बाइपार्टिसन यानी द्विदलीय बिल है, जिसे रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर पेश किया है। ग्राहम के मुताबिक, इस बिल के 85 सह-प्रायोजक हैं, यानी सीनेट के 80 प्रतिशत से अधिक सांसद इसके समर्थन में हैं।

बिल में राष्ट्रपति को विशेष छूट (प्रेसिडेंशियल वेवर) देने का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि ट्रम्प को रूस पर दबाव बनाने के लिए अतिरिक्त अधिकार मिल सकें।

रूसी तेल की वजह से भारत पर पहले से टैरिफ

रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका भारत पर पहले ही 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है। यदि नया बिल पास हो जाता है, तो भारत के लिए चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। फिलहाल भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लागू है।

इसका असर भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर भी पड़ा है। दोनों देशों के बीच इस टैरिफ विवाद को सुलझाने के लिए ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है।

भारत चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए और रूसी तेल पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को पूरी तरह हटाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल में इस बातचीत से कोई ठोस नतीजा निकल सकता है।

दावा: भारतीय राजदूत ने टैरिफ हटाने की अपील की

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया है कि 5 जनवरी को उन्होंने बताया था कि करीब एक महीने पहले वे भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के घर गए थे। इस मुलाकात में भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने को लेकर चर्चा हुई थी।

ग्राहम के अनुसार, भारतीय राजदूत ने उनसे राष्ट्रपति ट्रम्प तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया जाए।

भारत ने रूस से तेल आयात घटाया

भारत ने 2021 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल का आयात कम किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में भारत का रूसी तेल आयात करीब 17.7 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।

आने वाले महीनों में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी नीचे जा सकता है। नवंबर 2021 से रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों—रोसनेफ्ट और लुकोइल—पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद भारत का रूस से तेल आयात लगातार घटता जा रहा है।