थालापति विजय की सियासत बनी ‘जन नायकन’ फिल्म के लिए गले की फांस

साउथ सुपरस्टार थालापति विजय की फिल्म जन नायकन 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब तक इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिल पाई है। मामला मद्रास हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। ऐसे में फिल्म की रिलीज फिलहाल टल गई है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से अब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी गई। क्या इसके पीछे थालापति विजय की राजनीतिक सक्रियता है या फिर फिल्म की कहानी से जुड़ी आपत्तियां इस देरी का कारण बनी हैं।

जन नायकन को लेकर विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब मद्रास हाईकोर्ट ने आखिरी समय में फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया और मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की। विजय के समर्थकों का आरोप है कि फिल्म को जानबूझकर रोका जा रहा है और इसके पीछे अभिनेता की राजनीतिक एंट्री एक बड़ी वजह हो सकती है। समर्थकों का कहना है कि यह विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

सीबीएफसी ने फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। बोर्ड ने हिंसक दृश्यों और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका का हवाला देते हुए फिल्म को सर्टिफिकेट देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्म पर करीब 50 मिनट तक राजनीतिक प्रोपेगेंडा दिखाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं कारणों के चलते फिल्म की रिलीज अटकी हुई है। अब इस पूरे मामले पर 21 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हालांकि इससे पहले फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि थालापति विजय अपने फिल्मी करियर को अलविदा कहने की तैयारी में हैं और करीब 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी जन नायकन को उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। विजय ने वर्ष 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘मिलागा वेत्री कड़गम’ का गठन किया था और अब वह सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आखिरी फिल्म का विवादों में घिरना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर 21 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि जन नायकन को रिलीज के लिए हरी झंडी मिलती है या नहीं।