कोलकाता के आनंदपुर (नाजीराबाद) इलाके में गणतंत्र दिवस की सुबह एक भयावह हादसा सामने आया। यहां स्थित एक मोमो फैक्ट्री और डेकोरेटर के गोदाम में रविवार देर रात लगी भीषण आग सोमवार तक विकराल रूप ले चुकी थी। 11 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। इस हादसे में अब तक तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई कर्मचारियों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग ने लापता लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक करीब छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जब मौत ने दी दस्तक
जानकारी के अनुसार, रविवार रात फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट चल रही थी। सोमवार तड़के करीब तीन बजे अचानक आग की लपटें उठने लगीं। फैक्ट्री में मौजूद भारी मात्रा में पाम ऑयल (ताड़ का तेल) और रसोई गैस सिलेंडरों ने आग को और भड़का दिया, जिससे जोरदार धमाके भी हुए। आग बुझाने के लिए दमकल की 12 गाड़ियां और हाइड्रोलिक लैडर मौके पर तैनात हैं, लेकिन संकरी गलियां और घना धुआं राहत व बचाव कार्य में बड़ी बाधा बने हुए हैं।
‘गेट बाहर से बंद था’—लापरवाही के गंभीर आरोप
इस हादसे का सबसे चौंकाने वाला पहलू सुरक्षा में भारी चूक का आरोप है। लापता कर्मचारी पंकज हलदार के परिजनों का कहना है कि रात करीब 3:30 बजे पंकज ने फोन पर बताया था कि फैक्ट्री का मुख्य गेट बाहर से ताला लगा हुआ है और कर्मचारी दीवार तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। धुएं से घुटते कर्मचारियों की यह आखिरी पुकार प्रबंधन की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने घटना पर नजर बनाए रखी है। पुलिस ने गेट बाहर से बंद होने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल फोरेंसिक टीम और रोबोटिक कैमरों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है। मौके पर मंत्री अरूप बिस्वास भी पहुंचे हैं। वहीं, कोलकाता के मल्लिक बाजार इलाके में भी सोमवार को एक फ्लैट में आग लगने की सूचना सामने आई है।