जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने अचानक रुख बदल लिया, जिससे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, तेज आंधी और खराब मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस दौरान पटनीटॉप, नथाटॉप और सनासर जैसे इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया।
तेज हवाओं की बात करें तो शोपियां में 155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि पुंछ में 80, रियासी में 76, जम्मू में 63 और श्रीनगर में 84 किमी प्रति घंटे की गति दर्ज की गई। भारी बारिश के आंकड़ों के अनुसार ऊधमपुर में 77 मिमी, कटड़ा में 79 मिमी, जम्मू में 69 मिमी, सांबा में 63 मिमी, राजौरी में 56 मिमी, काजीगुंड में 45 मिमी और श्रीनगर में 37 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुलमर्ग में 45 सेमी, शोपियां में 55 सेमी, कुपवाड़ा में 20 सेमी, पहलगाम में 17 सेमी, बनिहाल में 16 सेमी और सोनमर्ग में 15 सेमी तक बर्फ जम चुकी है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, पीर-पंचाल क्षेत्र और दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में आज शाम तक हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी के साथ कहीं-कहीं भारी हिमपात की संभावना है। 24 और 25 जनवरी को छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि 26 और 27 जनवरी को अधिकतर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी और कुछ स्थानों पर भारी हिमपात, गरज-चमक व तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। 28 से 31 जनवरी के बीच मौसम के आंशिक रूप से साफ रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने पीर-पंचाल रेंज, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश-बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है, वहीं किसानों को भी इस अवधि में कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है।