पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सरकार ने कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं। इससे पहले भारत ने मंगलवार को उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय ध्वज वाले या भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले, अपने द्वारा जब्त किए गए तीन टैंकरों की अदला-बदली की मांग की है।
रॉयटर्स ने इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों का हवाला देते हुए सोमवार को बताया था कि भारत ने पहले उन टैंकरों को यह आरोप लगाते हुए जब्त कर लिया था कि उन्होंने अपनी पहचान छिपाई थी या उसमें बदलाव किया था और वे समुद्र में जहाजों के बीच होने वाले अवैध हस्तांतरण में शामिल थे।
जायसवाल ने क्या कहा?
इन रिपोर्टों को बेबुनियाद बताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा, "इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है।" उन्होंने मंत्रालयों के बीच हुई एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "ये तीनों जहाज वैसे भी ईरान के मालिकाना हक वाले नहीं हैं और न ही ये कोई ईरानी जहाज हैं।"
'होर्मुज में फंसे कई जहाज'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाद में जायसवाल ने कहा, "हमारे कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। हम ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत करने की योजना बना रहे हैं, ताकि उन जहाजों को सुरक्षित रूप से वापस घर लाया जा सके।"
रिपोर्ट में 15 फरवरी को इंडियन कोस्ट गार्ड द्वारा दर्ज कराई गई एक पुलिस शिकायत का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि 'एस्फाल्ट स्टार' भारी ईंधन तेल की तस्करी में शामिल था। इस तेल को 'अल जाफजिया' और बिटुमेन को 'स्टेलर रूबी' में ट्रांसफर किया गया था।