दिल्ली में राशन कार्ड नियमों में बदलाव: अब ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य, तीन स्तर पर होगी सख्त जांच

नए नियमों के मुताबिक दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के लिए अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे और परिवार के हर सदस्य की आधार संख्या देना अनिवार्य होगा। खाद्य आपूर्ति अधिकारी स्तर पर आवेदनों की विस्तृत जांच की जाएगी, जरूरत पड़ने पर अधिकारी सत्यापन के लिए घर का दौरा भी कर सकते हैं और विवरण से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सभी क्षेत्रीय सहायक आयुक्तों को नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी दे दी है।

शहर में जल्द ही आठ लाख से अधिक नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। दिल्ली में कुल लगभग 72 लाख राशन कार्ड का कोटा है, जिसमें मृत्यु, कार्ड वापसी या पलायन जैसी वजहों से खाली हुई संख्या के आधार पर नए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। चार फरवरी को अधिसूचित दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम, 2026 के आधार पर एसओपी तैयार की गई है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिलाधिकारियों के साथ समन्वय कर नियमों के अनुसार प्रक्रिया लागू करें।

पात्रता के तहत परिवार की सबसे बड़ी महिला (18 वर्ष या उससे अधिक आयु) को परिवार का मुखिया माना जाएगा। यदि महिला 18 वर्ष से कम है तो उसके वयस्क होने तक परिवार के सबसे बड़े पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जाएगा। आवेदन ई-जिला पोर्टल के जरिए जमा होगा और सभी सदस्यों के आधार कार्ड की प्रति लगानी होगी। यदि आधार में पता अलग है तो दिल्ली में निवास प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, पात्रता का शपथ पत्र और बिजली बिल भी देना होगा।

सरकार ने वार्षिक पारिवारिक आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सके। हालांकि ए-ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति रखने वाले, आयकरदाता, चार पहिया वाहन मालिक, सरकारी कर्मचारी या दो किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन रखने वाले परिवारों को राशन कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।