बंगाल-ओडिशा में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

मार्च का पहला पखवाड़ा सूखा रहा, कई राज्यों में लू चली और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा। लेकिन दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम पलट गया।

देशभर में कई सिस्टम बनने से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-ओले गिर रहे हैं। जिससे तापमान गिरकर 20 डिग्री रह गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी में शनिवार सुबह से कोहरा छाया रहा। तापमान भी 10°C तक गिर गया।

शनिवार को देश के पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। इनमें ओडिशा-बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट है।

गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 80kmph की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। वहीं, ओडिशा में हवाओं की रफ्तार 70kmph हो सकती है। बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं।

इस बीच, दक्षिणी राज्यों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

अगले 7 दिन हीटवेव या लू का अलर्ट नहीं

मौसम विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार, महीने के आखिर में एक और पश्चिमी विक्षोभ से बदलाव संभव है। हालांकि एक हफ्ते तक देश में कहीं भी हीटवेव चलने की कोई आशंका नहीं है।

उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में दो दिनों में तापमान में 4-5 डिग्री गिरा है। अगले 2-3 दिन यह 2-3 डिग्री और गिरेगा।

मध्य भारत यानी मप्र, छग व महाराष्ट्र में भी अगले 2 दिन खास परिवर्तन नहीं होगा। गुजरात में अगले 3 दिनों में 5 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा और फिर स्थिर बना रहेगा।

पूर्वी भारत यानी बिहार, झारखंड, प. बंगाल व ओडिशा में दो दिन 2-3 डिग्री कम होगा। उसके बाद 3 दिनों में 4-5 डिग्री बढ़ जाएगा।

हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है।

वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है।

बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ

भूमध्य सागर, काला सागर और कैस्पियन सागर से वेस्टर्न जेट स्ट्रीम के साथ जो बादल उठते हैं, वे पश्चिम से पूर्व की तरफ आते हैं। जब वे पश्चिमी हिमालय तक पहुंचते हैं तो उन्हें रुकावट मिलती है और पहाड़ों पर बर्फबारी होती है। यदि उनका आकार बड़ा है तो मैदानी इलाकों में बारिश होती है। ऐसा अमूमन नवंबर से फरवरी के बीच और कभी-कभी मार्च में भी हो जाता है। यही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या पश्चिमी विक्षोभ कहलाता है।

अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान

22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा।

23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है।