देश में LPG संकट गहराया, एजेंसियों के बाहर सुबह से कतारें

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। देशभर में Liquefied Petroleum Gas (LPG) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं और गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग गई हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से होटल-रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार संकट में है। घरेलू गैस के लिए भी एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी लाइनें लग रही हैं। भोपाल समेत कई शहरों में शादी के सीजन के कारण कैटरर्स पर दबाव बढ़ गया है और वे इसे इमरजेंसी जैसी स्थिति बता रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी हालात मुश्किल बने हुए हैं। कई जगहों पर सिलेंडर बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में सिलेंडर पुलिस सुरक्षा के बीच बांटे जा रहे हैं। लोग तड़के 3 बजे से ही एजेंसियों के बाहर लाइन में लग रहे हैं, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को गैस नहीं मिल पा रही।

बिहार में भी कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग दो दिनों से बंद है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं। पटना, गोपालगंज, खगड़िया और औरंगाबाद जैसे जिलों में घरेलू गैस के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। कई जगह एजेंसियां बंद मिलीं और कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे।

राजस्थान में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई लगभग ठप हो चुकी है। ऐसे में कई जगहों पर सिलेंडर तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। जयपुर में करीब 1900 रुपए का सिलेंडर 2500 रुपए तक में बिकने की बात सामने आई है।

पंजाब के लुधियाना और फरीदकोट जैसे जिलों में सर्वर डाउन होने के कारण घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग भी प्रभावित हुई है, जबकि कई जिलों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पहले ही बंद हो चुकी है।

संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्थिति संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन प्रमुख तेल कंपनियों Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum और Bharat Petroleum के अधिकारियों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। साथ ही गैस की जमाखोरी रोकने के लिए Essential Commodities Act, 1955 लागू किया गया है।

सरकार ने घरेलू गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा। डिलीवरी के समय OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा सभी ऑयल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस संकट की बड़ी वजह Strait of Hormuz के आसपास बढ़ा तनाव है, जिससे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा कतर के LNG प्लांट में उत्पादन रुकने से भारत में गैस की उपलब्धता पर असर पड़ा है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है।

सरकार का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और वैकल्पिक सप्लाई के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों से अतिरिक्त ऊर्जा कार्गो मंगाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में हालात सामान्य किए जा सकें।