राजस्थान के जयपुर में 78वें सेना दिवस पर पहली बार आर्मी एरिया से बाहर भव्य परेड का आयोजन किया गया। जगतपुरा स्थित महल रोड पर सुबह 10 बजे शुरू हुई परेड 11:25 बजे तक चली, जिसे देखने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। तीन किलोमीटर लंबी इस परेड में महल रोड, जीवन रेखा हॉस्पिटल और बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा शामिल थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे मार्ग पर पुलिस, सेना, डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर तैनात रहे।
परेड की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान हुए जवानों को सम्मान देने के साथ हुई। गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने सलामी दी, जबकि अशोक चक्र, परमवीर चक्र, कीर्ति चक्र और महावीर चक्र विजेता अफसरों ने परेड की अगुवाई की। इसमें 7 रेजिमेंट की टुकड़ियां शामिल रहीं, जिनमें दुनिया की एकमात्र एक्टिव घुड़सवार 61वीं कैवेलरी रेजिमेंट भी थी। नेपाल आर्मी बैंड ने भी परेड में भाग लिया।
इस ऐतिहासिक परेड में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, CDS जनरल अनिल चौहान समेत कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक अधिकारी मौजूद रहे। खास आकर्षण रही नवनिर्मित भैरव बटालियन, जिसने पहली बार सार्वजनिक परेड में हिस्सा लेकर सभी का ध्यान खींचा।