यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष 18 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने इस बार बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाली उत्तर पुस्तिकाओं के रंग, स्वरूप और डिजाइन में व्यापक बदलाव किया गया है। इस बार परीक्षार्थियों को रंगीन उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके।
इस बार बोर्ड परीक्षा में अब तक मिलने वाली चौड़ी फॉर्मेट की कॉपियों की जगह लंबाई वाले फॉर्मेट की उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। प्रत्येक पन्ने पर विशेष रंग की कोडिंग के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद का मोनोग्राम अंकित रहेगा। इससे डुप्लीकेट या नकली उत्तर पुस्तिकाएं तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा और हर कॉपी की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
जिले में इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 129 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 90,244 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 49,980 हाईस्कूल और 40,264 इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद मिश्र ने बताया कि नई व्यवस्था से नकल की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और अन्य गड़बड़ियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। नए लेआउट में परीक्षार्थियों को लिखने के लिए अधिक स्थान मिलेगा, जिससे उत्तर अधिक स्पष्ट, व्यवस्थित और पढ़ने में आसान होंगे। साथ ही हर स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
रंग कोडिंग के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान इस प्रकार की जाएगी—
इंटरमीडिएट की ‘ए’ कॉपी 24 पन्नों की होगी, जिसके पहले पृष्ठ पर मैजेंटा यानी गहरा बैंगनी रंग होगा। इंटरमीडिएट की ‘बी’ कॉपी 12 पन्नों की होगी और इसका रंग हरा रहेगा। हाईस्कूल की ‘ए’ कॉपी 18 पन्नों की होगी, जो भूरे रंग की होगी, जबकि हाईस्कूल की ‘बी’ कॉपी 12 पन्नों की होगी और वह हरे रंग में दी जाएगी।