जम्मू में शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच 14 साल बाद रिकॉर्ड तोड़ ठंड दर्ज की गई। दिन का तापमान सामान्य से 10.1 डिग्री नीचे गिरकर 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो जनवरी में चौथा सबसे कम दिन का तापमान है। इससे पहले 2011 में जनवरी के दौरान दिन का न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस सीजन में जम्मू, श्रीनगर, पहलगाम और गुलमर्ग समेत पूरे प्रदेश में अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा।
ठंड और घने कोहरे के चलते रेल और हवाई सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। वहीं, रात के तापमान में तेज गिरावट से डल झील सहित कश्मीर के कई खुले जलाशय जम गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 16 जनवरी से मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा और 20 जनवरी तक कुछ इलाकों में बारिश व बर्फबारी की संभावना है।
हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 7 से 9 डिग्री ऊपर बना हुआ है। जम्मू में मकर संक्रांति के दिन पूरे दिन कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हुई और सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। कड़ाके की ठंड का असर बाजारों पर भी साफ दिखा। जम्मू में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री गिरकर 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि श्रीनगर में अधिकतम तापमान 13.3, पहलगाम में 10.6 और गुलमर्ग में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भीषण ठंड को देखते हुए जम्मू संभाग के समर जोन के सरकारी और निजी स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार यह फैसला छात्रों और शिक्षकों दोनों पर लागू होगा। हालांकि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं तय शेड्यूल के अनुसार ही होंगी। स्कूलों को छठी कक्षा से ऊपर ऑनलाइन कक्षाएं चलाने पर विचार करने को कहा गया है। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां भी तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।