झारखंड के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव, 27 फरवरी को होगी मतगणना

झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो गई है। रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि झारखंड के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव होंगे। वहीं मतगणना 27 फरवरी को होगी। चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा।

चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह सिर्फ निकाय क्षेत्रों पर प्रभावी रहेगी। एक अक्टूबर, 2024 तक बने सभी मतदाता वोट कर सकेंगे। यानी जिस मतदाता सूची से विधानसभा चुनाव हुआ था, उसी से नगर निकाय चुनाव भी होगा।

राज्य के कुल 48 नगरपालिकाओं में 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद तथा 19 नगर पंचायतों के कुल 1087 वार्डों में वार्ड पार्षदों तथा उक्त सभी नगरपालिकाओं के महापौर/अध्यक्ष का प्रत्यक्ष निर्वाचन होना है। उपमहापौर / उपाध्यक्ष का पद अनारक्षित है, जिस पर अप्रत्यक्ष निर्वाचन होगा।

बैलेट पेपर से होगी वोटिंग

नगर निकाय चुनाव मतपत्र (Ballot Paper) एवं मतपेटिका (Ballot Box) के द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा। इस निमित्त संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त को पर्याप्त संख्या में मतपेटिका उपलब्ध करा दिया गया है।

सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त को निर्देश दिए जा चुके हैं कि निर्वाचन हेतु समुचित संख्या में मतपेटिका को तैयार रखा जाए एवं मतदान कर्मियों / मतगणना कर्मियों को मतपेटिका के परिचालन हेतु ससमय समुचित प्रशिक्षण दे दिया जाए।

मतदान केन्द्र में सारी सुविधाएं 

इस निर्वाचन हेतु स्थापित कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 4304 है, जो कुल 2129 भवनों में अवस्थित है।राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) को यह सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिया है कि प्रत्येक मतदान केन्द्र में आधारभूत न्यूनतम सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैम्प, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाएगी।

विधि व्यवस्था एवं सुरक्षा बलों की तैनाती

चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8 जनवरी के बाद ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। विधि-व्यवस्था संधारण हेतु एवं मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा बलों को पर्याप्त संख्या में तैनाती रहेगी।

चुनाव गैर-दलीय आधार पर होंगे, लेकिन सभी प्रमुख दल (जेएमएम, भाजपा, कांग्रेस आदि) शहरी क्षेत्रों में दबदबा कायम करने की कोशिशों में जुटे हैं। राजनीतिक हलकों में इसे राज्य की शहरी राजनीति का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा है।