गुरुवार को भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप में इतिहास रचते हुए टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 256 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी और भारत ने 72 रन से शानदार जीत दर्ज की। मैच में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 440 रन बनाए, जो वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा एग्रीगेट स्कोर है।
भारत का 256/4 टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सर्वोच्च टोटल है। इस सूची में शीर्ष पर श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है, जिसने 2007 में केन्या के खिलाफ 260 रन बनाए थे। इस पारी में भारत ने 17 छक्के जड़कर एक वर्ल्ड कप इनिंग में सर्वाधिक सिक्स का अपना नया रिकॉर्ड भी बनाया। मौजूदा टूर्नामेंट में भारत के 63 छक्के हो चुके हैं, जबकि इस मामले में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम 66 सिक्स के साथ आगे है।
यह टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पांचवां 200+ स्कोर रहा, जिससे वह इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। शीर्ष पर दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है, जिसने छह बार 200 से अधिक रन बनाए हैं। 2016 में वानखेड़े में खेला गया दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड मैच (459 रन) अब भी सबसे बड़े एग्रीगेट का रिकॉर्ड रखता है।
मिडिल ऑर्डर में हार्दिक पांड्या ने नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए चौथा अर्धशतक जड़ा, जो इस पोजिशन पर सर्वाधिक है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत ने पावरप्ले में 80 रन बनाए, जो उनके लिए तीसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।
जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा टी-20 इंटरनेशनल में 3000 रन और 100 विकेट का डबल पूरा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने। वहीं रिचर्ड नगारावा ने 4 ओवर में 62 रन देकर जिम्बाब्वे के सबसे महंगे गेंदबाज का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया, जबकि टिनोटेंडा मपोसा ने अपने डेब्यू वर्ल्ड कप ओवर में 23 रन खर्च किए, जो टूर्नामेंट इतिहास में दूसरे सबसे महंगे डेब्यू ओवरों में शामिल है।