भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को 2026 की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में पाकिस्तान की ओर से कोई भी दुस्साहस किया गया, तो भारतीय सेना उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सेना प्रमुख ने बताया कि खुफिया जानकारी के अनुसार कुल 8 सक्रिय आतंकी कैंप अब भी मौजूद हैं, जिनमें से 2 इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) सेक्टर और 6 लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) सेक्टर में स्थित हैं।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं—थल सेना, वायुसेना और नौसेना—के बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है। यह ऑपरेशन अत्यंत सटीकता के साथ योजनाबद्ध और क्रियान्वित किया गया। उन्होंने बताया कि पूरे ऑपरेशन में कुल 88 घंटे लगे, जबकि पहले 22 मिनट के भीतर ही मुख्य हमले शुरू कर दिए गए थे। इस कार्रवाई ने आतंकी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों की पोल खोल दी।
सेना प्रमुख के अनुसार, कुल 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें से 7 को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन के दौरान केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया गया, किसी भी आम नागरिक या पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना जमीनी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी शिविरों पर की गई कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। सेना प्रमुख ने कहा कि उन 88 घंटों के दौरान सेना की तैनाती इस तरह की गई थी कि अगर पाकिस्तान कोई भी गलती करता, तो भारत तत्काल जमीनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने की स्थिति में था।