Republic Day Parade: इयरफोन-चार्जर समेत इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर नहीं मिलेगी एंट्री

राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। हर साल की तरह इस बार भी कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा। अगर आप 26 जनवरी को परेड देखने का मन बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले कुछ जरूरी नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

हाई सिक्योरिटी में होगी परेड

गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई वीवीआईपी और विदेशी मेहमान शामिल होंगे। इसी वजह से कर्तव्य पथ और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परेड स्थल पर प्रवेश से पहले सभी दर्शकों की सघन जांच की जाएगी।

परेड में क्या ले जा सकते हैं?

दर्शकों को केवल कुछ जरूरी चीजें ही अंदर ले जाने की अनुमति होगी। आप अपने साथ मोबाइल फोन, वैध टिकट, फोटो पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां और पानी की छोटी बोतल ही ले जा सकते हैं। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।

इन चीजों पर पूरी तरह पाबंदी

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कई वस्तुओं पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। दर्शक मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले गैजेट नहीं ले जा सकेंगे। इसके अलावा रेजर, ब्लेड, चाकू, कैंची, तार, नुकीले हथियार, हथौड़ा, ड्रिल, आरी, तलवार, कटार और पेंचकस जैसी वस्तुएं भी प्रतिबंधित रहेंगी। इनमें से कोई भी सामान मिलने पर एंट्री नहीं दी जाएगी।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

परेड देखने जा रहे दर्शकों को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। केवल निर्धारित एंट्री और एग्जिट गेट का ही इस्तेमाल करें। बिना अनुमति कर्तव्य पथ के आसपास फोटो या वीडियो बनाना भी मना है।

ठंड और बारिश में भी जवानों का जोश बरकरार

शुक्रवार को फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान रिमझिम बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद जवानों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। तीनों सेनाओं के जवानों ने जब कदम से कदम मिलाया, तो दर्शक गर्व और जोश से भर उठे। इस बार पहली बार भारतीय सेना की भैरव बटालियन भी रिहर्सल में शामिल हुई, जो आकर्षण का केंद्र रही।

कर्तव्य पथ पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

77वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार थीम आधारित झांकियां देखने को मिलेंगी। झांकियों में वंदे मातरम् की गूंज के साथ ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी दिखाई जाएगी। कुछ झांकियां देश की संस्कृति, विरासत और प्रगति को दर्शाएंगी, जबकि पहली बार भारतीय सिनेमा की झलक भी परेड का हिस्सा बनेगी।

30 झांकियां लेंगी हिस्सा

रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष परेड में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 13 केंद्रीय मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। इस बार की थीम रखी गई है—

‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम् और समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’।

गुजरात, छत्तीसगढ़, संस्कृति मंत्रालय और आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की झांकियों में वंदे मातरम् के 150 वर्ष की गौरवगाथा दिखाई जाएगी। वहीं सैन्य मामलों के विभाग की झांकी में ऑपरेशन सिंदूर की विजय को प्रदर्शित किया जाएगा।

भारतीय सिनेमा को मिलेगा विशेष मंच

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी खास आकर्षण होगी, जिसकी थीम होगी— ‘भारत कथा: श्रुति, कृति और दृष्टि’। इसके जरिए पहली बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सिनेमा की भव्य प्रस्तुति देखने को मिलेगी। बताया जा रहा है कि प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली इसका प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी ‘वंदे मातरम्’ की नई धुन पेश करेंगे।