मनाली का 15 किमी इलाका बना टूरिस्ट के लिए ‘स्नो प्वाइंट’: 5 फीट बर्फ में मिलेगा रोमांचक एडवेंचर

भारी हिमपात के बाद पर्यटन नगरी मनाली में हालात अब सामान्य हो गए हैं और व्यवस्थाएं दोबारा पटरी पर लौट आई हैं। प्रशासन की बेहतर रणनीति के चलते सबसे पहले कुल्लू–मनाली सड़क को बहाल किया गया, जिससे पर्यटकों का आवागमन सुचारु रहा और सैलानी बिना ज्यादा परेशानी के मनाली पहुंचने लगे। हालांकि फिसलन के कारण दिल्ली से आने वाली लग्जरी बसें फिलहाल पतलीकूहल तक ही आ रही हैं, लेकिन जल्द ही इनके मनाली तक पहुंचने की उम्मीद है।

मनाली शहर से तीन किलोमीटर पहले रांगड़ी से लेकर सोलंगनाला तक करीब 15 किलोमीटर का इलाका इन दिनों पर्यटकों के लिए बड़ा स्नो प्वाइंट बन गया है, जहां जगह-जगह बर्फ के ऊंचे ढेर नजर आ रहे हैं। अटल टनल और सोलंगनाला पांच फीट तक जमी बर्फ से ढके हैं, जहां पर्यटक स्नो स्कीइंग, स्नो स्लेज, स्नो स्कूटर, स्नो ट्यूब, माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग और घुड़सवारी जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज का जमकर आनंद ले रहे हैं। बीआरओ द्वारा केलंग को मनाली से जोड़ दिए जाने के बाद लाहुल घाटी में भी धीरे-धीरे रौनक लौटने लगी है, हालांकि सिस्सु और कोकसर फरवरी के अंतिम सप्ताह तक बंद रहेंगे।

प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए ही यात्रा करें, अपने निजी वाहन होटल में खड़े कर फोर-बाई-फोर वाहन किराये पर लें और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े साथ रखें। मनाली और आसपास के हिडिंबा देवी मंदिर, मनु मंदिर, वशिष्ठ, बाहंग, नेहरूकुंड, सोलंगनाला, कोठी और अटल टनल जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ से ढका खूबसूरत नजारा सैलानियों को यादगार अनुभव दे रहा है।