सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड हाई, 1.45 लाख रुपये के पार पहुंचे दाम

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख किया।

सोमवार के ट्रेडिंग सत्र में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। एमसीएक्स गोल्ड फरवरी वायदा 2,438 रुपये यानी 1.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,44,955 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। स्पॉट गोल्ड 1.6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा और बाद में 4,670 डॉलर के आसपास स्थिर हो गया। इस दौरान सोने ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ।

चांदी की कीमतों में भी तेज तेजी देखने को मिली। मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 3,01,315 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया। एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा 13,062 रुपये यानी 4.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,00,824 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

सोने और चांदी में आई इस तेजी को उस वक्त और बल मिला, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक यूरोप के आठ देशों से आने वाले उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाएगा, जब तक उसे ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती। इस बयान के बाद यूरोपीय संघ के देशों ने अमेरिका को मनाने और जरूरत पड़ने पर जवाबी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री के अनुसार, वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव सोने की कीमतों को समर्थन दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों में आगे कटौती की उम्मीद भी सोने और चांदी की कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए हुए है, खासकर 2025 में मजबूत प्रदर्शन के बाद।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसकी वजह डॉलर में अस्थिरता और अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ को लेकर आने वाला फैसला है। तकनीकी स्तरों की बात करें तो सोने को 1,41,650 से 1,40,310 रुपये के बीच सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,44,150 से 1,45,670 रुपये के दायरे में रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। वहीं चांदी के लिए 2,85,810 से 2,82,170 रुपये का स्तर सपोर्ट और 2,94,810 से 2,96,470 रुपये का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी भी मजबूती के साथ 93 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। हाल ही में यह 94.30 डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते चांदी की कीमतों को लंबे समय तक समर्थन मिल सकता है। हालांकि, ऑगमोंट की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, जिससे चांदी की कीमत 84 डॉलर प्रति औंस या करीब 2,60,000 रुपये प्रति किलो तक गिर सकती है, लेकिन इसके बाद दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।