संगम नगरी में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक टू-सीटर माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट अचानक अनियंत्रित होकर केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में जा गिरा। तकनीकी खराबी के चलते हुए इस हादसे ने पलभर में इलाके में दहशत फैला दी, हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने विमान को आसमान में असामान्य रूप से लड़खड़ाते हुए देखा। इसके तुरंत बाद विमान से दो पैराशूट खुलते दिखाई दिए और दोनों पायलट विमान के गिरने से पहले ही हवा में तैरने लगे। कुछ ही क्षणों बाद विमान तालाब के बीच तेज धमाके के साथ गिर पड़ा। पानी में गिरने की वजह से विमान में आग नहीं लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
तालाब के किनारे रेलवे पटरी पर मौजूद लोगों ने देखा कि दोनों पायलट सुरक्षित पानी में उतरे हैं और मदद के लिए इशारे कर रहे हैं। यह देखते ही स्थानीय लोग बिना देर किए तालाब में कूद पड़े। साहसी युवाओं ने तैरकर पायलटों तक पहुंच बनाई और उन्हें कंधों पर बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लोगों के अनुसार, विमान संगम की दिशा से आ रहा था और अचानक उसमें गड़बड़ी नजर आने लगी। देखते ही देखते घटनास्थल पर हजारों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर सेना का हेलीकॉप्टर, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई।
डीसीपी सिटी ने बताया कि दोनों पायलटों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल सेना की टीम एयरक्राफ्ट को तालाब से बाहर निकालने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
अब तक हादसे के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। सेना की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह एयरक्राफ्ट सेना का था या किसी निजी संस्था का।